पत्नी के लिए पहाड़ खोदकर निकाला पानी
कहते हैं जहां चाह वहां राह। झारखंड तो इसकी मिसाल पेश करता रहा है। दशरथ मांझी ने जो मिसाल पेश की थी, उससे प्रेरणा लेकर कई लोग अपने परेशानियों को दूर करने के तरीके निकाल रहे हैं। हम बात कर रहे हैं चाड़ा पाहन की। वे नए दशरथ मांझी बन उभरे हैं। उन्होंने पत्नी के लिए पहाड़ खोदकर पानी निकालने का काम कर दिखाया है। दिवंगत दशरथ मांझी ने पहाड़ काटकर सड़क बनाई थी।
ताजा मामला राज्य के खूंटी जिले में मुरहू प्रखंड के कोजड़ोंग गांव का है। यहां के चाड़ा पाहन की पत्नी पीने के लिए रोज लंबा सफर तय करती थी। उसकी परेशानी उनसे देखी नहीं जाती। आखिरकार चाड़ा पाहन को क्षेत्र के पहाड़ों में घूमते हुए एक जगह पानी रिसता हुआ नजर आया। फिर क्या था, उन्हें अपनी पत्नी व गांव के अन्य लोगों की परेशानी का हल दिख गया। वह भीड़ गए पहाड़ काटने। छह माह तक अथक प्रयास कर उन्होंने पहाड़ को चीर कर पानी निकाल डाला।
कहां है खूंटी का यह गांव
झारखंड के कई इलाके आज भी काफी पिछड़े हैं। वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। आजादी के 70 साल बाद भी आज कई गांव बिजली-पानी से वंचित हैं। राज्य के खूंटी जिले का मुरहू गांव शहर से 25 किमी दूर है। पहाड़ी क्षेत्र होने से पानी की परेशानी सबसे ज्यादा है। मगर चाड़ा पाहन की पहल रंग लाई और अब गांव के सभी लोग उनके खोदे कुएं से पानी पी रहे हैं।


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