लुटेरी दुल्हन! उम्रदराज लोगों को बनाती थी 'शिकार'
भवानीपटना। ओडिशा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह पर विवाह कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है। आरोप है कि इस गिरोह के सदस्य बड़ी ही चालाकी से लोगों को अपने जाल में फंसाते और बाद में बदनाम कर रुपयों का चूना लगाकर फरार हो जाते थे।
ओडिशा के कालाहांडी के पुलिस अधीक्षक श्रवण विवेक ने बताया कि यह गिरोह पैसे वाले एवं उम्रदराज तलाकशुदा लोगों को अपना निशाना बनाता था। इस गिरोह में दो लोग छत्तीसगढ़ के थे। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में आरोपी एली महंता नामक एक महिला दुल्हन की भूमिका अदा करती थी जबकि तीन अन्य आरोपी उसके माता-पिता और चाचा बनते थे जो विवाह के लिये दूल्हे के साथ बातचीत करते थे। दुल्हन का पिता मध्यस्थ के तौर पर कुछ पैसे लेता था, जिसे गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। विवाह के बाद, दुल्हन कुछ समय तक दूल्हे के साथ रहती थी और उसे बदनाम करने के बाद छोड़ कर चली आती थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कालाहांडी जिले में एक व्यक्ति की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों ने शिकायतकार्ता से चार लाख रुपये ठगे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि 2013 से 2020 के बीच उन लोगों ने कम से कम चार लोगों को ठगा है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी एली 32 साल की है और वह ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले की रहने वाली है। अलग अलग नामों से उसके पास चार आधार कार्ड हैं, जबकि आरोपी एली की मां आरोपी मीना गुप्ता और चाचा आरोपी सरबन सोनी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। गिरोह का पांचवां सदस्य आरोपी बीरबल शर्मा बोलंगीर जिले का रहने वाला है जो आरोपी महिला के पिता की भूमिका अदा करता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी एली ने चार आधार कार्ड कैसे बनवा लिए हैं।


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