पैगोंग झील के किनारे से भारत और चीन की सेनाओं के पीछे हटना दोनों पक्षों के लिए लाभकारी : थल सेना प्रमुख
नई दिल्ली। थल सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने बुधवार को कहा कि पैगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से भारत और चीन की सेनाओं के पीछे हटने से ''अंतिम परिणाम बहुत अच्छा'' रहा और दोनों पक्षों के लिए यह लाभकारी स्थिति है। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि अभी लंबा रास्ता तय करना है और अगला कदम तनाव कम करना है। उन्होंने कहा कि लद्दाख गतिरोध के दौरान चीन और पाकिस्तान के बीच 'साठगांठ' के कोई संकेत नहीं मिले लेकिन भारत ने केवल दो को ध्यान में रख कर नहीं बल्कि ढाई मोर्चे के लिए दूरगामी योजना बना रखी है। वह आधे मोर्चे का हवाला आंतरिक सुरक्षा के लिए दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गतिरोध की शुरुआत से ही भारत की तरफ से सभी पक्षों ने मिलकर काम किया।
नरवणे ने 'विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन' द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा कि पूर्वी लद्दाख में लंबित अन्य मुद्दों के समाधान के लिए भी रणनीति बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो गयी लेकिन भरोसे की कमी है। सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया 10 फरवरी को शुरू हुई थी। उन्होंने कहा, ''जो भी हम कर रहे हैं हम सतर्क होकर कर रहे हैं। हमें सावधान रहना होगा।


.jpg)
.jpg)





.jpg)
Leave A Comment