प्रेमिका को पाने के लिए इकलौते बेटे को सड़क पर छोड़ आया निर्दयी पिता, जानिए क्या है पूरा मामला
जयपुर। राजस्थान के सांगानेर में आरोपी पिता ने प्रेमिका के प्यार में अपने पांच साल के बेटे को शहर के बाहर हाईवे पर छोड़ आया। अब सांगानेर सदर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी अपनी प्रेमिका के साथ एक लिव इन रिलेशन में रह रहा था, जब उसकी प्रेमिका ने उसके बेटे को अपने साथ रखने से मना कर दिया, तो पत्थर दिल पिता प्रेमिका का प्यार हासिल करने के लिए पांच साल के बेटे को हाईवे पर लावारिस छोड़ आया। बच्चा स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस तक पहुंचा। वहां से चाइल्ड हेल्प लाइन की मदद से शेल्टर होम पहुंच गया था। पोते के गायब हो जाने के बाद उसके दादा ने अपहरण की रिपोर्ट सांगानेर सदर थाने में दी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले प्रेमिका के घर पर दबिश दी, उसके बाद बच्चे को शेल्टर होम से बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।
पूरे प्रकरण पर जानकारी देते हुए डीसीसी (साउथ) हरेंद्र महावर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुकेश खटीक मूल रूप से टोंक जिले में मोर तहसील, टोडारायसिंह गांव का रहने वाला है। वह यहां के मुहाना में कीरों की ढाणी में प्रेमिका के साथ लिव इन रिलेशन में रहता है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। उसके पहली पत्नी से दो बेटियां और पांच साल का बेटा है। आरोपी का अपनी पहली पत्नी से झगड़ा चल रहा था, जिसके चलते वह पत्नी से अलग रहता था। आरोपी के सभी बच्चे गांव में शिकायतकर्ता दादा के पास ही रहते थे। कुछ दिन पहले अनबन के चलते आरोपी अपने मौसा के घर जयपुर के मुहाना में रहने आया था, यही पर वह एक युवती के प्यार में पड़ गया और उसे भगाकर टोंक ले गया। इस दौरान आरोपी ने अपने पांच साल के बच्चे को साथ ही रखा था, लेकिन प्रेमिका ने कहा कि अगर मेरे साथ रहना है तो पहली पत्नी के बेटे को मुझसे दूर हटाना होगा। ऐसे में आरोपी मुकेश ने योजना के मुताबिक बच्चे को अजमेर हाइवे पर 200 फीट बाईपास के पास सुनसान जगह पर छोड़ आया और फिर प्रेमिका के साथ रहने लगा।
थाना प्रभारी हरिपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि इस मामले में खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा, मुकेश से मिलने जयपुर आए। इस दौरान उन्होंने पोते के बारे में पूछा, तो उसने बात टाल दी। इस पर दादा को शक हुआ कि उनके बेटे ने शायद रुपयों के लालच में पोते को बेच दिया है। इसके बाद उन्होंने सांगानेर सदर पुलिस को सूचना दी। रामस्वरूप ने पुलिस को बताया कि बेटा अपनी प्रेमिका के साथ कीरों की ढाणी में रहता है। इसके बाद पुलिस प्रेमिका को पकड़ लाई, लेकिन वह भी पूछताछ में गुमराह करती रही। प्रेमिका के सहारे जब पुलिस आरोपी तक पहुंची तो सख्ती से पूछने पर बताया कि उसने ही बच्चे को हाइवे के किनारे छोड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वहां मौजूद स्थानीय लोगों और दुकानदारों से माले में पूछताछ की तो पता चला कि उस बच्चे को चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से शेल्टर होम में भेज दिया गया है। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को शेल्टर होम से मुक्त कराकर दादा को सौंप दिया और आरोपी पिता मुकेश को गिरफ्तार कर लिया।


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