आंध्र प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित, तमिलनाडु में फंसे नागरिकों को नाव से बचाया गया
चेन्नई/अमरावती/पथनमथिट्टा। दक्षिणी राज्यों के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का कहर जारी रहा और आंध्र प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित हुआ जहां वर्षाजनित घटनाओं में जान-माल का नुकसान हुआ। केरल के सबरीमाला में बारिश में कमी आई जहां पथनमथिट्टा जिला प्रशासन ने बारिश के कारण तीर्थयात्रा पर लगाई गयी रोक को हटा लिया। वहीं तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों में तेज बारिश एवं बाढ़ से जनजीवन प्रभावित रहा। आंध्र प्रदेश के कडप्पा एवं अनंतपुरामु जिलों में शुक्रवार से हो रही बारिश के कारण कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और वर्षाजनित घटनाओं में 17 लोगों के लापता होने की सूचना है। राज्य आपदा मोचन बल के एक सदस्य की भी मौत हो गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को कडप्पा जिले में चेयेरू नदी में बाढ़ में 30 से अधिक लोग बह गए थे। तिरूपति शहर में स्थिति अब भी भयावह है और कई इलाके डूबे हुए हैं, वहीं तिरूमला की पहाड़ियों में स्थिति अपेक्षाकृत ठीक है, लेकिन बारिश होने से श्रद्धालुओं को असुविधा हुई। अनंतपुरामु जिले के कादिरी शहर में मूसलाधार बारिश के बीच एक निर्माणाधीन मकान ढहने से दो बच्चों समेत कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। मलबे से चार लोग सुरक्षित निकाल लिए गए लेकिन कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी ने कडप्पा, अनंतपुरामु और चित्तूर जिलों में क्षति का आकलन करने के लिए हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने कडप्पा और चित्तूर के जिलाधिकारियों से बात की और नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ का पानी उतरते ही फसल के नुकसान का आकलन करने को कहा है। एसपीएस नेल्लोर जिला भी काफी प्रभावित हुआ है, जहां पेन्नार नदी में बाढ़ के कारण शनिवार को कई गांव जलमग्न हो गए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एसपीएस नेल्लोर जिले में हजारों लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। जिलों में बचाव और राहत अभियानों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को तैनात किया गया है। तमिलनाडु में विल्लुपुरम और कुड्डालोर जिले प्रभावित हैं क्योंकि थेनपेन्नाई नदी उफान पर है।
दोनों जिलों से करीब 15 हजार लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है जबकि थेनपेनाई नदी के उफान पर होने के कारण विल्लुपुरम में 18,500 हेक्टेयर खेतों में पानी भर गया है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचन्द्रन ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों में कृष्णागिरि और तिरुवनामलाई जिलों में तीन लोगों की मौत हुई है।'' उन्होंने बताया कि 368 मवेशी भी मारे गये हैं। तिरूवल्लुर में कोसासथलाई नदी उफान पर है जिससे चेन्नई के पास मनाली में बाढ़ आ गयी है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। केरल में भारी बारिश के कारण पथनमथिट्टा जिले के कई हिस्से प्रभावित हैं और कल रात सबरीमाला तीर्थयात्रा पर खतरा उत्पन्न हो गया, लेकिन शनिवार को फिर से श्रद्धालुओं को जत्थे में जाने की अनुमति दी गई। पम्बा बांध में जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने इसके दो दरवाजे खोल दिए।





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