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12 राशियों पर असर: शनि समेत इन बड़े ग्रहों की चाल में होगा बदलाव, चार ग्रह एक साथ वृषभ राशि में होंगे
मई का महीना ग्रहों की चाल के नजरिए से काफी अहम रहने वाला है। मई के महीने में चार ग्रह अपनी राशि बदलकर दूसरी राशि में आ जाएंगे। खास बात है कि इन चार ग्रहों में सभी वृषभ राशि में एक साथ भ्रमण करेंगे। इस महीने में बुध, शुक्र, सूर्य और शनि की चाल में बदलाव होगा। बुध 1 मई को वृषभ राशि में चले गए हैं। 4 मई को शुक्र भी अपनी स्वयं की राशि वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं सूर्य भी जो सभी ग्रहों के राजा हैं वे भी मेष राशि को छोड़कर 14 मई 2021 को वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। राहु भी इस समय वृषभ राशि में गोचर हैं। 
इन चार ग्रहों के अलावा शनि भी इसी माह अपनी चाल में बदलाव करेंगे। शनिदेव 23 मई से वक्री चाल से चलने लगेंगे। वक्री चाल का मतलब शनि अब उल्टी चाल से चलते हुए मकर राशि में भ्रमण करेंगे। मई के महीने में चार ग्रहों का एक ही राशि में रहना और शनि की चाल में बदलाव से इसका सभी 12 राशियों पर व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।
सभी 9 ग्रह किन-किन राशियों में भ्रमण कर रहे हैं आइए जानते हैं। 
सूर्य- 14 मई से सूर्य वृष राशि में रहेंगे।
चंद्रमा- चंद्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलते हैं।
मंगल- मंगल इस माह मिथुन राशि में गोचर है।
बुध- वाणी और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करने वाले बुध ग्रह वृषभ राशि में हैं।
गुरु- गुरु शनिदेव की राशि कुंभ में हैं।
शुक्र- वैभव प्रदान करने वाले शुक्र ग्रह वृषभ राशि में हैं।
शनि- शनि ग्रह मकर राशि में रहते हुए 23 मई को वक्री हो जाएंगे।
राहु- इस वर्ष राहु वृषभ राशि में हैं।
केतु- पूरे साल वृश्चिक राशि में रहेंगे। राहु-केतु हमेशा वक्री चाल से चलते हैं। 
वृषभ राशि में चार ग्रहों का एक साथ रहना और सभी 12 राशियों पर प्रभाव---
मेष राशि- आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। आकस्मिक धन प्राप्ति के योग भी बनेंगे और दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा जमीन जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा अपनी वाणी कुशलता के बल पर कठिन से कठिन हालात को भी आसानी से नियंत्रित कर लेंगे। विलासिता पूर्ण वस्तुओं के सुख की प्राप्ति होगी। 
वृषभ राशि- राशि में गोचर कर रहे ग्रहों के शुभ प्रभाव के परिणाम स्वरूप यह योग आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसलिए जो कार्य आरंभ करेंगे उसी में सफल रहेंगे। अपनी योजनाओं को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो और भी सफल रहेंगे।  
मिथुन राशि- राशि से हानि भाव में गोचर कर रहे बुध और राहु के साथ शुक्र के भी आ जाने से इनके अशुभ प्रभाव में कमी आएगी। शुक्र बारहवें भाव में अकेले योगकारक होते हैं जिसके फलस्वरूप विलासिता पूर्ण वस्तुओं तथा घूमने-फिरने पर अधिक खर्च होगा। किसी संबंधी अथवा मित्र के द्वारा अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग।  
कर्क राशि- राशि से लाभ भाव में गोचर कर रहे इन ग्रहों का शुभ प्रभाव आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आय के साधन तो बढ़ेंगे ही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा भाइयों से सहयोग मिलेगा।  
सिंह राशि- राशि से दशम भाव में गोचर कर रहे ग्रहों का शुभ प्रभाव आपके लिए मान-सम्मान तथा पद और गरिमा की वृद्धि कराएगा। अपनी ऊर्जाशक्ति के बल पर कठिन हालात पर भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे। नौकरी में पदोन्नति तथा नए अनुबंध की प्राप्ति के योग।  
कन्या राशि- राशि से भाग्य भाव में गोचर कर रहे ग्रहों का शुभ प्रभाव आपके लिए भाग्य उन्नति का कारक रहेगा। 
तुला राशि- राशि से अष्टम भाव में गोचर कर रहे ग्रहों का प्रभाव मान सम्मान और यश प्राप्ति तो कराएगा किंतु स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। कार्यक्षेत्र में भी शत्रु सक्रिय रहेंगे।  
वृश्चिक राशि- राशि से सप्तम भाव में गोचर कर रहे शुक्र हर तरह से लाभदायक सिद्ध होंगे। विवाह से संबंधित वार्ता सफल रहेगी। ससुराल पक्ष से भी सहयोग मिलेगा।  
धनु राशि- राशि से छठे शत्रु भाव में गोचर कर रहे ग्रहों का प्रभाव आपके लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि की संभावना रहेगी।  
मकर राशि- राशि से पंचम विद्या भाव में बन रहा योग आपको हर तरह से कामयाब ही करेगा।   
कुंभ राशि- राशि से चतुर्थ सुखभाव में गोचर कर रहे ग्रहों के शुभ प्रभाव के परिणाम स्वरूप की सोची-समझी सभी रणनीतियां कारगर सिद्ध होगी। मकान वाहन का सुख मिलेगा। जमीन जायदाद से जुड़े कार्यो का निपटारा होगा।  
मीन राशि- राशि से पराक्रम भाव में बन रहा योग आप में साहस और पराक्रम की वृद्धि तो करेगा ही लिए गए निर्णय और किएगए कार्यों की सराहना भी होगी।

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