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- -शिक्षा नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नई दिशा-सचिव डॉ. भारती दासन-शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ—उच्च शिक्षा, कौशल और रोजगार को जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा तयरायपुर । छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य पर केंद्रित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आज रायपुर के कोर्टयार्ड मैरियट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने किया। इस आयोजन का संचालन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा रहा।‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। मंत्री ने संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप ढालने पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम माध्यम बताया गया।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों, संस्थागत सशक्तीकरण और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।इस अवसर पर एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास का समेकित मॉडल विकसित हो सके।‘कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और ‘स्वयं प्लस – आईआईटी मद्रास’ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र तथा क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को उन्नत कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (LUC) के साथ भी एमओयू किया। इस सहयोग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी, छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध पहल और वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देना है।शिक्षा संवाद 2026 में दिनभर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।
- रायपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट आत्मविश्वास और संगीत के प्रति समर्पण ने यह सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक सीमाएं सफलता की राह में अवरोध नहीं बनतीं। दृष्टि दिव्यांगता को चुनौती देते हुए श्री अभिनंदन नशीने ने आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की ऐसी प्रेरक कहानी रची है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित रायपुर मठपुरैना स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय में वर्ष 2006 में कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले श्री अभिनंदन ने वर्ष 2019 में बारहवीं कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विद्यालयीन शिक्षा के दौरान वे विद्यालय के ऑर्केस्ट्रा ग्रुप “रोशनी” के सक्रिय सदस्य रहे और अपनी मधुर आवाज से अनेक मंचों पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।संगीत के प्रति गहरी लगन ने उन्हें उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर किया। उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से संगीत विषय में स्नातक शिक्षा पूर्ण कर अपनी प्रतिभा को शैक्षणिक आधार प्रदान किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और आज उसी विद्यालय में संगीत शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, जहां से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।वर्तमान में श्री अभिनंदन दृष्टि दिव्यांग बच्चों को संगीत की विधिवत शिक्षा देकर उनकी छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान कर रहे हैं। वे केवल शिक्षक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी हैं। उनके मार्गदर्शन में कई बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।श्री अभिनंदन द्वारा संचालित “अभिनंदन म्यूजिकल परिवार” ऑर्केस्ट्रा समूह दिव्यांग कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। यह समूह विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों से समाज में सकारात्मक संदेश दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मोहला-मानपुर जिले में समाज कल्याण विभाग के कार्यक्रमों हेतु जागरूकता गीतों की रचना कर सामाजिक सरोकारों से भी अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।श्री अभिनंदन की जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि यदि संकल्प अडिग हो तो चुनौतियां भी सफलता की सीढ़ियां बन जाती हैं। उनका संघर्ष और उपलब्धियां प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए आशा, प्रेरणा और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं।राज्य सरकार की समावेशी नीतियों और सशक्तिकरण के प्रयासों के परिणामस्वरूप आज ऐसे अनेक प्रतिभाशाली दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा में अपनी पहचान स्थापित कर रहे हैं। श्री अभिनंदन की उपलब्धियां इसी सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त अभिव्यक्ति हैं।
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बिलासपुर/भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को समर्पित दो दिवसीय भव्य शास्त्रीय नृत्य व संगीत समारोह का आयोजन 21 और 22 फरवरी को देवकीनंदन दीक्षित सभागार में किया जाएगा। संस्कृति विभाग के सहयोग से कला विकास केंद्र द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शाम 6 बजे से होगा। यह आयोजन रायगढ़ घराने के स्तंभ एवं प्रख्यात नृत्याचार्य पंडित फ़िरतु महाराज जी की पावन स्मृति में समर्पित है। समारोह का उद्देश्य रायगढ़ घराने की गौरवशाली सांगीतिक एवं नृत्य परंपरा को जन-जन तक पहुँचाना है।
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्यांगना और कला विकास केंद्र की अध्यक्ष श्रीमती वासंती वैष्णव ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय कला से जोड़ना व वरिष्ठ एवं नवोदित कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना है। दो दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक आयोजन में देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायक, वादक और नृत्य कलाकार अपनी उच्चकोटि की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को सुर, ताल, लय और भाव की अद्भुत अनुभूति कराएँगे।उल्लेखनीय है कि पंडित फ़िरतु महाराज जी ने अपने जीवन को कला-साधना को समर्पित करते हुए रायगढ़ घराने की विशिष्ट शैली को सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाया। उनके संरक्षण और मार्गदर्शन में अनेक शिष्यों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की। उनका योगदान केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत रखते हुए कला के संस्कारों को नई पीढ़ी में स्थापित किया। समारोह के दौरान शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की विविध विधाओं की प्रस्तुतियाँ होंगी, जिनमें पारंपरिक बंदिशें, राग-रागिनियों की सुमधुर प्रस्तुति तथा भावप्रधान नृत्यांजलि विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन स्थल को सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप सजाया जाएगा, जिससे श्रोताओं को एक सजीव और सौंदर्यपूर्ण वातावरण में कला का आनंद मिल सके।आयोजक मंडल द्वारा शहरवासियों, कला-प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस गरिमामय आयोजन को सफल बनाएँ और भारतीय शास्त्रीय कला की इस विरासत को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें। -
*रोजगार सहायकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआर*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत आज 47 रोजगार सहायकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है। -
बिलासपुर/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 28 फरवरी 2026 तक रात्रि 12 बजे तक ऑनलाईन आवेदन मंगाये गये है। इच्छुक एवं पात्र उम्मीदवार एएनएम, फिजियोथेरेपिस्ट, फॉर्मासिस्ट, डेंटल असिस्टेंट, नर्सिंग ऑफिसर, स्टाफ नर्स, एमपीडब्ल्यू, काउंसलर, फीडिंग डेमोनस्ट्रेटर, टीबीएसव्ही, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, ब्लॉक डाटा मैनेजर, सेक्रेटियल असिस्टेंट, एकाउंटेंट, चतुर्थ श्रेणी, क्लीनर, आया बाई, हाउसकीपिंग स्टाफ, अटेंडेंट, कुक जैसे विभिन्न संविदों पदों पर जिले की वेबसाईट http://bilaspur.gov.in के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। ऑनलाईन आवेदन, नियम व शर्ते जिले की वेबसाईट में देखा, भरा या डाउनलोड किया जा सकता है।
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*उपभोक्ताओं को जागरूक करने विभाग द्वारा चलाया जा रहा है, स्मार्ट मीटर पखवाड़ा*
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के संबंध में पूरी जानकारी देने के लिए विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें उपभोक्ताओं की जिज्ञासा एवं भ्रांतियों को दूर करते हुये अवगत कराया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह स्वचालित है, इसमें किसी भी प्रकार का कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा और न ही गलत रीडिंग या बिलिंग की समस्या होगी। साथ ही बिजली चोरी से भी निजात मिलेगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड बिलासपुर क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य मेसर्स जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बिलासपुर शहर के लगभग 1 लाख 44 हजार उपभोक्ताओं में से 96 हजार उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य किया जा चुका है। मीटर स्थापना के उपरांत स्मार्ट मीटर का विवरण सैप सिस्टम में दर्ज किया जाता है, जिसके उपरांत नवीन स्मार्ट मीटर के रीडिंग के अनुसार बिलिंग किया जाता है। स्थापित किये गये 96 हजार में सें लगभग 99 प्रतिशत मीटरों का विवरण सैप सिस्टम में दर्ज किया जा चुका है तथा स्मार्ट मीटर के रीडिंग के अनुसार ही बिलिंग हो रही है एवं शेष स्मार्ट मीटरों के विवरण को सैप सिस्टम में दर्ज करने की कार्यवाही सतत् प्रक्रियाधीन है जिन्हे आगामी माह के बिल में पूर्ण कर लिया जावेगा। कतिपय प्रकरणों में मानवीय त्रुटिवश मीटर विवरण दर्ज नही होने संबंधी शिकायत विद्युत कार्यालयों में प्राप्त होने पर पूर्व मेें किये गये औसत बिलिंग को समायोजित करते हुये त्वरित सुधार की कार्यवाही की जाती है, यदि उपभोक्ता को एकमुश्त बिल जारी होता है तो नियमानुसार स्लैबिंग की सुविधा प्रदाय करते हुये बिल जारी किया जाता है।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री ए.के. अम्बस्ट द्वारा अवगत कराया गया है कि स्मार्ट मीटर में बिलिंग संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या आने पर संबंधित मैदानी कार्यालय से संपर्क किया जावे ताकि विभागीय अधिकारियों द्वारा जीनस कंपनी के साथ सामंजस्य स्थापित कर तत्काल सुधार कार्य किया जा सके। -
बिलासपुर/जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार तथा जिला सीईओ श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में आज जिला बिलासपुर से जिला पंचायत के माननीय अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, माननीय उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप सहित 14 जिला पंचायत सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज दुरंतो एक्सप्रेस के माध्यम से मुंबई के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सहभागी होगा। यह प्रशिक्षण चौथे बैच के रूप में बिलासपुर संभाग के जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया है।
यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मुंबई स्थित प्रसिद्ध रामभाऊ महालाँघि प्रबोधनी संस्थान में दिनांक 18 फ़रवरी से आयोजित किया जा रहा है, जहाँ पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास, सुशासन, वित्तीय प्रबंधन, आजीविका संवर्धन, डिजिटल पंचायत व्यवस्था तथा सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के आदर्श ग्रामों का अध्ययन भ्रमण भी करेगा। दल रालेगण सिद्धि(समाजसेवी अन्ना हज़ारे का ग्राम) तथा पुणे के समीप स्थित हिवरे बाज़ार जैसे उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों का अवलोकन करेगा। इन ग्रामों में जल संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता, पारदर्शी प्रशासन, कृषि उन्नयन एवं सतत विकास के सफल मॉडलों का अध्ययन कर प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर लागू करने योग्य नवाचारों की जानकारी प्राप्त करेंगे।माननीय अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने प्रस्थान पूर्व कहा कि यह प्रशिक्षण बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव एवं नवीन कार्यपद्धतियाँ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विकास की गति को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।उक्त कार्यक्रम से लौटने के उपरांत प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिले की अन्य पंचायतों के साथ अपने अनुभव साझा किए जाएंगे, जिससे पूरे जिले में नवाचार एवं सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर श्रीमती शिवानी सिंह, उप संचालक पंचायत, ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के लिए इस प्रकार के अंतर राज्य आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी एवं परिणामकारी सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे जनप्रतिनिधियों को जब देश के अन्य राज्यों के सफल मॉडल ग्रामों का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर मिलता है, तो उनकी कार्यदृष्टि और अधिक व्यापक एवं व्यावहारिक बनती है। -
*25.37 करोड़ के प्राक्कलन पर स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में*
बिलासपुर/जिला बिलासपुर के बहुप्रतीक्षित खमरिया–सोंठी–नवापारा मार्ग (लंबाई 12.00 कि.मी.) के उन्नयन कार्य को लेकर सकारात्मक प्रगति हुई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के बजट में शामिल 25.37 करोड़ के इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, लोक निर्माण विभाग, नया रायपुर को प्रेषित कर दिया गया है।लोक निर्माण विभाग के ईई सीएस विंध्यराज ने बताया कि मंत्रालय स्तर पर आवश्यक तकनीकी सुधार एवं औपचारिकताओं की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इस संबंध में उप अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी को मंत्रालय स्तर पर बुला कर आवश्यक संशोधन कराए गए, जिसके बाद प्रकरण अब प्रशासकीय स्वीकृति जारी होने के अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस मार्ग के निर्माण/उन्नयन से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों एवं दैनिक आवागमन करने वाले नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क की स्थिति बेहतर होने से परिवहन सुगम होगा, कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने इस सकारात्मक प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति जारी होने की अपेक्षा जताई है। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। -
- संत ज्ञानेश्वर स्कूल में 12वीं के विद्यार्थियों का फूलों की वर्षा से किया गया स्वागत
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में 12वीं के बच्चों के लिए आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाला प्रभारी परितोष डोनगांवकर, प्राचार्य मनीष गोवर्धन सहित टीचर्स स्टाफ ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। वहीं अपनी खट्टी- मीठी यादों के साथ बच्चे अपने टीचर्स के प्यार और डांट को सहेजते नजर आए। छात्र व छात्राएं पारंपरिक परिधान में पहुंचे, जिनका पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना देते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने कहा कि सफलता का सबसे बड़ा आधार मेहनत होती है। अभी आप सभी की 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं होगी। इसमें सफलता का परचम लहराने के लिए कड़ी मेहनत आवश्यक है। मेहनत का फल सिर्फ परीक्षा में नहीं, बल्कि जीवन के हर पल में आपको मिलेगा। 12वीं के बाद आप लोगों के सामने आगे की पढ़ाई चुनने का बड़ा मौका मिलेगा। यह वह पल होगा, जहां से आप अपने भविष्य के निर्माण की नींव रखेंगे। इसलिए यह आवश्यक है, काफी सोच समझकर और सही मार्गदर्शन के साथ कदम आगे बढ़ाएं।प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने विगत वर्ष विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का स्मरण किया। उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने बच्चों को उनकी छोटी-छोटी शरारत याद दिलाते हुए माहौल को हल्का किया। हेड गर्ल श्रद्धा ईश्वर ने प्राचार्य और सभी शिक्षकों को धन्यवाद दिया और आगे भी सहयोग की आकांक्षा की। शिक्षिका चित्रा जाऊलकर, तृप्ति अग्निहोत्री, सुनिधि रोकड़े, अपर्णा आठले, सरिता पांडे आदि शिक्षकों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थित दी। -
*स्क्रीनिंग के तीन दिन के भीतर ऑपरेशन, छठवें दिन हुई डिस्चार्ज*
*परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को दिया धन्यवाद*
रायपुर/ तीन वर्षीय नम्रता बड़ी खुश है। अपने टेडी बियर से बतिया रही थी, साथ ही साथ अपनी फरारी टॉय कार को भी तेजी से घुमा रही थी। यह महसूस हो रहा था कि वह अपने दोस्त टेडी बियर के साथ किसी खूबसूरत जगह जाने का विचार कर रही है। इस खुशी का राज़ वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है उसे किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं है। क्योंकि उसकी हृदय संबंधी समस्या का गतमाह सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो चुका है वह भी स्क्रीनिंग के तीन दिन के भीतर ही।यह ऑपरेशन प्रोजेक्ट धड़कन के तहत हुआ है जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा है। नम्रता चंगोराभांटा में रहती है उसके पिता प्रशांत कुमार यादव बहुत ही सामान्य परिवार से हैं जो वाहन चालक हैं। माता मेघा यादव गृहणी हैं। पास के ही आंगनबाड़ी में उनकी बच्ची नम्रता जाती थी। आम बच्चों के साथ खेलती भी थी तभी आंगनबाड़ी में आई प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने 22 जनवरी को स्क्रीनिंग किया। उनके स्पेशल स्टेथोस्कोप में विशेषज्ञों को कुछ लक्षण दिखाई दिए। टीम ने नम्रता के माता-पिता को इसकी सूचना देकर एडवांस चिकित्सकीय परीक्षण की सलाह दी। पिता प्रशांत ने नम्रता को बिना देरी किए सत्य सांई संजीवनी हॉस्पिटल ले गए। 23 जनवरी को सत्य सांई हॉस्पिटल नवा रायपुर में ईको करवाया गया जहां हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि हुई और ऑपरेशन की सलाह दी गई। प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने सत्य सांई हॉस्पिटल के प्रबंधन के साथ समन्वय किया, तारीख तय हुई एवं तीन दिन के भीतर ही 24 जनवरी को बच्ची का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो गया। वह फिर से आंगनबाड़ी जा रही है व अन्य बच्चों के साथ खेल रही है।उसके पिता प्रशांत एवं माता मेघा ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अंदाजा भी नहीं था हमारी बच्ची को ऐसी तकलीफ है। प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने इस समस्या के बारे में बताया ही नहीं बल्कि उसके ऑपरेशन के लिए सत्य साई हॉस्पिटल में प्रबंध भी किया। हमें यह लगा था कि इस इलाज के लिए लंबा समय लगेगा मगर स्क्रीनिंग के महज तीन दिन के भीतर ही ऑपरेशन हो गया 27 जनवरी को डिस्चार्ज भी हो गई। आज हमारी बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल से जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट धड़कन का संचालन किया जा रहा है। जिसमें आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। विशेष स्टेथोस्कोप से जांच की जाती है और हृदय में जन्मजात छिद्र की समस्या को चिन्हित को किया जाता है एवं उसका सत्य साई हॉस्पिटल में निःशुल्क इलाज किया जाता है। - -9,473 ग्रामीणों को मिला सीधा लाभरायपुर ।शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुकमा जिले में व्यापक स्तर पर जन सुविधा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में 4 फरवरी से प्रारंभ यह अभियान प्रशासन की जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।अब तक कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में 23 शिविरों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 40 ग्रामों के ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ ही उन्हें पात्रतानुसार लाभान्वित किया गया है। यह जन-अभियान 28 फरवरी तक सतत रूप से संचालित होगा। शिविरों में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी समीक्षा कर रहे हैं। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही विभिन्न सेवाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।जन सुविधा शिविरों में ग्रामीणों को एक ही स्थान पर आधार अपडेट एवं नवीन पंजीयन, आयुष्मान कार्ड निर्माण, आभा आईडी जनरेशन, वय वंदन योजना कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, किसान पंजीयन एवं उसका अद्यतन, ई-केवाईसी सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस एकीकृत व्यवस्था से ग्रामीणों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। अब तक कुल 9,473 ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बैकुंठपुर निवासी 92 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी डॉ. निर्मल घोष के निवास पहुंचे और उनसे सौजन्य भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. घोष का शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया। साथ ही उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा डॉ. घोष का संघर्ष, राष्ट्रप्रेम और जीवटता आज भी हमारे लिए प्रेरणादायी है। इस आयु में भी उनकी स्मरण शक्ति और ज्ञान हम सभी के लिए अनुकरणीय है। लोकतंत्र सेनानी से मिलना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।इस अवसर पर डॉ. घोष ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान के अपने अनुभव मुख्यमंत्री से साझा किए। उन्होंने बताया कि आपातकाल के समय उन्हें लगभग 19 माह तक विभिन्न जेलों में निरुद्ध रखा गया था। डॉ. घोष ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मिशन स्कूल, माधव राव सप्रे स्कूल तथा नागपुर में अध्ययन किया। वर्ष 1955 में वे आयुर्वेदिक कॉलेज में प्रवेश लिए और सागर विश्वविद्यालय से बीएमएस की डिग्री प्राप्त की। सरकारी सेवा में न जाकर उन्होंने वर्ष 1960 में बैकुंठपुर में निजी चिकित्सालय प्रारंभ किया और लंबे समय तक जनसेवा करते रहे। इस मौके पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री भइया लाल राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -अधोसंरचना सुदृढ़ होने से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम — मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के पोड़ी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए ₹88 करोड़ से अधिक की लागत के 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹38 करोड़ से अधिक की लागत के 82 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और जनसुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें तेज गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना है। हमारी सरकार परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति के साथ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक विकास की पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।
- -प्रख्यात कलाकार अरुण गोविल ने दी “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति, मुख्यमंत्री से की आत्मीय भेंटरायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले श्री अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा।इस अवसर पर श्री अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। श्री गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है।कार्यक्रम में खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी। उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
- -मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन की गरिमामयी उपस्थिति में पाली महोत्सव सम्पन्न-पाली महोत्सव ने कोरबा की सांस्कृतिक विरासत को दी नई ऊँचाई : कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल-मंत्री लखन लाल देवांगन ने पाली महोत्सव समापन अवसर पर विकास योजनाओं का किया ऐलान-पाली शिव मंदिर से कॉलेज तक सड़क चौड़ीकरण, डुमरकछार तक लगेगी स्ट्रीट लाइटरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में पावन महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर कोरबा जिले के पाली में आयोजित दो दिवसीय पाली महोत्सव का गरिमामय समापन समारोह संपन्न हुआ। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक वैभव और जनउत्साह से परिपूर्ण इस आयोजन ने क्षेत्र की समृद्ध परंपराओं और सामाजिक एकता का सुंदर परिचय प्रस्तुत किया। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में उत्साह, भक्ति और उल्लास की मनोहारी छटा बिखरी रही।कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि पाली महोत्सव कोरबा वासियो के लिए गौरव की बात है।पाली का यह ऐतिहासिक महोत्सव निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहा है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर पाली शिव मंदिर घाट में शिव आरती, गंगा आरती, श्रीराम आरती एवं दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उत्कृष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई, जिसका श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया। समापन दिवस पर भी आंचलिक, प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों की प्रस्तुतियों से दर्शको को भरपूर मनोरंजन का लाभ मिलेगा।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व तथा प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अगुवाई में राज्य निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव भी पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाए जा रहे हैं। राज्य की निरंतर उन्नति और प्रगति के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कलेक्टर श्री दुदावत के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा महोत्सव को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है, जिसके लिए उन्होंने प्रशासनिक टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया।सुगम आवागमन की दिशा में बड़ा कदम, मंत्री देवांगन ने की सड़क चौड़ीकरण और स्ट्रीट लाइट की घोषणाइस अवसर पर मंत्री देवांगन ने पाली में पर्यटन की दृष्टि से और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए पाली के शिव मंदिर से कॉलेज तक सड़क चौड़ीकरण तथा मुख्य मार्ग से डुमरकछार शिव मंदिर तक स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण से क्षेत्र में सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित होगी और नागरिकों को सुविधा मिलेगी।समरोह में सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरण दास महंत ने महोत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर दिशा देने का संदेश है। भगवान शिव की आराधना हमें कठिनाइयों से संघर्ष करना, धैर्य रखना और आत्मबल के साथ आगे बढ़ना सिखाती है। उन्होंने कहा कि शिव अनादि और अनंत हैं—वे सदानंद स्वरूप हैं। देश के 12 ज्योतिर्लिंग भगवान शिव को एक सूत्र में बांधते हैं और यह हमारी आध्यात्मिक एकता के प्रतीक हैं। शिव की साधना व्यक्ति को विकारों से दूर कर विराट चेतना की ओर ले जाती है।उन्होंने आमजनों को पाली महोत्सव कार्यक्रम में बॉलीवुड, छालीवुड सहित स्थानीय कलाकारों द्वारा शानदार कार्यक्रमों की प्रस्तुति का लुत्फ उठाने के लिये कहा। सांसद श्रीमती महंत ने जिला प्रशासन और शासन की सराहना करते हुए कहा कि पाली की सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने और आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। ऐसे आयोजन हमारी विरासत, आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियो से अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर को सहेजकर रखने और आने वाली पीढ़ियों तक उसे संरक्षित रूप में पहुंचाने का आह्वान किया।समापन समारोह के अवसर पर पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पाली देवाधिदेव भगवान शिव और मां महिषासुर मर्दिनी की नगरी है, जिसका अपना विशिष्ट ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यह भूमि आस्था, संस्कृति और परंपराओं से समृद्ध रही है। उन्होंने कहा कि पाली की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत गौरवशाली है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भी परिपूर्ण है, यहां कोयला के साथ ही लिथियम का भंडार है और पावर हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। धार्मिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक दृष्टि से पाली निरंतर आगे बढ़ रहा है।विधायक श्री मरकाम ने कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मेले का आनंद लें और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लाभ उठाएं। उन्होंने जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन निरंतर आगे बढ़ते हुए मंच प्रदान कर रहा है, जिससे प्रतिभाओं को अवसर मिल रहा है और नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। महोत्सव में स्थानीय, प्रादेशिक एवं बॉलीवुड कलाकारों की प्रस्तुतियां क्षेत्र के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध कर रही हैं।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने समस्त क्षेत्रवासियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पाली के प्राचीन शिव मंदिर की गरिमा, आस्था और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए महोत्सव का आयोजन किया गया है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और सहेजने का प्रयास है। कलेक्टर ने कहा कि शासन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा पाली की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुसज्जित एवं सशक्त बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। महोत्सव के माध्यम से स्थानीय परंपराओं, कला और संस्कृति को एक सशक्त मंच प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि कल आयोजित उत्कृष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नागरिकों ने भरपूर आनंद उठाया और आज भी विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियों का सभी को आनंद लेने का आग्रह किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, पूर्व विधायकगण श्री पुरुषोत्तम कंवर, श्री मोहित राम केरकेट्टा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल, अध्यक्ष नगर पंचायत पाली श्री अजय जायसवाल, सरपंच केराझरिया श्रीमती गिरजा सत्यनारायण पैकरा, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग, एसडीएम पाली श्री रोहित कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं भारी संख्या में आमनागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों सहित अधिकारियों ने कलाकारों की प्रस्तुति का आनंद लिया।
- रायपुर। सुप्रसिद्ध नाटक ‘जाणता राजा’ का साइंस कॉलेज मैदान में लगातार चार दिनों तक भव्य स्वरूप में मंचन 19 से 22 फरवरी तक शाम छह बजे होगा। तीन घंटे के इस भव्य नाटक में छत्रपति शिवाजी महाराज की पूरी जीवनी को मंच जीवंत किया जाएगा। कलाकारों और नेपथ्य में काम करने वालों की लंबी फौज होने के बावजूद भव्य रंगमंच पर मंचित होने वाले इस नाटक में स्थानीय कलाकारों को भी कई महत्वपूर्ण भूमिका मिलने की गुंजाइश रखी गई है। यही वजह है कि रंगमंच के स्थानीय कलाकारों को ‘जाणता राजा’ में भूमिका तय करने के लिए महाराष्ट्र मंडल में मंगलवार, 17 फरवरी दोपहर तीन बजे ऑडिशन रखा गया है।ऑडिशन के संयोजक व महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि 10 से 15 वर्ष आयुवर्ग, 20 से 35 वर्ष आयुवर्ग और 40 से 50 वर्ष आयुवर्ग की तीन विभिन्न कैटेगरी में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और प्रौढ़ स्त्री- पुरुष कलाकारों का चयन किया जाएगा। रंगमंच के ऐसे कलाकार, जो देश सर्वाधिक लोकप्रिय और मंचित नाटक ‘जाणता राजा’ में काम करने का एक ऐसा अनुभव लेना चाहते हैं, जिसे वे कभी भुला ही न सकें, तो उन्हें मंगलवार को महाराष्ट्र मंडल में पहुंचकर ऑडिशन में शामिल अवश्य होना चाहिए। file photo
- रायपुर। 1100 वर्ष प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर तात्यापारा में महाशिवरात्रि पर्व पर ‘सामूहिक लघु रुद्राभिषेक’ में 30 जोड़ों ने एक साथ भगवान शिव का अभिषेक किया। मुख्य पुजारी संदीप देशपांडे के साथ शशांक देशपांडे, महेश वैष्णव, दीपक तिवारी, प्रवीण, शैलेश चिंचोलकर, विवेक अमीन, राजा भट्टनिखिल पांडेय, चारु दत्त जोशी, उदय रावले ने अनुष्ठान का सुचारू संचालन किया। मंदिर समिति की कार्यकारिणी ने भी आयोजन में अपनी अद्वितीय प्रतिबद्धता निभाई।सामूहिक रुद्राभिषेक मंदिर समिति के अध्यक्ष संदीप राजिमवाले, उपाध्यक्ष दीपक किरवईवाले, सचिव अनिल गनोदवाले, सह-सचिव सौरभ देव, कोषाध्यक्ष चंद्रकांत मोहदीवाले, प्रमुख सलाहकार मिलिंद शेष, महिला प्रमुख सुरेखा हिशीकर के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लघु रुद्राभिषेक के बाद महाआरती में बड़ी संख्या में मंदिर से सदस्यों सहित श्रद्धालुजन भी उपस्थित रहे।
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-एसीपी कोतवाली एवं एसीपी सिविल लाइन कोर्ट का प्रथम दिवसरायपुर ।रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के पश्चात सेंट्रल जोन अंतर्गत न्यायालयीन कार्यवाही का प्रभावी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सहायक पुलिस आयुक्तों द्वारा कार्यपालक दंडाधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में त्वरित एवं सख़्त कदम उठाए गए।इसी क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170, 126 एवं 135(3) के अंतर्गत एक प्रकरण में 02 अनावेदकों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए जेल वारंट तैयार किए गए। साथ ही दोनों अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस विधिवत तामील कराए गए। इसके अतिरिक्त धारा 126 एवं 135(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत 05 प्रकरणों में कुल 13 अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस एवं समन जारी किए गए, जिन्हें कमिश्नरी प्रणाली के तहत त्वरित रूप से तामील कराया गया।वहीं सहायक पुलिस आयुक्त सिविल लाइन द्वारा भी लोक शांति भंग होने की आशंका के दृष्टिगत धारा 126 एवं 135(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत 06 अनावेदकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। कमिश्नरी प्रणाली के अंतर्गत की गई इस कार्यवाही में सभी समन एवं नोटिस समयबद्ध रूप से तामील कराए गए।कमिश्नरेट व्यवस्था के अंतर्गत यह न्यायालयीन कार्यवाही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव, झगड़ा अथवा लोक शांति भंग करने वालों के विरुद्ध अब त्वरित, विधिसम्मत एवं सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - - ओपीडी में कर्मचारी एवं डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की- चिकित्सालय के मेस में नाश्ता और दाल का स्वाद चखा- मेनू अनुसार मरीजों को नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के दिये निर्देशदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज जिला चिकित्सालय दुर्ग का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय ओपीडी में कर्मचारी और डॉक्टर अनुपस्थित पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्हांेने जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन को ओपीडी प्रारंभ होने के पूर्व कर्मचारी एवं डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इस दौरान कलेक्टर ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं आभा आईडी की जानकारी ली। शिकायत के आधार पर ई.सी.जी. मशीन संचालन हेतु ऑपरेटर की ड्यूटी, नाम एवं मोबाईल नंबर एवं समय उल्लेखित करने निर्देशित किये। कलेक्टर ने सिकलसेल प्रबंधन कक्ष में सिकलिंग पहचान की जानकारी ली। उन्होंने चिन्हांकित लोगों का ऑनलाईन एंट्री कराने तथा पेसेंट के ओपीडी पर्ची में आभा आईडी अद्यतन करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। सिविल सर्जन ने बताया कि अंकित महिला स्व. सहायता समूह द्वारा उक्त व्यवस्था संचालित की जा रही है। कलेक्टर श्री सिंह ने यहां पर पेसेंट के लिए तैयार नाश्ता, दाल एवं भोजन का स्वाद चखा। उन्होंने समूह के सदस्यों को निर्धारित मेनू के आधार पर चिकित्सालय में भर्ती पेेसेंट को समय पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की बाते कहीं। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के जन औषधि केन्द्र में उपलब्ध दवाइयों और विभिन्न वार्डों का भी निरीक्षण कर भर्ती मरीजों से रू-ब-रू चर्चा कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. अशिशान मिंज को चिकित्सालय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और चिकित्सकों और कर्मचारियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा अनुपस्थिति पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिये।
- दुर्ग। चंडी मंदिर से उरला शिवनाथ एनिकट तक सड़क चौड़ीकरण कार्य हेतु आज दुर्ग के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री गजेन्द्र उपस्थितजन को सम्बोधित करते हुए बताया की क्षेत्र के संवार्गीण विकास के लिए निरंतर कार्य जारी है। भूमिपूजन के साथ क्षेत्र के नागरिकों से किये गए चुनावी वादे भी पूरे हो रहे है।लगभग ₹452.47 लाख की लागत से बनने वाली यह सड़क लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। उरला में आयोजित भूमिपूजन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने बताया की करीब 13 वर्षों से लंबित इस कार्य के प्रारंभ होने से नागरिकों में उत्साह का माहौल है। सड़क चौड़ीकरण को लेकर लगातार दुर्ग के जनप्रतिनिधियों से संपर्क करते रहे लेकिन कुछ नहीं हुआ, वार्ड भ्रमण में नागरिकों ने जब सड़क की समस्या से उन्हें अवगत कराये तो मंत्री गजेन्द्र यादव ने तत्काल इस्टीमेट बनवाये और शासन से राशि स्वीकृति कराकर कार्य प्रारंभ कराये।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की यह कार्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास की कड़ी को और अधिक मजबूत करने का प्रतीक है। उरला क्षेत्र में खेल मैदान, मांगलिक भवन, सीसी रोड निर्माण सहित सर्वांगीण विकास के कई कार्य निरंतर जारी हैं।प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि विकास का लाभ हर वार्ड, हर मोहल्ले तक पहुंचे। सड़क, पानी, बिजली, खेल मैदान और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं लोगों के जीवन को बेहतर बनाती हैं। जनता से किये सभी वादों को पूर्ण करने प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है।सड़क बनने से होंगे ये लाभ -चंडी मंदिर से उरला होते हुए शिवनाथ एनिकट तक सड़क चौड़ीकरण होने से प्रतिदिन गांव से शहर आने वाले ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। यह प्रमुख मार्ग कई गांव को दुर्ग से जोड़ता है आवागमन का प्रमुख मार्ग भी है। जहां से बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रा अधिक सुरक्षित होगी। व्यापार, शिक्षा और दैनिक आवागमन में सुविधा बढ़ेगी।इस अवसर पर सभापति श्याम शर्मा, मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर, कौशल साहू, महेंद्र लोढ़ा, बंटी चौहान, जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, एमआईसी मेंबर श्रीमति लीना देवांगन, कांशीराम कोसरे, ज्ञानेश्वर ताम्रकार, पार्षद श्रीमति रेशमा सोनकर सहित क्षेत्र के नागरिक एवं कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
- दुर्ग / जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा ने जांच में शिकायत प्रमाणित होने पर श्री देवेश कुमार देशमुख सहायक शिक्षक एलबी शासकीय प्राथमिक शाला खाड़ा जिला दुर्ग को छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 23 एवं नियम 03 के उप नियम-01 के खण्ड 01,02 तथा 03 का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए श्री देशमुख को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम 01 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में श्री देशमुख का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग नियत किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
- दंतेवाड़ा ।जिला पंचायत से दी गई जानकारी अनुसार जिला सामाजिक अंकेक्षण का प्रमुख उद्देश्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जो अब ’’वीबी जी राम जी’’ योजना के नाम से परिवर्तित हुआ है। उसके अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाना है, ताकि योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन मदद मिले व स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढे। इस क्रम में जिला पंचायत दंतेवाड़ा के सामाजिक अंकेक्षण इकाई टीम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में के अंतर्गत प्रथम चरण में अंकेक्षण हेतु 143 ग्राम पंचायतों का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया। और इकाई ने द्वितीय चरण का सामाजिक अंकेक्षण हेतु विगत 09 फरवरी 2026 से पुनः प्रारंभ कर दिया है। यहा पुरे राज्य मे गौरवशाली उपलब्धि रही। क्योंकि सामाजिक अंकेक्षण के प्रथम चरण को पूर्ण करते हुए द्वितीय चरण का अंकेक्षण प्रारंभ करना पूरे प्रशासनिक टीम की के लिए एक चुनौती था। जबकि अन्य जिले इस चरण तक नहीं पहुंच पाए है। यह प्रयास सुनिश्चित करता है कि जब समाज और शासन मिलकर काम करते है, तो विकास की राह और भी उज्जवल हो जाती है। जिला प्रशासन व सामाजिक अंकेक्षण टीम व सबकी मेहनत और समर्पण ही इस कार्य को सफल बनाया है।
- -नक्सल पीड़ितों की मदद और नए कानूनों के पालन पर रहा जोरदंतेवाड़ा । जिला कार्यालय में आज कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस मैराथन बैठक में जिला स्तरीय राहत एवं पुनर्वास, नए कानूनों के क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा और एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।बैठक का आरंभ राहत एवं पुनर्वास से जुड़े मामलों की समीक्षा के साथ हुआ। कलेक्टर श्री ध्रुव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले नागरिकों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और घायलों को हर संभव मदद देने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल पीड़ित परिवारों के सदस्यों को शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति देने की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति जांची और अधिकारियों को इसे प्राथमिकता देने को कहा। इसके अतिरिक्त, साम्प्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान के तहत छात्रवृत्ति, आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण के दौरान स्टायपेण्ड और पीड़ित परिवारों को डिजिटल डेटाबेस को अपडेट करने की प्रगति पर भी चर्चा की गई।इसके साथ ही बैठक में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले में दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को सभी सड़कों का ‘सेफ्टी ऑडिट’ जल्द पूरा करने और ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में शहर के मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं के नियंत्रण, अतिक्रमण हटाने, और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित फुटपाथ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग को ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और एंबुलेंस में जीपीएस ट्रैकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस और त्वरित उपचार मिल सके। वहीं, शिक्षा विभाग को नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक लगाने और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।बैठक के अंतिम चरण में नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए एनसीओआरडी की समीक्षा की गई। इसमें नशा मुक्ति, पुनर्वास और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की कार्ययोजना पर विचार हुआ। पुलिस और परिवहन विभाग ने भी अपनी कार्रवाई और जागरूकता अभियानों का ब्यौरा पेश किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आर.के. बर्मन सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
- -समय सीमा पर प्रकरणों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दें अधिकारी-कलेक्टरदंतेवाड़ा । कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आज राजस्व अधिकारियों की बैठक डंकनी सभाकक्ष में ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी राजस्व अधिकारियों द्वारा दिए गए समय सीमा पर राजस्व प्रकरणों का निपटारा किया जाना सर्वाधिक जरूरी है। अगर किसी कारणवश प्रकरणों के निराकरण में विलंब हुआ है तो पर भी व्यक्तिगत रूचि लेकर मामले को सबसे पहले प्राथमिकता दे आगामी लिए जाने वाले बैठक में इसकी बारीकी से इसकी जांच की जाएगी। कुल मिलाकर कलेक्टर ने यह भी कहा कि सभी अनुविभागीय अधिकारी सभी प्रकरणों की समीक्षा नियमित रूप से स्वयं करें। साथ ही उन्होंने सभी तहसीलदारों को तहसीलों के रिकार्ड रूम की निरीक्षण करने की भी हिदायत दी। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामवार शिविर आयोजन के दौरान कर खसरा, बी-1 का वाचन स्वयं की उपस्थिति में किया जाना सुनिश्चित किया जाए।आज संपन्न हुए राजस्व अधिकारियों की बैठक के मुख्य एजेंडे के अनुसार बी-1 बांटना, 2031 मृत वन पट्टाधारी कृषकों का शतप्रतिशत पीएम किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पंजीयन, विवादित, अविवादित नामांतरण, ग्राम पंचायत नामांतरण पंजी, विवादित, अविवादित बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, धारा 115 त्रुटि सुधार, धारा 114 गलत प्रविष्टि, वृक्ष कटाई, ई-कोर्ट में न्यायालयीन प्रकरणों के प्रगति की समीक्षा, जीर्ण-शीर्ण नक्शा नवीनीकरण, स्वामित्व योजना, मसाहती ग्रामों की जानकारी, नजूल घोशित नक्शों का खसरा मेटनेश, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों की जानकारी, आधार, मोबाईल, जेन्डर प्रविष्टि किसान-किताब, अभिलेख शुद्धता नक्शा खसरों में अंतर-शून्य रकबे वाला खसरा, डीआईएलआरएमपी ( डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम) नक्शा बटांकन, नियद नेल्लानार के सुरक्षा कैम्पों में व्यक्ति मूलक योजनाओं की सेचूरेशन स्थिति, जियो रिफरेसिंग कार्य एवं सर्वे, भू-अभिलेख अद्यतीकरण, भूमिहीन कृषि मजदूर योजना, (पंडित दीनदयाल उपाध्याय), भू-अर्जन प्रकरणों की स्थिति, भूमि अधिग्रहण संबंधी जानकारी, भू-अर्जन के प्रकरण में मुआवजा वितरण की जानकारी, लोक सेवा गारण्टी, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत समस्त क्षति का मुआवजा की स्थिति उपयोगिता प्रमाण पत्र, मांग पत्र, उच्च न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों प्रभारी अधिकारी नियुक्ति, जवाबदावा प्रस्तुत करने की स्थिति, वन अधिकार पत्र से संबधित, वनाधिकार मान्यता पत्रों के प्रकरणों को रिकार्ड रूम में जमा किए जाने की जानकारी जैसे प्रमुख बिन्दु षामिल थे।बैठक में कलेक्टर ने उपरोक्त सभी बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा करते हुए अद्यतन जानकारी ली। कलेक्टर ने अंत में बैठक में यह भी कहा कि अपने-अपने अनुभाग में राजस्व अधिकारियों द्वारा शांति व्यवस्था बनाये रखने कानून के पालन के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू रूप संचालन के लिए के लिए प्रतिबंधात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाही किया जाना भी अति आवश्यक है। अतः समाज में असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्यवाही किया जाना अपेक्षित हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, सहित सभी अनुभाग के एसडीएम, तहसीलदार, उपस्थित थे।
- -राइडिंग व वॉल्व स्थापित कर लो-प्रेशर की समस्या का किया जा रहा समाधानरायपुर। रायपुर नगर निगम में सभी जोनों के जल विभाग द्वारा नाली से गुजरे पाइपलाइनों एवं घरेलू नल कनेक्शनों का लगातार सर्वे कर शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा है। विभिन्न वार्डों के टेल-एन्ड्स (Tail Ends) में जल आपूर्ति के दौरान लो-प्रेशर की समस्या के निराकरण के लिए पाइप को बीच से राइडिंग तथा काटकर वॉल्व स्थापित किए जा रहे हैं। रायपुर नगर निगम के जल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर के 70 वार्डो में 45 टंकियों से जल वितरण वाहिनी के माध्यम से जलप्रदाय सुनिश्चित की जाती है। जल वितरण पाइपलाइन अधिकतर स्थानों पर सुरक्षित जगहों से प्रत्येक गलियों में सावधानीपूर्वक बिछाई गई है। छोटी-छोटी गलियों एवं एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जल वितरण पाइप को बिछाते समय बीच-बीच में छोटी-बड़ी नालियों को क्रॉस करते हुए ले जाने की आवश्यकता पड़ने पर बहने वाली नालियों के नेचुरल-फ्लो को ध्यान में रखते हुए ऊपर उठाकर क्रॉस किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी जगहों पर जहां घरेलू कनेक्शन नालियों से गुजरे हैं, वहां विगत 2-3 वर्षों में वृहद अभियान चलाते हुए सभी कनेक्शनों को संबंधित जोनों के जल विभाग के माध्यम से ऊपर किया गया है। अभी भी कुछ स्थानों पर नालियों के नजदीक लगभग 5 किलोमीटर पाइपलाइन को हटाने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जल विभाग के माध्यम से हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है।रायपुर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बड़े साइज के जल वितरण पाइप्स को केसिंग लगाकर सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सभी जोनों में जल बोर्ड की टीमों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग कर ऐसे स्थान जहां नाली से होकर गुजरने वाले पाइपलाइनों की शिफ्टिंग की जरूरत है, वहां टीमों को निर्देशित कर विस्तृत सर्वे कर कराकर पाइपलाइनों एवं नल कनेक्शनों की शिफ्टिंग की कार्यवाही की जा रही है। file photo




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