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- पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा सहज स्वभाव के जनप्रतिनिधि थे - रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनीनगर निगम जोन 4 अध्यक्ष मुरली शर्मा, पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा के परिवारजनों की रही उपस्थितिरायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा को उनकी पुण्यतिथि पर राजधानी शहर रायपुर के नगर पालिक निगम रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम परिसर के प्रांगण में स्थित उनके मूर्ति स्थल के समक्ष उन्हें सादर नमन करने रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम रायपुर जोन 4 के सहयोग से रखे गये संक्षित पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा को उनकी पुण्यतिथि पर मूर्ति स्थल पर सादर नमन किया।रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा सहज स्वभाव के जनप्रतिनिधि थे एवं सहज भाव से उन्होने अपने महापौर कार्यकाल में रायपुर शहर के विकास में अपना योगदान दिया। दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि जबवे रायपुर नगर निगम के महापौर थे। तब उनके कार्यकाल में रायपुर में इंडोर स्टेडियम का निर्माण एवं लोकार्पण किया गया। तब पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा के नाम से रायपुर नगर निगम के इंडोर स्टेडियम को नामकरण बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रखा गया एवं उनकी स्मृति में उनकी मूर्ति इंडोर स्टेडियम के परिसर में रायपुर नगर निगम के माध्यम से लगवायी गयी जहां हर वर्ष स्व. बलवीर सिंह जुनेजा का सादर नमन करने उनकी जयंती एवं पुण्यतिथि पर रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग एवं जोन 4 द्वारा पुष्पांजलि आयोजन रखा जाता है।नगर निगम संस्कृति विभाग एवं जोन 4 के पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर नगर निगम रायपुर के पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा को उनकी पुण्यतिथि पर मूर्ति स्थल पर रायपुर नगर निगम जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा सहित स्व. बलवीर सिंह जुनेजा के परिवारजनों श्री करण सिंह जुनेजा एवं श्री रौनक सिंह जुनेजा एवं जोन 4 उपअभियंता सुश्री राखी देवांगन सहित नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सादर नमन किया ।
- -विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता के माध्यम से दिखाई वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकतारायपुर / राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर रायपुर में विद्यार्थियों और युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को भारत की अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों तथा भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना और उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम में इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, रीजनल साइंस सेंटर नागपुर के वैज्ञानिक श्री मिमलिंद चाडोकऱ तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक-ई श्री एम.के. बेग सहित छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री प्रशांत कविश्वर शामिल हुए। वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए तथा अंतरिक्ष विज्ञान और उससे जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी।कार्यक्रम में महानिदेशक, छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद श्री प्रशांत कविश्वर द्वारा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने, जिज्ञासु बने रहने तथा विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने चंद्रयान मिशन सहित भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी देते हुए भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम के दौरान श्री चाडोकर ने 'इंडियाज स्पेस प्रोग्राम: पास्ट, प्रजेंट, फ्यूचर' विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की विकास यात्रा, महत्वपूर्ण उपलब्धियों तथा भविष्य की अंतरिक्ष संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों को समझने तथा भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक-ई श्री एम.के. बेग ने 'एप्लीकेशन ऑफ सेटेलाइट टेक्नोलॉजी फ़ॉर द डेवलोपमेन्ट ऑफ छत्तीसगढ़' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने उपग्रह प्रौद्योगिकी के विभिन्न उपयोगों तथा छत्तीसगढ़ के विकास में इसकी संभावित भूमिका पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को बताया गया कि अंतरिक्ष एवं उपग्रह तकनीक का उपयोग कृषि, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण तथा विकास संबंधी गतिविधियों में किस प्रकार किया जा सकता है।कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए 'इंडियाज़ स्पेस जर्नी: थुम्बा से चंद्रमा और उससे आगे' विषय पर पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा, भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों तथा सतत विकास के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के महत्व से संबंधित अपने विचारों और रचनात्मक प्रस्तुतियों को पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के डॉ. त्रिभुवन सिंह, श्री अमित कुमार मेश्राम, डॉ. अमित राम शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों के पोस्टरों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं प्रभावी प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया।पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए चयन किया गया। विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिसमें प्रथम स्थान बी.पी. पुजारी शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की नेहा कोसले, द्वितीय स्थान सावित्री बाई फुले एजुकेशनल एकेडमी की स्नेहा पांडेय एवं तृतीय स्थान पं. गिरिजा शंकर मिश्रा स्कूल सविता चक्रधारी को प्राप्त हुआ। साथ ही लीना साहू, डेविड चालक, यशिका वर्मा को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से 150 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रदर्शनी एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भारत की अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष विज्ञान की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। इससे विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान को केवल एक विषय के रूप में समझने के बजाय उसके व्यापक सामाजिक, वैज्ञानिक एवं विकासात्मक महत्व को जानने का अवसर मिला।
- -महतारी वंदन से मिली राशि से सालू खरीदेंगी भाई के लिए राखी और मिठाई-30वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले मिली, नियमित आर्थिक सहायता से परिवार को मिला संबलरायपुर/ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी दैनिक जरूरतों में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह सहायता महिलाओं को अपनी जरूरतों के साथ परिवार और त्योहारों से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद कर रही है।सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सकलो की निवासी श्रीमती सालू सिंह भी महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें योजना के तहत हर माह 1,000 रुपये की राशि प्राप्त होती है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 30वीं किस्त उनके खाते में पहुंची है, जिससे इस बार त्योहार की तैयारियों के लिए उन्हें विशेष आर्थिक सहारा मिला है।सालू सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर वे महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने में करेंगी। उनके लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने भाई के साथ प्रेम और स्नेह का पर्व पूरे उत्साह से मनाने का माध्यम भी बनी है।उन्होंने कहा कि समय पर राशि मिलने से त्योहार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना आसान हो जाता है। अपने खाते में राशि आने से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मविश्वास मिलता है और वे अपनी आवश्यकता के अनुसार खर्च का निर्णय स्वयं ले पाती हैं।महतारी वंदन योजना के तहत सहायता राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे महिलाओं को अपनी जरूरतों के अनुसार राशि का उपयोग करने की स्वतंत्रता मिल रही है। घरेलू आवश्यकताओं से लेकर बच्चों, परिवार और त्योहारों से जुड़े खर्चों तक, महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कर रही हैं।सालू सिंह बताती हैं कि हर माह मिलने वाली सहायता परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा है। इससे उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ विशेष अवसरों और त्योहारों की तैयारियां करने में भी सुविधा मिलती है।महतारी वंदन योजना से मिल रहे लाभ के लिए सालू सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी धन्यवाद दिया।रक्षाबंधन से पहले 30वीं किस्त मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने भाई को राखी बांधकर यह पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाएंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भी राखी भेजने की भावना जाहिर की।सालू सिंह की कहानी बताती है कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के जीवन में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि ने उनके लिए रक्षाबंधन की तैयारियों को आसान बनाया है और त्योहार को लेकर उनके चेहरे पर खुशी और उत्साह बढ़ाया है। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें अपनी जरूरतों और खुशियों के लिए निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। रक्षाबंधन पर भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने की सालू सिंह की खुशी, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की इसी बदलती तस्वीर को सामने लाती है।
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-रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन सहित राजधानी शहर के ऑक्सीजोन गार्डन सहित अनेक स्थानो पर पहुंचकर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान का किया प्रत्यक्ष निरीक्षण
रायपुर/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन के लोकप्रिय पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की अभिनव योजना के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिंता के तत्काल पश्चात से सम्पूर्ण रायपुर जिला क्षेत्र अतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र मेंनगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर निगम के सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन नियमित अपने- अपने जोन क्षेत्र के सभी वार्डो में ऐसे सभी पौधों को चिन्हित करने का कार्य किया गया, जो पूर्व में चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरों पेवर में घिरे हुए होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे।
ऐसे समस्त पौधों को चिन्हित करके प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित होने एवं स्वयं मिट्टी, पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने इन सभी पौधों को चारों ओर से घेरकर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी 10 जोनों में तेज गति से निरन्तर समाजहित में पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से करवाया गया।
लोकप्रिय समाज हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अंतर्गत महाभियान आज रायपुर जिला प्रशासन एवं रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सभी जोनो के अंतर्गत वार्डो में व्यापक रूप से रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार एवं रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार चलाया गया। महाभियान का रायपुर नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानो पर पहुंचकर प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा सहित रायपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार विश्वरंजन एवं अन्य संबंधित रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त उद्यान श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त उद्यान श्रीमती जागृति साहू सहित सम्बंधित जोन कमिश्नरो, कार्यपालन अभियंताओं एवं अन्य संबंधित नगर निगम अधिकारियों एवं राज्य लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंताओं, वन विभाग, रायपुर जिला प्रशासन के अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में किया, रायपुर जिला कलेक्टर ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में शासन के लोकप्रिय प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान की प्रगति की स्थल समीक्षा कर इस सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि विगत दिनांक 22 अगस्त 2026 तक विभिन्न जोनों के भिन्न क्षेत्रों के स्थानों में इन सभी चिन्हित पौधों को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चारों ओर कॉक्रीट के घेरे पेवर लगाकर लगाए गए अब तक लगभग विभिन्न 2302 स्थानों पर ट्री गार्ड और लगभग बिभिन्न 571 स्थानों पर कांकीट के घेरों पेवर को समस्त जोन कमिश्नरों द्वारा वहां पहुंचकर हटवाये जाने का कार्य तेजी के साथ करवाया गया है और यह अभियान रायपुर नगर निगम क्षेत्र में निरन्तर प्रगति पर है एवं सभी जोन कमिश्नरों की सतत निगरानी में सभी 10 जोन क्षेत्रों में ऐसे सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पानी प्राप्त कर सकने आवश्यक पर्यावरण हितैषी वातावरण कायम करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया गया है।
रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र के समस्त रहवासी नागरिको से रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विनम्र अपील की कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बनकर अपनी सक्रिय सहभागिता को दर्ज करवाने का कष्ट करें। ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन के तत्त्ववधान में पर्यावरण हितैषी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत समाज में उनके द्वारा पर्यावरण हितकारी योगदान देने हेतु सम्मानित किया जायेगा।
रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के 10 जोन कमिश्नरों द्वारा करवाये जा रहे उक्त पर्यावरण हितैषी कार्यों की रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन स्वतः नियमित मॉनिटरिंग और कार्य की प्रगति की सतत निरंतर समीक्षा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की जा रही है।
- -निजी भूमि पर तालाब बनाकर शुरू किया मत्स्य पालन, विभिन्न आजीविका गतिविधियों से बनीं लखपति दीदीबहनों की तरक्की, परिवार की शान—विष्णु भैया का यही अभियानरायपुर / ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों का आधार बन रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन सहित विभिन्न गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम गुमगराखुर्द की रहने वाली श्रीमती जय कुमारी भी बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य जय कुमारी ने अपनी निजी भूमि पर तालाब का निर्माण कर मत्स्य पालन को आजीविका का माध्यम बनाया है। विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर उन्होंने लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।जय कुमारी ने बताया कि उन्होंने अपनी निजी भूमि पर तालाब का निर्माण कराया और इसके बाद उसमें मत्स्य पालन शुरू किया। ‘बिहान’ योजना के माध्यम से उन्हें मछली बीज की सहायता मिल रही है। मत्स्य विभाग से 50 प्रतिशत अनुदान पर मछली बीज उपलब्ध होने से उन्हें मत्स्य पालन गतिविधि को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।वे बताती हैं कि वे पहले भी मत्स्य पालन कर चुकी हैं। पूर्व में इस गतिविधि से अच्छी आमदनी होने से उनका उत्साह बढ़ा और उन्होंने इसे दोबारा व्यवस्थित रूप से शुरू करने का निर्णय लिया। अब निजी भूमि पर उपलब्ध संसाधन का बेहतर उपयोग करते हुए वे मत्स्य पालन को अपनी नियमित आजीविका का हिस्सा बना रही हैं।जय कुमारी के लिए मत्स्य पालन केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है। पहले के अनुभव से उन्हें मत्स्य पालन की प्रक्रिया की समझ है। इसी अनुभव का लाभ लेते हुए वे अपने तालाब में मछली पालन को बेहतर तरीके से संचालित कर रही हैं।योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता ने उनके प्रयासों को मजबूती दी है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध भूमि और पानी के संसाधन का उपयोग कर वे अपने परिवार की आय में अतिरिक्त योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।‘बिहान’ योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को उनकी रुचि, क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इससे महिलाएं स्वयं रोजगार के अवसर विकसित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।जय कुमारी की कहानी बताती है कि स्थानीय संसाधन, महिला की मेहनत और सरकारी सहयोग मिलकर स्थायी आजीविका का मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं। निजी भूमि पर तालाब निर्माण और मत्स्य पालन के माध्यम से उन्होंने आय का अतिरिक्त साधन विकसित किया है, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता की उनकी राह और मजबूत हुई है।अपनी सफलता और शासन से मिले सहयोग के लिए जय कुमारी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें मत्स्य पालन के लिए मछली बीज की सहायता मिल रही है, जिससे अपनी आजीविका गतिविधि को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन से उन्हें पहले भी अच्छी आमदनी प्राप्त हुई है और वे आगे भी इस गतिविधि को निरंतर बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने वाली योजनाओं के लिए शासन के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। जय कुमारी की कहानी इस विश्वास को मजबूत करती है कि अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने आसपास उपलब्ध संसाधनों को आजीविका में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख सकती हैं। निजी भूमि के एक तालाब से शुरू हुआ उनका यह प्रयास अब परिवार की आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य की उम्मीद बन रहा है।
- -नियमित आर्थिक संबल से छोटे व्यवसाय को मिली मजबूती, आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की ज्ञानवती बैगारायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का नया संबल बन रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम तवाडबरा की श्रीमती ज्ञानवती बैगा के जीवन में भी इस योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है। परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वे अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। अपने छोटे से व्यवसाय के माध्यम से वे परिवार की आवश्यकताओं में योगदान देने के साथ स्वयं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।श्रीमती ज्ञानवती बैगा बताती हैं कि विष्णु भैया की सरकार की महतारी वंदन योजना उनके परिवार के लिए नियमित आर्थिक सहारे का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के तहत उन्हें 30वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने नारियल व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में किया। इससे उनके छोटे व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिली और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी सहूलियत हुई।श्रीमती ज्ञानवती बैगा कहती हैं कि पहले छोटे व्यवसाय को चलाने के लिए आवश्यक सामग्री जुटाना कई बार चुनौतीपूर्ण होता था। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने व्यवसाय में जरूरत के अनुसार राशि लगाने का अवसर दिया। इससे न केवल उनके काम को निरंतरता मिली, बल्कि उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने का विश्वास भी मजबूत हुआ।आज वे अपने व्यवसाय के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से संभाल रही हैं। उनके लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आर्थिक स्थिति में योगदान देने का माध्यम बन गई है।ज्ञानवती बैगा का कहना है कि नारियल की दुकान उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन है। मंदिर के सामने दुकान होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं और लोगों को नारियल उपलब्ध कराने से उन्हें आय प्राप्त होती है। महतारी वंदन योजना से मिली राशि का उपयोग उन्होंने व्यवसाय से संबंधित आवश्यक सामग्री की व्यवस्था में किया, जिससे दुकान को लगातार संचालित करने में मदद मिली।इस तरह महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने से वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के साथ-साथ आय के साधनों को भी मजबूत कर सकती हैं। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है और उनमें निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी विकसित होता है।महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में योगदान देने का अवसर प्रदान कर रही है।श्रीमती ज्ञानवती बैगा जैसी महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात का उदाहरण हैं कि जब महिलाओं को आर्थिक संबल और अवसर मिलता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ स्वयं के भविष्य को भी बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।श्रीमती ज्ञानवती बैगा ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली नियमित सहायता से उन्हें अपने व्यवसाय और परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल रही है। उनके अनुसार, महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ परिवार की आर्थिक मजबूती में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
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4 पुलिस जवान घायल
जगदलपुर/जगदलपुर-कोंडागांव सीमा के पास रविवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। जूनवानी के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने मंत्री केदार कश्यप की कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो बेकाबू हो गई और मंत्री के फॉलो वाहन से भी जा भिड़ी। हादसा इतना जबरदस्त था कि फॉलो वाहन को काफी नुकसान पहुंचा।
घटना के समय मंत्री का काफिला फरसागुड़ा से कोंडागांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही स्कॉर्पियो ने अचानक मंत्री की कार को टक्कर मार दी। इसके बाद वाहन की रफ्तार और नियंत्रण बिगड़ने से वह पीछे चल रहे फॉलो वाहन से टकरा गया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
फॉलो वाहन में तैनात चार पुलिस जवान हादसे में घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल कोंडागांव जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सभी घायल जवानों को उपचार दिया जा रहा है।
हादसे में मंत्री केदार कश्यप सुरक्षित बताए जा रहे हैं। उन्हें किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है। राहत की बात यह रही कि हादसा बड़ा होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। स्कॉर्पियो चालक से पूछताछ सहित हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। - -पर्यटन बोर्ड की पर्यटकों से अपील—फर्जी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया से रहें सतर्करायपुर । छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और पर्यटन सुविधाओं की बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े की शिकायतों को देखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों को सतर्क रहने की अपील की है। बोर्ड को ऐसी अनधिकृत वेबसाइटों और माध्यमों की जानकारी मिली है, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम पर फर्जी बुकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। ऐसे माध्यमों के जरिए पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराकर ठगी किए जाने की आशंका है।छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पर्यटक पर्यटन स्थलों, आवासीय सुविधाओं तथा अन्य पर्यटन सेवाओं की बुकिंग के लिए केवल छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट tourism.cgstate.gov.in का ही उपयोग करें। किसी अन्य वेबसाइट, अनधिकृत बुकिंग लिंक, संदिग्ध मोबाइल नंबर, विज्ञापन अथवा सोशल मीडिया के ऐसे पेज पर भरोसा नहीं करें, जो छत्तीसगढ़ पर्यटन की बुकिंग उपलब्ध कराने का दावा करते हों।बोर्ड के अनुसार, साइबर ठगी करने वाले तत्व छत्तीसगढ़ पर्यटन के नाम, प्रतीक चिन्ह, पर्यटन स्थलों की तस्वीरों और अन्य प्रचार सामग्री का दुरुपयोग कर पर्यटकों को भ्रमित कर सकते हैं। ऐसे तत्व आकर्षक दरों पर कमरे, पर्यटन आवास, भ्रमण पैकेज अथवा अन्य सुविधाओं की बुकिंग का झांसा देकर पर्यटकों से ऑनलाइन भुगतान कराने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित वेबसाइट और बुकिंग प्रक्रिया की प्रामाणिकता की जांच करना आवश्यक है।पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि बुकिंग के लिए केवल अधिकृत पर्यटन प्रक्रिया का पालन करें और भुगतान भी उसी अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से करें। किसी व्यक्ति के निजी खाते, संदिग्ध भुगतान माध्यम अथवा अनजान मोबाइल नंबर पर राशि भेजने से बचें। विशेष रूप से कम कीमत में बुकिंग, तत्काल भुगतान का दबाव या आकर्षक पर्यटन पैकेज का प्रस्ताव मिलने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।आधिकारिक माध्यम से ही करें बुकिंगपर्यटक छत्तीसगढ़ पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट tourism.cgstate.gov.in के माध्यम से ही बुकिंग करें। पर्यटन संबंधी जानकारी और बुकिंग के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के गढ़ कलेवा, रायपुर स्थित सूचना केंद्र तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्थित सूचना केंद्रों से भी संपर्क किया जा सकता है। इन अधिकृत केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन संबंधी जानकारी के साथ उपलब्धता के अनुसार पर्यटन आवासों की बुकिंग की सुविधा भी प्राप्त की जा सकती है।संदेह होने पर हेल्पलाइन से करें पुष्टिपर्यटकों को किसी वेबसाइट, बुकिंग लिंक, मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया के पेज की प्रामाणिकता को लेकर संदेह होने पर भुगतान करने से पहले छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।छत्तीसगढ़ पर्यटन हेल्पलाइन नंबर:+91-771422460018001026415बोर्ड ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय केवल अधिकृत और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। फर्जी वेबसाइटों, संदिग्ध बुकिंग प्रस्तावों और अनधिकृत भुगतान माध्यमों से सतर्क रहकर पर्यटक अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकते हैं।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ में हर साल 20 हजार से ज्यादा लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं और औसतन 40-50 लोगों की मौत होती है। अब बीमारी फैलने के बाद मरीज खोजने के बजाय पहले यह पता लगाने की तैयारी है कि राज्य के किस इलाके में किस बीमारी को फैलाने वाले मच्छर मौजूद हैं।अमेरिका की एक रिसर्च यूनिवर्सिटी की टीम सभी जिलों में इलाकेवार सर्वे करेगी। मच्छरों की स्कैनिंग के लिए विशेष डिवाइस का इस्तेमाल होगा, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस इलाके में कौन सी बीमारी फैलाने वाले मच्छर मौजूद है।अलग-अलग जिलों में मलेरिया के साथ डेंगू, फाइलेरिया, चिकनगुनिया, जीका और जापानी इंसेफलाइटिस फैलाने वाले मच्छर पाए जाते हैं। सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग अमेरिका के जाॅन हॉप्किन्स विवि के साथ स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध करेगी है। अमेरिकी विशेषज्ञ डिवाइस की मदद से मच्छर की पहचान कर यह पता लगाया जा सकता है कि वह किस बीमारी को फैला सकता है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की दो दिवसीय पार्टनर्स कंसल्टेटिव मीटिंग नवा रायपुर में हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग, डब्ल्यूएचओ और देश-विदेश की संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। उसी में मच्छरों का सर्वे करने का निर्णय लिया गया। इसमें अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न संस्थाओं और रिसर्च यूनिवर्सिटी की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में संभावित सहयोग का प्रेजेंटेशन दिया।इसमें मुख्य सचिव विकास शील, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, संचालक संजीव कुमार झा, डब्ल्यूएचओ के मनोज झालानी, भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि यवन एच. एफ. ह्यूटिन और डिजिटल हेल्थ एवं एआई के क्षेत्रीय सलाहकार डॉ. कार्तिक अडापा शामिल हुए।
- बिलासपुर/छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन की ई-केवाईसी प्रोसेस 1 सितंबर से शुरू होने जा रहा है. इसके तहत घरेलू, गैर-घरेलू, कृषि, औद्योगिक, सड़क बत्ती और नलजल समेत सभी तरह के बिजली कनेक्शनों का आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा. ई-केवाईसी के जरिए बिजली उपभोक्ता की पहचान और उसके बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी का आधार कार्ड से वेरिफिकेशन किया जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम का शत-प्रतिशत मिलान होना जरूरी है. अगर दोनों जगह नाम में अंतर है या किसी तरह की गलती है, तो पहले बिजली कंपनी के रिकॉर्ड में सुधार कराना होगा. इसके बाद ही ई-केवाईसी पूरी हो सकेगी.घर बैठे कर सकेंगे ई-केवाईसीकंज्यूमर्स को ई-केवाईसी कराने के लिए बिजली ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी. वे ‘मोर बिजली’ एप के जरिए घर बैठे अपना आधार प्रमाणीकरण कर सकेंगे. इसके लिए उपभोक्ता को एप पर उपलब्ध ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना होगा.अगर ऑनलाइन प्रोसेस के दौरान किसी तरह की परेशानी आती है, तो कंज्यूमर्स अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय जाकर भी ई-केवाईसी करा सकते हैं. वहां काम में लगे कर्मचारी ‘प्रकाश एप’ के ई-केवाईसी पोर्टल के जरिए वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करेंगे. इसके अलावा मीटर रीडरों को भी कंज्यूमर्स से संपर्क कर उन्हें ई-केवाईसी कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं.
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*रायपुर की मानसी, पिंकी और दंतेवाड़ा की लच्छी, राजकुमारी, सोमारी और रामे ने जीता स्वर्ण*
-17वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप, 21 - 23 अगस्त 2026, नान्देड़ (महाराष्ट्र) सम्पन्न
सर्वाधिक 05 पदक (04 स्वर्ण, 01 काँस्य) एकलव्य खेल परिसर जावंगा, गीदम की बालिका खिलाड़ियों ने जीते
महाराष्ट्र प्रथम, तमिलनाडु द्वितीय, तेलंगाना तृतीय स्थान पर रहे
छत्तीसगढ़ पंचम स्थान पर रहा
रायपुर/SGFI से मान्यता प्राप्त रही संस्था थाई बॉक्सिंग इण्डियन फेडरेशन (TIF) के तत्वावधान में तेलंगाना थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा TIF 17वीं राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन 21 - 23 अगस्त 2026 तक गुरु गोविन्द सिंह इंडोर स्टेडियम, क्रीड़ा संकुल, नान्देड़ (महाराष्ट्र) में किया गया जिसके 18 राज्यो के लगभग 450 खिलाड़ियों अधिकारियों ने भाग लिया जिसमे महाराष्ट्र प्रथम, तमिलनाडु द्वितीय, तेलंगाना तृतीय, चतुर्थ स्थान पर उड़ीसा और छत्तीसगढ़ पाँचवे स्थान पर रहा।
उपरोक्त जानकारी देते हुए छ ग थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनीस मेमन एवँ महासचिव लखन कुमार साहू ने आगे बताया कि छ ग खेल जगत के लिए अत्यंत हर्ष एवँ गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की सातों बालिका खिलाड़ियों ने पदक जीते जिसमे रायपुर की दोनो खिलाड़ियों कु मानसी तांडी और कु पिंकी गुप्ता के अलावा एकलव्य खेल परिसर - जावंगा, गीदम, दंतेवाड़ा की 04 खिलाड़ियों (कु लच्छी कोवासी, कु राजकुमारी, कु सोमारी, कु रामे कवासी) ने स्वर्ण पदक और एक खिलाड़ी (कु सुनीता) ने काँस्य पदक जीता है।
उल्लेखनीय है कि एकलव्य खेल परिसर, जावंगा, गीदम, दंतेवाड़ा में पदस्थ खेल एवँ युवा कल्याण विभाग दंतेवाड़ा की कोच कु टिकेश्वरी साहू को TIF (थाई बॉक्सिंग इण्डियन फेडरेशन) ने फीमेल टेक्निकल पैनल की जिम्मेदारी निभाई। जबकि दुर्ग के विक्की भारतीय और करण चेलक निर्णायक परीक्षा उत्तीर्ण कर निर्णायक पैनल में सम्मिलित किये गए। जबकि छत्तीसगढ़ टीम के कोच की जिम्मेदारी दुर्ग के लक्ष्मीनारायण साहू ने निभाई।
उल्लेखनीय है कि उक्त राष्ट्रीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में छ ग का 07 बालिका खिलाड़ियों और 05 अधिकारियों (01 एशियन रेफरी, 02 नए रेफरी, 01 कोच, और 01 राज्य थाई बॉक्सिंग संघ के प्रतिनिधि) सहित 12 सदस्यीय दल भाग लिया था। छ ग थाई बॉक्सिंग दल के खिलाड़ी, अधिकारी छ ग थाई बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष अनीस मेमन के मार्गदर्शन और एशियन रेफरी कु टिकेश्वरी साहू, कोच लक्ष्मी नारायण साहू के नेतृत्व में नान्देड़, संतारागछि - हुज़ूर साहेब सुपर फास्ट एक्सप्रेस से 25 अगस्त 2026 को सुबह 06 बजे रायपुर पहुंचेंगे।
जहाँ रायपुर रेल्वे स्टेशन में थाई बॉक्सिंग संघ के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों के परिजनों द्वारा छ ग थाई बॉक्सिंग दल का परंपरागत तरीके से स्वागत किया जाएगा।
*छ ग थाई बॉक्सिंग पदक विजेता दल :-*
रायपुर से :-
कु मानसी तांडी - स्वर्ण पदक (U 21yrs, -45kg)
कु पिंकी गुप्ता - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -44kg)
दंतेवाड़ा से :-
कु सोमारी कवासी - स्वर्ण पदक (U 14yrs, -32kg)
कु सुनीता, काँस्य पदक - (U 14yrs, -44kg)
कु लच्छी कोवासी - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -40kg)
कु रामे कवासी - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -52kg)
कु राजकुमारी - स्वर्ण पदक (U 17yrs, -56kg)
*राष्ट्रीय निर्णायक परीक्षा उत्तीर्ण*
दुर्ग से :- विक्की भारती एवँ करण चेलक
अधिकारी गण :- अनीस मेमन (रायपुर), कु टिकेश्वरी साहू (एकलव्य खेल परिसर, जावंगा, गीदम, दंतेवाड़ा), लक्ष्मी नारायण साहू (दुर्ग)।
- -मुख्यमंत्री ने युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का किया विमोचन-हर घर में हो छोटी-सी लाइब्रेरी, पढ़ने की संस्कृति को दें बढ़ावा : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय सभागृह में युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसे सजग करने और सही दिशा दिखाने का भी सशक्त माध्यम है। ‘कोहरा’ जैसे उपन्यास सामाजिक विषयों को विमर्श के केंद्र में लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवा साहित्यकार श्री करुणा सागर पण्डा को उनके उपन्यास के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण विषय पर लेखन के लिए साहस की आवश्यकता होती है। रचनाकार जब समाज की समस्याओं और वास्तविकताओं को अपनी लेखनी का विषय बनाते हैं, तो साहित्य सामाजिक चेतना का माध्यम बनता है।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने देश को अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिए हैं। विनोद कुमार शुक्ल जैसे मूर्धन्य रचनाकार को साहित्य के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ मुक्तिबोध की सृजनभूमि रही है और पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जैसे साहित्यकारों ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के रचनाकार इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और समकालीन विषयों को साहित्य के माध्यम से समाज के सामने ला रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिनेमा और साहित्य ने समय-समय पर समाज के संवेदनशील विषयों को सामने लाने का काम किया है। उन्होंने ‘द केरल स्टोरी’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन और मार्मिक विषयों को उठाने पर मतभेद और विरोध के स्वर भी सामने आते हैं, लेकिन रचनाकार का दायित्व है कि वह अपनी दृष्टि और संवेदना के साथ समाज के सामने विषय रखे। उन्होंने ‘कोहरा’ के लेखक के साहसिक प्रयास की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अच्छी पुस्तकें अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने घरों में छोटी-सी लाइब्रेरी बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घर की समृद्धि केवल उसकी भव्यता में नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें पीढ़ियों के बीच ज्ञान, संस्कार और अनुभव का सेतु बनती हैं। इसलिए हर परिवार को अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का संग्रह अवश्य रखना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए साहित्यकारों और रचनाकारों से इससे प्रभावित लोगों की पीड़ा और संघर्ष को भी अपनी रचनाओं का विषय बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से प्रदेश में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और बस्तर शांति एवं विकास के नए दौर की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की हिंसा में अनेक निर्दोष लोगों ने अपने परिजनों को खोया, बच्चों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हुआ तथा दशकों तक अनेक क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर रहे। नक्सलवाद की इस मानवीय त्रासदी और इसके कारण समाज पर पड़े प्रभावों को भी व्यापक रूप से सामने लाने की आवश्यकता है। साहित्यकार अपनी संवेदनशील लेखनी के माध्यम से उन परिवारों की पीड़ा, संघर्ष और बदलते बस्तर की कहानी को देश-दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री सुनील गंगाराम गर्ग ने कहा कि भारत की संस्कृति विविधता और विशिष्टता के साथ सहअस्तित्व को स्वीकार करती है। उन्होंने श्री करुणा सागर पण्डा की लेखनी की सराहना करते हुए ‘कोहरा’ को समकालीन विषय पर लिखी गई प्रासंगिक कृति बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय विचारों के संवाद का समय है और साहित्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक प्रश्नों पर सार्थक विमर्श पैदा करने वाली रचनाएं समाज को आत्ममंथन का अवसर देती हैं। ‘कोहरा’ भी अपने विषय के माध्यम से पाठकों को विचार करने के लिए प्रेरित करता है।छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने कहा कि ‘कोहरा’ केवल समस्या को सामने नहीं रखता, बल्कि समाधान की दिशा में भी सोचने के लिए प्रेरित करता है। बीबीजे के स्वतंत्र निदेशक श्री जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि नई पीढ़ी को देश की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक वास्तविकताओं से परिचित कराने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है।वरिष्ठ साहित्यकार श्री गिरीश पंकज ने ‘कोहरा’ को साहसिक लेखन का उदाहरण बताते हुए कहा कि रचनाकार को समाज के ज्वलंत प्रश्नों पर अपनी बात रखने का साहस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपन्यास में सामाजिक विषयों के साथ नक्सलवाद की समस्या को भी अभिव्यक्ति दी गई है। साहित्य समाज में वैचारिक चेतना और सकारात्मक प्रतिरोध का स्वर मजबूत करता है।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, श्री जलज कुमार अनुपम सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
- -प्रोफेसर सहित 06 आरोपी गिरफ्तार, 36 घंटे के भीतर पुलिस का बड़ा खुलासारायपुर / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV)) की बी.एस.सी. (कृषि) द्वितीय वर्ष की कीटशास्त्र (एजीसीएच 221) परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना के 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस खुलासे के अनुसार, इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38 वर्ष) है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ले जाने का काम कर रहा था। 17 अगस्त को आरोपी ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। इसके बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र का लिफाफा चुपके से अपने घर ले गया। वहां उसने सुई और नुकीले औजार से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। आरोपी ने यह लीक कंटेंट अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11,000 रुपये में बेचा, जिसके बाद यह प्रश्न पत्र अन्य छात्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गया।20 अगस्त की सुबह परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रश्न पत्र वायरल होने की सूचना मिली। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परीक्षा प्रभारी डॉ. एन. आर. रंगारे की शिकायत पर थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/26 दर्ज किया गया। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (उत्तर जोन) श्री तारकेश्वर पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही के लिए 100 से अधिक पुलिस टीमों का गठन किया गया। रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम और बिलासपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। साइबर विंग ने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया टाइमलाइन का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लिया, जिससे पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।पुलिस ने आरोपियों के पास से नगद राशि 11 हजार रूपए, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण 06 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर,अन्य सामग्रियों में सुई, सुजा और फेविकोल जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5, 10 तथा बीएनएस (BNS) की धारा 316 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। प्रकरण में 02 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। आरोपियों में योगेश सोनकेसरिया (मुख्य आरोपी - प्रोफेसर) निवासी सिवनी (म.प्र.), हाल पता - चंदखुरी, दुर्ग, अजय नायक (छात्र) निवासी बलौदा बाजार, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, त्रिदेव पटेल (छात्र) निवासी महासमुंद, हाल पता - आनंद विहार, दुर्ग, नितिन पाण्डेय (छात्र) निवासी बस्तर, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग, अनुज मिंज (छात्र) निवासी जशपुर, हाल पता - पोटिया चौक, दुर्ग और आदित्य साहू (छात्र) निवासी बालोद, हाल पता - मीनाक्षी नगर, बोरसी, दुर्ग शामिल हैं।
- मरवाही । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना जिले की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही परिवार की जरूरतों में भी सहयोग कर रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम मेढूका निवासी श्रीमती देवेंद्र कुमारी के लिए महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त विशेष खुशियां लेकर आई है। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले योजना की राशि उनके बैंक खाते में पहुंचने से उनके चेहरे पर खुशी की मुस्कान खिल उठी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 30वीं किस्त की राशि उनके खाते में जमा हो गई है, जिसका उपयोग वे रक्षाबंधन पर्व की तैयारियों और राखी की खरीदारी में करेंगी।श्रीमती देवेंद्र कुमारी ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का भी माध्यम बन रही है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करने में सक्षम हो रही हैं और परिवार की खुशियों में भी सहभागी बन रही हैं। रक्षाबंधन जैसे विशेष पर्व से पहले राशि प्राप्त होना उनके लिए किसी विशेष उपहार से कम नहीं है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है और उनके जीवन में नई खुशियां एवं आत्मविश्वास का संचार किया है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर मिलने वाली यह सहायता महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है और परिवार की खुशियों को और बढ़ा देती है।“राखी का रिश्ता, भरोसे का साथकृविष्णु भैया संग विकास की बात।”श्रीमती देवेंद्र कुमारी की यह खुशी महतारी वंदन योजना के उस व्यापक उद्देश्य को साकार करती है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना आज प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के जीवन में भरोसे, सम्मान और खुशियों का नया रंग भर रही है।
- -शहीद राजीव पांडे अवॉर्डी खिलाड़ी लक्की यादव को उप मुख्यमंत्री मंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने दी बधाईमहासमुंद ।उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री अरुण साव के शनिवार को महासमुन्द प्रवास के दौरान कलेक्टर कार्यालय में अध्यक्ष जिला पैरा स्पोर्टस संघ महासमुंद निरंजन साहू एवं जिला पैरा स्पोर्टस खिलाडी लक्की यादव राजीव पाण्डे अवॉर्ड वर्ष 2025-26 राज्य खेल अलंकरण हेतु चयनित होने पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव ने लक्की यादव को बधाई देते हुए सम्मानित किया। अध्यक्ष, जिला पैरा स्पोर्टस संघ द्वारा दिव्यांग पैरा खिलाड़ियों के खेल गतिविधियों में विकास लाने हेतु दिव्यांग एवं सामान्य खिलाडियों के खेल के प्रति राष्ट्रीय भाव उत्पन्न करने हेतु समावेशी खेल एकेडमी (आवासीय एवं गैर आवासीय) संचालन के संबध में मांग पत्र माननीय मंत्री जी को सौंपा गया, जिसमें खिलाडियों का निरंतर अभ्यास, पोषण, आहार व्यवस्था तथा तकनीकी प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सुझाव रखा गया। इस अवसर पर मंत्री श्री साव के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से मांग पत्र पूरी करने हेतु आश्वासन दिया गया। उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव द्वारा खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद द्वारा संचालित खेलों इंडिया तीरंदाजी सेंटर एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग के खिलाड़ियों से मुलाकात व परिचय प्राप्त कर खेल कीट का वितरण कर बधाई एवं आगामी भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर रवि साहू, खेल अधिकारी खेल एवं युवा कल्याण मनोज धृतलहरे, अन्य जिला अधिकारी, प्राचार्य एकलव्य भोरिंग महेंद्र टंडन, एन आई एस तीरंदाजी प्रशिक्षक एवन कुमार साहू, व्यायाम शिक्षक एकलव्य भोरिंग नीलम साहू एवं खेलों इंडिया तीरंदाजी सेंटर के खिलाड़ी उपस्थित रहे।वर्तमान में 60 खिलाड़ी तीरंदाजी अभ्यास करने खेलों इंडिया तीरंदाजी सेंटर एकलव्य भोरिंग में पहुंच रहे हैं।
- -बांध के जलस्तर में 4 सेमी की गिरावट दर्जसक्ती/ बांगो बांध में पानी की आवक कम होने से मिनीमाता बांगो बांध के जलस्तर में 4 सेमी की गिरावट आई है। बांध के जल भराव को नियंत्रित करने के लिए जल द्वारों की कुल ओपनिंग 4.00 मीटर को कम किया जाकर 3.00 मीटर किया गया।वर्तमान में अतिरिक्त पानी की मात्रा को 7 जलद्वारो एवं पावर हाउस के माध्यम से निकाला जा रहा है। अभी बांध का जलस्तर 358.18 मीटर (91.18%) है।पानी का इनफ्लो 20280 cusec एवं आउट फ्लो 25848 cusec है।
- -महतारी वंदन योजना से उर्मिला यादव के परिवार को मिला आर्थिक सहारा- बच्चों के पोषण के साथ बेटी के भविष्य के लिए कर रहीं नियमित बचतरायपुर / छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना परिवारों के लिए मजबूत आर्थिक सहारे का माध्यम बन रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों के पोषण, शिक्षा और बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए भी आर्थिक प्रबंधन कर रही हैं।सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम जमगवां की श्रीमती उर्मिला यादव महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर इस आर्थिक संबल का उपयोग अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। उर्मिला यादव बताती हैं कि योजना के तहत उनके बैंक खाते में प्रतिमाह राशि प्राप्त होती है। इस राशि से वे बच्चों के खान-पान और परिवार की जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग लेती हैं। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से घरेलू खर्चों को व्यवस्थित करने में उन्हें काफी सहूलियत मिली है।महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा उर्मिला यादव अपनी बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए बचत में लगा रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलवाया है, जिसमें वे प्रतिमाह 200 रुपये जमा कर रही हैं। इस तरह योजना से मिलने वाली सहायता उनके परिवार की वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक आधार तैयार करने में भी मददगार बन रही है।उर्मिला यादव का कहना है कि पहले घरेलू जरूरतों के बीच आर्थिक प्रबंधन करना चुनौतीपूर्ण होता था, लेकिन अब हर माह मिलने वाली राशि से उन्हें अतिरिक्त सहारा मिलता है। वे अपनी जरूरतों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर पा रही हैं और बेटी के भविष्य के लिए नियमित बचत भी कर रही हैं।उर्मिला यादव के अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे मिलने वाली आर्थिक सहायता उन्हें परिवार की आर्थिक व्यवस्था में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर दे रही है। महतारी वंदन योजना की राशि से महिलाएं बच्चों के पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और अपनी जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं के लिए भी आर्थिक निर्णय ले पा रही हैं।उर्मिला यादव ने कहा कि योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उनमें आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ाया है। परिवार की जरूरतों के समय यह राशि उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा बनती है और उन्हें बेटी के भविष्य के लिए बचत करने का अवसर भी मिलता है।महतारी वंदन योजना से मिले आर्थिक संबल के लिए श्रीमती उर्मिला यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना की राशि से वे बच्चों के खान-पान और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ अपनी बेटी के भविष्य के लिए भी बचत कर पा रही हैं।उर्मिला यादव की कहानी यह दर्शाती है कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को परिवार की जरूरतों के बेहतर प्रबंधन, बच्चों के पोषण और बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास परिवारों को आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ा रहे हैं।
- -स्थानीय छात्र हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी नहीं होगी बर्दाश्त: श्याम बिहारी जायसवाल-नीट यूजी काउंसलिंग 2026: फर्जी जानकारी देने पर निरस्त होगा प्रवेश, राज्य काउंसलिंग समिति की चेतावनी-मूल दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मानी जाएगी प्रवेश प्रक्रिया पूर्णरायपुर ।छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बच्चों के हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज और MBBS की सीटें बढ़ाने का उद्देश्य ही यही है कि छत्तीसगढ़ के अधिक से अधिक बच्चों को मेडिकल शिक्षा का अवसर मिले।श्री जायसवाल ने कहा है कि डोमिसाइल को लेकर अगर कहीं कोई शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी।व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिनके दस्तावेज सही हैं, उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अगर कहीं नियमों का उल्लंघन या फर्जीवाड़ा पाया गया तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों ने मेहनत की है, उनके भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेज और सीटें बढ़ाना हमारी उपलब्धि है, लेकिन यह सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है कि इसका लाभ पात्र विद्यार्थियों को ही मिले। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होगी।पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी काउंसलिंग, मेरिट और आवंटन की संपूर्ण प्रक्रिया प्रचलित प्रवेश नियमों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से पारदर्शी ढंग से संपादित की जा रही है।छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग समिति ने नीट यूजी प्रवेश वर्ष 2026 की राज्य स्तरीय काउंसलिंग को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2025 के नियम 7 के अनुसार ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया में पंजीयन, प्राथमिकता क्रम का निर्धारण, आवंटन, मूल दस्तावेजों की संवीक्षा एवं प्रवेश की प्रक्रिया शामिल है। पात्रता परीक्षण के दौरान मूल निवासी प्रमाण-पत्र, श्रेणी/संवर्ग संबंधी प्रमाण-पत्र तथा नियमानुसार अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आवंटन के बाद अभ्यर्थी द्वारा आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने और उनके सत्यापन में पात्र पाए जाने के उपरांत ही प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।प्रवेश नियम के नियम 12 में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा झूठी या गलत जानकारी देकर अथवा प्रासंगिक तथ्यों को छिपाकर प्रवेश प्राप्त किया गया हो, या प्रवेश के बाद किसी भी समय यह पाया जाए कि अभ्यर्थी को किसी त्रुटि अथवा चूक के कारण प्रवेश प्राप्त हो गया है, तो नियमानुसार उसका प्रवेश निरस्त किया जा सकता है। मूल निवासी अथवा अन्य दस्तावेजों को लेकर कोई शिकायत या तथ्य सामने आने पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि काउंसलिंग को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। किसी भी शंका, समस्या या शिकायत की स्थिति में अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल पर Candidate Login में उपलब्ध "Candidates Grievances and Query Redressal System" के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, अथवा काउंसलिंग शाखा के ई-मेल **[email protected]* पर संपर्क कर सकते हैं।
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दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से संवर रहा महिलाओं का भविष्य
ई-रिक्शा से आसान हुआ सफर और बढ़ी कमाई, हर महीने हो रहा 10 से 12 हजार रुपये का शुद्ध लाभ
महिला लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, बोलीं ‘विष्णु भैया‘ बढ़ा रहे हमारा मान
बालोद/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। जिले के ग्राम झलमला की सेवती ठाकुर और ग्राम सिवनी की अंजू नेताम इस योजना का लाभ लेकर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
ग्राम झलमला निवासी श्रीमती सेवती ठाकुर श्रम विभाग में पंजीकृत हैं और स्व-सहायता समूह से जुड़कर कैंटीन का संचालन करती हैं। उन्होंने बताया कि पहले कैंटीन के लिए कच्चा माल और खाद्य सामग्रियां बाजार से लाने में काफी दिक्कतों और भारी किराये का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत आर्थिक अनुदान और बैंक ऋण के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। अब वे स्वयं परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिससे प्रतिदिन के किराये की बचत हो रही है और समूह के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सेवती ठाकुर कहती हैं कि “मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह संबल बनकर खड़े हैं। इस मदद के लिए हम अपने विष्णु भैया का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।”
ग्राम सिवनी की श्रीमती अंजू नेताम पहले एक सामान्य गृहिणी थीं। योजना के तहत ई-रिक्शा मिलने के बाद उन्होंने इसे स्वरोजगार का जरिया बनाया। अब वे गांव के स्कूली बच्चों को घर से स्कूल पहुंचाने और ले आने के साथ अन्य स्थानीय परिवहन सेवाएं देती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10,000 से 12,000 रुपये की शुद्ध आमदनी हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अंजू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना का भी नियमित लाभ मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इन योजनाओं ने उनके भीतर नया आत्मविश्वास जगाया है। इन महिलाओं को परिवार की आर्थिक धुरी बना दिया है, जिससे समाज में उनके सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा मिली है। -
बिलासपुर/ स्कूल से लौटते समय नदी पार करने के दौरान तेज बहाव में बहे एक ही परिवार के तीन बच्चों का शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत समडील गांव में शनिवार को घोंघा नदी पार करने के दौरान बहे एक ही परिवार के तीन बच्चों अनमोल जायसवाल (छह), स्तुति जायसवाल (सात) और शिक्षा जायसवाल (सात) के शव बरामद कर लिए गए हैं। तखतपुर थाने के प्रभारी अवनीश पासवान ने बताया कि समडील गांव के एक ही परिवार के चार बच्चे राजेंद्र जायसवाल (14), अनमोल, स्तुति और शिक्षा शनिवार को वहां से दो किलोमीटर दूर नयापारा स्थित डीपी विप्र विद्यालय से शाम चार बजे छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहे थे। पासवान ने बताया कि गांव निवासी भुवनेश्वर जायसवाल की पुत्री स्तुति और पुत्र अनमोल सगे भाई-बहन थे, जबकि शिक्षा भुवेश्वर के भाई विजय जायसवाल की पुत्री थी। वहीं राजेंद्र, जायसवाल परिवार का भांजा है। थाना प्रभारी ने बताया राजेंद्र के पास साइकिल थी जबकि अन्य तीनों बच्चे पैदल ही घर की तरफ बढ़ रहे थे। इस दौरान राजेंद्र ने तीनों बच्चों से कहा कि पुल से जाने के बजाय नदी को पार करते हुए घर जल्दी पहुंचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि राजेंद्र स्वयं भी अपने तीनों भाई-बहनों के साथ घोंघा नदी पैदल ही पार करने लगा, इस दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से तीनों छोटे बच्चे बह गए और उनकी मृत्य हो गई, जबकि राजेंद्र किसी तरह किनारे तक पहुंचने में सफल हो गया। पासवान ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और पुलिस दल ने तत्काल नदी में बच्चों की तलाश शुरू की। वहीं राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि एसडीआरएफ और अन्य दलों ने नदी में खोज अभियान शुरू किया था। अभियान के दौरान बालिका स्तुति का शव शनिवार को देर शाम घटनास्थल से 50 मीटर दूर झाड़ियों से बरामद किया गया। लापता दो अन्य बच्चों की तलाश में एसडीआरएफ ने रातभर अभियान जारी रखा। उन्होंने बताया कि खोज अभियान के दौरान रविवार सुबह दोनों बच्चों (शिक्षा और अनमोल) के शव घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित सूरी घाट से बरामद किए गए। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मुख्यमंत्री साय ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में हुए शामिल
पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट में प्रकृति, संस्कृति, परंपरा और जनसरोकार के विविध रंगों ने खींचा ध्यान
रायपुर/ तस्वीरें बीते हुए समय को वर्तमान से जोड़ती हैं। कभी वे इतिहास का दस्तावेज बनती हैं तो कभी जीवन के भूले-बिसरे पलों को फिर से जीवंत कर देती हैं। राजधानी रायपुर में आज कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी वर्षों पुरानी तस्वीरों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर को एक बार फिर जिया। कहीं पहली बार विधायक बनने की स्मृतियां थीं, तो कहीं गांव, खेत और मिट्टी से जुड़े जीवन की झलक। इस दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने स्वयं कैमरा संभाला और एक फोटो पत्रकार की तस्वीर खींचकर इस अवसर को यादगार बना दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ के समापन समारोह में शामिल हुए। 19 अगस्त से आयोजित इस फेस्ट में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया और फोटो पत्रकारों तथा ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों द्वारा खींची गई तस्वीरों की सराहना की।
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने जब अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी पुरानी तस्वीरें देखीं तो उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां भी ताजा हो गईं। वर्षों पुराने चित्रों को देखते हुए उन्होंने अपने साथ मौजूद लोगों से कई रोचक संस्मरण साझा किए। अपनी पहली बार विधायक बनने के समय की एक तस्वीर देखकर मुख्यमंत्री ने बताया कि उस समय उन्होंने विशेष रूप से सफारी सूट सिलवाया था। इस छोटे से संस्मरण ने वहां मौजूद लोगों के बीच सहज और आत्मीय माहौल बना दिया।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री साय के ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई थीं। हल चलाते हुए अपनी तस्वीर देखकर उन्होंने खेती के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांव और खेती-किसानी से जुड़ी तस्वीरें उन्हें अपनी मिट्टी, खेत-खलिहान और पुराने दिनों की याद दिलाती हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जीवन से जुड़े अपने अनुभव भी फोटो पत्रकारों के साथ साझा किए।
प्रदर्शनी के दौरान एक दिलचस्प क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खुद कैमरा थाम लिया। उन्होंने फोटो पत्रकार की भूमिका निभाते हुए एक फोटो जर्नलिस्ट को कैमरे में कैद किया। आमतौर पर मुख्यमंत्री की गतिविधियों और भाव-भंगिमाओं को अपने कैमरे में दर्ज करने वाले फोटो पत्रकार के सामने इस बार स्वयं मुख्यमंत्री कैमरे के पीछे थे। यह सहज और आत्मीय पल ‘दृश्य संवाद 2026’ के खास आकर्षणों में शामिल रहा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फोटो पत्रकारों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि तस्वीरें केवल किसी घटना या क्षण को दर्ज करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समय, समाज और स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सहेजती हैं। कई बार एक तस्वीर बिना शब्दों के पूरी कहानी कह देती है। फोटो पत्रकार कठिन परिस्थितियों में भी घटनास्थल पर पहुंचकर समाज और इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को कैमरे में दर्ज करते हैं। उनका काम पत्रकारिता का महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पक्ष है।
मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘दृश्य संवाद 2026’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता की रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अनुभवी फोटो पत्रकारों के काम को देखने, समझने और सीखने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी फोटो पत्रकारों, प्रतिभागियों और रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
तस्वीरों में दिखे प्रकृति, संस्कृति और जनसरोकार के विविध रंग
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित पांच दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ में प्रेस फोटो पत्रकारों के साथ ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों की तस्वीरों को भी स्थान दिया गया। प्रकृति एवं पर्यावरण, संस्कृति एवं परंपरा तथा समाचार एवं जनसरोकार सहित विभिन्न विषयों पर प्रदर्शित तस्वीरों ने छत्तीसगढ़ के जीवन, समाज और परिवेश के विविध रंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पांच दिनों के दौरान बड़ी संख्या में पत्रकारों, विद्यार्थियों, फोटोग्राफी प्रेमियों और नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
समापन अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव सुश्री निवेदिता साहू एवं श्री भूपेश जांगड़े उपस्थित थे। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा. फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट के संयोजक श्री दीपक पांडे, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट श्री गोकुल सोनी, श्री प्रदीप डडसेना, श्री राजकुमार चतुर्वेदी, श्री रुपेश यादव, श्री नरेंद्र बंगाले, श्री सुधीर सागर, श्री रमन हलवाई, श्री किशन लोखंडे, श्री मनोज देवांगन, श्री विजय देवांगन, श्री विनय घाड़गे, श्री पंकज चौहान, श्री हीरा मानिकपुरी, श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री हेमंत गोस्वामी, श्री जय गोस्वामी, श्री पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। - -परिजनों को दी सांत्वना, शासन की ओर से पिता मोहम्मद यूनुस 4 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान कियारायपुर। ब्लू वाटर हादसे में मृत युवक मोहम्मद आदिल के मौदहापारा स्थित निवास पर आज रायपुर उत्तर के विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में गहरी संवेदना व्यक्त की।विधायक श्री मिश्रा ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।इस अवसर पर विधायक श्री मिश्रा ने छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मृतक के पिता मोहम्मद यूनुस को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस दौरान रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, रायपुर तहसीलदार श्री राममूर्ति दीवान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- - शोभा मोहता और डॉ. मानसी पत्तेवार महिला सशक्तीकरण व सामाजिक उत्थान के लिए सम्मानित- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ खिलाड़ियों, कई विधाओं के कलाकारों का भी किया गया सम्मानरायपुर। दो दशकों से वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव- वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में कार्य कर रही नोवा नेचर वेलफेयर को महाराष्ट्र मंडल के गौरव अलकंरण सम्मान से नवाजा। बता दें कि नोवा नेचर वेलफेयर की टीमें शहर में सर्पों को पकड़ने और उन्हें बिना हानि पहुंचाए जंगलों में छोड़ने का कार्य करतीं हैं।शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में 30 वर्षों से 20 हजार से अधिक छात्रों, शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुकी शोभा मोहता और गर्भ संस्कार, पेरेटिंग कोचिंग के जरिए गर्भवती माता को मार्गदर्शन देने के लिए लेखिका और डॉ. मानसी पत्तेवार को महिला सशक्तीकरण, समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए वर्तिका क्षीरसागर और आय़ुष्मान कालेले सम्मानित किए गए। संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित इस गरिमामय आयोजन में प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान, डॉ. अंबेडकर स्मृति अस्पताल की सर्वोत्कृष्ठ नर्स का सम्मान भी अश्लेषम, पुणे के सुप्रसिद्ध नाटक ‘जाणता राजा’ में शामिल होने वाले मंडल के कलाकारों, सभासद पाल्य विद्यार्थियों, खेलकूद व अन्य स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों सहित रविवार को जिन सभासदों का जन्मदिन था, को सम्मानित किया गया।इस मौके पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने कहा कि रायपुर जैसे महानगर में अपनी व्यस्त दिनचर्या और कार्यों के बीच समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य महाराष्ट्र मंडल बखूबी कर रहा है। पिछले कुछ समय से जेन-जी, जेन अल्फा जैसे शब्द हमारे जीवन में आए। कुछ दिन पहले दिल्ली में एक प्रदर्शन की रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हुए। इसके बाद सभी ने अपना-अपना तर्क किया। आज यहां बड़ी संख्या में युवा मौजूद हैं, आप सोशल प्लेटफार्म में शेयर होने वाले कंटेट की जांच करें, मंथन करें, फिर उस पर कोई निर्णय करें। उन्होंने युवा साथियों से कहा कि हमें खूब ऊंचा उड़ाना है, खूब आगे जाना है। कई बार लगता है कि माता- पिता हमारे मार्ग में बाधा बन रहे है, लेकिन जिस प्रकार पतंग तब तक आसमान में उड़ती है, जब तक वह डोर से बंधी होती है। डोर छूटने के बाद वह जमीन में गिर जाती है। इसी तरह माता-पिता भी हमारे जिंदगी की डोर हैं, आसमान में उड़ना है, तो उनसे जुड़े रहना ही होगा।विशेष अतिथि की आसंदी से सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेन्द्र लाकपाले ने युवाओं से कहा कि आप नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाएं। आज के जनरेशन की यह बड़ी मांग और जरूरत है। परंतु आपकी सफलता में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से माता- पिता, गुरु, मित्र मंडली की भी बड़ी भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि आप अपनी तुलना किसी और से न करें। आप अपनी तुलना स्वयं से करें कि कल आप क्या थे और आज क्या हैं। क्या मैं इससे बेहतर कर सकता हूं, यह भावना हमेशा अपने अंदर होनी चाहिए। धीरे-धीरे आप में परिवर्तन आएगा और आप एक बेहतरीन इंसान बनने की तरफ बढ़ेंगे।अध्यक्षीय उद्बोधन में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने मंडल की ओर से सन् 1988-89 में शुरू किए गए इस सम्मान समारोह और उसके उद्देश्य की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह बंद कर दिया था। तब महाराष्ट्र मंडल ने बच्चों के सम्मान की परंपरा शुरू की, जो आज तक जारी है। कार्यक्रम का संचालन मंडल सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार ने किया। आभार प्रदर्शन कार्यकारिणी सदस्य परितोष डोनगांवकर ने किया।
- -भारतीय कृषि महाविद्यालय दुर्ग को पेपर लीक मामले में नोटिस जारी-विश्वविद्यालय प्रबंधन की आपात बैठक में परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु अनेक निर्णयरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा पेपर लीक प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए आज रविवार को अवकाश के दिन डाॅ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित आपातकालीन बैठक में अनेक निर्णय लिए गए। बैठक में 20 अगस्त की परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस द्वारा की गई जांच में विश्वविद्यालय द्वारा 07 अगस्त 2026 को आयोजित बी.एस.सी. कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलाॅजी विषय के प्रश्न पत्र को भी अभियुक्त द्वारा लीक किए जाने की जानकारी मिलने पर उस प्रश्न पत्र को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग पर पेपर लीक प्रकरण में परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित न कर पाने हेतु नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करने का फैसला लिया गया तथा उन्हें इस संबंध में नोटिस जारी किया गया। 20 अगस्त के पेपर लीक प्रकरण में रायपुर पुलिस द्वारा भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग के जिन दोषी पाए गए छात्रों को हिरासत में लिए गया है उनके ऊपर भी कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही 20 अगस्त को आयोजित बी.एस.सी. कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलाॅजी प्रश्न पत्र तथा 07 अगस्त को आयोजित प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलाॅजी प्रश्न पत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करने हेतु भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस देने का निर्णय लिया गया है। बैठक में तय किया गया कि दोनों रद्द परीक्षाएं सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएंगी।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कहा गया है कि छात्रों के सुरक्षित भविष्य हेतु परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं तथा परीक्षा प्रणाली को लीक प्रूफ बनाने की कार्यवाही की जा रही है। इसी संबंध में 20 अगस्त के पेपर लीक प्रकरण पश्चात विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2026 को आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड काॅपी के स्थान पर पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के माध्यम से भेजे गए। संबंधित महाविद्यालयों को प्रातः 10 बजे से होने वाले पश्न पत्र का ईमेल प्रातः 9ः30 बजे उपलब्ध कराया गया जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई आशंका न रहे। सोमवार 24 अगस्त को आयोजित होने वाली परीक्षाएं भी इसी प्रक्रिया से संपन्न कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग तथा महाविद्यालयों के परीक्षा हाॅल में सीसी टी वी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता में बढ़ोतरी हेतु आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने पर भी विचार किया जा रहा है।
- - रिमझिम फुहारों के बीच थिरकीं सावन सुंदरियाँ-तोशिबा ठाकुर बनी सावन क्वीन-यातायात, साइबर सुरक्षा पर AIG संजय शर्मा व कैंसर पर डां मीनू केसकर स्त्री रोग विशेषज्ञ ने किया महिलाओं को जागरूकरायपुर। ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था द्वारा आयोजित सावन उत्सव इस वर्ष भी अत्यंत हर्षोल्लास एवं जागरूकता के साथ आज रायपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सावन की बरसाती रिमझिम फुहारों के बीच हुई, जहाँ संस्था की महिला सदस्यों ने रैंप वॉक कर सावन सुंदरियों का अद्भुत अंदाज़ प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की एक और आकर्षक कड़ी रही प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं विभिन्न रोचक खेल, जिनमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। तोशीबा ठाकुर सावन क्वीन चुनी गईं द्वितीय स्थान पर अनामिका दूबे , तीसरे स्थान पर कौशल्या कश्यप रहीं , साथ ही बेस्ट रेट्रो थीम में प्रथम आशा श्रीवास रहीं , रैंप वाक मे मोनिका पाठक दूसरे नंबर पर तथा विनीता शर्मा तीसरे पर रहीं ।सभी प्रतिभागियों ने पूरे कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास से सभी का मन मोह लिया।इस आयोजन की सबसे सार्थक विशेषता रही – यातायात एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र। संस्था ने हमेशा की तरह इस बार भी अपनी महिला सदस्यों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया।इस सत्र के लिए विशेष रूप से आमंत्रित पूर्व एआईजी (यातायात) श्री संजय शर्मा ने अत्यंत रोचक एवं सरल अंदाज़ में महिलाओं को यातायात नियमों की बारीकियाँ समझाईं। साथ ही, बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी देकर उन्हें सजग एवं सुरक्षित बनाने का प्रयास किया।संस्था की अध्यक्षा सुषमा तिवारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सजग एवं सशक्त बनाना है। सावन उत्सव के माध्यम से हमने यह संदेश दिया कि उत्सव और जागरूकता साथ-साथ चल सकते हैं।इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की अध्यक्ष सुषमा तिवारी , संरक्षक अजय शर्मा। सचिव ममता शर्मा कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती अपूर्वा शर्मा , सांस्कृतिक प्रभारी सरिता विश्वकर्मा सहित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।



























