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- -किसानों को वितरण का कार्य लगातार जारी, कृषक अपनी आवश्कतानुसार उचित उर्वरक समूह का चुनाव कर क्रय कर सकते हैं उर्वरकबालोद। जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषि विभाग और जिला प्रशासन द्वारा खाद-उर्वरकों के भंडारण और वितरण की तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चंद्राकर ने बताया कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में 46,300 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र 21,770 मी.टन, कुल 68,070 मीट्रिक टन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसके विरूद्ध 33,164 मीट्रिक टन (72 प्रतिशत), निजी क्षेत्रों में 6,181 मीट्रिक .टन (28 प्रतिशत) उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है एवं जिले में 41,469 मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता है। कृषकों द्वारा अब तक 21,614 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया गया है तथा सहकारी क्षेत्र में 15,107 मीट्रिक टन, निजी क्षेत्र में 2,623 मीट्रिक टन, कुल 17,730 मीट्रिक टन उर्वरक विक्रय केन्द्रों में शेष है। गतवर्ष इसी अवधि में सहकारी क्षेत्रों में उर्वरकों का भण्डारण 23,700 मीट्रिक टन था, इस खरीफ वर्ष में 33,164 मीट्रिक टन है, जो गतवर्ष की तुलना में 9,464 मीट्रिक टन अधिक है। जिले के सभी सहकारी समितियों में समस्त प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण है। जिन समितियों में डी.ए.पी. की मांग अधिक है तथा पूर्ति कम है वहां पर वैकल्पिक उर्वरक के रूप में एन.पी.के. एवं एस.एस.पी. का भण्डारण किया गया है तथा वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। कृषक अपनी आवश्कतानुरूप उचित उर्वरक समूह का चुनाव कर उर्वरक क्रय कर सकते हैं। जिले में उर्वरक भण्डारण एवं वितरण का कार्य लगातार जारी है।
- -निर्धारित समयावधि सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक सभी अधिकारी-कर्मचारी शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का किया निष्ठापूर्वक निर्वहनबालोद । राज्य सरकार द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संजारी में जनसमस्या निवारण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। डौण्डीलोहारा अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि 21 मई को ग्राम संजारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान निर्धारित समयावधि तक अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया गया। उन्होंने बताया कि 21 मई को सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे शिविर स्थल में उपस्थित होकर अपने कार्यों का सुचारू संपादन प्रारंभ कर दिया था। जनसमस्या निवारण शिविर में विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया के अलावा जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चुन्नी मानकर एवं श्रीमती प्रभा मानकर एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस दौरान हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि जनसमस्या निवारण शिविर में पंजीयन कांउटर में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा निर्धारित अवधि दोपहर 03 बजे तक शिविर में उपस्थित आम नागरिकों से मांग, शिकायतों एवं अन्य आवेदन प्राप्त किया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में आम नागरिकों से कुल 352 आवेदन प्राप्त किया गया। श्री बघेल ने बताया कि निर्धारित तिथि 03 बजे के बाद जनसमस्या निवारण शिविर का समापन किया गया। शिविर में कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, उपसंचालक समाज कल्याण विभाग, जिला जनसंपर्क अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि गुरूवार 21 मई को ही गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राहुद में भी जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन होने से कुछ विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के स्थान पर इनके प्रतिनिधि के रूप में संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी शिविर में उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन किया। श्री बघेल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सुबह 10 से दोपहर 03 बजे तक ग्राम संजारी में सफलतापूर्वक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
- -गिरते भू-स्तर को देखते हुए हितग्राहियों से संवाद कर जल संचय के दिए निर्देशबालोद । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी ने शुक्रवार को जिले में ग्रामीण विकास योजनाओ की जमीनी हकीकत जानने बालोद विकासखण्ड के ग्राम जुंगेरा, रानीतराई एवं सांकरा (ज) एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी का सघन दौरा किया। इस दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत निर्मित ट्रेन्च एवं अन्य कार्य, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण अंतर्गत गांवो में स्वच्छता प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्मित कचरा संग्रहण शेड एवं मैजिक पीठ तथा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत लंबित एवं निर्माणाधीन कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने लंबित कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण पूरा कराने को कहा। इसके साथ ही श्री चंद्रवंशी ने ग्रामीणों को अपने ग्रामो को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने हेतु अपील भी की।सीईओ श्री चंद्रवंशी ने गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जल संचय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवासांे एवं अन्य निर्माण कार्यों में जन सहयोग, जन-भागीदारी के माध्यम से रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण अनिवार्य रूप से करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत हितग्राहियों के आवासो के निकट वृक्षारोपण करने प्रोत्साहित करने हुए जल संचय तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस दौरान सहायक परियोजना अधिकारी, मनरेगा, पीएम आवास, एनआरएलएम, एसबीएम एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बालोद, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, विकासखण्ड समन्वयक एवं तकनीकी सहायक, जनपद पचांयत बालोद एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से किया गया लाभान्वितरायपुर / आमजनों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत विकासखंड अभनपुर के ग्राम पंचायत टेकारी में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विधायक अभनपुर श्री इन्द्रकुमार साहू, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री रवि सिंह एवं जनपद सीईओ श्री दीपक ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।शिविर में मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड निर्माण, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, आवास हितग्राहियों को आवास की चाबी वितरण जैसे कार्य किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल एवं ट्राईसाइकिल वितरित की गई।शिविर में कुल 1766 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1201 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अवैध खनन और बिना अनुमति बोर खनन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस क्रम में तहसीलदार प्रकाश साहू के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने पिछले दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध गतिविधियों में संलिप्त 8 वाहनों को जब्त किया।तहसीलदार प्रकाश साहू के। नेतृत्व में बुधवार देर रात लगभग 11 बजे ग्राम बसिया क्षेत्र में बिना अनुमति बोर खनन किए जाने की सूचना पर राजस्व अमले ने दबिश दी। मौके पर अवैध रूप से बोर खनन करते पाए जाने पर दो वाहनों को जब्त कर थाना प्रभारी सिरगिट्टी की सुपुर्दगी में सौंपा गया। इसी प्रकार तिफरा क्षेत्र में अवैध बोर खनन की शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो अन्य बोर मशीनों को जब्त किया। सभी जब्त वाहनों को नियमानुसार सिरगिट्टी थाना के सुपुर्द किया गया है। वहीं खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत निरीक्षण के दौरान मुरूम और गिट्टी का बिना रॉयल्टी परिवहन करते पाए जाने पर चार हाइवा वाहनों को भी जब्त किया गया। इन वाहनों को सिरगिट्टी एवं तोरवा थाना पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया है।राजस्व विभाग की टीम में तहसील कार्यालय के पटवारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन तथा बिना अनुमति बोर खनन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- बिलासपुर / जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाते हुए अवैध रूप से रेत उत्खनन और परिवहन कर रहे 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहनों को जब्त किया।खनिज अमले द्वारा सेलर, चोरहादेवरी, अकलतरी, गढ़वट, सरवनदेवरी, खैरखुंडी, रतनपुर, लोखंडी तथा तुरकाडीह सहित अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सेलर क्षेत्र में खनिज रेत का परिवहन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। वहीं गढ़वट क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा लोखंडी क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहन को जब्त किया गया। जब्त किए गए सभी तीनों वाहनों को पुलिस थाना रतनपुर एवं थाना कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। इन वाहनों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में रेत उत्खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय टास्क फोर्स टीम, जिसमें खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग शामिल हैं, को भी नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
- -अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 02 चैन माउंटेन सील, 03 हाईवा और 04 ट्रैक्टर भी जप्तरायपुर। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप खनिज साधन विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग का मैदानी अमला सक्रियता के साथ निगरानी एवं जांच अभियान संचालित कर रहा है।इसी क्रम में सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 22 मई 2026 को प्रातः महासमुंद जिले में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में 02 चैन माउंटेन मशीनें अवैध रेत उत्खनन में संलग्न पाई गईं। वहीं 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टर रेत परिवहन करते हुए पाए गए।जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन, चैन माउंटेन मशीनों से खनन तथा हाईवा एवं ट्रैक्टरों से परिवहन के संबंध में कोई वैध अनुमति, आदेश, अभिवाहन पास अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस दौरान मौके पर ही अवैध रेत खनन कार्य बंद कराया गया तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत दोनों मशीनों को जप्त कर सील किया गया। आगामी आदेश तक मशीनों को खदान मुंशी के सुपुर्द किया गया है। साथ ही संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी कर तामील कराया गया।इसके अतिरिक्त 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टरों को जप्त कर समीपस्थ पुलिस थाना साकरा की अभिरक्षा में थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- -पुहपुटरा क्लस्टर समाधान शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का भरोसा-पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं जनसमस्याएं-18 ग्राम पंचायतों से प्राप्त 824 आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर संचालित सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रदेश में लगातार समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुहपुटरा क्लस्टर में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर संपन्न हुआ। इस शिविर में क्षेत्र की 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल होकर लाभान्वित हुए। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आमजन से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं, मांगें और सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।समाधान शिविर में ग्रामीणों की ओर से विभिन्न मांगों और समस्याओं से संबंधित कुल 824 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मांग संबंधी आवेदन 770 और शिकायत संबंधी आवेदन 54 शामिल हैं। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी आवेदनों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपते हुए एक निश्चित समयावधि में इनका निराकरण करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एक ऐसी संवेदनशील व्यवस्था विकसित कर रही है, जहाँ नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि गांव स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।समाधान शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं है, बल्कि यह शासन और जनता के बीच के भरोसे को मजबूत करने का माध्यम है। जब सरकार स्वयं चलकर गांव तक पहुँचती है, तो आम नागरिकों में एक नया संतोष और विश्वास पैदा होता है।ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए शिविर में लगभग 26 प्रमुख विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, खाद्य और मनरेगा जैसे विभागों ने यहाँ सक्रिय सहभागिता निभाई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया और गर्भवती माताओं को सुपोषण किट सौंपकर गोदभराई की रस्म संपन्न की गई। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत आयोजित आकांक्षा हाट (बिहान) में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसे अतिथियों और ग्रामीणों की भारी सराहना मिली।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लगभग 50 से अधिक हितग्राहियों को सीधे सामग्री व प्रमाणपत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को नए घर की खुशियों की चाबी और पूर्णता प्रमाण पत्र सौंपे गए। कृषि एवं खाद्य विभाग द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों के लिए आधार और आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु विशेष काउंटर लगाए गए। साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा पात्र वृद्धजनों व दिव्यांगों को पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनप्रतिनिधिगण सहित विभिन्न विभागों के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
- -रजखेता में नवा तरिया निर्माण से जल संरक्षण के साथ 80 से अधिक श्रमिकों को मिला रोजगार-मनरेगा के माध्यम से गांवों में सृजित हो रहे स्थायी जल स्रोत, कृषि और भू-जल स्तर को मिलेगा लाभरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के “मोर गांव-मोर पानी” अभियान के तहत प्रदेशभर में जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रजखेता में मनरेगा के तहत 19.48 लाख रुपये की लागत से नवीन तालाब (नवा तरिया) का निर्माण कराया जा रहा है।कलेक्टर श्रीमती चन्दन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में संचालित यह कार्य जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। तालाब निर्माण से जहां वर्षा जल संचयन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी, वहीं क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार आने के साथ ग्रामीणों को कृषि एवं दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।निर्माण कार्य के माध्यम से 80 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध हुआ है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ मनरेगा के उद्देश्य को भी प्रभावी रूप से साकार किया जा रहा है। प्रदेश में जल संकट से निपटने के लिए ग्राम पंचायतों में डबरी निर्माण, नवीन तालाब निर्माण तथा पुराने तालाबों के गहरीकरण जैसे कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। इन प्रयासों से एक ओर स्थायी जल स्रोत विकसित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सीईओ श्री निजामुद्दीन ने बताया कि शासन की मंशानुरूप जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में मनरेगा कार्यों से जुड़कर जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ की पावन धरती अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन मंदिरों और धार्मिक आस्थाओं के लिए देशभर में विशेष पहचान रखती है। इन्हीं पवित्र स्थलों में एक नाम अत्यंत श्रद्धा और गौरव के साथ लिया जाता है, शिवरीनारायण। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदियों के त्रिवेणी संगम पर बसा यह नगर केवल एक धार्मिक तीर्थ ही नहीं, बल्कि संस्कृति, स्थापत्य कला, इतिहास और पर्यटन का अद्भुत केंद्र भी है। सदियों से यह स्थान वैष्णव परंपरा, रामायणकालीन मान्यताओं और लोक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।शिवरीनारायण का उल्लेख छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान के रूप में किया जाता है। यह नगर विभिन्न राजवंशों की कला, स्थापत्य और धार्मिक परंपराओं को अपने भीतर समेटे हुए है। यहां के मंदिरों की भव्यता, पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और धार्मिक मान्यताएं देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।शिवरीनारायण का संबंध रामायणकालीन घटनाओं से भी माना जाता है। जनश्रुति के अनुसार यह वही पावन भूमि है जहां माता शबरी ने भगवान श्रीराम को प्रेमपूर्वक जूठे बेर खिलाए थे। कहा जाता है कि शबरी की तपोभूमि होने के कारण इस स्थान का नाम शबरीनारायण पड़ा, जो समय के साथ शिवरीनारायण के रूप में प्रसिद्ध हुआ। यहां स्थित शबरी देवी मंदिर आज भी भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र है। इस पावन स्थल की विशेषता यह है कि यहां केवल वैष्णव परंपरा ही नहीं, बल्कि शैव, जैन और बौद्ध संस्कृतियों का भी अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। यही कारण है कि शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एकता और धार्मिक समरसता का जीवंत प्रतीक बन गया है।शिवरीनारायण का सबसे प्रमुख आकर्षण नर नारायण मंदिर है। लगभग बारहवीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण राजा शबर ने करवाया था। मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर की गई सूक्ष्म नक्काशी आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।मंदिर के गर्भगृह में भगवान नारायण की अत्यंत सुंदर प्रतिमा स्थापित है, जो खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थी। इसके समीप लक्ष्मण की प्रतिमा भी स्थापित है। भगवान विष्णु के दस अवतारों, नवग्रहों तथा विभिन्न देवी-देवताओं का अत्यंत आकर्षक चित्रण मंदिर की कला को विशिष्ट बनाता है। प्रवेश द्वार पर गंगा, यमुना और सरस्वती की मूर्तियों के साथ नाग, कच्छप और मगर जैसे प्रतीकों का अंकन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक दर्शन को दर्शाता है। मंदिर परिसर में स्थित स्तंभों पर की गई कलाकारी मध्यकालीन शिल्पकला की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करती है। यही कारण है कि नर नारायण मंदिर इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और कला प्रेमियों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।नर नारायण मंदिर के सामने स्थित केशव नारायण मंदिर भी अपनी भव्यता और प्राचीनता के लिए प्रसिद्ध है। बारहवीं शताब्दी के इस मंदिर में भगवान विष्णु की अत्यंत प्राचीन और दिव्य प्रतिमा स्थापित है। मंदिर की संरचना, स्तंभों पर उकेरी गई चित्रकारी तथा पत्थरों पर की गई नक्काशी इसकी कलात्मक समृद्धि को दर्शाती है। मंदिर में भगवान विष्णु के दशावतारों का सुंदर चित्रण किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल धार्मिक शांति का अनुभव करते हैं, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला की महान परंपरा से भी परिचित होते हैं।भगवान विष्णु के चरणों के समीप जिस स्त्री की प्रतिमा अंकित है, उसे माता शबरी का स्वरूप माना जाता है। पंचरत्न शैली में निर्मित यह मंदिर ईंटों से बना एक सुंदर और प्राचीन मंदिर है। मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर विष्णु के चौबीस अवतारों का चित्रण इसकी धार्मिक महत्ता को दर्शाता है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण और निष्कपट प्रेम का प्रतीक भी है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु माता शबरी की अटूट भक्ति को स्मरण कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।नर नारायण मंदिर के समीप स्थित चंद्रचूड़ महादेव मंदिर शिव भक्ति का प्रमुख केंद्र है। चेदि संवत 919 में निर्मित यह मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है। यहां प्राप्त कलचुरी कालीन शिलालेख इतिहास और संस्कृति के शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण स्रोत हैं। वहीं वर्ष 1927 में निर्मित जगन्नाथ मंदिर अपनी विशिष्ट संरचना और धार्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के समीप स्थित विशाल वटवृक्ष को ‘कल्पवट’ या ‘माधव कटोरा’ कहा जाता है। इसकी विशेषता यह है कि इसके पत्ते दोने के आकार के दिखाई देते हैं। माघ पूर्णिमा के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जो लगभग पंद्रह दिनों तक चलता है। इस दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।शिवरीनारायण की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है यहां का त्रिवेणी संगम। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदियों का संगम इस नगर को आध्यात्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से विशेष महत्व प्रदान करता है। संगम का स्वच्छ और शांत वातावरण पर्यटकों को अत्यंत आकर्षित करता है। नदियों के किनारे फैले खेत, हरियाली और शांत परिवेश प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। सूर्याेदय और सूर्यास्त के समय संगम का दृश्य अत्यंत मनोहारी दिखाई देता है। धार्मिक स्नान, पूजा-अर्चना और नौकायन जैसी गतिविधियां यहां के पर्यटन को और अधिक आकर्षक बनाती हैं।शिवरीनारायण में स्थित लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का मंदिर है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण सिरपुर के सोमवंशी राजाओं ने करवाया था। मंदिर में प्राप्त शिलालेखों में तत्कालीन शासकों का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक बढ़ाते हैं। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित अद्भुत शिवलिंग को लेकर अनेक धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। लोककथाओं के अनुसार लंका विजय के बाद अयोध्या लौटते समय लक्ष्मण किसी रोग से पीड़ित हो गए थे। तब उन्होंने यहां भगवान शंकर की आराधना कर सवा लाख शिवलिंग स्थापित किए और रोगमुक्त हुए। आज भी श्रद्धालु यहां सवा लाख चावल के दाने अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। महाशिवरात्रि और अन्य पर्वों के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होते हैं।शिवरीनारायण के आसपास का प्राचीन शिव मंदिर भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां भगवान शिव की विशाल प्रतिमा की पूजा ‘दूल्हादेव’ के रूप में की जाती है। शिव के साथ शक्ति और कंकालिन देवी की पूजा ग्राम देवी के रूप में होती है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में स्थित अनेक छोटे-बड़े मंदिर और ऐतिहासिक स्थल इस पूरे क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं रखते हैं।शिवरीनारायण केवल धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन विकास का भी महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, परिवहन और रोजगार को नई गति मिलती है। धार्मिक मेलों और उत्सवों के दौरान क्षेत्र की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलती है, जिससे लोककला और लोकसंस्कृति को भी संरक्षण मिलता है।शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक आस्था और स्थापत्य वैभव का अद्भुत संगम है। यहां की प्राचीन परंपराएं, मंदिरों की भव्यता, त्रिवेणी संगम का शांत वातावरण और रामायणकालीन मान्यताएं इस स्थल को विशेष बनाती हैं। यह केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और अध्यात्म की जीवंत विरासत है। शिवरीनारायण आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा, ऐतिहासिक गौरव और प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता। यही कारण है कि शिवरीनारायण आज भी छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।
- -आधुनिक पोर्टेबल मशीन से मौके पर ही हुए 109 एक्स-रे, ग्राम पंचायत को मिला टीबी मुक्त का प्रमाण पत्ररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल के तहत बस्तर के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुगमता से पहुंच रही हैं। इसी कड़ी में बस्तर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम भेजा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता और अभूतपूर्व कार्यप्रणाली देखने को मिली। इस विशेष शिविर में भेजा सहित आस-पास के दूर-दराज के गांवों से आए कुल 231 ग्रामीणों का विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक स्क्रीनिंग की गई।सुदूर आदिवासी अंचल के मरीजों को बड़ी राहत देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में अत्याधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इस आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए 109 ग्रामीणों का मौके पर ही एक्स-रे स्थल पर ही स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस त्वरित व्यवस्था के कारण स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों को एक बुनियादी जांच के लिए मीलों दूर शहर जाने की परेशानी और आर्थिक बोझ से पूरी तरह निजात मिल गई।शिविर में केवल इलाज ही नहीं किया गया, बल्कि ग्रामीणों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए गए।लोक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिविर में पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। शिविर में उपस्थित आमजनों को शासन की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया।इस सुशासन शिविर में बस्तर के स्वास्थ्य इतिहास में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। क्षेत्र को क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में किए गए बेहतरीन प्रयासों के लिए ग्राम पंचायत भेजा को श्टीबी मुक्त ग्राम पंचायतश् का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा गया। यह शिविर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि राज्य सरकार वनांचल के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- -संस्कृति विभाग का कला प्रशिक्षण शिविर 25 मई से-देशज और लोक कलाओं से जुड़ने का सुनहरा अवसर, दो पालियों में होगा प्रशिक्षण, पंजीयन प्रक्रिया शुरूरायपुर । छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा पारंपरिक शिल्प एवं लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह बहुप्रतीक्षित प्रशिक्षण शिविर 25 मई से 09 जून 2026 तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर (सिविल लाइन, रायपुर) में आयोजन किया जाएगा। शिविर में भाग लेने के लिए पंजीयन प्रक्रिया 21 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है।यह शिविर प्रदेश के कला प्रेमियों, युवाओं और प्रशिक्षुओं के लिए एक अनूठा मंच साबित होगा, जहां उन्हें देश के अनुभवी कला गुरुओं के मार्गदर्शन में पारंपरिक और आधुनिक विधाओं को सीखने का अवसर मिलेगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य विलुप्त होती लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प को सहेजना और उन्हें नई पहचान दिलाना है।दो पालियों में प्रशिक्षण और पंजीयन की जानकारी- प्रतिभागियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन प्रतिदिन दो पालियों में किया जाएगा। प्रथम सत्र सुबह 7 बजे से 10 बजे तक और द्वितीय सत्र संध्या 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक आयोजित की जाएगी। शिविर में भाग लेने के लिए पंजीयन प्रक्रिया 21 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक प्रतिभागी महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, सिविल लाइन रायपुर में जाकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।“आकार-2026” में पारंपरिक विधाओं के साथ-साथ आधुनिक रचनात्मकता का बेहतरीन संयोजन देखने को मिलेगा। इस बार शिविर में ए.आई. आधारित कला प्रशिक्षण को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। शिविर में प्रदेश और देश के ख्यातिप्राप्त कला विशेषज्ञ एवं पारंगत गुरु प्रशिक्षण देंगे।शिल्प और मूर्तिकला के रूप में क्ले एवं टेक्सचर आर्ट, जूट शिल्प, टेराकोटा, लिप्पन आर्ट, रजवार भित्ति चित्र कला और वुडन ट्राइबल आर्ट, चित्रकला और पारंपरिक कलाएं के रूप में मंडला एवं मांडना आर्ट, गोदना शिल्प, पेंटिंग, पचवाई आर्ट और छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गहने निर्माण की कला सिखाई जाएगी। संगीत, नृत्य और अन्य भरथरी गायन, कथक नृत्य, लोकसंगीत एवं लोकनृत्य, हस्त कढ़ाई कला, बोनसाई आर्ट और शिल्प डिजाइनिंग भी सीखाई जाएगी।शिविर में केवल प्रशिक्षण ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि समापन के अवसर पर सभी प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई खूबसूरत कलाकृतियों की एक भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी, इससे प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा को सबके सामने प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को संस्कृति विभाग द्वारा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।शिविर का पंजीयन शुल्क मात्र 100 रूपए निर्धारित किया गया है। सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने के लिए दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट दी जाएगी, ताकि समाज के हर वर्ग की प्रतिभाएं इस सांस्कृतिक पहल का हिस्सा बन सकें। शिविर से संबंधित विस्तृत जानकारी या आवेदन प्रारूप डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। वेबसाइट:cgculture.in ई-मेल: [email protected], कार्यालय का पता-संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, सेक्टर 27 व्यावसायिक परिसर, द्वितीय तल, नवा रायपुर अटल नगर। हेल्पलाइन नंबर (कार्यालयीन समय में) 0771-2995629, 2534704, मोबाइल नंबर 98271-55547, 95757-41888 पर संपर्क कर जानकारी हासिल की जा सकती है।
- -महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों सहित पूर्व अधिष्ठाताओं एवं पूर्व छात्रों का किया गया सम्मान-वार्षिकोत्सव और छात्र संघ शपथ ग्रहण भी आयोजित-आकर्षक एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समांरायपुर । कृषि महाविद्यालय रायपुर के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक तथा अविस्मरणीय रहा जब यहां इतिहास, वर्तमान एवं भविष्य का संगम देखने को मिला। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिवार की तीन पीढ़ियां एकत्र हुई जिनमें कृषि महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता एवं प्राध्यापक, वर्तमान कुलपति, कुलसचिव एवं प्राध्यापकगण और वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थी सम्मिलित थे। इस अवसर पर महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव समारोह, छात्र संघ शपथ ग्रहण, पूर्व अधिष्ठाता सम्मान तथा पूर्व छात्र सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया जिसके तहत महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के खास मुकाम हासिल करने वाले भूतपूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय के सात पूर्व अधिष्ठाताओं और इसी महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति, कुलसचिव तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का भी सम्मान किया गया। सम्मान समारोह के पश्चात आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह में कृषि महाविद्यालय, रायपुर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक रंगा-रंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शक-दीर्घा का मन मोह लिया।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषक सभागार में आज दोपहर आयोजित स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे। डॉ. चंदेल ने इस अवसर पर नवगठित छात्र संघ के पदाधिकारियों को पद सन्निष्ठा एवं अनुशासन की शपथ दिलाई। एम.एससी. कृषि सांख्यिकी विभाग की छात्रा पुण्य श्री ने अध्यक्ष तथा बी.एससी. चतुर्थ वर्ष की छात्रा अनुष्का चौरसिया ने उपाध्यक्ष पद की शपथ ली। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय, रायपुर विश्वविद्यालय से भी पुराना एवं ऐतिहासिक संस्थान है, जिसने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश को अनेक उत्कृष्ट कृषि विशेषज्ञ एवं प्रशासक दिए हैं। समारोह में महाविद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. आरती गुहे ने महाविद्यालय के 66 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा, उपलब्धियों एवं स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कृषि नेतृत्व गढ़ने वाली एक सशक्त परंपरा है।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रथम बैच के पूर्व विद्यार्थियों एवं सेवानिवृत्त प्राध्यापकों डॉ. एम.आर.एच. सिद्धीकी, डॉ. आर.के. साहू एवं डॉ. वी.एन. साहू को सम्मानित किया गया। साथ ही पूर्व अधिष्ठाताओं डॉ. एस.एस. बघेल, डॉ. एम.एन. श्रीवास्तव, डॉ. ओ.पी. कश्यप, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. एम.पी. ठाकुर, डॉ. के.एल. नंदेहा एवं डॉ. जी.के. दास को उनके शैक्षणिक एवं अनुसंधान योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले पूर्व छात्रों का सम्मान भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। सम्मानित पूर्व छात्रों में श्री अनिल कुशवाहा (सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक), श्रीमती गोपिका गबेल (संयुक्त संचालक कृषि एवं महाविद्यालय की प्रथम महिला छात्रा), श्री के.आर. बढ़ई (मुख्य वन संरक्षक), श्री मनमोहन सिंह (उद्यमी), श्री हर्ष चंद्राकर (प्रगतिशील कृषक), श्री आर.के. कश्यप (संयुक्त संचालक कृषि) एवं श्री यशवंत केराम (कुलसचिव, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग) शामिल थे। महाविद्यालय पूर्व छात्र श्री अनिल कुशवाहा एवं श्री के.आर. बढ़ई ने अपने प्रेरक अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समर्पण एवं निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टूटेजा भी इसी महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र रहे हैं अतः इस अवसर पर उनको भी सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि कृषि महाविद्यालय रायपुर की स्थापना 22 मई 1961 को हुई थी। शुरूआत में यह महाविद्यालय कवर्धा बाड़ा बैरन बाजार में लगता था। वर्तमान भवन में यह महाविद्यालय वर्ष 1964 से संचालित किया जा रहा है। प्रारंभिक दौर में यह महाविद्यालय डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के अंतर्गत संचालित था जो वर्ष 1964 में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और उसके पश्चात 20 जनवरी 1987 से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत संचालित हो रहा है।
- -अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता, समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समय-सीमा का दिया अल्टीमेटमरायपुर ।छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को सरगुजा जिले में आमजन से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की। जिला पंचायत अंबिकापुर के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सड़क, बिजली, पेयजल, जलनिकासी, सफाई व्यवस्था तथा शहरी अधोसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को हिदायत दी कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक अमला पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।बैठक में मंत्री श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मानसून पूर्व सभी आवश्यक निर्माण, मरम्मत एवं सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त श्री डी.एन. कश्यप सहित लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।जिले की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने बिजली कटौती, ट्रांसफार्मर सुधार और लो-वोल्टेज की स्थिति की जानकारी ली और निम्नलिखित निर्देश दिए। अंबिकापुर शहर में प्रस्तावित 05 नए सब-स्टेशनों के लिए नगर निगम को अग्रिम आधिपत्य (भूमि आवंटन) की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया। साथ ही अन्य प्रस्तावित सब-स्टेशनों के प्राक्कलन शीघ्र स्वीकृति हेतु भेजने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के शेष हितग्राहियों की पंचायतवार सूची तैयार कर सरपंच-सचिवों को उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को समय पर लाभ मिल सके। बारिश और गर्मी के मौसम को देखते हुए विद्युत विभाग की आपातकालीन टीमों को 24X7 सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।सड़क व्यवस्था पर विशेष फोकस करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने दोटूक कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को शहर की प्रमुख सड़कों के मरम्मत एवं सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से महामाया चौक से बंगाली चौक तक सड़कों के गड्ढे तत्काल भरने को कहा गया। मनेन्द्रगढ़ रोड स्थित पीजी कॉलेज ग्राउंड के सामने होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु नगर निगम और एनएच को समन्वय बनाकर सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। लोक निर्माण विभाग को सिविल लाइन क्षेत्र में नए शासकीय आवास निर्माण हेतु स्थल निरीक्षण करने तथा शहर के जर्जर शासकीय भवनों को हटाकर वहां नए आवास विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज के शेष निर्माण कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया।पेयजल, सफाई, स्ट्रीट लाइट और जलनिकासी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने आगामी मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम को आपदा प्रबंधन के तहत व्यापक तैयारी करने के निर्देश दिए गए। नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को समय से पहले दुरुस्त किया जाए ताकि गंदा पानी सड़कों पर न फैले। शहर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू करने के निर्देश दिए गए। श्री अग्रवाल ने शहर के शासकीय भूखंडों पर किए गए अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई करने तथा किराया न देने वाले दुकानदारों से नियमित राजस्व वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया।
- -नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर.संगीता ने किया बिलासपुर का दौरा-दिन में समीक्षा बैठक और दोपहर से शाम तक प्रोजेक्ट का निरीक्षण-राजस्व वसूली को प्राथमिकता में रखें,बकाया राशि को वसूलने दिसंबर तक डेडलाइन-कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के निर्देश,निर्माणाधीन कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश-कोई भी नाला-नाली जाम ना हों,स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें-स्वच्छता दीदी और पीएम आवास के हितग्राहियों से की संवादबिलासपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नवनियुक्त सचिव श्रीमती आर.संगीता अपने पहले दौरे में बिलासपुर पहुंची। इस दौरान सचिव श्रीमती आर.संगीता ने सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे तक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में नगर निगम के कार्यों कि समीक्षा की उसके बाद दोपहर 3.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया।तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में नगर निगम के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव श्रीमती संगीता ने बिंदुवार योजना तथा विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सचिव श्रीमती आर.संगीता ने कहा कि राजस्व किसी भी निकाय की आधारशिला है,इसे प्राथमिकता में रखें और शत प्रतिशत वसूली करें,पिछले वित्तीय वर्ष के बकाया राशि 15 करोड़ की वसूली के लिए उन्होंने नगर निगम को दिसंबर 2026 तक डेडलाइन दिया है। उन्होंने कहा कि नियमित और प्लेसमेंट समेत सभी कर्मचारियों का वेतन किसी भी सूरत में माह के प्रथम सप्ताह में हो जाना चाहिए। समीक्षा के दौरान सचिव श्रीमती आर.संगीता ने विकास कार्यों के लिए जारी किए जाने वाले टेंडर प्रक्रिया की देरी पर भी अधिकारियों से सवाल पूछें,सचिव ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक देरी ना हों और टेंडर जारी करने के बाद मियाद खत्म होते ही ठेका पाने वाले ठेकेदार से अनुबंध कर शीघ्र कार्य प्रारंभ कराएं ताकि प्रोजेक्ट में देरी ना हो। सचिव श्रीमती आर.संगीता ने टेंडर में लगने वाले अत्यधिक समय समेत अन्य पहलुओं का विश्लेषण कर प्रक्रिया को तेज गति से करने के लिए योजना तैयार करने की बात कही। निर्माणाधीन तथा अधूरे कार्यों को समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए ताकि उसका लाभ नागरिकों को मिल सकें। सचिव श्रीमती आर.संगीता ने पीएम ई बस सेवा के तहत मिलने वाले बसों के शीघ्र पहुंचने की उम्मीद जताई तथा कोनी में निर्माणाधीन चार्जिंग स्टेशन समेत डिपो को एक महीने के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए है। मधुबन में एजुकेशन हब के प्रथम चरण के तहत बन रहे नालंदा परिसर और एकेडमिक ब्लाॅक को तेज गति से समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट से कई जिन्दगियां संवरेंगी।पीएम आवास योजना के बीएलएसी घटक के तहत अप्रारंभ आवास निर्माण को लेकर अधिकारियों से कहा कि वें हितग्राहियों से मिलकर उन्हें तत्काल कार्य शुरू कराने के लिए प्रेरित करें। निगम द्वारा नियुक्त वार्ड नोडल ऑफिसर से सचिव ने कहा कि अपने प्रभार के वार्डों को आदर्श वार्ड बनाने पर कार्य करें,जहां सड़क पानी, बिजली और सफाई उत्कृष्ट रहें,ऐसे वार्ड और नोडल ऑफिसर को सम्मानित किया जाएगा। सचिव श्रीमती आर.संगीता ने स्वच्छता को विशेष ध्यान में रखते हुए कचरा सभी घरों से एकत्रित हों,सड़क समेत सार्वजनिक स्थान तथा सार्वजनिक सार्वजनिक शौचालय साफ रहें,इसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। सचिव श्रीमती आर.संगीता ने पीएम स्वनिधि,पीएम आवास,पेंशन समेत सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों को निर्बाध रूप से मिलें इसे भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। आज बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल,निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे,सूडा सीईओ श्री शशांक पाण्डेय,अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य,निगम के अपर आयुक्त श्री खजांची कुम्हार समेत सभी अधिकारी,इंजीनियर और जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित रहें।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर. संगीता ने समीक्षा बैठक के बाद दोपहर 3.30 बजे से निगम के प्रोजेक्ट समेत शहर का दौरा शुरू किया जो 6.30 बजे तक चला। सबसे पहले सचिव श्रीमती संगीता स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पहुंची और वहां संचालित स्पोर्ट्स के विभिन्न एक्टिविटी को जायजा लिया। उसके बाद सचिव ने कोनी में निर्माणाधीन सिटी बस चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण कर एक माह के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बस डिपो के बाजू में स्थित आकांक्षीय शौचालय को देखने पहुंची सचिव श्रीमती आर.संगीता ने शौचालय में खामियों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जल्द सुधार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सचिव ने कछार स्थित साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का भी अवलोकन किया,इस दौरान में कचरा निपटान प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए कहा कि कोई भी घर ना छूंटे सभी घरों से कचरा एकत्रित करें और जो नहीं देता उन्हें समझाएं। उसके बाद अमृत मिशन के बिरकोना स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी सचिव ने जायजा लिया। खमतराई स्थित पीएम आवास का सचिव श्रीमती आर.संगीता ने निरीक्षण किया इस दौरान आवास में साफ-सफाई के लिए निगम और रहवासियों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए।अपने दौरे के अंतिम पड़ाव में सचिव श्रीमती आर.संगीता मोपका गौठान स्थित एसआरएलएम सेंटर पहुंची,जहां उपस्थित स्वच्छता दीदीयों से सचिव श्रीमती संगीता ने संवाद किया। इस दौरान सचिव श्रीमती संगीता ने उपस्थित स्वच्छता दीदियों से कहा कि अस्वच्छता के खिलाफ इस जंग में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण हैं,गीला-सूखा कचरा अलग करें,शत प्रतिशत घरों से कचरा एकत्रित करें,लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें तथा सामूहिक एकता बनाएं रखें और अपने समूह का विकास करें। सचिव ने दीदियों से कहा कि मातृ शक्तियों में अद्भुत क्षमता और योग्यता होती है इसलिए आप सभी से अपील है कि स्वच्छता में क्रांति लाए और अपने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। इसके अलावा दीदियों से संवाद के दौरान कार्य में आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा की गई। संवाद के दौरान समूह की महिलाओं ने खुद से तैयार किए गए उत्पाद सचिव श्रीमती आर संगीता को भेंट किया। इससे पूर्व सचिव श्रीमती आर संगीता ने निर्माण शुरू नहीं या अधूरा छोड़ने वाले पीएम आवास के बीएलसी हितग्राहियों से संवाद कर काम जल्द शुरू करने की अपील की।
- महासमुंद/ राज्य शासन की मंशा के अनुरूप खनिज साधन विभाग द्वारा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग का मैदानी अमला सक्रियता के साथ निगरानी एवं जांच अभियान संचालित कर रहा है।इसी क्रम में सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 22 मई 2026 को प्रातः महासमुंद जिले में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में 02 चैन माउंटेन मशीनें अवैध रेत उत्खनन में संलग्न पाई गईं। वहीं 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टर रेत परिवहन करते हुए पाए गए।जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन, चैन माउंटेन मशीनों से खनन तथा हाईवा एवं ट्रैक्टरों से परिवहन के संबंध में कोई वैध अनुमति, आदेश, अभिवाहन पास अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।इस दौरान मौके पर ही अवैध रेत खनन कार्य बंद कराया गया तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत दोनों मशीनों को जप्त कर सील किया गया। आगामी आदेश तक मशीनों को खदान मुंशी के सुपुर्द किया गया है। साथ ही संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी कर तामील कराया गया।इसके अतिरिक्त 03 हाईवा एवं 04 ट्रैक्टरों को जप्त कर समीपस्थ पुलिस थाना साकरा की अभिरक्षा में थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- -रेत और चूना पत्थर के अवैध उत्खनन और परिवहन का मामलारायपुर। रायगढ़ जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत और चूना पत्थर के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त किया है। कलेक्टर के निर्देश और खनिज अधिकारी के नेतृत्व में खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक दबिश देकर कार्रवाई की।कार्रवाई के दौरान कारीछापर निवासी विजय पटेल का एक वाहन अवैध रूप से रेत परिवहन करते पकड़ा गया। वहीं रानीगुड़ा रेत खदान क्षेत्र में अवैध उत्खनन में लगी देवरी पंचायत निवासी रोशन साहू की चैन माउंटेन मशीन भी जब्त की गई। इसी तरह खरसिया मार्ग स्थित जगदंबा शोरूम के पास चंद्रपुर निवासी टाइगर अग्रवाल का वाहन बिना वैध रॉयल्टी पर्ची के चूना पत्थर का परिवहन करते पाया गया। खनिज विभाग ने बताया कि सभी वाहन बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन में लगे थे। सभी मामलों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक और चालानी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिज माफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
- रायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खाद और बीज वितरण व्यवस्था की जांच के दौरान एफसीओ नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने दो निजी कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने गुरुवार को सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।उर्वरक निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, मायाशंकर जोल्हे और जुगेश्वर पटेल ने विकासखंड सारंगढ़ अंतर्गत सेवा सहकारी समिति कोसीर, साहू कृषि केन्द्र मल्दा-अ, गीता ट्रेडर्स, चन्द्रा कृषि केन्द्र जशपुर और दिलीप ट्रेडर्स हरदी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एफसीओ के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर दिलीप ट्रेडर्स हरदी और साहू कृषि केन्द्र मल्दा-अ को नोटिस जारी किया गया।
- रायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर ने शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले बिलाईगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत परसापाली के सचिव सुदर्शन हिरवानी को निलंबित कर दिया है। निलंबन की यह कार्रवाई धरती आबा शिविर के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सचिव के खिलाफ गंभीर शिकायतें की थी।शिविर में सरपंच और पंचों ने बताया कि सचिव नियमित रूप से पंचायत कार्यालय नहीं आते, आम लोगों के आवेदन नहीं लेते तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन जैसे जरूरी कार्य भी लंबित रखे जाते हैं। शासकीय कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया गया। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
- -स्वामित्व योजना के पट्टे वितरित कर ग्रामीणों को दिया वैधानिक अधिकार, बिहान समूह की महिलाओं से आजीविका गतिविधियों की ली जानकारीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को सुशासन तिहार के अंतर्गत आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी पहुंचकर ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने चौपाल कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को पट्टे वितरित कर उन्हें वैधानिक अधिकार प्रदान किए, वहीं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित आजीविका सेवा केंद्र का निरीक्षण कर महिलाओं की आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीणों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से आबादी भूमि और संपत्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को अपनी जमीन और मकान पर कानूनी अधिकार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल पट्टा वितरण नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलने से ग्रामीणों को बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज सहजता से उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों में रहने वाले प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत छह हितग्राहियों को पट्टे वितरित किए। पट्टा प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद उन्हें अपनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिला है, जिससे भविष्य अधिक सुरक्षित हुआ है और योजनाओं का लाभ प्राप्त करना आसान होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके बाद ग्राम कोसरंगी में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत संचालित आजीविका सेवा केंद्र का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं से आत्मीय संवाद करते हुए केंद्र की गतिविधियों, आय-व्यय तथा रोजगार सृजन से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।समूह की अध्यक्ष श्रीमती गीता वर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि केंद्र में हल्दी-मिर्ची प्रसंस्करण, गेहूं पिसाई, धान बीज क्रय-विक्रय सहित विभिन्न ग्रामीण आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे समूहों को नियमित आय प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिहान जैसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही हैं। उन्होंने समूह की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए आजीविका गतिविधियों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि सरकार जनता के हित और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -राजधानी रायपुर को मिली बड़ी सौगात, लाखों लोगों को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहतरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित किया। साथ ही 22.79 करोड़ रुपये की लागत से बने शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह ओवरब्रिज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कचना रेलवे फाटक में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ओवरब्रिज के शुरू होने से अब लोगों को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुविधा मिलेगी। इससे विशेष रूप से कचना, खम्हारडीह एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क निधि योजना के अंतर्गत इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए खुशी का दिन है। जनता की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है। अब यहां ट्रैफिक जाम और वाहनों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे कार्यालय, स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों के साथ-साथ व्यापारी एवं व्यवसायियों को भी बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त निधि के माध्यम से इस ओवरब्रिज का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के लिए बधाई दी।उल्लेखनीय है कि इस ब्रिज की लंबाई 787 मीटर एवं चौड़ाई 13 मीटर है तथा 48.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस ओवरब्रिज के बनने से रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा समय की बचत भी होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क, पुल और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने निर्माण कार्य में जुड़े अधिकारियों एवं एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने के साथ ही सीधे लोगों के बीच जाकर योजनाओं और विकास कार्यों का फीडबैक भी ले रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। वे स्वयं अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि लोग शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन अब नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। नियद नेल्लानार 2.0 के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। अब तक 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है तथा 55 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है और उसी के अनुरूप सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि कचना क्षेत्र में लगभग 25 बड़ी कॉलोनियां स्थित हैं और यह रेलवे ओवरब्रिज इन सभी कॉलोनियों को रायपुर शहर से बेहतर तरीके से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी साबित होगा। उन्होंने कहा कि कचना का यह ओवरब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि रायपुर और कचना को जोड़ने वाली जीवनरेखा है। इससे न केवल कचना और आसपास के रहवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी यातायात में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।श्री साव ने कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। पहली बार लोक निर्माण विभाग को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिली है। राज्य सरकार के गठन के बाद रिकॉर्ड संख्या में पुलों का निर्माण किया गया है। यातायात को सुगम बनाने और प्रदेशभर में सड़कों का जाल बिछाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार द्रुतगामी सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे गांवों तक भी सड़क पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है, जहां आज तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है।इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, पार्षद श्रीमती पुष्पा साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- -’सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राही से किया संवाद’रायपुर । प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। इस योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही श्रीमती अनीता निषाद से संवाद किया। आवास श्रीमती निषाद की सास श्रीमती सुकलहीन निषाद के नाम से स्वीकृत हुआ है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश और मौसम की मार के कारण घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें कुछ समय तक आंगनबाड़ी केंद्र में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। उन्होंने कहा कि अब बारिश और अन्य मौसम की चिंता नहीं रहती तथा बच्चों के लिए भी बेहतर वातावरण मिला है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नया जीवन और नई उम्मीद दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है ताकि कोई भी परिवार असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर न हो।
- -आमजनों के हितों के लिए सरकार प्रतिबद्ध : अरुण सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा बेमेतरा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव आज बेरला विकासखण्ड के आनंदगांव में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जन समस्या निवारण शिविर में कहा कि लोगों को अपने जायज कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, यह प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशीलता एवं सुशासन सरकार की कार्यशैली का प्रमुख आधार है तथा आमजनों के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने राजस्व, पेयजल, सड़क, बिजली तथा विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हर आवेदन को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण किया जाए।शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश में चौमुखी विकास हो रहा है। सरकार द्वारा जनता के हित में लगातार बड़े निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू ने कहा कि सरकार जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने और उनका निराकरण करने का कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत नोनी सुरक्षा योजना के तहत 5 बालिकाओं को पंजीयन पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा 8 गर्भवती माताओं की गोदभराई तथा 5 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत 3 हितग्राहियों को सुपोषण किट वितरित की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास पूर्ण होने पर 5 हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने हाई स्कूल उपकेंद्र परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दौर में पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है तथा यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए बीज पुंसवन अभियान का शुभारंभ किया। इस विशेष बीज पुंसवन को मिट्टी, गोबर एवं गोमूत्र के मिश्रण से तैयार किया गया है, जिसके भीतर बीज रखा गया है। बरसात के मौसम में इसे लगाने पर पौधा अंकुरित होगा। इस पहल से व्यापक स्तर पर पौधारोपण को बढ़ावा मिलेगा।बेमेतरा की कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई, एसएसपी श्री रामकृष्ण साहू, छत्तीसगढ़ विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक और जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान गोश्वारा क्षेत्र में विभिन्न विभागों के अंतर्गत कुल 18 करोड़ 65 लाख 07 हजार रुपए की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग अंतर्गत 46.22 लाख रुपए की लागत से निर्मित 3 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत 12 करोड़ 87 लाख 80 हजार रुपए की लागत से निर्मित एक कार्य का लोकार्पण किया गया।इसी प्रकार जनपद पंचायत बेरला अंतर्गत 4 करोड़ 53 लाख 54 हजार रुपए की लागत से 4 कार्यों का भूमिपूजन तथा 77.51 लाख रुपए की लागत से 4 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इस प्रकार कुल 7 कार्यों का भूमिपूजन एवं 5 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में पेयजल, आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं विधायक श्री दीपेश साहू की मांग पर विभिन्न विकास कार्यों हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने जामगांव एवं लावातरा में सीसी रोड निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपए स्वीकृत किए। इसके अतिरिक्त ग्राम चेट में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपए, बारगांव में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपए, बारगांव में मुक्तिधाम निर्माण हेतु 6.25 लाख रुपए, सुरहोली में व्यवसायिक परिसर निर्माण हेतु 4.95 लाख रुपए तथा जमघट में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। इनके साथ ही उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकाय भिंभौरी, बेरला एवं कुसमी में विकास कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। इन घोषणाओं से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी तथा ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होगा।
- -खड़ौदाकला के सुशासन तिहार में नागरिकों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा-शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुन मौके पर किया निराकरण-जनसमस्या निवारण शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका दस्तावेजों का निःशुल्क वितरणरायपुर । हम सभी जनता के सेवक हैं और जनता के कार्य करना हम सबकी जिम्मेदारी है। किसानों और ग्रामीणों के छोटे-छोटे कार्यों को संवेदनशीलता के साथ समय पर पूरा किया जाना चाहिए। राजस्व से जुड़े मामलों को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए और निर्विवाद प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उक्त वक्तव्य उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम खड़ौदाकला में आयोजित सुशासन तिहार में दिए।उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं, आवेदन प्राप्त किए तथा अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का संवेदनशीलता और तय समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना हमारा परम धर्म है और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का उद्देश्य हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम सचिवों को निर्देशित किया कि पंचायतों में इसकी मुनादी कराई जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिल सके और वे इसका लाभ उठा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख परिवारों को आवासों की स्वीकृति दी गई थी। उन्होंने बताया कि आज के शिविर में शामिल 26 ग्राम पंचायतों के 4 हजार से अधिक हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली है। उन्होंने आवास निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3 डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है। दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों के गांवों तक सड़क और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले के बैगा समुदाय तक अब सड़क संपर्क पहुंच चुका है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का समुचित विकास और मूलभूत सुविधाओं की सहज पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत वाली कुसुमघटा-बैजलपुर-राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में शामिल हुए और शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष दिया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम में कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेन्द्र साहू, श्रीमती रूपा राजकुमार धुर्वे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री नंद श्रीवास, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा मनीराम साहू ,जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित विभागों के अधिकारी और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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*प्रीलिम्स की परीक्षा में पहली बार होगा अभ्यर्थियों का फेस ऑथेंटिकेशन*
*परीक्षा के आधे घंटे पहले बंद हो जाएगा मुख्य गेट**जिले के 22 परीक्षा केंद्रों में शामिल होंगे 8449 परीक्षार्थी*रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारियों को लेकर रेडक्रॉस सभाकक्ष में बैठक हुई ,साथ ही पर्यवेक्षक तथा केंद्राध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में आईएएस श्री महादेव कावरे, आईएएस श्री रितेश अग्रवाल एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि परीक्षा में पहली बार अभ्यर्थियों को फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा प्रवेश दिया जाएगा। आब्जर्वर श्री कावरे ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी परीक्षा है, इसमें किसी प्रकार की गलती नहीं होनी चाहिए। अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केन्द्र पहुंच जाएं ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।ऑब्जर्वर श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि सभी पर्यवेक्षक परीक्षा से पूर्व अपने केन्द्र में जाकर सभी आवश्यक सुविधाओं का परीक्षण करें एवं सुविधाओं के न होने पर उसकी पूर्ति सुनिश्चित करें।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि परीक्षा केन्द्रों में सारी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें साथ ही यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा के दौरान लॉ एंड ऑर्डर का ध्यान रखें। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में कम से कम पांच पुलिसकर्मियों की उपस्थिति हो। प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर द्वारा फ्रिस्किंग की व्यवस्था हो। कलेक्टर ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है की आप सभी 9 बजे से पहले आकर अपना स्थान ग्रहण करें, उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनायें दी।बैठक में बताया गया कि यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा में अभ्यर्थी केवल काले कलर की बॉल पाइंट पेन का उपयोग कर सकते हैं। किसी भी अन्य कलर की पेन अथवा काले कलर की जेल पेन का उपयोग सर्वथा वर्जित हैं। परीक्षा की पहली पाली में सुबह 9 बजे एवं दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे परीक्षा केंद्र की एंट्री बंद हो जाएगी, जिसके बाद किसी भी स्थिति में अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, इसलिए अभ्यर्थी यह सुनिश्चित कर ले कि दोनों पालियों में परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले केंद्र पहुंच जाएं।कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा केंद्र के 500 मीटर की परीधि में कोई भी ध्वनि प्रदूषण न करें एवं किसी भी तरीके से परीक्षा के आयोजन को बाधित करने की कोशिश न करें अन्यथा उनपर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में निर्देश दिए गए कि परीक्षा हॉल में अभ्यर्थी केवल पारदर्शी पानी बॉटल लाए, उस पर किसी भी प्रकार का स्टीकर नहीं होना चाहिए। परीक्षा हॉल में डिजिटल वॉच, मोबाइल फोन, आईटी गैजेट्स, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, किसी भी प्रकार संचार उपकरण अथवा बैग या पर्स ले जाने की अनुमति नहीं है, इस पर विशेष ध्यान दें। किसी भी प्रकार की अवांछनीय स्थिति से बचने के लिए अभ्यर्थी पेपर-1 और पेपर-2 के बीच परीक्षा केंद्र के आसपास ही रहें। परीक्षा के दौरान एक समय में दो लोगों को वाशरूम जाने की अनुमति नहीं होगी तथा अंतिम 30 मिनट के दौरान किसी भी परीक्षार्थी को वाशरूम जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश के समय ई-एडमिट कार्ड एवं वही फोटोयुक्त पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो उनके परीक्षा फॉर्म में दर्ज है, मोबाइल पर ई-एडमिट कार्ड की तस्वीर दिखाने से परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी। परीक्षा केंद्र में केवल काले कलर की बॉल पाइंट पेन, पेंसिल, ई-एडमिट कार्ड, पारदर्शी वॉटर बॉटल, स्वयं की पासपोर्ट साइज तस्वीर, आईडी प्रूफ एवं एडमिट कार्ड में उल्लेखित वस्तुएं ही ले जा सकते हैं।कलेक्टर डॉ. सिंह ने पर्यवेक्षकों तथा केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया कि यूपीएससी की परीक्षा संबंधित दिशा-निर्देशों का सभी को अनिवार्य रूप से पालन करना है। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी परीक्षा केंद्रों में आवश्यक सामग्री समय से पहुंची है या नहीं, इसकी जांच कर लें। परीक्षा के एक दिवस पहले सभी केंद्रों में जैमर लगवाना सुनिश्चित करें, प्रत्येक कक्ष में दो विक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। साथ ही सहायक केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति समय पर कर ली जाए। टेक्स्ट बुकलेट के वितरण और संग्रहण से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें और उनका पालन करें। मोबाइल एप पर जानकारी भरते समय सतर्क रहें, और निरीक्षण के दौरान निरीक्षक अपने मोबाइल केंद्राध्यक्ष के पास जमा कराएं। यूपीएससी द्वारा पर्यवेक्षकों के लिए संवेदनशील मटेरियल को संभालने के लिए विशेष पीपीटी जारी की गई है, इसका अध्ययन अवश्य करें। डॉ. सिंह ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिए कि परीक्षा से संबंधित जरूरी घोषणाएं पब्लिक एनाउंस्मेंट सिस्टम के माध्यम से लगातार अभ्यर्थियों एवं उनके पालकों तक पहुंचाते रहे ताकि किसी भी प्रकार का कोई भ्रम उत्पन्न न हो।उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर इस परीक्षा का सफल एवं निष्पक्ष आयोजन सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी संदेह की कोई संभावना न रहे। सभी 22 केंद्रों की सूची के साथ रिपोर्टिंग समय पर करें, और व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए ड्यूटी के अलावा पुलिस की अन्य गाड़ियां नियमित रूप से पेट्रोलिंग करते रहे ताकि कोई अवांछनीय स्थिति निर्मित न हो।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किण्डो, जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल , UPSC नई दिल्ली से आये आब्जर्वर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



























