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- रायपुर। कभी पेयजल संकट से जूझने वाला राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड का ग्राम बीजाभाठा आज जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से बदलाव की मिसाल बन गया है। गर्मी के दिनों में हैंडपंप और कुएं सूख जाने से ग्रामीणों को पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब हर घर नल से स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति होने लगी है।जल जीवन मिशन के तहत ग्राम में सुनियोजित ढंग से पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक का निर्माण तथा प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया। इस कार्य में ग्राम पंचायत, जल एवं स्वच्छता समिति, तकनीकी दल तथा ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही। नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता परीक्षण और समय-समय पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्य की प्रगति सुनिश्चित की गई।इस योजना से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। महिलाओं को अब पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती, जिससे उनके समय की बचत हो रही है और वे इसे अन्य उपयोगी कार्यों में लगा रही हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है तथा स्वच्छता स्तर में भी सुधार हुआ है। साथ ही, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल के समुचित उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
- -बंदूक छोड़ थामा मतदाता परिचय पत्र,अब पुनर्वासित युवा चुनेंगे अपना जनप्रतिनिधि-पुनर्वास केंद्र के 116 आत्मसमर्पित युवाओं का बना मतदाता कार्डरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों का मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनाकर उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।जिला शासन के इस सकारात्मक कदम से अब ये पुनर्वासित युवा अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को और मजबूत करते हुए अब वे भविष्य में स्वयं भी चुनाव लड़ने के पात्र बन गए हैं। यह बदलाव उनके जीवन में सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है।सरकार की नीति से बदली जिंदगीजिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ आत्मसमर्पित युवाओं को लगातार दिया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों के राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड पंजीयन के साथ-साथ पीएम आवास योजना सर्वे भी पूरा कराया गया है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो गया है।कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदमपुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण में 48 हितग्राही, सिलाई मशीन प्रशिक्षण में 5 हितग्राही, कृषि उद्यमी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण में 265 हितग्राही, वाहन चालक प्रशिक्षण में 14 हितग्राही और मुर्गी पालन प्रशिक्षण में 25 हितग्राही कुल मिलाकर 317 पुनर्वासित युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को पहचान और अधिकार दिला रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर भी कर रही है।
- रायपुर । राज्य नोडल एजेंसी, छत्तीसगढ़ द्वारा आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत पंजीकृत अस्पतालों के विरुद्ध Hospital Empanelment Module (HEM 2.0) पंजीयन हेतु निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन न करने पर छत्तीसगढ़ राज्य के 59 अस्पतालों पर कार्यवाही की गई है ।राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) नई दिल्ली के दिशा-निर्देश अनुसार आयुष्मान योजना अंतर्गत पंजीकृत सभी अस्पतालों को HEM 2.0 पोर्टल पर अपनी जानकारी अद्यतन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य था, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी, किन्तु अनेक स्मरण पत्र जारी किए जाने के उपरांत भी कई अस्पतालों द्वारा न तो जानकारी अद्यतन की गई और न ही पोर्टल पर प्राप्त प्रश्नों का उत्तर दिया गया।जिला स्तर से प्राप्त अनुशंसाओं एवं समीक्षा के आधार पर निम्नानुसार कार्यवाही की गई है— 21 अस्पतालों, जिन्होंने ‘एक बार भी आवेदन प्रस्तुत नहीं किया’, आगामी आदेश तक निलंबित किए जाने की कार्यवाही की गई है । 12 अस्पतालों को आवश्यक जानकारी अद्यतन न करने एवं क्वेरी का उत्तर न देने के कारण आवश्यक क्वेरी पूर्ण किए जाने तक निलंबित किए जाने की कार्यवाही की गई है । इसके अतिरिक्त 26 अस्पतालों, जिनके आवेदन अपूर्ण पाए गए तथा पुनः प्रस्तुत नहीं किए गए, के विरुद्ध भुगतान एवं प्री-ऑथ रोकने की कार्यवाही की जा रही है।यह कार्यवाही आयुष्मान योजना के प्रावधानों के तहत तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है, ताकि योजना के अंतर्गत पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा सके । राज्य नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ द्वारा सभी पंजीकृत अस्पतालों को अपील की गई है कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत नए पोर्टल HEM 2.0 में पंजीयन हेतु निर्धारित मानकों को पूर्ण करते हुए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें तथा समयबद्ध रूप से आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें, जिससे अस्पतालों को आयुष्मान योजना में पंजीकृत कर निर्बाध सेवा सेवा प्रदाय किया जा सके |21 अस्पताल –निलंबित (जिन्होंने आवेदन ही नहीं किया)New Ayushman Hospital, BemetaraA P Surgical Center, DurgIMI Hospital, DurgAum Hospital, DurgSai Kripa Multispeciality Hospital, DurgGangotri Hospital,DurgSomeshwar Hospital, GariyabandSewa Bhawan Hospital, MahasamundJowhary Hospital, RaipurMahadev Hospital, RaipurNew Raipura Hospital, RaipurShivam Hospital, RaipurSaubhagya Hospital, RaipurJain Hospital, RaipurLaxmi Hospital & Maternity Home, RaipurSiddhi Vinayak Hospital, RaipurVardaan Hospital, RaipurVasudev Multispeciality Hospital, RaipurShri Rama Multispeciality Hospital, RaipurMaa Sharda Nursing Home, RaipurOm Netra Kendra & Laser Vision, Raipur12 अस्पताल –निलंबित (जानकारी अपडेट नहीं करने एवं क्वेरी का जवाब नहीं देने पर)Pinaki Sobha Hospital & Maternity Care, GPMMD Modi Memorial Hospital, Janjgir-ChampaNetam Hospital & Infertility Centre, KondagaonShri Uttam Sai Care Hospital, MahasamundShree Dani Care Multispeciality Hospital, RaipurShree Krishna Multispeciality Hospital, RaipurShri Mahaveer Hospital, RaipurShri Sai Ram Hospital, RaipurKalda Nursing Home, RaipurKanha Multispeciality Hospital, RaipurPragya Hospital, RaipurLife Care Hospital, Raipur26 अस्पताल – भुगतान एवं प्री-ऑथ रोका गया (अपूर्ण दस्तावेज एवं पुनः आवेदन न करने पर)Shakuntala Hospital, BalodSuvidha Hospital, DurgRoop Jeevan Hospital, KabirdhamShree Radhe Krishna Care Hospital, MahasamundPandey Nursing Home, RaipurDrishti Netralay, RaipurVaidehi Hospital, RaipurAnant Hospital, RaipurShree Sai Care Hospital, RaipurAnushka Hospital, RaipurMamta Hospital, RaipurLalmati Multispeciality Hospital, RaipurKarma Hospital, RaipurShree Ram Multispeciality Hospital, RaipurRaipur Hospital & Research Center, RaipurSrimaa Sarada Arogyadham Hospital, RaipurRoopjeevan Hospital, RaipurShri Dani Care Hospital, RaipurJeevan Anmol Hospital,Raipur Sadbhavna Hospital, RaipurEkta Institute of Child Health, RaipurChandrani Sardarilal Eye & ENT Hospital, RaipurRawatpura Sarkar Hospital, RaipurAastha Multispeciality Hospital, RaipurChhattisgarh Eye Hospital, RaipurShashwat Hospital, Raipur
- रायपुर । प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के जीवन स्तर को सुधारने हेतु पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो और बेहतर जीवनयापन कर सके। महासमुंद जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति के चिन्हांकित 678 कच्चे मकान में निवासरत परिवारों के लिए पीएम जनमन आवास योजना से स्वीकृति उपरांत लगभग सभी परिवारों को पक्का छत मिल गया है।इसी क्रम में जिले के ग्राम झालखम्हरिया की कमार जनजाति की श्रीमती मधु कमार के जीवन में एक नया उजाला तब आया, जब उन्हें पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत अपना पक्का घर मिला। वर्षों से घास-फूस और मिट्टी के कच्चे मकान में रहकर कठिनाइयों का सामना कर रही मधु कमार और उनके पिता श्री हीरालाल कमार के लिए यह आवास किसी सपने के साकार होने से कम नहीं है।श्रीमती मधु कमार बताती हैं कि पहले उनका परिवार बारिश, गर्मी और ठंड के मौसम में काफी परेशानियों से गुजरता था। कच्चे मकान की वजह से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती थीं। लेकिन अब पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान का भाव आया है। श्रीमती मधु कमार के पिता श्री हीरालाल ने भावुक होकर बताया कि अब उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में रहने का अवसर मिला है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब उनका परिवार निश्चिंत होकर खुशी-खुशी जीवन यापन कर रहा है।
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-ग्राम औरेठी में 12 एकड़ में लहलहा रहा सूरजमुखी
रायपुर । ग्रीष्मकालीन धान (गर्मी के धान) के बदले सूरजमुखी की खेती एक अत्यधिक लाभदायक, कम पानी वाली और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने वाला बेहतर विकल्प है। धान की तुलना में सूरजमुखी में पानी की आवश्यकता बहुत कम होती है, जो जल संरक्षण के लिए अच्छा है। यह फसल किसानों को 2-3 गुना तक मुनाफा दे सकती है। किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले कम पानी में अधिक लाभ देने वाली फसल सुरजमुखी की खेती अपनाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। इससे कई किसान सूरजमुखी क़ी खेती की ओर अग्रसर हो रहे है।कृषि विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत बलौदाबाजार- भाठापारा जिले के विकासखण्ड सिमगा अंतर्गत ग्राम औरेंठी के कृषक आकाशदीप वर्मा एवं संजय वर्मा द्वारा 12 एकड़ रकबे में कृषि विभाग एवं स्वयं से सूरजमुखी की खेती किया जा रहा है। विभाग के द्वारा उन्हें योजनान्तर्गत संकर बीज एवं आदान सामग्री प्रदाय किया गया है। कृषक के द्वारा विगत वर्ष ग्रीष्मकालीन धान की खेती की गई थी, परन्तु गिरते भूजल स्तर के कारण धान की खेती में नुकसान उठाना पड़ा। इस वर्ष कृषक के द्वारा सूरजमुखी की खेती की गई है जिसमें कम पानी, कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं। वर्तमान में सूरजमुखी के बीजों की मांग अच्छी है और बाजार में किसान अपनी फसल को अच्छी दरों पर बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।आकाशदीप वर्मा ने कहा कि सूरजमुखी की खेती को पशु एवं बंदरो से नुकसान नहीं होता है तथा देखरेख की आवश्यकता कम पड़ती है। वर्तमान में सूरजमुखी की फसल संतोषजनक है, प्रति एकड़ 8 से 10 क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। कृषक को 45 से 50 हजार रूपये प्रति एकड़ शुद्ध आय प्राप्त होने की संभावना है। कृषक आकाशदीप वर्मा के द्वारा पशुपालन भी किया जा रहा है, जिसके गोबर एवं गौमूत्र का उपयोग कर जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत आदि उत्पादों के द्वारा प्राकृतिक खेती किया जा रहा है। आकाश वर्मा के नवाचार से जिले के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं तथा ग्रीष्मकालीन धान के बदले दलहनी, तिलहनी फसलों की खेती की ओर अग्रसर हैं। सूरजमुखी की फसल कम पानी में भी सफलतापूर्वक तैयार हो जाती है तथा 90 से 100 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, जिससे कम समय में अधिक लाभ प्राप्त होता है। सूरजमुखी तेल की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को उचित मूल्य मिलने की संभावनाएं भी अधिक हैं। इसके अलावा, तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने हेतु शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ किसान भाई उठा सकते हैं।उप संचालक कृषि ने बताया कि किसानों को दलहनी, तिलहनी फसलों की खेती हेतु विशेष सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है जैसे उन्नत किस्म के प्रमाणित बीज, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण, खेत स्तर पर प्रदर्शन, फसल संरक्षण एवं पोषण संबंधी सलाह, शासकीय योजनाओं के तहत् अनुदान का लाभ शामिल है। ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर सूरजमुखी जैसी कम पानी वाली एवं लाभकारी फसलों को अपनाने से फसल चक्र में विविधता आती है, मिट्टी की गुणवत्ता में वृद्धि, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है। - -खाद्य विभाग से सभी कलेक्टर को जारी किया पत्ररायपुर । राज्य शासन ने प्रवासी मजदूरों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (गैस) सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।जारी आदेश के अनुसार, प्रवासी मजदूरों को यह सिलेंडर संबंधित एलपीजी वितरकों के वितरण केंद्रों से प्रदान किया जाएगा। सिलेंडर प्राप्त करने के लिए हितग्राहियों को पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड (सहमति के साथ) तथा श्रम विभाग द्वारा जारी पंजीयन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र हितग्राहियों को नया कनेक्शन एवं रिफिल सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।निर्देशों में यह भी कहा गया है कि एलपीजी वितरक 5 किलो सिलेंडरों के दैनिक स्टॉक, बिक्री एवं शेष स्टॉक का नियमित रिकॉर्ड संधारित करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा इन अभिलेखों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।इसके साथ ही, सिलेंडरों के दुरुपयोग एवं अनियमितताओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन को सख्त निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य शासन ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र प्रवासी मजदूर इसका लाभ उठा सकें।
- -अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्यरायपुर /छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च का आरोप पूर्णतः निराधार और भ्रामक है।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 8,000 लोग शामिल हुए थे।श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था, ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित एजेंसी को नियमों के तहत किया गया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- -मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के क्रियान्वन की समीक्षा कीरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने गुरुवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागांे के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी है, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाये तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाईन किया जाये। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए। समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जायेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा।मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना हैं। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की । मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लायी जा सकती है, उन्हे चिन्हित कर अधिसूचित कर ली जाएं और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध की जाएं। बैठक में बताया गया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा की प्रभावी क्रियान्वन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियो को विभागीय सेवओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्ग दर्शन दिया।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। श्री भगत ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिपेक्ष में प्रदाय की जा रहीं समान्तर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने हेतु प्रस्तावित करें।बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव श्री रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) सुश्री आर. शंगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, गामोउद्योग के सचिव श्री श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की चाची स्वर्गीय श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामजी वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत श्रीमती अग्रवाल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- - बाल आपातकालीन चिकित्सा में राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचानरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर (एम्स रायपुर) की पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन (बाल आपातकालीन चिकित्सा) टीम ने 28–29 मार्च 2026 को हैदराबाद में आयोजित 17वें नेशनल असेंबली ऑफ पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन 2026 (National Assembly of Paediatric Emergency Medicine–NAPEM 2026) एवं चौथे इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स –पीईएम (Paediatric Emergency Medicine) राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया है। यह सम्मेलन KIMS कडल्स अस्पताल, गाचीबोवली द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षुओं की सक्रिय भागीदारी रही।सम्मेलन से पूर्व 27 मार्च 2026 को एम्स रायपुर की टीम ने मल्ला रेड्डी महिला मेडिकल कॉलेज (Malla Reddy Medical College for Women) हैदराबाद में पीडियाट्रिक ट्रायेज एवं पीईएआरएलएस (PEARLS–Pediatric Emergency Advanced Resuscitation Learning System) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का नेतृत्व विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक्स एवं प्रभारी पीईएम डॉ. अनिल के. गोयल ने राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में किया, जबकि समन्वय डॉ. जोविन क्रिस एंटनी ने संभाला। कार्यशाला में देशभर से आए 35 प्रतिभागियों को बाल आपातकालीन देखभाल, उन्नत वायुमार्ग प्रबंधन, वैस्कुलर एक्सेस, प्वाइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड (Point of Care Ultrasound–POCUS) तथा ट्रॉमा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सत्रों की उपयोगिता एवं सहभागिता को व्यापक सराहना मिली।मुख्य सम्मेलन में एम्स रायपुर की टीम की प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज रही, जिसमें संकाय सदस्यों के साथ-साथ वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट्स ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में डॉ. अनिल के. गोयल को भारत में पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन के प्रथम डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (Doctorate of Medicine–DM) कार्यक्रम की स्थापना तथा IAP-PEM Chapter के संस्थापक महासचिव एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष (2025–26) के रूप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, डॉ. जोविन क्रिस एंटनी को शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषकर डिप्लोमा इन Paediatrics (Diploma in Paediatrics–DIAP) वेबिनार श्रृंखला के सफल संचालन हेतु सम्मान प्रदान किया गया।शैक्षणिक उपलब्धियों के अंतर्गत डॉ. बिपिन बिहारी राउत ने मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय पीईएम क्विज़ में डॉ. जोविन क्रिस एंटनी एवं डॉ. आशा ज्योति पेनुगोंडा की टीम उपविजेता रही, जबकि डॉ. हिम्मत राम सियाग एवं डॉ. मोहित देवेंद्र जायसवाल की टीम द्वितीय उपविजेता रही।एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने टीम की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान बाल आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता एवं नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में पूर्ण समर्थन प्रदान किया जाएगा।
- भिलाई।स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) विभाग द्वारा ग्राम पंचायत घुघसीडीह में पूर्ण किए गए विभिन्न विकास कार्यों का औपचारिक हस्तांतरण 7 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में कला मंच निर्माण, बोरवेल की खुदाई तथा हैंडपंप स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ग्राम पंचायत को सौंपा गया।समारोह के दौरान ग्राम पंचायत घुघसीडीह की सरपंच श्रीमती ललिता बारले को हस्तांतरण विलेख के रूप में प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) श्री मनोज कुमार दूबे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उप प्रबंधक (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) श्री के. के. वर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी श्री बुधेलाल, ग्राम पंचायत के पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार दूबे ने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग और परिधीय ग्रामों के बीच सुदृढ़ होते संबंधों पर बल देते हुए कहा कि समग्र ग्रामीण विकास के लिए विभाग निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्राम घुघसीडीह में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकासात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।विशिष्ट अतिथि श्री के. के. वर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन ग्राम के पूर्व सरपंच श्री गोवर्धन द्वारा किया गया, जिन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- “आधुनिक सिग्नलिंग से बढ़ी क्षमता, एक साथ कई ट्रेनों का सुगम एवं संरक्षित परिचालन संचालन संभव”रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने हेतु निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर मंडल के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा एवं उरकुरा–मांढर रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया है।इस परियोजना के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा (लगभग 3 किलोमीटर, डबल लाइन) तथा उरकुरा–मांढर (लगभग 9 किलोमीटर, ट्रिपल लाइन) रेलखंड पर कुल 12 किलोमीटर लंबाई में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है, जो डबल लाइन समतुल्य लगभग 21 किलोमीटर के बराबर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026–27 में इस परियोजना के तहत अब तक कुल 21 किलोमीटर डबल लाइन समतुल्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।इस आधुनिक प्रणाली के अंतर्गत 14 नए ऑटोमेटिक सिग्नल एवं 2 सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं। साथ ही कुल 80 डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC, Sigma मेक) लगाए गए हैं, जिनमें ड्यूल डिटेक्शन एवं मीडिया डाइवर्सिटी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ट्रेन की सटीक एवं रीयल-टाइम स्थिति का पता लगाया जा सकता है।रायपुर–उरकुरा खंड में अप एवं डाउन लाइनों पर 3-3 ऑटो सेक्शन तथा उरकुरा–मांढर खंड में अप, डाउन एवं मिड लाइन (द्विदिशीय) पर 4-4 ऑटो सेक्शन बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इंटर-स्टेशन ब्लॉक इंटरफेस ट्रांसमिशन के लिए यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस (UFSBI) प्रणाली तथा उरकुरा–मांढर खंड में मिड लाइन के लिए डायरेक्शन सेटिंग पैनल की सुविधा भी प्रदान की गई है।संरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समपार फाटक संख्या 417 पर एक नया ऑटो हाट भी स्थापित किया गया है, जिससे सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता और बेहतर हुई है।ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने से अब एक ही ब्लॉक सेक्शन में एक ही दिशा में एक से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है। इससे ट्रेनों की गति में वृद्धि, समय की बचत तथा लाइन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब ट्रेनों को आगे बढ़ने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, जिससे परिचालन अधिक सुचारु एवं कुशल हो गया है।रेलवे में सिग्नलिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा परिचालन की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल ट्रेनों की गति और संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि यात्रियों को संरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित हो रहा है।
- सारंगढ़-बिलाईगढ़। सरिया पुलिस ने अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से 62 किलो 245 ग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजा की कीमत करीब 5.90 लाख रुपये तथा वाहन सहित कुल जुमला संपत्ति लगभग 10.90 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।मुखबिर की सूचना पर ग्राम बोरिदा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका गया। हालांकि चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान कार से 59 पैकेट में गांजा बरामद हुआ। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने टीम की इस कार्रवाई की सराहना की है।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर अंतर्गत शहर के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 20 कुदुदंड माताचौरा के पास, 223 फोकट पारा कतियापारा, 111 निराला नगर कतियापारा एवं 124 लोधीपारा नाकापारा में सहायिका के 1-1 रिक्त पदों पर 23 अप्रैल तक वेबसाईट https://aww.e-bharti.in/login में जाकर ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। अधिक जानकारी के वेबसाईट का अवलोकन किया जा सकता है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-3 अंतर्गत नवनिर्मित सीमेंटीकरण रोड, सिवरेज लाईन, अवैध चर्च निर्माण सहित स्कूल का निरीक्षण किया गया। उपस्थित अभियंताओं को अप्रारंभ कार्य शीध्र चालू कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता अपने टीम के साथ वार्ड क्रं. 30 प्रगति नगर नवनिर्मित सीमेंटीकरण रोड का निरीक्षण किये। बरसात के दिनों में बरसात का पानी रोड एवं घरों के सामने न रूके इसका विशेष ध्यान देने कहा गया है। अन्य जगहो पर चल रहे रोड निर्माण कार्य को विधिवत कराने निर्देशित किए । समीपस्थ मोहल्ले में बीएसपी का सिवरेज लाईन गया है, जो जाम पड़ा है, स्थानीय नागरिको ने समस्या से अवगत कराया। जोन आयुक्त ने अभियंताओं को समस्या का निराकरण कराने कहा है। केम्प-01 में क्रिशचन समाज द्वारा अवैध रूप से चर्च निर्माण किया गया है, जिसका स्थल अवलोकन किया गया। निर्माण पर रोक लगाया गया है और विधि सम्मत कार्य करने करने कहा गया है।मदर टेरेसा नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का निरीक्षण किया गया है। आगामी कुछ दिनों में जनगणना का कार्य प्रारंभ होने वाला है, जिसका प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्था जैसे- बैठक, साफ-सफाई, बिजली, पानी की व्यवस्था हेतु निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक चुड़ामणी यादव सहित पार्षद प्रतिनिधि एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
- 0- फायर मॉक ड्रिल के साथ ट्रेनिंग में अध्यक्ष, मुख्य समन्वयक व सचेतक भी रहे साथरायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के मुख्य सामाजिक भवन में लगातार विविध गतिविधियां और आयोजन होते रहते हैं और यहां आमजनों सहित सभासदों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। इन परिस्थितियों में भवन में आग लगने जैसी दुर्घटना हुई, तो उससे कैसे निपटा जाए, यही दिखाने, बताने व समझाने के लिए मंडल भवन में फायर मॉक ड्रिल के साथ फायर फाइटिंग ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसमें मंडल के उच्च पदाधिकारियों सहित तमाम कर्मचारियों- अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी ने तय नियमों के अनुसार आग बुझाने का प्रशिक्षण भी लिया।महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि मंडल भवन की सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए स्थानीय फायर फाइटर्स ने अग्निशमन का प्रदर्शन किया। साथ ही अग्निशमन यंत्र के उपयोग के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी दी। सबसे पहले भवन में आग ही न लगे, इसके बारे में बुनियादी सावधानियां बरतने कहा गया। फायर फायटर्स ने गैस सिलेंडर में आग लगने, खुले मैदान में आग लगने पर आग बुझाने और आग लगने पर बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया गया।अग्निशमन टीम के एक्सपर्ट ने बताया कि आग लगने पर लोगों को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि संयम बरतते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यस्थल पर काम खत्म होने के बाद बिजली संबंधित हर उपकरणों को बंद कर देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका लगभग पूरी तरह खत्म हो जाए। सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने कहा कि समय-समय पर फायर माकड्रिल करने से मंडल के कर्मचारी आग बुझाने के गुर को अच्छी तरह सीख जाएंगे। आपात स्थिति में निपटने में कर्मचारी खुद ही सक्षम होंगे। इस अवसर पर विशेष रूप से अध्यक्ष अजय मधुकर काले, प्रबंधक बी. नंदिनी नायडू, मेस प्रभारी मंजरी भखाडे़, श्रद्धा जोशी, प्रकाश गुरुव, सनत यदु, किशोर साहू, तेजनारायण साहू सहित अनेक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- 0- उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारीबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम में चार प्रमुख सड़कों के डामरीकरण के लिए पांच करोड़ 93 लाख 45 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम के कोरबा जोन में सुनालिया ब्रिज से पॉवर हाउस रोड फाटक अंडर ब्रिज रोड तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 12 लाख 55 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। कोरबा जोन में ही पॉवर हाउस रोड फाटक से पुराने बस स्टैंड अंडर ब्रिज तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 56 लाख 90 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। विभाग ने कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत जैन चौक से घंटा घर सड़क तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 25 लाख रुपए तथा घंटा घर से कोसाबाड़ी चौक तक डामरीकरण कार्य के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए मंजूर किए हैं।--
- 0- अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारीबिलासपुर. सीजन 2026 को देखते हुए किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और वितरण में गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन कर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में उड़नदस्ता दल ने आज विकासखंड मस्तूरी के जोंधरा क्षेत्र में संचालित कृषि केंद्रों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। मेसर्स प्रजापति खाद भंडार में बिल और वास्तविक वितरण में अंतर, स्टॉक और दर प्रदर्शित नहीं करना तथा आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने जैसे उल्लंघन पाए गए। इसके चलते प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 21 दिनों के लिए उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसी तरह मेसर्स चंदेल ट्रेडर्स में भी स्टॉक और दर प्रदर्शित नहीं करना, निर्धारित प्रारूप में बिल जारी न करना तथा बिना पॉस मशीन के उर्वरक विक्रय जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इस पर भी 21 दिनों के लिए बिक्री पर रोक लगाई गई है।संभागीय संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.के. राठौर ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक का वितरण केवल पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाएगा और स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। जिले में हर विकासखंड के लिए 4 सदस्यीय उड़नदस्ता दल गठित किया गया है, जो सहकारी और निजी विक्रेताओं के स्टॉक का नियमित निरीक्षण करेगा। साथ ही जिला स्तर पर भी निरीक्षण जारी रहेगा।किसानों की सुविधा एवं शिकायत के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 07752-470814 पर संपर्क किया जा सकता है।--
- 0- राजस्व शिविर बने राहत का जरिया, सैकड़ों आवेदनों का मौके पर निपटाराबिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चल रहे राजस्व पखवाड़ा के प्रथम चरण में जिलेभर में शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। अब तक 1161 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 807 का निराकरण तत्काल कर दिया गया है। न्यायालयीन प्रकृति के कामों के लिए समय सीमा दी गई है।जिला बिलासपुर में राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविरों में आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में सभी 12 तहसीलों के अंतर्गत ग्रामों में शिविर लगाकर आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं और उनका मौके पर ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत दिनों में 949 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 667 का निराकरण किया गया, जबकि 282 आवेदन शेष थे। वहीं 8 अप्रैल को आयोजित शिविरों में 212 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 140 का निराकरण किया गया और 67 आवेदन लंबित हैं।इस प्रकार जिले में अब तक कुल 1161 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 807 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 349 आवेदन शेष हैं, जिन पर तेजी से कार्यवाही जारी है। तहसीलवार स्थिति पर नजर डालें तो बिलासपुर, तखतपुर, बिल्हा और पचपेड़ी जैसे क्षेत्रों में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जहां निराकरण की गति भी संतोषजनक रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर आम जनता को राहत प्रदान करें। जिलाप्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों की न केवल संख्यात्मक जानकारी, बल्कि उनके निराकरण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
- 0- आम नागरिकों के राजस्व संबंधी समस्याओं का किया जा रहा है त्वरित निराकरणबालोद. राज्य शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण बालोद जिले की भाँति जिले के राजस्व अनुविभाग गुरूर एवं डौण्डीलोहारा के राजस्व ग्रामों में भी नियमित रूप से 01 अप्रैल से प्रारंभ राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान शिविरों में आम नागरिकों के नामांतरण, बटवारा, नक्शा सुधार, त्रुटि सुधार, आय, जाति, निवास एवं अन्य राजस्व प्रकरणो से संबधित आवेदन स्वीकार किये जा रहे है तथा पात्र प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत तीन महिनों में 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026, 04 मई से 18 मई 2026 तथा 01 जून से 15 जून 2026 तक शिविरों का आयोजन किया जाएगा।शिविरों की सूचना संबंधित ग्रामों में मुनादी एवं अन्य माध्यमो से पूर्व में दी जाएगी जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण जन शिविर का लाभ उठा सकें। राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा समस्त नागरिको से अपील की गई कि वे अपने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु निर्धारित तिथियों में आयोजित शिविरो में उपस्थित होकर शासन की इस जन हितकारी पहल की लाभ उठाने की अपील की जा रही है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर श्री रामकुमार सोनकर ने बताया कि आम नागरिकों को शिविर आयोजन की सूचना मुनादी एवं अन्य माध्यमों से नियमित रूप से दी जा रही है। इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि डौण्डीलोहारा अनुविभाग में राजस्व पखवाड़ा का सफल आयोजन सुनिश्चित करने हेतु उनके साथ-साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा नियमित रूप से शिविरों का विजिट कर शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
- बालोद. भारत सरकार द्वारा किसानों के किसान आईडी कार्ड बनाने हेतु एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसान पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने हेतु किसानों को किसान आईडी बनाना अनिवार्य है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसान आईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विभिन्न कृषि अनुदान, सेवा सहकारी समितियों में कृषि ऋण रासयनिक उर्वरक जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा, किसान अपना डिजिटल किसान आईडी बनवाने के लिए बी-1, आधार कार्ड, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर लेकर लोक सेवा केन्द्र अथवासेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसान आई डी बना सकते है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किश्त उन्हीं किसानों को प्राप्त होगा जिनका किसान आई डी बना है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील कि है कि वे अपना डिजिटल किसान आईडी अति शीघ्र बनाए जिससे शासन की योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
- बालोद. जिला प्रशासन की पहल पर शुरु की गई पीएम राहत योजना बालोद जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को चिन्हित अस्पतालों में त्वरित और पूरी तरह कैशलेस (निःशुल्क) इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़िता को त्वरित चिकित्सा सहायता और पीएम राहत योजना के तहत वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर कीमती जान बचाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। हाल ही में घटित अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में पुलिस की तत्परता, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल तकनीक (ई-डार पोर्टल) के समन्वय से पीड़ितों को निशुल्क इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है।बालोद जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन बालोद और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। इस मामले में पुलिस की तत्परता और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कीमती जान बचाने और उसे बेहतर उपचार दिलाने में सफलता मिली है। पीएम राहत योजना अंतर्गत बालोद जिले में 04 जिंदगियों को नया जीवन मिला है। पिछले 20 दिनों में बालोद पुलिस और प्रशासन की तत्परता से 04 गंभीर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ई-डार पोर्टल और पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस (निःशुल्क) उपचार प्रदान किया गया है। जिसमें 15 मार्च को बस-ट्रक टक्कर में अज्ञात यात्री के गंभीर चोट का इलाज, 01 अप्रैल को 12 वर्ष के सूर्यकांत ठाकुर के पैर में गंभीर चोट, 05 अप्रैल को महेश कुमार साहू के जबड़े में फ्रेक्चर एवं 06 अप्रैल को शेखसमीर के कलाई में फ्रेक्चर का पीएम राहत योजना के तहत निःशुल्क उपचार किया गया।उल्लेखनीय है कि पीएम राहत योजना डिजिटल इंडिया और स्वास्थ्य सुरक्षा का अनूठा संगम है। जिसमें गोल्डन ऑबर सहायता अंतर्गत पुलिस द्वारा पीडित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना। ई-डार पोर्टल अंतर्गत दुर्घटना स्थल पर ही फील्ड ऑफिसर द्वारा डिजिटल आईडी जनरेट करना। टीएमएस 2.0 मैपिंग अंतर्गत निजी एवं सरकारी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज एवं प्रशासन द्वारा 24 घंटे के भीतर उपचार की अनुमति प्रदान करना है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि पीएम राहत योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को जीवन सुरक्षा प्रदान करना है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का कोई भी नागरिक धन के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न रहे। अब तक कई मरीजों ने इस योजना का लाभ उठाकर नया जीवन प्राप्त किया है। उन्होंने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल ट्रैकिंग और कैशलेस स्वास्थ्य योजनाओं का यह संगम बालोद जिले के लिए एक मिसाल है। जिला प्रशासन बालोद सभी नागरिकों से अपील करता है कि सड़क पर सावधानी बरतें। सुरक्षित वाहन चलाएं। दुर्घटना की स्थिति में घबराएं नहीं, पुलिस और प्रशासन आपकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है। पीएम राहत और ईडार पोर्टल जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित कर रही है कि घायल व्यक्ति को ’गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिले और धन की कमी आए न आए। प्रशासन की यह सुदृढ व्यवस्था आपके और आपके अपनों की जान बचाने के लिए चैबीसों घंटे सक्रिय है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीज या उनके परिजन स्वास्थ्य संबंधी किसी भी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर या संबंधित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। सड़क दुर्घटना की स्थिति में नागरिकों से अनुरोध है कि वे पीएम राहत योजना का लाभ उठाने एम्बुलेंस/चिकित्सा आपातकालीन सेवा 108 एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष 112 एवं 100 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

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