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- -संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं कर अपवंचन रोकने में मिलेगी मदद-पंजीयन प्रक्रिया को ज्यादा से ज्यादा जनता हितैषी एवं सरल बनाये: मंत्री ओ पी चौधरी-वाणिज्य कर मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की-विभाग से बिचौलिए पूरी तरह से समाप्त होरायपुर / वाणिज्यिक कर एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज मोबाईल बेस्ड एप्लीकेशन सुगम का लोकार्पण किया। इस एप्लीकेशन में कोई भी व्यक्ति अपनी रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज के संपत्ति स्थल पर जाकर स्थल का 03 साईड से फोटो तथा अक्षांश एवं देशांतर भौगोलिक स्थिति को रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट कर सकेगा। इससे संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं कर अपवंचन को रोकने में सार्थक मदद मिलेगी।साथ ही श्री चौधरी ने पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित किया गया था। मंत्री श्री चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीयन विभाग जनता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है। ऐसा कार्य संस्कृति बनाए कि जनता को किसी प्रकार का कोई असुविधा न हो। पंजीयन के इच्छुक पक्षकारों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। पंजीयन विभाग में बिचौलियों के प्रवेश को रोकें तथा जनता बिना बिचौलियों के किसी भी दस्तावेज की रजिस्ट्री करा सके, यह सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान स्टाम्प प्रकरण तथा पंजीयन में अनावश्यक विलंब के तथ्य प्रकाश में आने पर उन्होंने संबंधित जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये।मंत्री श्री चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि लोक सेवक के रूप में उन्हें जनता की सेवा का मौका मिला है। देश अभी विकासशील से विकसित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहा है तथा इस यात्रा में अधिकारी और कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण होता है। अतः सभी अधिकारी और कर्मचारी सकारात्मक सोंच के साथ काम करें, ईमानदारी बरतें तथा पारदर्शिता दिखायें, जिससे वे विकसित भारत के निर्माण के भागीदार बन सकें।मंत्री श्री चौधरी ने समीक्षा के दौरान राजस्व प्राप्तियों, दस्तावेजों, आर.आर.सी. प्रकरण, स्टाम्प प्रकरण आदि के तुलनात्मक आंकड़ों की गहन समीक्षा की। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुराने दस्तावेजों के स्कैनिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा कुछ ही दिनों में पंजीयन विभाग के सर्च एवं नकल मॉड्यूल को पूरी तरह से ऑनलाईन कर दिया जायेगा। इससे कोई भी व्यक्ति ऑफिस में आए बिना निर्धारित शुल्क ऑनलाईन जमा कर पूराने दस्तावेजों की सर्च कर सकेगा तथा नकल ऑनलाईन डाउनलोड कर सकेगा।अधिकारियों ने समीक्षा के दौरान बताया कि पंजीयन विभाग के कार्यों को कैशलेस, पेपर लेस एवं फेस लेस बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। पंजीयन शुल्क भुगतान के लिए नेट बैंकिंग तथा पी.ओ.एस. से भुगतान चालू कर दिया गया है। मॉडल डीड जनरेशन का काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से तेजी से जारी है। इससे कोई भी व्यक्ति वांछित इनपुट भरकर मॉडल रजिस्ट्री के कागजात स्वतः तैयार कर सकता है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपर लेस किया जा सकेगा। पेन कार्ड का इंटीग्रेशन किया जा चुका है। इसके अगले चरण में आधार के इंटिग्रेशन का कार्य भी जारी है। आधार इंटीग्रेशन होने के बाद गवाहों के रजिस्ट्री ऑफिस में आने की प्रथा समाप्त हो जायेगी एवं छद्म एवं फर्जी व्यक्ति के द्वारा रजिस्ट्री जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि अगले 01 महीने में फेस लेस के प्रथम चरण में हाउसिंग बोर्ड, आर.डी.ए. तथा कॉलोनाइजर्स को यह सुविधा प्राप्त हो जाये। इसके लिए ट्रायल जल्दी ही पूरा कर लिया जायेगा। इससे पक्षकारों को रजिस्ट्री ऑफिस में आये बिना रजिस्ट्री कराने की सुविधा प्राप्त होगी।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विभाग से बिचौलियों को पूरी तरह समाप्त करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जिला पंजीयक 10 प्रतिशत की निर्धारित सीमा तक सभी बड़े दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि पंजीयन अधिकारियों के मदद से कर अपवंचन को किसी भी तरीके से बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।मंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ में वैसे भी गाईड लाइन दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। ऐसी स्थिति में जिला पंजीयक और उप पंजीयक सुनिश्चित करेंगे कि गाईड लाईन से कम दर पर बाजार मूल्य निर्धारण किसी भी प्रकार से न करें। 01 महीने के भीतर दर्ज स्टाम्प प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। 01 सप्ताह के भीतर स्टाम्प रिफंड की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। अभियान चलाकर बकाया राजस्व की वसूली करेंगे। सभी बड़े दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से स्थल निरीक्षण करेंगे लेकिन स्थल निरीक्षण के लिए कोई दस्तावेज मनमाने समय तक पेंडिंग नहीं रखेंगे।मंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिया कि जनता का कार्य शीघ्रता और परिशुध्दता के साथ संपन्न हो इसके लिए पंजीयन विभाग के सेटअप को रिवाईज्ड किया जाये। रायपुर, दुर्ग तथा बिलासपुर जिले जहां राज्य के कुल राजस्व का 60 प्रतिशत हिस्सा आता है वहां पंजीयन अधिकारियों की संख्या को 04 गुना तक बढ़ाया जाये। विभाग में 505 स्वीकृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पद के विरूद्ध 260 पद रिक्त हैं। उन्होंने रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने के निर्देश दिये। उन्होंने भवन विहीन उप पंजीयक कार्यालयों में भवन निर्माण का प्रस्ताव तत्काल भेजने का निर्देश दिया। मंत्री श्री चौधरी ने सभी कार्यालयों में सी.सी.टी.वी. कैमरा एवं बायोमैट्रिक लगाने का भी निर्देश दिया।
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रायपुर। ""छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संरक्षण में रायपुर जिला शतरंज संघ तथा विप्र भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वाधान"" में आयोजित अंडर 15 बालक एवम बालिका चयन एवम फिडे रेटिंग प्रतियोगिता का समापन 18 अगस्त को शाम 5 बजे बजे विप्र भवन समता कॉलोनी में हुआ पुरुस्कार वितरण में मुख्य अतिथि रायपुर उत्तर विधानसभा के विधयक श्री पुरन्दर मिश्रा जी थे विशेष अतिथि के रूप में रायपुर नगर निगम के सभापति श्री प्रमोद दूबे जी ,रायपुर नगर निगम लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा जी , प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव श्री विनोद राठी जी एवम मितान के संस्थापक सदस्य श्री रामअवतार तिवारी जी थे।इस स्पर्धा में प्रदेश के हर सम्भाग से कुल169 प्रतिभागियो ने हिस्सा लिया जिसमे रायपुर के अलावा बस्तर,सरगुजा,कवर्धा, महासमुंद,दुर्ग,भिलाई,जगदलपुर राजनांदगांव ,धमतरी,शक्ति, रायगढ़ ,बिलासपुर ,चाम्पा समेत छत्तीसगढ़ के सुदूर हिस्सो से खिलाड़ियों ने भाग लियाइस प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक पाटन से आये फिडे ऑर्बिटर श्री रोकी देवांगन थे उनके साथ प्रतियोगिता में सहायक निर्णायक के रूप में चार सीनियर नेशनल ऑर्बिटर थे जिसमे रायपुर से श्री अनूप झा एवम श्रीमती हेमा नागेश्वर ,दुर्ग से दिव्यांशु उपाध्याय एवं महासमुंद से चंदन विश्वकर्मा थे।इनके अलावा दो स्टेट आर्बिटर संदीप पटले महासमुंद से तथा अभिनव पांडे बिलासपुर से थे।प्रतियोगिता में कुल 34 हजार रुपये कैश प्राइज के अतिरिक्त लगभग 28 मोमेंटो और 169 मेडल प्रतिभागियों को पुरुस्कार स्वरूप प्रदान किये गए।यह पूरा आयोजन प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव श्री विनोद राठी जी के संरक्षण में सम्पन्न हुआ एवम आयोजन समिति में एम चंद्रशेखर(उपाध्यक्ष छ ग प्रदेश शतरंज संघ) , आशुतोष शर्मा(अध्यक्ष रायपुर जिला शतरंज संघ) , नवीन शुक्ला(सचिव रायपुर जिला शतरंज संघ) ,विकास शर्मा ,रोहित यादव ,आनंद अवधिया, संदीप दीवान , गौरव दीवान,विवेक दुबे,अशोक दुबे ,पूनदास पाटले ,राघव शुक्ला,शिवांश शुक्ला,दीपक दीवान, एवम मोहम्मद लतीफ और रायपुर जिला शतरंज संघ के सभी सदस्य शामिल थे।ओपन वर्ग में 9 चक्र में 8अंक प्राप्त करके कोरबा के प्रभमन मल्होत्रा ने खिताब अपने नाम किया फाइनल राउंड में उन्होंने रायपुर के आलोक से ड्रॉ खेला।,और टाईब्रेक के आधार पर विजेता बनेदूसरे स्थान पर वनेध खटवा (दुर्ग)8अंक रहे एवं तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः आलोक कन्नौजे व औजस्य मोहता (रायपुर )रहे,पांचवे और छठे स्थान पर क्रमश ईशान सैनी (दुर्ग) व अभिनव वर्मा रहें।वही बालिका वर्ग में रायपुर की तनीशा ड्रोलिया ने 6.5 अंक के साथ खिताब अपने नाम किया, दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः राशि वरुढकर ,इशिका व जसमन कौर रहीं ।पांचवे और छठे स्थान पर क्रमश प्रतिष्ठा अहिरवार और सिवांगी सोनी रही।इनमे से दोनो ही वर्ग के शुरू के चार चार (खिलाड़ी 8 खिलाड़ी ) तमिलनाडु के होसुर में होने वाले राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।मुख्य स्पर्धा के अलावा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए 4 अलग-अलग कैटेगरी U7,U9,U11 और U13 में भी विजेता और उपविजेता को ट्रॉफी और मेडल प्रदान किये गए।अंडर 13 बालक वर्ग मे विवान रॉय (रायपुर ) प्रथम व रिमेश कालो (बिलासपुर) द्वितीय स्थान प्राप्त किया।।अंडर 13 बालिका वर्ग में काशवी जैन (दुर्ग) प्रथम व अदिति पांडे (बलौदा बाजार ) ने द्वितीय स्थान प्राप्त कियाअंडर 11 बालक वर्ग मे शिल्प कुमार गोढ़ेस्वर प्रथम व शौर्य चिमनानी (रायपुर) ने दुसरा स्थान प्राप्त किया।।अंडर 11 बालिका वर्ग मे आद्विका पांडे (रायपुर ) प्रथम व अगम्या साहू (रायपुर) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।अंडर 09 बालक वर्ग मे विवान गुप्ता (रायपुर ) रायपुर प्रथम व भव्यम झंवर (रायपुर ) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।।अंडर 09 बालिका वर्ग में प्रथम अनिका रेड्डी (रायपुर) , व सावी गौरी (रायपुर) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।।अंडर 07 बालक वर्ग मे अपूर्व भार्गव प्रथम व युवान कश्यप (रायपुर) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।।अंडर 07 बालिका वर्ग में अनिका गुप्ता (रायपुर) प्रथम व इधिका (राजनांदगांव) ने दुसरा स्थान प्राप्त किया।। - -प्रदेश स्तरीय दल ने शिकायत पर बिलासपुर के मदिरा दुकानों में की कार्रवाई, 18 दुकानों में मिली खामियां-मदिरा दुकानों में बायोमेट्रिक प्रणाली लागूबिलासपुर / आबकारी सचिव सह आयुक्त श्रीमती आर. संगीता के निर्देशन पर प्रदेशभर के मदिरा दुकानों की जांच के बाद निरंतर कार्रवाई की जा रही है। मदिरा दुकानों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई। इससे उनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। निर्धारित समय से अधिक कार्य करने पर ओव्हरटाइम भुगतान किया जा रहा है। इसी परिपेक्ष्य में बिलासपुर जिले में राज्य स्तरीय टीम ने मदिरा दुकानों की जांच की। जिनमें अनेकों खामियां पाई गई है। छ.ग. स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री श्यामलाल धावड़े के नेतृत्व में आबकारी, सी.एस.एम.सी.एल. एवं सी.एस.बी.सी.एल. मुख्यालय में पदस्थ 08 वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों की टीम गठित कर जिला बिलासपुर में संचालित 18 मदिरा दुकानों की आकस्मिक जांच कराई गई।उपरोक्त जांच में जिला बिलासपुर के कंपोजिट मदिरा दुकान मोपका, देशी, विदेशी मदिरा दुकान लिंगियाडीह, देशी, विदेशी मदिरा दुकान बिल्हा, कंपोजिट मदिरा दुकान छोटीकोनी, विदेशी मदिरा दुकान सरकंडा, देशी, विदेशी मदिरा दुकान सिरगिट्टी, देशी, विदेशी मदिरा दुकान सकरी, प्रीमियम मदिरा दुकान लिंक रोड तारबहार, देशीध्विदेशी मदिरा दुकान चुचुहियापारा, देश, विदेशी मदिरा दुकान व्यापार विहार एवं देशी, विदेशी मदिरा दुकान यदुनंदन नगर की जांच श्री श्यामलाल धावड़े, श्री राकेश मंडावी, अपर आयुक्त आबकारी, श्री आशीष श्रीवास्तव अपर आयुक्त आबकारी, श्री पी.एल. साहू उपायुक्त आबकारी, श्रीमती नीतू नोतानी उपायुक्त आबकारी, श्री नवीन प्रताप सिंह तोमर सहायक आयुक्त आबकारी, श्रीमती मंजुश्री कसेर सहायक आयुक्त आबकारी, श्री आशीष कोसम सहायक आयुक्त आबकारी की टीम द्वारा किए जाने पर मदिरा दुकानों में खामियां पाई गई। मदिरा दुकानों के नियमानुसार संचालन में पाई गई खामियों की समीक्षा के लिए जांचकर्ता टीम द्वारा जिला बिलासपुर के आबकारी नियंत्रण कक्ष में जिला बिलासपुर तथा संभागीय उड़नदस्ता बिलासपुर में पदस्थ समस्त आबकारी अधिकारीगण की संयुक्त बैठक लिया जाकर जांच के दौरान पाई गई समस्त कमियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा करते हुए राजस्व लक्ष्य प्राप्ति, उपलंभन एवं गुणवत्तापूर्ण आपराधिक प्रकरणों की कायमी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जांच के दौरान मिली अनेकों खामियांपॉपुलर ब्रांड की मदिरा की अनुपलब्धता, मदिरा ब्रांडों का विक्रय हेतु काउंटर में प्रदर्शन नहीं, प्रभारी आबकारी अधिकारियों द्वारा मदिरा दुकानों का नियमित निरीक्षण नहीं, प्रतिदिन की बिक्री राशि के बैंक जमा की रसीद दुकान में उपलब्ध नहीं, बियर के सभी ब्रांडों को विक्रय हेतु फ्रीजर में ठंडा करके नहीं, दुकान के सुरक्षागार्ड का समय पर दुकान में उपलब्ध नहीं, उपकरणों, फर्नीचर एवं फिक्चर्स के मेंटनेंस का अभाव, संग्रहित खाली कॉर्टन का नियमित विक्रय, उठाव नहीं, अधिकांश मदिरा दुकानों में अहातों का व्यवस्थापन, संचालन नहीं होना, दुकान परिसर में पर्याप्त साफ-सफाई का अभाव।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा और उद्योगों के बीच तालमेल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने केन्द्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के तत्वाधान मंे सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. एम.के. वर्मा की अध्यक्षता मंे संपन्न हुआ। एमओयू पर सीआईपीईटी रायपुर की ओर से डायरेक्टर डॉ. आलोक कुमार साहू एवं सीएसवीटीयू की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. अंकित अरोरा ने हस्ताक्षर किये। छात्रों को आधुनिक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त बनाना है। साथ ही पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक, पॉलिमर, केमिकल इंजीनियरिंग के अन्य क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास के महत्व को पहचानना। इस एमओयू के द्वारा पहली बात प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स के को-इन्क्यबेशन की सुविधा को शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से एक स्टार्टअप दोनों संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकेगा। छात्रों को शोध और विकास के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। सीएसवीटीयू और सीआईपीईटी के संयुक्त प्रयासों से छात्रों को अपने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों को न केवल उनके तकनीकी कौशल में वृद्धि होगी बल्कि उन्हें नए-नए प्रोजेक्ट्स के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में प्रवेश करने का भी अवसर मिलेगा।विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को प्लास्टिक टेक्नॉलजी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उन्नत प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। संयुक्त रूप मंे दोनों ही संस्थान एक दूसरे के विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स एवं शोध कार्यों मे सहयोग करेंगे। इको फ़्रेंडली प्लास्टिक उत्पादों और कम लागत के पैकेजिंग विकल्पों का डिजाइन, विकास और विनिर्माण मे सहयोग किया जाएगा। सीएसवीटीयू अपने फाउंडेशन फॉर रुरल टेक्नॉलजी एण्ड आन्ट्रप्रनर्शिप (फॉर्ट) के माध्यम से छात्रों को उनके स्वयं के उद्यम शुरू करने में मदद करने के लिए आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इससे छात्र न केवल नौकरी चाहने वाले बनेंगे, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन सकेंगे, जिससे राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा। यह पहल छात्रों को स्वावलंबी बनने और अपनी उद्यमशील क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगी। विभिन्न कार्यशालाओं, सेमिनारों, और इंडस्ट्री विज़िट्स का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्र उद्योगों में होने वाली नवीनतम प्रगति से अवगत हो सकेंगे। यह छात्रों के लिए न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगा, जिससे वे उद्योगों की चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। राज्य में तकनीकी शिक्षा के विकास और उद्योगों के साथ तालमेल बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल छात्रों को लाभ होगा बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के तकनीकी और औद्योगिक विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी। यह समझौता छात्रों को उनके कौशल और ज्ञान को उद्योग की मांगों के अनुरूप विकसित करने में मदद करेगा, जिससे वे भविष्य में विभिन्न उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
- दुर्ग / कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहदा (अ) दुर्ग में 16 अगस्त 2024 को गाजरघास उन्मूलन सप्ताह अंतर्गत गाजरघास जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केन्द्र की सस्य वैज्ञानिक डॉ. नीतू स्वर्णकार ने बताया कि गाजरघास, जिसे आमतौर पर कांग्रेस घास, चटख चांदनी के नाम से भी जाना जाता है, एक विदेशी खरपतवार है। भारत में पहली बार 1950 के दशक में दृष्टिगोचर होने के बाद यह विदेशी खरपतवार रेलवे ट्रैक, सड़क किनारे, बंजर भूमि सहित कई स्थानों पर उगता है जो कि मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। यह त्वचा और श्वसन तंत्र को जबरदस्त रूप से प्रभावित करती है। इस घास से एलर्जी इतनी खतरनाक होती है कि मनुष्य घातक रूप से अस्थमा से ग्रस्त हो सकते हैं। इसको नष्ट करने का उपाय यह है कि फूल लगने से पहले ही सावधानीपूर्वक हटा दिया जाए। गाजरघास मनुष्य के साथ-साथ पशुओं के लिए भी हानिकारक है। इसे खाने से दुधारू पशुओं का दूध कड़वा हो जाता है तथा मात्रा भी कम हो जाती है। इसलिए इस खरपतवार को फलने से पहले ही उखाड़ कर जला दिया जाना चाहिए ताकि इसके बीज न बन पावे व न ही फैल पावे। उक्त कार्यक्रम में 29 कृषक व महिला कृषक उपस्थित थे। इस दौरान केन्द्र की मृदा वैज्ञानिक डॉ. ललिता रामटेके तथा उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. कमल नारायण भी उपस्थित थे।
- - निगम आवासीय परिसर में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजनरायपुर / छत्तीसगढ़ के उद्योग वाणिज्य एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि वे केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने हेतु पूरी निष्ठा व दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दर्जनों जनहितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है, इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, लोग योजनाओं से लाभांवित हो, यह हम सबका दायित्व है।उक्त बातें उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर कोरबा में आयोजित एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 22 अंतर्गत नगर निगम आवासीय परिसर के पास प्रभारी मंत्री मद से स्वीकृत एवं 05 लाख 50 हजार रूपये की लागत से निर्मित होने जा रहे सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की तथा शिलान्यास पट्टिका का अनावरण कर निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया।उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि मेरा लगातार प्रयास है कि कोरबा का समग्र विकास हो तथा हमारा कोरबा एक पूर्ण विकसित शहर बनें। उन्होने कहा कि मुझे जनसेवा का सर्वप्रथम अवसर नगर निगम कोरबा के माध्यम से ही मिला था, एक पार्षद के रूप में और एक महापौर के रूप में मैंने कोरबा की जनता की सेवा की, उस दौरान निगम के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने मेरे साथ मिलकर एक परिवार की तरह कार्य किया तथा कोरबा का ऐतिहासिक विकास किया गया।उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि कई बड़ी योजनाओं के साथ-साथ लगभग 200 करोड़ रूपये के विकास कार्य वर्तमान में स्वीकृत कराए गए हैं, उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन कार्याे की निविदा आदि की कार्यवाही शीघ्र से शीघ्र संपादित कराएं, ताकि विकास कार्य प्रारंभ किए जा सकें तथा इनका लाभ आमजनता को प्राप्त हो सके।सार्वजनिक पण्डाल निर्माण की घोषणाइस अवसर पर नगर निगम कोरबा के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा निगम आवासीय परिसर में सार्वजनिक पण्डाल निर्माण कराए जाने का आग्रह उद्योग मंत्री श्री देवांगन से किया, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर में विधायक निधि से 07 लाख रूपये की लागत से सार्वजनिक पण्डाल का निर्माण कराए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, चन्द्रलोक सिंह, नारायणदास महंत, वरिष्ठ नेत्री उमाभारती सराफ, अजय विश्वकर्मा, अधिवक्ता निखिल शर्मा, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, राखी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- - बच्चों ने जाना जैव विविधता संरक्षण का महत्वरायपुर // जैवविविधता से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य में पाए जाने वाले जीव-जंतु एवं पौध, वनस्पति की प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग एवं आर्थिक महत्व को जानने के उद्देश्य से पैराटैक्सोनामी एवं जैवविविधता संरक्षण के लिए आयोजित 30 दिवसीय कोर्स का समापन गत दिवस 17 अगस्त को हुआ। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के दिशा निर्देशन में छत्तीसगढ राज्य जैवविविधता बोर्ड एवं राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) कोलकाता के सहयोग से संपन्न कराया गया।प्रशिक्षण में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस में दिया गया। यह प्रशिक्षण कांकेर, कोंडागांव, केशकाल, पूर्व भानुप्रतापपुर, पश्चिम भानुप्रतापपुर एवं नारायणपुर वनमंडलों के अंतर्गत गठित बी.एम.सी. के तहत आने वाले जीवविज्ञान में स्नातक/ 12वी. पास छात्र/छात्राओं को चयनित कर दिया गया। प्रशिक्षण में उक्त वनमंडलों से 40 तथा बी.एस.आई. से आए 13 प्रशिक्षणार्थियों कुल 53 प्रशिक्षणार्थी के द्वारा कोर्स में सहभागिता की गई। प्रशिक्षण का मुख्य बिंदु उनके क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव जंतु एवं पौध, वनस्पति प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग को जानना, उनके उत्पादन की मात्रा को जानना था। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को जंगल सफारी, मोहरेंगा, सिरपुर, अर्जुनी, बारनवापारा आदि स्थलों का भ्रमण कराते हुए समृद्ध पौध प्रजातियों के पहचान, उनकी उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस एवं अन्य स्थानों पर 93 फंगस की प्रजातियां, फ्लोरा की 153 प्रजातियां, औषधीय पौधों की 47 प्रजातियां एवं बीज की 187 प्रजातियों को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया गया।प्रशिक्षण में छात्र-छात्राओं के द्वारा पौधों की पहचान करना, उनकी औषधीय उपयोगिता को जानना, हरबेरियम तैयार करने के तरीके तथा संरक्षण के तौर तरीकों से अवगत हुए। इस प्रशिक्षण से छात्र/छात्राओं के पौध प्रजातियों के देखने के नजरिए में परिवर्तन हुआ तथा वे इनके संरक्षण की दिशा में कार्य करने को तत्पर हुए हैं। इन युवाओं के द्वारा अपने ग्राम पंचायत एवं आस-पास के ग्राम पंचायतों में इस जानकारी एवं ज्ञान का प्रचार-प्रसार करने की सहमति व इच्छा जाहिर की गई। बी.एस.आई. से आए प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 1500 औषधीय पौधों की जानकारी प्राप्त की गई।कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.श्रीनिवास राव, वैज्ञानिक, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया डॉ. एस.एस. दास उपस्थित थे।प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राव ने कहा कि वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा पहली बार इस कोर्स का आयोजन किया गया है तथा पौधों की उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व को जानने से ही इन पौधों के महत्व का पता चलता है। इस पैराटैक्सोनामी कोर्स के प्रशिक्षण उपरांत छात्र/छात्राओं को इसे पर्यटन (होमस्टे, नेचर ट्रेल, जंगल गाईड) से जोड़ने तथा इन युवाओं का उपयोग बी.एम.सी. ट्रेनिंग, पी.बी.आर. के अपग्रेडेशन कार्य में उपयोग किए जाने का सुझाव भी दिया गया। श्री राव द्वारा प्रशिक्षण उपरांत 4-5 ग्रामों के बीच एक प्रशिक्षित युवा को रखकर विभागीय कार्यों के साथ समन्वय किये जाने का भी सुझाव दिया गया। साथ ही भविष्य में पुनः इस पैराटैक्सोनामी कोर्स का आयोजन बस्तर वृत्त एवं सरगुजा वृत्त के छात्र/छात्राओं को प्रदान किए जाने हेतु योजना तैयार करने के निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड को दिए।उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
- दुर्ग / 77वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर वन विभाग दुर्ग के तत्वाधान में 1 पेड़ माँ के नाम एवं महतारी वंदन स्वरुप पौधारोपण का कार्यक्रम सर्किट हाउस दुर्ग में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कचनार पौधा का रोपण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने पर्यावरण के संरक्षण एवं विकास हेतु अधिक मात्रा में वृक्षारोपण कार्य को संकल्पित होकर पौधों का संरक्षण करते हुए स्वच्छ एवं सुन्दर वातावरण निर्मित करने में अपना सहयोग प्रदान करने हेतु जनमानस से आग्रह किया। मौके पर उपस्थित समस्त विभाग के विभाग प्रमुख, वन मंडल दुर्ग के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा मौलश्री, अमरूद, आम, चम्पा, बादाम, जामुन इत्यादि प्रजाति के पौधों का सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात वन मंडल दुर्ग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों श्री गोपाल ध्रुव, शहीद खान, त्र्यंबक साहू, जय श्रीराम साहू, महेंद्र यादव को वन मंत्री श्री कश्यप के द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधायक दुर्ग शहर श्री गजेंद्र यादव, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर तथा श्री जितेंद्र वर्मा, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी श्री जितेंद्र शुक्ला, एडीएम श्री अरविंद कुमार एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, डीएफओ श्री चंद्रशेखर परदेशी, एसडीओ श्री डी.के. सिंह एवं वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला दुर्ग के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अगस्त माह में त्यौहारी सीजन के मद्देनजर तैनात खाद्य प्रतिष्ठानों एवं मिठाई दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है तथा संदेह के आधार पर मेसर्स तृप्ति मिठाई दुर्ग से बूंदी लड्डू एवं गुलाब जामुन, जलाराम मिष्ठान भंडार दुर्ग से सुपर पेड़ा, जलाराम स्वीट्स कैलाश नगर भिलाई से खोवा, संगम स्वीट्स स्मृति नगर भिलाई से मिनी पेड़ा, न्यू सम्राट मिष्ठान भंडार उतई से छेना टोस्ट, खेदामारा से बेसन लड्डू, सुमन स्वीट्स एवं डेली नीड्स धमधा से पेड़ा एवं सौंठ लड्डू का नमूना संग्रहित कर परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यादव मिष्ठान एवं भोजनालय जामगांव आर का निरीक्षण किया गया। फर्म में पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट, जल परीक्षण रिपोर्ट, फास्टेक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट आदि मौके पर नहीं पाए गए। न्यू सम्राट मिष्ठान भंडार के मामले में भी यही स्थिति रही। मौके पर ही दोनों फर्मों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। इसी क्रम में इंदौर सेव भंडार सिकोलाभाटा दुर्ग पर खारी अमानक पाए जाने पर 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
- -बीटीआई ग्राउंड में 17 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित है यह मेलारायपुर / राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में आयोजित दिव्य कला मेला को दिव्यांगजनों के साथ-साथ आमजनों द्वारा भी बेहद सराहा और पसंद किया जा रहा है। लोग रक्षा बंधन पर्व के लिए खरीददारी करने के लिए भी मेले में आ रहे हैं। 16 राज्यों से आए हुए दिव्यांग कारीगर एवं उद्यमियों के शिल्प कौशल व उत्पादों को सराहा व खरीदा जा रहा है। दिव्यांगजनों को इस मेले में मार्केटिंग के लिए बेहतरीन मंच मिला है। रंग बिरंगी राखी,घर की साज सज्जा, ऊनी, सूती व रेशमी कपड़े, विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ, ऑर्गेनिक खाद्य सामग्री, जूट से बने सामान, हस्तशिल्प व हथकरघा के सामान, पश्मीना शॉल, जूते, ज्वैलरी, लकड़ी के सामान, खिलौने और हर राज्य के खाने पीने के स्टाल लगाए गए हैं। यह मेला सवेरे 10.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक संचालित किया जा रहा है तथा प्रत्येक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है। इस मेले का आयोजन 23 अगस्त तक आयोजित है।गौरतलब है कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत दिवस राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में 17वें ’दिव्य कला मेला’ का भव्य शुभारंभ किया है। दिव्य कला मेला एक ऐसी पहल है जो दिव्यांग उद्यमियों और कारीगरों को उनकी कला और उद्यम का प्रदर्शन करने का एक नया मंच प्रदान करता है। इस मेले का आयोजन नई दिल्ली से लेकर देश के विभिन्न शहरों जैसे वाराणसी, भोपाल, मुंबई, गुवाहाटी, इंदौर, जयपुर, सिंकदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, पटना शहरों में हुआ है। भविष्य में देश के शहरों में भी इसका आयोजन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि दिव्य कला मेले में लाखों की संख्या में दिव्यांग और आमजन पहुंचते हैं। दिव्य कला मेले को लेकर लोगों का यह कहना है कि सरकार की तरफ से यह एक बहुत शानदार पहल है इससे न सिर्फ दिव्यांगजनों की उद्यमिता का प्रदर्शन होता है बल्कि वोकल फॉर लोकल के थीम को भी बढ़ावा मिलता है।
- रायपुर / वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्री कश्यप ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आएं और इस पावन पर्व पर वृक्षारोपण कर प्रकृति के साथ अपनी बंधुत्व भावना को प्रकट करें। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है।
- -श्री शर्मा ने परिवारजनों से की भेंट-मुलाकातरायपुर / उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम बम्हनी पहुंचकर स्वर्गीय गायत्री कौशिक की निधन पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की तथा श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मृतक की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा इस अवसर पर परिवारजनों से भेंट मुलाकात कर घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री मनहरण कौशिक सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन तथा परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
- प्रदेशवासियों के लिए सुख,शांति और समृद्धि की कामना कीकांवड़ यात्रा में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत और श्री मोतीलाल साहू भी उपस्थित रहेरायपुर /राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज गुढियारी स्थित मारुती मंगलम भवन में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री एवं सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री राजेश मूणत और विधायक श्री मोतीलाल साहू भी उपस्थित थे।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की।उन्होनें प्रदेश वासियों की मनोकामना पूरी होने और सुख,शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी को कांवड़ यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 793.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 18 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1720.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 436.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 772.5 मिमी, बलरामपुर में 1141.4 मिमी, जशपुर में 625.0 मिमी, कोरिया में 781.6 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 795.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 677.1 मिमी, बलौदाबाजार में 821.1 मिमी, गरियाबंद में 755.8 मिमी, महासमुंद में 568.7 मिमी, धमतरी में 728.3 मिमी, बिलासपुर में 708.7 मिमी, मुंगेली में 788.3 मिमी, रायगढ़ में 698.4 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 445.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 780.7 मिमी, सक्ती 656.0 मिमी, कोरबा में 999.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 752.8 मिमी, दुर्ग में 509.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 630.1 मिमी, राजनांदगांव में 835.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 924.0 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 586.8 मिमी, बालोद में 856.0 मिमी, बेमेतरा में 459.3 ममी, बस्तर में 872.2 मिमी, कोण्डागांव में 795.2 मिमी, कांकेर में 1036.7 मिमी, नारायणपुर में 923.9 मिमी, दंतेवाड़ा में 1007.1 मिमी और सुकमा जिले में 1092.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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जशपुर. जिले में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं की मौत हो गई है और सात अन्य घायल हो गईं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जिले के पत्थलगांव और बागबहार थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने की दो घटनाओं में तीन महिलाओं श्रद्धा यादव (35), राखी पैंकरा (20) और अखियारो मिंज (40) की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, पत्थलगांव क्षेत्र के अंतर्गत चंदागढ़ गांव में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे नौ महिलाएं खेत में काम करने गई थीं, तभी वहां अचानक बारिश होने लगी और तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में दो महिलाओं श्रद्धा और राखी की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गईं। उन्होंने बताया कि जब अन्य ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, तब प्रभावितों को अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इसी तरह की एक अन्य घटना में बागबहार क्षेत्र के अंतर्गत कुरकुट नाले के करीब खेत में काम करने के दौरान अखियारो मिंज नामक महिला आकाशीय बिजली की चपेट में आने से झुलस गई। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जशपुर जिले में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो जाती है। जिले में इन घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है।
- दुर्ग / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये राज्य के संभागायुक्तों और कलेक्टर्स की बैठक ली। बैठक में राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, भूअर्जन, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, एक पेड़ मां के नाम, नारी शक्ति से जल शक्ति, जल जीवन मिशन, श्रम पोर्टल में दर्ज श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कलेक्टरों से जिलेवार जानकारी ली।मुख्य सचिव ने राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ग्रामीण इलाकों में एक कारगर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह से जिलों में जनदर्शन कार्यक्रम के तहत निराकृत प्रकरणों के ऑंकड़े रखने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार कर प्रकरणों के निराकरण की जानकारी जिलेवार ली गई। भू-अर्जन में बटांकन में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए लोक निर्माण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पंजीयन विभाग और अन्य सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए कहा।जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण ऑकड़ों को पोर्टल में अपलोड करने और जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत एफएचटीसी प्राप्त करने वाली पंचायतों और ग्रामों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों को श्रम पोर्टल में दर्ज सभी श्रमिकों के राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बाल अधिकारों के संरक्षण के संबंध में जिलेवार की गई कार्यवाही की समीक्षा भी गई। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों से पोषण ट्रेकर एप्प में पोषण संबंधी जानकारी की प्रविष्टि की प्रगति की जानकारी ली।मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, व्यवस्थापन और फ्री होल्ड के संबंध में शासन द्वारा जारी परिपत्रों और निर्देशों के तहत जिलेवार की गई कार्यवाही के संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली गई। इसी तरह से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत किए गए कार्यों की जानकारी ली गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, मुख्य कार्यापालन अधिकारी श्री अश्विनी देवांगन, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, श्री मुकेश रावटे, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, महिला एवं बाल विकास के अधिकारी श्री अजय शर्मा सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लगातार स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार हो रहा है। इसी का परिणाम अब सामने आने लगा है। कलेक्टर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाए में निरंतर प्रगति हो रही है । मंदिरहसौद के स्वास्थ्य केंद्र ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई है। जहां 48 घंटे के भीतर 13 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है। वह बच्चे सामान्य प्रसव से हुए है। वर्तमान में जज्जा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ है।सीएमएचओ डाॅ. मिथिलेश चैधरी ने मंदिरहसौद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित जननी सुरक्षा योजना का सुचारू संचालन का जायजा लेते हुए अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रसूता महिलाओं से हाल-चाल पूछा और प्रसव उपरांत पोषण आहार, बच्चों की रेखदेख करने उचित मार्गदर्शन दिया। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक महीने में औसत 60-80 सामान्य व सुरक्षित प्रसव करवाने पर सभी हॉस्पिटल स्टाफ को बधाई व शुभकामनाएँ दीं।इस उपलब्धि में विशेष सहयोग स्टाफ नर्स श्रीमती तोशिमा डहरिया जिन्होंने कुल 13 में से 9 प्रसव करवाया। इनके साथ ही श्रीमती प्रतिभा साहू, श्री श्रवण तिवारी, स्टाफ नर्स श्रीमती सपना पलित, श्रीमती गीता मंडल, श्रीमती उषा सिंह का भी विशेष सहयोग रहा।
- बिलासपुर / कलेक्टर अवनीश शरण ने सिलपहरी में गत दिनों सड़क दुर्घटना में 9 गायों की मौत की जांच के लिए एसडीएम बजरंग वर्मा की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय टीम गठित की है। टीम ने आज इस सिलसिले में सिलपहरी गांव का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों और पशुपालकों से दुर्घटना के संबंध में चर्चा की और बयान लिए। दुर्घटना में मृत मवेशी किसके थे। घटना स्थल पर मवेशी कैसे पहुंचे। मवेशियों की मौत में किससे लापरवाही हुई है सहित और कई विषयों पर सुझाव लिए गए। मवेशियों को सड़क पर बैठने से कैसे रोका जाए, ताकि दुर्घटना से बचा जा सके,इस पर चर्चा किया गया। ग्रामीणों को अपने पशुओं की देखभाल करने की समझाइश दी गई। उन्होंने घटना स्थल का भी निरीक्षण कर कारण जानने का प्रयास किया। इस अवसर पर जांच टीम के सदस्य संजय कुमार साहू, उप पुलिस अधीक्षक यातायात, विजय चौधरी सिरगिट्टी थाना प्रभारी, शिवानी सिंह तोमर, उप संचालक पंचायत, संदीप पोयम जनपद सीईओ बिल्हा, डॉ. अरविंद त्रिपाठी पशु चिकित्सा अधिकारी बिल्हा तथा आरपी यादव ईई राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जन उपस्थित थे।
- -ओपीडी आईपीडी सभी मरीजों की हुई देखभालबिलासपुर / कोलकाता स्थित आर जी कर मेडिकल कॉलेज में पीजी छात्रा के साथ हुई घटना के विरोध मेंआज सिम्स हॉस्पिटल में कार्यरत पीजी रेसिडेंस डॉक्टर्स और जूनियर डॉक्टर्स के स्ट्राइक में जाने के कारण सभी विभागाध्यक्ष को अपने अपने विभाग के ओपीडी का संचालन कंसलटेंट से कराने के लिए निर्देशित किया गया था जो कि सफलता पूर्वक कार्यान्वित हुआ। किसी भी मरीज़ को कोई परेशानी नहीं हुई। दोपहर बाद सीनियर और जूनियर डॉक्टर अपने कार्य पर उपस्थित हो गये, जिससे वार्ड में भर्ती मरीजों का सफलता पूर्वक इलाज किया जा रहा है । सभी नर्सिंग स्टाफ द्वारा मरीजों का पूर्ण देखभाल किया गया । डीन डॉ कमल किशोर सहारे द्वारा दोपहर में ट्राइज कैज्यूलिटी तथा विभिन्न वार्ड का राउंड लिया गया । कीचन का निरीक्षण किया गया । डॉ निगम प्राध्यापक निश्चेतना विभाग और डॉ समीर पैकारा सहायक चिकित्सा अधीक्षक ने भी राउंड लेकर स्थिति का निरीक्षण किया ।
- रायपुर। टिकरापारा उर्फ गभरा पारा, रायपुर निवासी श्री आनंद मोहन मिश्रा का 65 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया। वे स्वर्गीय रामखिलावन मिश्रा (चंपारण वाले) के पुत्र, श्रीमती कुमुद मिश्रा के पति, आकाश मिश्रा, सागर मिश्रा के पिता तथा अश्वनी शर्मा के लघु भ्राता थे। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास (गभरापारा) टिकरापारा से मारवाड़ी मुक्तिधाम के लिए रविवार को प्रात: 10 बजे निकलेगी।
- -महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा कीरायपुर, / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये राज्य के संभागायुक्तों और कलेक्टर्स की बैठक ली। बैठक में राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, भू-अर्जन, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, एक पेड़ मां के नाम, नारी शक्ति से जल शक्ति, जल जीवन मिशन, श्रम पोर्टल में दर्ज श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर कलेक्टरों से जिलेवार जानकारी ली।मुख्य सचिव ने राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए ग्रामीण इलाकों में एक कारगर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह जिलों में जनदर्शन कार्यक्रम के तहत निराकृत प्रकरणों के ऑंकड़े रखने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार कर प्रकरणों के निराकरण की जिलेवार जानकारी ली गई। भू-अर्जन के बटांकन में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए लोक निर्माण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पंजीयन विभाग और सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के लिए कहा।जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत महत्वपूर्ण ऑकड़ों को पोर्टल में अपलोड करने और जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत एफएचटीसी प्राप्त करने वाली पंचायतों और ग्रामों में हुई प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग और श्रम विभाग के अधिकारियों को श्रम पोर्टल में दर्ज सभी श्रमिकों के राशन कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से बाल अधिकारों के संरक्षण के संबंध में जिलेवार की गई कार्यवाही की समीक्षा की। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों से पोषण ट्रेकर एप में पोषण संबंधी जानकारी की प्रविष्टि की प्रगति की जानकारी ली।मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, व्यवस्थापन और फ्री होल्ड के संबंध में शासन द्वारा जारी परिपत्रों और निर्देशों के तहत जिलेवार की गई कार्यवाही के संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत किए गए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस संबंध में जांजगीर-चांपा जिले द्वारा जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेस्ट प्रेक्टिस पर प्रस्तुतिकरण भी दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी, संभागायुक्त और जिले के कलेक्टर मौजूद थे।
- -जशपुर क्षेत्र में 15 विभिन्न सड़कों का होगा निर्माणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार राज्य में मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए सड़कें, पुल-पुलिया के साथ ही स्कूल, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों के निर्माण आदि के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार स्वीकृति दी जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर ही जशपुर क्षेत्र के लिए 15 विभिन्न सड़कों के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर क्षेत्र में भुड़केला से लवानदी तक 2.10 किमी की लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 38 लाख 77 हजार रूपए, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से छोटा बनई पहुंच मार्ग 2.40 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 57 लाख 84 हजार रूपए, बघियाकानी से शिवमंदिर तक मार्ग लंबाई 0.60 किमी निर्माण कार्य हेतु 87 लाख 21 हजार रूपए, ठेठेटांगर से बरंगजोर मार्ग 1.18 किमी निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 44 लाख 89 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार एस.एच.17 में 15/10 से घुईडांड मार्ग 1.70 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 93 लाख 06 हजार रूपए, गड़ाकटा-दुलदुला मार्ग के किमी 10/4 से ग्राम रजौटी पहुंच मार्ग लंबाई 1.68 किमी. निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 87 लाख 33 हजार रूपए, कंदाडोड़हा से घुमरा पहुंच मार्ग लंबाई 0.80 किमी निर्माण कार्य हेतु 78 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।इसी तरह मयाली रिसोर्ट से देवबोरा बस्ती पहुंच मार्ग 1.26 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 1 करोड़ 27 लाख 41 हजार, बालाछापर-आरा-सकरडेगा मार्ग से कारीताला 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 25 लाख 71 हजार रूपए, खरवाटोली से बांधाटोली 2.00 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 33 लाख 99 हजार रूपए, बेलसोंगा से रनपुर पहुंच मार्ग लंबाई 1.38 किमी निर्माण हेतु 01 करोड़ 70 लाख 95 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार मुख्यमार्ग सिंगीबहार से रघराटोली 1.12 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ 88 लाख 36 हजार रूपए, डिपाटोली (सिंगीबहार) से धवईटोली तक 1.36 किमी लंबी सड़क निर्माण हेतु 02 करोड़ 03 लाख 95 हजार रूपए, बहराखैर से जुड़वाईन लंबाई 1.63 किमी निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 29 लाख 96 हजार रूपए एवं जशपुर के एन.एच. 73 खड़सा से कोमड़ो तक 1.94 किमी लंबी सड़क निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 45 लाख 68 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -दिव्यांगजनों के हित के लिए होनी चाहिए सबकी सहभागिता-32 करोड़ रूपए की लागत से ग्राम ठाकुरटोला में सीआरसी के नये भवन का किया गया है निर्माण-केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया सीआरसी भवन का निरीक्षणरायपुर / केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार खटीक और प्रदेश के महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज राजनांदगांव के ग्राम ठाकुरटोला में दिव्यांगजन कौशल विकास पुनर्वास और सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने सीआरसी के पुराने भवन का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग उपस्थित रहे।केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि देश में दिव्यांगजनों के पुर्नवास एवं विशेष शिक्षा के लिए 10 राष्ट्रीय संस्थान तथा 25 सीआरसी चलाये जा रहे हैं। यह प्रदेश का पहला सीआरसी सेंटर राजनांदगांव में पुराने भवन में संचालित है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नये भवन का निर्माण कराया गया है। इस केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए दी जा रही सेवाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी। यहां फिजियोथैरेपी के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा। दिव्यांगजनों को ज्यादा अच्छी सुविधाएं मिलगी। ज्यादा मशीनें उपलब्ध करवायेंगे। डिप्लोमा कोर्स के साथ-साथ डिग्री कोर्स, प्रोफेशनल कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। यहां के विद्यार्थी दिव्यांगजनों के क्षेत्र में विशेषज्ञ तौर पर सेवाएं दे सकेंगे। यह सीआरसी दिव्यांगजनों के लिए व्यावहारिक केन्द्र बनने वाला है। साथ ही मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांग बच्चों का ईलाज एवं उनको सशक्त बनाने के लिए कार्य किया जा सकेगा, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रति आभार प्रकट किया। सीआरसी भवन में सुविधाओं का विस्तार हेतु 11 करोड़ रूपए हॉस्टल के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीआरसी में सुविधा एवं गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कहते है कि सबका साथ सबका विकास की मंशा के साथ हमें दिव्यांगजन को भी सशक्त बनाने की जरूरत है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना लेकर चल रहे हैं। इस सपने को साकार करने के लिए सीआरसी को सशक्त बनाना है। दिव्यांगजनों से संबंधित सभी संस्थानों को सशक्त बनाया जा रहा है।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह सीआरसी दिव्यांगजनों के लिए वरदान साबित होगा। दिव्यांगजनों को सशक्त करने की दिशा में केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सीआरसी नया भवन राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत ठाकुरटोला में निर्माण किया गया है। यह भवन 32 करोड़ की लागत से लगभग 2 मंजिला सर्व सुविधायुक्त बनाया गया है। इस भवन में कुल 35 कमरे हैं, जिसमें भूतल में 17 कमरे, पहली मंजिल में 18 कमरे का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर श्री आलोक सोठी, सीआरसी निदेशक श्रीमती स्मिता महोबिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -विधानसभा अध्यक्ष लाभार्थी किसान सम्मेलन में हुए शामिल-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के कैलेण्डर, प्रसार पत्रक और अर्धवार्षिकी पुस्तिका का किया विमोचन-किसानों को पावर रिपर, तेलघानी यंत्र, स्पेयर का किया वितरणरायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजधानी रायपुर के समीप ग्राम बरौंडा में स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित लाभार्थी किसान सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अतिथियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत प्रबंधन संस्थान परिसर में रूद्राक्ष का पौधा रोपण किया। डॉ सिंह ने इस दौरान प्रतीक स्वरूप पांच किसानों को कृषि यंत्र पावर रिपर, तेलघानी यंत्र, स्पेयर पंप का वितरण किया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लाभार्थी किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान साथी जैविक तनाव या बायोटिक स्ट्रेस जैसी गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाकर आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर कार्य कर रहे हैं। जैविक तनाव से तात्पर्य पौधे पर जीवित जीवों के हानिकारक प्रभाव से है, जिसमें कीड़े, कवक, बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगजनक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कृषि में जैविक तनावों पर बुनियादी, रणनीतिक और अनुकूल अनुसंधान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की भूमि से अधिक से अधिक अन्न उपार्जित कर प्रदेश में भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर पायें इस उद्देश्य से 7 अक्टूबर, 2012 को इस संस्थान की यहां आधारशिला रखी गई थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस संस्थान को 28 सितंबर 2021 को राष्ट्र को समर्पित किया था। तब से लेकर अब तक इस संस्थान ने कई अनुसंधान किये, कृषि जगत में निरंतर छत्तीसगढ़ के किसानों की बेहतर फसल के लिए काम किये और ढेरों उपलब्धियां अर्जित की हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि देश में जैविक स्ट्रेस से सालाना लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये की कृषि उपज का नुकसान होता है।भारत में जैविक स्ट्रैस के कारण सभी वस्तुओं में 30-35 प्रतिशत नुकसान होता है, वैश्विक स्तर पर, कीटों के कारण फसल उत्पादन का 10 से 28 प्रतिशत तक नुकसान होता है। एक ओर जहाँ अन्न के आभाव में बहुत सारे देश भुखमरी की स्थिति से गुजर रहे हैं तब दूसरी तरफ इतनी बड़ी संख्या में फसलों का नुकसान यह दिखाता है कि जैविक तनाव कृषि के लिए कितनी बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए इस संस्थान द्वारा रणनीति बनाकर और तकनीकी रूप से बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत कुल 3966 कृषक परिवारों और जनजातीय उप-योजना के तहत कुल 3324 कृषक परिवारों को शामिल किया गया है। प्रदेश के 13 जिलों जशपुर, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बस्तर, महासमुंद, गरियाबंद, कोरबा, सरगुजा, धमतरी, बलौदाबाजार- भाटापारा, दुर्ग और रायपुर अंतर्गत कुल 333 गांवों को परियोजनाओं का लाभ दिया गया है। उन्होंने संस्थान द्वारा किसानों को समर्थन प्रदान करने के साथ ही अनुसंधान और युवाओं को कृषि के प्रति सजग बनाने की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष किसानों को 6000 रूपये का आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, तीसरी बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले ’पीएम किसान सम्मान निधि’ की 17वीं किश्त जारी कर, किसानों के बैंक खातों में 20,000 करोड़ रूपये अंतरित की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना, पीकेवीवाई (परंपरागत कृषि विकास योजना), किसान क्रेडिट कार्ड जैसी ढेरों योजनाओं के माध्यम से श्री मोदी ने देश के अन्नदाताओं के हाथ मजबूत कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ में डेढ़ दशक की हमारी सरकार में हमने देश में पहली बार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराकर एक कीर्तिमान स्थापित किया। छत्तीसगढ़ की प्रमुख फसल धान को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था को कंप्यूटर तथा ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ा। धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से संपूर्ण मॉनिटरिंग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनाया।प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा करते हुए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का तत्काल भुगतान किसानों को किया। 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए की राशि दी। इस साल खरीफ सीजन में 145 लाख मी. टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है।पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 13 लाख किसानों के बैंक खाता में 3716 करोड़ रुपए का बकाया धान बोनस की राशि अंतरित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को भी पूरा किया है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राजधानी रायपुर के समीप स्थित राष्ट्रीय स्तर का यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान द्वारा देश और प्रदेश के किसानों के हित में रणनीति बनाकर जैविक तनाव को कम करने की दिशा में बेहतर काम किया जा रहा है। संस्थान द्वारा किसानों की समृद्धि और उत्पादन में वृद्धि के लिए जैविक कारणों को ढूंढ कर उनका समाधान निकाला जा रहा है। इसके साथ ही देश और प्रदेश के विद्यार्थियों को कृषि मैनेजमेंट की शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान कर देश को उन्नति के राह पर ले जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष तथा आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में कृषि संस्थान सहित आईआईएम, आईआईटी स्थापित करने का श्रेय देते हुए कहा कि यह उनके कुशल नेतृत्व और दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ में भी उच्च स्तरीय राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित है।छत्तीसगढ़ के किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हुए है। किसान खेती-किसानी की ओर अग्रसर हुए है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ धान की खेती नहीं करनी चाहिए, जिसे अन्य फसल प्रभावित हो। उन्हें अन्य पारंपरिक खेती-किसानी की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य किए जा रहे हैं।किसान लाभार्थी सम्मेलन को संबोधित करते हुए धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का संस्थान छत्तीसगढ़ में होना गौरव की बात है और यह खुशी की बात है कि इस संस्थान की स्थापना कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रीत्व काल में हुआ था। यह संस्थान छत्तीसगढ़वासियों के हित में उनके दूरदृष्टि परिणाम है। उन्होंने किसानों को इस संस्थान से जुड़कर समृद्ध किसान बनने की अपील की। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के निदेशक एवं कुलपति डॉ. पी.के. घोष, डॉ. संजय शर्मा ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण तथा बड़ी संख्या में किसान और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- -वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री कश्यप के निर्देश पर जंगल सफारी पूर्ण रूप से प्लास्टिक फ्री होगीरायपुर /. जंगल सफारी को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्रानी श्री सुधीर अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण के लिए जंगल सफारी प्रबंधन ने अहम कदम उठाया है lजंगल सफारी के निदेशक श्री धम्मशिल गणवीर ने बताया कि अब से जंगल सफारी में आगंतुकों को प्लास्टिक अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही सफारी में प्लास्टिक पैकेजिंग वाले उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित होगी l प्लास्टिक के कारण पर्यावरण पर होने वाले दुष्परिणामों के बारे में सतत रूप से पर्यटको को जागरूक किया जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के उपायों अन्तर्गत रिसाइकल, रियूज, रिड्यूस के साथ पर्यावरण अनुकूल जीवन पद्धति को आत्मसात् करने पर्यटकों को अवगत कराया जा रहा हैl प्लास्टिक के बेतहाशा उपयोग से पर्यावरण को छति पहुँच रही है शासन द्वारा भी प्लास्टिक के उपयोग को लगातार हतोत्साहित की जा रही है l आम नागरिको के लिए मंगलवार से रविवार तक सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक खुला रहेगा l नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी मे आम नागरिक मंगलवार से रविवार तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक भ्रमण कर सकते हैँ l जंगल सफारी सोमवार को आम नागरिकों के लिए बंद रहेगा l











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