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- दुर्ग, /विगत दिवस संविधान दिवस के अवसर पर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रथम किश्त प्राप्त हितग्राहियों के लिए वृहद स्तर पर भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम जिले के सभी जनपदों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम के तहत जनपद पंचायत धमधा में 400, दुर्ग में 248 तथा पाटन में 476 हितग्राहियों ने एक साथ भूमि पूजन कर अपने आवास निर्माण कार्य की शुरुआत की। इस प्रकार कुल 1000 से अधिक आवासों में एक साथ भूमिपूजन किया गया। यह अभियान आगामी दिनों में निरंतर चलाया जाएगा, ताकि हितग्राहियों में आवास निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़े और वे निर्धारित समय सीमा में अपने घरों का निर्माण पूरा कर सकें। मार्च 2026 तक सभी आवासों को पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी पूर्ति हेतु यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इस वृहद कार्यक्रम से जिले में आवास निर्माण कार्य को गति मिलेगी तथा अधिक से अधिक हितग्राही शीघ्र ही अपने नए घरों में प्रवेश कर सकेंगे।
- रायपुर- आज नगर पालिक निगम रायपुर में गन्दगी से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार वस्तुस्थिति की जानकारी लेने नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के मार्गदर्शन में जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा द्वारा स्वच्छता निरीक्षक सर्वश्री दिलीप साहू, प्रेम मानिकपुरी, दिलीप भारती की उपस्थिति मेंजोन अंतर्गत डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड क्रमांक 68 के क्षेत्र में लवकुश फर्नीचर के सामने सड़क मार्ग की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. औचक निरीक्षण के दौरान सड़क पर गंदगी फैलाये जाने की जनशिकायत सही मिलने पर सम्बंधित लवकुश फर्नीचर दुकान के सम्बंधित संचालक पर 2000 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए किया गया.
- रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम में नगर निगम रायपुर क्षेत्र के बाजार में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की सप्लाई से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ तृप्ति पाणीग्रही, जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव द्वारा दिए गए निर्देशानुसार नगर निगम स्वास्थ्य विभाग, जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पर्यावरण विभाग के साथ मिलकर शंकर नगर क्षेत्र में सी जी 04 क्यू पी 9102 टाटा एस वाहन का औचक निरीक्षण किया, तो जनशिकायत सही मिली और यह वाहन प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक से लदा हुआ मिला. इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम स्वास्थ्य विभाग, जोन 4 स्वास्थ्य विभाग और पर्यावरण विभाग की टीम ने नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत सम्बंधित व्यक्ति / संस्था पर कानूनी कार्यवाही करने हेतु प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक से लदे टाटा एस वाहन क्रमांक सी जी 04 क्यू पी 9102 को सिविल लाईन पुलिस थाना जप्ती कार्यवाही कर आगे की आवश्यक कार्यवाही हेतु आयुक्त के आदेश पर भिजवा दिया है.
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर को मिली जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर द्वारा दिए गए निर्देशानुसार नगर निगम जोन 9 के स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव के नेतृत्व, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत कूल होम दलदल सिवनी मुख्य मार्ग पर आइल गिरने से सम्बंधित जनशिकायत का वहाँ सड़क की सफाई करवाकर और तत्काल आइल को साफ करवाकर जनशिकायत का त्वरित निदान किया.
- - पॉवर कंपनी में स्वस्थ जीवन में होम्योपैथी की भूमिका पर हुई परिचर्चारायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज में स्वस्थ जीवन में होम्योपैथी की भूमिका पर एक परिचर्चा का आयोजन डगनिया मुख्यालय स्थित सेवाभवन सभागार में किया गया। इसमें डॉ. ऋतु जैन एवं डॉ. शिल्पा दुबे ने होम्योपैथी को लेकर मिथक और वास्तविकताओं की जानकारी दी।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज व्दारा आयोजित इस परिचर्चा में अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। डॉ. जैन ने बताया कि होम्योपैथी की शुरुआत जर्मनी में 18वीं सदी में सैमुअल हैनीमेन ने की थी। इस चिकित्सा पद्धति का विस्तार आज 80 देशों में हो चुका है। भारत में 1948 से इसे मान्यता मिली और यह बेहतर चिकित्सा पद्धति के रूप में साबित हुआ। उन्होंने बताया कि इसमें वनस्पतियों से दवाई तैयार होती है, जिसमें बहुत ही न्यूनतम डोज से इलाज किया जाता है। डॉ. शिल्पा दुबे ने बताया कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में मरीज के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिस्थितियों का आकलन करके ही इलाज किया जाता है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री विनोद कुमार अग्रवाल ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
- दुर्ग / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सहायक प्राध्यापक (नोडल ऑफिसर) डॉ. विकास कुमार एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. चन्दन सिंह द्वारा आज दुर्ग जिले में जिला पंचायत दुर्ग के विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल ने महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जारी निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थल भ्रमण कर मूल्यांकन किया।निरीक्षण कार्यों में चेक डैम निर्माण-ग्राम थनौद में नवीन चेक डैम निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मिट्टी कार्य एवं जलधारण क्षमता का अवलोकन। चेक डैम जीर्णाेद्धार - थनौद में पूर्व निर्मित संरचना के सुधार, मजबूती और जलसंरक्षण क्षमता का परीक्षण। वृक्षारोपण कार्य - अंजोरा (ख) में पौधारोपण की संख्या, जीवितता प्रतिशत एवं संरक्षण उपायों की समीक्षा। गौठान में डबरी निर्माण - अंजोरा (ख) में जल संचयन हेतु डबरी के आकार, सफाई एवं तकनीकी मानकों का निरीक्षण। अमृत सरोवर - थनौद में सरोवर की गहराई, तट सुदृढ़ीकरण, जलभराव एवं सौंदर्यीकरण कार्य का परीक्षण। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति, तकनीकी पहलुओं तथा क्षेत्रीय आवश्यकताओं को समझते हुए सराहनीय सुझाव प्रदान किए। जिला पंचायत दुर्ग द्वारा उन्हें सभी स्थलों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
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दुर्ग / दुर्ग जिले के कृषि विभाग ने विगत पच्चीस वर्षों में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जिससे किसानों का जीवन स्तर और जिले की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। वर्ष 2025 में, विभाग ने खरीफ और रबी फसलों के क्षेत्राच्छादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। खरीफ फसल का क्षेत्राच्छादन 146276 हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 4 प्रतिशत (5046 हे.) अधिक है, जबकि रबी फसल का क्षेत्राच्छादन 53660 हेक्टेयर रहा, जिसमें 8 प्रतिशत (3700 हे.) की वृद्धि हुई है। उत्पादन के मोर्चे पर भी जिले का शानदार प्रदर्शन रहा। खरीफ फसल उत्पादन 720 हजार मीट्रिक टन (53 प्रतिशत अधिक) और रबी उत्पादन 84 हजार मीट्रिक टन (43 प्रतिशत अधिक) दर्ज की गयी। यह असाधारण उपलब्धि मुख्य रूप से उत्पादकता में सुधार के कारण संभव हुई है, जहाँ खरीफ उत्पादकता 4922 किग्रा/हेक्ट. (48ः अधिक) और रबी उत्पादकता 1565 किग्रा/हेक्ट. (34 प्रतिशत अधिक) रही है। विभाग की पहल से फसल सघनता भी बढ़कर 133 प्रतिशत हो गई है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है।
इस प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने किसानों को आवश्यक कृषि आदानों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2025 में 50762 क्विंटल बीज वितरित किया गया, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है, और 89632 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया, जिसमें 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, विभाग ने बीज उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया है; खरीफ में 76764 क्विंटल और रबी में 9026 क्विंटल बीज का उत्पादन किया गया है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में क्रमशः 7075 क्विंटल और 1750 क्विंटल अधिक है। यह सुनिश्चित किया गया कि किसान भाइयों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलें। विभागीय योजनाओं के अंतर्गत, वर्ष 2025 में 106659 कृषकों को लाभान्वित किया गया, यह संख्या पिछले 25 वर्षों की तुलना में लगभग दस गुना अधिक है, जिससे पता चलता है कि सरकारी सहायता की पहुँच अब व्यापक हो गई है। जिले के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एवं कृषक हितैषी योजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत, जिले के 80230 कृषकों को 340.24 करोड़ रूपए की सम्मान निधि का भुगतान किया गया है। यह राशि शत-प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण और भूमि सत्यापन के बाद सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से, 285995 कृषकों को 482.18 करोड़ रूपए का फसल क्षति दावा भुगतान किया गया है। यहाँ, बीमा इकाई ग्राम स्तर पर मोबाइल ऐप से फसल कटाई प्रयोग किए जाते हैं, जो दावा भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित और तेज बनाते हैं। इसके साथ ही, कृषक उन्नति योजना के तहत, वर्ष 2023-24 और 2024-25 में कुल 212430 कृषकों को 998.48 करोड़ रूपए की विशाल राशि आदान सहायता के रूप में प्रदान की गई है, जिसने किसानों को उनकी खेती के लिए मजबूत आर्थिक सहारा दिया है। यह समग्र और समन्वित प्रयास दुर्ग जिले के कृषि क्षेत्र के उज्जवल भविष्य की नींव रख रहा है। -
- दुर्ग जिले में 61,287.64 मे. टन धान की हुई खरीदी
दुर्ग / जिले के 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत 102 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी कार्य रफ्तार पकड़ ली है। किसानों की आवाजाही से उपार्जन केन्द्रों की रौनक बढ़ गई है। बुधवार 27 नवम्बर को 11621 किसानों से 61,287.64 मे. टन धान की खरीदी की गई है। उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान पतला 2389.00 प्रति क्विंटल, मोटा 2369.00 प्रति क्विंटल तथा धान सरना 2369.00 प्रति क्विंटल दर से खरीदी की जा रही है। उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी हेतु पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था की गई है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य में धान खरीदी हेतु उपार्जन केन्द्रों में जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध की गई है। - - शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्र्गत ऋण वितरण पर दिया जोर- कलेक्टर ने हितग्राहियों को समय पर ऋण का वितरण नहीं करने पर बैंकर्स के प्रति नाराजगी जाहिर की- हितग्राहियों को समय पर ऋण का वितरण करने के दिए निर्देश- परिणाम मूलक कार्य करते हुए कार्यों में गति लाने कहाराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं जिला परामर्शदात्री समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जनसामान्य की बेहतरी के लिए उन्हें अधिक से अधिक ऋण प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद ऋण लेकर अपना व्यवसाय एवं लघु उद्यम प्रारंभ करते है। ऐसे में उनके प्रकरणों पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए उन्हें अधिक से अधिक ऋण प्रदान करें। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत लंबित प्रकरणों को देखते हुए नाराजगी जाहिर करते हुए बैंकर्स से कहा कि इस कार्य में रूचि लेते हुए ऋण स्वीकृति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शासन की ऐसी महत्वपूर्ण योजना के माध्यम से जनमानस के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना के तहत लघु उद्यमियों को ऋण प्रदान कर प्रोत्साहित करें। उन्होंने बैंकर्स से विभिन्न योजनाओं के तहत आवेदनों के निरस्त होने के कारणों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में एक सप्ताह के भीतर प्रगति लाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में कार्य की धीमी प्रगति के प्रति नाराजगी जाहिर की तथा इसमें सुधार लाने के लिए कहा।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्वसहायता समूह को व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए ऋण प्रदान करें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण स्वीकृति करने के लिए कहा। उन्होंने इस दिशा में परिणाम मूलक कार्य करते हुए कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। बैंकवार शासन के विभिन्न योजनओं के तहत प्रदान किए जाने वाले ऋण के संबंध में जानकारी ली। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न उद्यमों के लिए महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं को ऋण देकर उन्हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने उनके बैंक लिंकेज तथा आवेदनों के अस्वीकृति के कारणों के संबंध में चर्चा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, लीड बैंक ऑफिसर श्री मुनीष शर्मा, डीडीएम नाबार्ड श्री मनोज नायक प्रबंधक भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर श्री सदानंद बासके सहित अन्य अधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित थे।
- - विधानसभा अध्यक्ष बापूटोला में गौ संरक्षण अभियान के अंतर्गत रेडियम पट्टी वितरण कार्यक्रम में हुए शामिलराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज बापूटोला वार्ड नंबर 1 राजनांदगांव में गौ संरक्षण अभियान के अंतर्गत गौ संरक्षण के लिए रेडियम पट्टी वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने गौ संरक्षण के लिए मवेशियों के गले एवं सींग में रेडियम पट्टी लगाई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षक संगठन छत्तीसगढ़ द्वारा गौ संरक्षण अभियान के तहत गौ संरक्षण के लिए बहुत अच्छा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा नये गौशाला खोलना, बाल आश्रम, वृद्धा आश्रम, वृक्षारोपण तथा गौ संरक्षण के लिए घुमंतु मवेशियों के गले और सींग में रेडियम बेल्ट एवं पट्टी लगाई जा रही है। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों को बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, जनप्रतिनिधिगण, संगठन के पदाधिकारीगण सहित अन्य नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग / जिले की वर्ष 2025-26 की शेष अवधि एवं 2026-27 के लिए व्यवस्थापन से शेष रहे देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों के अहाता 30 ट्रांसपोर्ट नगर (सिकोला) दुर्ग में संलग्न सी.एस. 2 (ग-कम्पोजिट अहाता) ट्रांसपोर्ट नगर (सिकोला) दुर्ग की अनुज्ञप्ति के लिए ऑनलाईन प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इच्छुक आवेदक ऑनलाईन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवदेन जमा करने की तिथि 02 दिसम्बर 2025 को प्रातः 10.30 बजे से प्रारंभ होगी, जो 24 घंटे और सप्ताह के सभी सातों दिन अनवरत जारी रहेगी। आवेदक ऑनलाईन आवेदन पर कर सकते हैं।सहायक आयुक्त आबकारी दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार लाइसेंस का आबंटन छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 एवं इसके अधीन बनाए गए छत्तीसगढ़ आबकारी देशी/विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री के अनुज्ञापनों के व्यवस्थापन नियम, 2018 (संशोधित) के अंतर्गत किया जाएगा। यह प्रक्रिया ऑनलाईन माध्यम से ’’पहले आओ पहले पाओ’’ के आधार पर निष्पादित की जाएगी। अनुज्ञप्तियों की वैधता वित्तीय वर्ष 2025-26 की शेष अवधि एवं वर्ष 2026-27 तक होगी।
- -कुम्हारों को 100 इलेक्ट्रॉनिक चाक का वितरण-कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा-श्री विष्णु महायज्ञ चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम नारायणपुर में कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं चक्र पूजा कार्यक्रम में शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम गोरिया में माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हारों के लिए ग्लेज़िंग यूनिट स्थापित करने तथा कुम्हार समाज के मंगल भवन के विस्तार के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के 100 कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक का भी वितरण किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुम्हार समाज द्वारा आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ का यह पवित्र आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। चक्र पूजा केवल मिट्टी के चाक की आराधना नहीं, बल्कि सृष्टि के निर्माण, परिश्रम, रचनात्मकता और मानव जीवन की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अभिन्न अंग है। आप सभी मिट्टी की कला में सिद्धहस्त हैं। आपकी रचनात्मक मेहनत हमारे तीज-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों को जीवंत और पूर्णता प्रदान करती है। हमारी सरकार आपकी इस अनमोल विरासत के संरक्षण, संवर्धन और सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक चाक (इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील) का वितरण किया जा रहा है, जिससे मेहनत कम होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उत्पादों को बेहतर फिनिशिंग मिलेगी। इससे बाजार में ऊँचा मूल्य मिलेगा और वर्षभर स्थिर आमदनी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कारीगरों के प्रशिक्षण के लिए नई डिजाइन, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। हमारी सरकार कुम्हारों को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है, जिससे आप नए उपकरण खरीदकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें। मार्केटिंग के लिए मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स का उपयोग बढ़ाया जा रहा है, जिससे आपकी कला पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच सके। उन्होंने छत्तीसगढ़ की माटी कला को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की अपील की।कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, पद्मश्री जागेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूराम चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री कृष्ण कुमार राय, श्री विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन श्री अरुण कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित आरण्य भवन में विगत गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन भैंसा (वाइल्ड बफैलो) के संरक्षण, संख्या वृद्धि, स्थानांतरण तथा वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में राज्य के राजकीय पशु वन भैंसा की संख्या वृद्धि एवं संरक्षण पर सर्वप्रथम विस्तृत चर्चा हुई। श्री पाण्डेय ने कहा कि इस कार्य में सभी विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने एक व्यापक कार्ययोजना बनाकर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करने पर जोर दिया।डॉ. आर.पी. मिश्रा ने प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से वन भैंसा संरक्षण के अब तक हुए कार्यों, वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वन भैंसा प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा वन्य जीव है और इसके संरक्षण के लिए निरंतर वैज्ञानिक प्रयास जरूरी हैं।बैठक में बताया गया कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तथा बारनवापारा अभयारण्य में वन भैंसा संरक्षण व प्रजनन (मेटिंग) के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में बारनवापारा में 1 नर और 5 मादा वन भैंसे मौजूद हैं।वन भैंसों की वास्तविक संख्या और शुद्ध नस्ल की पहचान के लिए जियो-मैपिंग तकनीक का उपयोग करने की योजना भी प्रस्तुत की गई। साथ ही वन भैंसों के खानपान, रहवास और स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि वन भैंसों के स्थानांतरण के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्डलाइफ तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से आवश्यक अनुमतियाँ शीघ्र प्राप्त की जाएँगी। इसके लिए एक विशेष दल (डेलिगेशन) को जल्द ही दिल्ली भेजा जाएगा।वन भैंसों की चिकित्सा देखभाल हेतु दो पशु चिकित्सकों को पूर्णकालिक रूप से उपलब्ध रखने का निर्णय लिया गया ताकि स्थानांतरण एवं संरक्षण के दौरान उनके जीवन एवं स्वास्थ्य को कोई जोखिम न हो।साथ ही सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) से अनुमति लेकर जंगल सफारी व अन्य स्थानों पर सैटेलाइट-आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।बैठक में राज्य में काला हिरण (Blackbuck) के संरक्षण और संख्या वृद्धि पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि लगभग 50 वर्षों के बाद वर्ष 2018 में बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काला हिरण पुनर्स्थापन कार्यक्रम शुरू किया गया था।संरक्षण कार्यों के तहत बाड़ों में रेत व जल निकासी प्रणाली में सुधार,पोषण की निगरानी,समर्पित संरक्षण टीम की तैनाती जैसे कार्य किए गए। इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में बारनवापारा में लगभग 190 काले हिरण मौजूद हैं। इस सफलता को देखते हुए अन्य अभयारण्यों में भी काले हिरण को पुनर्स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।इस अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री व्ही. माधेश्वरन, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं क्षेत्रीय निदेशक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व सुश्री सतीविशा समाजदार, वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार श्री धम्मशील गनवीर, उप संचालक इंद्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बलगा, डॉ. आर.पी. मिश्रा (WTI), वैज्ञानिक डॉ. सम्राट मंडल (WII), वैज्ञानिक डॉ. विवश पांडेव (WII), डॉ. राहुल कौल (वाइल्ड बफैलो प्रोजेक्ट), डॉ. संदीप तिवारी (वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन), डॉ. कोमोलिका भट्टाचार्य (WTI), डॉ. जी.के. दत्ता (कामधेनु विश्वविद्यालय), डॉ. जसमीत सिंह (कामधेनु विश्वविद्यालय), श्री जगदीश प्रसाद दरो, श्री पी.के. चंदन (कानन पेंडारी), डॉ. जय किशोर जड़िया (जंगल सफारी), श्री कृषानू चंद्राकर (बारनवापारा) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /जिले में सुव्यवस्थित धान खरीदी की प्रक्रिया से किसान खुश हैं। केंद्रो में बारदाने की उपलब्धता, व्यवस्था एवं कर्मचारियों के सहयोग से किसान संतुष्ट है। एरमसाही सेवा सहकारी समिति में धान बेचने पहुंचे ग्राम एरमसाही के किसान राम साहू ने भी खरीदी व्यवस्था को लेकर संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों से धान खरीदी के लिए समुचित इंतज़ाम किए गए हैं। केंद्र में बारदाने की उपलब्धता के साथ ही टोकन कटने में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आई। उन्होंने बताया कि वे इस वर्ष 163 कट्टी धान बेचने केंद्र पहुंचे हैं, उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र पर टोकन कटने से लेकर धान तौलने तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही। केंद्र में बारदाना उपलब्ध है, कर्मचारी सहयोगी है और किसानों के लिए आवश्यक सभी सुविधाएँ पहले से सुनिश्चित थीं।एरमसाही धान खरीदी केंद्र में धान बेचने आए हरदाडीह के किसान कलश राम साहू ने बताया कि वे 76 कट्टी लेकर पहुंचे है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किए जाने से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। इस राशि से उनकी आय में स्थिरता आई है और खेती को आर्थिक मजबूती मिली है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नियमित किस्तें बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों में बड़ा सहयोग देती हैं। दोनों किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की कठिनाइयों को समझकर जो निर्णय लिए हैं, उनके परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।
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बिलासपुर /भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा बिलासपुर के सीएमएचओ कार्यालय परिसर में नवनिर्मित भवन का लोकार्पण आज कलेक्टर एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल के द्वारा किया गया। इस भवन से रेडक्रॉस के कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और सुगमता से किया जा सकेगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने रेडक्रॉस द्वारा किये जा रहे कार्याें की सराहना की।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में रेडक्रॉस द्वारा अब तक किए गए सामाजिक, स्वास्थ्य एवं आपदा राहत कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी सदैव मानवीय सेवाओं की अग्रिम पंक्ति में रही है। रेडक्रॉस ने रक्तदान, प्राथमिक उपचार, मेडिकल सहायता से लेकर जरूरतमंदों की हर संभव सहायता की है। कलेक्टर ने कहा कि आने वाले समय में इन सेवाओं को और अधिक विस्तार दिया जाएगा तथा अधिक से अधिक आम नागरिकों को रेडक्रॉस से जोड़ने के प्रयास होंगे, ताकि संगठन के उद्देश्यों को व्यापक स्तर पर पूरा किया जा सके। कार्यक्रम के अध्यक्ष व रेडक्रॉस जिला शाखा बिलासपुर के चेयरमेन डॉ. बी. एल. गोयल ने नवनिर्मित भवन के लोकार्पण को संस्था के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर रेडक्रॉस ने पिछले वर्षों में स्वास्थ्य सहायता, जन जागरूकता, प्रशिक्षण कार्यक्रम, जरूरतमंदों की मदद, आपदा राहत जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नए भवन से रेडक्रॉस की गतिविधियाँ और भी सशक्त होंगी। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं रेडक्रॉस सचिव डॉ. (श्रीमती) शुभा गरेवाल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, ने कलेक्टर श्री अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में रेडक्रॉस की सेवाओं में निरंतर प्रगति हो रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नया भवन जनहित में चल रही गतिविधियों को और गति देगा तथा अधिक लोगों को संगठन से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में श्री अमरजीत सिंह दुआ कोषाध्यक्ष रेडक्रॉस, श्री सुरेंद्र गुम्बर सदस्य प्रबंध समिति, डॉ. एम. ए. जीवानी नोडल अधिकारी रेडक्रॉस, डॉ. गायत्री बांधी डीएमओ बिलासपुर, डॉ. नीता श्रीवास्तव, डॉ. रमन जोगी, श्री सौरभ सक्सेना जिला समन्वयक रेडक्रॉस, सुश्री पीयुली मजुमदार डीपीएम, डॉ. गोपेन्द्र दीक्षित, सहित रेडक्रॉस के अधिकारी, कर्मचारी और समस्त स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। - बिलासपुर /मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण कार्य में मैदानी स्तर पर कार्यरत बीएलओ का कलेक्टर संजय अग्रवाल निरंतर हौसला बढ़ा रहे है। इस क्रम में उन्होंने आज फिर 30 बीएलओ एवं अभिहित अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सम्मानित होने वाले बीएलओ में विधानसभा क्षेत्र तखतपुर के ग्राम चनाडोंगरी की बीएलओ श्रीमती अंजू वनराजा, साल्हेकापा की मायादेवी जायसवाल, नेवसा की अनिता ठाकुर, खठोलिया की गायत्री कश्यप, गोकुलपुर की सुनीता बघेल, गनियारी की शिल्पा वैष्णव, महुआकापा के गौरीशंकर कौशिक, टिकरी की प्रगति साहू, परसाकापा रूपमणी कश्यप, मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भगवान पाली के बीएलओ हरिचंद्र वर्मा, कुकदा के बीएलओ बजरंग प्रसाद बरेठ, देवीनारायण पटेल, श्रवण कुमार देवांगन, पकरिया की हेमलता सिंह, गतौरा के मिन्टु सांडे एवं हेमलता राठौर शामिल है। इसी प्रकार बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मोहतराई के बीएलओ अशोक राव, हरदीडीह के कमलेश कुमार काछी, रेलहा की विमला, कोटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रानीसागर की बीएलओ त्रिवेशी सिंह ठाकुर, कसईबहरा के अजय कुमार पैकरा, बृजभान सिंह श्याम, जोगीपुर के स्नेक मरावी, नंदेश्वरी मरावी, टेंगनमुड़ा के लक्ष्मी कोरी, खैरझिटी के कृष्णाबाई बैगा, लक्ष्मीन लहरे और जगदीश सिंह पैकरा शामिल है। इन सभी बीएलओ ने मतदाता पुनरीक्षण के अंतर्गत गणना पत्रक वितरण, पत्रक भरवाने, प्राप्त फॉर्म की पूर्ण संग्रहण और उनके ऑनलाईन एंट्री जैसे महत्वपूर्ण चरणों को दक्षता और समयबद्धता के साथ शत प्रतिशत पूरा किया।
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बिलासपुर / अवैध रूप से संग्रहित 355 बोरी (142 क्विंटल) धान आज फिर पकड़ाई गई। जब्त धान की कीमत लगभग साढ़े 4 लाख रुपए की है। बिना कागजात के वे इसका व्यवसाय कर रहे थे। आशंका बनी हुई थी कि सांठगांठ करके आसपास की किसी सोसाइटी में इसे खपाते। इसके पहले कलेक्टर के निर्देश पर पकड़ लिए गए। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि मस्तूरी विकासखंड के ग्राम किरारी में दो व्यापारी के कब्जे से 115 बोरी धान (46 क्विंटल) बेलगहना विशेष ट्रेडर्स में 90 बोरी (36 क्विंटल) और तखतपुर तहसील में 3 जगहों पर छापामारी कर 150 बोरी (60 क्विंटल) बरामद किए गए। राजस्व विभाग के नेतृत्व में खाद्य और मंडी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- -कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का लिया जायजाबिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तखतपुर विकासखंड के ग्राम खम्हरिया, नगोई और ढनढन का दौरा कर धान खरीदी व्यवस्था का जायज़ा लिया। उन्होंने मौके पर धान खरीदी व्यवस्था देखी। धान बेचने आए किसानों से चर्चा कर उनका फीडबैक लिया। समिति प्रबंधन को साफ हिदायत दी कि किसानों को अपनी उपज बेचने में केंद्र में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। छाया, पानी समेत अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। किसानों ने उपार्जन केंद्र में की गई व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर किया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों से धान खरीदी में किसी तरह की अनियमितता न हो। शासन द्वारा धान खरीदी के लिए निर्धारित 16 बिंदुओं के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने केंद्रों पर तोल, भंडारण, टोकन वितरण और ऑनलाइन प्रविष्टि संबंधी व्यवस्थाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। किसानों से की गई बातचीत में कलेक्टर ने उनकी उपज, खेती के रकबे और इस मौसम में आई चुनौतियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को रबी सीजन में अन्य फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया, जिससे उनके लिए आय के नए स्रोत बनें और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सरकार द्वारा दलहन तिलहन फसलों के लिए भी बीज और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रही है। चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि इस बार खरीदी प्रक्रिया तेज, सुचारू और पारदर्शी रही है, जिससे उन्हें लंबी प्रतीक्षा या किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है। ग्राम ढनढन के बुजुर्ग किसान हरचंद पटेल, रमेश साहू से कलेक्टर ने चर्चा की और खेती, उपज और केंद्र में सुविधाओं की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि केंद्र में समय पर तौल और पारदर्शी प्रक्रिया से धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। किसान हरचंद पटेल ने बताया कि वे दो एकड़ में खेती करते है और आज केंद्र में टोकन कटवाने के लिए पहंुचे है। इसी तरह किसान रमेश साहू ने बताया कि वे आज 50 क्विंटल धान बेचने पहुंचे है। टोकन कटाने से लेकर धान विक्रय करने में उन्हें कोई समस्या नहीं आई। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में इस वर्ष की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसानों संतुष्ट है। ढनढन केंद्र में अब तक 3 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है। केंद्र में 777 किसान पंजीकृत है। यहां आसपास के 5 गांव के किसान अपना धान लेकर पहुंचते है।निरीक्षण के दौरान खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, उपपंजीयक चंद्रशेखर जायसवाल सहकारी बैंक के सीईओ श्री प्रभात मिश्रा, जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी आशीष दुबे, जिला विपणन अधिकारी अमित चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- -श्री पटेल बोले-सरल खरीदी व्यवस्था से हम जैसे किसान का भविष्य हुआ सुरक्षितरायपुर । राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी, सरल और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने गांव-गांव के किसानों के जीवन में स्थिरता और भरोसा स्थापित किया है। इसी व्यवस्था से लाभान्वित हुए हैं कबीरधाम जिले के ग्राम छिरहा के किसान श्री मालिक पटेल, जिन्होंने इस वर्ष कुल 34.40 क्विंटल धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। श्री पटेल बताते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की प्रक्रिया इतनी व्यवस्थित और भरोसेमंद हो गई है कि हर वर्ष धान बेचने का इंतजार उत्सव की तरह होने लगा है।श्री पटेल बताते हैं कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य ने खेती को न सिर्फ सुरक्षित बल्कि लाभकारी बना दिया है। वे कहते हैं कि धान विक्रय से मिली आय से परिवार का सालभर का खर्च, खेत की लागत, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जिम्मेदारियाँ सभी आसानी से पूरी हो जाती हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि धान की राशि सीधे बैंक खाते में पहुँच जाती है, जिससे बीज, खाद, जुताई और अन्य कृषि कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आती। खेती समय पर और सुचारू रूप से पूरी हो जाती है। वे बताते हैं कि खेती अब केवल गुजारा चलाने का साधन नहीं रही, बल्कि आर्थिक उन्नति मजबूत आधार बन गई है।श्री पटेल गर्व से बताते हैं कि उनके दो नाती एक कक्षा 11वीं और दूसरा 9वीं में अध्ययनरत है। दोनों की पढ़ाई का खर्च धान से प्राप्त आय से ही सुगमता से पूरा हो रहा है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि त्योहार तो बीत गए, लेकिन हमारे लिए असली त्योहार धान खरीदी ही है, क्योंकि इससे पूरे साल आर्थिक स्थिरता देती है। श्री पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का जो वातावरण दिया है, वह पहले कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के बेहतर नीतियों ने किसानों का जीवन संवार दिया है। हम जैसे छोटे किसानों के लिए धान खरीदी ही सबसे बड़ा सहारा व उत्सव है।
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बिलासपुर /छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा 28 नवम्बर 2025 को जिला पंचायत में प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य पीड़ित महिलाओं के प्रकरणों की सुनवाई करेंगे। सुनवाई सवेरे 11 बजे से शुरू होगी। इसमें बिलासपुर जिले से प्राप्त पीड़ित महिलाओं के आवेदनों एवं शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।
- -जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही-निरीक्षण में पाया आवास निर्माण पूर्णरायपुर / प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना ग्रामीण गरीबों को आवास प्रदान करने आवास की समसया को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों को स्थानीय सामग्री और प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों का उपयोग करके गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। आवासों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही हितग्राही द्वारा बनाया जाता है, जिसका निरीक्षण में पाया आवास पूर्ण पाया गया।ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करनाकेंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक आवास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बेघर नागरिकों को पक्का मकान प्रदान करना है। इस योजना के तहत कच्चे मकानों में रहने वाले या बिना छत वाले परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। इस योजना के तहत निर्माण होने वाले मकानों को जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही रिपोर्ट किया जाता है।जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थितिप्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण आवासों को लेकर कलेक्टर गरियाबंद श्री उईके के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय जांच समिति ने छह ग्राम पंचायतों में स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सरईपानी में हितग्राही गोर्वधन नागेश, कन्हल राम और गजिन के आवास पूर्ण अवस्था में पाए गए। ग्राम पंचायत उसरीजोर में हितग्राही दुर्गासिंह का आवास निर्माणाधीन मिला, जिसका जियोटैग प्लिंथ स्तर पर किया गया था। निर्माण कार्य जारी होने के कारण वहां गृह प्रवेश नहीं हो पाया है। निमाण कार्य का जियोटैग से नियमानुसार और वास्तविक स्थिति की जानाकरी ली जाती है।हितग्राही का आवास पूर्ण रूप से निर्मितइस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासहीन परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ एक पक्का घर प्रदान करना है। लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण घर बनाने के लिए स्थानीय सामग्री और डिज़ाइन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है। गरियागद जिले के ग्राम पंचायत गोढियारी में हितग्राही सुखचंद का आवास पूर्ण मिला। इसी प्रकार ग्राम पंचायत मुडगेलमाल में हितग्राही भंवर का आवास पूर्ण रूप से निर्मित मिला। अमलीपदर पंचायत में हितग्राही धनमती और निरोबाई के आवास भी पूरी तरह पूर्ण पाए गए। कलेक्टर श्री उईके ने स्पष्ट किया कि सभी स्थलों पर किए गए भौतिक निरीक्षण और आवास सॉफ्टवेयर में दर्ज जियोटैग के मिलान से यह सिद्ध हो गया है कि किसी भी अपूर्ण आवास में गृह प्रवेश नहीं कराया गया है। सभी जियोटैग नियमानुसार और वास्तविक स्थिति के अनुरूप ही किए गए हैं।
- रायपुर / खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धमतरी जिले के उपार्जन केंद्र इस बार किसी उत्सव स्थल की तरह रौनक बिखेर रहे हैं। सुबह होते ही जब धान से लदी गाड़ियाँ केंद्र की ओर बढ़ती हैं, तो मिट्टी की सोंधी खुशबू और किसानों के चेहरों पर झलकता भरोसा—दोनों मिलकर उम्मीदों का एक सुंदर दृश्य रच देते हैं। राज्य में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी ने जिले में नई ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना दिया है। सुव्यवस्थित प्रबंधन, मोबाइल ऐप के जरिए टोकन सुविधा और समर्थन मूल्य पर खरीदी—इन सबने किसानों की बड़ी चिंता दूर कर दी है।कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिलने से किसानों की खुशी इस बार दोगुनी है। पूरे साल की मेहनत जब उचित दाम में बदलती है, तो किसान का मन भी फसल की तरह ही भरपूर हो उठता है। ग्राम अछोटा के किसान लेखराम देवांगन की मुस्कान भी आज इसी खुशी का प्रमाण थी। 80.40 क्विंटल धान लेकर केंद्र पहुँचे लेखराम बताते हैं कि किसानी कभी आसान नहीं होती, लेकिन जब व्यवस्था साथ दे, तो कठिन रास्ते भी सरल होने लगते हैं।पिछले वर्ष धान बिक्री से हुई आय और कुछ बचत से उन्होंने नया ट्रैक्टर खरीदा। इससे खेती का काम तेज हुआ, कृषि ऋण चुकता हो सका और सिंचाई भी बोरवेल के भरोसे सुचारू हो रही है। सहकारी समिति से खाद-बीज की समय पर उपलब्धता ने भी उन्हें खेती पर पूरा ध्यान देने का मौका दिया है। वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं कि खरीदी प्रक्रिया को इस बार इतना सरल और प्रभावी बनाया गया है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं।इस वर्ष उपार्जन केंद्रों में कई नई और बेहतर व्यवस्थाएँ देखने को मिल रही हैं। सटीक तौल के लिए इलेक्ट्रॉनिक मशीनें, पर्याप्त बारदाना,पीने के पानी की सुविधा, प्रतीक्षारत किसानों के लिए छाँव, बायोमैट्रिक सत्यापन और ‘टोकन तुंहर हाथ’ मोबाइल ऐप, जिसने लंबी कतारों से राहत दिला दी हैजिले के सभी केंद्रों में मोटा, पतला और सरना किस्म का धान सुचारू रूप से खरीदा जा रहा है। समर्थन मूल्य संबंधी दर सूची भी केंद्रों में प्रदर्शित है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।धान से भरे बोरों की कतारें, किसानों का उत्साह और प्रशासन की मुस्तैदी—इन सबके बीच इस बार की खरीदी सिर्फ एक आर्थिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मेहनत, आशा और संतोष से बुनी किसानों की एक सुंदर कहानी बन गई है।
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- श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओं के आवेदन हेतु शिविर—आधार, बैंक खाता व आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की अपील
रायपुर । श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ सुनिश्चित करने हेतु खैरागढ़ जिले में दिसंबर माह में निःशुल्क मोबाइल कैंप शिविर आयोजित किए जाएंगे।इन शिविरों में निर्माण कार्य एवं अन्य स्थापनाओं पर कार्यरत श्रमिक अपने पंजीयन, नवीनीकरण एवं योजना आवेदन की प्रक्रिया निःशुल्क करा सकेंगे। विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शिविर में आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, जैसे—अपना व परिवार का आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, राशन कार्ड तथा मोबाइल ओटीपी हेतु आवश्यक मोबाइल सहित उपस्थित हों।दिसंबर माह में जिले के दोनों विकासखंडों—खैरागढ़ एवं छुईखदान में अलग-अलग तिथियों पर कुल 09 ग्राम पंचायतों में ये शिविर आयोजित होंगे।विकासखंड खैरागढ़ में 04 दिसंबर को ग्राम पंचायत गातापार कला, 11 दिसंबर को घोंघेडबरी, 19 दिसंबर को देवरी तथा 26 दिसंबर को प्रकाशपुर में शिविर लगेंगे। इसी प्रकार विकासखंड छुईखदान में 02 दिसंबर को जगमडवा, 09 दिसंबर को झुरानदी, 16 दिसंबर को पैलीमेटा, 23 दिसंबर को जीराटोला तथा 30 दिसंबर को जंगलपुर में श्रमिकों के लिए निःशुल्क शिविर आयोजित किए जाएंगे। - महासमुंद / ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करते हुए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के रूप में एक बदलावकारी कदम उठाया है। यह योजना आम नागरिकों को अपने ही घर की छत पर सूरज की रोशनी से बिजली बनाने का अवसर देती है, जिससे परिवार न केवल महंगे बिजली बिलों से राहत पा रहे हैं बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं। सरकार 3 से 5 किलोवाट के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर केंद्र से 78,000 रुपये और राज्य से 30,000 रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है, जिससे लोगों में सौर ऊर्जा अपनाने की नई उम्मीद और उत्साह देखा जा रहा है। इस पहल से आम जनता को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है।महासमुंद जिले में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ 12 हजार उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक जिले में योजना का लाभ लेने के लिए 5226 उपभोक्ताओं द्वारा आवेदन किया गया हैं एवं तेजी से नए फॉर्म भरे जा रहे हैं। अभी तक 4722 हितग्राहियों द्वारा वेंडर का सेलेक्शन कर लिया गया है। 1342 उपभोक्ताओं के घरों में सूर्य घर बिजली योजना से जिंदगी रोशन हो रहे है।जगत विहार कॉलोनी महासमुंद निवासी श्री धीरेंद्र लोनारे ने बताया कि हमारे घर में सोलर सिस्टम छत पर लगाया है। उन्होंने बताया पहले उनका बिजली बिल काफी अधिक आता था, लेकिन अब हर महीने लगभग 3 से 4 हजार रुपये की बचत हो रही है। यह योजना आम जनता के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना हमें आत्मनिर्भर बना रही है।इसी तरह ग्राम मचेवा निवासी ने बताया कि पंजीकृत वेंडर द्वारा सोलर सिस्टम लगाने के बाद पिछले पांच महीनों से उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य है। वे कहते हैं अब बिजली की चिंता खत्म हो गई है, उल्टा क्रेडिट यूनिट का लाभ भी मिल रहा है।ऐसे ही जिले के अन्य उपभोक्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सार्थक पहल बताया। उन्होंने बताया कि इससे न केवल लोगों को आर्थिक राहत और आत्मनिर्भरता मिल रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान हो रहा है।
- महासमुंद। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ कार्रवाई सतत जारी है। इसी क्रम में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग तथा मंडी प्रबंधन की संयुक्त टीमों द्वारा आज एवं बीती रात विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान 1087 कट्टा धान जब्त किया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान ग्राम खेमड़ा में उत्तर सिंह, खिलावन और पुनीत राम, पिता शोभा राम धृतलहरे के घर एवं तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली में कुल 575 कट्टा धान’ पाए गए। पूछताछ में उत्तर सिंह द्वारा 198 क्विंटल धान उड़ीसा से लाने की बात स्वीकार की गई। राजस्व विभाग एवं मंडी टीम ने तत्काल धान को जप्त कर मंडी की अभिरक्षा में सुपुर्द किया। इसी तरह खाद्य विभाग, सहकारिता एवं मंडी की संयुक्त टीम ने बीके बाहरा मेन रोड के पास दो गाड़ियों में भरकर ले जाए जा रहे 180 कट्टा धान पकड़ा। मंडी अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करते हुए धान को जब्त किया गया।महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम शेर में अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर टीम द्वारा मौके पर कार्रवाई करते हुए 107 कट्टा धान को जब्त कर मंडी के सुपुर्द किया। इसी क्रम में आज ग्राम ठाकुरपाली में निरीक्षण के दौरान 225 कट्टा धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया, जिसे नियमानुसार जब्त कर लिया गया है। कलेक्टर ने सभी जप्त किए गए धान को थाना के सुपुर्द करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि अभी तक राज्य में सर्वाधिक धान महासमुंद जिले में ही जप्त किया गया है। उन्होंने अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर सतत निगरानी एवं कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त टीम द्वारा नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं और नियम विरुद्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।




















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