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- -शिविर में मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच, आयुष्मान कार्ड मिलने से दूर हुई इलाज की चिंता-जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान से वनांचल के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही सुशासन की रोशनीरायपुर ।शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल कागजी सुविधा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव की एक नई सुबह लेकर आती हैं, जिनमें पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीयन, बैंकिंग सेवाएं, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिये पात्रता परीक्षण, आवेदन एवं मौके पर निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। शिविर के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का अवलोकन, ग्रामीणों के साथ बैठक एवं योजनाओं का प्रचार-प्रसार, पात्र हितग्राहियों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम, जन सुनवाई तथा शिकायतों के निराकरण के लिये विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसका एक प्रत्यक्ष और जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की श्रीमती रोन्ही पहाड़ी कोरवा हैं, जिनके जीवन में प्रशासन की एक संवेदनशील पहल से बेहद सकारात्मक परिवर्तन आया है।विकासखंड राजपुर के सुदूर ग्राम पंचायत पतरापारा की निवासी श्रीमती रोन्ही अपने परिवार के साथ बेहद सीमित संसाधनों में जीवनयापन करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित जानकारी और संसाधनों के अभाव में, कई बार मजबूरीवश उन्हें उपचार के लिए स्थानीय बैगा-गुनिया के सहारे रहना पड़ता था।बीमारी बढ़ने की स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना और शहर जाकर इलाज कराना उनके लिए मानसिक और आर्थिक रूप से अत्यंत कष्टकारी साबित होता था। अस्पताल आने-जाने और महंगी दवाइयों में उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता था, जिससे परिवार की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी दूभर हो जाता था।श्रीमती रोन्ही के जीवन के इस ढर्रे को बदलने का माध्यम बना जिला प्रशासन द्वारा संचालित ?जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान। इसके तहत पतरापारा में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रोन्ही की समस्या को समझा और मौके पर ही उनका श्आयुष्मान भारत कार्डश् बनाकर उन्हें सौंप दिया। आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद अब रोन्ही और उनके पूरे परिवार को इलाज पर होने वाले भारी-भरकम खर्च की चिंता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। अब वे किसी भी आपातकालीन स्थिति या बीमारी में अनुबंधित अस्पतालों में जाकर निःशुल्क एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी।अपनी खुशी साझा करते हुए श्रीमती रोन्ही बताती हैं, पहले हमारे लिए बीमारी का मतलब सिर्फ मानसिक चिंता और कर्ज का बोझ होता था। लेकिन अब यह आयुष्मान कार्ड हमारे पास है, जिससे हमें एक बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा का एहसास हुआ है। अब मैं अपने परिवार के स्वास्थ्य और उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह निश्चिंत हूँ। उन्होंने जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर को दूरस्थ अंचल के ग्रामीणों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवनदायिनी पहल बताते हुए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है।
- -गरीबी और संघर्षों को हराकर चमकाया जिले का नाम, समाज कल्याण विभाग ने बढ़ाया मदद का हाथ-रोजगार के लिए तत्काल 10 हजार रूपए मासिक मानदेय की व्यवस्था, पीएचडी के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार शुरूरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील नीतियां और त्वरित प्रशासनिक पहल अब जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद बनकर सामने आ रही हैं। इसका एक अनुपम और प्रेरणादायी उदाहरण जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की 75 प्रतिशत श्रवण बाधित दिव्यांग युवती कुमारी पूजा साहू ने पेश किया है। पूजा ने अत्यंत कठिन आर्थिक परिस्थितियों और व्यक्तिगत संघर्षों को बौना साबित करते हुए समाजशास्त्र विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।पेण्ड्रारोड के वार्ड क्रमांक 1 (सिंचाई कॉलोनी, सारबहर) स्थित स्मृति वाटिका के पास एक छोटी सी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली पूजा साहू ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास अडिग हो, तो शारीरिक और आर्थिक अक्षमताएं भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपनी ललक को कम नहीं होने दिया और विपरीत हालातों में भी निरंतर अध्ययन जारी रखा।कुमारी पूजा साहू अपने आगे पीएच.डी. शोध कार्य हेतु आर्थिक सहायता की गुहार लेकर जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बताया कि उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर करने के बाद राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली है। उनकी असाधारण योग्यता को देखते हुए विभाग ने बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही शुरू की।समाज कल्याण विभाग के प्रभारी सहायक संचालक श्री सुरेश भारती ने वस्तुस्थिति का आकलन करने के लिए स्वयं पूजा साहू के निवास का जमीनी निरीक्षण किया। निरीक्षण में पता चला कि लगभग 9 वर्ष पूर्व पूजा के पिता का साया उनके सिर से उठ चुका है। उनकी वृद्ध माता जी स्थानीय स्तर पर मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।पूजा के इस कड़े संघर्ष और असाधारण प्रतिभा को देखते हुए विभाग ने एक बेहद सकारात्मक पहल की। उन्हें तत्काल एक अशासकीय समाजसेवी संस्था ष्प्रगति सेवा संस्था में सामाजिक कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति दिलाई गई है। इस कार्य के लिए उन्हें 10 हाजर रूपए प्रति माह का मानदेय प्राप्त होगा, जिससे उनके परिवार को तुरंत आर्थिक संबल मिलेगा। इसके साथ ही, उनके पीएच.डी. शोध कार्य के लिए विशेष सहायता राशि स्वीकृत कराने के संबंध में उच्च कार्यालय को आवश्यक प्रस्ताव और पत्राचार की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और मेधावी युवाओं के लिए संचालित की जा रही नीतियां आज धरातल पर रंग ला रही हैं। पूजा साहू की यह ऐतिहासिक सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि शासन का सहयोग सही समय पर सही हकदार तक पहुंचे, तो तकदीर बदलते देर नहीं लगती। आज पूजा की यह कहानी अंचल के हजारों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा और सकारात्मक आत्मविश्वास का संचार कर रही है।
- -10.15 सेकंड में 100 मीटर दौड़ पूरी कर बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड-जशपुर की गलियों से निकलकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 तक पहुँचा छत्तीसगढ़ का गौरव-फेडरेशन कप में अनिमेष कुजुर ने बिखेरी चमक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाईरायपुर। छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी अद्वितीय चमक बिखेरते हुए पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। जशपुर जिले के होनहार धावक अनिमेष कुजुर ने फेडरेशन कप-2026 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर की दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस ऐतिहासिक और गौरवमयी उपलब्धि के साथ ही अनिमेष ने आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए भी सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर लिया है। अनिमेष कुजुर की यह स्वर्णिम सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के युवाओं के अदम्य साहस, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का जीवंत प्रतीक है। अत्यंत सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक व आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद, जशपुर की माटी से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय मंच तक का सफर तय करना उनकी अथक साधना, कड़े अनुशासन और निरंतर संघर्ष की एक बेहद प्रेरक गाथा है। इस ऐतिहासिक कामयाबी पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अनिमेष कुजुर को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा छत्तीसगढ़ के युवा आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। अनिमेष ने अपनी लगन और असाधारण मेहनत से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यह सफलता प्रदेश के लाखों उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बनेगी। राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सफलता के कई नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मंत्री श्री अग्रवाल ने अनिमेष के उज्ज्वल भविष्य और आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए देश की ओर से शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी देश को गौरवान्वित करते रहेंगे। अनिमेष की इस शानदार राष्ट्रीय विजय से पूरे छत्तीसगढ़ में जश्न और गर्व का माहौल है। खेल प्रेमियों, युवा संगठनों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने अनिमेष की इस जादुई दौड़ की सराहना करते हुए इसे राज्य के खेल इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया है। इस बड़ी उपलब्धि ने प्रदेश के ग्रामीण व शहरी अंचलों के युवाओं में खेलों के प्रति एक नई ऊर्जा, उमंग और आत्मविश्वास का संचार कर दिया है।
- महासमुंद / मेहनत, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से किसान अपनी तकदीर बदल सकते हैं। इसका जीवंत उदाहरण हैं जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोहारपार के प्रगतिशील किसान श्री नवीन साव। पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैगन की उन्नत खेती अपनाई और आज वे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।श्री नवीन साव बताते हैं कि वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगन की खेती प्रारंभ की। उन्होंने अपनी 1.31 हेक्टेयर भूमि में आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग का उपयोग कर वैज्ञानिक पद्धति से खेती की। परिणामस्वरूप उन्हें बेहतर उत्पादन एवं अधिक लाभ प्राप्त हुआ। पूर्व में वे पारंपरिक धान की खेती करते थे, जिससे सीमित आय ही प्राप्त होती थी। धान फसल से प्रति एकड़ लगभग 21 क्विंटल उत्पादन एवं करीब 45 हजार 600 रुपए का लाभ मिलता था। वहीं ग्राफ्टेड बैगन की खेती अपनाने के बाद प्रति एकड़ लगभग 155 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पाद को सरायपाली एवं उड़ीसा मंडी में लगभग 30 रुपए प्रति किलो की दर से विक्रय कर उन्होंने करीब 2 लाख 45 हजार रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया।श्री साव बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के सतत मार्गदर्शन, योजनाओं के लाभ और नई तकनीकों को अपनाने की जिज्ञासा ने उन्हें सफलता दिलाई। वे नियमित रूप से कृषि एवं उद्यानिकी से संबंधित नई जानकारियां प्राप्त करते रहते हैं तथा खेती में नवाचार को प्राथमिकता देते हैं। आसपास के किसान लगातार उनके खेत का भ्रमण कर आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी ले रहे हैं। कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
- -समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश, जनप्रतिनिधियों से समन्वय पर ज़ोर-महिलाओं के लिए महतारी शक्ति ऋण योजना और किसानों को केला, लीची व मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित करने की रणनीतिरायपुर। वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कड़े लहजे में अधिकारियों से कहा कि जशपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। प्रभारी मंत्री श्री चौधरी ने आज जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं और जारी विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।प्रभारी मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पिछले दस वर्षों की तुलना में वर्तमान सरकार द्वारा जशपुर जिले में रिकॉर्ड संख्या में विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन हो चुका है, उनके शिलापट्ट संबंधित गांवों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति में अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। शिलापट्ट लगाने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी। यदि कहीं भी यह शिकायत मिलती है कि शिलापट्ट उपेक्षित पड़ा है या स्थापित नहीं किया गया है, तो जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।वित्त मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख वर्गों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत मिल रही एक हजार रूपए की मासिक सहायता का उपयोग महिलाएं बच्चों के भविष्य के लिए, समृद्धि सुकन्या योजना जैसी बचत योजनाओं में करें। इसके अलावा स्वरोजगार के लिए महतारी शक्ति ऋण योजना के अंतर्गत कम ब्याज दर पर 25 हजार रूपए तक का ऋण त्वरित उपलब्ध कराया जाए। पारंपरिक खेती से हटकर किसानों को अधिक मुनाफे वाले फलोत्पादन (विशेषकर केला और लीची की खेती) तथा आधुनिक मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही कृषि विभाग खरीफ सीजन के लिए समितियों में पर्याप्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करे।बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में चल रहे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति साझा की। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, शासकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, क्रिटिकल केयर सेंटर और अखिल भारतीय कल्याण आश्रम द्वारा संचालित अस्पताल का निर्माण तेजी से जारी है। सन्ना विकासखंड के ग्राम पंडरापाठ में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए विशेष तीरंदाजी केंद्र का निर्माण शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त कुनकुरी और जशपुर में नालंदा परिसर तथा सलियाटोली में एडवेंचर स्पोर्ट्स परियोजना पर कार्य चल रहा है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बताया कि जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से एक अनूठा हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार से अधिक नागरिकों के अपील वीडियो जारी किए जा चुके हैं।प्रभारी मंत्री ने बैठक में सुशासन तिहार, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित दो दर्जन से अधिक विभागों के कल्याणकारी कार्यों की गहन समीक्षा की।बैठक में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डीएफओ श्री शशि कुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -नन्हें शतरंज खिलाड़यिों की प्रतिभा से प्रभावित हुए विधानसभा अध्यक्ष, खेल प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच-दिग्विजय स्टेडियम बनेगा भविष्य के चौम्पियनों की नर्सरीरायपुर। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में शतरंज का प्रशिक्षण ले रहे नन्हें खिलाड़यिों से आत्मीय मुलाकात की। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अब शतरंज को विशेष प्राथमिकता देते हुए राजनांदगांव जिले को राज्य के चेस हब (शतरंज केंद्र) के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने शहर को इस खेल का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने तथा खिलाडि़यों को वर्षभर निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व प्रतियोगिताएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, दिग्विजय स्टेडियम अब केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि भविष्य के वैश्विक चौम्पियन तैयार करने की नर्सरी बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में खिलाडि़यों की सुविधा के लिए लगभग 29 लाख रुपए की लागत से आवश्यक आधारभूत संरचना व खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। शतरंज जैसे बौद्धिक खेल को बढ़ावा देने से युवाओं की ऊर्जा को एक सकारात्मक और नई दिशा मिलेगी।स्टेडियम भ्रमण के दौरान डॉ. रमन सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से सौजन्य भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी कड़ी में उन्होंने कक्षा दूसरी में अध्ययनरत सात वर्षीय नन्हीं खिलाड़ी माहिका डाकलिया से विशेष मुलाकात की और उनकी खेल यात्रा की जानकारी ली। माहिका ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बताया कि वे गत वर्ष ओडिशा के खुर्दा रोड में आयोजित राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-7 आयु वर्ग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। नन्हीं खिलाड़ी की इस बड़ी उपलब्धि और अद्भुत आत्मविश्वास से अभिभूत होकर डॉ. रमन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को दीं हार्दिक शुभकामनाएं-प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन की रोशनी पहुंचाएं युवारायपुर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सम्मिलित हो रहे देश और प्रदेश के अभ्यर्थियों को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया है। अपने संदेश में मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा केवल आपके ज्ञान का आंकलन नहीं है, बल्कि यह आपके धैर्य, कड़े अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम की भी परीक्षा है। देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे ये सभी युवा अभ्यर्थी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि परीक्षा का यह दिन वर्षों की कठिन मेहनत, समर्पण और संघर्ष के महत्वपूर्ण पड़ाव का परिणाम है। अभ्यर्थियों ने जिस लगन और प्रतिबद्धता के साथ इस मुकाम तक का सफर तय किया है, वह स्वयं में बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे परीक्षा कक्ष में स्वयं पर अटूट विश्वास रखें तथा शांत मन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ परीक्षा दें।जीवन के व्यावहारिक दर्शन को साझा करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा, जीवन में बड़ी उपलब्धियां निरंतर प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से ही प्राप्त होती हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए मानसिक संतुलन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अभ्यर्थियों को तनावमुक्त रहने की सलाह देते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असफलता कभी अंतिम नहीं होती और सफलता कभी स्थायी नहीं होती जीवन का हर अनुभव व्यक्ति को और अधिक मजबूत तथा परिपक्व बनाता है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारे युवा ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की असली रीढ़ हैं। प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर युवा न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन करते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी ऐतिहासिक भूमिका दर्ज कराते हैं। यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी अपने भीतर नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और देश के प्रति समर्पण का भाव लेकर चलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सहित देश भर के प्रतिभाशाली युवा इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र सेवा के नए आयाम स्थापित करेंगे। सभी परीक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और शानदार सफलता की कामना करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कठिन परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। आज देश को ऐसे संवेदनशील, सक्षम और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारियों की महती आवश्यकता है, जो समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और सुशासन की रोशनी पहुंचा सकें।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव कार्यशाला में वर्चुअली हुए शामिल, फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडीरायपुर ।केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये लागत की आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। इस वैन के तकनीकी उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराने मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से इसमें वर्चुअली शामिल हुए। उन्होने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया।मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा देगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संकलन अधिक प्रभावी होगा।बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं आपराधिक मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।निष्पक्ष न्याय में बड़ी भूमिका निभाएगी वैनमुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए न्याय समान है। उन्होंने कहा कि न्याय भेद नहीं करता और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और सटीक जांच में बड़ी मददगार साबित होगी।कार्यशाला में तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सुश्री ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, साक्ष्य सुरक्षित रखने में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही बताया कि अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत’ संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्च से बचते हुए ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की।कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक श्री हरविंदर सिंह, बार काउंसिल के अध्यक्ष श्री राजमन सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
- दुर्ग / प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग और विधी विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव एवं सांसद श्री विजय बघेल ने जिले के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन का विधिवत हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विजय अग्रवाल जी, अपर सत्र न्यायाधीश श्री दीपक खोसले, संयुक्त संचालक अभियोजन श्री बी.एस. राजपुत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुखनंदन राठौर, सी.जी.एम. नगर प्रशासन (बी.एस.पी.) श्री श्रीनिवास राव, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि मोबाईल फोरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन एवं प्रारंभिक परीक्षण शीघ्रता से किया जा सकेगा जिससे अपराधों की विवेचना अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी। उन्होंने इसे आधुनिक अपराध अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया तथा विश्वास व्यक्त किया कि इससे जिले में कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण को और अधिक मजबूती मिलेगी।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि यह पहल पुलिस विभाग एवं फोरेंसिक विज्ञान के समन्वय को मजबूत करेगी तथा न्यायिक प्रक्रिया में वैज्ञानिक साक्ष्यों की गुणवता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य ने कहा कि मोबाइल फोरेंसिक वैन अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से सुसज्जित है, जिसके माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण, साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया अधिक त्वरित, प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनेगी। क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के प्रमुख डॉ. पंकज ताम्रकार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल होती जा रही है। ऐसे में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। मोबाईल फोरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक जांच को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. प्रज्ञा गजेन्द्र तथा वैज्ञानिक अधिकारी श्री शत्रुहन सिंह श्याम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभाग के राजपत्रित अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता तथा समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर - रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम रायपुर जोन 10 अंतर्गत वार्ड 49, 52,53 में विभिन्न 29 स्थानों में कुल सवा तीन करोड़ रूपये से भी अधिक की स्वीकृत लागत से नए विकास कार्य शीघ्र करने रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू ने रायपुर नगर निगम लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य डॉ अनामिका सिंह, पार्षद श्री विनय पंकज निर्मलकर, श्री मनोज जांगड़े सहित नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कँवर सहित बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, गणमान्यजनों, नवयुवकों, आमजनों की उपस्थिति में श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर नागरिकों को रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू के निर्देश पर एक और शानदार सौगात दे दी .रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू के निर्देश पर रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, पार्षद श्री मनोज जांगड़े, श्री विनय पंकज निर्मलकर एवं नागरिकों सहित श्रीफल फोड़कर कुदाल चलाकर भूमिपूजन किया.रायपुर नगर निगम क्षेत्र में तेज गति से नए स्वीकृत विकास कार्यों का भूमिपूजन कर स्वीकृति अनुसार कार्य विभिन्न स्थानों पर वार्ड 49, 52 एवं 53 के क्षेत्र संदीप साहू, तत्काल प्रारम्भ करवाकर तय समयसीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता सहित प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करवाना जनहित में सुनिश्चित करवाने के नाली, पुलिया, नाला, सामुदायिक भवन, पाईप लाईन विस्तार, के लगभग सवा 3 करोड़ की लागत से कराये जाने के निर्देश दिए. पार्षदों ने कार्य प्रारम्भ करवाने लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू को सभी वार्डवासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद दिया.
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-भविष्य के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता पर कलेक्टर का जोर, उद्योगों से किया ठोस पहल का आह्वान
-जल संकट से बचाव के लिए अभी से तैयारी जरूरी : कलेक्टर संजय अग्रवाल-बिलासपुर में जल संरक्षण और एस डब्ल्यू एम रूल्स 2026 पर मंथन, उद्योगों और पंचायतों को दिए अहम निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में बढ़ते जल संकट की आशंका को देखते हुए जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर गंभीर पहल करने की अपील की है। उन्होंने उद्योगों, पंचायतों और नगरीय निकायों से वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के नगरीय एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों में चिन्हित समस्त औद्योगिक इकाइयों की बैठक लेकर भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की। बैठक में जलशक्ति मंत्रालय से संबद्ध विशेषज्ञ सुदीप्त मोहन शर्मा और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बैठक में उद्योग प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से चेक डैम और जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में जल संकट की स्थिति को देखते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्री-मानसून अवधि में नदियों एवं जल स्रोतों में जल स्तर घटने के कारण कई स्थानों पर सूखे जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे नए बोर खनन पर रोक लगानी पड़ती है।बैठक में जल संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों जैसे रिचार्ज पिट, पोखरा गहरीकरण, चेक डैम, स्टॉप डैम, बोल्डर बंधान तथा तालाब निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि इन कार्यों से लगभग 40 मीटर तक जल रिचार्ज संभव होता है, जबकि गहरे इंजेक्शन बोरवेल 200 मीटर तक भूजल स्तर को रिचार्ज करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने उद्योगों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन संरचनाएं विकसित करने और परिसर के आसपास फ्रैक्चर जोन में पर्याप्त जल संरक्षण कार्य कराने को कहा। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्रों में जल मापन हेतु पीजीओमीटर अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए, जिससे भूजल स्तर और जल उपयोगिता की वास्तविक जानकारी प्राप्त हो सके और उसके आधार पर जल संरक्षण संबंधी योजनाएं बनाई जा सकें। बैठक में भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय से जुड़े विशेषज्ञ श्री सुदीप्त मोहन शर्मा ने भी जल संरक्षण संबंधी प्रयासों की सराहना करते हुए भू-जल एवं वर्षा जल के वैज्ञानिक उपयोग पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत लागू किए जा रहे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन रूल्स 2026 की जानकारी भी दी गई।अधिकारियों ने बताया कि नियमों के तहत घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, खाद निर्माण, रीसाइक्लिंग तथा एमआरएफ सेंटर विकसित करने जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही प्लास्टिक और अन्य विशेष कचरे के पृथक प्रबंधन तथा स्वच्छता जन जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत, जनपद पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्योग विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। - रायपुर- रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा और यातायात एसपी श्री अजय कुमार के निर्देशानुसार एएसपी यातायात श्री विवेक शुक्ला,नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे , कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह, जोन 3 सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, , उप अभियंता नगर निवेश श्री अक्षय भारद्वाज सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता की टीम, नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग और जोन 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा राजधानी शहर नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत जोन क्रमांक 3 क्षेत्र अंतर्गत तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव मार्ग में टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत राजधानी शहर के प्रमुख मार्ग में स्वच्छता को लेकर जनजागरण के व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से मरीन ड्राइव में सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी दुकानदारों को स्पष्ट हिदायत दी गयी है कि वे किसी भी हालत में कचरा तेलीबाँधा तालाब में ना डालें, कचरा मिक्स ना देवें, बल्कि अनिवार्य रूप से पृथक - पृथक कचरा सफाई मित्र को देवें, साथ ही कचरा पृथक - पृथक रखने अनिवार्य रूप से अपनी दुकान में डस्टबिन पृथक - पृथक रखें और पृथक - पृथक कचरा सफाई मित्र को देवें, अन्यथा की स्थिति में व्यवस्था सुधारने कड़ी कार्यवाही की जाएगी, इस स्थिति के निर्मित होने पर सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए जनहितकारी टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत जोन क्रमांक 3 अंतर्गत तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव डंगनिया मुख्य मार्ग में लगभग 15 ठेलों,गुमटियों के संचालकों के मध्य स्वच्छता को लेकर जनजागरुकता अभियान चलाया गया।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे स्वच्छता जनजागरण अभियान से राजधानी शहर रायपुर के विभिन्न प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भिन्न मुख्य मार्गो का यातायात निरन्तर सुगम और सुव्यवस्थित हो रहा है और इससे आमजनों को यातायात जाम की समस्या से मुक्ति सहित लगातार त्वरित राहत प्राप्त हो रही है।
- - केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके की मौजूदगी में रायपुर में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्ररायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न केंद्रीय विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल द्वारा आयोजित रोजगार मेले में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। रायपुर में यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें भारतीय रेलवे के 200, डाक विभाग के 34, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 7, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के 5 तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के 11 अभ्यर्थी शामिल रहे। कुल 803 चयनित अभ्यर्थियों में से 257 अभ्यर्थी कार्यक्रम में उपस्थित होकर नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का सशक्त भागीदार बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार मेला अभियान युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।रायपुर के कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और यही ऊर्जा अमृतकाल में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को शासकीय सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
- -बिलासपुर में 14 केंद्रों पर 4870 परीक्षार्थी होंगे शामिलबिलासपुर । संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को बिलासपुर जिले में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली में सामान्य अध्ययन का प्रथम प्रश्न पत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक परीक्षा ली जाएगी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 14 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4870 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों में बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा गया है।जिला प्रशासन ने परीक्षा संचालन में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो सके।
- बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज मुंगेली जिले का दौरा कर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने निर्माणाधीन लोरमी बायपास सड़क का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को इसे समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने मुंगेली सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने नगरीय निकायों तथा अन्य विभागों से समन्वय के साथ सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब सड़कों में पैच-वर्क कराने भी कहा।श्री बंसल ने सुगम यातायात को शासन की प्राथमिकता बताते हुए गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुंगेली के कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप, अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री शरद सतपथी, आर.के. खामरा और श्री नीतिश तिवारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि से हटाए जाएगा अतिक्रमण-तहसीलदार द्वारा सभी 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का जारी किया गया नोटिसबालोद। बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी को उसके वास्तविक स्वरूप में वापस लाने प्रशासन द्वारा निरंतर ही कार्य किया जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में जिला मुख्यालय के समीप ग्राम सिवनी और देउरतराई क्षेत्र में तांदुला नदी के तट पर किए गए अवैध कब्जे पर कार्यवाही की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार तांदुला नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। बालोद तहसीलदार द्वारा सभी 14 अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया है। कुछ महीने पहले इस क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगी होने के कारण अवैध कब्जा हटाने की इस मुहिम को रोक दिया गया था। अब चूंकि धान की फसल कट चुकी है, प्रशासन पुनः अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर रहा है। राजस्व विभाग की जांच में सामने आया है कि अधिकांश अतिक्रमणकारियों के पास अन्य जगहों पर भी जमीन है, और वे किराना दुकान, सेलून आदि व्यवसाय चलाते हैं। कुछ लोगों द्वारा इस अवैध कब्जे वाली भूमि को दूसरों को रेगहा पर दिए जाने की जानकारी भी मिली है। ड्रोन सर्वे से पता चला है कि 220 मीटर चौड़ी तांदुला नदी कई जगहों पर सिकुड़कर मात्र 80-90 मीटर चौड़ी ही रह गई है। अवैध कब्जा हटाने का यह कदम तांदुला नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन का मुख्य संकल्प तांदुला नदी को उसके पुराने और वास्तविक स्वरूप में वापस लाना है, जो इस त्वरित कार्रवाई से साकार होता दिख रहा है।
- -समितियां हुई सक्रिय , बैठकों का दौर शुरूरायपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जा रहे “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को भव्य, व्यवस्थित एवं सार्थक बनाने के उद्देश्य से रायपुर प्रेस क्लब ने विभिन्न समितियों का गठन करते हुए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। सभी समितियों के संयोजकों एवं सहसंयोजकों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप कार्य प्रारंभ करने का आग्रह किया गया है।यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसके संघर्ष, मूल्यों, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर केंद्रित रहेगा। उत्सव के दौरान पत्रकारिता की बदलती परिस्थितियों, मीडिया की विश्वसनीयता, लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका तथा डिजिटल दौर की चुनौतियों और संभावनाओं पर व्यापक मंथन किया जाएगा।“पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” का शुभारंभ सत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न होगा। इस अवसर पर शासन से जुड़े मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथि भी शामिल होंगे।आयोजन का दूसरा सत्र हिंदी प्रिंट मीडिया के 200 वर्षों के इतिहास, उसकी वैचारिक यात्रा, सामाजिक प्रभाव और लोकतांत्रिक योगदान पर केंद्रित रहेगा, जिसमें देश एवं प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और विषय विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।वहीं तीसरा सत्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं न्यू मीडिया की संभावनाओं, चुनौतियों, बदलती तकनीक, सोशल मीडिया के प्रभाव तथा पत्रकारिता के भविष्य पर आधारित होगा। इस सत्र में राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के प्रतिष्ठित पत्रकार, मीडिया विशेषज्ञ और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्व अपने अनुभव एवं विचार रखेंगे।रायपुर प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, परंपराओं और जनसरोकारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आयोजन में प्रदेशभर के पत्रकारों, मीडिया संस्थानों, युवा पत्रकारों एवं पत्रकारिता से जुड़े विविध वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है।आयोजन को सफल बनाने के लिए गठित विभिन्न समितियों के संयोजक एवं सहसंयोजक निम्नानुसार हैं :-प्रकाश शर्मा - संयोजक, संरक्षण मंडल / सलाहकार समितिअनिल द्विवेदी - संयोजक, मुख्य आयोजन संचालन एवं समन्वय समितिदिनेश तिवारी - संयोजक, मीडिया एवं प्रचार प्रसार समितिअनिरुद्ध दुबे - सहसंयोजक, मीडिया एवं प्रचार प्रसार समितिप्रदीप दुबे - सह संयोजक, मीडिया एवं प्रचार प्रसार समितिराजेंद्र निगम - संयोजक, आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति ( समय सारणी , अतिथि प्रबंधन स्थल व्यवस्था )मनीष वोरा - सहसंयोजक,आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति ( समय सारणी ,अतिथि प्रबंधन स्थल व्यवस्था )अंशुमन शर्मा - सहसंयोजक,आयोजन एवं प्रोटोकॉल समिति (समय सारणी,अतिथि प्रबंधन स्थल व्यवस्था )शंकर चंद्राकर -संयोजक, आवास एवं अतिथि सत्कार समितिरविंद्र ठेंगड़ी -संयोजक, स्वागत एवं पंजीयन समितिअतुल श्रीवास्तव -संयोजक, तकनीकी एवं आईटी समितिदीपक पाण्डेय - संयोजक, प्रदर्शनी एवं आयोजन चित्रण समितिसंदीप तिवारी - संयोजक, सांस्कृतिक आयोजन एवं रचनात्मक कार्य समितिशुभम वर्मा - संयोजक, डॉक्यूमेंट्री एवं प्रशासन समितिअंशुमान शर्मा - संयोजक, व्याख्यान सत्र प्रबंधन समिति/ लेक्चर सेशन कमेटीअंकिता शर्मा -संयोजक, सोशल मीडिया कैंपेन कमेटीनीतेश गर्ग- सह संयोजक, सोशल मीडिया कैंपेन कमेटीव्यास पाठक -संयोजक, ड्राफ्ट एवं आर्काइव समितिगौरव शर्मा (जू.)- लोगो एवं ब्रांडिंग समितिज्योति ठाकुर -संयोजक, मंच एवं कार्यक्रम संचालन समितियशवंत धोटे, जनसंपर्क एवं शासकीय समन्वय समितिअविनाश चौबे -संयोजक , इवेंट ऑर्गेनाइजिंग कमिटीसनत तिवारी -संयोजक, कार्यक्रम प्रबंधन समितिप्रदीप चंद्रवंशी -संयोजक , भोजन एवं कैटरिंग समितिनिवेदिता साहू -संयोजिका, सजावट एवं सौंदर्य करण समितिविनय त्रिवेदी -सहसंयोजक, सजावट एवं सौंदर्य करण समितिनवीन जैन - संयोजक, व्यवस्था एवं संसाधन कमेटीसत्यप्रकाश सिंह - संयोजक, रिसर्च एवं कंटेंट कमेटीगौरव शुक्ला - सहसंयोजक, रिसर्च एवं कंटेंट कमेटीकुलदीप शर्मा - संयोजक, आमंत्रण एवं अतिथि प्रबंधन समितिरायपुर प्रेस क्लब ने सभी पत्रकार साथियों, मीडिया संस्थानों एवं समाज के प्रबुद्धजनों से आयोजन में सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग का आग्रह किया है, ताकि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा को गौरव और गरिमा के साथ यादगार बनाया जा सके।
- निर्धारित समयावधि सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक सभी अधिकारी-कर्मचारी शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का किया निष्ठापूर्वक निर्वहनबालोद/राज्य सरकार द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संजारी में गुरूवार 21 मई को जनसमस्या निवारण शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। डौण्डीलोहारा अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि 21 मई को ग्राम संजारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान निर्धारित समयावधि तक अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा शिविर में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया गया। उन्होंने बताया कि 21 मई को सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे शिविर स्थल में उपस्थित होकर अपने कार्यों का सुचारू संपादन प्रारंभ कर दिया था। जनसमस्या निवारण शिविर में विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया के अलावा जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चुन्नी मानकर एवं श्रीमती प्रभा मानकर एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस दौरान हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि जनसमस्या निवारण शिविर में पंजीयन कांउटर में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा निर्धारित अवधि दोपहर 03 बजे तक शिविर में उपस्थित आम नागरिकों से मांग, शिकायतों एवं अन्य आवेदन प्राप्त किया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में आम नागरिकों से कुल 352 आवेदन प्राप्त किया गया। श्री बघेल ने बताया कि निर्धारित तिथि 03 बजे के बाद जनसमस्या निवारण शिविर का समापन किया गया। शिविर में कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, उपसंचालक समाज कल्याण विभाग, जिला जनसंपर्क अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। एसडीएम श्री बघेल ने बताया कि गुरूवार 21 मई को ही गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राहुद में भी जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन होने से कुछ विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों के स्थान पर इनके प्रतिनिधि के रूप में संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी शिविर में उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन किया। श्री बघेल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सुबह 10 से दोपहर 03 बजे तक ग्राम संजारी में सफलतापूर्वक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
- परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानकी और नकद फसलों पर दे रहे हैं जोरचाय, नाशपाती, लीची, स्ट्रॉबेरी के बाद अब सेब की खेती में आजमा रहे हैं हाथरायपुर/ पुर हमेशा फसल विविधताओं के लिए जाना जाता रहा है। यहां के किसान परंपरागत फसलों के साथ उद्यानकी और नकद फसलों पर भी जोर दे रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर में उद्यानिकी फसलों के लिए अनुकूल वातावरण को देखते हुए किसानों को उद्यानिकी और नगद फसलों के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर स्थानीय जिला प्रशासन, नाबार्ड और उद्यानिकी विभाग द्वारा इस दिशा में विशेष प्रयास किया जा रहा है। किसानों को उद्यानिकी फसलों के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इन समन्वित प्रयासों से पिछले दो-ढाई सालों में यहाँ के किसान परंपरागत फसलों के स्थान पर उद्यानिकी एवं नगदी फसलों में रुचि लेने लगे हैं। जशपुर के किसान अब चाय, लीची, स्ट्राबेरी, नाशपाती के साथ सेब के बगान भी तैयार कर रहे हैं।जशपुर के किसान खेती में बना रहे हैं अलग पहचानजिला प्रशासन, उद्यानिकी विभाग, रूरल एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी (READS) व नाबार्ड के समन्वित प्रयासों से जशपुर ने फलोत्पादन व बागवानी में नई पहचान बनाई है। इन पहलों से स्थानीय किसानों की आय सुदृढ़ हुई है। कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।जशपुर में सेब उत्पादन वर्ष 2023 में आरंभ हुआ। सेब खेती अब लगभग 410 एकड़ में विस्तारित है, जिसमें लगभग 410 किसान सेब की खेती कर रहे हैं। जिले के मनोर व बगीचा विकासखंड तथा शैला, छतौरी, करदना व छिछली जैसे पंचायतों में लगाए गए सेब के वृक्षों ने इस वर्ष उत्कृष्ट गुणवत्ता व आकार के फल दिए हैं। । स्थानीय किसान बताते हैं कि जशपुर के सेब स्वाद और गुणवत्ता के लिहाज से कश्मीर व हिमाचल के सेबों के समकक्ष हैं। रूरल डेव्हलपमेंट एंड डेव्हलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता ने बताया कि जशपुर जिले के 410 किसानों ने अपने 1-1 एकड़ जमीन पर सेब की खेती कर रहे हैं।इसी तरह जिले में नाशपाती के बाग लगभग 3,500 एकड़ में फैले हुए हैं, जहाँ 3,500 से अधिक किसान नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई, गीधा आदि लाखों में नाशपाती की खेती हो रही है। यहीं से नाशपाती पैक कर दिल्ली, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा सहित दूसरे राज्यों में भेजी जाती है। नाशपाती का वार्षिक उत्पादन लगभग 1,75,000 क्विंटल तक पहुँच चुका है। किसानों को नाशपाती से प्रति एकड़ वार्षिक आमदनी लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये मिल रहा है।उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार पहुँच जैसी योजनाएँ हैं, जिनसे किसान आत्मनिर्भर बने हैं और नई फसल विविधिकरण के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त कर रहे हैं।जशपुर में चाय की खेती पहले से होती आ रही है और यहां की चाय पत्ती की गुणवत्ता अच्छी है। अब जशपुर में सेब व नाशपाती उत्पादन के सफल विकास से जशपुर न केवल नए बाजारों के रूप में स्थापित हुआ है बल्कि स्थानीय किसानों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। भविष्य में इन फसलों का दायरा और विस्तारित करने की योजना है।
- निगम जोन 1 क्षेत्र में होटल पैराडाइज से गोंदवारा अंडर ब्रिज तक अभियानरायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता श्री शरद देशमुख, उपअभियंता सुश्री अंकिता सोनवर्षा सहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 1 नगर निवेश विभाग द्वारा नगर निगम जोन 1 क्षेत्र के अंतर्गत होटल पैराडाइज से लेकर गोंदवारा अंडरब्रिज तक जनहित में जनसुविधा हेतु नागरिकों को सुगम यातायात देने अभियान चलाकर मार्ग को कब्जामुक्त करवाते हुए नागरिकों को सुगम और सुव्यवस्थित यातायात उपलब्ध करवाया गया. अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन 1 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा होटल पैराडाइज से लेकर गोंदवारा अंडरब्रिज के मध्य लगभग 20 अवैध कब्जे हटाए गए और लगभग 15 अवैध पाटे तोड़कर सफाई की बाधा जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से दूर करते हुए नागरिकों को त्वरित राहत पहुंचायी गयी.
- भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ दींरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने उन्हें बधाई और अनंत शुभकामनाएँ दी हैं। श्री देव ने उनके सुदीर्घ, उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना की है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि श्री नवीन का सम्पूर्ण राजनीतिक जीवन शुचिता, समर्पण और अथक परिश्रम का प्रतीक है। छात्र राजनीति से अपने सफर की शुरुआत कर बिहार सरकार में मंत्री और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों को उन्होंने बेहद कुशलता से निभाया है। श्री देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रभारी के रूप में श्री नवीन का मार्गदर्शन हमारे लिए अमूल्य निधि है। उनके कुशल रणनीतिक कौशल, जमीनी पकड़ और ऊर्जावान नेतृत्व के बदौलत ही छत्तीसगढ़ में भाजपा ने संगठन स्तर पर अभूतपूर्व मजबूती हासिल की है। उनके दिशा-निर्देशों में प्रदेश के कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जिसने राज्य में वैचारिक विजय और लोक-कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने में मील का पत्थर स्थापित किया है। श्री देव ने कहा कि संगठन के प्रति श्री नवीन की निष्ठा और हर कार्यकर्ता से सीधा संवाद करने की उनकी सहज शैली हम सभी को निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करती है। छत्तीसगढ़ भाजपा परिवार ईश्वर से प्रार्थना करता है कि उन्हें दीर्घायु प्रदान करें और उनका मार्गदर्शन हमें सदैव मिलता रहे। श्री नवीन के जन्मदिन के इस शुभ अवसर पर भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों एवं छत्तीसगढ़ के समस्त ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें अपनी आत्मीय शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
- -स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेशरायपुर /अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी। वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों नेहस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।
- -डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षारायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए। यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव श्री रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. श्रीधर एवं सीनियर मैनेजर श्री ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक श्री यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री डी.के. गवली, डीजीएम श्री ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक श्री मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक श्री युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक श्री दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम श्री भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम श्री अरुण पुरोहित, श्री एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक श्री अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- दुर्ग / जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के मार्गदर्शन में बाल संप्रेक्षण गृह दुर्ग में निवासरत बालकों को कक्षा 7वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही थी। बच्चों को अध्ययन सामग्री एवं शिक्षकों की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी। कठिन पारिवारिक, सामाजिक एवं मानसिक परिस्थितियों के बावजूद बच्चों ने हार नहीं मानी और निरंतर अध्ययन जारी रखा।इन बच्चों की मेहनत एवं लगन यह संदेश देती है कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। अनुशासन एवं नियमित अध्ययन से बच्चों में आत्मविश्वास का विकास हुआ है तथा यह सिद्ध हुआ है कि सतत् प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।बच्चों की इस सफलता ने यह प्रमाणित किया है कि यदि प्रत्येक बच्चे को उचित अवसर एवं सकारात्मक वातावरण मिले, तो वह नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकता है। परीक्षा की तिथि निकट आने पर बालकों को परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति हेतु आवेदन किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बच्चों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति प्रदान की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 7 बच्चों को परीक्षा में सम्मिलित होने अनुमति प्रदान की गई थी, जिसमें से 6 बच्चों ने सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण की। बच्चों की इस उपलब्धि से संस्था में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है। शिक्षा प्राप्त कर बालक अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं तथा खेल, कला, संगीत एवं अन्य गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा का विकास कर सकते हैं। साथ ही वे समाज के अन्य जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर सकते हैं, आत्मनिर्भर बनकर समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं तथा कंप्यूटर, तकनीकी एवं नवाचार आधारित प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार के नए अवसर भी हासिल कर सकते हैं। बच्चों की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा जीवन को बदलने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे अन्य बच्चों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता एवं गंभीरता बढ़ेगी।

























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