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- रायपुर/प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान देने वाले सर्यूपारिण समाज के 75 पुलिस अधिकारीयों का रविवार को दीपावली मिलन समारोह के दौरान सम्मान किया जाएगा।सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष डॉ सुरेश शुक्ला ने बताया कि रविवार को समाज का दिवाली मिलन समारोह आयोजित है जिसमें दीपावली की शुभकामनाएं के साथ ही समाज के पुलिस विभाग में सेवा दिए लगभग 75 अधिकारियों को सम्मानित कर आने वाली पीढ़ी को देश सेवा का संदेश दिया जाएगा।इस सम्मान समारोह में पुरंदर मिश्रा विधायक,दंडी स्वामी डॉ इन्दुभवानंद महराज, एन चतुर्वेदी पूर्व संयुक्त संचालक लोक अभियोजक, हितेंद्र तिवारी अध्यक्ष अधिवक्ता संघ रायपुर एवं समाज के विशिष्ट जन उपस्थित होंगे।
- 0सभी नागरिकों से राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर शहर को देश में प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिकाधिक संख्या में स्वच्छता फीडबैक देने की विनम्र अपील0रायपुर / राजधानी शहर की प्रथम नागरिक रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी,सभी एमआईसी सदस्यों,समस्त वार्ड पार्षदों ने समस्त नगरवासियों को सूर्य छठ पूजा पर्व के पावन अवसर पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए समृद्धि की प्रतीक सन्तानो की पालनहार आदिशक्ति देवी छठी मईया और सकारात्मक ऊर्जा शक्ति के प्रतीक देव भगवान सूर्यनारायण के दिव्य श्रीचरणों में समस्त नगरवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शान्ति प्रदान करने राजधानी रायपुर शहर सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्धि और खुशहाली लाने कार्य करने सकारात्मक प्रेरणा ऊर्जा शक्ति प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना की है.सूर्य छठ पूजा पर्व आदि शक्ति देवी छठी मईया और भगवान श्री सूर्यनारायण की विशेष पूजा आराधना को समर्पित महान सांस्कृतिक पर्व है. इस पर्व पर छठी मईया और सूर्यदेव की विशेष पूजा आराधना कर सभी भक्तगण अपने जीवन में उत्तम स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा शक्ति और अपनी सन्तानो को सुरक्षा, सुख, समृद्धि प्रदान करने उनके दिव्य श्रीचरणों में विनम्र प्रार्थना करते हैं. अतएव सूर्य छठ पूजा पर्व प्रत्येक नागरिक को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ सुअवसर प्रदान करता है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, सभी एमआईसी सदस्यों, समस्त पार्षदों ने सभी नगरवासियों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण में राजधानी रायपुर शहर को प्रथम रैंकिंग दिलवाने अधिकाधिक संख्या में स्वच्छता फीडबैक देकर अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की पुनः विनम्र अपील की है.
- शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1033 (राष्ट्रीय राजमार्ग) और 1100 (शहरी) जारीरायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में जिले में आवारा और घूमने वाले पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नई प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है। यह पहल परिवहन विभाग के निर्देशों पर आधारित है। इसका उद्देश्य सड़कों पर दुर्घटनाएं कम करना, पशुओं की सुरक्षा करना और जनता की सुरक्षा मजबूत करना है।डॉ. सिंह ने सभी संबंधित विभागों — नगर निगम, पुलिस, पंचायत और ग्रामीण विकास, पशुपालन, कृषि, लोक निर्माण (PWD), एनएचएआई और राजस्व विभाग — को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर जहां आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा ज्यादा है, वहां ऐसे स्थानों की पहचान कर निगरानी रखी जाए।सड़क बनाने और रखरखाव से जुड़े सभी विभागों, खासकर टोल ठेकेदारों और एनएचएआई/PWD को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों पर पशु न घूमें, इसके लिए आवश्यक फेंसिंग, गेट और सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।एसओपी के अनुसार, हर ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर पर एक निगरानी दल बनाया जाएगा। ये दल सड़क पर घूमने वाले पशुओं को पकड़कर उन्हें गोठान या पंजीकृत आश्रय स्थलों में रखेंगे। कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति इस काम की साप्ताहिक समीक्षा करेगी और निगरानी दलों को तीन दिनों के भीतर बनाकर काम शुरू करने को कहा गया है।आवारा पशुओं से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं —???? 1033 (राष्ट्रीय राजमार्ग)???? 1100 (शहरी क्षेत्र)कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि "यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का अभियान है। प्रशासन का उद्देश्य है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित ठिकाना मिले और लोगों को सुरक्षित सड़कें मिलें।" उन्होंने धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की।एक महीने तक दिन और रात दोनों समय विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी विभागों को मिलकर काम करने और रोजाना प्रगति रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में देने के निर्देश दिए गए हैं।ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर पर बने निगरानी दलों में लोक निर्माण, पुलिस, पशुपालन, पंचायत, कृषि, राजस्व विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। ये दल नियमित रूप से निरीक्षण कर अपने क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार करेंगे।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि "इस प्रक्रिया से सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी, दुर्घटनाएं घटेंगी और पशुओं की भी सुरक्षा होगी। प्रशासन चाहता है कि हर नागरिक को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल मिले।"
- सभी नगरीय निकायों में स्थापित कांजी हाउस को क्रियाशील करने के दिए निर्देशकलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने दी बालोद जिले में समुचित रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की जानकारीबालोद/मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज राज्य के संभाग आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों तथा संबंधित विभागों की अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर सड़को में विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों पर नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की। इसके अलावा बैठक में उन्होंने वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, खनिज संसाधन विभाग अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं पर नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के नगरीय निकायों में स्थापित किए गए कांजी हाउस को तत्काल क्रियाशील करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने इन सभी कांजी हाउसों में सभी जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिससे कि सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं को सुरक्षित इन कांजी हाउसों में रखा जा सके। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में निर्मित गौठानों का भी उपयोग सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं को रखने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले में सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु गौवंशीय पशुओं के नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने जिले में गौधाम योजना अंतर्गत जिले के सभी विकासखण्डों में गौधाम निर्माण हेतु वर्तमान में 05 स्थानों का चयन करने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बालोद जिले में गौ सेवकों को प्रशिक्षित करने के अलावा जन हानि को रोकने की भी समुचित उपाय सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने कहा कि सभी गौधामों में रखे गए गौवंशीय पशुओं के लिए समुचित मात्रा में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु चारा कटिंग मशीन की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने वन एवं जलवायु विभाग के अंतर्गत वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 अंतर्गत वन भूमि व्यवपवर्तन प्रकरणों के लिये क्षतिपूर्ति वनीकरण हेतु राजस्व भूमि/राजस्व वन भूमि लैण्ड बैंक के रूप में पहचान करने हेतु किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत आवास निर्माण के प्रगति एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आवास हेतु स्वीकृत विशेष परियोजना के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत विभिन्न जिलों में आदि कर्मयोगी अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन), छात्रवृत्ति स्वीकृति एवं वितरण, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना अंतर्गत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के कार्यों के प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उन्होंने खनिज संसाधन विभाग के कार्यों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय नियम, 2025) का क्रियान्वयन तथा अधिक से अधिक रेत घाटों की नीलामी की कार्यवाही एवं नीलामी के माध्यम से मुख्य खनिजों के खनिपट्टों की स्वीकृति हेतु लंबित जनसुनवाई के संबंध में भी जानकारी ली। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इन सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश भी दिए। संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के अलावा पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बिलासपुर. छत्तीसगढ़ आर्युविज्ञान संस्थान (सिम्स) में पिछले कुछ समय से यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ निजी अस्पतालों से जुड़े दलाल संस्थान परिसर में आकर मरीजों को बहला-फुसलाकर अन्य निजी अस्पतालों में उपचार हेतु ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे दलाल मरीजों को यह कहकर भ्रमित करते हैं कि “यहाँ डॉक्टर नहीं हैं” या “यहाँ इलाज का खर्चा अधिक है, जबकि बाहर सस्ता इलाज मिल जाएगा।”इसी क्रम में 22 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 6 बजे सिम्स के टाइज वार्ड में एक व्यक्ति, जिसका नाम अभिषेक निर्मलकर पिता शत्रुघ्न निर्मलकर निवासी उसलापुर है, संदिग्ध रूप से मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत करते हुए पाया गया। सुरक्षा कर्मियों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ, जिसके बाद सूचना सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा को दी गई। सुरक्षा टीम द्वारा मौके पर पहुँचकर उक्त व्यक्ति से पूछताछ की गई और उसकी गतिविधियों की पुष्टि होने पर उसे सिम्स चौकी के माध्यम से सिटी कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस घटना पर सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “संस्थान में मरीजों के हित सर्वाेपरि हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा मरीजों को गुमराह करने या उपचार में बाधा डालने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी सुरक्षा टीम की तत्परता सराहनीय है, और भविष्य में भी ऐसे तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि “सिम्स में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा मरीजों को भ्रमित करने की कोशिश गंभीर अपराध है। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और भविष्य में इस तरह की हरकत करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा सुपरवाइजर लघु शर्मा ने बताया कि सभी वार्डों में नियमित गश्त की जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दी जा रही है। सिम्स प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत सुरक्षा विभाग या अस्पताल प्रशासन को दें, ताकि मरीजों की सुरक्षा और सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
- बिलासपुर. बिलासपुर डाक संभाग द्वारा 31 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2025 तक दो दिवसीय जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘‘बिलासापेक्स-2025’’ का आयोजन राघवेन्द्र राव सभा भवन, कंपनी गार्डन के पास सवेरे 10 बजे से किया जाएगा। प्रदर्शनी में डाक संभाग के सभी डाक टिकट संग्रहकर्ता भाग लेंगे। उक्त प्रदर्शनी के माध्यम से डाक टिकट के क्रमशः विकास एवं समग्र इतिहास की झलक, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ऐतिहासिक घटनाक्रम इत्यादि की जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही साथ शालेय छात्र-छात्राओं को प्रदर्शनी में महापुरूषों, खेल, ज्ञान-विज्ञान, प्रकृति, पर्यावरण, वन्य जीव-जन्तु, विभिन्न देश-विदेशों की कला संस्कृति आदि की रोचक जानकारी प्राप्त होगी। उक्त रोचक व ज्ञानवर्धक डाक टिकट प्रदर्शनी का अवलोकन विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत लाभदायक होगा।विभाग द्वारा प्रदर्शनी स्थल पर ही माई स्टेम्प योजना की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस येाजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी फोटो डाक टिकट के साथ छपवा सकता है। माई स्टेम्प योजना के डाक टिकट विभिन्न प्रकार के शीटों में उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति अपना स्वयं का फोटो एवं परिचय पत्र के साथ आवेदन पत्र भर कर निर्धारित शुल्क 300 रूपए अदा कर उक्त डाक टिकट की सुविधा प्राप्त कर सकते है। आवेदक को 5 रूपये मूल्यवर्ग के कुल 12 टिकटों का एक सेट प्रदान किया जाता है। डाकघर अधीक्षक ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी का अवलोकन कर रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त करें।
- मोहला । मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में कलेक्टर (खनिज शाखा) द्वारा गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन पट्टा खदानों के आवंटन के लिए इलेक्ट्रॉनिक निलामी (रिवर्स ऑक्शन) आयोजित की जा रही है। इस प्रथम चरण में कुल दो खदानों – तोलुम और कहगांव, दोनों तहसील मानपुर में – का आवंटन किया जाएगा। निलामी में भाग लेने के लिए अर्हता प्राप्त बोलीदाता ही शामिल हो सकते हैं। तकनीकी और वित्तीय बोली 14 नवंबर 2025 को सुबह 10:00 बजे से प्रारंभ होकर 20 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन MSTC पोर्टल स्वीकार की जाएगी। निविदा की विस्तृत नियमावली और शर्तें खनिज साधन विभाग की वेबसाइट https://chhattisgarhmines.gov.in जिला कार्यालय की वेबसाइट https://mohla-manpur-ambagarhchowki.cg.gov.in तथा संबंधित ग्राम पंचायत और जिला पंचायत भवनों के सूचना पटल पर देखी जा सकती हैं।
- 0- कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देश पर स्थानीय लोककला और संस्कृति को मिलेगा प्रोत्साहनमोहला। जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन 2 नवंबर से 4 नवंबर तक दशहरा मैदान मोहला में किया जाएगा। इस अवसर पर जिले के स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशानुसार जिले के लोक कला, लोकगीत, नृत्य, पारंपरिक नाटक रूप, हस्तशिल्प चित्रकला एवं अन्य सांस्कृतिक विधाओं से जुड़े कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। संबंधित 29 अक्टूबर तक सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।इसका उद्देश्य राज्योत्सव के माध्यम से स्थानीय परंपराओं, संस्कृति और लोककलाओं को व्यापक पहचान दिलाना है। जिला प्रशासन ने इच्छुक कलाकारों से निर्धारित तिथि तक आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है ताकि चयनित कलाकारों को राज्योत्सव मंच पर प्रदर्शन का अवसर मिल सके।
- 0- कुपोषण प्रबंधन हेतु गर्भवती महिलाओं पर दे विशेष ध्यान0- हॉस्टल, स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण के दिए निर्देश0 - कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ली समय-सीमा की बैठकमोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अवसर पर 02 से 04 नवंबर तक आयोजित होने वाले राज्योत्सव समारोह के संबंध में शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन भव्य एवं गरिमामय ढंग से सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला मुख्यालय मोहला के दशहरा मैदान में आयोजित होने वाली जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह के आयोजन के तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर धु्रव सहित समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह के सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्वों को समय सीमा में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्योत्सव स्थल पर विभागीय प्रदर्शनी लगाई जाए, जिसमें विभागों की उपलब्धियाँ और विकास कार्यों को प्रदर्शित किए जाए।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कृषि विभाग को पीएम किसान सम्मान निधि के संबंध में ई-केवाईसी एवं संदिग्ध प्रकरणों के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। इसी प्रकार महिला बाल विकास विभाग को कुपोषण प्रबंधन के संबंध में गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देते हुए कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन हेतु निर्देशित किया। उन्होंने शिक्षा एवं महिला बाल विकास विभाग को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना एवं रेडी-टू-ईट का शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना अंतर्गत बैंकों में लंबित प्रकरणों के अतिशीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना जनसामान्य के लिए अच्छी योजना है जिसमें शासन द्वारा सब्सिडी के साथ आसान लोन प्रदान किए जा रहें। मौके पर उन्होंने जिले के समस्त अधिकारियों को हॉस्टल, स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण कर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।- राज्योत्सव में स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंचकलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि राज्योत्सव में क्षेत्रीय एवं स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाए। जिसमें लोक कला, लोक संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएँ एवं कला जत्थों को शामिल करें, ताकि जिले की संस्कृति को पहचान दिलाने के साथ स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित किया जा सकें।
- 0- एग्रीस्टेक पोर्टल में शत-प्रतिशत किसानों का करें पंजीयनमोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने शुक्रवार को राजस्व एवं खाद्य विभाग की बैठक ली। बैठक में आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, एसडीएम मोहला श्री हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव, समस्त तहसीलदार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए धान खरीदी केन्द्रों की सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा पर पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए धान खरीदी केंद्रों में बैठक, पेयजल, छांव, भवन, कंप्यूटर, इंटरनेट, विद्युत जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें।बैठक में प्रबंधकों के प्रशिक्षण, बारदाना की उपलब्धता एवं एकत्रीकरण पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय के साथ नए निर्देशों के अनुरूप बिन्दुवार नियमों का पालन करते हुए सभी तैयारियां पूर्ण की जानी चाहिए। उन्होंने मिलर एवं पीडीएस बारदानों के एकत्रीकरण की समीक्षा में पीडीएस बारदानों के धीमी एकत्रीकरण पर नाराजगी जताई। मौके पर उन्होंने जिले के संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों के चिन्हांकन एवं आवश्यक तैयारियों के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश दिए।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए गिदावरी, एग्रीस्टेक पंजीयन, विवादित नामांतरण, अभिलेख दुरुस्तीकरण, सीमांकन, नक्शा एवं बंटवारा जैसे विभिन्न लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु छूटे हुए किसानों को जल्द से जल्द पंजीकृत कराने एवं पंजीयन हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले के नए धान उपार्जन केन्द्रों के संबंध में जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि धान खरीदी कार्य सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से संचालित हो सके।
- 0- शिक्षक अपने जीवन का सर्वोत्तम समय स्कूल एवं शिक्षण कार्य में दें -कलेक्टर0- क्लास रूम में मोबाईल का उपयोग करने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई0- समय पर सिलेबस पूर्ण करने तथा मंथली टेस्ट कराने के दिए निर्देशराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शासकीय डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र हायर सेकंडरी स्कूल बसंतपुर राजनांदगांव में बोर्ड परीक्षा के परिणाम सुधारने के लिए जिले के प्राचार्यों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सभी प्राचार्यों से कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जिले का नाम राज्य स्तर पर अच्छा होना चाहिए। इसके लिए सभी प्राचार्यों को कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्राचार्यों को अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निर्वहन करने कहा। उन्होंने कहा कि शिक्षक की पहचान उसके शिक्षण कार्य से होती है। बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे और अच्छा कार्य करें।उन्होंने शिक्षकों से कहा कि अपने जीवन का सर्वोत्तम समय स्कूल एवं शिक्षा के क्षेत्र में दें। जिससे अच्छे शिक्षक की पहचान बनती है। उन्होंने कहा कि जिले के स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर होना चाहिए। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष ध्यान देते हुए कार्य करना चाहिए। जिन स्कूलों के परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं होने पर संबंधित शिक्षकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम लाने के लिए अच्छी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। बच्चों का समय पर सिलेबस पूर्ण कर प्रश्नों को हल कराने के लिए प्रेक्टिस कराने कहा। इसके साथ ही मंथली टेस्ट लेने कहा। बच्चों के मंथली टेस्ट परीक्षा की पुस्तिका को दूसरे स्कूलों में जांच कराने कहा।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि स्कूलों में ऐसे भी व्याख्याता होते हैं जिन्हें अपने विषय के अलावा अन्य विषय का भी ज्ञान एवं रूचि होती है, उन्हें पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने कहा। कोई भी शिक्षक क्लास रूम में मोबाईल का उपयोग नहीं करें। उन्होंने कहा कि 10वीं एवं 12वीं के बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर प्रतिदिन परीक्षा की तैयारी कराने के लिए प्रश्नों को हल कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टर और इंटरनेट माध्यम से कमजोर बच्चों को अच्छी पढ़ाई कराएं। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, बीआरसी और संकुल समन्वयकों को नियमित स्कूलों का निरीक्षण करने कहा। कलेक्टर ने तिमाही परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट परिणाम आने पर जिले के 3 हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, जिला मिशन समन्वयक श्री सतीश ब्यौहारे, जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती रश्मि सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हाई स्कूल एवं हायर सेंकडरी स्कूल के प्राचार्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जिला पंचायत सभाकक्ष से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारी, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रगति की गहन समीक्षा की। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण अंतर्गत संचालित सभी प्रगतिरत कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने तथा कार्यों का जियो टैग कर एमआईएस में एन्ट्री करने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी ग्रामों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण अनिवार्य रूप से करने तथा यूजर चार्ट लेने कहा। उन्होंने 15 अक्टूबर से 19 नवम्बर 2025 तक आयोजित स्वच्छ संकल्प अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा जनपद पंचायतों को अधोसंरचना निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई राशि से शीघ्र कार्य प्रारंभ करने निर्देशित किया। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अन्तर्गत स्वीकृत कार्यों की विकासखंडवार समीक्षा की और कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में वांछित प्रगति नहीं आने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने फसल चक्र परिवर्तन, जल संरक्षण, ग्रीष्मकालीन धान की फसल में रोक लगाने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से संगोष्ठी का आयोजन कर कृषकों को धान के बदले कम पानी की फसलों के संबंध में जानकारी देने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभ के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी देने कहा तथा समर्थ पोर्टल एवं संपदा पोर्टल के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री समग्र गामीण विकास योजना, महतारी सदन, परकोलेशन टेंक सहित अन्य निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गयी तथा अप्रारम्भ एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने हेतु निर्देश दिए गए।
- 0- अब तक 89 खातों में 73 लाख 87 हजार रूपए खाताधारकों एवं खाताधारकों के उत्तराधिकारियों को किया गया भुगतान0- भारतीय जीवन बीमा की दावा नहीं किये गए बीमा पालिसी के क्लेम प्रक्रिया की दी गई जानकारी0- शिविर में जनधन खाता, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना सहित अन्य बैंकिंग योजनाओं का किया गया पंजीकरण0- 12 हितग्राहियों को किया गया दावा प्रमाण पत्र का वितरणराजनांदगांव। वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार गांधी सभागृह राजनांदगांव में सभी बैंकों एवं जीवन बीमा कंपनियों द्वारा विशेष अभियान आपकी पूंजी आपका अधिकार अंतर्गत निष्क्रिय खातों के सक्रियकरण एवं बिना दावा किये गए जमा राशि को वापस करने के लिए जिला स्तरीय जागरूकता एवं समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन वित्त मंत्रालय भारत सरकार एवं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक संचालित विशेष अभियान अंतर्गत किया गया।लीड बैंक अधिकारी जिला अग्रणी बैंक श्री मुनीश शर्मा ने बताया कि अभियान अंतर्गत बैंक द्वारा अब तक 89 खातों में 73 लाख 87 हजार रूपए खाताधारकों एवं खाताधारकों के उत्तराधिकारियों को भुगतान किया गया है। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा की दावा नहीं किये गए बीमा पालिसी के क्लेम प्रक्रिया की जानकारी भी दी गयी। शिविर में भारत सरकार द्वारा संचालित जनधन खाता, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना सहित अन्य बैंकिंग योजनाओं का पंजीकरण भी शिविर में किया गया। शिविर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी भी दी गयी। खातों की पुन: केवाईसी कार्य मौके पर पूर्ण किया गया। जिले में 89 हजार 367 खातों में 26 करोड़ 63 लाख रूपए की राशि देय है। शिविर में बैंक ऑफ इंडिया रायपुर जोनल ऑफिस से उप-मंडल प्रबंधक श्री नागेन्द्र चौरसिया द्वारा 12 हितग्राहियों को दावा प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। शिविर में लगभग 15 बैंकों एवं जीवन बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रकरणों का निराकरण किया गया।
- 0- श्री रामलाल पालीवाल को बिजली के बिल से मिली मुक्ति, बिजली की बचत एवं उत्पादन से मिली राहत0- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सभी को लेना चाहिए लाभराजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लोकहित में कारगर साबित हो रही है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली उत्पादन करने की यह योजना ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर साबित हो रही है। राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड नंबर 43 के निवासी श्री रामलाल पालीवाल ने बताया कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने विद्युत विभाग एवं वेंडर से संपर्क किया एवं अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है। जिसकी लागत 1 लाख 75 हजार रूपए है। शासन की ओर से 78 हजार रूपए अनुदान राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पहले बिजली के बिल से परेशान थे। 1200 से 1500 रूपए तक बिजली बिल आता था। वही गर्मियों में बढ़कर 2000 रूपए से अधिक बिजली का बिल देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब बिजली के बिल से मुक्ति मिल गई है और अतिरिक्त बिजली 446 यूनिट जमा है। प्रतिदिन लगभग 12 से 15 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग 10 यूनिट बिजली का उपयोग होता है। श्री रामलाल पालीवाल ने बताया कि अब बिजली बिल से राहत मिली है और बिजली की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत उपयोगी है। इसका लाभ सभी को लेना चाहिए। रूफ टॉप सोलर प्लांट पर्यावरण मित्र होने के साथ ही ऊर्जा के संरक्षण की दिशा में उपयोगी है। उन्होंने बताया कि बैंक से ऋण लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई 1 लाख 75 हजार रूपए बैंक से तत्काल ऋण मिल गया। ईएमआईके माध्यम से आसान किस्तों में ऋण का भुगतान कर रहे है।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में लाभदायक साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट श्चद्वह्यह्वह्म्4ड्डद्दद्धड्डह्म्.द्दश1.द्बठ्ठ या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।
- 0- पोट्ठ लईका पहल अभियान नवाचार की सफलता को देखते हुए पालक चौपाल पूरे जिले में किया जा रहा संचालित0- पालक चौपाल में पोषण परामर्श का मिला फायदाराजनांदगांव। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यूनिसेफ और एबीस की पहल के साथ साझेदारी में पो_ लईका पहल अभियान का संचालन किया जा रहा है। पोट्ठ लईका पहल अभियान जून 2024 से संचालित है। जिसके तहत सर्वाधिक कुपोषित बच्चों वाले 241 आंगनबाडी केन्द्रों का चयन किया गया। जिसमें 323 अति गंभीर कुपोषित, 1080 मध्यम तीव्र कुपोषण, 284 गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चे और 1 हजार 726 मध्यम कम वजन वाले कुल 3 हजार 413 कुपोषित बच्चों को लक्षित किया गया। पोट्ठ लईका पहल अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों को यूनिसेफ द्वारा पोषण संबंधी परामर्श में गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में पोषण परामर्श देना शुरू किया। कार्यक्रम के अंतर्गत लक्षित आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक शुक्रवार को पालक चौपाल का आयोजन किया जाता है। इस चौपाल में लक्षित बच्चों के माता-पिता, सरपंच, सचिव, नवविवाहित महिलाएं, गर्भवती महिलाएं, स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाएं शामिल होती हैं। पालक चौपाल में सभी समुदाय को सुपोषण के मुद्दे से जोड़ते हुए उनको पोषण परामर्श दिया जाता है और कुपोषित बच्चों के वजन को हर सप्ताह मॉनिटर किया जाता है। इस अभियान में मार्च 2025 की स्थिति में 2 हजार 246 बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाला गया है। इस प्रकार से कुल 65.81 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए। इसकी सफलता को देखते हुए इस अभियान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।पोट्ठ लईका पहल अभियान की सफलता को देखते हुए इस अभियान का संचालन माह जून 2025 से पूरे जिले में किया जा रहा है। माह जून 2025 की स्थिति में इनमें शामिल 443 अति गंभीर कुपोषित, 2396 मध्यम तीव्र कुपोषण, 731 गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चे और 6 हजार 181 मध्यम कम वजन वाले कुल 6 हजार 912 बच्चे जिन्हें पोषण परामर्श और निगरानी के माध्यम से कुपोषण से बाहर लाने हेतु निरंतर प्रयास किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप माह सितम्बर 2025 में इनकी संख्या घटकर 234 अति गंभीर कुपोषित, 1499 मध्यम तीव्र कुपोषण, 526 गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चे और 5197 मध्यम कम वजन वाले कुल 5723 हो गई है। जिन्हें पोषण परामर्श और निगरानी के माध्यम से कुपोषण से बाहर लाने हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले के सभी ब्लॉक के अति गंभीर कुपोषित बच्चों को ऑगमेंटेड टेक होम राशन (एटीएचआर) भी प्रदान किया जा रहा है और निरंतर प्रत्येक गुरूवार को पालक चौपाल का आयोजन किया जा रहा है ताकि जिले को कुपोषण से मुक्त किया जा सके।
- महासमुंद. महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश के परिपालन में जिले में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री टिक्वेंद्र जटवार ने बताया कि ऐसे ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है जहाँ विगत दो वर्षों वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में किसी भी प्रकार का बाल विवाह प्रकरण संज्ञान में नहीं आया हो। जिला महासमुंद अंतर्गत 232 ग्राम पंचायतों एवं 02 नगरीय निकायों से इस संबंध में नियमानुसार प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।इन सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित कर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों की विस्तृत सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर उपलब्ध है। साथ ही यह सूची जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जनपद पंचायतों एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालयों के सूचना पटल पर भी चस्पा की गई है। यदि किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को सूची में सम्मिलित किसी ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय के संबंध में आपत्ति हो अथवा किसी प्रकार का बाल विवाह प्रकरण संज्ञान में हो, तो वे 6 नवम्बर 2025 को शाम 5.30 बजे तक जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास महासमुंद में कार्यालयीन समय में लिखित रूप में सुसंगत दस्तावेजों सहित दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
- 0- महिलाओं की आत्मनिर्भरता की सराहना कीरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने शुक्रवार को धमतरी जिले में ग्राम दुगली में वनधन विकास केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला समूहों द्वारा एलोवेरा से बनाए जा रहे उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग प्रक्रिया को निकट से देखा और उनकी सराहना की। राज्यपाल ने समूहों द्वारा तैयार अन्य उत्पादों का भी अवलोकन किया। राज्यपाल श्री डेका ने केंद्र में एलोवेरा जैल निर्माण, तिखुर प्रसंस्करण एवं दोना-पत्तल निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में लगाई गई एलोवेरा और तिखुर की खेती का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कमार जनजाति के समाज प्रमुख, पर्यटन समिति के सदस्य और लखपति दीदियों से राज्यपाल ने आत्मीय संवाद किया।लखपति दीदी श्रीमती देवकुमारी साहू ने राज्यपाल को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर सेंट्रिंग और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का कार्य करती हैं, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार और स्थायी आमदनी मिल रही है। उन्होंने बताया कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक सुधार हुआ है और अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दिला पा रही हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, मुख्य वन संरक्षक श्रीमती सतोविशा समाजदार, धमतरी जिले के कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार, वनमण्डलाधिकारी एवं वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।इको-टूरिज्म समिति के सदस्य श्री माधव सिंह मरकाम ने राज्यपाल को बताया कि जबर्रा ग्राम की प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित करने के लिए समिति गठित की गई है, जिससे देश-विदेश के पर्यटक यहां आकर्षित हो रहे हैं। समिति के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार प्राप्त हुआ है और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।नगरी विकासखंड के लीफ आर्टिस्ट श्री विकास शांडिल्य ने पीपल के पत्ते पर उकेरी गई शेर की कलात्मक आकृति राज्यपाल श्री डेका को भेंट की। राज्यपाल ने उनकी कला की प्रशंसा करते हुए आकृतियों के निर्माण में लगने वाले समय और उनकी कीमत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विकास को पत्ते पर और भी कलात्मक आकृति तैयार करने हेतु प्रोत्साहित किया एवं उनकी कृतियों को खरीदने की इच्छा भी व्यक्त की। राज्यपाल श्री डेका ने महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ आत्मीयतापूर्ण संवाद करते हुए समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और उनके साथ स्मृति स्वरूप छायाचित्र भी लिए।
- 0- धान खरीदी सहित अन्य योजनाओं के लाभ हेतु 31 अक्टूबर तक पंजीयन अनिवार्यरायपुर। राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब सभी किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। सहायक आयुक्त सहकारिता ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जो किसान पंजीयन से छूटे हों, वे शीघ्र ही अपना पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसे भारतीय सरकार ने विकसित किया है। जिसका उद्देश्य किसानों के लिए एक संपूर्ण डेटाबेस बनाना है, जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण, फसल की जानकारी और बीमा इतिहास के बारे में जानकारी शामिल है। एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराने से किसानों को धान खरीदी सहित शासन की अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन के फायदेएग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान आईडी बनवाने से किसानों को धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, किसान क्रेडिट कार्ड, उर्वरक अनुदान, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि मशीनीकरण योजना एवं मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना जैसी अनेक केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सीधे प्राप्त होगा। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिले के सभी किसानों से अपील की है, कि वे शीघ्रता से एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराएँ, ताकि किसी भी योजना का लाभ लेने में उन्हें कठिनाई न हो। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं मोबाइल ऐप से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। साथ ही, स्थानीय सीएससी सेंटर, सेवा सहकारी समिति एवं पटवारी कार्यालयों के माध्यम से भी निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। साथ हीhttps://cgfr.agristack.gov.in/पर भी पंजीयन किया जा सकता है।
- 0- पशु शेड के निर्माण से संपन्न हो रहे हितग्राहीरायपुर। सुविधा एवं साधन विहीन ऐसे हितग्राही जो जीवन में आगे बढ़ने की ललक रखते है उनके लिए सफलताओं का मार्ग भी प्रशस्त होता है। व्यवसाय करने के लिए शासकीय योजनाओं से जुड़कर सफलता के द्वार खुलते है और लक्ष्य की प्राप्ति तब और सूखद अनुभव में परिलक्षित होता है जब मन चाहा काम पूरा हो जाता है। ऐसी ही कहानी है कबीरधाम ज़िले के विकासखंड पंडरिया के ग्राम पंचायत चारभाठाखुर्द के हितग्राही श्री रामफल पिता श्री विश्राम की। महात्मा गांधी नरेगा योजना में दैनिक मजदूरी से अपना जीवन-यापन करने वाले श्री रामफल का सपना छोटा सा व्यवसाय करने का था। गौ पालक बनकर आगे बढ़ने की इच्छा थी लेकिन संसाधनों की कमी आड़े आ रही थी। समस्याओं का समाधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से निकला। जिसमें पशु शेड का निर्माण करने से व्यवसाय ने गति पकड़ी और बढ़ती आमदनी से जीवन आसान हो गया। पशु शेड बन जाने से गौ माता को सभी मौसमों में सुरक्षित रखने की सुविधा अलग से मिल गई।आमदनी में बढ़ोतरी और पशुओं की सुरक्षा का साधन बना पशु शेडपशु शेड नहीं होने से अनेकों परेशानियां थी जिसमें प्रमुख रूप से सभी मौसमों से पशुधन को बचाना। खुले में पशुधन रहने के कारण यहा वहां चले जाना, किचड़ एवं गंदगी के कारण गायों को होने वाली बिमारियां और साथ ही इस पर होने वाले खरचो की परेशानी बनी रहती थी। पशु शेड़ बनने के पहले शुरूआत में आमदनी कम हुआ करती थी और पशुधन के देखरेख में ज्यादा पैसे खर्च हो जाते थे। इन सभी समस्याओं का समाधान पशु पालन शेड निर्माण के रूप में स्थायी तौर पर हो गया।पशुशेड निर्माण कार्य पर एक नजरहितग्राही श्री रामफल को अपने पंचायत से पता चला कि महात्मा गांधी नरेगा योजना की सहायता से उनके पशुधन के लिए पक्का शेड निशुल्क बनाया जा सकता है। फिर क्या था उनकी मांग एवं समस्याओं को देखकर ग्राम पंचायत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के द्वारा इसका हल निकाला। पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर पशु शेड निर्माण कार्य 68 हजार 500 रूपए राशि से स्वीकृत कराया गया। स्वीकृति पश्चात् माह अक्टुबर 2023 को पशु शेड निर्माण प्रारंभ किया गया। कार्य प्रारंभ होने पर ऐसा लगा जैसे व्यवसाय में आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया हो। देखते ही देखते लगभग एक माह के अल्प समय में निर्माण कार्य पूरा हो गया। पशु शेड निर्माण में स्वंय हितग्राही को 48 दिवस का रोजगार मिला साथ ही 12 मानव दिवस का रोजगार सृजन करते हुए अन्य परिवारो सहित सभी ग्रामीणों को मजदूरी के रूप में 7 हजार 500 रूपए प्राप्त हुए।पशुशेड का महत्व श्री रामफल बहुत अच्छे से जानते थे क्योंकि यही वह जगह है जो उनके व्यवसाय को समय के साथ आगे बढ़ाने में प्रमुख योगदान देकर आजिविका को आगे बढ़ाने का सपना सच होता दिख रहा है। पक्का एवं हवादार पशु शेड बन जाने से व्यवसाय में प्रगति हो रहीं है। 3 से 4 हजार रूपए प्रतिमाह की आमदनी दुध बेचकर होने लगा साथ मे घर के लिए भी दूध मिल रहा है। सारा व्यवसाय अपने घर से संचालित करने की खुशी अलग से।आजीविका के नए साधन बन जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ रही है। आमदनी परिवार के बहुत काम आ रहा है। जिसमें छोटी सी 2 एकड़ के खेतीहर भूमि में उपयोग कर कृषक कार्य कर रहें और अलग से आमदनी का स्त्रोत बन रहा है।हितग्राही श्री रामफल अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पशुशेड बनाने के पूर्व अपने पशुओं को सुरक्षित रखने की बहुत चिंता रहती थी। खुले में पशुधन को बरसात के दिनों में पानी से बचाने एवं सर्दी के दिनों में ठण्ड से बचाना बड़ी समस्या था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पशुशेड नही बन पा रहा था। रोजगार गारंटी योजना से मेरी सभी चिन्ताएं दूर हो गई और अब पशुधन के सुरक्षा की चिन्ता नही रही। पशुधन से होने वाली आमदनी गौसेवा में लगा रहा हूं और साथ ही अपने व्यवसाय को आगे बढ़ने के लिए और अधिक गाय पालने में समर्थ हो गया हूं।
- 0- मां अंगारमोती मंदिर परिसर में आयोजित मड़ई में बैगाओं व लोगों की भीड़धमतरी। मां अंगारमोती मंदिर परिसर में 24 अक्टूबर को आयोजित गंगरेल मड़ई में 52 गांवों के देवी-देवता व 45 गांवों के आंगा देवता शामिल हुए, जिसे देखने हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। पूजा-अर्चना के बाद मड़ई शुरू हुई। वहीं संतान की कामना को लेकर मंदिर परिसर में 200 से अधिक महिलाएं जमीन पर लेट गई, जिनके उपर से बैगाओं का दल गुजरा। रात तक लोग मड़ई का लुत्फ उठाते रहे। गंगरेल में परंपरा के अनुसार हर साल दिवाली त्योहार के बाद पड़ने वाले प्रथम शुक्रवार को मेला मडई का आयोजन होता है। मां अंगारमोती मंदिर के बैगा सूदे सिंह ने बताया कि शुक्रवार को गंगरेल मड़ई में शामिल होने के लिए धमतरी, बालोद, कांकेर और कोंडागांव जिले के 52 गांवों के देवी-देवता व 45 गांवों के आंगा देव दोपहर तक गंगरेल बांध किनारे मां अंगारदेवी मंदिर परिसर पहुंच गए। दोपहर को पूजा-अर्चना के साथ मड़ई का दौर शुरू हुआ। मंदिर परिसर में उपस्थित बैगाओं के दर्शन व स्वागत करने लोगों की रेलमपेल मची रही।
- रायपुर कलेक्टर कार्यालय रायपुर की नाजरात शाखा द्वारा जिला रायपुर अंतर्गत निष्प्रयोज्य (अनुपयोगी) सामग्रियों की सार्वजनिक नीलामी आयोजित की जाएगी। यह नीलामी दिनांक 30 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) को प्रातः 11:00 बजे, रेडकॉस भवन सभा कक्ष, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में संपन्न होगी।नीलामी में लकड़ी, लोहा एवं प्लास्टिक/रबर श्रेणी की वस्तुएँ सम्मिलित हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है - लकड़ी की वस्तुएँ :- चेयर (गद्दा वाला) – 07 नग, चेयर (केनिन वाला) – 09 नग, दरवाजा – 02 नग, टेबल – 04 नग, लकड़ी का काँच लगा रैक – 01 नगलोहा की वस्तुएँ :- 1. चेयर – 03 नग, 2. टेबल – 04 नग, 3. फोटो कॉपी मशीन – 01 नगप्लास्टिक/रबर सामग्री :- टायर – 30 नगइच्छुक व्यक्ति या संस्थान निर्धारित दिनांक एवं समय पर उपस्थित होकर बोली लगाकर नीलामी में भाग ले सकते हैं। सर्वोच्च बोली लगाने वाले को तत्काल राशि जमा करनी होगी तथा सामग्री का उठाव अपने व्यय पर करना होगा। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें नाजिर शाखा, कलेक्टर कार्यालय |
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन विभाग द्वारा वाहन चालकों की योग्यता और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य के 8 जिले रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) की स्थापना की जा रही है।अब लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्षइन आधुनिक ई-ट्रैकों के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि ड्राइविंग परीक्षण में मानव हस्तक्षेप कम हो, निष्पक्षता बनी रहे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए। ई-ट्रैक प्रणाली में वाहन नियंत्रण, लेन अनुशासन, सिग्नलिंग, गति नियंत्रण और सड़क सुरक्षा से जुड़ी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें लगे डिजिटल सेंसर और कैमरे अभ्यर्थियों की ड्राइविंग क्षमता का सटीक मूल्यांकन करेंगे। इससे लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी तथा पात्र आवेदकों को समय पर सही परिणाम प्राप्त होंगे।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ाएगी बल्कि छत्तीसगढ़ को स्मार्ट परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगी। सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था राज्य के लोगों के जीवन में सहजता और भरोसा लाएगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य में सुरक्षित, स्मार्ट और विश्वसनीय परिवहन व्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।परिवहन सचिव श्री एस प्रकाश ने कहा कि ई-ट्रैक की मदद से योग्य चालकों को प्रमाणित किया जाएगा, जिससे जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि इन जिलों में ई-ट्रैक शुरू होने के बाद आवेदक ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट बुकिंग के माध्यम से ड्राइविंग टेस्ट दे सकेंगे। सफल परीक्षण के बाद उन्हें डिजिटल फीडबैक और लाइसेंस जारी किया जाएगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में कोरिया जिले ने सिंचाई के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। पिछले 25 वर्षों में जिले की कुल सिंचित रकबा में ढाई गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले का सिंचित रकबा 18 हजार 13 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 21 हजार 102 हेक्टेयर तक पहुँच गया है। यह वृद्धि जिले की कृषि व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है। यदि सिंचाई प्रतिशत की बात करें तो यह वर्ष 2000 में 13.72 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई है। कोरिया जिले में रबी फसलों के सिंचाई रकबे में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जहाँ मात्र 3 हजार 595 हेक्टेयर में रबी फसलों को सिंचाई सुविधा प्राप्त थी, वहीं अब यह क्षेत्र बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।जल संसाधन संभाग, बैकुंठपुर के अनुसार, वर्ष 2000 में जिले में 1 मध्यम और 63 लघु सिंचाई परियोजनाएँ संचालित थीं। वर्तमान में 2025 में यह संख्या 2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाओं तक है। इस बीच अविभाजित कोरिया जिले की 43 लघु परियोजनाएँ नवगठित मनेंद्रगढ़ -चिरमिरी-भरतपुर जिले को हस्तांतरित की गई हैं। वर्ष 2000 में 28 हजार 619 किसान सिंचाई परियोजनाओं से लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब लाभान्वित किसानों की यह संख्या बढ़कर 40 हजार 210 तक पहुँच गई है। जिले में वर्तमान में कुल 60 सिंचाई परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें से 2 प्रमुख हैं। यह उपलब्धि न केवल कोरिया जिले की कृषि उत्पादकता में वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की जीवनशैली में आए सकारात्मक बदलाव का भी द्योतक है ।
- 0- विद्यार्थियों के हित में माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की विशेष पहलरायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को दूर करने हेतु एक विशेष हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की जा रही है। देश में आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए मण्डल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है l इस हेल्पलाइन से विद्यार्थी अपने मानसिक तनाव, घबराहट या अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकेंगे।यह हेल्पलाइन सेवा माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय, रायपुर में संचालित की जाएगी। विद्यार्थी टोल फ्री नम्बर 1800-233-4363 पर प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इस सेवा का शुभारंभ 31 अक्टूबर 2025 से किया जा रहा है। इस अवधि में योग्य मनोवैज्ञानिक एवं मनोचिकित्सक विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल का यह प्रयास विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय एवं सकारात्मक पहल है।
- रायपुर,। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव के दुर्गा मंदिर के समीप स्थित छठ घाट का निरीक्षण कर पर्व की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध समय पर पूरे किए जाएं ताकि छठ महापर्व शांति, सौहार्द और श्रद्धा के साथ संपन्न हो सके।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने घाट की साफ-सफाई, जल स्तर, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन की सुगमता का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि घाट पर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था, साउंड सिस्टम और शुद्ध पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति का अत्यंत पवित्र पर्व है, जो सूर्य उपासना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। इस पर्व में महिलाएं निर्जला उपवास रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं। अतः इस आयोजन में स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।



























