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- सुकमा. जिले के नक्सल प्रभावित गांवों पालागुड़ा और गुंडराजगुडेम में सुरक्षाबलों ने नए शिविरों की स्थापना की है, जिन्हें सामरिक और क्षेत्र के विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में पिछले लगभग दो वर्षों में सुरक्षाबलों के 18 नए शिविरों की स्थापना हो चुकी है।अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की 'नियद नेल्ला नार' (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र एल्मागुंडा-सिलेगर में अति संवेदनशील माओवाद प्रभावित दो गांवों पालागुडा और गुंडाराजगुंडेम में नए शिविर की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि पालगुड़ा में 16 सितंबर को और गुंडाराजगुंडेम में 20 सितंबर को सुरक्षा शिविर की शुरुआत की गई। अधिकारियों ने बताया कि भारी मानसून के दौरान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षाबलों ने सभी चुनौतियों का डटकर सामना करते हुए माओवादियों के गढ़ में लगातार एक साथ दोनों गांवों में यह कैंप स्थापित किया है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक सुकमा जिले में 'नियद नेल्ला नार' योजना के अंतर्गत कुल 18 नए सुरक्षा शिविरों की गई है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बुधवार 24 सितंबर को वीआईपी रोड स्थित ओ-माया गार्डन में उद्योग विभाग द्वारा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जयसवाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल मौजूद रहेंगे।
- बलौदाबाजार / जिले में वर्तमान कानून व्यवस्था को देखते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने पुलिस प्रशासन से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर 8 आदतन अपराधियों को एक वर्ष के लिए जिला बदर के आदेश जारी किया है।आदेशानुसार कुंजराम अंजान पिता मन्नू अंजान निवासी करही बाजार,उदल प्रताप यादव पिता समारु राम यादव निवासी लटुवा, रितिक बंजारे उर्फ़ मनोज बंजारे पिता तुलसी राम बंजारे निवासी रवान, धनेश टंडन पिता सुरेश टंडन निवासी सेंदरी थाना भाटापारा, जवाहर लाल साहु पिता बेदराम साहु निवासी दर्रा चौकी गिरौदपुरी, श्रवण देवार पिता फागुराम देवार निवासी करमदा, ईश्वर गोंड पिता संतराम गोंड निवासी सेमरा भैंसामुड़ा,सबरिया डेरा एवं ग्राम मोहतरा थाना गिधौरी निवासी ऋषि पाटिल पिता मयाराम पाटिल को को जिला बदर किया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3,5 (ख) के तहत किया गया है जिसमें 1 वर्ष के कालावधि के लिए बलौदाबाजार-भाटापारा जिले एवं उसके सीमावर्ती जिले बिलासपुर, रायपुर, रायगढ़ महासमुंद, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ति, बेमेतरा एवं सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिलों की सीमाओं से आदेश पारित होने 24 घंटे के भीतर हटने एवं बाहर चले जाने के आदेश दिए है।
- -स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद को अपनाने लिया गया संकल्पबलौदाबाजार /राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मंगलवार को आयुष विभाग द्वारा रन फॉर आयुर्वेदा का आयोजन किया गया। रन फॉर आयुर्वेदा प्रातः 7 बजे पण्डित चक्रपाणी शुक्ल हाई स्कूल मैदान से प्रारम्भ हुआ जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी -कर्मचारी, स्कूली बच्चे शामिल हुए। इस अवसर पर स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद अपनाने का संकल्प लिया गया।नगरपलिका अध्यक्ष अशोक जैन ने हरी झंडी दिखाकर रन फॉर आयुर्वेदा को रवाना किया। दौड पण्डित चक्रपाणी शुक्ल हाई स्कूल मैदान से प्रारम्भ होकर, तहसील कार्यालय, गार्डन चौक, बस स्टैंड होते हुए गौरव पथ एवं पुनः स्कूल मैदान मे सम्पन्न हुआ।बताया गया कि रन फॉर आयुर्वेदा का उद्देश्य आयुर्वेद की शक्तियों और समग्र स्वास्थ्य सिद्धांतो के बारे में जन-जागरूकता लाना है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को आकार देने सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से आयुर्वेद विश्वास बढ़ाने रोग से अरोग्यता की अवधारणा को सशक्त बनाने तथा आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य पटल पर स्थापित करने जैसे लक्ष्य शामिल है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर द्वय सुश्री दीप्ति गौते,अवध राम टंडन, एससडीएम प्रकश कोरी, जिला आयुर्वेद अधिकारी गोदावरी पैकरा सहित अन्य अधिकारी एवं छात्र छात्रएं उपस्थित थे।
- नारायणपुर. जिले में सोमवार को सुरक्षाकर्मियों से हुई मुठभेड़ में 40-40 लाख रुपये के इनामी दो शीर्ष माओवादी नेता ढेर हो गए। नक्सलियों की पहचान राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी (63) और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी (67) के रूप में हुई है। दोनों प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य थे।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अभियान की प्रशंसा की और इसे सुरक्षा बलों की "बड़ी जीत" बताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ जारी लड़ाई में एक निर्णायक उपलब्धि बताया। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि आज सुबह महाराष्ट्र से सटे अबूझमाड़ के जंगल में उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई जब सुरक्षा बल क्षेत्र में बड़े माओवादियों की गतिविधियों की सूचना के आधार पर तलाशी अभियान पर थे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से दो पुरुष माओवादियों के शव बरामद होने से पहले कई घंटों तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, एक बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर), भारी मात्रा में विस्फोटक, माओवादी दस्तावेज और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की। उन्होंने बताया कि राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी तेलंगाना के करीमनगर के मूल निवासी थे और तीन दशकों से भी अधिक समय से सक्रिय थे। एसपी ने बताया कि उन्होंने बस्तर में कई हिंसक वारदातों की साजिश रची, जिनमें सुरक्षाकर्मियों और आम लोगों की जान गई। गुरिया ने कहा, "राजू दादा को गुडसा उसेंडी, विजय, विकल्प जैसे उपनामों से भी जाना जाता था, जबकि कोसा दादा गोपन्ना और बुचन्ना के नाम से भी मशहूर था। छत्तीसगढ़ में उन पर 40-40 लाख रुपये का इनाम था।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स' पर कहा, "आज, हमारे सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक और बड़ी जीत हासिल की है। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में, हमारे बलों ने केंद्रीय समिति सदस्य के दो नक्सली नेताओं कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कादरी सत्यनारायण का खात्मा कर दिया।" शाह कई मौकों पर कह चुके हैं कि अगले साल 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने एक बयान में कहा कि मुठभेड़ में मिली सफलता न केवल नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक कदम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा व विकास की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने अभियान में शामिल सुरक्षाकर्मियों को बधाई देते हुए उनके साहस और प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि उनकी बहादुरी व समर्पण के कारण ही राज्य शांति तथा प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। साय ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में, नक्सलवाद का अंत अब पहले से कहीं अधिक निकट और निश्चित प्रतीत होता है। नक्सल मुक्त भारत का संकल्प मार्च 2026 तक निश्चित रूप से साकार होगा।" पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी. ने कहा कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन के खिलाफ निर्णायक अभियानों ने संगठन को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने कहा कि कठिन भूभाग और प्रतिकूल मौसम के बावजूद बस्तर में पुलिस और सुरक्षा बल अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं और केंद्र तथा छत्तीसगढ़ सरकारों के विजन के साथ-साथ बस्तर के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप काम कर रहे हैं। उन्होंने उग्रवादियों से हिंसा छोड़ने, मुख्यधारा में लौटने और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने का आग्रह किया। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष अब तक अलग-अलग मुठभेड़ों में 249 नक्सली मारे जा चुके हैं।
- -मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को श्री साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक श्री अजय चन्द्राकर सहित सचिव श्रीमती निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौलश्री का पौधा भी रोपा।मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
- -कार्डियोलॉजी विभाग ने हृदय के 100% ब्लॉकेज पर दर्ज की जीत, एसीआई में मरीज की सफल एंजियोप्लास्टी-एसीआई बना हृदय रोग उपचार का भरोसेमंद केंद्र, पड़ोसी राज्यों से भी मरीज पहुँच रहे उपचार के लिएरायपुर / पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) अब न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदाता बनता जा रहा है। हाल ही में एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में मध्यप्रदेश निवासी 60 वर्षीय मरीज के हृदय की 100% ब्लॉक हो चुकी चार नसों की सफल एंजियोप्लास्टी की गई।मरीज के परिजनों के अनुसार, मरीज लंबे समय से दवाओं के सहारे जीवन जी रहे थे। मध्यप्रदेश के कई बड़े अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया था। इस बीच उनके एक करीबी रिश्तेदार से पता चला कि एसीआई में कुछ वर्ष पूर्व एक मरीज के जटिल हृदय रोग का सफल उपचार किया गया है। इसी भरोसे के साथ वे रायपुर पहुँचे। स्वयं मरीज अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि जब कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों ने कह दिया था कि उनके यहाँ इलाज संभव नहीं है तो एसीआई बड़ी उम्मीद लेकर आया था। डॉक्टर से हमने कह भी दिया था कि जितना भी रिस्क हो, आप इलाज़ की तैयारी कीजिये, मैं उसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूँ। अंततः यहाँ के डॉक्टरों ने मुझे नया जीवनदान दिया।कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया में राइट फीमोरल एंजियोप्लास्टी के जरिए मरीज की ब्लॉक नसों को खोला गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पाँच वर्ष पूर्व भी मध्यप्रदेश से आए एक मरीज की सफल लेजर एंजियोप्लास्टी की गई थी। इस बार भी कठोर ब्लॉकेज को देखते हुए लेजर की तैयारी की गई थी, किंतु सौभाग्य से सामान्य एंजियोप्लास्टी से ही सफल परिणाम मिल गये। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग को अतिशीघ्र एंजियोप्लास्टी करने के निर्देश दिये।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1049.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1472.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 498.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 910.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 772.2 मि.मी., गरियाबंद में 939.5 मि.मी., महासमुंद में 764.3 मि.मी. और धमतरी में 949.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1092.9 मि.मी., मुंगेली में 1057.2 मि.मी., रायगढ़ में 1285.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 922.8़ मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1249.1 मि.मी., सक्ती में 1157.0 मि.मी., कोरबा में 1057.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1011.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 800.2 मि.मी., कबीरधाम में 766.9 मि.मी., राजनांदगांव में 885.4 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1252.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 792.0 मि.मी. और बालोद में 1091.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 736.3 मि.मी., सूरजपुर में 1102.1 मि.मी जशपुर में 1029.2 मि.मी., कोरिया में 1169.7 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1054.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1445.5 कोंडागांव जिले में 983.3 मि.मी., कांकेर में 1174.1 मि.मी., नारायणपुर में 1263.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1401.5 मि.मी., सुकमा में 1118.4 मि.मी. और बीजापुर में 1440.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- दुर्ग. स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने पूर्व माध्यमिक शाला सिकोलाभांठा दुर्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, संसाधनों और दैनिक गतिविधियों का जायजा लिया। मंत्री श्री यादव ने स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता को नजदीक से समझने का प्रयास किया। पूर्व माध्यमिक शाला सिकोलाभांठा के प्रधानाध्यापक श्री ई. रॉय ने मंत्री श्री यादव को विद्यालय के समग्र प्रबंधन और दैनिक कार्यप्रणाली से विस्तार से अवगत कराया।मंत्री ने स्कूल भवन, उपलब्ध संसाधनों, और अन्य व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं जैसे कि भवन और अन्य शैक्षिक संसाधनों को और बेहतर बनाने की दिशा में तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कक्षा में जाकर बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जानने के लिए कई सवाल पूछे। बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के अपनी बातें उनके सामने रखीं। मंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।--
- दुर्ग .पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना योजना के तहत दुर्ग जिले के लोग न केवल बिजली के भारी बिलों से छुटकारा पा रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त यूनिट ग्रिड में बेचकर आमदनी भी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना आम लोगों के लिए सोलर पैनल लगवाना पहले से कहीं ज़्यादा आसान और किफायती बन रही है, जिसके पीछे केंद्र और राज्य सरकार की भारी सब्सिडी का अहम योगदान है।इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर केंद्र और राज्य दोनों की तरफ से अधिकतम 1.08 लाख तक की सब्सिडी दे रही है. इस सब्सिडी से लोगों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ रहा। सोलर पैनल एक बार का निवेश है, जो सालों तक बिना किसी रखरखाव के काम करता है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक फायदा होता है। विगत दिवस स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने इस योजना के प्रचार के लिए एक सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाई। इस रथ का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है कि वे कैसे अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित कर सकते हैं और बिजली के भारी बिलों से मुक्ति पाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान कर सकते हैं। दुर्ग जिले के कई परिवारों ने इस योजना का लाभ उठाया है। रसमड़ा निवासी श्री ओमप्रकाश साहू, धनोरा के राजीव दंडोना, भिलाई निवासी श्री डीके वर्मा जैसे कई लोगों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाकर अत्यधिक बिजली बिल चुकाने से मुक्ति पाई है। यह योजना सभी वर्गों के लिए है और इसके अंतर्गत अब आम नागरिक बिना किसी बड़ी लागत के अपने घरों को रौशन कर सकते हैं।कोहका, भिलाई निवासी श्री अमित जायसवाल ने 3 किलोवाट का सोलर पैनल सिस्टम लगाया है. उन्होंने बताया कि पहले उनका बिजली बिल 7000 से 8000 रूपए आता था। सोलर पैनल लगवाने के बाद उनका बिल घटकर सिर्फ 500-600 रूपए आता है। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा से 7 प्रतिशत वार्षिक दर पर 1.90 लाख का लोन लिया था। उन्हें केंद्र सरकार से 78,000 हजार और राज्य सरकार से 30,000 रूपए की सब्सिडी भी मिली है। जुलाई से उनका सोलर पैनल काम कर रहा है। राज्य सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पहल से न केवल लोगों को आर्थिक राहत मिल रही है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश के परिपालन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद कुमार मिश्रा ने आज विकासखंड पाटन के शासकीय प्राथमिक शाला अटारी, पीएमश्री पूर्व माध्यमिक शाला अखरा, प्राथमिक शाला सिकोला, पूर्व माध्यमिक शाला सिकोला एवं हाई स्कूल सिपकोना तथा विकासखंड दुर्ग के सेजस हिंदी मध्यम विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्व माध्यमिक शाला सिकोला के विद्यालय परिसर में उगे हुए घास को बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल साफ करने निर्देश दिए। सभी विद्यालयों में संचालित मध्यान भोजन की व्यवस्था का अवलोकन कर साफ सफाई एवं गुणवत्ता पर विशेष रूप से ध्यान देने को कहा गया। साथ ही सप्ताह में कम से कम तीन दिन हरी सब्जी मीनू में अनिवार्यता शामिल करने कहा गया।हाई स्कूल सिपकोना एवं सेजस उतई में प्रायोगिक कक्षाओं के नियमित संचालन नहीं होने के कारण नाराजगी व्यक्त करते हुए नियमित प्रायोगिक कार्य करने के निर्देश दिए गए। सेजस उतई में समय सारणी तैयार की गई है जिसमें मात्र कालखंड एवं विषय अंकित किया गया है उक्त समय सारणी में न ही विद्यालय का समय और ना ही कालखंडों के लगने समय अंकित किया गया है, जिस पर प्राचार्य पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ सूचना जारी की गई।विद्यालयों के निरीक्षण उपरांत विकासखंड पाटन में आयोजित संकुल समन्वयको की बैठक में उपस्थित होकर विद्यालय निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों व अनियमिताओं से अवगत कराते हुए शाला अवलोकन के दौरान किन-किन पहलुओं को विशेष रूप से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है बताया गया। साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा विभाग समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए समस्त निर्देशों से अवगत कराया गया तथा स्कूल शिक्षा मंत्री जी के मंशा अनुरूप समय सीमा में समस्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
- 0 मंत्री श्री यादव पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना की कार्यशाला में हुए शामिलदुर्ग. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना पर आज दुर्ग के वृन्दावन होटल में एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और किसानों के बीच इन योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना था, ताकि वे सौर उर्जा का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सके।कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने योजनाओं की महत्ता को बताते हुए आम नागरिकों, किसानों, ऊर्जा उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम एवं सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप जैसी पहलों के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि एवं भारत देश के नागरिकों को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वच्छ एवं सस्ती हरित बिजली उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का शुभारंभ फरवरी 2024 में किया गया है।उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत आवासीय भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता न सिर्फ अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन करके उसे ग्रिड में बेचकर आर्थिक लाभ भी कमा सकते हैं। मंत्री श्री यादव ने कहा अब देश के नागरिक उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। देश का हर नागरिक ऊर्जा क्षेत्र मं आत्मनिर्भर बने और पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बने। मंत्री श्री यादव ने किसानों के हित में चल रही पीएम-कुसुम योजना की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से किसानों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिससे वे बिजली से चलने वाले पंपों की जगह सोलर पंप का उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा जो किसान परंपरागत खेती के लिए ट्यूबवेल आदि का उपयोग करते हैं, वे अब सौर ऊर्जा के माध्यम से खेती कर सकते हैं। यह न केवल उनके खर्चों को घटाएगा, बल्कि उन्हें ऊर्जा उत्पादक भी बनाएगा।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाई गई हर योजना जनहित और राष्ट्रहित की मूल भावना से प्रेरित होती है। श्री बघेल ने कहा कि जहां एक ओर कृषि भूमि का दायरा घट रहा है, तो वहीं जनसंख्या में तीव्र वृद्धि हो रही है। इसके परिणामस्वरूप देश प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, जल संकट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत, विशेष रूप से सौर ऊर्जा, एक स्थायी समाधान बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा भगवान सूर्य से प्राप्त ऊर्जा असीम है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस शक्ति को पहचाना और इसी को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा आधारित योजनाएं शुरू कीं। इन योजनाओं से हमें मुफ्त बिजली भी मिलेगी और आमदनी भी बढ़ेगी। इस दौरान सांसद श्री विजय बघेल एवं विधायक श्री ललित चंद्राकर ने सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि भारत आज ग्रीन (हरित) ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है और इसका श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है, जिन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में दूरदृष्टि का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह से सूर्य की शक्ति को ऊर्जा में बदलने पर जोर दे रहे हैं, उसका देशभर में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। आज देश के हजारों लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली के उत्पादक और उपभोक्ता दोनों बन चुके हैं।कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री बघेल ने पीएम सूर्यघर योजना के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और पीएम कुसुम योजना के 08 लाभार्थियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान इन योजनाओं के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया गया। इसके उपरांत जीआईजेड इंडिया के प्रतिनिधि श्री निलांजन घोष द्वारा प्रतिभागियों को योजनाओं से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही प्रश्न-उत्तर का भी आयोजन किया गया, जिससे लाभार्थियों और इच्छुक लोगों को अपने संदेह दूर करने का अवसर मिला।इस अवसर पर सीएसपीडीसीएल निदेशक श्री आर.ए.पाठक, कार्यपालक निर्देशक श्री एस.के.गजपाल, मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेवाल, नागार्जुन बिम्बिसार अधीक्षण अभियंता आर एंड पीएम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एच.के.मेश्राम, कार्यपालक निदेशक राजनांदगांव श्री शिरीष शैलेट, अधीक्षण अभियंता श्री एस मनोज, श्री आर के मिश्रा एवं श्री जे जगन्नाथ प्रसाद एवं विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सहित जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह केंद्र का खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक भ्रमण किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण उद्यमिता, लघु उद्योगों की कार्यप्रणाली तथा महिला सशक्तिकरण की जमीनी हकीकत से अवगत कराना था।विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत की और उनकी कार्यशैली को का अध्ययन किया। यह समूह ‘बिहान’ मिशन के अंतर्गत संगठित होकर विभिन्न उद्यमों का संचालन कर रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों ने मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट, बेकरी यूनिट तथा चिप्स निर्माण इकाई का भी अवलोकन किया। इन इकाइयों की संचालन प्रणाली भी सीखा।मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट में विद्यार्थियों ने कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाजों की सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग तथा मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया को देखा। वहीं बेकरी यूनिट में केक, कुकीज़ तथा ब्रेड आदि के निर्माण की जानकारी प्राप्त की। चिप्स निर्माण इकाई में कच्चे माल की तैयारी से लेकर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. सेंगर ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है और वे ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता की संभावनाओं को भी पहचान पाते हैं। साथ ही, यह भ्रमण महिला सशक्तिकरण, खाद्य प्रसंस्करण तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को समझने की दिशा में भी एक प्रभावी कदम है।
- 0- विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण कर ली कार्यों की जानकारीरायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सोमवार को भटगांव विधानसभा अंतर्गत भैयाथान में कई कार्यक्रमों में भाग लेकर क्षेत्रवासियों से संवाद स्थापित किया और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की।मंत्री श्रीमती राजवाड़े इस दौरान ग्राम बंजा के उपस्वास्थ्य केंद्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क परामर्श एवं उपचार की सुविधा दी गई, जिससे लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।मंत्री भैयाथान स्थित मंगल भवन में आयोजित अग्रसेन जयंती समारोह में भाग ली। समाज के प्रबुद्धजनों एवं नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य रूप दिया। इस अवसर पर मंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा, “अग्रसेन महाराज के आदर्शों को जीवन में अपनाकर हम समाज में भाईचारे, समानता और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूत कर सकते हैं। हमें समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।”भैयाथान प्रवास के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय, विकासखंड कार्यालय एवं शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से विभिन्न कार्यों की जानकारी ली और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की।
- बलौदाबाजार. जिले के शिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजिन जिला स्तरीय रोेजगार मेला में 358 युवाओं का प्राथमिक चयन हुआ।जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेला का आयोजन 18 सितम्बर 2025 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बलौदाबाजार में आयोजित किया गया। इसमें निजी क्षेत्र के 21 नियोजकों द्वारा अपनी- अपनी संस्थानों के विभिन्न पदों के लिये उपस्थित आवेदकों का योग्यता अनुसार साक्षात्कार लिया गया जिसमें से 358 आवेदकों को कम्पनी द्वारा प्राथमिक चयन किया गया एवं 43 आवेदकों को मेला स्थल पर ऑफर लेटर प्रदान किया गया। इसके साथ ही हम होंगे कामयाब अंतर्गत 60 युवाओ को भी ऑफर लेटर दिया गया।मेले में अप्रेटिसशिप ट्रेनिंग के लिये 2 नियोजकों द्वारा 52 आवदकेां का साक्षात्कार लिया गया जिसमें 28 आवेदकों का प्राथमिक चयन किया गया है। समस्त नियोजकों द्वारा प्राथमिक रूप से चयनित आवेदकों को समस्त मूल दस्तावेज एवं छाया प्रति के साथ 7 दिवस के अंदर अपने- अपने संस्थानों में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है ताकि अंतिम चयन की प्रकिया पूर्ण किया जा सकें।
- 0- चयनित होने पर डिग्री अथवा डिप्लोमा हेतु छात्राओं को वित्तीय सहायता के रूप में मिलेंगे 30 हज़ार प्रतिवर्ष0- सरकारी स्कूल से नियमित विद्यार्थी के रूप में कक्षा 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण छात्राएं होंगी पात्रबलौदाबाज़ार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के साथ मिलकर उल्लेखनीय पहल की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 10 सितंबर को छत्तीसगढ़ में इस स्कॉलरशिप का शुभारंभ किया। पात्र छात्राएं 30 सितम्बर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। उल्लेखनीय है कि अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप पहल के तहत ज़रूरतमंद छात्राओं को कॉलेज शिक्षा हासिल करने के लिए मदद की जाती है। इस स्कॉलरशिप के तहत कॉलेज की शिक्षा हासिल करने के लिए मदद के तौर पर वार्षिक 30,000 रुपयों की सहायता की जाती है। यह स्कॉलरशिप छात्राओं के पहले ग्रैजुएशन के लिए डिग्री या डिप्लोमा पूरा होने तक उपलब्ध कराई जाएगी। जिसकी अधिकतम अवधि 5 वर्ष होगी।किसी भी सरकारी स्कूल से 10वीं और 12वीं कक्षा नियमित छात्रा के रूप में उत्तीर्ण की हो। छात्रा ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में किसी मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम (अवधि 2 से 5 वर्ष) के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया हो। यह प्रवेश भारत में किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी या विश्वसनीय एवं प्रामाणिक निजी कॉलेज या विश्वविद्यालय हो सकता है। अगर छात्रा ने वर्ष 2025-26 या उससे पहले अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के किसी भी कोर्स या प्रोग्राम में प्रवेश लिया हो अथवा छात्रा को विप्रो द्वारा प्रदान की जाने वाली कोई भी फेलोशिप मिली हो तो ऐसी छात्रायें इस स्कॉलरशिप हेतु अपात्र होंगी।कैसे करें आवेदन- पात्र छात्राएं https://azimpremjifoundation.org पर जाकर निःशुल्क आवेदन कर सकती हैं । आवेदन हेतु पासपोर्ट आकार में एक 2X2 इंच के रंगीन फोटो की स्कैन कॉपी।इस फोटो में आवेदक के चेहरे का सामने वाला हिस्सा साफ़-साफ़ दिखाई देना चाहिए।आवेदक सेल्फ़ी, दूसरे तस्वीर से काटी गई, एडिट की गई या फ़िल्टर लगी हुई, इमोजी लगी हुई, किसी दूसरी व्यक्ति के साथ ली गई, चेहरा ढँकी हुई तस्वीर बिलकुल अपलोड न करें।इसके अलावा साफ़ और सफ़ेद कागज़ पर हस्ताक्षर की फोटो या स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी।आधार कार्ड अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। आधार कार्ड के सामने वाले हिस्से की रंगीन स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। इसमें स्पष्ट रूप से नाम, फोटो और जेंडर दिखाई देना चाहिए।आधार कार्ड की फोटोकॉपी, ब्लैक-एण्ड-व्हाइट कॉपी, स्क्रीनशॉट या लॉक की हुई कॉपी का स्कैन अपलोड न करें।इन दस्तावेज़ों की सिर्फ़ JPEG/ JPG/ PNG/ PDF फॉर्मेट में ही फ़ाइल अपलोड की जा सकती है। हर एक फ़ाइल का साइज़ 30 से 500 केबी के बीच होना चाहिए।
- 0- मध्यान्ह भोजन में फोर्टिफाइड चावल का उपयोग अनिवार्य रूप से करें0- राशन समय पर पहुंचे और भंडारित हो - श्री शर्मामहासमुंद. छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने सोमवार को जिले में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। निरीक्षण कार्यक्रम के पश्चात उन्होंने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति कल्याण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान श्री शर्मा ने कहा कि हितग्राहियों तक समय पर खाद्यान्न एवं पोषण आहार पहुँचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा हितग्राहियों तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने की है। इसके लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें और सुनिश्चित करें कि जिले में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट कर जमीनी हकीकत की जानकारी लें।उन्होंने सभी पीडीएस दुकानों में गठित निगरानी समिति को अधिक जवाबदेही बनाने और नियमित निरीक्षण करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के समय हितग्राहियों से भी चर्चा कर फीडबैक लें। श्री शर्मा ने कहा कि सरकार फोर्टिफाइड चावल के माध्यम से कुपोषण के स्तर को कम करना चाहती है। अतः सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन में नियमित रूप से फोर्टिफाइड चावल दिया जाए। साथ ही कहा कि अधिकारी निरीक्षण के दौरान निरीक्षण टीप अवश्य लिखें। अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि राशन के समय पर पहुंच तथा भंडारण की स्थिति का अधिकारी स्वयं जायजा लें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के शिकायत के लिए दीवार लेखन करंे और शासन के टोल फ्री नम्बर को जारी करें।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निराकरण त्वरित एवं प्रभावी तरीके से किया जाए ताकि आमजन को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शासन की पोषण, खाद्य सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू हों और कोई भी पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।बैठक में उपस्थित विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अध्यक्ष श्री शर्मा ने रिपोर्ट का अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। बैठक में खाद्य अधिकारी श्री अजय यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री टिकवेन्द्र जटवार, शिक्षा अधिकारी श्री सतीश नायर एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
- महासमुंद. समग्र शिक्षा के पीएमश्री योजना अंतर्गत जिले के 12 पीएमश्री विद्यालयों हेतु संगीत प्रशिक्षक, अंशकालिक योग प्रशिक्षक, खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षक पदों के लिए आमंत्रित आवेदनों की दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। अब पात्र अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे हैं।इस संबंध में जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा महासमुंद ने जानकारी दी है कि साक्षात्कार 24 सितंबर 2025 को प्रातः 11ः00 बजे से जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा महासमुंद में आयोजित किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदन में संलग्न सभी दस्तावेजों की मूल प्रति एवं 02 सेट फोटोकॉपी के साथ समय पर उपस्थित हों।
- महासमुन्द. राज्य शासन के निर्देश एवं परिवहन विभाग के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला परिवहन विभाग महासमुन्द द्वारा 25 एवं 26 सितम्बर 2025 को दो दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि शिविर का आयोजन जिला परिवहन कार्यालय परिसर में प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से शाम 05ः30 बजे तक किया जाएगा, जिसमें दिव्यांगजन एवं 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजन बस पास बनवा सकेंगे। इसके लिए दिव्यांगजनो को आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं 2 पासपोर्ट साइज फोटो तथा वृद्धजन 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लिए आधार कार्ड एवं 2 पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक है। शिविर का उद्देश्य दिव्यांग एवं वरिष्ठजनों को सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे सरलता से अपना बस पास बनवा सकें।
- 0- योजनाओं की जमीनी हकीकत देखी, अधिकारियों को दिए निर्देशमहासमुंद. छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा सोमवार को जिले के दौरे पर पहुंचे। यहां पहुंचकर श्री शर्मा ने सबसे पहले गुड़रूपारा स्थित छात्रावास का निरीक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने बेमचा में राशन दुकान,स्कूल एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, टीकाकरण एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। बच्चों से संवाद कर उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई की स्थिति जानी। उन्होंने छात्रावास में बच्चों के लिए बनाए गए भोजन का स्वाद भी चखा और सराहा। उन्होंनें कहा कि बच्चों को भोजन और शिक्षा के साथ-साथ सामान्य ज्ञान की भी बातें नियमित बताएं। अपने लक्ष्य के प्रति भी उन्हें सजग करें। आंगनबाड़ी केन्द्र के निरीक्षण में बच्चों से संवाद किया तथा कार्यकर्ताओं को बच्चों की नियमित उपस्थिति व गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल-खेल में शिक्षा और सामान्य ज्ञान पर भी जोर दिया।इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का निरीक्षण किया। वहाँ राशन वितरण व्यवस्था, मशीनीकृत प्रणाली, उपभोक्ता पंजी और स्टॉक रजिस्टर की जाँच की। हितग्राहियों से चर्चा कर राशन की उपलब्धता एवं पारदर्शिता की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी एवं पूर्व पार्षद श्री महेन्द्र जैन मौजूद थे।
- 0- पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर। राष्ट्रीय क्षितिज पर आदिवासी समाज के व्यंजनों को नई पहचान मिल रही है। हैदराबाद में आयोजित ’’बडिंग शेफ कॉम्पिटिशन‘‘ में आईएचएम रायपुर की टीम ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय के पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत कर लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस कॉम्पिटिशन में देशभर के आईएचएम के छात्रों ने हिस्सा लिया।पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि “बडिंग शेफ कॉम्पिटिशन‘‘ में आईएचएम रायपुर के छात्रों ने अपनी अनूठी पाक कला को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत कर निर्णायक मंडल को बेहद प्रभावित किया। “यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है।” सम्मान समारोह में सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने विजेता टीम को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने छात्रों की रचनात्मकता और छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल भारतीय खानपान की असली पहचान को सामने लाती है।उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री ने राज्य के आदिवासी युवक-युवतियों को होटल मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट रायपुर में निःशुल्क ट्रेनिंग हेतु प्रशिक्षण में होने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति बस्तर तथा सरगुजा विकास प्राधिकरण के माध्यम से किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।आईएचएम रायपुर के प्रिंसिपल श्री विवेक आचार्य ने कहा कि “यह सफलता हमारे छात्रों की मेहनत, लगन और टीम भावना का परिणाम है। भारतीय पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा सकता है।” शतप्रतिशत प्लेसमेंट रिकार्ड के साथ एक और उपलब्धि संस्थान के साथ जुड़ गई है।
- महासमुंद. कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने हेतु खनिज विभाग द्वारा सतत कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में सोमवार को संयुक्त टीम द्वारा महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम केडियाडीह तहसील के महानदी क्षेत्र में अवैध रूप से अवैध रेत उत्खनन करते हुए एक चैन माउंटेन जप्त किया गया। वाहन को जब्त कर सुरक्षार्थ तुमगांव थाना में खड़ा किया गया है।खनिज अधिकारी श्री योगेन्द्र सिंह ने बताया कि उक्त वाहनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस प्रकरण में 2 से 5 वर्षों की सजा का प्रावधान है और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्व में भी खनिज पट्टेदारों एवं खनिज परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि बिना वैध अभिवहन पास के खनिज का उत्खनन, परिवहन या भंडारण करना कानूनन अपराध है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज विभाग का विशेष अभियान सतत जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- 0- बिलासपुर जिले में लोगों ने चुनी ग्रीन एनर्जी की राह, बन रहे आत्मनिर्भरबिलासपुर. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने पूरे देश में ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति ला दी है। बिलासपुर जिला भी इस बदलाव का गवाह बन चुका है, जहाँ अब आम नागरिक न केवल बिजली बिल से राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे रहे हैं। इस योजना ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है। जिले के सैकड़ों परिवार अब सौर ऊर्जा से अपने घरों को रोशन कर रहे हैं, और बिजली पर होने वाले खर्च में भारी कटौती कर पा रहे हैं।श्रीमती अंजली सिंह -अशोक नगरश्रीमती सिंह ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट सोलर पैनल स्थापित किया है जिसकी कुल लागत 1 लाख 85 हजार थी। केंद्र सरकार से 78 हजार और राज्य सरकार से 30 हजार की सब्सिडी मिलने के बाद अब उनका बिजली बिल आधा हो चुका है। वे कहती हैं कि अब बिजली कटौती की शिकायत भी नहीं करनी पड़ती और सोलर सिस्टम का रखरखाव बेहद सरल है।श्री जमशेर मोहम्मद शेख - बिल्हाश्री जमशेर मोहम्मद शेख ने भी 3 किलोवाट का सोलर प्लांट अपने घर की छत पर लगवाया है। पहले उनका मासिक बिजली बिल दो से ढाई हजार रूपए तक आता था, अब बिल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि आवेदन के 10 दिनों के भीतर ही सेटअप पूरा हो गया और अब वे स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भागीदार हैं।श्री एस.के. साहा - कोनी, रिवर व्यू कॉलोनीतीन माह पूर्व लगाए गए सोलर सिस्टम से श्री साहा का बिजली बिल पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। उन्हें भी सरकार से 1.08 लाख रूपए की कुल सब्सिडी मिली है। वे इसे अपने परिवार के लिए लंबे समय की ऊर्जा सुरक्षा मानते हैं।श्रीमती संगीता तिवारी - कोनीसंयुक्त परिवार की अधिक खपत को देखते हुए उनके घर पर 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम स्थापित किया गया। अब उनका बिजली बिल 50 प्रतिशत से अधिक कम हो गया है। वे कहती हैं, “यह योजना केवल बिजली बचत नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।”सरकार से मिल रही है सब्सिडी -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। जिसमें एक किलोवॉट पैनल पर 30 हजार रूपये केंद्र एवं 15 हजार राज्य सरकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। इसी प्रकार 2 किलोवॉट पैनल पर केंद्र से 60 हजार रूपये एवं राज्य सरकार से 30 हजार रूपए कुल 90 हजार रूपए की सब्सिडी एवं 3 किलोवॉट या इससे अधिक के पैनल पर 78 हजार रूपए केंद्र एवं 30 हजार रूपए राज्य द्वारा कुल 1 लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर ऋण का भी प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। यह प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा। जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी हो जाती है।आवेदन की प्रक्रिया - सरल और पारदर्शी1. पोर्टल पर जाएँ - https://pmsuryaghar.gov.in2. अपने बिजली उपभोक्ता नंबर, आधार कार्ड, और छत की फोटो अपलोड करें।3. नजदीकी DISCOM (बिजली विभाग) द्वारा सत्यापन के बाद इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू होगी4. सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर -बिलासपुर जिले में अब तेजी से लोग सौर ऊर्जा की ओर अग्रसर हो रहे हैं। यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं, बल्कि स्वच्छ भारत, हरित भारत के निर्माण में एक मजबूत कदम है। सौर ऊर्जा की ओर यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ, स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य देने का वादा करता है। योजना से लाभान्वित नागरिकों ने सभी से इस योजना का लाभ लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे न केवल बिजली बिल में राहत मिलती है, बल्कि पर्यावरण को भी फायदा होता है।
- 0- संभाग स्तरीय युवा काव्य पाठ प्रतियोगिता अब 28 सितम्बर कोबिलासपुर. छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं राज्य युवा आयोग द्वारा 28 सितम्बर को संभाग स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। बिलासपुर के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में सवेरे 11 बजे से यह प्रतियोगिता शुरू होगी। संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने संभाग के सभी कलेक्टरों से प्रतियोगिता में अधिकाधिक युवाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने को कहा है। संभाग स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रथम तीन विजेता राज्य स्तर पर संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रथम विजेता को 15 हजार, द्वितीय विजेता को 10 हजार एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता को 5 हजार रूपए की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 4 अक्टूबर 2025 को राजधानी रायपुर में आयोजित की गई है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक ई एक्का ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले युवाओं की आयु 15 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए गूगल फार्म में पंजीयन किया जाना अनिवार्य है, जिसका लिंक https://forms.gle/iAo2jLmMALENP4ee6है। प्रस्तुति का समय अधिकतम 5 मिनट का होगा। प्रतिभागी को केवल 1 कविता प्रस्तुत करने की अनुमति होगी। कविता हिन्दी अथवा छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रस्तुत की जा सकेगी। कविता हिंसात्मक, अपराधिक, आपत्तिजनक तथा अनुचित ना हो। कविता में जाति, धर्म, नस्ल, रंग आदि का भेदभाव न हो। निर्णयन समिति का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा। कविता मौलिक अथवा किसी प्रसिद्ध कवि की रचना हो सकती है, लेकिन पूर्व प्रकाशित प्रसिद्ध कविता प्रस्तुत करने पर कवि का नाम अवश्य लेना होगा। उच्चारण, भाव-भंगिमा, शुद्धता, प्रस्तुति कला, भावानुकुलता एवं विषय की प्रासंगिकता के आधार पर प्रतिभागियों को अंक प्रदाय किया जाएगा।
- बिलासपुर. शासकीस औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बिल्हा में विद्युतकार व्यवसाय के प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कराये जाने के लिए प्रशिक्षण सत्र 2025-26 हेतु मेहमान प्रवक्ता (गेस्ट लेक्चरर) के लिए 3 अक्टूबर 2025 को शाम 5 बजे तक आवेदन मंगाये गये है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में स्वयं उपस्थित होकर अथवा पंजीकृत, स्पीड पोस्ट द्वारा आईटीआई कोनी में जमा कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए संस्था के सूचना पटल एवं जिले की वेबसाईट www.bilaspur.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।



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