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दुर्ग/ दुर्ग ग्रामीण परियोजना के सेक्टर रसमड़ा के छोटे से ग्राम महमरा में रहने वाली भारती वर्मा का जीवन पहले काफी कठिनाइयों से भरा हुआ था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे हर महीने कुछ बचत नहीं कर पाती थीं। घर का खर्च चलाना ही उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। मार्च 2024 में जब उन्हें महतारी वंदन योजना की राशि मिलनी शुरू हुई, तब उनके जीवन में एक नई उम्मीद जगी। यह छोटी-सी आर्थिक सहायता उनके लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई। धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार आने लगा और वे घर के खर्चों को बेहतर तरीके से संभालने लगीं। लेकिन अक्टूबर 2024 में एक और मुश्किल सामने आई। उनके पति एक दुर्घटना में घायल हो गए और उनका पैर फ्रैक्चर हो गया। इस कारण उसके पति लगभग 8 महीनों तक मजदूरी करने नहीं जा सके। इस कठिन समय में पूरे परिवार की जिम्मेदारी भारती वर्मा के कंधों पर आ गई।
ऐसे मुश्किल दौर में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। इसी सहायता से उन्होंने अपने परिवार का पालन-पोषण किया और घर को संभाले रखा। इसके साथ ही उन्होंने अपनी दो जुड़वा बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खाते भी खुलवाया और नियमित रूप से किश्तें जमा कर रहे हैं। इस योजना के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए कहती है कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं कई परिवारों को मुश्किल समय में संभलने का हौसला दिया। - -ग्रामीण जल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री सायरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केन्द्र और राज्य के बीच एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुये एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। श्री साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था।उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण तथा योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” का लक्ष्य हासिल करेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नए मानक स्थापित करेगा।केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुँच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। श्री पाटिल ने कहा कि जिला प्रशासन के जरिये पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी एवं आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुँच का सपना साकार होगा।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रशिक्षु सैन्य और गैर सैन्य अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात-विदेशी मेहमानों ने कहा - अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा-राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की हुई सराहना-नेशनल डिफेंस कॉलेज का 15 सदस्यीय अध्ययन दल 05 दिवसीय यात्रा पर पहुंचा है छत्तीसगढ़रायपुर // छत्तीसगढ़ की हमारी धरती सघन वन, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा के विपुल भंडार, लोक संस्कृति की अमूल्य विरासत और नैसर्गिक सौन्दर्य का अद्भुत संगम है। इस सुंदर धरती के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को हमारे डबल इंजन की सरकार ने अब दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य एवं सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का स्वागत करते हुए शाल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को सैन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है। उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। श्री साय ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है—कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है, जिससे आने वाले समय में इतनी ही अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल समस्या समाप्ति की ओर है। इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज होगी। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा 05 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, खान पान, रीति रिवाज परंपरा पर खुलकर बातें की और अपने राजनीतिक और सामाजिक अनुभव भी उनके साथ साझा किए।अध्ययन दल में शामिल विदेश के सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए कहा कि राज्य भौगोलिक विविधताओं और उर्वर भूमि से समृद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की।एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्य हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं—जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं—का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया।इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, आईजी श्री ओ पी पाल, अध्ययन दल में आईपीएस श्री अमनदीप सिंह कपूर, म्यांमार कर्नल लू जॉ आंग, ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, जापान के कर्नल उचीनो तोमोफुमी, ब्रिगेडियर कुंवर मान विजय सिंह राणा, सुश्री सुप्रिया घाघ, ब्रिगेडियर शिशिर थमैय्या, बांग्लादेश के ब्रिगेडियर जनरल फिरदौस आरिफ अहमद, ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिते, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर श्री अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर श्री मूलनाथ गिरीश, डॉ. राजेश कुमार अस्थाना, भूटान के कर्नल समतेन चेनोर, ग्रीस के कर्नल कॉन्सटेंटिनॉस नीरस शामिल है।उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक साल का कोर्स आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 66वाँ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें 120 सैन्य तथा गैर सैन्य अधिकारियों का दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुँचा, जिसमें 05 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल है। प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने नया रायपुर में शहर की व्यवस्था और प्लान, कृषि और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया। इसके साथ ही बस्तर में सुरक्षा संबंधी विषयों से जुड़ी विशेष चर्चा, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्य, पर्यटन स्थल, विभिन्न शासकीय आयोजनों में बस्तर की कला-संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव में शिल्पग्राम का भ्रमण किया। अगले दिन उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का भ्रमण कर कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की।
- -शांति, विश्वास और विकास-बस्तर हेरिटेज मैराथन एक मज़बूत संदेश-बस्तर की वादियों में गूँजेगी बदलाव की नई आहट, बस्तर हेरिटेज मैराथन को लेकर पुनर्वासित जनों में अभूतपूर्व उत्साह-खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार की घोषणारायपुर / बस्तर में आपका स्वागत है, जहाँ विरासत जीवंत है और प्रकृति साँस लेती है। बस्तर हेरिटेज मैराथन में प्राचीन वन, जीवंत आदिवासी संस्कृति और मनमोहक परिदृश्य समाहित हैं। धावक साल के पेड़ों से घिरे सुरम्य मार्गों और प्राचीन गाँवों से गुजरेंगे, और हर कदम पर बस्तर की सुंदरता का अनुभव करेंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रोमांच और प्रकृति के बीच एक खास आयोजन होने जा रहा है। 22 मार्च 2026 को बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के धावक हिस्सा ले सकेंगे। इस मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के लाल बाग मैदान से होगी और फिनिश लाइन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगी। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।बस्तर की शांत वादियों में इस बार केवल प्रकृति का संगीत नहीं, बल्कि बदलाव और विकास के संकल्प की एक अभूतपूर्व गूँज सुनाई देने वाली है। इस मैराथन की सबसे गौरवशाली और मानवीय तस्वीर उन आत्म-समर्पित माओवादियों के रूप में उभर कर सामने आ रही है, जो कभी दुर्गम जंगलों के अंधेरों में भटकते थे, लेकिन अब समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बनकर इस खेल महाकुंभ में अपनी शारीरिक शक्ति और जीवटता का परिचय देने को बेताब हैं। हिंसा का मार्ग त्याग कर शांति की राह चुनने वाले इन युवाओं का यह उत्साह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बस्तर अब पुराने संघर्षों के साये से बाहर निकलकर खेल, साहस और शौर्य के वैश्विक मंच पर अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान गढ़ रहा है।इस मैराथन में 42 कि.मी., 21 कि.मी., 10 कि.मी. और 5 कि.मी. जैसी अलग-अलग कैटेगरी रखी गई हैं, ताकि हर स्तर के रनर्स इसमें भाग ले सकें। प्रतियोगिता में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी रखी गई है और बस्तर संभाग के धावकों के लिए अलग से पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और खेल भावना को एक साथ जोड़ने का खास मौका बनने जा रहा है।बस्तर की फिजाओं में अब हिंसा के बारूद की नहीं, बल्कि उम्मीदों और सपनों की उड़ान की खुशबू तैर रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें हुआ करती थीं और जो पैर घने जंगलों की खाक छानते थे, वे अब बस्तर मैराथन के ट्रैक पर अपनी किस्मत आजमाने और एक नई पहचान बनाने को पूरी तरह तैयार हैं। दंतेवाड़ा के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) जैसे प्रभावी पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से दर्जनों पूर्व नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया है। शासन की कल्याणकारी पुनर्वास नीति के तहत ये युवा अब अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं और जंगल की संकरी पगडंडियों पर छिपने के बजाय मैराथन की फिनिशिंग लाइन को छूने का लक्ष्य लेकर कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।स्थानीय खेल मैदानों में आयोजित अभ्यास सत्रों के दौरान इन युवाओं का जोश देखते ही बनता है, जहाँ पसीने से तर-बतर चेहरे और दृढ़ संकल्प वाली आँखें बस्तर के बदलते स्वरूप की गवाही दे रही हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इन युवाओं में अदम्य साहस और बेमिसाल स्टेमिना है, जिसे अब आधुनिक रनिंग तकनीकों के माध्यम से तराशा जा रहा है ताकि वे न केवल दौड़ें, बल्कि जीत का परचम भी लहरा सकें। इस बदलाव का मानवीय पक्ष तब और उभर कर आता है जब शिविर की महिला प्रतिभागी भावुक होकर बताती हैं कि डर के साये से निकलकर अब उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। यह अनूठी पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जंगल की हिंसा और भटकाव को पीछे छोड़कर एथलेटिक्स में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर है। अनुभवी कोचों द्वारा दी जा रही प्रोफेशनल ट्रेनिंग इन युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, जिससे वे स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर एक नई पहचान तलाश रहे हैं।अंततः यह प्रयास बस्तर में शांति, विश्वास और प्रगति का एक सशक्त संदेश दे रहा है, जहाँ पूरा दंतेवाड़ा इन युवाओं के हौसले को सलाम करते हुए मैराथन के ट्रैक पर उनकी ऐतिहासिक जीत की राह देख रहा है। इस मैराथन के माध्यम से ये पूर्व माओवादी न केवल अपनी दमखम का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो बस्तर का हर हाथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सहभागी बन सकता है। ऐतिहासिक लालबाग मैदान की मिट्टी से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के कल-कल करते तटों पर समाप्त होने वाली यह 42 किलोमीटर की श्फुल मैराथनश् इन समर्पित युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित करेगी।आयोजन को पूरी तरह समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़ और 5 किलोमीटर की श्फन रनश् जैसी श्रेणियां भी रखी गई हैं, जहाँ बस्तर के स्थानीय धावकों और मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने 25 लाख रुपये की विशाल इनामी राशि की घोषणा की है, जिसमें बस्तर कैटेगरी के विशेष प्रावधानों ने स्थानीय समुदायों के साथ-साथ इन युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर 10 किलोमीटर की श्रेणी में जूनियर और ओपन वर्ग के अलग-अलग प्रावधानों ने पहली बार दौड़ने वाले युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के बीच जबरदस्त आकर्षण पैदा किया है। स्थानीय सहभागिता को अधिकतम करने के लिए बस्तर जिले के सभी धावकों हेतु पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि कोई भी प्रतिभा आर्थिक तंगी के कारण इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित न रह जाए।इच्छुक खिलाड़ी आधिकारिक वेबसाइट www.bastarheritage.run या जारी विज्ञापनों में उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं, जबकि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 92440-79533 भी सक्रिय कर दिया गया है। निश्चित रूप से, 22 मार्च को जब ये धावक चित्रकोट की लहरों के साथ कदमताल करेंगे, तो वे केवल फिनिश लाइन की ओर नहीं भाग रहे होंगे, बल्कि बस्तर के एक नए, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील भविष्य की पटकथा लिख रहे होंगे।22 मार्च 2026 (रविवार) को जगदलपुर से चित्रकोट तक आयोजित होने वाली बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 में बस्तर संभाग के सभी सात जिलोंकृसुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर एवं कोंडागांव से 200 से अधिक पुनर्वासित माओवादी कैडर उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इस आयोजन में उनके साथ-साथ विभिन्न वर्गों के प्रतिभागी, पेशेवर एवं स्थानीय एथलीट, युवा, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में नागरिक भी सम्मिलित हो रहे हैं। यह मैराथन खेल भावना के साथ-साथ बस्तर में शांति, एकता एवं सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रही है।आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों की यह सक्रिय सहभागिता “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) की अवधारणा को साकार रूप देती है, जो शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है। “पूना मारगेम” के माध्यम से इन कैडरों को हिंसा के मार्ग से हटाकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने, उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने तथा नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मैराथन जैसे आयोजनों में उनकी भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण है। बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र को एक नई पहचान देना, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना तथा बस्तर की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है।आत्मसमर्पित कैडरों, स्थानीय नागरिकों एवं एथलीट्स की संयुक्त सहभागिता इस आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना रही है। यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि बस्तर अब विकास, विश्वास एवं नई संभावनाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां “पूना मारगेम” के माध्यम से हिंसा का राह छोड़, उम्मीदों की दौड़ का अवसर मिल रहा है।
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रायपुर/ 21 मार्च 2026 शनिवार को *"ईद उल फितर"* का त्यौहार है। प्रतिवर्षानुसार शांति समिति की बैठक में लिए गये निर्णय अनुसार यह पर्व शांति एवं सौहार्दपूर्व वातावरण में मनाया जाना है।
नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी जोन कमिश्नरों को निर्देशित किया है कि दिनांक 21 मार्च 2025 शनिवार को नगर के प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों के आसपास समुचित साफ-सफाई, कीटनाशक दवाईयों का छिडकाव पानी के टैंकरों की व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईटों की व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये। विशेष रूप से ईदगाहभाठा मस्जिद, मौदहापारा, छोटापारा, मोमिनपारा, तात्यापारा, पण्डरी इरानीडेरा एवं अन्य स्थानों पर स्थित मस्जिदों के आसपास विशेष साफ-सफाई, पानी के टैंकरों की व्यवस्था एवं स्ट्रीट लाईट आदि की व्यवस्था हो। नगर के मुस्लिम बहुल वार्डों में विशेष रूप से साफ-सफाई, पानी, स्ट्रीट लाईट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। सीरत मैदान, शास्त्री बाजार के सामने विशेष रूप से साफ-सफाई, चूने की लाईनिंग, पानी टैंकर, प्रकाश की व्यवस्था की जावे। - -अम्बिकापुर में संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2026 तथा राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेला 2026 का करेंगे उद्घाटन-कुदरगढ़ महोत्सव का करेंगे शुभारंभरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 मार्च को सरगुजा और सूरजपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर में बस्तर ओलंपिक की तर्ज पर आयोजित संभाग स्तरीय ‘सरगुजा ओलंपिक 2026’ तथा ‘राज्य स्तरीय तिलहन-किसान मेला 2026’ का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ में आयोजित ‘कुदरगढ़ महोत्सव 2026’ का उद्घाटन करेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार पूर्वान्ह 10.30 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना 11.50 बजे सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे वहां आयोजित संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2026 का शुभारंभ करेंगे। अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में सरगुजा ओलंपिक का आयोजन 21 से 23 मार्च तक किया जाएगा, जिसमें 12 खेल विधाओं में सरगुजा संभाग के सभी जिलों के 2000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को राज्य की खेल प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा और उन्हें युथ आइकॉन के रूप में सम्मानित किया जाएगा। सरगुजा ओलंपिक में कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, दौड़, बेडमिंटन, रस्साकसी सहित 12 खेल विधाओं में प्रतियोगिता आयोजित होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय सरगुजा ओलंपिक के शुभारंभ के बाद दोपहर 1.40 बजे अम्बिकापुर के राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्रों में आयोजित दो दिवसीय तिलहन मेला-किसान मेला 2026 का शुभारंभ करेंगे। इस मेले का आयोजन नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड्स के अंतर्गत कृषि विभाग एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।कुदरगढ़ महोत्सव: 185 करोड़ के 76 विकास कार्यों का होगा लोकार्पण-भूमिपूजनमुख्यमंत्री श्री साय तिलहन मेला-किसान मेला 2026 का शुभारंभ करने के बाद दोपहर 2.40 बजे अंबिकापुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3 बजे सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के ग्राम कुदरगढ़ पहुंचेंगे तथा वहां कुदरगढ़ महोत्सव 2026 का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर जिलेवासियों को 185 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत के 76 विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री इनमें से 52 विकास कार्यों का लोकार्पण और 24 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय इस कार्यक्रम के बाद कुदरगढ़ से शाम 4.20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर शाम 5.35 बजे रायपुर लौट आएंगे।
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रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय संस्कृति विभाग के सम्बंधित अधिकारियों को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में स्थित सभी शहीदों, महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सभी प्रतिमाओं / मूर्तियों के परिसरों में उनके शहादत दिवसों, जयंतियों, पुण्यतिथियों पर सादर ससम्मान विशेष साफ - सफाई व्यवस्था, फूलमाला, पुष्पसज्जा, पुष्पांजलि, संधारण कार्य सहित समस्त आवश्यक प्रबंध प्रशासनिक तौर पर पूर्वनिश्चित करने के सम्बन्ध में सख्त निर्देश दिए हैँ. साथ ही सभी सम्बंधितों को एक दिन पूर्व फोन से आयोजनों की सूचना देने के निर्देश दिए हैं.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने संस्कृति विभाग के अधिकारियो को यह समस्त व्यवस्थायें प्रशासनिक तौर पर सम्बंधित जोन के सहयोग से पूर्वनिश्चित करवाने केसम्बन्ध में कड़े निर्देश दिए हैँ और इनका नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र में नगर निगम मुख्यालय संस्कृति विभाग के माध्यम से जोनों से कड़ाई से व्यवहारिक परिपालन सुनिश्चित करने निर्देशित किया है.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने इस सम्बन्ध में आज नगर निगम संस्कृति विभाग के सम्बंधित अधिकारियों की आवश्यक बैठक ली, जिसमें कार्य समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए. - - राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा,अभिलेख शुद्धता पर विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश- कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ली राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठकमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कलेक्टोरेट सभा कक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न लंबित राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री डी.आर. ध्रुव सहित सभी तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही, राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने भू-अर्जन प्रकरणों की स्थिति, अविवादित एवं विवादित नामांतरण-बंटवारा प्रकरण, सीमांकन कार्य, स्वामित्व योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्य तथा अभिलेख शुद्धता पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों में दस्तावेजों की कमी या तकनीकी समस्याएं हैं, उन्हें शीघ्र दूर कर कार्यवाही पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को राजस्व मामलों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की सूची तैयार कर प्राथमिकता तय की जाए तथा समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना एवं अभिलेख शुद्धता से संबंधित कार्यों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में भूमि संबंधी विवादों में कमी लाई जा सके। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को शासन की मंशानुसार जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- -मोटर-साइकिल सह आइस बॉक्स योजना ने राकेश धीवर को दिखाया उन्नति का रास्तामहासमुंद / जिले के महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम तुमगांव के निवासी श्री राकेश धीवर एक साधारण परिवार से आते हैं। मछली पालन उनके परिवार का परंपरागत व्यवसाय रहा है और आज समय के साथ यह उनकी आजीविका का मुख्य आधार भी बन गया है। उनकी इस प्रगति में मत्स्य विभाग का विशेष योगदान रहा है। विभाग द्वारा उन्हें मोटर-साइकिल सह आइस बॉक्स योजना का लाभ प्राप्त हुआ। इस योजना के अंतर्गत मिली मोटर-साइकिल और आइस बॉक्स की सहायता से अब वे दूर-दराज के गांवों और हाट-बाजारों तक आसानी से मछली पहुंचा पाते हैं, जिससे उनके व्यवसाय का विस्तार हुआ है और आय में भी वृद्धि हुई है।श्री राकेश धीवर के पिता श्री विश्राम धीवर प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति तुमगांव के सदस्य रहे हैं। इससे प्रेरित होकर राकेश का भी मछली पालन एवं विक्रय कार्य की ओर रुझान बढ़ा। आज यह कार्य उनके पूरे परिवार के सहयोग से संचालित हो रहा है। उनके परिवार में पत्नी एवं दो पुत्र हैं, जो मछली विक्रय कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं और वर्तमान में सशक्त पारिवारिक उद्यम का रूप ले चुका है।राकेश धीवर द्वारा प्रतिदिन आसपास के तालाबों से मछलियाँ खरीदकर स्थानीय हाट-बाजारों में बिक्री किया जाता है। वे प्रतिदिन लगभग 2 क्विंटल मछली का व्यापार करते हैं। इस कार्य में प्रतिदिन लगभग 20 हजार रुपए की लागत आती है, जबकि विक्रय से 24 हजार रुपए तक की आय होती है। इस प्रकार उन्हें प्रतिदिन लगभग 4 हजार रुपये का सकल लाभ प्राप्त होता है। मजदूरी एवं अन्य खर्चों को घटाने के बाद वे प्रतिदिन एक हजार से 1,500 रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर लेते हैं, जो उनके परिवार के लिए एक स्थिर आय का स्रोत बन गया है। इस तरह प्रतिमाह लगभग 45 से 50 हजार रुपए की शुद्ध आमदनी होती है।इसके अलावा राकेश धीवर अपने पैतृक खेत में कृषि कार्य भी करते हैं, जिससे उनकी आय के स्रोत और मजबूत हुए हैं। इस प्रकार मछली विक्रय और कृषि कार्य के समन्वय से उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया है।
- -भोजन व्यवस्था सहित चिकित्सकीय सुविधाओं का लिया जायजामहासमुंद /अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी महासमुंद द्वारा 19 मार्च को बेमचा स्थित जिला जेल महासमुंद का निरीक्षण किया गया। माननीय छ0ग0 उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशानुसार एवं छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में बेमचा स्थित जिला जेल में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के पदाधिकारों द्वारा निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महासमुंद सुश्री चेतना ठाकुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के पालन में बंदियो को दी जाने वाली विधिक सहायता, जेल में स्थापित व्हीसी कक्ष, बैरकों की व्यवस्था, जेल बिल्डिंग की व्यवस्था, नए बैरको का निर्माण, मुलाकात कक्ष, विधिक सहायता कक्ष, बंदियों को प्रदत्त सुविधा, टॉयलेट की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, बंदियों के कपड़ो की दशा, पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ बंदियों को दी जा रही प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था आदि का भी जायजा लिया। अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी द्वारा बंदियों से प्रत्यक्ष रूप से जेल में उनके रहन-सहन, दिए जाने वाली औपचारिक सुविधा तथा न्यायालय में लंबित उनके प्रकरण और उनके अधिवक्ता तथा उनके समस्याओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा नवनिर्मित अतिरिक्त बैरको का भी जायजा लिया गया। कमेटी के निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री अक्षा गुप्ता, तहसीलदार श्री जुगल किशोर, जेल अधीक्षक अश्विनी पूजा तिर्की, सहायक जेल अधीक्षक उदय राज गायकवाड़, एलएडीसीएस के अधिवक्ता श्रीमती रीना जैन, डोलामनी पटेल, जेल चिकित्सा अधिकारी महेन्द्र चैधरी, थाना प्रथारी महासमुंद नरेन्द्र राठौर, जेल स्टाफ सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- महासमुन्द / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तृतीय वर्ष में अध्ययनरत जी.एन.एन. प्रशिक्षण संस्था की छात्राओं के लिए हेपेटाइटिस बी एवं सी से बचाव हेतु स्क्रीनिंग एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया।इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं को हेपेटाइटिस बी संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण के माध्यम से बचाव सुनिश्चित करना एवं जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का संचालन जिला नोडल अधिकारी (एन वी एच पी) डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे के मार्गदर्शन में किया गया।शिविर में कुल 39 छात्राओं की हेपेटाइटिस बी एवं सी की स्क्रीनिंग की गई। सभी छात्राओं की जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त होने के पश्चात उन्हें हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण किया गया। यह आयोजन भा. चि. महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, जिला महासमुन्द में संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. बसंत महेश्वरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
- -प्रथम चरण में मकान सूचीकरण 1 मई से 31 मई तक किया जाएगा-द्वितीय चरण फरवरी 2027 में-सफल जनगणना के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक - कलेक्टर श्री लंगेहमहासमुंद / जनगणना 2027 को संपादित करने हेतु जिले में आज जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर एवं प्रमुख जिला गणना अधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, जनगणना प्रशिक्षक श्री अशोक मिश्रा, संयुक्त निदेशक, जनगणना कार्यालय रायपुर, सहायक संचालक श्री मनोज कुमार महिलांगे, जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, समस्त अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व), समस्त चार्ज अधिकारी ग्रामीण से तहसीलदार एवं नगरीय से मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा उनके डीलिंग स्टाफ उपस्थित हुए।जनगणना 2027 को संपादित करने हेतु जनगणना निदेशालय रायपुर के प्रशिक्षक श्री अशोक मिश्रा द्वारा प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल होगा, जनगणना 2027 को दो चरणों में संपादित किया जाना है। प्रथम चरण का कार्य मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 01 मई-2026 से 31 मई-2026 तक एवं द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में संपादित कराया जाएगा। जनगणना का कार्य अति महत्वपूर्ण होने के कारण समय पर पूर्ण करने के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना 2027 को ¼CMMS½ पोर्टल पर मकान सूचीकरण ब्लॉक निर्माण ¼HLBC½ वेब एप्लिकेशन में बनाना एवं ¼CMMS½ पोर्टल में प्रगणक एवं पर्यवेक्षको की यूजर आई. डी. जनरेट करने का कार्य 31 मार्च 2026 तक अनिवार्यतः पूर्ण कर लें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रगणकों के प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक चार्ज ऑफिसर कार्यालय के फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आगामी सप्ताह में गुणवत्ता पूर्ण ढंग से संपादित कर लें। प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स द्वारा ही तहसील मुख्यालयों में प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, संपूर्ण कार्य की ऑनलाइन सॉफ्टवेयर एवं ¼CMMS½ पोर्टल द्वारा पर्यवेक्षण की सुविधा होगी। जिला जनगणना अधिकारी श्री मनोज कुमार खाण्डे द्वारा प्रशिक्षण समाप्ति उपरांत उपस्थित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
- महासमुंद / जिले के बसना अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बसना में सिजेरियन प्रसव सुविधा की सफल शुरुआत की गई है। यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की गर्भवती महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। अब जटिल एवं आपातकालीन प्रसव की स्थिति में मरीजों को महासमुंद, रायपुर या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।यह उपलब्धि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से संभव हो सकी है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन एवं विभाग की सतत निगरानी में इस सुविधा का प्रारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की गईं।सिजेरियन प्रसव के अंतर्गत ग्राम भूकेल निवासी श्रीमती गंगा पटेल (आयु 27 वर्ष), पति श्री रविन्द्र पटेल का सुरक्षित प्रसव 20 मार्च को दोपहर 2:08 बजे कराया गया। नवजात शिशु का वजन 3.410 किलोग्राम है। वर्तमान में माता एवं शिशु दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की सतत निगरानी में हैं।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि बसना में सिजेरियन प्रसव सुविधा की शुरुआत क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीण महिलाओं को समय पर सुरक्षित उपचार उपलब्ध होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का सतत प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक सुलभ हों।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि इस सुविधा के प्रारंभ होने से जिले की मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और सुदृढ़ होंगी। अब जटिल प्रसव मामलों में त्वरित उपचार संभव होगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण साहू के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थियेटर, आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके परिणामस्वरूप सिजेरियन प्रसव सेवा का सफलतापूर्वक संचालन प्रारंभ हो सका। इस दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे, डॉ. ज्योति साहू, डॉ. छत्रपाल चंद्राकर एवं आरएमएनसीएचए सलाहकार श्री संदीप चंद्राकर द्वारा सतत मॉनिटरिंग की गई। इस उपलब्धि में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिलाषा गौतम, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दयानंद होता, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राहुल कश्यप (अग्रवाल नर्सिंग होम, बसना), नर्सिंग स्टाफ रैना रागनी एवं आकांक्षा इक्का तथा विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री डोलचंद नायक का विशेष योगदान रहा। टीम के समन्वित प्रयासों से प्रथम सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- राजनांदगांव । जिले में स्कूल शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आज बाल मित्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों को विद्यालय के वातावरण से परिचित कराना तथा 6 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत 4 से 6 वर्ष आयु वर्ग के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को उनके नजदीकी प्राथमिक शालाओं में ले जाया गया। इस दौरान बच्चों ने विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और स्कूल के माहौल को समझा।कार्यक्रम में बच्चों के लिए कहानी, गीत, खेल एवं चित्रकारी जैसी रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिससे वे आनंदपूर्वक सीख सकें और स्कूल के प्रति उनकी रूचि बढ़े। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जागृत करने के साथ ही विद्यालयीन जीवन के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम से बच्चों का सहज रूप से स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी तथा प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने में सहयोग मिलेगा।
- राजनांदगांव । शासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में संचालित समस्त हमर क्लीनिक में शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सीजीएमएससी लिमिटेड के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मुख्य जिला भंडार द्वारा आवश्यक दवाइयां शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। हमर क्लीनिक में मरीजों को आवश्यकतानुसार दवाइयों का वितरण किया जा रहा है तथा अस्पतालों के लिए जरूरी दवाइयों की आपूर्ति समय-समय पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला स्टोर के माध्यम से मांग के अनुरूप की जाती है। वर्तमान में बीपी, मधुमेह सहित अन्य आवश्यक दवाइयां हमर क्लीनिकों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। हमर क्लीनिकों में उपलब्ध नि:शुल्क दवा एवं उपचार सुविधाओं से मरीजों एवं उनके परिजनों द्वारा संतोष व्यक्त किया गया है। file photo
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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में रायपुर जिला प्रशाशन के प्रोजेक्ट अजा से सशक्त बना रही महिलाएं*
रायपुर। जिला प्रशासन द्वारा संचालित अभिनव पहल “प्रोजेक्ट अजा” को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राष्ट्रीय समाचार पत्रिका द इकॉनमिक्स टाइम्स द्वारा इस पहल को प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 में एग्रीटेक फॉर फार्मर एम्पावरमेंट श्रेणी के अंतर्गत सम्मानित किया गया है।नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान जिले में किसानों को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे नवाचारों और प्रभावी कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना का प्रतीक है।“प्रोजेक्ट अजा” के माध्यम से जिले में किसानों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना के तहत महिला समूह को बकरी पालन के लिए प्रेरित कर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले की पूरी टीम और लाभान्वित हितग्राहियों को देते हुए कहा कि यह सम्मान महिलाओं को आगे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार संचालित “प्रोजेक्ट अजा” का उद्देश्य जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित हो रही है।इस योजना के तहत महिला हितग्राहियों को 10 बकरियां एवं 2 बकरे उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे बकरी पालन के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही, मुर्गी पालन एवं गोबर खाद (गोट मैन्योर) से अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।प्रोजेक्ट अजा के अंतर्गत “पशु सखी” कैडर का गठन किया गया है, जो पशुपालकों को प्रशिक्षण, टीकाकरण, नस्ल सुधार एवं आधुनिक पशु प्रबंधन की जानकारी प्रदान करता है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है। -
राजनांदगांव । राज्य व्यवसायिक परीक्षा (एससीव्हीटी) एवं हायर सेकेण्डरी व आईटीआई की संयुक्त अध्यापन योजना के तहत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की आईटीआई ट्रेड की पूरक परीक्षा (नई प्रणाली) माह अप्रैल 2026 का परीक्षा 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्रवेश सत्र 2022, 2023 एवं 2024 के पूरक की पात्रता रखने वाले वह प्रशिक्षणार्थी 24 मार्च 2026 तक 10वीं, आईटीआई अनुत्तीर्ण अंक सूची छायाप्रति, दो पासपोर्ट साईज फोटो, निर्धारित परीक्षा शुल्क सहित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान राजनांदगांव में उपस्थित होकर परीक्षा फार्म भर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी संस्थान से प्राप्त की जा सकती है।
- राजनांदगांव । जिला कोषालय अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार भौतिक चालानों की व्यवस्था समाप्त कर अब ई-चालान को बढ़ावा देने के लिए ओटीसी सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत सभी चालान अब केवल ऑनलाईन माध्यम से जमा किए जाएंगे। इस संबंध में जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को चालान जमाकर्ताओं को ई-चालान प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। ओटीसी सुविधा अंतर्गत ई-चालान पोर्टल पर चालान भरते समय उसका डेटा सीधे बैंक को ऑनलाईन ट्रांसफर हो जाएगा, जिससे बैंक स्तर पर दोबारा डेटा प्रविष्टि की आवश्यकता नहीं रहेगी। बैंक काउंटर पर केवल ऑनलाईन जनरेटेड चालान, जिसमें ट्रेजरी रेफरेंस नंबर दर्ज होगा। इसके माध्यम से राशि जमा की जाएगी। इसके बाद बैंक द्वारा यह जानकारी एमआईएस के माध्यम से कोषालय में ऑनलाईन प्रस्तुत की जाएगी। इस नई व्यवस्था से डेटा प्रविष्टि में होने वाली त्रुटियों में कमी जाएगी और लेखांकन प्रक्रिया अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनेगी। ई-चालान पोर्टल के सर्च प्लान विकल्प के माध्यम से जमाकर्ता आसानी से चालान का प्रिंट निकाल सकेंगे। यह पहले भौतिक चालान में संभव नहीं था।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पीएम सूर्याघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्याघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता, घरेलू बिजली बचत एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आवेदन से लेकर वेंडर चयन, इंस्टॉलेशन एवं सब्सिडी वितरण तक प्रत्येक चरण में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के अंतर्गत लंबित सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने कहा। वेंडर्स को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष इंस्टॉलेशन कार्यों को तेज गति से पूर्ण करें। सोलर पैनल स्थापना के दौरान सभी सुरक्षा मानकों एवं गुणवत्ता प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने कहा। बैंक अधिकारियों को सब्सिडी क्लेम प्रक्रिया के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने कहा। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को आवेदन, इंस्टॉलेशन एवं सब्सिडी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देने कहा गया। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 8 हजार 831 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4 हजार 145 में वेंडर चयन किया जा चुका है। 1 हजार 839 हितग्राहियों के यहां इंस्टॉलेशन पूर्ण हो चुका है तथा 1 हजार 136 प्रकरणों में सब्सिडी का वितरण किया गया है।
अपर कलेक्टर ने कहा कि ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति (बीएलबीसी) की बैठकों में पीएम सूर्याघर योजना को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल किया जाए, ताकि सब्सिडी दावों, ऋण प्रक्रियाओं एवं लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। इस योजना को जिले में मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाना है, जिसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास, नियमित निगरानी और सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि हितग्राहियों को योजना की सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू, विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता तथा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे। - -वाटर प्लांट पर कार्रवाई—हजारों बोतल-पाउच जब्तबिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं नियंत्रक खाद्य सुरक्षा के निर्देशानुसार नवरात्रि त्यौहार एवं बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। आर.आर. देवांगन, अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीर सागर पटेल एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी की टीम ने विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण कर कार्रवाई की।जांच के दौरान सीपत स्थित गंगोत्री मिनरल एंड वाटर प्लांट से पानी की बोतलों का विधिक नमूना लिया गया। साथ ही मिथ्याछाप (भ्रामक लेबलिंग) पाए जाने पर 1 लीटर की 210 पेटी (प्रत्येक में 12 नग), 250 एमएल की 3030 पानी बोतल तथा 250 एमएल के 29,100 पानी पाउच को सीज किया गया। इसके अलावा दो अन्य फर्मों को सुधार करने हेतु सूचना जारी की गई। टीम द्वारा सेवई, साबूदाना तथा अरहर और चना दाल के नमूने भी जांच हेतु लिए गए।इसी क्रम में रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रसाद कक्ष का निरीक्षण किया गया। भोग प्रमाणन (सर्टिफिकेट) हेतु खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। मंदिर परिसर के बाहर लगे ठेले और गुमटियों की भी जांच की गई, जहां अखाद्य रंग से तैयार चाट को नष्ट कराते हुए संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
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बिलासपुर /कलेक्टर के निर्देश एवं उप संचालक के मार्गदर्शन में जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में खनिज अमले ने जिले के निरतु, सेंदरी, तुरकाडीह, लोखंडी, कोनी, बिरकोना और सरकंडा क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान सरकंडा क्षेत्र से खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए 2 हाइवा तथा रेत का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को जब्त किया गया। वहीं निरतु क्षेत्र से 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, तुरकाडीह से 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, लोखंडी क्षेत्र से 1 हाइवा और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी अवैध परिवहन करते पकड़ा गया। इसके अलावा अशोक नगर क्षेत्र से मुरुम का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन जब्त किया गया। इस कार्रवाई में कुल 5 हाइवा और 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 8 वाहनों को जब्त कर पुलिस थाना सरकंडा एवं कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। -
- खाद्य हिन्द पानी पाउच के कुल 606 बोरी को नमूना संकलन कर किया गया जप्त
राजनांदगांव । कलेक्टर के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा जनसामान्य तक सही गुणवत्ता की खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती साधना चंद्राकर के नेतृत्व में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम नागतराई में संचालित फर्म हाइड्रावेडॉ एक्वा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच करने बिना अनुज्ञप्ति के प्रतिष्ठान का संचालन, प्रतिष्ठान में विनिर्मित पानी के लेबल पर विनिर्माता का पता मिथ्या एवं भ्रामक तथा विनिर्मित पानी का लेबल नियमानुसार नहीं पाया गया। टीम द्वारा मौके पर विनिर्मित एवं विक्रय हेतु भंडारित खाद्य हिन्द पानी पाउच (200 मिली प्रति पाउच) के कुल 606 बोरी को नमूना संकलन कर जप्त किया गया। सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रकरण को लैब की जांच रिपोर्ट एवं विवेचना पूर्ण कर शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती साधना चंद्राकर ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा नागरिकों तक सही गुणवत्ता की खाद्य पदार्थ पहुंचाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने खाद्य कारोबारकर्ताओं से नागरिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत अपने प्रतिष्ठान में सुरक्षित और सही गुणवत्ता के खाद्य सामग्री का ही विक्रय, भंण्डारण, प्रदर्शन एवं विनिर्माण करने की अपील की है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री बेचे जाने का संदेह होने पर इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग की हेल्पलाइन 9340597097 पर की जा सकती है। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा बकाया जलकर वसूली को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। निगम प्रशासन ने आज 4 लाख रूपये निगम कोष में जमा कराये।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा बकायेदारों के विरूद्व लगातार कार्यवाही की जा रही है। टीम ने घर-घर संपर्क कर जलकर जमा कराने के लिए प्रेरित किया, वहीं लम्बे समय से बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस भी जारी किये है। शहर में जलकर वसूली को और तेज करने के लिए विशेष अभियान जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील है कि वे समय पर जलकर का भुगतान करें, ताकि दंडात्मक कार्यवाही से बजा जा सके और शहर की जल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे। निगम द्वारा आगे भी इसी तरह की सख्त कार्यवाही जारी रहेगा, जिससे राजस्व में वृद्वि हो सके और विकास कार्यो को गति मिले। इस दौरान राजस्व अधिकारी जे. पी. तिवारी, बेदखली प्रभारी विनय शर्मा, बेदखली सहायक हरिओम गुप्ता सहित वसूलीकर्ता एजेंसी के कर्मचारी उपस्थित रहे। -
*निर्धारित से कम वसूली करने पर जोन 8,9,10 को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश*
*जिन प्रापर्टी आईडी से वसूली अब तक नहीं हुई है, उनका विवरण सूची बनाकर राजस्व विभाग को देने के निर्देश**निर्धारित लक्ष्य से कम राजस्व वसूली किये जाने पर जवाबदारी तय कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी-आयुक्तरायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम रायपुर की राजस्व वसूली की गहन समीक्षा कर नगर निगम के हित में सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.आयुक्त ने अब तक की राजस्व वसूली की जोनवार और वार्डवार समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य से कम राजस्व वसूली किये जाने पर जोन 8,9,10 राजस्व विभाग को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए.आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को रायपुर नगर निगम के हित में निर्देशित किया है कि अब तक जिन प्रापर्टी आईडी से राजस्व वसूली नहीं हुई है, उन सबका विवरण सूची बनाकर नगर निगम राजस्व विभाग के पास भेजा जाना सोमवार 23 मार्च तक सुनिश्चित कर लेवें.आयुक्त ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य से कम राजस्व वसूली किये जाने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी. दिनांक 31 मार्च 2026 तक नगर निगम रायपुर के हित को सर्वोपरि मानकर सभी 10 जोनों की राजस्व विभाग टीमें अपर आयुक्तगणों और उपायुक्तगणों सहित जोन कमिश्नरों और जोन सहायक राजस्व अधिकारियों के मार्गनिर्देशन में अधिकाधिक राजस्व वसूली नगर निगम रायपुर के लिए हर हाल में किया जाना सुनिश्चित करें.नगर निगम मुख्यालय भवन में आयुक्त द्वारा की गयी राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त सर्वश्री लोकेश्वर साहू, पंकज के. शर्मा, विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, उपायुक्त श्रीमती जागृति साहू, आईटी विशेषज्ञ श्री रंजीत रंजन, सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं, सभी जोनों के सहायक राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति रही. -
*- योजना के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन तथा निधि प्रवाह से संबंधित अभिलेखों का किया गया गहन परीक्षण*
दुर्ग/ जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीए) के अंतर्गत विशेष लेखापरीक्षा (स्पेशल ऑडिट) का निरीक्षण 19 मार्च से 21 मार्च 2026 तक किया जा रहा है। यह निरीक्षण वर्ष 2025-26 में संचालित कार्यों एवं समवर्ती गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। गठित लेखापरीक्षा दल में वरिष्ठ लेखा अधिकारी संजय कुमार टीम लीडर के रूप में शामिल हैं। उनके साथ वरिष्ठ लेखाकार रणवीर कुमार सुमन एवं लोक लेखा अधिकारी मधुसूदन साने भी दल का हिस्सा हैं। टीम द्वारा योजना के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन तथा निधि प्रवाह से संबंधित अभिलेखों का गहन परीक्षण एवं सत्यापन किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान कार्यों से संबंधित फाइलें, रजिस्टर, वाउचर एवं अन्य दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण कर योजना के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया गया। सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) 2017 नियम 39 के तहत अधीनस्थ प्राधिकरणों को लेखापरीक्षा दल को सभी आवश्यक अभिलेख, रिपोर्ट एवं भुगतान विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। निरीक्षण के क्रम में जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत ग्राम पंचायत नवागांव में निजी डबरी निर्माण, वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का स्थल निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लिया गया।







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