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- - बिलासपुर जिले के 1,00,308 किसानों को मिलेगा लाभ, खातों में आएंगे 2-2 हजार रुपयेबिलासपुर /भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की जाएगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा असम के गुवाहाटी से आयोजित कार्यक्रम में शाम 5 बजे देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि अंतरित की जाएगी।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम के दौरान देश के लगभग 9.32 करोड़ पात्र किसानों को 18,650 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।जिले में भी इस योजना का व्यापक लाभ किसानों को मिल रहा है। जिले के कुल 1,00,308 पात्र किसानों को इस किस्त का लाभ मिलेगा, जिनके बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि सीधे जमा की जाएगी। इससे जिले के किसानों को खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई थी, जिसके अंतर्गत पात्र कृषक परिवारों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। अब तक इस योजना के तहत देशभर के किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।इस अवसर को विशेष रूप से मनाने के लिए 13 मार्च 2026 को “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में भी मनाया जाएगा। इस दिन जिले के विभिन्न ग्रामों में किसान बैठकें, जागरूकता कार्यक्रम और वेबकास्ट के माध्यम से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसान इस कार्यक्रम से जुड़ सकें।कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने बताया कि जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी, आधार सीडिंग या बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं कराई है, वे जल्द से जल्द इसे पूरा कर लें, ताकि उन्हें योजना की आगामी किस्तों का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।किसानों से यह भी अपील की गई है कि वे योजना से संबंधित जानकारी के लिए नजदीकी कृषि कार्यालय, ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारी अथवा पीएम किसान संबंधित पोर्टल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग /अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को त्वरित राहत और न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महा जन-सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। दुर्ग संभाग की महा जनसुनवाई 11 मार्च 2026 को प्रेरणा सभाकक्ष जिला महिला एवं बाल विकास विभाग परिसर दुर्ग में आयोजित होगी।राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष जनसुनवाई में दुर्ग संभाग के सात जिलों के कुल 113 प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इनमें दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के मामले शामिल हैं।राज्य महिला आयोग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साढ़े पाँच वर्षों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 370 जनसुनवाई आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें करीब 8000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए इस बार संभाग स्तर पर महा जनसुनवाई अभियान चलाया जा रहा है।महा जनसुनवाई सुबह 10 बजे से शुरू होगी। जिन आवेदकों के प्रकरण सूचीबद्ध हैं, उन्हें स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। वहीं जो महिलाएं अब तक आवेदन नहीं कर पाई हैं, वे भी सुनवाई स्थल पर अपना नया आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।
- -ग्रामीणों को मिला रहा है रोजगार के अवसर-जशपुर के सुंदर और हरिभरी वादियों का पर्यटक ले रहे आनंदरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में भी पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। जिले में संचालित होमस्टे में बाहरी क्षेत्रों से पर्यटक पहुंच रहे हैं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा स्थानीय संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं।जिला प्रशासन भी ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों के कारण जशपुर के गांवों में स्थित होमस्टे धीरे-धीरे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए दो पर्यटक केरे स्थित महुआ होमस्टे में ठहरे थे। पर्यटकों ने यहां के शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य और गांव के सादगीपूर्ण जीवन का अनुभव किया। उन्होंने स्थानीय खान-पान और ग्रामीण आतिथ्य की भी सराहना की। वहीं मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आए चार पर्यटक देवोबरा (मयाली) स्थित बनफूल होमस्टे में ठहरे। इन पर्यटकों ने भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और गांव के माहौल को बेहद पसंद किया। ग्रामीणों द्वारा की गई आत्मीय मेहमाननवाजी उनके लिए खास अनुभव रही।स्थानीय होमस्टे में पर्यटक कार्तिकेय सिंह, कुसुम, अरविन्द पटेल,निधि , रोशन साहू प्रीति साहू आदि अन्य पर्यटकों के ठहरने के लिए सुविधा दी जा रही है। जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।
- बिलासपुर / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से महा जन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 10 मार्च 2026 को बिलासपुर संभाग स्तर पर महा जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी।आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक (कैबिनेट मंत्री दर्जा) की अध्यक्षता में गठित न्यायपीठ की उपस्थिति में यह जन-सुनवाई प्रातः 9 बजे से सभाकक्ष प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग, बिलासपुर में आयोजित होगी। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया एवं सुश्री दीपिका शोरी भी उपस्थित रहेंगी। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अधिनियम की धारा 10(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार बिलासपुर संभाग के जिलों से प्राप्त महिलाओं से संबंधित आवेदन एवं शिकायतों की सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही जन-सुनवाई में उपस्थित होकर पीड़ित महिलाएं नए प्रकरण भी दर्ज करा सकेंगी, जिन पर आयोग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि महा जन-सुनवाई सप्ताह 8 मार्च से 13 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न संभागों में महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई कर त्वरित समाधान का प्रयास किया जा रहा है। आयोग द्वारा महिलाओं से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु जन-सुनवाई में उपस्थित होकर लाभ उठाएं।
- -लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान-रंग पंचमी के अवसर पर महिलाओं ने खेली फूलों वाली होलीरायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के अवसर पर लोकभवन में महिला सम्मान समारोह और फूलों की होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, उद्यम और पत्रकारिता के क्षेत्र मेें उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाली महिलाएं शामिल हुई।इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आदिवासी विकास के क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और समाज के सभी लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा के लिए उनके योगदान की सराहना की। श्री डेका ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी है और मेरी सरकार अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हम सभी के लिए एक गौरवशाली दिन है। यह दिन महिला समानता की दिशा में कार्य करने प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए, हम सभी को एक ऐसे विश्व के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता है जहाँ सभी महिलाओं को सशक्त, सम्मानित और समावेशी बनाया जा सके।श्री डेका ने कहा कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का एक शक्तिशाली साधन है। इसलिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ विकसित की हैं। इनमें से कुछ हैं महतारी वंदन योजना, जो समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना का उद्देश्य लड़कियों को लाभ पहुँचाना है।इस अवसर पर स्पीकर के रूप में आमंत्रित डॉ. शम्पा चौबे ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए सबसे पहले अपनी मनःस्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। शिक्षिका रंजीता साहू ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने की यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज से हमें बहुत कुछ मिलता हैं उसे धीरे-धीरे कर समाज को लौटाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि लोकभवन के प्रति उनके मन में बहुत आदर है क्योंकि 2005 में उनके पति को तात्कालिक राज्यपाल श्री के. एम. सेठ ने शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था। इसलिए वे और उनके पति गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा की दिशा में काम कर रहे है। उन्होंने 12 लाख रूपए का बैंक लोन लेकर वनांचल क्षेत्रों में 162 स्कूलों में स्मार्ट टी.व्ही. के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के लिए काम किया। इसके अलावा गुल्लक कार्यक्रम चलाकर बचत हेतु प्रेरित किया। अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री नेहा यादव ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि उनकी मां ने एक सिंगल पैरेंट के रूप में उनका पालन पोषण किया। जबकि उनके जन्म के पहले ही पिता द्वारा त्याग दिए जाने के बाद उनके पास आय का कोई जरिया नहीं था फिर भी उन्होंने अकेले ही अपनी बेटी को अच्छी परवरिश दी और अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। कार्यक्रम में डॉ प्रीति सतपथी ने महिलाओं से जुडे़ आवश्यक कानूनों और अधिनियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर श्रीमती प्रदीपा प्रसन्ना ने वनांचल क्षेत्रों में कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाएं संघर्ष करते हुए भी मजबूती से अपने घर और समाज के विकास में योगदान दे रही हैं, जो प्रेरणादायक है।राज्यपाल के गोद ग्राम से आए सोनपुरी जिला खैरागढ़ की श्रीमती निलेश्वरी वर्मा, श्रीमती सोहद्रा पाल, ग्राम बिजली गरियाबंद की श्रीमती हेम कुमारी निषाद, श्रीमती पुरईन निषाद, ग्राम टेमरी जिला बेमेतरा की श्रीमती रितु देवांगन, श्रीमती पूजा घृतलहरे का सम्मान किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, धरसींवा श्रीमती अनुबाला चक्रवर्ती, BETEO तिल्दा सामुदायिक विकासखण्ड अधिकारी सुश्री शिखा कुशवाहा, अस्पताल परिचालक AIIMS श्रीमती आरती देवांगन, श्रीमती माधूरी बरवा, महिला बाल विकास, निमोरा की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती रामवती साहू, महिला बाल विकास, तुता की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती लक्ष्मी यादव, नगर निगम, रायपुर सुपरवाईजर श्रीमती पिंकी तांडी, श्रीमती वर्षा तांडेकर, पं. रविशंकर शुक्ल विवि, रायपुर की कर्मचारी टी मोहिनी, कलेक्टोरेट, रायपुर ज्योति साहू, पूनम सिंह ठाकुर, सुजाता शेष, रूद्राणी सिंह राजपूत, डॉ. प्रीति सतपथी, लोकभवन कर्मचारी कुसुम मानिकपुरी, अन्नपूर्णना महोबिया, श्यामा वर्मा, महिला आरक्षक को सम्मानित किया गया। इस अवसर राज्यपाल ने जी. एस. टी. से संबंधित ई-बुक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक श्रीमती सोनालिका शुक्ला ने किया। लोकभवन में आयी महिलाओं ने रंग पंचमी के अवसर पर फूलों वाली होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर महिला बाल विभाग द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना एवं लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर प्रेस क्लब में महिला पत्रकारों का सम्मान, ‘पिंक रूम’ का उद्घाटनरायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर प्रेस क्लब में WO मन उत्सव 2026 के अंतर्गत मीडिया महिला शक्ति संगम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला पत्रकार शामिल हुईं। कार्यक्रम में कलमकार नारी थीम के तहत महिला पत्रकारों के लिए विभिन्न प्रेरक और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जनता कांग्रेस जोगी की नेत्री रेणु जोगी तथा एएसपी अर्चना झा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने महिला पत्रकारों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में महिला पत्रकार समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाकर सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि महिला पत्रकार समाज की आवाज को मजबूती से सामने लाने का काम कर रही हैं और ऐसे आयोजन महिलाओं को प्रेरणा देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। राज्यसभा सदस्य फूलो देवी नेताम ने कहा कि मीडिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता को मजबूत बनाती है।रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं और पत्रकारिता में उनका योगदान शहर और समाज के विकास की दिशा तय करने में अहम है। जनता कांग्रेस जोगी की नेत्री रेणु जोगी ने महिला पत्रकारों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महिला पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं एएसपी अर्चना झा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज की साझा जिम्मेदारी है और मीडिया इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई के अंतर्गत महिला पत्रकारों के बीच आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए विजेता और उपविजेता टीमों को 21-21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों के लिए बनाए गए नवनिर्मित ‘पिंक रूम’ का उद्घाटन भी किया और इसे महिला पत्रकारों के लिए बेहतर कार्य वातावरण की दिशा में सराहनीय पहल बताया।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी, डांस प्रतियोगिता और टैलेंट कॉन्टेस्ट जैसे आयोजन भी किए गए। डीजे की धुन पर महिला पत्रकार अतिथियों के साथ थिरकती नजर आईं। महिलाओं से जुड़े लोकप्रिय गीतों पर माहौल उत्साह और उल्लास से भर गया, जहां महिला पत्रकार खुद को नाचने-गाने से रोक नहीं पाईं और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।कार्यक्रम में आयोजित, प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में ज्योति ठाकुर, अमृता शर्मा,आकांक्षा दुबे, आकांक्षा शर्मा, विनीत मंडल, रेखा, वर्षा यादव और मोनिका को पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब द्वारा क्राउन पहनकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव श्रीमती निवेदिता साहू, श्री भूपेश जांगड़े प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनिल पुसदकर, प्रकाश शर्मा, पूर्व महासचिव संदीप पुरानिक, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, गोकुल सोनी, प्रदीप दुबे, जाकिर घुरसेना, व्यास पाठक, प्रिया पाठक, कौशल तिवारी, प्रदीप डढ़सेना, नरेंद्र बंगाले, राजेंद्र निगम सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ और महिला पत्रकार उपस्थित रहे।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला पत्रकारों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और सम्मान का सकारात्मक संदेश भी/
- रायपुर/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने नगर निगम जोन 8 के महोबा बाजार स्थित जोन कार्यालय परिसर में नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल सहित मिलकर नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत 15 स्वच्छता दीदियों और जोन 8 स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत सेवारत 50 महिला सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को सराहते हुए उन्हें मंच पर बुलाकर नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित किया और महिला सफाई कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनायें दीं. इस दौरान मंच पर नगर निगम जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा एवं श्री बंजारे की उपस्थिति रही.इस अवसर पर महिला सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ओर महिला स्वसहायता समूहों की स्वच्छता दीदियों ने नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान किया.साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की उन्हें हार्दिक शुभकामनायें स्वच्छता दीदियों और महिला सफाई कर्मचारियों ने दी.
- स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमनरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दीर्घ सामाजिक-राजनीतिक जीवन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और विशेष रूप से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी के विचार, उनके आदर्श और सेवा का भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने में स्वर्गीय जूदेव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में आत्मगौरव की भावना सशक्त हुई और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार हुआ।इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- लगातार आयोजन का 47 वां वर्षरायपुर। विधानसभा क्षेत्र आरंग के अधीन आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में तीन दिनी अखंड मानस गान सम्मेलन का आयोजन आसन्न 10 मार्च से प्रारंभ होने जा रहा है जिसका समापन 13 मार्च को होगा । बीते 46 वर्षों से ग्राम के ग्रामीणों के सहयोग से जय बजरंग मानस मंडली द्वारा लगातार किये जा रहे आयोजन का यह 47 वा वर्ष होगा ।इस सम्मेलन में शिरकत करने वाले मानस मंडली में 5 व इससे अधिक सदस्य होना अनिवार्य है और ऐसे मंडलियों को रामायण सेवा समिति द्वारा 501 रुपये प्रोत्साहन राशि व फोटो फ्रेम दिया जावेगा । आयोजन के लिये गठित समिति के अध्यक्ष गोवर्धन वर्मा , उपाध्यक्ष डॉ केजूराम वर्मा , सचिव सालिकराम वर्मा, उपसचिव नंदकुमार साहू , कोषाध्यक्ष श्रीराम वर्मा , उपकोषाध्यक्ष गिरवर नायक व सदस्य खोमलाल वर्मा , मनोहर वर्मा , गुलशन पटेल , छेदन वर्मा , विशाल वर्मा , खेलावन वर्मा , चंद्रिका वर्मा , भरत साहू, भरत वर्मा व अशोक वर्मा शामिल हैं ।
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दुर्ग। जिले में मक्के की खेती के आड़ में अफीम उगाने की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। घटना के बाद सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने किसान और पार्टी के स्थानीय नेता को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के जेवरा सिरसा पुलिस चौकी के अंतर्गत समोदा गांव में लगभग सात एकड़ मक्के के खेत के बीच में अफीम की खेती का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है तथा उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन का दल शनिवार सुबह खेत पर पहुंचा और वहां जांच की और इस दौरान पता चला कि मक्के के खेत के मध्य अफीम की खेती की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, जमीन मधुमती ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार की है।
दुर्ग की अतिरिक्त तहसीलदार क्षमा यादव ने बताया कि यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि खेत में अफीम की फसल कैसे उगाई गई। अधिकारी ने बताया कि जमीन पर खेती का काम विनायक ताम्रकार करते हैं। वहीं जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा ताम्रकार समेत कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अधिकारी कथित अफीम की खेती की जांच कर रहे हैं। इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
विवाद के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने राईस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प किसान मोर्चा दुर्ग के प्रदेश संयोजक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी आदेश में प्रदेश महामंत्री डॉक्टर नवीन मार्कण्डेय ने कहा है, ''आपके आचरण एवं कृत्य से भारतीय जनता पार्टी की छवि धूमिल हुई है। आपका यह कृत्य पार्टी अनुशासनहीनता करने की श्रेणी में आता है। अतः भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरण सिंह देव जी ने आपको उपरोक्त कृत्य के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। - - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएंरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के यहाँ एकात्म परिसर स्थित कार्यालय में शनिवार को रायपुर शहर जिला इकाई के तत्वावधान में 'होली मिलन समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस उत्सव में रंगों और उल्लास के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह होली प्रदेश के लिए विशेष खुशियां लेकर आई है। श्री साय ने होली के पावन पर्व के परिप्रेक्ष्य में अपनी सरकार की अल्पकाल की बड़ी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मोदी की गारंटी को तेजी से पूरा किया गया है। धान खरीदी और बकाया बोनस के भुगतान से किसानों के जीवन में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में क्रांतिकारी काम किया गया है। श्री साय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि होली का यह पर्व आपसी भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक है। हमारी सरकार प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली के रंग भरने के लिए समर्पित है। जिस तरह होली के विभिन्न रंग मिलकर एक सुंदर दृश्य बनाते हैं, उसी तरह हम सबको मिलकर 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करना है। होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए श्री साय ने सभी के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।होली मिलन समारोह को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक मोतीलाल साहू, संभाग सह प्रभारी राजीव सिंह, जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा, अमर जीत छाबड़ा, केदार गुप्ता, गुंजन प्रजापति, डॉ सलीम राज, अकबर अली, अर्चना हुकरे, पुष्पेन्द्र उपाध्याय, अनिता देवांगन, रोहित द्विवेदी, अखिलेश कश्यप, रजयन ध्रुव, पंकज जगत, कृतिका जैन उपस्थित थे। कार्यक्रम में पारंपरिक फाग गीतों की प्रस्तुतियों से पूरा एकात्म परिसर उत्सव के माहौल में सराबोर रहा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (08 मार्च) को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। बस्तर सम्भाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित होने जा रहा 'वृहद महतारी वंदन सम्मेलन 2026' केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के स्वावलंबन और सम्मान का महाकुंभ होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है। श्रीमती अवस्थी ने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों से अपील की है कि वे इस भव्य उत्सव में शामिल होकर अपनी शक्ति और एकजुटता का परिचय दें। इसके साथ ही रायपुर के बलबीर जुनेजा स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर लखपति दीदियों का सम्मान किया।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने कहा कि इस सम्मेलन में बस्तर और वनांचल क्षेत्रों से हजारों महिलाओं का जुटना प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है। कार्यक्रम में महिलाओं को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया जाएगा। श्रीमती अवस्थी ने महिला सशक्तीकरण हेतु प्रदेश की भाजपा सरकार के ऐतिहासिक कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश की विवाहित महिलाओं को महतारी वन्दन योजना के तहत प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया गया है, जिससे वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनी हैं। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से दीदियों को कौशल विकास और बाजार से जोड़कर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपए से अधिक करने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा रहा है। प्रदेश भर में महिला सुरक्षा हेतु 'अभिव्यक्ति ऐप' और विशेष हेल्प डेस्क के साथ-साथ बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए नि:शुल्क सुविधाओं का विस्तार किया गया है। महतारी जतन योजना और सुपोषण अभियान के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। श्रीमती अवस्थी ने कहा कि बस्तर में आयोजित हो रहा यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएँ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। महतारी वंदन योजना जैसी दूरगामी सोच ने महिलाओं के जीवन में खुशहाली और सम्मान की नई किरण जगाई है।
- -इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंबेसेडर ऑर्गेनाइजेशन ने दिया पुरस्कारमहासमुंद / महासमुंद की सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती प्रेमशीला बघेल को आज देश की राजधानी दिल्ली के वाईएमसीए हॉल में आयोजित कार्यक्रम में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंबेसेडर ऑर्गेनाइजेशन द्वारा “इंटरनेशनल विमेंस विजनरी अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें श्रीमती रमादेवी पूर्व सदस्य पैनल ऑफ चेयरपर्सन 17 वीं लोकसभा, राजीव मेनन अभिनेता एवं निर्माता, नुज़रथ जहाँ, अभिनेत्री, मनीष गवई सदस्य, जयलक्ष्मी राव अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एम्बेसडर ऑर्गेनाइजेशन नई दिल्ली द्वारा महिला एवं बाल सशक्तिकरण, डिजिटल वित्तीय समावेशन और ग्रामीण आजीविका विकास के क्षेत्र में उनके तीन दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।प्रेमशीला पिछले लगभग 30 वर्षों से गरीब, दलित, आदिवासी तथा ग्रामीण-शहरी महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में मात्र 300 रुपये मानदेय पर बालवाड़ी शिक्षिका के रूप में अपनी सामाजिक यात्रा शुरू की और अब तक 1,500 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 15,000 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया। उन्होंने 1,000 से अधिक बैंक खाते खुलवाने, 50 लाख रुपये से अधिक माइक्रो-क्रेडिट लिंकिंग कराने तथा 850 महिलाओं को डिजिटल बैंकिंग व मोबाइल लेन-देन का प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वर्ष 2005 में उन्होंने “उन्नयन जन विकास समिति” की स्थापना की, जिसके माध्यम से 2,200 से अधिक महिलाओं और युवाओं को साबुन निर्माण, बांस शिल्प, टेराकोटा, हाथकरघा, जैविक खेती एवं अन्य आजीविका कौशलों में प्रशिक्षण दिया गया। उनके प्रयासों से 7,500 से अधिक ग्रामीणों तक जागरूकता अभियान पहुंचा तथा 30 गांवों में बाल विवाह और शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को कम करने में सफलता मिली।डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में उन्होंने नाबार्ड के ई-शक्ति कार्यक्रम के तहत स्व-सहायता समूहों का डिजिटलीकरण कराया और महिलाओं को UPI, डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैलेंस जांच तथा मोबाइल रिकॉर्ड कीपिंग का प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा महासमुंद रेलवे स्टेशन के पास सस्ती दर में भोजन उपलब्ध कराने महिला कैंटीन मां की रोटी स्थापित कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया।श्रीमती बघेल वर्ष 2000 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर महिलाओं की गरीबी और हिंसा से जुड़े मुद्दों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा चुकी हैं।उन्हें इस वर्ष 2025 में देश के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य शासन अंतर्गत अलंकरण “वीरांगना अवंतीबाई लोधी पुरस्कार” से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा नाबार्ड , मीडिया समूह, जिला प्रशासन तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है। वे वर्तमान में श्रम विभाग अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की सदस्य भी है।श्रीमती प्रेमशीला बघेल का महिला दिवस पर संदेश है कि नारी शक्ति जब आत्मविश्वास, शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ती है, तब समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है। उनके कार्यों से हजारों महिलाओं में आत्मनिर्भरता, डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व की नई चेतना विकसित होती है।
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- नारी सभ्यता, संस्कृति, साहस और संवेदना की वाहक
- देश की आधी आबादी महिलाओं का देश के विकास में विशेष योगदान
- शासन की योजनाओं से महिलाओं में आयी जागृति
- शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर महिलाओं की जागरूकता रोचक
- जिले में महतारी वंदन योजना अंतर्र्गत पात्र महिलाओं को लगभग 578 करोड़ रूपए की राशि उनके खाते की गई अंतरित
- जिले की 4920 महिला स्वसहायता समूह को 133 करोड़ 39 लाख रूपए बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण किया गया प्रदान
- जिले की 829 महिलाओं को 10 करोड़ 11 लाख रूपए मुद्रा लोन दिया गया
- जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा अभियान में रही महिलाओं की विशेष सहभागिता
राजनांदगांव । हमारे देश में नारी को शक्ति पुंज माना गया है। नारी सभ्यता, संस्कृति, साहस और संवेदना की वाहक हैं। कहीं कोमल तो कभी फौलादी इरादों जैसी मजबूत भी है। महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा है और देश की आधी आबादी महिलाओं का देश के विकास में विशेष योगदान है। आज की महिलाएं अपने आत्मविश्वास, लगन एवं मेहनत से विभिन्न क्षेत्रों में न केवल कार्य कर रही हंै, बल्कि सफलता के नए आयाम प्राप्त कर रही हैं। घर की चारदिवारी से बाहर निकलकर यह उनके हौसलों की उड़ान है। स्वामी विवेकानंद के विचार प्रासंगिक है कि किसी राष्ट्र की प्रगति को आंकने का सबसे सही पैमाना वहां की महिलाओं की स्थिति है। भारतीय सेना में भी महिलाएं देश की सेवा कर रही हैं। वहीं राजनीति, प्रशासनिक, प्रेस एवं विभिन्न संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रही हैं। महिलाएं अपने घर की जिम्मेदारी निभाते हुए भी समानतापूर्वक अपने कार्यों को सफलतापूर्वक कर पा रही हैं। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन की बयार दिखाई देती है। शासन की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर एक जागृति आयी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर उनकी जागरूकता रोचक है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व सहायता समूह, मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिला शक्ति के व्यापक विस्तार को उजागर करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी परिणाम दिखाई देते हैं। शासन की महिला उत्थान से जुड़ी जनहितकारी योजनाएं क्रांतिकारी रही है। शासन की महतारी वंदन योजना से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए से लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में महतारी वंदन योजना में कुल 24 किस्त जारी की गई है। जिले में पात्र महिलाओं को लगभग 578 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई। खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत विशेष तौर पर प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक परिवार में परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला जो 18 वर्ष की आयु से कम न हो राशन कार्ड जारी करने के प्रयोजन के लिए परिवार की मुखिया मानी जाएगी। राशन कार्ड में महिलाओं को प्राथमिकता देना महिला उत्थान के लिए शासन की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं के तहत महिला उन्मुखी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सफल उद्यमी बनकर उभर रही है और आर्थिक रूप से सशक्त बन नहीं है। जिले की 4920 महिला स्वसहायता समूह को 133 करोड़ 39 लाख रूपए बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्रदान किया गया है। वहीं जिले की 829 महिलाओं को 10 करोड़ 11 लाख रूपए मुद्रा लोन के तहत दिया गया है। जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही है। जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहा मिशन जल रक्षा अभियान के कारगर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। जनसहभागिता से संचालित इस अभियान में जल संरक्षण के लिए महिलाओं की भूमिका सराहनीय है। पद्मश्री फूलबासन बाई यादव एवं उनकी टीम द्वारा जल संरक्षण के लिए जागरूकता के लिए विशेष तौर पर प्रयास किया जा रहा है। जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षा जल को सीधे वाटर लेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, इन कार्यों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। शासन की सुकन्या समृद्धि योजना से बालिकाओं के लिए बचत की प्रवृत्ति बढ़ी है। वहीं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना से पहली बार माता बनने वाली योजनाओं को 5000 रूपए की सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से ग्रामीण क्षेत्रों महिलाओं को गैस चुल्हा मिलने से भोजन बनाने में आसानी हो रही है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत नल के माध्यम से घर में शुद्ध पेयजल मिलने से महिलाओं की समय एवं ऊर्जा की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रतिमाह की 9 एवं 24 तारीख को स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रसव पूर्व जांच की जाती है। इस योजना के तहत विगत 1 वर्ष से कुल 15386 गर्भवती माताओं की जांच कर हाई रिस्क वाली माताओं को चिन्हांकित कर विशेष देखरेख किया गया। वहीं 45 महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी की गई। जिले में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्पेसलिस्ट कैम्प एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से स्पेस्लिस्ट कैम्प आयोजित किए गए। जिले में स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत प्रदेश में सर्वाधिक 227107 हितग्राही लाभान्वित हुए है। श्रम विभाग में संचालित योजना अंतर्गत मिनी माता महतारी जतन योजना अंतर्गत 7232 महिलाओं को 14 करोड़ 46 लाख 40 हजार रूपए की राशि से लाभान्वित किया गया है। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत 24 महिलाओं को 24 लाख रूपए की राशि से मदद दी गई है। शासन की विभिन्न महिलाओं पर के केन्द्रित योजनाएं महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं। -
- लखपति दीदी अमृता साहू के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान बनी मददगार
- सिलाई कार्य एवं फैंसी स्टोर्स प्रारंभ करने से मिला फायदा- शासन की विभिन्न योजनाओं का मिल रहा लाभराजनांदगांव । उम्मीदों के जुगनू झिलमिलाते हैं, मन में हौसला हो तो ख्वाब पूरे होते हैं। कुछ ऐसे ही जज्बे और जुनून से राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम खुटेरी की लखपति दीदी श्रीमती अमृता साहू ने अपनी मेहनत एवं लगन से नई राह बनाई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से उन्हें बहुत मदद मिली। जय मां शारदा स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने बचत जमा किया और समूह, ग्राम संगठन तथा कलस्टर संगठन के माध्यम से बैंक से ऋण लेकर सिलाई मशीन खरीदी तथा फैंसी स्टोर प्रारंभ किया। कई तरह की चुनौतियों के बावजूद उद्यमी होने तथा लखपति दीदी बनने का उनका सफर रोचक रहा है। उन्होंने बताया कि सिलाई का कार्य सीखने का फायदा मिला। जिसके कारण आर्डर मिलने लगा। फैंसी स्टोर में श्रृंगार की वस्तुएं, अन्य उपयोगी सामग्री रखने से बिक्री बढऩे से लाभ मिला। उनकी मासिक आय 8 हजार रूपए है तथा वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रूपए है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम होने से बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रही हूं और परिवार को आर्थिक मदद मिल रही है। स्वयं का व्यवसाय स्थापित होने से गांव में एक विशेष पहचान बनी है। उन्होंने बताया कि वे शासन की योजनांतर्गत राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं।लखपति दीदी श्रीमती अमृता साहू ने बताया कि जय मां शारदा स्व सहायता समूह से जुडऩे से पहले वे मजदूरी का कार्य करती थी। उनके पति कृषि कार्य पर निर्भर थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। फैंसी स्टोर खोलने, सिलाई का कार्य प्रारंभ करने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई है। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी मिली तथा बिहान से जुडऩे के बाद विभिन्न तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ मिला। लखपति दीदी श्रीमती अमृता साहू ने कहा कि भविष्य में अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कराना चाहती है और अपनी आजीविका मूलक गतिविधियों को बढ़ाते हुए कपड़े की दुकान का विस्तार करना चाहती है। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सहयोग मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। - -रंगपंचमी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के अश्वनी नगर स्थित सोनकर बाड़ी में आयोजित रंगपंचमी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज को आपसी एकता और समरसता के सूत्र में पिरोता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के किसानों के लिए होली का त्योहार विशेष खुशियां लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान उपार्जन के अंतर की राशि के रूप में किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की बड़ी राशि होली से पहले ही अंतरित की गई है। इससे प्रदेश के अन्नदाताओं के घरों में खुशियों का माहौल है और होली का उत्साह भी दोगुना हो गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली आपसी मतभेदों को भुलाकर प्रेम और मित्रता का संदेश देने वाला पर्व है। यह पर्व समाज में सौहार्द, सद्भाव और एकजुटता की भावना को और मजबूत करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा प्रतिवर्ष रंगपंचमी के अवसर पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी मेल-मिलाप और सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -महिला सशक्तिकरण की नयी मिसालें, स्व-सहायता समूहों से जुड़कर बन रहीं आत्मनिर्भररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त बनते हुए समाज में नई पहचान स्थापित कर रही हैं।प्रदेश की महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों से जुड़कर कई महिलाओं ने अपने जीवन की दिशा बदली है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के विकासखंड करतला के ग्राम सरगबुंदिया निवासी शासन के सहयोग से कपड़ा व्यवसाय के माध्यम से श्रीमती सावित्री उरांव आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवनयापन करने वाली सावित्री उरांव ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया और आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की श्रीमती पूनम देवी, गणेश महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं और वे आज “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं। पहले वे घर-गृहस्थी के कामकाज तक सीमित थीं और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मेहनत-मजदूरी का काम करती थी। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार के अवसर मिले, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया। उन्होंने मछली पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित करते देख उन्हें भी प्रेरणा मिली। उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे से किराना दुकान के विस्तार कर आत्म निर्भरता की ओर आगे बढ़ रही है।कांकेर जिले के ग्राम गढ़पिछवाड़ी की आदिवासी महिला श्रीमती सगो तेता भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनी हैं। प्रशिक्षण और सहयोग के माध्यम से उन्होंने अपने हुनर को आगे बढ़ाया और आज वह खेती-किसानी कर “लखपति दीदी” के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।इसी तरह गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सधवानी की श्रीमती बृहस्पति धुर्वे ने भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर मशरूम उत्पादन और सब्जी-भाजी की खेती शुरू की। कड़ी मेहनत और लगन से आज उनकी वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुँच गई है। वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार की जरूरतों को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं।कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बुडार में श्रीमती अंजनि, हीरामनी, लीलावती और मित्तल स्वच्छता दीदी के रूप में कार्य करते हुए गाँव को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करती हैं और ग्रामीणों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करती हैं।बस्तर जिले के ग्राम पंचायत मामड़पाल मुनगा की दशमी नाग भी महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक कहानी बन चुकी हैं। पहले मजदूरी पर निर्भर रहने वाली दशमी नाग आज स्व-सहायता समूह से जुड़कर खेती, पशुपालन और सब्जी उत्पादन के माध्यम से “लखपति दीदी” के रूप में अपनी नई पहचान बना चुकी हैं।प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में जनकल्याणकारी योजनाओं और महिला समूहों की सामूहिक पहल से सामाजिक क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम आनी में ज्योति महिला स्व-सहायता समूह और माँ शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएँ “कोरिया मोदक” नामक पौष्टिक लड्डू तैयार कर रही हैं, जिन्हें गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और कम वजन वाले शिशुओं के जन्म की समस्या को कम करने में मदद मिल रही है।इसी प्रकार कोंडागांव के नहरपारा निवासी फरिदा बेगम भी महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश की महिलाएँ आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वे न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई मिसाल भी स्थापित कर रही हैं।
- - राज्य भर में 355 जन औषधि केंद्र स्वास्थ्य देखभाल के वित्तीय बोझ को कम करने में निभा रहे हैं महत्वपूर्ण भूमिकारायपुर। जिले के कोटा में आज 8वें जन औषधि दिवस 2026 का राज्य स्तरीय कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जो आम जनता को उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती जेनेरिक दवाएं प्रदान कर सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य देखभाल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। कार्यक्रम में राज्य भर से विभिन्न जन औषधि केंद्र प्रभारी शामिल हुए।योजना की सफलता पर व्यापक परिप्रेक्ष्य रखते हुए, यह उल्लेख किया गया कि 31 दिसंबर 2025 तक देश भर में कुल 17,990 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इस नेटवर्क का और विस्तार करने के सरकारी रणनीतिक लक्ष्य के तहत, मार्च 2027 तक 25,000 केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, छत्तीसगढ़ राज्य में 355 ऐसे केंद्र हैं, जो हजारों परिवारों के स्वास्थ्य देखभाल के वित्तीय बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, रायपुर के सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने जेनेरिक दवाओं के संबंध में आम जनता की भ्रांतियों को संबोधित किया। उन्होंने "सस्ती दवाओं का मतलब कम गुणवत्ता" होने की धारणा को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन औषधि केंद्रों (JAKs) में दवाओं की कम लागत का कारण केवल बड़ी फार्मा कंपनियों द्वारा किए जाने वाले भारी-भरकम ब्रांडिंग और मार्केटिंग खर्चों का खत्म होना है। परिणामस्वरूप, लागत बचत का लाभ सीधे उपभोक्ताओं को मिलता है, जिन्हें बड़ी फार्मा कंपनियों द्वारा दी जाने वाली समान दवाओं की तुलना में वही दवाएं बहुत कम कीमत पर प्राप्त होती हैं।डॉ. चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रत्येक नागरिक इन सस्ती स्वास्थ्य समाधानों का लाभ उठा सके, आक्रामक जन जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। जिले में प्रगति को प्रदर्शित करते हुए, उन्होंने क्षेत्र के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की, जिसमें कहा गया कि रायपुर में संचालित जन औषधि केंद्रों की संख्या इस वर्ष के भीतर 50 के पार पहुंच जाएगी।समारोह का समापन एक सम्मान समारोह के साथ हुआ, जहां विभिन्न जन औषधि केंद्रों के समर्पित प्रभारियों को उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इन केंद्रों के संचालन में उनके प्रयास यह सुनिश्चित करने में सहायक रहे हैं कि जीवन रक्षक दवाएं समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक सुलभ रहें।
- बिलासपुर। एनटीपीसी लिमिटेड की सीपत परियोजना में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परियोजना में कार्यरत महिला कर्मचारियों तथा सहयोगी एजेंसियों के साथ कार्यरत महिला कर्मियों के कार्यों और संगठन की निरंतर प्रगति में उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में संविदा महिला श्रमिकों के प्रयासों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर इस विशेष दिवस की शुभकामनाएँ दी गईं।समारोह में परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि फौजिया मिर्ज़ा, वरिष्ठ अधिवक्ता, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों की महिला कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सशक्त महिला होने का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।समारोह के दौरान कई महिला कर्मचारियों ने कविता, गीत और नृत्य के माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि एनटीपीसी सीपत की महिलाएँ न केवल इंजीनियर, चिकित्सक और विभिन्न विभागों की पेशेवर भूमिकाओं में सक्रिय हैं, बल्कि नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में भी अग्रणी भूमिका निभाते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल ने इस वर्ष की थीम ‘गिव टू गेन’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की महिलाएँ सशक्त समाज के निर्माण के साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रचालन एवं अनुरक्षण (Operation and Maintenance), सुरक्षा, अभियांत्रिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) जैसे विभागों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह सिद्ध करती है कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।अपने संबोधन में फौजिया मिर्ज़ा ने एनटीपीसी सीपत द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्वतंत्रता, उनके अधिकारों और उनकी क्षमता के प्रभावी उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला तथा अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने एनटीपीसी में महिला कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न नीतियों की जानकारी प्राप्त की और उनकी प्रशंसा की। विशेष रूप से गर्भवती महिला कर्मचारियों के लिए संचालित कल्याणी योजना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहल को अन्य संस्थानों में भी व्यापक रूप से अपनाया जाना चाहिए।इस अवसर पर कोमल कृति उरांव को भी सम्मानित किया गया, जिनका चयन छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक सेवा परीक्षा 2024–25 में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर हुआ है। वह एनटीपीसी सीपत में वरिष्ठ प्रबंधक के रूप में कार्यरत एस. आर. उरांव की पुत्री हैं।कार्यक्रम को एनटीपीसी सीपत परिवार की महिला कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने और अधिक जीवंत और यादगार बना दिया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) सुरोजित सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं फ्यूल मैनेजमेंट) अशोक सरकार, महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी) विकास खरे सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -अब ‘लखपति दीदी’ के रूप में बना रहीं नई पहचानरायपुर। छत्तीसगढ की लाखों महिलाएं सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल बन रही हैं। स्व-रोजगार के माध्यम से वे न केवल अपने परिवार की मजबूत आधार स्तंभ बन रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की नई राह भी गढ़ रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त होती महिलाएं अब विकसित छत्तीसगढ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला सशक्तिकरण का यह अध्याय केवल परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ की मजबूत आधार है।जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की श्रीमती पूनम देवी, जो गणेश महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं, आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में जानी जाती हैं। कभी सीमित संसाधनों के साथ घर-परिवार की जिम्मेदारियों में लगी रहने वाली पूनम देवी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदल दी। पूनम देवी बताती हैं कि पहले वे घर-गृहस्थी के कामकाज तक ही सीमित थीं और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजदूरी का सहारा लेना पड़ता था। आर्थिक स्थिति सामान्य थी, जिससे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता था। इसी दौरान उन्होंने गणेश महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी मिली।समूह की अन्य महिलाओं को मछली पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित करते देख उन्हें भी प्रेरणा मिली। वर्ष 2025 के मार्च माह में उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे से किराना दुकान के विस्तार में किया।श्रीमती पूनम देवी ने अपने किराना दुकान को व्यवस्थित और बड़ा करने के बाद उनके व्यवसाय में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी। वर्तमान में उनकी दुकान से हर माह लगभग 30 से 35 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती है। इस आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी अच्छी तरह से कर पा रही हैं। पूनम देवी का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता दोनों आए हैं। आज वे न केवल अपने परिवार के लिए सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की श्रीमती पूनम देवी भी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी हैं।
- -रायगढ़ जिले में 3 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित-फरवरी तक 24 किश्तों में 663.96 करोड़ रुपये सीधे खातों में अंतरितरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना रायगढ़ जिले की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बन रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ा रही है। जिले में इस योजना से 3 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। फरवरी 2026 तक इन महिलाओं के खातों में 24 किश्तों के माध्यम से 663 करोड़ 96 लाख 91 हजार 400 रुपये की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है।महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि से महिलाएं घर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ छोटी-छोटी बचत भी कर पा रही हैं। कई महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और अन्य जरूरी खर्चों के लिए कर रही हैं, जिससे परिवार को आर्थिक सहारा मिल रहा है। योजना से लाभान्वित महिलाओं का कहना है कि नियमित रूप से मिलने वाली राशि से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे अपनी जरूरतों के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर नहीं रहतीं। कई महिलाएं इस राशि को बीज पूंजी के रूप में उपयोग कर छोटे-छोटे स्वरोजगार भी शुरू कर रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान, सब्जी बिक्री और हस्तशिल्प जैसे कार्यों से जुड़कर वे अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।राज्य सरकार की इस पहल से महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आधार बन रही है, जिससे सशक्त महिला, सशक्त परिवार और सशक्त समाज की अवधारणा को बल मिल रहा है। महिला दिवस के अवसर पर जिले की महिलाओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
- -बस्तर का युवा अब विश्व के पटल पर आगे बढ़ रहा है – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर । बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के छोटे से ग्राम गुदमा के युवा अंकित सकनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 816वीं रैंक प्राप्त कर पूरे बस्तर संभाग सहित प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अंकित सकनी और उनके पिता श्री चंद्रैया सकनी से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अंकित से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीजापुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी अंचल के छोटे से गांव गुदमा से निकलकर यूपीएससी जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना अत्यंत प्रेरणादायी उपलब्धि है। यह उपलब्धि न केवल अंकित के परिवार बल्कि पूरे बस्तर और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अंकित से बातचीत के दौरान कहा कि आपने पूरे देश की उम्मीद को जगा दिया है, लोग मुझसे पुछते थे जब नक्सलवाद खत्म होगा तो क्या होगा?... आपकी सफलता इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि जब नक्सलवाद खत्म होगा तो बस्तर में शांति और विकास का वातावरण बनेगा तो यहां के युवा अपनी प्रतिभा के बल पर देश ही नहीं बल्कि विश्व के पटल पर आगे बढ़कर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।उन्होंने आगे कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अंकित जैसे युवा देश की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और समाज तथा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे। अंकित की उपलब्धि बस्तर के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।इस अवसर पर अंकित के पिता श्री चंद्रैया सकनी के द्वारा बीजापुर में उनसे हुई आत्मीय भेंट की याद भी साझा की। उनके पिता ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बेटे की इस सफलता से परिवार और गांव का नाम रोशन हुआ है। वहीं अंकित सकनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को देते हुए कहा कि उनका सपना देश की सेवा करना है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इसे बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताते हुए अंकित को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
- - पीएम आवास निर्माण में प्रगति लाने, जल संरक्षण एवं ग्रामीण स्वरोजगार पर ज्यादा फोकस करने के निर्देशबलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने शनिवार को जिला पंचायत सभागार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन एवं अप्रारम्भ आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने बैठक में योजनाओं, निर्माण कार्यों सहित रोजगार सृजन पर विस्तृत समीक्षा की।कलेक्टर ने कहा कि द्वितीय किश्त जारी हुए आवासों को अप्रैल तक पूरा कराने 15 -15 दिन की प्रगति रिपोर्ट बनाएं। विकासखंड समन्वयक एवं तकनिकी सहायक आपसी समन्वय एवं फिल्ड विजिट करें।कहीं पर दिक्क़त हो तो सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक की भी सहयोग लें। हितग्राहियों के पलायन के कारण अप्रारम्भ आवासों को शुरू करने के लिये हितग्राहियों से संपर्क करने कहा। इसीतरह मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासों को भी तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने मनरेगा अंतर्गत पंचायतों में कम से कम 2 काम स्वीकृत कर जल संरक्षण के कार्य कराने कहा।हैंडपम्प, टेप नल के पास सोखता गड्ढा का निर्माण एवं सभी पीएम आवास व सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण के निर्देश दिये।उन्होंने तालाब व डबरी निर्माण के काम जल्द शुरू करने के साथ ही डबरी निर्माण में उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश दिये ताकि पानी का ठहराव हो। इसीतरह सामुदायिक तालाब निर्माण से पूर्व ग्राम सभा में प्रस्ताव पर चर्चा कर स्थल चयन करने कहा। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिये ऋण राशि एवं आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।मनरेगा में भी महिलाओं की अधिक भागीदारी पर जोर दिये।कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत ग्राम पंचायतों में समूह की महिलाओं द्वारा कचरा कलेक्शन के कार्य को सक्रिय करने, यूजर चार्ज का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा। गांव को साफ सुथरा रखने टीम फिल्ड विजिट करें और लोगों को जागरूक करें। उन्होंने गिरौदपुरी धाम में पूरे मेला परिसर में स्थायी डास्ट बीन की सुविधा हेतु सीमेंट का कूड़ादान निर्माण के भी निर्देश दिये।बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित जनपद सीईओ, मनरेगा पीओ, ब्लॉक कोआर्डिनेटर, तकनीकी सहायक उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा शुक्रवार को कसडोल विकासखंड भ्रमण के दौरान ग्राम अमोदी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत नव निर्मित आवास में हितग्राही लता यादव के परिवार को गृहप्रवेश कराया और उन्हें आवास की चाबी सौंपी।कलेक्टर श्री शर्मा ने योजना के तहत सुन्दर मकान बनाने एवं गृहप्रवेश के लिये हितग्राही लता यादव पति पदुम यादव एवं उनके बच्चों को शुभकामनायें दीं। उन्होने शासन की योजनाओं का इसी तरह लाभ लेकर जीवन को खुशहाल बनाने की बात कही। लता यादव ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहते आ रहे थे जिसमें कई तरह की समस्याओ का सामना कराना पडता था। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ और कुल राशि 120000 तीन किश्तों में मिला। प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों का पक्के मकान का सपना पूरा हो रहा है।कलेक्टर श्री शर्मा ने आंगनबाड़ी केन्द्र अमोदी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यकर्त्ता मलाती केवट से बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार, कुपोषण की स्थिति, भोजन की गुणवत्ता आदि की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी में बच्चों के लिये बनाए गए भोजन की गुणवत्ता को चख कर देखा और सुधार के निर्देश दिये। उन्होंने बच्चों को खेल- खेल में सीखने के गुण विकसित करने, रंगों व आकृतियों की पहचान कराने कहा। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, एसडीएम आर.आर.दुबे,सीएमएचओ डॉ राजेश कुमार अवस्थी, डीईओ संजय गुहे सहित अन्य अधिकारीव ग्रामवासी मौजूद थे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर कुलदीप शर्मा शुक्रवार को कसडोल विकासखंड के दौरा पर रहे। इस दौरान ग्राम अमोदी के प्राथमिक कृषि साख समिति परिसर पहुंचे। उन्होंने कार्यालय के पास मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 अंतर्गत सोखता गड्ढा निर्माण हेतु श्रमदान किया और उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण में सहभागिता के लिये प्रोत्साहित किया।कलेक्टर ने कहा कि पानी जीवन का आधार है और भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन होने के कारण वाटर लेवल घटते जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानी को व्यर्थ बहने न दें, नल के पास सोखता गड्ढा बनाएं। गांव के सभी हैंडडपम्प सड़करी भवनो के पास अनिवार्य रूप से जनसहभागिता से सोखता गड्ढा का निर्माण कराएं। उन्होंने सरपंच व सचिव से ग्राम पंचायत में सोखता गड्ढा निर्माण की जानकारी ली। सरपंच ने बताया कि गांव में 7 हैंडपम्प के पास सोखता गड्ढा बनाया गया है।इसके पश्चात कलेक्टर ने सहकारी समिति का निरीक्षण किया और धान उठाव, सूखत, केसीसी, पैक्स में एंट्री, खाद भण्डारण,माइक्रो एटीएम से राशि निकासी आदि की जानकारी ली।समिति प्रबंधक ने बताया कि धान का शतप्रतिशत उठाव कर लिया गया है एवं पैक्स में सभी जानकारी इंट्री हो गया है। किसानों को मैक्रो एटीएम से राशि निकासी की सुविधा है।सहकारी समिति कार्यालय के बगल में संचालित हो रहे पीडीएस दुकान के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने चावल की गुणवत्ता, खाद्यन्न भण्डारण की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणो से नियमित एवं समय पर दुकान खुलने व राशन प्राप्त करने के सम्बन्ध में पूछताछ की। ग्रामीणों ने बताया कि दुकान समय पर नियमित खुलता है और कोई दिक्कत नहीं होती। अभी चावल और शक्कर ही मिलता है। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, एसडीएम आर.आर.दुबे, खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा, उपायुक्त साहकारिता उमेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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