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- कोंडागांव. कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने गुरुवार को फरसगांव विकासखंड अंतर्गत पीएमश्री विद्यालय फरसगांव और भैंसाबेड़ा का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने पीएमश्री योजना के मापदंडों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने पीएमश्री कन्या आश्रम भैंसाबेड़ा का भी निरीक्षण कियानिरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पीएमश्री विद्यालय फरसगांव में लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला सहित विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया। उन्होंने आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही कक्षाओं की दीवारों पर विषय से संबंधित फॉर्मूले एवं ज्ञानवर्धक संदेशों की पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही लाइब्रेरी के किताबों को सुव्यवस्थित रखने, किचन गार्डन विकसित करने और पीएमश्री योजना मे प्राप्त आबंटन को नियमानुसार व्यय किये जाने हेतु निर्देश दिया गया।कलेक्टर ने प्रयोगशाला में विद्यार्थियों से संवाद कर उनके द्वारा किए जा रहे प्रयोगों की जानकारी ली और कार्य का अवलोकन किया। स्मार्ट क्लास का निरीक्षण करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को पीएम ई-विद्या के माध्यम से अध्ययन कराने के भी निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने पीएमश्री विद्यालय भैसाबेड़ा में निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन में बने सब्जी चखकर स्वसहायता समूह द्वारा बनाये जा रहें भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विद्यालय के निर्धारित सेचूरेशन पाइंट के आधार पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की और मांग अनुसार 100 चादर तथा बेंच तत्काल उपलब्ध कराने हेतु विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया गया। इसके अलावा पीएमश्री योजना के तहत शैक्षणिक भ्रमण हेतु कार्ययोजना बनाने हेतु डीएमसी समग्र शिक्षा को निर्देश दिया गया तथा सभी पीएमश्री हेतु बाउंड्री बाल जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्य हेतु मांग पत्र भेजने हेतु भी निर्देशित किया गया।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम श्री अश्वन कुमार पुसाम, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान, डीएमसी श्री ईमल बघेल, जनपद पंचायत सीईओ श्री रूपेंद्र नेताम सहित संबंधित प्राचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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0- 16 मार्च तक कर सकते हैं पंजीयन
महासमुंद. जिले के ग्रामीण पुरूषों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा निःशुल्क 30 दिवसीय एसी फ्रीज रिपेयरिंग प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। निदेशक बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि 18 से 50 आयु वर्ष के इच्छुक प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु 16 मार्च 2026 तक पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के लिए बी.पी.एल. राशन कार्ड की प्रतिलिपि, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 4 फोटो एवं न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण अंकसूची आवश्यक है। पंजीयन एवं प्रशिक्षण की जानकारी के लिए कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर 79997-00673, रितेश कुमार के मोबाईल नम्बर 9691089327, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर 83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नंबर 91310-65767 पर प्रातः 10ः00 बजे से शाम 6ः00 बजे तक संपर्क कर सकते है। - 0- टोल फ्री नंबर 18002330008 एवं 1916 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैंमहासमुंद. ग्रीष्मकाल के दौरान जिले में पेयजल समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं नागरिकों को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए उपखण्ड एवं विकासखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।
- 0- महासमुंद जिले में 15 मार्च से डोर-टू-डोर टीकाकरणमहासमुंद. केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 से नेशनल एनिमल डिसीस कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत एफएमडी नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2025 तक इस रोग को नियंत्रित करना और 2030 तक देश को इससे मुक्त करना है। इस कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।इसी कड़ी में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार एफएमडी राउंड-7 के अंतर्गत जिले में 15 मार्च 2026 से टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जाएगा। उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि यह अभियान जिले में पशुधन विभाग द्वारा डोर-टू-डोर पद्धति से संचालित किया जाएगा। टीकाकरण के दौरान प्रत्येक पशु का विवरण भारत पशुधन पोर्टल में दर्ज किया जाएगा, जिससे निगरानी और रिकॉर्ड संधारण को सुदृढ़ बनाया जा सके। इसके साथ ही 1 मार्च 2026 से जिले में पशुओं को कृमिनाशक दवा पिलाने का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने गोवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को समय पर कृमिनाशक दवा जरूर पिलवाएं, ताकि पशु स्वस्थ रहें और टीकाकरण का बेहतर लाभ मिल सके।उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि खुरहा-चपका रोग (एफएमडी) एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर जैसे खुर वाले पशुओं को प्रभावित करती है। यह रोग पिकोर्ना वायरस के कारण होता है, जिसके सात प्रमुख सेरोटाइप पाए जाते हैं। यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क, दूषित चारे, पानी, उपकरणों, वाहनों तथा हवा के माध्यम से तेजी से फैलती है। इससे पशुओं के मुंह, पैरों और थोड़ियों पर दर्दनाक छाले, तेज बुखार, दूध उत्पादन में भारी गिरावट, गर्भपात और वजन में कमी जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। एफएमडी से बचाव के लिए टीकाकरण को सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। सामान्यतः 4 से 6 माह की आयु के गोवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं को पहला टीका लगाया जाता है, जिसके बाद हर 6 से 12 महीने में बूस्टर डोज दिया जाता है। इससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और उत्पादन क्षमता में भी सुधार होता है।उन्होंने बताया कि एफएमडी की रोकथाम के लिए टीकाकरण के साथ-साथ संक्रमित पशुओं को अलग रखना, स्वच्छता बनाए रखना, उपकरणों और वाहनों की नियमित सफाई तथा पशुओं की आवाजाही पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। सभी पशुपालकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है, ताकि जिले को खुरहा-चपका रोग से सुरक्षित बनाया जा सके और पशुपालन को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत किया जा सके।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के भवन एवं भूमि स्वामी वित्तीय वर्ष 2025-26 का संपत्तिकर, यूजर चार्ज, जलकर, भू-भाटक एवं दुकान किराया का भुगतान 31 मार्च 2026 से पहले कर लेवे। 31 मार्च 2026 के बाद संपत्तिकर का भुगतान नहीं करने पर 18 प्रतिशत का अधिभार एवं 1000.00 रूपये शास्ति शुल्क लगेगा। भवन एवं भूमि स्वामी समय से पहले अपने बकाया करों का भुगतान जमा कर, लगने वाले अतिरिक्त अधिभार से बच सकते है। जिन करदाताओं द्वारा अपना पुराना संपत्तिकर अब तक जमा नहीं किया गया है, वे भी अपना संपत्तिकर 31 मार्च 2026 से पहले जमा कर लगने वाले अधिभार से बचे। संपत्तिकर दाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को सभी जोन कार्यालय एवं मुख्य कार्यालय में संपत्तिकर के काउन्टर समय 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेगें। करदाता अपने करो का भुगतान अवकाश के दिन भी जमा कर सकते है। आनलाईन भुगतान हेतु www.chhattishgarhmunicipal.com पर भी घर बैठे संपत्तिकर, जलकर, युजर चार्ज का भुगतान कर सकते है। किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाईन नंबर 9153986401 संपर्क कर सकते है।
- 0- रायपुर नगर निगम जोन 10 क्षेत्र के लालपुर में अवैध निर्माण को सीमांकन कर तोड़ने तीन दिन अभियान जारी रहा0- अवैध निर्माण का लगभग 100 प्रतिशत हिस्सा तीन दिन लगातार चली कार्यवाही में तोड़ा गया0- रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर अवैध निर्माण तोड़ने व्यापक अभियान0 महापौर मीनल चौबे ने सभी प्रकरणों में अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही करने के दिए स्पष्ट निर्देशरायपुर. आज लगातार तीसरे दिन टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला, रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार एसडीएम श्री नन्द कुमार चौबे के मार्गनिर्देशन में नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 10 क्षेत्र अतर्गत लालपुर में नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, नायब तहसीलदार सुश्री ज्योति सिंह सहायक अभियंता श्री सुशील अहीर, उपअभियंता श्री आशीष शर्मा, श्री अजय श्रीवास्तव सहित नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उड़न दस्ता, नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग सहित पुलिस प्रशासन बल की उपस्थिति में रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने सम्बंधित स्थल पर सहयोग करते हुए तहसीलदार और राजस्व विभाग पुलिस प्रशासन की टीमों, उड़न दस्ता सहित 6 जेसीबी, 2 पोकलेन मशीनो, 10 डम्पर, मजदूरों की सहायता से लालपुर में लगभग 20 हजार वर्गफीट शासकीय कोटवारी भूमि को अवैध कब्जा जमाकर निर्मित लगभग 10 बड़ी दुकानों और लगभग 30 बड़े कमरों के नियम विपरीत अवैध निर्माण को स्थल पर सीमांकन करवाने के पश्चात पूरी तरह ध्वस्त करने की व्यापक कार्यवाही अभियान लगातार तीसरे दिन जारी रहा और शत प्रतिशत पूर्ण हुआ।यह अतिक्रमणरोधी व्यापक अभियान रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर आज लगातार तीसरे दिन जारी रहा और लगभग 100 प्रतिशत हिस्सा अवैध निर्माण का तोड दिया गया। नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्पष्ट कहा है कि लगातार तीन दिन चलाया गया व्यापक अवैध निर्माण तोड़ो अभियान राजधानी शहर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्यों को करने वालो के लिए एक कड़ी नियमानुकूल स्पष्ट चेतावनी है। जहा भी अवैध निर्माण होना पाया जायेगा, वहीं शासन के अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अवैध निर्माण तोड़ने कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
- धमधा। धमधा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जानने-समझने के उद्देश्य से “धमधागढ़ हेरिटेज वॉक – पुरखौती विरासत भ्रमण” का आयोजन 8 मार्च (रविवार) को किया गया है। इसमें इतिहास, संस्कृति और विरासत संरक्षण से जुड़े प्रबुद्ध जन भाग लेंगे। यह आयोजन धर्मधाम गौरवगाथा समिति, धमधा द्वारा किया जा रहा है। इसमें भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) भिलाई-दुर्ग के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।समिति के संयोजक वीरेंद्र देवांगन एवं सामर्थ्य ताम्रकार ने बताया कि यह विरासत भ्रमण केवल ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन भर नहीं होगा, बल्कि धमधा के इतिहास से जुड़े कई रोचक सवालों के उत्तर भी तलाशे जाएंगे। इसमें यह जानने का प्रयास होगा कि छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में धमधा का नाम क्यों शामिल नहीं है, छै आगर छै कोरी तरिया किस प्रकार मोतियों की माला की तरह जुड़े थे, गोंड राजा कब और किस मार्ग से धमधा पहुंचे थे, त्रिमूर्ति महामाया मंदिर और राजा किला किस प्रकार अभेद किले के रूप में प्रसिद्ध थे तथा बूढ़ादेव मंदिर का इतिहास और धमधा के राजा की मनौती क्या थी।इसके अलावा प्रतिभागियों को धमधा के प्राचीन कांसा उद्योग में लोटा ढलने की प्रक्रिया, सौ वर्ष पुराने घरों और दुकानों के इतिहास सहित कई ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराया जाएगा। इन विषयों से जुड़ी कई जानकारियां अंग्रेजों के समय की पुस्तकों और शोध से प्राप्त हुई हैं।कार्यक्रम के तहत सुबह 9 बजे पंडितवा तालाब से विरासत भ्रमण प्रारंभ होगा, जो चौखड़िया तालाब, महामाया मंदिर, राजा किला होते हुए तमेरपारा स्थित कांसा उद्योग और प्राचीन बसाहट तक जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे (संभावित) रेस्ट हाउस में संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें विरासत संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।आयोजकों ने बताया कि इस पुरखौती विरासत भ्रमण में शामिल होने के लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य है और पंजीयन पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। इच्छुक प्रतिभागी दिए गए संपर्क नंबरों पर पंजीयन करा सकते हैं।आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक धरोहर को नए नजरिए से देखने, समझने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सामूहिक प्रयास है।
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल और आंगनबाड़ी के आसपास तंबाकू बिक्री करने वाले 25 दुकानदारों पर हुई कारवाई0- भविष्य में COTPA Act के प्रावधानों का पालन करने की समझाइशरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार तंबाकू नियंत्रण के उद्देश्य से मंदिर हसौद क्षेत्र में COTPA Act (Cigarettes and Other Tobacco Products Act) के प्रावधानों के तहत विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान स्कूलों एवं आंगनबाड़ियों के आसपास स्थित दुकानों का निरीक्षण कर तंबाकू उत्पादों की बिक्री के विरुद्ध कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 25 चालान किए गए तथा दुकानदारों से 1450 रुपए जुर्माने की राशि वसूल की गई।एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में श्री ओमप्रकाश यादव, प्रीति उपाध्याय (ड्रग इंस्पेक्टर), डॉ. प्रज्ञा लोधी (डेंटल सर्जन, सीएचसी मंदिर हसौद) तथा श्रीमती जयती अवस्थी (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट काउंसलर, सीएचसी मंदिर हसौद) शामिल रहे।स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों एवं दुकानदारों से अपील की गई है कि वे COTPA Act के प्रावधानों का पालन करें तथा स्कूलों और आंगनबाड़ियों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री से बचें, ताकि बच्चों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके।
- बालोद. मिशन शक्ति अंतर्गत जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र के संचालन हेतु संविदा स्वीकृत पदों में नियुक्ति हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री समीर पाण्डेय ने बताया कि एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण हेतु एक अम्ब्रेला योजना ’मिशन शक्ति’ की शुरूआत की है। मिशन शक्ति के अंतर्गत जिला स्तरीय हब हेतु जिले मे आई.टी. असिस्टेंट (सामान्य) 01 स्वीकृत संविदा पद की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि योग्य उम्मीदवार पूर्णतः भरे हुये आवेदन पत्र 18 मार्च 2026 को कार्यालयीन समय 05.30 बजे तक केवल रजिस्टर्ड डॉक/स्पीड पोस्ट/कुरियर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही विज्ञापन की विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन एवं कार्यालय के सूचना पटल पर प्राप्त की जा सकती है।
- बालोद. राज्य शासन के निर्देशानुसार अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बालिकाओं, महिलाओं को खेलों के प्रति उत्साहित एवं बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय महिला खेलकुद प्रतियोगिता वर्ष 2025-26 का आयोजन 08 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय स्थित स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम बालोद एवं अन्य निर्धारित स्थलों पर किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी ने बताया कि जिला स्तरीय महिला खेलकुद प्रतियोगिता में विकासखण्ड स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में चयनित बालिका, महिला प्रतिभागी आयुवार एवं खेलविधावार शामिल होंगें। जिसके अंतर्गत एथलेटिक्स (100 मी. 400 मी. दौड़, तवा फेंक), खो-खो, हॉकी, बैडमिंटन, वॉलीबाल, कुश्ती, बास्केटबाल, फुटबाॅल, वेटलिफ्टिंग, रस्साकसी खेल शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के प्रथम स्तर विकासखण्ड स्तर से 09-18 वर्ष एवं 18 से 35 वर्ष तक 02 आयुवर्ग में चयनित बालिका, महिला प्रतिभागी जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता में भाग लेने की पात्र होंगी। जिला स्तर पर भाग लेने वाले खिलाड़ियों की जानकारी निर्धारित पंजीयन प्रपत्र में प्राप्त की जाएगी। उन्होंने चयनित बालिका, महिला खिलाड़ी, प्रतिभागी को जिला स्तर महिला खेलकूद प्रतियोगिता वर्ष 2025-26 के आयोजन की तिथि 08 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से निर्धारित तिथि, स्थान, समय में विकासखण्ड महिला खेलकूद प्रभारी के माध्यम से उपस्थित होने कहा है।
- बालोद. अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि जनगणना कार्यालय बालोद द्वारा 03 फरवरी 2026 को 18 तकनीकी सहायक एवं 01 बहु-कार्य कर्मचारी हेतु जारी निविदा को अपरिहार्य कारणों से निरस्त किया गया है।
- 0-आरंग एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा के नेतृत्व में एक दिन में 30 नए सदस्य बनेरायपुर। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आरंग एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा के आग्रह पर एक दिन में 30 नए सदस्य बने जिसमें पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच मैनेजर सुश्री नेहा तायल, एसडीएम कार्यालय आरंग के कर्मचारी श्री बृजलाल दीवान, श्री शेखर सिंह ठाकुर, श्री संतोष ध्रुव, आरंग निवासी श्री प्रथम द्वारकानी, सहित अन्य नागरिकों में श्री डी.के अग्रवाल, श्री रविंद्र कुमार, श्री सागर अग्रवाल, श्री उत्कर्ष दुबे सहित अन्य लोगों ने को रेडक्रॉस सोसाइटी की सदस्यता ग्रहण की। आरंग में 10 आजीवन सदस्य एवं 20 वार्षिक सदस्यों ने सदस्यता ली।इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानव समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है।संस्था से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता प्रदान की जाती है, जिसमें संरक्षक सदस्य के लिए 25,000 रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12,000 रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1,000 रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर रेडक्रॉस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।
- महासमुंद / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक द्वारा संभाग स्तरीय प्राप्त आवेदनों एवं प्रकरणों की महा जन-सुनवाई 12 मार्च 2026 को की जाएगी। यह जन-सुनवाई सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं श्रीमती सरला कोसरिया की मौजूदगी में छ.ग. राज्य महिला आयोग कार्यालय रायपुर में प्रातः 10 बजे से किया जाएगा। समस्त प्रकरणों से संबंधित पक्षकारों को निर्धारित तिथि एवं समय में आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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- सोलर पैनल लगने से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिल में आई कमी
- केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रूपए तक की सब्सिडी की जा रही प्रदान
- सोलर रूफटॉप स्थापना नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ
राजनांदगांव । जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में लगातार प्रगति दर्ज की जा रही है। इस योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप स्थापना आम नागरिकों के लिए अधिक किफायती और सुलभ हो गई है। जिले में अब तक कुल 8 हजार 416 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3 हजार 727 लाभार्थियों ने वेंडर का चयन कर लिया है। वहीं 1 हजार 584 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना पूरी हो चुकी है तथा 991 उपभोक्ताओं को सब्सिडी राशि का वितरण भी किया जा चुका है। फरवरी माह में योजना के प्रति लोगों का उत्साह देखने को मिला। इस दौरान 721 नए आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 433 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना पूर्ण की गई। जिले में योजना के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है और नागरिक सक्रिय रूप से इससे जुड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। सोलर पैनल लगने से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आई है। कई घरों में बिजली बिल शून्य अथवा नकारात्मक भी आ रहा है, यानी उपभोक्ता अतिरिक्त उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में आपूर्ति कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। इससे न केवल परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है, बल्कि वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवारों तक शीघ्र, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण सोलर इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण और उपभोक्ताओं को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ लेकर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं। - -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन सत्र को संबोधितमहासमुंद / केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र से संबंधित घोषित पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 6 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे वर्चुअल माध्यम से पोस्ट बजट वेबिनार आयोजित किया जाएगा। यह वेबिनार कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “कृषि एवं ग्रामीण रूपान्तरण” विषय पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र से जुड़ी पहलों के कार्यान्वयन के रोडमैप पर विचार-विमर्श किया जाएगा।वेबिनार के उद्घाटन सत्र को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इसके पश्चात विभिन्न विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कृषि के लिए एआई आधारित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रो-फॉरेस्ट्री को बढ़ावा, बागवानी विकास तथा कृषि और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने से संबंधित पहलों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।इस संबंध में पोस्ट बजट वेबिनार के कुल आठ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिंक साझा किए गए हैं। पहला सत्र भारत विस्तार : कृषि के लिए एआई आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर होगा। जिसका लिंक https://youtube.com/@agrigoi?si=MreXgZRxejdxu4Vo है। इसी तरह दूसरा सत्र : नारियल प्रोत्साहन योजना पर आधारित है, जिसका लिंक https://youtube.com/@pmkisanofficial?si=qIOEZBkmMy0m0euW है। तीसरा सत्र : राष्ट्रीय काजू एवं कोको विकास कार्यक्रमः 2030 तक आत्मनिर्भरता और वैश्विक ब्रांड नेतृत्व की दिशा में है, जिसका लिंक https://youtube.com/@manageindia?si=VJvJc5SERI_PeNA6 है। इसी तरह चौथा सत्र : भारत में बादाम, अखरोट और पाइन नट (चिलगोजा) के लिए भविष्य की रणनीतियाँ पर आधारित होगा। जिसका (लिंक https://youtube.com/@niam7959?si=7yRAV5w50ULKC0aA ) है। पांचवा सत्र : कृषि वानिकी के माध्यम से चंदन और अगरवुड का प्रोत्साहन पर आधारित है, जिसका लिंक https://youtube.com/@nafedindia?si=UXEXUM8h8yMdL0fQ है। छटवां सत्र : मत्स्य पालन के लिए जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास तथा मत्स्य मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करना ( https://youtube.com/live/ZQXcE9QArYg?feature=share), सातवां सत्र : पशुपालन मूल्य श्रृंखला में निजी क्षेत्र का निवेश एवं उद्यमिता (लिंक https://www.youtube.com/live/dBFQLVVDjs4) एवं आठवां सत्र : ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों के लिए SHE -मार्ट्स पर आधारित होगा जिसका लिंक ी https://youtube.com/live/nGD86bGgk8A है।इनमें से पहला सत्र कृषि क्षेत्र के समग्र परिदृश्य पर केंद्रित होगा, जबकि शेष सत्र कृषि क्षेत्र के विभिन्न विशिष्ट क्षेत्रों से संबंधित विषयों पर आधारित होंगे। प्रधानमंत्री का संबोधन प्रातः 10ः00 बजे से सभी सत्रों के लिंक पर लाइव प्रसारित किया जाएगा, प्रतिभागी उपलब्ध किसी भी लिंक के माध्यम से जुड़कर प्रधानमंत्री का संबोधन देख सकते हैं।कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों से वेबिनार की जानकारी का व्यापक प्रसार करने के निर्देश दिए गए है, ताकि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों, सहकारी सदस्यों, किसानों तथा अन्य संबंधित हितधारकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही वेबिनार के सामूहिक अवलोकन की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और लोकतंत्र सेनानी श्री महावीर प्रसाद जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री महावीर प्रसाद जैन ने अपने जीवन को समाजसेवा, राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित किया।आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उस समय उनके द्वारा किया गया त्याग और समर्पण लोकतांत्रिक चेतना के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का परिचायक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जैन का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।
- - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से मिली एक राह और ताकत- राज बिहान रसोई शहर में परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लोकप्रिय ठिहा- महिलाएं यदि ठान ले तो कोई भी कार्य कठिन नहीं : लखपति दीदी ज्ञानेश्वरी निषाद- राज बिहान रसोई में स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी पकवान का लुत्फ ले रहे जनमानसराजनांदगांव 05 मार्च 2026। जिले की हुनरमंद महिलाएं सफलता के क्षितिज छू रही है और अपने आत्मविश्वास एवं हौसले से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से उन्हें एक राह और ताकत मिली। जिले में संचालित राज बिहान रसोई शहर में परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लोकप्रिय ठिहा है। इसकी संचालक प्रतिज्ञा महिला स्वसहायता समूह की लखपति दीदी श्रीमती ज्ञानेश्वरी निषाद ने कहा कि महिलाएं यदि ठान ले तो कोई भी कार्य कठिन नहीं है, सोचे नहीं थे कि छोटे से स्तर पर प्रारंभ किया गया यह व्यवसाय इतना बढ़ जायेगा। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होने से उनकी अपनी अलग एक पहचान बनी है। उन्होंने बताया कि राज बिहान रसोई में खुबसूरत सजावट किया गया है। यहां छत्तीसगढ़ पकवानों के लिए निरंतर आर्डर मिल रहे हैं, जिससे कार्य में मन लग गया है। समय पर आर्डर पूरा करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सभी महिलाएं एक साथ मिलकर मेहनत से कार्य कर रही हंै। राज बिहान रसोई में विभिन्न तरह के छत्तीसगढ़ी व्यंजन चीला, बड़ा, फरा, चौसेला, मुगोड़ी, साबुदाना बड़ा, अइरसा, ठेठरी, खुर्मी, बालुशाही जैसे स्वादिष्ट छत्तीसगढ़ी पकवान उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 15 हजार रूपए से 18 हजार रूपए तक की आमदनी प्राप्त हो रही है। माह में लगभग 35 हजार से 40 हजार रूपए मासिक आमदनी हो रही है। कलेक्टोरेट परिसर में स्थापित राज बिहान रसोई में जनमानस जायकेदार व्यंजनों का लुफ्त उठाने प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।श्रीमती ज्ञानेश्वरी निषाद ने बताया कि समूह से जुडऩे के पहले वे खेती-किसानी के कार्यों में परिवार की मदद करती थी और आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। अपनी आय में बढ़ोत्तरी के लिए वे गांव में सामाजिक कार्यों में भोजन बनाने का कार्य मजदूरी में करती थी। कार्य में वृद्धि होने से उन्हें आर्डर प्राप्त होने लगे और उन्होंने बिहान से जुड़कर ऋण लेकर यह व्यवसाय प्रारंभ किया। उन्होंने बताया उनकी टीम में शामिल प्रत्येक सदस्य लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। भविष्य में उनका यह सपना है कि टीम के सभी सदस्य और अधिक आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त हो और राज बिहान रसोई के और भी ब्रांच हो। उन्होंने बताया कि बचत होने पर अपने घर के लिए मिक्सी एवं फ्रिज खरीदा है और कुछ दिनों पहले 50 हजार रूपए की राशि से अपने लिए सोने के झुमके खरीदे हैं। श्रीमती ज्ञानेश्वरी निषाद ने बताया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से उन्हें बहुत मदद मिली। उत्साहवर्धन हेतु स्थानीय स्तर के शासकीय एवं अशासकीय मेला एवं मड़ई में कैटरिंग कार्य हेतु भेजा गया। उनकी उत्सुकता एवं रूचि को देखते हुए सरस मेला गुडग़ांव, दिल्ली, गुरूग्राम, कलकत्ता, केरल, रायपुर, भिलाई भेजा गया। प्रत्येक सरस मेला में अपनी टीम के साथ कार्य करते हुए लगभग एक-एक लाख रूपए से अधिक शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।
- -खेती-किराना और महुआ व्यापार से बनीं आत्मनिर्भररायपुर। बीजापुर जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर नियद नेल्ला नार क्षेत्र के ग्राम चेरपाल की रहने वाली सुनीता दीदी आज आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन जीने वाली सुनीता दीदी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।पहले सुनीता दीदी के परिवार की आय केवल खेती और एक छोटी किराना दुकान पर निर्भर थी। खेती मौसम पर आधारित होने के कारण आय स्थिर नहीं रहती थी। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर की आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। इसी दौरान सुनीता दीदी ने गांव के स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह की बैठकों में उन्हें बचत, ऋण और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी मिली।समूह के माध्यम से सुनीता दीदी नियमित बचत करने के बाद उन्हें आरएफ से 1,500 रूपए, सीआईएफ से 50 हजार रूपए और बैंक लिंकेज से 30 हजार रूपए का ऋण मिला। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए कई छोटे-छोटे कार्य शुरू किए। सबसे पहले उन्होंने खेती को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग कर उन्होंने उत्पादन बढ़ाया। इससे उन्हें फसल और सब्जियों से सालाना लगभग 52 हजार से 55 हजार रूपए की आय होने लगी।इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास की छोटी किराना दुकान को व्यवस्थित तरीके से चलाना शुरू किया। गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान उपलब्ध कराने से दुकान अच्छी चलने लगी और इससे उन्हें सालाना लगभग 45 हजार से 50 हजार रूपए की आय मिलने लगी। इसके साथ ही सुनीता दीदी ने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए महुआ, टोरा सहित अन्य वनोपज का क्रय-विक्रय भी शुरू किया। वे ग्रामीणों से महुआ और टोरा खरीदकर उसे साफ-सफाई के साथ सुरक्षित रखती हैं और बाजार में अच्छे दामों पर बेचती हैं। इससे उन्हें सालाना लगभग 15 हजार से 20 हजार रूपए का अतिरिक्त लाभ मिलने लगा।खेती, किराना दुकान और वनोपज व्यापार से उनकी आय लगातार बढ़ती गई। मेहनत, सही योजना और स्व-सहायता समूह के सहयोग से सुनीता दीदी की वार्षिक आय अब लगभग 1 लाख 20 हजार रूपए से अधिक हो गई है। आज सुनीता दीदी अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना चुकी हैं। साथ ही वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सरकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों के सहयोग से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
- रायपुर । कोरबा नगर विधायक, प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग , सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन शुक्रवार 06 मार्च 2026 को नगर पालिक निगम कोरबा के विभिन्न वार्डों में 3.08 करोड़ रु के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।मंत्री श्री देवांगन शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन अंतर्गत वार्ड क्रमांक 56 (प्राथमिक शाला आगरखार)में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत दर्री जोन के 32 शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय निर्माण (लागत 1 करोड़ 60 लाख रुपए) तथा दर्री जोन अंतर्गत 21 शासकीय स्कूलों में किचन शेड निर्माण कार्य (लागत 73 लाख रुपए) शामिल हैं। मंत्री श्री देवांगन सायं 4.30 बजे सरस्वती शिशु मंदिर, सीएसईबी, कोरबा पहुंचकर नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें वार्ड क्रमांक 19 में सीएसईबी के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में भवन निर्माण कार्य (लगभग 25 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 22 में रोड निर्माण एवं शेड निर्माण कार्य ( 10 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 24 नेहरू नगर के मुख्य मार्ग में ग्रीनवेल्ट निर्माण कार्य ( 30 लाख रुपए) तथा वार्ड क्रमांक 21 (पूर्व वार्ड क्रमांक 19) गायत्री यज्ञपीठ सीएसईबी कॉलोनी कोरबा में अतिरिक्त भवन निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य (लगभग 10 लाख रुपए) शामिल हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से जुड़कर सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत डिगमा की निवासी श्रीमती रत्ना मजुमदार आज सैकड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से उन्होंने न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान भी बनाई है।रत्ना मजुमदार बताती हैं कि उनके ससुर पहले से ही छोटे स्तर पर फूलों की खेती करते थे। ‘माँ महामाया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्होंने इस पारंपरिक कार्य को व्यवसाय का रूप देने का निर्णय लिया। समूह के माध्यम से उन्होंने पहली बार एक लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ भूमि में आधुनिक तकनीक से फूलों की खेती शुरू की। मेहनत और लगन के चलते आज वे दो एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक फूलों का उत्पादन कर रही हैं।रत्ना ने खेती में आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। वे उन्नत किस्म के पौधे कोलकाता से मंगवाती हैं, जो मात्र 24 दिनों में फूल देना शुरू कर देते हैं और लगभग तीन महीनों तक लगातार उत्पादन देते हैं। खेतों में ‘ड्रिप इरिगेशन’ (टपक सिंचाई) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिससे जल संरक्षण के साथ पौधों को पर्याप्त पोषण भी मिलता है। वर्तमान में वे गेंदा फूल की तीन प्रमुख किस्में-लाल, नारंगी और पीला उगा रही हैं। इसके अलावा सर्दियों के मौसम में ‘चेरी’ की खेती भी करती हैं। रत्ना के अनुसार नवरात्रि, शिवरात्रि, रामनवमी और दीपावली जैसे पर्वों के दौरान बाजार में फूलों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे अच्छी कीमत मिलती है। सामान्य दिनों में दरें कम होने के बावजूद वैज्ञानिक खेती के कारण उन्हें सालभर लाभ मिलता रहता है। उन्होंने समूह से लिया गया ऋण समय पर चुका दिया है और अब अपनी आय का निवेश खेती के विस्तार में कर रही हैं। अपनी सफलता का श्रेय रत्ना मजुमदार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को दिया है। उनका कहना है कि ‘बिहान’ योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिला है। सरकार से मिले ऋण और मार्गदर्शन ने उन्हें नई पहचान दिलाई है। बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन की नई कहानी लिखी जा रही है। रत्ना मजुमदार जैसी स्वावलंबी महिलाएँ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
- -पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विकास पर चर्चारायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने मंगलवार को कुलाधिपति एवं राज्यपाल माननीय श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य करने का अवसर देने और विकास के प्रति विश्वास जताने के लिए कुलाधिपति के प्रति आभार व्यक्त किया।प्रोफेसर दयाल ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय के हित, प्रगति और शैक्षणिक गुणवत्ता को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सभी प्रयास कुलाधिपति के मार्गदर्शन में किए जाएंगे। भेंट के दौरान विश्वविद्यालय के भावी विकास के लिए तैयार रोडमैप, रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने उच्च शिक्षा सचिव तथा उच्च शिक्षा आयुक्त से भी मुलाकात कर विश्वविद्यालय की प्रगति, शैक्षणिक गुणवत्ता और विकास संबंधी योजनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रतनपुर पहुंचकर माँ महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ महामाया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में राज्यपाल का मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, सहित श्री मोहित जायसवाल एवं माँ महामाया मंदिर समिति के पदाधिकारियों मौजूद थे।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित नीति भवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के दीर्घकालिक विकास विज़न, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा और गति देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएँ और रणनीतियाँ तैयार करने में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्युमेंट 2047 तैयार किया गया है, जिससे प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय की जा रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम था। आज नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिलों का कार्यक्रम देश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में भी देखने को मिला है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नीति आयोग की विशेषता यह है कि यह क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति और योजना निर्माण को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ राज्यों में भी राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है, जो विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए लगातार कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक अनुभव से राज्य नीति आयोग को नई दिशा और गति मिलेगी। आयोग की ओर से प्राप्त अच्छे सुझावों को राज्य सरकार गंभीरता से लेकर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी।राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर और भविष्योन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में सभी के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री अमर अग्रवाल, महापौर धमतरी श्री रामू रोहरा, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम, सदस्य सचिव श्री आशीष भट्ट, सचिव श्री भुवनेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर/जनपद पंचायत बिल्हा के भैंसबोड क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नगपुरा की संस्कार समूह से जुड़ी बिहान दीदी चित्ररेखा धुरी ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और सरकारी योजनाओं के सहयोग से हर सपना साकार किया जा सकता है। सीमित संसाधनों के बीच जीवनयापन कर रहीं चित्र रेखा ने स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की राह चुनी और आज वे “लखपति दीदी” के रूप में पहचानी जा रही हैं, चित्रेखा ने आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए सरकारी योजनाओं को बड़ा संबल बताया उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जन हितैषी योजनाओं के लिए आभार जताया है, जिससे हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है।समूह में जुड़ने से पूर्व बिहान दीदी चित्रेखा धुरी के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ परिवार के लिए आय के सीमित साधन होने के कारण अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे समय में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना के तहत संस्कार समूह ने उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया। समूह से ऋण प्राप्त कर उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा और संचालन की जिम्मेदारी अपने पति को दी। यह कदम उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया। ई-रिक्शा संचालन से नियमित आय होने लगी तो उन्होंने सिलाई कार्य भी शुरू किया। गांव की महिलाओं और बच्चों के कपड़े सिलकर अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने लगीं। इसके साथ ही घर के पास सब्जी बाड़ी तैयार कर मौसमी सब्जियों का उत्पादन भी शुरू किया, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी होने के साथ बाजार में बिक्री से लाभ भी मिलने लगा। तीनों कार्यों से आय के स्रोत मजबूत हुए और धीरे-धीरे उनकी वार्षिक आय लाख रुपये से अधिक हो गई। आज चित्र रेखा धुरी आर्थिक रूप से सशक्त हैं और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं।चित्ररेखा की सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है कि वे स्व सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। वे खुश होकर बताती हैं कि उन्हें महतारी वंदन योजना का भी मिलता है जिससे उन्हें अपनी छोटी छोटी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है वे कहती है कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल का ही परिणाम है कि महिलाओं के हाथ में उनका अपना पैसा है और शासन की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर उन जैसी अनेक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में अग्रसर हो रही हैं।
- संस्कृति को सहेजने की दी सीख, आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणाबिलासपुर/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई पहुंचकर बैगा और बिरहोर जनजाति के लोगों से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने उनकी जीवनशैली, पारंपरिक संस्कृति तथा शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्चरी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों को लोकभवन रायपुर आने का निमंत्रण दिया तथा कलेक्टर को उनके आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।राज्यपाल श्री डेका ने करका की लखपति दीदी श्रीमती प्रमिला बैगा से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह की श्रीमती रश्मि मरावी ने बताया कि उनके समूह द्वारा सिलाई-मशीन का काम, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैगा महिलाओं द्वारा बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन, पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। औरापानी की श्रीमती मंगली ने बताया कि उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। शिवतराई की श्रीमती ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड के साथ महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से अपना अल्सर का ऑपरेशन भी कराया है।राज्यपाल ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान हैं। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति को सहेजकर रखने का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए भी अपनी परंपराओं को विलुप्त न होने दें। उन्होंने कहा कि बांस के उत्पाद और पारंपरिक गहने बनाना सिखाने के लिए प्रशिक्षक की भी व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर भी जोर दिया। इस दौरान सरपंच ने बताया कि यहां पीएम जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में पीवीटीजी समुदाय के लगभग 6400 लोग 54 बसाहटों में निवासरत हैं। पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 900 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 21 सड़कों का निर्माण किया गया है। टाटीधार में बहुद्देशीय केंद्र बनाया गया है। पीवीटीजी बसाहटों में 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।राज्यपाल ने निर्देश दिए कि पीएम जनमन योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए तथा नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए जाएं। उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण के लिए उन्हें गोद लेने की पहल को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मोतियाबिंद की समस्या है तो वे एम्स आ सकते हैं, वहां उनके ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्यपाल ने बैगा समाज के लोगों को होली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उन्हें उपहार भी प्रदान किया। इस अवसर पर बैगा समाज के प्रमुख श्री लुमन सिंह बैगा ने पलाश के फूलों की माला पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया तथा बैगा महिलाओं ने खुमरी पहनाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में एसएसपी श्री रजनेश सिंह, सीसीएफ श्री मनोज पांडे, एडीएम श्री शिव कुमार बनर्जी सहित बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।













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