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- रायपुर. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा - निर्देश के अनुरूप महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों की टीमों द्वारा अभियान चलाकर जोन क्षेत्र के विभिन्न मुख्य मार्गों में मानिटरिंग करके सड़कों पर आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में काउकेचर वाहन से भेजे जाने की कार्यवाही प्रतिदिन तेज गति निरंतर प्रगति पर है.आज दिनांक 24 अगस्त 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा 45 आवारा पशुओं की विभिन्न सड़क मार्गो से धरपकड़ कर उन्हें काऊकैचर वाहन की सहायता से गौतनों में भेजा गया। अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सभी 10 जोनों में दिन भर अभियान चलाकर राजधानी शहर रायपुर निगम क्षेत्र में विगत 22 दिनों में विभिन्न सड़क मार्गो से 1170 आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में भेजा गया है.यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन दिन भर चलाये जा रहे अभियान की सतत मॉनिटरिंग महापौर, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष, आयुक्त के निर्देश पर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय और निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रीति सिंह द्वारा की जा रही है और सभी जोन कमिश्नरों ने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर आवारा पशुओं को काऊकैचर वाहनों की सहायता से गौठानों में भिजवाने की व्यवस्था दी जा रही है. अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- बिलासपुर वर्तमान में शासन की सबसे महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य प्रत्येक ग्राम में निजी सर्वेयरों के माध्यम से कराया जा रहा है जिसमें पचपेड़ी तहसील के ग्रामों के निजी सर्वेयरों ने शानदार कार्य करते हुए अभी तक 50 हजार से अधिक खसरों का सर्वे पूर्ण कर लिया है जो न केवल जिले में अपितु पूरे राज्य में सर्वाधिक संख्या है। बताते चलें सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक प्रत्येक ग्राम के निजी सर्वेयर ग्राम के खसरों का सर्वे कार्य कर रहे हैं ।पानी, बरसात, कीचड़ में दुर्गम स्थानों में पहुंचकर कार्य को अंजाम दे रहे हैं और लगातार बिना थके बिना रुके कार्य में लगे हुए हैं , कार्य पूर्ण करने का जुनून इस कदर है कि कुछ लोग सुबह से बिना खाए पिए ही अपने घर से कई कई किलोमीटर दूर पैदल जाकर कार्य कर रहे हैं ।इनका एक वाट्सअप ग्रुप बनाया गया है जिसमें तहसीलदार श्री प्रकाश साहू प्रतिदिन सुबह 5 बजे से ही सभी सर्वेयरों को कार्य हेतु मोटिवेट करते रहते हैं यह सिलसिला सूर्यास्त तक चलता रहता है , कुछ किसान अनजाने में सर्वे करने से रोकने भी लगते हैं जिन्हें फिर समझाया जाता है। डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य में लगे सभी निजी सर्वेयरों को तहसीलदार पचपेड़ी श्री प्रकाश साहू ने धन्यवाद देते हुए ग्रामीणों से अपील की है कि इन निजी सर्वेयरों का कार्य में सहयोग करें ।
- - विधानसभा अध्यक्ष के विशेष प्रयासों से 500 सीटर नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव प्रारंभ करने हेतु 43 लाख 90 हजार रूपए की स्वीकृति हुई प्राप्त- कलेक्टर ने नवनिर्मित एजुकेशन हब परिसर में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय का किया निरीक्षण- अकादमिक कैम्पस में शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । जिले में नवनिर्मित एजुकेशन हब परिसर में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय इस वर्ष से प्रारंभ होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के विशेष प्रयासों से इसी सत्र में 500 सीटर नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव प्रारंभ करने हेतु 43 लाख 90 हजार रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज नवनिर्मित एजुकेशन हब परिसर में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अकादमिक कैम्पस में शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय के पूर्ण होने से विद्यार्थियों की शिक्षा सुचारू तरीके से प्रारंभ की जा सकेगी। उन्होंने मिशन मोड में रेलिंग, पेंट एवं पुट्टी, इंटर लॉकिंग, एल्युमिनियम सेक्शन एवं दरवाजा लगाने का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने हॉस्टल के पीछे गल्र्स हास्टल के पास बाउन्ड्रीवाल निर्माण के लिए प्राक्कलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अध्ययन कक्ष, प्राचार्य कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष, कम्प्यूटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि नवनिर्मित एजुकेशन हब परिसर में प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किया जाना है। मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत 500 सीटर नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव प्रारंभ करने हेतु 43 लाख 90 हजार रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव के लिए पदों के सृजन के लिए सहमति प्रदान करते हुए प्रशासकीय अधिकारी के 2 पद, छात्रावास अधीक्षक के 4 पद, रिसेप्शनिस्ट सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के 2 पद, स्टोर कीपर सह लेखापाल के 2 पद की सहमति प्रदान की गई है। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सुश्री दीक्षा गुप्ता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - 243 रोगियों का स्वास्थ्य जांच कर दी गई आवश्यक दवाइयां एवं स्वास्थ्य सलाहराजनांदगांव । आयुष विभाग द्वारा शासकीय भवन आजाद चौक मोतीपुर राजनांदगांव में आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी पद्धति से रोगियों की चिकित्सा हेतु नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। महापौर श्री मधुसूदन यादव द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का शुभारंभ किया गया। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने मोतीपुर में नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर के आयोजन के लिए खुशी जाहिर की एवं आयुष विभाग को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने क्षेत्रवासियों एवं नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ लेने के लिए आग्रह किया। महापौर श्री मधुसूदन यादव ने इस दौरान एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन जिला आयुष अधिकारी डॉ. शिल्पा मिश्रा द्वारा किया गया।नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर में कुल 243 रोगियों का स्वास्थ्य जांच कर आवश्यकतानुसार दवाइयां एवं आवश्यक स्वास्थ्य सलाह भी दी गई। शिविर में आयुर्वेद के 97, होम्योपैथी के 84 एवं यूनानी के 62 रोगियों सहित कुल 36 व्यक्तियों का प्राकृतिक परीक्षण किया गया। शिविर में लगभग 300 व्यक्तियों को आयुष काढ़ा का वितरण किया गया। शिविर में पार्षद श्री सावन वर्मा, श्री कमलेश बंधे, श्री मनोहर यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। शिविर में प्रभारी शासकीय आयुष पॉली क्लीनिक एवं होम्योपैथी चिकित्सा डॉ. हर्षा बरैया, आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. हर्ष कुमार साहू एवं डॉ. नम्रता कोयले, यूनानी चिकित्सक डॉ. रूबीना शहीन अंसारी, नर्सिंग सिस्टर श्रीमती हेमलता बड़ा, आयुर्वेद फार्मासिष्ट श्रीमती छाया प्यासी, श्रीमती टीनू दिवान, श्रीमती व्हीव्ही कित्र्ती हरि, श्री देवदास साहू, औषधालय सेवक श्री फुलेश कुमार निर्मलकर, श्री दूजलाल कुंजाम, श्री शत्रुहन राम यादव, श्री दिलीप कुमार निमटे, श्री सोमकांत चंद्राकर एवं श्री रोहन पटेल द्वारा शिविर में सेवाएं दी गई।
- रायपुर। प्रदेश में किसान खेती-किसानी में नई तकनीकों को अपना रहे हैं। महासमुंद जिले के ग्राम जोगनीपाली में शनिवार को किसानों के बीच ड्रोन तकनीक के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव कर प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर अधिकारीयों ने किसानों को पारंपरिक यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किसानों को नैनो यूरिया के प्रयोग से लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि और पर्यावरणीय लाभों के बारे में अवगत कराया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ किसान श्री अमृत पटेल, भोगलाल चौधरी, नेहरू चौधरी, चुम्बन लाल, बाबूलाल चौधरी, फागु लाल, शिवप्रसाद, वासुदेव साहू, गणेश साहू सहित लगभग 30 किसान उपस्थित रहे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने कहा है कि बालिका की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना केवल विधिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि नैतिक और संवैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि बालिका के लिए सुरक्षित वातावरण केवल उसे अपराध से बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक पहल से आरंभ होता है- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समान अवसर की उपलब्धता अपरिहार्य है। सभी संस्थानों का उद्देश्य केवल अन्याय को रोकना नहीं, बल्कि सशक्तिकरण करना है।मुख्य न्यायधीश श्री रमेश सिन्हा आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की विशेष सेल फॉर पॉक्सो समिति एवं किशोर न्याय समिति द्वारा, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के सहयोग से ‘बालिका संरक्षण भारत में उसके लिए एक सुरक्षित एवं सक्षम वातावरण की ओर‘ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने ने ‘यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न हितधारकों की भूमिका‘ शीर्षक से एक लीफलेट का विमोचन भी किया।मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने कहा कि बालिका संरक्षण के लिए बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण आवश्यक है - स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपचार हेतु, पुलिस सुरक्षा हेतु, समुदाय पोषण हेतु, विधिक संस्थान अधिकारों की रक्षा हेतु और सबसे बढ़कर, समाज को अपनी सोच बदलने हेतु कर्तव्यबद्ध है। यदि हम सामूहिक रूप से इस दृष्टिकोण को अपनाएँ, तो हम न केवल सुरक्षित बल्कि वास्तव में सक्षम वातावरण बना सकेंगे, जहाँ भारत की हर बालिका स्वतंत्रतापूर्वक सपने देख सके, निडर होकर आगे बढ़ सके और अपनी पूर्ण क्षमता प्राप्त कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की प्रत्येक संस्था को बच्चों के अधिकारों का संरक्षक बनकर कार्य करना चाहिए। हमारा यह पावन दायित्व है कि प्रत्येक पीड़िता को न्याय मिले। नन्हीं बालिका भारत की आत्मा है। हमें उसका हाथ थामकर उसे गरिमा के साथ भविष्य की ओर ले जाना है। यह दृष्टि हमें दान या कृपा से नहीं, बल्कि न्याय और कर्तव्य की भावना से प्रेरित करती है।कार्यक्रम में तकनीकी सत्रों में राज्य, राष्ट्रीय एवं वैश्विक परिप्रेक्ष्य में बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा तथा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ जैसी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ सुरक्षित विद्यालयीन वातावरण सृजित करने, गैर-सरकारी संगठनों का जनजागरूकता बढ़ाने में योगदान, परिवार और समुदाय के सहयोग, लैंगिक संवेदनशीलता तथा सुरक्षित घरेलू वातावरण का महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही बाल संरक्षण सेवाओं के कार्यान्वयन में चुनौतियों की पहचान, बालिकाओं पर हिंसा के मनोवैज्ञानिक प्रभाव और स्वास्थ्य-जागरूकता, यूनिसेफ जैसी संस्थान के सहयोग से बाल-हितैषी वातावरण का निर्माण, किशोर न्याय बोर्ड और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका पर विचार-विर्मश हुआ।कार्यक्रम को न्यायमूर्ति श्रीमती रजनी दुबे, श्री संजय के. अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति सर्वश्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, पार्थ प्रतीम साहू, सचिन सिंह राजपूत, संजय कुमार जायसवाल, रविन्द्र कुमार अग्रवाल, अमितेन्द्र किशोर प्रसाद, विधि विभाग के प्रमुख सचिव, न्यायिक अकादमी के निदेशक, फास्ट ट्रैक, किशोर न्याय बोर्ड के न्यायाधीश, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष, यूनिसेफ के प्रतिनिधि सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि सहित विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन न्यायमूर्ति श्री बिभु दत्त गुरु द्वारा किया गया।
- -कोई नारी डायन/टोनही नहीं- डॉ. दिनेश मिश्र-योग भवन में व्याख्यानरायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने योग भवन रायपुर फुडहर में लोक सेवा अयोग की कोचिंग के लिए उपस्थित प्रतियोगी छात्रों के लिए आयोजित व्याख्यान में कहा कि किसी भी व्यक्ति को बचपन से ही अक्षर ज्ञान के साथ सामाजिक अंधविश्वासों व कुरीतियों के संबंध में सचेत किया जाना चाहिए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास से विभिन्न अंधविश्वासों व कुरीतियों का निर्मूलन संभव है, व्यक्ति को अपनी असफलता का दोष ग्रह-नक्षत्रों पर न थोपने की बजाय स्वयं की खामियों पर विश्लेषण करना चाहिए.डॉ. मिश्र ने अंधविश्वास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आयोजित व्याख्यान में कहा हमारे देश के विशाल स्वरूप में अनेक जाति, धर्म के लोग हैं जिनकी परंपराएँ व आस्था भी भिन्न-भिन्न है लेकिन धीरे धीरे कुछ परंपराएँ, अंधविश्वासों के रूप में बदल गई है। जिनके कारण आम लोगों को न केवल शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा से गुजरना पड़ता है बल्कि ठगी का शिकार होना पड़ता है। कुछ चालाक लोग आम लोगों के मन में बसे अंधविश्वासों, अशिक्षा व आस्था का दोहन कर ठगते हैं। उन अंधविश्वासों व कुरीतियों से लोगों को होने वाली परेशानियों व नुकसान के संबंध में समझा कर ऐसे कुरीतियों का परित्याग किया जा सकता है। विभिन्न सामाजिक व चिकित्सा के संबंध में व्याप्त अंधविश्वासों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा देश के विभिन्न प्रदेशों में अनेक प्रकार के अंधविश्वास प्रचलित हैं जो न केवल समाज की प्रगति में बाधक हैं बल्कि आम व्यक्ति के भ्रम को बढ़ाते हैं, उसके मन की शंका-कुशंका में वृद्धि करते हैं।डॉ. मिश्र ने कहा छत्तीसगढ़ में टोनही के नाम पर महिला प्रताडऩा की घटनाएँ आम है जिनमें किसी महिला को जादू-टोना करके नुकसान पहुँचाने के संदेह में हत्या, मारपीट कर दी जाती है जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती, उसमें ऐसी कोई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके। जादू-टोने के आरोप में महिला प्रताडऩा रोकना आवश्यक है। अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा/बलि प्रथा,तथा सामाजिक बहिष्कार जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है। अंधविश्वासों एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिये प्रदेश में पिछले 30 वर्षों से कोई नारी टोनही नहीं अभियान चलाया जा रहा है।डॉ. मिश्र ने कहा कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास अतिआवश्यक है। कई बार लोग चमत्कारिक सफलता प्राप्त करने की उम्मीद में ठगी के शिकार हो जाते हैं, जबकि किसी भी परीक्षा, साक्षात्कार, नौकरी प्रमोशन के लिए कठोर परिश्रम व सुनियिोजित तैयारी आवश्यक है। तुरन्त सफलता के लिए किसी चमत्कारिक अँगूठी, ताबीज, तंत्र-मंत्र कथित बाबाओं के चक्कर में फँसने की बजाय परिश्रम का रास्ता अपनाना ही उचित है।डॉ. मिश्र ने कहा समाज में जादू-टोना, टोनही आदि के संबंध में भ्रामक धारणाएँ काल्पनिक है, जिनका कोई प्रमाण नहीं है। पहले बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सा सुविधाएँ न होने से लोगों के पास झाड़-फूँक व चमत्कारिक उपचार ही एकमात्र रास्ता था, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के बढ़ते कदमों व अनुसंधानों ने कई बीमारियों, संक्रामकों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है तथा कई बीमारियों के उपचार की आधुनिक विधियाँ खोजी जा रही है। बीमारियों के सही उपचार के लिए झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। कोरोना काल में भी आधुनिक चिकित्सा के सहयोग से महामारी पर नियंत्रण पाया जा रहा है .डॉ मिश्र ने कहा आमतौर पर अंधविश्वासों के कारण होने वाली घटनाओं की शिकार महिलाएँ ही होती है। अपनी सरल प्रवृत्ति के कारण से सहज ही चमत्कारिक दिखाई देने वाली घटनाओं व अफवाहों पर विश्वास कर लेती है व ठगी व प्रताडऩा की शिकार होती है, जिससे भगवान दिखाने के नाम पर रूपये, गहने दुगुना करने के नाम पर ठगी की जाती है। अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन व सामाजिक जागरण में अपना अमूल्य योगदान विद्यार्थी एवं स्थानीय ग्रामीण भी दे सकते हैं। उन्हें आस-पास के लोगों को इस संदर्भ में विज्ञान सम्मत जानकारी देनी चाहिए। कार्यक्रम में व्याख्यान के बाद चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या भी प्रस्तुत की गई व प्रश्नोत्तर हुए . कार्यक्रम में संयोजक चंद्रेश सहित प्रदेश के सभी जिलों के प्रतिभागी छात्र , उपस्थित रहे.
- रायपुर । आबकारी विभाग द्वारा प्रस्तावित शराब दूकान के विरोध में मुखर आंदोलन कर दूकान न खुलने देने वाले खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम खौली में ग्रामीणों की कड़ाई के बाद भी कतिपय असामाजिक तत्व अब भी अवैध शराब बिक्री करने से बाज नहीं आ रहे । फर्क सिर्फ इतना पड़ा है कि अब खुले आम के बदले चोरी छिपे शराब बिक रही हैं लेकिन ग्रामीण अब इसे भी रूकवाने आमादा हो गये है और ग्रामीणों की सूचना पर बीते दिनों दो कोचिये पुलिस व आबकारी अमला के सपड़ मे आ गये ।ज्ञातव्य हो कि खौली में प्रस्तावित शराब दूकान के खिलाफ आसपास के ग्रामों के ग्रामीणों के सहयोग से मुखर आंदोलन कर शराब दूकान न खुलने देने वाले ग्रामीणों ने ग्रामीण व्यवस्था के तहत अवैध शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है व शराब बेचने वाले को दंड सहित जानकारी देने वाले को ईनाम की भी घोषणा कर रखा है । बीते दिनों एक पुलिसिया रिकार्डधारी अवैध शराब बिक्रेता को ग्रामीणों द्वारा पकड़े जाने पर ग्रामीण व्यवस्था के तहत उसे दंडित भी किया गया था और पकड़वाने वाले को पुरस्कृत भी किया गया था । इसके बाद भी कोचिये चोरी छिपे शराब बेचने से बाज नहीं आ रहे । बीते 28 जुलाई को जहां सूचना पर खरोरा पुलिस अमला ने पुलिसिया रिकार्डधारी गौतम चंद्राकर को 13 पौव्वा शराब के साथ रंगे हाथ पकड़ जमानतीय अपराध होने के कारण जमानत पर रिहा कर दिया था वहीं शुष्क दिवस घोषित 15 अगस्त के दिन आबकारी अमला ने दबिश दे शत्रुघ्न कुर्रे को 5 लीटर से अधिक शराब के साथ रंगे हाथ दबोच गैर जमानतीय अपराध के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालयीन आदेश पर जेल भेज दिया था जिसे कल गुरुवार को सत्र न्यायालय ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है । ग्रामीण सूत्रों के अनुसार खरोरा से मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कठिया के रास्ते शराब सप्लायर सूनसान इलाके में शराब ला दे रहा है जिस पर ग्रामीणों की नजर है । इधर क्षेत्र में शराब विरोधी मुहिम में सक्रिय किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने कहा है कि कतिपय दिनों से क्षेत्रवासियों के मुखर न होने के चलते मंदिर हसौद व आरंग थाना क्षेत्र के ग्रामों में कतिपय शराब सप्लायर व कोचियों के पितर पक्ष समाप्त होने के बाद फिर सक्रिय होने व शाम ढले अंदरूनी ग्रामीण सड़कों में पियक्कड़ो का मजमा जमने की जानकारी मिल रही है । इस संबंध में ग्रामीणों से ग्रामीण व्यवस्था के तहत अंकुश लगाने की पहल के साथ साथ पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यानाकर्षण करा कार्यवाही का भी आग्रह किया जावेगा ।
- रायपुर। भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया।छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगमपैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है।पर्यटन और विरासत की छटापैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है।इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है।औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं।विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।कला और शिल्प की पहचानछत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है।इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है।कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है।वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थितिवर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता हैै।
- दुर्ग। दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र के लिए शासन से एक और सौगात मिली है। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के पहल पर राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा चंडी मंदिर से नया पारा मार्ग के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य हेतु 16.53 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किए है। आस पास के गांव से दुर्ग आने वाले नागरिकों का सफर सुगम होगा।इस स्वीकृति से दुर्ग शहर के विकास को नई गति मिलेगी। शहर के भीतरी क्षेत्र में लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में यह कार्य मील का पत्थर साबित होगा। चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नागरिकों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी और यातायात व्यवस्था सुगम होगा।चंडी मंदिर से नयापारा सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट एवं सड़कों की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। घनी आबादी जुड़े क्षेत्र के इस सड़क के चौड़ीकरण की मांग स्थानीय जनता बरसों से कर रहे थे, उनकी लंबित मांग को प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने गंभीरता से लिए और इंजीनियर की टीम के साथ मौका का निरिक्षण कर प्रस्ताव तैयार कराये और शासन स्तर पर 16.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की दुर्ग शहर के सतत विकास और नागरिकों की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। चंडी मंदिर से नया पारा मार्ग का चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जहां ट्रैफिक का दबाव कम होगा, वहीं क्षेत्र की सौंदर्यता और यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार आएगा। इससे न केवल दुर्ग शहर के नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुगम यातायात का लाभ प्राप्त होगा।
- रायपुर :- आतमानन्द उत्कृष्ट विद्यालय आर डी तिवारी आमापारा रायपुर में 20 अगस्त से पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया l अः प्रशिक्षण नई शिक्षा नीति 2020 के आलोक में छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा नव निर्मित पाठ्यपुस्तकों का अध्यापन करने के तरीकों पर रायपुर शहर में मिडिल की कक्षाओं में अध्यापन कराने वाले 81 शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है lइस प्रशिक्षण में हिन्दी विषय की गहनता और विद्यार्थियों तक सरल प्रस्तुति पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया l प्रशिक्षक – श्रीमती कीर्ति श्रीवास्तव, डाक्टर श्रीमती प्रेमलता तिवारी, श्रीमती कुसुमलाता दास और श्रीदेवी ने हिन्दी भाषा शिक्षण के तरीके उसके शिक्षण शास्त्र और समावेशी शिक्षा आदि पर चर्चा की गई lशिक्षकों ने बताया की इस प्रशिक्षण में किस प्रकार से विद्यार्थियों को भाषा के कौशलों में गतिवधियों के सहयोग से दक्ष बना सकते हैं l की सभी बच्चे मौखिक भाषा और साक्षरता के साथ साथ प्रभावी सप्रेष्ण कौशल प्राप्त कर सकते हैं lसहभागी शिक्षको ने बताया की प्रशिक्षण में समय समय पर ब्लाक के अधिकारियों ने भी आकर शिक्षकों को संबोधित किया और विभिन्न सुविधाओं पर बातचीत की l
- रायपुर - रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने शनिवार को रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 9 के अंतर्गत महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्रमांक 32 के प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत संकल्प सोसायटी फेस-1 क्षेत्र में 5 लाख रूपये की लागत से जनहित में जनउपयोग हेतु नवीन सामुदायिक भवन का निर्माण करने औऱ वार्ड 32 क्षेत्र में शासकीय नवीन प्राथमिक शाला भवन विजय नगर अवन्ति विहार कॉलोनी में 5 लाख की लागत से नवीन शौचालय निर्माण किये जाने श्रीफल फोड़कर औऱ कुदाल चलाकर नगर निगम जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्रमांक 32 की पार्षद श्रीमती प्रभा विश्वकर्मा, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, श्री अंशुल शर्मा सीनियर, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उप अभियंता कृष्णा साहू, गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों, आमजनों, वार्ड 32 के रहवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के मध्य भूमिपूजन किया.रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने संकल्प सोसायटी फेस - 1 में सामुदायिक भवन परिसर में नागरिकों को स्वच्छ औऱ स्वस्थ परिवेश देने ग्रामीण विधायक निधि मद से 5 लाख रूपये का स्वेछानुदान देने की घोषणा की.रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने भूमिपूजन कर जोन 9 जोन कमिश्नर औऱ कार्यपालन अभियंता को वार्ड 32 में संकल्प सोसायटी फेस - 1 में सामुदायिक भवन निर्माण औऱ शासकीय नवीन प्राथमिक शाला भवन विजय नगर अवन्ति विहार में शौचालय निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ करवाकर स्वीकृति अनुसार तय समयसीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग करते हुए उच्च स्तरीय गुणवत्ता सहित पूर्ण करवाने के जनहित में जनसुविधा विस्तार की दृष्टि से निर्देश दिए.महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्रमांक 32 की पार्षद श्रीमती प्रभा विश्वकर्मा ने रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू को वार्ड 32 में संकल्प सोसायटी फेस - में सामुदायिक भवन औऱ शासकीय नवीन प्राथमिक शाला विजय नगर अवन्ति विहार में शौचालय निर्माण हेतु कार्यारम्भ करने भूमिपूजन करने पर समस्त वार्डवासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद दिया.
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप नगर निगम जोन 9 कार्यालय पहुँचे औऱ जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव सहित जोन अधिकारियों औऱ कर्मचारियों से जोन अंतर्गत विकास औऱ निर्माण कार्यों औऱ राजस्व वसूली की प्रगति की जानकारी लेकर उनकी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए.इसके पूर्व आयुक्त श्री विश्वदीप के जोन 9 कार्यालय पहुंचने पर जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय ने पोला तिहार के अवसर पर उनका माटी से निर्मित नन्दी प्रदत्त कर स्वागत किया.आयुक्त श्री विश्वदीप ने जोन कमिश्नर औऱ अधिकारियों क़ो सभी प्रगतिरत विकास औऱ निर्माण कार्यों क़ो सतत मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा में गुणवत्तायुक्त तरीके से जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से पूर्ण करने के निर्देश दिए. आयुक्त ने राजस्व वसूली क़ो तत्काल गतिमान करते हुए शत - प्रतिशत राजस्व वसूली निगम हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैँ. आयुक्त ने निदान 1100 के अंतर्गत जोन के वार्डों से आ रही जनशिकायतों का शत- प्रतिशत त्वरित निदान करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए.
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- मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष होंगे शामिल
"रायपुर/ सरयूपरिण ब्राह्मण सभा एवं संस्कृत भारती द्वारा 7सितम्बर को आयोजित संस्कृत विद्वत सम्मेलन के उदघाटन हेतु मान डॉ रमन सिंह जी अध्यक्ष विधान सभा छत्तीसगढ़ ने सहमति दी। इस अवसर पर मान बृजमोहन अग्रवाल सांसद पूर्वमंत्री छत्तीसगढ़ ,दंडीस्वामी ब्रह्मचारी इंदुभवनंद महाराज एवं राजेश्री महंत डॉ रामसुंदर दास भी उपस्थित होंगे। कार्यक्रम समापन प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मान श्री विष्णु देव साय जी के द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में संस्कृत भारती के अखिल भारतीय अधिकारी डाॅ श्रीराम जी, बेंगलूर, प्रान्ताध्यक्ष डाॅ सतेन्द सिंह सेंगर, पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, संगठन मंत्री हेमन्त जी, एवं अन्य अतिथि शामिल होंगे ।
ज्ञात हो कि सरयूपारीण ब्राह्मण सभा एवं संस्कृत भारती के संयुक्त तत्वाधान में एकदिवसीय राज्यस्तरीय संस्कृत विद्वत सम्मेलन आगामी दिनांक 7सितम्बर रविवार को सरयूपरिण सभा के तुलसी भवन में किया जा रहा है।इसमें पूरे प्रदेश ही नहीं पड़ोसी राज्यों से भी संस्कृत के विद्वजन , शिक्षक , पंडित आचार्य शामिल होंगे। डॉ सुरेश शुक्ला अध्यक्ष सरयूपरिण ब्राह्मण सभा एवं डॉ दादू भाई त्रिपाठी संस्कृत भारती ने संयुक्त रूप से बताया कि एकदिवसीय सम्मेलन में भाग लेने प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेश के विद्वजनों को भी आमंत्रित किया जा रहा हे, अतिथियों के ठहरने भोजन आदि की व्यवस्था समाज के द्वारा की जा रही हे।एक हजार से अधिक संस्कृत विद्वतों के आगमन की आशा हे।प्रातः तुलसी भवन रिंगरोड से एक रैली हरदेवलाला मंदिर तक निकल वापस भवन आकर तुलसीदास जी के पूजन उपरांत सम्मेलन प्रारंभ होगा। सम्मेलन चार सत्र में होगा ,जिसमें सभी विद्वतजन शामिल होंगे प्रातः दस बजे उद्घाटन सत्र के बाद शाम पांच बजे समापन कार्यक्रम हे।
- -राज्यपाल शामिल हुए सहकार भारती बुनकर के राष्ट्रीय अधिवेशन मेंरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका रविवार को रायपुर में आयोजित दो दिवसीय सहकार राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बुनकरों से आव्हान किया कि वे समयानुसार उत्पादों में नवीन तकनीकों को अपनाएं। मांग के अनुसार उत्पादों के डिजाइन में बदलाव लाएं।राज्यपाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसका उद्देश्य केवल सहकारिता को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर विश्व की नींव रखना है। यही भावना हमें प्रेरित करती है कि हम ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ें और इस अभियान को हर घर, हर व्यक्ति तक पहुँचाएँ।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सहकारिता के क्षेत्र में कई नवाचार कर देश को एक नया दृष्टिकोण दिया है। पैक्स समितियों को बहुउद्देशीय बनाने का कार्य इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में अब तक 2058 पैक्स समितियों को एम-पैक्स में परिवर्तित किया गया है और इनमें कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही 532 नई बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की प्रक्रिया जारी है। मत्स्य, दुग्ध और लघु वनोपज क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो सहकारिता के विस्तार की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।राज्यपाल ने कहा कि हाथकरघा और बुनकरी का कार्य हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान और स्वदेशी गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के साथ मार्केटिंग के लिए नवीन माध्यमों और तकनीकों को जोडे़, इससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया कि समय पर नवीन तकनीकों को नहीं अपनाने और डिजाइन में बदलाव नहीं करने पर कई कंपनियों और वस्तुओं को मार्केेट से बाहर होना पड़ है। उन्होंने कहा कि बुनकरों को अपने उत्पाद की लोकप्रियता और ब्रिकी के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेट फॉर्म की तरफ बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सहकार भारती से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।
- -पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में रही तीजा-पोरा की धूम-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर प्रदेशभर से आई माताओं-बहनों का किया गया आत्मीय स्वागत-मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नारी शक्ति के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ावा मिल रहा है: उपमुख्यमंत्री अरुण सावरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद श्रीमती सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री इंद्र कुमार साव, श्री अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदीतीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभारमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साहकुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईंमहिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।
- -महात्मा गांधी का शांति और सद्भाव का अमर संदेश पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्त्रोत – मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो स्थित ‘लिटिल इंडिया’ पहुँचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गांधी जी का शांति, अहिंसा और सद्भाव का अमर संदेश भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व में मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘लिटिल इंडिया’ में गांधी जी की प्रतिमा भारत-जापान मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। यह स्थान न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जापानी नागरिकों को भी भारत की महान परंपराओं और मूल्यों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण भी उपस्थित थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 815.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1234.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 410.4 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 605.1 मि.मी., गरियाबंद में 699.1 मि.मी., महासमुंद में 626.0 मि.मी. और धमतरी में 716.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 819.2 मि.मी., मुंगेली में 796.7 मि.मी., रायगढ़ में 1002.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.5 मि.मी., सक्ती में 889.8 मि.मी., कोरबा में 817.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 814.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 585.3 मि.मी., राजनांदगांव में 750.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1048.6 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 603.9 मि.मी. और बालोद में 882.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 589.7 मि.मी., सूरजपुर में 927.2 मि.मी., जशपुर में 837.0 मि.मी., कोरिया में 943.8 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 841.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1023.5 मि.मी., कोंडागांव में 738.6 मि.मी., कांकेर में 945.9 मि.मी., नारायणपुर में 964.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 941.2 मि.मी., सुकमा में 755.1 मि.मी. और बीजापुर में 1017.5 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने विधिवत पूजा अर्चना करते हुए पदभार ग्रहण किया। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि किसान मोर्चा भारतीय जनता पार्टी का एक अभिन्न अंग है जो पार्टी द्वारा दिए गए कार्यों को समय पर पूरा करता है। जब पार्टी के द्वारा सदस्यता अभियान चलाया गया उस समय सभी मोर्चा प्रकोष्ठों को पार्टी के द्वारा एक लक्ष्य दिया गया जिसमे किसान मोर्चा को भी एक लक्ष्य दिया गया था। किसान मोर्चा ने मिलकर लक्ष्य पूरा करने का संकल्प लिया और उस लक्ष्य को प्राप्त भी किया। जिसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किसान मोर्चा के पूरी टीम को बधाई दी और अखिल भारतीय स्तर पर छत्तीसगढ़ किसान मोर्चा द्वारा प्राप्त गया लक्ष्य पर भी चर्चा हुआ। इसके लिए भी मैं किसान मोर्चा के अपने साथियों को हृदय से धन्यवाद देता हूंस्वास्थ्य मंत्री एवं पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने पुराने अनुभव को कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया और सुदूर बस्तर सरगुजा के आए हुए अपने बहुत से कार्यकर्ताओं का नाम लेते हुए उन्होंने मंच से ही उनका अभिनंदन और स्वागत किया। उन्होंने विपरीत परिस्थिति में भी किसान मोर्चा की सशक्त कांग्रेस शासन को उखाड़ फेंकने में अपनी महत्वपूर्णभूमिका निभाई।भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने अपने उदबोधन में कहा कि यह मेरा अति सौभाग्य है कि मैं भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी होते हुए आज पार्टी संगठन ने मुझे एक बड़ी दायित्व सौंपी है। इसके लिए मैं प्रदेश संगठन और भाजपा परिवार को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा की भांति किसान मोर्चा भी डटकर मुकाबला करते हैं और इसका उदाहरण रहा प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव रहा जहां पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने कठिन परिश्रम कर भाजपा की जीत में अपनी सहभागिता दी। उन्होंने कहा कि भाजपा किसान मोर्चा के उल्लेखनीय कार्यों से पार्टी के साख छत्तीसगढ़ मे मजबूत हुई है। किसान मोर्चा ने सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल, गजेंद्र यादव जैसे नेता दिए हैं। किसान मोर्चा से संबंध रखने वाले ऐसे बहुत से नेता हुए हैं जो पंचायत से लेकर जनपद पंचायत और जिला पंचायत में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं।इस बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा, पूनम चंद्राकर, पवन साहू सहित सभी जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी बजरंगी यादव, ओम प्रकाश चंद्रवंशी, द्वारकेश पांडे, राकेश तिवारी, अनिल अग्रवाल, कोमल राजपूत, खिलावन शर्मा, आकाश गुप्ता, रवीश गुप्ता, विलास सुतार, धीरज मिश्रा, महेश कौशल, नवीन कालिया सहित जिलों से आए हुए जिले के पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
- -पटवारी कार्यालयों को मिली 1100 रुपए की स्वीकृति, तेजी से होंगे राजस्व कार्य-राजस्व पटवारी संघ ने ऑनलाइन बहिष्कार आंदोलन किया समाप्तरायपुर,। राजस्व विभाग छत्तीसगढ़ ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्व कार्यों को गति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के नेतृत्व में विभाग ने पटवारी कार्यालयों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हेतु प्रत्येक पटवारी कार्यालय के लिए 1100 रुपए की मंजूरी प्रदान की है। इस स्वीकृति से अब जिओरिफ्रेंसिंग, एग्रीस्टेक, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा सकेगा।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राजस्व अधिकारियों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण कार्य पूर्ण करें। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही या देरी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पटवारी कार्यालयों को सशक्त करने से ग्रामीण और शहरी दोनों ही स्तर पर राजस्व कार्यों का त्वरित निपटारा संभव होगा।राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने अपनी प्रमुख मांगों के समाधान के बाद चल रहे ऑनलाइन बहिष्कार आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की है। संघ ने सरकार द्वारा त्वरित निर्णय लेने पर आभार व्यक्त किया और विश्वास दिलाया कि राजस्व कार्याे का निराकरण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जाएंगे। राजस्व मंत्री के नेतृत्व में हुई इस सकारात्मक पहल से न केवल नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि विभागीय कार्यों में तकनीकी सुधार और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 797.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1173.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 402.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 692.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 602.9 मि.मी., गरियाबंद में 690.6 मि.मी., महासमुंद में 623.2 मि.मी. और धमतरी में 711.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 810.3 मि.मी., मुंगेली में 796.7 मि.मी., रायगढ़ में 958.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 687.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1005.0 मि.मी., सक्ती में 872.6 मि.मी., कोरबा में 794.9 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 754.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 652.5 मि.मी., कबीरधाम में 578.4 मि.मी., राजनांदगांव में 748.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1031.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 593.5 मि.मी. और बालोद में 877.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 555.2 मि.मी., सूरजपुर में 885.9 मि.मी., जशपुर में 807.1 मि.मी., कोरिया में 891.9 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 796.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1017.7 मि.मी., कोंडागांव में 723.9 मि.मी., कांकेर में 929.1 मि.मी., नारायणपुर में 939.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 933.2 मि.मी., सुकमा में 751.2 मि.मी. और बीजापुर में 1012.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- -रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी-मायके में माताओं बहनों को मिलेंगे विशेष उपहार, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उठाएंगे लुत्फ-पारंपरिक खेल, साज-सज्जा समेत विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन-रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को आयोजित होगा तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलनरायपुर, / राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी।इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा।संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका सुश्री आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, श्री अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी।गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।
- रायपुर। विकास की मुख्यधारा से वर्षों तक वंचित रहा कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवाओं का आश्रित ग्राम लामपहाड़ अब शिक्षा की रोशनी से आलोकित हो रहा है। घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसा यह क्षेत्र कभी शिक्षकविहीन विद्यालय के कारण बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना रहा था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण की पहल से यहाँ नियमित शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुचारु रूप से प्रारंभ हो गई है।लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है, जहाँ विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा की आबादी अधिक है। पहले यहाँ शिक्षा की सुविधा सीमित होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका के पदोन्नति उपरांत अन्यत्र स्थानांतरण के कारण वर्षों तक नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। शासन द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण पहल ने इस समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत किया है। अब प्राथमिक शाला में दो और माध्यमिक शाला में एक शिक्षक की नियुक्ति से यहाँ के बच्चों का भविष्य संवरने लगा है।प्राथमिक शाला में कुल 33 और माध्यमिक शाला में 19 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश पहाड़ी कोरवा समुदाय से हैं। प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक श्री कलेश्वर राम कटेला तथा माध्यमिक शाला में शिक्षक श्री दीपक यादव सहित अन्य शिक्षक नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि अब समय पर पढ़ाई होती है, शिक्षक पूरे समय विद्यालय में उपस्थित रहते हैं और मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत नाश्ता व भोजन की भी सुविधा मिल रही है।विद्यार्थिनी सुखशिला, फूलमती, संगीता, देवशीला और फुलमनिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें निरंतर पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है। उनके अभिभावक भी विद्यालय की निकटता और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से खुश हैं। लामपहाड़ में शिक्षा की यह नई सुबह न केवल पहाड़ी कोरवा बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी मील का पत्थर सिद्ध हो रही है।
- -जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर संगोष्ठी आयोजितरायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जलवायु परिवर्तन 21 वीं सदीं की सबसे बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य है। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे तभी प्रकृति हमारी रक्षा करेगी। श्री डेका शनिवार को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि धरती का तापमान असमान्य रूप से बढ़ रहा है, जिससे मौसम चक्र असंतुलित हो गया है। ध्रुवीय क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघल रही हैं, समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है, अनियमित वर्षा, सूखा और विनाशकारी तूफानों की घटनाएं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण मानव जनित गतिविधियां, ग्रीन हॉउस गैसों का उत्सर्जन, वनों की अंधाधुंध कटाई और जीवाश्म ईधनों का अत्यधिक उपयोग है। वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड, मिथेन और नाइट्रस ऑक्साइड जैसी गैसों का स्तर तेजी से बढ़ रहा है जो धरती का तापमान बढ़ा रहा है।राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। राज्य में तापमान में वृद्धि, अनियमित वर्षा, लू की तीव्रता और बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही है। कोयला आधारित उद्योग, वनों की कटाई और रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग, ग्रीन हॉउस गैसों के उत्सर्जन को बढ़ा रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ कृषि, जल स्त्रोतों और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमें नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और वन संरक्षण की दिशा मे ठोस कदम उठाने होंगे। छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है। इस सुंदर प्रदेश को हरा-भरा बनाए रखने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम के तहत हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए, ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग हो, प्लास्टिक मुक्त अभियान को बढ़ावा दिया जाए और सौर व पवन ऊर्जा को अपनाया जाए।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों, युवाओं की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रीन क्लब बनाकर जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और टिकाऊ जीवनशैली को अपनाना समय की मांग है। डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से पर्यावरण शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना भी युवाओं का दायित्व है। जलवायु को बचाने के लिए छोटे-छोटे प्रयास हम कर सकते है।कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ल ने विश्वविद्यालय अंतर्गत पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। दक्षिण एशियाई जलवायु परिवर्तन जर्नलिस्ट फोरम के समन्वयक श्री कल्लोल के. घोष ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। सलाहकार श्री सौम्य बंदोपाघ्याय ने भी अपने विचार रखें।इस अवसर पर विज्ञान एवं समाज के विकास में अमूल्य योगदान के लिए प्रोफेसर एम.एल. नायक को राज्यपाल ने सम्मानित किया साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओ को भी राज्यपाल के हाथों सम्मान प्राप्त हुआ।संगोष्ठी में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, फोरम के अध्यक्ष श्री आशीष गुप्ता, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, शिक्षकगण, महाविद्यालयों एवं स्कूलों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास में आयोजित पोला पर्व के उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान शंकर का अभिषेक एवं पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ का यह पारंपरिक त्यौहार मनाया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण उपस्थित थे ।


















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