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- -दूरस्थ क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत-संपूर्णता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को मुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत-सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले दो जिलों और छह विकासखंडों को मिला स्वर्ण पदकरायपुर। , मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संपूर्णता अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आकांक्षी जिलों और विकासखंडों को पुरस्कृत किया। उन्होंने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में जुलाई-2024 से सितम्बर-2024 तक राज्य के आकांक्षी जिलों और आकांक्षी विकासखंडों में तीन महीनों तक संचालित संपूर्णता अभियान में निर्धारित संकेतकों को संतृप्त करने और लक्ष्यों को हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने इन जिलों और विकासखंडों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया। संपूर्णता अभियान के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक सर्वश्री सुनील सोनी, मोतीलाल साहू और गुरू खुशवंत साहेब भी सम्मान समारोह में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना में सभी वर्गों का विकास समाहित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वालों और विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) को विकास की सबसे ज्यादा जरूरत है। भारत सरकार ने इसे गहराई से समझकर प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की है। इस योजना से सुदूर वनांचलों में आवास, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसे कार्यक्रमों से जिसमें छत्तीसगढ़ के भी 6661 गांव शामिल हैं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप विकास की रोशनी सुदूर गांवों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार की आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में शामिल गांव तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि देश में वर्ष 2018 से आकांक्षी जिलों में काम शुरू हुआ है। विकास की दौड़ में पिछड़े जिलों और विकासखंडों को आगे लाने का काम इसमें हो रहा है। इसके अंतर्गत शामिल गांवों में अलग-अलग सेक्टर में काम कर मानव सूचकांकों को सुधारा जा रहा है। उन्हें संतृप्ति के स्तर पर लाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक-एक व्यक्ति के विकास और कल्याण से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समारोह में कहा कि आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में भौतिक प्रगति से अलग मानव सूचकांकों को बेहतर करने के लिए काम किए जा रहे हैं। लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें संतृप्त करने अहम इंडीकेटर्स पर काम हो रहे हैं जिनकी तरफ सामान्यतः ज्यादा ध्यान नहीं जाता है। राज्य के आकांक्षी जिलों और विकासखंडों में और भी बेहतर काम हो, इसके लिए मैं सभी जिलों व विकासखंडों को शुभकामनाएं देता हूं। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने समारोह में संपूर्णता अभियान के दौरान किए गए कार्यों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी। नीति आयोग के सदस्य-सचिव श्री आशीष भट्ट, सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम और योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।छह सूचकांकों पर अच्छा काम करने वाले जिलों और विकासखंडों को किया गया पुरस्कृतआकांक्षी जिला कार्यक्रम के 49 संकेतकों में से छह और आकांक्षी विकासखंडों के 40 संकेतकों में से छह संकेतकों को चिन्हित कर इन्हें संतृप्त करने संपूर्णता अभियान संचालित किया गया था। इनमें एएनसी पंजीकरण, पूरक पोषण ले रही गर्भवती महिलाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पूर्ण टीकाकरण वाले बच्चे, बिजली वाले स्कूल, शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने वाले स्कूल, मधुमेह जांच, उच्च रक्तचाप जांच, परिक्रामी निधि प्राप्त करने वाले स्वसहायता समूहों की संख्या जैसे संकेतक शामिल थे।संपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों व विकासखंडों को आज स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पांच संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों व विकासखंडों को रजत पदक, चार संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वालों को कांस्य पदक तथा तीन संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले जिलों और विकासखंडों को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया।
बस्तर और कोंडागांव जिले को स्वर्ण पदकसंपूर्णता अभियान के दौरान सभी छह संकेतकों में पूर्ण संतृप्ति हासिल करने वाले आकांक्षी जिलों बस्तर और कोंडागांव तथा आकांक्षी विकासखंडों शंकरगढ़, मैनपुर, माकड़ी, कोयलीबेड़ा, ओरछा और प्रतापपुर को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिलों दंतेवाड़ा, कोरबा, कांकेर, नारायणपुर तथा आकांक्षी विकासखंडों लखनपुर, बैकुंठपुर, दुर्गकोंदूल, गौरेला-2, कोरबा और पिथौरा को रजत पदक प्रदान किया गया। आकांक्षी जिला बीजापुर और आकांक्षी विकासखंडों गरियाबंद, उसूर, पोड़ी उपरोड़ा, बोड़ला, तोकापाल एवं कुआंकोंडा को कांस्य पदक तथा आकांक्षी जिलों मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, महासमुंद, सुकमा एवं आंकांक्षी विकासखंड अंबागढ़ चौकी को ताम्र पदक से सम्मानित किया गया। संबंधित जिलों के वर्तमान और तत्कालीन कलेक्टरों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए। -
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के आणविक जीवविज्ञान एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित पाँच दिवसीय “बाँस के टिशू कल्चर के माध्यम से सूक्ष्मप्रजनन पर क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आज यहां समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल थे। समारोह की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ आरती गुहे ने की।
यह कार्यक्रम युवा शोधकर्ताओं, तकनीकी कर्मचारियों और स्नातकोत्तर छात्रों के बीच बाँस सूक्ष्मप्रजनन की व्यावहारिक दक्षता और वैज्ञानिक समझ को बढ़ाने हेतु डिज़ाइन किया गया था। कुल 20 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया, जिनमें आईजीकेवी के विभिन्न केंद्रों से 12 वैज्ञानिक और तकनीशियन तथा विभाग के आठ छात्र शामिल थे। समापन सत्र का आरंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, इसके बाद आयोजन सचिव डॉ. ज़ेनू झा द्वारा प्रशिक्षण का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सत्रवार गतिविधियों, प्रतिभागियों की सहभागिता और प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया। रिपोर्ट में पाँच दिनों के संरचित शिक्षण की झलक दी गई जिसमें एक्सप्लांट की तैयारी, शूट मल्टीप्लिकेशन, रूटिंग तकनीक, और अनुकूलन प्रोटोकॉल से लेकर संदूषण प्रबंधन और आणविक नैदानिक सत्रों तक का समावेश था। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को लेकर सकारात्मक फीडबैक साझा किया और विशेष रूप से डॉ. श्याम सुंदर शर्मा, टेरी (नई दिल्ली) द्वारा वाणिज्यिक सूक्ष्मप्रजनन पर आयोजित सत्र को प्रशिक्षण का मुख्य आकर्षण बताया।डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों को अकादमिक सीमाओं से आगे बढ़ाकर प्रयोगात्मक स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों की वैज्ञानिक तत्परता और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कार्यक्रम का समापन भाषण दिया। उन्होंने बाँस सूक्ष्मप्रजनन को बढ़ाने के लिए संस्थागत समर्थन जारी रखने का आश्वासन भी दिया और विभाग को राष्ट्रीय बाँस मिशन जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन डॉ. सुनील कुमार वर्मा द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन और प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। समापन समारोह ने हरित जैवप्रौद्योगिकी और सतत कृषि के क्षेत्र में कृषि विश्व विद्यालय की नेतृत्व भूमिका को पुनः प्रमाणित किया। - रायपुर/ छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 624.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 953.2 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 324.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले मे 580.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 553.5 मि.मी., गरियाबंद में 496.1 मि.मी., महासमुंद में 536.3 मि.मी. और धमतरी में 498.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 671.6 मि.मी., मुंगेली में 678.7 मि.मी., रायगढ़ मंे 778.6 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 849.9 मि.मी., कोरबा में 681.7 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 620.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 579.2 मि.मी., सक्ती में 721.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 506.5 मि.मी., कबीरधाम में 471.8 मि.मी., राजनांदगांव में 551.8 मि.मी., बालोद में 591.9 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 790.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 450.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 443.9 मि.मी., सूरजपुर में 775.3 मि.मी., जशपुर में 705.8 मि.मी., कोरिया में 711.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 674.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 723.2 मि.मी., कोंडागांव में 477.8 मि.मी., नारायणपुर में 592.2 मि.मी., बीजापुर में 803.9 मि.मी., सुकमा में 494.4 मि.मी., कांकेर में 642.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 662.0 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- पुल और सड़क निर्माण कार्यों के लिए 26.03 करोड़ की मिली स्वीकृतिरायपुर/ छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आधारभूत संरचना के विकास को नया आयाम मिलने जा रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के सतत् प्रयासों से लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुल 26 करोड़ 03 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।प्रमुख स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर जिले के सिलफिली एन.एच. 43 से महेशपुर-लटोरी रोड तक 5.80 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण निर्माण कार्य शामिल है, जिसकी लागत 1269.90 लाख रूपये है। इसी प्रकार भवरखोह से गंगापुर-कुम्पी तक 5.10 किलोमीटर लंबाई के पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है जिसकी लागत 729.51 लाख रूपए और विकासखंड ओडगी के मुख्य मार्ग चोंगा से भोडवानीपारा-मौहारीपारा तक कुल 4.20 किलोमीटर लंबाई के पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य के लिए 604.03 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।इन कार्यों के स्वीकृत होने पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से सूरजपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही, व्यापार और कृषि से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास के हर वादे को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इन परियोजनाओं से जुड़े निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
- रायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल का उनकी जयन्ती पर राजधानी शहर में जिलाधीश कार्यालय परिसर के सामने नगर निगम के पण्डित रविशंकर शुक्ल उद्यान परिसर स्थित प्रतिमा स्थल पर और पूर्व केन्द्रीय मन्त्री शहीद पण्डित विद्याचरण शुक्ल का उनकी जयन्ती पर रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के सामने नगर निगम के शहीद पण्डित विद्याचरण शुक्ल उद्यान परिसर स्थित उनकी मूर्ति स्थल पर रखे गए पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रमुख रूप से प्रदेश के पूर्व मन्त्री श्री अमितेष शुक्ल, छग राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री शैलेष नितिन त्रिवेदी,निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, मंडल अध्यक्ष श्री संतोष सोनी, सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री प्रमोद चौबे, निगम संस्कृति विभाग प्रभारी अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कँवर,जोन 4 उप अभियंता श्री रंजीत बारवा सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों, आमजनों ने नमन किया.
- रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 3 के सहयोग से राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती 3 अगस्त 2025 को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर मे जलविहार कालोनी उद्यान में स्थित उनकी प्रतिमा स्थल में उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के सस्कृति विभाग की ओर से रायपुर नगर पालिक निगम जोन 3 जोन कमिश्नर को जलविहार कालोनी उद्यान में स्थित प्रतिमा स्थल पर और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलों की पंखुडियां आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्था करवाने निर्देशित किया गया है।
- रायपुर- स्वच्छ भारत मिशन अभियान अंतर्गत महापौर श्रीमती मीनल चौबे स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनो के 70 वार्डो में सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों एवं जोन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन नागरिको के मध्य सफाई अभियान विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर चलाते हुए नागरिकों को सफाई के प्रति जागरूक बनाया जा रहा है।स्वच्छता जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज नगर निगम जोन 3 के तहत गुरू गोविंद सिंह वार्ड क्रमांक 29 में गाँधी नगर, राजा बाड़ा बस्ती क्षेत्र में स्वच्छता दीदियो, सफाई मित्रों, जोन 3 स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों ने विभिन्न सार्वजनिक स्थलो की सफाई करवाकर कचरा उठवाकर स्वच्छता कायम की। वहीं घर -घर जाकर स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत नागरिको को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने अभियान चलाया। स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रो सहित निगम जोन 3 के स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों द्वारा नागरिको को स्वच्छ वार्ड बस्ती क्षेत्र का सकारात्मक संदेश दिया गया।
- महासमुंद, / जिला प्रशासन एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को रैम्प योजना अंतर्गत उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन स्वर्ण होटल में किया गया। यह कार्यक्रम एमएसएमई योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बैंकिंग और वित्तीय सहायता से जोड़ना है।कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त संचालक, उद्योग संचालनालय श्री शिव कुमार राठौर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में जिले के दर्जनों उद्यमियों के साथ-साथ पीएमएफएमई व पीएमईजीपी योजना के लाभार्थियों ने भी सहभागिता की। संयुक्त संचालक श्री राठौर ने कार्यक्रम में औद्योगिक विकास नीति 2024-30 की प्रमुख बातें साझा करते हुए उद्यमियों के विभिन्न शंकाओं का समाधान किया और उन्हें विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक, विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रमुख बैंक प्रतिनिधि, औद्योगिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय उद्यमी उपस्थित रहे। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य प्रमुख बैंकों के अधिकारियों ने उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं, मुद्रा योजना और एमएसएमई योजना के लाभों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में उद्यमियों को बैंक अधिकारियों से प्रत्यक्ष संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने अपने व्यापार से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं को साझा किया, जिन पर बैंक अधिकारियों द्वारा तत्काल समाधान एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, श्री मोहन लाल साहू ने बताया कि ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम एमएसएमई सेक्टर को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, बैंक प्रतिनिधियों एवं उद्यमियों का आभार प्रकट किया।
- -न्यूरो रेडियोलॉजी की अत्याधुनिक तकनीक से मरीज को मिला नया जीवनरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ) रायपुर ने चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश के सभी एम्स और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों (आईएनआई) में पहली बार दुर्लभ सेरिब्रोस्पाइनल फ्लुइड (सीएसएफ)-वेनस फिस्टुला (सीएसएफ-वीएफ) का सफलतापूर्वक निदान और उपचार किया है। यह उपलब्धि अत्याधुनिक, न्यूनतम इनवेसिव इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलॉजी तकनीक से हासिल की गई।38 वर्षीय महिला मरीज, जो पिछले दो माह से लगातार गंभीर सिरदर्द और कानों में आवाज (टिनिटस) से पीड़ित थीं, इस जटिल प्रक्रिया के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। यह समस्या उनकी दैनिक जीवन की गतिविधियों को प्रभावित कर रही थी, जिससे वे सामान्य कामकाज जैसे खाना खाना या स्नान करना भी नहीं कर पा रही थीं।मरीज का मूल्यांकन न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी विभागों की बहुविषयक टीम द्वारा किया गया। टीम में डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. सुखरिया सरवनन, डॉ. निहार विजय काठरानी और डॉ. ऋचा सिंह चौहान शामिल थे। न्यूरो रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ऋचा सिंह चौहान के नेतृत्व में हुई न्यूरोइमेजिंग जांच से पता चला कि मरीज स्पॉन्टेनियस इंट्राक्रेनियल हाइपोटेंशन (एसआईएच) से ग्रसित थीं, जो सीएसएफ लीक के कारण हुआ था। लेटरल डिक्यूबिटस डिजिटल सब्ट्रैक्शन मायलोग्राफी (डीएसएम) जांच में यह दुर्लभ सीएसएफ-वेनस फिस्टुला दाईं ओर के एल 1 कशेरुका स्तर पर पाया गया, जहां सीएसएफ असामान्य रूप से शिराओं में जा रहा था।डॉ. निहार विजय काठरानी के नेतृत्व में इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलॉजिस्ट की टीम ने दाहिने फीमोरल वेनस एक्सेस से बिना टांकों के, न्यूनतम इनवेसिव एंडोवास्कुलर प्रक्रिया कर इस फिस्टुला को सफलतापूर्वक बंद कर दिया। प्रक्रिया के बाद मरीज के सभी लक्षण पूरी तरह समाप्त हो गए और फॉलो-अप एमआरआई में मस्तिष्क का दबाव सामान्य पाया गया। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी प्रो. डॉ. सुभ्रत सिंघा (हेड, एनेस्थीसियोलॉजी) और उनकी टीम – डॉ. वंकडवथ लावण्या, डॉ. अनन्या राव, एवं डॉ. हाशिल ने निभाई।रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एन.के. बोधे ने बताया कि सीएसएफ-वेनस फिस्टुला अत्यंत दुर्लभ और हाल ही में पहचाना गया एसआईएच का कारण है। अब तक भारत में ऐसे पांच से भी कम मामलों का निदान और उपचार हुआ है। यह देश में किसी भी एम्स या आईएनआई में पहला सफल निदान और उपचार है।इस उपलब्धि में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरोज कुमार पाटी, डॉ. मनीष कुमार, रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. अमीन अंसारी, डॉ. क्रोहित यादव, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. नियनता शर्मा, तकनीकी सहायता के लिए रेडियोग्राफर राजेश कुमार और सुनील सिंह तथा नर्सिंग स्टाफ दिव्या एम. नायर, रक्षंदा भोकारे, उमाशंकर, निशा और नेहा का विशेष योगदान रहा।एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मामला संस्थान की बहुविषयक क्षमता और अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक व इंटरवेंशनल सुविधाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत में दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल विकारों के उपचार में नया मापदंड स्थापित करती है।
- -मोबाइल डेटा की तरह ही बिजली खपत की जानकारी देख सकेंगे उपभोक्ताराजनांदगांव। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के द्वारा जारी मीटरिंग कोड एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये नियमों के पालन में प्रदेष के सभी घरेलू, गैर घरेलु एवं शासकीय विभाग के कनेक्शनों में (कृषि पंपों को छोड़कर) के पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदला जा रहा है। यह कार्य भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशों पर आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंड़ई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलें में 02 लाख 08 हजार 907 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही उपभोक्ताओं को मोर बिजली एप के माध्यम से हर आधे घंटे की खपत का रिकॉर्ड मिलने लगा है।कंपनी ने स्मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। जिससे उपभोक्ताओं की बिलिंग एवं रीडिंग संबंधी शिकायत दूर हो रही है और उपभोक्ता संतुष्ट हैं। पावर कंपनी ने बताया कि ऊर्जा खपत की गणना की दृष्टि से दोनों मीटर एक ही है। परंतु स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि यह पारदर्शिता के साथ सूचना आदान-प्रदान करने की क्षमता रखता है। जिससे आपके बिजली बिल खपत की सारी जानकारी आपको मोबाईल फोन पर मोर बिजली एप के माध्यम से प्राप्त हो जाएगी। गौरतलब है कि जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर बिलिंग और रीडिंग सहीं समय पर हो रही है। राजनांदगांव वृत्त के अंतर्गत विभागीय संभाग राजनांदगांव में 74275, डोंगरगढ़ संभाग में 34154, डोंगरगांव संभाग में 27110 इस प्रकार राजनांदगांव जिले में कुल 135539, खैरागढ़-छुईखदान-गंड़ई जिलें में 57648 एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलें में 15720 घरेलू, गैर घरेलु एवं षासकीय विभाग के कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी एवं सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं।पॉवर कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं से कोई भी शुल्क नहीं लिया जा रहा है। राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंड़ई एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलें में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जिनके कर्मचारी यूनिफार्म एवं विद्युत विभाग के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित आईकार्ड के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य करते हैं। किसी भी उपभोक्ताओं को इन कर्मचारियों से कोई भी शिकायत हो तो संबंधित जोन या वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।राजनांदगांव वृत्त के अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर ने बताया कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020 के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लिए गये निर्णय के तारतम्य में चरणबद्ध तरीके से पुराने इलेक्ट्रिकल मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलना है। अतः सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। श्री कंवर ने बताया कि मीटर बदलने के कारण अधिक बिल आने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नई तकनीकों के माध्यम से आप अपने बैंक अकाउंट का संचालन घर बैठे ही मोबाईल फोन के माध्यम से कर सकते हैं, इसके लिए आपको बैंक जाने की जरुरत नहीं पड़ती ठीक उसी प्रकार अब उपभोक्ता अपने विद्युत मीटर का संचालन, खपत एवं बीलिंग की सटीक एवं सहीं जानकारी की सुविधा मोबाईल पर ही प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीएसपीडीसीएल अपने सभी उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य त्वरित गति से कर रही है। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि उपभोक्ता भी सहयोग कर रहे हैं एवं स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं।स्मार्ट मीटर से होने वाले फायदे1 बिलिंग में मानवीय हस्तक्षेप समाप्त। सही रीडिंग एवं सही बिलिंग। बिजली कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने से छूटकारा।2 स्मार्ट मीटर में सूचना की पारदर्शिता।3 उपभोक्ता को खपत का पूरा विवरण। हर 30 मिनट की खपत की जानकारी फोन पर जिससे विद्युत का किफायती से उपयोग किया जा सकेगा।4 उपभोक्ता के वोल्टेज एवं आपूर्ति बाधित होने की पूर्व सूचना मोर बिजली ऐप द्वारा दी जाएगी।5 भविष्य में सोलर रुफटॉप कनेक्शन लेने पर नये मीटर मॉडेम खरीदने की आवश्यकता नहीं।
- -कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षाबालोद।,उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा सोमवार 04 अगस्त को दोपहर 12 बजे संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले की समीक्षा बैठक लेंगे। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर 04 अगस्त को प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक की तैयारियों की समीक्षा की। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन 01 नेहरू नगर स्थित 77 एम.एल.डी. एवं 66 एम.एल.डी. फिल्टर प्लांट में स्थापित आनग्रिड सोलर सिस्टम का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। विद्युत व्यय में कमी लाने 77 एम.एल.डी. एवं 66 एम.एल.डी. फिल्टर प्लांट में 800 यूनिट प्रति दिवस बिजली उत्पादन हेतु आॅनग्रिड सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। जिससे प्रतिमाह विद्युत उत्पादन के साथ होने वाले विद्युत व्यय में कमी आयेगी। निरीक्षण के दौरान विद्युत व्यय में कमी लाने हेतु प्लांट के दूसरे छत पर भी सोलर सिस्टम की स्थापना हेतु शासन को प्रस्ताव भेजे जाने कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा को निर्देशित किया गया है। फिल्टर प्लांट निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता अर्पित बंजारे उपस्थित रहे।निगम आयुक्त ने जोन 05 अंतर्गत कथा स्थल परिसर में शौचालय, साफ-सफाई एवं पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता के साथ किए। कथा स्थल में संपूर्ण साफ-सफाई व्यवस्था हेतु नोडल अधिकारी के रूप में स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को दायित्व दिया गया है। स्वच्छता व्यवस्था हेतु जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दूबे सहायक नोडल अधिकारी के रूप में दायित्व दिया गया है। प्रथम पाली में स्वच्छता एवं साफ-सफाई हेतु सुबह 6 बजे से दोपहर 02 बजे तक जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा को दायित्व दिया गया है तथा द्वितीय पाली दोपहर 02 बजे से रात्रि 10 बजे तक जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी को दायित्व दिया गया है। साथ ही रात्रि 10 बजे से 6 बजे तक स्वच्छता निरीक्षक सूर्यादास की डूयटी लगाई गई है। इस तरह ड्यूटी से साफ-सफाई व्यवस्था भीड़ के बावजूद बेहतर है। सुपरवाईजर एवं स्वास्थ्य कर्मचारियो की तीन पालियों में ड्यूटी लगाई गई है, जिससे व्यवस्था सुदृ़ढ़ स्थिति में है। संपूर्ण स्वच्छता व्यवस्था हेतु नगर निगम भिलाई के सहयोगी के रूप में समीपस्थ नगर निगम दुर्ग, नगर निगम भिलाई-चरोदा एवं नगर निगम रिसाली का सहयोग मिल रहा है। आयुक्त महोदय के निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, सहायक अभियंता दीपक देवांगन, उप अभियंता श्वेता महेश्वर एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग।. दुर्ग जिले में नवीन संचालित कुल 10 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षकीय एवं गैर शिक्षकीय विभिन्न पदों पर प्रतिनियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। उक्त विद्यालयों के रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ होने कुल 409 पात्र आवेदकों का दस्तावेज परीक्षण एवं साक्षात्कर बा.रा.जो. शा. आदर्श कन्या उ.मा.वि. दुर्ग में किया जाएगा।जिला शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार अंग्रेजी माध्यम हेतु पात्र आवेदकों का दस्तावेज परीक्षण एवं साक्षात्कार 04 अगस्त 2025 समय सुबह 10 बजे से 04 बजे तक। इसी प्रकार हिन्दी माध्यम हेतु पात्र आवेदकों का दस्तावेज परीक्षण एवं साक्षात्कार 06 अगस्त 2025 समय सुबह 10 बजे से 04 बजे तक किया जाएगा। परीक्षण पर भिन्नता पाये जाने की स्थिति में आवेदन अमान्य कर दिया जायेगा। अभ्यर्थियों को अपने समस्त शैक्षणिक एवं विभागीय मूल दस्तावेजों के साथ (अंग्रेजी माध्यम की जानकारी/अनापत्ति प्रमाण पत्र/ई संवर्ग की जानकारी/सेवानिवृत्ति तिथि इत्यादि) के साथ उपस्थित होना होगा तथा स्थल चयन की प्राथमिकता हेतु परीक्षण उपरांत पात्र अभ्यर्थियों को साक्षात्कार का अवसर दिया जायेगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला दुर्ग के वेबसाईट durg.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- -पते के अभाव में नहीं दिया जा सका है मुआवजाबिलासपुर.। ट्रेन में सफर कर ही कैंसर पीड़ित महिला रानी बाई की मौत के बाद उनके परिवार जनों की मदद के लिए 1 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। हाई कोर्ट बिलासपुर के निर्देश पर रेल प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर ने यह स्वीकृति प्रदान की है। लेकिन रानी बाई के परिवार का सही पता-ठिकाना नहीं मिल पाने के कारण यह सहायता राशि उन्हें सौंपी नही जा सकी है। जिला कलेक्टर बिलासपुर ने अपील की है कि जिस किसी को भी उनके परिवार जनों के पते की सही जानकारी हो, वे जिला कलेक्टर बिलासपुर अथवा रेल प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर को जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें स्वीकृत की गई राशि का भुगतान किया जा सके। गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने गत मार्च में स्थानीय समाचार पत्रों में इस आशय की छपी खबर को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया था और रेल प्रबंधक को मृतक के परिजनों के लिए 1 लाख रूपये की सहायता राशि देने के निर्देश दिए थे। रेलवे द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी रानी बाई के पते-ठिकाना की जानकारी नहीं मिल पाई है। महिला रायपुर से बिलासपुर आ रही थी और यहां से बुढ़ार मध्यप्रदेश जाना चाहती थी।
- - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों ने जवानों के लिए दिखाया देशभक्ति का जज्बारायपुर। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा में जुटे हमारी सेना के जवानों के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की बच्चियों ने एक से एक सुंदर राखियां बनाईं और अपनी शुभकामनाओं को संदेश के माध्यम से भी व्यक्त किया। प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि अपने हाथों से राखी बनाने को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया।शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि शिक्षिका सुदेवी विश्वास और अपर्णा आठले के मार्गदर्शन में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों ने ढेर सारी राखियां बनाई। राखी बनाने के लिए बच्चे घर से रेशम, मोती, फेवीकॉल, स्टार के साथ सजावट के कई सामान लेकर आए थे। बच्चों ने तरह- तरह की आकर्षक रंग-बिरंगी राखियां बनाई। वहीं छठवीं से आठवीं कक्षा के बच्चों में इसे लेकर उत्साह देखा गया। बच्चों ने ग्रुप में बैठकर राखियां बनाईं। जल्दी ही ये राखियां देश के जवानों के लिए सेना मुख्यालय भेजी जाएंगी। इसके लिए इन राखियों को बच्चों ने अपने- अपने नाम और पते के साथ अलग- अलग लिफाफे में पैक किया है।
- दुर्ग.। नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा क्षेत्र अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र सिरसाकला कमांक-01 वार्ड क्रमांक 36 व आंगनबाड़ी केन्द्र उरला-अ में रिक्त आंगनबाड़ी सहायिका तथा नवीन स्वीकृत पालना केन्द्र सिरसाकला वार्ड क्रमांक 36 में स्वीकृत केश वर्कर की पद पूर्ति हेतु इच्छुक आवेदिकाओं से आवेदन आमंत्रित कर मूल्यांकन समिति द्वारा परीक्षण उपरांत अनंतिम मूल्यांकन पत्रक परिशिष्ट-चार तैयार की गई है। उक्त पत्रक 01 अगस्त 2025 को एकीकृत बाल विकास परियोजना मिलाई-2 व आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा कार्यालय के सूचना पटल में चस्पा किया गया है। जिन आवेदिकाओं को उपरोक्त अनंतिम मूल्यांकन पत्रक के संबंध में दावा/आपत्ति है, वे पर्याप्त साक्ष्य/प्रमाणित दस्तावेज के सहित कार्यालय परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-2 में 11 अगस्त 2025 तक कार्यालयीन समय पर प्रस्तुत कर सकते है। नियत समयावधि के उपरांत कोई भी दावा/आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- -जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिया गया निर्णयबिलासपुर.। खूंटाघाट जलाशय के गेट 3 अगस्त को खोले जाएंगे। बाई तट मुख्य नहर से 100 क्यूसेक एवं दाई तट मुख्य नहर से 50 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे खेती-किसानी के कामों में तेजी आएगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सिंचाई जलाशयों में जल की उपलब्धता और चालू खरीफ में खाद-बीज एवं फसलों के ताजा हालात की समीक्षा की गई।बैठक में बताया गया कि जलाशयों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री मधुचंद्रा ने बैठक में जिले की प्रमुख जलाशयों में जलभराव एवं प्रस्तावित सिंचाई क्षमता की जानकारी दी। बताया गया कि वृहद योजना खारंग जलाशय में 106.76 प्रतिशत एवं अरपा भैंसाझार में 20.06 प्रतिशत पानी का भराव है। मध्यम परियोजनाओं के अंतर्गत घोंघा जलाशय 101.89 प्रतिशत जल भरा हुआ है। इसी प्रकार लघु जलाशयों में खारंग संसाधन के 50 जलाशयों में 81.63 प्रतिशत, जल संसाधन संभाग कोटा की 36 जलाशयों में 91.33 प्रतिशत, जल संसाधन संभाग पेण्ड्रा अंतर्गत 17 जलाशयों में 83.87 प्रतिशत जल भराव है। इन सिंचाई जलाशयों में जिले में खरीफ मौसम में 1 लाख 25 हजार 181 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने जल संरक्षण के लिए किसानों और ग्रामीणों को जागरूक करने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए भी किसानों को जागरूक करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि अभी जल भराव देखने बांध एवं जलाशयों के आसपास बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे है। उनकी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने खाद-बीज के भण्डारण तथा वितरण और फसलों के ताजा हालात की भी समीक्षा की। बैठक में सांसद प्रतिनिधि श्री राजकुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष दुबे, अरपा भैंसाझार के कार्यपालन अभियंता श्री डी जायसवाल, कृषि विभाग के उप संचालक श्री पीडी हथेश्वर, सिंचाई विभाग के सभी एसडीओ एवं सब इंजीनियर मौजूद थे।
- - महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथिरायपुर। आपका लक्ष्य किसी जादू से पूरा नहीं होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना पड़ेगा। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का यह वाक्य आज हम सभी के लिए प्रासंगिक है। जीवन में कुछ पाने के लिए आपको अपना लक्ष्य समय के साथ निर्धारित करना होगा और उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी होगी। तभी आप सफल होंगे। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने शुक्रवार की शाम को मंडल में आयोजित तिलक पुण्यतिथि के अवसर पर कही।पुण्यतिथि के मौके पर वरिष्ठ सभासद सुनील गनोदवाले, अनिल श्रीराम कालेले, अध्यक्ष काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित अनेक सभासदों ने लोकामान्य बाल गंगाधर तिलक की तस्वीर पर गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया। पुण्यतिथि के सादगी भरे आयोजन में काले ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में बाल गंगाधर तिलक का नाम बड़े ही सम्मान से लिया जाता है। लोकमान्य लोगों के बीच सच्चे जननायक के रुप में उभरे थे, जिसके चलते उन्हें ‘लोक मान्य’ की उपाधि दी गई थी। उन्होंने कानून की पढ़ाई के बाद अपनी सेवाएं एक शिक्षण संस्था के निर्माण में दी।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि यह वही व्यक्ति थे, जिन्होंने ब्रिटिश राज में पहली बार पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। उनका एक वाक्य ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूंगा’ आज भी देश में ख्यात है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जनजागृति के लिए उन्होंने ही महाराष्ट्र से गणेश उत्सव और शिवाजी उत्सव की परंपरा शुरू की। इसके माध्यम से लोगों में देशप्रेम और अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष करने का साहस भरा। इसके चलते उन्हें बर्मा की जेल में निरूद्ध भी रहना पड़ा। इस दौरान उन्हों गीता का अध्ययन कर गीता रहस्य नामक पुस्तक लिखी। उनके संपादन में मराठा दर्पण और केसरी नामक समाचार पत्र काफी लोकप्रिय हुए।मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने 1884 में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी सहित कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था। काफी हद तक वे अपने उद्देश्य में सफल भी हुए थे। इस अवसर पर सह सचिव सुकृत गनोदवाले, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, अतुल गद्रे, सुरेखा गद्रे, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।
- बिलासपुर। विश्व बैंक समर्थित भारत सरकार की योजना रैम्प अंतर्गत प्रार्थना भवन खारंग जल संसाधन परिसर बिलासपुर में उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम’’ का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बिलासपुर के तत्वाधान में आयोजित किया गया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई को हरित बनाने में सहायता करना ऋण तक पहुंच को सुगम बनाना बाजार तक पहुंच बनाना विलंबित भुगतान के मुद्दों का समाधान करना एवं इस संबंध में भागीदारों के साथ चर्चा परिचर्चा कर समाधान करना मुख्य उद्देश्य है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक श्री सी.आर.टेकाम के द्वारा प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराते हुए नवीन उद्यम स्थापना के संबंध में औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत प्रावधान, अनुदान, रियायतें छूट एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर रैम्प योजना एवं पीएमएफएमई योजनाओं का राज्य स्तर से आये श्री योगेश शर्मा एवं श्री भूषण के द्वारा विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बैंकर्स से यथासंभव सहयोग करने का आग्रह किया गया। कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमी, पीएमएफएमई व पीएमईजीपी योजना के हितग्राही व जिले के प्रमुख बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैक सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों ने भाग लेकर उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं के लाभों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम का अध्यक्षता कर रहे क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा के द्वारा अपने उद्बोधन में ऋण हेतु किये गये आवेदनों पर सकारात्मक विचार एवं सहयोग करने का आश्वासन दिया गया, प्रतिभागियों के द्वारा किये गये प्रश्नों के उत्तर से प्रतिभागी आश्वस्त हुए। इसी कड़ी में लीड बैंक अधिकारी श्री दिनेश उरांव के द्वारा विभिन्न बैंक शाखाओं में शासकीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों पर स्वीकृति एवं वितरित करने में विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्य पूर्ति करने में कटिबद्ध होना बताया गया। सफल उद्यमी के रूप में मेसर्स रानीसती उद्योग औ.क्षे. तिफरा के इकाई स्वामी श्री पुरूषोत्तम अग्रवाल के द्वारा अपने उद्बोधन में छोटे एवं कम लागत से उत्पादन प्रारंभ करके बड़े उद्योग तक पहुंचने में आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान की जानकारी दी गयी।कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागी शामिल हुए एवं उनके जानकारी प्राप्त करने की उत्सुकता और उत्तर प्रतिउत्तर से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी श्री एल.के.लाकरा महाप्रबंधक, श्री सी.डी. प्रसाद महाप्रबंधक, श्री संतोष धुर्वे महाप्रबंधक, श्री सत्येंद्र वर्मा प्रबंधक, श्री सुनील पाण्डेय प्रबंधक, श्री ए.श्रीधर राव प्रबंधक, श्रीमती रेवती झलरिया प्रबंधक, श्रीमती आरती झलरिया प्रबंधक, एवं अन्य कर्मचारियों के साथ जिले में नियुक्त डीआरपी उपस्थित रहे।
- - खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा सघन जांच 04 से 06 अगस्त तकदुर्ग. ।खाद्य एवं औषधि प्रशासन छ.ग शासन द्वारा सही भोजन बेहतर जीवन की परिकल्पना को सार्थक बनाने हेतु ’’बने खाबो बने रहिबो’’ सघन जांच एवं जागरूकता अभियान 04 से 06 अगस्त 2025 को दुर्ग जिला के साथ समस्त प्रदेश में चलाया जाएगा। बने खाबों बने रहिबो अभियान का उद्देश्य खाद्य प्रदायकर्ताओं को एफएसएसआई के दिशा निर्देशों से अवगत कराना तथा लोगों में स्वच्छ एवं स्वस्थ खान पान की आदतें विकसित करना है। साथ ही किचन की स्वच्छता एवं परिसर की साफ-सफाई के संबंध में जागरूक करना है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार यह अभियान तीन दिवसीय होगा जिसमें व्यापक तौर पर पूरे राज्य में प्रत्येक जिले एवं प्रत्येक ब्लाक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा स्ट्रीट फुड वेडर्स एवं खाद्य बनाकर परोसने वाले संस्थानों, रेस्टोरेंट का सघन जांच किया जायेगा। साथ ही मौके पर उपभोक्ताओं का सुरक्षित खाद्य के बारे में जानकारी दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य रंग, अखाद्य रंग, खाद्य पदार्थ परोसने में अखबारी कागज का प्रयोग, खाद्य पदार्थों के पैकेजिंग मटेरियल, उपयोग किये जाने वाले पेयजल और खाद्य पदार्थ के निर्माण किए जाने वाले खाद्य तेल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
- -पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से छोड़ने पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत पशु मालिकों पर होगी कार्रवाईबालोद। जिले में सड़क दुर्घटना में कमी लाने, बेहतर आवागमन की व्यवस्था बनाने तथा पशुओं की जीवन सुरक्षा हेतु जिले के अनुविभागीय दण्डाधिकारियों ने अपने अनुविभाग स्तर पर आदेश जारी किया है। जिसके तहत पशु मालिकों द्वारा अपने पशुओं को बांधकर रखा जाएगा। पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से छोड़ने पर पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 03 धारा 11(1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत पशु मालिकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अनुविभागीय दण्डाधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार आवागमन हेतु निर्धारित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय राजमार्ग एवं स्थानीय मार्गो में लगातार सड़क दुर्घटना घटित हो रहा है, जिसका एक प्रमुख कारण स्थानीय पशु मालिकों द्वारा लापरवाही व गैर जिम्मेदारीपूर्वक पशुओं को सड़क एवं सार्वजनिक स्थल पर स्वतंत्र रूप से छोड़ देना है। इन आवारा पशुओं के कारण न केवल आवागमन बाधित होता है अपितु जनहानि, पशुहानि एवं मालहानि जैसी गंभीर घटना घटित होता है। जिससे कानून एवं लोक शांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। इन आवारा पशुओं के मार्गों में एकत्रित होने से अत्यावश्यक सेवा एवं आपातकालीन सेवा देने वाले वाहनों का आवागमन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। यदि इन आवारा पशुओं के मालिकों द्वारा इन पशुओं को सडक अथवा सार्वजनिक स्थलों में न छोड़कर उचित प्रबंधन एवं रख रखाव किया जाता है तो होने वाली मानव जीवन की क्षति, पशु क्षति, संपत्ति की क्षति तथा कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने से बचा जा सकता है। उपरोक्तानुसार पशुओं पशुओं के मार्गों में एकत्रित होने से घटित गंभीर सड़क दुर्घटना का माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी डब्लूपी (पीआईएल) 58/2019 में संज्ञान लिया जाकर राज्य शासन से जवाब चाहा गया है। इस प्रकार सड़क पर एकत्रित आवारा पशु न केवल आमजन के आवागमन में बाधक या सड़क दुर्घटना का कारण है अपितु प्रशासनिक समस्या भी बन चुका है। जिसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार इन आवारा पशुओं के लापरवाह व गैर जिम्मेदार पशु मालिक है। पशु मालिकों का इस प्रकार गैर जिम्मेदाराना एवं लापरवाहीपूर्वक आचरण भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 के अंतर्गत तथा पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 3 धारा 11 (1) के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है।उपरोक्त वर्णित तथ्यों के प्रकाश में सभी तथ्यों पर विचार करने के उपरांत इस क्षेत्र में मानव, पशु जीवन, लोकहित, लोक सुरक्षा, कानून एवं लोक शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए मुझे यह समाधान हो गया है कि अनुविभाग डौण्डी के विभिन्न मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों में विभिन्न पशु मालिकों द्वारा अपने पालतू पशुओं को स्वतंत्र रूप से छोड़े जाने से रोका जाना आवश्यक हो गया है। इनके द्वारा छोड़े गये पशुओं से मार्ग अवरूद्ध न हो एवं जन सामान्य, पशुओं की सुरक्षा तथा सुविधा के साथ-साथ आपातकालीन एवं अत्यावश्यक सेवा के निर्बाध व शांतिपूर्ण ढंग से संचालन तथा कानून व्यस्था की दृष्टि से इस क्षेत्र को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। अनुविभागीय दण्डाधिकारियों ने जारी आदेश में कहा है कि उपरोक्त तथ्यों से संतुष्ट होते हुए आमजन पशुओं की जीवन सुरक्षा हेतु तथा जनहित में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 अंतर्गत यह आदेश पारित करता हूँ कि अनुविभाग अंतर्गत सभी पशु मालिक अपने पशुओं को बांधकर रखेंगे। इन पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से नहीं छोड़ेंगे ना एकत्रित होने देंगे अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 के अंतर्गत सजा एवं जुर्माना से दण्डित किया जावेगा साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 3 धारा 11(1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगी।चूंकि इस आदेश को पारित करने के पूर्व व्यक्तिगत सुनवाई का तथा साक्ष्य प्राप्त करने का अवसर दिया जाना संभव नहीं है। अतः यह आदेश आज 31 जुलाई 2025 को एकपक्षीय पारित किया जा रहा है, जो आगामी दो माह तक के लिए प्रभावी रहेगा।
- बालोद,। कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र मचैद में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती के लिए 22 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास ने बताया कि इसके अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केंद्र मचैद क्रमांक 1 में आंगनबाड़ी सहायिका के 01 पद पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदिका को 8वीं उत्तीर्ण तथा उक्त आंगनबाड़ी केन्द्र के ग्राम पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है। आवेदिका 22 अगस्त 2025 को शाम 05 बजे तक एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही में कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर या पंजीकृत डाक के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही से प्राप्त की जा सकती है।
- -आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 अगस्तबालोद,।राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार जिले के 13 पीएमश्री शालाओं में योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षकों की अंशकालीन सेवाएं हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। जिसके अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा ने बताया कि पीएमश्री योजना अंतर्गत सत्र 2025-26 के लिए 13 पीएमश्री शालाओं में योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षकों की अंशकालीन सेवाएं ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि आवेदक भर्ती की शर्तें एवं आवश्यक शैक्षणिक अर्हताएं जिले के वेबसाइट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन पर अवलोकन कर सकते हैं।
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बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले में संचालित एवं बंद खदानों में जानमाल की सुरक्षा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने एवं निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस संबंध में सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, खनि अधिकारी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक एवं सभी जिला जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जारी निर्देश में जिले में संचालित एवं बंद खदान क्षेत्र के चारों ओर सुरक्षा घेरा-फेंसिंग, बाउंड्री वॉल बनाने के निर्देश दिए है जिससे, कोई भी अनाधिकृत प्रवेश न कर सके। उन्होंने खदान क्षेत्र में खदान विवरण पट्टिका, सुरक्षा मापदण्डों का विवरण एवं चेतावनी दर्शाने वाली बोर्ड लगाने को कहा है। जिसमें खदान की गहराई आमजनों के प्रवेश निषेध, आम निस्तारी पर प्रतिबंध, आदि विवरण का उल्लेख हो। श्रीमती मिश्रा ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रो में चेतावनी संकेत लगाना, ताकि लोगों को आगाह किया जा सके। उन्होंने खदानों की सुरक्षा एवं आमजनों, मवेशी आदि के प्रवेश पर प्रतिबंध हेतु निजी सुरक्षा कर्मी (चैकीदार) तैनात कराने के निर्देश दिए हैंै। उन्होंने खदान के चारों ओर मेड़ बनाकर, सघन वृक्षारोपण कराने के भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभा की बैठकों में समस्त ग्राम वासियों को खदानों से होने वाले खतरों के संबंध में सुरक्षा के पुख्ता उपाय सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने खदान परिक्षेत्र के आसपास स्थित स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं अन्य शासकीय संस्थाओं को सुरक्षा उपाय एवं उक्त प्रतिबंधित क्षेत्रो में बच्चों को नही जाने के संबंध में जागरूकता चलाने को कहा है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि खदान की अवधि समाप्त होने पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी भूमि के मामले में संबंधित पूर्व पट्टेदार, भूमिस्वामी तथा शासकीय भूमि के मामले में सबंधित ग्राम पंचायत की होगी। उन्होंने स्वीकृत खदानों में ब्लास्टिंग किए जाने के दौरान सुरक्षा मानकों का समुचित परिपालन सुनिश्चित कराने तथा बंद खदानों में माईंस क्लाजर प्लान का अनिवार्यतः पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। - -कलेक्ट्रेट रायपुर में बढ़ रही है समाजसेवा की भागीदारीरायपुर. । रायपुर जिले में मानवता की सेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा सदस्यता अभियान ज़ोर पकड़ रहा है। कलेक्ट्रेट कार्यालय रायपुर में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक बढ़-चढ़कर सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं।रेडक्रॉस की भूमिका प्राकृतिक आपदाओं — जैसे भूकंप, बाढ़ और सूखा — से पीड़ितों की सहायता, शिशु कल्याण, परिवार नियोजन, तथा नर्सिंग सेवाओं के प्रशिक्षण में अहम रही है। यह संस्था हर वर्ग और हर क्षेत्र में सेवा का विस्तार कर रही है।इस अभियान में शुक्रवार को राजधानी के प्रसिद्ध RJ नरेंद्र सिंह भी शामिल हुए और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन तथा अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन की उपस्थिति में रेडक्रॉस की सदस्यता ली।उन्होंने कहा,"समाज सेवा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। रेडक्रॉस इसके लिए एक सशक्त मंच है, जिससे हर व्यक्ति जुड़ सकता है।"कैसे बनें रेडक्रॉस के सदस्य?रेडक्रॉस सदस्यता के लिए विभिन्न श्रेणियाँ निर्धारित हैं:संरक्षक सदस्य – ₹25,000उप-संरक्षक सदस्य – ₹12,000आजीवन सदस्य – ₹1,000वार्षिक सदस्य – ₹100रेडक्रॉस के माध्यम से कोई भी नागरिक धन, कपड़े, खाद्यान्न, बर्तन, दवाइयाँ, या रक्तदान के ज़रिये योगदान दे सकता है। साथ ही रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग कर संस्था की गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।




















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