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-महाराष्ट्र मंडल में हुई कार्यशाला में संयोजिका, सह संयोजिका और समितियों के पदाधिकारी हुए शामिलरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के प्रकल्प ‘दिव्य महाराष्ट्र मंडल’ वेब पोर्टल की ओर से गुरुवार, 31 जुलाई को फोटो और कंटेट के चयन को लेकर कार्यशाला लगाई गई। यह कार्यशाला महाराष्ट्र मंडल के महिला केंद्रों की टीम और विभिन्न समितियों के लिए आयोजित की गई थी। इसमें सचेतक और वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र ठेगड़ी ने महिला केंद्रों की सदस्यों और समिति प्रमुखों को समाचारों के लिए बेहतर कंटेट उपलब्ध कराने और अच्छी और खराब फोटो की पहचान करना सिखाया।वर्कशाप में रविंद्र ठेंगड़ी ने कहा कि पत्रकारिता में ‘फाइव डब्लू व वन एच’ का सिद्धांत लागू होता है यानी क्यों, क्या, कौन, कहां, कब और कैसे। आपको अपनी खबर वेब पोर्टल डेस्क तक पहुंचाने से पहले यह सवाल खुद से करना होगा और इसके जवाब आपको अपनी खबर या सूचना में देना होगा। प्रयास करें आपकी ओर से उपलब्ध कराई गई खबर अथवा सूचना में सभी जवाब मिल जाएं।ठेंगड़ी के अनुसार जिस तरह कंटेट समाचार के लिए जरूरी होता है, उसी तरह फोटो का भी अपना अलग महत्व होता है। एक अच्छा फोटो अपने आप में 1000 शब्दों के बराबर होता है और बहुत सारी सूचनाएं पाठक तक पहुंचा देता है। अच्छे फोटो में आपका सब्जेक्ट क्लीयर होना चाहिए। डांस की फोटो हैं, तो उसमें हमारा सब्जेक्ट डांस करता नजर आए, न कि फोटो खिंचवाता हुआ। सेमिनार, वर्कशाप का फोटो है, तो वक्ता की एक सिंगल एक्शन फोटो अवश्य होनी चाहिए, जिसमें उसका बोलता हुआ चेहरा नजर आए। वहीं भीड़ की फोटो ऐसी ली जाए कि फोटो के फ्रेम में सिर्फ भीड़ दिखे, कोई खाली जगह नहीं। फोटो खींचते समय अगर आप मेन सब्जेक्ट यानी भीड़ से दूर हैं, तो थोड़ा पास आ जाएं। सामने की कुर्सियां खाली न हो।इस मौके पर बृहन्न महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ प्रभारी सुबोध टोले ने कहा कि किसी भी समाचार में यह उपेक्षा करना कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के फोटो के साथ नाम प्रकाशित हो जाएंगे, एकदम गलत है। वैसे ही अपने- अपने केंद्र में नए लोगों को जब तक नहीं जोडेंगे, तब तक आपके केंद्र में नए चेहरे और नए विचार नहीं आएंगे। इसी तरह आप लोगों की वही- वहीं चेहरों वाली फोटो में भी कोई नवीनता नहीं दिखेगी। इस मौके पर टोले ने उपस्थित महिलाओं को मोबाइल से बेहतरीन क्वालिटी के फोटो को प्रकाशन के लिए फारवर्ड करने की तकनीक भी बताई।इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने भी महिलाओं व पदाधिकारियों से सुव्यवस्थित समाचार उपलब्ध कराने और अपने- अपने केंद्रों व समितियों की गतिविधियों की सविस्तार और व्यवस्थित जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया। दोनों वक्ताओं ने महाराष्ट्र मंडल के अधिकृत न्यूज पोर्टल दिव्य महाराष्ट्र मंडल का समाचारों और सूचनाओं के लिए अधिकाधिक उपयोग करने की भी आग्रह किया। उपाध्यक्ष गीता दलाल ने आभार प्रदर्शन करते हुए रविवार को आयोजित नगर स्तरीय अंताक्षरी स्पर्धा के बारे में अपडेटेड जानकारी देते हुए सभी को आमंत्रित भी किया। - -बिल्हा को स्वच्छता में देश भर में प्रथम बनाने में योगदान के लिए उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को किया सम्मानित-28 स्वच्छता दीदियों, 20 सफाई मित्र एवं 10 स्वच्छता कमांडो का सम्मान-उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता की दिलाई शपथबिलासपुर /उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव ने आज बिल्हा नगर पंचायत के कन्या भवन में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का सम्मान किया। स्वच्छता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए बिल्हा नगर पंचायत ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने स्वच्छता दीदियों से कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत बड़ी प्रतिष्ठा आपके कारण ही मिली है। स्वच्छता ने आज जन आंदोलन का रूप ले लिया है। देश में पहला स्थान हासिल करना हमारे लिए गौरव का विषय है। अब हमे इसे बरकरार रखना होगा। बिल्हा के एक-एक व्यक्ति को स्वच्छता के लिए संकल्प लेना होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल्हा के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने सभी को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी, नगर पंचायत अध्यक्ष वंदना जेण्ड्रे, उपाध्यक्ष श्री सतीश शर्मा, जनपद अध्यक्ष राम कुमार कौशिक, एसडीएम श्री बजरंग वर्मा, सीएमओ श्री प्रवीण गहलोत, स्वच्छता दीदी, सफाई मित्र, कमांडो और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बिल्हा नगर पंचायत को देशभर में प्रथम स्थान दिलाने में 28 स्वच्छता दीदियों और 20 सफाई मित्रों और 10 स्वच्छता कमांडो के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। स्वच्छता हमारे संस्कार और स्वभाव में है। हर व्यक्ति चाहता है कि हमारा घर साफ सुथरा रहें। शहर भी हमारा घर है इसे साफ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ को स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्य हेतु राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैकिंग सुधारी है। इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र है। उन्होंने कहा कि बिल्हा के लोगों को सफाई के लिए संकल्पित होना होगा। यह हमारे लिए चुनौती है कि हम स्वच्छता की दिशा में अपना मुकाम बरकरार रखे। जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों और लोगों की जन सहभागिता से नगर पंचायत को स्वच्छ और सुंदर बनाने का काम आगे भी बनाए रखना संभव है। उन्होंने कहा कि बिल्हा के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। कार्याें का प्रस्ताव मिलते ही अगले दिन ही राशि मंजूर कर दी जाएगी।बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि इतिहास के पन्नों में बिल्हा का नाम दर्ज हुआ है। पूरे देश में बिल्हा को प्रथम स्थान मिला है। यह हमारे लिए गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता को अपनाने की लोगों से अपील की थी। उनके आव्हान पर आज देश भर में स्वच्छता एक आंदोलन बन चुका है। बच्चों में भी इसके प्रति जागरूकता देखी जा सकती है। क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान से ही हमें यह उपलब्धि हासिल हुई है। स्वच्छता, सेवा और समर्पण का काम है, जिसे ये लोग मनोयोग से कर रहे है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेण्ड्रे ने कहा कि स्वच्छता दीदियों में काम करने का अद्भुत जज्बा है। आज उन्होंने पूरे भारत में अपने काम का परचम लहराया है।नगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15,000 है, जहाँ 28 स्वच्छता दीदियाँ कार्यरत हैं। ये दीदियाँ नगर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं और फिर कचरे को एसआरएलएम सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इसके अतिरिक्त बिल्हा नगर में 10 विशेष स्वच्छता कमांडो भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर के माध्यम से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं।
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- मनोरंजक कुर्सी दौड़ के साथ मेहंदी लगाओ स्पर्धा का भी रोचक आयोजनरायपुर। हरे रंग की साड़ी, माथे पर हरी बिंदिया और पैरों के सेंडल का रंग भी हरा। यानी सिर से लेकर पांव तक ‘सावन’ को परिभाषित करते रंग के ड्रेस कोड के साथ महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर केंद्र की महिलाएं शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय में सावन उत्सव मनाने पहुंचीं। "सावन का महीना, पवन करे शोर", "पड़ आया सावन बड़ा मनभावन", "सावन में भावन लागे भोले की नगरिया" और "अंखियां हैं प्यासी प्यासी" जैसे सावन के गीतों का गायन कर महिलाओं ने कार्यक्रम के उत्साह को दोगुना कर दिया।शंकर नगर स्थित बाल वाचनालय प्रभारी रेणुका पुराणिक ने बताया कि शंकर नगर केंद्र की महिलाओं ने आयोजित सावन उत्सव की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। इस अपर पर सावन के महीने में पड़ने वाले व्रत और त्योहारों के महत्व पर अलग- अलग महिलाओं ने अपने विचार रखें। कार्यक्रम में 37 सदस्यों की उपस्थिति रहीं। महिलाओं के लिए कई रोचक गेम्स भी खेले गए, जिसे सभी ने खूब एंजाय किया। केंद्र की सदस्या सुरेखा पाटिल, मधुरा भागवत और शुभदा गिजरे ने सुमधुर एकल गीत प्रस्तुत किए।केंद्र की संयोजिका मधुरा भागवत ने कहा कि कार्यक्रम में वैशाली निमजे ने सावन और मराठी गीत, वृंदा वोडितेलवार ने जिवती, निर्मला पिंपले ने नाग पंचमी, नेहा फडणवीस ने रक्षाबंधन, अनुराधा शिवलकर ने जन्माष्टमी, पुष्पा जावलेकर ने पोला, हर्षदा टिचकुले ने शिव तत्व तथा श्री शक्ति विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।इस दौरान महिलाओं के लिए मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता भी रखी गई थी। उसमें तोशिका भुजबल प्रथम, वैशाली निमजे द्वितीय रहीं। कविता लांजेवार और मेधा कोतवालीवाले को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। मधुरा भागवत के अनुसार केंद्र की सदस्याओं ज्योति अंदनकर ने एक मनोरंजक कुर्सी दौड़ करवाई। जिसे सभी ने खूब एंजाय किया। इस स्पर्धा में जया कावड़कर विजयी रहीं। कार्यक्रम का संचालन आयुषी विठालकर ने किया। - राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कम्पनीज द्वारा इस वर्ष वृक्षारोपण महोत्सव के तहत पूर प्रदेश में विद्यमान विभिन्न विद्युत कार्यालयों और विद्युत उत्पादन संयंत्रों में 15 अगस्त 2025 तक 50 फलदार एवं छायादार पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस वृक्षारोपण महोत्सव के परिपेक्ष्य में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट के द्वारा ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत शहर के मोहारा स्थित 33/11 के0व्ही0 उपकेन्द्र कैम्पस में वृक्षारोपण कर इस अभियान की शुरूवात की। इस अवसर पर ईडी श्री सेलट ने वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता देने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पौधे वितरित कर अपने घर में लगाने हेतु प्रेरित किया। गौरतलब है कि राजनांदगांव क्षेत्र (राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले) में लगभग 02 हजार 605 पौधे लगाने का लक्ष्य विद्युत कंपनी प्रबंधन द्वारा दिया गया है। इस अभियान के अन्तर्गत चारों जिलों के विद्युत कार्यालयों एवं उपकेन्द्र में वृक्षारोपण निर्धारित समयावधि तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस अवसर पर कार्यपालक निदेषक श्री शिरीष सेलट ने कहा कि ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान वास्तव में प्रकृति एवं मां के प्रति आपार सम्मान को जताने का एक सुंदर जरिया है। जिस तरह पेड़ पौधे जीवन की डोर हैं, ठीक उसी तरह मां अपने बच्चों के जीवन को पिरोती है, पेड़-पौधे जलवायु को सुरक्षित रखकर ग्लोबल वार्मिंग से बचाती है। पौधे लगाना ही हमारा दायित्व नहीं है, बल्कि इनकी सुरक्षा और संवर्धन हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए अधिक से अधिक फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाए जाने चाहिए। इस दिशा में हम सबको ईमानदारी से प्रयास करने होंगे। जो पौधे इस परिसर में रोपे गए हैं, उनकी देखभाल एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है। ईडी श्री सेलट ने राजनांदगांव क्षेत्र के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को अधिकाधिक पौधे लगाने हेतु अपील की है। इस अभियान के तहत छायादार व फलदार वृक्ष आंवला, कटहल, कचानार, गुलमोहर, कैंथ, जामुन, करंज, अमरूद, नीम सहित अन्य पौधांे को रोपित किया जा रहा है। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री मंगल तिर्की, अधीक्षण अभियंता द्वय श्री शंकेश्वर कंवर, श्री के0सी0 खोटे, कार्यपालन अभियंता श्री मुकेश कुमार साहू, सुश्री गीता ठाकुर, श्री बीरबल उइके, श्री नुरेन्द्र साहू, श्री रविकांत शर्मा, सहायक अभियंता श्री रोहित मंडावी, श्री सुशील कोड़पे, श्रीमती उषा साहू, श्रीमती शेषकुमारी साहू, सुश्री ममता कर्मकार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
- -कलेक्टर जशपुर ने की कार्रवाईरायपुर ।जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने संविदा पर कार्यरत समग्र शिक्षा विभाग अंतर्गत विभिन्न पदों पर कार्यरत् 06 कर्मचारियों को अनाधिकृत रूप से लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से पृथक किए जाने की कार्रवाई की है, जिसमें लेखापाल श्रीमती पुष्पा टोप्पो, बी.आर.पी. समावेशी शिक्षा सुश्री ज्योति साहू एवं कु. मेघा दुबे, सूचना प्रबंध समन्वयक श्री नवीन कुमार पटेल तथा भृत्य पद पर कार्यरत श्रीमती सविता बाई एवं श्री नंदकिशोर चौहान शामिल हैं।उल्लेखनीय है कि उक्त सभी कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना अथवा स्वीकृत अवकाश के लगातार कार्य से अनुपस्थित थे। उनके विरुद्ध पूर्व में कई बार विभाग द्वारा पत्र प्रेषित कर कार्य पर उपस्थिति देने हेतु निर्देशित किया गया था, परंतु न तो उन्होंने कोई जवाब दिया और न ही अपनी ड्यूटी पर उपस्थित हुए। कलेक्टर ने ड्यूटी से लंबे समय से गैरहाजिर कर्मियों के इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए सेवा से पृथक किए जाने की कार्यवाही की।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज डंगनिया मुख्यालय में आयोजित सेवानिवृत्ति समारोह के अवसर पर ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष (डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन) डॉ. रोहित यादव द्वारा ईडी (प्रोजेक्ट) श्रीमती ज्योति नंनौरे को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर एम.डी. (जनरेशन) श्री एस.के.कटियार, एम.डी.(ट्रांसमिशन) श्री राजेश कुमार शुक्ला एवं एम.डी. (डिस्ट्रीब्यूशन) श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमती नंनौरे ने पॉवर कंपनी में चार दशकों तक डिस्ट्रीब्यूशन एवं ट्रांसमिशन कंपनी के विद्युत विकास में बहुमूल्य योगदान दिया हैं। उनके योगदान से पॉवर कंपनी ने महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त किया हैं जिससे ट्रांसमिशन कंपनी के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को गति मिली और समय पर कार्य पूर्ण करने का कीर्तिमान स्थापित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त ईडी श्रीमती नंनौरे ने अपने कार्य अनुभव बताते हुए अपनी सफलता का श्रेय टीमवर्क को दिया तथा सेवायात्रा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।पॉवर कंपनी के भारप्रेषण केन्द्र में आयोजित एक अन्य विदाई कार्यक्रम में खेदामारा, भिलाई से सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता श्री किशोर कुमार जंघेल, कार्यपालन अभियंता (कर्मशाला) संभाग से भृत्य श्रीमती मीरा चौरसिया तथा रायपुर से मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री रविकांत साहू एवं वरिष्ठ पर्यवेक्षक श्री पुरूषोत्तम लाल गुप्ता को सेवानिवृत्ति उपरांत देय हितलाभों के साथ अभिनंदन किया गया एवं भावभीनी विदाई दी गईं।विदाई समारोह में डायरेक्टर श्री आर.ए.पाठक, कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोठिया, श्री एमएस चौहान, श्री वीके दीक्षित, श्री सीएल नेताम, श्री मनीष गुप्ता, मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री संजय तिवारी, श्री के.बी.पात्रे, श्री अब्राहम वर्गीज, श्री सुभाष शर्मा, श्रीमती चंद्रकला गिडवानी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित सीएमओ श्री एच.एल.पंचारी थे। संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक(जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र एवं प्रबंधक(जनसंपर्क) श्री गोविंद पटेल द्वारा किया गया।
- रायपुर । प्रदेश के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को इस महीने के बिल में राहत मिलेगी। उनके बिजली बिल में लगने वाला ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) इसबार कम हो गया है, लगातार दूसरे महीने इसकी दर में कमी आई है। जून महीने के बिल में उपभोक्ताओं ने जितना बिल भरा होगा, उसमें ऊर्जा प्रभार का 1.44 प्रतिशत की छूट उन्हें मिलेगी। यानी वे उस अनुपात में कम बिल अदा करेंगे।केंद्रीय विद्युत मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार बिजली बिल में वेरियेबल कॉस्ट एडजेस्टमेंट (वीसीए) शुल्क के स्थान पर अब ईंधन एवं विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) लिया जाता है। पहले इसे हर दो महीने में आकलित किया जाता था, अब यह हर महीने बिजली कंपनी अपने उपयोग के लिए खरीदी गई बिजली के आधार पर नए फार्मूले से तय करती है। बीते महीने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी व्दारा बिजली लागत में कमी आई है, लिहाजा जून महीने की गई खपत में लगने वाला ईंधन अधिभार 1.44 प्रतिशत कम लगेगा। इस अनुपात में जुलाई के बिल में (जिसे अगस्त में जमा किया जाएगा) इतना प्रतिशत की छूट मिल जाएगी। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने बताया कु यह छूट कम्प्यूटराइज्ड स्वगणना प्रणाली से बिल में घटा दिया जाएगा, जिसे अधिभार कॉलम में अंकित किया जाएगा। ऐसा लगातार दूसरा महीने है, जिसमें इस अधिभार में कमी आई है। पिछले महीने यह अधिभार 0.12 प्रतिशत कम था। पहले ईंधन अधिभार 12 प्रतिशत तक अधिक लगता था, जिससे बिल अधिक आता था। पॉवर कंपनी के बेहतर प्रबंधन और संयंत्रों के उत्पादन में संतुलन से यह अधिभार कम हुआ है। इससे हर उपभोक्ता के बिल में कुछ राशि घटी हुई दिखाई देगी।
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-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत बना छत्तीसगढ़ का पहला विशेष आवास
रायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर केंद्र सरकार से प्राप्त 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की विशेष स्वीकृति के अंतर्गत सुकमा जिले के ग्राम ओईरास, ग्राम पंचायत गादीरास की एक नक्सल पीड़ित परिवार की मुखिया श्रीमती सोडी हुंगी पत्नी स्वर्गीय श्री मासा सोडी को पक्का मकान मिल गया है। यह राज्य में नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत तैयार होने वाला पहला मकान है, जो न केवल सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है, बल्कि पीड़ित परिवार के पुनर्वास की दिशा में मील का पत्थर भी है।श्रीमती सोडी हुंगी, वर्ष 2005 में नक्सलियों के हिंसा की शिकार हुईं, जब उनके पति मासा सोडी की मुखबिरी के संदेह में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। अत्यंत गरीब यह परिवार वर्षों तक कच्चे घर में रहने को मजबूर था, जहां बरसात में टपकती छत और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से जान का खतरा बना रहता था।ग्राम पंचायत गादीरास द्वारा वर्ष 2024-25 में विशेष परियोजना अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में पात्र पाए जाने पर श्रीमती सोडी हुंगी का नाम प्रस्तावित किया गया। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर हितग्राही के खाते में चरणबद्ध रूप से तीन किश्तों में कुल 1 लाख 35 हजार की राशि जारी की गई। शासन की पारदर्शी प्रक्रिया, तकनीकी मार्गदर्शन और समय-समय पर की गई निगरानी के चलते 8 जुलाई 2025 को आवास निर्माण कार्य पूरा हुआ, जिसमें श्रीमती सोडी हुंगी अब अपने परिवार के साथ रहने लगी है।प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ श्रीमती सोडी हुंगी को अन्य योजनाओं का भी लाभ प्राप्त हुआ है, जिनमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की स्वीकृति, मनरेगा के तहत 90 दिवस की मानव मजदूरी का भुगतान, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ शामिल है।श्रीमती सोडी हुंगी के बेटों ने कहा कि हमारा परिवार आज सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी पा रहा है। यह सब जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत संभव हुआ है। हम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्र सरकार के आभारी हैं, जिन्होंने नक्सल पीड़ितों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास हेतु इतनी संवेदनशील और प्रभावी नीति बनाई है।छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में आवास निर्माण की यह विशेष परियोजना एक ठोस कदम है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नक्सल पीड़ित एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की विशेष स्वीकृति प्रदान की गई है। पीड़ित परिवारों के लिए आवासों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। सुकमा जिले में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिले में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य तेजी से जारी - रायपुर / जिला प्रशासन रायपुर में सहायक परियोजना अधिकारी पद पर कार्यरत रहे डॉ. चुन्नीलाल शर्मा 31 जुलाई 2025 को अपनी 39 वर्षों की दीर्घ और समर्पित सेवा के पश्चात सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।सम्मान समारोह में नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, एडीएम श्री देवेंद्र पटेल, डीईओ श्री हिमांशु भारती सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।डॉ. शर्मा ने जुलाई 1986 में अपनी सेवा की शुरुआत की थी और कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाँ अत्यंत प्रेरणादायक हैं – बीएससी, एमए (हिंदी, समाजशास्त्र, इतिहास), एमएसडब्ल्यू, बीएड, एमबीए, लोक संगीत में डिप्लोमा और समाज कार्य में पीएचडी शामिल हैं।वे एक प्रेरक वक्ता और समर्पित समाजसेवी के रूप में भी व्यापक पहचान रखते हैं। विगत तीन दशकों में उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों, प्रशासनिक अकादमियों एवं प्रशिक्षण संस्थानों – जैसे लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी, मसूरी और छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी – में करियर मार्गदर्शन, व्यक्तित्व विकास, समय प्रबंधन और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए हैं।उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति सम्मान, डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति सम्मान, स्व. हीरा सिंह गौतम सम्मान, 'जियो दिल से' राष्ट्रीय पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। साथ ही, वर्ष 2011 में अमेरिका के प्रतिष्ठित इंटरनेशनल विजिटर लीडरशिप प्रोग्राम (IVLP) में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। लेखन के क्षेत्र में भी डॉ. शर्मा की भूमिका प्रेरणास्पद रही है। उन्होंने 30 से अधिक प्रेरक पुस्तकें लिखीं हैं, जो युवाओं एवं समाज को जागरूक करने का कार्य करती हैं।
- दुर्ग / जिले के लिये कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) दुर्ग में नर्सरी प्रबंधन पर 29-31 तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला दुर्ग के साथ-साथ बेरला, बेमेतरा, बालोद, रायपुर के भी ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम निदेश विस्तार सेवायें डॉ. एस.एस. टूटेजा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नर्सरी व्यवसाय कैसे स्थापित किया जाय, पौधों को तैयार करने की विभिन्न तकनीक जैसे कटिंग, गुंटी, बडिंग, ग्राफ्टिंग, नर्सरी पौधों को कीट बीमारियों से रोकथाम, प्रो ट्रे में पौधे तैयार करना जैसी तकनीकों का जीवंत एवं प्रायोगिक प्रदर्शन करके सिखाया गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. विजय जैन, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. कमल नारायण वर्मा, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यानिकी) ने पूर्ण प्रायोगिक जानकारी प्रदान की साथ ही डॉ. ईश्वरी कुमार, डॉ. विनय कुमार नायक, डॉ. मनीष कुमार वर्मा, श्रीमती सृष्टि तिवारी, कु. हर्षना चन्द्राकर ने भी तकनीकी जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उद्यानिकी विभाग अटारी पाटन, दुर्ग नर्सरी के श्री अंकेश साहू द्वारा नर्सरी व्यवसाय के लिये शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। सभी प्रशिक्षणार्थीयों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
- दुर्ग, / राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की पहल अब ग्रामीण शिक्षा में नई क्रांति ला रही है। जिले के धमधा ब्लॉक के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टेमरी में इस प्रक्रिया के तहत जीवविज्ञान विषय के नए शिक्षक की पदस्थापना की गई है, जिससे विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल रही है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला टेमरी में पढ़ने वाले कक्षा 11वीं के छात्र सोमनाथ निषाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताते हैं, “पहले हमारे स्कूल में जीव विज्ञान के लिए कोई अलग से शिक्षक नहीं थे। हमें जीव विज्ञान या तो सीनियर छात्र समझाते थे या फिर दूसरे विषयों के शिक्षक समझा दिया करते थे, जिसकी वजह से विषय समझना पहाड़ तोड़ने जैसा लगता था।” युक्तियुक्तकरण से अब हमें विषय विशेषज्ञ शिक्षक मिल गए हैं और अब विषय आसान लग रहा है। अब हमें विज्ञान के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता। इस बदलाव के लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का दिल से धन्यवाद करते हैं।”विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालय में शिक्षण कार्य में अभूतपूर्व सुधार आया है। अब प्रत्येक विषय के लिए योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों को पढ़ाई में सही दिशा और मार्गदर्शन मिल रहा है। कक्षा 11वीं के छात्रों को अध्यापन हेतु विषय-विशेषज्ञ शिक्षक के रूप में श्रीमती दीप्ति मालवीय मैडम ने विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया है, जिससे बच्चों को विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय में विशेष एवं गहन मार्गदर्शन मिल रहा है। इस बदलाव का असर बच्चों की नियमित उपस्थिति में भी साफ दिख रहा है। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह पहल खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक मील का पत्थर है। अब छात्र बिना किसी बाहरी मदद के, कक्षा में ही सभी विषयों की गहराई से पढ़ाई कर पा रहे हैं।ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों का सही जगहों पर पुनर्विनियोजन करना है, ताकि उन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी हो सके, जहाँ उनकी सबसे अधिक आवश्यकता है। यह कदम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य को भी मजबूत आधार मिल रहा है।
- दुर्ग, /जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने हेतु विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। इनमें ब्लॉक दुर्ग के अंतर्गत ग्राम पंचायत अंजोरा (ख), कोनारी, चंदखुरी, रिसामा, अण्डा, जेवरा, सिरसाखुर्द, ब्लॉक धमधा में कोडिया सेवती, नारधी, जंजगिरी एवं ब्लॉक पाटन में सांकरा, गोतीपुर, सेलूद, पतोरा, फुंडा, गोड़पेण्ड्री शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पशुओं को पकड़कर उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखा जा रहा है, साथ ही उनके चारे-पानी की समुचित व्यवस्था भी की गई है।जिला पंचायत सीईओ के निर्देशानुसार सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने हेतु उप संचालक पंचायत श्री आकाश सोनी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। आवारा पशुओं को हटाए जाने व जिले में उपलब्ध काऊ कैचर के नियमित एवं प्रभावी संचालन हेतु जनपद पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया गया है, जिसमें जनपद पंचायत सीईओ को अध्यक्ष, ग्राम पंचायत के तकनीकी सहायक एवं सचिव को सदस्य नियुक्त किया गया है। उप संचालक पंचायत मोबाइल नंबर 91789-44838, सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग 94241-60405, सीईओ जनपद पंचायत धमधा 98939-20256 और सीईओ जनपद पंचायत पाटन 82691-88457 से सम्पर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
- दुर्ग / भारतीय थल सेना में अग्निवीर की भर्ती 2026 के लिये आयोजित ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) का चयन परिणाम घोषित किया जा चुका है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के द्वारा जिले के ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु प्रशिक्षण दिया जाना है। दुर्ग जिले के अभ्यर्थी जो अग्निवीर की भर्ती 2026 के लिए आयोजित ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) में उत्तीर्ण हुए हैं, वे शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में 14 अगस्त 2025 तक अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करवा सकते हैं।
- भिलाईनगर। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, महापौर नीरज पाल, सभापति गिरवर बंटी साहू, आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, एमआईसी सदस्य संदीप निरंकारी एवं सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह के उपस्थिति में 8 लोगो को अनुकंपा नियुक्ति पत्र एवं 19 हितग्राहियों को लाटरी के माध्यम से आवास आबंटित किया गया।छत्तीसगढ शासन सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन के आदेशानुसार निकाय स्तर पर अनुकंपा नियुक्ति हेतु गठित छानबीन समिति बैठक दिनांक 28.07.2025 अनुसार अनुकंपा नियुक्ति की गई है ।कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों की मृत्यु होने पश्चात उनके पत्नि या बच्चे को नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का प्रावधान है। नगर निगम भिलाई में कार्यरत नियमित कर्मचारी जिनका पूर्व में किसी कारणवश मृत्यु हो गया है। उनके स्थान पर उनके परिवार के 8 लोगो इन्द्राणी चंद्राकर को समयपाल/कार्य सहायक गे्रड-02, हर्षवर्घन दुबे, हर्षवर्घन श्रीवास, मोहम्मद वसीम, सबीता बाघमारे, रेखा महिलांग, मंजू बाई मानिकपुरी, अमिषा घनघोरकर को भृत्य के पद में नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। इन सभी को प्रशिक्षण पश्चात अलग-अलग विभागों में दायित्व सौंपा जाएगा।पीएम आवास योजना मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक अंतर्गत आवासों का निर्माण किया गया है। किरायेदारी के रूप में निवासरत नागरिको से आवास हेतु आवेदन प्राप्त हुआ था। जिसका जिला स्तरीय समिति से सक्षम स्वीकृति पश्चात मकान का 10 प्रतिशत अंशदान की राशि जमा करने वाले 21 हितग्राहियों को लाटरी में शामिल होने सूचना पत्र दिया गया था। जिसमें से कुल 19 हितग्राहियों को लाटरी के माध्यम से आवास आबंटित किया गया है। स्थल कृष्णा इंजीनियरिग कालेज के पीछे खम्हरिया 02 मकान, सूर्याविहार के पीछे खम्हरिया 08 मकान, वंदे मातरम कुरूद 09 मकान कुल 19 आवासों का आबंटन किया गया है।आवास आबंटन के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के नोडल अधिकारी अजीत तिग्गा, कार्यपालन अभियंता वीनिता वर्मा, आवास प्रभारी विद्याधर देवांगन, नम्रता सिंह ठाकुर, जागेश्वर साहू, महेत्तर सोनी, थलेश्वर जोशी, सी.एल.टी.सी. किरण चतुर्वेदी, आदित्य ठाकुर, उत्पल शर्मा आदि उपस्थित रहे।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग में जीई मार्ग में अनुपम गार्डन (महावीर पार्क ) के समीप नेकी की दीवार क्षेत्र में भारी कचरा और गन्दगी फैले होने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय द्वारा दिए गए निर्देशानुसार नगर निगम स्की वास्थ्य अधिकारी श्रीमती प्रीति सिंह ने वस्तुस्थिति की जानकारी लेने तत्काल निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग के स्वच्छता निरीक्षक श्री गिरिजेश तिवारी की उपस्थिति में अनुपम गार्डन (महावीर पार्क) के पास जीई मार्ग के किनारे नेकी की दीवार क्षेत्र का प्रत्यक्ष अवलोकन किया. अवलोकन के दौरान प्राप्त जनशिकायत सही पायी गयी और नेकी की दीवार क्षेत्र में भारी कचरा और गन्दगी फैली हुई मिली. इस पर स्वास्थ्य अधिकारी ने निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग सफाई गैंग के 15 सफाई कामगारों की गैंग वहाँ तत्काल बुलवाकर कचरा और गन्दगी उठवाकर सफाई करवाते हुए जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता नेकी की दीवार क्षेत्र में कायम की. नगर निगम स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय द्वारा इस सम्बन्ध में प्राप्त जनशिकायत का स्थल पर जाकर त्वरित निदान किया गया.
- बिलासपुर /उद्योग विभाग की रैम्प योजना के तहत जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता से जोड़ने हेतु कल 1 अगस्त को कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह कार्यशाला दोपहर 12 बजे जल संसाधन परिसर के प्रार्थना सभा भवन में शुरू होगी। उद्योग विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री टेकाम ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि द्वारा ऋण योजनाओं की जानकारी, एमएसएमई से संबंधित वित्तीय समस्याओं का समाधान, क्रेडिट लिंक योजनाओं, औद्योगिक विकास नीति 2024-30 एवं लॉजिस्टिक नीति 2024 की जानकारी साझा करेंगे। बैंकों और उद्यमियों के मध्य प्रत्यक्ष संवाद का अवसर भी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने जिले के समस्त इच्छुक उद्यमियों एवं लाभार्थियों से इस निःशुल्क कार्यशाला में सहभागिता का आग्रह किया गया है। अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मोबाइल नंबर 82360-94585 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -सामाजिक समाघात दल की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने लगाई मुहरबिलासपुर /सतनाला बांध एवं नहर निर्माण के पूर्ण होे जाने पर बेलगहना तहसील के दो गांव-आमामुड़ा एवं परसापानी में किसानों के लगभग 4 सौ एकड़ खेत में सिंचाई सुविधा विकसित होगी। सतनाला व्यपवर्तन योजना के तहत बांध एवं नहर निर्माण के लिए इन दोनों गांव की लगभग 3 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है। इनमें बांध के साथ 2.74 किलोमीटर लम्बी नहर का निर्माण भी किया जायेगा। सामाजिक समाघात दल ने इस सिंचाई परियोजना का अध्ययन कर भू-अर्जन की सिफारिश की है। जिला कलेक्टर ने भी समाघात दल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए अनुमोदन कर दिया है। भू-अर्जन से प्रभावित क्षेत्र के किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं किया जायेगा। पूर्व से निर्मित सार्वजनिक अथवा निजी अधोसंरचनाओं को इस परियोजना से कोई क्षति नहीं पहुंचेगी। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी कोटा ने बताया कि परियोजना के पूर्ण हो जाने पर क्षेत्र के किसानों की आमदनी बढ़ेगी एवं सतही जल का दोहन कम हो जायेगा। परियोजना की लागत की तुलना में फायदा अधिक हैं। ज्यादातर लाभ अनुसूसित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के किसानों को मिलेगा। परियोजना निर्माण के लिए आस-पास पड़त अथवा अनुपयोगी जमीन नहीं मिलने के कारण न्यूनतम भूमि का अधिग्रहण किया गया है। दोनों गांव जल संसाधन संभाग पेण्ड्रारोड के कार्यक्षेत्र में आते हैं।
- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 2 क्षेत्र में जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया की उपस्थिति में गन्दगी फैलाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने विभिन्न दुकानों की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया.औचक निरीक्षण के दौरान गन्दगी सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही पाए जाने पर सम्बंधित 17 दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए गन्दगी फैलाये जाने पर कुल 10900 रूपये ई जुर्माना वसूला गया. औचक निरीक्षण के दौरान दुकानों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक मिलने पर उसे तत्काल जप्त करने की कार्यवाही की गयी. प्राप्त जनशिकायत का जोन 2 स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशानुसार स्थल पर त्वरित निदान किया गया.
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रं. 04 अंतर्गत सी-मार्ट, मदर्स मार्केट, निर्माणाधीन महिला गारमेंट फैक्ट्री एवं सफाई कार्य का निरीक्षण आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय एवं जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे के द्वारा किया गया है।सी-मार्ट एवं मदर्स मार्केट के बंद दुकानों का नियमानुसार दर निर्धारण कर संचालन हेतु रूचि की अभिव्यक्ति ऑफर आमंत्रित की जाएगी । निर्मित दुकानों से निगम को राजस्व प्राप्ति होगी । आई.टी.आई समीपस्थ निर्माणाधीन महिला गारमेंट फैक्ट्री में चल रहे कार्यो का निरीक्षण किया गया। इस फैक्ट्री के निर्माण होने से स्थानीय महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ रोजगार के अवसर प्राप्त होगें। कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा एवं निर्माणकर्ता एजेंसी को अविलम्ब एवं गुणवत्ता युक्त कार्य पूर्ण करने निर्देशित किया गया है।खुर्सीपार सुभाष मार्केट, पुराना मछली मार्केट में निर्मित हाट बाजार का अवलोकन किया गया है। हाट बाजार का ऑफर आमंत्रित कर मार्केट को व्यवस्थित किया जाएगा। वार्ड क्रं. 44 लक्ष्मी नारायण वार्ड एवं वार्ड 45 बालाजी नगर में चल रहे नलियों की साफ-सफाई कार्य का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता रवि सिन्हा, वार्ड 46 के पार्षद के. जगदीश कुमार, उप अभियंता चंद्रकांत साहू, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी उपस्थित रहे।
- - देश के किसी भी हिस्से से पक्षकार एवं अधिवक्तागण जिला उपभोक्ता आयोग बालोद से जुड़कर सुनवाई में ले सकते हैं भागबालोद । छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चैरड़िया ने आज जिला मुख्यालय बालोद के स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बालोद में ई-हियरिंग का वर्चुअल शुभारंभ किया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बालोद में ई-हियरिंग के शुभारंभ होने से बालोद जिला आज से ई-हियरिंग के माध्यम से पूरे भारतवर्ष से जुड़ गया है। ई-हियरिंग की सुविधा प्रारंभ होने से उपभोक्ताओं को तकनीकी न्याय का लाभ मिलेगा। जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बालोद में इस सुविधा के प्रारम्भ होने से देश के किसी भी हिस्से से उपभोक्ता एवं अधिवक्तागण जिला उपभोक्ता आयोग बालोद से जुड़कर अपने प्रकरण की सुनवाई में भाग ले सकते हैं। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बालोद में ई-हियरिंग के शुभारंभ अवसर पर न्यायमूर्ति श्री गौतम चैरड़िया ने जिले में इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए बालोद जिलेवासियों एवं न्यायिक जगत से जुड़े लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य होगा जो ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरणों की सुनवाई करेगा। ई-हियरिंग के शुभारंभ होने से न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय और जुड़ गया है। इस अवसर पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बालोद के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्राही द्वारा उपस्थित अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं अधिकारी-कर्मचारियों को ई-हियरिंग के माध्यम से सुनवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि पक्षकारों को अपने प्रकरण की ई-हियरिंग के माध्यम से सुनवाई हेतु तीन दिवस पूर्व निर्धारित फार्म में आवेदन करना होगा। इसके पश्चात् जिला उपभोक्ता आयोग से उनके मोबाईल पर एक लिंक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से पक्षकार अथवा अधिवक्तागण अपने मोबाईल के द्वारा सीधे प्रकरणों की आॅनलाईन सुनवाई में भाग ले सकते हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री गौतम चैरड़िया की उपस्थिति में ई-हियरिंग के माध्यम से प्रकरण क्रमांक डीसी/646/सीसी/07/2025 पक्षकार संतोष कुमार पारख विरूद्ध नगर पालिका बालोद में सुनवाई किया गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बालोद में ई-हियरिंग के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के रजिस्ट्रार श्री श्रीनिवास तिवारी, ज्वाईंट रजिस्ट्रार श्रीमती मोना चैहान, सदस्य श्री प्रमोद वर्मा, लेखा अधिकारी श्रीमती मधुलिका यादव, जिला उपभोक्ता आयोग रायपुर के अध्यक्ष श्री डाकेश्वर शर्मा, सदस्य सुश्री निरूपमा प्रधान, श्री अनिल अग्निहोत्री सहित ई-हियरिंग के शुभारंभ अवसर पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बालोद में आयोजित समारोह के दौरान जिला उपभोक्ता आयोग बालोद के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्राही, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्षा श्रीमती प्रतिभा चैधरी, सदस्य श्री इंदरचंद राखेचा एवं अधिवक्ता संघ बालोद के अध्यक्ष श्री अजय साहू व सचिव श्री बीपी साहू सहित वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -20 से अधिक खाद्य नमूना जॉच हेतु भेजा गयाबालोद। बालोद जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित व सघन निरीक्षण किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत 20 से अधिक खाद्य पदार्थाे का नमूना जॉच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी खाद्य एवं खाद्य एवं औषधि विभाग ने बताया कि बरसात के मौसम एवं रक्षाबंधन त्यौहार के देखते हुए विशेष रूप से हॉटल, रेस्टारेंट, ढ़ाबों, चैपाटियों आदि परिसरों को साफ-सफाई रखने, खाद्य पदार्थों को ढ़क रखने, बासी खाना न परोसने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा हॉटल, रेस्टारेंट, ढाबों, में उपयोग किए जाने वाले पानी का समय-समय पर जाँच परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से खोवा बरफी, मिनी पेड़ा, पनीर, पका हुआ चॉवल, बूंदी रायता, समोसा, ग्रेवी, पका हुआ सब्जी, आटा, लेक्टोजेन (इन्फेंट फूड), रसगुल्ला, पका हुआ दाल, चिकन बिरयानी, दोसा पेस्ट, दोसा नारियल चटनी आदि का कुल 20 से अधिक नमूना जॉच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि चलित प्रयोगशाला वाहन के द्वारा प्रचार-प्रसार के माध्यम से बालोद जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया गया एवं आम जनता व खाद्य कारोबारकर्ताओं को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही चलित प्रयोगशाला के द्वारा 150 से अधिक खाद्य सामग्रियों का नमूना लिया गया है। निरीक्षण के दौरान एक फर्म से मिक्स्चर को नष्ट कराया गया तथा दो फर्मों को नोटिस जारी किया गया, साथ ही 100 खाद्य कारोबारकर्ताओं का फॉस्टैक ट्रेंनिग कराया गया।
- बालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी कार्यालय एवं विभाग प्रमुखों को जिला कार्यालय में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यवाही विवरण एवं पालन प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए है। उल्लेखनीय है कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा हेतु जिलास्तर पर मंत्रीगण, सांसद एवं शासन स्तर से अधिकृत अधिकारियों एवं जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समय-समय पर बैठक आयोजित की जाती है। इस दौरान महत्वपूर्ण निर्देश प्रसारित किए जाते हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा कि कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले प्रत्येक विभागीय समीक्षा बैठक के कार्यवाही विवरण तैयार करने का दायित्व संबंधित विभाग प्रमुख का होगा। इसके साथ ही दिशा समिति की बैठक का कार्यवाही विवरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा तैयार किया जाएगा। शेष सभी बैठकों का कार्यवाही विवरण अपर कलेक्टर बालोद के मार्गदर्शन में संयुक्त जिला कार्यालय के अधीक्षक द्वारा तैयार किया जाएगा। कलेक्टर ने कार्यवाही विवरण तैयार करने तथा बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों को नोट करने हेतु अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यवाही विवरण बैठक दिनांक को ही या बैठक सम्पन्न होने के दो दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से जारी कराई जाए। कार्यवाही विवरण प्रसारित होने के एक माह के भीतर उसका पालन प्रतिवेदन अनिवार्यतः तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने कार्यवाही विवरण करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को संबंधित विभाग प्रमुखों से पालन प्रतिवेदन संकलित कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पालन प्रतिवेदन तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा द्वारा प्रत्येक बैठक के कार्यवाही विवरण एवं पालन प्रतिवेदन की एक हस्ताक्षरित प्रति स्टेनो टू कलेक्टर बालोद को उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को इस संबंध में जारी किए गए निर्देशो का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
- बिलासपुर.। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 1 अगस्त को अपने मुंगेली जिले के प्रवास के दौरान लोरमी में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे 1 अगस्त को बिलासपुर से सवेरे साढ़े दस बजे सड़क मार्ग से लोरमी के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर 12 बजे लोरमी के शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे दोपहर दो बजे लोरमी में गुरूद्वारा में रक्तदान शिविर में शामिल होंगे।उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधाई कार्य मंत्री श्री अरुण साव दोपहर ढाई बजे लोरमी व्यवहार न्यायालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे। वे दोपहर तीन बजे लोरमी के शिवघाट में मंदिर दर्शन एवं वृक्षारोपण करेंगे। श्री साव शाम चार बजे शिवघाट से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे शाम साढ़े छह बजे नवा रायपुर पहुंचेंगे।
- -11 अगस्त तक आवेदन आमंत्रितबिलासपुर /जिले में संचालित 13 पीएमश्री विद्यालयों में अंशकालिक योग-खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षक नियुक्त किये जाएंगे। इसके लिए 11 अगस्त 2025 तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। जिला पंचायत स्थित समग्र शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालय में डाक अथवा स्पीड पोस्ट से उक्त तिथि तक आवेदन अनिवार्य रूप से प्राप्त हो जाना चाहिए। चयनित शिक्षक को प्रतिमाह 10 हजार रूपये मानदेय दिया जाएगा। समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक ने बताया कि इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता शारीरिक शिक्षा या योग शिक्षा में स्नातक डिग्री अनिवार्य होना चाहिए। आवेदक बिलासपुर जिले में संचालित किसी एक पीएमश्री विद्यालय के लिए ही आवेदन कर सकते है। एक से अधिक विद्यालय के लिए आवेदन किये जाने पर अंतिम रूप से प्राप्त आवेदन पर ही समिति द्वारा विचार किया जाएगा। आवेदन पत्र सीधे स्वीकार नहीं किये जाएंगे। डाक अथवा स्पीड पोस्ट से ही आवेदन लिये जाएंगे। पदों से संबंधित आवश्यक योग्यता, नियम, शर्ताें एवं आवेदन का प्रारूप जिला प्रशासन की वेबसाईट www.bilaspur.gov.in में अवलोकन किया जा सकता है।
- रायपुर। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्मारकों, किलों और अन्य धरोहर संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और पिछले पाँच वर्षों में इन कार्यों के लिए ₹26.24 करोड़ रुपए का आवंटन किया है। यह जानकारी संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।मंत्री ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक छत्तीसगढ़ में गांव-गांव सर्वेक्षण किया। इस दौरान 764 गांवों का सर्वेक्षण हुआ, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन अवशेष पाए गए, जो राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में केंद्र संरक्षित स्मारकों और स्थलों की मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव के लिए वर्ष 2020-21 में 2.89 करोड़ रुपए 2021-22 में ₹4.78 करोड़, रुपए 2022-23 में ₹7.50 करोड़,रुपए , 2023-24 में ₹5.94 करोड़ रुपए और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ रुपए का आवंटन किया। हर वर्ष यह राशि पूरी तरह खर्च की गई।मंत्रालय ने कहा कि यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।





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