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- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारी हेतु स्वच्छ वार्ड, स्वच्छ स्कूल एवं स्वच्छ कॉलेज की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले वार्ड, स्कूल एवं कॉलेज को रिवॉल्विंग अवार्ड दिया जाएगा । प्रतियोगिता का आयोजन प्रत्येक 2 माह में किया जाएगा । जिसमें वार्डो, स्कूलों एवं कॉलेजो का मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंड अनुसार स्वतंत्र एन जी ओ के माध्यम से प्रारंभ कर दिया गया है । इस संबंध में आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा समस्त स्कूलों के प्रचार्यो की मीटिंग ली गई ।जिसमे सहायक जिला शिक्षा अधिकारी महोदया भी सम्मिलित हुई।
- -विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सना, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
- - वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने किया बलौदाबाजार जिले में औचक निरीक्षणरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने बलौदाबाजार जिले के बिजली दफ्तरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बिजली तार व खंभों में मेन्टेनेंस में लापरवाही देखी और मौके पर ही संबंधित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित करने के निर्देश दिये। श्री कंवर ने बलौदाबाजार वृत में एई जेई की मीटिंग ली और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।एमडी श्री कंवर ने वहां विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।उन्होंने वहां के कार्यपालन अभियंता कार्यालय (प्रोजेक्ट) एवं संचारण संधारण संभाग के कार्यालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिये। उन्होंने ट्रांसफार्मर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये स्टोर से संपर्क बनाये रखने और खराब ट्रांसफार्मर सुधारने तत्काल भेजने कहा। इसके बाद वे बलौदाबाजार और कसडोल क्षेत्र के मैदानी इलाकों में भी विद्युत व्यवस्था देखने पहुंचे। लवन उप संभाग के कोल्हिया गांव में पुरानी बिजली लाइनों के रखरखाव पर नाराजगी जताते हुए वहां सहायक अभियंता श्री उमाशंकर साहू को निलंबित करने के निर्देश कार्यपालक निदेशक (रायपुर ग्रामीण) को दिये।साथ ही कसडोल के मड़वा गांव में बिजली खंभों में केबल की ऊंचाई को लेकर लापरवाही बरतने पर कनिष्ठ अभियंता श्री सूरज खटकर को निलंबित करने के निर्देश एसई बलौदाबाजार को दिये।इस पर अमल करते हुए तत्काल निलंबन आदेश जारी कर दिया गया है तथा निलंबित अधिकारियों को महासमुंद और कसडोल में अटैच किया गया है।
- -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू; विभागीय प्रगति, शहरी विकास और छत्तीसगढ़ के जमीनी मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा-‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर प्रधानमंत्री को दी बधाई; शहरी फैलाव, भूमि अधिकार और योजना समन्वय पर रखे अहम सुझावनई दिल्ली । भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तथा बिलासपुर लोकसभा सांसद श्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफल संचालन के लिए बधाई दी। यह अभियान देश में सक्रिय आतंकवादी खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से चलाया गया था। श्री साहू ने प्रधानमंत्री के निर्णायक नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारत की "आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता" की नीति और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक है।इस अवसर पर श्री साहू ने प्रधानमंत्री को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत चल रही प्रमुख आवासीय और शहरी विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और छत्तीसगढ़ राज्य की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की।श्री साहू ने प्रधानमंत्री को बताया कि देशभर में अराजक शहरी विस्तार (अर्बन स्प्रॉल) एक गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि निजी कारों पर निर्भरता को कम करने और मिश्रित-प्रयोजन विकास (जहां आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक उपयोग के स्थान एक साथ हों) को बढ़ावा देकर इस विस्तार पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि "हमारा ध्यान जन-परिवहन उन्मुख विकास (ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट) पर है, जिसमें आवासीय, वाणिज्यिक और सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का समावेश होता है। इससे निजी वाहनों की निर्भरता कम होती है। विभिन्न शोधों से स्पष्ट है कि इस प्रकार की योजना से कार उपयोग में 20% से 50% तक की कमी लाई जा सकती है, जिससे शहरी भीड़ घटेगी और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।"बैठक में प्रधानमंत्री ‘सूर्य गृह मुफ्त बिजली योजना’ को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम-आवास) से जोड़ने के विषय पर भी चर्चा हुई। श्री साहू ने प्रस्ताव रखा कि इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली निःशुल्क बिजली को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित सभी घरों में लागू किया जाए। इससे बिजली के वितरण की लागत घटेगी, टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और लाभार्थी ऊर्जा दक्ष घरों में निवास कर सकेंगे। साथ ही, सरकारी सब्सिडी युक्त लघु ऋणों तक उनकी पहुंच सुगम हो सकेगी जिससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।श्री साहू ने प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ राज्य की जमीनी स्थिति और क्षेत्रीय चुनौतियों से भी अवगत कराया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास, शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की भूमिका और जटिल भूमि विवादों पर चर्चा की।विशेष रूप से "बड़े झाड़ का जंगल" से लगे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां की बस्तियों में लोग दो से तीन पीढ़ियों से निवासरत हैं, लेकिन उन्हें वैध स्वामित्व नहीं मिल पा रहा है। इससे वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं और अतिक्रमी माने जाने के कारण बेदखली का खतरा बना रहता है। ये क्षेत्र जल, बिजली, और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं क्योंकि उनका दर्जा अभी भी वन क्षेत्र का है और इसलिए शहरी योजनाओं में उन्हें प्राथमिकता नहीं मिलती। छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में ऐसे भूमि विवाद सामाजिक तनाव का कारण बनते हैं।श्री साहू ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 में हाल ही में किए गए संशोधन अब इन निवासियों को कानूनी स्वामित्व दिलाने में सहायक होंगे, जिससे वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने गैर-महत्वपूर्ण वन भूमि के प्रबंधन, दस्तावेज प्रक्रिया को सरल बनाने, और पूरक वृक्षारोपण जैसी रणनीतियों के माध्यम से वन विभाग एवं शहरी विकास एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक में विचारों का रचनात्मक आदान-प्रदान हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री ने सभी विषयों पर मार्गदर्शन दिया और आवास तथा शहरी बुनियादी ढांचे के सतत विकास में केंद्र की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना, क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक पीछे न छूटे।श्री साहू ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, समावेशी विकास की प्रतिबद्धता, और "सबका साथ, सबका विकास" के मूल मंत्र को चरितार्थ करने के प्रति आभार प्रकट किया, जो यह सुनिश्चित करता है कि भारत की प्रगति का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।
- नई दिल्ली।, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर आयोजित रात्रि भोज के दौरान मुख्यमंत्री ने सांसदों के साथ राज्य और राष्ट्र के समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों को छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता से राज्य के हित और ज़मीनी ज़रूरतें राष्ट्रीय फलक पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत हो पाती हैं।इस सौहार्दपूर्ण मुलाक़ात में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक परिवर्तनों की चर्चा भी हुई। सांसदों ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति को लेकर फीडबैक साझा किया और राज्य के जमीनी अनुभवों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण, युवाओं को मिल रहे नए अवसर, किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनकारी विकास कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी।
- -जशपुर जिले में शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदमरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनोरा विकासखंड के शासकीय कॉलेज भवन के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा अपने जशपुर प्रवास के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप दी गई है, जिस पर राज्य सरकार द्वारा तत्परता से अमल किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जशपुर जिले के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए लगातार स्वीकृतियाँ दी जा रही हैं, ताकि विकास योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उनके निकट ही उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से मनोरा में कॉलेज भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।मनोरा में कॉलेज भवन निर्माण की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मुख्यमंत्री की इस पहल के लिए उनका आभार प्रकट किया है।
- -भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों की संख्या में आएगी कमी-किसानों को मिल सकेगा न्यायसंगत मुआवजा-मुख्यमंत्री ने कहा अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में ऐतिहासिक कदम-भूमि मूल्य निर्धारण को पारदर्शी, सरल और विवाद मुक्त बनाने की सार्थक पहल-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रीपरिषद ने दी मंजूरीरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रीपरिषद की बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित है, जिसमें किसानों, भू-अर्जन से प्रभावित हितग्राहियों और राजस्व से जुड़े मामलों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।अनुमोदित प्रस्ताव के तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा। इस प्रस्ताव के लागू होने से भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों में विवादों की संख्या घटेगी और किसानों को पारदर्शी और न्यायसंगत मुआवजा मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह निर्णय नीति निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने इस निर्णय को किसानों और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हितग्राहियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका मानना है कि गाइडलाइन दरों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर हम न सिर्फ किसानों को न्याय दिलाएंगे बल्कि राज्य की विकास परियोजनाओं की रफ्तार को भी गति देंगे। यह बदलाव राज्य में भूमि मूल्य निर्धारण की प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास होगा।
- -रायपुर में खुलेगा APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से कृषि निर्यात को मिलेगा नया प्रोत्साहन, राज्य बनेगा एक्सपोर्ट हबरायपुर / कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों एवं उद्योग विभाग की सक्रिय पहल के फलस्वरूप भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रायपुर में APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।इस क्षेत्रीय कार्यालय के प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और निर्यातकों को अनेक लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। अब उन्हें ट्रेनिंग, प्रमाणन, पैकेजिंग, मानकीकरण और निर्यात संबंधी सेवाओं के लिए अन्य राज्यों के कार्यालयों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।स्थानीय स्तर पर मिलेगी वैश्विक गुणवत्ता की सुविधाराज्य में APEDA कार्यालय की स्थापना से अब फाइटो-सेनेटरी प्रमाणपत्र, गुणवत्ता प्रमाणन, लैब टेस्टिंग, और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाएं यहीं पूरी की जा सकेंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि किसानों और निर्यातकों की लागत में भी कमी आएगी।छत्तीसगढ़ के उत्पादों को मिलेगी ब्रांडिंग और वैश्विक पहचानAPEDA कार्यालय से फल, सब्ज़ियाँ, चावल, GI टैग वाले उत्पाद, मिलेट्स और अन्य कृषि उत्पादों का सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात आसान होगा। इससे उत्पादों को उचित दाम, व्यापारियों को नए बाज़ार, और राज्य को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी।किसानों की आय और ज्ञान दोनों में वृद्धिनिर्यात से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही, नई तकनीकों, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग की जानकारी और प्रशिक्षण उन्हें स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।निर्यात बुनियादी ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहनAPEDA न केवल प्रमाणन और ब्रांड प्रमोशन में सहयोग करता है, बल्कि निर्यात बुनियादी ढांचे के निर्माण और रख-रखाव में भी सहायता करता है। इससे राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस जैसे सुविधाओं का विकास होगा, जिससे कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी।विशेष योजनाएं और सब्सिडी का लाभ राज्य को मिलेगाAPEDA द्वारा चलाए जा रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन, स्किल डेवलपमेंट और सब्सिडी योजनाओं का लाभ अब छत्तीसगढ़ के किसान, स्टार्टअप और MSMEs को सहजता से मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों और उत्पादकों को अब वैश्विक बाजार से जोड़ने का मजबूत माध्यम मिल गया है। यह कार्यालय न केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में एक अग्रणी राज्य बनाएगी और समृद्ध कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
- -मंत्रिमण्डल ने दी स्टेट क्रिकेट संघ को 7.96 एकड़ भूमि-मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल पर नियमों को शिथिल कर लिया गया निर्णयरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-3, ग्राम-परसदा में 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हेतु आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकारी व्ययन नियमों के तहत, गैर-लाभकारी संस्थाओं को सीधे भूमि आवंटन का प्रावधान नहीं है, लेकिन इस विशेष मामले में राज्य शासन ने नियमों को शिथिल कर यह निर्णय लिया है, जिससे खिलाड़ियों के हित में क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हो सके।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पूर्णकालिक मान्यता प्राप्त है। इसके लिए नगर विकास प्राधिकरण ने कुल 7.96 एकड़ भूमि चिन्हित की है।छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मौजूद है, परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं और प्रशिक्षण के लिए एकेडमी की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस निर्णय से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को क्रिकेट में आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे और राज्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल प्रदेश के युवा क्रिकेटरों के लिए अवसर के नए द्वार खोलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होगा।
- -प्रोजेक्ट दक्ष के तहत सेक्टर सुपरवाइजर बन रहीं डिजिटल रूप से सशक्तरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में प्रोजेक्ट दक्ष: हम होंगे स्मार्ट कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में सतत प्रयास जारी हैं। इसी कड़ी में आज जिले महिला बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाइजर को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, तीव्र और प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण में महिला बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाइजर को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, डेटा की गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन, ईमेल संचालन तथा MS Office जैसे महत्वपूर्ण टूल्स की जानकारी दी जा रही है।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मल्टीलेवल पार्किंग स्थित बीपीओ सेंटर में मास्टर ट्रेनर्स की मदद से चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन दो पालियों में 25-25 प्रतिभागियों के बैच बनाकर ऑन-हैंड प्रैक्टिकल सेशन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के समापन पर मूल्यांकन किया जाएगा एवं सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
- -आपातकालीन स्थितियों में जीवन रक्षा के लिए महिला कर्मियों को किया गया दक्षरायपुर । रायपुर जिले में आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने एवं जीवन रक्षक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आज प्राथमिक उपचार एवं CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मल्टीलेवल पार्किंग, रायपुर में किया गया। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में महिला एवं बाल विकास विभाग की 42 आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों ने भाग लिया। रेड क्रॉस सोसाइटी के सहायक प्रबंधक श्री देव प्रकाश कुर्रे द्वारा CPR की तकनीक, प्राथमिक उपचार के सिद्धांत और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की विधियों का अभ्यास कराते हुए प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु :- CPR तकनीक का सैद्धांतिक व प्रायोगिक अभ्यास | आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की विधियाँ | आम नागरिकों की जान बचाने हेतु सतर्कता और तत्परत | प्रशिक्षित सुपरवाइजरों द्वारा समुदाय में जागरूकता का प्रसार प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं CPR तकनीकों का प्रायोगिक अभ्यास किया और इसे अपने क्षेत्र में लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। यह पहल भविष्य में होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगी।
- =आपरेशन घंटी के रूप में रायपुर जिला प्रशासन का अनूठा प्रयोग, शारीरिक-मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है हाइड्रेशन का स्तररायपुर / एक छोटी सी लेकिन अनूठी पहल से किस तरह से बच्चों के स्वास्थ्य में कमाल का सुधार आ रहा है इसका उदाहरण रायपुर जिले के स्कूल हैं। यहां हर दूसरे घंटे में एक नियमित समय अंतराल में घंटी बजती है और सारे विद्यार्थी एक साथ पानी पीते हैं। इसका उद्देश्य पानी की कमी अथवा डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्या से निपटना है जिससे बच्चे का मानसिक शारीरिक विकास थम सकने की आशंका होती है। स्कूलों में बच्चे एक नियमित और तय समय अंतराल में एक साथ पानी पीयें, इसके लिए रायपुर जिला प्रशासन ने आपरेशन घंटी आरंभ किया है। इसमें हर दो घंटे में घंटी बजेगी और सारे छात्र-छात्रा एक साथ पानी पीएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में कलेक्टर श्री गौरव सिंह स्कूलों में अनूठे नवाचार लेकर आ रहे हैं जिसमें आपरेशन घंटी भी शामिल है। यह छोटी सी पहल बच्चों को डिहाइड्रेशन से मुक्त कर रही है। आपरेशन घंटी का उद्देश्य नियमित अंतराल में पानी पिलाने के साथ ही बच्चों के भीतर इसकी हैबिट विकसित करने को लेकर भी है। बच्चे इससे पानी की जरूरत के संबंध में अधिक गंभीर होंगे और समझ पाएंगे कि यह कितना जरूरी है कि हम जिस तरह से समय पर खाना खाते हैं उसी तरह पानी पीने का भी एक समय तय करें।उल्लेखनीय है कि डायरिया जैसी बहुत सी बीमारियों को ठीक करने के लिए पानी की प्रमुख भूमिका होती है। डाइजेशन के लिए भी पानी की भूमिका होती है ताकि जरूरी पौष्टिक पदार्थ शरीर पर फैलें। यह स्वास्थ्य संबंधी अध्ययनों में पाया गया है कि पानी की कमी से तेजी से शारीरिक मानसिक विकास प्रभावित होता है। विशेषकर बढ़ती उम्र में जब नये ऊतकों के निर्माण की जरूरत होती है और इसके लिए बड़े पैमाने पर पानी की जरूरत होती है तो इसके लिए पानी बेहद प्रभावी होता है। रायपुर जिला प्रशासन की इस पहल ने यह साबित किया है कि बड़े बदलाव छोटे छोटे परिवर्तन कर किये जा सकते हैं। बच्चों में छोटी छोटी अच्छी आदतें लाकर उन्हें हमेशा के लिए आरोग्य के संबंध में ट्रेनिंग दी जा सकती है। शिक्षक भी इससे काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि जब घंटी बजती है तो उत्साह का माहौल होता है और सारे बच्चे एक साथ पानी पीते हैं। यह उनके लिए खेल की तरह है जिसमें वे मनोरंजन भी महसूस करते हैं और धीरे-धीरे यह उनके भीतर की धारणा को पुष्ट करते जा रहा है कि पानी काफी उपयोगी है।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की एक और नवाचार पहल "प्रोजेक्ट धड़कन" के तहत केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 रायपुर में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों की हृदय रोग से संबंधित जांच की गई। आज 30 जुलाई को विद्यालय में 256 विद्यार्थियों का स्क्रीनिंग किया गया, जिसमें 132 छात्र एवं 124 छात्राएं शामिल हैं। जिसमे 3 विद्यार्थी को चिन्हित किया गया, जिनको विशेष परीक्षण के लिए श्री सत्य साई हॉस्पिटल नवा रायपुर भेजाI गया। इस योजना के माध्यम से सभी बच्चो के हृदय की जांच की जाएगी और कुछ कमी पाए जाने पर श्री सत्य साई हॉस्पिटल नवा रायपुर में ईलाज किया जाएगा |कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी और शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की प्रारंभिक पहचान और निशुल्क इलाज सुनिश्चित करना है। तेज धड़कन, वजन न बढ़ना, शरीर में नीलापन, बार-बार सर्दी-खांसी, सांस लेने में परेशानी, स्तनपान के समय पसीना आना आदि लक्षणों के आधार पर बच्चों की जांच की जा रही है।
- -उत्कृष्ट प्रदर्शन पर विद्यार्थी करेंगे उच्च अधिकारियों के साथ डिनर-10वीं-12वीं के परिणाम में सुधार के लिए बनाई गई कार्ययोजनारायपुर, / मिशन उत्कर्ष 2025 के तहत शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के सभी शालाओं में वीकली टेस्ट लिया जा रहा है। 29 जुलाई से 01 अगस्त तक कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रथम मासिक टेस्ट लिया जा रहा है। विशेष बात यह हैै कि सभी शालाओं को प्रश्न पत्र प्रदान किया गया है। साथ ही परिणामों की एन्ट्री एवं विश्लेषण हेतु मोबाईल एप्प बनाया गया है। जिसके माध्यम से कक्षा 10वीं एवं 12वीं के सभी छात्रों के परिणामों का विश्लेषण किया जायेगा। इसके आधार पर गुणवत्ता में सुधार के लिए अन्य ठोस कदम उठाए जाएंगे। इन सभी परीक्षाओं का प्रश्नपत्र विषय के विशेषज्ञों द्वारा बनाया जा रहा है और अपेक्षाकृत कमजोर परिणाम वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं लगाए जाएंगे। जिनका रिजल्ट शत प्रतिशत होगा। उन विद्यार्थियों के लिए कलेक्टर तथा उच्च अधिकारियों के साथ डिनर का आयोजन किया जायेगा। उल्लेखनीय हैै कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशन में अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मिशन उत्कर्ष 2025 का संचालन किया जा रहा है।
- रायपुर,। शासन की पर्यावरणीय पहल "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" और हरियर पाठशाला कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गोगांव में 500 पौधों का वृहद एवं भव्य पौधारोपण किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप संचालित इस अभियान का नेतृत्व कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह आयोजन एक सशक्त कदम है।विद्यालय परिसर को हरियाली से आच्छादित करने के इस पुनीत कार्य में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों, ग्राम प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर को पर्यावरणीय उत्सव का रूप दिया गया, जिसमें सभी ने मिलकर "एक पेड़ लगाना है, धरती को स्वर्ग बनाना है" जैसे प्रेरणादायक नारों के साथ उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की इसमें सक्रिय सहभागिता रही। यह आयोजन न केवल पौधारोपण तक सीमित रहा, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ने, हरियाली को बढ़ावा देने और भावी पीढ़ियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जाग्रत करने का एक जीवंत उदाहरण बन गया।
- -135 बच्चों का हुआ परीक्षण, 8 बच्चों के बनाए गए UDID कार्डरायपुर, / समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर जिला मुख्यालय स्थित माधवराव सप्रे शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, बूढ़ापारा में आज जिला स्तरीय मेगा स्वास्थ्य एवं आकलन शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा विद्यार्थियों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों में मनोरोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी (कान, नाक, गला) विशेषज्ञ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल रहे।इस मेगा शिविर में कुल 135 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं शैक्षणिक आकलन किया गया। इसके साथ ही 8 बच्चों के UDID कार्ड भी बनाए गए, जिससे उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।यह शिविर समावेशी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समय पर पहचान और सहायता प्राप्त हो सकेगी। कार्यक्रम में राज्य कार्यालय से सहायक संचालक श्रीमती सीमा गौराहा, एपीसी श्रीमती श्यामा तिवारी, डीईओ श्री हिमांशु भारती, डीएमसी श्री के.एस. पटले, बीईओ धरसींवा श्री अमित तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी, शिक्षक उपस्थित रहे।
- - *नए बच्चे के जन्म पर महिलाओं को दिए जा रहे 5 फलदार पौधे*रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम उठाया है—"ग्रीन पालना अभियान"। इस अभिनव पहल के अंतर्गत अब सरकारी अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को पांच फलदार पौधे—आम, अमरूद, कटहल, पपीता और मुनगा—सौगात स्वरूप भेंट किए जा रहे हैं।इस पहल के तहत आज स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र गुढियारी तथा अभनपुर में प्रसूता माताओं को पौधों से भरा बैग तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान के तहत अभी तक 1125 महिलाओं को 5 हजार 625 पौधे दिए गए हैं।
- - अटल मानिटरिंग पोर्टल डेश बोर्ड में जिले का प्रदर्शन होना चाहिए उत्कृष्ट- ई-ऑफिस के माध्यम से सभी फाईल, नस्ती, दस्तावेज कार्य होना चाहिए शत-प्रतिशत- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के सर्वेक्षण के कार्य में गति लाने के दिए निर्देश- साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्नराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि सभी फाईल से संबंधित कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से शत-प्रतिशत किया जाना सुनिश्चित करें। सभी विभागों को ई-ऑफिस का कार्य सक्रियता से सीखने के निर्देश दिए। 1 अगस्त के बाद फाईल से संबंधित समस्त कार्य साप्ताहिक एवं जनदर्शन की सभी फाईल, दस्तावेज कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से शत-प्रतिशत होना चाहिए। सभी विभागों में भी फाईल संबंधी कार्य एवं नस्तियां ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की जिज्ञासा होने पर इसके संबंध में समाधान करें तथा अपने डिजिटल हस्ताक्षर के लिए सहमति ले। कलेक्टर ने ई-ऑफिस के निरीक्षण के लिए अपर कलेक्टर एवं एनआईसी के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के संचालन एवं क्रियान्वयन नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। प्राथमिकता देते हुए ई-ऑफिस का कार्य गंभीरता से करने के लिए कहा। कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के सर्वेक्षण के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार जेम पोर्टल से खरीदी के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि अटल मानिटरिंग पोर्टल डेश बोर्ड में जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट होना चाहिए। इसके लिए निर्धारित मापदण्ड को पूरा करने के लिए सभी मेहनत करते हुए बेहतरीन कार्य करें। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग उत्कृष्ट कार्य करें तथा डेश बोर्ड में अपने कार्यों से संबंधित एण्ट्री अवश्य करें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड सहित शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में प्रगति लाने के साथ ही पोर्टल में समय पर एण्ट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों को समय पर निराकरण करने के लिए कहा। इस अवसर पर स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेख वितरण की स्थिति, भू-बंटन, पौधरोपण, किसान क्रेडिट कार्ड, आयुष्कान कार्ड, पीएमश्री सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा की।जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 अंतर्गत सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पीडीएस दुकानों एवं अन्य महत्वपूर्ण एवं सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई होना चाहिए। सूखा एवं गीला कचरा अलग-अलग होना चाहिए। बच्चों को हैण्डवाश करने का तरीका भी बताएं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 31 जुलाई तक सभी को फीड बैक देना है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री अभिषेक तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - विगत दो माह में 80 ग्राम में हर घर जल प्रमाणित- इसके अतिरिक्त 145 ग्राम को हर घर जल प्रमाणित करने के लिए दिया गया लक्ष्य- कलेक्टर ने जल जीवन मिशन अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक ली- जल जीवन मिशन के तहत सभी सब इंजीनियर्स को 30 सितम्बर तक कार्यों को पूर्ण करने के दिए निर्देश- ऐसे जलागार जहां कांट्रेक्टर ने टंकी निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया है, उनका टेंडर निरस्त कर रि-टेंडर करने के दिए निर्देश- जिन ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण हो गए वहां सरपंच से समन्वय करते हुए हैण्डओव्हर करने के कार्य में लाएं गति- ग्राम पंचायतों को जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों के संचालन की सौंपे जिम्मेदारी- जलागार के संचालन, मरम्मत, रख-रखाव के लिए नल जल मित्रों को प्रशिक्षण देने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक ली तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना अंतर्गत सभी सब इंजीनियर्स को लक्ष्य प्रदान करते हुए 30 सितम्बर तक कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिए गए लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करें, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विगत दो माह में 80 ग्राम हर घर जल प्रमाणित किया गया है तथा इसके अतिरिक्त 145 ग्राम को हर घर जल प्रमाणित करने के लिए लक्ष्य प्रदान किया गया है। जिसे गंभीरता से पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य पूर्ण हो गए है, उन्हें सरपंच से समन्वय करते हुए हैण्डओव्हर करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को पूर्ण हुए निर्माण कार्यों को हैण्डओव्हर करने के कार्य में गति लाए। जिससे शासन की इस महती योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रदाय के कार्यों में प्रगति आएगी। ग्राम पंचायतों को जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी सौंप दें। उन्होंने जलागार के संचालन, मरम्मत, रख-रखाव के लिए नल जल मित्रों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, ताकि सफलतापूर्वक इसका संचालन हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रामों में हर घर जल योजना के तहत यूजर चार्ज प्रतिमाह ले। ग्राम पंचायतों में परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर यूजर चार्ज लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे जलागार जहां कांट्रेक्टर ने टंकी निर्माण का कार्य अब तक प्रारंभ नहीं किया है, उनका टेंडर निरस्त कर रि-टेंडर करने के निर्देश दिए।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि ऐसे कांट्रेक्टर जो कार्य में रूचि नहीं ले रहे है, उसे निरस्त करते हुए कांट्रेक्टर के निविदा में प्रस्तुत अमानत राशि को शासन के पक्ष में राजसात करने तथा एक वर्ष के लिए खंड कार्यालय राजनांदगांव द्वारा जारी किसी भी निविदा में भाग लेने हेतु प्रतिबंधित करने के लिए कहा। उन्होंने सभी पूर्ण हुए कार्यों की प्राथमिकता देते हुए एण्ट्री करने के लिए कहा। इस दौरान प्रस्तुत निविदा के संबंध में चर्चा की गई। कलेक्टर ने क्रेडा के तहत जल जीवन मिशन अंतर्गत सौर ऊर्जा से संचालित कार्यों के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर रिस्क एवं कास्ट निविदा की पात्रता निर्धारण कर प्राप्त दर के निराकरण के संबंध में चर्चा की गई। इस दौरान समूह नल जल योजनाओं के प्रस्तुत देयकों के भुगतान के संबंध में चर्चा की गई। इस दौरान राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम खपरीकला में कार्यरत कान्टे्रेक्टर्स मेसर्स श्रीराम कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर्स डोंगरगढ़ द्वारा कार्य पूर्ण नहीं करने पर अंतिम कारण बताओ नोटिस देते हुए अनुबंध निरस्त किया गया।मुख्य कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्री समीर शर्मा ने बताया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत हर घर नल योजना के तहत 153 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो गया है तथा 17 ग्रामों में शीघ्र ही कार्य पूर्ण हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 57 ग्रामों में ऐसे कांट्रेक्टर जो कार्य नहीं कर रहे थे, उनका अनुबंध निरस्त करते हुए नये कांट्रेक्टर को कार्य आबंटित किया गया है। जिससे 11 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो गए है तथा जल प्रदाय प्रारंभ हो गया है। 23 ग्राम में 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गए है तथा कार्यों में तेजी आयी है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती गुरूप्रीत कौर, कार्यपालन अभियंता क्रेडा श्रीमती पूर्णिमा गुप्ता, पीएचई के श्री वतन सिंह राजपूत सहित पीएचई के सब इंजीनियर्स एवं एसडीओ उपस्थित थे।
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बालोद/भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूची के मुद्रण कार्य हेतु इच्छुक योग्य फर्मों से निविदा आमंत्रित की गई है। अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि निविदा प्रपत्र 19 अगस्त 2025 को दोपहर 03 बजे तक कक्ष क्रमांक 70 से प्राप्त की जा सकती है। निर्धारित प्रपत्र में निविदा 19 अगस्त 2025 को दोहपर 05 बजे तक कक्ष क्रमांक 70 में जमा किया जा सकता है। इसके साथ ही निविदा 20 अगस्त 2025 को शाम 04 बजे अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी कक्ष क्रमांक 56 में निविदा समिति एवं उपस्थित निविदाकारों की उपस्थिति में खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि निविदा प्रारूप एवं निविदा शर्तंे कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बालोद से प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ ही जिले की वेबसाइट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन से भी निविदा प्रपत्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि निविदा शुल्क रसीद के अभाव में निविदा अमान्य किया जाएगा।
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नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07749-223250
बालोद/राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार दैवीय विपत्ती एवं प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत कार्य के संचालन हेतु जिला कार्यालय के रिसेप्शन कक्ष में नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी देने या प्राप्त करने हेतु जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 07749-223950 पर 24 घण्टे संपर्क की जा सकती है। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकड़ा को दैवीय विपत्ति एवं प्राकृतिक आपदा के संबंध में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी श्री अजय किशोर लकड़ा का मोबाईल नंबर 9425252314 है। इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी सिंचाई विभाग श्री हीरालाल साहू को नियंत्रण कक्ष प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिनका का मोबाईल नम्बर 9340857169 है। उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष के 24 घंटे सुव्यवस्थित संचालन हेतु कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अंतर्गत 01 अगस्त से 31 अगस्त तक नियंत्रण कक्ष में सहायक ग्रेड 03 श्रीमती पुष्पा ठाकुर एवं भृत्य श्रीमती मधु यादव को सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह सहायक ग्रेड 03 श्री बृजेश ठाकुर एवं भृत्य श्री खेम प्रकाश का दोपहर 02 बजे से रात्रि 10 बजे तक तथा स्टोर क्लर्क श्री भूपेन्द्र गोरे एवं भृत्य श्री रविशंकर कचलाम का रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक ड्यूटी लगाई गई है। इसी तरह 01 सितंबर से 30 सिंतबर तक सहायक ग्रेड 03 श्रीमती टामिन यादव एवं भृत्य श्रीमती जगदेश्वरी नायडू का सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक तथा सहायक ग्रेड 03 श्रीमती महेश्वरी ठाकुर का दोपहर 02 बजे से शाम 06 एवं भृत्य श्री जय प्रकाश नायक का शाम 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक तथा सहायक ग्रेड 03 श्री दीपक कुमार मारगिया और भृत्य श्री रविशंकर कचलाम का रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक ड्यूटी लगाई गई है। -
बालोद/कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि सेवा सहकारी समिति कुसुमकसा में यूरिया तथा एस.एस.पी. उर्वरक का किसानों द्वारा लगातार उठाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत दिनों कुसुमकसा के समीप किसानो ने सहकारी समिति में यूरिया का पर्याप्त भण्डारण नही होने की शिकायत जिला विपणन अधिकारी से की थी। जहाँ जिला विपणन अधिकारी द्वारा किसानों से चर्चा कर उन्हें समिति में पर्याप्त यूरिया एसएसपी उर्वरक के भण्डारण का आश्वासन दिया गया था। उप संचालक ने बताया कि आज 29 जुलाई की स्थिति में सेवा सहकारी समिति, कुसुमकसा में यूरिया 126 मी.टन, एस.एस. पी. 40.55 मी.टन तथा एम.ओ.पी. 25.85 मी.टन उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी समिति में उर्वरक उपलब्ध होते ही कृषको द्वारा लगातार उर्वरकों का उठाव किया जा रहा है। जिला बालोद में खरीफ वर्ष 2025 हेतु उर्वरकों का सहकारी क्षेत्र में 57821 मी.टन का लक्ष्य है, जिसके विरूद्ध 38761 मी.टन. का भण्डारण तथा 35504 मी.टन का उठाव किया जा चुका है। इसी तरह निजी क्षेत्र में 19486 मी.टन का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध 15735 मी.टन का भण्डारण किया जा चुका है एवं 14596 मी.टन का उठाव किया जा चुका है। वर्तमान स्थिति में सहकारी क्षेत्र में 3257 मी.टन तथा निजी में 1138 मी. टन उर्वरक उपलब्ध है। जिले में लगातार उर्वरक भण्डारण एवं वितरण का कार्य जारी है।
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बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में विद्युत दुर्घटना में मृत फलेश्वर यादव के पिता श्री शिव कुमार को 04 लाख रूपए की सहायता राशि का चेक वितरण किया। विद्युत विभाग के कार्यापालन अभियंता ने बताया कि जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम घोघोपुरी निवासी श्री फलेश्वर यादव 17 फरवरी 2025 को ग्राम सनौद में आयोजित शादी समारोह में बाजा बजाने आया था। विवाह कार्यक्रम के दौरान समारोह में लगाए गए टेंट मंे बिजली प्रवाहित होने पर वह टेंट में लगे लोहे के संपर्क में आने से फलेश्वर यादव की मृत्यु हो गयी थी। इस घटना के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी व राज्य सरकार द्वारा मुआवजे के प्रावधान के अनुसार मृतक के उत्तराधिकारी पिता श्री शिवकुमार यादव को चेक के माध्यम से 04 लाख रूपये का मुआवजा राशि प्रदान किया गया है।
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पैडीट्रंासप्लांटर के उपयोग से अब कम समय में किसान कर रहे हैं खेतों की रोपाई
किसानहितैषी योजनाओं के संचालन के लिए किसानों ने जताया आभारबालोद/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में बालोद जिले में किसानों के जीवन में एक नया परिवर्तन देखने को मिल रहा है, यह परिवर्तन कृषि कार्य में नवीन तकनीकों के प्रयोग से आया है। जिले में कृषि कार्य में नवीन तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसान कम लागत और कम समय में बेहतर उत्पादन हासिल कर रहे हैं और वे समृद्धि की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलाव न केवल किसानों की मेहनत को आसान बना रहा है, बल्कि उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास भी ला रहा है।बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम खल्लारी के किसान श्री डिकेश्वर साहू इस परिवर्तन के बेहतर मिसाल बन चुके हैं। श्री साहू ने बताया कि वे अपने खेतों में अब धान की रोपाई के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन का उपयोग कर रहे हैं, जो उनके लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है। पहले वे इस कार्य के लिए मजदूरों पर निर्भर रहते थे, जिसमें न केवल समय की अधिकता लगती थी, बल्कि लागत भी काफी बढ़ जाती थी। लेकिन अब पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन के उपयोग से वे कम समय में ही अपने खेतों में रोपाई का कार्य सुचारू रूप से पूरा कर लेते हैं। श्री साहू ने कहा कि शासन की नीतियों और कृषि विभाग के मार्गदर्शन ने हमें नई तकनीकों से जोड़ा है। पहले बहुत सारे मजदूरों की व्यवस्था करने और उनसे काम लेने काफी ज्यादा पैसे लगते थे, इससे उनके खेती कार्य लागत बढ़ जाती थी, लेकिन अब नई तकनीक के उपयोग से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है और कृषि कार्य में काफी मुनाफा हो रहा है। किसान श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन ने हमारे जीवन को आसान बनाया है। उनके किसान हितैषी निर्णयों और योजनाओं के संचालन से अब हम कृषि विभाग द्वारा निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है, जिससे किसानों को खेती कार्य में काफी मुनाफा हुआ है। इसी ग्राम के एक अन्य किसान श्री बिसाली राम ने भी इस बदलाव की कहानी को साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले वे मजदूरों के माध्यम से खेत में रोपाई का कार्य करते थे, लेकिन अब पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन के प्रयोग से उनका कार्य न केवल तेज हुआ है, बल्कि लागत में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि आज हमारा खेत बेहतर रोपाई और कम मेहनत से तैयार हो रहा है, जिससे हम बेहद खुश हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं किसान सम्मान निधि और कृषक उन्नति योजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा संचालित योजनाएं किसानों के समृद्धि के द्वार खोल रही हैं। उन्होंने शासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इन योजनाओं ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। बालोद जिले में यह बदलाव केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि किसानों की सामुदायिक उन्नति का प्रतीक है। कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों और तकनीकी सहायता के माध्यम से किसानों को नवीन मशीनों और विधियों से परिचित कराया जा रहा है। पैडी ट्रांसप्लांटर, ड्रोन स्प्रेयर, और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग अब जिले के कई गांवों में देखने को मिल रहा है, जो न केवल उत्पादन बढ़ा रहा है, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा कर रहा है। -
- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में हुई एक दिवसीय हस्त मुद्रा पर कार्यशाला
रायपुर। हस्त मुद्रा योग में उपयोग की जाने वाली शारीरिक मुद्राएं हैं। ये मुद्राएं शरीर के विभिन्न तत्वों को संतुलित करने और ऊर्जा प्रवाह को निर्देशित करने में मदद करतीं हैं। ये मुद्राएं मन को शांत करने, तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं। उक्ताशय के विचार स्वयंप्रभा आधुनिक ध्यान विधि के आविष्कारक शिव नारायण मूंदड़ा ‘वास्तु मित्र’ ने संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आयोजित हस्त मुद्रा पर आयोजित कार्यशाला में कही।मूंदड़ा ने बताया कि सुरभि हस्त मुद्रा में अंगुलियों को इस तरह से रखा जाता है कि यह गाय के थन के समान दिखाई दें। इसका अभ्यास शरीर में ऊर्जा को निर्देशित करने और विभिन्न लाभ प्राप्त करने के लिए किया जाता है, जैसे कि याददाश्त और एकाग्रता में सुधार, तनाव कम करना और इच्छाओं को पूरा करना। इसी तरह पंकज हस्त मुद्रा, जिसे कमल मुद्रा भी कहा जाता है। एक योग मुद्रा है, जो पवित्रता और सकारात्मकता का प्रतीक है। यह मुद्रा कमल के फूल के समान दिखती है, जहां हाथों की अंगुलियां कमल की पंखुड़ियों की तरह फैली होती हैं। यह मुद्रा मन, विचारों और भावनाओं को सकारात्मक बनाने में मदद करती हैं।शिक्षिका आराधना लाल ने बताया कि मूंदड़ा ने बच्चों को हस्त मुद्राएं सिखाईं और उनके लाभ भी बताएं। उन्होंने सुरभि मुद्रा को बच्चों के साथ शिक्षकों के लिए अति आवश्यक बताया। इस दौरान बच्चों ने भी इन मुद्राओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रभारी परितोष डोनगांवकर विशेष रूप से मौजूद रहे। परितोष ने अपने संबोधन में शिव नारायण मूंदड़ा की सराहना की और हस्त मुद्राओं को अपने जीवन का आवश्यक कार्य बनाने पर बल दिया।प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने भी शिव नारायण के कार्यक्रम की सराहना की। साथ ही उन्हें विश्वास दिलाया कि 20-25 ही नहीं, अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका पालन करेंगे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका सरिता पांडे ने और आभार प्रदर्शन आराधना लाल ने किया।






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