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-'राष्ट्रीय परिदृश्य में उभरता छत्तीसगढ़' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दैनिक नवप्रदेश के 14वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'राष्ट्रीय परिदृश्य में उभरता छत्तीसगढ़' विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2014 में भारत जहाँ आर्थिक दृष्टि से विश्व में 10वें स्थान पर था, वहीं आज चौथे स्थान पर पहुँच चुका है, और शीघ्र ही हम तीसरे स्थान पर पहुँचने की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ हेतु विजन डॉक्यूमेंट और नई औद्योगिक नीति तैयार की गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने दैनिक नवप्रदेश की 14वीं वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती मना रहे हैं। मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मैंने संसद में एक सांसद के रूप में छत्तीसगढ़ निर्माण संबंधी विधेयक पर हुई ऐतिहासिक चर्चा को प्रत्यक्ष रूप से देखा और अनुभव किया। एक आदिवासी परिवार से आने के नाते मैंने प्रदेश में भुखमरी की समस्याएँ देखी हैं। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में 2003 में लागू की गई पीडीएस व्यवस्था ने छत्तीसगढ़ को इस गंभीर समस्या से मुक्ति दिलाई।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आईआईटी, आईआईएम तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे उच्च शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित हो चुके हैं। प्रदेश में समृद्धि बढ़ी है और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुँची हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति को उद्यमियों का सकारात्मक प्रतिसाद मिला है। राज्य को लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर चिप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ हो चुका है। एनर्जी सेक्टर में भी राज्य को भारी निवेश प्रस्ताव मिले हैं।उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्किलिंग के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने पर भी बल दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति में बिस्पोक पॉलिसी का प्रावधान रोजगार सृजन में एक महत्वपूर्ण पहल है।मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई रकबा में निरंतर वृद्धि हुई है। हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से बोधघाट परियोजना पर चर्चा की गई। इस परियोजना से बस्तर अंचल के किसानों को भरपूर सिंचाई जल मिलेगा। साथ ही इंद्रावती और महानदी की इंटरलिंकिंग परियोजना पर भी कार्य प्रारंभ किया गया है, जिससे सिंचाई रकबा बढ़कर 7 लाख हेक्टेयर तक पहुँच जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में है। जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ सुनाई देती थी, वहाँ अब स्कूलों की घंटियाँ गूंज रही हैं। धूड़मारास को संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यटन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि विकास केवल क्षेत्रफल या जनसंख्या से नहीं, बल्कि संसाधनों के सदुपयोग और इच्छाशक्ति से होता है। आज राज्य की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हुई है। प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में उद्घाटित चिनाब पुल में छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र का लोहा प्रयोग किया गया है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज स्टील, सीमेंट, ऊर्जा जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वालों में पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कार्टून वॉच के सम्पादक श्री त्रयंबक शर्मा, खेल पत्रकार श्री नितेश छाबड़ा, वरिष्ठ पत्रकार श्री जीवन एस साहू (गरियाबंद) एवं श्री यशवंत राजवाड़े (नवप्रदेश ब्यूरो चीफ, कोरिया) शामिल हैं।उन्होंने नवप्रदेश छात्रवृत्ति योजना 2025-26 के अंतर्गत हॉकर परिवार के बच्चों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की। वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री श्री आलोक मेहता ने वीडियो संदेश के माध्यम से नवप्रदेश को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
- -कलेक्टर ने रणजीता स्टेडियम में तैयारियों का लिया जायजारायपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आगामी 21 जून को जशपुर नगर में राज्य स्तरीय वृहद योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं उपस्थित रहेंगे और आम नागरिकों के साथ योगाभ्यास करेंगे। यह कार्यक्रम रणजीता स्टेडियम, जशपुर में आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शनिवार को रणजीता स्टेडियम का निरीक्षण कर स्थल की व्यवस्थाओं और प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और अतिथियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। वर्षा ऋतु को देखते हुए वाटर प्रूफ पंडाल लगाए जाने, पर्याप्त संख्या में योगा मैट की व्यवस्था, अतिथियों के लिए बैठक, पार्किंग एवं बेरिकेडिंग, पेयजल, विद्युत, साउंड सिस्टम एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। इसके नियमित अभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी संतुलन विकसित होता है।इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, एसडीएम श्री ओंकार यादव एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -9 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम जोरों पर, 9 हजार घरों में पहुंचेगा शुद्ध पेयजल-102 करोड़ की योजना से कोंडागांव में निर्बाध पेयजल की होगी आपूर्तिरायपुर ।, कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के तहत जल प्रदाय योजना का काम तेजी से प्रगति पर है। पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए कोंडागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेड़ा बांध का पानी लाकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध कर नल कनेक्शन के जरिए घर-घर पहुंचाया जाएगा। कुल 102 करोड़ रुपए लागत की इस जल प्रदाय योजना का अब तक 33 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। आगामी डेढ़ से दो वर्षों में योजना का शत-प्रतिशत काम पूर्ण करने का लक्ष्य है।भारत सरकार के मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत कोंडागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए नौ एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। यहां शुद्ध किए गए जल की आपूर्ति शहर में वर्तमान में विद्यमान पांच पानी टंकियों के साथ ही योजना के तहत बनाई जा रही दो नई टंकियों से की जाएगी। मिशन अमृत के अंतर्गत शहर के बांधापारा में 555 किलोलीटर और फॉरेस्ट कॉलोनी के पास 810 किलोलीटर की ओवरहेड पानी टंकियां निर्माणाधीन हैं। शहर की नई और पुरानी पानी टंकियों के जरिए नौ हजार घरों तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। कोंडागांव की 40 हजार आबादी को इसका फायदा मिलेगा।कोंडागांव नगर पालिका में पेयजल की सुचारू व्यवस्था के लिए मिशन अमृत के तहत 24 किलोमीटर रॉ-वाटर पाइपलाइन और करीब 11 किलोमीटर क्लियर-वाटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। 143 किलोमीटर ड्रिस्ट्रीब्यूशन लाइन के जरिए हर घर नल से जल की आपूर्ति की जाएगी। निर्माणकर्ता एजेंसी योजना के विभिन्न घटकों के निर्माण और स्थापना के साथ ही पांच वर्षों तक संचालन व संधारण करेगी।
- -अस्पताल में निर्माणाधीन कार्यों का लिया जायजा, समय-सीमा में काम पूरा करने के दिए निर्देश-नए भवन के निर्माण से बढ़ेगी बिस्तरों की संख्यारायपुर,। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के लोरमी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल पहुंचकर महिला वार्ड, प्रसव कक्ष एवं पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती महिलाओं तथा शिशुओं के परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और इलाज के इंतजामों की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को फल भी वितरित किए। श्री साव ने डॉक्टरों से नवजात शिशुओं के देखभाल के बारे में पूछा। उन्होंने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं और सुविधाओं की समीक्षा कर मरीजों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव पहुंचे मातृ-शिशु अस्पतालउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव पहुंचे मातृ-शिशु अस्पताल उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल और भवन का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान अधिकारियों को सभी कार्यों को निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। नए भवन के निर्माण के बाद यहां बिस्तरों की संख्या 50 से अधिक हो जाएगी।
- -अचानकमार के 13 गांव होंगे रोशनरायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज लोरमी स्थित अपने विधायक कार्यालय से सोलर बैटरी से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर अचानकमार के लिए रवाना किया। इन बैटरियों से अचानकमार के 13 गांव रोशन होंगे। वहां सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने ये बैटरियां भेजी जा रही हैं। अचानकमार वनांचल के बिजराकछार क्षेत्र के 13 गांवों में रात में प्रकाश की व्यवस्था के लिए 522 बैटरियां लगाई जाएंगी। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैटरी ले जा रहे वाहन को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि अब अचानकमार वनांचल में बरसात के दिनों में अंधियारा नहीं होगा। रात में रोशनी की व्यवस्था हो जाने से वहां के रहवासी जंगली जीव-जंतुओं के खतरे से सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के विकास के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। दूरस्थ गांवों में भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण काम है ।
- - "रक्तदान करिए – जीवन बचाइए, और स्मृतियों को संजोइए…"रायपुर। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन और मॉडल ब्लड बैंक सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस पुनीत अवसर पर 100 से अधिक रक्तदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने रक्त के माध्यम से अनगिनत जरूरतमंद जीवनों को संजीवनी देने का संकल्प लिया।शिविर का उद्देश्य न केवल रक्त की आवश्यकता को पूरा करना था, बल्कि समाज को यह संदेश देना भी था कि "हम सभी की रगों में बहता खून किसी की जिंदगी की डोर बन सकता है।" इस अवसर पर एम. बी. बी. एस. छात्रों, पीजी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ एवं आमजनों ने अपने कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी को आत्मसात करते हुए स्वयं आगे बढ़कर रक्तदान किया।इस सेवा भाव की पृष्ठभूमि में आयोजन को और भी भावुक एवं संवेदनशील बना दिया अहमदाबाद विमान दुर्घटना की उस दर्दनाक घटना ने, जिसमें कई अमूल्य जीवन असमय काल-कवलित हो गए। इस हादसे में चिकित्सक और मेडिकल विद्यार्थी भी शामिल थे, जिनके सपने अधूरे रह गए, लेकिन जिनकी स्मृति हम सबके दिलों में हमेशा जीवित रहेगी। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन सभी दिवंगत आत्माओं के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की गई। दो मिनट का मौन रखकर चिकित्सक समुदाय ने उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इस दुखद क्षण में एक और गहरी वेदना मेडिकल कॉलेज की पीजी रेजिडेंट, डॉ. छाया गौतम के अचानक हुए आकस्मिक निधन के रूप में सामने आई। डॉ. छाया एक मेधावी, संवेदनशील और समर्पित चिकित्सक थीं, जिनकी मुस्कान में आत्मीयता और सेवा भाव झलकता था। उनका यूँ असमय जाना चिकित्सा समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी याद में एक विशेष श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें उनके योगदान को नमन करते हुए उपस्थित सभी साथियों की आंखें नम हो गईं।यह आयोजन महज़ एक रक्तदान शिविर नहीं था, यह एक संवेदना का संगम, सेवा का संकल्प और स्मृति का सम्मान था। एक ओर जहां रक्तदान के माध्यम से जीवन बचाने की आशा दी गई, वहीं दूसरी ओर उन अनमोल जिंदगियों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने हमें सिखाया कि जीवन क्षणभंगुर है – पर सेवा और प्रेम अमर रहते हैं। इस अवसर पर रायपुर मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. मनोज साहू, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द नेरल, डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी, मॉडल ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. अमित भारद्वाज के साथ जेडीए अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह, सचिव डॉ. अमित बंजारा और कार्यकारणी सदस्य उपस्थित थे।
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- देर रात आकस्मिक निरीक्षण कर रेत एवं गिट्टी से भरे 8 वाहन के जप्ती की कार्रवाई की गई
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जिले में अवैध रेत परिवहन एवं उत्खनन पर राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की गई। देर रात आकस्मिक निरीक्षण कर रेत एवं गिट्टी से भरे 8 वाहन के जप्ती की कार्रवाई की गई। जिसमें से 5 वाहन में रेत एवं 3 में गिट्टी थी। जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर आगे भी निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। भर्रेगांव से रेती से भरे 4 वाहन हाईवा सीजी-08 एएन-3492, सीजी 08 एएल- 3164, सीजी-08 एएम-4503, सीजी-07 सीआर-1931 की जप्ती की कार्रवाई की गई। इसी तरह सीजी-08 एवाई 9034 में रेत तथा सीजी-08 बीड़ी 8700, सीजी-08 एजी 6811, सीजी-08 बीएल 5015 में गिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा एवं खनिज अधिकारी श्री प्रवीण चंद्राकर की टीम ने यह कार्रवाई की। इसी तरह डोंगरगढ़ विकासखंड में भी अवैध रेत परिवहन करते हुए 2 हाईवा जप्त किया गया है। एसडीएम डोंगरगढ़ श्री मनोज मरकाम, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोर्राम द्वारा भी अनुविभागों में रेत के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। - -सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा -आज की सबसे बड़ी जरूरत है जैविक खेतीमहासमुंद, / जिले में किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित करने एवं उन्नत जैविक तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय जैविक कृषि मेला सह कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन आज बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम बोडराबांधा स्थित माध्यमिक शाला परिसर में किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी रहीं। विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री रवि राज ,ठाकुर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधिगण, जैविक खेती से जुड़े विशेषज्ञ, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में कृषक सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक खेती ने उत्पादन तो बढ़ाया है, लेकिन भूमि की उर्वरता को हानि भी पहुंचाई है। अब समय आ गया है कि हम प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए जैविक खेती को अपनाएं। जैविक खेती न केवल पर्यावरण को संरक्षित करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। हमारी सरकार किसानों को जैविक खेती की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान रसायनिक खाद के उपयोग को जगह धीरे धीरे जैविक और प्राकृतिक खाद का उपयोग व्यवहार में लाएं।इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ मिट्टी को भी बचाना है।जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि जैविक खेती के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए कृषि विभाग, वैज्ञानिक समुदाय और किसानों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस मेले से किसानों को जैविक खाद, कीट नियंत्रण विधियों, बीज चयन एवं विपणन की बेहतर जानकारी मिली है।इस मौके पर आयोजित कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा में कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद एवं जैविक खेती से जुड़े विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खाद निर्माण, कीट प्रबंधन, फसल चक्र, जैव उर्वरक उपयोग, बाजार से जोड़ने की रणनीति आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।कृषि विभाग की ओर से बीज मिनी कीट वितरणउप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि मेले के दौरान किसानों एवं कृषक समूहों को जैविक खेती से संबंधित सामग्री, मिनी किट, बीज एवं कीट नियंत्रण किट का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर किसानों को प्रोत्साहित किया गया।कृषि मेला परिसर में विभिन्न विभागों, स्टार्टअप्स एवं कृषक उत्पादक कंपनियों द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए, जहां जैविक उत्पाद, खाद-बीज, कृषि यंत्र एवं नवाचारों की जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में किसानों ने इन स्टॉल्स का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद किया।
- महासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में महासमुंद जिले में आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत छात्रावास अधीक्षक श्रेणी ‘द’ से श्रेणी ‘स’ में पदोन्नत हुए अधीक्षकों की काउंसलिंग 14 जून ,शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न की गई। यह काउंसलिंग राज्य शासन के निर्देशों के तहत जिला स्तरीय समिति द्वारा पारदर्शी एवं नियमानुसार संपादित की गई।काउंसलिंग कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय,महिला बाल विकास विभाग,समिति सदस्य के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सभी श्रेणी द से श्रेणी स में पदोन्नत हुए छात्रावास अधीक्षकगण एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।जिले में कुल 46 पदों में से 34 पदों की काउंसलिंग सफलता पूर्वक की गई, जबकि अतिशेष 12 अधीक्षकों की सूची संभाग स्तरीय समिति को अग्रेषित की जाएगी।काउंसलिंग प्रक्रिया में शासन द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों का पालन किया गया, जिसमें अधीक्षक पति-पत्नी की पदस्थापना, चिकित्सा कारणों से स्थानांतरण की आवश्यकता, दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता एवं एकल महिलाओं को प्राथमिकता दी गई। जिला स्तरीय समिति ने यह भी सुनिश्चित किया कि न्यायालयीन प्रकरणों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पदों के संतुलन तथा अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के बीच समुचित समायोजन को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किया जाए।जिन अधीक्षकों ने स्वेच्छा से अन्य जिलों में पदस्थापना हेतु आवेदन दिया है, उनसे तीन वैकल्पिक जिलों का चयन प्राप्त कर प्रस्ताव संभाग स्तरीय समिति को भेजा गया है। वहीं, जो अधीक्षक संभाग के बाहर पदस्थापना के इच्छुक हैं, उनके प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति को प्रेषित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा अनुरूप पारदर्शिता, प्राथमिकता और पात्रता के आधार पर पदस्थापना सुनिश्चित की जा रही है, जिससे विभागीय कार्यों में सुगमता एवं सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
- -आदिवासी गांव में पहुंचेगी विकास की रौशनी-अभियान के दौरान 30 जून तक लगेंगे 28 शिविरबिलासपुर / धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत शिविरों का सिलसिला कल 15 जून से शुरू हो रहा है। इस क्रम में प्रथम शिविर 15 जून को कोटा विकासखंड के आदिवासी बहुल ग्राम कंचनपुर में आयोजित किया गया है। अभियान के अंतर्गत 15 से 30 जून तक जिले के 04 विकासखण्डों - तखतपुर, मस्तूरी, कोटा एवं बिल्हा के 102 चयनित गावों के लोगों को लाभान्वित करने के लिए शिविर आयोजित किये जायेंगे। जिसके माध्यम से जिले के आदिवासी बाहुल्य गावों में निवासरत अनुसूचित जनजाति के लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जायेगा। इसी तारतम्य में क्लस्टर लेवल पर विकासखण्ड कोटा में 16 शिविर, विकासखण्ड बिल्हा में 01 शिविर, विकासखण्ड मस्तूरी में 02 शिविर, विकासखण्ड तखतपुर में 09 शिविर कुल 28 शिविरों का आयोजन किया जावेगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत् ग्रावों के समग्र विकास के लिए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में शामिल होकर लाभ उठाने की अपील की गयी है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) का शुभारंभ 02 अक्टूबर 2024 को किया गया है। इस अभियान की संकल्पना जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अभिसरण मॉडल पर 17 भागीदार मंत्रालयों के 25 योजनाओं मिलाकर लागू किया गया है। जिसमें आवास, पक्की सड़के, समग्र शिक्षा, जल जीवन मिशन, मोबाईल मेडिकल यूनिट, पीएम जन आरोग्य योजना, आंगनबाड़ी केन्द्र, अविद्युतिकृत घरों में विद्युतिकरण, सोलर लाईट, एलपीजी कनेक्शन, पोषण वाटिका, कौशल विकास, डिजिटल एक्टिविटी, मछली पालन, पशुपालन, होम स्टे, प्रधानमंत्री आदि आदर्श ग्राम, एफ.आर.ए. मैनेजमेंट, के साथ साथ आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र एवं निवास प्रमाण-पत्र, के.सी.सी. एवं अन्य हितग्राही मुल्क योजनाओं को शामिल किया गया है।
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- *"मोर आवास, मोर अधिकार"*
-*20 हजार से अधिक परिवारों का एक आशियाने का सपना साकार*-*पक्की छत के नीचे सम्मान की जिंदगी जी रहे ग्रामीण*बिलासपुर, / ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना ऐसे परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर आई है जिनके पास अपना स्वयं का पक्का आशियाना नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीण पक्की छत के नीचे सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं। सरकारी योजना से किस तरह लोगों की जिंदगी बदल रही है, यह ग्रामीणों के झोपड़ी से पक्के मकान तक के सफर को देखकर पता चलता है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण केन्द्र और राज्य सरकार की महात्वकांक्षी योजना है, इस योजना का उद्देश्य ऐसे गरीब परिवारों को घर मुहैया कराना है, जिनका सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना 2011 की पात्र परिवार एवं आवास प्लस सर्वे 2018 की सूची में नाम दर्ज हो तथा ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत सभी बेघर और जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवार को आवास निर्माण हेतु वित्तीय सहायत प्रदान की जा रही है।*वित्तीय सहायता-*योजनांतर्गत स्वीकृत आवास के हितग्राहियों को 1.20 लाख की राशि विभिन्न स्तर के निर्माण कार्य के प्रगति उपरांत जियो टैगिंग के आधार पर सीधा हितग्राहियों के खाते में एफटीओ के माध्यम से प्रदान किया जाता है साथ ही योजनांतर्गत 90 मानव दिवस का मनरेगा मजदूरी भुगतान किया जा रहा है।*66,000 से अधिक परिवारों के पक्के छत के सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध जिला प्रशासन की टीम*कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में जिला बिलासपुर लगातार परचम लहरा रहा है। जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 66 हजार से अधिक आवासों की स्वीकृति हेतु लक्ष्य प्राप्त हुआ है जो कि पूरी राज्य में सर्वाधिक लक्ष्य प्रदान किया गया है। जिसके विरूद्ध 57 हजार से अधिक हितग्राहियों को इस योजना से लाभांवित किया जा चुका है तथा शेष आवासों की स्वीकृति प्रगतिरत है।वित्तीय वर्ष 2024-25 में विगत पांच माह के अल्प समय में जिला बिलासपुर द्वारा पूरे राज्य में सर्वाधिक आवासों का निर्माण कार्य कराया गया है। साथ ही साथ पूरे राज्य में जिला बिलासपुर में सबसे पहले सर्वाधिक 20 हजार से अधिक आवासों को पूर्ण कराने में सफलता हासिल की है। योजना के जरिए अब तक 54756 हितग्राहियों को प्रथम किश्त राशि 219.024 करोड़ रुपए, 39806 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त की राशि 225.507 करोड़ रुपए जारी की गई है। 15597 हितग्राहियों को तीसरी किश्त की राशि 34.876 करोड़ रुपए जारी की गई है। इस प्रकार अब तक 479.407 करोड़ रुपए राशि जारी की जा चुकी है।* *कलेक्टर स्वयं लगातार कर रहे योजना की मॉनिटरिंग**जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की ग्राम पंचायत स्तर तक सतत मॉनिटरिंग एवं प्रगति की समीक्षा कलेक्टर महोदय श्री संजय कुमार अग्रवाल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप कुमार अग्रवाल द्वारा की जाती है जिससे आवास निर्माण कार्य में तेजी से प्रगति आ रही है।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिला पंचायत बिलासपुर के समस्त अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर अप्रारंभ आवासों के हितग्राहियों के साथ मीटिंग करते हुए आवास निर्माण कार्य प्रारंभ कराने हेतु प्रेरित किया जा रहा है एवं आवास निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है।*सुशासन तिहार-*प्रत्येक जनपदों में कलस्टरवार सुशासन तिहार के शिविर का आयोजन किया गया, शिविर में प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता देते हुए त्वरित निवारण कराया गया एवं आवास मांग हेतु प्राप्त आवेदनों का तत्कालीन समय में आवास प्लस 2.0 में सर्वे कराया गया। उक्त संबंध में आवास हेतु प्राप्त मांग के आवेदनों की संख्या 69546 थी जो कि राज्य स्तर पर सर्वाधिक संख्या होने से जिला द्वितीय स्थान पर रहा।*पी.एम जनमन आवास*पी.एम जनमन योजना अन्तर्गत जिला बिलासपुर में 959 विशेष पिछड़ी जनजाति के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास अन्तर्गत योजना से लाभप्रदाय करने हेतु चिन्हाकिंत करने हेतु आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें से 225 आवास आज दिनांक की स्थिति में पूर्ण किया चुके है जबकि शेष निर्माण कार्य प्रगतिरत है।पी.एम जनमन योजना अन्तर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु 2.00 लाख रू प्रति आवास की वित्तीय सहायता की राशि आवास के प्रगति के आधार पर जियो टैगिंग करने उपरांत डी.बी.टी के माध्यम से हितग्राहियों को प्रदान किया जाता है वर्तमान में 948 हितग्राहियों को 3.792 करोड़ प्रथम किश्त, 633 हितग्राहियों को 3.798 करोड़ द्वितीय किश्त, 379 हितग्राहियों को 3.032 करोड़ तृतीय किश्त एवं 207 हितग्राहियों को चतुर्थ किश्त 0.414 करोड़ की राशि एफटीओ के माध्यम से सीधा हितग्राहियों के खाते में जारी किया जा चुका है।*राज मिस्त्री प्रशिक्षण के साथ रानी मिस्त्री प्रशिक्षण भी -*योजनांतर्गत बड़ी संख्या में आवासों की स्वीकृति की गई है। उक्त आवासों को पूर्ण कराने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर हितग्राहियों को गुणवत्तायुक्त मटेरियल एवं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सेंटरिंग प्लेट उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने एवं आवास में पर्याप्त संख्या में राजमिस्त्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न माध्यमों से राजमिस्त्री प्रशिक्षण का कार्य कराया जा रहा है। - बिलासपुर / आज रक्त दान दिवस के खास अवसर पर प्रधान डाकघर में अधीक्षक श्री विनय प्रसाद के नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ अनिल गुप्ता , ब्लड बैंक हेड डॉक्टर अनुभव वर्मा के सहयोग से यह आयोजन हुआ। शिविर में डाकघर के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़ चढकर रक्तदान कर अपने मानवीय धर्म का पालन किया। उक्त जानकारी जनसंपर्क निरीक्षक सुनीता द्विवेदी द्वारा दी गई।
- -*कलेक्टर ने प्राचार्यों और अधिकारियों की बैठक लेकर की शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा*-*स्वच्छ और सुंदर वातावरण में करें नव प्रवेशी बच्चों का स्वागत*-*स्वयं का बच्चा समझकर शिक्षक बच्चों को पढ़ाई में करें सहयोग*-*स्कूल परिसर से अतिक्रमण और गुटखा पाउच के दुकान हटाने दिए निर्देश*-*सामाजिक जिम्मेदारी उठाने के लिए बच्चों को तैयार करना शिक्षा का मुख्य लक्ष्य : कलेक्टर*-*बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों का होगा सम्मान*बिलासपुर / स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और शाला प्रवेश उत्सव 16 जून को आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रार्थना सभा कक्ष में प्राचार्यों और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने प्रवेश उत्सव पर स्कूलों की साफ - सफाई कर बच्चों के स्वागत के लिए स्वच्छ, सुन्दर और आकर्षक वातावरण बनाने को कहा है। आयोजन में ज्यादा से ज्यादा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर यथासंभव न्योता भोज भी आयोजित किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, डीईओ डॉ. अनिल तिवारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।गौरतलब हैं कि जिले में शासकीय और निजी मिलकर 2 हजार 530 स्कूलों में 4 लाख 12 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपना संपूर्ण योगदान देने के लिए शिक्षकों को मोटिवेट किया। उन्होंने कहा कि माता - पिता के बाद बच्चे अपना सबसे अधिक समय शिक्षकों के बीच गुजारते हैं। उन्हें वैसे ही जिम्मेदारी के साथ देख - रेख करें जैसे कि वे आपके अपने बच्चे हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों में लिखे ज्ञान को आत्मसात, करना भर नहीं बल्कि जीवन में सामाजिक जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित करना होना चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि बच्चों का मन कच्ची मिट्टी की तरह होता है। शिक्षक उनके लिए आदर्श होते हैं। इसलिए शिक्षक ऐसे काम ऩ करें कि बच्चों में उनके प्रति नकारात्मक भाव पैदा हो। शिक्षकों का सम्मान पहले की तुलना में आज कम क्यों हुआ, इसे कैसे सुधार सकते हैं। इस विषय को भी रेखांकित किया।कलेक्टर ने कहा कि हमारे लिए हर बच्चा महत्वपूर्ण है। सबकी अलग - अलग रुचि होती है। हम उनकी प्रतिभा को पहचान कर उसे बढ़ाने में मदद करना चाहिए। उन्होंने मिशन 90 योजना के अंतर्गत बोर्ड परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी पर प्रसन्नता प्रकट की। इनमें 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों ने कामयाबी की रणनीति भी शेयर किए। उन्होंने ऐसे सभी प्राचार्यों को सम्मानित करने के निर्देश भी डीईओ को दिए। कलेक्टर ने कहा कि एक शिक्षक केवल नौकरी नहीं करता, वह देश के भविष्य के लिए अगली पीढ़ी तैयार करता है। शिक्षकों में बहुत ताकत है। समाज में बदलाव के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।कलेक्टर ने स्कूल परिसरों में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधा लगाने की तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे अपने मां-बाप के नाम पर स्कूल में पौधा लगाए और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ले। उन्होंने स्कूल छोड़ने वाले और शाला त्यागी बच्चों की परेशानियों को दूर कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा । उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना भी सुचारू रूप से चलना चाहिए। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ती है। शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने जर्जर हो चुके स्कूल में बच्चों को नहीं बिठाने के निर्देश दिए ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। न्योता भोज अच्छी योजना है । समाज को साथ लेकर ज्यादा से ज्यादा न्योता भोज के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। इस दौरान यह भी देखें की भोज के चलते पढ़ाई प्रभावित न हो।कलेक्टर ने चिरायु योजना के अंतर्गत हर बच्चे की स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर बीमारी का पता चल जाने पर उसका तुरंत इलाज संभव हो जाता है । प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से कराएं। शाला प्रवेश के साथ ही हर बच्चे का जाति सर्टिफिकेट भी बनाया जाएगा। सभी प्राचार्य को इसके लिए आईडी दी जाएगी ताकि वे दस्तावेज अपलोड कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास अभिलेख नहीं है, तो ग्राम सभा के अनुमोदन से भी जाति प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सरपंचों के सहयोग से स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी करने को कहा है ।कलेक्टर ने कहा की नई शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा पर भी फोकस करना है । यह ध्यान दिया जाए कि नवीं कक्षा से 12वीं तक यदि व्यावसायिक शिक्षा जारी रखें तो इतना हुनरमंद हो जाएंगे कि वह काफी आमदनी कम सकता है। बेरोजगार नहीं रहेगा। कलेक्टर ने स्कूल परिसरों में नशाखोरी के सामान विक्रय करने अथवा अनाधिकृत कब्जा की स्थिति को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं और जरूरत के हिसाब से स्कूल परिसर में भवन निर्माण होते हैं । निर्माण कार्य को अपना समझें और इसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। परिसर में यत्र तत्र कहीं पर भी निर्माण नहीं होना चाहिए । इसका ग्राउंड भी बचा रहे ताकि बच्चे खेलकूद कर सकें। कलेक्टर ने इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के बिल्हा के शिक्षकों द्वारा तैयार शाला प्रवेश उत्सव पर आधारित एक लघु फिल्म भी लॉन्च किया।जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी बैठक को संबोधित किया। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षक विहीन अथवा एक शिक्षकीय नहीं रहे। अब शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि मन लगाकर शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करते हुए पढ़ाई कराएं। उन्होंने बताया कि पाठयपुस्तकों को बिना स्कैनिंग किए नहीं बांटा जाए। संबंधित स्कूल का सील भी लगा होना चाहिए। पिछले साल की पुस्तकें नहीं बांटी जाएंगी। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री पी दासरथी सहित अधिकारी संदीप चोपड़े, आनंद पांडे, रामेश्वर जायसवाल तथा सभी ब्लॉक के बीइओ, बीआरसी, प्राचार्य उपस्थित थे।
- -समीक्षा बैठक में विविध मीडिया कोर्स में प्रवेश तिथि निर्धारितरायपुर। नये अकादमिक सत्र में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए बुनियादी आवश्यकता एवं सुविधाओं के लिए विभागाध्यक्षों की मासिक समीक्षा बैठक शनिवार 14 जून 2025 को आयोजित की गई। रायपुर के संभागायुक्त एवं कुलपति महादेव कावरे ने कहा कि मीडिया शिक्षा में असीम संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ के शहरी एवं ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं को न्यूनतम शुल्क में पत्रकारिता की उत्कृष्ट शिक्षा की सुविधा कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में है।कुलपति महादेव कावरे ने छात्रों के पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं कैरियर गाइडेंस के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने निर्देशित किया तथा मीडिया कोर्स के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। समीक्षा में प्रवेश समिति, पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क निर्धारण समिति तथा कक्षा व छात्रावास व्यवस्था के लिए निर्देशित किया गया।साथ ही विश्वविद्यालय में चल रहीं सेमेस्टर परीक्षाओं का निरीक्षण कुलपति महादेव कावरे ने किया।विश्वविद्यालय के अध्ययन संकाय एवं संबंद्ध महाविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीजी डिप्लोमा के विविध मीडिया कोर्स में प्रवेश के लिए वेबसाईट www.ktujm.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन पत्र विद्यार्थी अपलोड कर सकते हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रमों में 40 सीटें हैं। महिलाओं, अन्य पिछड़ा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार प्रवेश में आरक्षण तथा पात्रता के आधार पर छात्रवृत्ति सुविधा मिलेगी। प्रवेश के लिए मेरिट लिस्ट 30 जून 2025 को जारी की जायेगी तथा प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 5 जुलाई 2025 होगी। रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए 12 जुलाई 2025 को सूची वेबसाइट एवं सूचना फलक पर जारी की जाएगी।अध्ययन संकाय के विभागाध्यक्ष पंकज नयन पाण्डेय, शैलेन्द्र खण्डेलवाल, डॉ. नृपेन्द्र कुमार शर्मा और डॉ. राजेन्द्र मोहंती ने अपने विभागीय एवं पाठ्यक्रम में प्रवेश संबंधित किए गए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया। समीक्षा बैठक में कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा, उप कुलसचिव सौरभ शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. देवसिंह पाटिल, वित्त अधिकारी विनय राज ढीढ़ी सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -सभी अभ्यर्थी सुबह 10 बजे से पहले पहुंचें परीक्षा केंद्ररायपुर, / जिले में सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) की परीक्षा 15 जून को आयोजित होगी। जिले में 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कुल 38,660 परीक्षार्थी भाग लेंगे। परीक्षा एक पाली में सुबह 10:00 से दोपहर 12:15 तक होगी। नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर और सहायक नोडल अधिकारी श्री केदार पटेल नियुक्त किए गए हैं। सभी अभ्यर्थियों से आग्रह है कि वे सुबह 10:00 बजे से पहले केंद्र पर पहुंच जाएं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पं. श्री रविशंकर महाराज रावतपुरा सरकार जी ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान श्री साय ने उन्हें कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से बने स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।
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-एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में हुई 80 प्रतिशत की कमी
-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशारायपुर,। छत्तीसगढ़ राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक नया आयाम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीति के चलते आज प्रदेश का प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी तक कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं रह गया है। राज्य की एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में 80 प्रतिशत की कमी आई है।यह परिवर्तन युक्तियुक्तकरण के माध्यम से संभव हो सका है, जिसका उद्देश्य राज्य के शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग, शिक्षकों की तर्कसंगत पदस्थापना और शिक्षा के अधिकार अधिनियम व नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप शालाओं में आवश्यकता के अनुरुप शिक्षकों की पदस्थापना रहा है ।गौरतलब है कि युक्ति -युक्त करण से पर्व प्रदेश में 453 विद्यालय शिक्षक विहीन और 5936 विद्यालयों में मात्र एक ही शिक्षक पदस्थ था। विशेषकर सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील जिलों में यह समस्या अधिक थी।इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तीन चरणों में शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया चलाई। इसके परिणामस्वरूप, आज प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है और सभी हाई स्कूलों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युक्ति- युक्तकरण के जरिये स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हमने यह ठान लिया था कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बच्चा शिक्षक के बिना नहीं पढ़ेगा। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से हम न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कर रहे हैं, बल्कि एक मजबूत और समान शिक्षा प्रणाली की नींव भी रख रहे हैं। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, यह शिक्षा में न्याय की पुनर्स्थापना है।मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि एकल शिक्षकीय शालाओं की स्थिति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है और आगामी महीनों में पदोन्नति और नई नियुक्तियों के माध्यम से इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे।राज्य सरकार अब उन 1207 प्राथमिक विद्यालयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां अभी भी एक शिक्षक है। इसके समाधान हेतु प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों की पदोन्नति, शिक्षकों की पदस्थापना तथा भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई गई है।राज्य में एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में बस्तर जिले में 283, बीजापुर 250,सुकमा 186,मोहला -मानपुर - चौकी 124,कोरबा 89, बलरामपुर 94,नारायणपुर 64,धमतरी 37,सूरजपुर 47,दंतेवाड़ा 11,अन्य जिले में मात्र 22 शालाएं है। इन शालाओं में जल्द ही आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास शिक्षा को समावेशी बनाने और हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर उपलब्ध कराना है। इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक न्याय आधारित शिक्षा सुधार है, जिसके केंद्र में हर बच्चा, हर गांव, हर स्कूल है। - रायपुर -आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और अपर आयुक्त (स्वास्थ्य) श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही, जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे के निर्देश पर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 की स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की सहायता से जोन 2 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया की उपस्थिति में जोन 2 क्षेत्र के अंतर्गत बाजार क्षेत्रों में विभिन्न दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया और 15 दुकानों में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक, गन्दगी मिलने,दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने पर कुल 6000 रूपये सम्बंधित दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए वसूलने की कार्यवाही की और इस सम्बन्ध में रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त पॉलीथिन, गन्दगी सम्बंधित जनशिकायत का त्वरित निदान किया.
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- कलेक्टर ने आगामी शैक्षणिक सत्र के दृष्टिगत सभी स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली
- टीम भावना के साथ कार्य करने पर मिलेंगे बेहतरीन परिणाम
- 16 जून से स्कूल प्रारंभ, शाला प्रवेशोत्सव का होगा आयोजन
- सफाई, मरम्मत, रंग-रोगन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- विनोबा एप के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षकों की उपस्थिति की मानिटरिंग सिस्टम के लिए की गई व्यवस्था
- बच्चों के अभिभावकों के साथ संवाद रखना बेहद जरूरी
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर राजनांदगांव में आगामी शैक्षणिक सत्र के दृष्टिगत सभी स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता है। बच्चों के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक अध्ययन के लिए जो मापदण्ड उपलब्ध हैं, उसके आधार पर कार्य करते हुए आगे बढ़े। शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा नवाचार किए गए है। जिले में भी बहुत से नवाचार किए गए है। उन्होंने कहा कि सभी प्रचार्य कैप्टन है और सभी शिक्षक खिलाड़ी की तरह है। सभी मिलकर टीम भावना के साथ सभी कार्य करेंगे, तो इसके बेहतरीन परिणाम प्राप्त होंगे। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अपनी टीम, विशेषज्ञों एवं फाउंडेशन का सहयोग लेते हुए अपना सर्वेश्रेष्ठ दें। उन्होंने कहा कि बच्चों के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए रणनीति बनाएं एवं उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्य करें। बच्चों के पढ़ाई के स्तर का आंकलन करें तथा उसके अनुसार तैयारी कराएं। उन्होंने कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में अध्ययनरत बच्चों पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण किए जाने के बाद ऐसे स्कूल जहां शिक्षकों की कमी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। स्कूलों में मासिक टेस्ट एवं साप्ताहिक टेस्ट का आयोजन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे जब अभ्यास करते हैं, तो इससे समझ बढ़ती है एवं परिणामों में सुधार की गुंजाईश बढ़ती है। इसके लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि विनोबा एप के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षकों की उपस्थिति की मानिटरिंग सिस्टम के लिए व्यवस्था की गई है। जिसमें शाला त्यागी अप्रवेशी बच्चों को स्कूल से जोडऩे, लर्निंग आऊटकम को बेहतर करने के टूल्स, विद्यार्थी विकास सूचकांक एवं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को बेहतर करने तथा विभिन्न छात्रवृत्ति परीक्षाओं में बच्चों को स्कूलों को सपोर्ट करने के प्रोग्राम्स भी शामिल है। कलेक्टर ने कहा कि 16 जून से स्कूल प्रारंभ हो रहे है। इसके पहले सभी प्राचार्य स्कूलों की साफ-सफाई, मरम्मत, रंग-रोगन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। 16 जून को शाला प्रवेशोत्सव सभी की सहभागिता होना चाहिए। बच्चों के अभिभावकों के साथ संवाद रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाला शैक्षणिक सत्र अच्छा होना चाहिए। बच्चों के अच्छे परिणाम के लिए सभी प्राचार्य एवं शिक्षक स्कूल प्रतिबद्धता एवं निष्ठापूर्वक कार्य करेंगे।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि विनोबा एप के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं के अच्छे परिणाम के लिए सभी को ज्यादा ध्यान देते हुए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की भाषा सीखने की योग्यता को बढ़ाना है। जिले में संपर्क डिवाईस के माध्यम से इसके लिए अच्छा कार्य किया जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि जिले में 16 जून को शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम वृहद रूप से मनाया जाएगा। अच्छे माहौल में अध्ययन-अध्यापन को प्रेरित करने के लिए यह उत्सव मनाया जा रहा है। सभी शिक्षक शाला प्रवेशोत्सव की पूरी तैयारी करें तथा समय सारणी तथा डेली डायरी बनाएं। इस अवसर पर डिविजनल मैनेजर विनोबा एप श्री जितेंद्र सिंह, प्रोग्राम मैनेजर गरियाबंद एवं राजनांदगांव श्री हेमंत सिंह प्रोग्राम मैनेजर ओपन लिंक फाउंडेशन रायपुर श्री राजेन्द्र विश्वकर्मा, जिला मिशन समन्वयक श्री सतीश ब्योहरे, सहायक संचालक शिक्षा श्री आदित्य खरे, सहायक संचालक शिक्षा श्रीमती संगीता राव, एपीसी समग्र शिक्षा श्री मनोज मरकाम सहित प्राचार्य, संकुल समन्वयक, विकासखंड के शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक, सहायक कार्यक्रम समन्वयक समग्र शिक्षा उपस्थित थे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।श्रीमती लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।आज श्रीमती लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।श्रीमती लालमती ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।
- -रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर विस्तार करने प्लान तैयार करने के दिए निर्देशरायपुर -गोकुल नगर नया सवेरा स्कूल के पास प्राकृतिक पानी बहाव को रोकने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मोहल्लेवासियों के निवेदन पर प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने आज इस स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निगम एमआईसी सदस्य श्री दीपक जायसवाल, श्री भोलाराम साहू, अनुविभागीय अधिकारी रायपुर श्री नंद कुमार चौबे, तहसीलदार श्री प्रवीण परमार, जोन 7 जोन आयुक्त श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर टावरे भी उपस्थित थे।निरीक्षण के दौरान विशाल संख्या में उपस्थित मोहल्लेवासियों ने बताया कि वर्षों से यहाँ का निस्तारी प्रवाह नाले के रूप में प्रवाहित होता है, किन्तु पिछले कुछ माह से कुछ निजी व्यक्तियों द्वारा अवरोध उत्पन्न करने के कारण यहाँ पानी घरों में घुसने लगा है।स्थल निरीक्षण करते समय अनुविभागीय अधिकारी तथा तहसीलदार ने बताया कि प्राकृतिक पानी बहाव को अवरूद्ध नहीं किया जा सकता, चाहे वह सार्वजनिक भूमि से हो या निजी भूमि से। इस पर विधायक श्री राजेश मूणत ने बहाव अवरुद्ध करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने यहाँ हो रही अवैध प्लाटिंग पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर जोन 7 जोन आयुक्त ने मौके पर ही जे.सी.बी. बुलाकर रोड पर खुदाई कर मार्ग अवरूद्ध करा दिया तथा अवैध निर्माण पर प्रतिबंध भी लगाया।रायपुर पश्चिम विधायक ने कहा कि ये बिना ले-आऊट प्लॉन अनुमोदित कराए, बिना सड़क-नाली, पानी की व्यवस्था किए प्लॉट काट-काटकर बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। इसका बिल्डर तो राशि लेकर चला जाता है और निर्दोष नागरिक परेशान घुमते हैं और नगर निगम तथा शासन को दोष देते हैं, जबकि इसका असली दोषी बिना ले-आऊट प्लॉन अनुमोदित किए प्लॉट काट-काटकर बेचने वाला होता है।रायपुर पश्चिम विधायक ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े शब्दों में इस सिस्टम के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। पश्चिम विधायक ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग करके शहरवासियों को संकट में डालने वालों की सजा दूसरे नहीं भुगतेंगे, जिसका दोष है, वह सजा पायेगा।पश्चिम विधायक ने यह भी कहा कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों, प्राकृतिक बहाव को रोकने वालों के विरूद्ध नियमों के तहत जो भी कठोर से कठोर कार्रवाई हो सकती है, वह की जाए।श्री राजेश मूणत ने नया सवेरा विद्यालय गोकुल नगर के आसपास की पूरी भूमि का सीमांकन एक दल बनाकर करने के निर्देश दिए। इसके बाद श्री राजेश मूणत ने रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। यहाँ की व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर करते हुए उन्होंने इसके विस्तार के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए.इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉक्टर मिथलेश चौधरी एवं चिकित्सकगणों की उपस्थिति रही।पीछे नगर निगम के डंपिंग यार्ड से हो रही परेशानियों के मद्देनज़र इसे आसपास कहाँ शिफ्ट किया जा सकता है, इसकी संभावना भी तलाशने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
- महासमुंद / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार गठित जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल द्वारा बिरकोनी स्थित ओरी प्लास्ट लिमिटेड एवं सिद्धार्थ पॉलीट्यूब प्रा.लि. औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया।संयुक्त टीम में शामिल सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार श्री मनीष कुमार कुंजाम, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, विधिक माप विज्ञान विभाग के निरीक्षक श्री सिद्धार्थ दुबे एवं पर्यावरण विभाग से साइंटिस्ट श्री मानिक चंदेल उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा ओरी प्लास्ट लिमिटेड में सुरक्षा मानकों का पालन अधूरा पाया गया। अग्निशमन व्यवस्था भी मानक अनुरूप नहीं पाई गई, जिस पर संबंधित संस्था को नोटिस जारी किया गया। श्रम विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान तीन ठेकेदार कार्यरत पाए गए, जिन्होंने श्रम विभाग से आवश्यक अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं की थी। इस पर तीनों ठेकेदारों को नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर लाइसेंस लेने के निर्देश दिए गए। विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा ओरी प्लास्ट लिमिटेड द्वारा जारी बिलों में अमानक माप इकाइयों का प्रयोग किया जाना पाया गया, जिस पर विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया है। साथ ही सभी तौल-माप यंत्रों का नियमित सत्यापन एवं परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए। इसी तरह पर्यावरण विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान जल एवं वायु प्रदूषण संबंधी कोई विशेष असामान्यता नहीं पाई गई, स्थिति सामान्य रही। कलेक्टर ने औद्योगिक इकाइयों में श्रम कानून, पर्यावरणीय मानकों व सुरक्षा निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समय-समय पर निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए है।
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 7 नगर निवेश विभाग द्वारा आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और एसडीएम रायपुर श्री नन्द कुमार चौबे, तहसीलदार श्री प्रवीण परमार, जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, उप अभियंता नगर निवेश सुश्री रुचिका मिश्रा की उपस्थिति में जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत गोकुल नगर नया सवेरा स्कूल के पास अवैध रोड को जेसीबी मशीन की सहायता से काटकर अवैध निर्माण पर तत्काल कारगर रोक लगायी गयी और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निराकरण किया गया.
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राजनांदगांव । प्रधानमंत्री जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान धरती आबा के तहत जिले में 15 से 30 जून 2025 तक कलस्टरवार विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में अभियान के तहत जनजातीय समुदाय को 25 प्रकार की गतिविधियां, 17 मंत्रालयों की सेवाएं विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजना से लाभान्वित करते हुए आत्मनिर्भर किया जाएगा। जिले के सभी विकासखंडों के 105 चयनित ग्रामों हेतु कलस्टरवार आयोजित शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, मुद्रा लोन, पेंशन योजना, मनरेगा, जनधन योजना सहित अन्य सेवाएं प्रदान की जाएगी।
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राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में तहसील कार्यालयों में जनसामान्य के सुविधा की दृष्टिगत तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज 14 जून को तहसील कार्यालय छुरिया में तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन किया गया है। नागरिक शिविर में शामिल होकर राजस्व संबंधित प्रकरणों का निराकरण करा सकते है।
कलेक्टर ने शिविर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवार को उपस्थित रहकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए है। तहसील स्तरीय राजस्व शिविर में अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, धारा 115 के तहत त्रुटि सुधार सीमांकन, डायवर्सन, आरबीसी 6-4, किसान किताब, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाये जाने से संबंधित आवेदन प्रमुख रूप से प्राप्त कर अतिशीघ्र निराकरण करना सुनिश्चित किया जाएगा। जिन आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया जाना संभव हो, उसे तत्काल शिविर स्थल में ही निराकृत किया जाएगा। शिविर में संबंधित न्यायालय के रीडर, भुईयां ऑपरेटर द्वारा त्वरित किये जा सकने वाले न्यायालयीन संबंधी कार्य तत्काल पूर्ण किए जाएंगे।
























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