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वृद्धजनों एवं मानसिक दिव्यांग बच्चों के साथ बैठकर की आत्मीय बातचीत, फल एवं खाद्य सामग्रियों का किया वितरण
कलेक्टर के मधुर एवं आत्मीय व्यवहार से अभिभूत हुए बच्चे एवं वृद्धजन
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के समीप स्थित ’अपना घर’ वृद्धाश्रम एवं जिला मुख्यालय बालोद के जयस्तंभ चैक में स्थित मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों का आश्रय स्थल घरौंदा का निरीक्षण कर वहाँ के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम एवं घरांैदा में निवासरत बच्चें एव बुजुर्ग कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के मधुर एवं आत्मीय व्यवहार से बहुत ही अभिभूत नजर आ रहे थे। इस मौके पर अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर, उप संचालक समाज कल्याण विभाग श्री अजय गेडाम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय के समीप स्थित ’अपना घर’ वृद्धाश्रम में पहुँचकर वहाँ के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। श्रीमती मिश्रा ने ’अपना घर’ वृद्धाश्रम में पुरूष एवं महिला वृद्धजनों के लिए अलग-अलग बनाए गए कक्ष में पहुँचकर वृद्धजनांे का हालचाल जाना। उन्होंने वृद्धजनों के साथ खाट में बैठकर उनका कुशलक्षेम की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने वृद्धजनों को वृद्धाश्रम में उन्हें प्रतिदिन प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, शुद्ध पेयजल, इलाज एवं मनोरंजन आदि के सुविधाओं के अलावा वृद्धाश्रम मंे शौचालय एवं स्नानागार की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्ग श्री लक्ष्मी नारायण श्रीवास्तव और श्रीमती ज्योति, चमेली एवं बेला बाई से बातचीत कर उनके तबीयत के अलावा आज उन्हें मिले भोजन एवं नाश्ते के संबंध में भी जानकारी ली। वृद्धजनों के द्वारा ’अपना घर’ वृद्धाश्रम में उन्हें मिलने वाले भोजन, नाश्ता एवं अन्य सुविधाओं को बेहतर बताया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक से ’अपना घर’ वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के लिए कुल सीट तथा वर्तमान में यहाँ निवासरत वृद्धजनों की संख्या की जानकारी ली। उप संचालक समाज कल्याण विभाग ने बताया कि ’अपना घर’ वृद्धाश्रम में वर्तमान में कुल 15 सीट है जिसमें कुल 12 वृद्धजन निवासरत् है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बुजुर्ग महिलाओं के कक्ष में पहुँचकर वहाँ निवासरत बुजुर्ग महिला श्रीमती सपना भद्रा एवं अन्य बुजुर्ग महिलाओं से उनका हालचाल पूछा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा से बात करते समय कलेक्टर के स्नेहिल व्यवहार एवं अपनापन के कारण बुजुर्ग श्रीमती सपना भद्रा की आँखे सजल हो गई। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने ’अपना घर’ वृद्धाश्रम के रसोई एवं भण्डार कक्ष, बैठक कक्ष आदि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वृद्धाश्रम के रसोई कक्ष में वृद्धजनों के लिए बनाए जा रहे भोजन का भी अवलोकन किया। श्रीमती मिश्रा ने वृद्धाश्रम के कर्मचारियों को वृद्धाश्रम में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने तथा वृद्धाश्रम परिसर में पौधरोपण करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने मौके पर उपस्थित समाज कल्याण विभाग के उप संचालक को चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों की फिजियोथेरेपी आदि कराने के भी निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जय स्तंभ चैक बालोद में स्थित 18 वर्ष से अधिक की आयु के मानसिक दिव्यांग बच्चों के आश्रय स्थल ’घरौंदा’ में पहुँचकर वहाँ के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। श्रीमती मिश्रा ने वहाँ निवासरत बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई-लिखाई, भोजन, नाश्ता, मनोरंजन, आवास आदि की व्यवस्था के अलावा उनके अभिरूचि के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मानसिक दिव्यांग बच्चों को सामान्य जानकारी प्रदान करने हेतु दीवाल में प्रदर्शित की गई फलों के नाम एवं अन्य जानकारियों के संबंध में भी पूछताछ की। कलेक्टर ने दिव्यांग बच्चों से बातचीत कर घरौंदा आश्रय गृह के परिवेश एवं उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की संतुष्टि के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने घरौंदा आश्रय गृह के मनोरंजन कक्ष में पहुँचकर बच्चों के द्वारा बनाए गए पेंटिंग एवं अन्य कला-कृतियों का अवलोकन कर इसकी सराहना की। कलेक्टर ने बच्चों को खूब पढ़ाई-लिखाई एवं निरंतर ज्ञानार्जन की सीख दी। श्रीमती मिश्रा ने घरौंदा आश्रय गृह के रसोई एवं भण्डार कक्ष के अलावा शौचालय एवं स्नानागार आदि का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा घरौंदा आश्रय गृह में निर्मित स्वालंबन केन्द्र का अवलोकन कर वहाँ के गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने घरौंदा आश्रय गृह में निवासरत बच्चों को फल, बिस्किट एवं अन्य खाद्य सामग्री भी प्रदान किया। -
दुर्ग/ परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण के अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन पत्र समस्त प्रमाण पत्रों सहित 9 जून 2025 तक परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग ग्रामीण में कार्यालयीन समय में सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा जमा किया जा सकता है। आंगनबाड़ी केन्द्र निकुम केन्द्र क्रमांक 02 में आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे। आवेदन पत्र आमंत्रण की सूचना संबंधित ग्राम पंचायतों/ग्रामों को दी जा चुकी है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित ग्राम पंचायत एवं परियोजना कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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दुर्ग/ जिले में जल संरक्षण को लेकर एक विशेष पहल मोर गांव, मोर पानी महाअभियान के अंतर्गत व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही है, जिसे “एकेच गोठ, एकेच बानी ’’बूँद-बूँद बचाबो पानी” का नाम दिया गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार एवं सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में यह अभियान गांव-गांव में सक्रियता से संचालित किया जा रहा है।
पाटन विकासखंड के ग्राम भरर में समाधान शिविर के दौरान मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी ने जल संरक्षण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों और मनरेगा श्रमिकों ने जल संरक्षण एवं उसके संवर्धन की जिम्मेदारी ली। जनपद पंचायत पाटन में “जल है तो कल है” के नारों के साथ ग्रामीणों ने जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया और जल बचाने के लिए सामूहिक संकल्प लिया। अभियान का उद्देश्य केवल जल को बचाना नहीं, बल्कि समाज में जल के विवेकपूर्ण उपयोग की आदत विकसित करना और पारंपरिक जल स्त्रोतों के पुनर्जीवन को बढ़ावा देना भी है। कार्यक्रम के दौरान वर्षा जल संचयन के महत्व को समझाया गया और भूजल स्तर में गिरावट को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सभी ग्राम पंचायतों को मानसून से पहले और बाद में भूजल स्तर की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वृक्षारोपण, भूजल दोहन में कमी और समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित कर इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस अभियान में महिला स्व-सहायता समूहों, विशेष रूप से बिहान की दीदियों ने प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीणों को जल संरक्षण के सरल उपायों की जानकारी दी। घर-घर जाकर उन्होंने लोगों को बताया कि किस तरह वर्षा जल संग्रहण किया जा सकता है, पुराने कुओं और तालाबों का जीर्णाेद्धार किया जा सकता है, नलों की लीकेज को रोका जा सकता है और फसल चक्र अपनाकर कम पानी में खेती की जा सकती है।
कार्यक्रम में एक शपथ समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने पानी की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन करने और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने का संकल्प लिया। साथ ही, गांव की दीवारों पर जल संरक्षण से जुड़े प्रेरणादायक नारे लिखे गए और एक पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। जिले की अन्य पंचायतों में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अब गांव के लोग घर-घर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने और पानी का सुदपयोग करने के लिए प्रेरित हुए हैं। इस तरह के सामूहिक प्रयासों से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में संभावित जल संकट से भी प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। -
दुर्ग/ कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन और जनपद पंचायत धमधा के सहयोग से ग्राम पंचायत पथरिया एस में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का सफल क्रियान्वयन किया गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह एवं सीईओ के नेतृत्व में इस स्वच्छता संबंधी महत्वपूर्ण परियोजना को वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रारंभ किया गया।
एफएसटीपी की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चूंकि सेप्टिक टैंक तकनीक से निर्मित शौचालयों का उपयोग 3 से 4 वर्ष हो चुका है, अब इन टैंकों को खाली कराने का अभियान भी सक्रिय रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्देश्य सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले ठोस और तरल अपशिष्टों का सुरक्षित रूप से निपटान करना, रोगाणुओं, बैक्टीरिया और विषाणुओं को समाप्त करना, पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना तथा स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्वच्छता सुविधा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूती प्रदान करती है। इस प्लांट में फिकल स्लज को संकलित कर विशेष वाहनों के माध्यम से प्लांट तक लाया जाता है, जहाँ उसका वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाता है। उपचार के बाद ठोस अपशिष्ट को वर्मी कंपोस्ट या खाद के रूप में पुनः उपयोग के लिए तैयार किया जाता है, वहीं तरल अपशिष्ट को उपचारित कर जल पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है।
प्रारंभिक चरण में सबसे बड़ी चुनौती बिना डी-स्लज वाहन के प्लांट को सक्रिय करना था। इस समस्या के समाधान हेतु जिला प्रशासन द्वारा नगर पंचायत धमधा एवं अहिवारा में उपलब्ध डी-स्लज वाहनों की सहायता से कार्य प्रारंभ किया गया। इसके साथ ही राज्य कार्यालय से ग्रामीण क्षेत्र हेतु स्थायी डी-स्लज वाहन की मांग की गई, जिसके तहत आईसीआईसीआई बैंक रायपुर के सीएसआर फंड से जिला दुर्ग को एक डी-स्लज वाहन प्रदाय किया गया। यह वाहन अब ग्राम पंचायत पथरिया एस एवं लिटिया में स्थापित एफएसटीपी में उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में यह वाहन ग्राम पंचायत पथरिया एस को सौंपा गया है और उसका संचालन एवं संधारण ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत पथरिया एस की सरपंच श्रीमती लुकेश्वरी साहू ने बताया कि विगत एक माह में कुल 14 सेप्टिक टैंकों को खाली किया गया है, जिससे लगभग 21,000 का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस राशि का उपयोग डी-स्लज वाहन चालक, सहायक के वेतन और वाहन के रखरखाव में किया जा रहा है।
ग्रामीणों की सुविधा के लिए जनपद पंचायत धमधा द्वारा दूरभाष नंबर 7869847187 सार्वजनिक किया गया है। इस नंबर पर संपर्क कर डी-स्लज वाहन को घर बुलाया जा सकता है। ग्राम पंचायत द्वारा शुल्क भी तय किया गया है। 5 किलोमीटर की परिधि में 1500, 5 से 15 किलोमीटर के भीतर 3000 और उससे अधिक दूरी के लिए दूरी के अनुसार राशि निर्धारित की गई है। -
किसानों को उन्नत तकनीकों और योजनाओं की दी जाएगी जानकारी, वैज्ञानिक करेंगे गांव-गांव संवाद
दुर्ग/ जिले में 29 मई से 12 जून 2025 तक विकसित कृषि संकल्प अभियान खरीफ 2025 प्रारंभ होने के पूर्व कृषि कार्यों की तैयारी के संबंध में खरीफ मौसम के प्रमुख फसलों से संबंधित आधुनिक तकनीकों, किसानों के लिए उपयोगी विभिन्न विभागीय योजनाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड में फसलवार अनुशंसित मात्रा अनुसार संतुलित उर्वरक के प्रति जागरूक करने तथा किसानों द्वारा किये गये नवाचार के संबंध में फीडबैक के आधार वैज्ञानिक द्वारा कृषि अनुसंधान की आवश्यक दिशा निर्धारण के उद्देश्यांे से चलाया जाना है।
जिले में इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए तीन टीमें प्रति विकासखण्ड हेतु बनाई गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन 2-2 ग्राम प्रति विकासखण्ड एवं जिले में कुल 78 ग्रामों में शिविर आयोजित कर किसानों से सीधा संवाद करेंगी। विकासखण्ड पाटन हेतु रथ को सासंद श्री विजय बघेल, विकासखण्ड दुर्ग हेतु रथ की रवानगी विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चन्द्राकर एवं कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह तथा विकासखण्ड धमधा हेतु रथ की रवानगी विधायक अहिवारा श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर आई.सी.ए.आर./ कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकगण, कृषि/उद्यानिकी / मत्स्य पालन / पशुपालन विभाग के अधिकारीगण तथा कृषकगण उपस्थित रहें।
जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता कर उन्नत खेती अपनाएं, शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लें और वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर अपनी कृषि संबंधी समस्याओं का निराकरण पायें। -
नगर निगम रायपुर द्वारा कराई गई थी चित्रकला और निबंध स्पर्धा
रायपुर। महान शिव भक्तिनी, समाज सुधारिका, कुशल प्रशासिका देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा कराए गए चित्रकला, निबंध स्पर्धा का पुरस्कार वितरण और संगोष्ठी कार्यक्रम रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में 30 मई को दोपहर 12:30 बजे राजधानी शहर के न्यू सर्किट हाउस के द्वितीय तल कनवेंशन हाल में रखा गया है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष नारायण चंदेल, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, दक्षिण विधायक सुनील सोनी, उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी सहित सभी एमआईसी सदस्यगण, जोन अध्यक्ष गण,जनप्रतिनिधि पार्षदगण विशेष अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।
- धमतरी, । शासकीय श्रवण बाधितार्थ बालिका विद्यालय धमतरी में कक्षा पहली से आठवीं तक की श्रवण बाधित दिव्यांग बालिकाओं के लिए प्रवेश शुरू हो गया है। संस्था के अधीक्षक ने बताया कि इस आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लए 6 से 14 साल तक के आयु की दिव्यांग बालिकाएं प्रवेश ले सकतीं हैं। आवेदन के साथ पिछली कक्षा की अंकसूची, नगरनिगम या चिकित्सा विभाग द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा अभिप्रमाणित जाति, निवास आय प्रमाण पत्र, समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी यूडीआईडी कार्ड लगाना होगा। इसके साथ ही आधार कार्ड की छायाप्रति, जिला चिकित्सालय द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साईज के 10 फोटो, ब्लड ग्रुप, बैंक पासबुक, राशनकार्ड की छायाप्रति सहित पहचान का निशान और सिकलसेल अथवा अन्य कोई बीमारी हो तो उसका भी उल्लेख करना होगा। अधीक्षक ने यह भी बताया कि यदि पहले से अध्ययनरत है, तो स्थानांतरण प्रमाण पत्र मूल में और जिले के बाहर के टीसी में जिला शिक्षा अिकारी का प्रतिहस्ताक्षर जरूरी होगा।
- -विभिन्न योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित, खिले चेहरेबिलासपुर /अपर मुख्य सचिव, जेल गृह विभाग एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ सुशासन तिहार के तहत मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम बकरकुदा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुशासन स्थापित करना सुशासन तिहार तक ही न सीमित रहे। अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहंुचाना ही सुशासन तिहार का उद्देश्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण करें। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण की अपील की। गरमी के मौसम में धान की जगह कम पानी लेने वाले लाभदायी फसल लगाने की बात कही। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सतकली बावरे, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, जनपद पंचायत सदस्य श्री ज्वाला प्रसाद बंजारे, सरपंच श्रीमती काजल भास्कर, एडीशनल एसपी श्रीमती अर्चना झा, एसडीएम श्री प्रवेश पैकरा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। शिविर में 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया गया। इनमें टिकारी, चौहा, अकोला, बकरकुदा, डोडकी, ईटवा, पाली, विद्याडीह, कुटेला, चकरबेड़ा, डगनिया, सरसेनी, मटिया और बूढ़ीखार शामिल है। शिविर में 4656 आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई जिनमें से 98 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों से जल संरक्षण की अपील की। उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि प्राप्त आवेदनों में प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड और शौचालय निर्माण की मांग की संख्या ज्यादा है। कलेक्टर ने कहा कि जो पहले चरण में मांग और शिकायतों से संबंधित आवेदन नहीं दे पाए हैं वे शिविर में ही अपने आवेदन दे सकते हैं। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा समूह की दीदियों को 4 लाख 80 हजार रूपए का चेक, कृषि विभाग द्वारा किसानों को लपेटा पाईप सहित अन्य सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने शिविर में बड़ी संख्या में बीपी, शुगर की जांच कराई। स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा दवाईयों का वितरण किया गया।
- -कहा-निजी भवनों की तरह गुणवत्तापूर्ण क्यों नहीं बन सकते सरकारी बिल्डिंग-लोक निर्माण विभाग को 10 हजार पौधे लगाने का दिया लक्ष्यबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक के क्रम में आज लोक निर्माण विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कदापि समझौता नहीं किया जायेगा। सड़क एवं भवन निर्माण के हर स्तर पर एसडीओ एवं सब इंजीनियर मौजूद रहकर बराबर निरीक्षण करते रहें। किसी भी हालत में केवल ठेकेदार के भरोसे काम नहीं छोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपना निजी भवन निर्माण में गुणवत्ता एवं सुन्दरता का सूक्ष्मता से ध्यान रखते हैं, वैसे सरकारी भवन निर्माण में क्यों नहीं होने चाहिए। बजट एवं अन्य खर्चों में तो कोई कमी सरकारी काम में नहीं होती। उन्होंने लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक एक को चालू बरसात के सीजन में 10 हजार बड़े आकार के पौधे लगाने का लक्ष्य दिया। हर सड़क एवं बड़े बिल्डिंगों में सुरक्षित जगह पर इसे रोपा जाये।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि पौधरोपण एवं जल संरक्षण हर तरह के निर्माण कार्य का अनिवार्य हिस्सा है। इसके लिए अलग से बजट की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सब इंजीनियर एवं एसडीओ से परिचय प्राप्त कर उनके एक-एक काम की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोगों की लम्बी प्रतीक्षा के बाद सड़क एवं भवन निर्माण कार्य मंजूर होते हैं। लिहाजा उनकी गुणवत्ता से कतई समझौता नहीं किया जाये। इसके साथ ही समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो, उसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने मेन्टेनेंस पीरियड वाले सड़कों के ठेकेदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वे नियमित रूप से समय-समय पर सड़कों का रख-रखाव करते रहें, इस पर निगरानी करते रहें। कलेक्टर ने कहा कि 16 जून से स्कूल खुलने वाले हैं, इसलिए स्कूल निर्माण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता से इसके पहले पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा अधिग्रहित किये गये भूमि को राजस्व रिकार्ड में अपने नाम करा लेने के निर्देश भी दिए। ऐसा नहीं हुए रहने से बाद में अधिग्रहित किये गये भूमि मालिक के वारिसानों द्वारा विवाद किये जाने की संभावना बनी रहती है। उन्होंने संबंधित तहसीलदारों को भी इसे प्राथमिकता से साथ नामांतरण करने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि ठेकेदारों के भुगतान में भी अनावश्यक विलंब नहीं होने चाहिए। उनके कार्य यदि समय पर नियमों के अनुरूप पूर्ण हो चुके हैं, तो त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जाये। उन्हांेने प्रयास आवासीय विद्यालय की गुणवत्ता पर नाराजगी दिखाई और बच्चों के लिए खेल मैदान विकसित करने के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक एक में 716 करोड़ रूपए के 171 कार्य स्वीकृत हुए हैं। अधिकांश कार्य निविदा के स्तर पर हैं। बैठक में पीडब्ल्यूडी क्रमांक एक के ईई सीएस विन्ध्यराज सहित सभी एसडीओ एवं सब इंजीनियर उपस्थित थे।
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बिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के प्रचार के लिए विशेष रूप से सुसज्जित वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये अभियान आज 29 मई से शुरू हुआ है, जो कि 12 जून तक चलेगा। केंद्रीय कृषि मंत्रालय नई दिल्ली और राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा मिलकर इस अभियान को चलाया जा रहा है। गांव गांव पहुंचकर वाहन के जरिए किसानों को उन्नत और जैविक खेती के बारे में जागरूक किया जाएगा। कृषि वैज्ञानिक इस दौरान किसानों से सीधा संवाद करेंगे। इस अवसर पर उप संचालक कृषि पीडी हथेस्वर, उप संचालक मछलीपालन श्री महीश्वर , केवीके के वैज्ञानिक अरुण त्रिपाठी, उप संचालक उद्यान श्री लौतरे आदि अधिकारी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जनसामान्य के सुविधा की दृष्टिगत जिले में 4 जून से 14 जून 2025 तक तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन संबंधित तहसील परिसर में किया जाएगा। इसके अंतर्गत तहसील मुख्यालय राजनांदगांव में 4 जून, तहसील मुख्यालय डोंगरगढ़ में 5 जून, तहसील मुख्यालय डोंगरगांव में 6 जून, तहसील मुख्यालय घुमका में 7 जून, तहसील मुख्यालय लाल बहादुर नगर में 12 जून, तहसील मुख्यालय कुमरदा में 13 जून एवं तहसील मुख्यालय छुरिया में 14 जून 2025 को तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने शिविर के आयोजन के लिए संबधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को नोडल अधिकारी एवं संबंधित तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
तहसील स्तरीय राजस्व शिविर में अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, धारा 115 के तहत त्रुटि सुधार सीमांकन, डायवर्सन, आरबीसी 6-4, किसान किताब, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाये जाने से संबंधित आवेदन प्रमुख रूप से प्राप्त कर अतिशीघ्र निराकरण करना सुनिश्चित किया जाएगा। जिन आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया जाना संभव हो, उसे तत्काल शिविर स्थल में ही निराकृत किया जाएगा। शिविर में संबंधित न्यायालय के रीडर, भुईयां ऑपरेटर द्वारा त्वरित किये जा सकने वाले न्यायालयीन संबंधी कार्य तत्काल पूर्ण किए जाएंगे। शिविर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवार उपस्थित रहेंगे। - -अगले हफ्ते तक व्यवस्था सुधार करते हुए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट आर्डर की संख्या डबल करने हेतु दिए गए निर्देश-हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नियमों के अनुसार लगाए जाएं, नियम विरूद्ध कार्य करने पर जांच उपरांत होगी सख्त कार्रवाईरायपुर / आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सचिव सह परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश की अध्यक्षता में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के अनुबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि एवं समस्त परिवहन अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। सचिव सह परिवहन आयुक्त महोदय द्वारा क्रमिक रूप से सभी बड़े शहरों जैसे- रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर, जगदलपुर में हो रहे हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट की प्रगति पर समीक्षा की गई।बैठक में जिला स्तर पर लग रहे मोबाईल कैम्प एवं मोबाईल नंबर अपडेटेशन एवं समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि परिवहन विभाग द्वारा संचालित कैम्प तथा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हेतु अनुबंधित कंपनी के फिटमेंट सेंटर में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क लिये जायेंगे, इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। डीलर प्वाईंट एवं घर पहुंच सेवा हेतु नियम अनुसार अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नंबर प्लेट केन्द्रीय मोटरयान नियम के तहत लगाया जाए, अर्थात् उसे वाहनों के दृश्य स्थानों पर स्थायी रूप से फिट किया जाए।जगदलपुर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि चेकिंग के दौरान कुछ वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट बिना फिट किए गए वाहन में पाए गए। जिसमें यह जानकारी मिली कि कुछ फिटमेंट सेंटर / डीलर प्वाईंट द्वारा हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट बिना फिट किए हुए वाहन मालिक को दे दी गई है। इस पर सचिव सह परिवहन आयुक्त ने इस संबंध में जांच कर सही पाए जाने पर फिटमेंट/डीलर प्वाईंट पर वैधानिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।सचिव सह परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने अगले हफ्ते तक प्रत्येक जिले में फिटमेंट डबल करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने दोनों कंपनियों को पांच प्रमुख जिला रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर एवं सुकमा तथा बीजापुर व नारायणपुर नक्सल बाधित संवेदनशील जिला होने के कारण हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट फिटमेंट सेंटर के संबंध में कार्यायोजना तैयार करने हेतु निर्देश दिए। मोबाईल नंबर अपडेट की समस्या के निराकरण हेतु परिवहन अधिकारियों को पीएसके के साथ-साथ लोकल मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से मोबाइल नंबर अपडेटेशन के लिए आरटीओ कर्मचारियों के व्हाट्सअप नंबर शेयर करने हेतु बोला गया।बैठक में निर्देशित किया गया कि हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के अधिक से अधिक इंस्टालेशन हेतु जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील स्तर में भी स्थायी रूप से फिटमेंट सेंटर की स्थापना की जाए। साथ ही साथ कार्यबल में वृद्धि सुनिश्चित करते हुए कार्यालय या कैम्प के माध्यम से आर्डर किए गए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का फिटमेंट 1 सप्ताह के भीतर संबंधित परिसर या नजदीकी फिटमेंट सेंटर से किया जाए। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट फिटमेंट सेंटर में बैठक व्यवस्था एवं पीने का पानी का पर्याप्त व्यवस्था किये जाने हेतु निर्देश दिए गए। उक्त कार्यो के समीक्षा हेतु पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
- -"अब समय है चुप्पी तोड़ने का, खुलकर बोलने का" — अमरजीत सिंह छाबड़ा-विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर प्रेरणास्पद चर्चा और सम्मान समारोह का आयोजनरायपुर / ब्लू बर्ड फाउंडेशन द्वारा विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर वृंदावन हॉल, सिविल लाइंस में चर्चा और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा मुख्य अतिथि रहीं तथा छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।डॉ. शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा, “मासिक धर्म पर कैसी शर्म? यह विषय मन से जुड़ा है। पहले मन को समझें, स्वीकार करें, फिर शर्म जैसी कोई बात नहीं रह जाती।” उन्होंने कहा कि यह समय है जब समाज को मासिक धर्म जैसे विषयों पर खुलकर संवाद करने की आवश्यकता है। ऐसे आयोजनों से न केवल वर्जनाएं टूटती हैं, बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को भी बल मिलता है।श्री अमरजीत छाबड़ा ने कहा, “हम एक ऐसे समाज से आए हैं जहाँ चुप्पी को मर्यादा माना जाता था। पीड़ा को सहना सिखाया जाता था, परंतु बोलने से रोका जाता था। आज जब महिलाएं, पुरुष और युवा मिलकर खुलकर बोल रहे हैं, तो यह बदलाव स्वागत योग्य है। यह संवाद नई पीढ़ी को साहस देगा।”इस आयोजन का उद्देश्य मासिक धर्म के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ना और एक स्वस्थ, संवेदनशील तथा समानता-आधारित संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना था।कार्यक्रम का संयोजन ब्लू बर्ड फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती सुधा वर्मा और होटल पाम क्लब इन एवं रूफटॉप वेलनेस की संचालिका श्रीमती सोना काले द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।इस वर्ष की थीम रही — “बाधाएं तोड़ना, आवाज़ों का उत्सव मनाना।”पैनल चर्चा की मुख्य बातें:कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात महिलाएं पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुईं और मासिक धर्म से जुड़े मिथकों, स्वास्थ्य मुद्दों और सामाजिक दृष्टिकोणों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए:* डॉ. संजना अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ: मासिक धर्म को "अशुद्ध" मानने की धारणा का खंडन करते हुए बताया कि यह जैविक प्रक्रिया महिला स्वास्थ्य का संकेत है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में टैम्पोन व मेंस्ट्रुअल कप के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।* डॉ. उज्ज्वला वर्मा, त्वचा रोग विशेषज्ञ: लंबे समय तक सैनिटरी नैपकिन के प्रयोग से होने वाली त्वचा समस्याओं की जानकारी दी और समय-समय पर उत्पाद बदलने की सलाह दी।* डॉ. निमिषा काले , स्वास्थ्य कार्यकर्ता: विद्यालयों में मासिक धर्म शिक्षा अनिवार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे लड़कियों को शुरू से ही जानकारी और आत्मबल मिले।* मिस आस्था वर्मा, सह-संस्थापक, अमानत: कमज़ोर वर्ग की लड़कियों पर मासिक धर्म से जुड़ी मान्यताएँ का प्रभाव और उनकी शिक्षा में रुकावटों पर प्रकाश डाला।* श्रीमती स्निग्धा चक्रवर्ती, निदेशक, माँ फाउंडेशन: मासिक धर्म के रक्त को "गंदा" मानने की भ्रांति को तोड़ते हुए इसे एक स्वाभाविक, स्वच्छ प्रक्रिया बताया।* श्रीमती प्रियंका शर्मा, पुलिस निरीक्षक: पुरुष प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं पर मानसिक दबाव और आत्मविश्वास की चुनौतियों को रेखांकित किया।* मिस कामना बावनकर, इस्कॉन प्रचारक: बाह्य व आंतरिक स्वच्छता दोनों पर बल देते हुए धार्मिक ग्रंथों में मासिक धर्म के मानवीय दृष्टिकोण की चर्चा की।* मिस निधि काले, विधि छात्रा: मासिक धर्म के दौरान किसी भी गतिविधि में रोक लगाने का कोई कानूनी आधार नहीं है, और इसे मानव अधिकारों के तहत मान्यता देने की मांग की।* श्रीमती हर्षा साहू, आत्म-रक्षा प्रशिक्षक: बताया कि मासिक धर्म के दौरान भी लड़कियां शारीरिक रूप से सक्षम होती हैं और आत्मरक्षा सहित सभी गतिविधियाँ कर सकती हैं।* श्रीमती सुनीता जड़वानी, संचालिका, खूबसूरत बुटीक: आत्मविश्वास बढ़ाने वाले परिधानों को अपनाने की सलाह दी और घरेलू कामकाजी महिलाओं को जागरूक करने की बात कही।सम्मान समारोह:कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इन महिलाओं के योगदान को न केवल समाज के लिए प्रेरणास्रोत माना गया, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश भी बना।इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे, जिनमें शिक्षाविद्, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता, युवतियाँ एवं छात्र-छात्राएँ शामिल थे। ब्लू बर्ड फाउंडेशन ने इस आयोजन के माध्यम से मासिक धर्म जैसे संवेदनशील विषय को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक साहसिक और सराहनीय कदम उठाया है।
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दंतेवाड़ा । शासन की महती योजनाओं का सीधा जनता को लाभ पहुँचाने एवं लोगों को योजनाओं की जानकारी प्रदान करने मान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अनुकरणीय पहल सुशासन तिहार 2025 का आयोजन सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में किया जा रहा है। इस कड़ी में नगर पालिका बड़े बचेली के वार्ड 15 बंगाली केम्प के दुर्गा मंडप में वार्ड 13,14,15 में प्रथम चरण में प्राप्त 64 आवेदन का निराकरण शिविर में किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुंजाम, नगर उपाध्यक्ष श्री सतीश प्रेमचंदानी, मण्डल अध्यक्ष श्री अमलेन्दु चक्रवर्ती के द्वारा शासन के योजनाओं का विस्तार से समझाया गया। इस कार्यक्रम में नवीन राशन कार्ड, आधार अपडेट, राजस्व प्रकरण, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही महिला बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर के मुख्य अतिथि श्री कुंजाम द्वारा शिविर के प्रत्येक पंडाल मे अधिकारियों से सम्पर्क कर योजनाओं को एवं सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली एवं सुझाव दिया गया। इस शिविर में नगर पालिका के पार्षद श्री दीपक सरकार, पार्षद श्री धंसिंग नाग, पार्षद श्रीमती झिलकी नाग, पार्षद श्रीमती बिना साहू, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री कृष्णा राव, उप अभियंता श्री संतोष नेगी एवं महिला बाल विकास विभाग, ऊर्जा विभाग, राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -जल जीवन मिशन के तहत ’’हर घर जल’’ प्रमाणित ग्रामों में विद्युतीकरण आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा कलेक्टर नेदंतेवाड़ा । आज कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत शहरी एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को सीधा लाभ देने के लिए विद्युत विभाग लक्ष्य निर्धारण कर इस महत्वाकांक्षी योजना को कार्यान्वित करें। इसके लिए विभागीय अंभियताओं का दायित्व है कि अपने-अपने अनुभाग में उपभोक्ताओं को इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कर दिए गए लक्ष्य की पूर्ति करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन अन्तर्गत पूर्ण हो चुके ’’हर घर जल’’ प्रमाणित ग्रामों में विद्युत वितरण कार्य को व्यक्तिगत रूचि लेते हुए प्राथमिकता देवें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित ट्रांसफार्मर में खराबी आने पर उसको बदलने के प्रक्रिया को अविलंब पूरा करने, स्मार्ट मीटर लगाने, के संबंध में भी दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि अविद्युतीकृत मजरे, पारे, टोले का सर्वे कार्य के दौरान पारो, टोलो में जनसंख्या, परिवारों की संख्या तथा नजदीकी विद्युत उप केन्द्र से निर्धारित दूरी की जानकारी भी प्रस्ताव में दर्षाए। बैठक में इसके अलावा कलेक्टर ने नियद नेल्लानार चयनित ग्रामों में विद्युतीकरण, सुशासन तिहार के तहत विभाग के समक्ष आए आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी चाही।बैठक में जानकारी दिया गया कि जिले के पारे मजरे टोले में विद्युतीकरण योजना के तहत 581 ग्रामों में स्वीकृत किया गया है जो अभी निविदा प्रक्रियाधीन है। इसके साथ ही भांसी, पातररास, रोंजे, फरसपाल में विद्युत सब स्टेशन के नवीन प्रस्ताव स्वीकृत किए गए है। इसी प्रकार चितालूर में भी 33/11 केवी सबस्टेशन का कार्य जून माह तक पूर्ण हो जाएगा। बैठक में मुख्य विद्युत अभियंता श्री बीसी सिंह सहित एवं विद्युत विभाग के कनिष्ठ एवं वरिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।
- दंतेवाड़ा, । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र से प्राप्त जानकारी अनुसार 02 जून से 07 जून 2025 दिन शनिवार तक 06 दिवस हेतु स्थान डैनेक्स बारसूर में प्रातः 10 बजे से शाम 05 बजे तक प्रतिदिन प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इस प्लेसमेंट कैम्प हेतु सिलाई आपरेटर के 80, नॉन ऑपरेटर के 70 पदों में नियुक्तियां की जाएगी। इस संबंध इच्छुक आवेदिका, आवेदक प्रातः 10 से 06 बजे तक निर्धारित स्थल पर अपनी समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, एक सेट छायाप्रतियां, आधार कार्ड, एक पासपोर्ट साईज फोटो सहित, उपस्थित होकर अवसर का लाभ ले सकते है। यह आयोजन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।
- रायपुर। / आबकारी विभाग रायपुर द्वारा अवैध मदिरा के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह के निर्देश पर जिला आबकारी टीम द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 69.68 बल्क लीटर अवैध मदिरा एवं 04 दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं।सूचना के आधार पर दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। मेकाहारा हॉस्पिटल के सामने आरोपी उमाकांत सामंता एवं शंकर नगर क्षेत्र में आरोपी कमलाकर मिश्रा के कब्जे से अवैध मदिरा मध्यप्रदेश राज्य की 10 बोतल जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, 04 बोतल जॉनी वॉकर रेड लेबल, 07 बोतल ब्लेंडर प्राइड व्हिस्की, छत्तीसगढ़ राज्य की 05 बोतल बुडवाइजर मैग्नम बियर, 02 कैन बुडवाइजर मैग्नम बियर जब्त की गई है।कुल जब्त मदिरा की मात्रा 20 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत 60 हजार 590 रूपए है। दोनों आरोपियों से 02 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। इनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36, व 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई है।इसके अलावा 28 मई को भी चार विभिन्न मामलों में भी कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी ग्राम चिंगारियां निवासी लीलाप्रसाद डहरिया, गुड़ियारी निवासी संदीप यादव, देवार मोहल्ला निवासी विजेंद्र देवार और लालपुर निवासी अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई।इन मामलों में कुल 40.68 बल्क लीटर देशी मसाला मदिरा एवं 9.0 बल्क लीटर गोवा स्पेशल व्हिस्की पाव के साथ 02 दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
- = गर्भवती महिलाओं का हो रहा उपचार एवं सुरक्षित प्रसवरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार डीएमफ मद का स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में बेहतरी के लिए उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बलरामपुर में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए इस मद से जिला चिकित्सालय बलरामपुर में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई है।गौरतलब है कि जिला अस्पताल बलरामपुर में लम्बे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव में गर्भवती माताओं को सुरक्षित प्रसव और चिकित्सीय सलाह और इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था, परन्तु अब यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होने से गर्भवती माताओं को अपने जिले में ही इलाज की बेहतर सुविधा प्राप्त हो रही है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला खनिज न्यास मद से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम मित्रा (डीएनबी) की नियुक्ति हुई है, जिन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। अस्पताल में लम्बे समय से बंद पड़े सर्जरी विभाग फिर से शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं होने से जिले के गर्भवती माता जिन्हें ऑपरेशन की जरुरत पड़ती थी उन्हें अंबिकापुर जिला अस्पताल भेजा जाता था, लेकिन अब यह सुविधा जिला अस्पताल बलरामपुर में ही शुरू हो गयी है।स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम मित्रा के द्वारा जिला चिकित्सालय बलरामपुर के प्रसूति वार्ड में भर्ती 25 वर्षीय श्रीमती नीलम मिंज का मेजर सर्जरी किया गया, जो सफल रहा। माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, बच्चे का वजन लगभग 3.2 किलोग्राम है जोे चिकित्सकों के निगरानी में है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता ने कहा कि जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होना जिले के लिए उपलब्धि है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के आ जाने से जिले के सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और उपचार की बेहतर सुविधा मिल रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक कदम उठाए जा रहें हैं इससे किसानों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है। छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को समृद्धि की नई दिशा देने में उद्यानिकी खेती एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं के समन्वय से राज्य के किसान अब पारंपरिक सीमाओं को पार करते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।सक्ति जिले के डभरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दर्री निवासी श्री सोमप्रसाद पटेल, पिता श्री ठंडाराम पटेल, लंबे समय तक परंपरागत खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे। सीमित आमदनी और अस्थिर उत्पादन के कारण आर्थिक स्थिति स्थिर नहीं हो पा रही थी। ऐसे में जब उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई तो उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में स्वीकार किया।योजना से जुड़ाव और खेती में नवाचारश्री पटेल ने वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना में भागीदारी की। उन्होंने 0.500 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती प्रारंभ की। योजना के तहत उन्हें 10 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया, जिससे उन्हें प्रारंभिक संसाधनों की व्यवस्था में सहायता मिली।आधुनिक तकनीकों से बढ़ी उपज और आयश्री पटेल ने खेती में ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाया। परिणामस्वरूप, उन्हें 18 हजार किलोग्राम टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे स्थानीय थोक बाजार दरों के अनुसार 2 लाख 70 हजार की शुद्ध आय प्राप्त हुई। यह आय परंपरागत धान फसलों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक है।नवाचार बना प्रेरणा का स्रोतअब श्री पटेल एक सफल प्रगतिशील किसान के रूप में क्षेत्र में पहचाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में परंपरागत खेती से उन्हें सीमित लाभ होता था, लेकिन अब उद्यानिकी फसलों से उन्हें नियमित, अधिक और सुनिश्चित आय प्राप्त हो रही है।उनकी सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और उद्यानिकी खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। श्री पटेल ने छत्तीसगढ़ सरकार एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रदान की गई तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन की विशेष प्रशंसा की है।
- रायपुर। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोड़ में समाधान शिविर में उपस्थित रहीं। छत्तीसगढ़ सरकार की “संवाद से समाधान” पहल के तहत आयोजित इस शिविर में खोड़ क्लस्टर के आठ ग्राम पंचायतों-बेदमी, छतोली बीजो, इंजानी, करवा, केसर, खोंड़, मसंकी और टमकी के नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन के समक्ष रखीं।शिविर के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट और सौर ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिस पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और क्रेडा के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की “संवाद से समाधान” पहल की सराहना की और कहा कि इस अभियान के माध्यम से शासन सीधे जनता से जुड़ रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है। शिविर के दौरान ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं के निराकरण के साथ ही कई नए आवेदन भी प्राप्त हुए। ग्रामीणों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचाने का सशक्त मंच मिला है। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने देवी अहिल्याबाई होल्कर की स्मृति में समाज सेवा में योगदान देने वाली पाँच महिलाओं को साड़ी और नारियल भेंट कर सम्मानित किया।
- -गोद लिए गांवों में होगा समावेशी मानव केन्द्रित विकासरायपुर,। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने एक नई पहल करते हुए, प्रदेश के तीन गांवों को गोद लेने का संकल्प लिया है। बेमेतरा जिले के टेमरी, गरियाबंद जिले के मड़वा डीह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सोनपुरी गांव को गोद लेने के लिए चयन किया गया है। इन गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं के हेतु समुदाय को शामिल करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की पहल की जाएगी। इसके लिए पृथक से कोई राशि का आबंटन नहीं किया जाएगा, बल्कि विभिन्न योजनाओं में उपलब्ध राशि के समुचित उपयोग एवं निगरानी से ही यह कार्य किया जाएगा। गांवों को गोद लेने से सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में ‘मानव-केंद्रित‘ दृष्टिकोण के साथ गांवों के समावेशी विकास के उद्देश्य पर अधिक जोर दिया जा सकेगा।राज्यपाल श्री डेका द्वारा जिन गांवो को गोद लिया जा रहा है उनमें जल संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाना, शिक्षा ,स्वास्थ्य एवं पोषण, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, सतत् कृषि, विरासत एवं संस्कृति के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जल संरक्षण के लिए अमृत सरोवर बनाने एवं नरेगा एवं जल जीवन मिशन से कार्य कराए जाने, कैम्पा, नरेगा, वृक्षारोपण अभियान के जरिए हरित आवरण बढ़ाने, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के शाला छोड़ने की दर को कम करने के लिए स्कूलों में अभिभावकों के साथ मीटिंग करने, पुस्तकालयों में शिक्षाप्रद एवं आकर्षक पुस्तकें रखे जाने, एनसीसी, स्कूलों का जीर्णोंद्धार आदि कार्यो पर ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीणों के स्वास्थ्य की बेहतरी एव्ं पोषण के लिए टी बी उन्मूलन, स्वच्छता अभियान, आईसीडीएस, पर जोर रहेगा। ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए एनआरएलएम, स्व सहायता समूह, कौशल प्रशिक्षण, ग्रामीण उद्यमिता सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बुजुर्गों एवं दिव्यांगों की देखभाल, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाएगा। कृषि में सुधार के लिए जैविक खेती, पारंपरिक कृषि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, विरासत और संस्कृति-स्थानीय और ग्रामीण पर्यटन, विरासत स्थल के संरक्षण हेेतु सामुदायिक प्रयास किए जाएंगे।इसके अलावा गोद लिए गए गांवों की निगरानी समय-समय पर की जाएगी और विभिन्न परियोजनाओं के परिणाम के रूप में मापने योग्य संकेतकों का मूल्यांकन किया जाएगा जैसे भूजल स्तर में वृद्धि, हरित क्षेत्र में वृद्धि, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों में शाला छोड़ने की दर आदि। कुल मिलाकर गोद लिए गए गांव संबंधित जिला प्रशासन के लिए गांव के सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय विकास हेतु एक समावेशी मानव केंद्रित दृष्टिकोण रखने के लिए मार्ग दर्शक के रूप में कार्य करेंगे।उल्लेखनीय है कि गत वर्ष अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित राज्यपालों के सम्मेलन में सभी राज्यपालों को प्रधानमंत्री फ्लेगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में प्रत्येक जिले के अधिकारियों के साथ चर्चा करने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी निर्देश के परिपालन में राज्यपाल श्री डेका लगातार प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर केन्द्र की फ्लेगशिप योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का फीडबैक ले रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने कुछ गांवों को आदर्श गांव की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प लिया।
- रायपुर //मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में मध्यप्रदेश शासन के शहरी विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े विविध विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री विजयवर्गीय का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक शॉल एवं नंदी भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज भी उपस्थित थे।
- - IIIDEM में प्रारंभ हुआ अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण बैच:छत्तीसगढ़ के 96 अधिकारी हुए शामिल-मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दी विधिक प्रावधानों की जानकारी, पारदर्शिता व दक्षता को बताया चुनावी सफलता की कुंजीरायपुर /भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की आठवीं श्रृंखला का शुभारंभ आज नई दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में हुआ। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के 96 निर्वाचन अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए हैं।मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से आए बूथ लेवल अधिकारी, बीएलओ सुपरवाइज़र्स, ईआरओ तथा डीईओ को संबोधित किया। उन्होंने निर्वाचन व्यवस्था को पारदर्शी, सुसंगत और विधिसम्मत बनाए रखने में इन अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।उल्लेखनीय है कि यह अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण बैच है, जिसमें कुल 373 प्रतिभागी शामिल हैं – जिनमें से उत्तर प्रदेश से 118, मध्यप्रदेश से 130, छत्तीसगढ़ से 96 और हरियाणा से 29 अधिकारी हैं। इस श्रृंखला के माध्यम से आयोग दो माह में अब तक 3,720 से अधिक मैदानी चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है।अपने संबोधन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 एवं 1951, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1960, निर्वाचन संचालन नियम 1961 तथा आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की जानकारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव की समस्त प्रक्रियाएँ विधिक प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हों।मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि प्रशिक्षण के दौरान वे लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24(a) (जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील) और धारा 24(b) (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील) की प्रक्रिया से भी परिचित रहें। उन्होंने बीएलओ व पर्यवेक्षकों को सलाह दी कि वे क्षेत्रीय सत्यापन के समय इन प्रावधानों की जानकारी मतदाताओं को भी दें।उल्लेखनीय है कि 6 से 10 जनवरी 2025 के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के बाद छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से किसी प्रकार की अपील प्राप्त नहीं हुई – जो क्षेत्रीय अधिकारियों के सतर्क, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से दक्ष होने का प्रमाण है।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता पंजीकरण, फॉर्म प्रबंधन और चुनाव प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पक्ष को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को ईवीएम (EVM), वीवीपैट (VVPAT) और मॉक पोल से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विशेष सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईटी टूल्स के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया है। इससे अधिकारी डिजिटल प्रक्रिया, डेटा प्रबंधन और निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता प्राप्त कर सकेंगे, जिससे भविष्य के चुनाव अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाए जा सकेंगे।भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण श्रृंखला लोकतंत्र की मजबूती में एक और ठोस कदम है, जिसमें छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सुनिश्चित करता है कि आने वाले चुनावों में भी निर्वाचन कार्य में नियोजित अधिकारी एवं कर्मचारी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के उच्चतम मानकों का पालन करेंगे।
- -मुख्यमंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नागरिक अभिनंदन समारोह में हुए शामिलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम सभागार में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक के तहत आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है। हमारे देश में विश्व में सबसे ज्यादा युवा हैं। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। यह बहुत खुशी की बात है की छत्तीसगढ़ की धरती पर यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिषद बैठक आयोजित हो रही है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा के सभी शीर्षस्थ संस्थान स्थापित हैं। आज हमारे प्रदेश में युवा आईआईटी, एम्स, ट्रिपल आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे राष्ट्रीय संस्थानों में पढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति लागू है। नई शिक्षा नीति के तहत हम युवाओं को रोजगार से भी जोड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रयास जैसी संस्था स्कूली बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रही है। प्रयास में पढ़े बच्चे बड़ी संख्या में प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे युवा जो सिविल सेवा आदि परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उनके लिए नई दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल स्थापित है। हमने इस ट्राईबल यूथ हॉस्टल की क्षमता को बढ़ाकर 200 सीट कर दिया है। प्रदेश भर में हम नालंदा परिसर बना रहे हैं जहां बच्चे एक शांत वातावरण में पढ़ाई कर सकें। हमने यहां पहल की है कि मेडिकल की पढ़ाई भी छात्र हिंदी भाषा में कर पाएं। प्रदेश में प्राथमिक स्तर के बच्चों को उनकी मातृभाषा गोंडी, हल्बी आदि में शिक्षा दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की पूरे देश में सराहना की जा रही है। नई औद्योगिक नीति के तहत हम न सिर्फ राज्य में निवेश ला रहे हैं बल्कि बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण और एआई डाटा सेंटर का कार्य प्रारंभ हुआ है। इन क्षेत्रों में भी युवाओं के रोजगार की बड़ी संभावना सृजित होगी। हमारी सरकार ने पीएससी में हुए भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई को सौंपी है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान डेढ़ साल में सरकार द्वारा किये कार्यों का फीडबैक हम जनता से ले रहे हैं। सुशासन तिहार का अभी तीसरा चरण चल रहा है, जिसके तहत हम पूरे प्रदेश का भ्रमण कर रहे हैं। प्रथम चरण में जो आवेदन प्राप्त हुए उनका द्वितीय चरण में हमारे अधिकारियों के द्वारा निराकरण किया गया। अब तृतीय चरण में हम जनता के पास जा रहे हैं। डेढ़ साल में हमने प्रधानमंत्री मोदी की अधिकांश गारंटी को पूरा किया है। लोगों से प्रधानमंत्री आवास देने का जो वादा हमने किया था उसे निभाया है। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन की राशि मिल रही है। सुशासन तिहार के दौरान नारायणपुर में एक महिला ने मुझे यह बहुत खुशी से बताया कि महतारी वंदन की राशि से उसने एक सिलाई मशीन खरीदी है। जिसके माध्यम से वह 4 से 5 हजार की कमाई कर रही है। इसी तरह एक बहन ने बताया कि वह इस राशि से किराना दुकान चला रही है और दो से तीन हजार रुपए की आय अर्जित कर रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग प्रारंभ किया गया है। सरकार के सारे काम पारदर्शिता से हो रहे हैं। हम अब डिजिटाइजेशन की तरफ बढ़ रहे हैं। ई-फाइल के माद्यम से फाइलें अब ऑनलाइन हैं। भ्रष्टाचार के सारे रास्ते हम बंद कर रहे हैं।इस अवसर पर कॄषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री मोतीलाल साहू सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय भैंसा में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों से हुए रूबरू-'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के लिए 10 जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी-भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पानी टंकी, हायर सेकेंडरी स्कूल भवन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए दी ₹3.5 करोड़ की सौगात-नवीन पुलिस चौकी की स्थापना की घोषणा-समाधान शिविर में 110 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी सौंपी-रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर जिले के ग्राम भैंसा में आयोजित सुशासन शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 29 मई से 12 जून तक चलने वाले 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के तहत 10 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 110 पक्के मकानों की चाबी हितग्राहियों को सौंपी, और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे। हमारी सरकार इस संकल्प को साकार करने हेतु छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बचे हुए पात्र परिवारों को ‘आवास प्लस प्लस’ योजना के अंतर्गत जोड़ा जाएगा।मुख्यमंत्री ने ग्राम भैंसा और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इसमें ग्राम भैंसा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रुपए, हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, पानी टंकी एवं पाइपलाइन विस्तार हेतु 55 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, अहाता एवं शेड निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, ग्राम अमोड़ी में पाइपलाइन विस्तार हेतु 42 लाख रुपए, हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 24 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने भैंसा में नवीन पुलिस चौकी खोलने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर के दौरान विभिन्न हितग्राहियों से योजनाओं के फीडबैक भी लिए। श्रीमती चंदन ने 'महतारी वंदन योजना' के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि वे इस योजना की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों में करती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होता है जब उसकी गूंज गांव-गांव और घर-घर तक सुनाई दे। आज प्रधानमंत्री आवास की चाबियाँ सिर्फ मकान की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की चाबियाँ हैं।











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