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रायपुर -सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत प्राप्त जन शिकायत का आज नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 10 के नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार उप अभियंता नगर निवेश विभाग श्री अजय श्रीवास्तव की उपस्थिति में शहीद पण्डित विद्याचरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 50 के महावीर नगर में सड़क मार्ग पर कब्जा जमाकर बनाई गयी अवैध बाउंड्रीवाल को स्थल पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से तोड़कर बन्द किये गए सड़क मार्ग को खोलकर त्वरित निदान किया.
- रायपुर। भिलाई खेदामारा 400 केवी अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र से 220 केवी में 2 फीडर बे को प्रबंध निदेशक पारेषण कंपनी श्री आर.के. शुक्ला द्वारा 21 मई को ऊर्जीकृत किया गया। पूर्व में 400 केवी खेदामारा से 220 केवी के लाइनों से विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी द्वारा अपने पारेषण तंत्र को मजबूत करने की दिशा में इस कार्य को पूर्ण किया गया। 400 केवी अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र खेदामारा से 220 केवी उपकेंद्र भिलाई में पहले ही 2 लाइनों से विद्युत आपूर्ति की जा रही थी। श्री शुक्ला द्वारा आज 2 अन्य फीडर बे को ऊर्जीकृत किया गया जिससे अब 220 केवी से कुल 4 लाइनों से विद्युत आपूर्ति की जाएगी।नए लाइन की लंबाई क्रमशः 12.72 किलोमीटर व 17.92 किलोमीटर है। यह कार्य अति उच्चदाब निर्माण वृत्त के मार्गदर्शन में पूर्ण किया गया, जिसकी लागत 5 करोड़ रु. है। इस कार्य से दुर्ग, भिलाई क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति होगी, इसके अलावा गुरूर और भाटापारा क्षेत्र को भी भिलाई उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति होगी। इस कार्य से गर्मी के मौसम में किसानों एवं उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक लाइन श्री संजय पटेल, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खण्डेलवाल, श्री पीपी सिंह, श्री सुनील भूआर्य, श्रीमती पुष्पा पिल्लई तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती 21 मई से 31 मई तक आयोजित किए जाने का शासन से निर्देश प्राप्त हुआ है। अहिल्या बाई होलकर के जीवन गाथा के बारे में जन जागरूकता लाने के लिए स्वच्छता दीदीयों के बीच में परिचर्चा आयोजित की गई। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने परिचर्चा के दौरान उनसे पूछा की आप लोग देवी अहिल्या बाई होलकर के बारे में क्या जानते हो। सुनकर सब सांत रहे, कोई कुछ नहीं बोल पाया। तब आयुक्त ने बताया कि देवी अहिल्या बाई होलकर सामान्य परिवार में जन्म लेकर होलकर साम्राज्य की महारानी बनी। उन्होने अपने शासनकाल में बहुत से सुधार किए। जिसमें प्रमुख रूप से बालिकाओं को शिक्षा का अधिकार, नगर का औद्योगिकरण, महिलाओं में सुरक्षा का अधिकार, राष्ट्रहित एवं धर्म संबंधी जन जागरूकता उनके द्वारा विकसित किया गया था। विशम परिस्थितियों में भी अपने राज्य के कार्य को संभालते हुए एक अच्छी महिला प्रशासक के रूप में उनका नाम इतिहास में सम्मान पूर्वक लिया जाता है। स्वच्छता दीदी नुशरत बानो ने बताया कि देवी अहिल्या बाई होलकर के जीवनी के बारे में हम लोगो को कोई जानकारी नहीं थी। अच्छा हुआ आज हम सब को यह सीख मिली कि एक महिला अपने लगन एवं परिश्रम से सब कुछ कर सकती है।इस अवसर पर सभी स्वच्छता दीदीयों का स्वास्थ्य परीक्षण मोबाईल मेडिकल यूनिट के माध्यम से बैकुण्ठधाम में आयोजित किया गया। जिसमें उनका बीपी, सुगर, अस्थमा, खून जाॅच, सर्दी, खाॅसी, घुटना दर्द आदि का ईलाज करवाया गया, साथ में 115 स्वच्छता दीदीयों के जाॅच के बाद दवा वितरित किया गया। वहां कार्यरत डाॅक्टर रिचा शर्मा ने स्वच्छता दीदीयों को समझाया कि 41 प्रकार के खून का जाॅच होता है। इसी जाॅच को बाहर क्लीनिक में कराने पर 3 से 4 हजार रूपये खर्चा आ जाता है। जबकि यहां पर शासन द्वारा यह सुविधा निःशुल्क प्रदान की जाती है। सुबह जाॅच के बाद दोपहर 2 बजे तक रिपोर्ट मोबाईल में आ जाता है। उसके साथ ही आवश्यक रूप से सभी प्रकार की दवाईयाॅ भी निःशुल्क दी जाती है। यह शिविर वार्ड अनुसार चयनित स्थल पर लगाया जाता है। जिससे लोग आकर लाभ ले सकें।परिचर्चा के दौरान जोन अध्यक्ष जालंधर सिंह, जनसम्पर्क अधिकारी अजय शुक्ला, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उपअभियंता शंकर सुमन मरकाम, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे ने भी अपने विचार रखे।
- -4 हजार स्कूल बंद होने की बात पूरी तरह भ्रामक-शिक्षा के अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरूप होगा युक्तियुक्तकरणरायपुर/ छत्तीसगढ़ में विद्यालयों के युक्तियुक्तकरण को लेकर कुछ शैक्षिक संगठनों प्रश्नों और भ्रांतियां का शिक्षा विभाग ने ठोस तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने बताया है कि न तो किसी स्कूल को बंद किया जा रहा है, न ही शिक्षकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण की यह प्रक्रिया पूरी तरह शिक्षा के अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की न्यायसंगत ढंग से उपलब्धता सुनिश्चित करना है।शिक्षा विभाग ने विषय के बजाय कालखंड आधारित गणना से 5000 व्याख्याता अतिशेष होने के दावे को भ्रामक बताया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विषय के आधार पर ही पद स्वीकृत हैं। यदि किसी विद्यालय में किसी विषय का एक ही व्याख्याता कार्यरत हैं, तो उन्हें किसी भी स्थिति में ‘अतिशेष’ नहीं माना जा रहा है। केवल उन्हीं स्कूलों की समीक्षा की जा रही है, जहां एक ही विषय में एक से अधिक व्याख्याता कार्यरत हैं या जिन विषयों में छात्र हैं ही नहीं, जैसे कि किसी विद्यालय में कॉमर्स के विद्यार्थी नहीं होने पर वहां के कॉमर्स व्याख्याता को दूसरे विद्यालय में पदस्थ किया जाएगा।शिक्षा विभाग ने कहा है कि कुछ संगठनों द्वारा राज्य में युक्तियुक्तकरण से 4000 विद्यालय बंद होने की बात पूरी तरह से बेबुनियाद है। विभाग ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार क्लस्टर विद्यालयों की अवधारणा के तहत केवल एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों का प्रशासनिक समायोजन किया जा रहा है। इससे कोई विद्यालय बंद नहीं होगा, और न ही किसी प्रधान पाठक का पद समाप्त किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल संसाधनों और प्रशासनिक संरचना को बेहतर बनाना है।राज्य में 43849 शिक्षक पद समाप्त होने के दावें को भी शिक्षा विभाग ने तथ्यहीन बताया है। शिक्षा विभाग ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि वास्तविकता यह है कि गणना के अनुसार केवल 5370 शिक्षक (3608 प्राथमिक स्तर के सहायक शिक्षक और 1762 पूर्व माध्यमिक शिक्षक) ही दर्ज संख्या के अनुपात में अतिशेष पाए गए हैं। ये शिक्षक केवल अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किए जाएंगे। किसी भी पद को समाप्त नहीं किया जा रहा है, बल्कि सभी स्वीकृत पद भविष्य में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की स्थिति में जीवित रखे जाएंगे।शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना, जरूरत वाली शालाओं में शिक्षक उपलब्ध कराना और शिक्षा प्रणाली को अधिक न्यायसंगत बनाना है। शिक्षा विभाग की यह पहल राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों को समुचित शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है।
- -परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला से किया स्वागत-मुख्यमंत्री को भेंट की छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहलरायपुर / पहाड़ी कोरवा के जनमन आवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर पर सुदूरवर्ती पहाड़ी कोरवा ग्राम हरगवां ढोढरीकला पहुंचे थे। जहां ग्रामीणों से चौपाल में संवाद के बाद मुख्यमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवास में जाकर उसकी गुणवत्ता देखी। श्री लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने सरई फूलों की माला पहनाकर आत्मीयता से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तारपूर्वक चर्चा की इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते मिलते नजर आए। उन्होंने उनके जीवन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से आवास के संबंध में पूछा जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में कई समस्याएं होती थी। लेकिन पक्के आवास से अब खुश हैं। अब किसी प्रकार की चिंता नहीं सताती।इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई पत्तों से बने दोने-पत्तल में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी उन्होंने स्वाद लिया। लहंगू की पत्नी दरसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल का फल उपहार स्वरूप भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भूखना के पीएम जनमन आवास योजनान्तर्गत बने आवास का भी अवलोकन किया।
- -महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल-ग्रामीणों से किया संवाद, सुनी समस्याएं, समाधान के दिए निर्देश-सुशासन तिहार: हरगवां ग्राम पंचायत में शत्-प्रतिशत आवेदनों का हुआ निराकरणरायपुर / तेज हवाओं के बीच आज एक हेलिकाप्टर अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की जनपद पंचायत शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत हरगवां के ढोढरीकला, कोरवाटोली नवापारा में उतरा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपने बीच पाकर ग्रामवासियों के बीच खुशी की लहर दौड़ उठी। भीड़ ने आत्मीयता पूर्वक मुख्यमंत्री का स्वागत किया। आरती और चौपाई से गांव की महिलाओं ने उनका स्वागत किया। महुआ पेड़ के नीचे मुख्यमंत्री ने खटिया में बैठकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को डेढ़ साल पूरा हुआ है, आपसे किये गये वादों को पूरा किया गया है चाहे वो धान खरीदी हो या आवास का। सभी कार्य तेजी से होंगे और छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर सतत आगे बढ़ता जायेगा।मुख्यमंत्री ने चौपाल मे उपस्थित ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और एक-एक कर उनकी समस्या के बारे में पूछा। जब कुछ लोगों ने पानी व सड़क की समस्या का जिक्र किया तो उन्होंने कलेक्टर श्री राजेंद्र कुमार कटारा को इनके समाधान के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों को चिन्हित कर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करायें। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र शासन व राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को दिलाने के लिए कार्ययोजना बनाने और शिविर लगाकर लाभान्वित करने के निर्देश दिए। तेज हवा व आंधी तूफान के बीच जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मुस्कुराते हुए पूछा कि जाई कि रही, तो ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा रुकिए आपका आगमन हमारा सम्मान है। उनकी बात सुन मुख्यमंत्री धीमी मुस्कान लिए रूके और ग्रामीणों को भरपूर समय दिया।ग्राम पंचायत हरगवां में आवेदनों का हुआ शत प्रतिशत निराकरणसुशासन तिहार के दौरान हरगवां ग्राम पंचायत में शत्प्रतिशत आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सक्रियता और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों से कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक शासन व प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। समाधान शिविरों के माध्यम से हम जनता की समस्याओं को मौके पर ही सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सुशासन तिहार के दौरान हरगवां ग्राम पंचायत में कुल 111 मांग के आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से पूरे आवेदनों का त्वरित समाधान कर दिया गया है।मुख्यमंत्री की घोषणाएं-शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हरगवा ग्राम पंचायत में 10 लाख की लागत से सीसी रोड़, सामुदायिक भवन, झीकी नाला में पुलिया निर्माण, हैंडपंप व बोरवेल की घोषणा की। इस दौरान सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीणनजन, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ,प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव रमनलाल, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक कुमार बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर मौजूद थी।
- रायपुर /नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) यूनिट ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक चुनौतियों के बीच वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध एक बड़े अभियान को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में अब तक 27 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें कुख्यात नक्सल लीडर नंबाला केशव राव के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है। यह नक्सल नेटवर्क की रीढ़ पर करारा प्रहार है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस वीरता और सफलता के लिए डीआरजी के साहसी जवानों को नमन करते हुए कहा कि यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की स्थायी शांति की ओर एक निर्णायक कदम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान एक जवान के वीरगति को प्राप्त होने तथा कुछ जवानों के घायल होने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश उनकी शहादत को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने घायल जवानों के समुचित उपचार के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और प्रदेश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा निर्धारित मार्च 2026 की समय सीमा को लक्ष्य मानते हुए छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साहस और वीरता से नक्सल उन्मूलन अभियान निर्णायक सफलता की ओर अग्रसर है।
- रायपुर / राज्य सूचना आयुक्त श्री नरेंद्र शुक्ल को उनके कार्यकाल की पूर्णता के उपलक्ष्य में आज राज्य सूचना आयोग की ओर से एक भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर आयोग में एक सादे लेकिन गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह में राज्य सूचना आयुक्त श्री आलोक चंद्रवंशी, आयोग के सचिव श्री नीलम नामदेव एक्का, उप सचिव श्रीमती आभा तिवारी सहित आयोग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। सभी ने श्री शुक्ल के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके कुशल नेतृत्व और पारदर्शिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया।समारोह के अंत में श्री शुक्ल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
- -जशपुर के ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री-दोकड़ा में कॉलेज सहित अन्य कार्यों की घोषणा की-पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवादरायपुर। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रदेश के कोने-कोने में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति जानने निकले प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का उड़नखटोला आज उनके गृह जिले जशपुर के दोकड़ा ग्राम में उतरा। यहाँ समाधान शिविर में उन्होंने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही और पीएम आवास सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं की हकीकत जानी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमनागरिको को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं आपके गाँव घर का बेटा हूँ। मेरा सौभाग्य है कि आपके आशीर्वाद से प्रदेश का मुख्यमंत्री बना। प्रदेश को विकास की राह में ले जाना मेरा संकल्प है।मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आपके आशीर्वाद से हमारी सरकार बनी है। विगत डेढ़ वर्ष में विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार बनते ही पहले केबिनेट में पीएम आवास के हितग्राहियों के लिए 18 लाख आवास की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार आवास बन रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर में 3 लाख आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। अम्बिकापुर में केंद्रीय पंचायत मंत्री श्री शिवराज सिंह ने 51 हजार हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनका मकान पक्का नहीं है उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। एसईसीसी और आवास प्लस के सर्वे में जिनका भी नाम है सभी का मकान बनेगा। प्रधानमंत्री ने पीएम आवास के लिए इस वर्ष बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने किसानों से जो वादा किया था उसे पूरा किया। 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी, दो साल का बकाया बोनस की राशि भी दी। भूमिहीन कृषि मजदूरों को राशि देना शुरू किया है। महतारी वन्दन योजना से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार की राशि देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और महिला सशक्तिकरण का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेन्दूपत्ता के हितग्राहियों को लाभान्वित करने 4000 एकड़ प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक राशि को बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना अंतर्गत अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन के लिए तीर्थ यात्रियों को भेजने के साथ ही अब मुख्यमंत्री तीर्थ योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में हमारे प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक कोई भी व्यक्ति देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में निःशुल्क जा पाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान बनाकर नामान्तरण की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया है। अब नामान्तरण के लिए किसी के पास जाने की जरूरत नहीं है। जमीन रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में सेवाएं उपलब्ध होगी। किसानों को गाँव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अभी 24 अप्रैल को प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने स्वयं भी देखा है कि इस सेवा का लाभ आम जनमानस को मिल रहा है। इस अवसर पर पत्थलगांव की विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि यह सुशासन का साक्ष्य है, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार घर-घर पहुँच रही है। गाँव की समस्याओं को सुनकर दूर किया जा रहा है। केंद्र और राज्य की योजनाओं को जरूरतमंद तक पहुचाने के लिए सरकार लगी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी देते हुए बताया कि एक लाख 32 हजार से अधिक प्राप्त आवेदनों में से एक लाख 28 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। जशपुर जिले में 54 क्लस्टर में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 97 प्रतिशत आवेदन का निराकरण कर लिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदन के आधार पर हितग्राहियों को योजनाओं से भी लाभान्वित किया गया है। कुछ मांग शासन को स्वीकृति के लिए भेजी गई है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध तरीके से हर आवेदन के निराकरण की कोशिश की गई। ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 3258 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।कमी को नोटकर ठीक करने के दे रहे निर्देशमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी जी की गारंटी को पूरा किया गया है। उन योजनाओं के तहत कार्य हुआ है या नहीं, इसे धरातल में जानने के लिए दौरा कर रहे हैं। आज जशपुर जिले के दोकड़ा आया हूँ, यह मेरा 21वां जिला है। मेरे अलावा मंत्री,सांसद,विधायक और मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी समाधान शिविरों में जा रहे हैं। मैं आकस्मिक निरीक्षण के तहत प्रदेश के हर दूरस्थ अंचलों में पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ। पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को सुन रहा हूँ। सभी जगह व्यवस्था ठीक है और जहाँ कोई कमी है उसे नोटकर अधिकारियों को कमी ठीक करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।दोकड़ा में कॉलेज,पीएचसी का उन्नयन, मिनी स्टेडियम सहित अन्य कार्यों की मुख्यमंत्री ने की घोषणामुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम दोकड़ा को अपना गाँव घर बताया और यहाँ के लोगों को अपना। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने उन्हें 4 बार सांसद बनाया। मैनी नदी में पुल यहाँ के लोगों की प्रमुख मांग थी, जिसे पूरा कर दिया गया था। अभी जो माँग आई है उसे भी पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोकड़ा में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज खोलने की घोषणा की। उन्होंने यहाँ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, वनवासी कल्याण आश्रम, प्राचीन शिव मंदिर के प्रांगण का जीर्णाेद्धार, डोरियामुड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण,पुराने मंगल भवन के जीर्णाेद्धार के लिए राशि 20 लाख देने और इस क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक मिनी स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा भी की।पीएम आवास की चाबी,समूह को चेक का किया वितरणमुख्यमंत्री ने किया हितग्राहियों से संवाद और सामग्री का वितरणजशपुर जिले के कांसाबेल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम दोकड़ा के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को अनेक सौगातें दी। उन्होंने पीएम आवास के हितग्राही बिकेश्वर राम, सुमेर सिंह से संवाद किया। पीएम आवास के हितग्राही सुमेर सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को अपने घर भी आमंत्रित किया। समाधान शिविर में राशनकार्ड प्राप्त करने वाले परमेश्वर राम, किसान क्रेडिट कार्ड के हितग्राही संजय शर्मा ने भी समस्या का समाधान के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल पर पीएम आवास के हितग्राहियों को चाबी सौंपी। खाद्य विभाग अंतर्गत राशनकार्ड, समाज कल्याण विभाग अंतर्गत पेंशन स्वीकृति पत्र, मत्स्य विभाग अंतर्गत जाल और आइस बॉक्स, कृषि विभाग अंतर्गत केसीसी कार्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बैग एवं टिफिन बॉक्स, बॉटल, उद्यानिकी विभाग अंतर्गत किसानों को सब्जी बीज किट, मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड स्वीकृति आदेश,स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुषमान कार्ड,फ़ूड बॉक्स,एनआरएलएम अंतर्गत महिला समूह के सदस्यों को मुद्रा लोन का चेक और क्रिकेट खिलाड़ियों को क्रिकेट किट आदि का वितरण किया।दसवीं-बोर्ड परीक्षा के टॉपर विद्यार्थियों का किया सम्मानमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के विद्यालयों से पढ़ाई कर माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में टॉप कर जिले का राज्य स्तर पर नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया। उन्होंने कक्षा 12 वी कक्षा में राज्य में पांचवा स्थान हासिल करने वाली नेहा एक्का और कक्षा दसवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नमन खुटिया सहित अन्य विद्यार्थियों का सम्मान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हेलीकॉप्टर आज जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत हरगवां स्थित ढोढ़रीखाला (नवापारा) पारा में उतरा। मुख्यमंत्री का यह दौरा ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत औचक निरीक्षण के रूप में रहा। मुख्यमंत्री को अचानक गांव में हेलीकॉप्टर से उतरते देख ग्रामीणों में खुशी और उत्सुकता की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग चौपर देखने दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय का पांव पखार उन्हें टीका लगाया और सरई पत्ते की माला पहनाई। स्वागत गीत भी गाया गया। हरगवां गांव आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां पहाड़ी कोरवा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग निवास करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने ढोढ़रीखाला पारा में कटहल, आम और महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई। चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बातें रखीं।एक महिला ने पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से वास्तविक जानकारी ली। इसी तरह, बेलसर गांव की श्रीमती दीपू बघेल ने वन भूमि पट्टा पर खेती न कर पाने की बात बताई। मुख्यमंत्री ने इस पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, पटवारी गांव में आते हैं या नहीं और राजस्व संबंधी कोई समस्या तो नहीं है।प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ढोढ़रीखाला पारा में स्वीकृत 19 आवासों में से 16 आवास पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में भी जानकारी ली और ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री साय के साथ मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के पहुंचने की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे।
- -जशपुर जिले के दोकड़ा में कॉलेज खोलने सहित कई घोषणाएं-मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे दोकड़ा के समाधान शिविर मेंरायपुर / प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा में अचानक उतरा और वे वहां आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दोकडा में कालेज और मिनी स्टेडियम की घोषणा की। उन्होंने वहां के प्राथमिकता स्वास्थ्य केन्द्र, वनवासी कल्याण आश्रम के उन्नयन, के साथ ही डोरियामुडा जलाशय का सौन्दर्यकरण कराए जााने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंगल भवन के जिर्णाेद्धार के लिए 20 लाख और शिव मंदिर परिसर का जीर्णाेद्धार कराए जाने की भी मंजूरी दी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से हम लोग गांव-गांव पहुंच रहे हैैंं। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के सर्वे सूची में जितने भी हितग्राहियों का नाम है सभी को पीएम आवास स्वीकृत किया जाएगा। पिछले डेढ़ वर्षों में मोदी जी की अधिकांश गारंटी को हमारी सरकार ने पूरा किया है। सुशासन तिहार के दौरान पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को नए आवास स्वीकृति के साथ ही पूर्ण हो चुके गए पीएम आवासों की चाँबी सौंपकर उन्हें गृह प्रवेश कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सशासन तिहार के अंतर्गत शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं और मांगों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में लोगों को ऑनलाईन तथा बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केन्द्र खोला गया है इन केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन विभिन्न प्रकार के दस्तावेज प्राप्त करने और राशि के लेन-देन की सुविधा ग्रामीणों को मिलने लगी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों को गृह प्रवेश के लिए घर की चाबी तथा नए आवास निर्माण के लिए स्वीकृति पत्र, हितग्राहियों को मुद्रा लोन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नए राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, मछली जाल और आईस बाक्स, मनरेगा जाब कार्ड, वालीबॉल और क्रिकेट खिलाड़ियों को किट प्रदान किए। उन्होंने इस मौके पर हायर सेकेण्डरी और हाईस्कूल के बोर्ड परीक्षा में मेरिट लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे।वास्तविक स्थितिराज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है।इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं।युक्तियुक्तकरण के क्या होंगे फायदेजिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।शिक्षा विभाग ने कतिपय शैक्षिक संगठनों द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर उठाए गए भ्रामक सवालों के संबंध में स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का मकसद किसी स्कूल को बंद करना नहीं है बल्कि उसे बेहतर बनाना है। यह निर्णय बच्चों के हित में, और शिक्षकों की बेहतर तैनाती के लिए लिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के पारिजात एपार्टमेंट में बुधवार की सुबह पुलिस ने एक बार फिर दबिश दी। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के आदेश पर यह कार्यवाही करीब दो घंटे चली, जिसमें किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। सुबह-सुबह पुलिस वाहनों के काफिले के मैनगेट से प्रवेश करने से कॉलोनी में हड़कंप मच गया। अनिष्ट की आशंका से घबराए लोगों ने जब मौके पर मौजूद पुलिस से इस बारे में जानना चाहा, तो उन्होंने इसे रुटीन चेकिंग बताया। इससे पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इस कॉलोनी में भी पाकिस्तानियों और रोहिंग्या मुसलमानों की खोजबीन की गई थी।चार थाना क्षेत्रों उतई, भिलाई नगर, पद्मनाभपुर, खुर्सीपार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स की संयुक्त कार्यवाही में लगभग 70 जवानों को लगाया गया था। इनकी तीन टीमें बनाई गईं, जिन्होंने घर-घर जाकर संदिग्ध व्यक्तियों और बिना नंबर की गाड़ियों के बारे में पूछताछ की। हालांकि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, फिर भी पुलिस की इस कार्यवाही से कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है। कार्यवाही से पहले पारिजात गेट और मैनगेट को ब्लॉक किया गया था, ताकि कोई व्यक्ति न तो अंदर आ सके, न बाहर जा सके। इस दौरान पारिजात एपार्टमेंट में कड़ाई से पूछताछ की गई। साढे़ पांच बजे शुरू हुई यह कार्यवाही साढ़े सात बजे तक चली।इस विशेष अभियान में उतई थाने के टीआई विपिन रंगारी, पद्मनाभपुर थाने के टीआई राजकुमार लहरे, खुर्सीपार थाने की टीआई वंदिता पान्नीकर, भिलाई नगर थाने के टीआई प्रशांत मिश्रा तथा एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के टीआई प्रमोद रूसिया शामिल हुए। अभियान के दौरान कुछ लोगों से आधारकार्ड मंगाए गए, ताकि सही व्यक्ति की पुष्टि हो सके। बिना नंबर वाले वाहनों के मालिकों से तत्काल नंबर प्लेट लगाने को कहा गया। तीन माह पहले भी पुलिस ने इस एपार्टमेंट में औचक निरीक्षण किया था, जिसमें चार लड़कियों सहित 32 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया था।
- बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सवेरे 11 बजे अधिकारी-कर्मचारियों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई। हर साल 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है। आतंकवाद के खतरे और इसके प्रभाव के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाना इस आयोजन का उद्देश्य है। जिला कार्यालय परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कलेक्टर ने आतंकवाद एवं हिंसा के खिलाफ शांति और एकता, मानवता और सद्भाव को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अमितकुमार, एडीएम श्री आरए कुरूवंशी, श्री शिवकुमार बनर्जी, संयुक्त कलेक्टर एसएस दुबे, डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर। लगभग 30 वर्षों पूर्व हुये भानसोज के ख्यातिनाम सफल शराबभट्ठी विरोधी आंदोलन में सहभागी रहे ग्रामों के ग्रामीणों ने असामाजिक गतिविधियों से त्रस्त हो बीते 19 मई को ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में आयोजित समाधान शिविर में ज्ञापन सौंप असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है । गांव - गांव में बिक रहे अवैध शराब , गांजा व नशीली गोलियों सहित हो रहे जुआ पर स्थायी रोक व लिप्त तत्वों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुये भट्ठी पहुंचने वाले हर व्यक्ति को 24 पौव्वा शराब लेने की शासकीय छूट से गांव - गांव में अघोषित भट्ठी चलने व लिप्त तत्वों की जानकारी मैदानी आबकारी व पुलिस अमला को होने के बाद भी कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति किये जाने का आरोप लगाया है ।ज्ञातव्य हो कि आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम भानसोज में खोले गये शासकीय ठेका प्राप्त भट्ठी के दुष्परिणामों को प्रत्यक्ष देख व भोग सन् 93 - 94 के आबकारी सत्र में पूरे साल भर तक किसान संघर्ष समिति के अगुवाई में गांधीवादी तरीके से आसपास के ग्रामों के ग्रामीणों के सहयोग से आंदोलन कर भानसोज वासियों ने शराबभट्ठी बंद कराने में सफलता हासिल की थी । इस आंदोलन में मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम नारा , डिघारी , खम्हरिया , टेकारी , कुंडा , कठिया , अमेरी , संकरी , जावा , नगपुरा , बड़गांव , तोड़गांव , कुटेसर , गोढ़ी , सिवनी , पिपरहट्ठा , संडी , कुकरा , गठित नगर पंचायत चंदखुरी में शामिल ग्राम ( चंदखुरी , मुनगेसर , मुनगी ) , जुगेसर , बकतरा , करही , सोनपैरी, जरौद , उमरिया सहित आरंग थाना क्षेत्र के ग्राम मालीडीह , बरछा , छातापार फरफौद , जरौद , कलई व खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम खौली , बुड़ेनी आदि शामिल थे । जिलाधीश व पुलिस अधीक्षक के नाम आयोजित इस शिविर में सौंपे गये ज्ञापन में इन असामाजिक गतिविधियों के कमोबेश हर गांव में संचालित होने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि शासन द्वारा प्रत्येक को 24 पौव्वा शराब लेने की छूट के चलते मोटरसाइकिल में दो - तीन सवार हो हर कोई 24 पौव्वा शराब ला गांवों में बेच रहे हैं और स्टाक खत्म होने पर फिर जा ला रहे हैं जिसके चलते ग्रामों में अघोषित भट्ठी का माहौल है व ग्रामों के सार्वजनिक स्थलों पर जाम छलकाते पियक्कड़ आसानी से नजर आते हैं । लिप्त तत्वों के खिलाफ ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही न होने से लिप्त तत्वों के हौसले बुलंद होने व ग्रामीण व्यवस्था को भी चुनौती देने की जानकारी देते हुये इन असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने ठोस कार्यवाही का आग्रह किया गया है । ज्ञापन की प्रति भानसोज आंदोलन की अगुवाई करने वाले किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा को भी दे एक बार फिर आंदोलन की आवश्यकता की आवश्यकता प्रतिपादित की है । ज्ञापन में नारा के सरपंच मीना जांगड़े , खम्हरिया के सरपंच गजेन्द्र निषाद , अमेरी के सरपंच सूरज शर्मा , संकरी के सरपंच लीना वर्मा , कठिया के सरपंच त्रिवेणी वर्मा , टेकारी के सरपंच हेमा राजू यादव , डिघारी के सरपंच ज्योति निषाद , पिपरहट्ठा के सरपंच कुंजबिहारी वर्मा , जनपद सदस्य श्रीमती कृष्णा महेश साहू व राजू मनहरे , जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कविता कश्यप के प्रतिनिधि हेमंत कश्यप व मनवा कुर्मी समाज चंदखुरी राज के अध्यक्ष चिंताराम वर्मा आदि के हस्ताक्षर है ।
- निगम जोन 5 ने चंगोराभाठा आइसक्रीम फैक्ट्री में किया जुर्मानारायपुर । नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 5 को प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक द्वारा दिए गए निर्देशानुसार जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री सन्दीप वर्मा के नेतृत्व और स्वच्छता निरीक्षक सर्वश्री दिलीप साहू, प्रेम मानिकपुरी, गिरिजाशंकर की उपस्थिति में जोन 5 क्षेत्र के अंतर्गत चंगोराभाठा आइसक्रीम फैक्ट्री में गन्दगी सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने स्थल का आकस्मिक निरीक्षण किया. स्थल निरीक्षण के दौरान गन्दगी मिली और प्राप्त जनशिकायत स्थल निरीक्षण में सही मिली इसे गंभीरता से लेते हुए जोन 5 जोन कमिश्नर द्वारा दिए गए निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने सम्बंधित चंगोराभाठा आइसक्रीम फैक्ट्री के संचालक पर तत्काल 3000 रूपये का जुर्माना भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया.
- नालों पर बनाये मकानों के मालिकों को नोटिस देने, नया नालानई पुलिया बनाने प्रस्ताव देने, टोटीविहीन सार्वजनिक नल में तत्काल टोटी लगाने सहित दिए अनेक निर्देशरायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति सूर्यकान्त राठौड़ ने नगर निगम जोन क्रमांक 2 के अंतर्गत राजीव गाँधी वार्ड नम्बर 13 के क्षेत्र में वार्ड पार्षद एवं निगम वित्त विभाग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार, जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लवनिया सहित अन्य सम्बंधित जोन 2 अधिकारियों की उपस्थिति में वार्ड के नालों और नालियों की बारिश पूर्व सफाई व्यवस्था का निरीक्षण और स्थल समीक्षा कर जोन कमिश्नर को इस सम्बन्ध में जनहित में व्यवस्था सुधारने आवश्यक निर्देश दिए. सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने निरीक्षण के दौरान वार्ड 13 में टोटीविहीन सार्वजनिक नल से पेयजल बहते हुए देखा, तो उसमें तत्काल टोटी लगाकर पेयजल की बचत करवाने निर्देशित किया. सभापति ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यालय देवेन्द्र नगर के समीप के जाम नाले के मुहाने की सफाई करवाकर नाले का निकास खुलवाने के निर्देश दिए. पारस नगर क्षेत्र के नाले की तले तक सफाई करवाने निर्देशित किया. देवेन्द्र नगर में विद्यार्थी परिषद कार्यालय के सामने बारिश में जलभराव की समस्या दूर करने नई पुलिया का निर्माण करने और उक्त पुलिया से टिम्बर भवन होते हुए गुजराती स्कूल मार्ग तक बारिश में गन्दे पानी के सुगम निकास प्रबंधन हेतु नया नाला बनाने शीघ्र प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश जोन 2 जोन कमिश्नर को दिए हैँ. सभापति ने वार्ड 13 क्षेत्र में नालों पर बनाये गए अवैध पाटों को तोड़कर व्यवस्थित सफाई कर बारिश पूर्व सुगम निकास व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैँ. सभापति ने जोन 2 जोन कमिश्नर को राजीव गाँधी वार्ड क्रमांक 13 में टूटे - फूटे नालों में आवश्यक सुधार और मरम्मत कार्य तत्काल करवाने वार्ड हेतु संधारण मद राशि से 3 लाख रूपये की स्वीकृति देने के जनहित में निर्देश दिए हैँ. सभापति ने देवेन्द्र नगर सेक्टर - 3 क्षेत्र में नाले के ऊपर बनाये गए मकानों के सम्बंधित मकान मालिकों को जोन से तत्काल नियमानुसार नोटिस जारी कर प्रक्रिया के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही करवाने निर्देशित किया है.
- रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने नगर निगम जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद श्री भगतराम हरवंश, जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल सहित कार्यपालन अभियंता श्री अभिषेक गुप्ता, उप अभियंता श्री विक्रम सिंह ठाकुर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा, श्री तेजेश पटेल की उपस्थिति में नगर निगम जोन क्रमांक 8 के अंतर्गत पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 के क्षेत्र के अंतर्गत बीएसयूपी, अटल आवास योजना, वाल्मीकि अम्बेडकर आवास योजना वाम्बे परिसर कबीर नगर क्षेत्र का सम्पूर्ण निरीक्षण कर वहाँ की मार्ग सफाई, नाली, नाला सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, उद्यान की व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष ने इस सम्बन्ध में जनहित में व्यवस्था सुधारने के सम्बन्ध में नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर को स्थल पर आवश्यक निर्देश दिए.स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने वार्ड के रहवासियों से चर्चा कर जनसमस्याओं की जानकारी ली और सभी जनसमस्याओं का जोन के माध्यम से जनहित में त्वरित निदान करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए. निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने जोन अधिकारियों को वार्डों में जनहित में सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था सुधारने के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए फोकस होकर करने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए.
- रायपुर/ भारत गणराज्य के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का उनकी 34 वीं पुण्यतिथि पर रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से रखे गए संक्षिप्त आयोजन में राजधानी रायपुर शहर के ( पुराना अग्निशमन कार्यालय चौक) राजीव गाँधी चौक स्थित प्रतिमा स्थल में पहुंचकर रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी को सादर नमन किया.
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बिलासपुर। सुशासन तिहार अंतर्गत विकासखंड मस्तूरी के ग्राम पंचायत जोंधरा में आयोजित किया गया । शिविर में पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति बांधी जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सतकली बावरे, जिला पंचायत प्रतिनिधि खिलावन पटेल, जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्र प्रकाश सूर्या, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती सोनवानी, जनपद सभापति श्रीमती सरिता नायक, जनपद सदस्य प्रतिनिधि उत्तरा कुमार रात्रे , जनपद सदस्य राकेश शर्मा,लोहर्सी मंडल अध्यक्ष श्रीमती सीमा साहू, मल्हार मंडल अध्यक्ष रंजीत, लोहर्सी भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष नरेंद्र नायक, सरपंच सुमारु केंवट,उप सरपंच रामखिलावन तिवारी आदि समाधान शिविर में शामिल हुए। विभिन्न योजनाओं के तहत 4723 हितग्राहियो क़ो लाभन्वित किया गया। शिविर में 9 ग्राम पंचायत के लोग शामिल हुए। जिससे में कुल 4875 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें 4723 आवेदनों का निराकरण किया गया शेष 152आवेदनलंबित है। समाधान शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण एवं योजनाओं की जानकारी दी गई।
जोंधरा समाधान शिविर में जोंधरा, चिस्दा, भिलौनी,शिव टिकारी, गोपालपुर, परसोडी़,कुकुदी कला, भड़कुंडा, एवं चिल्हाटी कुल 9 पंचायत शामिल हुए। शिविर में शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हुए। विशेष रूप एसडीएम प्रवेश पैकरा, सीईओ जे आर भगत, पचपेड़ी तहसीलदार प्रकाश साहू, नायब तहसीलदार अप्रतिम पांडे, पूनम कनौजे इसके साथ ही विकासखंड मस्तूरी में भी समाधान शिविर में ग्रामीण जन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे - रायपुर, । जनपद पंचायत धरसींवा अंतर्गत ग्राम पंचायत सम्मानपुर नकटी में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आवास मित्र द्वारा हितग्राहियों से अवैध रूप से धनराशि की मांग किए जाने की शिकायत प्राप्त होने पर प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त कदम उठाया है।जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जनपद पंचायत धरसींवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पीताम्बर यादव द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए गए। जांच में आवास मित्र राजू सोनवानी द्वारा लाभार्थियों से निर्माण प्रक्रिया में सहायता के एवज में अवैध वसूली किए जाने की पुष्टि हुई।प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजू सोनवानी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई से ग्राम पंचायत सम्मानपुर नकटी के लाभार्थियों को राहत मिली है और अन्य पंचायतों में यह संदेश गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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रायपुर । जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने आज जनपद पंचायत तिल्दा के ग्राम पंचायत गनियारी स्थित प्राथमिक कृषि साख समिति का निरीक्षण किया। उन्होंने समिति में धान और बीज भंडारण की जानकारी ली। साथ ही सदस्यों को उचित रख-रखाव करने और बारिश के मौसम से पहले व्यवस्था दूरूस्त करने निर्देशित किया।
- -मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन का किया शुभारंभ, भू-जल और वर्षा जल संरक्षण पर शहरों में होंगे प्रभावी काम-हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने जल संरक्षण पर किया मंथन-वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री श्री अरुण सावरायपुर. । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, सुनील सोनी, मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और वाटरमैन के नाम से मशहूर श्री राजेन्द्र सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध श्री राजेन्द्र सिंह ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन की टीम ने वहां वर्षा जल के संचय और भू-जल रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जल की पर्याप्त उपलब्धता की चिंता करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी मिशन की शुरूआत की जा रही है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्षा जल और भू-जल के संरक्षण व संवर्धन में यह मिशन मील का पत्थर साबित होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों का मकसद एक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण के लिए पूरे देश में अमृत सरोवरों के रूप में नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आज मिशन के शुभारंभ के मौके पर चार घंटों तक विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया है। श्री साय ने कहा कि जल को लेकर यदि हम अभी सचेत और सावधान नहीं होंगे तो आने वाला समय मुश्किल होगा।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि वर्षा जल के संचय, संरक्षण और भू-जल को रिचार्ज करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने अभी चार घंटे तक चर्चा की है। वाटरमैन श्री राजेन्द्र सिंह और सूरत नगर निगम के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और राज्य में वर्षा के पैटर्न के अनुरूप फसल चक्र अपनाने की बातें प्रमुखता से आई हैं। श्री साव ने कहा कि आने वाले समय में शहरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश होती है। इसके सावधानीपूर्वक संचय और संवर्धन से हम पानी की दिक्कतों को दूर कर सकते हैं।जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए कार्यक्रम में कहा कि इस मिशन के तहत अनुकरणीय काम होंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल संचय करने में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। जल के महत्व को देखते हुए इसके स्रोतों के पुनर्भरण और रिचार्ज करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग भी इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक श्री आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की गुणवत्ता और उपस्थिति की भ्रांतियों को किया दूररायपुर, / छत्तीसगढ़ में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए किए जा रहे युक्तियुक्तकरण को लेकर विभिन्न शैक्षिक संगठनों द्वारा उठाए गए सवालों के संबंध में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, शिक्षकों के संतुलित वितरण और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुपालन के उद्देश्य से की जा रही है।शिक्षा विभाग का मानना है कि 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रही, अब शिक्षा का अधिकार अधिनियम ही युक्तियुक्तकरण का आधार है। 2008 के स्कूल सेटअप में प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षकों की व्यवस्था थी, जो उस समय की आवश्यकताओं के अनुरूप थी, लेकिन 01 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के बाद नए मानक लागू हुए। अधिनियम के तहत 60 छात्रों तक के लिए 2 शिक्षकों का प्रावधान है और 150 से अधिक छात्रों पर ही प्रधान पाठक की नियुक्ति की जाती है। चूंकि छत्तीसगढ़ में पहले से ही कई स्कूलों में प्रधान पाठक का पद स्वीकृत था, इसलिए उन्हें सहायक शिक्षक की गिनती में जोड़ा गया है।शिक्षा विभाग के अनुसार दो शिक्षकों से पांच कक्षाओं को पढ़ाने के सवाल के जवाब में कहा गया है कि बहुकक्षा शिक्षण ही इसका बेहतर समाधान है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि औसतन प्राथमिक स्कूलों में दो ही कक्ष निर्मित होते हैं और शिक्षा का अधिकार अधिनियम में भी 60 छात्रों तक के लिए दो शिक्षकों की व्यवस्था का प्रावधान है। ऐसे में शिक्षकों को बहुकक्षा शिक्षण का प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे विभिन्न कक्षाओं को एक साथ गुणवत्तापूर्वक पढ़ा सकें। आंकड़ों के अनुसार राज्य के 30,700 प्राथमिक विद्यालयों में से लगभग 17,000 में छात्र-शिक्षक अनुपात 20 से भी कम है, जिससे यह स्पष्ट है कि छात्रों के अनुपात में शिक्षक पर्याप्त संख्या में हैं।शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 60 से कम दर्ज संख्या वाली शालाओं को लेकर फैलाई जा रही भ्रांति निराधार हैं। कुछ संगठनों ने यह आशंका व्यक्त की थी कि 60 से कम दर्ज संख्या वाली 20,000 से अधिक शालाएं व्यवहारिक रूप से एकल-शिक्षकीय हो जाएंगी। इस पर विभाग ने स्पष्ट किया कि इन स्कूलों में दो शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रधान पाठक भी एक शिक्षकीय पद है। अतः यह कहना गलत है कि ये शालाएं एक शिक्षक के भरोसे चलेंगी। शिक्षा विभाग ने यह दोहराया है कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य शिक्षकों की संख्या को कम करना नहीं, बल्कि उनकी तैनाती को तर्कसंगत बनाकर सभी विद्यार्थियों को समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कहीं भी छात्र-शिक्षक अनुपात अधिनियम से नीचे न जाए। शिक्षा विभाग का यह मानना है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया न केवल विधिक मानकों पर आधारित है, बल्कि इसका उद्देश्य राज्य में प्राथमिक शिक्षा को और अधिक प्रभावी, समान और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
- - अंध विश्वास निर्मूलन की गतिविधियों में डॉ. जयंत नार्लीकर सदैव हमारे प्रेरणा स्रोत रहे - डॉ. दिनेश मिश्ररायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष और जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने देश के प्रसिद्ध विज्ञानविद, खगोल वैज्ञानिक, एवं विज्ञान लेखक पद्म विभूषण डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धाजंलि अर्पित की है। डॉ. जयंत विष्णु नार्लीकर का मंगलवार को पुणे में निधन हो गया।डॉ. दिनेश मिश्र ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. नार्लीकर ने खगोल भौतिकी और ब्रह्मांड विज्ञान में उल्लेखनीय योगदान दिया । उनके द्वारा फ्रेड हायल के साथ विकसित किया सिद्धांत हायल के नाम से दुनिया में प्रसिद्ध है। डॉ जयंत नार्लीकर ने देश में वैज्ञानिक चेतना बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किया। देश में वैज्ञानिक विचारधारा के विकास के लिए उनका कार्य, भाषण उनके लेख,उनकी किताबें जीवन में एक नई दिशा दिखाती हैं।डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि अंध विश्वास निर्मूलन की गतिविधियों में डॉ जयंत नार्लीकर सदैव हमारे प्रेरणा स्रोत रहे। हमने उन्हें अपनी अनेक गतिविधियां उनसे साझा की तथा उन्होंने मार्गदर्शन दिया। डॉ नार्लीकर के द्वारा विज्ञान जगत में किए गए कार्य सदा उनकी स्मृति दिलाते रहेंगे। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के सभी सदस्यों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।




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