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- -अब योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभमहासमुन्द / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुसार प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार आमजन के लिए राहत और खुशियों की सौगात बनता जा रहा है। इसी क्रम में जिले के पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम मुढ़ीपार के श्री सतानंद निषाद के लिए भी सुशासन तिहार का समाधान शिविर खुशियां लेकर आया।श्री सतानंद निषाद का श्रम कार्ड नहीं बनने के कारण वे शासन की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं के लाभ से वंचित थे। उन्होंने सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में श्रम कार्ड बनवाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर में अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उनका श्रम कार्ड बना दिया गया।श्रम कार्ड बनने के बाद श्री सतानंद निषाद के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से उनकी लंबे समय से लंबित समस्या का निराकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि साय सरकार आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है, जिससे ग्रामीणों को काफी राहत मिल रही है।
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- कलेक्टर सूर्यसभा में हुए शामिल
- जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिल रही अभूतपूर्व सफलता
- ग्राम भोथीपारखुर्द में 22 घरों में सौर पैनल स्थापना कार्य पूर्ण कर कनेक्शन चालू
- ग्राम में बहुतायत सोलर कनेक्शन लगने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल
राजनांदगांव । जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अभूतपूर्व सफलता मिल रही है। जिला प्रशासन के प्रयासों ने योजना को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाकर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी कड़ी में आज कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम भोथीपारखुर्द में आयोजित सूर्यसभा में शामिल हुए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित रही। ग्राम भोथीपारखुर्द में 22 घरों में सौर पैनल स्थापना कार्य पूर्ण कर कनेक्शन चालू हो गया है। वहीं 21 घरों में सौर पैनल कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है। साथ ही लगभग 10 नये आवेदन वेंडर चयन हेतु प्रक्रियाधीन हैं। इस तरह ग्राम भोथीपारखुर्द सौर ऊर्जा से जगमगा उठा है। ग्राम में बहुतायत सोलर कनेक्शन लगने से ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। विद्युत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे है।
कलेक्टर ने कहा कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना महत्वाकांक्षी पहल है। जिसका उद्देश्य देश के हर घर तक मुफ्त बिजली पहुंचाना है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना है तथा बिजली बिल मुफ्त अथवा बहुत कम करना है। इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैलन लगाने के लिए भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा अपनाने प्रेरित करने की दृष्टि से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में सक्रिय भागीदारी करने वाले दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इससे अन्य नागरिकों को भी प्रोत्साहन मिला। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा और फील्ड स्तर पर किए गए प्रयासों ने इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया है। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से ऐतिहासिक पहल का हिस्सा बनने और अपने घरों में सौर पैनल स्थापित कर स्वच्छ सस्ते एवं निरंतर ऊर्जा स्रोत से सशक्त बनाने की अपील की गई। इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल श्री कौशलेन्द्र पाण्डेय, जनपद सीईओ श्री मनीष साहू एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। - महासमुंद / जिले में पेट्रोल एवं डीजल की दैनिक आवश्यकता, उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा शुक्रवार को जिले के पट्रोल / डीजल वितरकों एवं ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा बताया गया कि नागरिकों में पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में कमी संबंधी भ्रम के कारण अचानक पेट्रोल एवं डीजल की मांग बढ़ गयी है, जो हितग्राही वाहन में 100-200 रूपये का पेट्रोल डलवाते थे वही लोग टैंक फुल कराना चाह रहे हैं, जिससे की किसी एक पंप में ड्राई की स्थिति निर्मित होने पर निकटस्थ के पंप में लोगों की भीड़ बढ़ जा रही है। ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में वर्तमान में 7,18,000 लीटर पेट्रोल एवं 7,33,000 लीटर डीजल उपलब्ध है, जो कि जिले के औसत दैनिक खपत के हिसाब से आगामी पेट्रोल 5 दिवस एवं डीजल 2 दिवस हेतु पर्याप्त है तथा ऑयल कंपनी द्वारा लगातार आपूर्ति जारी है। जिले में अगर पैनिक की स्थिति निर्मित नहीं होती है तो स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जायेगी। अतः जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि पेट्रोल एवं डीजल में कमी संबंधी भ्रम/अफ़वाहों को ध्यान न दें तथा भ्रम में आकर अनावश्यक लाईन में लगने अथवा घरों में अनावश्यक पेट्रोल एवं डीजल का स्टॉक जमा करने की आवश्यकता नहीं है । आवश्यकता पड़नें पर ही पेट्रोल एवं डीजल प्राप्त करें। बैठक में दुपहिया वाहनों को 200 रूपये, कार को 1500 रूपये, ट्रक / बस को 10,000 रूपये, कृषि कार्यों में प्रयुक्त होने वाले वाहनों के लिए जरिकेन में 2,000 रूपये का ईंधन एक बार में प्रदान करने का निर्णय लिया गया।बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, श्री तेजपाल ध्रव, डिप्टी कलेक्टर (प्रभारी खाद्य अधिकारी), श्री तरूण नायक सहायक खाद्य अधिकारी, विक्रय अधिकारी ऑयल कंपनी एवं जिले के पेट्रोल / डीजल पंप संचालक उपस्थित थे।
- महासमुंद / सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम मोगरा में समाधान शिविर का आयोजन विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। शिविर में आमजन की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए तथा मौके पर ही आवेदनों का निराकरण किया गया।कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य जुगनू चंद्राकर, जनपद सदस्य श्री महेंद्र साहू, श्रीमती निधि लोकेश चंद्राकर, श्रीमती नीता तुलाराम साहू, श्रीमती पुष्पा ध्रुव, श्रीमती विजय लक्ष्मी जांगड़े सहित 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से एडीएम अक्षा गुप्ता, तहसीलदार जुगल किशोर पटेल, जनपद पंचायत सीईओ श्री बी.एस. मंडावी एवं नायब तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।मुख्य अतिथि विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता की समस्याओं को गांव स्तर पर सुनकर उनका त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें ताकि आमजन को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कार्य कर रहे हैं। शिविर में ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं से संबंधित 1430 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
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- स्वास्थ्य केन्द्र में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने एवं जर्जर भवन डिस्मेंटल करने के दिए निर्देश
- प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा
- गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर एवं कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शुक्रवार को शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के मद्देनजर छुरिया विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जनपद पंचायत कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। संभागायुक्त श्री राठौर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुरिया के महिला वार्ड, पुरूष वार्ड, नवजीवन कक्ष एवं प्रसूति कक्ष का अवलोकन किया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही परिसर स्थित जर्जर आवासीय भवन को डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए, जिससे परिसर का विस्तार किया जा सके और बेहतर सुविधाएं विकसित हो सके। संभागायुक्त श्री राठौर ने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुरिया का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में शीघ्र बाउंड्रीवाल निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए ट्रांसफार्मर लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्र के शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुरिया नये भवन में शिफ्ट होने पर स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जनसामान्य को मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकेंगे।
संभागायुक्त श्री राठौर ने जनपद पंचायत कार्यालय छुरिया का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने जनपद पंचायत क्षेत्र में संचालित निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शाखा का निरीक्षण कर योजना की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जनपद पंचायत क्षेत्र में अब तक लगभग 10 हजार 300 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गया हैं। संभागायुक्त ने शेष आवासों का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित आवासों के जियोटैग की ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर पोर्टल में दर्ज प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने सभी आवासों का जियोटैग समय पर पूर्ण करने और ऑनलाइन प्रविष्टियों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर निर्माण कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने कहा, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो सके। संभागायुक्त श्री राठौर ने जनपद पंचायत में ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में तकनीक का अधिकाधिक उपयोग कर पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता बढ़ाई जाए, जिससे जनसामान्य को त्वरित एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन, एसडीएम श्री श्रीकांत कोर्राम, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरीलाल साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। - -समाधान शिविर में मिली ट्रायसिकल, अब आत्मनिर्भर बनेगा 13 वर्षीय डिगेशमहासमुंद / सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर आमजनों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में पिथौरा विकासखंड के ग्राम राजपुर निवासी 13 वर्षीय डिगेश अजय के जीवन में भी यह शिविर नई उम्मीद और खुशियां लेकर आया।समाधान शिविर में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के हाथों डिगेश को ट्रायसिकल प्रदान की गई। ट्रायसिकल मिलने से अब डिगेश को आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वह स्वयं आसानी से आवागमन कर सकेगा।डिगेश के पिता श्री संतराम अजय ने बताया कि उनका बेटा बचपन में अन्य बच्चों की तरह खेलता-कूदता और दौड़-भाग करता था, लेकिन सात वर्ष की उम्र में अचानक बीमारी की चपेट में आने के बाद उसका चलना-फिरना बंद हो गया। तब से परिवार को उसे हर जगह ले जाने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने बताया कि गांव में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर आयोजित होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने बेटे के लिए ट्रायसिकल हेतु आवेदन किया था। आवेदन के बाद शिविर में ही उनके बेटे को ट्रायसिकल उपलब्ध करा दी गई।श्री संतराम अजय ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल से उनके बेटे को नई जिंदगी मिली है। अब डिगेश आत्मनिर्भर होकर स्वयं अपने काम कर सकेगा और कहीं आने-जाने में उसे कठिनाई नहीं होगी।
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- विभिन्न प्रजाति के पौधों का संग्रहण मन को उल्लास से भर देने वाला
- किसानों के लिए यहां प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में मिर्च का थरहा उपलब्ध
- शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री समृद्ध नर्सरी
- फूल एवं फलों की विभिन्न किस्में उपलब्ध
राजनांदगांव । इन दिनों पेण्ड्री स्थित शासकीय उद्यान रोपणी की बगिया ग्रीष्म ऋतु में भी खुबसूरत फूलों से गुलजार है। वहीं वृक्ष विभिन्न वेरायटी के आम जिनमें आम्रपाली, लंगड़ा, दशहरी, चौसा, बाम्बेग्रीन लदे हुए हैं। राहत और सुकून से भरे शासकीय उद्यान रोपणी में विभिन्न प्रजाति के पौधों का संग्रहण मन को उल्लास से भर देने वाला है। सबसे खास बात यह है कि किसानों के लिए यहां प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में जापानी पद्धति से नमी, तापमान एवं प्रकाश की संतुलित मात्रा के माध्यम से बीज से थरहा तैयार किया जा रहा है। जिससे किसानों को आसानी से थरहा उपलब्ध हो जाता है। अभी यहां योगी नामधारी मिर्च की प्रजाति का थरहा लगाया गया है। किसान स्वयं बीज देकर यहां थरहा लगा रहे हैं। सीडलिंग यूनिट के जीर्णाद्धार का कार्य डीएमएफ की राशि से किया गया है। जिससे यहां पुन: किसानों के लिए अंकुरित पौधे उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। नर्सरी में कलमी पौधे, ग्रुटी पौध, शंकर पपीता, शंकर मुनगा और बिजू पौधे ब्रिकी के लिए उपलब्ध हैं। शासकीय उद्यान रोपणी पेण्ड्री समृद्ध नर्सरी है, जहां फूल एवं फलों की विभिन्न किस्में उपलब्ध है। यहां आम, अमरूद, संतरा, आंवला, लीची, अनार, पपीता, नारियल, अशोक, गंधराज, चंपा, गुलमोहर, हरसिंगार, बाटल ब्रश, चीकू, सिल्वर ओक, एक्जोरा, यूफोर्बिया, रातरानी, कदम, पीपल, बोगनविलिया, गुलाब, मनीप्लांट, अलमेंडा, रजनीगंधा, जरबेरा, कनेर, सहित विभिन्न पौधे बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
गौरतलब है कि ऑटोमेटिक सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट के अंतर्गत सीडलिंग के लिए नारियल बुरादा, परलाईड, वर्मी कोलाईट का उपयोग किया जाता है। इसमें मृदा का उपयोग नहीं किया जाता। बीज का विकास मशीनरी स्वींग मेथड से होता है। प्लग टाईप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट में टमाटर, बैंगन, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा, करेला, कद्दू, लौकी जैसी फसलों का सिडलिंग किया जाता है। प्रतिकूल मौसम में भी नर्सरी तैयार की जा सकती है। बीज का अंकुरण नियंत्रित वातावरण में होता है। अधिकतम संख्या में पौधे तैयार होते हैं। प्रति एकड़ बीज की मात्रा कम लगती है। तैयार की जाने वाली पौध नर्सरी स्वस्थ, एक समान एवं रोग रहित होती है। रोपण करने हेतु सही समय पर नर्सरी तैयार हो जाती है। प्रत्येक पौधे में निर्धारित आवश्यकतानुसार जड़ों का विकास होता है। उचित जड़ों के विकास के कारण खेत में ट्रांसप्लाटिंग टीपी उपरांत पौधों की जीवितता प्रतिशत अधिक होती है। अपेक्षाकृत कम अवधि में फलन प्रारंभ हो जाता है। सभी पौधों की एक समान वृद्धि होती है। -
- ग्राम साल्हे में बिहान की ओर से लगाया गुपचुप का स्टॉल
- मुंगोड़ी और चाट की दुकान से हुई तरक्की, प्रतिमाह हो रही 15 हजार रूपए से अधिक आय
- 50 डिसमिल जमीन और मोटर सायकल खरीदी
राजनांदगांव । सुशासन तिहार अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर श्रीमती शगुन साहू के लिए खास रहा। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की ओर से गुपचुप का स्टॉल लगाया था। उन्होंने बताया कि वे माँ पद्मा महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी है और उन्होंने महिला स्वसहायता समूह से 50 हजार रूपए का ऋण लिया था। जिससे उन्होंने मुंगोड़ी और चाट का दुकान प्रारंभ किया। व्यवसाय प्रारंभ करने के बाद उनके जीवन में तरक्की की राह खुली। प्राप्त आमदनी से उन्होंने 50 डिसमिल जमीन खरीदी है और मोटर सायकल खरीदी है। उन्होंने कहा कि अब वे आर्थिक रूप से संपन्न हैं। उन्होंने बताया कि पहले जब वह शादी होकर आयी थी, तब घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। लेकिन समूह से जुडऩे के बाद आत्मविश्वास बढ़ा और आजीविका मूलक गतिविधियों से जुडऩे का फायदा मिला। प्रतिमाह 15 हजार रूपए से अधिक की आय प्राप्त हो रही है।
श्रीमती शगुन साहू ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर काम करने का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाएं आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही हैं और उनका मनोबल भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आगे भी वे अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में आने से जनसामान्य को बहुत फायदा मिल रहा है। शिविर में जनसामान्य आधार कार्ड, श्रमिक कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड बनवा सकते हैं और शासन की योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बिहान से मदद मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। - -मौके पर हुआ समाधान, अब बिना दफ्तरों के चक्कर के मिलेंगी सुविधाएंरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ राज्यभर में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के तहत सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मूरता में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कंचनपुर निवासी किसान श्री अविनाश लकड़ा को मौके पर ही उनकी ‘किसान किताब’ (ऋण पुस्तिका) प्रदान की गई।काफी समय से ऋण पुस्तिका नहीं होने के कारण अविनाश लकड़ा को कृषि कार्यों और विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सुशासन तिहार के शिविर में आवेदन करने पर राजस्व विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराई। दस्तावेज प्राप्त होने के बाद अविनाश ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया है। ऋण पुस्तिका मिलने से अब अविनाश लकड़ा आसानी से किसान पंजीयन करा सकेंगे। इसके माध्यम से वे समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर सकेंगे और कृषि ऋण, आय प्रमाण पत्र तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी सरलता से प्राप्त कर पाएंगे। इससे उनकी खेती-बाड़ी से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य सुगम हो जाएंगे।अविनाश लकड़ा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण अब गांव-गांव में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है और लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी और राहत देने वाला साबित हो रहा है।
- -प्रत्येक आवेदन का होगा निराकरण - खाद्य मंत्री श्री बघेल-हितग्राहियों को मिले स्वामित्व पट्टा, ट्राइसाइकिल, सुपोषण टोकरीमहासमुंद / प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत शुक्रवार को जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत मुढ़ीपार में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल मौजूद थे।शिविर में खाद्य मंत्री श्री बघेल एवं अतिथियों द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया गया। इस दौरान मंत्री श्री बघेल ने विभागों को प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविर में प्राप्त शिकायतों एवं मांगों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा लंबित मामलों का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिविर में 18 ग्रामों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शिविर में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा विभिन्न विभागों के स्टॉलों में अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।शिविर को संबोधित करते हुए खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य शासन आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा किसानों को समय पर खाद का उठाव करने की सलाह दी गई। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।मंत्री श्री बघेल ने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर भी विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अन्य सेवाओं की सतत निगरानी आवश्यक है। बच्चों को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिले, यह सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधे संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है।सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें तथा अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष खुलकर रखें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अमला मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद श्रीमती चौधरी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने हेतु स्व-सहायता समूहों से जुड़ने तथा युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम जनता की समस्याओं का निराकरण गांव स्तर पर ही हो तथा लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि समाधान शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम बन रहा है। विधायक श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने किसानों, महिलाओं एवं जरूरतमंद परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराने कहा। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, जिला सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ऊषा धृतलहरे, जनपद उपाध्यक्ष श्री ब्रम्हानंद पटेल, विधायक प्रतिनिधि श्री कैलाशचंद्र अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामदुलारी सिन्हा, श्री कंवलजीत सिंह छाबड़ा,, जनपद सदस्य श्री पुरुषोत्तम धृतलहरे, श्री सीताराम सिन्हा, सरपंच श्रीमती सुमित्रा पटेल, श्री सादर राम पटेल, श्री अजय डड़सेना, श्री अजय अग्रवाल उपस्थित रहे।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को राजस्व, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, खाद्य, शिक्षा तथा सामाजिक कल्याण विभाग की योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। कई हितग्राहियों को मौके पर प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र एवं अन्य लाभ वितरित किए गए। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, किसान, महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याएं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में आमजन की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित 1600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। जिसका मौके पर निराकरण किया जा रहा है। इस अवसर पर सुपोषण कीट, अन्नप्राशन, गोद भराई, 04 दिव्यांगों को ट्राई साइकिल, स्वामित्व पट्टा तथा हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।ज्ञातव्य हो कि 18 मई 2026 को जिले में तीन क्लस्टरों में समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम पंचायत बावनकेरा, विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत भस्करापाली तथा विकासखंड सरायपाली अंतर्गत ग्राम पंचायत चारभांठा शामिल हैं।
- - अधिकार अभिलेख पत्र प्राप्त होने पर श्रीमती कस्तुरी बाई ने प्रसन्नता व्यक्त की- ग्राम उचईपुर निवासी रूपचंद को मिला मालिकाना हक- जन समस्या निवारण शिविर साल्हे में हितग्राहियों को मिला अधिकार अभिलेख पत्रराजनांदगांव । वर्षों से अपने घर और जमीन पर निवास करने के बावजूद कानूनी दस्तावेजों के अभाव में असुरक्षा महसूस करने वाले ग्रामीणों के लिए स्वामित्व योजना आशा की नई किरण बनकर सामने आई है। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में तहसील कुमरदा क्षेत्र के हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। ग्राम उचईपुर निवासी श्रीमती कस्तुरी बाई ने अधिकार अभिलेख पत्र प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से जिस जमीन पर उनका परिवार रह रहा था, उसका कोई पक्का दस्तावेज नहीं होने से हमेशा चिंता बनी रहती थी। अब शासन की योजना से उन्हें जमीन का अधिकार अभिलेख प्राप्त हुआ है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षा और भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि अब जरूरत पडऩे पर वे बैंक से ऋण लेकर अपने घर और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगी। इसके लिए उन्होंने शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार उचईपुर निवासी श्री रूपचंद को भी स्वामित्व योजना के तहत जमीन का अधिकार अभिलेख पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने शासन की इस योजना की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि तहसील कुमरदा अंतर्गत स्वामित्व योजना के माध्यम से अब तक 58 नागरिकों को अधिकार अभिलेख पत्र वितरित किया जा चुका है। इससे ग्रामीणों को अपनी आबादी भूमि का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त हो रहा है, साथ ही संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना तथा ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। भारत शासन के निर्देशानुसार स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी भूमि का स्वामित्व अधिकार प्रदान करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा ग्रामों में आबादी भूमि का चिन्हांकन किया गया। इसके अनुरूप सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ड्रोन सर्वे कर नक्शे तैयार किए गए। राजस्व विभाग ने भूमि स्वामियों के कब्जे का चिन्हांकन कर दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण की। इसके बाद अंतिम नक्शा तैयार कर स्वामित्व अधिकार पत्र जारी किए गए, जिससे ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध हो सका। स्वामित्व योजना ग्रामीणों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है। अब गांवों में रहने वाले लोग अपनी जमीन के पक्के दस्तावेजों के साथ आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना महसूस कर रहे हैं।
- -शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए शस्त्र जमा करने के आदेश जारीदंतेवाड़ा, । छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के निर्देशानुसार जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आयोग द्वारा जारी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं पंच पदों के रिक्त पदों हेतु उप निर्वाचन कराया जाएगा। मतदान 01 जून 2026, सोमवार को संपन्न होगा। निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत फूलनार, केशापुर एवं मेटापाल-1, जनपद पंचायत गीदम के तुमरीगुण्डा, चेरपाल, झोडियाबाडम एवं सियानार, जनपद पंचायत कटेकल्याण के टेटम एवं मारजूम तथा जनपद पंचायत कुआकोंडा के अरनपुर, मदाड़ी, कडमपाल, जबेली एवं पालनार ग्राम पंचायतों में उप निर्वाचन कराया जाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया 11 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है।जिला प्रशासन ने बताया कि निर्वाचन कार्यवाही को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से संबंधित पंचायत क्षेत्रों के शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को आदेश जारी किए गए हैं। आयुध अधिनियम 1959 की धारा 17 (2) एवं 17 (4) के तहत जारी आदेशानुसार सभी लाइसेंसधारियों को आदेश जारी होने के 48 घंटे के भीतर अपने शस्त्र एवं अनुज्ञप्ति संबंधित थाने में जमा करना होगा। हालांकि ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों, बैंक सुरक्षा गार्डों एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों, जिनके लिए पदीय दायित्वों के निर्वहन हेतु शस्त्र रखना आवश्यक है, उन्हें इस आदेश से मुक्त रखा गया है।
- -केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिया एनक्यूएएस सर्टिफिकेट, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को मिली नई पहचानदंतेवाड़ा । जिले के लिए गौरव का विषय है कि जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, बेहतर प्रबंधन और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की उत्कृष्टता का प्रमाण मानी जा रही है।कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। जिला चिकित्सालय द्वारा बताया गया कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा अस्पताल का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ, संसाधन, दवाइयों की उपलब्धता, उपचार की गुणवत्ता, कार्यकुशलता, स्वच्छता एवं मरीजों की संतुष्टि जैसे विभिन्न बिंदुओं पर गहन निरीक्षण और सर्वे किया गया। सभी मानकों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जिला चिकित्सालय को यह प्रमाणन प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि (एनक्यूएएस) स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधार के लिए तैयार किया गया एक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क है, जिसके माध्यम से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाती हैं। इस प्रमाणन के बाद जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं उन्नत बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि जिले में (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेशन के लिए विशेष तैयारी के साथ कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में जिले के 40 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी (एनक्यूएएस) मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रतीक सोनी एवं जिला क्वालिटी सलाहकार अंकित सिंह द्वारा लगातार तकनीकी एवं प्रबंधन स्तर पर तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अभय प्रताप तोमर ने कहा कि (एनक्यूएएस) प्रमाणन मिलना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकेगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिला चिकित्सालय के समस्त चिकित्सकों, वार्ड प्रभारियों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ एवं हाउसकीपिंग टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही तकनीकी सहयोग के लिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेषन एवं यूनिसेफ का आभार व्यक्त किया।
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- किसी भी प्रकार के भ्रम अथवा अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील
- कलेक्टर ने उपभोक्ता की मांग व खपत अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बनाये रखने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । जिले में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं पेट्रोल व डीजल पम्पों को यथाशीघ्र स्टॉक की आपूर्ति ऑयल कम्पनियों के डिपो से लगातार की जा रही है। जिले में पेट्रोल व डीजल पम्प की कुल संख्या 130 है। जिले में पेट्रोल का 651 किलोलीटर एवं डीजल का 655 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही वर्तमान में जिले में 5 दिवस की आवश्यकता से अधिक का स्टॉक उपलब्ध है। विगत 2 दिवस में प्रदेश के पेट्रोल व डीजल पम्प के ड्राईआउट होने की अफवाह एवं घबराहट के कारण नागरिकों द्वारा पेट्रोल व डीजल की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है एवं मांग में हुई इस वृद्धि के कारण कृत्रिम अभाव उत्पन्न हुआ है। आम उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वह किसी भ्रम अथवा अफवाह से प्रभावित होकर पैनिक खरीदी अथवा इसका संग्रहण करना प्रारंभ नहीं करें एवं केवल आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल व डीजल वाहनों में रखें।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव द्वारा तीनों ऑयल कम्पनियों के सेल्स ऑफिसर एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों से पेट्रोल व डीजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति की समीक्षा की गई है। ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि आवश्यकता व मांग अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति की जा रही है। कलेक्टर ने ऑयल कम्पनियों के अधिकारियों को उपभोक्ता की मांग खपत अनुसार पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति बनाये रखने निर्देशित किया है। पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति से संबंधित शिकायत हेतु कॉल सेन्टर नम्बर 1800-233-3663 या 1967 है। कलेक्टर ने मांग सामान्य होने तक जिले के सभी पेट्रोल पम्पों को 24 घण्टे आपूर्ति के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर के निर्देश पर ऑयल कम्पनियों एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले के पेट्रोल व डीजल पम्पों का निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। जिले के पेट्रोल पम्पों हेतु पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। -
-बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और आस्था का दिखा भव्य संगम
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप शुक्रवार को नारायणपुर जिले के गारंजी में आयोजित पारंपरिक कानाहर्राल पेन करसाद जातरा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोक आस्था छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान है और इसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।त्रिवार्षिक रूप से आयोजित होने वाला यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बस्तर की समृद्ध परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। जातरा में बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से भी 300 से अधिक देवी-देवताओं की उपस्थिति रही। हजारों श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की सहभागिता से पूरा क्षेत्र भक्ति, आस्था और उत्साह से सराबोर नजर आया।वन मंत्री श्री कश्यप ने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। जनजातीय समाज की संस्कृति, रीति- रिवाज और परंपराएं प्रकृति से जुड़ी हुई हैं, जो पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आयोजनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों को भी संरक्षित किया जा रहा है।दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर सामाजिक समरसता, भाईचारा और सांस्कृतिक एकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। वन मंत्री श्री कश्यप ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात कर क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। कानाहर्राल पेन करसाद जातरा ने एक बार फिर यह साबित किया कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत केवल परंपरा नहीं, बल्कि समाज की आत्मा है, जिसे सहेजकर रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद आवश्यक है। -
शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित
बालोद/राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत डौण्डी विकासखण्ड के प्राथमिक शाला मैदान भैंसबोड़ में 18 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। प्राथमिक शाला मैदान भैसबोड़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भर्रीटोला, रजही, चिपरा, धुर्वाटोला, सुवरबोड, गिधाली, भैसबोड, दानीटोला, गुजरा, खलारी, अड़जाल, कुसुमकसा, अरमुरकसा, पथरटोला, खम्हारटोला, बिटाल, धोबेदण्ड और धोबनी अ के ग्रामीण शामिल होंगे। प्राथमिक शाला मैदान भैसबोड़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के सफल आयोजन हेतु सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री विजय कुमार कंवर (मो. 7879114866) नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले और एसडीओ आरईएस श्री जेपी चंद्राकर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। जिसके अंतर्गत तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम (मो. 9407704570) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। -
बालोद/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार जिला जेल बालोद में बंदियों के परिजनों को विधिक जानकारी एवं प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु विधिक सहायता हेल्प डेस्क का शुभारंभ आज 15 मई 2026 को प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद श्री एस.एल. नवरत्न द्वारा किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश श्री नवरत्न ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद द्वारा जिला जेल बालोद में विधिक सहायता हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों के साथ-साथ उनके परिवारजनों को भी निःशुल्क विधिक सहायता एवं आवश्यक कानूनी परामर्श उपलब्ध कराना है। हेल्प डेस्क के माध्यम से बंदियों के परिजनों को बंदियों के प्रकरणों की जानकारी, जमानत प्रक्रिया, अपील, कानूनी अधिकारों जानकारी दी जाएगी। जानकारी एवं संसाधनों के अभाव में बंदियों के परिवारजन को उचित कानूनी सहायता नहीं मिल पाती। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर न्यायिक सहायता पहुंचाई जा सके। हेल्प डेस्क में लीगल एड डिफेंस कौंसिल एवं पैरा लीगल वालिंटियर्स नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे, जो बंदियोे परिवारजनों की समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक कानूनी सलाह एवं सहयोग प्रदान करेंगे। प्रत्येक नागरिक को न्याय प्राप्त करने का अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इस अवसर पर जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री ताजुद्दीन आसिफ, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री संजय सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद भारती कुलदीप, व्यवहार न्यायाधीश बालोद श्रीमती हीरा सिन्हा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, लीगल एड डिफेंस कौसिल व कौंसिलगण श्री श्रीनिवास पाण्डेय चीफ, जेल अधीक्षक बालोद श्री एस.पी.कुर्रे एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के पैरालीगल वालिटिंयर्स उपस्थित रहें।
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*-जिला प्रशासन ने नागरिकों से धैर्य रखने और अफवाहों से बचने की अपील की*
दुर्ग/ जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वर्तमान में जिले के 189 पेट्रोल और डीजल पंपों पर तेल कंपनियों द्वारा निरंतर आपूर्ति जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में पेट्रोल का 1421 किलोलीटर और डीजल का 1678 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है, जो अगले 5 दिनों से अधिक की आवश्यकता के लिए पर्याप्त है। जिले में पेट्रोल की दैनिक औसत खपत 293 किलोलीटर और डीजल की 374 किलोलीटर है। अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं द्वारा सामान्य से दोगुना ईंधन खरीदने से कुछ पंपों पर अस्थायी दबाव की स्थिति बन रही है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईंधन की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में आकर अनावश्यक संग्रहण न करें और केवल आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदें। तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर सभी पंपों पर सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। - -’जलग्रहण प्रबंधन, पीएम सिंचाई योजना, डिजिटल राजस्व सुधार और ई-पंजीयन की प्रगति पर हुई चर्चा’रायपुर ।भारत सरकार, भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेन्द्र भूषण ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में सुशासन के अंतर्गत जलग्रहण प्रबंधन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भुईयां पोर्टल, ई-कोर्ट और पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री भूषण ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) और राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीय प्रगति का जायजा लिया।बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर प्रस्तुतीकरण दिया। डिजिटल रिकॉड्स। के रूप में राज्य में भू-अभिलेखों का पूर्ण कंप्यूटरीकरण कर मॉडर्न रिकॉर्ड रूम स्थापित किए गए हैं। भू-नक्शा डिजिटलीकरण के तहत सभी भू-नक्शों को डिजिटल स्वरूप दिया गया है। भुईयां पोर्टल के माध्यम से डिजिटल किसान किताब अपडेट की गई है, जिसे भूमि स्वामी कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए रेवेन्यू ई-कोर्ट का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, भूमि का ऑटो डायवर्सन ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हो रहा है।वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग द्वारा तकनीक के समावेश से रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। ई-पंजीयन के तहत दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब पूर्णतः ऑनलाइन और पेपरलेस मोड में की जा रही है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से अपॉइंटमेंट से लेकर रजिस्ट्री पूर्ण होने तक के अपडेट्स क्रेता-विक्रेता को भेजे जा रहे हैं। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है।छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी (REWARD) के अधिकारियों ने पीएमकेएसवाई (WDC 2-0) की प्रगति साझा की। वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 45 परियोजनाओं के तहत 27 जिलों के 387 माइक्रो वाटरशेड में कार्य जारी है। 2.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के उपचार हेतु कुल 613.66 करोड़ रुपये की लागत तय है (केंद्र-राज्य अनुपात 60-40 प्रतिशत है)। भारत सरकार द्वारा हाल ही में (28 अप्रैल 2026) 30.14 करोड़ रुपये की केंद्रांश राशि जारी करते हुए परियोजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संयुक्त सचिव भारत सरकार भूमि संसाधन विभाग श्री नितिन खाडे, संचालक भूमि संसाधन भारत सरकार श्री श्याम कुमार सहित छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पंजीयन एवं स्टाम्प, छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेन्सी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुये।
- रायपुर। मई की झुलसाती गर्मी में जहां लोग पेड़ों की छांव और ठंडी हवा की तलाश में भटकते नजर आते हैं, वहीं राजनांदगांव शहर के पेण्ड्री स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में कदम रखते ही मौसम का मिजाज बदला-बदला सा महसूस होता है। रंग-बिरंगे फूलों से सजी क्यारियां, फलों से लदे वृक्ष और हरियाली से आच्छादित परिसर यहां आने वाले हर व्यक्ति को सुकून और ताजगी का एहसास कराते हैं।ग्रीष्म ऋतु के बावजूद पेण्ड्री की यह बगिया इन दिनों पूरी तरह खिली हुई है। गुलाब, गंधराज, हरसिंगार, चंपा और बोगनविलिया की महक से वातावरण सुवासित है। वहीं आम्रपाली, लंगड़ा, दशहरी, चौसा और बाम्बेग्रीन जैसी आम की प्रजातियों से लदे पेड़ उद्यान की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।पेण्ड्री की यह रोपणी केवल सुंदरता का केंद्र नहीं है, बल्कि आधुनिक उद्यानिकी और उन्नत कृषि तकनीक का भी महत्वपूर्ण केन्द्र बन चुकी है। यहां स्थापित प्लग टाइप वेजीटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। जापानी पद्धति पर आधारित इस यूनिट में तापमान, नमी और प्रकाश को नियंत्रित कर पौध तैयार किए जाते हैं, जिससे कम समय में बेहतर गुणवत्ता वाले अंकुरित पौधे मिलते हैं। इन दिनों यूनिट में योगी नामधारी मिर्च की पौध तैयार की जा रही है। किसान स्वयं अपने बीज यहां देकर थरहा तैयार करवा रहे हैं। डीएमएफ मद से यूनिट के जीर्णाेद्धार के बाद यहां फिर से बड़े पैमाने पर किसानों को गुणवत्तायुक्त पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।इस आधुनिक तकनीक की खासियत यह है कि इसमें मिट्टी का उपयोग नहीं होता। नारियल बुरादा, परलाईड और वर्मी कोलाईट जैसे माध्यमों से पौध तैयार किए जाते हैं। मशीनरी स्वींग मेथड से बीजों का अंकुरण किया जाता है, जिससे पौधे रोगमुक्त और एक समान वृद्धि वाले बनते हैं। टमाटर, बैंगन, पत्ता गोभी, फूलगोभी, खीरा, करेला, लौकी और कद्दू जैसी सब्जियों की पौध यहां तैयार की जा रही है।विशेषज्ञ बताते हैं कि इस पद्धति से तैयार पौधों की खेत में जीवित रहने की क्षमता अधिक होती है और फसल जल्दी तैयार होती है। यही कारण है कि अब किसान आधुनिक सीडलिंग तकनीक की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। पेण्ड्री की समृद्ध नर्सरी में फलदार, छायादार और सजावटी पौधों की बड़ी श्रृंखला उपलब्ध है। यहां आम, अमरूद, संतरा, आंवला, लीची, अनार, पपीता, नारियल, चीकू और मुनगा जैसे पौधों के साथ अशोक, सिल्वर ओक, कदम और पीपल जैसे वृक्ष भी मिलते हैं। वहीं जरबेरा, रजनीगंधा, कनेर, यूफोर्बिया, एक्जोरा और मनीप्लांट जैसे सजावटी पौधे लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। पेण्ड्री की यह बगिया केवल हरियाली का ठिकाना नहीं, बल्कि किसानों के लिए आधुनिक खेती की प्रयोगशाला बन गई है।
- -दो माह में भारत सरकार के अधिकारियों का तीसरा दौरा, सचिव ने की सराहना-राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की नीति पर होगा विचाररायपुर / छत्तीसगढ़ का स्मार्ट रजिस्ट्री मॉडल अब देशभर के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग (Department of Land Resources) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों और नागरिक-केंद्रित सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी है।भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा पिछले दो माह में यह तीसरा दौरा है, जो राज्य में लागू स्मार्ट रजिस्ट्री प्रणाली, ऑटो म्यूटेशन और डिजिटल सेवाओं के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है।दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने मंत्रालय महानदी भवन में पंजीयन विभाग की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव श्री नितिन खाडे तथा निदेशक श्री श्याम कुमार भी उपस्थित थे।समीक्षा बैठक में सचिव पंजीयन भुवनेश यादव तथा महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए प्रमुख सुधारों और नवाचारों का प्रस्तुतीकरण दिया।प्रस्तुतीकरण में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, पंजीयन प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता और सेवा वितरण में सुधार से संबंधित पहलों की जानकारी दी गई। साथ ही विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे “नेक्स्ट जनरेशन रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म” की रूपरेखा और भावी कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा राज्य के नागरिकों को सर्वोत्तम सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की विशेष सराहना की।इसके पश्चात उन्होंने सीबीडी, नवा रायपुर अटल नगर स्थित स्मार्ट उप पंजीयक कार्यालय का निरीक्षण किया और ऑटो म्यूटेशन से एकीकृत एंड-टू-एंड डिजिटल रजिस्ट्री प्रक्रिया का अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें संपूर्ण पंजीयन प्रक्रिया, डिजिटल व्यवस्थाओं और नागरिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।निरीक्षण के दौरान सचिव श्री भूषण ने कहा कि पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ की यह पहल अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने कहा कि राज्य का स्मार्ट ऑफिस मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की नीति पर विचार किया जाएगा।उन्होंने कार्यालय में नागरिकों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, पारदर्शी कार्यप्रणाली और नागरिक-अनुकूल वातावरण की भी विशेष सराहना की। भारत सरकार के सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि तकनीक आधारित रजिस्ट्री सेवाओं के विस्तार में छत्तीसगढ़ देश का मार्गदर्शन करेगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 18 से 25 मई 2026 तक “जन भागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के 1544 तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के 6691 गांवों में संचालित होगा।मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पोषण और पेयजल जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारी गांवों में पहुंचकर जन सुनवाई करेंगे तथा “आदि सेवा केन्द्रों” में शिकायतों का निराकरण किया जाएगा।अभियान में सिकल सेल और टीबी जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत प्रतिदिन फोटो, वीडियो और लाभार्थियों के बयान “आदि प्रसारण” पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। शासन ने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, एनएसएस, एनसीसी और स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान का समन्वय “सुशासन तिहार” और “जनजातीय गरिमा उत्सव” से भी किया जाएगा।
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*- लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की*
दुर्ग / लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज संभागीय मुख्यालय दुर्ग में लोक निर्माण विभाग के दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर भवनों, सड़कों और पुलों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने दुर्ग और पाटन में तीन कार्यस्थलों पर जाकर कार्यों का निरीक्षण भी किया।श्री बंसल ने बैठक में अधिकारियों को भविष्य की जरुरतों के अनुरूप सभी सड़क खंडों पर फ्लाई-ओवर्स की समग्र योजनाओं के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्ग परिक्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के सभी संभागों में प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर चयनित एजेंसी से अनुबंध की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय अधिकारी अपने सुव्यवस्थित और समयबद्ध कार्यों से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच विभाग की अच्छी छवि बनाएं। सभी कार्यों को पूरी जवाबदेही, सक्रियता और गंभीरता से अंजाम दें।सचिव श्री बंसल ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय में रहकर निर्माणाधीन कार्यों की पुख्ता और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र के सड़कों की स्थिति की पूरी जानकारी रखते हुए परफार्मेंस गारंटी वाली सड़कों में सुधार की जरूरत पर संबंधित ठेकेदारों से तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने मैदानी स्तर पर भू-अर्जन में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शासकीय भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से निर्माण की कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने भवनों के निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री से लेकर टाइल्स, पुट्टी और पेंट अच्छी गुणवत्ता का उपयोग करने को कहा। उन्होंने भूजल स्तर को रिचार्ज करने सभी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की भी व्यवस्था के निर्देश दिए।*कार्यस्थलों का दौरा कर कार्यों की देखी प्रगति*लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग के साइंस कॉलेज में बन रहे 750 सीटर आडिटोरियम के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए जल्द इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेल तिराहा से मिनीमाता चौक पुलगांव तक के सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने पाटन शासकीय कॉलेज के निर्माणाधीन भवन के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां नए भवन में क्लास-रुम, लैब, शौचालय इत्यादि का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कॉलेज प्रबंधन से मिलकर विद्यार्थियों की जरूरतों और उपयोगिता के मुताबिक सभी कार्यों को संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे कॉलेज परिसर को हरा-भरा, सुंदर और सुव्यवस्थित करने को कहा। - रायपुर / सुशासन तिहार अंतर्गत आज शुक्रवार को कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड अंतर्गत ग्राम अड़ेंगा में आयोजित शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य आबकारी व श्रम विभाग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रभारी मंत्री ने शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत विभिन्न हितग्राहियों को सामग्री वितरित किए और लगभग 01 करोड़ 06 लाख रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम सहित कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना और स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।शिविर में विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर कुल 210 आवेदन प्राप्त हुए। प्रभारी मंत्री ने 31 बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किया और दसवीं बारहवीं के 05 मेधावी विद्यार्थियों क़ो सम्मानित किया। साथ ही 12 श्रम पंजीयन कार्ड, 30 आधार कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 25 हितग्राहियों को चाबी, 15 जॉब कार्ड, 17 जाति प्रमाण पत्र, 30 लखपति दीदी प्रमाण पत्र, 06 किसान क्रेडिट कार्ड, 24 आयुष्मान कार्ड, 10 जन्म प्रमाण पत्र, 20 डिजिटल किसान कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 15 जाति प्रमाण पत्र और 10 निवासी प्रमाण पत्र, 11 राशन कार्ड, उद्यानिकी विभाग द्वारा 200 पौधों का वितरण, समाज कल्याण विभाग द्वारा 04 मोटराईज्ड सायकल, मत्स्य पालन विभाग द्वारा 01 मत्स्य जाल, 04 जन्म प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय परिवार सहायता पेंशन 03 को और क्रेडा विभाग द्वारा 01 हितग्राही को सौर सुजला योजना से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 128 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इन दो वर्षों में जन समस्याओं के समाधान हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी को अल्प समय में पूरा किया। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नति योजना जैसे जनमानस के कल्याण हेतु कई योजनाएं संचालित की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं शिविर के माध्यम से आपके द्वार तक पहुंच रही है। नागरिकों के समस्याओं का त्वरित निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार ने बस्तर क्षेत्र में शांति बहाल कर विकास के मार्ग में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार अंतर्गत गांव गांव में आयोजित शिविर में जाकर जनता से संवाद कर उनकी समस्याएं और मांगो को सुन रहे हैं और त्वरित निराकरण भी की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत की और मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना की है इसमें सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिविर में ज़रूरतमंद हितग्राही को अधिक से अधिक लाभ उठाएं।विधायक श्री नीलकंठ टेकाम ने कहा कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गांव, महिला, किसान और गरीब परिवार के हित की चिंता करती है और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा क्षेत्र के सुदूर गांवों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे यहां विकास के साथ साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से गांव गांव तक स्वास्थ्य सेवा पहुंच रही है। सुशासन तिहार के माध्यम योजना गांव गांव तक पहुंच रहा है और शिविर में आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री सेवकराम नेताम ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नंदनी पोटाई, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री बिहारी लाल शोरी, श्री धीरेन्द्र बघेल, श्री राजकिशोर राठी, श्री लंबोदर सलाम सहित सरपंच श्री भूपेन्द्र ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, एसडीएम सुश्री आकांक्षा नायक, तहसीलदार श्री गणेश सिदार उपस्थित रहे।
- -ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेशरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत एवं संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग संबंधी आह्वान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास ,तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने शासकीय भ्रमण एवं आवागमन के दौरान पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि देशहित की बात स्वयं से शुरुआत करने पर ही सार्थक होती है तथा जनप्रतिनिधियों को समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।उन्होंने कहा कि ईंधन बचत, प्रदूषण में कमी एवं शासकीय संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में यह छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे आमजन में भी जागरूकता बढ़ेगी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेशवासियों से भी पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और “देशहित पहले” की भावना को अपनाने की अपील की। उनके इस निर्णय की विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है।












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