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-छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को लेकर हुई चर्चा
-दूरस्थ और जनजातीय अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोररायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा से उनके स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति को लेकर सार्थक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का विशेष फोकस इस बात पर है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके निकट ही गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं तक स्वास्थ्य तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ, वनांचल एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता और आधुनिक उपचार सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की दिशा में प्राथमिकता से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा को प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, गंभीर बीमारियों के उपचार, स्वास्थ्य बीमा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में व्यापक बदलाव आया है। आयुष्मान भारत सहित केंद्र सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार भी केंद्र की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी तथा विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तेजी से पूरा होगा। - -स्कूल शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, दो वर्षों के कार्यों का रखा लेखा-जोखारायपुर / स्कूल शिक्षा विभाग की विगत दो वर्षों की विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों को लेकर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम, अटल नगर, नवा रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस को स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव एवं स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस दौरान विभाग द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों की उपलब्धता एवं पदोन्नति, भर्ती प्रक्रिया, विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं, विद्यालय अधोसंरचना, बहुभाषी शिक्षा तथा तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी गई।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने बताया कि विगत दो वर्षों में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, समावेशी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानों के अनुरूप 10,538 विद्यालयों का समायोजन किया गया। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया। 453 शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की पूर्ति तथा 4,729 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों की पदोन्नति के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। टी संवर्ग में 1,335 तथा ई संवर्ग में 1,478, कुल 2,813 पदों पर प्राचार्यों की पदोन्नति की गई। टी संवर्ग में 1,798 व्याख्याताओं की पदोन्नति तथा विगत दो वर्षों में विभिन्न पदों पर 7,000 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर के 848 पद स्वीकृत किए गए। वर्ष 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति की गई। विगत दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती की गई है। इसके अतिरिक्त 5,000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में है। स्वामी आत्मानंद एवं विवेकानंद विद्यालयों में 3,000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।मंत्री श्री यादव ने बताया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय एवं अन्य शासकीय संस्थाओं में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक संविदा पदों की भर्ती के लिए राज्य स्तरीय ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) की शुरुआत की गई है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,895 तथा स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के 1,171, कुल 3,066 पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। सीबीटी के माध्यम से भर्ती में पारदर्शिता और कम समय में परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। 15 जुलाई 2024 से विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई। कक्षा 1 एवं 2 की हिंदी पुस्तकों में बारहखड़ी को शामिल किया गया। कक्षा 1 एवं 2 के लिए 16 स्थानीय तथा 4 अंतरराज्यीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों का निर्माण किया गया। कक्षा 1, 2, 3 एवं 6 के विषयों की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों का अनुकूलन किया गया है। कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए सहायक वाचन सामग्री भी विकसित की गई है।श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाषा-चित्रण (Language Mapping) करने वाला देश का पहला राज्य है। बस्तर संभाग में बच्चों की भाषा के कक्षा में उपयोग के लिए 2,700 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों का प्रशिक्षण किया गया है। कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी को शिक्षा के माध्यम के अनुरूप पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया जारी है।शिक्षामंत्री ने कहा कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक एवं टीके एप्प के माध्यम से उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। प्रतिदिन टीके एप्प के माध्यम से लगभग 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है। अवकाश प्रबंधन पोर्टल, पेपरलेस कार्यप्रणाली एवं ऑनलाइन संपत्ति विवरण जैसी व्यवस्थाओं से प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है। श्री यादव ने बताया कि कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों को सत्र प्रारंभ होने से पूर्व पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की पहल से 45 लाख 33 हजार 261 विद्यार्थी लाभान्वित हुए। पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं सत्यापन के लिए स्कैनिंग व्यवस्था लागू की गई तथा हिंदी-अंग्रेजी के अतिरिक्त 16 बोलियों में पाठ्यपुस्तक प्रकाशन की पहल की गई। उन्होंने कहा कि निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत 1 लाख 62 हजार 827 बालिकाएं लाभान्वित हुईं। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश उपलब्ध कराया गया, जिससे 28 लाख 63 हजार 786 बच्चे लाभान्वित हुए।शिक्षामंत्री श्री यादव ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। परीक्षा पूर्व समीक्षा, ब्लूप्रिंट निर्माण एवं अध्यापन, पालक-शिक्षक बैठकों तथा केंद्रीकृत परीक्षाओं के माध्यम से परीक्षा परिणाम सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है।श्री यादव ने कहा कि प्रत्येक शनिवार विद्यार्थियों के लिए तनाव एवं भयमुक्त वातावरण में पठन-पाठन के साथ खेल, योग एवं व्यायाम, स्थानीय कला-संस्कृति, महापुरुषों की जयंती, तीज-त्योहार एवं ऐतिहासिक तिथियों से परिचित कराने वाली गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। भाषण, निबंध, गीत, कहानी एवं लोककथाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के सतत विकास पर बल दिया जा रहा है।शिक्षामंत्री ने बताया कि विगत तीन वर्षों में 504 नवीन विद्यालयों की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन विद्यालयों के लिए नवीन विद्यालयों का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से 2026 के मध्य 2,583 नवीन अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति दी गई। विद्यालयों के शौचालय निर्माण एवं मरम्मत के लिए 52 करोड़ 39 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई तथा 302 शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया गया है।श्री यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण एवं संचालन के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।शिक्षामंत्री श्री यादव ने बताया कि नियत नेल्ला नार के अंतर्गत बस्तर संभाग के छह जिलों के 97 प्रतिशत ग्रामों में प्राथमिक शालाओं की स्थापना की गई है। द्विभाषीय पुस्तकों के माध्यम से बस्तर संभाग में 13,817 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। 48 बंद विद्यालय पुनः खोले गए तथा 36 नवीन विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। श्री यादव ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था की प्रभावी ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से अधोसंरचना, भौतिक सुविधाओं, पीएम पोषण, भ्त्डप्ै एवं थ्स्छ सहित विभिन्न योजनाओं की निगरानी की जा रही है। कॉल सेंटर के माध्यम से शिक्षकों, पालकों, संकुल समन्वयकों एवं अधिकारियों से एक लाख से अधिक कॉल के जरिए फीडबैक लिया गया है। पाठ्यपुस्तक वितरण की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से शासन को लगभग 40 करोड़ रूपए की बचत हुई है।शिक्षामंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों के लिए विद्यालयों के समीप आवासीय छात्रावास की सुविधा विकसित की जा रही है। प्रदेश में संचालित 156 आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों में 33,000 से अधिक बच्चे आवासीय सुविधा का लाभ ले रहे हैं। 13 जिलों में 40 पीवीटीजी छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 21 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।श्री यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों के समग्र एवं संतुलित विकास पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इन क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यालयीन अधोसंरचना एवं छात्रावास सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 13 जिलों में 42 छात्रावासों की स्वीकृति दी गई है।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग का निरंतर प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण एवं समान अवसर वाली शिक्षा उपलब्ध हो। इसके लिए शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता, पारदर्शी भर्ती एवं पदोन्नति, आधुनिक अधोसंरचना, बहुभाषी शिक्षा, डिजिटल तकनीक, विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री तथा जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच को प्राथमिकता दी जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग की इन पहलों का व्यापक उद्देश्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, समावेशी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है।
- -केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने सहयोग केंद्र में किया कार्यकर्ताओं से संवादरायपुर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र के माध्यम से कार्यकर्ता अपने आवेदनों को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्रियों से संवाद कर उचित निराकरण पा रहे हैं। इसी कड़ी में आज सहयोग केंद्र में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया एवं उनके आवेदनों, मांगो एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान सहयोग केंद्र में 55 से अधिक आवेदन आए एवं प्रदेश भर से 200 से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे।केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि सहयोग केंद्र के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ता सरकार से अपनी मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु संपर्क कर रहे हैं और उन्हें उनके आवेदनों का निराकरण भी प्राप्त हो रहा है जिससे कार्यकर्ताओं में संगठन एवं सरकार के प्रति विश्वास नेता बढ़ी हुई है। इस दौरान सहयोग केंद्र में प्रदेश महामंत्री डॉ नवीन मार्कण्डेय एवं सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने मौजूद रहे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर के नेतृत्व में शुक्रवार को आदिवासी समाज के प्रमुख लोगों ने बालोद पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रमुख द्वारा लगातार जनजाति समाज को अपमानित और प्रताड़ित करने को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता अब सोशल मीडिया के माध्यम से झूठ नैरेटिव फैलाकर जनता के बीच में सरकार की छवि को धूमिल करने एवं जनजाति समाज को अपमानित करने का काम कर रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस एवं उसके नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे झूठ एवं भ्रामक प्रचार के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सोशल मीडिया पर बहुत ही अपमानजनक ढंग से पोस्ट किया है। देवलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सोशल मीडिया की राष्ट्रीय प्रमुख सुश्री सुप्रिया श्रीनेत की शह पर कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख ने यह पोस्ट कर प्रदेश के जनजाति समाज को अपमानित किया है। इससे हम समाज के लोग काफी आहत महसूस कर रहे हैं। भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने इस कृत्य में दोषी कांग्रेस के सोशल मीडिया में राष्ट्रीय और प्रदेश मीडिया प्रमुख के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य सुसंगत धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ताकि जनजाति समाज की अस्मिता अक्षुण्ण रहे। प्रतिनिधिमण्डल ने कांग्रेस पार्टी से इसके लिए माफी मांगने की मांग की, अन्यथा आदिवासी समाज कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आंदोलन करेगा।इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के अमाय नागवंशी, उपाध्यक्ष डोंडी हीरा ठाकुर, अध्यक्ष हल्बा आदिवासी समाज मोहन्तिन चोरका, अध्यक्ष हल्बा समाज निरंजन पटौदी , गॉड समाज तहसील उपाध्यक्ष डोमार नेताम, अध्यक्ष गोड़ समाज लोहारा जीवराखन भुआर्य, उपाध्यक्ष लोहारा हल्बा समाज मदन महला, सर्किल अध्यक्ष हल्बा समाज रूपेश नायक संजू मानकर, शिवराम सिन्द्रामे, साधना सोरी डोमेन्द्र टेकाम सहित बालोद जिला सर्व आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।
- -विपक्ष के झूठे नैरेटिव का तथ्यों के साथ दें मुँहतोड़ जवाब : संतोष पाण्डेय-प्रदेश मीडिया विभाग की महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक संपन्न, तथ्यों और विकास कार्यों के दम पर जनता तक सच्चाई पहुँचाएंगेरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी, सह प्रभारी एवं जिले के प्रवक्ता, मोर्चा के मीडिया प्रभारी, सह मीडिया प्रभारी एवं मोर्चा के प्रवक्ताओं की शुक्रवार को वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमन्त पाणिग्रही ने जिला मीडिया प्रभारी, सह प्रभारी, मोर्चा मीडिया प्रभारी, सह प्रभारी एवं प्रवक्ताओं का मार्गदर्शन किया।भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, ऐतिहासिक उपलब्धियों और विकास कार्यों के पुख्ता आँकड़े प्रचार माध्यमों के जरिए जनता के बीच मजबूती से रखे जाएँ। श्री सोनी ने कहा कि पार्टी के सभी जिला मीडिया प्रभारी, सह प्रभारी एवं प्रवक्तागण जिले से लेकर मण्डल स्तर तक निरंतर सक्रिय रहकर सरकार की नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का कार्य करें और जनता के बीच विपक्ष के नकारात्मक प्रचार को विफल कर सकारात्मक व तथ्यपरक संवाद स्थापित करें।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर विपक्षी दलों द्वारा जनता को भ्रमित करने के लिए लगातार झूठे नैरेटिव और दुष्प्रचार फैलाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जिले के प्रवक्ताओं व जिला मीडिया प्रभारी एवं सह प्रभारियों का दायित्व बढ़ जाता है कि वे विपक्ष के हर भ्रामक दावे का पूरे तथ्यों, साक्ष्यों और आक्रामकता के साथ मुँहतोड़ जवाब दें। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विपक्ष के दुष्प्रचार की तुरंत पहचान कर वास्तविक तथ्यों के साथ त्वरित खण्डन किया जाए।बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा प्रदेश में किए जा रहे ऐतिहासिक विकास कार्यों और जनहितैषी निर्णयों से कांग्रेस पूरी तरह हताश व मुद्दाविहीन हो चुकी है। अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए कांग्रेस लगातार झूठे, मनगढ़ंत और आधारहीन नैरेटिव गढ़कर जनता को भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। श्री झा ने कहा कि टीवी डिबेट्स, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कांग्रेस के भ्रामक दावों को आँकड़ों के साथ तुरंत खारिज किया जाए।भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमन्त पाणिग्रही ने मीडिया विभाग की कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया और संगठन की नीतियों व जनहितैषी योजनाओं को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुँचाने पर बल दिया। श्री पाणिग्रही ने मीडिया प्रबन्धन को अधिक सशक्त, त्वरित और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ आगामी संगठनात्मक कार्ययोजनाओं को लेकर भी गहन चर्चा की और प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के माध्यम से पार्टी के संदेश को सशक्त ढंग से प्रस्तुत करने का आग्रह किया।बैठक का संचालन प्रदेश मीडिया सह संयोजक राहुल राय एवं आभार कोरबा जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता ने किया। इस दौरान प्रदेश मीडिया सह संयोजक प्रवीण साहू, गोविन्दा गुप्ता, सहित सभी जिलों के जिला मीडिया प्रभारी, सह प्रभारी, मोर्चा के मीडिया प्रभारी सह प्रभारी एवं जिले एवं सभी मोर्चा के प्रवक्तागण उपस्थित रहे।
- रायपुर। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के रुख की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए कहा है कि जिस ‘वन्दे मातरम्’ के उद्घोष ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में लाखों क्रांतिकारियों को मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने का साहस दिया, उस राष्ट्रगीत के प्रति कांग्रेस का रवैया उसकी संकुचित मानसिकता और वोट बैंक की राजनीति को दर्शाता है।केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री साहू ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, संस्कृति और करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। कांग्रेस द्वारा इस पावन गीत के प्रति उपेक्षा दिखाना अमर बलिदानियों और राष्ट्रीय प्रतीकों का खुला अपमान है। श्री साहू ने कहा कि सत्ता और तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस लगातार ऐसे मुद्दों पर राष्ट्रहित के विपरीत खड़ी नजर आती है। एक वर्ग विशेष को साधने के लिए देश की सांस्कृतिक पहचान और गौरव के साथ समझौता करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत की जनता अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसे ‘माँ भारती’ की वंदना और राष्ट्रीय स्वाभिमान के इस अमर मंत्र से परहेज क्यों है? श्री साहू ने कहा कि राष्ट्रहित, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगीत राजनीति से परे हैं और इन पर किसी भी तरह का समझौता भारत के लोकतांत्रिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध है।
- बिलासपु /एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तुरी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र ओखर 01, हरदी 01, मानिकचौरी 01, कोकड़ी 01 एवं उदयबंद में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों के लिए प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत जारी अनंतिम सूची पर दावा आपत्ति 24 अगस्त से 2 सितम्बर 2026 तक ऑनलाईन वेबसाईट http://aww.e-bharti.in/ पर जाकर किये जा सकते है।
- -समय सीमा में कार्य न करने पर कलेक्टर ने की कार्रवाई-लोक सेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करें :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशनरूप आम जनता से जुड़ी सेवाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने हेतु लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत क्रियान्वयन करना सुनिश्चित किया जा रहा है।रायपुर जिले के तिल्दा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री अमिताभ शर्मा पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 100 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। एक हितग्राही के राशन कार्ड में नाम सुधार का आवेदन प्राप्त हुआ था। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत इसके लिए 30 दिन की समय सीमा निर्धारित है। परंतु निर्धारित समय सीमा के भीतर नाम सुधार का कार्य पूर्ण नहीं किया गया, जिसके कारण सीएमओ के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि सभी विभाग लोक सेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करें। जिस विभाग में निर्धारित समय सीमा के भीतर आम जनता को लाभ नहीं दिया जाएगा, संबंधित अधिकारी पर शासन के नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सिंह ने समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ बिना विलंब के मिल सके।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा नागरिकों से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर निगम की टीम ने आज जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत वार्ड क्रमांक 24 हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में कार्रवाई की।शिकायत में शासकीय स्कूल की बाउंड्रीवाल से लगे हुए स्थान पर अवैध कब्जे की जानकारी दी गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगम के संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। जांच के बाद शासकीय स्कूल की बाउंड्रीवाल से लगे अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई की गई। निगम प्रशासन द्वारा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। निगम अधिकारियों ने कहा कि शासकीय भूमि, सार्वजनिक स्थानों एवं सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे सार्वजनिक एवं शासकीय भूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा न करें।
- -लखनपुर स्थित निज निवास पर क्षेत्रवासियों से की आत्मीय मुलाकात, समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देशरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर क्षेत्र से पहुंचे सम्मानित नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं, आवश्यकताओं और स्थानीय विषयों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों एवं मांगों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मंत्री श्री अग्रवाल ने क्षेत्रवासियों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं की जानकारी ली और प्रत्येक विषय को प्राथमिकता के साथ समझा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों के निराकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। पात्र लोगों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिले और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता से सीधा संवाद उनकी जिम्मेदारी भी है और जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम भी। क्षेत्र की जनता अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को लेकर सहजता से संपर्क कर सके तथा उनकी बात संबंधित स्तर तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण और सुशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ निराकरण करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्रवासियों से प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से निराकृत किया जाए।
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*टेली-लॉ योजना का करें व्यापक प्रचार-प्रसार, हर जरूरतमंद तक पहुंचे विधिक सहायता : कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह*
*102 वीएलई हुए शामिल, टेली-लॉ एवं टेली-मेडिसिन को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर*रायपुर। सीएससी की टेली-लॉ योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं विधिक जागरूकता के उद्देश्य से गुरुवार को रेड क्रॉस सोसायटी, कलेक्टोरेट परिसर, घड़ी चौक, रायपुर में टेली-लॉ जागरूकता सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि निदेशक, न्याय विभाग, भारत सरकार सुश्री नेहा गुप्ता एवं अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने की। कार्यशाला में जिले के 102 वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) शामिल हुए।कार्यक्रम के दौरान सीएससी स्टेट हेड श्री जयनारायण पटेल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए टेली-लॉ परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा अब तक प्राप्त उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीएससी के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों तक निःशुल्क विधिक परामर्श सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।मुख्य अतिथि सुश्री नेहा गुप्ता ने टेली-लॉ परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वीएलई से आग्रह किया कि वे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को इस सेवा से जोड़ें, ताकि नागरिकों को न्याय तक आसान एवं सुलभ पहुंच मिल सके। उन्होंने सीएससी अधिकारियों को वीएलई को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने तथा विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी आमजनों तक पहुंचाने पर जोर दिया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि टेली-लॉ योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक तक समय पर विधिक सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जिले की ग्राम पंचायतों में अटल सेवा केन्द्र के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। टेली-लॉ की सुविधाओं को भी जन-जन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण नागरिक अपने कानूनी अधिकारों एवं समस्याओं के समाधान के लिए आसानी से विधिक परामर्श प्राप्त कर सकें।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि सीएससी की टीम वीएलई के साथ समन्वय बनाकर कार्य करे। सीएससी केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध सुविधाएं ग्रामीण नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने डिजिटल भारत की परिकल्पना की है, जिसके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाएं डिजिटल माध्यम से आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।*00 जाने क्या है टेली-लॉ योजना*सीएससी की टेली-लॉ योजना भारत सरकार के न्याय विभाग द्वारा संचालित महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत नागरिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में जाकर विभिन्न कानूनी समस्याओं पर पैनल वकीलों से वीडियो कॉल अथवा टेलीफोन के माध्यम से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।टेली-लॉ के माध्यम से भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, श्रम संबंधी मामलों सहित विभिन्न कानूनी विषयों पर विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। सेवा का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, समयबद्ध एवं निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना है।कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों से सीएससी द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। विशेष रूप से टेली-लॉ एवं टेली-मेडिसिन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उन्हें इनका अधिकतम लाभ दिलाने पर बल दिया गया। इस दौरान वीएलई को योजनाओं की जानकारी, प्रचार-प्रसार एवं ग्रामीण नागरिकों को सेवाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। -
*अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कर समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश*
*अधिकारी एवं कर्मचारी मैदानी स्तर पर पूरी सक्रियता और मुस्तैदी के साथ कार्य करें-कलेक्टर**शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में यदि अपेक्षित प्रगति नही, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी- जिला पंचायत सीईओ*रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में पंचायत एवं विकास विभाग की योजनाओं एवं ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर डॉ सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने वीबी-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, 15वें वित्त आयोग, समर्थ पंचायत पोर्टल, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाले ग्रामीण विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू कराने, प्रगतिरत कार्यों को गति देने और पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में वीबी-जी राम जी के तहत स्वीकृत कार्यों की पंचायतवार समीक्षा की गई। स्वीकृत शौचालयों में कार्य प्रारंभ होने की स्थिति की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने जहां कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। बालिका शौचालय, सोकपिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, किचन गार्डन, किचन शेड सहित अन्य स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की गई।उन्होंने कहा कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वीकृत किचन गार्डन के कार्य जहां शुरू नहीं हुए हैं, वहां जल्द कार्य प्रारंभ कराया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों और शौचालयों को नियमानुसार डिस्मेंटल करने के निर्देश भी दिए गए।कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए।प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान स्वीकृत, प्रगतिरत, पूर्ण एवं लंबित आवासों की पंचायतवार जानकारी ली गई। कलेक्टर ने जीरो प्रगति वाले प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामलों में जल्द प्रगति लाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों के आवास स्वीकृत हो चुके हैं, उनके घर समय-सीमा में पूर्ण होने चाहिए। यदि किसी हितग्राही ने निर्माण शुरू नहीं किया है या निर्माण बीच में छोड़ दिया है, तो नियमानुसार नोटिस जारी करें तथा उसके बाद आवश्यक वसूली की कार्रवाई की जाए। मृत हितग्राहियों के प्रकरणों में पात्र नामिनी के नाम से आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्ण आवासों में आवश्यक पहचान संबंधी विवरण और पीएम आवास योजना का लोगो स्पष्ट रूप से अंकित करने तथा वीबी-जी राम जी से संबंधित सूचना पटल भी निर्धारित स्वरूप में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि गांव के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचना चाहिए। अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने, नए महिला स्व-सहायता समूहों के गठन तथा बैंक लिंकेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई।स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायतों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, घर-घर कचरा संग्रहण, सामुदायिक शौचालय एवं स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गांवों में नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।समर्थ पंचायत पोर्टल की समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायतों में कर संग्रहण की स्थिति की जानकारी ली गई। क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने तथा पंचायतों की आय के स्रोतों को मजबूत करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के अंतर्गत स्वीकृत तालाब, चौक सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने और मैदानी स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।प्रोजेक्ट अजा के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने फेसवाइज कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मुक्तिधाम सहित अन्य स्वीकृत कार्यों को भी जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में यदि अपेक्षित प्रगति नहीं होती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि अप्रारंभ एवं लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करना सभी संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।बैठक में जनपद पंचायतों के सीईओ, एपीओ, पीओ, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। -
*योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा, समय-सीमा में निराकरण के निर्देश*
*बायोमेट्रिक उपस्थिति, डेंगू जांच और पीएम सूर्य घर योजना की भी हुई समीक्षा*रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज शुक्रवार को कलेक्टोरेट में फॉलोअप टीएल बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।बैठक में बकेट क्लेम, नागरिक पट्टों, पी.ओ. पोर्टल, आर.आर.सी., पीएम किसान निधि सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया।कलेक्टर ने स्कूलों में फिजिकल ग्राउंड, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र बनाने की स्थिति, अविवादित नामांतरण, बंटवारा प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर ने सभी विभागों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा करते हुए नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही मेडिकल चेकअप की स्थिति, डेंगू जांच तथा स्वच्छता से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के देयकों के समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में ई-ऑफिस, प्रोजेक्ट पुनर्जीवन, नागरिक निकायों में पेंशन प्रकरणों एवं पी.एम. श्री योजना की समीक्षा की गई। सेवा से हटने वाले कर्मचारियों के प्रकरणों को नियमानुसार समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए गए।पी.एम. सूर्य घर योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीएल बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए अगली बैठक से पूर्व प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। -
रायपुर। विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर एवं डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन के पीडब्ल्यूडी सेंटर, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांगजनों के लिए रोजगार मेले का आयोजन 31 अगस्त 2026 को किया जाएगा। यह रोजगार मेला डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन, पीडब्ल्यूडी सेंटर, सुंदर नगर में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा।
विशेष रोजगार कार्यालय की उप संचालक डॉ शशीकला अतुलकर ने बताया कि इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी इंस्टाकार्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड (फ्लिपकार्ट) द्वारा असिस्टेंट के कुल 30 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए आवेदक का 10वीं उत्तीर्ण होना और आयु 18 से 30 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। चयनित अभ्यर्थियों को 10 हजार से 12 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।रोजगार मेले में शामिल होने के लिए आवेदकों को छत्तीसगढ़ रोजगार पोर्टल erojgar.cg.gov.in अथवा मोबाइल में ‘छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। आवेदक का रोजगार पंजीयन होना आवश्यक है। मेले में शामिल होने के लिए निर्धारित समय पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड, छायाप्रति, पासपोर्ट साइज फोटो एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र सहित उपस्थित होना होगा। रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है।*दो माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी मिलेगा*इसी दिन डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन के पीडब्ल्यूडी सेंटर द्वारा दिव्यांगजनों के लिए दो माह का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण में डिजिटल साक्षरता, सॉफ्ट स्किल्स और कम्युनिकेशन जैसी उपयोगी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान निःशुल्क रहने और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। अधिक जानकारी के लिए विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है। -
*ईद-ए-मिलाद एवं गणेश चतुर्थी पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने का लिया गया निर्णय*
बिलासपुर/आगामी ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) एवं गणेश चतुर्थी पर्व को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक मेें ईद-ए-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) एवं गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने का निर्णय लिया गया।बैठक में नगर निगम को ईदगाह एवं प्रमुख मार्गों की साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था, पुलिस विभाग को यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा सीएसईबी को निर्बाध विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त पर्वाें के दौरान सड़क पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित नहीं करने तथा समितियों द्वारा पुलिस को स्वयंसेवकों की सहायता उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही ईद-ए-मिलाद पर्व के दौरान भी सड़क पर पंडाल लगाकर यातायात बाधित न हो। इसकी निगरानी रखी जाए। विद्युत तारों से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो इसका विशेष ध्यान रखने कहा गया। पंडाल में पर्याप्त स्वयंसेवकों की व्यवस्था हो, इसके निर्देश दिए गए। सभी समितियों, कमिटियों को पर्व के दौरान पंडाल लगाने के लिए संबंधित थाना प्रभारी एवं एसडीएम से अनुमति लेने कहा गया। गणेश विसर्जन के लिए रूट चार्ट एवं पार्किंग स्थल निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। समितियों को विसर्जन स्थल एवं रूट की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को देने के निर्देश दिए गए। सभी पूजा पंडाल एवं आसपास सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा। पूजा पंडालों में मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए गए है।पुलिस विभाग को मंदिरों, मस्जिदों, गणेश पंडालों, संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा विसर्जन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने कहा गया। सभी पूजा पंडालों एवं आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाना तथा मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करना अनिवार्य किया गया। पर्व के दौरान भंडारा एवं लंगर में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, दोना-पत्तल एवं डस्टबिन की व्यवस्था रखने तथा सड़क पर वाहन रुकवाकर प्रसाद वितरण नहीं किया जाए। जिला अस्पताल को भी पर्व के दौरान आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित रखने कहा गया। पुलिस विभाग को पर्व के दौरान शहर के समस्त चौक-चौराहों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को पर्व के दौरान निरंतर विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार अन्य विभागों को जिम्मेदारी सौंपते हुए सजग रहने कहा गया। समिति के सदस्यों ने शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने का भरोसा दिलाया।बैठक में एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, एडिशनल कमिश्नर नगर निगम श्री खंजाची कुमार, एसडीएम श्री मनीष साहू, संयुक्त कलेक्टर श्री रजनी भगत, सीएसपी सिविल लाईन श्री परमेश्वर तिलकवार, शांति समिति के सदस्य हबीब मेमन, श्री चंचल सलूजा, मनजीत सिंह अरोरा, विकास शर्मा, विक्रांत केशरवानी, राजेश मिश्रा, प्रबीर सेन गुप्ता, प्रदीप कुमार शर्मा, सुधीर खण्डेलवाल, इरशाद अली, अनिल कुमार गौरहा अन्य सदस्य एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे। -
- नवंबर-दिसंबर में लगाया जाएगा सात दिवसीय योग शिविर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की योग समिति की ओर से मंडल परिसर में प्रत्येक रविवार को योग की क्लासेस लगाई जाएगी। इसके साथ योग के लिए लोगों को जागरूक करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। विगत दिनों मंडल परिसर में हुई योग समिति की बैठक में सामाजिक सरोकार से जुड़े कई मुद्दों, भावी कार्यक्रमों और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।महाराष्ट्र मंडल कार्यकारिणी की सदस्य तथा आध्यात्मिक, योग और स्वास्थ्य समिति की प्रभारी आस्था काले ने बताया कि योग समिति की बैठक में प्रत्येक रविवार को मंडल परिसर में योग क्लासेस लगाने का निर्णय लिया गया है। योग समिति की बैठक में सालभर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक की शुरुआत गुरु मंत्र के साथ की गई। आस्था के अनुसार घर-घर योग अभियान के तहत मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में समिति के सदस्यों की ओर से घर जाकर योग करवाया जाएगा। इसके साथ ही महीने के प्रत्येक रविवार महाराष्ट्र मंडल में योग क्लास लगेगी। सात दिवसीय योग शिविर का आयोजन नवंबर- दिसंबर में किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षित योग ट्रेनर योग सिखाएंगे। इसके साथ प्रत्येक महिला केंद्र की महिलाओं को योग डांस के माध्यम से जोड़ा जाएगा।योग समिति की समन्वयक साक्षी टोले ने बताया कि मराठी सोहळा और संस्कार शिविर में भी बच्चों को योग सिखाया जाएगा। इसके साथ मंडल द्वारा संचालित स्कूल व अन्य स्कूलों में भी बच्चों को योग की ट्रेनिंग दी जाएगी। योग की ऑनलाइन- ऑफलाइन क्लासेस के साथ वरिष्ठ नागरिकों को घर जाकर योग कराया जाएगा और जिला व स्टेट स्तर पर बच्चों को लिए योग स्पर्धा का आयोजन भी किया जाएगा। बैठक में योग समिति प्रमुख भालचंद्र पलसोदकर, योग समिति की महिला प्रमुख दिव्या पात्रीकर ने भी अपने विचार रखें। -
-ओएनजीसी स्मार्ट क्लासरूम और बीईएमएल खेल सुविधाओं का किया उद्घाटन
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर ने 21 अगस्त 2026 को नवप्रवेशी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए "ओरिएंटेशन (दीक्षांत) कार्यक्रम" का आयोजन किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रेक्षागृह में आयोजित इस समारोह से पूर्व संस्थान परिसर में नवनिर्मित अकादमिक एवं खेल ढांचागत सुविधाओं का उद्घाटन किया गया।उद्घाटन समारोह का नेतृत्व एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष (बोर्ड ऑफ गवर्नर्स) डॉ. सुरेश हावरे ने किया। इस अवसर पर भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के निदेशक (माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन) श्री संजय सोम; ओएनजीसी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा एनआईटी रायपुर के पूर्व अध्यक्ष (बीओजी) श्री सुधीर वासुदेव; ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनीष पाटिल; एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव; एल्युमनी एसोसिएशन जीईसी-एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया और अधिष्ठाता (कॉर्पोरेट रिलेशंस एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन) डॉ. शुभाशीष सन्याल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।संस्थान को समर्पित की गई सुविधाओं में तेल और प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ओएनजीसी) के ₹94 लाख के वित्तीय सहयोग से विकसित स्मार्ट क्लासरूम शामिल हैं, जो वातानुकूलन इकाइयों, स्मार्ट बोर्डों, प्रोजेक्टरों और अन्य आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इसके अलावा, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) के ₹30 लाख के सहयोग से विकसित वॉलीबॉल और बास्केटबॉल मैदानों का भी औपचारिक उद्घाटन किया गया, जिनमें थ्री-लेयर कोटिंग और उच्च गुणवत्ता वाली टर्फ की सुविधा है।स्वागत भाषण देते हुए निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने राष्ट्रीय स्तर पर एनआईटी रायपुर की स्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप संचालित स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों को मिलाकर संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता 5,938 है। उन्होंने नवागत विद्यार्थियों से जिज्ञासा बनाए रखने और कक्षा की सीमाओं से परे जाकर सीखने का आह्वान किया।इस अवसर पर डॉ. सुरेश हावरे द्वारा लिखित पुस्तक "एनआईटी रायपुर: ए लेगेसी ऑफ एक्सीलेंस" का औपचारिक विमोचन भी किया गया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. हावरे ने "आइडिया ही पावर है" का संदेश देते हुए नवाचार पर बल दिया। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में एनआईटी रायपुर के 15 प्रोफेसर शामिल हैं। साथ ही, संस्थान के पूर्व छात्रों ने इसरो के चंद्रयान अभियानों और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनीष पाटिल ने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, टीम वर्क और व्यावसायिक समझ के महत्व पर प्रकाश डाला। बीईएमएल के निदेशक (माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन) श्री संजय सोम ने कहा कि तकनीकी संस्थान विद्यार्थियों में चरित्र, धैर्य और समस्या-समाधान की क्षमता का निर्माण करते हैं जो औद्योगिक नेतृत्व के लिए आवश्यक हैं। ओएनजीसी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सुधीर वासुदेव और एल्युमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया ने भी विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक समस्या-समाधान, मार्गदर्शन और निरंतर सीखने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।दीक्षांत कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में संस्थागत परिचय एवं नियमों की जानकारी दी गई। अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. मनोज चोपकर ने रैगिंग के प्रति संस्थान की शून्य-सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति पर जोर दिया और आचार संहिता के दिशा-निर्देश रेखांकित किए। इसके पश्चात सह-अधिष्ठाता (अकादमिक) डॉ. सुभोजित घोष ने अकादमिक नियमों; डॉ. विवेक कुमार गाबा ने करियर डेवलपमेंट सेंटर और प्लेसमेंट गतिविधियों; डॉ. सुवेंदु रूप ने सांस्कृतिक एवं सामाजिक क्लबों; डॉ. दीपमाला शर्मा एवं डॉ. प्रदीप सिंह ने छात्रावास सुविधाओं; तथा 'बेटरस्पेस' की सह-संस्थापक एवं सीईओ डॉ. शिवली श्रीवास्तव ने मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण सेवाओं के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।कार्यक्रम का समापन अधिष्ठाता डॉ. शुभाशीष सन्याल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसने नए बैच के अकादमिक सत्र के औपचारिक शुभारंभ को चिह्नित किया। - रायपुर । तकनीक का सकारात्मक उपयोग अब समाज के सबसे वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को भी सरल और सम्मानजनक बना रहा है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) की सुविधा ने पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और त्वरित बना दिया है। इसका लाभ प्रदेश के हजारों बुजुर्गों के साथ-साथ लाभार्थी श्रीमती गौती बाई को भी निरंतर मिल रहा है।पहले वृद्धजनों को प्रत्येक वर्ष जीवित प्रमाण-पत्र जमा कराने के लिए शासकीय कार्यालयों और बैंकों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अधिक उम्र और शारीरिक असुविधाओं के कारण यह प्रक्रिया उनके लिए काफी कठिन होती थी। लेकिन अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा ने इस परेशानी को लगभग समाप्त कर दिया है।श्रीमती गौती बाई प्रतिवर्ष समय पर 'लाभार्थी सत्यापन एप्लीकेशन' के माध्यम से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र दर्ज कराती हैं। डिजिटल सत्यापन पूर्ण होने के बाद उनकी पात्रता का सत्यापन सहजता से हो जाता है और उन्हें बिना किसी बाधा के नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन की राशि प्राप्त होती रहती है।गौती बाई बताती हैं कि अब उन्हें जीवित प्रमाण-पत्र के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। समय पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट दर्ज होने से उनकी पेंशन नियमित रूप से खाते में पहुंच जाती है, जिससे दवाइयों, दैनिक आवश्यकताओं और अन्य घरेलू खर्चों की व्यवस्था आसानी से हो जाती है। इससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ आत्मसम्मान का भी अनुभव होता है। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जैसी अभिनव पहल सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। यह व्यवस्था न केवल पेंशन वितरण प्रणाली को मजबूत कर रही है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार की यह डिजिटल पहल बुजुर्गों के जीवन में सुविधा, विश्वास और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है।
- -बहनों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बनी महतारी वंदन योजना-30वीं किस्त से वृंदावती और सोनम ने खरीदी राखी, घर-गृहस्थी की जरूरतों में भी मिल रहा सहारारायपुर / महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के तहत हर माह मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और त्योहारों की तैयारियों में सहारा मिल रहा है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 30वीं किस्त मिलने से प्रदेश की बहनों की खुशियां और बढ़ गई हैं। रायगढ़ की श्रीमती वृंदावती सिदार और बिलासपुर की श्रीमती सोनम साहू की कहानी इस बात की मिसाल है कि किस तरह यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ आत्मविश्वास का आधार भी बन रही है।रायगढ़ की श्रीमती वृंदावती सिदार बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली राशि से उन्हें घर की जरूरी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिलती है। बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घर-गृहस्थी के छोटे-बड़े खर्चों में यह राशि उनके लिए लगातार सहारा बनी हुई है। इस बार 30वीं किस्त से उन्होंने अपने भाइयों के लिए राखी खरीदी है। उनका कहना है कि रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय इस राशि से मिली आत्मनिर्भरता और सम्मान की भावना भी उनके साथ होगी।बिलासपुर की श्रीमती सोनम साहू के लिए भी महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले खुशी का खास अवसर लेकर आई। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि से वह अपने भाई के लिए राखी खरीदने के साथ रक्षाबंधन की अन्य तैयारियां करेंगी। उनका कहना है कि त्योहार से पहले खाते में राशि आने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बहनों को रक्षाबंधन से पहले आर्थिक संबल मिलना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है।श्रीमती वृंदावती और श्रीमती सोनम जैसी अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने और परिवार के खर्चों में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है। इससे उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत हो रही है। दोनों महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और परिवार की जिम्मेदारियों में भागीदारी का माध्यम बन गई है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली 30वीं किस्त ने उनके लिए भाई-बहन के स्नेह के इस पर्व की खुशियों को और खास बना दिया है।
- -विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करें, अधिकारी मैदानी क्षेत्रों में जाकर करें योजनाओं की निगरानी : श्रीमती राजवाड़े-निर्माणाधीन स्कूल भवनों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश, हर घर मुनगा रोपण पर जोररायपुर / महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री तथा बलरामपुर जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और विकास कार्यों का प्रभाव मैदानी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी के लिए मैदानी क्षेत्रों में जाएं तथा कार्यों में गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव है। सभी विभाग अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने न्यायालय में लंबित प्रकरणों, अविवादित एवं विवादित खाता विभाजन, सीमांकन तथा एग्रीस्टेक पंजीयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों का एग्रीस्टेक एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई पात्र किसान शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। खाद-बीज के भंडारण एवं वितरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।मंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुपोषण वृक्ष मुनगा के रोपण की जानकारी लेते हुए हर घर मुनगा वृक्ष लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुनगा पौष्टिकता का अच्छा स्रोत है, इसलिए इसे पोषण अभियान से जोड़कर अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाया जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को जैविक खेती एवं सब्जी उत्पादन से जोड़ने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया, ताकि महिलाओं की आय बढ़ने के साथ परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार हो।स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने निर्माणाधीन स्कूल भवनों में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने तथा मरम्मत योग्य भवनों की समय पर मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने न्योता भोज के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने तथा आश्रम-छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया। स्कूलों में सामुदायिक शौचालयों में पर्याप्त पानी, साफ-सफाई एवं समुचित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मंत्री ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, महतारी वंदन योजना में ई-केवाइसी, निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन तथा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की समीक्षा की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, खराब हैंडपंपों का तत्काल सुधार तथा जलस्रोतों के संरक्षण एवं जलसंचय कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने जिला चिकित्सालय में साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान, पशु टीकाकरण, गौधाम योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और अधिक से अधिक पशुपालकों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया।राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई एवं पीएम जनमन सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का चिन्हांकन एवं सीमांकन कर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा।बैठक में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने वर्षा एवं बोवाई की स्थिति, एग्रीस्टेक पंजीयन, वीबी-जी रामजी, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास, पीएम जनमन आवास एवं सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति से मंत्री को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर ने अपराध, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, सड़क दुर्घटनाओं एवं हेलमेट जागरूकता अभियान की जानकारी दी।वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी ने विभागीय कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, नियमित मुनादी कराने तथा ग्रामीणों को समय पर सचेत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि रोकने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। बैठक में सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, विधायक प्रतिनिधि श्री बलवंत सिंह सहित जिले के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -पालकों से संवाद, समझाइश और सहयोग से छात्रा का दोबारा विद्यालय में प्रवेशरायपुर । शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शासन स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में सूरजपुर जिले में शिक्षक की पहल से शाला त्याग चुकी एक छात्रा को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणादायी मिसाल सामने आई है। शिक्षक के निरंतर प्रयास, पालकों से संवाद और समझाइश के बाद ग्राम दवना की छात्रा दुर्गावती ने दोबारा विद्यालय में प्रवेश लिया और अब वह पूरे उत्साह के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए तैयार है।विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अवधेश कुमार साहू के मार्गदर्शन में छात्रा को विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। पतरापाली से लगे ग्राम दवना स्थित प्राथमिक शाला भरूहमूड़ा से वर्ष 2025 में कक्षा 5वीं उत्तीर्ण करने के बाद छात्रा दुर्गावती, पिता भंवर सिंह ने आगे की पढ़ाई के लिए विद्यालय में प्रवेश नहीं लिया था। इस दौरान माध्यमिक शाला पतरापाली के शिक्षक श्री योगेश साहू ने छात्रा और उसके पालकों से संपर्क कर पढ़ाई जारी नहीं रखने का कारण जाना। पालकों ने बताया कि छात्रा विद्यालय जाने के लिए तैयार नहीं थी और वह अपनी नानी के घर चली गई थी। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण भी आगे विद्यालय में प्रवेश कराने में परेशानी आ रही थी।शिक्षक श्री योगेश साहू ने छात्रा और उसके परिजनों से लगातार संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व तथा बच्चों की शिक्षा के अधिकार एवं अनिवार्य शिक्षा के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने पालकों को समझाया कि किसी भी परिस्थिति में बच्चे की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए और आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था कर बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजना चाहिए।शिक्षक की समझाइश और निरंतर संपर्क का सकारात्मक असर हुआ। दुर्गावती ने दोबारा पढ़ाई शुरू करने की इच्छा जताई और उसका विद्यालय में प्रवेश कराया गया। पुनः विद्यालय पहुंचने के बाद छात्रा में पढ़ाई को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। छात्रा के पुनः प्रवेश के अवसर पर प्रधान पाठक श्री के.के. यादव एवं शिक्षिका श्रीमती अनिता सिंह ने उसे निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश प्रदान किया। वहीं शिक्षक श्री योगेश साहू ने अपने स्तर पर छात्रा को कॉपी एवं पेन उपलब्ध कराकर उसका उत्साहवर्धन किया, ताकि शिक्षण सामग्री के अभाव में उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो।दुर्गावती की कहानी यह बताती है कि शाला त्यागने वाले बच्चों को केवल विद्यालय में प्रवेश दिलाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके परिवारों से निरंतर संपर्क और संवाद भी जरूरी है। शिक्षक की संवेदनशील पहल से न केवल छात्रा को दोबारा पढ़ाई का अवसर मिला, बल्कि उसके परिवार में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। विद्यालय परिवार ने दुर्गावती को नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं दुर्गावती भी लंबे अंतराल के बाद विद्यालय लौटकर नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई शुरू करने को लेकर उत्साहित है। शिक्षक और विद्यालय परिवार का यह प्रयास शिक्षा से वंचित बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण है।
- -शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर कदम-“भाई का स्नेह, बहनों का अधिकार—विष्णु भैया का मिला साथ, आत्मनिर्भर बना परिवार”रायपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के खड़कागांव की रहने वाली कांति दुग्गा (पिता श्री घसिया दुग्गा) के जीवन में समाज कल्याण विभाग की पहल से एक नया मोड़ आया है। श्रवण बाधित होने के कारण कांति को दैनिक जीवन में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। दूसरों पर निर्भरता और बातचीत में असमर्थता के चलते उन्हें 10वीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई भी अधूरी छोड़नी पड़ी थी।कांति की इस समस्या को दूर करने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत उन्हें श्रवण यंत्र (Hearing Aid) प्रदान किया गया। इस छोटी सी मदद ने कांति के जीवन को पूरी तरह बदलकर रख दिया। अब वे न केवल अपने परिवार और समाज के लोगों की बातें सहजता से सुन और समझ पा रही हैं, बल्कि अपने दैनिक काम भी पूरे आत्मविश्वास के साथ करने लगी हैं। श्रवण यंत्र मिलने से कांति का खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौट आया है। पढ़ाई छोड़ चुकी कांति अब एक बार फिर अपनी शिक्षा पूरी करने और आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही हैं।अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव और सशक्तिकरण के लिए कांति ने जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विष्णु भैया के सुशासन में हर बहन को उसका अधिकार मिल रहा है। यह श्रवण यंत्र सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि एक बड़े भाई का स्नेह और संबल है, जिसने मुझे फिर से आगे बढ़ने का हौसला दिया है। 'भाई का स्नेह, बहनों का अधिकार—विष्णु भैया के साथ आत्मनिर्भर परिवार' की यह सोच आज मेरे जैसे कई परिवारों के सपनों को सच कर रही है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल का असर: महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में लगभग 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी-पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से नागरिकों को मिला 76.95 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ-महिलाओं के पक्ष में पंजीकृत विक्रय विलेखों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़कर हुई 41 प्रतिशत-प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धिरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और संपत्ति स्वामित्व में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए लिए गए निर्णय के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने से प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन का रुझान बढ़ा है। इससे महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व को बढ़ावा मिलने के साथ ही नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ है।पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा किए गए तुलनात्मक विश्लेषण के अनुसार, 06 मई से 27 जुलाई 2026 की अवधि में महिलाओं के नाम 30 हजार 720 दस्तावेज पंजीकृत किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 20 हजार 319 थी। इस प्रकार महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या में लगभग 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।32 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत हुई महिलाओं की हिस्सेदारीविभागीय आंकड़ों के अनुसार, 06 मई से 27 जुलाई 2025 की अवधि में कुल 63 हजार 174 विक्रय विलेख पंजीकृत हुए थे, जिनमें 20 हजार 319 दस्तावेजों में महिलाएं खरीदार थीं। महिलाओं के पक्ष में पंजीकृत विक्रय विलेखों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत थी। इसी अवधि में वर्ष 2026 में कुल 74 हजार 424 विक्रय विलेख पंजीकृत हुए, जिनमें 30 हजार 720 दस्तावेजों में महिलाएं खरीदार थीं। इससे महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई है। यानी एक वर्ष में महिलाओं की हिस्सेदारी में 9 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है।यह वृद्धि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए किए गए सुधार के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है। संपत्ति में महिलाओं का बढ़ता स्वामित्व उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ परिवार में उनकी निर्णयात्मक भूमिका को भी मजबूत करता है।प्रदेशभर में दिख रहा असर, लगभग 75 प्रतिशत जिलों में उल्लेखनीय वृद्धिपंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का प्रभाव प्रदेश के विभिन्न जिलों में दिखाई दे रहा है। विभागीय विश्लेषण के अनुसार प्रदेश के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 20 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। जांजगीर-चांपा, बालोद, कोरिया, रायपुर और कांकेर सहित अनेक जिलों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।जिला-वार आंकड़ों में रायपुर में महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या 4,220 से बढ़कर 6,038, बिलासपुर में 1,894 से बढ़कर 2,958 तथा जांजगीर-चांपा में 1,239 से बढ़कर 2,302 हुई है। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व के प्रति बढ़ते रुझान का पता चलता है।76.95 करोड़ रुपये का मिला प्रत्यक्ष आर्थिक लाभमहिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पंजीयन शुल्क में दी जा रही 50 प्रतिशत की छूट से नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत मिली है। 06 मई से 27 जुलाई 2026 की अवधि में इस छूट के माध्यम से नागरिकों को 76 करोड़ 95 लाख 33 हजार 689 रुपये, यानी लगभग 76.95 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है।महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और स्वावलंबन हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें परिवार तथा समाज में समान अवसर उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस निर्णय के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि यह पहल परिवारों को महिलाओं के नाम संपत्ति स्वामित्व के लिए प्रोत्साहित कर रही है। संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करता है तथा परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी भूमिका को और सशक्त बनाता है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शासन की नीतियों के केंद्र में माताओं-बहनों की आर्थिक सुरक्षा और विकास में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।सामाजिक और आर्थिक सोच में सकारात्मक बदलाव : वित्त एवं वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरीवित्त एवं वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि राज्य में सामाजिक एवं आर्थिक सोच में आ रहे सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट ने परिवारों को महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकृत कराने के लिए प्रोत्साहित किया है।नारी सशक्तिकरण को आर्थिक आधार दे रही सरकार की पहलछत्तीसगढ़ सरकार महिला सशक्तिकरण को आर्थिक स्वावलंबन और संपत्ति स्वामित्व से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में दर्ज हुई वृद्धि और नागरिकों को मिले 76.95 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ से इस पहल के सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं।महिलाओं के नाम संपत्ति का स्वामित्व उनके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ परिवार और समाज में उनकी भागीदारी को सशक्त बना रहा है। यह पहल सशक्त परिवार और सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- -लखपति दीदियों की आजीविका डबरियों से बढ़ेगी अतिरिक्त आयरायपुर । ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों तथा महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने की दिशा में कोरिया जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के प्रयासों से वीबी-ग्राम-जी योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) एवं मत्स्य पालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के 174 किसानों को 1020 बैग उन्नत मत्स्य बीज वितरित किए गए।ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से बिहान महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को ‘आजीविका डबरी योजना’ से जोड़ा गया है। योजना के तहत निर्मित डबरियों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देश पर मत्स्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को अनुदान आधारित मत्स्य बीज उपलब्ध कराया गया। कुल 174 हितग्राहियों में 68 आजीविका डबरी हितग्राही तथा 106 अन्य किसान शामिल हैं। अन्य हितग्राहियों के पास तालाब, अमृत सरोवर अथवा व्यक्तिगत डबरी उपलब्ध है। मत्स्य पालन से इन्हें कृषि के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम विकासखंड बैकुंठपुर के गेज प्रक्षेत्र तथा विकासखंड सोनहत के अमहर प्रक्षेत्र में आयोजित किया गया। योजना के तहत हितग्राहियों द्वारा मात्र 140 रुपये प्रति बैग की दर से स्वैच्छिक अंशदान राशि जमा कराई गई। जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए क्लस्टर लेवल एप्रोच तैयार की जा रही है। इसके तहत मत्स्य उत्पादक किसानों एवं महिला समूहों के क्लस्टर बनाकर उन्हें बड़े व्यापारियों और बाजारों से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। सामूहिक रूप से मत्स्य उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। जिला प्रशासन की इस पहल से कृषि, महिला स्व-सहायता समूहों और मत्स्य पालन को एक साथ जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिलेगी।
- -स्थानीय सामग्री से तैयार आकर्षक राखियों की बाजार में भारी मांगरायपुर। रक्षाबंधन पर्व बिहान से जुड़ी ग्रामीण दीदियों के लिए भाई-बहन के स्नेह के साथ स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर भी लेकर आया है। गरियाबंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय एवं पारंपरिक सामग्री से आकर्षक राखियों का निर्माण कर रही हैं। राखियों के विक्रय से महिलाओं को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है और वे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मैनपुर विकासखंड में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राखी निर्माण एवं विक्रय की गतिविधि संचालित कर रही है। समूह द्वारा 5 हजार 340 रुपये की लागत से राखियां तैयार कर अब तक 11 हजार 258 रुपये की बिक्री कर चुकी है।इसी प्रकार विकासखंड गरियाबंद में संजीवनी संकुल संगठन जोबा से संबद्ध गायत्री स्व-सहायता समूह सढ़ौली की चार महिला सदस्य विभिन्न प्रकार की आकर्षक राखियों का निर्माण कर रही हैं। समूह द्वारा धान चावल, मूंगा, मटर, झरगा, सेमी, अरहर सहित अन्य स्थानीय सामग्री से राखियों की विभिन्न वैरायटी तैयार की गई है। इन राखियों की कीमत 5 रुपये से 60 रुपये तक निर्धारित की गई है। विकासखंड छुरा के ग्राम जामली स्थित जय भवानी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भी बांस से निर्मित राखियों को बाजार तक पहुंचाने की पहल की है। समूह की महिलाओं द्वारा पूर्व वर्षों में भी राखियों का निर्माण किया गया था।वर्ष 2026 में इस गतिविधि को बढ़ाते हुए वर्तमान में लगभग 1 हजार राखियों का स्टॉक तैयार किया गया है, जिन्हें रक्षाबंधन पर्व पर विक्रय किया जाएगा। विकासखंड फिंगेश्वर के ग्राम पंचायत रोहिना अंतर्गत जय मां घटारानी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती कोयल साहू, विजय विकास महिला संकुल संगठन कौंदकेरा से जुड़कर आकर्षक एवं गुणवत्तापूर्ण राखियों का निर्माण कर रही हैं। उन्होंने इस वर्ष लगभग 5 हजार राखियां तैयार की हैं। इनमें 5 रुपये से 40 रुपये तक की विभिन्न डिजाइनों वाली राखियां शामिल हैं। समूह द्वारा 10 हजार रुपये की लागत से राखियां तैयार कर अब तक 12 हजार रुपये की बिक्री दर्ज की गई है। वर्तमान में लगभग 4 हजार राखियां उपलब्ध हैं, जिनके विक्रय से अनुमानित रूप से 16 हजार रुपये तक लाभ अर्जित कर सकते है।जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित राखियों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी जनपद पंचायतों में केनोपी के माध्यम से राखी विक्रय स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को आकर्षक एवं हस्तनिर्मित राखियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही महिला समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है इसी क्रम में जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा आकांक्षा हाट के माध्यम से राखी विक्रय के लिए विशेष स्टॉल लगाया जा रहा है।














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