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*पहले थे सिर्फ तीन कक्ष अब हो गए दस, अलग-अलग सेक्शनों में बैठकर हो रही पढ़ाई*
*जिले में 298 स्कूलों का हुआ निर्माणकार्य पूर्ण
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले मंे शाला भवनों का जीर्णोंधार का कार्य तेजी से हुआ है। जो शाला भवन जर्जर थे। उनमें सुधार कार्य किया गया है। साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्ष भी बनाए गए है। इन कक्षों में बच्चों की कक्षाए लग रही है और उन्हें पहले से अधिक सुविधाजनक है। कहीं पर लाईब्रेरी बनाए गए तो कहीं पर लैब तो कहीं पर शिक्षकों के बैठने के लिए कमरे।
जिले में स्कूल के 298 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और 76 कार्य प्रगति पर हैं। धरसींवा विकासखण्ड के संजय नगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में 25 कमरे हैं जिनमें सुबह प्राइमरी से मिडिल की कक्षाएं लगती है। पहले यह कक्षाएं जर्जर थी तो साथ ही कक्षाओं के आकार छोटे थे और कक्षाओं की संख्या भी कम थी। स्कूल प्रबंधन द्वारा आवश्यकता बताए जाने पर कक्षों का निर्माण किया गया। अब यहां 10 नए कक्ष निर्माण किए गए इनमें दो बडे हॉल शामिल है जिसमें एक हॉल में लाईब्रेरी बनाया गया है, जहां बच्चे अपने निर्धारित कालखंड में पुस्तक प्राप्त कर अध्ययन करेंगे, वहीं दूसरा हॉल सुंदर और सुसज्जित है, यह पूर्ण हो चुका है और इसका उपयोग इंडोर गेम जैसे कैरम, टेबल टेनिस इत्यादि के लिए किया जाएगा। इससे स्कूली बच्चों की प्रतिभा सामने आएगी और विभिन्न खेल प्रतिक्रियाओं में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।
परिसर के दुसरे स्तर में भूतल में तीन छोटे कमरे और एक जर्जर कक्ष था, कमरे छोटे होने से जीर्णोंधार होने से पांच नए-नए कक्ष बनाए गए और उनके उपर प्रथम तल पर पांच बडे कक्ष निर्मित किए है। इनमें कुछ कक्षाओं में स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी गई है। प्राचार्य श्रीमती सुधा तिवारी बताती है कि पहले कक्ष सीमित होने से हम सभी बच्चों को एक साथ बैठाना पड़ता था जिसमें असुविधा होती थी। जीर्णोधार के बाद दस नए कक्ष मिल गए जिसमें प्राइमरी से मिडिल कक्षाओं को सेक्शनों में विभाजित कर दिया गया है। बच्चे अलग-अलग क्लासरूम में बैठ कर अध्ययन कर रहे हैं। वहीं पुरानी कक्षाओं को स्टॉफ रूम के रूप में उपयोग किया जा रहा है जो महिला और पुरूष को अलग-अलग व्यवस्था कर दी गई है जहां पर शिक्षकों की बैठने की उत्तम व्यवस्था हो गई है। जल्द ही नए कक्ष में लाईब्रेरी भी प्रारंभ हो जाएगी। -
रायपुर/जिले के बेरोजगारों को खुद का व्यवसाय शुरू करनेे जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्या. रायपुर द्वारा आवेदन आमंत्रित किया गया है। जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग अंतर्गत बैंक प्रवर्तित अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत छोटे-छोटे व्यवसायियों को अंत्योदय स्वरोजगार योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगारों को बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय कर उनकी आर्थिक स्थिति सुधार किया जा सकेगा।
आवेदक किसी भी प्रकार के व्यवसाय जैसे- बेकरी कार्य, भोजन बनाना, चाट की दुकान, कोचिंग क्लासेस एवं स्व-सहायता समूह का लेखा संधारण, हेयर कटिंग सेलून-ब्यूटी पार्लर, चाय केन्टीन एवं नास्ता केन्द्र, योग शिक्षा, बच्चों की देख-भाल (झूलाघर), लॉन्ड्री कार्य, घड़ी साज, विद्युत यंत्र सुधारक, सायकल मरम्मत, स्कूटर मोपेड, टू-व्हीलर रिपेयरिंग, घर की साज-सज्जा, बागवानी एवं नर्सरी पशुपालन एवं मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, फुटकर विक्रेता, मशाला उद्योग, सॉफ्ट-टायज, कृत्रिम आभूषण निर्माण, दिव्यांगों एवं बुजुर्गाे की देखभाल, चाट निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, स्टेशनरी दुकान, सिलाई-कढ़ाई-बुनाई, स्वेटर बुनाई, मशरूम उत्पादन, ईट-खपरा निर्माण, डिटर्जेन्ट पाउडर निर्माण, लघु वनोपज वनौषधि निर्माण एवं व्यवसाय इलेक्ट्रीक मोटर पम्प मरम्मत व्यवसाय, खनिज आधारित व्यवसाय, कम्प्यूटर हार्डवेयर मरम्मत व्यवसाय, टाट-पट्टी दरी बुनाई व्यवसाय, रेडियो टी.वी. टेप रिपेयरिंग व्यवसाय, काष्ठकला फर्नीचर व्यवसाय, प्लास्टिक एवं बर्तन दुकान, किराना दुकान, फैन्सी (मनिहारी) व्यवसाय, स्टील फेब्रीकेशन, बर्मी कम्पोज मेकिंग, फॉस्ट फूड सेन्टर, एगरोल सेन्टर आदि व्यवसाय आदि विभिन्न छोटे-छोटे व्यवसाय संचालित करने हेतु अंत्योदय एवं आदिवासी योजनान्तर्गत ऋण हेतु आवेदन कर सकते है। इसके लिए आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही आवेदक को आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन करना होगा।
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजनान्तर्गत 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम दस हजार रूपये का अनुदान देय है। परन्तु ऋण राशि की अधिकतम सीमा बंधनकारी नही है। पात्र आवेदक कार्यालय कलेक्टर परिसर, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, मर्या, रायपुर, कक्ष क्रमांक-34 से आवेदन पत्र प्राप्त व जमा कर सकते है। -
दुर्ग/ जिले में आजीविका गतिविधि करने वाले परिवार एवं ऐसे परिवार जिसे पहले से ही कृषि/गैर कृषि गतिविधि के अंतर्गत कवर किया गया हो तथा एसएचजी की सभी आर्थिक एवं सामाजिक श्रेणियों को समान अवसर देते हुए लखपति दीदी बनाने प्रशासनिक पहल की जाएगी। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में लखपति दीदियों की पहचान एवं कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि जिले में आजीविका गतिविधि से जुड़े हितग्राही महिलाओं को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाना है। इन महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में विभागों को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी जनपद सी.ई.ओ. को जनपद की विभागीय बैठक में कार्ययोजना से अवगत कराने के निर्देश दिये। जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन ने प्रस्तावित कार्ययोजना से अवगत कराया कि संभावित लखपति दीदियों के लिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एक्सपोजर विजिट के अवसरों की पहचान करना। एसएचजी परिवारों द्वारा नियोजित आजीविका गतिविधियों के प्रकार को एकत्रित करना और समर्थन के लिए वस्तु/उत्पाद/सेवा कलस्टर तैयार करने के लिए ब्लॉक का समर्थन करना। संपत्ति, कौशल, प्रशिक्षण, वित्त और बाजार पहुंच से संबंधित मांगों को प्रदाय करना। आजीविका गतिविधियों के चयन में एसएचजी दीदियों को सहायता प्रदान करना। उन्होंने बताया कि कार्ययोजना के तहत पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य विभाग की विभागीय योजनाओं सेे हितग्राही महिलाओं को जोड़कर एवं फाइनेंशियल विभाग की गतिविधियों सेे हितग्राहियों महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, सभी नगर निगमों के आयुक्त, सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। -
दुर्ग / जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम रबी वर्ष 2023-24 हेतु गेंहू सिंचित, गेंहू असिंचित, चना एवं राई सरसों फसले अधिसूचित की गई थी, जिसके तहत 42630.64 हेक्टेयर क्षेत्र के 32113 कृषकों का फसल बीमा आवरण किया गया है। जिले में रबी मौसम में स्थानीय मौसम आपदा, असामयिक वर्षा, ओलावृष्टि आदि के कारण फसलों यथा चना एवं गेंहू फसल को अत्याधिक क्षति हुई है। योजना अंतर्गत प्रावधानानुसार स्थानीय आपदा की जानकारी कृषकों के द्वारा 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नम्बर पर सूचना दी गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत बीमा कंपनी द्वारा सर्वे कार्य किया गया तथा व्यक्तिगत कृषकों के फसल क्षति का आंकलन कर दावा भुगतान एवं फसल कटाई प्रयोग व थ्रेस होल्ड उपज के आधार पर क्षति का आंकलन कर दावा भुगतान की राशि सीधे कृषकों के खाते में प्रदाय की गई।
उप संचालक कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले में 20615 पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति राशि दावा गणना कर राशि 44 करोड़ 15 लाख 44 हजार 632 रूपए का भुगतान सीधे उनके खाते में किया गया है। वर्तमान में खरीफ वर्ष 2024 में अधिक से अधिक कृषकों को अधिसूचित फसलों के बीमा आवरण में लाये जाने हेतु विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिससे कृषकों को आर्थिक जोखिम की स्थिति में लाभ मिल सके। कृषि विभाग द्वारा जिले के समस्त कृषकों से अपील की जा रही है कि खरीफ मौसम 2024 में शत्-प्रतिशत् रकबे को बीमा आवरण में लाये, जिससे मौसम विपरीत परिस्थिति में आर्थिक जोखिम से बचा जा सकें। -
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई, डूमरडीह स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेलूद का किया निरीक्षण
बच्चों में अक्षर एवं गणितीय ज्ञान को परखा
दुर्ग / कलेक्टर सु़श्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज नये शिक्षा सत्र प्रारंभ होने पर शालाओं में अध्ययन-अध्यापन, शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लेने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई, शासकीय प्राथमिक शाला डूमरडीह, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डूमरडीह एवं स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेलूद का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों के सभी कक्षाओं का अवलोकन किया।
*शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई का किया निरीक्षण*
कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई की चौथी क्लास के बच्चों से अक्षर ज्ञान एवं गणितीय ज्ञान को परखा। कलेक्टर ने अक्षर ज्ञान को परखने के लिए बच्चों से हिन्दी पाठ्यपुस्तक से एक पैराग्राफ पढ़कर सुनाने को कहा। तत्पश्चात बच्चों को ब्लेक बोर्ड में अभिलाषा लिखने को कहा। उन्होंने सभी बच्चों को अपने-अपने नाम की स्पेलिंग हिन्दी और अंग्रेजी में लिखने को कहा। जिसे बच्चों ने अपनी कॉपी में लिखकर उन्हें दिखाया। कलेक्टर ने बच्चों से छत्तीसगढ़ की राजधानी और भारत की राजधानी से संबंधित प्रश्न पूछा। जिस पर सभी बच्चों ने सही-सही जवाब दिया। इस दौरान क्लास रूम मंे उपस्थित शिक्षिका को कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर उन पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बच्चों में अक्षर ज्ञान की समझ कम होने पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को सभी क्लास रूम में शिक्षण सहायता सामग्री पोस्टर एवं चार्ट लगवाने एवं स्कूलों में शिक्षक संदर्शिका उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयकों बीईओ, संकुल शैक्षिक समन्वयक को स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सतत् निरीक्षण करने को कहा। साथ ही स्कूल परिसर को साफ-सुथरा कराने के निर्देश भी दिए।
*डूमरडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का निरीक्षण*
कलेक्टर ने तीसरी क्लास के बच्चों में गणितीय ज्ञान को परखने के लिए बच्चों से पूछा कि आप में से कौन बच्चा एक से लेकर 30 तक गिनती सुनाएगा। आधे बच्चों ने हाथ उठाकर हामी भरी और एक छात्रा ने खड़े होकर 1-30 तक गिनती सुनाई। कलेक्टर ने इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। चौथी क्लास में हिन्दी पाठ्यपुस्तक का रिडिंग कर रहे बच्चों से ’गुण’ का अर्थ पूछा। साथ ही उन्होंने 51-60 तक गिनती पूछी। इसके बाद उन्होंने बच्चों से ब्लेक बोर्ड में ’वन (एक) की स्पेलिंग लिखने को कहा। जिस पर बहुत सारे बच्चों द्वारा गलत स्पेलिंग लिखे जाने पर उपस्थित शिक्षक को अंग्रेजी स्पेलिंग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही अभ्यास पुस्तिका बच्चों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रधान पाठक व रसोईयांे को मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए और कहा कि किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डूमरडीह स्कूल निरीक्षण
कलेक्टर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डूमरडीह स्कूल पहंुचकर आठवीं क्लास के बच्चों को अंग्रेजी का एक पैराग्राफ पढ़ने को कहा। साथ ही उन्होंने ब्लेक बोर्ड मंे ’छत्तीसगढ़’ को हिन्दी और अंग्रेजी में लिखने कहा। अधिकांश बच्चों कोे ’छत्तीसगढ़’ को अंग्रेजी में लिखने में दिक्कते आई। इसी प्रकार सातवीं के बच्चों को संस्कृत पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछा। उन्होंने वहां उपस्थित शिक्षक से अन्य पाठ्यक्रम हिन्दी और अंग्रेेजी की कक्षाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राचार्य को शौचालयों में टाईल्स लगाने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी को ’एक पेड़ मॉ के नाम’ इस थीम पर स्कूलांे में छात्र-छात्राओं के साथ पौधों का रोपण करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी एवं डीएफओ श्री चंद्रशेखर परदेशी ने स्कूल परिसर में 6वीं, 7वीं एवं 8वीं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्राओं के साथ आंवला, अशोक का पौधा लगाया।
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेलूद का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सुश्री चौधरी ने प्रोजेक्टर के द्वारा पढ़ाई कर रहे नौवीं क्लास के बच्चों से हिन्दी का पाठ पढ़ने को कहा। पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्नोत्तरी किए, अधिकांश बच्चों ने कलेक्टर के पूछे गए सवालों का सही सही जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने बारहवी के विज्ञान एवं गणित संकाय के विद्यार्थियों से भी प्रश्न पूछे। सभी विद्यार्थियों ने पूछे गए प्रश्न का सही उत्तर दिया। कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि कड़ी मेहनत लगन से पढ़ाई करें और अपनी मंजिल को हासिल करें। इस दौरान कलेक्टर ने स्कूल परिसर में वृक्षारोपण किया। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा, समग्र शिक्षा अधिकारी श्री सुरेन्द्र पाण्डेय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। -
गांव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्राप्त शैक्षणिक संस्था
दुर्ग/ शासन के सहयोग एवं शिक्षकों के प्रयासों से जिले के शासकीय स्कूलों की दशा और शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ शिक्षा के स्तर को उंचा उठाने में कामयाबी मिली है। इतना ही नहीं गांव के शासकीय विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त करने में अग्रणी है। एक ऐसा ही विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पोटिया संकुल केंद्र टेमरी, विकासखण्ड धमधा जिला दुर्ग (छ.ग.) है। जो धमधा विकासखण्ड के अंतिम गांव पोटिया में संचालित है। जहां आज से 15 वर्ष पूर्व कच्ची पहुंच मार्ग थी और यहां पर दो कमरे की कच्ची भवन जिसमें प्राथमिक शाला संचालित हो रही थी। वर्ष 2008 में प्रोन्नत माध्यमिक शाला की स्थापना के साथ शिक्षकों की पदस्थापना एवं सभी शिक्षकों के प्रयासों के द्वारा विद्यालय को न केवल दुर्ग जिले अपितु छत्तीसगढ़ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय के रूप में पहचान दिलाई गई। आज पोटिया गांव को इस विद्यालय के नाम से ही जाना जाता है। समस्त ग्राम वासियों और शासन के सहयोग एवं मार्गदर्शन में विद्यालय नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। शासन के सहयोग से ग्राम पोटिया के शासकीय प्राथमिक शाला और शासकीय माध्यमिक शाला सुसज्जित पक्की भवनों में संचालित हो रही है। इस स्वच्छ स्कूल में विद्यार्थियों के मन भी अध्ययन के लिए रम गये है। पीएम श्री योजना हेतु चयनित शासकीय प्राथमिक शाला पोटिया एवं परिसर में संचालित शासकीय माध्यमिक शाला पोटिया के शिक्षकों ने अपने स्वयं के उन्नत एवं नवाचारी प्रयासों व जन सहयोग से अतिरिक्त संसाधनों का प्रबंध करके शाला में कम्प्यूटर लैब, लाइब्रेरी, मिनी थियेटर, स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया है। साथ ही विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, जवाहर उत्कर्ष योजना, राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य परीक्षा आदि परीक्षाओं की तैयारियां कराई जाती है। इन प्रयासों से अब तक 109 विद्यार्थी राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके है एवं 9 विद्यार्थी जवाहर नवोदय विद्यालय में चयनित हो चुके है। यह संस्था वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार भी प्राप्त कर चुका है। शासन की योजनाओं के अनुरूप शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को ग्रामीण क्षेत्र में उंचा उठाने के लिए स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री पवन कुमार सिंह, श्रीमती रूक्मणी सोरी, कुमारी मनीषा डोंगरे, श्रीमती दीपा आर्य एवं श्रीमति सरिता नेताम के नेतृत्व में इस शासकीय विद्यालय ने प्राइवेट विद्यालयों को चुनौती देने में कामयाबी हासिल की है। चालू शिक्षा सत्र में शासकीय प्राथमिक शाला पोटिया में 73 विद्यार्थी और शास. माध्य. शाला पोटिया में 79 विद्यार्थी अध्ययनरत है। - रायपुर। राज्य शासन ने बुधवार देर शाम राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार सुशील कुमार शर्मा को कुशाभाई ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय का कुल सचिव बनाया गया है। इससे पहले वे बस्तर के संयुक्त कलेक्टर पद पर कार्यरत थे। वहीं शैलाभ कुमार साहू जो अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अपर कलेक्टर थे, अब मंत्रालय में उप सचिव बनाए गए हैं। वहीं उमाशंकर अग्रवाल को नगर नियम रायपुर में अपर आयुक्त पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनांदगांव के संयुक्त कलेक्टर उमेश कुमार पटेल अब मंत्रालय में अवर सचिव पद पर अपनी सेवाएं देंगे।देखें पूरी सूची-

- -भारत सरकार के भू-तल परिवहन मंत्रालय से मिली 1494 करोड़ रूपए की मंजूरीरायपुर । रायपुर-बलौदाबाजार राष्ट्रीय राजमार्ग का जल्द ही फोर लेन में उन्नयन होगा। राजस्व मंत्री श्री टंक राम ने फोर लेन सड़क निर्माण स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी और उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव का आभार व्यक्त जताते हुए क्षेत्र की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने इस मार्ग के उन्नयन के लिए चर्चा की जिस पर केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने सहमति दी है। भारत सरकार के भू-तल परिवहन मंत्रालय द्वारा रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के लिए 1494 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। यह सड़क प्रथम चरण में 844 करोड़ रूपए की लागत से विधानसभा रायपुर से 53.1 किलोमीटर तक और दूसरे चरण में 650 करोड़ रूपए की लागत से 53.1 किलोमीटर से 85.6 किलोमीटर तक फोर लेन सड़क बनायी जाएगी।गौरतलब है कि रायपुर-बलौदाबाजार राष्ट्रीय राजमार्ग 130बी में यातायात का अत्याधिक दबाव रहता है। इसके अलावा इस मार्ग के आसपास बड़े सीमेंट उद्योग के साथ-साथ अन्य उद्योग भी है, वर्तमान में यह सड़क टू लेन है। इस मार्ग के फोर लेन में उन्नयन से जहां यातायात के दबाव में कमी आयेगी, रायपुर से बलौदाबाजार आना-जाना सुगम और सुविधाजनक होगा। वहीं इस मार्ग में होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आयेगी।
- रायपुर। रायपुर के उरला स्वास्थ्य केंद्र में एक ही दिन में दो नवजात शिशुओं की मौत के मामले में दो डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील साहू को सेवा से निलंबित कर दिया गया है तथा संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूनम सरकार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी मन्दिर परिसर स्थित रविन्द्र कक्ष में एबी मीडिया हाउस के सैटेलाइट चैनल डीए न्यूज़ प्लस का शुभारंभ किया।समाचार चैनल डीए न्यूज प्लस के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है। निश्चित ही डीए न्यूज प्लस चैनल निष्पक्षता और निर्भीकता से छत्तीसगढ़ और देश के शोषित और दबे कुचले लोगों की आवाज़ बुलंद करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस चैनल के माध्यम से सरकार की योजनाएं भी जन-जन तक पहुंचेगी, जिसका लाभ सभी लोगों को मिलेगा। उम्मीद है कि डीए न्यूज प्लस चैनल दूरस्थ अंचल की समस्याओं को सरकार और जनता के सामने लाएगा। हमारा लक्ष्य है कि हम छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ के रुप में खड़ा करें।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चैनल से जुड़ी मीडिया टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम से पहले कालीबाड़ी मन्दिर में देवी माँ काली की पूजा-अर्चना कर प्रदेश के लोगों की सुख-समृद्धि की कामना की।इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू , विधायक श्री पुरंदर मिश्र, भूतपूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल और एबी मीडिया समूह से श्री अरुण भद्रा, श्रीमती रेशमा भद्रा, श्री संजय उपाध्याय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
- -गांवों में 6 से 20 जुलाई तक आयोजित होगा राजस्व पखवाड़ा: मंत्री श्री टंकराम वर्मा-राजस्व सचिव ने राजस्व पखवाड़ा आयोजित करने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देशरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन पर अब किसानों और भू-स्वामियों को दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री की मंशानुरूप राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने 6 से 20 जुलाई तक राजस्व पखवाड़ा आयोजित करने के निर्देश दिए थे। पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों की जानकारी ग्रामीणों को देने के लिए उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के भी निर्देश दिए है।राजस्व पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों जैसेः फौती, नामांतरण एवं बटवारा, अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का मौके पर ही आनलाईन अपलोड कर हल्का पटवारी द्वारा प्रतिवेदन, पंचनामा कर प्रविष्टि एवं मौके पर ही नोटिस ईश्तहार जारी कर पक्षकारों को तामिली कराकर निराकरण करने को कहा गया है। शिविर स्थल पर ही बी-1, खसरा एवं किसान किताब के प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। इसी तरह आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र संबंधी समस्त आवेदनों का शिविर स्थल पर ही लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आनलाईन प्रविष्टि एवं समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों एवं उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी प्रत्येक दिवस निर्धारित प्रपत्र में कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में कार्यवाहीसचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग श्री अविनाश चंपावत से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत राजस्व न्यायालय से संबंधित लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवाओं की अदायगी हेतु समय-सीमा में कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह अविवादित नामांतरण और खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई का समय-सीमा के बाहर प्रकरणों तथा सभी राजस्व न्यायालय में शून्य आदेश पत्र वाले प्रकरणों का 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों के सीमांकन प्रकरणों का भी पूर्ण निराकरण किया जाना है। विवादित नामांतरण, विवादित खाता विभाजन और धारा 115 अंतर्गत अभिलेख त्रुटि हेतु आवेदन प्राप्त कर तथा इसके लिए जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए 31 जुलाई 2024 तक शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निराकरण नहीं करने वाले राजस्व अमले पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाएगा।आर.बी.सी.6-4 के तहत प्राप्त आवेदनों का होगा त्वरित निराकरणराजस्व विभाग के सचिव ने बताया कि इसी तरह सभी राजस्व न्यायालय में दर्ज ऐसे प्रकरण जिनकी सुनवाई तिथि अद्यतन नहीं है, उनका शत-प्रतिशत सुनवाई तिथि अद्यतन किया जाना सुनिश्चित करे। जनहानि-पशुहानि, फसल क्षति से संबंधी आर.बी.सी.6-4 के तहत प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण करना सुनिश्चित करें। राजस्व अधिकारी अधीनस्त टेबल का निरीक्षण कर निरीक्षण प्रतिवेदन 15 जुलाई तक कलेक्टर को उपलब्ध कराना। राजस्व पखवाड़ा में भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण तथा भू-अर्जन के प्रकरणों में लिये गये सेवा शुल्क की जानकारी अद्यतन किया जाना सुनिश्चित करें।कोटवारी और सेवाभूमि पर समुचित कार्यवाही करने के निर्देशराजस्व पखवाड़ा में भू-अभिलेख संबंधी कार्यों के अंतर्गत स्वामित्व योजनांतर्गत भारतीय सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त मैप-02 का 31 जुलाई 2024 तक प्रारंभिक प्रकाशन किया जाना है। इसी तरह कोटवारो द्वारा विक्रय की गई कोटवारी और सेवाभूमि के विरूद्ध 31 जुलाई 2024 तक समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। वार्षिकी कृषि सांख्यिकी सारणी तथा ऋतु एवं फसल प्रतिवेदन (जिंसवार) वर्ष 2023-24 का 15 जुलाई 2024 तक शत-प्रतिशत जानकारी उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। अभिलेख शुद्धता के अंतर्गत संकलन हेतु शेष खसरा, विलोपन योग्य संदिग्ध खसरा, शून्य रकबा वाले खसरा, भूमिस्वामी विहीन खसरा, भूमिस्वामी के विवरण में स्पेशल कैरेक्टर युक्त खसरा, संयुक्त खातेदार का नाम पृथक-पृथक दर्ज न होकर एक साथ दर्ज होने, त्रुटिपूर्ण खसरा, भूमिस्वामी क्रमांक निर्धारण हेतु शेष खसरा की संख्या अंतर्गत 31 जुलाई 2024 तक शत-प्रतिशत निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें।नक्शा बटांकन अंतर्गत जुलाई माह में प्रत्येक तहसील में 05 प्रतिशत की प्रगति करना अनिवार्य है तथा भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाईल नं. किसान किताब एवं जेण्डर की प्रविष्टि 31 जुलाई 2024 तक शत-प्रतिशत करना सुनिश्चित किया जाए।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस को दिखाई हरी झंडी-मुख्यमंत्री ने पुलिस परिवार की बच्ची मारिया भतपहरी को सौंपी बस की चाबी-पुलिस कॉलोनी आवासीय समिति के सदस्यों और बच्चों ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री का जताया आभार-सीएसआर मद से उपलब्ध कराई गई है बस की सुविधारायपुर // ये आपके पापा के बॉस है और इन्हीं के प्रयासों से आप सभी को स्कूल बस मिला है। आप सभी अब आराम से और सुरक्षित ढंग से स्कूल आ जा सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस परिवार के स्कूली बच्चों से चर्चा के दौरान गृहमंत्री का परिचय कराते हुए ये बातें कहीं। सभी बच्चों ने बस मिलने की खुशी में ताली बजाकर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को थैंक यू कहा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि आप सभी अच्छे से पढ़ाई करें और खूब तरक्की करें।दरअसल आज राजधानी रायपुर के अमलीडीह स्थित पुलिस कॉलोनी में रहने वाले पुलिस परिवार के बच्चों को उनकी स्कूल बस मिल गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस परिवार की नन्हीं छात्रा मारिया भतपहरी को बस की चाबी सौंपी। उन्होंने पुलिस परिवार के सदस्यों के साथ विधिवत पूजा अर्चना कर बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह बड़ी अच्छी पहल है। बच्चों की परेशानी दूर हुई है और अब बच्चे सुरक्षित स्कूल आ जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस के जवान बड़ी मुस्तैदी के साथ 24 घंटे सातों दिन अपनी सेवाएं देते हैं। इस पहल से निश्चित रूप से उनकी चिंता दूर हुई होगी। यह बस सीएसआर मद से बच्चों के लिए उपलब्ध करायी गई है। मैं अन्य औद्योगिक संस्थानों से भी आग्रह करूंगा कि वे अपने सीएसआर मद से ऐसे कार्यों में सहयोग करें और इसे बढ़ावा दें।इसके बाद मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने पुलिस परिवार के बच्चों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने बस के संचालन सहित पुलिस आवासीय कॉलोनी की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। पुलिस परिवार के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द आप लोगों से मिलने और चाय के साथ ठेठरी- खुरमी भी खाने आऊंगा।गौरतलब है कि पुलिस कॉलोनी आवासीय समिति अमलीडीह, रायपुर द्वारा उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर स्कूली बच्चों के लिए बस उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आग्रह को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृहमंत्री ने तत्काल अंबुजा सीमेंट के प्रतिनिधि को सीएसआर मद से बस उपलब्ध कराने को कहा। इसी कड़ी में आज पुलिस परिवार के बच्चों के लिए 52 सीटर एसी बस उपलब्ध कराई गई है। जिसे मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने आज हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल से पुलिस परिवार के लगभग 150 से अधिक बच्चें सुरक्षित स्कूल आ जा सकेंगे।इस मौके पर अंबुजा सीमेंट के प्रतिनिधि, पुलिस परिवार के सदस्य और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
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-स्कूलों, हॉस्पिटलों एवं आंगनबाड़ियों में अभियान चलाकर किया जाएगा वृहद वृक्षारोपण
रायपुर /प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मन की बात में देशवासियों से ’एक पेड़ मां के नाम’ लगाने के आह्वान पर आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बलौदाबाजार के संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में नीम पेड़ लगाकर जिले में अभियान की शुरुआत किया। उक्त कार्यक्रम का आयोजन वनमंडल बलौदाबाजार के द्वारा किया गया। इस दौरान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी, डीएफओ मयंक अग्रवाल ने भी एक पेड़ अपनी मां के नाम पर रोपण किया।कार्यक्रम में श्री वर्मा ने स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाने की अपील की। इसके साथ ही जिले के सभी स्कूलों, हॉस्पिटलों एवं आंगनबाड़ियों में अभियान चलाकर वृहद वृक्षारोपण करने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा है कि एक पेड़ मां के नाम के आह्वान से बच्चों का पर्यावरण से जुड़ाव बढ़ेगा। इसमें पालकों और शिक्षकों को शामिल करने से निश्चित ही बड़े पैमाने पर पौधरोपण हो सकेगा। चूंकि सभी मां के नाम पर पेड़ लगाएंगे अतएव इसकी रख-रखाव भी बड़ी जिम्मेदारी से हो सकेगी। ऐसे स्कूल जहाँ अहाता है, उनके किनारे-किनारे छायादार पेड़ जैसे नीम, गुलमोहर, करंज, अशोक, अर्जुन आदि लगाया जा सकता है। विद्यार्थी, शिक्षक तथा पालक अपने द्वारा लगाए गए पौधे का वृक्ष बनते तक पालन पोषण एवं सुरक्षा करेंगे। पौधारोपण हेतु उचित ऊँचाई के पौधे वन विभाग से प्राप्त किया जा सकता है। पौधारोपण हेतु उचित मापदण्ड के गड्ढे कराने तथा आवश्यक मात्रा में मिट्टी एवं खाद स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने कहा गया है। पौधरोपण शाला प्रवेश उत्सव के दौरान किया जाएगा। पौधरोपण के समय शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं से पौधों को सुरक्षित रखने बाबत् शपथ ग्रहण भी कराएं जाने के निर्देश दिए गए हैं।इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर दीप्ति गौते सभी एसडीएम, सीईओ, सीएमओ सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहें। इस दौरान सभी अधिकारी कर्मचारियों ने भी परिसर में एक पेड़ अपनी मां के नाम पर रोपण किया। - -महासमुंद, कांकेर, सरगुजा और राजनांदगांव जिले में एक हजार 991 स्कूलों का जीर्णोद्धार कार्य पूर्णरायपुर / शहरों के साथ-साथ गांवों के भी स्कूल अब आकर्षक बनते जा रहे हैं। नए शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ नौनिहालों को बेहतर शैक्षणिक परिवेश दिलाने स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है। महासमुंद, कांकेर, सरगुजा और राजनांदगांव जिले में एक हजार 991 स्कूलों का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण किया जा चुका है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में शिक्षा विभाग के समीक्षा बैठक के दौरान सभी कलेक्टरों को अपने जिलों में स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के बाद सभी जिलों में स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के कार्य में तेजी आई है। स्कूलों को आकर्षक ढंग से भी सजाया जा रहा है।मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत किए जा रहे जीर्णोद्धार में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पक्की छत, कक्षाओं में टाईल्स और शाला परिसर में पेवर ब्लॉक के साथ रंगरोगन का कार्य किए जा रहे है। इन स्कूलों में ज्ञानवर्धक और कलात्मक चित्रकारी भी की जा रही है। स्कूलों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्ष आदि बनाए जा रहे हैं।नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के साथ ही स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव भी मनाएं जा रहें हैं। शालाओं में मरम्मत और जीर्णोद्धार होने से छात्रों एवं पालकों का रूझान भी इन विद्यालयों के प्रति बढ़ा है। विद्यालयों का कायाकल्प करने व आकर्षक बनाने की वजह से पालक अपने बच्चों को इन स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत महासमुंद जिले में स्कूलों में जीर्णोद्धार के 333, सरगुजा में 1104, राजनांदगांव में 280, कांकेर में 374 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
- -एम्स जोधपुर द्वारा बीड़ी के प्रभावों के संबंध में किए गए अध्ययन के छत्तीसगढ़ संस्करण का किया गया विमोचन-रायपुर। तम्बाकू नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रयास एवं आने वाली पीढ़ी को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा ब्लूमबर्ग परियोजना छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में 3 जुलाई को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन एवं संचालक स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार शासन के प्रमुख विभागों के राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में आबकारी विभाग, श्रम विभाग एवं परिवहन विभाग के राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित हुए।कार्यशाला में तम्बाकू के पैकेट में स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित होने के बावजूद भी लोगो द्वारा तम्बाकू का उपयोग किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई। कार्यशाला में तम्बाकू उत्पादों के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण एवम आर्थिक स्तिथि में पड़ने वाले भार से अवगत कराते हुए तम्बाकू नशा मुक्ति केंद्र की सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला में कोटपा-2003 सहित धूम्रपान मुक्त नीतियों के बारे में विस्तार से बताया गया तथा तम्बाकू नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ श्रम विभाग, परिवहन विभाग एवम आबकारी विभाग की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया तथा एम्स जोधपुर द्वारा बीड़ी के प्रभावों के संबंध में किए गए अध्ययन के छत्तीसगढ़ संस्करण का विमोचन किया गया।तम्बाकू नियंत्रण की नीतियों एवं कानूनों पर किया गया मंथनतम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन द्वारा अंतरविभागीय समन्वय की आवश्यकता से अवगत कराया गया। साथ ही तम्बाकू नियंत्रण के लिए राज्य में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए राज्य में तम्बाकू की व्यापकता के बारे में बताया गया और मोनिटरिंग एप्प की जानकारी दी गई। कार्यशाला में यह जानकारी दी गई कि राज्य में शिक्षा विभाग के सहयोग से शैक्षणिक संस्थाओं को तम्बाकू मुक्त घोषित किया जा रहा है। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रथम चरण में प्रत्येक जिले की 5-5 ग्राम पंचायतों को धूम्रपान मुक्त करने के प्रयास प्रारंभ किया जा चुका है। कार्यक्रम का संचालन ब्लूमबर्ग परियोजना के राज्य समन्वयक डॉ शैलेंद्र मिश्रा एवम आभार प्रदर्शन प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
- =श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) के लिए 850 तीर्थयात्री रायपुर से स्पेशल ट्रेन से हुए रवाना=स्वास्थ्यमंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अयोध्याधाम जा रहे तीर्थयात्रियों को दी शुभकामनाएंरायपुर। अयोध्या में श्री रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भांचा राम के दर्शन के लिए अयोध्या धाम ले जाने के लिए श्री रामलला दर्शन योजना की शुरूआत की है। आज इस योजना के अंतर्गत रायपुर संभाग के पांच जिलों के 850 यात्री रायपुर स्टेशन से रवाना हुए। यह यात्री पहले वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ का दर्शन करेंगे और फिर अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। आज इस अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन परिसर छत्तीसगढ़ के भांचा राम जय सियाराम जय सियाराम की सुमधुर ध्वनि से गुंजायमान हो गया। तीर्थयात्रियों ने श्री रामलला दर्शन योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की बहुत अच्छी योजना है। हम श्री रामलला से छत्तीसगढ़ की सुख समृद्धि की कामना करेंगे।आज रायपुर रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 1 से इस स्पेशल ट्रेन को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा एवं विधायक श्री अनुज शर्मा ने हरी झण्डी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। इस दौरान तीर्थयात्रा में शामिल श्रद्धालुजन काफी उत्साहित थे। प्लेटफार्म नं. 1 पर छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय सियाराम-जय सियाराम की ध्वनि गुंजायमान हो रही थी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति छत्तीसगढ़ वासियों में अगाध श्रद्धा भाव है।
- -राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने ली विभागीय समीक्षा बैठक-स्थानीय युवाओं को उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश-विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने क़े निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन क़े राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि राजस्व विभाग का कार्य आम लोगों से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा बेहतर और पारदर्शी प्रशासन के लक्ष्य के अनुरूप लोगांें के राजस्व संबंधी कार्य पूरी सजगता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रदेश में 6 से 20 जुलाई तक राजस्व पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। सभी राजस्व अधिकारी इस पखवाड़े के दौरान लंबित राजस्व प्रकरणों का अनिवार्य रूप से त्वरित निराकरण करें। श्री वर्मा कलेक्टोरेट बलौदाबाजार में जिला स्तरीय विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।समीक्षा बैठक में राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा की राजस्व विभाग में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे बहुत ही छोटे -छोटे कार्य होते है जो हर किसी से जुडा होता है। इन कामों का निपटारा समय पर कर दिया जाए तो लोगों में राजस्व विभाग क़े प्रति जो नज़रिया है वह सकारात्मक हो सकता है। पहले एक गांव को चिन्हांकित कर राजस्व विवादमुक्त ग्राम बनाएं। ऐसे ग्राम क़े पटवारी आरआई को सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसात में जिले क़े नदी- नालों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है। इससे निपटने क़े लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित होनी चाहिए।मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसानों को खाद-बीज़ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। खेत में पानी भरने से धान खराब होने पर किसानों को निःशुल्क बीज प्रदाय करें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित सभी किसानों को पंजीकृत कर लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बड़े सीमेंट सयंत्रों एवं खदानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलबध कराने के लिए रोजगार मूलक प्रशिक्षण दिलाने क़े निर्देश दिए। इसी प्रकार सयंत्रो क़े द्वारा संचालित खनन इकाईयों में भी युवाओं को नियोजित कराएं। उन्होने अग्निवीर भर्ती में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल होने क़े लिए प्रेरित करने तथा कैरियर मार्गदर्शन एवं कोचिंग की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने कहा कि जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित कुछ सड़कें बहुत जल्द ख़राब होने की बात सामने आ रही है, ऐसे सड़को क़े निर्माणकर्ता ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने बलौदाबाजार बाई पास निर्माण कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द शुरू करने क़े निर्देश दिए। इसके साथ ही स्कूल भवनों क़े जीर्णाेद्धार, अतिरिक्त कक्ष निर्माण क़े लिए शेष स्कूलों का चिन्हांकन कर प्रस्ताव विभाग को भेजनें तथा एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। बैठक में राजस्व मंत्री ने एजेंडा अनुसार विभिन्न विभागों क़े कार्याे का विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने राजस्व मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने क़े निर्देश सभी विभाग क़े अधिकारियो को दिए। उन्होने विभागीय योजनाओं क़े क्रियान्वयन में तेजी लाने क़े भी निर्देश दिए।
- -उपलब्ध मेडिकल लिटरेचर के अनुसार लेजर एंजियोप्लास्टी द्वारा किडनी की नस के पूर्ण ब्लॉक के उपचार का यह पहला केसरायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में 66 वर्षीय एक मरीज के किडनी को खून की आपूर्ति करने वाली बायीं धमनी में सौ प्रतिशत रुकावट तथा हृदय की मुख्य नस में 90 प्रतिशत रुकावट का एक्जाइमर लेजर विधि से सफल उपचार किया गया। उपलब्ध मेडिकल लिटरेचर के अनुसार विश्व में लेजर एंजियोप्लास्टी द्वारा किडनी की नस के पूर्ण ब्लॉक के उपचार का यह पहला केस है। एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुए इस उपचार में मरीज के किडनी की धमनी यानी रीनल आर्टरी और कोरोनरी आर्टरी का एक साथ उपचार कर मरीज को रीनल फेल्योर और हार्ट फेल्योर होने से बचा लिया गया। इन दोनों इंटरवेंशनल प्रोसीजर को क्रमशः लेफ्ट रीनल आर्टरी क्रॉनिक टोटल ऑक्लूशन एवं इन स्टंट री-स्टेनोसिस ऑफ कोरोनरी आर्टरी कहा जाता है।इस केस में पहली बार रीनल का 100 प्रतिशत ऑक्लूशन (रुकावट) था जिसके कारण बी. पी. कंट्रोल में नहीं आ पा रहा था। किडनी खराब हो रही थी। समय पर इलाज नहीं होता तो किडनी फेल हो जाती। डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने केस के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि मरीज के किडनी को खून की आपूर्ति करने वाली दोनों नसों में ब्लॉकेज था। एक में 100 प्रतिशत ब्लॉकेज/रुकावट था एक में 70-80 प्रतिशत ब्लॉकेज था। लेफ्ट रीनल आर्टरी जहां से शुरू होती है, वहीं मुख्य ब्लॉकेज था। इसके कारण खून का प्रवाह बिल्कुल बंद हो चुका था। इसके साथ ही मरीज के हृदय की मुख्य नस में ब्लॉकेज था जिसके लिए उसको 2023 में निजी अस्पताल में स्टंट लगा था जो बंद हो चुका था। यह स्टंट पूरी तरह ब्लॉक हो गया था। इन सब समस्याओं के कारण मरीज को हार्ट फेल्योर हाइपरटेंशन, सांस लेने में तकलीफ और बी. पी. कंट्रोल में नहीं आ रहा था।ऐसे किया उपचारसबसे पहले लेफ्ट रीनल आर्टरी जो 100 प्रतिशत ब्लॉक थी, उसमें कठोर ब्लॉकेज होने की वजह से एक्जाइमर लेजर से उसके लिए रास्ता बनाया फिर बैलून से उस रास्ते को बड़ा किया जिससे उसमें स्टंट लगाकर उस नली को पूरी तरह खोल दिया गया और नार्मल फ्लो को किडनी में वापस चालू किया गया। ब्लॉकेज खोलने के साथ ही बी. पी. में परिवर्तन आने शुरू हुए और बी. पी. कम हो गया। इंट्रावैस्कुलर अल्ट्रासाउंड के जरिये स्टंट को देखकर यह कन्फर्म किया गया कि वह ठीक से अपने स्थान पर स्थापित हुआ है या नहीं।पूर्व में हुई एंजियोप्लास्टी के कारण हृदय की बायीं साइड की मुख्य नस लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी में डाले गये स्टंट के अंदर 90 प्रतिशत से भी ज्यादा रुकावट पायी गयी। इसको भी पहले लेज़र के जरिये ब्लॉकेज खोलकर रास्ता बनाया गया। फिर बैलून करके उस रास्ते को बड़ा किया गया फिर इंट्रा वैस्कुलर अल्ट्रासाउंड के जरिए स्टंट ब्लॉकेज के क्षेत्र को देखा। चूंकि रूकावट स्टंट के साथ-साथ स्टंट के बाहर की थी, इस वजह से एक नया स्टंट डालकर उस रूकावट को खोलने का निर्णय लिया गया। एक अतिरिक्त स्टंट डालकर दोनों रुकावट का इलाज किया गया। आईवीयूएस करके पूरी प्रक्रिया की वास्तविक वस्तुस्थिति को देखा। अंततः दोनों प्रक्रिया सफल रही। मरीज अब ठीक है तथा डिस्चार्ज लेकर घर जाने को तैयार है।
- - उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पत्रकार-वार्ता में दी जानकारी-भविष्य में प्रस्तावित 1006 किमी लंबाई के 8 कार्यों के सर्वेक्षण एवं डीपीआर के लिए 35 करोड़ रुपए प्रावधानितरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के 253 किलोमीटर लंबाई के उन्नयन एवं चौड़ीकरण के 18 कार्यों के लिए 3289 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही भविष्य में प्रस्तावित 1006 किलोमीटर लंबाई के आठ कार्यों के सर्वेक्षण एवं डीपीआर के लिए 35 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए इतनी बड़ी राशि का प्रावधान करने के लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
- -हांगकांग में 5 से 11मई को आयोजित थी प्रतियोगिता-मुख्यमंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएं-श्री जे. राव ने इस प्रतियोगिता में जीते तीन कांस्य पदक : चैंपियनशिप में ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त कियारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में एशियन मेन्स इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक विजेता भिलाई के श्री जे. भागवत राव ने सौजन्य मुलाकात की। श्री राव ने 5 से 11 मई को हांगकांग में आयोजित एशियन मेन्स इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता के 66 किलोग्राम वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त किया। वे इस प्रतियोगिता के तहत आयोजित स्कॉट प्रतियोगिता में कांस्य पदक, बेंच प्रेस में कांस्य पदक और डेडलिफ्ट स्पर्धा में भी कांस्य पदक हासिल किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी इस शानदार उपलब्धि ने प्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। इससे उभरते हुए खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और युवाओं में भी खेल को अपना कैरियर बनाने एक सकारात्मक संदेश जाएगा।पावरलिफ्टर खिलाड़ी भिलाई के श्री जे. भागवत राव इंटरनेशनल और नेशनल प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं। वे इससे पहले इंदौर में आयोजित फैडरेशन कप मेन्स पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, आंध्र प्रदेश के संतपल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर मेन्स पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, तमिलनाडु के कोयम्बतूर में आयोजित राष्ट्रिय जूनियर मेन्स पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक के आलावा कई प्रतियोगिताओं में भी पदक हासिल कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए सुभकामनाएं भी दी।
- रायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से बुधवार को उनके निवास कार्यालय में यूनिसेफ छत्तीसगढ़-ओड़िशा के जूनियर चीफ श्री विलियम हेनलोन ने सौजन्य मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने उन्हें छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन और अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी। श्री साव और यूनिसेफ की टीम के बीच जल और इससे जुड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कार्पोरेट सेक्टर की सहभागिता के लिए ‘जल कोष’ के गठन के संबंध में चर्चा हुई।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने श्री विलियम हेनलोन और उनकी टीम के सदस्यों वॉश एंड क्लाइमेट स्पेश्लिस्ट सुश्री श्वेता पटनायक तथा वॉश प्रोग्राम ऑफिसर सुश्री बिरोजा सतपथी को छत्तीसगढ़ के विकास के लिए यूनिसेफ द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों में राज्य शासन द्वारा पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर साझा प्रयासों के बारे में भी चर्चा की।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरू स्वामी विवेकानंद जी की 04 जुलाई को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि स्वामी जी ने भारतीय दर्शन और आध्यात्म से पूरी दुनिया का परिचय कराया और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया। छत्तीसगढ़ ने स्वामी जी के उदार, व्यवहारिक और सुधारवादी सिद्धांतों को अपनाया है। स्वामी जी के बचपन का कुछ समय रायपुर में बीता, यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। आज छत्तीसगढ़ स्वामी जी के दिखाए मार्ग और सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है। श्री साय ने कहा है कि स्वामी जी के अमूल्य विचार सदियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
- -सबके लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं खुशहाल समाज पर दिया गया जोर-गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण’ विषय पर आधारित वर्किंग समिति ने लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक लक्ष्य पर दिए सुझाव-सभी के लिए किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने अधिकारियों ने किया मंथनरायपुर /राज्य में सभी के लिए किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने गहन विचार विमर्श किया। ’अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन / 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार करने ’गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण’ विषय पर गठित वर्किंग समिति की द्वितीय बैठक राज्य नीति आयोग अटल नगर, नवा रायपुर के सभा कक्ष में आज गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित लक्ष्य, चुनौतियां एवं सामर्थ्य विषय पर विस्तार से चर्चा की गई तथा वर्किंग समिति के सदस्यों द्वारा सुझाव दिए गए।बैठक में सदस्यों ने सभी के लिए सार्वभौमिक, किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने, किशोरों और जनजातियों पर अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता, रोग प्रोफाइल विकसित करने स्वास्थ्य देखभाल, चिकित्सा पर्यटन और फार्मास्यूटिकल्स विनिर्माण को बढ़ावा देने विस्तार से चर्चा की। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की प्रभावी व्यवस्था, जनसंख्या विविधता और कठिन तथा पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने, अनुसंधान संस्थान विकसित करने तथा वृद्धावस्था और जलवायु संबंधी स्वास्थ्य मुद्दे पर गहन विचार विमर्श किया गया।इसी तरह राज्य में मृत्युदर कम करने, एनीमिया फ्री करने ,सभी के अच्छे स्वास्थ्य, टेली मेडिसिन, मदर एंड चाइल्ड केयर, हॉस्पिटल के अपग्रेडेशन, पीपीपी मॉडल की उपयोगिता, केंद्र सरकार की योजनाओं से आम लोगों को लाभान्वित करने, प्रशिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता सुधारने, रिसर्च संस्थानों पर जोर, टीकाकरण, मेडिकल टूरिज्म हब बनाने, स्वस्थ एवं खुशहाल समाज बनाने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों को दस्तावेज में शामिल करने पर भी चर्चा किया गया।राज्य नीति आयोग के सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम ने विभागों द्वारा बनाए गए लघु, मध्यम एवं दीर्घकालीन विजन एवं रणनीतियों के निर्धारण हेतु आमजनों को लाभान्वित करने, गुड गवर्नेंस, गुणवत्तापूर्ण जीवन सहित अन्य कल्याणकारी उपायों पर सुझाव दिए।स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने आम जनों को त्वरित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार जैसे विषयों को दस्तावेज में शामिल कराने सुझाव दिए।मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ धीरज तिवारी ने कहा कि नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सभी उपायों का समावेश डॉक्यूमेंट में होना चाहिए।इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, स्वास्थ्य संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, संयुक्त संचालक श्री नीतू गौरड़िया, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, राज्य शहरी विकास अभिकरण, छत्तीसगढ़ लघु वनोजन सहकारी संघ, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर।, 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के प्रतिनिधि मंडल का छत्तीसगढ़ राज्य में तीन दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम अध्यक्ष श्री अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में दिनांक 11 से 13 जुलाई 2024 हेतु तय हुआ है। आयोग में 12 सदस्यीय दल अंतर्गत अध्यक्ष के अतिरिक्त 04 सदस्य—श्री अजय नारायण झा, श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यूज, श्री मनोज कुमार पांडा, डॉ सौम्य कांति घोष तथा आयोग के सचिव श्री रित्विक रंजनम पांडेय, संयुक्त सचिव श्री कमल कुमार मिश्रा , संयुक्त संचालक श्री राघवेंद्र सिंह एवं अन्य अधिकारीगण शामिल होंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों की उपस्थिति में राज्य के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा आयोग के समक्ष राज्य के आर्थिक, वित्तीय, अधोसंरचना विकास तथा राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं से संबंधित विषयों पर प्रस्तुतिकरण व ज्ञान प्रस्तुत किया जायेगा। प्रस्तुतिकरण में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के गठन उपरांत से उत्पन्न प्रभाव की स्थिति से आयोग को अवगत कराते हुए आने वाले वर्षों में राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की जायेगी। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए विशिष्ट अनुदान संबंधी मांग पत्र भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए अनुशंसाएं केंद्र सरकार को अक्टूबर 2025 तक रिपोर्ट के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएंगी।
- -‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान अंतर्गत 70 लाख पौधों का होगा रोपण-वन विभाग की बैठक में मंत्री श्री केदार कश्यप ने दिए निर्देश-प्रदेश के विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगभग 4 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्यरायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में देश की जनता से ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने की अपील की है। छत्तीसगढ़ में इस महाअभियान के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा अनुरूप 11 जुलाई को वन महोत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत पूरे राज्य में 70 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। वन महोत्सव की तैयारियों के संबंध में आज वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मुख्य वन संरक्षक एवं वनमण्डलाधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।समीक्षा बैठक में वन मंत्री ने इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए विस्तार से निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा है कि वन महोत्सव के मौके पर अधिकाधिक संख्या में लोग अपनी मां के नाम पेड़ लगाएं। इसके लिए पौधरोपण को सफल बनाने के उद्देश्य से इस बात का प्रयास किया जाए कि पौधरोपण क्षेत्र, जनप्रतिनिधियों द्वारा गोद लिया जाए साथ ही प्रत्येक पौधरोपण क्षेत्र को स्थानीय देवी देवताओं के नाम से चिन्हांकित कर जन सामान्य में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आने वाली समस्त महिलाओं को शामिल किया जाए साथ ही माध्यमिक स्तर के छात्रों को भी इसमें भागीदार बनाया जाए।पौधरोपण कार्य न सिर्फ वनक्षेत्र के अंदर होंगे अपितु वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, छात्रावास आदि स्थानों में भी किया जावेगा। वनमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया कि इनके फोटोग्राफ्स मिशन लाईफ की साईट पर अपलोड किए जावें। वन मंत्री ने वनमण्डलों में किए जा रहे पौधरोपण के लक्ष्य और अब तक किए जा चुके पौधरोपण की जानकारी भी ली। राज्य में विभिन्न योजनाओं अंतर्गत 3 करोड़ 95 लाख 85 हजार से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसमें 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मंत्री ने शेष कार्य जुलाई अंत तक व्यापक जन भागीदारी से पूर्ण करने के निर्देश दिए।अधिकारियों ने बताया कि जगदलपुर वृत्त अंतर्गत 535.48 हे. एवं 57 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण के अंतर्गत कुल 308450 पौधों का रोपण किया जाना है। रायपुर वनवृत्त अंतर्गत 291.74 हे. एवं 2 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण में 323913 पौधों का रोपण किया जाना है। कांकेर वनवृत्त अंतर्गत 220.74 हे. में 158804 पौधों का रोपण किया जाना है। सरगुजा वनवृत्त अंतर्गत 4942.44 हे. एवं 21 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण में 5053370 पौधा रोपण का लक्ष्य रखा गया है। दुर्ग वनवृत्त अंतर्गत 167.55 हे. में 142468 पौधों का रोपण किया जाना है। बिलासपुर वनवृत्त अंतर्गत 520.05 हे. एवं 04 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण में 454159 पौधा रोपण का लक्ष्य रखा गया है। किसान वृक्ष मित्र योजनांतर्गत 2 करोड़ 82 लाख 35 हजार 894 पौधों का रोपण कृषकों के द्वारा अपनी भूमि पर किया जा रहा है।बैठक में श्रीमती ऋचा शर्मा, अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, श्री व्ही श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़, श्री अरूण कुमार पाण्डेय, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास/योजना), श्री ओ.पी. यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कैम्पा के साथ राज्य के समस्त मुख्य वन संरक्षक एवं वनमंडलाधिकारी उपस्थित रहे।







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