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- रायपुरl राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री, भारत सरकार) के अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति जी 07 जून 2026 को रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक दिवसीय आधिकारिक प्रवास पर रहेंगी।राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के दौरे में सहयोग हेतु श्री राजेन्द्र कुमार निषाद (निजी सचिव मो.-8756342092), एवं श्री रितिक विश्वकर्मा (मो. 7266050609) कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष के साथ रहेंगे।अध्यक्ष-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग साध्वी निरंजन ज्योति जी 07 जून 2026 को नई दिल्ली से सुबह 06:30 बजे प्रस्थान कर सुबह 08:15 बजे रायपुर पहुंचेंगी l वे राज्य अतिथिगृह, रायपुर 07 जून 2026 को सुबह 09:30 बजे पिछड़े समाज के प्रतिनिधि मंण्डल से भेंट करेंगीl 10:30 बजे माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ से शिष्टाचार भेंट करने के बाद दोपहर 12 बजे माननीय राज्यपाल (छत्तीसगढ़) से शिष्टाचार भेंट करेंगी lराष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष 7 जून 14:00 बजे श्री बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बुढ़ापारा, रायपुर में पिछड़ा वर्ग संगठन के सामाजिक प्रगति चिन्तन सम्मेलन में शामिल होंगी l वे अपरान्ह 3 बजे राजकीय अतिथि गृह रायपुर में पिछड़ा वर्ग के कल्याणकारी योजनाओं पर समीक्षा बैठक लेंगी, जिनमें मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन माननीय अध्यक्ष एवं सदस्यगण, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग अयोग, प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्गविकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन शामिल होंगे l राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष 7 जून को ही शाम को 6:40 बजे रायपुर से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी l
- रायपुर। चौबे कॉलोनी, रायपुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा ( पौसरी वाले)का 6 जून को हृदयाघात से निधन हो गया, वे 68 वर्ष के थे। राजीव शर्मा वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस क्लब के मानद सदस्य राजेश शर्मा के अनुज थे। उनकी अंतिम यात्रा 7 जून को उनके निवास स्थान से महादेव घाट के लिए प्रात: 9:30 बजे निकलेगी ।
- कृषक उन्नति योजना से मिली आर्थिक संबलता, बनाया स्वयं का मकानबालोद/परंपरागत खेती को अगर आधुनिक तकनीक से किया जाए तो किसान की तकदीर बदलते देर नहीं लगती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरकार के प्रगतिशील किसान श्री अनंद राम साहू ने। अनंद ने नैनो उर्वरक को अपनाकर न सिर्फ अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि अपनी खेती को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने प्रति एकड़ 35 क्विंटल धान की पैदावार की है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में जब उन्होंने अपने खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया, तो परिणाम चैंकाने वाले थे। अनंद राम बताते हैं कि नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल से फसल की सेहत सुधरी और उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई। इसका असर खेतों में साफ दिखाई देता है। मैं जिले के दूसरे किसान भाइयों से भी अपील करता हूँ कि बेहतर उत्पादन के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को जरूर अपनाएं। अनंद राम ने बताया कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता दी है। कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतर मूल्य मिलने से ओंकार को जबरदस्त आर्थिक लाभ हुआ। धान बेचकर मिले इसी मुनाफे से आज वे अपने सपनों का पक्का घर बना चुके हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वे समय पर खाद, बीज और खेती के दूसरे जरूरी कामों के लिए करते हैं, जिससे उन्हें कहीं से पैसे लेने की जरूरत नहीं पड़ती। अपनी इस सफलता से गदगद किसान अनंद राम साहू ने शासन-प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- बालोद/सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद विकासखंड के ग्राम बघमरा में सोमवार 08 जून को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि पूर्व में ग्राम बघमरा में जनसमस्या निवारण शिविर की तिथि 29 मई 2026 को निर्धारित की गई थी। जिसमें आंशिक संशोधन करते हुए सोमवार 08 जून 2026 को हाईस्कूल प्रागंण बघमरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
- *उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की*बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।श्री साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -टी सहदेवदुर्ग । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इंटरनेशनल ब्लू क्रॉस एंड ब्लू क्रिसेंट मूवमेंट्स के छत्तीसगढ़ चैप्टर की दुर्ग जिला इकाई द्वारा महिला थाना दुर्ग परिसर में पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी टीआई नीता सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी पुलिस कर्मियों को सम्मान स्वरूप एक-एक पौधा भेंट किया गया।इस पहल का उद्देश्य लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था की नेशनल डायरेक्टर सरस्वती धानेश्वर ने किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि पौधों की सतत देखभाल करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है तथा आने वाली पीढ़िवयों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।इस अवसर पर संस्था के डिस्ट्रिक्ट कमांडर तरन सुरी, डिप्टी कमांडर नीलम बैनर्जी, सोशल वेलफेयर ऑफिसर ममता गोस्वामी, महिला वेलफेयर ऑफिसर सुनीता मुरकुटे, समन्वयक अधिकारी अभिषेक शर्मा, करना गुप्ता, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर राधिका देवांगन, अविनाश वैष्णव, लीगल हेड पुष्पलता साहू, लीगल ऑफिसर सीमा हिरवानी, एडवोकेट मोनिका सिंह, संगीता चंद्राकर, सीमा मेश्राम सहित संस्था के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थितजनों ने अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का प्रभावी संदेश दिया।
- *कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया निरीक्षण, स्थिति सामान्य, कोई जनहानि नहीं*रायपुर। जयस्तम्भ चौक, बॉम्बे मार्केट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल ऑफिस में आज सुबह आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई कर आग पर काबू पा लिया गया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया है और अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है। घटना कार्यालय बंद होने के समय हुई, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। भवन और दस्तावेजों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।बचाव कार्य में एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे, जिला सेनानी नगर सेना श्री पुष्पराज सिंह, रायपुर तहसीलदार श्री राममूर्ति दीवान सहित संबंधित अधिकारी भी सक्रिय थे।
- *ई-रिक्शा चलाकर कर रहीं अपने व अपने परिवार की देखभाल*रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से लाभान्वित होकर श्रमिक महिला श्रीमती अनिता साहू ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता की नयी मिसाल कायम की है।श्रीमती साहू छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की पंजीकृत सदस्य हैं। वे बताती हैं कि पहले वे अपने पति स्वर्गीय श्री महेश साहू के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती थीं। पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। तीन बच्चों की शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था।इसी दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि की सलाह पर उन्होंने जिला श्रम कार्यालय रायपुर से संपर्क किया। वहां उन्हें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना की जानकारी दी गई। योजना के तहत मंडल की पंजीकृत महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय करने के लिए एक लाख रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।योजना की पात्रता होने पर जिला श्रम कार्यालय के सहयोग से उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा और स्वरोजगार शुरू किया।आज श्रीमती साहू ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। ई-रिक्शा से होने वाली आय से उन्होंने अपने घर की मरम्मत भी करायी।श्रीमती साहू ने छत्तीसगढ़ शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाएं श्रमिक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं जिससे वे खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
- 0- शिविर में मिला श्रीमती वर्षा हलदर को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत अनुज्ञा पत्ररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। नगर निगम जोन-10 कमल विहार गेट के पास देवपुरी धर्मशाला (गुरूद्वारा) में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में श्रीमती वर्षा हलदर को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत पक्के मकान के निर्माण हेतु अनुज्ञा पत्र प्रदान किया गया।श्रीमती हलदर ने उत्साह के साथ बताया कि मैं अपने परिवार के साथ किराए पर कच्चे मकान में निवासरत हूँ, लेकिन अब सुशासन तिहार में मुझे पक्का मकान बनवाने हेतु अनुज्ञा पत्र मिल गया है, जिससे अब मैं अपना पक्का मकान बनवा पाऊँगी और अपने परिवार के साथ नए मकान में ख़ुशी से रहूंगी | इस खुशी के क्षण में उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।
- रायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में इंचार्ज मेडिकल ऑफिसर डॉ.शुभ्रत सिंह ठाकुर ने घरौंदा आश्रम (दिव्यांगजन आश्रम), यूपीएचसी उरला सुपरवाइजर श्री रामनारायण निषाद ने आंगनबाड़ी केंद्र डूमर तालाब एवं स्टॉफ नर्स श्रीमती प्रेमलता साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र भनपुरी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- बिना किसी परेशानी मिला खाद, किसान श्री रेवाराम सिन्हा ने सराही उर्वरक वितरण व्यवस्थारायपुर. राज्य शासन की किसान हितैषी पहल और कृषि विभाग की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है।जिले के विकासखंड अभनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पचेड़ा के किसान श्री रेवाराम सिन्हा ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समिति केंद्र में बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गया। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका परमिट तत्काल जारी किया गया तथा आवश्यक उर्वरक भी आसानी से प्राप्त हो गया।किसान श्री रेवाराम सिन्हा ने बताया कि उनके पास लगभग नौ एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुसार 8 बोरी डीएपी, 16 बोरी यूरिया एवं 20 बोरी एसएसपी (सिंगल सूपर फॉस्फेट) खाद प्राप्त हुआ है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से किसानों का समय बच रहा है तथा खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं।श्री सिन्हा ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से खेती-किसानी के कार्यों में काफी सुविधा हुई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों के किसानों को मिल रहा है।
- 0- मेले में 104 अभ्यर्थियों का हुआ साक्षात्कार, 25 हुए शॉर्टलिस्टरायपुर. विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर द्वारा शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में जिले के औद्योगिक क्षेत्रों की 6 निजी कंपनियों ने भाग लिया।रोजगार मेले में आई ट्रेड टेलीमैटिक्स निगरानी जीपीएस द्वारा 17 अभ्यर्थी, रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 14 अभ्यर्थी, बार्बरिक ट्रांसफार्मर्स द्वारा 18 अभ्यर्थी, अविनाश डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 21 अभ्यर्थी, स्काई ऑटोमोबाइल्स (मारुति नेक्सा) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 15 अभ्यर्थी एवं विश्वभारती ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 19 अभ्यर्थी सहित कुल 104 दिव्यांग अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया, जिनमें से 25 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया उपस्थित रहे, जिन्होंने वित्त विकास निगम द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएँ, ऋण की ब्याज दरें एवं सफलता की कहानियों के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वित्त एवं विकास निगम के सलाहकार श्री राजेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थिति रहे।
- रायपुर. भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छ.ग. राज्य शाखा द्वारा आपदा राहत प्रबंधन राज्य समिति की पहली बैठक 8 जून 2026 को रेडक्राॅस भवन, रायपुर में आयोजित की जाएगी। यह बैठक दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक होगी।इस बैठक का उद्देश्य आपदा के समय जनसहभागिता एवं राहत कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित करना है। साथ ही बैठक में आगामी वर्षा, बाढ़, तूफान, शीतलहर एवं अन्य संभावित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी, स्वयंसेवकों की भूमिका तय करना, राहत सामग्री की व्यवस्था तथा राष्ट्रीय मुख्यालय से आवश्यक सहयोग प्राप्त करने संबंधी विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- 0- 12 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र एवं हितग्राहियों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड वितरित किया गयारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में चल रहे 'सुशासन तिहार 2026' के अंतर्गत आज रायपुर नगर निगम जोन 10 के 7 वार्डों के लिए जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन देवपुरी गुरुद्वारा परिसर के पास स्थित हॉल में किया गया। शिविर में रानी दुर्गावती वार्ड क्रमांक 49, पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड 50, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड 52, बाबू जगजीवन राम वार्ड 53, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड 54, रविन्द्रनाथ टैगोर वार्ड 55 एवं लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड 56 के नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं और मौके पर निराकरण के प्रयास किए गए।शिविर का रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं रायपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू ने किया।ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार के कार्यकाल में रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जा चुके हैं। पूर्ववर्ती सरकार में विकास कार्य ठप्प थे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सुशासन तिहार शिविर में अधिक संख्या में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लें और विकास कार्यों से जुड़ें।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों, मांगों और शिकायतों पर एक माह की निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विशेषकर जोन 10 के वार्डों में अवैध निर्माण संबंधी आवेदनों पर नगर निवेश विभाग द्वारा नोटिस जारी कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के 12 पात्र हितग्राहियों - बालू विश्वकर्मा, कामदेव साहू, प्रदीप सेन, हेमा बाई साहू, हिरेश साहू, कौशल्या शर्मा, लक्ष्मी पुरेना, मोना हलधर, रामदास जोशी, साद बाई, वर्षा हलधर एवं नंदकुमार गडरिया को मकान निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को नए राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं ई-श्रम कार्ड वितरित किए गए। गर्भवती माताओं की गोदभराई और नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन भी सम्पन्न हुआ।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने मौलश्री एवं महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कचनार का पौधा रोपित किया। जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।इस दौरान निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- 0- 1215 आवेदन प्राप्त, 410 का तत्काल निराकरण, हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ वितरितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आयोजित 'सुशासन तिहार 2026' के तहत आज धरसीवां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जरौद में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में नागरिकों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। कुल 1215 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 410 आवेदनों का मौके पर ही तत्काल निराकरण किया गया। शेष आवेदनों पर संबंधित विभागों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।शिविर के मुख्य अतिथि रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल रहे। कार्यक्रम में धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य ओबीसी आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांती वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।शिविर में शासकीय योजनाओं का लाभ भी मौके पर दिया गया। 20 नए राशन कार्ड, 10 पेंशन कार्ड और 10 श्रम कार्ड बनाए गए। साथ ही 46 नागरिकों के लर्निंग लाइसेंस भी शिविर स्थल पर ही निर्मित किए गए।अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। शिविर में प्राप्त शेष आवेदनों का भी तय समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे एवं जनपद पंचायत सीईओ श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शनिवार, 6 जून को शाम साढे़ छह बजे छत्रपति शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। कार्यक्रम की विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले करेंगे। इस अवसर पर मासूम अथर्व शेष पारंपरिक राज्याभिषेक उद्घोष "आस्ते कदम, आस्ते कदम, आस्ते कदम!" का पाठ करेंगे। वहीं श्रावणी मुकादम शिवाजी महिमा से संबंधित सुंदर नृत्य की प्रस्तुति देंगी। इसी तरह अभिज्ञा शुक्ला जिजाऊ माता और आरुण्य उजाला शिवाजी स्वाभिमान पर संक्षिप्त प्रस्तुति देंगे।सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के मुख्य द्वार के पास लाॅबी में शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल रमेन डेका के हस्ते होगा। वहीं इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के अभिषेक विद्याधर बक्षी निर्देशित हिंदी नाटक 'शिव शौर्य' नाटक का मंचन भी किया जाएगा। अध्यक्ष काले ने महाराष्ट्र मंडल के समस्त सभासदों सहित आमजनों से इस गौरवशाली आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है।
- 0- शिवाजी महाराज के शौर्य, धैर्य व संयम की गाथा कहने वाले इस कास्ट्यूम ड्रामा में होंगे 25 से अधिक वरिष्ठ व नए नवेले रंगसाधक0- अभिषेक विद्याधर बक्षी लिखित व निर्देशित इस ऐतिहासिक नाटक में मंच सज्जा, लाइट और संगीत होगा आकर्षण का केंद्ररायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, धैर्य व संयम को प्रतिष्ठित करता हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ का मंचन शनिवार, छह जून को शाम 6:30 बजे महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर होगा। लेखक, निर्देशक अभिषेक बक्षी के मार्गदर्शन में 25 कलाकारों की टीम पर्दे पर अभिनय करते नजर आएगी। गौरवशाली ऐतिहासिक पलों को दोबारा जीवित करने के लिए इस कास्ट्यूम ड्रामा में मंच सज्जा से लेकर लाइट, संगीत तक सभी कुछ खास और भव्य होगा। इसकी तैयारी पिछले ढाई महीने से महाराष्ट्र मंडल परिसर में जारी है।निर्देशक अभिषेक ने बताया कि मंच पर शिवाजी की केंद्रीय भूमिका वे खुद निभा रहे हैं। अनिकेत के रूप में विभिन्न शहरों में तहलका मचा चुके वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर इस नाटक में अफजल खान की क्रूर भूमिका में जान फूंकते नजर आएंगे। इसके लिए उनकी दमदार में डायलॉग डिलीवरी नाटक की बड़ी विशेषता होगी। चेतन दंडवते का लंबा रंगमंचीय अनुभव बाजी प्रभु देशपांडे की महत्वपूर्ण भूमिका को साकार कर रहा है।आकाशवाणी के प्रसिद्ध उद्घोषक दीपक हटवार नाटक 'शिव शौर्य' के सूत्रधार होंगे। श्वेता निगम बाजी प्रभु देशपांडे की पत्नी देशपांडे बाई, भारती पलसोदकर जिजाऊ माता और कीर्ति हिशीकर शिवाजी महाराज की पत्नी सई बाई और यशस्वी दंडवते दासी केसर की भूमिका को जीवंत करेंगी। इनके अलावा रविंद्र ठेंगड़ी, विनोद राखुंडे, पवन ओगले, अभय भागवतकर, पंकज सराफ़, पराग दलाल, अक्षदा मातुरकर, योगेश दंडवते, अनुष्का टेम्बे, प्रार्थना दंडवते, अतुल गद्रे, हेमंत मोहिते, गणेशा जाधव पाटिल, ज्योतिर्मय भोसले, रवि किरण दशपुत्रे भी मंच पर अपने अभियन की छाप छोड़ते नजर आएंगे। मंच सज्जा प्रवीण क्षीरसागर और संगीत संचालन परितोष डोनगांवकर का होगा। नेपथ्य में प्रकाश गुरव व उत्कर्ष हटवार होंगे। शिव शौर्य में विशेष सहकार्य रंजन मोडक का है।
- दुर्ग. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव प्रथम बटालियन, वार्ड-60 दुर्ग में वृक्षारोपण किया। साथ ही अन्य अतिथियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मंत्री श्री यादव पुलिस जवानों से संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण में उनकी सहभागिता और योगदान की सराहना की गई।मंत्री श्री यादव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति संरक्षण बेहद जरूरी है और पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला अभियान होना चाहिए। इस अवसर पर आईजी श्री अभिषेक सांडिल्य, कमांडेंट श्री राजेश कुकरेजा, जिला उपाध्यक्ष श्री शिवेंद्र परिहार, मंडल अध्यक्ष श्री मनमोहन शर्मा, पार्षद श्री गुड्ड यादव, श्री हिमांशु सिंह, श्रीमती मौसमी ताम्रकार, अभिषेक सिंह, धनंजय ठाकुर, मंगेश बोकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- 0- “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत मंत्री श्री नेताम ने किया वृक्षारोपणदुर्ग. महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा “खेत बचाओ अभियान- स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत” विषय पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सांकरा (पाटन) में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित रहे। कृषि मंत्री श्री नेताम ने इस अभियान का विधिवत शुभारंभ करते हुए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि आर. सक्सेना, जितेन्द्र वर्मा, सभापति नीलम राजेश चंद्राकर, सरपंच रवि सिगौर, हर्षा लोकमणी चंद्राकर, दिलीप साहू, कमलेश चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित “खेत बचाओ, पर्यावरण बचाओ” अभियान वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है तथा इसका प्रतिकूल प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। आज अनेक बीमारियां बढ़ रही हैं, जिसका एक प्रमुख कारण दूषित पर्यावरण एवं असंतुलित कृषि पद्धति है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान करते हुए कहा कि मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा जल संरक्षण के माध्यम से कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आवश्यकतानुसार संसाधन उपलब्ध कराने तथा कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि हम अधिक से अधिक पौधे लगाते हैं तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण और पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। उन्होंने वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भूमि एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि किसानों के हित में रासायनिक खेती के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का संस्कार हमें बचपन से परिवार और समाज से मिलता है। जल, जंगल, जमीन और जीव-जंतु एक-दूसरे पर आश्रित हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने एवं जल संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी से संबंधित विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनका कृषि मंत्री रामविचार नेताम एवं सांसद विजय बघेल ने अवलोकन किया। इस अवसर पर किसानों को कृषि किट का वितरण भी किया गया। तत्पश्चात “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय द्वारा पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, भूमि संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।कुलपति प्रो. रवि आर. सक्सेना ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 600 पौधों का रोपण किया गया था, जबकि इस वर्ष 800 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अमित दीक्षित ने दिया।
- 0- न्यायालय परिसर में हुआ व्यापक वृक्षारोपणदुर्ग. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के परिपालन में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा विभिन्न पर्यावरणीय एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, दुर्ग तथा जिला अधिवक्ता संघ परिसर में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीशगण, जिले से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्य, अधिवक्तागण, न्यायालयीन अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने पौधारोपण कर हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु अपने दायित्वों के निर्वहन का संदेश दिया। जिसमें आम, नीम, बादाम, जामुन, चमेली सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।कार्यक्रम की विशेषता न्यायपालिका, अधिवक्ता समुदाय एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के मध्य दिखाई देने वाला पारस्परिक सम्मान एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण रहा। न्यायालय परिसर में उपस्थित सभी वर्गों ने एक परिवार की भाँति मिलकर पौधारोपण किया, जिससे पर्यावरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता, न्यायालय परिवार की एकता एवं सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत हुआ, जिसने आयोजन को और अधिक गरिमामय एवं सफल बनाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा पैरालीगल वालेंटियर्स के सहयोग से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन विषयक जनजागरूकता शिविरों एवं कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के महत्व के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा जनसामान्य को जागरूक करने हेतु पर्यावरण संरक्षण संबंधी पाम्पलेट, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया गया। साथ ही न्यायालय परिसर एवं अन्य उपयुक्त स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता गतिविधियाँ संचालित कर लोगों को प्रकृति के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने आमजन से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण हितैषी गतिविधियों में सहभागिता कर भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
- दुर्ग. खरीफ सीजन में धान उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा मृदा स्वास्थ्य सुधारने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जिले में नील-हरित काई (ब्लू ग्रीन एल्गी-बीजीए) का उत्पादन एवं उपयोग हेतु प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। किसान भाई अपने घर या खेत की खाली जमीन पर बेहद कम खर्च में ’नील हरित टांका’ बनाकर इसे खुद तैयार कर सकते हैं।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान के अंतर्गत जिले में लगभग 217 नील हरित काई उत्पादन टांकों का निर्माण किया गया है, जहां किसानों को उत्पादन तकनीक एवं उपयोग संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। नील-हरित काई एक प्रकार का जैविक उर्वरक है, जो पानी भरे हुये धान के खेत में तेजी से पनपता है और हवा में मौजूद नाइट्रोजन को सोखकर उसे पौधे के ग्रहण करने योग्य रूप में बदल देता है। चूंकि धान की फसल को सबसे ज्यादा नाइट्रोजन (यूरिया) की जरूरत होती है, इसलिए इसके उपयोग से खेत को प्राकृतिक रूप से भरपूर नाइट्रोजन मिलती है, जिससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम हो जाती है और पैदावार बढ़ जाती है। इसे तैयार करने के लिए जमीन पर 2 मीटर लंबी, 1-1.5 मीटर चौड़ी और 9 इंच गहरी एक क्यारी या गड्ढा (टांका) बनाकर, पानी के रिसाव को रोकने के लिए उसमें अच्छी क्वालिटी की मोटी प्लास्टिक (पॉलीथिन) शीट बिछाई जाती है।इसके बाद टांकें में 25 से 30 किलोग्राम साफ छनी हुई उपजाऊ मिट्टी फैलाकर, उसमें 200-250 ग्राम बुझा हुआ चूना और 200 ग्राम सिंगल सुपर फास्फेट प्रति वर्गमीटर के हिसाब से छिड़क कर 6 इंच पानी भर दिया जाता है। पानी स्थिर होने के बाद, इसमें 100 ग्राम प्रति वर्गमीटर के हिसाब से नील हरित शैवाल का ’मदर कल्चर’ समान रूप से छिड़का जाता है, जिससे तेज धूप में मात्र 10 से 12 दिनों के भीतर पानी की सतह पर शैवाल की मोटी नीली-हरी परत तैरने लगती है, जिसे पानी सूखने पर पपड़ी के रूप में इकट्ठा कर लिया जाता है। धान की रोपाई (या बियासी) के लगभग 7 दिन बाद, जब खेत में 2 से 3 इंच पानी भरा हो, तब प्रति एकड़ 4 किलोग्राम नील-हरित काई के सूखे पाउडर को बारीक मिट्टी या रेत में मिलाकर पूरे खेत में समान रूप से छिड़काव करना चाहिए और कम से कम 5-6 दिनों तक खेत में पानी भरा रहने देना चाहिए। इसके उपयोग से प्रति एकड़ लगभग 20 से 25 किलोग्राम यूरिया के बराबर नत्रजन की पूर्ति होती है और धान की उपज में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि प्राप्त की जा सकती है। साथ ही, मिट्टी की जल धारण क्षमता मजबूत होती है जिसका लाभ धान के बाद ली जाने वाली रबी फसलों (जैसे-चना, तिवड़ा) को भी मिलता है। कृषि विभाग ने अपील की है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए किसान भाई रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग कम करें और इस पर्यावरण-अनुकूल जैविक खाद को अपनाएं। अधिक जानकारी या मदर कल्चर की उपलब्धता के लिए किसान मित्र, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
- 0- 31 जुलाई तक जिले के मेधावी बच्चे कर सकेंगे पंजीयनदुर्ग. भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रतिष्ठित ’प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ (पीएमआरबीपी) वर्ष 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले मेधावी युवा बच्चों को सम्मानित करने के उद्देश्य से इस पुरस्कार के लिए पोर्टल खोल दिया गया है, जिसमें आगामी 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। यह राष्ट्रीय पुरस्कार मुख्य रूप से छह विशिष्ट श्रेणियों के अंतर्गत प्रदान किया जाता है। इसके तहत वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाले और समाज में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभावान बच्चों को रेखांकित किया जाता है। इस पुरस्कार हेतु केवल वही बच्चे पात्रता रखेंगे जिनकी आयु सीमा 18 वर्ष से कम निर्धारित की गई है।जिला प्रशासन ने जिले के सभी अर्हता और योग्यता रखने वाले प्रतिभावान बच्चों तथा उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे पुरस्कार के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीयन अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से पूर्व भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (https://awards.gov.in) पर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। इस संबंध में किसी भी प्रकार की विस्तृत शैक्षणिक या तकनीकी जानकारी, पात्रता की शर्तों अथवा मार्गदर्शन के लिए नागरिक कार्यालयीन समय में श्कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-दुर्गश् में सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विभाग के दूरभाष नंबरों 0788-2213363 तथा 2323704 पर भी कार्यालयीन अवधि में संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- दुर्ग. भारत सरकार गृह मंत्रालय महानिदेशालय अग्निशमन सेवा नई दिल्ली एवं मुख्यालय नगर सेना रायपुर द्वारा ग्रीष्म ऋतु के दौरान आवासीय और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए अग्निसुरक्षा संबंधित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिला सेनानी एवं जिला अग्निश्मन अधिकारी नगर सेना से प्राप्त जानकारी अनुसार-1- आग से सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें, रिहायशी इमारतें (गर्मी का मौसम)क्या करें-घर की बिजली की वायरिंग और बिजली उपकरण, खासकर एयर-कंडीशनर, कूलर और रेफ्रिजरेटर का समय-समय पर निरीक्षण ज़रूर करें। बिजली उपकरण का इस्तेमाल सावधानी से करें और जब इस्तेमाल न हो रहा हो तो बिजली उपकरण को बंद कर दें। सिर्फ़ आईएसआई-मार्क (सही रेटिंग) वाले बिजली के उपकरण इस्तेमाल करें और ढीले कनेक्शन से बचें। बिजली के उपकरणों का लगातार इस्तेमाल न करें। रेजिडेंशियल यूनिट के लिए कम्पैटिबल इलेक्ट्रिक लोड पक्का करें। जब बिजली उपकरण इस्तेमाल में न हों, तो उन्हें बंद कर दें, खासकर जब बहुत ज्यादा गर्मी हो। एलपीजी सिलेंडर को सीधा रखें और साबुन के घोल से लीकेज चेक करें। पर्दे, लटकने वाली चीजें, दीये, मोमबत्तियां, अगरबत्ती वगैरह जैसी खुली लौ को पावर सॉकेट से दूर रखें। ओवरहीटिंग से बचने के लिए सही वेंटिलेशन बनाए रखें। इमरजेंसी में इस्तेमाल के लिए पानी/रेत की बाल्टियां आसानी से उपलब्ध रखें। परिवार के सभी सदस्यों को आग से सुरक्षा के तरीकों और इमरजेंसी में मदद (101/112 पर डायल करें) के बारे में बताएं। बालकनी, कॉरिडोर और सीढ़ियों को फालतू सामान से मुक्त रखें। पक्का करें कि बिल्डिंग की आने-जाने वाली सड़कें फायर सर्विस की गाड़ियों के लिए बिना रुकावट वाली हों।क्या न करें-बिजली के सॉकेट पर ज़्यादा लोड न डालें या एक ही एक्सटेंशन बोर्ड पर कई ज़्यादा लोड वाले उपकरण इस्तेमाल न करें। बिजली की तारें ढीली न रखें। बिजली खींचने वाले उपकरण जैसे ।ब् कंप्रेसर वगैरह को एक-दूसरे के पास न रखें। खाना बनाते समय, खासकर गर्मियों में, बिना ध्यान दिए न छोड़ें। घर के अंदर ज्वलनशील पदार्थ (केरोसीन, पेट्रोल, पटाखे) न रखें। खराब तार, ढीले प्लग या घटिया इलेक्ट्रिकल फिटिंग का इस्तेमाल न करें। बाहर निकलने के रास्ते या सीढ़ियों को फर्नीचर या स्टोरेज से ब्लॉक न करें। बिजली के उपकरणों को पर्दों या जलने वाली चीज़ों के पास न रखें। रात भर बिना देखरेख के डिवाइस चार्ज न करें। घर के अंदर कचरा न जलाएं। एलपीजी सिलेंडर को बंद या खराब हवादार जगहों पर न रखें। जलती हुई सिगरेट, मोमबत्तियां, केरोसीन लैंप को लापरवाही से न फेंके. इनसे खतरनाक आग लग सकती है।विशेष ग्रीष्मकालीन सलाह-कूलिंग डिवाइस के ज़्यादा इस्तेमाल से ओवरहीटिंग हो सकती है - सही वायरिंग और लोड डिस्ट्रिब्यूशन पक्का करें। टेम्पररी या कामचलाऊ बिजली कनेक्शन से बचें। इन्वर्टर/बैटरी सिस्टम को ओवरहीटिंग और सही वेंटिलेशन के लिए चेक करें।2-आग से सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें कमर्शियल जगहें (गर्मी का मौसम)-(ऑफिस, दुकानें, मार्केट, मॉल, संस्थागत, वगैरह)क्या करें-लोकल फायर अथॉरिटी के नियमों के अनुसार फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें। लोकल अथॉरिटी के नियमों के अनुसार फायर प्रोटेक्शन सिस्टम (फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेट, स्प्रिंकलर, अलार्म सिस्टम) लगाएं और उनका रखरखाव करें। समय-समय पर फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिकल ऑडिट/निरीक्षण करें। कर्मचारियों को आग से बचाव, निकलने के तरीकों और फायरफाइटिंग इक्विपमेंट के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दें। इमरजेंसी एग्ज़िट साफ़, रोशन और ठीक से मार्क किए हुए रखें। जलने वाला कचरा जमा होने से बचाने के लिए सही हाउसकीपिंग का ध्यान रखें। इलेक्ट्रिकल पैनल, सर्वर रूम और क्ळ सेट के लिए सही वेंटिलेशन और आग से बचाव के सिस्टम दें। इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर साफ़-साफ़ दिखाते रहें। आग बुझाने के लिए पानी का खास स्टोरेज बनाए रखें और आसानी से पहुंचने लायक जगह पक्का करें। साल में कम से कम दो बार मॉक ड्रिल करें।क्या न करें-इमरजेंसी एग्जिट, सीढ़ियों या आग लगने की जगह को ब्लॉक न करें। आग पकड़ने वाली चीज़ों को तय लिमिट से ज़्यादा या बिना इजाज़त वाली जगहों पर स्टोर न करें। बिना चालू आग का पता लगाने और बुझाने वाले सिस्टम के काम न करें। इलेक्ट्रिकल सर्किट पर ज़्यादा लोड न डालें या टेम्पररी वायरिंग का इस्तेमाल न करें। स्पार्क्स, शॉर्ट सर्किट या इक्विपमेंट के ओवरहीटिंग को नज़रअंदाज़ न करें। फायर सेफ्टी पर असर डालने वाले बिना इजाज़त स्ट्रक्चरल बदलाव की इजाज़त न दें। फायर अलार्म या स्प्रिंकलर, हाइड्रेट सिस्टम जैसे फायर प्रोटेक्शन सिस्टम को बंद न करें। बिजली के पैनल या बचने के रास्तों के पास सामान न रखें।विशेष ग्रीष्मकालीन सलाह-कूलिंग सिस्टम की वजह से बढ़े हुए इलेक्ट्रिकल लोड के लिए लोड बैलेंसिंग और मॉनिटरिंग की ज़रूरत होती है। पक्का करें कि ट्रांसफॉर्मर, डीजी सेट और एचवीएसी सिस्टम की रेगुलर सर्विस हो। गर्मियों के पीक महीनों में इंस्पेक्शन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाएँ। जलती हुई सिगरेट को लापरवाही से न फेंकें, इससे खतरनाक आग लग सकती है। किचन, स्टोरेज रूम और सर्वर रूम जैसी ज्यादा रिस्क वाली जगहों पर खास ध्यान दें।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समग्र शिक्षा अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन एवं सर्वेक्षण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने शून्य से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन हेतु जिले में व्यापक सर्वे अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस अभियान के लिए समाज कल्याण, जिला शिक्षा अधिकारी, एडीपीओ, डीएमसी, महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में समग्र शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यह सर्वेक्षण दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 (त्च्ूक् ।बज 2016) में वर्णित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर से विकासखंड, संकुल एवं विद्यालय स्तर तक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सर्वे के दौरान दृष्टिबाधित, कम दृष्टि, श्रवण बाधित, कुष्ठ रोग से मुक्त होने के बावजूद शारीरिक विकृति से प्रभावित, जीर्ण स्नायविक स्थिति सहित अन्य दिव्यांगताओं से प्रभावित बच्चों की पहचान की जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना, उनका नामांकन सुनिश्चित करना तथा आवश्यकता अनुसार शैक्षणिक सहयोग एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना है।कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि यह सर्वे व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। इसके तहत विकासखंड एवं क्लस्टर स्तर पर बीआरपी एवं स्पेशल एजुकेटर द्वारा सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन सहित जमीनी स्तर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक को ‘इंक्लूसिव एजुकेशन एंबेसडर’ के रूप में चिन्हित कर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।कलेक्टर ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास या परिचय में कोई दिव्यांग बच्चा हो तो उसकी जानकारी, नाम एवं पता श्री आई.के. रामटेके (मो. 9424108869) तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर गीता साहू (मो. 6268091891) से संपर्क अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी साझा किया जा सकता है। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर चिन्हित बच्चों को आवश्यक सुविधाओं, संसाधनों एवं योजनाओं से जोड़ते हुए समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में समग्र शिक्षा अधिकारी श्री विनोद सिन्हा, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, एडीपीओ , डीएमसी के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. आधुनिक कृषि तकनीकें किस तरह किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं, इसकी जीती-जागती मिसाल पेश की है दुर्ग जिले के ग्राम नागपुरा के किसान श्री भगत राम साहू ने। भगत राम ने खेती की पुरानी परिपाटी को छोड़ते हुए ’नैनो यूरिया’ और ’नैनो डीएपी’ जैसी अत्याधुनिक तरल (लिक्विड) खाद को अपनाया है। इस छोटे से बदलाव ने उनकी धान की फसल का कायाकल्प कर दिया, साथ ही नगदी फसल के रूप में ली जाने वाली हरी सब्जियों के उत्पादन को भी एक नई ऊंचाई दी है। प्रगतिशील किसान भगत राम बताते हैं कि पहले वे पारंपरिक रासायनिक खादों का उपयोग करते थे। बाजार से भारी-भरकम बोरियां खरीदकर लाना, उन्हें सुरक्षित रखना और फिर पीठ पर लादकर खेतों में छिड़काव करना बेहद थकाऊ और खर्चीला काम था। इस परेशानी को देखते हुए कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों ने उन्हें नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल की सलाह दी। लिक्विड खाद की छोटी शीशियों को देखकर शुरुआत में उन्हें थोड़ा संशय हुआ, लेकिन जब उन्होंने इसका छिड़काव किया तो फसल का रंग-रूप ही बदल गया। धान के पौधे पहले से कहीं अधिक मजबूत, रोगमुक्त और चमकदार नजर आने लगे, जिससे उत्पादन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।भगत राम के अनुसार, नैनो उर्वरकों ने उनकी खेती को बेहद सुगम बना दिया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सीधे पौधों की पत्तियों पर काम करती है, जिससे खाद की बर्बादी नहीं होती। उन्होंने इसका सफल प्रयोग टमाटर, लौकी और अन्य सब्जियों पर भी किया, जहाँ संतुलित पोषण मिलने से सब्जियों की गुणवत्ता सुधरी और बाजार में उन्हें इसके प्रीमियम दाम मिलने लगे। सबसे बड़ी राहत लागत के मोर्चे पर मिली; पारंपरिक खाद की तुलना में नैनो खाद का खर्च बेहद कम है और परिवहन व भंडारण में लगने वाला श्रम और समय भी आधा रह गया है। कम लागत में बंपर उत्पादन मिलने से भगत राम की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है और अब वे अपने क्षेत्र के अन्य साथी किसानों को भी इस वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका यह प्रयोग साबित करता है कि अगर सही मार्गदर्शन मिले तो छत्तीसगढ़ का किसान कम खर्च में भी अपनी आय दोगुनी कर सकता है। नागपुरा गाँव से उठी यह बदलाव की लहर अब पूरे जिले के किसानों को समृद्धि की एक नई राह दिखा रही है।






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