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राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की गई। सीईओ जिला पंचायत ने विभिन्न विभागों एवं योजनाओं से संबंधित निष्क्रीय एवं बंद खातों की जानकारी ली और बचत राशि को शासन को भेजने कहा। उन्होंने हर घर सोख्ता गड्ढा अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर क्रियान्वयन करने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित नवीन आवासों में अनिवार्य रूप से सोख्ता गड्ढ़ा का निर्माण कराने तथा ग्रामीणों को जागरूक करने कहा। सीईओ जिला पंचायत ने इन्जेक्शन वेल, वाटर रिचार्ज शॉंप, रैन वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढा फिल्डर की साफ-सफाई कार्य को समय-समय पर अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा अन्तर्गत निर्माणाधीन कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराने कहा। उन्होंने योजना के तहत आवास निर्माण पूर्ण हो चुके आवासों का तत्काल सीसी लगाने के लिए निर्देशित किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने 1 मई से 31 मई तक चलने वाले सुशासन तिहार समाधान शिविर की सभी आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रत्येक शनिवार को ग्रामों में स्वच्छता त्यौहार मनाने तथा कचरा संग्रहण की निरंतरता बनाने कहा। स्वच्छताग्राहियों का प्रोत्साहन राशि नियमित रूप से प्रदाय करने हेतु निर्देशित किया। बैठक में बताया गया कि मोर गांव मोर पानी योजना अन्तर्गत प्रत्येक जनपद को 4 तालाब निर्माण के कार्य को चिन्हांकित करने का लक्ष्य दिया गया है। इस कार्य हेतु सीएलएफ को आजीविका गतितिविधि से जोड़ते हुए मछली पालन, सिंघाड़ा उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु प्रेरित करने कहा। बैठक में एसबीएम, एनआरएलएम, पंचायत सेक्टर, समर्थ पोर्टल, क्यूआर कोड, हरघर जल योजना सहित अन्य योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कान्फ्र्रेसिंग के माध्यम से जिले के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, जनपद पंचायत में पदस्थ मनरेगा, एसबीएम, एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के पीओ एवं ब्लाक समन्वयक, विभिन्न बैंक शाखा प्रबंधक एवं जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए। -
राजनांदगांव । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री जितेन्द्र यादव ने पुलिस विभाग राजनांदगांव से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर बख्तावर चाल तुलसीपुर गली नंबर 1 वार्ड नंबर 17 थाना कोतवाली राजनांदगांव निवासी आरोपी आकाश साहू के आपराधिक गतिविधियों का अन्य कानूनी प्रावधानों से रोकथाम नहीं होने तथा अपराधिक गतिविधियों से शांति व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पडऩे की संभावना के दृष्टिगत आगामी 3 माह के लिए राजनांदगांव जिले के चारों दिशाओं की राजस्व सीमाओं से हट जाने (जिला बदर) का आदेश पारित किया है। आरोपी आकाश साहू को आदेश जारी होने के एक सप्ताह के भीतर राजनांदगांव जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर चले जाने एवं 3 माह की कालावधि अर्थात 23 जुलाई 2026 के पहले प्रवेश नहीं करने के आदेश दिए गए है। आदेश का पालन नहीं करने पर बलपूर्वक राजनांदगांव जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर निकाल दिया जाएगा। इसके बाद भी आदेश का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनिमय 1980 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- -समिति गठन, प्रशिक्षण और “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों पर जोररायपुर ।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करें । उन्होंने कहा कि परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ज्ञान-संपदा मिल सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें।मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सर्वे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति का गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया। यह अभियान पूरे देश के लिए ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य के दौरान पांडुलिपियों के स्वामित्व अधिकारों का सम्मान, बिना अनुमति स्थानांतरण न करने और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- - अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे से लगभग 1.5 लाख ईंट किया गया जप्तराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम जामरी एवं मुड़पार में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम जामरी एवं मुड़पार का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम जामरी में नाले के पास अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए 2 ट्रैक्टर पाए गए। मौके पर राजस्व विभाग की टीम के पहुंचते ही दोनों ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर का इंजन लेकर फरार हो गए। राजस्व विभाग द्वारा दोनों ट्रॉलियों में भरी रेत को ट्रॉली सहित जप्त कर थाना बोरतलाव को सुपुर्द किया गया। साथ ही मौके पर हेमलाल सिन्हा द्वारा अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे पर कार्रवाई करते हुए लगभग 1.5 लाख ईंट जप्त किया गया। कार्रवाई में एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, नायब तहसीलदार सुश्री मेघा जैन एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।
- -नक्सल गढ़ में विकास की नई जीतरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज हुई है। रोड कनेक्टिविटी के विस्तार ने यहां के ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में वनांचल और नियद नेल्लानार क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पोलमपल्ली से अरलमपल्ली तक 7 किलोमीटर लंबी डामरीकृत सड़क का निर्माण 4 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराया जा रहा है। यह सड़क निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है, जिसके बन जाने से विकासखंड मुख्यालय कोंटा की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी।यह मार्ग डब्बाकोंटा, कोलाईगुड़ा, एंटापाड़, बुर्कलंका, पालाचलमा और गट्टापाड़ जैसे पूर्व में नक्सल प्रभावित गांवों को जोड़ता है। पहले जर्जर रास्तों और नक्सली गतिविधियों के कारण यहां आवागमन अत्यंत कठिन था, लेकिन अब पुलिस कैंपों की स्थापना और प्रशासनिक सक्रियता से हालात बदले हैं। कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। स्थानीय निवासी मड़काम भीमा ने बताया कि सड़क बनने से कोंटा तक पहुंचना आसान हो गया है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है।
- - कलेक्टर ने दी जमाखोरी और अधिक वसूली पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनीराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में घरेलू गैस आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ऑयल कंपनी के सेल्स ऑफिसर, जिला खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक तथा जिले की 15 गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान ऑयल कंपनी के सेल्स ऑफिसर ने जानकारी दी गई कि जिले में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और मांग के अनुरूप नियमित वितरण किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में 98 हजार 774 गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की गई, वहीं मार्च 2026 में 93 हजार133 सिलेंडर रिफिल के रूप में प्रदाय किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है और सामान्य परिस्थितियों की भाति वितरण जारी है।कलेक्टर ने डिलीवरी में विलंब की शिकायत पर 3 एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए। अधिकांश एजेंसियां बुकिंग के एक सप्ताह के भीतर डिलीवरी कर रही हैं। हालांकि, मेसर्स जेके एंड संस एचपी गैस राजनांदगांव, मेसर्स होम प्राइड इंडेन गैस राजनांदगांव और मेसर्स प्रोमिनेंट गैस एजेंसी डोंगरगढ़ में बुकिंग के विरूद्ध डिलीवरी में विलंब की समस्या है। कलेक्टर ने संबंधित एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।कलेक्टर ने सभी गैस एजेंसी संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडरों की जमाखोरी न की जाए तथा उपभोक्ताओं से डिलीवरी या अन्य सुविधाओं के नाम पर निर्धारित दर से अधिक राशि की वसूली न की जाए। डिलीवरी में अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरूद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को गैस गोदामों का नियमित निरीक्षण करने और सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। यदि किसी उपभोक्ता को गैस बुकिंग या डिलीवरी में समस्या आती है, तो वे टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 एवं हेल्पलाइन नंबर 1967 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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- अवैध कब्जों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
- नवीन भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त, आगामी सत्र में विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
- कलेक्टर ने स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा शहर स्थित महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला परिसर में वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए परिसर को पूर्णत: अतिक्रमण मुक्त कराया गया। तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग एवं लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने बुधवार को महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक आदर्श कन्या शाला के नवीन भवन निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस भवन के निर्माण हेतु 121.16 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परिसर अतिक्रमण मुक्त होने के बाद अब निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्कूल परिसर में स्थित अत्यंत पुराने एवं जर्जर शासकीय आवासों पर कुछ शासकीय कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से अवैध रूप से काबिज थे। प्रशासन द्वारा पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कब्जाधारियों द्वारा आवास खाली नहीं किया गया। इसके पश्चात अंतिम 10 दिवस का नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान यह पाया गया कि संबंधित भवन अत्यंत जर्जर एवं असुरक्षित स्थिति में थे, जिन्हें लोक निर्माण विभाग की सहायता से ध्वस्त किया गया। महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक आदर्श कन्या शाला जिले का एक पुराना एवं महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान है। नवीन स्कूल भवन के निर्माण से आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं आधुनिक शैक्षणिक वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि एवं संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों के विरूद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। - रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी के डंगनिया औषधालय द्वारा विद्युत कर्मियों के लिए निःशुल्क बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) एवं न्यूरो संबंधी समस्याओं के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर मे तीनों कंपनियों जनरेशन , ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन के कर्मियों ने न्यूरो एवं आर्थो के विशेषज्ञों से परामर्श एवं जाॅच की सुविधा प्राप्त की।डंगनिया औषधालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ . एच .एल पंचारी ने बताया कि शिविर में मरीजों द्वारा हड्डी संबन्धित, सुन्नपन, पीठ या गर्दन में दर्द जैसी समस्याओं के लिए परामर्श एवं जाॅच की सुविधाओं का लाभ लिया गया एवं बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) हेतु निःशुल्क परामर्श एवं जाॅच की सुविधा प्रदान की गई। विद्युत कंपनी के अधिकारी,कर्मचारी,पेंशनर्स एवं आश्रित परिवारजनों कुल 117 लोगों को निःशुल्क परीक्षण की सुविधा प्राप्त हुई।इस शिविर में डाॅ .प्रफुल्ल महाकालकर एमबीबीएस ,एम एस ए एमसीएच (न्यूरो सर्जरी) एवं डाॅ .अभिषेक त्रिपाठी एमबीबीएस, एमएस (आर्थों) ने सेवाएं दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ .इंदू साहू,चिकित्सा अधिकारी डाॅ . श्वेता जैन उपस्थित थी।
- -लगभग 920 करोड़ रुपए का होगा संभावित भुगतान-तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में जुड़े 13 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवाररायपुर /छत्तीसगढ़ और अन्य वन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता को हरा सोना कहा जाता है, जो आदिवासियों और वनवासियों की आजीविका का मुख्य साधन है। हाल के नीतिगत बदलावों और सरकारी पहलों के कारण इन संग्राहकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य शासन द्वारा लघु वनोपज संग्राहकों, विशेषकर आदिवासी समुदाय की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 से प्रति मानक बोरा की दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए कर दी गई है, जिसका सीधा लाभ लाखों ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। वर्ष 2026 में राज्य के 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के अंतर्गत 902 प्राथमिक समितियों में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य प्रस्तावित है। इस वर्ष लगभग 15 लाख से अधिक मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का अनुमान है। एक मानक बोरे में 1000 गड्डियां होती हैं और प्रत्येक गड्डी में 50 पत्ते शामिल रहते हैं।लगभग 11 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण होने की संभावनाबस्तर संभाग के 10 जिला यूनियनों की 216 समितियों में करीब 4 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। वहीं अन्य 21 यूनियनों की 868 समितियों में लगभग 11 लाख मानक बोरा संग्रहण होने की संभावना है। इस कार्य से प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार जुड़े हैं। बस्तर संभाग में वर्ष 2025 के 3.90 लाख परिवारों की तुलना में इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 4.04 लाख हो गई है। इस साल अब तक 14 हाजर 57 नए परिवार इस कार्य से जुड़े हैं।10 नए फड़ और बेहतर तैयारीनारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ों की स्थापना की गई है, जहां 2100 से अधिक मानक बोरा संग्रहण का अनुमान है। इसके अलावा सुकमा और केशकाल क्षेत्रों में भी नए फड़ जोड़े गए हैं। पिछले वर्ष नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बाधाओं के कारण 351 फड़ों में संग्रहण नहीं हो सका था, लेकिन इस वर्ष सभी फड़ों में कार्य शुरू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।सुगम संचालन और पारदर्शी भुगतानसंग्रहण कार्य को सुचारू बनाने के लिए संग्राहक कार्ड, बोरा, सुतली, गोदाम और परिवहन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही तेन्दूपत्ता के भंडारण का बीमा भी कराया जा रहा है। संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी।920 करोड़ रुपये का संभावित भुगतानइस वर्ष निर्धारित दर के अनुसार संग्राहकों को लगभग 920 करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। इससे ग्रामीण और आदिवासी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। तेन्दूपत्ता संग्रहण को लेकर सरकार की यह पहल न केवल वनवासियों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- महासमुंद / रायपुर में संचालित विभागीय आवासीय खेल अकादमी तीरंदाजी (बालक/बालिका), फुटबॉल (बालिका) एवं वेटलिफ्टिंग (बालक/बालिका) चयन ट्रायल का आयोजन 28 एवं 29 अप्रैल 2026 को तथा हॉकी (बालक/बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक/बालिका) का चयन ट्रायल का आयोजन 30 अप्रैल से 01 मई 2026 तक समय प्रातः 07.00 बजे से खेल अकादमी संचालन नियम 2014 के अनुसार किया जा रहा है। इस चयन ट्रायल में राज्य के बालक/बालिका खिलाड़ी एवं अन्य राज्यों के 13-17 आयु वर्ग के खिलाड़ी सम्मिलित हो सकते है। जिसमें प्रथम दिवस खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा, रायपुर में तथा द्वितीय दिवस खेल कौशल परीक्षण तीरंदाजी खेल चयन ट्रायल हेतु तीरंदाजी एरिना बालिका खेल छात्रावास के सामने मैदान रायपुर में, हॉकी खेल चयन ट्रायल हेतु सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-02 बालक खेल छात्रावास के सामने रायपुर में तथा फुटबॉल, एथलेटिक्स एवं वेटलिफ्टिंग खेल हेतु स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा, रायपुर में किया जाएगा।चयन ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति के द्वारा खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम 2014 अंतर्गत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक व्यय, खेल परिधान, प्लेईंग किट, दुर्घटना बीमा आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। आवासीय खेल अकादमी, हेतु चयन ट्रायल का आयोजन निर्धारित तिथि और स्थल पर किया जाएगा। चयन ट्रायल में सम्मिलित होने हेतु खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण के जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते है, साथ ही खिलाड़ी सीधे आयोजन तिथि के प्रथम दिवस स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा रायपुर में प्रातः 07ः00 बजे से पंजीयन करा कर सम्मिलित हो सकते है।
- रायपुर । प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में राज्य की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से आजादी के बाद पहली बार सूरजपुर जिले के वनांचल क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल साकार हुई है। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों और आश्रित टोलों के विद्युतीकरण के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं।दर्जनों गांवों में पहुंचेगी बिजली, बदलेगा जीवन स्तरमंत्री श्रीमती राजवाड़े की पहल पर कोल्हुआ: पुराना स्कूलपारा, खासपारा, जमतीपारा और बोकराटोला-2 के विद्युतीकरण को मंजूरी दी गई महुली: हरिजनपारा, खासपारा-1 व 2, पांडोपारा, पोखरापारा, स्कूलपारा, पहेतापारा और पहाड़पारा में बिजली विस्तार का कार्य होगा।करोटी: खासपारा, इमलीडीह, पोड़ीडोल, पोरतेपारा, परसापारा और गुलरडांडपारा जैसे क्षेत्रों में रोशनी पहुँचेगी।चोंगा: मधवानीपारा, आमपारा, खासपारा और श्यामपारा के निवासियों को बिजली की सुविधा मिलेगी।इसके साथ ही कछवारी (पांडोपारा, स्कूलपारा), खैरा (रेडियापारा-1 व 2), नवडीहा (मेन रोड) और कछिया (नवडीहा चौक) में भी विद्युतीकरण का कार्य किया जाएगा। इन क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार नियमित विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे व्यापक स्तर पर ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी।परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सूरजपुर के कार्यपालन अभियंता को सौंपी गई है, ताकि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित हो सके।वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की यह लंबे समय से प्रमुख मांग रही है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस विषय को प्राथमिकता में रखते हुए लगातार विभागीय स्तर पर समन्वय किया, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की लागत से 28 से अधिक विद्युतीकरण कार्यों को मंजूरी मिली।इस पहल से न केवल घरों में उजाला होगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और स्थानीय रोजगार एवं छोटे व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंच रही है।
- -निर्माण कार्य, शादी-ब्याह और खेती के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील-हाई-वोल्टेज लाइनों के पास धातु की सीढ़ी और गीले बांस का उपयोग पड़ सकता है भारीराजनांदगांव । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने विद्युत दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उपभोक्ताओं से बिजली के प्रति सजग रहने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते बिजली उपयोग और विस्तृत वितरण प्रणाली के बीच एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।श्री सेलट ने बताया कि अक्सर गर्मी और प्री-मानसून सीजन में निर्माण कार्यों के दौरान दीवारों की तराई करते समय, राजमिस्त्री द्वारा काम करते समय या बिजली लाइनों के पास लोहे की सीढ़ी व एंगल के टकराने से दुखद हादसे होते हैं। इसके अलावा, शादी-ब्याह के पंडालों, खेतों में अवैध बिजली प्रवाह और जीआई (लोहे) के तारों पर कपड़े सुखाने जैसी छोटी गलतियां भी बड़े हादसों को निमंत्रण देती हैं।सुरक्षा हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश:-लाइनों के नीचे निर्माण से बचें:- 33 के.व्ही., 11 के.व्ही. या एलटी लाइनों के नीचे निर्माण कार्य न करें। यदि अनिवार्य हो, तो विभाग में आवेदन देकर लाइन शिफ्ट कराएं या सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आंधी-तूफान में टूटे तारों या गिरे खंभों को हाथ न लगाएं, वे ऊर्जित हो सकते हैं। इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। बिजली लाइनों के पास लोहे की सीढ़ी, लंबे पाइप या गीले बांस का उपयोग कतई न करें। हाई-वोल्टेज बिजली हवा के माध्यम से भी आर्क बना सकती है। खेतों या घरों में कटिया लगाकर या असुरक्षित तरीके से बिजली का उपयोग करना कानूनन अपराध और जानलेवा है। राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलों के उपभोक्ताओं से आग्रह करते हुए कार्यपालक निदेशक ने कहा, आपके जीवन से बढ़कर कुछ भी नहीं है। बिजली के प्रति आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपके और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है। उन्होने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति या बिजली संकट की स्थिति में तुरंत नजदीकी बिजली कार्यालय को सूचित करें।अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी पर कड़ी कार्रवाईकार्यपालक निदेशक ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी व्यक्ति आपूर्ति लाइनों से अवैध कनेक्शन (कटिया) लेता है, कम खपत दर्ज करने के लिए मीटरों से छेड़छाड़ करता है या अनधिकृत उद्देश्यों के लिए बिजली का उपयोग करता है, उनके विरुद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।जागरूक बनें, सुरक्षित रहेंईडी श्री सेलट ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी सुरक्षित बिजली उपयोग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, बिजली के उपयोग में थोड़ी सी अज्ञानता या लापरवाही आपके पूरे परिवार के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। बिजली का वैध और सुरक्षित उपयोग ही आपकी सुरक्षा की गारंटी है।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में नो प्लास्टिक अभियान की ब्रांड एंबेसडर श्रीमती शुभांगी आप्टे ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने रायपुर नगर निगम क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों और जनजागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी।श्रीमती आप्टे ने बताया कि अब तक वे स्कूलों, बैंकों, बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 55 हजार से अधिक कपड़े की थैलियों का वितरण कर चुकी हैं, ताकि लोगों को प्लास्टिक उपयोग से दूर किया जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि में 6 पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया है। साथ ही शासकीय अस्पतालों में जरूरतमंद माताओं और नवजात शिशुओं के लिए जच्चा-बच्चा किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। राज्यपाल ने उनके सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। ज्ञातव्य है कि श्रीमती आप्टे नगर निगम के स्वच्छता अभियान की ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
- महासमुंद / राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य किया गया है। महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने जिले में 367 सीएससी सेंटरों को आईडी जारी किया गया है। विभिन्न चॉइस सेंटरों के माध्यम से ई-केवाईसी का कार्य जारी है।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि 1 अप्रैल से आयोजित शिविर के माध्यम से पात्र विवाहित महिलाओं का ई-केवाईसी किया जा रहा है। जिले में 3 लाख 3 हजार 808 हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना है। जिसमें अब तक एक लाख 20 हजार 827 हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण कर लिया गया है। शेष एक लाख 82 हजार 981 हितग्राहियों का ई-केवाईसी प्रक्रिया 30 जन पूर्ण किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री जटवार ने हितग्राहियों से अपील की है कि शिविर में पहुंचकर अपना ई-केवाईसी पूर्ण कराएं। जिससे योजना का लाभ निरंतर और बिना किसी बाधा के मिलती रहे। ई-केवाईसी हेतु अपने साथ आधार कार्ड व योजना में रजिस्टर्ड किए गए मोबाईल नंबर को साथ रखें।
- महासमुंद / राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कुल 74 संविदा पदों की पूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इच्छुक अभ्यर्थियों से 28 नवम्बर 2025 तक रजिस्ट्री/डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए गए थे।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उक्त भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत कौशल परीक्षा का आयोजन विभिन्न तिथियों में किया जा रहा है। परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी तिथि, समय एवं परीक्षा स्थल, जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर या कार्यालय के सूचना पर अवलोकन किया जा सकता है।
- खराब ट्राइसाइकिल से थमी थी रोजमर्रा की जिंदगीदिव्यांग गैरेज से फिर से आत्मनिर्भर बनकर अपने काम और सामाजिक जीवन में सक्रिय हुए रमेशरायपुर/ जिले के सोनगोंगरी निवासी 50 वर्षीय अस्थि बाधित दिव्यांग श्री रमेश निर्मलकर की जिंदगी में सरकारी पहल ने एक नई रफ्तार भर दी है। समाज कल्याण विभाग द्वारा पूर्व में उन्हें बैटरी चालित साइकिल प्रदान की गई थी, जिससे वे अपने दैनिक कार्य स्वयं करने लगे थे और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन समय के साथ साइकिल की बैटरी खराब हो जाने से उनकी दिनचर्या प्रभावित होने लगी और सीमित संसाधनों व जानकारी के अभाव में मरम्मत कराना उनके लिए कठिन हो गया, जिससे उनके कामकाज और आत्मविश्वास पर असर पड़ा।इसी बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में शुरू किए गए “संबल केंद्र” में दिव्यांग गैरेज ने उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई, जहां दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों की निःशुल्क मरम्मत और सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रमेश ने 20 मार्च 2026 को केंद्र में आवेदन किया और नियमानुसार उन्हें नई बैटरी प्रदान की गई, जिसके बाद उनकी साइकिल फिर से चलने लगी और उनका आत्मविश्वास भी लौट आया।अब वे अपने कार्य पहले से बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। रमेश कहते हैं कि “दिव्यांग गैरेज ने मेरी जिंदगी बदल दी, अब मैं अपने काम खुद कर पा रहा हूं।”रायपुर नगर निगम के पास महंत कॉलेज के बाजू, रंग मंदिर के सामने स्थित संबल केंद्र दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र है, जहां सहायक उपकरणों की निःशुल्क मरम्मत एवं सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दिव्यांगजन यू.डी.आई.डी. कार्ड, दिव्यांगता दर्शाने वाली फोटो, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर इस सेवा का लाभ ले सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-4919323 एवं 9713225734 पर संपर्क किया जा सकता है।
- - “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में स्टॉफ नर्स सुश्री मनोरमा तारक ने मदर एन्ड चाइल्ड हॉस्पिटल कालीबाड़ी, सहायक ग्रेड 3 सुश्री शोभा त्रिपाठी ने डगनिया एवं एएनएम सुश्री अनीता साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र सतनामीपारा टाटीबंध में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा नगर निगम मुख्यालय परिसर में हाईड्रोलिक पजल कार पार्किंग सिस्टम स्थापित कर दिया गया है, जो वर्तमान में संचालित हो रहा है।यह कार्य 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किया गया है। उक्त पार्किंग सिस्टम की स्थापना का कार्य 16 फरवरी 2026 को पूर्ण कर लिया गया था। नियमानुसार बिजली कनेक्शन लेकर कार पार्किंग सिस्टम की टेस्टिंग की गई है। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे अब नियमित उपयोग के लिए चालू कर दिया गया है|
- नवाचार और ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण पर जोररायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार एवं बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित मिशन उत्कर्ष 2.0 (सत्र 2026-27) के अंतर्गत कक्षा दसवीं के शिक्षकों का पांच दिवसीय विषयवार प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में 16 से 21 अप्रैल तक जे.आर. दानी शासकीय विद्यालय, रायपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी एवं संस्कृत विषय के शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।प्रशिक्षण के दौरान ब्लूप्रिंट आधारित शिक्षण, प्रश्नपत्र निर्माण, जटिल विषयों को सरल बनाने की तकनीक तथा कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न विषयों में विशेषज्ञों द्वारा व्यवहारिक एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई, जिससे शिक्षण अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बन सके।सामाजिक विज्ञान विषय में ब्लूप्रिंट के छह डोमेन, कठिन अध्यायों की पहचान, प्रश्नपत्र निर्माण एवं विद्यार्थियों को सरल तरीकों से समझाने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।हिंदी विषय में पाठ्यक्रम को सरल बनाकर व्याकरण एवं पाठ की प्रभावी प्रस्तुति, रटने के बजाय समझ आधारित अधिगम तथा उच्च अंक प्राप्त करने की रणनीतियों पर बल दिया गया।गणित प्रशिक्षण में ब्लूप्रिंट की गहन समझ, विभिन्न अंक श्रेणियों के प्रश्नों का अभ्यास, मॉडल प्रश्नपत्र निर्माण एवं त्रिकोणमिति जैसे जटिल विषयों को सरल बनाने पर कार्य किया गया।संस्कृत विषय में व्याकरण, श्लोक, गद्य-पाठन, लेखन कौशल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण विधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रुचि विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।विज्ञान विषय में भौतिकी, रसायन एवं जीवविज्ञान की कठिन अवधारणाओं को गतिविधि, खेल, नाट्य प्रस्तुति, पीपीटी एवं ऑडियो-विजुअल माध्यमों से सरल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही ब्लूम टैक्सोनॉमी के आधार पर प्रश्न निर्माण एवं कौशल विकास पर चर्चा की गई।अंग्रेजी विषय में रीडिंग, राइटिंग एवं ग्रामर स्किल को सरल एवं प्रभावी तरीके से पढ़ाने के साथ-साथ प्रोजेक्ट एवं गतिविधि आधारित अधिगम पर जोर दिया गया।प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने अनुभव साझा करते हुए नवाचारों को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। यह पहल आगामी सत्र में विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन और जिले में शिक्षा स्तर को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।हायर सेकेंडरी स्तर के शिक्षकों के लिए अगला प्रशिक्षण 22 से 27 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित है।
- जिले के पिपरहट्टा गांव की महिला बनी दुग्ध व्यवसायी, महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशासालाना आय करीब 1 लाख तक पहुंचींरायपुर / यह कहा जाता है “जहां चाह वहां राह”। अभी तक किसी भी सरकारी योजना के ऐसे हितग्राही जो शासन के किसी भी प्रकार की सहायता को ग्राह्य करते हैं और उसे किसी प्रकार का व्यय में खर्च करते हैं सामान्यतः व्यापार करने के लिए शासन में ऋण या सब्सिडी वाली योजना होती है इससे लाभान्वित योजना से कोई व्यवसाय शुरू करते आए हैं। मगर ऐसा भी हुआ है कि कोई हितग्राही मूलक योजना का लाभ लेकर कोई भी अपना व्यवसाय शुरू किया है और उसे आगे भी बढ़ा रहा है। यह कहानी है श्रीमती उषा बैस की जो जिले के मंदिर हसौद के ग्राम पिपरहट्टा की रहने वाली है।उषा बताती है कि एक समय में इनकी आर्थिक स्थिति गंभीर थी। लेकिन जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महतारी वंदन योजना की शुरूआत हुई तब उनके जीवन में बदलाव आया।रायपुर जिले के भानसोज सेक्टर, मंदिर हसौद परियोजना अंतर्गत आने वाले इस गांव की निवासी उषा को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुश्री खोमेश्वरी साहू ने इस योजना के बारे में जानकारी दी और आवेदन के लिए प्रेरित किया। योजना के तहत नियमित रूप से मिलने वाली राशि को उषा ने खर्च करने के बजाय बचत के रूप में जमा करना शुरू किया।करीब आठ महीनों में 8,000 रुपये जमा होने पर उषा ने स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया और एक गाय खरीदी। यह निर्णय उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। कुछ ही समय में गाय ने बछिया को जन्म दिया और प्रतिदिन लगभग आठ लीटर दूध देने लगी। उषा ने दूध को स्थानीय दुग्ध सहकारी समिति में बेचना शुरू किया, जिससे उन्हें नियमित आय मिलने लगी।आज उषा का दुग्ध व्यवसाय उनके परिवार के लिए सालाना 60 हजार से 1 लाख रुपये तक की आय सुनिश्चित कर रहा है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि परिवार में स्थिरता और आत्मविश्वास भी बढ़ा है।उषा अपनी सफलता का श्रेय महतारी वंदन योजना और जिला प्रशासन के समय पर मिले मार्गदर्शन को देतीं हैं, और कहतीं हैं कि राज्य शासन की इस प्रकार की योजनाएं हमें वित्तीय सहायता देती हैं साथ ही उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करती है। बस आवश्यकता है कि हम इस वित्तीय सहायता का सही समय पर इस्तेमाल करें जो हमें एक सफल उद्यमी बना सकती है।
- अब तक 96 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 गोटियारडीह में 119 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र संडी में 37 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 मुजगहन में 100 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र गांधीवार्ड एवं शीतलापारा में 115 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 फोकटपारा एवं केंद्र क्रमांक 3 त्रिमूर्ति नगर में 101 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 4 एवं 5 रायपुरा में 116 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 12 एवं 13 उरला में 97 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 685 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 96 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- रायपुर।विकासखंड धरसीवां, तहसील रायपुर अंतर्गत ग्राम सेरीखेड़ी में हुई सड़क दुर्घटना में दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। घटना में स्वर्गीय श्री आनंद यादव एवं स्वर्गीय श्री रामू यादव का असामयिक निधन हो गया।घटना के पश्चात जिला प्रशासन रायपुर द्वारा त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की गई। तहसीलदार श्री प्रकाश सोनी ने मृतक श्री आनंद यादव की माता श्रीमती कुमारी यादव तथा मृतक श्री रामू यादव की माता श्रीमती दीपांजलि यादव को सहायता राशि के चेक सौंपे।इस अवसर पर एसडीएम अभनपुर श्री रवि सिंह, तहसीलदार श्री राममूर्ति दीवान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर/शहर में सुगम यातायात, लोक सुरक्षा एवं आवागमन को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत रिंग रोड-01 एवं रिंग रोड-02 की सीमा से शहर की ओर आने वाले 19 प्रवेश मार्गों से शहर के भीतर मध्यम एवं भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।यह प्रतिबंध प्रातः 05ः00 बजे से रात्रि 12ः00 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह प्रतिबंध 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ जो 30 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा।प्रतिबंधित प्रवेश मार्गों में तेलीबांधा थाना के सामने चौक, कैनाल रोड प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, महावीर नगर चौक रिंग रोड 01, राजेंद्र नगर चौक रिंग रोड 01, पचपेड़ी नाका चौक रिंग रोड 01, संतोषीनगर चौक रिंग रोड 01, भाठागांव चौक रिंग रोड 01, कुशालपुर चौक रिंग रोड 01, रायपुरा चौक रिंग रोड 01, कचना रेलवे क्रॉसिंग, डीडी नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, अरिहंत नगर प्रवेश मार्ग रिंग रोड 01, टाटीबंध चौक, हीरापुर टर्निंग रिंग रोड, गोगांव तिराहा रिंग रोड नं. 02, गोंदवारा तिराहा रिंग रोड नं. 02, पाटीदार भवन के सामने तक भनपुरी, विधानसभा रोड स्थित व्हीआईपी तिराहा एवं एक्सप्रेस-वे ब्रिज के नीचे रिंग रोड मार्ग शामिल हैं।
- रायपुर/ भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती की लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जिले में निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। यह प्रशिक्षण जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायपुर द्वारा प्रदान किया जाएगा। लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु विषय विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण 04 मई से प्रारंभ होकर 04 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा।भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक चली थी, जिसमें 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष की आयु वर्ग के, न्यूनतम 8वीं से लेकर स्नातक/डिप्लोमा उत्तीर्ण योग्य अभ्यर्थियों द्वारा भारतीय सेना के वेबपोर्टल www.joinindianarmy.com पर अग्निवीर श्रेणियों—अग्निवीर पुरुष (जनरल ड्यूटी), तकनीकी, लिपिक/स्टोर कीपर, ट्रेडमैन (10वीं/8वीं), अग्निवीर महिला (सेना पुलिस) तथा स्थायी कैडर (नर्सिंग सहायक/सिपाही फार्मा, हवलदार शिक्षा एवं धर्म शिक्षक)—के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए थे।प्रशिक्षण जिला एवं विकासखंड स्तर पर उपलब्ध संसाधनों तथा अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से संचालित किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी रोजगार विभाग के आधिकारिक वेबपोर्टल erojgar.cg.gov.in पर 30 अप्रैल 2026 तक अपना पंजीयन करा सकते हैं।किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर अभ्यर्थी रोजगार कार्यालय, रायपुर अथवा दूरभाष नंबर 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -104 केंद्रों में 34,168 अभ्यर्थी होंगे शामिलरायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा (MBSI26) का आयोजन 26 अप्रैल 2026, रविवार को किया जाएगा।परीक्षा रायपुर जिले के 104 परीक्षा केंद्रों में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित होगी। इसमें कुल 34,168 अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रातः 9:30 बजे तक ही दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश पूर्णतः बंद कर दिया जाएगा।व्यापमं द्वारा अभ्यर्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केंद्र का अवलोकन कर लें तथा परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से कम से कम 2 घंटे पूर्व केंद्र पर उपस्थित हों। प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की पुलिस द्वारा फ्रिस्किंग की जाएगी।परीक्षा के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनकर आना अनिवार्य है। काले, गहरे नीले, हरे रंग के कपड़े तथा जूते, मोजे, स्कार्फ, बेल्ट आदि पहनना प्रतिबंधित रहेगा। केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति होगी। कान के आभूषण भी वर्जित हैं।परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, घड़ी, कैलकुलेटर सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों को केवल काले या नीले बॉल प्वाइंट पेन के साथ ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी।



























