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-उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद स्वीकृति आदेश जारी
रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने दंतेवाड़ा जिले के बारसूर नगर पंचायत में 4 कार्यों के लिए 37 लाख 13 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने बारसूर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-1 में आरसीसी ड्रेन के लिए 9 लाख 11 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। विभाग ने वार्ड क्रमांक-6, वार्ड क्रमांक-7 और वार्ड क्रमांक-9 में सीसी सड़कों के लिए कुल 28 लाख 2 हजार रुपए मंजूर किए हैं। - रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित सेवा मानकों तथा उपभोक्ता हितों से जुड़े प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम, अंबिकापुर द्वारा जशपुर में विद्युत उपभोक्ता जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला कार्यालय कार्यपालन अभियंता (संचालन एवं संधारण), छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, जशपुर में संपन्न हुई।कार्यशाला में घरेलू एवं गैर-घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, विद्युत सेवाओं के लिए निर्धारित सेवा मानकों तथा शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के अध्यक्ष श्री डी.के. सैनी ने बताया कि नए विद्युत कनेक्शन, निम्न दाब (एलटी) कनेक्शन का कन्वर्जन, मीटर संबंधी शिकायतों के निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्यघररू मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत नेट मीटरिंग, सब्सिडी तथा टैरिफ श्रेणी परिवर्तन जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। उन्होंने उपभोक्ताओं से किसी भी समस्या की स्थिति में निर्धारित शिकायत निवारण तंत्र का उपयोग करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।कार्यशाला में जशपुर विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री श्री सत्य प्रकाश कुमार एवं कार्यपालन यंत्री श्री विनोद पंडित सहित विभागीय अधिकारी एवं विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे।
- रायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर पालिका में महामाया गेट के निर्माण के लिए 24 लाख 53 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा की गई घोषणा के अनुपालन में विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।
- रायपुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध सिम्स अस्पताल, बिलासपुर के दंत चिकित्सा विभाग ने एक दुर्लभ एवं जटिल शल्य चिकित्सा कर 24 वर्षीय युवक के बचपन से बंद जबड़े को सफलतापूर्वक खोलने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अविकसित निचले जबड़े के कारण वर्षों से सामान्य रूप से मुंह नहीं खोल पाने वाले मरीज का आधुनिक तकनीक से सफल ऑपरेशन किया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत उसे निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।मुंगेली जिले के अमली कापा निवासी 24 वर्षीय युवक बचपन में लगी चोट के कारण बाइलेटरल टेम्पोरो-मैंडिबुलर जॉइंट (B/L TMJ) एंकिलोसिस से पीड़ित था। इस बीमारी के कारण उसके जबड़े की वृद्धि रुक गई थी और वह वर्षों से केवल तरल आहार ही ले पाता था। पर्याप्त पोषण नहीं मिलने से वह कुपोषण और शारीरिक दुर्बलता का भी शिकार हो गया था। निजी अस्पतालों में उपचार का अनुमानित खर्च 3 लाख रुपये से अधिक होने के कारण वह इलाज नहीं करा सका। बाद में सिम्स पहुंचने पर उसे आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा मिली।दंत चिकित्सा विभाग में मरीज की विस्तृत जांच, रक्त परीक्षण, सीबीसीटी एवं अन्य रेडियोलॉजिकल जांच के बाद ऑपरेशन की योजना बनाई गई। चूंकि मरीज का मुंह पूरी तरह बंद था, इसलिए निश्चेतना देने के लिए ट्रेकियोस्टॉमी कर श्वास नली स्थापित की गई। इसके बाद 4 जून 2026 को लगभग छह से सात घंटे तक चली जटिल सर्जरी में डिस्ट्रैक्शन ऑस्टियोजेनेसिस तकनीक का उपयोग कर अविकसित निचले जबड़े को लंबा करने की प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों ओर विशेष डिस्ट्रैक्शन उपकरण लगाए गए, जिनकी सहायता से अगले तीन से चार माह में जबड़ा धीरे-धीरे सामान्य आकार की ओर विकसित होगा।सर्जरी के बाद मरीज को एक सप्ताह तक अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे उपकरणों के साथ छुट्टी दी गई। वर्तमान में नियमित फॉलोअप के दौरान उसके मुंह का खुलना प्रारंभ हो गया है और वह सामान्य जीवन की ओर तेजी से बढ़ रहा है।यह जटिल ऑपरेशन दंत चिकित्सा विभाग के डॉ. भूपेन्द्र कश्यप के मार्गदर्शन में विभागाध्यक्ष एवं ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. संदीप प्रकाश तथा उनकी टीम के सदस्यों डॉ. जण्डेल सिंह ठाकुर, डॉ. केतकी किनीकर, डॉ. हेमलता राजमणी, डॉ. प्रकाश खरे एवं डॉ. सोनल पटेल द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। निश्चेतना विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति एवं उनकी टीम तथा रेडियोडायग्नोसिस विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह का भी इस जटिल उपचार में महत्वपूर्ण सहयोग रहा।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि दंत एवं मुख रोग केवल दांतों तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनका सीधा प्रभाव व्यक्ति के पोषण, बोलने की क्षमता, चेहरे के विकास और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सिम्स में आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बहु-विषयक टीम के समन्वय से ऐसे जटिल मामलों का भी सफल उपचार किया जा रहा है तथा भविष्य में भी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है।चिकित्सक सह अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि बचपन से जबड़ा बंद रहने जैसी दुर्लभ समस्याओं का समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराना आवश्यक है। उन्होंने आमजन से दांत एवं मुख संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेकर उपचार कराने की अपील की।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और महतारी वंदन योजना का मिला समेकित लाभरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पथरापारा निवासी श्री शंभू बारी का परिवार इसका प्रेरक उदाहरण है, जिसे विभिन्न योजनाओं के समन्वित लाभ से सुरक्षित आवास, आर्थिक सहायता और सम्मानजनक जीवन का आधार मिला है।श्री शंभू बारी ने बताया कि उनके संयुक्त परिवार में 12 से 14 सदस्य हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत परिवार के तीन सदस्यों को पक्के आवास की स्वीकृति मिली है। पहले परिवार के पास स्वयं की जमीन और स्थायी आवास नहीं था, लेकिन शासन द्वारा भूमि उपलब्ध कराने के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिला। इससे वर्षों से सुरक्षित और सम्मानजनक आवास का सपना साकार हुआ।उन्होंने बताया कि परिवार दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का भी लाभ ले रहा है। योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है, जिसका उपयोग परिवार की दैनिक जरूरतों, इलाज और अन्य आवश्यक कार्यों में किया जाता है। यह सहायता आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए कठिन परिस्थितियों में बड़ा सहारा बन रही है।श्री बारी ने बताया कि उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि मिल रही है। इस राशि से परिवार के घरेलू खर्च, खाद्यान्न, बच्चों की आवश्यकताओं और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में सुविधा मिलती है। नियमित आर्थिक सहयोग से परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के समेकित लाभ ने उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। पक्के आवास से रहने की चिंता दूर हुई है, जबकि भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने परिवार को आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। श्री शंभू बारी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और खुशहाली लेकर आ रही हैं।
- 0- किसानों से बीमा कराने की अपील, 31 जुलाई तक करा सकते हैं फसल बीमाबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों, बैंकों एवं मैदानी अमले को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बैंकों को 100 प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सैचुरेशन सुनिश्चित करने तथा किसी भी पात्र केसीसी धारक किसान को अनावश्यक रूप से ऑप्ट-आउट नहीं करने के निर्देश दिए।बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए जिले में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, मूंग, अरहर, मूंगफली, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। जिले के लिए एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अधिकृत बीमा कंपनी नियुक्त किया गया है। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक एवं बटाईदार किसान ले सकते हैं। किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष राशि केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। अऋणी किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बी-1, पी-2 तथा फसल बुवाई प्रमाण-पत्र के साथ निकटतम सीएससी सेंटर, संबंधित बैंक अथवा लोक सेवा केंद्र में जाकर फसल बीमा करा सकते हैं। फसल क्षति होने पर 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल अथवा टोल-फ्री हेल्पलाइन 14447 पर सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि दावा प्रक्रिया समय पर प्रारंभ की जा सके।बैठक में बताया गया कि 21 जुलाई 2026 तक जिले के 5,711 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा कराया है। वहीं खरीफ 2025 में जिले के 45,382 किसानों को योजना का लाभ मिला था, जिन्हें कुल 1 करोड़ 13 लाख 47 हजार रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। इस वर्ष अल-नीनो के संभावित प्रभाव से मानसून में विलंब एवं वर्षा की अनियमितता की आशंका है। ऐसे में फसल बीमा किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का प्रभावी माध्यम है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने किसानों से 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने तथा किसी भी तकनीकी असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को प्रत्येक पात्र किसान तक योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- 0- योगेश को मिली राहत, सेवा सेतु केंद्र ने आसान की राहबिलासपुर. शासन की जनकल्याणकारी पहल सेवा सेतु केंद्र आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। पहले जहां जाति, निवास, आय, राशन कार्ड तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों के लिए लोगों के काफी समय लगते थे, वहीं अब सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से एक ही स्थान पर आवेदन, मार्गदर्शन और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी होने लगी है। इससे नागरिकों का समय और धन दोनों की बचत हो रही है।जिले के कोटा विकासखंड के ग्राम अमने निवासी योगेश कुमार यादव भी सेवा सेतु केंद्र से लाभान्वित होने वाले नागरिकों में शामिल हैं। उन्हें अपने आवश्यक कार्य के लिए जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। उन्होंने सेवा सेतु केंद्र पहुंचकर आवेदन जमा किया। केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी तथा आवेदन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया। आवेदन जमा करने के कुछ ही दिनों के भीतर उनका जाति प्रमाण पत्र तैयार हो गया। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु केंद्र शुरू होने के बाद प्रक्रिया काफी आसान और सुविधाजनक हो गई है। योगेश कुमार यादव ने कहा कि सेवा सेतु केंद्र में उन्हें बिना किसी अनावश्यक परेशानी के समय पर सेवा मिली। कर्मचारियों ने सहयोगपूर्ण व्यवहार करते हुए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई, जिससे उनका कार्य शीघ्र पूरा हो सका। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है।सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले। सेवा सेतु केंद्र इसी उद्देश्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आज सेवा सेतु केंद्र केवल दस्तावेज़ बनवाने का केंद्र नहीं, बल्कि शासन और आम नागरिकों के बीच एक मजबूत सेतु बनकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। ऐसे अनेक उदाहरण सामने आ रहे हैं, जहां समय पर दस्तावेज़ उपलब्ध होने से लोगों को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।
- बिलासपुर. मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए चयनित विद्यार्थियों की काउंसलिंग 5 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी। प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद विभागीय वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/ पर काउंसलिंग हेतु पात्र छात्र-छात्राओं की सूची एवं तिथियां प्रदर्शित कर दी गई हैं।काउंसलिंग चयनित विद्यार्थियों को आवंटित प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रतिदिन सवेरे 11 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इनमें कक्षा 8वीं की प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अंकसूची, अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र, नक्सल पीड़ित प्रमाण पत्र (जहां लागू हो), अल्पसंख्यक वर्ग संबंधी सत्यापन प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विशेष पिछड़ी जनजाति प्रमाण पत्र तथा विशेष श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए संबंधित प्रमाण पत्र शामिल हैं। काउंसलिंग के बाद प्रवेश के लिए पात्र पाए जाने वाले विद्यार्थियों को तीन दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी से काउंटर हस्ताक्षरित स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) तथा जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी सिकल सेल जांच प्रमाण पत्र संबंधित प्रयास आवासीय विद्यालय में जमा करना होगा।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह ने निगम क्षेत्र के विभिन्न जोनों का निरीक्षण कर नागरिकों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जोन-1 नेहरू नगर स्थित बाम्बे आवास के पास डूबान क्षेत्र, जोन-2 रामनगर स्थित नवीन पानी टंकी तथा जोन-3 अंतर्गत दुर्गापारा स्थित तालाब का बारीकी से अवलोकन किया। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जलभराव, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।आयुक्त ने सबसे पहले जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र में बाम्बे आवास के पास स्थित डूबान क्षेत्र का निरीक्षण किया। बरसात के दौरान अधिक बारिश होने पर यहां जलभराव की स्थिति निर्मित होने से नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए आयुक्त ने अधिकारियों से क्षेत्र की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए नालियों की नियमित सफाई कराई जाए। नालियों में कचरा, गाद एवं अन्य अवरोध जमा न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखने के साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए। इसके पश्चात निगम आयुक्त ने जोन-2 रामनगर स्थित नवीन पानी टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी टंकी की वर्तमान स्थिति एवं संचालन व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों से जानकारी ली। आयुक्त ने टंकी से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को नियमित एवं सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।निरीक्षण के अगले चरण में आयुक्त ने जोन-3 अंतर्गत दुर्गापारा स्थित तालाब का भी जायजा लिया। उन्होंने तालाब एवं उसके आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को नियमित रूप से सफाई कराने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि तालाब के आसपास गंदगी एवं कचरा जमा न होने दिया जाए तथा नागरिकों द्वारा तालाब के किनारे कचरा फेंकते पाए जाने पर तत्काल चालानी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता व्यवस्था की सतत निगरानी करने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कुलदीप गुप्ता, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, अनिल सिंह, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, नितेश मेश्राम, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, शंकर सुमन मरकाम, दीपक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, बीरेन्द्र बंजारे एवं स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह, चुड़ामणी यादव सहित निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह द्वारा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने एवं तालाबों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त के प्रातः भ्रमण के दौरान जोन-3 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 32, दुर्गापारा स्थित तालाब के आसपास नागरिकों द्वारा कचरा फेंके जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कचरा फेंकने वाले नागरिकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।आयुक्त के निर्देश के परिपालन में जोन-3 के निगम अमले द्वारा मौके पर पहुंचकर तालाब के आसपास कचरा फेंकने वाले नागरिकों पर चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही निगम कर्मचारियों द्वारा नागरिकों को समझाइश देते हुए कहा गया कि सार्वजनिक स्थानों एवं तालाब के आसपास कचरा न फेंके चलाए जा रहे डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन गाड़ियों के कर्मचारियों को दें। निगम अमले ने नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने तथा तालाब एवं उसके आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वाले एवं सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा ने मातृ एवं शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी, एमपीडब्ल्यू श्रीमती शुभांगी मनके ने आंगनबाड़ी केंद्र भानसोज आरंग, शिक्षिका श्रीमती प्रिया यादव ने आंगनबाड़ी केंद्र अंबेडकर चौक गुढ़ियारी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- पूर्व कमिश्नर डॉ. संजय अलंग ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र0- बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पदक, स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र एवं उपहार देकर किया गया सम्मानितरायपुर. शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर में बुधवार को 'लज्जा–अशोक कुमार अलंग स्मृति सम्मान समारोह–2026' के दसवें संस्करण का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक, स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कमिश्नर डॉ. संजय अलंग थे। विशिष्ट अतिथियों में जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता, विद्यालय के प्राचार्य अमृत लाल गुप्ता, शासकीय रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य के.के. टोप्पो, पूर्व प्राचार्य उमाशंकर शुक्ला, वरिष्ठ व्यवसायी श्रीप्रकाश जायसवाल तथा शंकर सुमन मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य अमृत लाल गुप्ता ने सम्मान समारोह के दसवें वर्ष में प्रवेश पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने के साथ क्षेत्र की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पूर्व प्राचार्य उमाशंकर शुक्ला ने शिक्षा के क्षेत्र में अलंग परिवार के योगदान को रेखांकित किया। वहीं वरिष्ठ व्यवसायी श्रीप्रकाश जायसवाल ने परिवार द्वारा शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने कोरिया जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए सम्मानित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।मुख्य अतिथि डॉ. संजय अलंग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व और बदलते समय में अध्ययन की प्रभावी पद्धतियों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।समारोह में शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की आलिया परवीन, ममता राजवाड़े, अंकिता सिंह, काजल, खुशबू, माही, मरियम एवं नाशरीन तथा शासकीय रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अनिल कुमार एवं विक्रम सिंह को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।उल्लेखनीय है कि यह सम्मान समारोह सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी एवं पूर्व कमिश्नर डॉ. संजय अलंग द्वारा अपने माता-पिता स्वर्गीय श्रीमती लज्जा अलंग एवं स्वर्गीय श्री अशोक कुमार अलंग की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित कराया जाता है। इसके अंतर्गत बैकुंठपुर के शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं शासकीय रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को एकांतर क्रम में दोनों विद्यालयों में सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष समारोह का आयोजन शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन योगेश गुप्ता ने किया तथा प्राचार्य अमृत लाल गुप्ता ने आभार प्रदर्शन किया।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार सी.एम.पोर्टल हेल्प लाईन नम्बर 1076 में प्राप्त शिकायत अनुसार विगत 21 जुलाई 2026 को आबकारी विभाग वृत-दुर्ग आंतरिक उत्तर के द्वारा रात्रि 8ः00 बजे त्वरित विधिवत कार्यवाही कर आरोपी जितेन्द्र गायकवाड़ निवासी अंजोरा ढाबा द्वारा 42 नग देशी मदिरा मसाला पाव (180 एम.एल.) कुल मात्रा 07.560 बल्क लीटर (बाजार मूल्य 4200 रूपये) मदिरा को परिवहन करते पाये जाने पर उक्त मदिरा को जप्त कर प्रकरण विवेचना में लिया गया हैं। बिना परिमिट के आरोपी के कब्जे से 42 नग देशी मदिरा मसाला पाव (180 एम.एल.) पाए जाने एवं आरोपी द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) का उल्लघंन किये जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। इस प्रकरण की विवेचना सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सुशीला साहू द्वारा की जा रही है। इस प्रकरण में आबकारी उप निरीक्षक रोहित वर्मा, आबकारी मुख्य आरक्षक अशोक वर्मा आबकारी आरक्षक रवि शंकर एवं चंद्रेश्वर मरकाम, ड्राइवर धनराज खरे का योगदान रहा।
- दुर्ग. इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग द्वारा जिला चिकित्सालय में संचालित ब्लड बैंक में रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमित रक्तदान शिविरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे कला मंदिर, सिविक सेंटर, भिलाई में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई है। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री अभिजीत सिंह करेंगे। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाज प्रमुखों, शैक्षणिक संस्थानों, पुलिस एवं अर्धसैनिक बल, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संघ, औद्योगिक संस्थानों, राजनीतिक दलों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थाओं एवं नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
- 0- जिला जनगणना हस्त पुस्तिका निर्माण हेतु अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण0- कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा, सटीक आंकड़े ही विकास योजनाओं की मजबूत नींवरायपुर। भारत की जनगणना-2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (District Census Handbook-DCHB) तैयार किए जाने के उद्देश्य से आज रेडक्रॉस हॉल, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण प्रातः 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिला जनगणना हस्त पुस्तिका तैयार करने की प्रक्रिया, आवश्यक प्रपत्रों, आंकड़ों के संकलन, सत्यापन तथा अभिलेखीकरण संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। \कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, नीतियों एवं संसाधनों के प्रभावी नियोजन का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना-2027 के सफल एवं समयबद्ध संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा उनके प्रश्नों का समाधान भी किया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित सबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- 24 घण्टा क्रियाशील रहेगी बाढ़ नियंत्रण कक्ष, अधिकारी-कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी0- बाढ़ आपदा के संबंध में मदद हेतु जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 07749-223950 सार्वजनिक की गईबालोद. छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में दैवीय विपत्ति एवं प्राकृतिक आपदा की घटनाओं से बचाव एवं राहत कार्यों के सुचारू संचालन हेतु बालोद जिले में जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके अंतर्गत संयुक्त जिला कार्यालय में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला एवं अनुविभाग स्तरीय नोडल अधिकारियों के अलावा सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे समय में मुस्तैद रहकर बाढ़ आपदा के कारण उत्पन्न किसी भी स्थिति में आम जनता को तत्काल मदद उपलब्ध कराने हेतु त्वरि कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी देने या प्राप्त करने हेतु जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 07749-223950 पर संपर्क की जा सकती है। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हेतु अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकड़ा (मोबाइल नंबर 9425252314) को नोडल अधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री के.एल. नेताम (मोबाइल नंबर 789837994) को बाढ़ नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।इसके अलावा नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे पाली अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें अनुभाग एवं तहसील स्तर पर भी नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिसके तहत अनुभाग स्तर बालोद के लिए अनुविभागीय अधिकारी श्री नूतन कुमार कंवर (मोबाइल नंबर 7974926756), गुरूर के लिए श्री रामकुमार सोनकर (मोबाइल नंबर 9179675044), गुंडरदेही के लिए श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा (मोबाइल नंबर 8770911099), डौंडीलोहारा के लिए श्री शिवनाथ बघेल (मोबाइल नंबर 6267842188) और डौंडी के लिए श्री सुरेश साहू (मोबाइल नंबर 7587030552) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह तहसील स्तर पर बालोद के लिए तहसीलदार सुश्री संध्या नामदेव (मोबाइल नंबर 6264897027), गुरूर तहसील के लिए तहसीलदार श्री हेमंत कुमार पैकरा (मोबाइल नंबर 9755003989), गुंडरदेही तहसील के लिए तहसीलदार श्री हनुमंत सिंह श्याम (मोबाइल नंबर 9685561564), डौंडीलोहारा तहसील के लिए तहसीलदार श्री हिंसा राम नायक (मोबाइल नंबर 9407750314), डौंडी तहसील के लिए तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम (मोबाइल नंबर 9407704570), अर्जुन्दा तहसील के लिए तहसीलदार श्री चन्द्रशेखर चन्द्राकर (मोबाइल नंबर 9406253971) तथा मार्री बंगला देवरी के लिए श्री प्रीतम कुमार साहू (मोबाइल नंबर 9907419970) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- 0- गुरूर के आशुतोष पंचागम के घर गर्मी के दिनों में आने वाला बिजली का बिल 10 हजार से घटकर हुआ लगभग 1200बालोद. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बालोद जिले के आम नागरिकों के जीवन में उजियारा फैलाने के साथ-साथ आर्थिक बचत का बड़ा माध्यम बन रही है। योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठाते हुए जिले के गुरूर निवासी श्री आशुतोष पंचागम ने अपने घर की छत पर 03 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराया है, जिसके सुखद परिणाम अब सामने आ रहे हैं। श्री आशुतोष के घर पिछले 07 महीनों से यह सोलर पैनल सफलतापूर्वक कार्यरत है। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती महीनों में उनका बिजली बिल बिल्कुल शून्य (जीरो) आया। वहीं, भीषण गर्मी के दिनों में जब एसी, पंखे और कूलर का अत्यधिक उपयोग होता था, तब आमतौर पर उनका बिजली बिल 8 से 10 हजार रुपये तक पहुंच जाता था। लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद इस भीषण गर्मी के मौसम में भी उनका बिजली बिल भारी कटौती के साथ महज 1200 से 1500 रुपये ही आया।योजना की सरलता की तारीफ करते हुए आशुतोष ने बताया कि सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी है। आवेदन के बाद वेंडर द्वारा घर का भौतिक निरीक्षण किया गया और लोन व सब्सिडी से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई। जिसके बाद बेहद कम समय में उनके घर पर पैनल स्थापित कर दिए गए। उन्हें इस योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। बिजली बिल में इतनी बड़ी राहत और सरकार से मिली आर्थिक सहायता से उनका परिवार बेहद खुश है। योजना से मिली सहूलियत और बचत से उत्साहित होकर आशुतोष पंचागम ने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आएं और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। यह योजना न केवल बिजली बिल का आर्थिक दबाव कम करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक बेहतरीन कदम है।
- 0- पंजीयन के अभाव में धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री करने में हो सकती है कठिनाई0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी कृषकों को अनिवार्य रूप से पंजीयन करने की अपील कीबालोद. शासन के मंशानुरूप किसानों को शासकीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त करने हेतु भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों को अपने प्रत्येक खातों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना आवश्यक है। इसके अभाव में किसानों को अपने धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री के अलावा राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कार्य को अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने बालोद जिले के सभी किसानों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु निर्धारित समयावधि में अपने प्रत्येक खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की है। जिससे कि उन्हें धान एवं अन्य फसलों के समर्थन मूल्य पर बिक्री एवं शासन के विभिन्न किसान हितैषी योजना का लाभ लेने हेतु किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो सके।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल एक डिजिटल कृषि मंच है। इसके तहत किसानों को विशिष्ट 11 अंकों की फार्मर आईडी दी जाती है। जो उनके आधार कार्ड एवं भूमि रिकार्ड से जुड़ी होती है। एग्रीस्टैक पोर्टल का मुख्य उद्देश्य किसानों और कृषि से जुड़ी जानकारियों का केन्द्रीयकृत डाटाबेस तैयार करना है। उन्होंने इसके लाभ के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के सभी खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हो जाने से प्रधानमंत्री किसान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि अनुदानों का लाभ सीधे पात्र किसानों को पारदर्शी तरीके से मिलता है। इसके अलावा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हो जाने से किसानों को खाद, बीज या सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार पटवारी के चक्कर नही लगाने पड़ते और बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नही पड़ती।उल्लेखनीय है कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में जिले के सभी किसानों एवं संयुक्त खाताधारकों के लिए आवश्यक सूचना जारी की गई है। जिससे वे समय रहते अपना पंजीयन सुनिश्चित करा सकें। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए सूचना में बताया गया है कि यदि किसी एक ऋण पुस्तिका या खाते में 2, 3 या 4 लोगों के नाम दर्ज हैं, तो उन सभी संयुक्त खाताधारकों का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसके अलावा जिन किसानों के नाम एक ही खाते में अलग-अलग खसरा नंबर दर्ज हैं, उन सभी संबंधित खाताधारकों को उन्हीं खसरा नंबरों पर अपना पंजीयन कराना होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत, पटवारी, कृषि विभाग, सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं।ज्ञातव्य हो कि बालोद जिले में कुल 02 लाख 62 हजार 126 खाता धारकों किसानों में से अब तक 01 लाख 49 हजार 189 खाता धारकों का किसान पंजीयन उनके सभी खसरा नंबरों एवं सह खाताधारकों के साथ पूर्ण किया जा चुका है। शेष 01 लाख 12 हजार 937 सह खाताधारकों का एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन किया जाना शेष है। राजस्व, कृषि एवं सहकारी समितियों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा एगीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हेतु शेष सभी कृषकों संबंधित सभी सहकारी समितियों एवं लोक सेवा केन्द्रों में किसानों को बुलाकर उनका शत प्रतिशत पंजीयन किया जा रहा है।
- 0- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने की तैयारियों की समीक्षादुर्ग. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में 22 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के कार्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें जिले के सभी पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पैरालीगल वॉलंटियर्स की भूमिका को और अधिक सशक्त, संगठित तथा जनसेवा केन्द्रित बनाना था, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विधिक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित की जा सके। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव ने कहा कि विधिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूर्ण होगा, जब न्याय की पहुँच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल, सुलभ एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी पैरा लीगल वॉलंटियर्स को नए उत्साह, नई कार्यशैली एवं नई जिम्मेदारियों के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पैरालीगल वॉलंटियर्स न्यायपालिका और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से ही विधिक सहायता, जनजागरूकता एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सकता है।बैठक के दौरान मुख्य रूप से दिनाँक 25 जुलाई से 29 जुलाई, 2026 तक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, दुर्ग के चतुर्थ तल में स्थित नवीन सभागार में आयोजित होने वाले पाँच दिवसीय कम्युनिटी मीडिएशन (Community Mediation) प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष चर्चा की गई। सचिव द्वारा बताया गया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित पाँच ग्रामों कुथरेल, निकुम, घुघसीडीह, अरसनारा एवं ननकट्ठी के सामुदायिक मध्यस्थ (मीडिएटर) भाग लेंगे, जिन्हें विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं वैकल्पिक समाधान की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित सामुदायिक मध्यस्थता योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पक्षकारों के मध्य आपसी संवाद, सहयोग एवं समझौते के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण निराकरण करना है, जिससे अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी लाई जा सके तथा मुकदमेबाजी मुक्त ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सके।बैठक के दौरान पैरालीगल वॉलंटियर्स द्वारा शिविरों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के संचालन के दौरान आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव दिए गए। सचिव ने सभी पैरालीगल वॉलंटियर्स को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण एवं सेवा भावना के साथ करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक विधिक सहायता एवं जागरूकता पहुँचाने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर सभी पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय, विधिक सहायता एवं जनजागरूकता पहुँचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार, बालोद जिले में प्राकृतिक आपदा और बाढ़ से निपटने एवं आम जनता को तत्काल राहत पहुँचाने के लिए जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष (Flood Control Room) की स्थापना की गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे।☎️ जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 07749-223950???? नोडल अधिकारी (जिला): श्री अजय किशोर लकड़ा (अपर कलेक्टर) - 9425252314???? प्रभारी अधिकारी (नियंत्रण कक्ष): श्री के.एल. नेताम (SDO, जल संसाधन) - 789837994???? अनुभाग स्तरीय नोडल अधिकारी:बालोद: श्री नूतन कुमार कंवर (SDM) - 7974926756गुरूर: श्री रामकुमार सोनकर (SDM) - 9179675044गुंडरदेही: श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा (SDM) - 8770911099डौंडीलोहारा: श्री शिवनाथ बघेल (SDM) - 6267842188डौंडी: श्री सुरेश साहू (SDM) - 7587030552???? जनहित में शेयर करें! आपात स्थिति में तुरंत दिए गए नंबरों पर संपर्क करें और सुरक्षित रहें।#Balod #BalodNews #Chhattisgarh #CGApdaPrabandhan #FloodControl #EmergencyServices #DistrictAdministrationBalod
- 0- विधायक द्वय एवं जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सदस्यों और विभिन्न विभाग के अधिकारी हुए शामिलबालोद. जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत के सामान्य सभा की बैठक शांतिपूर्ण ढंग से एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। बैठक में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, सहित विभिन्न समितियों के सभापति, जिला पंचायत सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में पूर्व बैठक की पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। इसी तरह बैठक में सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, खनिज विभाग, आबकारी विभाग एवं अन्य विषयों के कार्यों की समीक्षा की गई।
- -नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी शिविर में 53 बच्चों की जांच, 18 बच्चों का होगा निःशुल्क ऑपरेशन-उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगा विशेष हृदय जांच शिविररायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर कबीरधाम जिले में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय संबद्ध शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय में रायपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सहयोग से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत नि:शुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 53 बच्चों की विशेषज्ञ जांच की गई, जिनमें 18 बच्चों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। इन सभी बच्चों का उपचार शासन की व्यवस्था के अनुसार पूरी तरह निःशुल्क कराया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य जन्मजात एवं अन्य हृदय रोगों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के माध्यम से चिन्हित बच्चों का ऑपरेशन और उपचार निःशुल्क कराया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा न बने। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्य विभाग को ऐसे विशेष जांच शिविर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हृदय रोग से पीड़ित प्रत्येक बच्चे का उपचार बिना किसी विलंब के सुनिश्चित किया जाए। शिविर में रायपुर से आए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. चन्द्रकांत उसेंडी ने बच्चों की ईको कार्डियोग्राफी जांच की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी शिविर में उपस्थित रहकर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। गंभीर बीमारी पाए जाने पर बच्चों को शासन द्वारा अनुबंधित शासकीय एवं निजी अस्पतालों में, आवश्यकता पड़ने पर राज्य के बाहर भी निःशुल्क उपचार एवं ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सलिल मिश्रा ने बताया कि दूध पीते समय जल्दी थक जाना, अत्यधिक पसीना आना, होंठ या नाखून नीले पड़ना, वजन नहीं बढ़ना, तेज सांस चलना, थोड़े परिश्रम में सांस फूलना, सीने में दर्द, चक्कर आना या बेहोश होना हृदय रोग के प्रमुख संकेत हो सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
- बालोद. शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में रिक्त सीटो में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन 24 जुलाई 2026 तक आमंत्रित की गई है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही के प्राचार्य ने बताया कि संस्था में कोपा एनसीवीटी के 12 सीट, डीजल मैक एसीवीटी के 23 एवं वेल्डर के 29 सीट उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in पर 24 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही इस संबंध में अधिक जानकारी प्रभारी प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहित कुमार साहू के मोबाइल नंबर 8982562514 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
- बालोद. कृषि विज्ञान केंद्र बालोद ने जिले के किसानों के लिए मौसम पूर्वानुमान के आधार पर खरीफ फसलों, उद्यानिकी एवं पशुपालन संबंधी विस्तृत कृषि सलाह जारी की है। आगामी दिनों में मध्यम वर्षा एवं घने बादल छाए रहने की संभावना को देखते हुए किसानों को फसल प्रबंधन, जल निकास एवं कृषि कार्यों के संबंध में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि जिन किसानों द्वारा धान की रोपाई एवं बियासी का कार्य शेष है, वे इसे 30 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। धान की सीधी बुवाई वाले खेतों में खरपतवार नियंत्रण हेतु अनुशंसित निंदानाशकों का प्रयोग मौसम साफ होने पर ही करें। लगातार वर्षा की स्थिति में लेही विधि अथवा ड्रम सीडर से बुवाई को प्राथमिकता दें तथा खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था रखें। धान की रोपाई 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध से 20 से 10 सेमी की दूरी पर करने तथा रोपाई के 8 से 10 दिन बाद अनुशंसित मात्रा में नत्रजन (यूरिया) देने की सलाह दी गई है।कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से खरीफ फसलों की केवल अनुशंसित एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने धान के लिए इंद्रावती, एम.टी.यू. 1153, विक्रम टी.सी.आर. एवं छत्तीसगढ़ धान 1919, सोयाबीन के लिए आर.एस.सी. 10-46, आर.एस.सी.11-15 एवं आर.एस.सी. 11-07, अरहर के लिए छत्तीसगढ़ अरहर-1, छत्तीसगढ़ अरहर-2 एवं राजीवलोचन, मक्का के लिए पूसा हाईब्रिड-1, विवेक मक्का संकर-51 तथा मूंग के लिए पी.के.वी.ए.के.एम.-4, शिखा एवं मालवीय ज्योति जैसी उन्नत किस्मों को अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं मूंग एवं उड़द के लिए शिखा, पूसा-105, पी.के.वी.ए.के.एम.-4, इंदिरा उड़द-1, आजाद उड़द-3, बरखा एवं बसंत बहार किस्मों की अनुशंसा की गई है।अरहर, मूंगफली एवं मक्का की फसलों में वर्तमान मौसम को देखते हुए खरपतवारनाशी का छिड़काव फिलहाल स्थगित रखने की सलाह दी गई है। किसानों से कहा गया है कि वर्षा समाप्त होने एवं मौसम साफ होने के बाद ही खरपतवार नियंत्रण एवं पौध संरक्षण रसायनों का प्रयोग करें। साथ ही सभी खरीफ फसलों में जलभराव से बचाव के लिए खेतों में प्रभावी जल निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करें। अरहर, मूंग एवं उड़द की बुवाई से पहले बीजों का राइजोबियम एवं पी.एस.बी. कल्चर तथा अनुशंसित फफूंदनाशी से बीजोपचार करने, निर्धारित कतार एवं पौध दूरी बनाए रखने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई है। गन्ना उत्पादक किसानों को सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु अनुशंसित कीटनाशकों का उपयोग केवल मौसम अनुकूल होने पर करने का सुझाव दिया गया है।उद्यानिकी फसलों के संबंध में किसानों को वर्षाकालीन सब्जियों जैसे भिंडी, बैंगन, मिर्च, खीरा, लौकी, कद्दू, मूली एवं फूलगोभी की खेती की तैयारी करने, करेला एवं बरबट्टी की मेड़-नाली पद्धति से बुवाई करने तथा लौकी एवं कुम्हड़ा की पौध पॉलीबैग में तैयार करने की सलाह दी गई है। आम, अमरूद, केला एवं पपीता के पौधरोपण के समय गोबर खाद एवं अनुशंसित उर्वरकों का उपयोग करने तथा अदरक एवं हल्दी में मल्चिंग एवं उचित जल निकास बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही गेंदा सहित वर्षाकालीन पुष्पों की तैयार पौध की रोपाई मुख्य खेत में करने की सलाह भी दी गई है।पशुपालन के क्षेत्र में किसानों को गलघोटू एवं लंगड़ा बुखार से बचाव हेतु समय पर टीकाकरण कराने, पशुओं को जलभराव वाले स्थानों पर नहीं चराने, कृमिनाशक दवाओं का उपयोग करने तथा पशुशाला में स्वच्छता एवं उचित वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी गई है। दुग्धा पशुओं को प्रतिदिन 25 से 30 किलोग्राम हरा चारा, संतुलित सूखा चारा एवं 25 से 30 ग्राम मिनरल मिश्रण खिलाने की अनुशंसा की गई है। मुर्गीपालकों को रानीखेत रोग से बचाव हेतु समय पर टीकाकरण कराने तथा नवजात बछड़ों को जन्म के दो घंटे के भीतर खीस (प्रथम दुग्ध) अवश्य पिलाने की सलाह दी गई है।कृषि विज्ञान केंद्र बालोद ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्य करें। अनावश्यक रूप से खरपतवारनाशी एवं कीटनाशकों का छिड़काव न करें तथा किसी भी तकनीकी जानकारी या समस्या के समाधान हेतु कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क कर अथवा विशेषज्ञों की सलाह प्राप्त करने हेतु टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान आवश्यक कृषि जानकारी एवं परामर्श के लिए किसान सारथी पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं।
- -2 स्कूल बसों में खामियां पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन को कारण बताओं नोटिस जारीमहासमुंद / जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला के निर्देशन में परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से महासमुंद अंतर्गत 02 निजी स्कूल रीवरडेल इंटरनेशनल स्कूल एवं वेडनर स्कूल महासमुंद की संघन जांच की गई। जांच के दौरान स्कूल बच्चों द्वारा दो पहिया वाहन चालन किया जाना नहीं पाया गया। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा स्कूल प्रबंधन को यातायात नियमों का पालन करते हुए 16 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को लायसेंस एवं हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से किये जाने की सूचना दी गई एवं 02 स्कूल बसों में खामियों पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।


























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