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-लू के लक्षण और इससे बचाव के उपाय बताने आयोजित होंगे जन जागरूकता कार्यक्रम*
*-गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए जरूरी सावधानियां**-लू लगने पर तुरंत क्या करें?*दुर्ग/ ग्रीष्म ऋतु वर्ष 2025 को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। जिसमें लू के लक्षण, लू से बचाव के उपाय, प्रारंभिक उपचार और आवश्यक सांवधानियां संबंधी आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। जिला प्रशासन द्वारा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को लू के लक्षण, लू से बचाव, लू लगने पर प्रारंभिक उपचार हेतु जनसमुदाय में जागरूकता लाने व प्रशिक्षण देने हेतु निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य केन्द्रों में लू से प्रभावित मरीजों का प्राथमिकता से परीक्षण करने के निर्देश भी दिये गये हैं। साथ ही जिले के संबंधित सभी विभागों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लू बचाव/उपाय के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।*लू के लक्षण-* सिर से भारीपान और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना तथा बेहोश होना।*लू से बचाव के उपाय-* लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी से ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतया नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए- बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाए। धूप से निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पीये और अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। इसी प्रकार अधिक पसीना आने की स्थिति में ओ.आर.एस. घोल पीयें। चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श लिया जाए और उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लिया जाए।*लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार-* बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगावें, अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलावें जैसे कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि, पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवें, शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहें, पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जाए तथा मितानिन ए.एन.एम. से ओ.आर.एस. के पैकेट हेतु संपर्क करें।*क्या करें-* जितना हो सके पर्याप्त पानी पीये, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संबंधित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। हल्के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपड़े पहने। ओ.आर.एस. (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी चावल) का पानी, नींबू का पानी, छांछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचे, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपड़े/टोपी या छाता) और चेहरे को कवर करें। जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें।*क्या न करें-* गर्मी के दौरान बाहर न जाए, यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है तो दिन के शीतलन घंटो के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटो के दौरान बाहर जाने से बचे (विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच), नंगे पैर या बिना चेहरे को ढ़के और बिना सिर ढककर बाहर न जाए। व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचे, खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचे जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचे, बासी खाना न खाए। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाए, घर पर रहे।*अन्य सावधानियां-* जितना हो सके घर के अंदर रहें। अपने घर को ठंडा रखें-धूप से बचाव के लिए दिन में पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़कियां खोलें। निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करे। पंखों का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते हैं-उच्च बुखार/लगातार सिरदर्द/चक्कर आना/मतली या भटकाव/लगातार खांसी/सांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये। जानवरों को छाया में रखे और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें। इन उपायों का उपयोग कर लू एवं हीटवेव के प्रभाव से बचा जा सकता है। -
दुर्ग,/ नवरात्रि के पावन अवसर पर जिले की केंद्रीय जेल पूरी तरह भक्तिमय हो गई। मां दुर्गा की आराधना में लीन यहां के 166 पुरुष और 36 महिला बंदियों ने पूरे नौ दिनों का उपवास रखा, जबकि 68 अन्य बंदियों ने पहले दिन, पंचमी और नवमी का उपवास किया। जेल परिसर में धार्मिक आयोजन किए गए, जहां जस गीतों की गूंज और प्रज्वलित ज्योत-जवारे से माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। बंदियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तथा धार्मिक आस्था के सम्मान में प्रशासन ने खास इंतजाम किए। उपवास रखने वाले बंदियों को पौष्टिक फलाहार उपलब्ध कराया गया, ताकि उनकी सेहत पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। जेल अधीक्षक मनीष संभाकर ने बताया कि उपवास करने वाले सभी बंदियों का मेडिकल चेकअप किया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी सेहत की निगरानी कर रही थी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई। पूजा-अर्चना के लिए जेल प्रशासन ने विशेष स्थान निर्धारित किया गया। पूजा के लिए सभी आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराई गई। इस आयोजन से सकारात्मकता और आत्मचिंतन को बढ़ावा मिला। जेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन बंदियों को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियां सुधार प्रक्रिया में सहायक होती हैं। जेल में इस तरह के आयोजनों से बंदियों के आचरण में सुधार आने की संभावना बढ़ जाती है। जेल प्रशासन की यह पहल न केवल बंदियों के सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह उन्हें समाज में पुनः सम्मिलित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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*आतंकवादी हमले में जान बचाने के दौरान कंधे में हुआ फ्रेक्चर, अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने किया इलाज*
रायपुर प्/ जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए आंतकी हमले के दौरान मनेंद्रगढ़ जिले के चिरमिरी शहर के अरविंद अग्रवाल की धर्मपत्नी पूजा अग्रवाल जान बचाते हुए घायल हो गई थीं। पूजा अग्रवाल के साथ आए उनके पति अरविंद अग्रवाल के मुताबिक जैसे ही उनका परिवार आज रायपुर पहुंचा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तुरंत उनका कुशलक्षेम पूछा तथा उनके परिवार के सभी सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।आज उनकी रायपुर के डॉ भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के अस्थि रोग विभाग में जांच करायी गयी । जाँच करने वाले डॉक्टरों के अनुसार पूजा अग्रवाल के दाहिने कंधे में चोट आई है। अम्बेडकर अस्पताल पहुँचते ही उनके दाहिने कंधे एवं रीढ़ का एक्स रे करवाया गया। अस्थि रोग विभाग में डॉ. प्रणय श्रीवास्तव ने पूजा अग्रवाल की पूरी जाँच की। डॉ. प्रणय ने बताया कि मरीज के दाहिने कंधे पर थोड़ा फ्रैक्चर है जिसके कारण उन्हें दर्द हो रहा है। चूंकि गोलीबारी के दौरान जान बचाने के लिए उन्हें जमीन पर लेटना पड़ा शायद उसी दौरान उन्हें चोट आई होगी।अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि मरीज को सभी आवश्यक दवाएं दे दी गई हैं और फॉलोअप में आने को कहा गया है। आंतकी हमले के बाद पूरा परिवार सहमा हुआ था इसीलिए हमारे डॉक्टरों ने उनकी काउंसलिंग भी की और ढांढस भी बंधाया। मरीज को कहा गया है कि उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है और उन्हें कोई भी समस्या हो तुरंत हमसे संपर्क करे। - -महाकुल यादव समाज के वृंदावन भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के बगीचा में महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ (चौबीस प्रहरी) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूजा स्थल पर राधा-कृष्ण, चैतन्य महाप्रभु और गौरांग स्वामी की विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धाभाव से मंत्र जाप करते हुए पूजा स्थल की परिक्रमा भी की।वृंदावन भवन विस्तार के लिए 50 लाख और इंडोर स्टेडियम हेतु 2.75 करोड़ की स्वीकृतिइस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महाकुल यादव समाज के वृंदावन भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बगीचा में इंडोर स्टेडियम निर्माण के लिए पूर्व घोषित 2 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण के लिए भी एक करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन दोनों निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।यादव समाज: सनातन संस्कृति और गौवंश का रक्षकमुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि महाकुल यादव समाज सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यादव समाज हमेशा से गौवंश का संरक्षक और पालक रहा है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए शासन द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से बीपीएल परिवारों को उच्च नस्ल की दुधारू गायों के वितरण की योजना बनाई जा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने अल्प समय में पूरा किया है। सरकार बनने के तुरंत बाद, पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई। अब पात्रता का दायरा बढ़ाकर ‘आवास प्लस 2.0’ योजना में दुपहिया वाहन धारकों, 15 हजार से अधिक मासिक आय वालों तथा सीमित भूमि धारकों को भी शामिल किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि 30 अप्रैल तक चलाए जा रहे महाअभियान में सर्वे कराकर अपना नाम अवश्य दर्ज कराएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा दी जा रही है।पीएससी घोटाले में दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर राज्य के 146 विकासखंडों के 10-10 ग्रामों में सीएससी और चॉइस सेंटरों के माध्यम से ग्राम स्तर पर धन निकासी की सुविधा शुरू की गई है, जिसे शीघ्र पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।नक्सल उन्मूलन, पर्यटन और औद्योगिक विकास की दिशा में ठोस पहलमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गृहमंत्री श्री अमित शाह की घोषणा के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से मुक्त करने हेतु वृहद अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। नवीन औद्योगिक नीति के तहत प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे अनेक बड़े निवेशक राज्य में कारखाने स्थापित कर रहे हैं। साथ ही, वनोत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की जा रही है।इस अवसर पर पद्मश्री श्री जगेश्वर यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, महाकुल यादव समाज सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमेश्वर यादव, जिलाध्यक्ष श्री गणेश यादव, भरत सिंह, पार्षद श्री अमन शर्मा सहित महाकुल यादव समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और भारी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।ज्ञातव्य है कि महाकुल यादव समाज सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री हरि अखंड संकीर्तन नाम यज्ञ का यह तीसरा वर्ष है। 22 अप्रैल से चल रहे इस भक्ति आयोजन का पूर्णाहुति समारोह 26 अप्रैल को संपन्न होगा।
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रायपुर। जिले के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के एक ग्राम में नाबालिग बालिका के विवाह की तैयारी की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए संयुक्त टीम गठित कर बाल विवाह रोकथाम की कार्रवाई की गई।
इस संयुक्त कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक सुश्री नंदिनी ठाकुर, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के राज्य समन्वयक श्री विपिन ठाकुर, संरक्षण अधिकारी श्री संजय निराला, सेक्टर पर्यवेक्षक सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी श्रीमती ममता गायकवाड (एकीकृत बाल विकास परियोजना, मंदिर हसौद), तथा जिला बाल संरक्षण इकाई रायपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा कड़ा विरोध किया गया, परंतु टीम द्वारा प्रभावी संवाद एवं समझाइश के माध्यम से बाल विवाह को रोका गया। बालिका की कक्षा पांचवीं की अंक सूची का परीक्षण किया गया, जिससे उसकी आयु 16 वर्ष 10 माह 14 दिन होना प्रमाणित हुआ।घटना स्थल पर लड़का एवं लड़की पक्ष के माता-पिता, दोनों ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति में बालिका के माता-पिता से बाल विवाह नहीं करने की शपथ ली गई एवं पंचनामा तैयार किया गया। - -एक ही छत के नीचे मिलेगी खरीदारी और मनोरंजन की सुविधारायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में जोरा मॉल का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लिया और सभी के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की। इस दौरान उन्होंने मॉल में सर्व सुविधायुक्त सिनेमा हॉल का शुभारंभ किया और राज्य सरकार के सुशासन पर आधारित एक वीडियो देखा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राजधानी वासियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। यह नया प्रतिष्ठान लोगों को आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी सभी आवश्यक वस्तुएं, मनोरंजन और सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगा। इससे आसपास के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। श्री साय ने कहा कि यह मॉल आने वाले समय में शहरी जीवनशैली को और अधिक सहज, समृद्ध और सुविधाजनक बनाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लगभग 12 वर्षों की यात्रा के बाद यह प्रतिष्ठान अपने वास्तविक स्वरूप में बनकर तैयार हुआ है। प्रतिष्ठान के संचालक अनुभवी है और उद्योगपति के रूप में उनके लंबे अनुभवों का लाभ इस नए प्रतिष्ठान को भी मिलेगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों और प्रतिष्ठान से जुड़े सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े मॉल का आज विधिवत शुभारंभ हुआ है। 12-13 वर्ष पहले ट्रेजर आईलेंड के नाम से इस मॉल का काम प्रारम्भ हुआ, परन्तु लम्बी यात्रा के बाद आज नए कलेवर के साथ इसका शुभारम्भ हुआ। यह मॉल रायपुर और प्रदेशवासियों के लिए बेहतरीन खरीदी एवं मनोरंजन का केंद्र होगा। राजधानी रायपुर देश में विकसित राजधानी के रूप में अपनी पहचान बना रहा है और यह मॉल इस पहचान को स्थापित करने में अपना योगदान देगा।शुभारंभ समारोह को उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी संबोधित कर अपनी शुभकामनाएं दी।इस शुभ अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, सीएसआईडीसी के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, सीएमडीसी के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, आरडीए के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साहू, बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष श्री प्रभतेज सिंह भाटिया, मॉल के संचालक श्री विजय झावर भी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नीतियों से मिला वित्तीय स्वावलंबन-अब विकास को मिलेगी और तेज गतिरायपुर / छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर से एक प्रेरणादायक और सुखद खबर सामने आई है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, जिसे पहले एनआरडीए के नाम से जाना जाता था, अब पूरी तरह से कर्जमुक्त हो गया है। प्राधिकरण ने 1788 करोड़ रुपये का सारा कर्ज़ चुका दिया है, जो कि भारत सरकार और कई राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया गया था। साथ ही 100 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी भी अब राज्य सरकार को लौटा दी है। इस उपलब्धि का श्रेय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नीतियों, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन को जाता है। यह कदम नवा रायपुर को अधोसंरचना विकास और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मददगार होगा।नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ की आधुनिक और नियोजित राजधानी, के विकास के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज लिया गया था। यह कर्ज भूमि अधिग्रहण, सड़कों, शासकीय भवनों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे हिदायतुल्लाह विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए था। हालांकि, कर्ज के बोझ और ब्याज भुगतान ने प्राधिकरण के नगदी प्रवाह को प्रभावित किया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय स्वावलंबन पर जोर देते हुए ऐसी नीतियाँ लागू कीं, जिन्होंने प्राधिकरण की आय बढ़ाई और कर्ज से छुटकारा दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया।मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवा रायपुर अटल नगर का ऋणमुक्त होना एक सुखद संकेत है। हमारी सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और रणनीतिक नियोजन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि प्राधिकरण न केवल कर्ज से मुक्त हो, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर विकास की नई ऊँचाइयों को छूए। यह उपलब्धि नवा रायपुर को एक आधुनिक, रोजगारोन्मुखी और सुविधायुक्त शहर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों ने प्राधिकरण की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा दिया। मेडिसिटी, फार्मास्यूटिकल पार्क, देश की विख्यात पॉलिमैटेक कंपनी के सेमीकंडक्टर प्लांट का भूमिपूजन और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की पहल जैसे प्रोजेक्ट्स ने निजी निवेश को आकर्षित किया। छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक बजट में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1043 करोड़ रूपए का प्रावधान और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त धन आवंटन ने आय के स्रोतों को मजबूत किया। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के तहत व्यापारियों को राहत ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ नवा रायपुर विकास प्राधिकरण को मिला है।ऋणमुक्ति के साथ, प्राधिकरण की सभी संपत्तियाँ अब बंधनमुक्त हो गयी है, जिससे उनका उपयोग और क्रय-विक्रय आसान होगा। इससे नगदी प्रवाह बेहतर होगा और अधोसंरचना, सार्वजनिक सेवाओं और नई परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम नवा रायपुर को मेडिकल टूरिज्म और औद्योगिक विकास का केंद्र बनाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की यह उपलब्धि वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक नियोजन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यह देश के अन्य शहरी विकास प्राधिकरणों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को न केवल छत्तीसगढ़ की गौरवशाली राजधानी बनाना है, बल्कि इसे देश के लिए एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित करना है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का कहना है कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। आज नवा रायपुर में आरबीआई, नाबार्ड सहित अन्य बैंकों और एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यालय, बालको कैंसर अस्पताल, सत्य साईं अस्पताल जैसे अनेक संस्थाओं का पदार्पण हो चुका है। नवा रायपुर आईटी के क्षेत्र में भी एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। अब यहां पर सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर क्षेत्र से संबधित उद्योग भी लगने जा रहे हैं । नवा रायपुर में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल सुविधा प्रदान करने हेतु लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी विकसित करने की योजना है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में एडुसिटी विकसित करने के लिए भी बजट प्रावधान किया है। यहां पर देश का तीसरा सबसे बड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम है। नवा रायपुर के बढ़ते विकास को देखते हुए इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर के उन्नयन, संचालन एवं संधारण कार्य हेतु 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विकसित भारत आईकोनिक डेस्टिनेशन निर्माण हेतु 20 करोड़, ई-बसों सेवाओं के लिए 10 करोड़, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हेतु 20 करोड़, साईंस सिटी की स्थापना हेतु 37 करोड़ तथा पुस्तकालय के निर्माण हेतु 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्लग एंड प्ले ऑफिस स्पेस विकसित किए जाने के लिए 156 करोड़ की लागत से कमर्शियल ऑफिस कॉम्प्लेक्स के निर्माण प्रावधानित है। सीबीडी कमर्शियल टॉवर में 2000 आईटी रोजगार हेतु जगह का आबंटन टेली परफार्मेंस, स्क्वायर बिजनेस, सीएसएम कंपनियों को किया है। नवा रायपुर में एसडीएम एवं नवीन तहसील कार्यालय की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान है।
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टी सहदेव
भिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक में गुरुवार को पहलगाम में आतंकवादियों के हमले में अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष पर्यटकों की आत्मा की शांति के लिए मोमबत्तियां जलाकर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। क्लबहाउस के सामने आयोजित इस शोकसभा में सभी ने नरसंहार को अंजाम देने वाले दहशतगर्दो के खिलाफ एक स्वर में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। पूरे देश की आत्मा को झकझोर देने वाले इस हमले के विरुद्ध तालपुरीवासियों ने जहां अपना आक्रोश जताया, वहीं कई परिवारों के उजड़ जाने पर उनकी आंखें भी नम हो गईं।शोकसभा में बड़ी संख्या में बच्चों, पुरुषों, महिलाओं से लेकर वरिष्ठजन भी शामिल हुए। सभी ने इस नाजुक मौके पर एकजुटता और संयम बरतने का संकल्प भी लिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष कुबेर देशमुख ने कहा कि यह नरसंहार भारत की 140 करोड़ की जनता के लिए एक गंभीर चुनौती है। आतंकवादियों की यह दरिंदगी अब खत्म होनी ही चाहिए। पार्षद सविता ढवस ने आतंकवादियों की इस करतूत को कायराना बताते हुए इसे जड़ से खत्म करने की मांग की। महिला समिति की अध्यक्ष रेखा सिंह ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।शोकसभा में उस वक्त देश प्रेम का जज्बा हिलोरें मारने लगा जब कॉलोनीवासी ओपी मिश्रा ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता 'समर शेष है' की दो पंक्तियां- समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध, गाकर सुनाईं। इस अवसर पर एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष असीम सिंह, पूर्व महासचिव बीआर ढोके, लेखिका सरस्वती धानेश्वर, अमलदास, गजानन अवचट, आरएस कन्नौजिया, देवनाथ बाबू, संगीता साहू, आरआर शर्मा, ओमवीर सिंह, महेश विश्वकर्मा, बीएल राजू, आर के साहू, अश्वनी शुक्ला, जोगाराव समेत साठ से ज्यादा लोग शामिल हुए। -
पीएमश्री स्कूूल जगतरा में ’अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम में शामिल होकर अध्ययन-अध्यापन के बारिकीयों के संबंध में दी जानकारी
बच्चों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ बचपने से ही अच्छे आदतों का निर्माण एवं समझ भी पैदा करने को कहाबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि हमारे नन्हें-मुन्हें बच्चे गीली मिट्टी के समान होते है। शिक्षक, माता-पिता एवं समाज कुशल कारीगर की भाँति अपने साधना एवं श्रम से इन्हें मनचाहे आकार दे सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज बालोद विकासखण्ड के पीएमश्री स्कूल जगतरा में आयोजित ’अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रही थीं। इस अवसर पर कलेक्टर ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अध्ययन-अध्यापन के विभिन्न बारिकीयों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि बच्चों को विषय के प्रति समझ एवं उनके ज्ञानवर्धन करने के साथ-साथ बचपन से ही अच्छे आदतों का निर्माण एवं समझ भी पैदा करना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि जीवन में उपलब्धि हासिल करने के लिए अच्छी शिक्षा एवं ज्ञान के साथ-साथ अनुशासन एवं अच्छे चरित्र का निर्माण भी किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा एवं संस्कार के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का बोध भी उन्हें बचपने से कराना चाहिए। इसके अंतर्गत उन्होंने बच्चों को बचपने से ही पशु-पक्षियों एवं पेड़-पौधों के संरक्षण के कार्य के अंतर्गत पौधरोपण कर उनका सुरक्षा के उपाय तथा पशु-पक्षियों के लिए पानी की प्रबंध आदि छोटे-छोटे कार्यों के लिए पे्ररित करने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा बच्चों को पानी की महत्व की जानकारी देेते हुए इनके अपव्यय को रोकने के उपाय, हमारे बीच उपलब्ध संसाधनों का समुचित दोहन अपने बड़े बुजुर्गों के प्रति आदर भाव जैसे गुणों का विकास के लिए बच्चों में बचपने से ही संस्कार डालने की आवश्यकता बताई। जिससे कि हमारे विद्यार्थी अपने जीवन में ऊँचे मुकाम हासिल करने के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के लिए योग्य एवं जिम्मेदार नागरिक तथा संवेदनशील इंसान बन सके।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं, जनप्रतिनिधियों एवं बच्चों के अभिभावकों को ’अंगना म शिक्षा’ के अंतर्गत अध्ययन-अध्यापन के बारिकीयों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार एवं स्कूलों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ-साथ शैक्षणिक परिसर में अनुकूल परिवेश एवं माहौल सुनिश्चित कराना केवल शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के बस की बात नही है। अपितु इस कार्य में बच्चों के माता-पिता, जनप्रतिनिधियों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बच्चों के साथ शाला परिसर में पौधरोपण कर रोपे गए पौधे का समुचित देखभाल एवं इनके संरक्षण एवं संवर्धन के उपाय करने को कहा। इस दौरान कलेक्टर ने शाला में कक्षा पहली में प्रवेश लेने पहुँचे दिव्यांग विद्यार्थी राहुल धनकर का समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए समग्र शिक्षा विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी को निर्देशित भी किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री पीसी मरकले, सहायक परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा श्री अनुराग त्रिवेदी, सरपंच श्री मंगल सिंह मण्डावी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिका, विद्यार्थियों के अलावा उनके माता-पिता एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। - -विप्र समाज ने दी विनम्र श्रद्धांजलिरायपुर । ग्राम बलरामपुर-बिरोडा (फिंगेश्वर) निवासी 44 वर्षीय श्री विप्लव (उपाध्याय) शर्मा (टेकारी - करही वाले ) का गुरुवार की रात्रि आकस्मिक निधन हो गया। वे श्रीमती सीमा शर्मा के पति , कुमारी आर्या व आयुष के पिता, चंद्रशेखर - स्वर्गीय रत्ना उपाध्याय के पुत्र , स्वर्गीय प्रकाश उपाध्याय (रायपुर), राजेन्द्र उपाध्याय (पटेवा , राजिम ) , जितेन्द्र उपाध्याय (रायपुर) तथा प्रदीप उपाध्याय (कुम्हारी) के भतीजे थे । अंतिम संस्कार आज शुक्रवार को पूर्वाह्न 10 बजे बलरामपुर मुक्तिधाम में किया गया।विप्र समाज ने दी विनम्र श्रद्धांजलिश्री विप्लव शर्मा के आकस्मिक निधन पर भूपेन्द्र शर्मा, विजय शर्मा, प्रशांत शर्मा, असीम पांडे, कमल उपाध्याय, राजेश उपाध्याय, मनोज उपाध्याय, शांतनु उपाध्याय, मनोज उपाध्याय (गुरुर) , संगीता- राजेश उपाध्याय, प्रमोद उपाध्याय , जितेन्द्र उपाध्याय (गुरुर) अनीता शर्मा, आलेख शर्मा (सोनू), दीपांक उपाध्याय, शैलेष- प्रतिमा, ओम प्रकाश उपाध्याय, नीलिमा, दिव्या, प्रवीण शर्मा, पद्मा दीवान , किरण- नवीन शर्मा, सीमा- अनिल शर्मा, सूरज उपाध्याय, लता-ललित उपाध्याय, कल्पना दुबे, संध्या- शरद उपाध्याय , दीप्ति- जितेन्द्र उपाध्याय, चंद्रशेखर दिव्वेदी, कल्पना पांडे , अजय, समीर शर्मा, अरुण उपाध्याय, गीता(रितु), डॉ. अनुभा, सीमा उपाध्याय, शरद उपाध्याय, युगलकिशोर उपाध्याय आदि विप्र समाज के सदस्यों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी है।
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रायपुर राजधानी रायपुर में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अंग प्रतिरोपण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहला सफल ‘स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट' किया है। एम्स के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही एम्स रायपुर, नए एम्स संस्थानों के बीच और छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जिसने इस जटिल और जीवन रक्षक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि किडनी पेयर्ड ट्रांसप्लांट (केपीटी) के नाम से भी जाने जाने वाले ‘स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट' से प्रतिरोपण की संख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। ‘स्वैप ट्रांसप्लांट” में किसी रोगी के लिए जीवित गुर्दा दाता तो उपलब्ध होता है लेकिन रक्त समूह या एचएलए एंटीबॉडी न मिलने के कारण प्रतिरोपण संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वह ऐसी ही किसी दूसरी जोड़ी के साथ गुर्दे का आदान-प्रदान होने पर प्रतिरोपण करा सकता है। इस प्रक्रिया में दोनों जोड़े सफलतापूर्वक किडनी प्रतिरोपण करा सकते हैं। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एम्स रायपुर में भर्ती बिलासपुर के 39 और 41 साल के दो पुरुष मरीज पिछले तीन साल से ‘डायलिसिस' पर थे, दोनों को गुर्दा प्रतिरोपण कराने की सलाह दी गई थी और उनकी पत्नियां गुर्दा दान करने के लिए आगे आईं। हालांकि, रक्त समूह एक जैसा न होने के कारण पत्नी का गुर्दा प्रतिरोपित करना संभव नहीं हो पाया। फिर स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह स्वैप ट्रांसप्लांट इस वर्ष 15 मार्च को किया गया और दाता व प्राप्तकर्ता दोनों चिकित्सकीय निगरानी में हैं। एम्स रायपुर में गुर्दा रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर विनय राठौर ने बताया कि रक्त समूह या एचएलए एंटीबॉडी का मिलान न होने के कारण लगभग 40 से 50 प्रतिशत प्रतिशत प्रतिरोपण अस्वीकार कर दिए जाते हैं। डॉक्टर राठौर ने कहा, ''स्वैप ट्रांसप्लांट उन रोगियों के लिए जीवन रक्षक विकल्प है जिनके पास गुर्दा दान करने वाले तो होते हैं, लेकिन दोनों का रक्त समूह और एंटीबॉडी मेल नहीं खाता। समय पर प्रतिरोपण कराना, डायलिसिस की तुलना में बेहतर होता है।'' उन्होंने बताया कि हाल ही में 16 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण संगठन (एनओटीटीओ) ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर स्वैप ट्रांसप्लांट की योजना को क्रियान्वित करने की सिफारिश की है जिससे जैविक असंगति वाले रोगियों को भी प्रतिरोपण का लाभ मिल सके।
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रायपुर. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने नारायणपुर के नेलांगुर गांव में एक नए शिविर की स्थापना की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस नए शिविर के साथ ही आईटीबीपी ने नक्सल प्रभाव वाले अबूझमाड़ में इस वर्ष अब तक पांच शिविर स्थापित कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को वर्षों से माओवादियों का सुरक्षित गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन पिछले समय से माड़ बचाओ अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे समन्वित सुरक्षा अभियानों ने इस मिथक को तोड़ना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आईटीबीपी की 45वीं वाहिनी द्वारा स्थापित नेलांगुर शिविर महाराष्ट्र की सीमा से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षाबलों ने अबूझमाड़ को दक्षिण से जोड़ने की रणनीति के सिलसिले में निर्णायक कदम उठाया है। अबूझमाड़ का ज्यादातर हिस्सा नारायणपुर जिले में है और यह लगभग चार हजार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह क्षेत्र भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का गढ़ माना है। अधिकारियों ने बताया कि आईटीबीपी, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्यवाहियों के चलते इस क्षेत्र में माओवादियों की पकड़ लगातार कमजोर पड़ती जा रही है। बड़ी संख्या में माओवादी या तो आत्मसमर्पण कर रहे हैं या फिर इलाके से भागने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नेलांगुर में शिविर खुलने से न केवल अभियान तेज हुए हैं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी सुरक्षा, स्वास्थ्य, पीने का पानी, सड़क और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलने लगी हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह शिविर आईटीबीपी के भुवनेश्वर में स्थित सामरिक मुख्यालय के अधीन संचालित हो रहा है, जिसकी निगरानी केंद्रीय फ्रंटियर कमान द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि अबूझमाड़ को महाराष्ट्र से जोड़ने का काम इस जनवरी में शुरू हुआ था। आईटीबीपी की दो बटालियनों (41वीं और 45वीं) को नारायणपुर जिले के इन सुदूर इलाकों में शिविर बनाने का काम सौंपा गया था। आईटीबीपी ने मोहंदी में पहला आधार शिविर बनाया, उसके बाद कोडलियार, कुतुल, बेदमाकोटी, पदमकोट और अंत में नेलांगुर में शिविर बनाया। अधिकारियों ने कहा, ''छत्तीसगढ़ में तैनात किसी भी बल द्वारा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में इतने शिविर स्थापित करने में सबसे कम समय (तीन महीने) लगा है।'' एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''यह इलाका पिछले चार दशकों से नक्सलियों के कब्जे में है। अबूझमाड़ के इस इलाके में नक्सलियों की 'बड़ी मौजूदगी' देखी गई है।'' अधिकारियों ने बताया कि आईटीबीपी अब उन ठेकेदारों और मजदूरों को सुरक्षा प्रदान करेगी जो राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 130डी के निर्माण के लिए महत्वाकांक्षी 'भारतमाला' सड़क नेटवर्क परियोजना पर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा की कमी के कारण यह काम लंबित था। इसके अलावा, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) भी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले तक पहुंचने के लिए नारायणपुर के उत्तरी हिस्से में ऐसे शिविर बना रहा है जिससे बेहतर संचार और सड़क नेटवर्क खुलेंगे। आईटीबीपी को छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान चलाने के लिए तैनात किया गया है। बल को सबसे पहले राजनांदगांव जिले में और उसके बाद नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में तैनात किया गया। - रायपुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से लगे पड़ोसी राज्य तेलंगाना की सीमा पर नक्सली गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबल के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए भेजा गया था। उन्होंने बताया कि दल जब दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित करेगुट्टा की पहाड़ी वाले इलाके में था तब सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से अभी तक तीन नक्सलियों के शव बरामद किये हैं। मुठभेड़ में अन्य नक्सलियों के भी मारे जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यह अभियान बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई में से एक है। इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसकी विशिष्ट इकाई कोबरा सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 10 हजार जवान शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना पुलिस भी इस अभियान में सहायक भूमिका में है।उन्होंने बताया कि माओवादियों के सबसे मजबूत सैन्य संगठन बटालियन नंबर एक के वरिष्ठ कैडरों और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति की मौजूदगी के बारे में मिली सूचना के आधार पर सोमवार को अभियान शुरू किया गया था। यह अभियान लगातार कुछ दिनों तक चलेगा। अधिकारियों ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादियों की बटालियन नंबर एक का आधार क्षेत्र बताया जाता है।
- मुंगेली। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आज मुंगेली जिला कलेक्टोरेट परिसर से 183 श्रद्धालुओं का दल जगन्नाथपुरी, भुवनेश्वर और कोणार्क के लिए रवाना हुआ। इन श्रद्धालुओं में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ विधवा एवं परित्यक्त महिलाएं भी शामिल हैं। सभी श्रद्धालुओं को पुष्पमाला पहनाकर और बस को हरी झंडी दिखाकर नवपदस्थ कलेक्टर कुन्दन कुमार, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्टर कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप यह योजना श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी। इससे उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।” उन्होंने सभी यात्रियों को मंगलमय और सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।श्रद्धालुओं ने “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि सभी श्रद्धालु बिलासपुर से सर्व-सुविधा युक्त एसी कोच ट्रेन द्वारा जगन्नाथपुरी, भुवनेश्वर व कोणार्क में दर्शन-पूजन के उपरांत 27 अप्रैल को मुंगेली वापस लौटेंगे। यात्रा के दौरान उन्हें निःशुल्क भोजन व रहने की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता किट और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इच्छुक वरिष्ठ नागरिक योजना का लाभ लेने के लिए जिला कलेक्टोरेट स्थित समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
- -उद्योग एक ही भू-खंड पर कर सकेंगे दोगुना निर्माणरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में किए सुधार के चलते अब उद्योग एक ही भू-खंड पर दोगुना निर्माण कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर हुए इस संशोधन से राज्य में उद्योगों एवं व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम में संशोधन 24 दिसंबर 2024 को अधिसूचित किए गए हैं।फ्लैटेड इंडस्ट्रीज़ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को 1.5 से बढ़ाकर 3.0 किया गया है, जिससे उद्योग एक ही भूखंड पर अब दोगुना निर्माण कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को कम लागत में अधिक उपयोग योग्य स्थान उपलब्ध होगा। औद्योगिक प्लॉट्स के लिए ग्राउंड कवरेज को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही सेटबैक में कमी की गई है, जिससे ज़मीन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।नगर पालिका क्षेत्रों और विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में व्यावसायिक भवनों के लिए न्यूनतम 5.0 एफएआर निर्धारित किया गया है। जिन भूखंडों का क्षेत्रफल 5 एकड़ या उससे अधिक है और जिन तक 100 मीटर चौड़ी सड़क की पहुँच है, उन पर एफएआर 5.0 लागू होगा। यदि ये भूखंड सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक (सीबीडी) या ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवल्पमेंट (टीओडी) ज़ोन में आते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 2.0 एफएआर की अनुमति होगी, यानी कुल एफएआर 7.0 तक हो सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में आधुनिक औद्योगिक तथा व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेश में वृद्धि, रोजगार सृजन और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग ने इन संशोधनों को उद्योग हितैषी नीति के तहत तैयार किया है, ताकि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक एवं व्यावसायिक निवेश को बढ़ावा मिल सके।
- रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम के निर्देश पर राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा खरीफ वर्ष 2025 के लिए अनाज, दलहन एवं तिलहन, आधार-प्रमाणित बीजों के विक्रय दर का निर्धारण किया गया है। गौरतलब है कि राज्य स्तरीय बीज विक्रय दर निर्धारण समिति की बठैक 11 अप्रैल को आयोजित की गई थी।भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में प्रावधान अनुसार उत्पादन एवं वितरण अनुदान की राशि को घटाकर बीज विक्रय दर निर्धारित किया गया है। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि आधार बीजों की विक्रय दरें प्रमाणित बीजों की विक्रय दरों से प्रति क्विंटल 100 रूपए अधिक होगी। कृषि विभाग द्वारा उत्पादन एवं वितरण अनुदान की राशि प्रावधान अनुसार छ.ग. राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लि. को देय होगी।अधिकारियों ने बताया कि निगम द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार धान मोटा, कृषकों के लिए 3,550 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 3,408 रूपए प्रति क्विंटल है। इसी प्रकार धान पतला कृषकों के लिए 4,030 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकरी समितियों के लिए 3,869 रूपए प्रति क्विंटल है, धान सुगन्धित के लिए 4,650 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 4,464 रूपए प्रति क्विंटल है, कोदो के लिए 7,300 रूपए प्रति क्विंटलऔर सहकारी समितियों के लिए 7,008 रूपए प्रति क्विंटल है, रागी के लिए 4,500 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 4,320 रूपए प्रति क्विंटल, उड़द कृषकों लिए 11,300 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 10,848 रूपए प्रति क्विंटल, मूंग के कृषकों लिए 11,400 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 10,944 रूपए प्रति क्विंटल, कुल्थी के कृषकों लिए 7,750 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 7,440 रूपए प्रति क्विंटल हैं।इसी प्रकार सोयाबीन कृषकों लिए 7,400 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 7,104 रूपए प्रति क्विंटल, मूंगफली के कृषकों लिए 11,900 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 11424 रूपए प्रति क्विंटल, तिल कृषकों लिए 19,300 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 18,528 रूपए प्रति क्विंटल, रामतिल कृषकों लिए 13,000 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 12,480 रूपए प्रति क्विंटल, ढेंचा कृषकों लिए 9,900 रूपए प्रति क्विंटल और सहाकारी समितियों के लिए 9,504 रूपए प्रति क्विंटल, सनई कृषकों लिए 11,600 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 11,136 रूपए प्रति क्विंटल है। इसी तरह अरहर 10 वर्ष के अन्दर 11,800 रूपए प्रति क्विंटल और सहकारी समितियों के लिए 12,500 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित हैं।
- -371 बच्चों ने दी परीक्षा, 122 बच्चें हुए क्वालीफाई-राज्य में 15 प्रयास आवासीय विद्यालय है संचालित-अब तक प्रयास विद्यालय के 122 विद्यार्थी आईआईटी, 356 विद्यार्थी एनआईटी, 960 समकक्ष परीक्षा में और 70 विद्यार्थी एमबीबीएस में हो चुके है चयनित-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री राम विचार नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर। जेईई मेंस-2025 के घोषित परिणामों में प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस वर्ष जेईई मेंस परीक्षा में बैठे प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 371 बच्चों में से 122 ने क्वालीफाई किया है। विद्यार्थियों की इस सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ उनके गांव एवं समाज में हर्ष का माहौल है। विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।वर्तमान में राज्य में कुल 15 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में राजनादंगावं एवं बलरामपुर में एक-एक नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके प्रारंभ होने से राज्य में प्रयास विद्यालयों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी। ज्ञात हो कि अब तक प्रयास आवासीय विद्यालय के 122 विद्यार्थी आईआईटी एवं समकक्ष में, 356 विद्यार्थी एनआईटी एवं समकक्ष में, 960 समकक्ष में एवं 70 एमबीबीएस हेतु चयनित हो चुके हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध उपलब्ध कराना, उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने हेतु सक्षम बनाकर व्यावसायिक उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश कराना तथा उन्हें जीवन में स्थिरता प्रदान करना है।आदिम जाति कल्याण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष जेईई मेंस के घोषित परिणामों में प्रयास, बालक आवासीय विद्यालय, रायपुर का परीक्षा परिणाम सबसे अच्छा रहा है, इसके जेईई एडवासं परीक्षा में बैठे कुल 153 बच्चों में से 69 ने मेंस क्वालीफाई किया है। इनकी सफलता का प्रतिशत लगभग 45 प्रतिशत रहा है, जो कि राष्ट्रीय स्तर की इतनी कठिन परीक्षा के हिसाब से उत्कृष्ट कहा जा सकता है। इसी प्रकार प्रयास आवासीय विद्यालय, अंबिकापुर के परीक्षा में बैठे 44 में से 16 बच्चों ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है। प्रयास, दुर्ग के परीक्षा में बैठे 46 में से 12 बच्चे, प्रयास, कांकेर के परीक्षा में बैठे 23 में से 08 बच्चे, जबकि प्रयास, जशपुर के परीक्षा में बैठे 38 में से 09 बच्चों ने तथा प्रयास, कोरबा के परीक्षा में बैठे 30 बच्चों में से 01 ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है।इसी प्रकार प्रयास, जगदलपुर के परीक्षा में बैठे 37 बच्चों में से 07 ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है। प्रदेश के सुदूर नक्सल प्रभावित अंचल के बच्चों का राष्ट्रीय स्तर की इस कठिन परीक्षा में सफल होना विभाग के साथ-साथ राज्य के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। इस प्रकार इस वर्ष कुल मिलाकर 122 विद्यार्थियों का आईआईटी एवं आईआईटी प्रिपरेटरी में चयन होने की संभावना है।
- - वन्यजीव संरक्षण की दिशा में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धिरायपुर। छत्तीसगढ़ के नंदनवन जंगल सफारी से नेपाल की कोसी टप्पू वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी तक की 1165 किलोमीटर लंबी उड़ान भरने वाले हिमालयन ग्रिफ़्फॉन गिद्ध ‘जटायु’ की यात्रा, केवल एक पक्षी की वापसी नहीं है, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण, वैज्ञानिक निगरानी और समर्पित प्रयासों की एक जीवंत मिसाल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैव विविधता से भरपूर राज्य है। छत्तीसगढ़ राज्य अब वन्यजीव संरक्षण की नई उड़ान का नेतृत्व करता हुआ राज्य भी बन चुका है। ‘जटायु’ की यह यात्रा केवल आकाश की नहीं, विश्वास की भी है।करीब दो महीने पहले बिलासपुर वनमंडल से एक हिमालयन ग्रिफ़्फॉन गिद्ध गंभीर रूप से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे नवा रायपुर स्थित नंदनवन जू और जंगल सफारी लाया गया, जहाँ विशेषज्ञों की देखरेख में उसका सफल इलाज किया गया। स्वास्थ्य लाभ के उपरांत 11 अप्रैल 2025 को इसे रेडियो टेलीमेट्री टैग के साथ दोबारा प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया।‘जटायु’ नामक इस गिद्ध की गतिविधियों पर वन विभाग छत्तीसगढ़ और भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की टीम द्वारा लगातार नजर रखी जा रही थी। इस पूरी अवधि में इस गिद्ध ने छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार होते हुए नेपाल की कोसी टप्पू वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी तक सफलतापूर्वक उड़ान भरी, जो इस बात का प्रमाण है कि वह पूर्णतः स्वस्थ है और अपने प्राकृतिक व्यवहार में लौट चुका है।एक नहीं, तीन सफल कहानियाँ‘जटायु’ अकेला नहीं है। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने हाल के वर्षों में तीन अलग-अलग प्रजातियों के गिद्धों को न सिर्फ बचाया, बल्कि सफलतापूर्वक प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित किया। भानुप्रतापपुर क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए व्हाइट रंप्ड वल्चर प्रजाति के एक दुर्लभ गिद्ध को बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी मुंबई द्वारा टैग कर निगरानी की जा रही है। आज यह मध्यप्रदेश के शहडोल ज़िले में सक्रिय है। इसी तरह इजिप्शियन वल्चर प्रजाति के गिद्ध को रायपुर-बिलासपुर मार्ग से रेस्क्यू करके इसे अभनपुर क्षेत्र में छोड़ा गया, जहाँ यह नियमित रूप से देखा जा रहा है और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका निभा रहा है।नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर बताते हैं कि गिद्धों की निगरानी के लिए उपयोग की गई रेडियो टेलीमेट्री तकनीक एक आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति है, जिससे इनके प्रवास मार्ग, व्यवहार और निवास स्थलों की सटीक जानकारी मिलती है। इससे न केवल गिद्धों के जीवनचक्र को समझने में मदद मिलती है, बल्कि उनके संरक्षण के लिए रणनीति बनाने में भी सहायता मिलती है।गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के सफाईकर्मी माने जाते हैं। मृत पशुओं को खाकर ये संक्रमण फैलने से रोकते हैं। लेकिन बीते दशकों में डाइक्लोफेनाक जैसे विषैले पशु-औषधियों के चलते इनकी संख्या में तेज गिरावट आई है। ऐसे में इनकी हर एक सफल रिहाई और निगरानी हमारे पर्यावरण के लिए एक बड़ी जीत है।वनमंत्री श्री केदार कश्यप का कहना है कि यह हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। ‘जटायु’ और अन्य गिद्धों की सफल निगरानी से हमें भविष्य में और भी पक्षियों और जीवों के संरक्षण का मार्ग प्रशस्त होगा। जटायु की यह ऐतिहासिक उड़ान न केवल पक्षियों के जीवन की रक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शी वन्यजीव संरक्षण नीति, वैज्ञानिक सोच और टीम वर्क का शानदार उदाहरण भी है। यह दिखाता है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो घायल पंख भी दोबारा आकाश छू सकते हैं।
- -कृषि विश्वविद्यालय में ड्रोन प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना होगी-इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और कैटेलिस्ट फाउंडेशन के बीच हुआ समझौतारायपुर। कृषि के क्षेत्र में ड्रोन की बढ़ती उपयोगिता एवं अनुप्रयोग को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि अनुसंधान, नवाचार और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए आज यहां कैटेलिस्ट फाउंडेशन नामक संस्था के साथ समझौता किया गया। इस समझौते के तहत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों, युवाओं एवं किसानों को ड्रोन संचालन, रख-रखाव, मरम्मत और ओवर हॉलिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण सात से दस दिवस का होगा जिससे विद्यार्थियों को कृषि में ड्रोन अनुप्रयोग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की उपस्थित में सम्पन्न समझौता ज्ञापन पर स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विनय कुमार पाण्डेय एवं कैटेलिस्ट फाऊंडेशन की ओर से पुष्पराज पाण्डेय ने हस्ताक्षर किये। समझौते के तहत छत्तीसगढ़ में छात्रों और युवाओं को ड्रोन संचालन और प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण और प्रमाणन की सुविधा के लिए भारत सरकार के महानिदेशक नागरकि उद्दयन के निर्देशों के अनुरूप कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय में एक दूरस्थ पायलट प्रशिक्षण संगठन इकाई की स्थापना की जाएगी।अनुबंध समारोह को संबोधित करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपित डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग निरंतर बढ़ता जा रहा है और आजकल खेतों में बीज बुआई से लेकर खाद एवं दवाओं के छिड़काव तथा फसलों की निगरानी आदि के लिए ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को रोजगारमूलक पाठ्यक्रमों से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा भी कृषि विश्वविद्यालयों में कृषि में ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। देश में अब तक तीन कृषि विश्वविद्यालयों में ड्रोन प्रौद्योगिकी पर सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किये गये हैं और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ड्रोन प्रौद्योगिकी पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने वाला चौथा कृषि विश्वविद्यालय बन गया है। कैटेलिस्ट फाऊंडेशन, रायपुर के अध्यक्ष श्री पुष्पराज पाण्डेय ने कहा कि बहुत से संस्थानों द्वारा कृषि के क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है और इस क्षेत्र में कुशल ड्रोन ऑपरेटरों की काफी कमी है। युवाओं को दस दिवसीय प्रशिक्षण मिलने से उनके लिए रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।आज हुए समझौते के तहत विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को लक्षित करते हुए कृषि ड्रोन संचालन, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, ड्रोन के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालिंग (एमआरओ) सहित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संयुक्त संचालन किया जाएगा। कृषि में ड्रोन के अनुप्रयोगों अनुसंधान, नवाचार और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए कृषि विश्वविद्यालय में बुनियादी ढांचे और संसाधन सुदृढ़ीकरण का विकास किया जाएगा। कृषि में ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए आईसीएआर के निर्देशों और राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप क्षमता निर्माण और कौशल वृद्धि किया जाएगा। कैटेलिस्ट फाउंडेशन के उद्योग और क्षेत्र के विशेषज्ञों के सहयोग से छात्रों के लिए प्लेसमेंट और व्यावहारिक प्रदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.के. दवे, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, निदेशक विस्तार डॉ. एस.एस. टुटेजा, निदेश प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. राजेन्द्र लाकपाले सहित प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक उपस्थित थे।
- - धमतरी और कांकेर में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को सख्त निर्देशरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों और महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने गुरुवार को धमतरी और कांकेर जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर इस प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, विष्णु के सुशासन में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।धमतरी जिले के ग्राम तेलिनसत्ती में आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 का दौरा करते हुए श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के साथ फर्श पर बैठकर खेल-खेल में परिचय किया, उनके नाम पूछे और चॉकलेट बांटी। बच्चों से नाश्ता व भोजन के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्धारित समय पर भोजन और नाश्ता देने के निर्देश दिए। पोषक आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, गर्मी को देखते हुए पीने का पानी और ओआरएस की व्यवस्था करने, और केंद्रों को सुबह 7 से 11 बजे तक खोलने के निर्देश भी दिए।मंत्री ने बच्चों को खेल-खेल में व्यवहारिक ज्ञान देने, पढ़ाई पर ध्यान देने और साफ-सफाई का महत्व सिखाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए सुरक्षित, सुविधायुक्त और अनुकूल बनाया जाए।कांकेर जिले के ग्राम दरगाहन में आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां पाए जाने पर श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने दोहराया, बच्चों की देखरेख में कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में संचालक महिला एवं बाल विकास श्री पदुम सिंह एल्मा, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव, परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित कई लोग उपस्थित थे।मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा।
- - आरोपी तात्रिक सहित अन्य आरोपी गिरफ्तारकोरबा। तंत्र मंत्र के जरिये जमीन से सोने से भरा हंडा निकालकर करोड़पति बनाने का झांसा देकर नकटीखार के कथित तांत्रिक ने सूरजपुर में एक व्यक्ति से 14.9 लाख हड़प लिए। पीडि़त की शिकायत पर सूरजपुर पुलिस ने कोरबा में दबिश दी और आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया ।घटना पड़ोसी जिला सूरजपुर में वर्ष 2022 में हुई थी, जहां के ग्राम खोंड़, थाना रमकोला निवासी अभिषेक प्रताप सिंह ने जून 2022 में रिपोर्ट लिखाई। उसने बताया कि बैंक में काम के दौरान विमल सिंह ठाकुर से मुलाकात हुई थी। उसने कोरबा जिले के नकटीखार निवासी आरोपी कथित तांत्रिक नरेश पटेल के जरिए जमीन में गड़ा धन निकलवाने का दावा किया।सोना पाने के लालच में अभिषेक उसके झांसे में आकर तंत्र-मंत्र कराने को तैयार हो गया। विमल सिंह ने आरोपी तांत्रिक नरेश पटेल व एक अन्य साथी मनोज कुमार को लेकर सूरजपुर पहुंचा, जहां अभिषेक के घर में तंत्र-मंत्र कर जमीन से हंडा निकालकर कमरे में बंद कर दिया गया। विशेष पूजा के जरिए तंत्र-मंत्र से हंडा सोना में तब्दील होने की बात कही गई। पूजन सामग्री के लिए उन्होंने अभिषेक से 14.09 लाख रुपए ले लिए ।तांत्रिक साधना पूर्ण होने के बाद जब हंडा खोला तो उसमें सोने की जगह मिट्टी निकली, तब अभिषेक को ठगी का अहसास हुआ। उसने थाने पहुंचकर रिपोर्ट लिखाई। मामले में अन्य आरोपी को सूरजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी तांत्रिक नरेश पटेल फरार था। एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर थाना प्रभारी विमलेश दुबे की टीम ने नकटीखार पहुंचकर आरोपी नरेश को भी गिरफ्तार कर लिया।
- -आईटीबीपी के बढ़ते कदम-अबूझमाड़ में छत् तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक...- छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ को नक् सलियों का अभेद किला माना जाता रहा है।कोंडागांव। भारत सरकार के नक्सल उन्मूलन मिशन और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी 'माड़ बचाओ' अभियान के अंतर्गत विगत कुछ महीनों में आईटीबीपी की वाहिनियों ने जिला नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार अपनी ताकत बढ़ाई है और डी.आई.जी. राणा युद्धवीर सिंह के नेतृत् व में हिमवीरों ने इस दुर्गम व अबूझ इलाके में लगातार नए कैंप स् थापित किए हैं और अबूझमाड एक्सिस में अपनी तैनाती पूरी करते हुए इसको महाराष्ट्र बॉर्डर से जोड दिया है।अबूझमाड़ में आईटीबीपी की बढ़ती ताकत व नक् सलियों की कमजोरी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में आईटीबीपी, डी. आर.जी. व छत् तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे संयुक् त अभियानों में भारी सफलता हाथ लगी है और बड़ी तादाद में नक् सली आत्मसमर्पण कर देश की मुख् य धारा में शामिल हो रहे हैं या इलाका छोड़कर भाग रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से अभी तक आईटीबीपी ने 5 नए कैंप अबूझमाड़ में राष् ट्रीय राजमार्ग 130 डी पर स् थापित किए गए हैं, जिनमें महाराष् ट्र सीमा से लगभग 1 किमी की दूरी पर नया व अंतिम कैंप 'नेलांगुर' भी शामिल है। नेलांगुर सी.ओ.बी. 45वीं वाहिनी, आईटीबीपी द्वारा स् थापित किया गया है। माड क्षेत्र में आईटीबीपी के कैंप खुलने से नक् सलियों के खिलाफ ऑपरेशनों में तेजी आई है और उन पर दबाव बना है। साथ ही यहां के निवासियों को सुरक्षा के साथ-साथ चिकित् सा, पानी, सड़क व दूरसंचार जैसे आम सुविधाएं भी मुहैया करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।श्री राणा युद्धवीर सिंह, डी. आई.जी. ने कहा कि ऐसे ऑपरेशनों में हमारे सेंट्रल फ्रंटियर मुख् यालय, आईटीबीपी के आई.जी. ओ.पी. यादव का मार्गदर्शन व सहयोग मिलता रहा है। श्री राजीव गुप् ता, सेनानी और उनकी 45वीं वाहिनी की टीम को नई सी. ओ.बी. नेलांगुर खोलने के लिए शाबाशी देते हुए श्री सिंह ने श्री सुन् दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस् तर रेंज, श्री अमित कामले, डी. आई.जी., कांकेर रेंज, श्री प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, डी. आर. जी. व छत् तीसगढ़ पुलिस की टीमों के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व् यक् त किया। श्री नरेन् द्र सिंह, सेनानी 41वीं वाहिनी व उनकी टीम और श्री संजय कुमार, सेनानी 53वीं वाहिनी व उनकी टीम भी इस मौके पर मौजूद रहे।
- - ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत, छोटे-छोटे कामों के लिए पैसा निकालने नहीं जाना पड़ेगा दूरबेमेतरा। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत टेमरी में अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। इस सुविधा केन्द्र के शुरू होने से ग्रामीणों को बैंकिंग और अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए अब दूर विकासखंड या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।*शुभारंभ अवसर पर दो महिला हितग्राहियों, श्रीमती शशि कुर्रे और श्रीमती कजला ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 1000-1000 रुपये की राशि इस केन्द्र से निकाली। मंत्री श्री बघेल ने दोनों को नगद राशि भी सौंपते हुए योजना की सफलता की सराहना की।*खाद्य मंत्री ने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण अब अपने खातों से नकद राशि निकाल सकेंगे, जमा कर सकेंगे, बिजली-पानी के बिल भर सकेंगे और पेंशन व बीमा जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र ग्रामीणों की सुविधा और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। खाद्य मंत्री ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलायी ।बेमेतरा जिले में अब तक 48 अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र शुरू किए जा चुके हैं।
- मुंगेली। जिला मुंगेली के थाना पथरिया अन्तर्गत ग्राम कंचनपुर में 23 अप्रैल 2025 की रात हुई हत्याकांड में मृतक भोला श्रीवास के आरोपी पिता शिवचरण श्रीवास (55) व आरोपी चाचा राजेन्द्र श्रीवास (40) को 24 अप्रैल की रात गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।घटना का संक्षिप्त विवरण23 अप्रैल की रात करीब 11 बजे घर लौटे भोला श्रीवास को आंगन में खून से लथपथ पाया गया। सिर, पीठ, हाथ-भुजाओं पर गंभीर चोट के निशान थे। प्रारंभिक सूचना ग्राम कोटवार ने थाना पथरिया में दिनांक 24 अप्रैल . को रात 2:40 बजे दर्ज कराई। मुंगेली एसपी श्री भोजराम पटेल के निर्देश पर मामले की त्वरित गहनता से जांच ASP नवनीत छाबड़ा, उप-पुलिस अधीक्षक नवनीत पाटिल व अनुविभागीय अधिकारी मयंक तिवारी के मार्गदर्शन में आरंभ की गई।पूछताछ में आरोपी शिवचरण ने स्वीकार किया कि 23 अप्रैल की शाम करीब 9 बजे पुत्र भोला के शराब से उत्पन्न गाली‑गलौज के विवाद में उन्होंने 5–6 बार बांस की डण्डा से वार किया। इससे भोला गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी राजेन्द्र ने बताया कि घटना स्थल से डण्डा को उसने पुलिया के नीचे छिपा दिया था, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर साक्ष्य संलग्न किया।शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट व चिकित्सकीय बयानों के आधार पर धारा 238(ख), 3(5) BNS एवं 103(1) BNS के तहत केस दर्ज किया गया।दोनों आरोपियों को 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। कार्यवाही में थाना प्रभारी पथरिया निरीक्षक रघुवीर लाल चन्द्रा, सउनि नरेश साहू व प्र. आर. मुकेश कुर्रे सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- अंबिकापुर, /कलेक्टर श्री विलास भोसकर द्वारा गुरुवार को दृष्टिबाधित स्कूली बच्चों को एंड्रॉयड मोबाईल फोन, की-पेड, हेडफोन, एडाप्टर प्रदान किया गया । समग्र शिक्षा के नवाचारी योजना अंतर्गत बच्चों को यह उपकरण प्रदान किए गए। कलेक्टर श्री भोसकर ने बच्चों से उनके शैक्षिक गतिविधियों, स्वास्थ्य के संबंध में चर्चा की तथा संबंधित शिक्षकों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु डीएमसी समग्र शिक्षा को निर्देश दिए।छात्रों को इन उपकरणों के माध्यम से अध्ययन में सुविधा मिलेगी। मोबाईल के टॉक बैक के माध्यम से सुगमता से अध्ययन का कार्य कर सकेंगे। लाभान्वित दृष्टिबाधित बच्चों में विकासखण्ड अम्बिकापुर के महेन्द्र सिंह तथा विकासखण्ड उदयपुर के हायर सेकेण्डरी स्कूल सलका की पुनिता, हाई स्कूल सोनतराई की राधे ,माध्यमिक शाला घुंचापुर की देवमुनी शामिल है।इसी प्रकार विकासखण्ड लखनपुर से हाई स्कूल चॉंदो की दुलेश्वरी एवं हाई स्कूल अंधला की अंजली, विकासखण्ड बतौली से हाई स्कूल महेशपुर से प्रिन्सी , अभय, सुनिता, रोहित, शिवनाथ, भानु कुमार, दिनेश कुमार, आयुष को उपकरण प्रदान किया गया।इस दौरान अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री ए.एल.ध्रुव, जिला मिशन समन्वयक श्री रवि शंकर तिवारी, एपीसी श्री दिनेश शर्मा उपस्थित रहे। वहीं बच्चों के साथ बीआरपी, स्पेशल एजुकेटर उपस्थित थे।













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