- Home
- छत्तीसगढ़
- दुर्ग/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र मालवीय नगर चौक दुर्ग में 12 मार्च 2025 को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया था। इस प्लेसमेंट कैम्प में दो नियोजक टेक्नोटास्क बिजनेस सॉल्युशन प्रा.लि. एवं जुबिलेंट फूड वर्क्स (डॉमिनोज पिज्जा) दुर्ग कुल 170 रिक्तयों के साथ उपस्थित हुए। कुल 170 रिक्त पदों हेतु जिले के 47 आवेदक साक्षात्कार हेतु प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित हुए। जिनमें उपस्थित नियोजकों द्वारा कुल 25 आवेदकों का प्रारंभिक चयन किया गया है।जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग मालवीय नगर चौक दुर्ग में 12 मार्च 2025 मार्च को इंटर्नशिप योजना हेतु निःशुल्क पंजीयन शिविर का आयोजन भी किया गया। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के उपसंचालक श्री आर.के. कुर्रे द्वारा उपस्थित लगभग 60 आवेदकों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी/मार्गदर्शन प्रदान कर प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में पंजीयन हेतु प्रोत्साहित किया गया। इसी कार्यक्रम में समग्र परिवार विकास केन्द्र से डॉ. आभा शशि कुमार (मनोविशेषज्ञ) भी उपस्थित रही। डॉ. आभा शशि कुमार (मनोविशेषज्ञ) के द्वारा शिविर में उपस्थित आवेदकों का काउंसलिंग किया गया एवं एनसीएस पोर्टल तथा अन्य विषय के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान किया गया।
- प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज दुर्ग ने उत्कृष्ट प्रतिभाओं को किया सम्मानितदुर्ग। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज दुर्ग द्वारा शिक्षा,साहित्य, स्वास्थ्य, कृषि, खेल इत्यादि विभिन्न क्षेत्रों की 12 उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती दीक्षा चौबे का भी सम्मान किया गया। सम्मान मिलने पर श्रीमती दीक्षा चौबे ने कहा कि मुझे खुशी है कि इनमें मैं भी चयनित हुई। मुझे सम्मानित कर प्रोत्साहित करने के लिए प्रांतीय ब्राह्मण समाज नारी प्रकोष्ठ दुर्ग की अध्यक्ष भारती किरण शर्मा, प्रीति तिवारी, आशा शुक्ला, सचिव संजय शुक्ला, अनुरमा शुक्ला का हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं। सर्वाधिक खुशी होती है जब आपके घर परिवार के लोग भी आपकी कद्र करते हैं। घर की मुर्गी दाल बराबर कहावत अब पुरानी हो गई क्योंकि एक स्त्री की प्रतिभा को अब उसके अपने पहचानने लगे हैं। अपने घर की प्रत्येक महिला को उनके विशिष्ट योगदान के लिए शुक्रिया अवश्य कहिए।
-
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही के नेतृत्व में जोन 3 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मण्डल क्षेत्रीय कार्यालय के वैज्ञानिक श्री मानिक चंदेल, उप अभियंता श्री एस. के. चौधरी, निगम जोन 3 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन ताण्डी सहित जोन के अन्य सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में पुलिस प्रशासन बल के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर के पंडरी बाजार क्षेत्र में समाज हित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से दुकानों में प्रतिबंधित पॉलीथिन की आकस्मिक जाँच और स्थल निरीक्षण किया. आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पंडरी बाजार क्षेत्र में वनश्री इंटरप्राइजेस दुकान से लगभग 200 किलोग्राम ( लगभग एक टाटा 407 वाहन को भरकर ) प्रतिबंधित पॉलीथिन को जप्त कर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर जोन 3 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन ताण्डी ने सम्बंधित दुकान संचालक को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी है. अभियान आगे भी सतत जारी रहेगा.
- रायपुर / लगातार दूसरे दिन नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छ भारत मिशन शाखा, सभी 10 जोनों के स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के मार्गनिर्देशन में प्रतिदिन तेजी से तैयारियां निरंतर प्रगति पर हैँ. नागरिकों के मध्य लगातार सफाई को लेकर जनजागरण किया जा रहा है. वहीं गन्दगी और कचरा फैलाने वालों पर और दुकानों में डस्टबिन नहीं रखे जाने पर सम्बंधित लोगों पर चेतावनी देकर जुर्माना लगातार किया जा रहा है. इसके तहत नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग और जोनों के स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत सफाई को लेकर जनजागरण करते हुए विगत दिवस नगर निगम के सभी 10 जोनों के बाजार क्षेत्रों में गन्दगी फैलाने पर विभिन्न 149 स्थानों पर सम्बंधित लोगों से कुल 76120 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए किया है, वहीं 29 दुकानों में निरीक्षण के दौरान डस्टबिन नहीं मिलने पर सम्बंधित 38 दुकान संचालकों से कुल 5600 रूपये का जुर्माना उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देकर वसूला गया है. इस प्रकार आज गन्दगी फैलाने और डस्टबिन नहीं रखने पर सम्बंधित कुल 197 स्थानों पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा कुल 81720 रूपये का जुर्माना किया गया है.
- लालपुर, न्यू राजेन्द्र नगर में सड़क बाधा शुल्क, ग्रीन नेट नहीं लगाने पर जुर्माना कियारायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम नगर निवेश विभाग द्वारा विभिन्न जोनों के क्षेत्रों में शासकीय सम्पति में सम्पति विरूपण किये जाने पर सम्बंधित 5 सस्थानों पर नोटिस देकर कुल 45 हजार रूपये का जुर्माना किया है. नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग द्वारा कचना में अविनाश ग्रुप के चितवन प्रोजेक्ट का प्रचार विज्ञापन किये जाने पर 5 हजार रूपये का जुर्माना सम्बंधित विज्ञापनकर्ता आकाश जैन पर किया है, वहीं जोन 4 नगर निवेश विभाग ने महादेवघाट स्थित कृष्णा साल्वम के संचालक पर जोन 4 के तहत मालवीय रोड, कालीबाड़ी मार्ग में सम्पति का विरुपण करने पर 10 हजार रूपये, मेसर्स साईं कोचिंग ( साईं एग्री क्लासेस ) कालीबाड़ी चौक के पास के संचालक हेमंत सिन्हा पर कालीबाड़ी मार्ग एवं अन्य स्थानों पर शासकीय सम्पति का विरु पण करने पर 10 हजार रूपये, जोन क्रमांक 7 नगर निवेश विभाग द्वारा राजकुमार कॉलेज के सामने भाटिया काम्प्लेक्स में स्थित महर्षि विद्या मन्दिर - 2 के संचालक पर 10 हजार रूपये, प्रभात टाकीज के संचालक पर फिल्म (लॉकडाउन के मजा ) का शासकीय सम्पति का विरुपण कर अवैध प्रचार विज्ञापन किये जाने पर 10 हजार रूपये का जुर्माना नोटिस जारी करते हुए किया है एवं अगले 3 दिन के भीतर जुर्माना अदा नहीं किये जाने पर सम्बंधित पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी सम्बंधित संस्थाओं को दी गयी है. नगर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन के तहत न्यू राजेन्द्र नगर मार्ग में वी. एस. फैंसी स्टोर, बाबा पिचकारी एंड ग़ुलाल सेंटर,गुरुकृपा फेंसी स्टोर पर 1-1 हजार रूपये का जुर्माना किया गया है. वहीं लालपुर सर्विस रोड में मंशाराम साहू पर सड़क बाधा शुल्क 1000 रूपये और कल्याण सिंह ठाकुर पर सड़क बाधा शुल्क रूपये 1000 का जुर्माना किया गया है. मंशाराम साहू और कल्याण सिंह ठाकुर शीतला तालाब के समीप के निवासी पर 2=2 हजार रूपये का जुर्माना निर्माण कार्य में माननीय एनजीटी के निर्देश पर वायु प्रदूषण पर कारगर नियंत्रण हेतु आवश्यक ग्रीन नेट नहीं लगाए जाने पर 2-2 हजार रूपये का जुर्माना किया गया है.
- रायपुर स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2024 के अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार चलाये जा रहे स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत आज नगर पालिक निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही और जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र देवांगन के नेतृत्व में जोन 4 क्षेत्र में रवि भवन के सामने 14 ठेलों की स्वच्छता का आकस्मिक निरीक्षण रायपुर नगर पालिक निगम को प्राप्त गन्दगी फैलाने सम्बंधित जनशिकायतों की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किया गया. इस दौरान प्राप्त जनशिकायतें सही पायी गयीं और ठेलों में डस्टबिन नहीं रखा जाना और गन्दगी फैलाया जाना स्थल पर पाया गया. इस पर नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा सम्बंधित 14 ठेले वालों को भविष्य के लिये कड़ी चेतावनी देते हुए कुल 6700 रूपये जुर्माना किया गया. स्थल पर प्राप्त जनशिकायतों का त्वरित निदान किया गया.
- रायपुर/सभी रंगों को अपने जीवन में समाहित कर वर्ष में एक बार आने वाले त्योहार होली को धूमधाम से मना संस्कृति का निर्वाह कर हर किसी के जीवन को रंगीला करने की सोच को लेकर विकास महाविद्यालय के छात्र-अध्यापको ने होली मनाई। इस अवसर में महाविद्यालय के संचालक डॉ सुरेश शुक्ला प्राध्यापकगण श्रीमती संगीता दुबे, अनुकृति शुक्ला,डेनिता साहू ,हिमलता साहू, वर्षा अग्रवाल ,डोलेश्वरी होता ,वंदना यदु खुशबू बाला,उमेश साहू ,प्रदीप प्रधान ,बृजेश,तन्मय माधवी,सितेश्वरी,जागृति ,रुपाली,अक्षिता,संदीप,चन्द्रप्रभा सुप्रभा ऋतु ईश्वरी,जितेंद्र धर्मेश धनन्जय लष्मी,नीलेश आदि उपस्थित थे।
-
रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा प्रदेश में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी विभिन्न अन्धविश्वासों, भूत प्रेत, टोनही प्रताडऩा, झाड़ फूँक, बलि प्रथा, नरबलि, जादू टोना,डायन प्रताडऩा, छुआछूत, दहेज प्रथा, सती प्रथा, मद्यपान, सामाजिक बहिष्कार आदि कुरीतियो के प्रतीकात्मक दहन तथा होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसके अंतर्गत रायपुर में अंध विश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों का प्रतीकात्मक दहन दिनांक 13 मार्च संध्या 5.30 बजे महाकोशल कला वीथिका परिसर नगर घड़ी चौक रायपुर में आयोजित किया जायेगा।
डॉ. दिनेश मिश्रनेत्र विशेषज्ञअध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समितिनयापारा, फूल चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़)फोन : ०७७१-४०२६१०१ मो. 98274-00859 - रायपुर। दीनदयाल उपाध्याय नगर, रायपुर निवासी श्रीमती कमला दुबे का बुधवार को 84 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को प्रात: 9 बजे महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। वे डॉक्टर राकेश दुबे, विपिन, विकास, विवेक और रुचि दुबे की माता थीं।
-
-नागरिकों से की होली को जानवरों पर रंग- ग़ुलाल ना डालने की विनम्र अपील
रायपुर। राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी नगर वासियों को होलिका द हन और होली पर्व पर अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें देते हुए सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि स्वास्थ्य, शान्ति प्रदान करने हेतु और रायपुर को सुन्दर, स्वच्छ और सुव्यवस्थित नगर बनाने सकारात्मक ऊर्जा शक्ति प्रदान करने हेतु परमपिता परमेश्वर के श्री चरणों में विनम्र प्रार्थना की है.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिकों से होली पर्व पर पालतू जानवरों, सड़कों के मवेशियों और जानवरों iपर रंग - ग़ुलाल आदि ना डालने की विनम्र अपील की है. महापौर ने कहा कि होली के दिन लोग गाय, श्वान, बिल्ली आदि पालतू जानवरों पर रंग - ग़ुलाल डाल देते हैँ, जबकि वास्तव में ऐसा करना उचित नहीं है, कारण कि पालतू जानवरों को इससे अत्यंत असुविधा होती है. इसलिए नागरिकों को इसका ध्यान रखना चाहिए और रंग - ग़ुलाल आदि उन पर नहीं डालना चाहिए, ताकि किसी भी जानवर को पर्व के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा ना होने पाए. महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी नगरवासियों से अधिकाधिक संख्या में नगर हित में स्वच्छता एप्प डाउनलोड कर मोबाइल पर स्वच्छता फीडबैक देने की विनम्र अपील की है. - रायपुर। वरिष्ठ नेत्र एवं कान्टेक्ट लेन्स विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने होली पर आंखों व अन्य संवेदनशील अंगों को बचाकर रंग खेलने का सलाह दी है। उन्होंने कहा कि होली खेलें जरूर पर आंखों के अंदर में सूखा रंग व गुलाल न जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि पहले होली प्राकृतिक वस्तुएं जैसे विभिन्न फूलों, पत्तियों, जड़ों व बीजों से तैयार रंगों से खेली जाती थी जो शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं थे, इन रंगों के तैयार करने में भले ही समय अधिक लगता था तथा कम मात्रा में ही तैयार होते थे। लेकिन ये शारीरिक वातावरण के अनुकूल थे। आजकल बाजार में उपलब्ध रंग-गुलाल कृत्रिम व रासायनिक पदार्थो से बनते है।, जो कम समय में तथा अधिकाधिक मात्रा में बनते हैं, कृत्रिम रंग सस्ते जरूर हैं लेकिन शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है। कृत्रिम रंग जिन रासायनिक पदार्थो से बनते है उनके रासायनिक गुणों के अनुरूप अम्लीय-क्षारीय होते हैं। ये केमिकल (रसायन) शरीर की त्वचा, पलकों, आंखों पर दुष्प्रभाव डालते हैं जिससे आंखों व चेहरे में जलन, खुजलाहट, सूजन, दाने आना, एलर्जी होना आदि प्रतिक्रिया होती है। यह प्रभाव अलग अलग व्यक्तियों में भिन्न हो सकता है। रंग व गुलाल में चमक के लिए अभ्रक पीस कर मिलाया जाता है जिससे त्वचा व आंखों में हानि पहुंचती है। वहीं गुलाल में मिट्टी व बारीक पिसी रेत मिलाने से चेहरे व आंख के नाजुक हिस्से में खरोंच हो जाती है।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि आंख में सूखा रंग, गुलाल जाने से बचाया जावे। यदि आँख के अंदर रंग गुलाल चले जाता है तो आँखों को रगड़े नहीं, बल्कि उसे धीरे से आँखों से निकालने की कोशिश करें। सूखा रंग व गुलाल त्वचा, गालों, पलकों व साथ ही ऑंख की पुतली में रगड़ से जख्म बनाता है तथा रासायनिक पदार्थ के कारण आँख में कंजक्टीवाइटिस तथा रगड़ से कार्नियल अल्सर भी हो सकता है। रंग को सूखे कपड़े, रूमाल से धीरे-धीरे साफ कर लें व पानी से धीरे-धीरे अच्छी तरह से धो लें। रंग की तेज धार, पानी व गुब्बारे जोर से फेंके जाने पर चेहरे पर आंख में चोट लग सकती है। आँख में तेज दर्द, आंसू आने, लालिमा होने व धुंधलापन आने पर रगड़े नहीं बल्कि ऑंख को धोने के बाद समीप के नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श करें। ध्यान रखे गोबर, कोयला, राख, पेन्ट, ग्रीस, डामर, केवाच आदि का प्रयोग करना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। बल्कि इनकी एलर्जी, चोट होली के इन्द्रधनुष रंगों को बदरंग कर सकती है। डॉ. दिनेश मिश्र अपने फूल चौक स्थित अस्पताल में 14 मार्च को सुबह 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक होली में रंग खेलने से होने वाली तकलीफों के नि:शुल्क परामर्श व उपचार के लिए उपलब्ध रहेंगे।डॉ. दिनेश मिश्रनेत्र विशेषज्ञअध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समितिडॉ. प्रांजल मिश्रनेत्र विशेषज्ञनयापारा, फूल चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़)फोन : ०७७१-४०२६१०१ मो. 98274-00859
- -चंद्र ग्रहण में लाल रंग भी प्राकृतिक है ,खतरा नहीं,खगोलीय घटना के साक्षी बनें-अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है।छत्तीसगढ़ के जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा हैं कि -प्रारंभ में यह माना जा रहा था कि चंद्रग्रहण राहू-केतू के चंद्रमा को निगलने से होता है, जिससे धीरे-धीरे विभिन्न अंधविश्वास व मान्यताएँ जुड़ती चली गईं, लेकिन बाद में विज्ञान ने यह सिद्ध किया कि चंद्रग्रहण पृथ्वी की छाया के कारण होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है तब उसका एक किनारा जिस पर छाया पडऩे लगती है काला होना शुरू हो जाता है जिसे स्पर्श कहते हैं। जब पूरा चंद्रमा छाया में आ जाता है तब पूर्णग्रहण हो जाता है। जब चंद्रमा का पहला किनारा दूसरी ओर छाया से बाहर निकलना शुरू होता है तो ग्रहण छूटना शुरू हो जाता है। जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया से बाहर आ जाता है तो ग्रहण समाप्त हो जाता है जिसे ग्रहण का मोक्ष कहते हैं।कुछ लोगों ने इस चंद्र ग्रहण के रंग को लेकर इसे खूनी चंद्र ग्रहण खा है और इसके दुष्प्रभाव की आशंका जाहिर की है पर यह सब आशंकाएं और भविष्यवाणियां सही नहीं हैं. वास्तव मेंचंद्र ग्रहण में पूर्णता के दौरान चंद्रमा का लाल रंग पृथ्वी के किनारे के चारों ओर वायुमंडल से होकर गुजरने वाले सूर्य के प्रकाश के कारण होता है। हमारा वायुमंडल सूर्य के प्रकाश की नीली किरणों को दूर कर देता है, और प्रकाश की लाल तरंगदैर्ध्य पृथ्वी की छाया में चली जाती है। आप सूर्यास्त से ठीक पहले भी इस प्रभाव को देख सकते हैं: उस समय, सूर्य का प्रकाश बहुत सारी हवा से होकर गुजर रहा होता है, नीली तरंगदैर्ध्य को बिखेर रहा होता है और लाल तरंगदैर्ध्य को छोड़ रहा होता है। चंद्र ग्रहण के बारे में सोचें, जो आपको उसी क्षण पृथ्वी के पूरे किनारे पर होने वाले सामूहिक सूर्योदय और सूर्यास्त का रंग दिखाता है।पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग एक चंद्रग्रहण से दूसरे चंद्रग्रहण में भिन्न हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य की रोशनी जिस हवा से गुजर रही है वह धूल भरी, साफ या बादल वाली है। कभी-कभी पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान, चंद्रमा हल्का या गहरा लाल, नारंगी या यहां तक कि गहरा भूरा दिखाई दे सकता है। यह पूर्ण चंद्रग्रहण का अदभुत हिस्सा है . नवंबर 2021 और नवंबर 2022 में चंद्रग्रहण दोनों गहरे, ईंट जैसे लाल रंग के थे।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा चंद्रग्रहण का कहीं कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इसे लेकर तरह-तरह के भ्रम व अंधविश्वास हैं। लेकिन लोगों को इन अंधविश्वासों में नहीं पडऩा चाहिए तथा ग्रहण को देखा जा सकता है तथा वैज्ञानिक इसका अध्ययन भी करते हैं।भारत के महान खगोलविद् आर्यभट्ट ने आज से करीब 1500 वर्ष पहले 499 ईस्वी में यह सिद्ध कर दिया था कि चन्द्रग्रहण सिर्फ एक खगोलीय घटना है जो कि चन्द्रमा पर पृथ्वी की छाया पडऩे से होती है। उन्होंने अपने ग्रंथ आर्यभट्टीय के गोलाध्याय में इस बात का वर्णन किया है। इसके बाद भी चन्द्रग्रहण की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न भ्रम एवं अंधविश्वास कायम है।डॉ. मिश्र ने कहा यह एक खगोलीय घटना है। सभी नागरिकों को इसे बिना किसी डर या संशय के देखना चाहिए। चंद्रग्रहण देखना पूर्णत: सुरक्षित है।डॉ. मिश्र ने कहा जब चंद्रग्रहण होने वाला होता है तब विभिन्न भविष्यवाणियाँ सामने आने लगती हैं जिससे आम लोग संशय में पड़ जाते हैं जबकि चंद्रग्रहण में खाने-पीने, बाहर निकलने की बंदिशों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ग्रहण से खाद्य वस्तुएँ अशुद्ध नहीं होती तथा उनका सेवन करना उतना ही सुरक्षित है जितना किसी सामान्य दिन या रात में भोजन करना। इस धारणा का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु के लिए चंद्रग्रहण हानिकारक होता है तथा ग्रहण की वजह से स्नान करना कोई जरूरी नहीं है अर्थात् इस प्रकार की आवश्यकता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है तथा ग्रहण का अलग-अलग व्यक्तियों पर भिन्न प्रभाव पडऩे की मान्यता भी काल्पनिक है। यह सब बातें केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी पुस्तिका में भी दर्शायी गयी है।डॉ. दिनेश मिश्र
नेत्र विशेषज्ञ
अध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति
नयापारा, फूल चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़)
फोन : ०७७१-४०२६१०१ मो. 98274-00859
Email: [email protected] - -सतत विकास का लक्ष्य अंतिम छोर तक के व्यक्ति का विकास-संभागायुक्तबिलासपुर /सतत विकास लक्ष्य पर संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आज प्रार्थना सभाभवन के सभाकक्ष में किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कहा कि सतत विकास का उददेश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए सामाजिक और आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करना है। राज्य नीति आयोग द्वारा सतत विकास लक्ष्य के जिलों में बेहतर क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग में सुविधा हेतु एसडीजी डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क में सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं अन्य पहलुओं संबंधी कुल 82 इंडिकेटर का समावेश किया गया है। कार्यशाला में राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के सुब्रमण्यम, नीति आयोग के सदस्य सचिव डॉ.नीतू गोर्डिया, जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल सहित संभाग के सभी जिलों के अधिकारी मौजूद थे।श्री कावरे ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2015 में 17 सतत विकास लक्ष्य निर्धारित किए थे, जिन्हें 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उददेश्य विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों को कैसे प्राप्त किया जाए, इस पर विचार विमर्श करना था। रैकिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ को 69 अंक हासिल हुए हैं। संभाग में मुंगेली, रायगढ़ और सारंगढ़ को सबसे ज्यादा 70 अंक हासिल हुए हैं। बिलासपुर को 69 अंक मिले हैं। इन इंडिकेटर्स अंतर्गत जिलों द्वारा प्राप्त प्रगति का डाटा समाहित कर प्रतिवर्ष प्रगति रिपोर्ट भी जारी की जाती है। इन एसडीजी रिपोर्टस के आधार पर कलेक्टर और विभाग विभिन्न सतत विकास लक्ष्यों के प्रगति का मूल्यांकन, अनुश्रवण एवं अनुशीलन कर रहे हैं।जिलों की प्रगति को आईटी टूल एसडीजी डैशबोर्ड के माध्यम से प्रभावी रूप से दर्शाया गया है। साथ ही जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय एसडीजी टीम द्वारा प्रगति की समीक्षा की जा रही है। यह फ्रेमवर्क और रिपोर्ट संबंधित विभाग के अधिकारियों को विकास की बाधाओं की पहचान कर समाधान चिन्हित करने, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं आंकड़े आधारित साक्ष्य के आधार पर रणनितियों और कार्यक्रम को लागू करने में मददगार साबित हो रही है। राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार किया गया डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क है जो कि वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों को जिलों में प्रभावी रूप से लागू करने में सहायक है। एसडीजी फ्रेमवर्क को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन एवं सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से मॉनिटरिंग तथा सतत विकास लक्ष्यों अनुसार प्रगति प्राप्त की जाएगी।राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के सुब्रमण्यम ने एसडीजी के विभिन्न आयामों को सरल और प्रभावी ढंग से बताया । उन्होंने गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता और आर्थिक विकास जैसे प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला। सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रवाल ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य के लिए आयोजित इस कार्यशाला में हमे कैसे नीतियां बनाना है, कैसे क्रियान्वयन करना है। इस पर चर्चा करेंगे। सतत विकास के मायने है कि वर्तमान की जरूरतों के साथ लक्ष्यों को पाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना कि आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताएं भी पूरी हो सके।
- -कलेक्टर ने 15 दिवस में लगाने दिए निर्देशबिलासपुर, /विलम्ब से दफ्तर आने वाले सरकारी कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी। बायोमेट्रिक अटेन्डेन्स के आधार पर उनका अगले महीने से वेतन निकाला जायेगा। कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारी-कर्मचारियों की लेटलतीफी से आम जनता को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। मशीन लगाने के लिए 15 दिवस की मोहलत प्रदान की है। अप्रैल महीने का वेतन हर हाल में बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही ड्रा किया जायेगा। कलेक्टर ने जिले के सभी विभाग प्रमुख, अतिरिक्त कलेक्टर, जिला कार्यालय एवं सभी प्रभारी अधिकारियों को आज इस आशय कड़े पत्र जारी किये हैं। जिसके अनुसार प्रायः यह देखा जा रहा है कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय पर अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि आपका स्वयं एवं अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति कोई नियंत्रण नहीं है। इससे जहां एक ओर शासकीय कार्य का त्वरित निपटारा नहीं हो पाता है वहीं आम जनता को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक एवं चिंताजनक है। कलेक्टर ने कहा है कि बायोमेट्रिक व्यवस्था का वे स्वयं आकस्मिक निरीक्षण करेंगे।
- -चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल सहित अन्य कामों को जल्द पूरा करने दिए निर्देशबिलासपुर, /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में बच्चों के लिए बनाए जा रहे स्वीमिंग पुल सहित अन्य कामों का निरीक्षण किया। निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार भी इस दौरान उनके साथ थे। उन्होंने मौके पर चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल सहित अन्य निर्माण कार्यो की प्रगति देखी और सभी कार्यो को तय समय में पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि बच्चे यहां तैराकी प्रशिक्षण ले सके। इस दौरान पीडब्ल्यूडी, स्मार्ट सिटी परियोजना से संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार मौजूद थे।कलेक्टर ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी द्वारा स्वीमिंग पूल में शेड निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। बताया गया कि यह शेड निर्माण कार्य अप्रैल माह तक पूरा कर लिया जाएगा। कलेक्टर ने इसके संबंध में जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल, वेटिंग रूम एवं इंडोर हॉल मरम्मत काम का जायजा लिया। इस काम को भी पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। चिल्ड्रन स्वीमिंग पूल की धीमी गति पर ठेकेदार को फटकार लगाई। स्वीमिंग पूल, वेटिंग रूम एवं इंडोर हॉल मरम्मत के लिए 99 लाख रूपए स्वीकृत किये गये हैं। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है।
- - नृत्य नाटिका ‘कलांजलि’ में दिखी अहिल्याबाई की शौर्यगाथा- इंदौर के कलाकारों का मंचन देखकर मंत्रमुग्ध हुए रंगप्रेमी दर्शकरायपुर। विवाह तय होने पर मासूम सी बच्ची ने अपनी मां से कहा- मां मैं नहीं जाऊंगी आपको छोड़कर। मुझे नहीं करनी है शादी। मां ने अपनी नन्हीं सी बेटी के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि तुझे पता है सृष्टि ने हम पर कितनी बड़ी जिम्मेदारी दी है। हमें एक नहीं दो कुल को संवारना है। इस जिम्मेदारी से न मैं बच सकी, न तुम्हें बचने की कोशिश करनी चाहिए। वहां भी एक मां है, जो तुमसे स्नेह करेगी। तुम साथ मिलकर उनके कुल को संभालोगी।मासूम सी अहिल्याबाई और उनकी मां के बीच का यह संवाद आधुनिक युग में जितना प्रेरक लगता है, उतना ही प्रासंगिक भी।बात हो रही है कलांजलि नृत्य नाटिका के एक दृश्य की। इस नृत्य नाटिका का मंचन मुक्ताकाश मंच में महाराष्ट्र मंडल, संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन और कॉस्मिक क्रियेशन सोसाइटी के सहयोग से किया गया। पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर की जीवनगाथा पर आधारित नृत्य नाटिका ‘कलांजलि’ में अहिल्या बाई के संपूर्ण जीवन का नृत्य और संवाद के माध्यम से सुंदर मंचन किया। ओमकार नाद से शुरू हुआ कार्यक्रम भारतमाता की आरती के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान 85 मिनट के इस नृत्य नाटिका ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।‘कलांजलि’ की सूत्रधार और निर्देशक मंजूषा राजस जोहरी ने बताया कि पुरानी परंपरा में कथा- कथन का बड़ा महत्व था। आधुनिक युग में हम कहीं न कहीं मूल तत्व से दूर होते जा रहे है। इसी कारण हमने देवी अहिल्या के शौर्य गाथा को नृत्य नाटिका का माध्यम से प्रस्तुत किया। जिसमें कुल परंपरा मल्हारी मार्तंड का गोंधल नृत्य प्रस्तुत किया गया। अहिल्या बाई ने मां नर्मदा के तट पर विशाल घाट बनाया। ताकि प्रजा को समीप से मां के दर्शन हो सके। महेश्वर का यह नर्मदा तट और मां नर्मदा की स्तुति मान को शांत कर देती है।इस बीच कलाकारों ने नर्मदाष्टक पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। मंजूषा राजस जोहरी के मुताबिक नृत्य नाटिका में पोवाड़ा की प्रस्तुत भी हुई। पोवाड़ा महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह वीर रस और ऐतिहासिक घटनाओं को याद रखने और जश्न मनाने का एक माध्यम है। पोवाड़ा एक नाटकीय वर्णन है, जिसमें कविता और गद्य अंशों को बारी-बारी से सुनाया जाता है।सवा घंटे चले इस नृत्य नाटिका ‘कलांजलि’ में अहिल्या बाई के जीवन के हर पहलु को दिखाया गया। इसकी सूत्रधार और निर्देशन मंजूषा राजस जोहरी ने किया। संगीत संयोजन में विदुषी कल्पना झोकरकर के साथ अभय माणके और अमृता माणके की जोड़ी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पूरे कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नृत्य की रही। नृत्य नाटिका में बतौर रंजना ठाकुर और प्रियंक वैद्य की मेहनत मंच पर नजर आई। उनके निर्देशन में मेघा शर्मा जादौन, अनन्या व्यंगंकर, मोनिका देसाई, मनस्वी आप्टे, महक सेठ, हितैषी शरोदे, लविना तिवारी, मुस्कान मुच्छल और डॉ. प्रियंका वैद्य के नृत्य से मंत्रमुग्ध दर्शक देर तर तालियां बजाते रहे।सिन्थसाइज़र में आर्य पुरणकार , ऑक्टोपेड में विक्रम जोशी और तबले में संगत वेद ढोक ने दी। तकनीकी सहायक की भूमिका श्वेता पाठक और स्मिता मुद्रिस ने बखूबी निभाई।
- - नृत्य नाटिका कलांजलि में मुख्य अतिथि की आसंदी से साय ने बताया- घर में कैसी हो मेहमान नवाज़ीरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या देवी साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक जिले में संस्कृत की एक पाठशाला आवश्यक हो। जिसमें पहले से दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई हो और इसके माध्यम से हम अपने धर्म, संस्कृति को भली- भांति समझ सकें। कौशल्या मुक्ताकाश मंच में आयोजित कलांजलि नृत्य नाटिका के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।श्रीमती मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जीवन में पहले धर्म होना चाहिए। फिर कर्म। इसके माध्यम से राजनीति, कैरियर और तमाम रास्ते खुलते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि घर को मंदिर की तरह रखना और मानना चाहिए। यही वजह है कि हमारे घर में भोजन नहीं प्रसाद पकता है। उनके घर में मेहमान के लिए अलग से भोजन तैयार नहीं किया जाता। पकवान नहीं बनाए जाते, बल्कि घर में जो प्रसाद बना होता है, उसी से शादी में मेहमान का स्वागत सत्कार किया जाता है।कॉस्मिक क्रिएशन समिति, महाराष्ट्र मंडल रायपुर और संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन की ओर से आयोजित नृत्य नाटिका के भव्य आयोजन में सुमित्रा देवी साय ने कलांजलि नृत्य नाटिका के आयोजन की जमकर प्रशंसा की और इंदौर के कलाकारों की नृत्य एवं अभिनय शैली से वे मंत्रमुग्ध रहीं। कौशल्या ने कहा की पुण्य श्लोक राजमाता अहिल्याबाई के जीवन से न केवल नारी समाज को बल्कि संपूर्ण मानव जगत को बहुत कुछ सीखना चाहिए। सनातन की रक्षा के लिए किए गए उनके कार्य आज भी हमारे लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। कौशल्या देवी ने कहा कि इस विषय उनके पास बोलने के लिए और बहुत कुछ नहीं है इसलिए ऐसे बड़े आयोजन भी होने चाहिए, जिनमें सिर्फ बातें हों, सनातन की धर्म की संस्कृति और परंपरा की। जिसमें हम अपनी भावनाओं को आज की और भावू पीढ़ी के लोगों तक पहुंच सके।इस मौके पर विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे ने कविता की प्रीत भरी खूबसूरत पंक्तियों के साथ इंदौर के कलाकारों व दर्शक दीर्घा में बैठी नारीशक्ति, दर्शकों का अभिनंदन किया। साथ ही इस आयोजन की प्रशंसा की। वहीं कार्यक्रम की रूपरेखा सुनिश्चित करने वाले राजमाता अहिल्याबाई त्रिशताब्दी जयंती समारोह के अध्यक्ष एवं पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर सच्चिदानंद शुक्ला ने राजमाता अहिल्याबाई होल्कर से संबंधित बहुत सी ऐसी जानकारी दी, जो दर्शकों श्रोताओं के लिए भी चौंकाने वाली थी। संस्कृति विभाग के डायरेक्टर विवेक आचार्य ने भी कार्यक्रम का संबोधित किया।आभार प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि मुख्य अतिथि कौशल्या देवी साय की बातें जीवन में आत्मसात करने योग्य हैं। इसी तरह कलांजलि नृत्य नाटिका के माध्यम से अहिल्याबाई के जीवन दर्शन को भी हमें अपनी जिंदगी में उतारना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन संजय जोशी, शताब्दी पांडे और किशोरीखंगन ने किया।
- -ग्राम खल्लारी के तांदुला डुबान क्षेत्र में तरबूज के खेती एवं गिधाली में किसान श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र के खेत में पहुँचकर शाक-सब्जी उत्पादन कार्य का लिया जायजाबालोद।, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खल्लारी एवं गिधाली पहुँचकर उद्यानिकी फसलों का अवलोकन किया। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने उद्यानिकी विभाग के नदी कछार योजना अंतर्गत ग्राम खल्लारी में तांदुला जलाशय के डुबान क्षेत्र में 06 किसानों द्वारा किए जा रहे तरबूज की खेती का अवलोकन किया। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित कृषकों एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से तरबूज के खेती कार्य में लगने वाली कुल लागत, उत्पादन, बिक्री की व्यवस्था एवं इस कार्य से होने वाले आमदनी के संबंध में जानकारी ली। मौके पर उपस्थित किसानों ने बताया कि इस स्थान पर लगभग 50 एकड़ भूमि में 06 किसानों द्वारा तरबूज की खेती की जा रही है। उन्होेंने बताया कि तांदुला जलाशय के इस डुबान क्षेत्र में खेती करने के लिए पंचायत से प्रस्ताव कराना आवश्यक है। इसके उपरांत किसानों के इस जमीन को जल संसाधन विभाग से लीज में लेना पड़ता है। किसानों ने बताया कि तांदुला जलाशय के इस डुबान क्षेत्र में दिसंबर से फरवरी माह तक किसानों को खेती करने की अनुमति दी जाती है। श्री चन्द्रवाल ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को तरबूज के खेती कार्य में लगे किसानों को उद्यानिकी विभाग के योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वहाँ आगामी समय में सामूहिक रूप से फूलों की खेती करने हेतु कार्य योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम गिधाली में प्रगतिशील कृषक श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र के खेत में पहुँचकर शाक-सब्जी के उत्पादन कार्य का जायजा लिया। उल्लेखनीय है कि कृषक श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र के द्वारा उद्यानिकी विभाग के सहयोग से कुल 05 एकड़ भूमि में पत्ता गोभी के अलावा अलग-अलग किस्मों के आम की पौधे भी लगाए गए थे। मौके पर उपस्थित उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य पोषित नवीन आम रोपण के अंतर्गत यहाँ पर दशहरी, लंगड़ी आदि आम के विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कृषक श्रीमती कालिन्द्री चुरेन्द्र को निःशुल्क आम के पौधे प्रदान करने के अलावा दो वर्ष तक आम के पौधों के देखभाल हेतु खाद-बीज प्रदान की गई है।
- बालोद,। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा बालोद जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित व संघन निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत शेष रह गए खाद्य परिसरों में खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति बनाने निर्देशित किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि आगामी होली पर्व को देखते हुए विशेष रूप से हॉटल, रेस्टारेंट, चैपाटियों आदि परिसरों में साफ-सफाई रखने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, मिठाईयों में लेबल लगाने, मिठाईयों में खाद्य रंग का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जितने भी हॉटल, रेस्टारेंट में उपयोग किए जाने वाले पानी का समय-समय पर जाँच परीक्षण कराने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से खोवा बरफी, मिनी पेड़ा, मैदा, बेसन, नारियल का लड्डू बेसन का लड्डू, खुला कुंदा, कलाकंद, मलाई कतली, मथुरा पेड़ा, काजू कतली, बालूशाही, पनीर, जलेबी, आदि मिठाईयों का कुल 30 नमूना जॉच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। इसके अलावा खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम अंतर्गत खाद्य पदार्थों में मिलावट, पैकेजिंग एवं लेबलिंग के संबंध में चलित प्रयोगशाला वाहन का प्रचार-प्रसार के माध्यम से जिले के विभिन्न गाँवों और शहरों में टीम गठित कर विभिन्न प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही आम जनता एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं को जागरूक भी किया जा रहा है।
- -विभिन्न नियोजकों द्वारा 500 से अधिक पदों पर की जाएगी भर्तीबालोद। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में 20 मार्च को मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें 04 नियोजकों द्वारा कुल 563 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि प्लेसमेंट में शिव शक्ति एग्रीकेट लिमिटेड तेलीबांधा रायपुर के द्वारा एसआर सेल्स के 60 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास एवं 20 से 45 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। संसूर श्रुष्टि इंडिया लिमिटेड तुलसीपुर राजनांदगांव के द्वारा ब्रांच मैनेजर के 33 एवं बिजिनेस डेवेल्पमेंट आफिसर के 10 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं से लेकर स्नातक एवं 18 से 45 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। इसी तरह प्रथम एजुकेशन फाॅंउंडेशन अंजोरा दुर्ग के द्वारा एफ एंड बी स्टीवर्ड, मल्टीफ्ंशनल आॅफिस एसोसिएट एवं हाउस कीपिंग अटेंडेंट के 30-30 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं एवं 12वीं पास एवं 18 से 30 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरिटी सर्विसेस भिलाई दुर्ग के अंतर्गत सिक्यूरिटी गार्ड पुरूष के 100 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता पांचवी एवं आठवी निर्धारित की गई है। सिक्यूरिटी गार्ड केवल पुरूष के 200 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता दसवीं एवं बारहवीं निर्धारित की गई है। इसी तरह सिक्यूरिटी सुपरवाईजर पुरूष के 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता बारहवीं या ग्रेजूएट पास एवं 02 वर्ष का अनुभव निर्धारित की गई है। इसी तरह महिला सिक्यूरिटी गार्ड के 20 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसकी शैक्षणिक योग्यता पांचवी, आठवी पास निर्धारित की गई है। उक्त पद हेतु आयु सीमा 20 से 40 वर्ष एवं कार्यक्षेत्र रायपुर, दुर्ग, भिलाई एवं राजनांदगांव रहेगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक योग्यता के सम्पूर्ण प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन कार्ड, पासपोर्ट साईज फोटो एवं आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित हो सकते हैं।
- बालोद । शासकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान गुरूर में भारतीय रिजर्व बैंक की जमाकर्ता शिक्षा व जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बैंक उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों एवं उनके हितार्थ वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरुक करना है। कार्यक्रम में जिला लीड बैंक से श्री सौरभ जैन, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य श्री एनके साहू उपस्थित थे। कार्यशाला में श्री सौरभ जैन ने कहा कि वित्तीय शिक्षा वर्तमान समय कि महत्वपूर्ण आवश्यकता है क्योंकि वित्तीय समझ से व्यक्ति अपनी व परिवार की वित्तीय व्यवस्था को सुव्यवस्तिथ कर सकता है। उन्होंनें कहा कि बैंक से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति का यह अधिकार है कि वह अपने जमा धन व निवेश की विस्तृत जानकारी बैंक प्रबंधन से प्राप्त कर सकता है और यदि बैंक प्रबंधन जानकारी नहीं देता है तो उसे तत्काल बैंकिंग लोकपाल से संपर्क करना चाहिए। श्री सौरभ जैन ने उपस्तिथ छात्र एवं छात्राएं के उत्साह को देखते हुये कहा कि वित्तीय मामलों की जानकारी के प्रति छात्राओं की यह ललक इस बात का परिचायक है कि अब समाज में व्यापक बदलाव आने वाला है। कार्यक्रम के उद्देश्य के विषय में जानकारी देते हुये ’समर्पित संस्था के अध्यक्ष डाॅ. संदीप शर्मा ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक से जुडे़ उपभोक्ताओं के सामने आने वाली विभिन्न परेशानियों को देखते हुये उन्हें जागरुक करने के लिये जमाकर्ता शिक्षा और जागरुकता कार्यक्रम की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि जमाकर्ता अपने अधिकार और वित्तीय शिक्षा के प्रति अज्ञानता के कारण ही लगातार चिटफंड कंपनी, ऑनलाइन शाॅपिंग, दूरभाष में ए.टी.एम. की जानकारी आदि माध्यमों से ठगी का शिकार हो रहा है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला के माध्यम से बैंक उपभोक्ताओं को जागरुक बनाया जा रहा है। डाॅ. संदीप शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिये भारतीय रिजर्व बैंक ने पूरेदेश भर से मात्र 20 संस्थाओं का चयन किया है और उसमें से समर्पित संस्था एक है। इसके साथ ही इस कार्यक्रम के लिये चयनित होने वाली समर्पित संस्था छत्तीसगढ़ की एकमात्र संस्था है। कार्यशाला में उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों व मास्टर ट्रेनर श्री हितेश मिश्रा व संतोषी बघेल ने बैंक खाता खुलवाने, उसका संचालन, बचत योजना, वित का प्रबंधन, के.वाय.सी. प्रक्रिया, बैंक ऋण, ऋण संबंधित उपभोक्ताओं के अधिकार, जमाकर्ताओं के अधिकार, बैंकिंग लोकपाल, चिटफंड कंपनियों, नान बैंकिंग फाइनेंस कंपनी आदि की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
- रायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार शाम को सात बजे कंडे की होली जलाई जाएगी। वहीं 16 मार्च, रविवार को शाम चार बजे से मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया है। उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार इस मौके पर होली की मस्ती से सराबोर कई हास्य- परिहास के मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए होली मिलन में बहुत कुछ मजेदार होगा।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल पर्यावरण का संरक्षण के उद्देश्य से लगभग 10 वर्षों से लकड़ी की जगह पर कंडे और गोकाष्ट के उपयोग को प्राथमिकता देने की मुहिम चला रहा है। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए पहली बार महाराष्ट्र मंडल अब कंडे की होली जलाएगा। साथ ही इसके लिए समीपस्थ कालोनियों व मोहल्लों की होली समितियों को जागरूक और प्रेरित भी करेगा। इस बीच मंडल सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने आजीवन सभासदों के साथ-साथ आमजनों से भी अपील की है कि रंगों की होली जमकर खेलें, लेकिन पानी के दुरुपयोग से बचें। स्वयं भी कम से कम पानी का उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए तैयार करें।
- बिलासपुर /विकासखंड तखतपुर के ग्राम भरनी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता दीदियों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला में समूह की 11 दीदियों ने भाग लिया। दीदियों को कचरा प्रबंधन के संबंध में विस्तार से संपूर्ण जानकारी दी गई।अपने आस-पास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का जिम्मा ली जय माँ लक्ष्मी स्व सहायता समूह की स्वच्छता दीदीयों के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वछता प्रशिक्षण का आयोजन जिला पंचायत द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में कचरा प्रबंधन की मुख्य प्रक्रिया कचरा पृथक्करण के विषय मे पहले विस्तार से समझाया गया। इसके पश्चात कितने प्रकार से कचरा पृथक करना है उसकी जानकारी दी गई। केंद्र में व्यवहारिक प्रशिक्षण समूह की दीदीयों द्वारा दिया गया जिसे स्वच्छता समूह की दीदीयों ने ध्यान पूर्वक सुना, समझा और सबसे पहले अपने ग्राम पंचायत को स्वच्छ करने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण में जिला पंचायत से श्रीमती करुणा, जसवंत जांगङे, जनपद पंचायत तखतपुर, सरपंच भरनी और समूह की 11 दीदीयों ने प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण देने के लिए पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से प्रांत संयोजक अक्षय जी और राजेश जी उपस्थित रहे।
- - सखी फाउंडेशन की तरह आप भी डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने का लें संकल्प: नीलम सिंहरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सड्डू- मोवा केंद्र में महिला दिवस के साथ धूमधाम से होली मिलन समारोह मनाया गया। कार्यक्रम की विशेष अतिथि आयुर्वेद की डॉ. रश्मि शुक्ला और अध्यक्ष नीलम सिंह सखी फाउंडेशन से आई थी। पूरे आयोजन में शालिनी जोशी कृष्ण की वेशभूषा में सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।डॉ. रश्मि ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामना देते हुए स्वस्थ जीवन व्यतीत करने के लिए सुबह से रात तक की दिनचर्या, खान- पान और पंचकर्म क्रिया का महत्व बताया। नीलम सिंह ने सखी फाउंडेशन के उद्देश्य बताये। पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के अलावा 'नारी शक्ति क्या कार्य कर रहा है', इसकी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमने संकल्प लिया है कि छोटे- बड़े किसी भी प्रकार के कार्यक्रम में डिस्पोजबल का उपयोग नहीं करेंगे। आप लोगों को भी प्रकृति का संरक्षण करने के लिए इसी तरह का संकल्प लेना चाहिए।शंकर नगर प्रभारी रेणुका पुराणिक ने महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न कार्यों से अतिथियों को अवगत कराया।कार्यक्रम में सड्डू- मोवा केंद्र की महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। एक- दूसरे को महिला दिवस की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए विशेष अतिथि के साथ फुलों की होली खेली। इस अवसर पर आरती पोतदार, प्राजक्ता एतुलवार, शालिनी जोशी, मनीषा होशंगाबादे, माधुरा भागवत, रंजना देशपांडे, कुंदा देवीकडर, प्राजंलि चारपे, शुभदा राजिमवाले, श्रुती डोंनगांवकर, मंजुषा कलाकार, माधवी मोघे, उर्वशी, स्मिता कराले, माणिक आचार्य, सुरेखा पाटील सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में तमिलनाडु कावेरी फार्मर्स प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु के किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से धान और पान से बनी माला पहनाकर अभिनंदन किया और अपनी परंपरा के अनुरूप रेड बनाना (लाल केला), आम, नारियल के पौधे और कटहल उपहार स्वरूप भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी उपस्थित थे।तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीति को बताया अनुकरणीयमुलाकात के दौरान तमिलनाडु के किसानों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिए जा रहे देश के सर्वाधिक धान मूल्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की नीति किसानों के लिए एक मिसाल है। इस पहल को किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलता है, तो वे न केवल अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित होते हैं, बल्कि खेती को एक स्थायी आजीविका के रूप में भी देख सकते हैं।एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन ने मुख्यमंत्री की इस नीति की सराहना करते हुए कहा कि उचित समर्थन मूल्य किसानों को आश्वस्त करता है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा। जब मूल्य उत्पादन लागत से मेल खाता है, तो किसान निडर होकर खेती कर सकते हैं और अपनी आजीविका को समृद्ध बना सकते हैं। छत्तीसगढ़ का यह कदम पूरे देश में मिसाल बन सकता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। धान के लिए उच्चतम समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि समृद्ध भी हों।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई यह नीति राज्य में धान उत्पादन को नए उच्च स्तर तक ले जा रही है। किसान हितैषी योजनाओं के कारण प्रदेश में धान का उत्पादन लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।छत्तीसगढ़ की कृषि नीति को राष्ट्रीय पहचानतमिलनाडु के किसानों ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार की कृषि नीतियों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की सराहना की। किसानों ने कहा कि जब सरकार किसानों के हित में ठोस नीतियाँ बनाती है, तो उनका सीधा प्रभाव उनकी आय, जीवन स्तर और समृद्धि पर पड़ता है। यह मुलाकात दो राज्यों के किसानों के बीच आपसी सौहार्द और कृषि सहयोग का प्रतीक बनी। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार की किसान-केंद्रित नीतियां न केवल राज्य में बल्कि देशभर में अनुकरणीय बन रही हैं।इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव श्री स्वामीमलाई सुंदर विमलनाथन के साथ श्री चेरन, श्री कालिया पेरूमल, श्री समीनाथन, श्री सेनगुटटुवन, श्री सुगुमारन, श्री बालाजी, श्री सीतारामन, श्री सबरी नाथन, श्री जी. बालाजी सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।









-copy.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)




.jpg)
.jpg)

.jpg)




.jpg)