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- -27 दिसंबर को किए गए निरीक्षण में 2 करोड़ रुपए से अधिक के अपात्र आईटीसी दावों का खुलासा-वाणिज्यिक कर विभाग मामले की कर रही है विस्तृत जांचरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जीएसटी का अपवंचन करने वाले वाणिज्यिक फर्मों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी सिलसिले में राज्य वाणिज्यिक कर विभाग ने बीजापुर जिले में स्थित सड़क निर्माण करने वाली फर्म मेसर्स सुरेश चंद्राकर के परिसरों पर विगत 27 दिसंबर को निरीक्षण किया।प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि फर्म ने विगत वित्तीय वर्षों में 2 करोड़ से अधिक की अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया है। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा इस मामले में विस्तृत जांच की जा रही है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि राज्य वाणिज्यिक कर विभाग की जांच में पाया गया है कि फर्म द्वारा विगत वर्षों में पात्रता से अधिक आईटीसी दावों की पहचान की गई है। वाहनों और कपड़ों जैसे अपात्र वस्तुओं पर आईटीसी का दावा किया गया जो जीएसटी प्रावधानों के खिलाफ है। व्यावसायिक स्थल पर आवश्यक रिकॉर्ड और चालान अधूरे पाए गए हैं। सीमेंट और सरिया के क्रय दिखाकर बड़ी राशि का इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया है, उस अनुपात में बिटूमीन क्रय नहीं दिखाया है।विक्रेता ने इन विसंगतियों को स्वीकार करते हुए 30 दिसंबर 2024 को 30 लाख रूपये टैक्स का प्रारंभिक भुगतान किया है। अन्य भुगतान दस्तावेजों के सत्यापन के बाद भी लंबित हैं। विभाग द्वारा जीएसटी रिटर्न और बैंक विवरणों के मिलान सहित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे अंतिम देयता निर्धारित की जा सके।उल्लेखनीय है कि जीएसटी अपवंचन के मामलों में मिल रही शिकायतों के मद्देनजर राज्य में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न स्थानों पर वाणिज्यिक फर्माें की जांच की जा रही है। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा ऐसे मामलों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
- -छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा-भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वदेश दर्शन 2.0 में दो बड़ी योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को सौंपे गएरायपुर /उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। इस दौरान पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य उपस्थित थे। इस दौरान राज्य में पर्यटन विकास की दो बड़ी योजनाओं के प्रस्ताव के उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय मंत्री को सौंपे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और निर्देशानुसार स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत महाप्रभु वल्लभाचार्य यज्ञ कुंड परिसर, चंपारण्य के सौंदर्यीकरण और भोरमदेव कॉरिडोर जिला कबीरधाम की परियोजनाओं के लगभग 200 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भारत सरकार को सौंपे गए।इस प्रस्ताव में महाप्रभु वल्लभाचार्य यज्ञ कुंड परिसर, चंपारण्य में परिसर का सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वार, तालाब ब्यूटीफिकेशन, पार्किंग एरिया, महाप्रभु वल्लभाचार्य की भव्य प्रतिमा, म्यूजियम, कन्वेंशन सेंटर, भागवत कथा एवं प्रवचन हॉल, बच्चों के लिए गार्डन, कैफेटेरिया, सड़क निर्माण, लैंडस्कैपिंग, सोवेनियर शॉप, पेयजल और पब्लिक टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है।भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत भोरमदेव मंदिर परिसर का विकास, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सूचना केंद्र, शिव प्लाजा, झील और सरोदा डैम का सौंदर्यीकरण, बच्चों के लिए पार्क, गेस्ट हाउस, लाइब्रेरी, म्यूजियम, भंडारा भवन, मेला ग्राउंड, प्रवेश द्वार और पार्किंग का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त छेरकी महल, मड़वा महल और रामचूआ मंदिर का सौंदर्यीकरण तथा जल क्रीड़ा के लिए घाट निर्माण का भी प्रस्ताव है।केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इन योजनाओं की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को इनके क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन परियोजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ पर्यटन को एक नई पहचान और दिशा मिलेगी।
- -छत्तीसगढ़ में अब कुल 2.11 करोड़ मतदाता, निर्वाचकों का लिंगानुपात 1024-मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर अंतिम मतदाता सूची की दी जानकारी-मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर मतदाता सूची अपलोड, मतदान केन्द्रवार मतदाता सूची कर सकते हैं डाउनलोडरायपुर /छत्तीसगढ़ में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद 1 जनवरी 2025 की अर्हता तिथि में आज मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज अपने कार्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अंतिम मतदाता सूची की जानकारी दी। उन्होंने बैठक में बताया कि अंतिम प्रकाशन की फोटोरहित मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट ceochhattisgarh.nic.in पर अपलोड कर दी गई है। आम नागरिक मतदान केन्द्रवार मतदाता सूची डाउनलोड कर इसका अवलोकन कर सकते हैं।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद अब राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या दो करोड़ 11 लाख पांच हजार 391 हो गई है। इनमें एक करोड़ चार लाख 27 हजार 842 पुरुष मतदाता, एक करोड़ छह लाख 76 हजार 821 महिला मतदाता और 728 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। राज्य में निर्वाचकों का लिंगानुपात (Gender Ratio) 1024 है। उन्होंने बताया कि 18-19 आयु वर्ग समूह में चार लाख 52 हजार 134 मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य के 90 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 24 हजार 371 मतदान केन्द्र हैं।श्रीमती कंगाले ने बताया कि वोटर हेल्पलाइन एप या वेबसाइट https://voters.eci.gov.in के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपन, संशोधन एवं स्थानातंरण के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री पी.एस, ध्रुव, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो और सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रुपेश वर्मा भी राजनीतिक दलों के साथ बैठक में मौजूद थे।
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-अब तक 102 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
-धान खरीदी के साथ-साथ तेजी से हो रहा धान का उठाव-कुल खरीदी का लगभग 78 प्रतिशत धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी-46.47 लाख मीट्रिक टन धान का हो चुका है उठावरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। वहीं धान खरीदी व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 102 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 20 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 22 हजार 864 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथि का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। अब तक कुल धान खरीदी का 78 प्रतिशत धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, इसके एवज में 46.47 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 06 जनवरी 2025 को 69 हजार 922 किसानों से 3.53 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 81 हजार 556 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 75 हजार 907 टोकन जारी किया गया है।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। - -उप मुख्यमंत्री ने जिला ऑडिटोरियम एवं मनोविकास केंद्र का किया लोकार्पण-21 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण-भूमिपूजन-उप मुख्यमंत्री श्री साव ने एक करोड़ 85 लाख रुपए के नए विकास कार्यों की घोषणा कीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में नवनिर्मित जिला ऑडिटोरियम का लोकार्पण एवं विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। उन्होंने इस दौरान छह करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से निर्मित जिला ऑडिटोरियम और नवीन कृषि उपज मंडी में संचालित होने वाले मनोविकास केंद्र के लोकार्पण सहित 21 करोड़ 29 लाख रुपए के 56 विकास कार्यो का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बलौदाबाजार में आज दो करोड़ रुपए के चार कार्यों का भूमिपूजन तथा 19 करोड़ 29 लाख रुपए के 52 कार्यो का लोकार्पण किया। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिला ऑडिटोरियम का नाम बलौदाबाजार के पूर्व विधायक श्री सत्यनारायण केशरवानी के नाम पर करने जिला प्रशासन को राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। श्री साव ने कार्यक्रम में बलौदाबाजार जिले के नगरीय निकायों में विकास कार्यों के लिए एक करोड़ 85 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 60 युवाओं को रोजगार पत्र, अंत्यवसायी विभाग के 359 हितग्राहियों को 35 लाख 90 हजार रुपए अनुदान सहायता राशि का चेक एवं ‘बिहान’ योजना की दस दीदियों को लखपति दीदी सम्म्मान पत्र प्रदान किया।मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार लगातार विकास के काम कर रही है जिसका ध्येय छत्तीसगढ़ को देश का अव्वल प्रदेश बनाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग ईमानदार हैं और मेहनत से आगे बढ़ रहे है। प्रदेश में खनिज एवं प्राकृतिक सम्पदा प्रचुर मात्रा में हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे हमारी सरकार हर क्षेत्र में विकास के काम तेजी से कर रही है। मोदी की गारंटी के तहत अधिकांश वादे पूरे किए गए हैं।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कार्यक्रम में कहा कि जिला ऑडिटोरियम जिले के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। आज का दिन जिले के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे प्रदेश में सभी क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हो रही है। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में आज बीजापुर में आईईडी ब्लास्ट में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि भी दी गई। विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे, बलौदाबाजार नगर पालिका के अध्यक्ष श्री चित्तावर जायसवाल, जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सुमन योगेश वर्मा, छत्तीसगढ़ महिला आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, डीएफओ श्री मयंक अग्रवाल और जिला पंचायत की सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- रायपुर। सनातन परंपरा में सप्त ऋषियों को सबसे ज्यादा आदर प्राप्त है। यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है कि छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सिहावा अंचल की पुण्य भूमि सप्त ऋषियों की तपोस्थली रही है। धमतरी जिले का वनांचल सिहावा, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण पर्यटकों को अनायास ही अपनी ओर खींच लेता है। सप्तऋषियों की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध यह क्षेत्र चित्रोत्पला महानदी के उद्गम स्थल के रूप में भी विख्यात है। सिहावा पर्वत, जो ऋषियों और मुनियों की कहानियों से गुंजायमान है, पहाड़ों, नदियों और घने जंगलों से भरपूर है।सिहावा के श्रृंगी ऋषि आश्रम को विशेष महत्व प्राप्त है। लगभग 42 मीटर ऊंचाई पर महेन्द्रगिरि पर्वत स्थित है, जहां श्रृंगी ऋषि का आश्रम है। यहां का तालाब और जलकुंड चित्रोत्पला महानदी के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध हैं। यह स्थान माघ पूर्णिमा पर लगने वाले विशाल मेले के लिए जाना जाता है। श्रृंगी ऋषि आश्रम से लगभग 15 किलोमीटर दूर केकराडोंगरी पहाड़ी पर कंक ऋषि का आश्रम स्थित है। दुधावा बांध के समीप स्थित यह स्थान पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है।मगरलोड ब्लॉक के दलदली गांव के जंगलों में सरभंग ऋषि का आश्रम स्थित है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह स्थान शरद पूर्णिमा के मेले के लिए प्रसिद्ध है। आश्रम के पास दो कुंड हैं, जिनमें बारहों महीने पानी भरा रहता है, और रात के समय इनमें प्रकाश दिखाई देता है। अंगीरा ऋषि का आश्रम नगरी से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान अपनी गुफाओं और वनीय वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, अगस्त्य ऋषि का आश्रम नगरी से एक किलोमीटर दूर हरदीभाटा गांव के पास स्थित है। यह स्थान भारतीय संस्कृति और विज्ञान के प्रचार-प्रसार का प्रतीक है।सीतानदी के पास मेचका गांव में स्थित मुचकुंद ऋषि का आश्रम धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस स्थान पर शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, रानी गुफा और शांति कुंड जैसी संरचनाएं स्थित हैं। सीतानदी के वनक्षेत्र में मांदागिरी पर्वत पर गौतम ऋषि का आश्रम स्थित है। यहां की मूर्तियां, गुफाएं, झूलते पत्थर और तालाब पर्यटकों को रोमांचित करते हैं। महानदी और बाल्का नदी के किनारे कर्णेश्वर मंदिर स्थित है। 1114 ईसा पूर्व में बने इस मंदिर का शिवलिंग छत्तीसगढ़ के प्राचीनतम शिवलिंगों में से एक है। इसके समीप स्थित पहाड़ी लोमश ऋषि की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध है। धमतरी जिले का यह क्षेत्र अपने धार्मिक, पौराणिक और प्राकृतिक महत्व के कारण छत्तीसगढ़ में पर्यटन और अध्यात्म के नए आयाम स्थापित कर रहा है। पर्यटक यहां की आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए बार-बार खिंचे चले आते हैं।
- रायपुर। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज नगर पंचायत भटगांव के वार्डों में सघन निरीक्षण किया। जहां उन्होंने वार्ड वासियों से मिलकर वार्ड की वस्तुस्थिति की जानकारी ली, इसके साथ ही जनहित के मामलों के शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। वार्डों में मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी, साफ़-सफाई इत्यादि की व्यवस्था पुख्ता हो इस पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उपस्थित जनों से उनकी समस्या को जाना और उनके त्वरित निराकरण करने के निर्देश संबंधितों को दिए।
- -वन अधिकार प्रबंधन में यह कार्यशाला मील का पत्थर साबित होगी-वन अधिकारों की मान्यता, प्रबंधन एवं संरक्षण तथा अभिसरण से आजीविका संवर्धन सहित विभिन्न विषयों पर हुई परिचर्चारायपुर । धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के वन अधिकार अधिनियम 2006 के बेहतर क्रियान्वयन विषय पर आज राजधानी रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वन अधिकार अधिनियम 2006 के बेहतर क्रियान्वयन में देश में एक अग्रणी राज्य है।आज की कार्यशाला एक शुरुआत है इस कार्यशाला के माध्यम से वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में मैदानी स्तर पर आ रही परेशानियों को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा एक्ट के बेहतर क्रियान्वयन हेतु एक टॉस्क फोर्स के गठन का प्रस्ताव विचाराधीन है इसके माध्यम से ऐक्ट के प्रावधानों को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि राज्य में अब तक 4 लाख 79 हजार 502 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र तथा 4377 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। इसके अलावा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्य ग्राम सभाओं में सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन हेतु सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के गठन की कार्यवाही की जा रही है। अब तक 2081 सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों का गठन किया जा चुका है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से अब व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र धारकों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम पर काबिज भूमि का नामांतरण एवं अन्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है। अब तक नामांतरण, सीमांकन और त्रुटि सुधार से संबंधित 881 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इससे वंशानुगत रूप से वन भूमि के हस्तांतरण में आ रही कठिनाई को दूर करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में वन अधिकार के बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में अनेक बिंदुओं पर चर्चा की गई जिनमें मुख्य रूप से वन अधिकारों का डिजिटलाईजेशन एवं ऑनलाइन प्रक्रियाकरण, वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में एफआरए सेल की भूमिका, सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन व्यवस्था का क्रियान्वयन एवं स्टेकहोल्डरर्स की भूमिका, वन अधिकार पत्र धारकों का अभिसरण के माध्यम से आजीविका संवर्धन, ग्राम सभाओं तथा समितियां के क्षमता विकास के माध्यम से सशक्तिकरण आदि प्रमुख हैं। कार्यशाला में इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा से प्राप्त सुझावों से वन अधिकार अधिनियम के और बेहतर क्रियान्वयन में यह कार्यशाला मील का पत्थर साबित होगी।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि कि वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत वन अधिकारों की मान्यता, वनों का प्रबंधन एवं संरक्षण तथा अभिसरण के माध्यम से आजीविका संवर्धन आदि संपूर्ण कार्यों के बेहतर कियान्वयन हेतु संबंधित शासकीय विभागों तथा अशासकीय संस्थानों की सतत् भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प में वन अधिकार अधिनियम का उचित क्रियान्वयन एक महत्वपूर्ण चरण होगा।कार्यशाला को संबोधित करते हुए आदिम जाति विभाग के आयुक्त श्री पी.एस.एल्मा द्वारा वन अधिकार अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राजस्व, वन, आदिम जाति तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समस्याओं को दूर करने पर बल दिया। चौपाल संस्था के श्री गंगाराम पैकरा ने सामुदायिक वन संसाधन के दावों में त्रुटियों को दूर करने और एफआरए क्षेत्र में अनुभवी एनजीओ को मान्य करने का सुझाव दिया। एटीआरईई संस्था से श्री शरद लेले ने कहा कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार देने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य बन गया है। परन्तु केवल सीएफआरआर दावें देना ही काफी नहीं है, अब हमें इसके आगे के चरण पर कर्य करने की जरूरत है।अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री सुनील मिश्रा ने एफआरए के वास्तविव लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी संबंधित विभागों के एक साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। आदिवासी समता मंच की श्रीमती इंदु नेताम ने व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पत्र प्राप्त करने में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने का सुझाव दिया। मुख्य वन संरक्षक श्री नबीद ने नवीन वन अधिकार अधिनियम में ग्राम सभाओं को दिए गए व्यापक अधिकारों का उल्लेख करते हुए वन, राजस्व एवं आदिम जाति विभाग को एक साथ मिलकर कार्य करने पर बल दिया । इस हेतु उन्होंने राजस्व विभाग, वन विभाग, आदिम जाति विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों से एक साथ मिलकर कार्य करने का आव्हान किया।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान अंतर्गत 17 मंत्रालयों के सहयोग से भारत सरकार की 25 योजनाओं को सुसंगत तरीके से धरातल पर उतारना है जिसमें वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन अंतर्गत मुख्य रूप से निश्चित समयावधि में वन अधिकारों की मान्यता की प्रकिया को पूर्ण किया जाना है।आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मुख्य तत्वाधान में यह कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सहयोगी संस्थान के रूप में टीआरटीआई, एफईएस (फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी) एवं एटीआरईई (अशोका ट्रस्ट फॉर इकोलॉजी एंड एनवायरमेंट) द्वारा भागीदारी की गई। यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) द्वारा इसे तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के अपर संचालक श्री संजय गौड़ सहित जिलों में पदस्थ सहायक आयुक्त, जिला परियोजना समन्वयक, स्वयं सेवी संस्थाओं और सामुदायिक वनप्रबंधन समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -केशकाल घाटी और टाटामारी में बढ़ रही पर्यटकों की रौनकरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में बस्तर क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हो गई है और इसका ताजा उदाहरण नेशनल हाईवे 30 पर स्थित केशकाल घाटी है। केशकाल घाटी को बस्तर की लाइफ लाइन के रूप में जाना जाता है, क्योंकि इस घाटी से ही होकर बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों एवं ओड़िसा, आंध्रप्रदेश सहित तेलंगाना तक पहुँचा जाता है। नेशनल हाईवे पर स्थित केशकाल घाटी प्रमुख मार्ग होने के साथ साथ बस्तर क्षेत्र के व्यवसायिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। आज से दो महीने पहले यह घाटी जर्जर स्थिति में थी इस कारण यहाँ से गुजरने वाले लोग धुल एवं लम्बी जाम से परेशान थे। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने घाटी की कायाकल्प के लिए कार्य योजना तैयार किया, फलस्वरूप आज घाटी पूरी तरह से बन कर तैयार है और गाड़ियाँ घाटी से फर्राटे भर रही हैं। केशकाल घाट में मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद बीते शुक्रवार को सुबह सभी प्रकार के वाहनों के आवाजाही बहाल हो गई है। घाटी के नवीनीकरण से यातयात में सुगमता आएगी, साथ ही इससे क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा मिलेगा।घाटी के दीवारों के वॉल पेंटिंग बना आकर्षण का केंद्रकेशकाल घाटी मरम्मत कार्य के साथ-साथ घाटी के दीवारों पर बस्तर की संस्कृति, कला, पर्यटन को चित्रित किया गया है, जिससे घाटी आकर्षण का केंद्र बन गया है। घाटी को अब लोग फूलों की घाटी के नाम के साथ-साथ अब खुबसूरत वॉल पेंटिंग के लिए भी जाना जाएगा। बस्तर में कई खुबसूरत पर्यटन स्थल है और कांकेर जिले के पर्यटन स्थलों को निहारने के बाद पर्यटक घाटी के रास्ते ही आगे की सफ़र तय करते हैं, ऐसे में जब घाटी में बने सुंदर पेंटिंग से उन्हें बस्तर की प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी के साथ जिले के शिल्पियों द्वारा बनाए कलाकृति बेलमेटल एवं आदिवासी कला व संस्कृति की महक से पर्यटक रुबरु हो पाएंगे।टाटामारी को एडवेंचर पर्यटन के रूप में किया जाएगा विकसितघाटी के दाहिने ओर स्थित टाटामारी हिल स्टेशन अपने खूबसूरत प्राकृतिक सुंदरता के लिए देश दुनिया में प्रसिद्ध है। आप जब घुमावदार मोड़ों वाली घाटी से यात्रा के बाद टाटामारी पहुंचेंगे तब आपकी थोड़ी बढ़ी हुई धड़कने शांत और आँखों को राहत मिलेगी। यहाँ की खुबसूरत नज़ारे देख कर पर्यटकों के मन में काश ये वक्त यही ठहर जाए यह बात आ ही जाती है। और हर कोई यहाँ के नाजरों को अपने मोबाईल में कैद करने से रह नहीं पाते। यही वजह है की इस नूतन वर्ष में पर्यटक दूर-दूर से यहां की नैसर्गिक सुंदरता को निहारने के लिए पहुंच रहे हैं। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। वर्ष 2020 में 20 हजार 950 पर्यटकों की संख्या थी जो अब बढ़कर 01 लाख 76 हजार 682 हो गई है। यहाँ पर्यटकों के रुकने के लिए यहाँ पर उचित व्यवस्था की गई है ताकि पर्यटक टाटामारी के साथ-साथ आस पास के अन्य पर्यटन स्थलों तक भी पहुँच सकें। टाटामारी में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल भी रहा है। साथ ही स्व सहायता समूह की महिलाएं यहाँ पर्यटकों को गाँव के पारंपरिक पकवान और भोजन परोसते हैं।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि टाटामारी में एडवेंचर्स स्पोर्ट्स की काफी संभावनाएं हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए यहां एडवेंचर्स गतिविधियों के आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा कार्य योजना बनाई जा रही है। साथ ही पर्यटकों के सुविधाओं की दृष्टि से व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यूव पॉइंट, पाथ वे और वुडन कॉटेज के सुदृढ़ीकरण किया जाएगा और किड्स प्ले गार्डन में सुविधा बढ़ाई जाएगी। साथ ही नए कॉटेज का भी निर्माण किया जाएगा।
- -कृषि मंत्री- रामविचार नेताम ने नये कार्यालय का किया शुभारंभ-रामानुजगंज को नगरपालिका बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु साय का माना आभाररायपुर। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत नगर पंचायत रामानुजगंज से नगरपालिका के रूप में उन्नयन हुए कार्यालय का फीता काट कर शुभारंभ किया। मंत्री श्री नेताम ने क्षेत्रवासियों को नये नगर पालिका के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।मंत्री श्री नेताम कहा कि रामानुजगंज नगर पंचायत के रूप में जाना जाता था। लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के परिणाम स्वरूप लंबे अरसे बाद इसे नगरपालिका क्षेत्र बनाया गया है। उन्होंने रामानुजगंज को नगरपालिका बनाने पर मुख्यमंत्री का आभार माना है। मंत्री श्री नेताम ने कहा कि नगरपालिका बनने से स्थानीय जनता को प्रशासनिक सुविधाएं और सेवाएं बेहतर तरीके से प्राप्त होंगी, जिससे विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का भी दायित्व बनता है कि वे समाज में जन चेतना एवं सहभागिता का भाव जागृत कर नगरपालिका रामानुजगंज को बेहतर रूप में काम करने में सहयोग करें।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सहित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री देवेंद्र प्रधान, जनपद सीईओ श्री मनोज पैंकरा और नगर पालिका सीएमओ व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर । प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक ऐसा आध्यात्मिक अभियान है, जो प्रदेश के लोगों के जीवन में श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का नया अध्याय जोड़ रहा है। यह योजना छत्तीसगढ़ में साय सरकार बनने के बाद शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता और जनकल्याणकारी सोच का यह एक सशक्त प्रमाण है। इस योजना से छत्तीसगढ़ के हजारों नागरिकों को प्रभु श्रीरामलला के जन्मस्थान के दर्शन करने का लाभ मिल चुका है।योजना के अंतर्गत विशेष ट्रेन के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन कराए जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और आरामदायक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इन सभी व्यवस्थाओं ने इस यात्रा को एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया है।कबीरधाम जिले से अब तक 421 श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। धार्मिक यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं ने योजना की मुक्त कंठ से सराहना की। कवर्धा निवासी श्री विजय कुमार यादव ने कहा कि हमने वर्षों पूर्व अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन करने का सपना देखा था। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे साकार कर दिया। यात्रा के दौरान हमें ऐसा अनुभव हुआ, मानो हम अपने घर परिवार के बीच में ही हैं। भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई थी।इसी तरह गौरमाटी के श्री बलराम साहू ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन से मन को अपार शांति मिली। यात्रा का हर पल यादगार था। मुख्यमंत्री जी ने इस योजना के माध्यम से हम जैसे हजारों श्रद्धालुओं को एक ऐसा अवसर प्रदान किया है, जिसे हम जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।रामलला दर्शन योजना न केवल श्रद्धालुओं के धार्मिक विश्वास को सशक्त कर रही है, बल्कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊर्जा दे रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल धार्मिक स्थलों के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ा है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता भी मजबूती हुई है।
- -डेढ़ किमी पैदल चलकर सुकमा जिले के बोरगुड़ा पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम-घर घर जाकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का किया गया स्वास्थ्य जाँच-पहुँचविहीन ग्राम बोरगुड़ा के 127 लोगों का हुआ निःशुल्क उपचाररायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के सर्वांगीण विकास के लिए नियद नेल्लानार योजना की शुरूआत की थी। योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचविहीन इलाकों में घर घर जाकर स्वास्थ्य जांच कर रही है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत सुकमा जिले के सभी पहुँचविहीन और जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी प्रकार के स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ दूरस्थ पहुंचविहीन क्षेत्रों में घर-घर दस्तक दे रही है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से गाँवो में अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाओं व कार्यक्रमों को पहुंचाया जा रहा है। इस काम के लिए सुकमा जिले के कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल कश्यप विशेष तौर पर कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।नियद नेल्लानार योजनांतर्गत चिन्हांकित ग्राम बोरगुड़ा सुकमा विकासखंड के ग्राम पंचायत पोंगाभेज्जी के अंतर्गत वनांचल ग्राम है। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम पगडंडी के सहारे पैदल चलकर पहुंची। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी की दूरी पर स्थित परिया कैम्प क्षेत्र में आता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा पेड़ की छांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।निक्षय निरामया छत्तीसगढ के अंतर्गत 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान के तहत शनिवार को दुर्गम पहुँचविहीन क्षेत्र बोरगुड़ा में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा समुदाय के लगभग 45 लोगों का स्वास्थ्य जाँच कर क्षय, मलेरिया, कुष्ठ, मधुमेह और रक्तचाप की स्क्रीनिंग की गई। शिविर के दौरान 10 क्षय रोग के संदिग्ध व्यक्तियों के बलगम का सैंपल लिया गया एवं जाँच के लिए जिला क्षय उन्मूलन केंद्र भेजा गया। इसके साथ ही शिविर में आने वाले लगभग 127 लोगों का स्वास्थ्य जाँच कर निःशुल्क दवा का वितरण किया गया। शिविर में ग्रामीण स्वास्थ्य जांच कराने बड़ी संख्या में पहुंचे।इस अवसर पर ग्रामीणों को टीबी से अपने परिवार और पड़ोसियों को बचाने की शपथ भी दिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ग्रामीणों को साँप-बिच्छू से सावधान रहने, रात में मच्छरदानी लगाकर बिस्तर में सोने, पानी को छानकर पीने तथा अपने आस-पास साफ-सफाई रखने की समझाइश दी गई।
- -छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन बिहार, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, उत्तराखण्ड जैसे राज्यों से रहा बेहतररायपुर। भारत सरकार आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में 29 अक्टूबर 2024 को नवम् राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "देश का प्रकृति परीक्षण" अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का प्रथम चरण संविधान दिवस दिनांक 26 नवम्बर 2024 से पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर 2024 तक संपन्न हुआ। ऑनलाइन अभियान के अंतर्गत मोबाईल एप्लीकेशन के द्वारा देश के एक करोड़ नागरिकों के आयुर्वेदीय सिद्धांत अनुसार प्रकृति (वात-पित्त-कफ) परीक्षण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। राज्य में 25 दिसंबर 2024 तक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से जुड़े कुल 3,551 महाविद्यालयीन शिक्षकों, चिकित्सकों, छात्रों, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों तथा निजी चिकित्सकों द्वारा बतौर स्वयंसेवक (वालेंटियर) कुल 4,45,897 नागरिकों का ऑनलाइन प्रकृति परीक्षण किया गया। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को काफी अच्छा प्रतिसाद मिला तथा राज्य का प्रदर्शन बिहार, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, उत्तराखण्ड जैसे अनेक राज्यों की तुलना में काफी बेहतर रहा। अभियान के प्रथम चरण का समापन दिनांक 25 दिसंबर 2024 को माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में जशपुर जिले के कुनकुरी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रकृति परीक्षण कार्ड भेंट किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमुदाय से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अपनाने तथा प्रकृति परीक्षण कराने की अपील की है। अभियान के तहत प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सहित अन्य सांसद, विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों सहित आम नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया।"देश का प्रकृति परीक्षण" अभियान का उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के द्वारा जनसामान्य को मोबाईल एप्लीकेशन पर उनके प्रकृति के अनुरूप विभिन्न ऋतुओं में स्वस्थ रहने हेतु आवश्यक आहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, परहेज एवं स्वास्थ्य से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण परामर्श उपलब्ध कराना है। अभियान के अंतर्गत जिन नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया है उन्हें "डिजिटल प्रकृति परीक्षण कार्ड” भी उपलब्ध हुआ है जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी आयुर्वेद उपचार के लिए पृथक से प्रकृति परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। प्रकृति परीक्षण के द्वारा भविष्य में होने वाले अनेक जीवनशैली रोग जैसे मधुमेह, उच्चरक्तचाप, हृदयरोग तथा कैंसर से बचाव व नियंत्रण भी संभव होगा। मोबाईल एप्लीकेशन आधारित नागरिकों का निःशुल्क प्रकृति परीक्षण भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा, इस हेतु इच्छुक नागरिकों को अपने मोबाईल फोन के प्ले स्टोर से "देश का प्रकृति परीक्षण" एप्प डाउनलोड कर "सिटिजन लॉगिन" करना होगा। तदुपरांत वे प्रकृति परीक्षण हेतु निकटस्थ आयुर्वेद महाविद्यालय, चिकित्सालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों तथा निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर सकते हैं।
- रायपुर। नगरीय निकायों में आम निर्वाचन के लिए नगर निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष के पदों के लिए आरक्षण प्रक्रिया कल 7 जनवरी 2025 को संपादित की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा पूर्व में इसके लिए 27 दिसम्बर 2024 की तिथि निर्धारित की गई थी। अपरिहार्य कारणों से 27 दिसम्बर को होने वाली आरक्षण की कार्यवाही को स्थगित कर इसके लिए अब 7 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई थी।रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कल 7 जनवरी को सवेरे साढ़े दस बजे से आरक्षण की प्रक्रिया संपादित की जाएगी। आरक्षण की कार्यवाही के अवलोकन के इच्छुक व्यक्ति निर्धारित तिथि, समय व स्थान पर उपस्थित रह सकते हैं। उल्लेखनीय है कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में प्रदेश में होने वाले नगरीय निकायों के आम निर्वाचन के लिए छत्तीसगढ़ नगर पालिका (महापौर तथा अध्यक्ष के पद का आरक्षण) नियम 1999 के प्रावधानों के अंतर्गत नगर पालिक निगमों के महापौर तथा नगर पालिका परिषद् एवं नगर पंचायत के अध्यक्षों के पदों के आरक्षण की कार्यवाही संपादित की जा रही है।
- -उद्योग मंत्री का प्रयास रंग लाया 43.70 करोड़ की मिली स्वीकृति- जिला चिकित्सालय के बिस्तरों की क्षमता बढ़कर हो जाएगी 650- वर्तमान अस्पताल भवन के विकास कार्यों के लिए भी मिली स्वीकृतिरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर कोरबा मेडिकल अस्पताल में 200 बेड की क्षमता के नया भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के क्रम में वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन का प्रयास रंग लाया है। मेडिकल अस्पताल कोरबा में अब 200 बेड क्षमता के नये भवन के निर्माण के लिए कुल 43.70 करोड़ की राशि की स्वीकृति मिली है। इस भवन के बन जाने से मेडिकल चिकित्सालय में बिस्तरों की क्षमता बढ़कर 650 हो जाएगी। इसके अलावा वर्तमान अस्पताल भवन के अन्य विकास कार्यों के लिए भी राशि की स्वीकृति मिली है।गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज कोरबा के लिए जब जिला अस्पताल का अधिग्रहण कर संबद्ध किया गया था तब अस्पताल में 100 बिस्तरों की सुविधा थी। प्रबंधन ने एनएमसी की गाइड लाइन के तहत बिस्तरों की क्षमता 300 तक बढ़ाई गई थी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन, कैजुअल्टी भवन और ट्रामा सेंटर में अतिरिक्त बिस्तर लगाए गए थे। लंबे समय से अस्पताल परिसर में 200 बेड के बिस्तरों के अस्पताल भवन के निर्माण की मांग की जा रही थी। अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसके लिए मांग पत्र भी भेजा गया था। मरीजों की बढ़ती संख्या और हो रही परेशानियों को संज्ञान में लेकर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बजट में इसकी स्वीकृति के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा था। मंत्री श्री देवांगन के प्रयासों से 200 बिस्तर क्षमता वाले अस्पताल भवन के निर्माण और अन्य सुविधाओं के लिए कुल 43 करोड़ 70 लाख की स्वीकृति राज्य शासन द्वारा दी गई।क्रिटिकल केयर यूनिट में होंगे 50 बिस्तरगंभीर मरीज के इलाज के लिए जिला चिकित्सालय परिसर में 50 बिस्तर का क्रिटिकल केयर यूनिट का भी निर्माण होगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इसके अलावा 100 बिस्तर क्षमता सीएसआर मद से 3.5 करोड़ की लागत से भी निर्माण होगा। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को इसके लिए क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। वही एसईसीएल के माध्यम से परिजनों के रुकने के लिए 60 बिस्तर का रैन बसेरा का निर्माण होगा।ऑर्थाेपेडिक विभाग में प्रारम्भ होंगे दो ओटी रूममेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑर्थाेपेडिक डिपार्मेंट का बहुत जल्द विस्तार होने वाले है। मंत्री श्री देवांगन के निर्देश पर ट्रामा सेंटर बिल्डिंग के दूसरे तल में दो ऑपरेशन थिएटर कक्ष में जल्द ही उपकरण इंस्टॉलेशन होंगे। इसके पश्चात दोनों ऑपरेशन थिएटर में एक साथ ऑपरेशन हो सकेंगे। वर्तमान में पुराने भवन में ही एकमात्र ऑपरेशन थिएटर पर लोड ज्यादा है।अस्पताल के सभी डिपार्टमेंट होंगे सर्व सुविधा युक्त -मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हर डिपार्टमेंट को सर्व सुविधा युक्त करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों के आने से जिलेवासियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। जिलेवासियों ने 43 करोड़ की स्वीकृति के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का बहुत-बहुत आभार प्रकट किया है।
- -महिला स्व सहायता समूह से जुड़कर कार्य कर रही है नीतू, बनी लखपति महिला-मुद्रा लोन लेकर बढ़ाया अपना किराना का व्यवसाय, अब गांव के लोगों को लोन दिलाने में कर ही है मदद-व्यवसाय और खेती से विगत दो माह में कमा चुकी हैं लगभग 2 लाख रुपए से अधिक की राशिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने केंद्र हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बन रही हैं बल्कि दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही हैं।ऐसी ही कहानी है जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की ग्राम झिक्की की रहने वाली श्रीमती नीतू गुप्ता की। जो बिहान योजना से जुड़कर लखपति दीदी बन गई हैं और सक्रिय महिला के रूप में कार्य कर रही है।श्रीमती नीतू गुप्ता मुद्रा लोन के माध्यम से अपना व्यवसाय को और बढ़ा रही है। सामान्य परिवार से आने वाली नीतू का सपना था की वह भी आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का सहारा बनें। इस तरह से अपने सपनों को पूरा करने के लिए वह बिहान योजना के तहत लक्ष्मी स्व सहायता समूह से जुड़ी। नीतू ने बताया कि उनकी एक छोटी सी किराने की दुकान है। जिससे वे बैंक लिंकेज के माध्यम से मुद्रा लोन लेकर व्यवसाय को बढ़ा रही है। इससे पहले वे सक्रिय महिला के रूप में कार्य करते हुए लोगों को जागरूक कर रहीं थीं। वे बताती है कि महिलाओं को समूह में जोड़ रही है और लोगों को लोन दिलाने का कार्य भी कर रही हैं।पहले गांव के लोग दूसरे लोगों से ही लोन लेते थे जिससे अधिक ब्याज देना पड़ता था। अब बैंक लिकेज के माध्यम से मुद्रा लोन लेने की समझाईश देती है जिससे लोगों को कम ब्याज दर पर व्यवसाय के लिए पैसा मिल जा रहा है। साथ ही वे सिलाई का कार्य भी करती है। श्रीमती नीतू गुप्ता ने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन के माध्यम से एक लाख रूपए का लोन लिया है।श्रीमती नीतू गुप्ता अपने पति श्री सुनिल गुप्ता के साथ खेती कार्य में भी उनका साथ देती हैं। 07 एकड़ में वे टमाटर, खीरा, करेला लगाते हैं और माह में अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। इस तरह वह विगत दो माह में 2 लाख 50 हजार कमा कर लखपति दीदी बन गई हैं।
- भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आदेश जारी करते हुए अमरनाथ दुबे की पदस्थापना नगर पालिक निगम भिलाई में जोन आयुक्त के पद पर की गई है। नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने शासन से प्राप्त आदेश के परिपालन में जोन आयुक्तो के कार्यो का विभाजन कर दायित्व सौंपा गया है। जिससे निगम भिलाई क्षेत्र में कराये जा रहे विकास/निर्माण कार्यो के साथ-साथ शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक रूप से परिपालन किया जा सके। जिससे इसका लाभ सीधे जनता को मिले।अधिकारी जिनके कार्यो का विभाजन किया गया है जो इस प्रकार से जोन क्रमांक-01 नेहरू नगर में अजय सिंह राजपूत, जोन क्रमांक-02 वैशालीनगर में सुश्री येशा लहरे, जोन क्रमांक-03 मदर टेरेसा नगर में सतीश यादव, जोन क्रमांक-04 शिवाजी नगर खुर्सीपार में अमरनाथ दुबे एवं जोन क्रमांक-05 सेक्टर 06 में कुलदीप गुप्ता को जोन आयुक्त के कार्य का दायित्व सौंपा गया है। जो अपने-अपने क्षेत्रों में दिये गये दायित्वों का निर्वहन करेगें।
- रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज नगर पालिक निगम रायपुर में प्रशासक के तौर पर पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। रेडक्रॉस जिला शाखा रायपुर द्वारा आयोजित सामान्य सभा बैठक में 15 उम्मीद्वारों का जिला प्रबंधन समिति के सदस्य के रूप में चयन किया गया। एवं शेष 5 सदस्यों का चयन निर्वाचन के माध्यम से किए जाने हेतु 07/01/2025 को सामान्य सभा की बैठक आयोजित किया गया है।07/01/2025 की बैठक को अपरिहार्य कारणों से स्थगित किया जाता है एवं दिनांक 26/11/2024 को हुई कार्यवाही को शून्य किया जाता है।
- राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन के लिए देश भर से 10 लखपति दीदियों का चयनबिहान की बदौलत फल-फूल रहा मेरा घर : लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषादसालाना आय 4 लाख रूपए से अधिक, प्रतिमाह लगभग 33 हजार रूपए की हो रही आयरायपुर। राजनांदगांव जिले के ग्राम कुसमी की लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन में शामिल होंगी तथा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु उन्हें सम्मानित करेंगी। लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने विपरीत और संघर्षपूर्ण स्थिति में भी हार नहीं मानी और राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर सफलता की नई ईबारत लिखी है। श्रीमती दिव्या निषाद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सम्मान कि बात है कि लखपति दीदी के तौर पर राष्ट्रपति भवन जाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह जानकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है और घर में सभी खुश हैं।लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और वर्ष 2021 में कोविड-19 की वजह से उनके पति की आकस्मिक मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि गरीबी की स्थिति थी और उन्हें किसी भी तरह का अनुभव और ज्ञान नहीं था। पति की आकस्मिक मृत्यु के दुख ने परिवार को अंदर तक झकझोर दिया। ऐसे समय में अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए तथा अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए समूह की दीदियों से मुझे हिम्मत मिली और मैंने कुछ कार्य करने का निर्णय लिया।लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुडऩे के बाद मेरे जीवन में परिवर्तन आया और आज बिहान की बदौलत मेरा घर फल-फूल रहा है। अंतर्मुखी स्वभाव होने के कारण बिहान से जुडऩे से आत्मविश्वास बढ़ा। प्रशिक्षण के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने बताया कि बैंक सखी, बैंक मित्र, पुस्तक लिखने का कार्य, समूह के अध्यक्ष एवं सचिव के कार्य तथा छोटे व्यापार प्रारंभ करने का कार्य सीखने लगी। उन्होंने बताया कि वह जय मां अम्बे स्वसहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह में कार्य करने के दौरान आत्मविश्वास बढ़ा और समूह के माध्यम से ऋण लेकर छोटा सा व्यापार प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि उनकी सालाना आय 4 लाख रूपए से अधिक है और वह बहुआयामी कार्य कर रही हैं। बैंक सखी, बैंक मित्र के अलावा उनकी ग्राम भर्रेगांव में साड़ी एवं बच्चों के रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। उन्होंने बताया कि समूह से ऋण लेकर ही उन्होंने अपने घर में ही किराने की दुकान भी प्रारंभ की है। अब उन्होंने अपना पक्के का मकान बना लिया है। आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़ते हुए सिलाई एवं अन्य कार्य कर रही हैं।उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी 2025 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित एट होम रिसेप्शन के लिए देश भर से 10 लखपति दीदियों का चयन किया गया है। जिसमें से राजनांदगांव जिले से लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद का चयन किया गया है। केन्द्र शासन की लखपति दीदी योजना महत्वपूर्ण पहल है। जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं को अपना व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए 5 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जाता है।
- -37 प्रदेश प्रतिनिधियों का निर्वाचन भी हुआ, शेष जिला अध्यक्षों का चुनाव 06 जनवरी को होगा,-रमेश सिंह ठाकुर रायपुर शहर जिला व श्याम नारंग रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष निर्वाचितरायपुर। भारतीय जनता पार्टी संगठन महापर्व के तहत चल रहे संगठनात्मक चुनाव के प्रदेश निर्वाचन अधिकारी खूबचंद पारख ने रविवार को निर्वीचन प्रक्रिया के पश्चात 15 जिलों के लिए जिला अध्यक्षों की सूची विधिवत रूप से जारी की है। श्री पारख ने कहा कि इन 15 जिलों में 37 विधानसभा क्षेत्र आते हैं जहाँ से 37 प्रदेश प्रतिनिधियों का निर्वाचन भी विधिवत हो गया है। 18 प्रदेश प्रतिनिधि, जो एससी-एसटी और महिला वर्ग से आते हैं, के भी नाम तय किया जा चुके हैं जिनके चुनाव की प्रक्रिया प्रदेश से होगी। इस तरह से 55 प्रदेश प्रतिनिधियों का चुनाव हो चुका है।भाजपा जिला अध्यक्षों की घोषित सूची इस प्रकार है : रायपुर (शहर) जिला - रमेश ठाकुर, रायपुर (ग्रामीण) जिला - श्याम नारंग, कांकेर जिला - महेश जैन, भिलाई जिला - पुरुषोत्तम देवांगन, दुर्ग जिला - सुरेंद्र कौशिक, बीजापुर जिला - घासीराम नाग, गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला - लालजी यादव, बालोद जिला - चेमन देशमुख, सूरजपुर जिला - मुरलीधर सोनी, मुंगेली जिला - दीनानाथ केशरवानी, रायगढ़ जिला - अरुणधर दीवान, बलरामपुर जिला - ओमप्रकाश जायसवाल, जशपुर जिला - भरत सिंह, चौकी मोहला मानपुर जिला - श्रीमती नम्रता सिंह और कोरबा जिला - मनोज शर्मा।भाजपा संगठन चुनाव प्रदेश निर्वाचन अधिकारी श्री पारख ने बताया कि कल 06 जनवरी को बाकी जिला अध्यक्षों का चुनाव होगा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 10 जनवरी से पहले होने का है।
- -36 शक्तिपीठों में से एक मां महामाया मंदिर आस्था का केंद्ररायपुर । रायपुर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में पुरानी बस्ती में स्थित देवी महामाया मंदिर शामिल है। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के 36 शक्तिपीठों में से एक है। यह प्राचीन मंदिर 17वीं-18वीं शताब्दी के बीच मराठा संघ के शासकों द्वारा पुनर्निर्मित किया गया। मंदिर परिसर में दो मंदिर हैं, मां महामाया मंदिर और मां समलेश्वरी मंदिर। इस मंदिर में खास आकर्षण का केन्द्र हैं, जो सूर्यास्त के समय सूर्य की किरणें मां महामाया के चरणों को छूती हैं, और सूर्याेदय के समय किरणें मां समलेश्वरी के चरणों को छूती हैं।नगर निगम स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा इसके आस-पास सौर्दयीकरण कराया है और इसे हैरिटेज वाक में शामिल किया गया। जिसमें समय समय पर पर्यटक यहां भ्रमण के लिए आते रहे। यह रायपुर के मध्य स्थित होने के कारण यहां पर पहुंचना आसान है, स्थानीय यातायात के साधन से यहां पहुंचा जा सकता है।मां महामाया मंदिर लगभग 1400 वर्षों पुराना है। इतिहासकारों के मुताबिक, हैहय राजाओं ने छत्तीसगढ़ में छत्तीस किले बनवाए और प्रत्येक किले की शुरुआत में मां महामाया के मंदिर बनवाए और यह मंदिर उनमें से एक किला है। वर्तमान में किले का कोई प्रमाण यहां नहीं है, लेकिन महामाया और समलेश्वरी को समर्पित मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण हैहय के राजा मोरध्वज ने तांत्रिक विधि से करवाया था, जो इसे अघोरियों और तांत्रिकों के लिए तीर्थस्थल बनाता है। वर्तमान मंदिर का जीर्णाेद्धार नागपुर के मराठों द्वारा किया गया था।
- -10 हजार से अधिक लोगों को मिलेगी राहतरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर एवं कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में राजधानी के प्रमुख मार्गाें का यातायात दबाव कम किया जा रहा है। साथ ही राजधानी के लोगों को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। विधानसभा और सड्डू से शंकर नगर, खम्हारडीह की तरफ आवाजाही करने वालों को अब ट्रैफिक जाम होने पर भी समस्या नहीं होगी। क्योंकि खम्हारडीह से शिव नगर होते हुए श्री राम नगर के रास्ते तक नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इससे शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट चैक एवं खम्हारडीह के रास्ते में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।, नई सड़क का निर्माण होने से 10 हजार से अधिक लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा और नई सड़कों का उपयोग कर आसानी से विधानसभा से आने वाले खम्हारडीह तक पहुंचे सकेंगे और खम्हारडीह से विधानसभा तक जाने वालों को भी किसी भी तरह की परेशानियां नहीं होगी।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने यातायात को दुरूस्त करने के लिए समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया है।
- दंतेवाड़ा । बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक हेड कांस्टेबल की भी जान चली गई। अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम को सुरक्षाकर्मियों का एक संयुक्त दल नक्सल रोधी अभियान में नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ के एक जंगल में गया था तभी मुठभेड़ शुरू हुई। उन्होंने बताया कि शनिवार देर रात गोलीबारी थमने के बाद घटनास्थल से चार नक्सलियों के शव और एके-47 राइफल तथा सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर) सहित स्वचालित हथियार बरामद किए गए। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में डीआरजी के हेड कांस्टेबल सन्नू करम की भी जान चली गई। उन्होंने बताया कि इलाके में तलाशी अभियान अब भी जारी है। file photo
- दुर्ग/ भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित दुर्ग प्रवास कार्यक्रम के सन्दर्भ में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दुर्ग सर्किट हाउस के सभागार में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर और कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी भी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 10 जनवरी 2025 को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने सुरक्षा, बुनियादी आवश्यकताएं एवं सभी सुविधाओं हेतु सम्बंधित विभाग प्रमुख अधिकारी को निर्देशित किया। इस दौरान एडीएम श्री अरविंद एक्का, एसपी श्री जितेंद्र शुक्ला, एएसपी अभिषेक झा, जिला पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री बजरंग दुबे एवं सभी संबंधित विभागों के विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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