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- रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुँचाने वाली 'नियद नेल्लानार योजना' अब ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से नारायणपुर जिले में ओरछा विकासखण्ड के ग्राम कच्चापाल में आजीविका के नए रास्ते खुले हैं। यहाँ की महिलाओं ने न सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की ठानी है, बल्कि वे क्षेत्र के पर्यटन विकास में भी अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं।प्रशासन के कुशल निर्देशन में पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम कच्चापाल के 'इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह' को एक नई ताकत मिली है। समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।विभाग द्वारा समूह के सदस्यों को आजीविका शुरू करने के लिए 10 इकाई उन्नत नस्ल के चूजे औरगुणवत्तापूर्ण कुक्कुट आहार (दाना) दिया गया है।इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती पुनई ने जिला प्रशासन के इस सहयोग पर खुशी जताते हुए एक बेहतरीन बिजनेस मॉडल की उम्मीद जताई है। कच्चापाल जलप्रपात (Waterfall) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में कच्चापाल जलप्रपात होने के कारण पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के कारण स्थानीय स्तर पर अंडा और मांस की मांग हमेशा बनी रहती है। पहले जहाँ ग्रामीण महिलाओं के पास आय के सीमित साधन थे, वहीं अब इस कुक्कुट इकाई (Poultry Unit) के मिलने से वे मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन का काम बड़े पैमाने पर करेंगी। जलप्रपात क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय दुकानों में सीधे सप्लाई होने से महिलाओं को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। इस व्यवसाय से होने वाली आमदनी से समूह की महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और उनके परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा। कच्चापाल की इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की यह कहानी इस बात का प्रतीक है कि अगर सही समय पर सही संसाधन और मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण अंचलों की महिलाएँ भी मुख्यधारा में शामिल होकर विकास की गति को तेज कर सकती हैं।
- -झारा शिल्प और बेलमेटल उत्पाद रहे आकर्षण का केंद्ररायपुर ।जनजातीय संस्कृति और शिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'जनजातीय गरिमा उत्सव' के अंतर्गत सारंगढ़ के साहू धर्मशाला में एक भव्य हस्तनिर्मित (हैंडीक्राफ्ट) वस्तु प्रदर्शनी सह विक्रय मेले का आयोजन किया गया। ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) द्वारा आयोजित इस मेले में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के, विशेषकर ग्राम बैगीनडीह के जनजातीय कारीगरों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और अपने हुनर का प्रदर्शन किया।इस मेले में ग्राम बैगीनडीह के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए झारा शिल्प और बेलमेटल (घंटी धातु) उत्पाद ग्राहकों और आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण रहे। प्रदर्शनी में शामिल अधिकांश महिला शिल्पकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत गठित 'कात्यायनी' और 'भारत माता' जैसे स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से वे अपने पारंपरिक हुनर को आजीविका का मजबूत जरिया बना रही हैं।सारंगढ़-बिलाईगढ़ के बैगीनडीह जैसे कई शिल्प ग्रामों के कारीगर ट्राइफेड से जुड़कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं। ज्ञात हो कि ट्राइफेड अर्थात 'ट्राइबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था है। यह संस्था जंगलों से लघु वनोपज (MFP) इकट्ठा करने वाले और हस्तशिल्प बनाने वाले आदिवासी समुदायों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाता है। इसके साथ ही यह संस्था आदिवासी उत्पादों (जैसे प्राकृतिक शहद, हस्तशिल्प, कपड़े, जैविक उत्पाद) की ब्रांडिंग करती है और इनके लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार तलाशती है।ट्राइफेड ने 50-100 राज्य स्तरीय निर्माता कंपनियों के माध्यम से वनधन माइक्रो उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। इन वनधन निर्माता कंपनियों का मुख्य उद्देश्य हैउत्पादकता में वृद्धि और लागत में कमी लाना,कुशल एकत्रीकरण और मूल्य संवर्धन (Value Addition) के लिए बड़े पैमाने पर प्रसंस्करण (Processing) करना और उत्पादों का बेहतर उपयोग और कुशल विपणन (Marketing) सुनिश्चित करना है। ट्राइफेड केवल कारीगरों के लिए ही नहीं, बल्कि एक बड़ा नेटवर्क बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर अवसर प्रदान करता है। इससे कॉर्पोरेट जगत, आदिवासी समाज, वैज्ञानिक, विभिन्न संस्थान, प्रशिक्षक, संसाधन व्यक्ति, विषय विशेषज्ञ, सलाहकार, कार्यान्वयन एजेंसियां, उपकरण निर्माता, खरीदार (Buyers) और डिजाइनर्स सभी जुड़कर एक साथ काम कर सकते हैं।
- -पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव की तैयारियां तेजरायपुर ।हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा 30 मई को आयोजित किए जा रहे “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” की तैयारियों को लेकर आज प्रेस क्लब परिसर में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने सबसे पहले प्रेस क्लब कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक ली। बैठक में कार्यकारिणी के नव नियुक्त सात सदस्यों के साथ विभिन्न मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के विशेष आमंत्रित संयोजक तथा सलाहकार सदस्य के रूप में प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व महासचिव भी उपस्थित रहे।कार्यकारिणी की बैठक के पश्चात “पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव” के सफल आयोजन हेतु गठित विभिन्न समितियों की अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में संरक्षक एवं सलाहकार मंडल के सदस्यों ने विभिन्न समितियों के संयोजकों के साथ आयोजन की रूपरेखा, कार्यक्रम के स्वरूप तथा आयोजन की सफलता को लेकर विस्तार से चर्चा की।बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित यह विशेष उत्सव दिनभर चार सत्रों में संपन्न होगा।कार्यक्रम का प्रथम सत्र शुभारंभ सत्र होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के सदस्य एवं जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। द्वितीय सत्र हिंदी प्रिंट मीडिया की 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा एवं उसकी भूमिका पर केंद्रित रहेगा। तृतीय सत्र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं न्यू मीडिया की संभावनाओं और चुनौतियों पर आधारित होगा, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया विशेषज्ञ एवं विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे।इसके अतिरिक्त रायपुर प्रेस क्लब द्वारा इस अवसर पर एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें पत्रकार साथियों की प्रस्तुतियों के साथ संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।बैठक में प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित कार्यकारिणी एवं विभिन्न समितियों के सदस्य उपस्थित रहे,। रायपुर प्रेस क्लब ने सभी पत्रकार साथियों, मीडिया संस्थानों एवं नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता निभाने की अपील की है।
- - छत्तीसगढ सिविल सोसायटी के साथ महाराष्ट्र मंडल, बृहन्महाराष्ट्र मंडल ने भी मुख्यमंत्री साय से मुलाकात कर की मांगरायपुर। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी, महाराष्ट्र मंडल रायपुर और बृहन्महाराष्ट्र मंडल छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म दिवस 19 फरवरी को प्रदेश में "स्वराज दिवस" घोषित करने की मांग की। साथ ही इस मांग से संबंधित पांच हजार से अधिक लोगों के हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र भी सीएम को सौंपा।राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शनिवार शाम को छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के अध्यक्ष डा. कुलदीप सोलंकी, शिक्षाविद संजय जोशी, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ राज्य प्रभारी सुबोध टोले ने मुलाकात की। डॉ. सोलंकी ने मुलाकात के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि सीएम साय को बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के महान योद्धा और स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़कर हिंदवी स्वराज की स्थापना की। भारत की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। शिवाजी महाराज केवल एक योद्धा ही नहीं थे, बल्कि एक महान प्रशासक और विजनरी भी थे। उन्होंने एक मजबूत और स्वतंत्र भारत का सपना देखा था। यही वजह है कि जनमानस की प्रबल इच्छा है कि 19 फरवरी को राज्य में ‘स्वराज दिवस’ घोषित किया जाए।महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष अजय काले और शिक्षाविद संजय जोशी ने मुख्यमंत्री से कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, राजमाता अहिल्याबाई होल्कर और वीर सावरकर के प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। ये महान व्यक्तित्व युवाओं को भावी सशक्त भारत के निर्माण में मार्गदर्शक के रूप में सार्थक होंगे। काले ने राज्य के युवाओं को अंडमान निकोबार स्थित सेल्युलर जेल की शैक्षणिक यात्रा कराने से भविष्य के युवाओं को राष्ट्र प्रेम, समर्पण, धैर्य सीखने का अवसर मिलेगा, जो वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्र के लिए भी अपरिहार्य है।मुख्यमंत्री साय ने मुलाकात में शामिल प्रतिनिधियों से स्वराज दिवस, सावरकर यात्रा और छत्रपति शिवाजी महाराज, राजमाता अहिल्याबाई होल्कर, वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवन प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग पर सहमति जताई और इन मांगों पर क्रियान्वयन का आश्वासन भी दिया।
- - महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के अभियान में शामिल है राम रक्षा स्त्रोत पाठ भीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर शनिवार को होने वाला राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ इस शनिवार भी उत्साह के साथ जारी रहा। अधिक मास होने के कारण चौबे काॅलोनी केंद्र की महिलाओं ने स्वामी आत्मानंद सरोवर स्थित श्री हनुमान मंदिर पहुंचकर घी की दीये जलाए और हनुमान चालीसा व राम रक्षा स्तोत्र का एक साथ मिलकर पाठ किया। इस दौरान संयोजिका अक्षता पंडित, स्वाती डबली, गौरी क्षीरसागर और सुमन काले उपस्थित रहीं।आध्यात्मिक समिति की आकांक्षा गद्रे ने चौबे कालोनी केंद्र के साथ रोहिणीपुरम, अमलीडीह सहित अनेक महिला केंद्रों के अलावा सियान गुड़ी और मंडल कार्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। रोहिणीपुरम महिला केंद्र के सदस्यों ने इंद्रप्रथ कॉलोनी में रीना बाबर के रास डांस स्टूडियो में एकत्रित होकर पाठ किया। इस दौरान अलका कुलकर्णी, अपर्णा जोशी, अपर्णा वरारपांडे, संध्या खंगन, अचला मोहरीकर, मीरा कुपटकर, मंगला पुराणकर, विशाखा पोगडे़, जयश्री गायकवाड़, शीतल कंबलकर, प्राची जोशी, सोनाली कुलकर्णी, मीना विभूते, स्मिता बल्कि, वीणा वंडलकर, ऋतु बहिरट, अक्षदा बहिरट, प्राची गनौदवाले, साधना बहिरट, राजश्री वैद्य, अनुभा साडे़गावकर, रचना ठेंगड़ी सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहीं। इसी तरह अमलीडीह केंद्र की अक्षरा भागड़े, शोभा जोशी, अर्चना भाखरे और शशि भट्ट ने एक स्थान पर एकत्रित होकर पाठ किया।आध्यात्मिक समिति की सृष्टि दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल कार्यालय में भी पाठ किया गया। इस दौरान महाराष्ट्र मंडल की लेखा व्यवस्थापिका बी. नंदिनी नायडू, सखी निवास मैनेजर कम्लेश्वरी साहू, वार्डन मंजिरी भगाड़े, श्रद्धा जोशी, हुल्लास देवांगन, मेस की मुख्य रसोइया जामबाई यदु, सुनीता तांडी, वैशाली टांगले, गायत्री साहू, हेमिन साहू, सविता निषाद, नीता खड़तकर उपस्थित रहीं। इसके साथ सियान गुड़ी में डॉ. ओपी सोनी, लखन लाल साहू, विष्णु कुमार मिश्रा, केके पाठक, डॉ. ओसी बिसेन, डॉ. कमल वर्मा ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को समन्वय कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर । जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अमिता ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत से प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय रचा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की बेटी ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा और हमारे प्रदेश का गौरव बढ़ाया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि समिट के बाद बेस कैंप लौटने के दौरान अत्यधिक ऊंचाई, शून्य से लगभग 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान और ऑक्सीजन की कमी के कारण अमिता श्रीवास की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली है। उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर काठमांडू स्थित नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें गंभीर फ्रॉस्टबाइट एवं हाई एल्टीट्यूड संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी मिलते ही राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अमिता श्रीवास और उनके परिवार के साथ खड़ी है तथा उनके बेहतर उपचार के लिए निरंतर संपर्क और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अमिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि अमिता बिटिया शीघ्र पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौटें, यही हमारी कामना है। उनका साहस, धैर्य और हौसला हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। छत्तीसगढ़ को उन पर गर्व है।
- -हाइवे में रुक कर पीड़ित बन दर्ज कराई शिकायत, 112 वाहन आने पर सभी उपकरणों का किया परीक्षणरायपुर / रायपुर से कवर्धा जाते समय उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बेमेतरा के पास हाईवे में रुककर डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा की कार्यप्रणाली का औचक परीक्षण किया। सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और रिस्पॉन्स टाइम को परखने के लिए उन्होंने स्वयं डायल-112 पर कॉल कर मारपीट और सड़क दुर्घटना का पीड़ित बनकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद वे नजदीक स्थित ढाबा के पास रुककर पुलिस वाहन के पहुंचने का इंतजार करते रहे। निर्धारित समय में डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री ने वाहन एवं उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाहन में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं, संचार व्यवस्था, रिस्पांस सिस्टम तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वाहन में लगे लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कार्यप्रणाली सहित हेल्पलाइन की सहायता प्रक्रिया और उनके द्वारा दिए जाने वाली जानकारियों का भी निरीक्षण किया।उल्लेखनीय है कि विगत 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 400 नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। नई तकनीक से लैस ये वाहन प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और रिस्पांस टाइम को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस नए और उन्नत चरण के तहत संपूर्ण व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और त्वरित बनाते हुए सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
- -पतरापारा और बराहनगर के ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ-जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिली बड़ी राहत-एक ही छत के नीचे जुटे सभी विभाग, दर्जनों प्रमाण पत्र जारी, सैकड़ों ग्रामीणों का हुआ निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षणरायपुर । सबसे दूर सबसे पहलेष् एक प्रमुख प्रशासनिक और सामाजिक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सबसे दुर्गम, सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों (विशेष रूप से जनजातीय और आदिवासी बहुल गांवों) तक सरकारी सुविधाओं और विकास योजनाओं को सबसे पहले पहुँचाना है। दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदायों को स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड राजपुर के ग्राम पतरापारा और विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम बराहनगर में विशेष शिविरों का सफल आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल की।जनपद पंचायत सीईओ श्री संजय दुबे के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पतरापारा में आयोजित शिविर में पतरापारा सहित डिगनगर, अमदरी, चंद्रगढ़ एवं करजी से बड़ी संख्या में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार पहुंचे। शिविर की मुख्य उपलब्धियां रहीं स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा 71 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी गईं। गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए मौके पर ही 21 पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में 11 स्थानीय किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर डिजिटल पंजीयन किया गया।रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम बराहनगर में जनपद सीईओ श्री रणवीर साय के नेतृत्व में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय सेवाओं से सीधा लाभान्वित किया गया। राजस्व एवं नागरिक सेवाएं के तहत राजस्व विभाग द्वारा मौके पर ही 6 जाति, 6 आय और 6 निवास प्रमाण पत्रों सहित कुल 27 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। खाद्य एवं श्रम विभाग के द्वारा खाद्य विभाग द्वारा 37 पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए तथा श्रम विभाग के अंतर्गत 10 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।पशुधन एवं कृषि कल्याण विभाग द्वारा पशुधन विकास विभाग द्वारा 68 पशुपालकों को निःशुल्क पशु दवाओं का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने पीएम किसान सम्मान निधि के 6 लंबित प्रकरणों का सुधार किया, 2 किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन किया तथा 1 मृदा परीक्षण सैंपल लिया। शिविर में 157 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 2 नए आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के तहत 2 हितग्राहियों को पेंशन तथा 1 हितग्राही को परिवार सहायता योजना की राशि स्वीकृत की गई।गौरतलब है कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में इन शिविरों का संपादन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य फोकस पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से जिले के अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित हो सकी है।
- -जेसीबी से खेतों की मेड़ें तोड़कर नदी के समानांतर समतलीकरण शुरू, लौटाया जाएगा पुराना वैभव-राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह 5.30 बजे संभाला मोर्चा, 7.5 एकड़ शासकीय भूमि होगी अतिक्रमण मुक्तरायपुर। बालोद जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी को उसके वास्तविक और मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम सिवनी और देउरतराई क्षेत्र में तांदुला नदी के तट पर किए गए व्यापक अवैध कब्जे को हटाने के लिए आज अलसुबह से ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला मैदान में उतर चुका है।तहसीलदार द्वारा सभी 14 चिन्हित अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर स्वेच्छा से कब्जा हटाने का कड़ा नोटिस (अल्टीमेटम) जारी किया गया था। समय-सीमा समाप्त होते ही आज सुबह 05.30 बजे से राजस्व, पुलिस और जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबे और अवैध निर्माण को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी।राजस्व विभाग की सघन जांच और हाईटेक ड्रोन सर्वे में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था कि जो तांदुला नदी मूल रूप से 220 मीटर चौड़ी थी, वह अवैध कब्जों और खेती के कारण कई स्थानों पर सिकुड़कर मात्र 80 से 90 मीटर ही रह गई थी। जांच में यह भी प्रमाणित हुआ है कि अधिकांश अतिक्रमणकारी आर्थिक रूप से सक्षम हैं। उनके पास अन्य स्थानों पर स्वयं की भूमियां हैं और वे किराना दुकान, सैलून जैसे मुख्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाते हैं। कुछ रसूखदारों द्वारा नदी की इस शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर इसे दूसरों को श्रेगहाश् (बटाई/किराए) पर देने का मामला भी उजागर हुआ है।प्रशासन द्वारा नदी क्षेत्र की लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए खेतों की मेड़ों को पोकलेन और जेसीबी मशीनों के माध्यम से तोड़ा जा रहा है। इन खेतों को नदी के समानांतर समतल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। समतलीकरण पूर्ण होने के बाद इस पूरे डूब क्षेत्र में जलभराव किया जाएगा, जिससे तांदुला नदी को उसकी पुरानी जल संचय क्षमता और प्राकृतिक सौंदर्य वापस मिल सकेगा।उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले भी प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में अतिक्रमण विरोधी मुहिम शुरू की गई थी। उस समय खेतों में ग्रीष्मकालीन धान की खड़ी फसल होने के कारण मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्रवाई को अस्थाई रूप से रोक दिया गया था। अब चूंकि धान की फसल कट चुकी है, प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए पुनः इस सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है।तांदुला नदी के अस्तित्व और पर्यावरण को बचाने के लिए यह कड़ा कदम उठाना बेहद अपरिहार्य हो गया था। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी, ट्रैफिक टीआई पुलिस विभाग के अधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारी सहित तीनों विभागों के सैकड़ों कर्मचारी और तकनीकी स्टाफ मौके पर मुस्तैद रहे।
- -शिविर में मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच, आयुष्मान कार्ड मिलने से दूर हुई इलाज की चिंता-जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान से वनांचल के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही सुशासन की रोशनीरायपुर ।शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल कागजी सुविधा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव की एक नई सुबह लेकर आती हैं, जिनमें पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीयन, बैंकिंग सेवाएं, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिये पात्रता परीक्षण, आवेदन एवं मौके पर निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। शिविर के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का अवलोकन, ग्रामीणों के साथ बैठक एवं योजनाओं का प्रचार-प्रसार, पात्र हितग्राहियों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम, जन सुनवाई तथा शिकायतों के निराकरण के लिये विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसका एक प्रत्यक्ष और जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की श्रीमती रोन्ही पहाड़ी कोरवा हैं, जिनके जीवन में प्रशासन की एक संवेदनशील पहल से बेहद सकारात्मक परिवर्तन आया है।विकासखंड राजपुर के सुदूर ग्राम पंचायत पतरापारा की निवासी श्रीमती रोन्ही अपने परिवार के साथ बेहद सीमित संसाधनों में जीवनयापन करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित जानकारी और संसाधनों के अभाव में, कई बार मजबूरीवश उन्हें उपचार के लिए स्थानीय बैगा-गुनिया के सहारे रहना पड़ता था।बीमारी बढ़ने की स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना और शहर जाकर इलाज कराना उनके लिए मानसिक और आर्थिक रूप से अत्यंत कष्टकारी साबित होता था। अस्पताल आने-जाने और महंगी दवाइयों में उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता था, जिससे परिवार की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी दूभर हो जाता था।श्रीमती रोन्ही के जीवन के इस ढर्रे को बदलने का माध्यम बना जिला प्रशासन द्वारा संचालित ?जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान। इसके तहत पतरापारा में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रोन्ही की समस्या को समझा और मौके पर ही उनका श्आयुष्मान भारत कार्डश् बनाकर उन्हें सौंप दिया। आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद अब रोन्ही और उनके पूरे परिवार को इलाज पर होने वाले भारी-भरकम खर्च की चिंता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। अब वे किसी भी आपातकालीन स्थिति या बीमारी में अनुबंधित अस्पतालों में जाकर निःशुल्क एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी।अपनी खुशी साझा करते हुए श्रीमती रोन्ही बताती हैं, पहले हमारे लिए बीमारी का मतलब सिर्फ मानसिक चिंता और कर्ज का बोझ होता था। लेकिन अब यह आयुष्मान कार्ड हमारे पास है, जिससे हमें एक बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा का एहसास हुआ है। अब मैं अपने परिवार के स्वास्थ्य और उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह निश्चिंत हूँ। उन्होंने जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर को दूरस्थ अंचल के ग्रामीणों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवनदायिनी पहल बताते हुए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है।
- -गरीबी और संघर्षों को हराकर चमकाया जिले का नाम, समाज कल्याण विभाग ने बढ़ाया मदद का हाथ-रोजगार के लिए तत्काल 10 हजार रूपए मासिक मानदेय की व्यवस्था, पीएचडी के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार शुरूरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील नीतियां और त्वरित प्रशासनिक पहल अब जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद बनकर सामने आ रही हैं। इसका एक अनुपम और प्रेरणादायी उदाहरण जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की 75 प्रतिशत श्रवण बाधित दिव्यांग युवती कुमारी पूजा साहू ने पेश किया है। पूजा ने अत्यंत कठिन आर्थिक परिस्थितियों और व्यक्तिगत संघर्षों को बौना साबित करते हुए समाजशास्त्र विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।पेण्ड्रारोड के वार्ड क्रमांक 1 (सिंचाई कॉलोनी, सारबहर) स्थित स्मृति वाटिका के पास एक छोटी सी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली पूजा साहू ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास अडिग हो, तो शारीरिक और आर्थिक अक्षमताएं भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के प्रति अपनी ललक को कम नहीं होने दिया और विपरीत हालातों में भी निरंतर अध्ययन जारी रखा।कुमारी पूजा साहू अपने आगे पीएच.डी. शोध कार्य हेतु आर्थिक सहायता की गुहार लेकर जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बताया कि उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर करने के बाद राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली है। उनकी असाधारण योग्यता को देखते हुए विभाग ने बिना किसी विलंब के तत्काल कार्यवाही शुरू की।समाज कल्याण विभाग के प्रभारी सहायक संचालक श्री सुरेश भारती ने वस्तुस्थिति का आकलन करने के लिए स्वयं पूजा साहू के निवास का जमीनी निरीक्षण किया। निरीक्षण में पता चला कि लगभग 9 वर्ष पूर्व पूजा के पिता का साया उनके सिर से उठ चुका है। उनकी वृद्ध माता जी स्थानीय स्तर पर मजदूरी करके किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।पूजा के इस कड़े संघर्ष और असाधारण प्रतिभा को देखते हुए विभाग ने एक बेहद सकारात्मक पहल की। उन्हें तत्काल एक अशासकीय समाजसेवी संस्था ष्प्रगति सेवा संस्था में सामाजिक कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति दिलाई गई है। इस कार्य के लिए उन्हें 10 हाजर रूपए प्रति माह का मानदेय प्राप्त होगा, जिससे उनके परिवार को तुरंत आर्थिक संबल मिलेगा। इसके साथ ही, उनके पीएच.डी. शोध कार्य के लिए विशेष सहायता राशि स्वीकृत कराने के संबंध में उच्च कार्यालय को आवश्यक प्रस्ताव और पत्राचार की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और मेधावी युवाओं के लिए संचालित की जा रही नीतियां आज धरातल पर रंग ला रही हैं। पूजा साहू की यह ऐतिहासिक सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि शासन का सहयोग सही समय पर सही हकदार तक पहुंचे, तो तकदीर बदलते देर नहीं लगती। आज पूजा की यह कहानी अंचल के हजारों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा और सकारात्मक आत्मविश्वास का संचार कर रही है।
- -10.15 सेकंड में 100 मीटर दौड़ पूरी कर बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड-जशपुर की गलियों से निकलकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 तक पहुँचा छत्तीसगढ़ का गौरव-फेडरेशन कप में अनिमेष कुजुर ने बिखेरी चमक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाईरायपुर। छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी अद्वितीय चमक बिखेरते हुए पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। जशपुर जिले के होनहार धावक अनिमेष कुजुर ने फेडरेशन कप-2026 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर की दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस ऐतिहासिक और गौरवमयी उपलब्धि के साथ ही अनिमेष ने आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए भी सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर लिया है। अनिमेष कुजुर की यह स्वर्णिम सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के युवाओं के अदम्य साहस, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का जीवंत प्रतीक है। अत्यंत सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक व आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद, जशपुर की माटी से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय मंच तक का सफर तय करना उनकी अथक साधना, कड़े अनुशासन और निरंतर संघर्ष की एक बेहद प्रेरक गाथा है। इस ऐतिहासिक कामयाबी पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अनिमेष कुजुर को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा छत्तीसगढ़ के युवा आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। अनिमेष ने अपनी लगन और असाधारण मेहनत से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यह सफलता प्रदेश के लाखों उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बनेगी। राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सफलता के कई नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मंत्री श्री अग्रवाल ने अनिमेष के उज्ज्वल भविष्य और आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए देश की ओर से शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी देश को गौरवान्वित करते रहेंगे। अनिमेष की इस शानदार राष्ट्रीय विजय से पूरे छत्तीसगढ़ में जश्न और गर्व का माहौल है। खेल प्रेमियों, युवा संगठनों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने अनिमेष की इस जादुई दौड़ की सराहना करते हुए इसे राज्य के खेल इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया है। इस बड़ी उपलब्धि ने प्रदेश के ग्रामीण व शहरी अंचलों के युवाओं में खेलों के प्रति एक नई ऊर्जा, उमंग और आत्मविश्वास का संचार कर दिया है।
- महासमुंद / मेहनत, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से किसान अपनी तकदीर बदल सकते हैं। इसका जीवंत उदाहरण हैं जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोहारपार के प्रगतिशील किसान श्री नवीन साव। पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैगन की उन्नत खेती अपनाई और आज वे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।श्री नवीन साव बताते हैं कि वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राफ्टेड बैगन की खेती प्रारंभ की। उन्होंने अपनी 1.31 हेक्टेयर भूमि में आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग का उपयोग कर वैज्ञानिक पद्धति से खेती की। परिणामस्वरूप उन्हें बेहतर उत्पादन एवं अधिक लाभ प्राप्त हुआ। पूर्व में वे पारंपरिक धान की खेती करते थे, जिससे सीमित आय ही प्राप्त होती थी। धान फसल से प्रति एकड़ लगभग 21 क्विंटल उत्पादन एवं करीब 45 हजार 600 रुपए का लाभ मिलता था। वहीं ग्राफ्टेड बैगन की खेती अपनाने के बाद प्रति एकड़ लगभग 155 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पाद को सरायपाली एवं उड़ीसा मंडी में लगभग 30 रुपए प्रति किलो की दर से विक्रय कर उन्होंने करीब 2 लाख 45 हजार रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया।श्री साव बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के सतत मार्गदर्शन, योजनाओं के लाभ और नई तकनीकों को अपनाने की जिज्ञासा ने उन्हें सफलता दिलाई। वे नियमित रूप से कृषि एवं उद्यानिकी से संबंधित नई जानकारियां प्राप्त करते रहते हैं तथा खेती में नवाचार को प्राथमिकता देते हैं। आसपास के किसान लगातार उनके खेत का भ्रमण कर आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी ले रहे हैं। कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
- -समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश, जनप्रतिनिधियों से समन्वय पर ज़ोर-महिलाओं के लिए महतारी शक्ति ऋण योजना और किसानों को केला, लीची व मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित करने की रणनीतिरायपुर। वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कड़े लहजे में अधिकारियों से कहा कि जशपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। प्रभारी मंत्री श्री चौधरी ने आज जशपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं और जारी विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।प्रभारी मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पिछले दस वर्षों की तुलना में वर्तमान सरकार द्वारा जशपुर जिले में रिकॉर्ड संख्या में विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन हो चुका है, उनके शिलापट्ट संबंधित गांवों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति में अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। शिलापट्ट लगाने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी। यदि कहीं भी यह शिकायत मिलती है कि शिलापट्ट उपेक्षित पड़ा है या स्थापित नहीं किया गया है, तो जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।वित्त मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख वर्गों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत मिल रही एक हजार रूपए की मासिक सहायता का उपयोग महिलाएं बच्चों के भविष्य के लिए, समृद्धि सुकन्या योजना जैसी बचत योजनाओं में करें। इसके अलावा स्वरोजगार के लिए महतारी शक्ति ऋण योजना के अंतर्गत कम ब्याज दर पर 25 हजार रूपए तक का ऋण त्वरित उपलब्ध कराया जाए। पारंपरिक खेती से हटकर किसानों को अधिक मुनाफे वाले फलोत्पादन (विशेषकर केला और लीची की खेती) तथा आधुनिक मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही कृषि विभाग खरीफ सीजन के लिए समितियों में पर्याप्त खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करे।बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले में चल रहे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति साझा की। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, शासकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, क्रिटिकल केयर सेंटर और अखिल भारतीय कल्याण आश्रम द्वारा संचालित अस्पताल का निर्माण तेजी से जारी है। सन्ना विकासखंड के ग्राम पंडरापाठ में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए विशेष तीरंदाजी केंद्र का निर्माण शुरू हो चुका है। इसके अतिरिक्त कुनकुरी और जशपुर में नालंदा परिसर तथा सलियाटोली में एडवेंचर स्पोर्ट्स परियोजना पर कार्य चल रहा है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बताया कि जिले में सोशल मीडिया के माध्यम से एक अनूठा हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार से अधिक नागरिकों के अपील वीडियो जारी किए जा चुके हैं।प्रभारी मंत्री ने बैठक में सुशासन तिहार, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित दो दर्जन से अधिक विभागों के कल्याणकारी कार्यों की गहन समीक्षा की।बैठक में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डीएफओ श्री शशि कुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -नन्हें शतरंज खिलाड़यिों की प्रतिभा से प्रभावित हुए विधानसभा अध्यक्ष, खेल प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच-दिग्विजय स्टेडियम बनेगा भविष्य के चौम्पियनों की नर्सरीरायपुर। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में शतरंज का प्रशिक्षण ले रहे नन्हें खिलाड़यिों से आत्मीय मुलाकात की। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अब शतरंज को विशेष प्राथमिकता देते हुए राजनांदगांव जिले को राज्य के चेस हब (शतरंज केंद्र) के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने शहर को इस खेल का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने तथा खिलाडि़यों को वर्षभर निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व प्रतियोगिताएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, दिग्विजय स्टेडियम अब केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि भविष्य के वैश्विक चौम्पियन तैयार करने की नर्सरी बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में खिलाडि़यों की सुविधा के लिए लगभग 29 लाख रुपए की लागत से आवश्यक आधारभूत संरचना व खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। शतरंज जैसे बौद्धिक खेल को बढ़ावा देने से युवाओं की ऊर्जा को एक सकारात्मक और नई दिशा मिलेगी।स्टेडियम भ्रमण के दौरान डॉ. रमन सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से सौजन्य भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी कड़ी में उन्होंने कक्षा दूसरी में अध्ययनरत सात वर्षीय नन्हीं खिलाड़ी माहिका डाकलिया से विशेष मुलाकात की और उनकी खेल यात्रा की जानकारी ली। माहिका ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बताया कि वे गत वर्ष ओडिशा के खुर्दा रोड में आयोजित राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-7 आयु वर्ग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। नन्हीं खिलाड़ी की इस बड़ी उपलब्धि और अद्भुत आत्मविश्वास से अभिभूत होकर डॉ. रमन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों को दीं हार्दिक शुभकामनाएं-प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन की रोशनी पहुंचाएं युवारायपुर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सम्मिलित हो रहे देश और प्रदेश के अभ्यर्थियों को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया है। अपने संदेश में मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा केवल आपके ज्ञान का आंकलन नहीं है, बल्कि यह आपके धैर्य, कड़े अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम की भी परीक्षा है। देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे ये सभी युवा अभ्यर्थी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि परीक्षा का यह दिन वर्षों की कठिन मेहनत, समर्पण और संघर्ष के महत्वपूर्ण पड़ाव का परिणाम है। अभ्यर्थियों ने जिस लगन और प्रतिबद्धता के साथ इस मुकाम तक का सफर तय किया है, वह स्वयं में बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे परीक्षा कक्ष में स्वयं पर अटूट विश्वास रखें तथा शांत मन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ परीक्षा दें।जीवन के व्यावहारिक दर्शन को साझा करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा, जीवन में बड़ी उपलब्धियां निरंतर प्रयास, दृढ़ इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से ही प्राप्त होती हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए मानसिक संतुलन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अभ्यर्थियों को तनावमुक्त रहने की सलाह देते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में आए बिना पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असफलता कभी अंतिम नहीं होती और सफलता कभी स्थायी नहीं होती जीवन का हर अनुभव व्यक्ति को और अधिक मजबूत तथा परिपक्व बनाता है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारे युवा ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की असली रीढ़ हैं। प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर युवा न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन करते हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी ऐतिहासिक भूमिका दर्ज कराते हैं। यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी अपने भीतर नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और देश के प्रति समर्पण का भाव लेकर चलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सहित देश भर के प्रतिभाशाली युवा इस परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र सेवा के नए आयाम स्थापित करेंगे। सभी परीक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और शानदार सफलता की कामना करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि कठिन परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। आज देश को ऐसे संवेदनशील, सक्षम और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारियों की महती आवश्यकता है, जो समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और सुशासन की रोशनी पहुंचा सकें।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव कार्यशाला में वर्चुअली हुए शामिल, फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडीरायपुर ।केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये लागत की आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। इस वैन के तकनीकी उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराने मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से इसमें वर्चुअली शामिल हुए। उन्होने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया।मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा देगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संकलन अधिक प्रभावी होगा।बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं आपराधिक मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।निष्पक्ष न्याय में बड़ी भूमिका निभाएगी वैनमुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए न्याय समान है। उन्होंने कहा कि न्याय भेद नहीं करता और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और सटीक जांच में बड़ी मददगार साबित होगी।कार्यशाला में तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सुश्री ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, साक्ष्य सुरक्षित रखने में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही बताया कि अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत’ संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्च से बचते हुए ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की।कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक श्री हरविंदर सिंह, बार काउंसिल के अध्यक्ष श्री राजमन सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
- दुर्ग / प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग और विधी विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव एवं सांसद श्री विजय बघेल ने जिले के लिए अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन का विधिवत हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर, खादी ग्राम उद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विजय अग्रवाल जी, अपर सत्र न्यायाधीश श्री दीपक खोसले, संयुक्त संचालक अभियोजन श्री बी.एस. राजपुत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुखनंदन राठौर, सी.जी.एम. नगर प्रशासन (बी.एस.पी.) श्री श्रीनिवास राव, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि मोबाईल फोरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन एवं प्रारंभिक परीक्षण शीघ्रता से किया जा सकेगा जिससे अपराधों की विवेचना अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेगी। उन्होंने इसे आधुनिक अपराध अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया तथा विश्वास व्यक्त किया कि इससे जिले में कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण को और अधिक मजबूती मिलेगी।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि यह पहल पुलिस विभाग एवं फोरेंसिक विज्ञान के समन्वय को मजबूत करेगी तथा न्यायिक प्रक्रिया में वैज्ञानिक साक्ष्यों की गुणवता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य ने कहा कि मोबाइल फोरेंसिक वैन अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से सुसज्जित है, जिसके माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण, साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे अपराध अनुसंधान की प्रक्रिया अधिक त्वरित, प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनेगी। क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के प्रमुख डॉ. पंकज ताम्रकार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराधों की प्रकृति लगातार जटिल होती जा रही है। ऐसे में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। मोबाईल फोरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक जांच को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. प्रज्ञा गजेन्द्र तथा वैज्ञानिक अधिकारी श्री शत्रुहन सिंह श्याम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभाग के राजपत्रित अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता तथा समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर - रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम रायपुर जोन 10 अंतर्गत वार्ड 49, 52,53 में विभिन्न 29 स्थानों में कुल सवा तीन करोड़ रूपये से भी अधिक की स्वीकृत लागत से नए विकास कार्य शीघ्र करने रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू ने रायपुर नगर निगम लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य डॉ अनामिका सिंह, पार्षद श्री विनय पंकज निर्मलकर, श्री मनोज जांगड़े सहित नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कँवर सहित बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, गणमान्यजनों, नवयुवकों, आमजनों की उपस्थिति में श्रीफल फोड़कर और कुदाल चलाकर नागरिकों को रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू के निर्देश पर एक और शानदार सौगात दे दी .रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू के निर्देश पर रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, पार्षद श्री मनोज जांगड़े, श्री विनय पंकज निर्मलकर एवं नागरिकों सहित श्रीफल फोड़कर कुदाल चलाकर भूमिपूजन किया.रायपुर नगर निगम क्षेत्र में तेज गति से नए स्वीकृत विकास कार्यों का भूमिपूजन कर स्वीकृति अनुसार कार्य विभिन्न स्थानों पर वार्ड 49, 52 एवं 53 के क्षेत्र संदीप साहू, तत्काल प्रारम्भ करवाकर तय समयसीमा के भीतर सतत मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्ता सहित प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करवाना जनहित में सुनिश्चित करवाने के नाली, पुलिया, नाला, सामुदायिक भवन, पाईप लाईन विस्तार, के लगभग सवा 3 करोड़ की लागत से कराये जाने के निर्देश दिए. पार्षदों ने कार्य प्रारम्भ करवाने लोक कर्म विभाग अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल, ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू को सभी वार्डवासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद दिया.
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-भविष्य के लिए जल संरक्षण और स्वच्छता पर कलेक्टर का जोर, उद्योगों से किया ठोस पहल का आह्वान
-जल संकट से बचाव के लिए अभी से तैयारी जरूरी : कलेक्टर संजय अग्रवाल-बिलासपुर में जल संरक्षण और एस डब्ल्यू एम रूल्स 2026 पर मंथन, उद्योगों और पंचायतों को दिए अहम निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले में बढ़ते जल संकट की आशंका को देखते हुए जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर गंभीर पहल करने की अपील की है। उन्होंने उद्योगों, पंचायतों और नगरीय निकायों से वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के नगरीय एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों में चिन्हित समस्त औद्योगिक इकाइयों की बैठक लेकर भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की। बैठक में जलशक्ति मंत्रालय से संबद्ध विशेषज्ञ सुदीप्त मोहन शर्मा और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बैठक में उद्योग प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से चेक डैम और जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में जल संकट की स्थिति को देखते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्री-मानसून अवधि में नदियों एवं जल स्रोतों में जल स्तर घटने के कारण कई स्थानों पर सूखे जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे नए बोर खनन पर रोक लगानी पड़ती है।बैठक में जल संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों जैसे रिचार्ज पिट, पोखरा गहरीकरण, चेक डैम, स्टॉप डैम, बोल्डर बंधान तथा तालाब निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि इन कार्यों से लगभग 40 मीटर तक जल रिचार्ज संभव होता है, जबकि गहरे इंजेक्शन बोरवेल 200 मीटर तक भूजल स्तर को रिचार्ज करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने उद्योगों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन संरचनाएं विकसित करने और परिसर के आसपास फ्रैक्चर जोन में पर्याप्त जल संरक्षण कार्य कराने को कहा। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्रों में जल मापन हेतु पीजीओमीटर अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए, जिससे भूजल स्तर और जल उपयोगिता की वास्तविक जानकारी प्राप्त हो सके और उसके आधार पर जल संरक्षण संबंधी योजनाएं बनाई जा सकें। बैठक में भारत सरकार के जलशक्ति मंत्रालय से जुड़े विशेषज्ञ श्री सुदीप्त मोहन शर्मा ने भी जल संरक्षण संबंधी प्रयासों की सराहना करते हुए भू-जल एवं वर्षा जल के वैज्ञानिक उपयोग पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत लागू किए जा रहे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन रूल्स 2026 की जानकारी भी दी गई।अधिकारियों ने बताया कि नियमों के तहत घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, खाद निर्माण, रीसाइक्लिंग तथा एमआरएफ सेंटर विकसित करने जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही प्लास्टिक और अन्य विशेष कचरे के पृथक प्रबंधन तथा स्वच्छता जन जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत, जनपद पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्योग विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। - रायपुर- रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा और यातायात एसपी श्री अजय कुमार के निर्देशानुसार एएसपी यातायात श्री विवेक शुक्ला,नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे , कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह, जोन 3 सहायक अभियंता श्री नरेश साहू, , उप अभियंता नगर निवेश श्री अक्षय भारद्वाज सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता की टीम, नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग और जोन 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा राजधानी शहर नगर निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत जोन क्रमांक 3 क्षेत्र अंतर्गत तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव मार्ग में टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत राजधानी शहर के प्रमुख मार्ग में स्वच्छता को लेकर जनजागरण के व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से मरीन ड्राइव में सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी दुकानदारों को स्पष्ट हिदायत दी गयी है कि वे किसी भी हालत में कचरा तेलीबाँधा तालाब में ना डालें, कचरा मिक्स ना देवें, बल्कि अनिवार्य रूप से पृथक - पृथक कचरा सफाई मित्र को देवें, साथ ही कचरा पृथक - पृथक रखने अनिवार्य रूप से अपनी दुकान में डस्टबिन पृथक - पृथक रखें और पृथक - पृथक कचरा सफाई मित्र को देवें, अन्यथा की स्थिति में व्यवस्था सुधारने कड़ी कार्यवाही की जाएगी, इस स्थिति के निर्मित होने पर सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए जनहितकारी टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत जोन क्रमांक 3 अंतर्गत तेलीबाँधा तालाब मरीन ड्राइव डंगनिया मुख्य मार्ग में लगभग 15 ठेलों,गुमटियों के संचालकों के मध्य स्वच्छता को लेकर जनजागरुकता अभियान चलाया गया।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे स्वच्छता जनजागरण अभियान से राजधानी शहर रायपुर के विभिन्न प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भिन्न मुख्य मार्गो का यातायात निरन्तर सुगम और सुव्यवस्थित हो रहा है और इससे आमजनों को यातायात जाम की समस्या से मुक्ति सहित लगातार त्वरित राहत प्राप्त हो रही है।
- - केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके की मौजूदगी में रायपुर में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्ररायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 47 स्थानों पर आयोजित 19वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न केंद्रीय विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल द्वारा आयोजित रोजगार मेले में 257 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। रायपुर में यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें भारतीय रेलवे के 200, डाक विभाग के 34, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 7, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के 5 तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के 11 अभ्यर्थी शामिल रहे। कुल 803 चयनित अभ्यर्थियों में से 257 अभ्यर्थी कार्यक्रम में उपस्थित होकर नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का सशक्त भागीदार बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार मेला अभियान युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।रायपुर के कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और यही ऊर्जा अमृतकाल में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को शासकीय सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
- -बिलासपुर में 14 केंद्रों पर 4870 परीक्षार्थी होंगे शामिलबिलासपुर । संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को बिलासपुर जिले में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली में सामान्य अध्ययन का प्रथम प्रश्न पत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा दूसरी पाली में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक परीक्षा ली जाएगी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 14 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4870 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों में बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा गया है।जिला प्रशासन ने परीक्षा संचालन में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हो सके।
- बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज मुंगेली जिले का दौरा कर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री बंसल ने निर्माणाधीन लोरमी बायपास सड़क का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को इसे समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने मुंगेली सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तेजी दोनों सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें कोई कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने नगरीय निकायों तथा अन्य विभागों से समन्वय के साथ सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब सड़कों में पैच-वर्क कराने भी कहा।श्री बंसल ने सुगम यातायात को शासन की प्राथमिकता बताते हुए गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड का नियमित दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुंगेली के कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप, अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत, कार्यपालन अभियंता सर्वश्री शरद सतपथी, आर.के. खामरा और श्री नीतिश तिवारी भी बैठक में मौजूद थे।


























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