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- -वित्त मंत्री ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास-सामुदायिक भवन, बाल उद्यान और नाली निर्माण से बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएं-अधोसंरचना विकास, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोररायपुर / वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि रायगढ़ शहर को सुव्यवस्थित, आधुनिक और जनसुविधाओं से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में अधोसंरचना विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सुविधाओं और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 28 में विधायक निधि से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित साहू समाज सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक भवन सामाजिक गतिविधियों, बैठकों, सांस्कृतिक आयोजनों और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। ऐसे भवन समाज के लोगों को सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराते हैं और सामाजिक समन्वय को मजबूत करते हैं।इस अवसर पर श्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले साहू समाज के छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।वार्ड क्रमांक 21, श्रीराम कॉलोनी में अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से लगभग 46 लाख रुपये की लागत से बाल उद्यान जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत लैंडस्केपिंग, पौधरोपण, मुख्य द्वार, बाउंड्रीवाल, विद्युतीकरण, बच्चों के खेल उपकरण, बैठने की व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।वित्त मंत्री ने कहा कि इस उद्यान के विकसित होने से बच्चों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिलेगा तथा शहर के हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी।रायगढ़ स्टेडियम के पीछे से श्रीराम कॉलोनी मोड़ तक लगभग 37.88 लाख रुपये की लागत से 580 मीटर लंबी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। इस निर्माण से क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा और बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं में कमी आएगी।श्री चौधरी ने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, पुल, केलो नदी तट विकास, तालाब सौंदर्यीकरण, उद्यान निर्माण और ऑक्सीजन जोन जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इतवारी बाजार क्षेत्र को ऑक्सीजन जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिलेगा।उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन नालंदा परिसर युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आधुनिक अध्ययन केंद्र बनेगा, जहां पुस्तकालय, अध्ययन कक्ष और मार्गदर्शन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में राहत मिल रही है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी की जानकारी भी दी और नागरिकों से योजना से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- -विभिन्न आवासीय एवं अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति-जीएसटी भुगतान प्रणाली में एकरूपता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत सीधी भर्ती तथा पुनरीक्षित महंगाई भत्ता के प्रस्तावों को भी मिली मंजूरीरायपुर /छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि सम्मेलन में कई नई आवासीय परियोजनाओं एवं प्रशासनिक प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है, जिनसे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में मंडल का 86 वाँ मंडल सम्मेलन आज मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया गया। सम्मेलन में राज्य में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर अनुमोदन प्रदान किया गया। दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका (तिल्दा), जिला रायपुर- दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका में व्यावसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है।स्ववित्तीय अटल विहार योजना, गिनाबहार, जिला जशपुर - गिनाबहार में 6 एमआईजी, 64 एलआईजी और 27 ईडब्ल्यूएस सहित कुल 97 आवासीय भवनों तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य के लिए स्वीकृति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है। स्ववित्तीय योजना, सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली दृ सारधा में 200 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण तथा 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इन तीनों परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर लगभग 44.82 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। सम्मेलन में निर्माण कार्यों के लिए जीएसटी भुगतान प्रणाली तथा रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने हेतु समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग की 25 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार मंडल में यथावत लागू करने का निर्णय लिया गया। मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरूप पुनरीक्षित महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सम्मेलन में क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रखरखाव के लिए लाइसेंस आधारित पीपीपी मॉडल के अंतर्गत एजेंसी चयन हेतु निविदा दस्तावेज एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया।सम्मेलन में सदस्यों को अवगत कराया गया कि मंडल ने वर्ष 2026 के पहले चार महीनों में लगभग 317 करोड़ रुपये मूल्य की 1,647 संपत्तियों का सफल विक्रय किया है। यह उपलब्धि मंडल की योजनाओं के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। 86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण, आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव श्री डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि श्री जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि श्री निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि श्री हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -पानी की कमी से जांच पर कोई प्रभाव नहींरायपुर ।बलौदा बाजार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के लैब में मरीजों की विभिन्न जांच पूरी क्षमता के साथ सुचारू रूप से जारी है। पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। पानी की कमी से लैब के जाँच में कुछ असुविधा हुई थी किंतु जांच कार्य प्रभावित नहीं हुआ। वर्तमान में जाँच जारी है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज वर्मा ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण अस्पताल के दो बोर सूख गए हैं तथा एसडीओ हाउसिंग बोर्ड द्वारा कराए गए बोर में भी पानी नहीं है। फिर भी अस्पताल में पानी की कोई कमी नहीं है।नगर पंचायत पलारी द्वारा नियमित रूप से टैंकर के माध्यम से पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही अस्पताल के लिए नया नल कनेक्शन भी लिया गया है, जिससे पानी की निरंतर उपलब्धता बनी हुई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि लैब में सभी आवश्यक जांच बिना किसी बाधा के हो रही हैं और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।अपनी पत्नी की जांच करवाने ग्राम दतान से आए शंकर पटेल ने बताया कि लैब में मलेरिया, टाइफाइड, सीबीसी, सिकलिन तथा एसआर की जांच की गई। अस्पताल में जाँच का कोई शुल्क भी नहीं लिया गया।विगत एक सप्ताह में अस्पताल की लैब में 1450 लोगों ने अपनी जाँच करवाई है। इसमें शुगर, वायरल मार्क,सिकलिन,सीबीसी जैसी रक्त जाँच के साथ साथ पेशाब और बलगम की भी जाँच सम्मिलित है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी अपनी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सतत रूप से प्रयासरत है ।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक बार फिर यह साबित किया कि संवेदनशील शासन केवल योजनाएँ नहीं बनाता, बल्कि उन अंतिम बस्तियों तक भी पहुँचता है जहाँ आज भी जीवन बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है।आयुष्मान आरोग्य मंदिर बीजापुर जिले के पोंडुम की स्वास्थ्य टीम ने दुर्गम आश्रित ग्राम हकवा पहुँचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित हकवा तक पहुँचना आसान नहीं है। ऊँचे पहाड़, घने जंगल और कठिन पगडंडियों से होकर गुजरने वाले इस गाँव में आज भी सड़क, बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं।हकवा के ग्रामीणों की परिस्थितियाँ इस कदर चुनौतीपूर्ण हैं कि उन्हें दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएँ और राशन लेने के लिए भी लगभग 40 किलोमीटर पैदल चलकर पोंडुम पहुँचना पड़ता है। ऐसे दुर्गम और संसाधनविहीन क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम का पहुँचना ग्रामीणों के लिए केवल उपचार नहीं, बल्कि भरोसे और संवेदनशीलता की बड़ी मिसाल बन गया।स्वास्थ्य शिविर के दौरान कुल 50 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 5 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई, 2 मरीजों में मलेरिया की पहचान हुई तथा 3 ग्रामीणों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई। इसके अतिरिक्त अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित 40 ग्रामीणों को उपचार एवं आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। दूरस्थ और पहुँचविहीन बस्तियों तक पहुँचती यह स्वास्थ्य सेवा केवल चिकित्सा सुविधा नहीं, बल्कि शासन की मानवीय प्रतिबद्धता और बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य अधिकार सुनिश्चित करने के संकल्प की जीवंत तस्वीर बनती जा रही है।
- रायपुर। जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और ग्राम विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत बालोद जिले के धरती आबा चयनित ग्रामों में विविध जनहितकारी गतिविधियों का प्रभावी आयोजन किया गया। उत्सव के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में जागरूकता, सहभागिता और विकास का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।जिले के विकासखण्ड डौण्डी के 10 ग्राम, बालोद विकासखण्ड के 2 ग्राम तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 15 ग्रामों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा पैदल यात्रा निकालकर गांवों की वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन किया गया तथा ग्रामीणों को शासन की योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रति जागरूक किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण भी किया गया।बालोद विकासखण्ड के ग्राम करहीभदर में शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए 13 आयुष्मान कार्ड एवं 12 जॉब कार्ड वितरित किए गए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्राप्त 1502 आवेदनों का निराकरण भी किया गया।कार्यक्रम के दौरान ट्रांजेक्ट वॉक के माध्यम से ग्रामीणों को जनजातीय गरिमा उत्सव की अवधारणा, उसके उद्देश्य तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर एवं विभिन्न लाभार्थीमूलक शिविरों का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाओं एवं सेवाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध हो सके। जनजातीय गरिमा उत्सव के माध्यम से जिले में जनकल्याण, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण विकास की दिशा में सार्थक पहल देखने को मिल रही है।
- -राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक संपन्न-वर्ष 2028 तक हर ग्रामीण घर में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्यरायपुर ।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में श्राज्य जल एवं स्वच्छता मिशनश् की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा श्सुजलम भारतश् डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया।मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है।ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी।मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए।बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।
- -चार दशक बाद पहली बार गांव पहुंचा प्रशासन, जनगणना कार्य संपन्न-नक्सल भय को पीछे छोड़ बदलाव और विश्वास की नई कहानी लिख रहा बीजापुर का सुदूर अंचलरायपुर ।लंबे समय तक नक्सली प्रभाव और भय के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा बीजापुर जिले का दारेली गांव, अब बदलाव और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है। पिछले चार दशकों से इस क्षेत्र में कोई भी प्रशासनिक गतिविधि नहीं हो पाई थी, यहाँ तक कि वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी यह गांव वंचित रह गया था, लेकिन अब इतिहास बदलते हुए पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे दारेली गांव पहुंची और वहां सुचारू रूप से जनगणना का कार्य संपन्न कराया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले विकास की कल्पना करना भी बेहद कठिन था। इसी कड़ी में कलेक्टर बीजापुर श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे, जनगणना प्रभारी अधिकारी श्री मुकेश देवांगन तथा उसूर एसडीएम श्री भूपेंद्र गावरे ने दारेली गांव का सघन दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय और भावुक स्वागत किया। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है। इस दौरान गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया।कलेक्टर बीजापुर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीन के पट्टे, आधार कार्ड, बैंक खाते तथा राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की। कई ग्रामीणों के दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में विशेष शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी पात्र ग्रामीणों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन (दस्तावेजीकरण) सुनिश्चित हो सके।भ्रमण के दौरान एक स्थानीय किसान ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई कि उसके पिता के निधन के बाद भी लंबे समय से जमीन का नामांतरण नहीं हो पाया है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद राजस्व अधिकारियों को नामांतरण प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखकर किसान भावुक हो गया और उसने अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत दारेली के सभी स्कूली बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। जो दारेली गांव कभी भय, उपेक्षा और सन्नाटे का प्रतीक माना जाता था, वह आज विकास, आपसी विश्वास और नई उम्मीदों की राह पर कदम बढ़ा चुका है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने ग्रामीणों के भीतर शासन के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।
- -मानसून पूर्व निर्माण पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 52-52 लाख रुपए की लागत से आधुनिक मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के निर्माण से ग्रामीण अंचलों के युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने के साथ-साथ पुलिस, सेना एवं अन्य सुरक्षा बलों की भर्ती हेतु फिजिकल तैयारी करने में भी बड़ी सुविधा मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी निर्माण कार्यों को मानसून पूर्व पूर्ण कर संबंधित ग्राम समितियों को हैंडओवर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उनके निर्देशों के पालन में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर निर्माणाधीन मिनी स्टेडियमों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, आरईएस विभाग के अधिकारी, स्टेडियम समिति के सदस्य, ठेकेदार एवं संबंधित ग्रामों के सरपंच उपस्थित रहे।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके नेतृत्व में गांवों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखते हुए खेल एवं अनुशासन की ओर प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना विकसित होने से युवाओं को अब अपने ही गांव में खेल अभ्यास एवं प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी करने का अवसर मिलेगा।इससे युवाओं की प्रतिभा को नया मंच मिलेगा तथा खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के निर्देश पर स्टेडियमों के रख-रखाव एवं संचालन के लिए स्थानीय युवाओं की समिति भी गठित की गई है। यह समिति स्टेडियम की देखरेख, स्वच्छता एवं खेल गतिविधियों के संचालन में सहयोग करेगी। इससे युवाओं में जिम्मेदारी एवं सहभागिता की भावना भी विकसित होगी। उन्होंने ग्राम दौजरी, बैजलपुर, घुघरी कला, खारा, उसरवाही, तितरी, झलमला एवं चिल्फी में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियमों का निरीक्षण किया।
- -सड़क, पुलिया और पंचायत भवन निर्माण से गांवों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएंरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मर्दापाल क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 1 करोड़ 2 लाख रूपए की लागत के 9 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और पंचायत भवन जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। इन निर्माण कार्यों से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और गांवों के विकास को नई गति प्राप्त होगी।ग्राम सोनाबाल में आयोजित कार्यक्रम में 20 लाख रूपए की लागत से पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। साथ ही नगरी के मंडली भवन से पनवाड़ी तालाब तक 300 मीटर सीसी सड़क निर्माण कार्य, जिसकी लागत 9 लाख रूपए है, का भी शुभारंभ किया गया। ग्राम पंचायत खण्डाम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (9 लाख रूपए), पंचायत भवन निर्माण कार्य (20 लाख रूपए) तथा ग्राम पंचायत बोरगांव के लोहारपारा में 1.5 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (4 लाख 50 हजार रूपए) का भूमिपूजन किया गया।इसी प्रकार ग्राम पंचायत खचगांव में 20 लाख रूपए की लागत से पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा पूरन बघेल के खेत के पास 1.5 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (4 लाख 50 हजार रूपए), आश्रित ग्राम ढोलमंदरी में तातरी बादे घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण कार्य (6 लाख रूपए) तथा ग्राम पंचायत पोलंग के मुख्य मार्ग से टेमरूमुण्डा मार्ग के बीच चंदन खेत के पास 3 मीटर स्पॉन पुलिया निर्माण कार्य (9 लाख रूपए) का भी भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने दिखाई हरी झंडी, मिलेंगी आपातकालीन सेवाएँरायपुर। कोरबा जिले को 22 नए डायल 112 वाहनों की सौगात प्राप्त हुई है। आज बुधवार कोरबा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने औपचारिक कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये आधुनिक वाहन उन्नत तकनीक से लैस हैं, जिनमें आधुनिक कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस सिस्टम तथा स्मार्ट मोबाइल उपकरण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में और अधिक त्वरित, सटीक एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।प्रदेश में छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-दो (नेक्स्ट जेन) के अंतर्गत अब सभी 33 जिलों में अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा का विस्तार किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश को कुल 400 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों को 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया।डायल 112 सेवा के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं महिला हेल्पलाइन सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर समन्वित आपातकालीन सहायता मिल सकेगी। यह व्यवस्था आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ बनाते हुए जिला स्तर पर सुरक्षा एवं सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर करेगी। कार्यक्रम के दौरान कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, तथा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी उपस्थित थे। डायल 112 के नए वाहनों के शुभारंभ से जिले में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिससे नागरिकों को और अधिक सुरक्षित, त्वरित एवं विश्वसनीय सहायता मिल सकेगी।
- -आदिवासी समुदाय की अतिरिक्त आय हेतु लघु वनोपज संघ की बैठक में विचार-विमर्शरायपुर ।अबूझमाड़ क्षेत्र के विकास और वहां जनजातीय (आदिवासी) नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण के लिए एक प्रभावी सहकारी मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में समर्थन मूल्य पर तेंदूपत्ता संग्रहण तथा आदिवासियों की आय बढ़ाने के लिए वन धन योजना और ट्राईफेड के तहत महुआ प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विमर्श किया गया। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वन धन सहकारी समितियों द्वारा महुआ के फूलों से विभिन्न प्रकार के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। महुआ लड्डू और कुकीज, महुआ स्क्वैश (शरबत), महुआ का अचार और महुआ उत्पादों की प्रोसेसिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने हेतु स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की भी समीक्षा की गई। इस दौरान संग्रहण से जुड़े व्यापार में सरकार को वित्तीय हानि से बचाने और संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभांश पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा वर्तमान में संग्राहकों को पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत सीधे ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए एक आधुनिक सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे भुगतान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा हो रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए जिनमें प्रमुख हैं-वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, गृह विभाग सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, पीसीसीएफ श्रीनिवास राव इसके साथ ही वन विभाग तथा लघु वनोपज संघ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
- -जशपुर में 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, 32 को मिल रही नियमित फिजियोथेरेपी सुविधा-स्वास्थ्य जांच, परामर्श, योग-भजन और सुंदरकांड पाठ से मिल रहा मानसिक एवं शारीरिक संबलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है।समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है।हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है।सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।
- रायपुर ।जनगणना 2026 की प्रक्रिया के तहत आज लोकभवन में नगर निगम के अधिकारी पहुंचे, राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जनगणना कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान अधिकारियों ने जनगणना के सामान्य 33 बिंदुओं से संबंधित जानकारी राज्यपाल से प्राप्त की। जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत अधिकारियों ने निर्धारित प्रश्नों के आधार पर राज्यपाल से विभिन्न जानकारियां लीं, जिनमें व्यक्तिगत, सामाजिक एवं अन्य सामान्य विवरण शामिल रहे। राज्यपाल डेका ने जनगणना कार्य में सहयोग करते हुए सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराईं। इस अवसर पर नगर निगम रायपुर की जोन कमिश्नर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में प्रख्यात लोक कलाकार एवं पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई के परिजनों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी साझा की। राज्यपाल श्री डेका ने पंडवानी की विश्वविख्यात कलाकार तीजन बाई के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।चर्चा के दौरान तीजन बाई के परिजनों ने बताया कि उनके सम्मान में आगामी 7 अगस्त को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। परिजनों ने इस अवसर पर राज्यपाल डेका को समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया। इस अवसर पर तीजन बाई की पुत्रवधू श्रीमती वेणू देशमुख सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री विवेक आचार्य ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास, विस्तार और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राज्यपाल ने पर्यटन क्षेत्र को अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और आवश्यक निर्देश दिए।राज्यपाल श्री डेका ने बस्तर के चित्रकूट जलप्रपात, धमतरी जिले के गंगरेल तथा कोरबा जिले के बूका जलाशय में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग यहां आने के लिए आकर्षित हों। राज्यपाल ने पर्यटन स्थलों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास में बुजुर्ग पर्यटकों के लिए आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।राज्यपाल ने कोरबा जिले के बूका जलाशय में क्रूज सेवा शुरू करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने के साथ स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
- -गृह मंत्री श्री शर्मा ने 54 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को दिखाई हरी झंडी-डायल-112 सेवा का विस्तार अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में - उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा-“एक्के नंबर- सब्बो बर” के तहत पुलिस, फायर, मेडिकल, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन सहित सभी आपात सेवाएं अब एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्धरायपुर। राजधानी रायपुर में नागरिक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आज रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में “डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन” सेवा का भव्य शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर 54 नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं के लिए रवाना किया गया।इस अवसर पर रायपुर (पश्चिम) विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर (उत्तर) विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित कांबले, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता सिन्हा सहित शासन एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।उपमुख्य मंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व में डायल-112 सेवा केवल 16 जिलों तक सीमित थी, जिसे अब विस्तारित कर प्रदेश के सभी 33 जिलों में लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र हेतु 33 ईआरवी एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु 21 ईआरवी सहित कुल 54 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु 4 विशेष हाईवे पेट्रोलिंग वाहन भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी वाहन अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम, स्मार्ट कंट्रोल एवं मॉनिटरिंग सिस्टम, कॉल रिकॉर्डिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग एवं डिजिटल कम्युनिकेशन तकनीक से लैस हैं, जिससे सूचना प्राप्त होते ही त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। डायल-112 सेवा के माध्यम से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम राष्ट्रीय मानक के अनुरूप रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गृह मंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना में तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग प्रदान करने हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रति आभार भी व्यक्त किया।डायल-112 सेवा “एक नंबर- सबकी मदद” (एक्के नंबर, सब्बो बर) की अवधारणा पर आधारित है। इसके अंतर्गत नागरिकों को अब विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल ‘112’ डायल कर पुलिस सहायता, फायर ब्रिगेड, मेडिकल इमरजेंसी, महिला हेल्पलाइन (1091), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), आपदा प्रबंधन एवं हाईवे इमरजेंसी जैसी समस्त आपातकालीन सेवाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री राजेश मूणत जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज तेजी से सुरक्षित एवं नक्सल मुक्त राज्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा डायल-112 का नेक्स्ट जनरेशन मॉडल प्रदेश की आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं सक्षम बनाएगा।रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आकस्मिक, आपातकालीन अथवा संकट की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल डायल-112 सेवा का उपयोग करें। रायपुर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, सहायता एवं त्वरित सेवा हेतु चौबीसों घंटे प्रतिबद्ध एवं तत्पर है।
- 0- 546 आवेदन में से 317 आवेदन का हुआ तत्काल निराकरणरायपुर. रायपुर नगर निगम क्षेत्र में आज सुशासन तिहार के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविर नगर निगम जोन-1 अंतर्गत मारुति मंगलम भवन गुढ़ियारी में आयोजित किया गया। वार्ड क्रमांक 03, 04, 05, 15, 16, 17 एवं 18 क्षेत्र के निवासियों से आवेदन लिए गए।कार्यक्रम के दौरान 546 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 317 आवेदन का तत्काल निराकरण किया गया। जिसमें मुख्यता राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज शामिल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सुशासन तिहार में आमजनों की समस्याएं व मांगे सुनकर उनका त्वरित समाधान किया जायेगा।इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री राजेश मूणत, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम के सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे एवं नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ0- मेडिकल ऑफिसर श्री गौरव जायसवाल ने अनाथालय में बच्चों के लिए किताब एवं कुलर भेंट कियारायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर श्रीमती कविता सिन्हा ने आंगनबाड़ी केंद्र श्याम नगर, ग्रामीण कि कृषि विस्तार अधिकारी श्री मुकेश कुमार देवांगन ने आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम पंडरभट्ठा, भृत्य श्री भूषण साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र बोरियाखुर्द, सहायक राजस्व ने निरीक्षक श्री तोरण गिरी गोस्वामी ने आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम कामता, मेडिकल ऑफिसर श्री गौरव जायसवाल ने अनाथालय माना कैंप, एएनएम सुश्री रागिनी बढ़घरे ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोवा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- गुढियारी जनसमस्या निवारण शिविर में मौके पर हुआ समाधान, पवन ने मुख्यमंत्री का जताया आभाररायपुर. राज्य शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत नगर निगम रायपुर क्षेत्र के गुढियारी में जनसमस्या निवारण शिविर लगाया गया। शिविर में भारत माता चौक निवासी श्री पवन कुमार ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आवेदन दिया।आवेदन मिलते ही प्रशासनिक अमले ने आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया तत्काल पूरी की और मात्र 10 मिनट के भीतर श्री पवन कुमार को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड सौंप दिया गया। कार्ड प्राप्त होने पर पवन के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई दी।पवन ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार स्वयं लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड मिलने से उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।उन्होंने बताया कि इस कार्ड के माध्यम से प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी, जो गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
- 0- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभाररायपुर. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनहित में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर के गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में गुढ़ियारी निवासी 21 वर्षीय श्री लक्की साहू का लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल बनाकर प्रदान किया गया।श्री साहू को उनके मित्र से सुशासन तिहार के बारे पता चला। जानकारी मिलते ही उन्होंने सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में जाकर लाइसेंस हेतु आवेदन किया। आवेदन करने के 10 मिनट के भीतर उनका लाइसेंस बन गया, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
- 0- आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में आज माना बस्ती हायर सेकेंडरी स्कूल के लेक्चर श्री गंगाराम साहू ने जेईई मेन्स, क्लैट, सामान्य ज्ञान, डिक्शनरी सहित अन्य विषयों की 47 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।श्री गंगाराम साहू ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विभागीय बैठक के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 12 हजार 500 से अधिक पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक 94060 49000 एवं 94255 02970 से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, नोडल अधिकारी श्री प्रभात सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- मुख्यमंत्री की मंशानुरूप अधिकारी बैठक में वर्चुअली जुड़ें0- कलेक्टर के निर्देशानुसार केवल कलेक्टोरेट परिसर स्थित शासकीय कार्यालयों के अधिकारी हुए भौतिक रूप से शामिलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार ईंधन के मितव्ययितापूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज समय सीमा की बैठक वर्चुअल रूप में आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालयों के अधिकारी ही रेडक्रॉस सभाकक्ष में भौतिक रूप से उपस्थित हुए, जबकि जिले के अन्य कार्यालयों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इस व्यवस्था से ईंधन की बचत के साथ-साथ अधिकारियों के समय का भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की बैठकें आयोजित की जाती रहेंगी तथा ब्लॉक स्तर पर भी इस व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाए।
- 0- पीएचई विभाग को खराब हैंडपंप को सुधार करने के दिए निर्देश0- विद्युत अवरोध की स्थिति उत्पन्न होने पर उसका जल्द से जल्द करें समाधान: डाक्टर गौरव सिंहरायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सोसायटी सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आज समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर कलेक्टर ने त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जिले में सभी खराब हैंडपंपों का शीघ्र सुधार कराया जाए। जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर की समस्या है, वहां पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गंभीर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में जल्द से जल्द राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर भविष्य में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं, जिससे आम नागरिकों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग को कहा कि जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी’ के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।राजस्व प्रकरणों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि संयुक्त खाता विभाजन एवं फौती नामांतरण के प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए, ताकि पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि समय पर मिल सके।विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि इस मौसम में विद्युत अवरोध की स्थिति उत्पन्न होने पर उसका जल्द से जल्द समाधान करने का प्रयास किया जाए। साथ ही ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना’ का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर योजना का लाभ जिले के अधिकतम नागरिकों तक पहुंचाया जाए।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- खाद, बीज की उपलब्धता एवं वितरण आदि के संबंध में ली जानकारीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के सेवा सहकारी समिति मर्यादित परसतराई में पहुँचकर वहाँ के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आगामी खरीफ सीजन में किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज उपलब्ध कराने हेतु सेवा सहकारी समिति में खाद, बीज की समुचित उपलब्धता एवं उनके वितरण के संबंध में सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक एवं कर्मचारियों से जानकारी ली।श्रीमती मिश्रा ने समिति प्रबंधक से खाद, बीज के मांग हेतु पत्र प्रेषित करने के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित किसानों से चर्चा कर सेवा सहकारी समिति परसतराई में खाद, बीज की उपलब्धता एवं वितरण आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में पूछताछ की। कलेक्टर ने कहा कि डीएपी खाद का आयात अन्य देशों से किया जाता है। जिसके फलस्वरूप इसके भण्डारण में कभी-कभी थोड़ा समय लग जाता है। लेकिन शासन द्वारा इसके विकल्प के रूप में अन्य खाद की भी समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित सभी कृषकों को अनिवार्य रूप से मृदा परीक्षण कार्ड बनाने तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से इसके संबंध में नियमित रूप से जानकारी प्राप्त करने की समझाईश दी। इस दौरान उन्होंने किसानों को भविष्य में जल संकट के रोकथाम उपाय सुनिश्चित करने हेतु ग्रीष्मकालीन धान के बदले कुसुम, चना, सरसों तथा अन्य दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन करने को कहा। उन्होंने कहा कि इन फसलों के उत्पादन में धान की अपेक्षा पानी की खपत कम होने के अलावा इसमें कम मेहनत तथा आमदनी भी अधिक होती है। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने भी किसानों को आवश्यक जानकारियां दी। इस मौके पर उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरपी राठिया एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- ग्राम पंचायत कुमुड़कट्टा एवं सिंघोला के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सोमवार 18 मई को जिला पंचायत सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर ने डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुमुड़कट्टा एवं सिंघोला में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के विरूद्ध प्रगति न्यून होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इन दोनों ग्राम पंचायतों के सचिवों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा करते हुए डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पचांयत पसौद में गत वर्ष स्वीकृत किए गए ग्रे-वाटर ट्रिटमेंट स्ट्रक्चर का कार्य अभी तक प्रारंभ नही होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को अनिवार्य रूप से निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं पंचायत विभाग के उप संचालक श्रीमती काव्या जैन सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत जिले में कुल 54150 आवास स्वीकृत है। जिसके विरूद्ध में 47677 (88 प्रतिशत) आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत आवासों में 6473 आवास निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत है। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के स्वीकृत आवासों के अंतर्गत जिन आवासों के लिए प्रथम किस्त की राशि जारी हो चुका है उन सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कर निर्धारित समयावधि में निमार्ण कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत जिन आवासों का द्वितीय किश्त की राशि जारी हो चुकी है उन सभी आवासों को 31 मई 2026 तक शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत सभी पूर्ण आवासों में जन-सहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से सोख्ता गड्ढा का निर्माण कर जेएसजेबी 2.0 के पोर्टल में शत-प्रतिशत एण्ट्री करने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं इससे पूर्व के स्वीकृत समस्त अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता पर पूर्ण करने तथा नरेगा साफ्ट में आॅनलाईन सीसीकी प्रविष्टि कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने 01 जुलाई 2026 से वीबी जीरामजी योजना लागू होने से पूर्व जिले के सभी ग्राम पंचायतों में वीबी जीरामजी के अनुमय कार्यों में से पर्याप्त मात्रा में कार्य स्वीकृत करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को सामाजिक अंकेक्षण के वसूली संबंधी प्रकरण में कार्यवाही तेज करते हुए वसूली की कार्यवाही पूर्ण कर इसका एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करने के भी निर्देश दिए।


























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