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- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर शहरी अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, विभागीय संस्था किशोर न्याय बोर्ड में एक वृक्ष माँ के नाम तथा जल शक्ति से नारी शक्ति अभियान चलाकर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया। जहां एक ही दिवस में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, पर्यवेक्षकों, विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के माध्यम से सभी वार्ड पार्षदों ,जनप्रतिनिधियों ,स्व सहायता समूह के माताओं के समन्वय से 1370 फलदार ,छायादार आदि पौधे रोपित किये गए। कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना व प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की महतारी हितग्राहियों, जनप्रतिनिधियों द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का शपथ लिया गया। साथ ही समाज को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व जल शक्ति से नारी शक्ति का संदेश प्रसारित किया गया।कार्यक्रम में विभाग से जिला कार्यक्रम अधिकारी तारकेश्वर सिन्हा , जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी उमाशंकर गुप्ता , बाल विकास परियोजना अधिकारी दीप्ति पटेल साहू, अधिक्षिका बाल सम्प्रेक्षण गृह अर्चना चौहान, किशोर न्याय बोर्ड के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
- -आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने भी वृहद तौर पर रोपे पौधेबिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा अंतर्गत बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में एक वृक्ष माँ के नाम, जल शक्ति से नारी शक्ति अभियान का आंगनबाड़ी केन्द्र फरहदा क्रमांक 1 से वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम से शुभारंभ किया गया। एक ही दिवस में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, पर्यवेक्षको, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी के माध्यम से ग्राम पंचायतों एवं वार्डों में 1402 फलदार एवं छायादार पौधे रोपे ।कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों को श्री शुक्ला द्वारा बेटी बचाओं बेटी पढाओं एवं जल सरंक्षण पर शपथ दिलाई गई। विधायक श्री शुक्ला द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को दिये जाने वाले सुविधाओं की जानकारी ली गई एवं बच्चों का उत्साह वर्धन किया गया। उन्होंने हितग्राहियों से शासन की योजना का लाभ लेने तथा उसका सदुपयोग संबंधी जानकारी ली गई । कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरहदा के सरपंच श्री रघु पटेल, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन श्री उमाशंकर अनंत परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक श्रीमती संजू तिवारी, सुश्री कमला राय, आ.बा.कार्यकर्ता, सहायिका उपस्थित रहे।
- दुर्ग, / दुर्ग जिले में एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के द्वारा दुर्ग ग्रामीण परियोजना के ग्राम अंजोरा से किया गया जिसमें जल संरक्षण हेतु शपथ भी दिलायी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक पेड़ मां के नाम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत बेटियों के नाम पर वृक्षारोपण सेल्फी विथ लाडो व सेल्फी विथ मां का आयोजन भी किया गया। अभियान अंतर्गत दुर्ग जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषेण वाटिका के साथ ही समुदाय की महिलाओं एवं बच्चों में पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता लोन के लिए जल शक्ति से नारी शक्ति अभियान एवं वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम किया जा रहा है।इस अभियान में ग्राम की महिला समूहों, महिला मण्डल, ग्राम पंचायत स्तर की महतारी वंदन योजना से लाभान्वित सभी महिलाओं को एकत्र कर पानी के महत्ता जैसे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, पानी का संचयन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा खराब पानी का अन्य उपयोग इत्यादि विषय में जानकारी दिया गया और फलदार पौधे जैसे- आम, अमरूद, आंवला, मुनगा, पपीता, केला, कटहल, अनार इत्यादि पौधों का वृक्षारोपण आंगनबाड़ी केन्द्रों में किया गया। साथ ही ग्राम पंचायत अंजोरा से आंगनबाड़ी केन्द्र के सभी बच्चों को स्वच्छ पेयजल अंतर्गत वाटर बॉटल प्रदाय किया गया एवं 02 बच्चों का अन्नप्रासन, 05 गर्भवती महिलाओं का गोदभराई व सुपोषण के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु बालभोज की शुरूआत भी की गई। उक्त कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माया बेलचंदन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अश्वनी देवांगन, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी दुर्ग सुश्री शैल ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग श्री मुकेश रावेट, जनपद सदस्य श्री हरेन्द्र, श्री रूपेश कुमार पाण्डेय, जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती उषा झा, परियोजना अधिकारी दुर्ग ग्रामीण, संरपंच अंजोरा श्रीमती संगीता माखन साहू, वार्ड पंच श्री हरि सिंदूर एवं श्रीमती शांति साहू सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपना सक्रिय योगदान दिया।एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम अंतर्गत दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर के द्वारा परियोजना भिलाई 01 के आंगनबाड़ी केन्द्र मिनीमाता मरोदा वार्ड 21 में वृक्षारोपण किया गया। विधायक श्री ललित चन्द्राकर के द्वारा महतारी वंदन योजना की लाभान्वित महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं को जल शक्ति से नारी शक्ति अभियान अंतर्गत शपथ भी दिलाया गया। वृक्षरोपण अभियान के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषक/फलदार वृक्षों के साथ ही कुपोषित व गर्भवती धात्री माताओं के घरों में भी वृक्षारोपण का अभियान प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही महतारी वंदन के लाभार्थी महिलाओं से भी एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील की गई है। उल्लेखनीय है कि आज दुर्ग जिले के 1506 आंगनबाड़ी केन्द्रो में जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिला प्रशासन की टीम एवं विभागीय अमले के द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगभग 8115 से अधिक फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान सुपोषण की बात महतारी के साथ, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं अन्य विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया गया व सभी से एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील भी की गई।
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- बेमेतरा जिले में गर्मी में हुई थी लो-वोल्टेज की समस्या
- 2.38 करोड़ रूपए की लागत से ईएचटी ट्रांसफार्मर स्थापित
रायपुर ।आगामी धान की फसल में सिंचाई के लिए किसानों को समस्या न हो इसके लिये ट्रांसमिशन कंपनी ने बेमेतरा के 220/132 केव्ही अतिउच्चदाब (ईएचटी) सब-स्टेशन में रिकार्ड समय में नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया है । आमतौर पर इस कार्य में कई महीने लग जाते हैं।
कृषक हितैषी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पॉवर कंपनीज़ के अध्यक्ष श्री पी. दयानंद के निर्देश पर अधिकारियों ने इस कार्य को महज दो महीने में पूरा करके 63 एमवीए के विशाल ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत कर लिया है। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं अध्यक्ष श्री दयानंद ने ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री आरके शुक्ला एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर एवं अन्य अधिकारियों को बधाई दी है।
उल्लेखनीय है कि बीते रबी सीजन में बेमेतरा के कुछ क्षेत्र में कृषि पंपों में लो-वोल्टेज की समस्या ध्यान में लाई गई थी, जिसके बाद राज्य शासन ने त्वरित गति से स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे। इस पर कार्रवाई करते हुए ट्रांसमिशन कंपनी ने विद्युत आपूर्ति को प्रभावित किये बिना बेमेतरा के 220/132/33 केवी सब-स्टेशन में 63 एमव्हीए की क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। इसकी लागत 2.38 करोड़ रूपए है। इससे वहां की क्षमता बढ़कर अब 126 एमव्हीए हो गई है। इससे जहां पहले इस सब-स्टेशन से 50 मेगावाट क्षमता तक विद्युत आपूर्ति होती थी, वह बढ़कर अब 110 मेगावाट तक हो सकेगी। इससे बेमतरा, नवागढ़ व बेरला क्षेत्र में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। इसका सीधा लाभ 134 गांवों को मिलेगा, जहां लगभग 12 हजार कृषि पंप कनेक्शन हैं।
इस अवसर पर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुख्य अभियंता (दुर्ग रीजन) श्री एम.जामुलकर एवं अधीक्षण अभियंता श्री आर के तिवारी,श्री सुनील भुआर्य , श्री आर के राठौर एवं कार्यपालन अभियंता श्री एस लोन्हारे, श्री वीरेंद्र कुमार, श्री जेएस भटनागर, श्री एमके शुक्ला, श्रीमती रूबी सारिका एवं सहायक अभियंतागण तथा अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे। -
*स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में जनजागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार करने के दिए निर्देश*
*कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने स्वास्थ्य अमला की ली बैठक
रायपुर । रायपुर जिले में डायरिया के रोकथाम के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में स्वास्थ्य अमला की बैठक लेकर इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए है। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही ए.एन.एम व मितानिनों के माध्यम से 0-5 वर्ष के बच्चों को ओ.आर.एस काॅर्नर बनाने, पानी की टंकियों एवं हैंड पंपों की सफाई एवं क्लोरीनेशन करने के लिए निर्देशित किया है। जिला स्तरीय डायरिया रोकथाम के लिए अभियान 1 जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगा। इस अवसर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सीएमएचओ डाॅ. मिथिलेश चैधरी समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डायरिया अभियान के तहत जनजागरूकता, ओ.आर.एस. की जानकारी, डायरिया से पीडित बच्चों में गंभीर लक्षणों की पहचान कर अस्पताल में रिफरल के लिए प्रोत्साहित करना है। जिससे की समय रहते डायरिया प्रभावितों को उपचार मिल सके एवं 0 से 5 वर्ष के शिशु मृत्यु को कम किया जा सके। दो माह तक चलने वाले कैपेंन में प्रत्येक बच्चों को 2 ओ.आर.एस. का पैकेट और 14 जिंक की गोली डायरिया की रोकथाम के लिए दी जायेगी। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ओ.आर.टी. कार्नर बनायें जायेंगे। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में प्लान ए, बी और प्लान सी, पदर्शित रहने के निर्देश दिया गया। यह कैंपेन का आयोजन स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिक विभाग एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के समन्वय से आयोजित किया जा रहा है। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से मलीन बस्तियों में शुद्ध पानी पीने, जीवन रक्षक घोल बनाने की विधी, पानी उबालकर पीने और स्कूल एवं आंगनबाडी में हांथ धुलाई जैसे गतिविधियाँ आर.एच.ओ. एवं आंगनबाडी द्वारा किया जायेगा। माता एवं पालकों को डायरिया के खतरे के बारे में शिक्षित किया जायेगा। - रायपुर । मानसून की बेरुखी के चलते किसान सांसत् में हैं । बरसाती पानी के भरोसे खेती करने वाले किसान तो आसमान की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं पर जिन किसानों के पास स्वयं के सिंचाई साधन है वे विद्युत अवरोध की वजह से परेशान हैं । शाम ढले से देर रात तक अघोषित विद्युत अवरोध की वजह से किसानों में आक्रोश व्याप्त हो रहा है । ऐसे किसानों की समस्या व आक्रोश को लेकर किसान नेता पारस नाथ साहू ने एक हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन आरंग के अनुविभागीय अधिकारी पुष्पेन्द्र शर्मा को सौंप विद्युत अवरोध बंद न किये जाने पर आंदोलनात्मक रुख अपनाने की चेतावनी दी है । इस अवसर पर आरंग पहुंचे किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा का ध्यानाकर्षण श्री साहू द्वारा कराये जाने पर श्री शर्मा ने भी साथ जा अनुविभागीय अधिकारी से किसानों के इस जायज मांग से विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अविलंब सूचित कर इस समस्या से निजात दिलाने का प्रबंध कराने का आग्रह किया है ।

- -अन्त्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को किया जा रहा वितरितरायपुर, / प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राज्य के उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को राशन का वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर आगामी 5 वर्षों तक निःशुल्क चावल का वितरण जाएगा। हितग्राहियों में एनीमिया एवं अन्य पोषक तत्वों की कमी को दूर करने हेतु पोषक तत्वों से युक्त (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी-12) फोर्टिफाइड चावल लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक है। अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी परिवार, मध्याह्न भोजन योजना एवं पूरक पोषण आहार योजना के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।खाद्य विभाग ने बताया कि प्रदेश के प्राथमिकता राशनकार्डो की खाद्यानन पात्रता 1 सदस्यीय परिवार के लिए 10 किलो, 2 सदस्यीय परिवार के लिए 20 किलो खाद्यान्न 3 से 5 सदस्यीय परिवार के लिए 35 किलो तथा 5 से अधिक सदस्य वाले परिवार के लिए 7 किलो प्रति सदस्य प्रतिमाह चावल 1 रूपए प्रति किलो निर्धारित की गई है। अन्त्योदय राशनकार्डधारियों को 35 किलो प्रति माह चावल दिया जाता है। प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत लगभग 67 लाख 72 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।फोर्टिफाइड चावल वितरण योजना के तहत पीडीएस के हितग्राहियों को खाद्य सुरक्षा के साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश में फोर्टिफाइड चावल वितरण योजना लागू की गई है। इस योजना के जरिए पीडीएस मध्याह्न भोजन योजना एवं पूरक पोषण योजना के हितग्राहियों में एनीमिया एवं अन्य पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए वितरण किया जा रहा है। प्रदेश के समस्त जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अन्त्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है।
- रायपुर / बिलासपुर हाई कोर्ट में लगातार अवमानना मामलों की पेंडेंसी में कमी आई है। मार्च 2023 में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के प्रभार संभालने के बाद से ही अभी तक 1143 मामलों का निराकरण किया जा चुका है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है। वर्तमान में 10 जुलाई की स्थिति में 944 मामले ही लंबित है। खास बात है कि यह पहली बार हुआ है कि अवमाननों मामलों की सुनवाई और निराकरण के लिए चीफ जस्टिस श्री सिन्हा ने पहल करते हुए अलग से रोस्टर जारी किया है। इससे अब अवमानना मामलों की सुनवाई दो से अधिक कोर्ट में हो रही है, जिससे प्रकरणों का त्वरित गति से निराकरण हो रहा है।गौरतलब है कि नवंबर 2022 में हाई कोर्ट में 2299 मामले अवमानना के लंबित थे। इसके बाद मार्च 2023 में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने ज्वाइन करने के साथ ही इसके लिए अलग से व्यवस्था की। पिछले करीब एक सालों में 720 और मामले अवमानना के दायर हुए। उसके बाद भी लंबित प्रकरणों की संख्या नहीं बढ़ी और तेजी से निराकरण किया गया।वर्ष 2015 में 611 केस का रजिस्ट्रेशन किया गया था, जिसमें 814 डिस्पोजल केस, 324 पेंडिंग केस है। इसी तरह वर्ष 2016 में 650 रजिस्ट्रेशन, जिसमें 597 डिस्पोजल केस, 377 पेंडिंग केस, वर्ष 2017 में 792 रजिस्ट्रेशन, 736 डिस्पोजल केस, 433 पेंडिंग केस, वर्ष 2018 में 1329 रजिस्ट्रेशन, 1019 डिस्पोजल केस, 743 पेंडिंग केस, वर्ष 2019 में 1209 रजिस्ट्रेशन, 958 डिस्पोजल केस, 994 पेंडिंग केस, वर्ष 2020 में 1023 रजिस्ट्रेशन, 507 डिस्पोजल केस, 1510 पेंडिंग केस, वर्ष 2021 में 1016 रजिस्ट्रेशन, 538 डिस्पोजल केस, 1988 पेंडिंग केस, वर्ष 2022 में 1282 रजिस्ट्रेशन, 946 डिस्पोजल केस, 2324 पेंडिंग केस, वर्ष 2023 में 1194 रजिस्ट्रेशन, 2623 डिस्पोजल केस, 895 पेंडिंग केस और वर्ष 2024 में 720 रजिस्ट्रेशन, जिसमें से 649 केस का निराकरण किया जा चुका है और 966 केस बाकी है, जो पूर्व के पेंडिंग केस से काफी कम है।
- -राजधानी रायपुर में आयोजित “नवा सौगात” कार्यक्रम में मिला सम्मान-9 बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने में निभाई अहम भूमिकारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है । इसी बीच साय सरकार ने मितानिनों के हित में एक पहल की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मितानिनों के खाते में प्रोत्साहन राशि आनलाइन ट्रांसफर की है। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित “नवा सौगात” कार्यक्रम में मुख्मंत्री श्री साय ने उपस्थित होकर प्रदेश की लगभग 73 हजार 831 मितानिनों, प्रशिक्षकों और समन्वयकों के खाते में कुल 90 करोड़ 8 लाख 84 हजार रुपये की मितानिन प्रोत्साहन राशि का अंतरित किया। सीधे खाते में पैसे पाकर मितानिनों में खुशी की लहर है।स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली मितानिनों को सीएम ने किया सम्मानित“नवा सौगात” कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई हुई मितानिन बहनों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित भी किया। सम्मानित होने वाली मितानिनों में जशपुर जिले के ग्राम बगिया की मितानिन दीदी माधुरी पैंकरा भी शामिल हैं। जिन्हें मुख्यमंत्री ने “मितानिन पासबुक” के साथ शाल एवं श्री फल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कई मितानिन बहनों से बातचीत की। इसी बीच जशपुर जिले के तहसील कुनकुरी के ग्राम पंचायत बेहराखार (रेंगारी) निवासी मितानिन दीदी श्रीमती मुलिका बाई से मुख्यमंत्री जी ने सीधा संवाद किया।इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी मितानिन बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और वो राज्य में सुशासन की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके इस सफर में राज्य भर में काम कर रही 70 हजार से अधिक मितानिन बहनों का भी अमूल्य योगदान है जिनके दम पर राज्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में अभूतपूर्व सुधार हासिल करने मे कामयाब हुआ है। उन्होंने कहा कि मितानिन बहनें छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था का आधार हैं जो सुदूर क्षेत्रों में जाकर भी इमानदारी से काम करती हैं।माधुरी पैकरा ने 9 बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने में निभाई अहम भूमिकाकुनकुरी के ग्राम बगिया की मितानिन दीदी माधुरी पैकरा को स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित भी किया है । श्रीमती माधुरी पैकरा ने बेहतर सेवा भाव से कार्य कर 9 बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने में अहम भूमिका निभाई हैं। वह अपने क्षेत्र में विगत कई वर्षों से कार्य कर रही हैं और कुपोषण मुक्ति, मातृत्व सुरक्षा सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने पूरी इमानदारी से काम कर रही हैं।
- -परेशानियों को दूर करने के साथ रिश्तों को भी मजबूत बना रहा पुल-समय के साथ होगी पैसे की बचतरायपुर / बारिश के साथ ही उफान पर रहने वाले मदवानी के इस छिंदई नदी को पार कर पाना आसपास के ग्रामीणों के लिए कितना जोखिम भरा होता था, यह तो ग्रामीण ही जानते हैं। उन्हें एक गांव से दूसरे गांव जाना हो या फिर अपने किसी परिचित के घर जाना हो, लंबे समय तक पुल नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ता था। बारिश आते ही महीनों तक बहुत से लोगों की या तो भेंट मुलाकात बंद हो जाती थी, या फिर लंबी दूरी तय कर एक गांव से दूसरे गांव जाना पड़ता था। इस लंबी दूरी को तय करने के लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे तो खर्च करने ही पड़ते थे, इसके साथ ही बहृत ज्यादा समय भी देना पड़ता था। अब जबकि इस छिंदई नदी में पुल बन गया है, ग्रामीणों का आवागमन आसान बन गया है। वे आसानी से घंटों की दूरी मिनटों में तय कर पहुंच जाते हैं।कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम मदवानी-कछार-तराईमार-कुदमुरा मार्ग में छिंदई नदी में लगभग 17 करोड़ 17 लाख की राशि से बने उच्च स्तरीय पुल का हाल ही में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव ने लोकार्पण किया था। रामपुर, मदवानी सहित आसपास के अनेक गांव को कुदमुरा, हाटी सहित प्रमुख मार्गों से जोड़ने में यह पुल ग्रामीणों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है। इस पुल के बन जाने से विकास के नए द्वार खुल गए हैं। वर्षों से इस नदी में पुल की मांग थी जो अब पूरी हो गई है। इससे आसपास के अनेक गाँव जुड़ गए हैं। एक दूसरे से सम्पर्क भी बढ़ गया है। यह पुल आवागमन का पुल होने के साथ ही विकास का भी पुल बन गया है।इस पुल को पार करते हुए ग्रामीण कमल सिंह चौहान ने बताया कि पहले उन्हें लंबी दूरी तय करके एक गांव से दूसरे गांव जाना पड़ता था। उन्हें पांच से 10 किलोमीटर अतिरिक्त वाहन बाइक घुमाना पड़ता था। इससे उनके अतिरक्त रूपये और समय का नुकसान होता था। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में नदी में पानी कास्तर कम होने पर बहुत से ग्रामीण जोखिम उठाकर नदी पार कर लेते थे। बारिश में नदी का स्तर बढ़ने पर पुल पार करना खतरनाक बन जाता था। अब जबकि पुल बन गया है। आवागमन में आसानी होने के साथ ग्रामीणों को बहुत सहूलियत होने लगी है। ग्राम मदवानी के किसान श्री भुनेश्वर राठिया का कहना है कि गांव में रहने वाले लोगों का दूसरे गांव तक रिश्तेदारों के पास सुख-दुख में आना-जाना रहता है। पुल नहीं होने से विपरीत परिस्थितियों को सहते हुए कुछ लोग जोखिम उठाकर पुल पार करने की कोशिश करते थे, वहीं कुछ लोग अपना बहुत समय बर्बाद कर दूसरे रास्तों से आवागमन करते थे।इस पुल से मदवानी, कछार, महराजगंज, चारमार, रामपुर, कुदमुरा, करतला, चांपा सहित अन्य गांव के ग्रामीणों को लाभ पहुंचा है। उन्होंने बताया कि आसपास के गांव में लड़के-लड़कियों की शादी तय होती है और रिश्ते बनते हैं। ग्राम मदवानी-कछार-तराईमार-कुदमुरा मार्ग के छिंदई नदी में पुल सिर्फ आवगमन का पुल ही नहीं है। यह पुल हमारे रिश्तों को मजबूत बनाने वाले और हमारी परेशानियों को दूर करते हुए खर्च को कम कर खुशियां देने वाला पुल भी है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में कोरबा जिले में दूरस्थ एवं पहुंच विहीन क्षेत्रों में तथा आवश्यकतानुसार नदी नालों में आवागमन हेतु पुल निर्माण हेतु कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने भी आवागमन हेतु ऐसे स्थानों को चिन्हित करने और प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं, जहां पुल निर्माण की आवश्यकता है।
- रायपुर / केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में आयोग के सदस्य श्री अजय नारायण झा, श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पाण्डा, डॉ. सौम्यकांति घोष का शुक्रवार को जगदलपुर के माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सर्वे ने आत्मीय स्वागत किया।एयर पोर्ट से 16वें वित्त आयोग की टीम बस्तर (जगदलपुर) के सर्किट हाउस पहुंची, जहां पर संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े और आईजी बस्तर श्री पी सुंदरराज ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया को पुलिस के जवानों द्वारा सलामी दी गई।
- - नवाचार, तकनीकीकरण, विकेन्द्रीकरण, जनभागीदारी और नागरिक सेवाओं में गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों को दस्तावेज में शामिल कराने हुआ मंथनरायपुर /छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 को लेकर राज्य नीति आयोग में बैठकों और विचार-विमर्श का सिलसिला लगातार जारी है। नवा रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में सुशासन और पारदर्शिता को लेकर हुई बैठक में सुशासन विषय पर गठित वर्किंग समूह के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सुशासन पर गठित वर्किंग समूह की द्वितीय बैठक में रोजगार, जनभागीदारी, पारदर्शिता, नवाचार, तकनीकीकरण, स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने विकेन्द्रीकरण, नागरिक सेवाओं में गुणवत्ता सुधार जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव,सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, चिप्स के सीईओ श्री रितेश अग्रवाल मौजूद थे।बैठक में समानता और समावेशन, एकीकृत सेवाएं, जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सशक्त बनाने,सही नौकरी के लिए सही व्यक्ति का चयन ,प्रभावी और व्यापक प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से क्षमता निर्माण, दक्षता और निरंतर सुधार को ट्रैक करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने, गवर्नमेंट प्रोसेस री इंजीनियरिंग, नवाचार को बढ़ावा देने ,उभरते प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।इसी तरह डाटा संचालित निर्णय लेने, जन सेवा पोर्टल, सुगम व्यापार पोर्टल, एक परिवार-एक पहचान कर्ता, लोक सेवा गारंटी को सेवा वितरण से जोड़ना, सभी नागरिक सेवाओं के लिए गुणवत्ता सुधार रेटिंग के आधार पर नागरिक प्रतिक्रिया का प्रकाशन, पेपरलेस शासन, रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से डिजिटल और डाटा बैकबोन का निर्माण, सभी विभागों में डाटा रिकॉर्ड रूम की स्थापना, सभी ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा जन भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा कर उन महत्वपूर्ण बातों को दस्तावेज में शामिल कराने मंथन किया है।सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव ने गुड गवर्नेंस, स्थानीय सरकारों को सशक्त बनाने, जन सेवा पोर्टल और सहभागी शासन के बारे में अपना महत्वपूर्ण सुझाव दिए। नीति आयोग के सदस्य श्री डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा की आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने वाली सभी विषयों को दस्तावेज में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कार्मिकों के प्रशिक्षण और नवाचार पर अपने विचार रखे। उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने 24X7 सभी के लिए प्रभावशाली सरकार ,निरंतर विकास, स्मार्ट गवर्नेंस, एकीकृत सेवाएं, प्रभावी और व्यापक प्रशिक्षण तंत्र के माध्यम से क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।नीति आयोग में आयोजित बैठक में सुशासन के लिए निर्धारित प्रमुख लक्ष्यों, प्रमुख चुनौतियों तथा विभागीय विजन के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर बैठक में जिलों के कलेक्टर और एन.जी.ओ. के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से शामिल हुए। नीति आयोग के संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, चिप्स के अधिकारी तथा राज्य नीति आयोग के सलाहकार संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -चित्रकोट जलप्रपात के अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत हुआ वित्त आयोग का दल-कहा, नैसर्गिक खूबसूरती की मिसाल है बस्तररायपुर / केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में आयोग के सदस्यों और अधिकारियों का दल आज जगदलपुर पहुंचा। इस दौरान दल ने बस्तर के विख्यात चित्रकोट जलप्रपात पहंुचकर उसकी नैसर्गिक खूबसूरती को करीब से जाना। चित्रकोट जलप्रपात की दूसरे छोर में तीरथा स्थित वॉच टॉवर पर जाकर सभी सदस्यों ने काफी समय तक जलप्रपात को निहारा और उसकी प्रशंसा की। वित्त आयोग के सदस्य श्री अजय नारायण झा, श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पाण्डा, डॉ. सौम्यकांति घोष मौजूद थे।टीम के सदस्य श्री अजय नारायण झा ने नदी के उद्गम और संगम स्थल के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की वास्तविक और नैसर्गिक खूबसूरती बस्तर में देखने को मिल रही है जहां प्राकृतिक वातावरण बेहद सुंदर है, जो अपने आप में मिसाल है। श्री झा ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के बारे में जितना सुना था, उससे भी कहीं ज्यादा बेहतरीन है। उन्होंने यहां के भोले भाले आदिवासी ग्रामीणों द्वारा की गई पारंपरिक आवभगत की प्रशंसा की। आयोग के दल ने चित्रकोट जलप्रपात की खूबसूरती को अपने कैमरों में कैद किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा भी उनके साथ थे।
- -रायपुर में हुआ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज सेमीनाररायपुर, / वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 01 नवम्बर 2024 से लागू होगी। नई औद्योगिक नीति के आधार पर यहां निवेश करने का एक बड़ा आकर्षण होगा, जो न केवल राज्य के विकास को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। इससे प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण होगा और प्रदेश के निवासियों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खनिज संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ में उद्योग धंधे स्थापित करने की भरपूर संभावनाएं हैं। श्री देवांगन ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा हाल ही में सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया गया है। पोर्टल पर एक बार आवेदन से ही सभी विभागों का क्लीयरेंस मिलेगा।मंत्री श्री देवांगन ने आज शाम यहां राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित एक निजी होटल में आयोजित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सेमीनार के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार का गठन हुए 7 महीने होने जा रहा है। इसमें 03 महीना लोकसभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता में बीत गए। प्रदेश की नई सरकार को काम करने का मात्र तीन महीना ही अभी मिल पाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने से छत्तीसगढ़ में अब डबल इंजन की सरकार हो गई है। इसे प्रदेश का तेजी से विकास होगा। छोटे और मध्यम उद्योग हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा का स्त्रोत है। प्रधानमंत्री के विजन 2047 तक विकसित भारत और विकसित राज्य का निर्माण कैसे होगा, इस दिशा में काम किया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि उद्योग और श्रम विभाग का परस्पर संबंध है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विष्णु देव सरकार ने छत्तीसगढ़ के बजट को अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। हमें विश्वास है कि इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी हमारी उद्यमियों और कंपनियों की होगी।यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 600 बड़ी कंपनियां संचालित है, जिसमें से हाल ही में राज्य की 6 इकाईयां क्रमशः श्री वासु लॉजिस्टिक लिमि, जैनम फेयरो एलोएस लिमि. के. एन. एग्री रिर्सोसेस लिमि., अर्हम टेक्नालॉजिस लिमि., चमन मेटालिक्स लिमि. एवं एटमास्टको लिमि. एन.एस.ई. में सूचीबद्ध हुई है, जबकि देश में लगभग 2512 कंपनियां एन.एस.ई. में रजिस्टर्ड है, जिनकी कुल बाजार पूंजी 464.38 लाख करोड़ है। उन्होंने उम्मीद जताई की आगामी वर्षों में देश की कुल बाजार पूंजी में छत्तीसगढ़ का भी योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा। आगे भी इस तरह के सेमीनारों का आयोजन होगा। राज्य के निवेश प्रोत्साहन बोर्ड इस दिशा में निरंतर कार्य करेगा।उद्योग विभाग के समन्वय से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार में स्थानीय उद्योगों और कंपनियों को शेयर मार्केट के माध्यम से निवेश प्राप्त करने हेतु नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। स्थानीय कंपनियों के स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से आईपीओ जारी करने और निवेश प्राप्त करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में यह आयोजन काफी मददगार साबित हुआ। इस सेमीनार में निवेश के इच्छुक उद्योग और कंपनियों को उनके एनएसई रजिस्ट्रेशन, हैंड हैंडलिंग, तकनीकी गाईड करना, उनका डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने संबंधी सारी प्रक्रिया की बेसिक जानकारी दी गई।कार्यक्रम के स्टेट कोऑर्डिनेटर के रूप में उद्योग विभाग का यह आयोजन प्रदेश के छोटे-बड़े कंपनियों के लिए निवेश प्राप्त करने का यह बेहतर माध्यम बनेगा। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा सेमीनार में उपस्थित होने वाले उद्यमी नए निवेशकों से निवेश प्राप्त करने के लिए आईपीओ से जुड़ सकेंगे। उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मुम्बई के सीनियर वाइंस प्रेसीडेंट डॉ. हरीश अहुजा ने भी कार्यशाला को सम्बोधित किया।
- -11वीं शताब्दी के वास्तु शिल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है नारायणपाल मंदिररायपुर / केंद्रीय वित्त आयोग का दल आज जगदलपुर पहुंचने के बाद बस्तर जिले के लोहांडीगुड़ा विकासखंड में स्थित नारायणपाल मंदिर का अवलोकन करने पहुंचा। वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया मंदिर की वस्तुकला देखकर काफी प्रभावित हुए। उन्होंने मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी ली, जिस पर स्थानीय गाइड श्री धनुर्जय बघेल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर चक्रकोट के छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा 11वीं शताब्दी में बनाया गया है, क्षेत्र के नागरिकों में मंदिर के प्रति गहरी आस्था है, नारायणपाल मंदिर वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन है। इस दौरान सदस्यों ने मंदिर में दर्शन कर समूह फोटो भी खिंचवाई।ज्ञात हो कि चक्रकोट के छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा निर्मित पूर्वाभिमुख यह प्रस्तर मन्दिर मध्यम ऊँचाई की जगति पर अवस्थित वस्तुतः शिव मन्दिर है। किन्तु परवर्ती काल में इस मन्दिर के गर्भगृह में विष्णु की प्रतिमा प्रतिष्ठापित कराई गई, जिसके कारण इसे अतीत में नारायण मन्दिर कहा जाने लगा। मंदिर की भू-संयोजना में अष्टकोणीय मण्डप, अन्तराल एवं गर्भगृह की व्यवस्था है, मंदिर का द्वार अलंकृत एवं बेसर शैली का सप्तस्थ योजना का उच्च साधारण शिखर है। मंदिर में प्रदक्षिणापथ का अभाव है। इस मंदिर में दो शिलालेख सुरक्षित हैं जिसमें प्रथम शंक संवत् 1033 (ईस्वी सन् 1110) के छिंदक नागवंशीय शासक सोमेश्वर की माता गुण्ड महादेवी का शिलालेख है, जिसमें भगवान नारायण की नारायणपुर नामक ग्राम तथा भगवान लोकेश्वर को कुछ भूमि दान करने का उल्लेख है जबकि दूसरे एक खण्डित शिलालेख में अदेश्वर (शिव) के मन्दिर का उल्लेख है। यह मन्दिर 11वीं शताब्दी के वास्तु शिल्प का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर के विभिन्न हिस्सों में शिलालेख भी हैं जिस पर संस्कृत के शब्द उकेरे गए हैं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 13 जुलाई को श्री रामलला का दर्शन करने अयोध्या धाम जाएंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 13 जुलाई शनिवार को प्रातः 9.30 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11 बजे महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या धाम पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री पूर्वान्ह 11.15 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम में श्री रामलला का दर्शन और मंदिर भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 5.15 बजे अयोध्या धाम एयरपोर्ट से प्रस्थान कर संध्या 6.45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर लौट आएंगे।
- रायपुर /महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शनिवार 13 जुलाई को श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम जाएंगी। जारी कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्रीमती राजवाड़े प्रातः 9 बजे रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास से प्रस्थान कर 9.30 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगी और वहां से विशेष विमान से अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े पूर्वान्ह 11.15 बजे से संध्या 5.00 बजे तक श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम में श्री रामलला का दर्शन एवं मंदिर भ्रमण करेंगी। इसके पश्चात मंत्री श्रीमती राजवाड़े महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या धाम से 5.15 बजे विशेष विमान से प्रस्थान कर संध्या 6.45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर लौट आएंगी।
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रायपुर, / केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में बस्तर पहुँचे आयोग के सदस्यों के सम्मान में जिला प्रशासन द्वारा बस्तर के लोक गीतों और लोक नृत्यों पर रंगा-रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुति देखकर वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. पनगढ़िया और आयोग के सदस्य श्री अजय नारायण झा, श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पाण्डा, डॉ. सौम्यकांति घोष मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने बस्तर की लोक संस्कृति और कलाकारों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने गौर नृत्य, परब गीत और नृत्य, बादल अकादमी की प्रस्तुति, दोरला नृत्य, बस्तर बैड की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति के दौरान अतिथियों ने बस्तर के प्रसिद्ध गौर नृत्य में उपयोग की जाने वाले गौर मुकुट को पहनकर फोटो लेते हुए लम्हों को यादों में संजोया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा भी उपस्थित थे।
- -जल शक्ति से नारी शक्ति एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान का हुआ शुभारंभ-प्रदेश के सभी आंगनबाड़ियों में किया जाएगा तीन लाख पौधों का रोपणरायपुर /देश के विकास और जीवन को खुशहाल बनाने जल, नारी और पेड़ का संरक्षण करना बहुत आवश्यक है। यह वक्तव्य महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जल शक्ति से नारी शक्ति एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ महावृक्षारोपण अभियान के शुभारंभ के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर भारत एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लगातार एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम चलाकर महावृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में महिला बाल विकास विभाग द्वारा यह महावृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया है। जिसके अंतर्गत प्रदेश के समस्त आंगनबाड़ियों में 12 जुलाई से तीन लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा।आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा रायपुर के ग्राम टेमरी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने किया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक सुश्री तूलिका प्रजापति, डीपीओ श्रीमती निशा मिश्रा, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर 12 जुलाई 2024 से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में जल शक्ति से नारी शक्ति एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम का आयोजन प्रारंभ किया गया है। जल शक्ति से नारी शक्ति के तहत जल संरक्षण विषय पर जन जागरूकता कार्यकम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें महतारी वंदन योजना के लाभार्थी महिलाओं एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों को आमंत्रित करते हुए जल संरक्षण विषय अंतर्गत जल का महत्व, साफ और सुरक्षित जल का उपयोग, जल के संरक्षण के सही उपाय, जल संग्रहण की उपयोगी तकनीकों, जल स्त्रोतों के आस-पास साफ-सफाई एवं स्वच्छता का महत्व, साफ-सुथरे शौचालय के उपयोग के महत्व की जानकारी दी जाएगी। साथ ही कार्यक्रम में पौधारोपण से जल संरक्षण के विषयों पर जानकारी देते हुए जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में महिलाओं को जल शक्ति से नारी जल आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के लिए जल संरक्षण के संबंध में शपथ दिलाई जाएगी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में महिलाओं को जानकारी दी जाएगी। साथ ही महिलाओं को पात्रता, अपात्रता तथा योजना का लाभ लेने के लिए जानकारी दी जाएगी। इस दौरान एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में महिलाओं एवं बच्चों द्वारा 5-5 फलदार पौधरोपण कराया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग की कोशिश रहेगी की, महावृक्षारोपण अभियान के तहत आंगनबाड़ी के परिसरों और आस-पास 3 लाख पौधे छत्तीसगढ़ में लगाए जाए, जिससे पर्यावरण का संरक्षण हो सके और वातावरण भी साफ रहे।
- -रत्ना ने बेटे की भविष्य की खुशियों में किया निवेशरायपुर/ जब महतारी वंदन योजना के पैसे रत्ना कन्नौजे के खाते में आये तो उन्होंने इसे अपने बेटे की शिक्षा संबंधी जरूरतों पर निवेश के बारे में सोचा। वे निवेश विशेषज्ञों से मिली। निवेश के जानकारों ने उन्हें बताया कि शेयर बाजार में लंबे समय में पैसा काफी बढ़ता है यदि सोच समझ कर लगाया जाए। चूंकि सभी लोग बाजार के विशेषज्ञ नहीं होते, इसलिए म्यूच्युअल फंड के माध्यम से निवेश कर सकते हैं।रत्ना ने पूछा कि म्यूचुअल फंड क्या होता है तो उन्हें बताया कि शेयर बाजार के जानकार विशेषज्ञ बहुत से शेयरों में जिनके बढ़ने की अच्छी संभावना होती है म्यूच्युअल फंड के माध्यम से पैसा लगाते हैं और इसके बढ़ने पर लाभ यूनिट धारक का होता है।रत्ना ने जो फंड खरीदा, उससे अब तक आये रिटर्न देखे। उन्हें लगा कि अभी बेटे के उच्च शिक्षा में समय है अतएव एसआईपी में निवेश किया जा सकता है फिर एसआईपी शुरू कर दिया। अब महतारी वंदन योजना का पैसा जिस दिन खाते में आता है उसके अगले दिन ही वो एसआईपी की नियत तिथि में पैसे जमा कर देती हैं। रत्ना ने बताया कि बेटे की खुशियों के लिए एक ठोस आधार तैयार हो गया है। हर महीने की सुरक्षित आय से मैं एसआईपी में निवेश करूंगी।महतारी वंदन योजना ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया है अपितु वे उन उम्मीदों को भी पूरा कर रही हैं जिनके लिए उनके पास किसी तरह का जरिया नहीं था। वे अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा कर रही है। रत्ना की तरह ही प्रदेश की बहुत सी महिलाओं के जीवन में अब नई उम्मीदें हैं। उनकी खुशियां हर महीने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने एक क्लिक से अंतरित कर रहे हैं और वे इसे भविष्य की खुशियों के रूप में निवेशित कर रही हैं। महतारी वंदन योजना से आधी आबादी के खुशहाल भविष्य का रास्ता खुला है जिससे पूरी आबादी को लाभ होगा।
- -यातायात नियमों का पालन देता है सुरक्षित यात्रा की गारंटी : मुख्यमंत्री श्री साय-नियमों का पालन कर हम न केवल अपने बल्कि सहयात्रियों के अधिकारों का भी करते है सम्मान-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 15 नए इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना-कहा - हमारा उद्देश्य चालान वसूलना नहीं बल्कि लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक व सचेत करना-मुख्यमंत्री ने की अपील : यातायात नियमों का पालन कर लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएं-छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण में मददगार होंगे इंटरसेप्टर वाहन-ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव और सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की होगी कड़ी निगरानी-आधुनिक तकनीक से लैस वाहन, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाईरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सिस्टम को हाईटेक कर हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने आज अपने आवास से 15 नए इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते हुए यातायात नियमों का पालन सुरक्षित यात्रा की गारंटी देता है और इससे अन्य वाहन चालकों में भी सुरक्षा का भाव पैदा होता है। बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए हमें यातायात नियमों का पालन करने के लिए अधिक सचेत और गंभीर होने की आवश्यकता है। नियमों का पालन कर हम न केवल अपने बल्कि सहयात्रियों के अधिकारों का भी सम्मान करते हैं। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री अनुज शर्मा और पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा सही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाहनों की उपयोगिता और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी ली।इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हर वर्ष हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं और कई लोगों में स्थाई दिव्यांगता आ जाती है।इस समस्या का समाधान समाज के सभी वर्गों के सहयोग से हो सकता है। यातायात नियमों का पालन कर वाहन चालक न केवल अपना व अपने परिवार बल्कि समाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।नियमों का पालन करने से सड़कों पर अनुशासन और व्यवस्था बनी रहती है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सकता है। गंतव्य तक की यात्रा सुखद और सुरक्षित अनुभव के साथ पूरी होती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नए इंटरसेप्टर वाहनों से नियमों का पालन न करने वालों पर निगरानी रखी जाएगी। हमारा उद्देश्य चालान वसूलना नहीं बल्कि लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक व सचेत करना है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण के लिये सर्वसुविधायुक्त इंटरसेप्टर वाहनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, ताकि ओवर स्पीडिंग, नशे में वाहन चलाना, निर्धारित मापदण्ड से अधिक चकाचौंध के हेड लाईट्स, वाहन में लगे ध्वनि यंत्रों की तेज आवाज मापने तथा वाहनों के ग्लास में निर्धारित मापदण्ड से अधिक गहरी काली फिल्म लगाकर अपराध करने वाले वाहन चालको के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके। 15 नवीन इंटरसेप्टर वाहन मिलने से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को चिन्हित कर कार्यवाही की जा सकेगी। इन वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्र तथा 360 डिग्री निगरानी हेतु सर्विलांस कैमरा भी है, जिससे सड़क दुर्घटना के मामले में कानून व्यवस्था की स्थिति की बेहतर निगरानी और सुगम यातायात प्रबंधन की कार्यवाही भी कर पाएंगे।राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा निधि प्रबंधन समिति की अनुशंसा पर राज्य शासन से प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत सड़क सुरक्षा कोष मद से इन वाहनों का प्रबंध किया गया है।वर्तमान में नवीन इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती जिला रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, रायगढ़ सरगुजा, जगदलपुर, कांकेर में की जा रही है। इन 15 जिलों में इंटरसेप्टर वाहनों के संचालन हेतु कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
- -राज्य तथा अन्य राज्यों के 13-17 आयु वर्ग के बालिका हॉकी खिलाड़ी हो सकेंगे सम्मिलितरायपुर, / खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में आवासीय बालिका हॉकी खेल अकादमी इस सत्र 2024-25 से प्रारंभ किया जा रहा है। आवासीय बालिका हॉकी खेल अकादमी हेतु खिलाड़ियों के चयन के लिये खेल अकादमी संचालन नियम-2014 के अनुसार राज्य स्तरीय चयन ट्रायल का आयोजन 17 से 19 जुलाई 2024 तक सुबह 7 बजे से किया जाएगा।इस चयन ट्रायल में राज्य के बालिका हॉकी खिलाड़ी एवं अन्य राज्यो के 13-17 आयु वर्ग के खिलाड़ी सम्मिलित हो सकते है। जिसमें प्रथम दिवस खिलाड़ियों का पंजीयन एवं दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा, रायपुर में तथा द्वितीय एवं तृतीय दिवस खेल कौशल परीक्षण सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-01, रायपुर में किया जाएगा। चयन ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति के द्वारा खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम 2014 अंतर्गत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक व्यय, खेल परिधान, प्लेईंग किट, दुर्घटना बीमा आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। आवासीय बालिका खेल अकादमी के लिए 30 महिला खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयन ट्रायल में सम्मिलित होने हेतु खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण के जिला कार्यालयों से संपर्क कर सकते है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लगातार बालिकाओं को हाकी एवं अन्य खेलों के लिए प्रशिक्षित करने बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा के निर्देश पर इन पर तेजी से काम हो रहा है।
- -नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को जारी किया परिपत्ररायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर सौर ऊर्जा से संबंधित सभी तरह के कार्य क्रेडा (छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) के माध्यम से कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मंत्रालय से जारी परिपत्र में ऊर्जा विभाग के पत्र का उल्लेख करते हुए नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के क्षेत्रान्तर्गत सौर ऊर्जा से संबंधित किसी भी प्रकार का कार्य सीधे न कराकर राज्य शासन द्वारा नामित नोडल एजेंसी क्रेडा के माध्यम से कराने को कहा है। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय निकायों में ऊर्जा लागत में कमी लाने ऊर्जा की खपत और बिजली बिल के ऑडिट के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बिजली बचाने और इसके खर्च में कमी लाने के लिए नगरीय निकायों में पारंपरिक ऊर्जा के बदले सौर ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा है। इससे निकायों का खर्च घटने के साथ ही पर्यावरण भी सुधरेगा।
- रायपुर । मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण श्री हरिओम शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माणाधीन कार्याें में तृतीय स्तर के गुणवत्ता परीक्षण हेतु राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षकों का दौरा माह जुलाई-2024 में निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री ख्वाजा नजीर उद्दीन बीजापुर एवं सुकमा के दौरे पर रहेंगे। उनका मोबाइल नं. +91-94191-88066 है। इसी प्रकार श्री राम प्रकाश सिंह नारायणपुर एवं कोंडागांव जिले के दौरे पर रहेंगे। उनका मोबाइल नंबर +91-94152-58582 है।
- -लाल भाजी, जिमीकांदा, मुनगा की सब्जी, इडहर कड़ी का चखा स्वाद-दरभा की जयमनी ने मुख्यमंत्री से कहा- बस्तर आएं तो अवश्य चखें खट्टी-चटपटी चापड़ा चटनी का स्वाद-बैगा जनजाति की मितानिन दीदी दसनी बाई लोगों तक पहुंचा रही हैं स्वास्थ्य सुविधाएंरायपुर / राजधानी रायपुर में मितानिन दीदियों को प्रोत्साहन राशि वितरण के लिए आयोजित ‘नवा सौगात‘ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मितानिन बहनों के साथ दोपहर का भोजन किया।मुख्यमंत्री श्री साय पंगत में बस्तर दरभा से आयी मितानिन दीदियों जयमनी नाग और कवर्धा की बैगा जनजाति की दसनी बाई के साथ भोजन करने बैठे। भोजन में दही मिर्ची, लाई बड़ी, बिजौरी, चावल पापड़, चना, लाल भाजी, जिमीकांदा, मुनगा की सब्जी, इडहर कड़ी, भरवा करेला, चावल, कोदो चावल, रोटी, मीठे में रागी लड्डू, अंदरसा, गुलगुला, पीड़िया, मठ्ठा आदि परोसा गया। भोजन के प्रारंभ में फ्रूट सलाद भी सर्व किया गया।मुख्यमंत्री ने मितानिन दीदियों के साथ बड़े चाव के साथ भोजन किया। इस दौरान उन्होंने जयमनी नाग और दसनी बाई से बड़ी ही आत्मीयता के साथ उनका कुशल क्षेम पूछा और कहा कि अब उनके बैंक खाते में हर महीने प्रोत्साहन राशि सीधे मिल जाया करेगी। मुख्यमंत्री ने जयमनी नाग से बातचीत के दौरान कहा कि बस्तर तो कई बार गया हूं, लेकिन चापड़ा चटनी का स्वाद चखने का मौका नहीं मिला। जयमनी नाग ने कहा कि अब जब बस्तर आएं तो खट्टी-चटपटी चापड़ा चटनी का स्वाद अवश्य चखें। मितानिन बहनों के साथ उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री गुरु खुशवंत साहब स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने भोजन किया।








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