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- -सड़क दुर्घटना से मृतक पक्ष द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के पहल से हुए शांत-सड़क दुर्घटना से मिलने वाले आर्थिक सहायता राशि का मौके पर ही भुगतानरायपुर /कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन से गुरुवार को ग्राम चपरीद में लगभग 150 लोगों की भीड़ को तत्काल समझाईश देकर प्रदर्शन को समाप्त करवाया गया। मौके पर ही आर्थिक सहायता राशि प्रदान किया गया। मौके पर राजस्व एवं पुलिस प्रशासन द्वारा अप्रिय स्थिति निर्मित होने से रोकी गयी। गौरतलब है आज सुबह 11 बजे ग्राम चपरीद निवासी महेश साहू अपनी पत्नी उत्तरा बाई साहू और बेटी आरती साहू के साथ बाइक से देवरी जा रहे थे। ग्राम चपरीद में सड़क दुर्घटना से श्रीमती उत्तरा साहू एवं पुत्री आरती साहू की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। हल्का पटवारी से घटना की सूचना मिलते ही राजस्व अमला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा घटना स्थल पर पहुँच कर चक्काजाम करती हुई भीड़ को समझाईश दी गई। हल्का पटवारी द्वारा तत्काल नज़री नक़्शा, स्थल पंचनामा बनाया गया एवं सड़क दुर्घटना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि तत्काल प्रदान की गई।इस पूरे घटनाक्रम से ग़ुस्साए हुए ग्रामीण शांत हुए एवं प्रशासन की तत्पर्ता से परिजन संतुष्ट हुए। मौके पर तहसीलदार श्रीमती सीता शुक्ला, नायब तहसीलदार श्री सृजल साहू, सीएसपी श्री लंबोदर पटेल, थाना प्रभारी आरंग श्री राजेश सिंह, थाना प्रभारी ख़रोरा श्री दीपक पासवान उपस्थित रहे।
- रायपुर । एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर पौधे रोपे गए। जल संसाधन उपसंभाग अभनपुर के अधिकारी व कर्मचारियों के द्वारा इस अभियान के तहत अभनपुर के काॅलोनी में अलग-अलग प्रजातियों के 500 पौधे रोपे गए। साथ ही रायपुर ट्रेनिंग सेंटर में 125 पौधे लगाए गए।
- रायपुर । एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जिले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के द्वारा सेजबहार समिति में विभिन्न प्रजातियों के फलदार व छायादार पौधे रोपे गए और सुरक्षा का संकल्प लिया गया। पौधा रोपण उपायुक्त सहकारिता के द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधिकारी व कर्मचारियों ने भी पौधे रोपण कर सुरक्षा का संकल्प लिया।
- -विभिन्न प्रजातियों के लगभग 1500 पौधे रोपे गए-हर पौधे को बड़े होने में रखेंगे पूरा ख्याल, सभी ने मिलकर लिया संकल्परायपुर / परियोजना कार्यालय, मंदिर हसौद में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान तहत गांव-गांव में वृक्षारोपण किया गया। स्कूल, आंगनबाड़ी व अन्य शासकीय भवनों में वृक्ष लगाए गए। इस अभियान में ग्रामीण, आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चें, किशोरी बालिका, जनप्रतिनिधियों, सहायिका और कार्यकर्ता ने सहभागिता निभाई, जहाँ लगभग 1500 पौधे रोपे गए। उल्लेखनीय है कि पौधारोपण के लिए पौधे महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत वनविभाग व उद्यानिकी विभाग की नर्सरी से तैयार किये गए हैं। वर्तमान में जिले की नर्सरियों मे 10 लाख पौधे विभिन्न प्रजाति के पौधा वृक्षारोपण के लिए निःशुल्क प्राप्त कर नर्सरी में मुख्य रूप से पायी जाने वाली प्रजाति आंवला, आम, जामुन, इमली, करंज, मुनगा, कचनार आदि फलदार व छायादार पौधो का वृक्षारोपण कर उसकी देख-भाल के संकल्प के लिए प्रेरित किया गया।
- -विद्यालय का निरीक्षण कर अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्थाओं का लिया जायजाबालोद । कलेक्टर श्री इंद्रजीत चंद्रवाल ने आज जिले में चलाए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान अंतर्गत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय लाटाबोड़ में पौधरोपण किया। इस अवसर पर श्री चंद्रवाल ने मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों को संपूर्ण जीव-जगत के लिए पेड़-पौधों का महत्व एवं उसके उपयोगिता के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने कलेक्टर श्री चंद्रवाल को नीम, मुनगा आदि वृक्षों के औषधि गुणों के संबंध में जानकारी दी। श्री चंद्रवाल ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने तथा उसका समुचित देखभाल भी सुश्चित करने कहा। इस दौरान कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय लाटाबोड़ का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्री चंद्रवाल ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय के क्लास रूम के अलावा आईसीटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने क्लास रूम में पहुंचकर विद्यार्थियों से गणित एवं विज्ञान विषय से संबंधित प्रश्र भी पूछे। कलेक्टर द्वारा पूछे गए प्रश्रों का विद्यार्थियों ने सही-सही उत्तर दिया। जिससे कलेक्टर श्री चंद्रवाल बहुत ही प्रसन्नचीत नजर आ रहे थे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को खूब मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल कर अपने माता-पिता, परिवार एवं संस्थान का नाम रौशन करने कहा। श्री चंद्रवाल ने मौके पर उपस्थित श्री सीएल सिन्हा एवं अन्य शिक्षकों से विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी और इस कार्य में विद्यार्थियों की भी अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर, एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री बीके बाघ, श्री नवीन यादव, श्री हिमांशु मिश्रा, एपीसी श्री लेखराम साहू सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
- -अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था के अलावा छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं की ली जानकारीबालोद । कलेक्टर श्री इंद्रजीत चंद्रवाल ने गुरुवार को बालोद विकासखंड के प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास पीपरछेड़ी का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास के विद्यार्थियों से चर्चा कर अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था एवं छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। श्री चंद्रवाल ने बच्चों से उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, शुद्ध पेयजल तथा गद्दे, चादर आदि की उपलब्धता के अलावा छात्रावास के शौचालय, स्नानागार आदि सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के अध्ययन कक्ष, शौचालय, स्नानागार आदि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत कर परीक्षा में उत्कृष्ट अंक हासिल करने की सीख भी दी। श्री चंद्रवाल ने छात्रावास विद्यार्थियों को नोटबुक भी भेंट किया। इसके उपरांत विद्यार्थियों के साथ छात्रावास परिसर में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मेनका चंद्राकर, छात्रावास के अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की आह्वान पर तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप "एक पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम के तहत सम्पूर्ण जिलेभर में आज शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के समस्त शासकीय/अशासकीय कार्यालयों, संस्थाओं, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य केन्द्रों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य चिन्हित स्थलों पर अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण किया गया, उसी तारतम्य में तहसील तिल्दा नेवरा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) तिल्दा नेवरा श्री प्रकाश टंडन, तहसीलदार तिल्दा नेवरा श्रीमती ज्योति मसीयारे,नायब तहसीलदार श्री विपिन पटेल,राजस्व निरीक्षक श्री ओमप्रकाश सिन्हा, पटवारी श्री रंजन सिन्हा, पटवारी श्री प्रसाद अलोनी एवं समस्त तहसील स्टाफ कर्मचारियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया।
- -बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 12 चिकित्सालयों को प्राप्त हो चुका है यह प्रमाण पत्ररायपुर, ।बलौदाबाजार-भाटापारा जिला स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में नित नए प्रगति के सोपान तय कर रहा है। इसी कड़ी में जिले के पलारी ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गिधपुरी और सिमगा के दामाखेड़ा को गुणवत्ता पूर्ण सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एम पी महिश्वर के अनुसार राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र (एन क्यू ए एस) उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय स्तर से दिया जाता है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 12 चिकित्सालयों को अब तक यह प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है।सीएमएचओ से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के लिए जिला ,राज्य और राष्ट्रीय तीन स्तरों पर मूल्यांकन होता है। अंतिम मूल्यांकन हेतु अन्य प्रदेश से निरीक्षण टीम आती है। 70 प्रतिशत से अधिक के स्कोर पर ही स्वास्थ्य संस्था को यह प्रमाण पत्र प्रदाय किया जाता है। मूल्यांकन में गिधपुरी को 81.29 तथा दामाखेड़ा को 88.77 प्रतिशत अंक मिले हैं। मूल्यांकन में सुविधा उपलब्धता,मरीजों के अधिकार ,इनपुट ,सपोर्ट सर्विस,क्लीनिकल सर्विस,संक्रमण रोग की रोकथाम, गुणवत्ता प्रबंधन और परिणाम शामिल किया गया है।सीएमएचओ के अनुसार सिमगा और पलारी के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ पारस पटेल और डॉ बी एस ध्रुव को मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके देखरेख में उक्त स्वास्थ्य केंद्रों के समस्त स्टाफ के सामूहिक प्रयास और मेहनत से यह उपलब्धि हासिल हुई है। इस प्रकार जिले में अब कुल 12 स्वास्थ्य केंद्र हैं जो यह गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके हैं। इन संस्थाओं से पूर्व कटगी, बरपाली,हथबंद,जर्वे,मोपका जबकि आयुष्मान आरोग्य मंदिर ससहा,जारा, बया,देवपुर,रामपुर को यह प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा के अनुसार जिले में इस वर्ष 45 और अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं जो एन क्यू ए एस प्रमाण पत्र हेतु प्रयासरत हैं एवं जिन्हें जिले से प्रशिक्षित कर टीम बनाकर सहयोग दिया जा रहा है। आशा है गुणवत्तापूर्ण सेवाओं हेतु उक्त संस्थाओं द्वारा अच्छा प्रदर्शन कर प्रमाण पत्र हासिल किया जायेगा।
- -कर्मचारी प्रताप सामंत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद, मुख्यमंत्री के जनदर्शन में तत्काल सुलझ रही समस्याएंरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से लोगों की समस्याएं तत्परता से सुलझा रहे हैं। विगत 27 जून को आयोजित मुख्यमंत्री के पहले ‘जनदर्शन’ में रायपुर के गुढ़ियारी में रहने वाले प्रताप सामंत ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताई कि उनकी नियोक्ता कंपनी श्रीनिवास मारूति स्टील प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बिना किसी नोटिस के उन्हें काम से निकाल दिया गया है। कंपनी ने न तो उनके बोनस, पीएफ, छुट्टी इत्यादि का कोई हिसाब किया है और न ही उनके लंबित वेतन का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री ने श्री सामंत की परेशानी को देखते हुए तत्काल श्रम विभाग के अधिकारियों को उनकी समस्या को हल करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर श्रम विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 28 जून को श्रीनिवास मारूति स्टील प्राइवेट लिमिटेड प्रबंधन को तलब किया और मामले की पड़ताल की। उन्होंने कंपनी द्वारा नौकरी से निकाले गए फोरमैन प्रताप सामंत की लंबित राशियों के भुगतान के निर्देश दिए। श्रम विभाग ने दोनों पक्षों में आपसी समझौता कराकर कंपनी द्वारा श्री सामंत को तत्काल एक लाख रुपए का भुगतान कराया गया। साथ ही कंपनी ने उनके पीएफ संबंधी मामले का भी जल्दी निराकरण करने की बात कही।एक दिन में ही अपनी समस्या के निराकरण से खुश प्रताप सामंत संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देने आज दोबारा ‘जनदर्शन’ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी परेशानी दूर होने की जानकारी दी और त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
- -केन्द्रीय लॉजिस्टिक हब और औद्योगिक परिवहन अधोसंरचना विकसित करने पर जोर-छत्तीसगढ़ विजन 2047: वर्किंग ग्रुप के अधिकारियों की बैठकरायपुर / एआई और आईटी सेवाओं में विस्तार, केन्द्रीय लॉजिस्टिक हब बनाने, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने कौशल सुधार जैसे विषयों पर विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने गहन विचार-विमर्श किया। ’’अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन @2047’’ डॉक्यूमेंट तैयार करने ”वाणिज्य उद्योग और अधोसंरचना विकास” विषय पर गठित वर्किंग समिति की द्वितीय बैठक राज्य नीति आयोग अटल नगर नवा रायपुर के सभा कक्ष में आज आयोजित की गई। वाणिज्य उद्योग और अधोसंरचना विकास से संबंधित लक्ष्य, चुनौतियां एवं सामर्थ्य विषय पर विस्तार से चर्चा की गई तथा वर्किंग समिति के सदस्यों द्वारा सुझाव देकर उन विषयों को दस्तावेज में शामिल कराने की बात कही।बैठक में प्राकृतिक संसाधनों का मूल्यवर्धन वैश्विक उत्पाद, स्थानीय एमएसएमई और ग्रामीण उद्योगों के सशक्तीकरण, हरित विनिर्माण में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने, माइक्रो फाइनेंसिंग और रणनीतिक पीपीपी के साथ निवेश सुविधा बढ़ाने विस्तार से चर्चा की गई। इसी प्रकार प्रौद्योगिकी में कौशल उन्नयन करने विश्व स्तरीय प्रशिक्षण की आवश्यकता, अति आधुनिक मजबूत लॉजिस्टिक हब बनाने, एकीकृत औद्योगिक परिवहन अधोसंरचना विकसित करने, केन्द्रीयकृत लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और मिनी औद्योगिक पार्क बनाने, सतत् परिवहन समाधन करने, राज्य एवं जिला स्तर पर समर्पित तकनीकी ढांचा विकास निधि की व्यवस्था कराने, वेयर हाउस हब के लिए अमेजन और फ्लिपकार्ड जैसे उद्योगों के दिग्गजों के साथ रणनीतिक पीपीपी विनेश को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।इसी तरह राज्य में एआई और आईटी सेवाओं में विस्तार करने, केपीओ, बीपीओ और बीपीएम सेवाओं के लिए वैश्विक केन्द्र बनाने, एआई उत्कृष्टता के लिए हब और सेवाएं बढ़ाने, तकनीकी पार्क स्थापित करने, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आईटी कंपनियों को आकर्षित करने सरकार द्वारा निरंतर विपणन की ब्राडिंग के लिए प्रयास करने, केपीओ, बीपीओ और बीपीएम सेवा प्रदाताओं को आकर्षित करने के लिए रायपुर और नवा रायपुर में समर्पित हरित ज्ञान पार्क का विकास करने, छत्तीसगढ़ एआई उत्कृष्टता पार्क की स्थापना करने, उच्च ऊर्जा दक्षता और वैश्विक ऊर्जा के साथ रायपुर तथा नवा रायपुर में आधुनिक ग्रीन डेटा सेंटर पार्क विकसित करने, अग्रणी क्लाउड सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषय पर दस्तावेज में शामिल करने पर चर्चा किया गया।राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव एवं सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम ने विभागों द्वारा बनाए गए लघु ,मध्यम एवं दीर्घकालीन विजन एवं रणनीतियों के निर्धारण हेतु अपना सुझाव दिए।श्री के सुब्रमण्यम ने जीडीपी, रोजगार, कृषि एवं संबंधित उद्योग, प्रति व्यक्ति आय ,सेवाएं, व्यय एवं निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक, प्रशिक्षित कार्मिक ,शासन और नीतियों की अनुकूलता, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के लिए कौशल सुधार जैसे विषयों पर अपने विचार दिए। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय को बढ़ावा देने के लिए उच्च उत्पादन वाले क्षेत्रों में रोजगार पैदा करना महत्वपूर्ण है।सदस्य सचिव श्री अनुप श्रीवास्तव ने कहा की बीपीओ और के पी ओ जैसी आईटी सेवा में विस्तार करने की आवश्यकता है साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के रोजगार पर भी ध्यान देना होगा। वन धन ,लघु वन उपज को बढ़ावा देना चाहिए तथा उसके व्यवसायीकरण पर जोर दिया जाना चाहिए।उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों और भारी धातुओं से समृद्ध राज्य है। एकीकृत औद्योगिक पार्कों की स्थापना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्राथमिकता वाले विकास क्षेत्रों को विकसित करने जैसे विषय को डॉक्यूमेंट में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य सात राज्यों की सीमाओ से जुड़ा है जो की देश के 40 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच है । यहां लॉजिस्टिक हब बनाने का यह एक मजबूत अवसर भी है।बैठक में वाणिज्य उद्योग विभाग, हाउसिंग बोर्ड, ग्रामीण एवं नगर निवेश, पर्यटन, ऊर्जा, वित्त, क्रेडा, खादी एवं ग्रामोद्योग, खनिज संसाधन, आवास पर्यावरण, नागरिक उड्डयन विभाग, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, अटल नगर विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग सिडबी के अधिकारियों ने सुझाव दिए।उल्लेखनीय है की विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का उत्तरदायित्व राज्य नीति आयोग को सौंपा गया है। सितंबर तक विजन डॉक्यूमेंट का अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की अपेक्षा की गई है इसके लिए अलग-अलग विषयों पर आठ वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं। इस अवसर पर नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सौरभ कुमार, संयुक्त संचालक डॉ. नीतू गौरडिया सहित समिति के सदस्य गण उपस्थित थे।
- -विकास के लिए कोल खनन जरूरी: श्री मीनारायपुर, /छत्तीसगढ़ में कोयला मंत्रालय भारत सरकार से संबंधी परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के सचिव श्री अमृतलाल मीना और मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन की मौजूदगी में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में केन्द्र शासन और छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के कोरबा और रायगढ़ जिले में संचालित कोल परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कोल परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन सहित मुआवजा को लेकर कोरबा और रायगढ़ जिले के कलेक्टर और साउथ ईस्ट कोल फिल्ड लिमिटेड के अधिकारी के बीच सकारात्मक विमर्श हुआ। बैठक में साउथ ईस्ट कोल फिल्ड लिमिटेड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उत्पादित कोल सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए कोल वितरण के संबंध में भी व्यापक चर्चा हुई।कोयला मंत्रालय भारत सरकार के सचिव श्री अमृतलाल मीना ने अधिकारियों से कहा कि कोल खदानों में कोल उत्पादन लगातार होना बहुत जरूरी है। कोयले से देश की ऊर्जा सहित अन्य विकास परियोजनाएं निर्भर रहती है। कोल खनन के लिए वन, राजस्व और निजी भूमि के अधिग्रहण के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग जरूरी है। भूमि अधिग्रहण के लिए नियमानुसार मुआवजा प्रकरणों को शीघ्रता से निपटाया जाना चाहिए। इसी तरह से भूमि अधिग्रहण के लिए वन, आवास एवं पर्यावरण सहित अन्य आवश्यक क्लियरेंस के प्रकरणों के निराकरण के लिए कोल फिल्ड लिमिटेड वन, आवास एवं पर्यावरण एवं जिला प्रशासन के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें। बैठक में छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेल कॉरिडोर के लिए भी भू-अर्जन के प्रकरणों को तत्परता से निराकरण के लिए भी आवश्यक कदम उठाएं।वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, ऊर्जा एवं खनिज विभाग तथा मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल सुश्री आर.संगीता सहित साउथ ईस्ट कोल फिल्ड्स लिमिटेड, छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेल लिमिटेड, कलेक्टर कोरबा, रायगढ और सरगुजा सहित राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए।
- -महिला बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा कई योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालनरायपुर /महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रमुख उद्देश्य ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है और इसके लिए विभाग द्वारा अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा रेडी टू ईट सप्लाई का काम महिलाओं को वापस सौंपा जा रहा है ताकि उन्हें रोजगार और आर्थिक स्थिरता मिल सके। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रेडी टू ईट की सप्लाई में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और सप्लाई चैन सुचारू रूप से चल रही हैं।उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा महिलाओं का हक छीन कर उनका यह काम एनजीओ को दिया गया था, लेकिन हमारी सरकार के आने के बाद फिर से महिलाओं को इस काम में लगाया जा रहा है। हम महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें रोजगार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्रीमती राजवाड़े ने यह भी स्पष्ट किया कि बीज निगम के 162 करोड़ रुपये के पेमेण्ट को लेकर कोई भी अवरोध नहीं है और इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा।
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रायपुर,/ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल आज बेमेतरा जिला अंतर्गत विकासखण्ड नवागढ़ के ग्राम अंधीयारखोर के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुये। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न सुधारों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और हर बच्चे को गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान स्कूल खुलते ही बच्चों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, गणवेश इत्यादि प्रदान करने तथा खाद्य मंत्री श्री बघेल ने नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। इस दौरान अतिविशिष्ट अतिथि सांसद दुर्ग श्री विजय बघेल, स्थानीय विधायक श्री दिपेश साहू, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू उपस्थित थे।
दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा की हम सब इस समारोह के माध्यम से और शिक्षा ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन की हर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे जिसकी कल्पना हमारे माता पिता करते है, आज ऐसे गुरुजन और शिक्षक उपस्थित है जो अपनी मेहनत के बल पर बच्चो के भविष्य को बनाते हैं, ताकि आने वाले समय में यही बच्चे देश के नवनिर्माण में हिस्सेदारी दें।विधायक दिपेश साहू ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की बधाई दी। साजा विधायक ईश्वर साहू ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा की हमारे सबसे पहले गुरु हमारे माता पिता होते हैं जो हमें चलना सिखाते हैं बोलना सिखाते है और पारिवारिक परिवेश में अनुशासन और संस्कार सिखाते हैं। इसके बाद बच्चे को अक्षर के ज्ञान और पढ़ाई लिखाई हेतु स्कूल भेजा जाता हैं। शाला प्रवेश उत्सव में अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया।जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य शुभारंभ अत्यंत हर्षाेल्लास के साथ किया गया। पूरे वातावरण में उत्सव का माहौल बन गया। बच्चों को तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर, माला पहनाकर शाला प्रवेश कराया। इसके साथ ही अपने हाथों से स्कूली बच्चों को गणवेश वितरित किया। कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अजय तिवारी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी आम नागरिक व स्कूल के बच्चे उपस्थित थे। -
-प्रदेश की विभिन्न नगरीय निकायों की बड़ी योजनाओं पर की चर्चा, प्रधानमंत्री आवास योजना में 19,906 नए आवास स्वीकृत करने का किया आग्रह
-ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 516 करोड़ और वेस्ट-टू-इलेक्ट्रिसिटी प्लांट के लिए 400 करोड़ की स्वीकृति का किया अनुरोध*-नगरीय निकायों की संपूर्ण कार्य प्रणाली को आईटी-इनेबल्ड बनाने 200 करोड़ का अनुदान भी मांगा*रायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के विभिन्न नगरीय निकायों की बड़ी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने शहरों की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य की शहरों के विकास की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए यहां संचालित केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री को दी।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से नई दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में हुई मुलाकात के दौरान वर्तमान में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत या आगामी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत बीएलसी घटक (Beneficiary Led-construction) के अंतर्गत 19 हजार 906 नए आवास स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने श्री खट्टर को बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 516 करोड़ 20 लाख रुपए का एक्शन प्लान स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया है। रायपुर, दुर्ग एवं भिलाई निकायों के क्लस्टर तथा बिलासपुर, रतनपुर, बोदरी एवं मुंगेली में सूखे कचरे के निपटान के लिए 10 मेगावाट का वेस्ट-टू-इलेक्ट्रिसिटी प्लांट लगाने के लिए करीब 400 करोड़ रुपए की परियोजना का प्रस्ताव भी भेजा गया है। उन्होंने इन दोनों कार्यों के लिए राशि मंजूर करने के साथ ही रायपुर और बिलासपुर को छोड़कर शेष नगर निगमों में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी की स्थापना के लिए लगभग 800 करोड़ रुपए की स्वीकृति का भी अनुरोध किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने भारत सरकार के नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के अंतर्गत नगरीय निकायों की संपूर्ण कार्य प्रणाली को आईटी-इनेबल्ड (IT Enabled) बनाने 200 करोड़ रुपए के अनुदान की स्वीकृति का आग्रह केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री से किया। उन्होंने राज्य के नवगठित 15 नगरीय निकायों को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत शामिल कर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एवं वेस्ट वाटर मैनेजमेंट परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि प्रदान करने का अनुरोध किया। श्री साव ने मिशन अमृत तथा अमृत 2.0 में शामिल नगरीय निकायों के साथ ही अन्य नगरीय निकायों में भी जलप्रदाय योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि मंजूर करने का आग्रह किया। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने श्री साव की मांगों पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। -
*राज्य में वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए 3.93 करोड़ पौधों का हो रहा रोपण*
*जुलाई माह तक शत-प्रतिशत पौधे रोपित करने का लक्ष्य*रायपुर/ प्रदेश में व्यापक पौधरोपण की मुख्यमंत्री श्री साय की मंशानुरूप वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन महोत्सव के दौरान विविध वृ़क्षारोपण क्षेत्रों के नाम स्थानीय देवी-देवताओं के अनुरूप रखने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा दिए गए निर्देशानुसार राज्य में वन एवं पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 3 करोड़ 93 लाख से अधिक पौधों के रोपण किया जा रहा है, जिसमें से 2 करोड़ 82 लाख 35 हजार पौधों का रोपण किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत हो रहा है। राज्य में अब तक सवा करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। जुलाई माह के अंत तक शत-प्रतिशत पौधों का रोपण पूरा करने का लक्ष्य है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने निर्देश दिए हैं कि समस्त वृक्षारोपण क्षेत्रों का ग्रामीणों की सहमति के उपरांत स्थानीय देवी-देवताओं के नाम से नामकरण किया जाए, जिससे ग्रामीणों की वृक्षारोपण के प्रति श्रद्धा और आस्था बनी रहे। इसके साथ ही उन्होंने गैर शासकीय संस्थाओं, पंचायती राज संस्थाएं, स्थानीय निकायों एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ पर्यावरण से जुड़े नागरिकों को वृहद पौधरोपण के कार्य में उनको भी सहभागी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वन मंत्री द्वारा प्रतिदिन पौधरोपण की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और पौधरोपण की सफलता पर विशेष ध्यान देते हुए समयावधि में पर्याप्त मात्रा में खाद, उर्वरक एवं कीटनाशक का उपयोग कर पौधरोपण किया जाएगा। इसके साथ ही वन क्षेत्रों में लघु वनोपज आधारित फलदार वृक्षों के रोपण पर विशेष जोर दिया जाएगा।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ लगाए जाने की अपील देशवासियों से की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपील का छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ में 11 जुलाई को वन महोत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन होगा, जिसके अंतर्गत 70 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय कोयला मंत्रालय के सचिव श्री अमृतलाल मीणा ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री मीणा से छत्तीसगढ़ राज्य में कोयला प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव द्वय श्री पी दयानंद और डॉ बसवराजू एस, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री पी एम प्रसाद, एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबन्ध निदेशक डॉ प्रेमसागर मिश्रा उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने विशेष स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत उर्मिला को राहत पहुंचाने दिए निर्देश
रायपुर, / मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज ग्राम परसा विकासखंड मालखरौदा, सक्ती जिले से मितानीन उर्मिला देवी आई। उन्होंने अपनी समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि मेरे पति नहीं है। बच्चा भी साथ नहीं रहता। कैंसर से पीड़ित हूं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत उर्मिला देवी की मदद करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में मोतीलाल पटेल अपनी 5 साल की बिटिया डॉली को लेकर पहुंचे। डोली को थैलेसीमिया की समस्या है और हर 20 दिन में खून लगता है। श्री पटेल ने मुख्यमंत्री से इलाज में सहायता की मांग की।। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डॉली के उचित इलाज के लिए निर्देश दिए। -
-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवेदन का परीक्षण कर त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश
-रायपुर, / मुख्यमंत्री जनदर्शन में आज दुर्ग जिले के हनोदा ग्राम के आनंद साहू भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि 4 साल पहले भारतमाला परियोजना में उनकी जमीन अधिग्रहित की गई, इसका मुआवजा आज तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि अब सड़क बनने का काम भी शुरू हो चुका है।इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए भारत माला परियोजना में आने वाली आनंद साहू की जमीन का परीक्षण कर त्वरित राहत दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्री साहू को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपके आवेदन का शीघ्र परीक्षण कर इस पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा मुआवजा प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई की जाए ताकि नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री के निर्देश के पश्चात श्री साहू का आवेदन दुर्ग कलेक्टर को प्रेषित कर दिया गया। -
रायपुर /जनदर्शन में आज नवागढ़ ब्लाक के ग्राम पौंसरी के किसान अशोक रजक आए। उन्होंने कहा कि मेरे गांव के पटवारी के पास एक काम के लिए आवेदन दिया। कई दिनों तक संपर्क के बावजूद काम नहीं हो पा रहा इससे मैं हलाकान हो गया हूं।मुख्यमंत्री ने मौके पर ही बेमेतरा कलेक्टर को किसान के आवेदन की प्रगति के संबंध में जांच कर राहत देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह भी देखें कि मामले में विलंब क्यों हुआ, यदि लापरवाही हुई है तो संबंधित पटवारी पर कार्रवाई की जाए ।उल्लेखनीय है कि जनदर्शन में जो भी राजस्व संबंधी प्रकरण आ रहे हैं। उनके निराकरण के लिए मौके पर ही संबंधित कलेक्टर को आवेदन फॉरवर्ड किया जा रहा है ताकि आवेदनों पर अविलंब कार्रवाई की जा सके।
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-तीन दिवसीय प्रवास के दौरान राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं और आर्थिक प्रगति सहित अनेक मुद्दों पर होगा विचार-विमर्श
रायपुर / केन्द्रीय वित्त आयोग 11 से 13 जुलाई तक राज्य के दौरे पर रहेगा। आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल राजधानी रायपुर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्रीमण्डल के सदस्य, केंद्रीय वित्त आयोग के साथ राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं, अधोसंरचना विकास तथा आर्थिक प्रगति सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा आयोग के समक्ष राज्य के आर्थिक, वित्तीय, अधोसंरचना विकास तथा राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं से संबंधित विषयों पर प्रस्तुतीकरण देंगे। प्रस्तुतीकरण में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के गठन उपरांत से अद्यतन प्रगति की स्थिति से आयोग को अवगत कराया जाएगा तथा आने वाले वर्षों में राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की जायेगी। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए विशिष्ट अनुदान संबंधी मांग पत्र भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।गौरतलब है कि 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए अनुशंसाएं केन्द्र सरकार को अक्टूबर 2025 तक रिपोर्ट के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएगी। आयोग के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल के अंतर्गत अध्यक्ष श्री पनगढ़िया के साथ आयोग के सदस्य श्री अजय नारायण झा, श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, श्री मनोज कुमार पाण्डा, डॉ. सौम्य कांति घोष तथा आयोग के सचिव श्री ऋत्विक रंजनम पाण्डेय, संयुक्त सचिव श्री कमल कुमार मिश्रा, संयुक्त संचालक श्री राघवेन्द्र सिंह एवं अन्य अधिकारीगण शामिल होंगे। -
बालोद। छत्तीसगढ़ षष्टम विधानसभा का तृतीय सत्र 22 जुलाई से 26 जुलाई 2024 तक आहूत किया गया है। जिसके अंतर्गत विधानसभा तृतीय सत्र के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिंबध रहेगा। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने सर्व विभाग प्रमुख, सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देशित किया है कि विधानसभा के तृतीय सत्र के दौरान वांछित जानकारी शासन को यथा शीघ्र समयावधि में भेजने हेतु अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विधान सभा तृतीय सत्र 2024 के दौरान कलेक्टर के बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर प्रस्थान नहीं करंेगे और न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे। इसके साथ ही कार्यालय में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करते हुए उनके नाम, पदनाम, दूरभाष एवं मोबाईल नंबर की जानकारी इस कार्यालय को तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 212.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 04 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 300.8 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 149.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 184.2 मिमी, बलरामपुर में 179.9 मिमी, जशपुर में 203.4 मिमी, कोरिया में 186.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 179.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। इसी प्रकार, रायपुर जिले में 195.4 मिमी, बलौदाबाजार में 207.8 मिमी, गरियाबंद में 227.4 मिमी, महासमुंद में 226.4 मिमी, धमतरी में 222.2 मिमी, बिलासपुर में 202.0 मिमी, मुंगेली में 194.2 मिमी, रायगढ़ में 217.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 174.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 225.1 मिमी, सक्ती में 184.7 मिमी, कोरबा में 219.3 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 213.9 मिमी, दुर्ग में 176.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 165.2 मिमी, राजनांदगांव में 185.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 225.3 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 133.9 मिमी, बालोद में 228.4 मिमी, बेमेतरा में 193.9 मिमी, बस्तर में 248.7 मिमी, कोण्डागांव में 251.1 मिमी, कांकेर में 213.9 मिमी, नारायणपुर में 280.1 मिमी, दंतेवाड़ा में 240.0 मिमी और सुकमा में 379.1 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु महिला कमाण्डो के कार्यों की सराहना की
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि बालिकाओं के उन्नति से ही देश व समाज की उन्नति संभव है। इसके लिए बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल आज सामुदायिक भवन गुंडरदेही में जिले के महिला कमाण्डो द्वारा आयोजित बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। वे कार्यक्रम मंे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम के नेतृत्व में महिला कमाण्डो द्वारा किए जा रहे कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक श्री एसआर भगत ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 01 श्री महेश बाबू, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रमोद जैन एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जनभागीदारी से ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने समाज के सभी वर्ग के लोगों को बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु आगे आने को कहा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री एसआर भगत ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु महिला कमाण्डो द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने देश में 01 जुलाई से तीनों नए कानूनों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम ने कार्यक्रम के उद्देश्यों तथा महिला कमाण्डो के कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 01 श्री महेश बाबू ने देश में लागू तीनों नए कानूनों के प्रावधानों के संबंध में रोचक एवं प्रेरणास्पद जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि श्री प्रमोद जैन ने महिला कमाण्डो के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महिला कमाण्डो निःस्वार्थ भाव से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने तथा परिवार समाज एवं देश को आदर्श बनाने के पूनीत कार्य में लगी हुई है। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व माध्यमिक शाला की बालिकाओं को काॅपी एवं पेन भी प्रदान किया। इसके अलावा उन्होंने महिला कमाण्डो की टीम के लिए 50 नग टाॅर्च देने की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव रफीक खान ने किया। कार्यक्रम में जिले के लगभग 01 हजार महिला कमांडो ने अपनी उपस्थिति प्रदान की। -
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की बैठक में कार्यों की समीक्षा की
बालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को सफल बनाने में स्वच्छाग्राहियों का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए इस कार्य में लगे सभी स्वच्छाग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराना अत्यंत आवश्यक है। डाॅ. कन्नोजे आज जिला पंचायत सभाकक्ष में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की बैठक लेकर इसके अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छाग्राहियों द्वारा कचरा प्रबंधन के कार्यों में विभिन्न प्रकार का अपशिष्ट एकत्रीकरण के कार्य के फलस्वरूप उनमें संक्रमण की संभावना बनी रहती है। इसके लिए उन्होंने नियमित रूप से स्वच्छाग्राहियों की स्वास्थ्य जांच हेतु विशेष स्वास्थ्य कैम्प का आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छाग्राहियों का स्वच्छाग्राही ई-श्रमकार्ड निर्माण कर उन्हें सफाई कर्मकार मण्डल से जोड़ा जा सकता है जिससे उन्हें इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। डाॅ. कन्नौजे ने सफाई कर्मकार आवश्यक उपकरण सहायता योजना सुरक्षा उपकरण हेतु प्रतिवर्ष 1000 प्रति दर सफाई कर्मकार के बच्चे हेतु छात्रवृत्ति रू. 1000 से 1500 प्रति दर वार्षिक (प्रति बच्चा) 2 बच्चों हेतु तथा 2 लाख का जीवन बीमा आदि सुविधा सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
बैठक में डॉ. कन्नौजे ने जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चर्चा की एवं सभी प्रगतिरत कचरा संग्रहण शेड को 15 जुलाई 2024 से पूर्व पूर्ण करने एवं कचरा संग्रहण शेड में रजिस्टर पंजी के संधारण हेतु निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक शौचालय क्रियाशील रखने तथा ग्राम पंचायतों में कचरे की सफाई, सार्वजनिक स्थल जैसे चैक, चैराहा, धार्मिक स्थल, स्कूल, आंगनबाड़ी, उप स्वास्थ्य केन्द्र, भवन एवं जल स्त्रोत तालाब, पैयजल स्त्रोत, हैण्डपंप के आस-पास के कचरे की साफ-सफाई नियमित रूप से करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सार्वजानिक स्थलों को साफ रखने एवं कम से कम सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने को कहा। जिससे प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभाव से बचा जा सके।
बैठक में उपसंचालक पंचायत श्री आकाश सोनी तथा जनपद पंचायत बालोद, गुरूर, गुण्डरदेही, डौण्डी, डौण्डीलोहारा मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
भिलाईनगर। शासन की अति महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सभी नागरिको के स्वास्थ्य से जुड़ा है। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत पूर्व में बनाये गये 50 हजार आयुष्मान कार्ड बन कर आ गया है। आयुष्मान कार्ड मितानीन घर-घर जाकर वितरण करेगीं। बीपीएल आयुष्मान कार्ड से 5 लाख तक का एवं सामान्य आयुष्मान कार्ड से 50 हजार तक का ईलाज निःशुल्क करा सकते है। पहले का बना स्मार्ट कार्ड अब नहीं चलेगा, नया आयुष्मान कार्ड बनवाना ही पड़ेगा। 2018 के बाद का बना आयुष्मान कार्ड पर ईलाज होगा, उन्हे दुबारा बनवाने की आवश्यकता नहीं है।
विशेष प्रकार के ईलाज हेतु मुख्य मंत्री जी के पास आवेदन देने से स्वीकृति के अनुसार इलाज हो सकता है । जिसमे 25 लाख तक का ईलाज निःशुल्क कराया जा सकता है। आयुष्मान कार्ड से 3 हजार प्रकार के बिमारियो का ईलाज अब हो सकता है। पहले के शिकायतो को आधार मानकर अब अन्य अस्पतालो में दांत का ईलाज, डिलिवरी आंख एवं 163 सामान्य बिमारियों का ईलाज नहीं हो सकता है। भिलाई के नागरिकों लिए अच्छा समाचार है शासन के विशेष पहल पर जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय सेक्टर 9 में ही डिलिवरी, दांत एवं आॅख का ईलाज अब आयुष्मान कार्ड से हो सकता है। आयुष्मान कार्ड हितग्राही के मोबाईल में दर्ज है, तो फोटो देखकर भी आयुष्मान कार्ड से ईलाज हो सकेगा।
आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि प्रत्येक परिवार के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाना आवश्यक है। यह शासन की अति महत्वकांक्षी योजना है। लगभग 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाना शेष है। जिसके लिए कर्मचारियो की डयूटी लगाई गई है। मितानीन घर-घर जाकर पुराने आयुष्मान कार्ड को वितरित करेगी। नया आयुष्मान बनाने के लिए प्रथम पाली में घर-घर जाकर कार्ड बनाया जायेगा एवं द्वितीय पाली में सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो एवं नजदीकी लोक सेवा केन्द्र में आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा। नवीन आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पंजीयन के लिए आधार कार्ड में लिंक मोबाईल नम्बर एवं राशन कार्ड का होना आवश्यक है। उसी के आधार पर नवीन आयुष्मान कार्ड बन जायेगा। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जिले के सभी महत्वपूर्ण अस्पतालो में निःशुल्क ईलाज किया जाएगा।












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