- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरू स्वामी विवेकानंद जी की 04 जुलाई को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि स्वामी जी ने भारतीय दर्शन और आध्यात्म से पूरी दुनिया का परिचय कराया और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया। छत्तीसगढ़ ने स्वामी जी के उदार, व्यवहारिक और सुधारवादी सिद्धांतों को अपनाया है। स्वामी जी के बचपन का कुछ समय रायपुर में बीता, यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। आज छत्तीसगढ़ स्वामी जी के दिखाए मार्ग और सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है। श्री साय ने कहा है कि स्वामी जी के अमूल्य विचार सदियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
- -सबके लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं खुशहाल समाज पर दिया गया जोर-गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण’ विषय पर आधारित वर्किंग समिति ने लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक लक्ष्य पर दिए सुझाव-सभी के लिए किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने अधिकारियों ने किया मंथनरायपुर /राज्य में सभी के लिए किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने विभिन्न विभाग के अधिकारियों ने गहन विचार विमर्श किया। ’अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन / 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार करने ’गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण’ विषय पर गठित वर्किंग समिति की द्वितीय बैठक राज्य नीति आयोग अटल नगर, नवा रायपुर के सभा कक्ष में आज गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित लक्ष्य, चुनौतियां एवं सामर्थ्य विषय पर विस्तार से चर्चा की गई तथा वर्किंग समिति के सदस्यों द्वारा सुझाव दिए गए।बैठक में सदस्यों ने सभी के लिए सार्वभौमिक, किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने, किशोरों और जनजातियों पर अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता, रोग प्रोफाइल विकसित करने स्वास्थ्य देखभाल, चिकित्सा पर्यटन और फार्मास्यूटिकल्स विनिर्माण को बढ़ावा देने विस्तार से चर्चा की। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की प्रभावी व्यवस्था, जनसंख्या विविधता और कठिन तथा पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने, अनुसंधान संस्थान विकसित करने तथा वृद्धावस्था और जलवायु संबंधी स्वास्थ्य मुद्दे पर गहन विचार विमर्श किया गया।इसी तरह राज्य में मृत्युदर कम करने, एनीमिया फ्री करने ,सभी के अच्छे स्वास्थ्य, टेली मेडिसिन, मदर एंड चाइल्ड केयर, हॉस्पिटल के अपग्रेडेशन, पीपीपी मॉडल की उपयोगिता, केंद्र सरकार की योजनाओं से आम लोगों को लाभान्वित करने, प्रशिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता सुधारने, रिसर्च संस्थानों पर जोर, टीकाकरण, मेडिकल टूरिज्म हब बनाने, स्वस्थ एवं खुशहाल समाज बनाने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों को दस्तावेज में शामिल करने पर भी चर्चा किया गया।राज्य नीति आयोग के सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम ने विभागों द्वारा बनाए गए लघु, मध्यम एवं दीर्घकालीन विजन एवं रणनीतियों के निर्धारण हेतु आमजनों को लाभान्वित करने, गुड गवर्नेंस, गुणवत्तापूर्ण जीवन सहित अन्य कल्याणकारी उपायों पर सुझाव दिए।स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने आम जनों को त्वरित चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार जैसे विषयों को दस्तावेज में शामिल कराने सुझाव दिए।मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ धीरज तिवारी ने कहा कि नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सभी उपायों का समावेश डॉक्यूमेंट में होना चाहिए।इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, स्वास्थ्य संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, संयुक्त संचालक श्री नीतू गौरड़िया, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, राज्य शहरी विकास अभिकरण, छत्तीसगढ़ लघु वनोजन सहकारी संघ, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर।, 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के प्रतिनिधि मंडल का छत्तीसगढ़ राज्य में तीन दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम अध्यक्ष श्री अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में दिनांक 11 से 13 जुलाई 2024 हेतु तय हुआ है। आयोग में 12 सदस्यीय दल अंतर्गत अध्यक्ष के अतिरिक्त 04 सदस्य—श्री अजय नारायण झा, श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यूज, श्री मनोज कुमार पांडा, डॉ सौम्य कांति घोष तथा आयोग के सचिव श्री रित्विक रंजनम पांडेय, संयुक्त सचिव श्री कमल कुमार मिश्रा , संयुक्त संचालक श्री राघवेंद्र सिंह एवं अन्य अधिकारीगण शामिल होंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों की उपस्थिति में राज्य के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा आयोग के समक्ष राज्य के आर्थिक, वित्तीय, अधोसंरचना विकास तथा राज्य की विशिष्ट आवश्यकताओं से संबंधित विषयों पर प्रस्तुतिकरण व ज्ञान प्रस्तुत किया जायेगा। प्रस्तुतिकरण में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के गठन उपरांत से उत्पन्न प्रभाव की स्थिति से आयोग को अवगत कराते हुए आने वाले वर्षों में राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की जायेगी। इसके अतिरिक्त राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए विशिष्ट अनुदान संबंधी मांग पत्र भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए अनुशंसाएं केंद्र सरकार को अक्टूबर 2025 तक रिपोर्ट के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएंगी।
- -‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान अंतर्गत 70 लाख पौधों का होगा रोपण-वन विभाग की बैठक में मंत्री श्री केदार कश्यप ने दिए निर्देश-प्रदेश के विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगभग 4 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्यरायपुर, / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में देश की जनता से ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने की अपील की है। छत्तीसगढ़ में इस महाअभियान के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा अनुरूप 11 जुलाई को वन महोत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत पूरे राज्य में 70 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। वन महोत्सव की तैयारियों के संबंध में आज वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मुख्य वन संरक्षक एवं वनमण्डलाधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।समीक्षा बैठक में वन मंत्री ने इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए विस्तार से निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा है कि वन महोत्सव के मौके पर अधिकाधिक संख्या में लोग अपनी मां के नाम पेड़ लगाएं। इसके लिए पौधरोपण को सफल बनाने के उद्देश्य से इस बात का प्रयास किया जाए कि पौधरोपण क्षेत्र, जनप्रतिनिधियों द्वारा गोद लिया जाए साथ ही प्रत्येक पौधरोपण क्षेत्र को स्थानीय देवी देवताओं के नाम से चिन्हांकित कर जन सामान्य में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आने वाली समस्त महिलाओं को शामिल किया जाए साथ ही माध्यमिक स्तर के छात्रों को भी इसमें भागीदार बनाया जाए।पौधरोपण कार्य न सिर्फ वनक्षेत्र के अंदर होंगे अपितु वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, छात्रावास आदि स्थानों में भी किया जावेगा। वनमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया कि इनके फोटोग्राफ्स मिशन लाईफ की साईट पर अपलोड किए जावें। वन मंत्री ने वनमण्डलों में किए जा रहे पौधरोपण के लक्ष्य और अब तक किए जा चुके पौधरोपण की जानकारी भी ली। राज्य में विभिन्न योजनाओं अंतर्गत 3 करोड़ 95 लाख 85 हजार से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसमें 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मंत्री ने शेष कार्य जुलाई अंत तक व्यापक जन भागीदारी से पूर्ण करने के निर्देश दिए।अधिकारियों ने बताया कि जगदलपुर वृत्त अंतर्गत 535.48 हे. एवं 57 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण के अंतर्गत कुल 308450 पौधों का रोपण किया जाना है। रायपुर वनवृत्त अंतर्गत 291.74 हे. एवं 2 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण में 323913 पौधों का रोपण किया जाना है। कांकेर वनवृत्त अंतर्गत 220.74 हे. में 158804 पौधों का रोपण किया जाना है। सरगुजा वनवृत्त अंतर्गत 4942.44 हे. एवं 21 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण में 5053370 पौधा रोपण का लक्ष्य रखा गया है। दुर्ग वनवृत्त अंतर्गत 167.55 हे. में 142468 पौधों का रोपण किया जाना है। बिलासपुर वनवृत्त अंतर्गत 520.05 हे. एवं 04 कि.मी. सड़क किनारे वृक्षारोपण में 454159 पौधा रोपण का लक्ष्य रखा गया है। किसान वृक्ष मित्र योजनांतर्गत 2 करोड़ 82 लाख 35 हजार 894 पौधों का रोपण कृषकों के द्वारा अपनी भूमि पर किया जा रहा है।बैठक में श्रीमती ऋचा शर्मा, अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, श्री व्ही श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़, श्री अरूण कुमार पाण्डेय, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास/योजना), श्री ओ.पी. यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कैम्पा के साथ राज्य के समस्त मुख्य वन संरक्षक एवं वनमंडलाधिकारी उपस्थित रहे।
-
-त्वरित सहायता से गद्गद् नूतन के पिता आज बिटिया को लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री आवास, मुख्यमंत्री ने बिटिया को दुलारा और भरपूर आशीर्वाद दिया
-जनदर्शन में श्री काशी ठाकुर अपनी बेटी की आंख के इलाज के लिए सहायता मांगने पहुंचे थे-मुख्यमंत्री से मिलकर बताई थी अपनी व्यथा-चोट की वजह से नूतन की दाईं आंख खराब हो चुकी थी-डॉक्टरों की सलाह पर लगाई गई पत्थर की आंख, क्षतिग्रस्त आंख में इंप्लांट नहीं हो सकतारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता से पांच वर्षीय नूतन ठाकुर की आंख का इलाज एक सप्ताह के भीतर हो गया है। नूतन की आंख में खेल-खेल में चोट लग गई थी जिससे उसका रेटिना खराब हो गया था। उसके पिता श्री काशी ठाकुर मुख्यमंत्री निवास में 27 जून को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और उनसे नूतन की आंख का इलाज करने के लिए सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नूतन का बेहतर से बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए ।श्री काशी ठाकुर आज अपनी बेटी को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने नूतन को दुलार, नाम पूछा और नूतन को अपना आशीर्वाद प्रदान किए। उन्होंने नूतन से कहा अच्छे से पढ़ाई करना। नूतन ने मुख्यमंत्री को बाल सुलभ सहजता के साथ गुलाब का फूल भेंट किया। श्री काशी ठाकुर भी बेटी के इलाज के लिए मिली त्वरित सहायता के लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देते नहीं थकते।गौरतलब है कि नूतन के पिता दुर्ग के बोरसीभाटा में रहते हैं, वे माली का काम करते हैं। नूतन का इलाज दुर्गा के शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में चल रहा था । आंख की स्थिति देखकर डॉक्टरों ने बताया की आंख में कोई इंप्लांट नहीं हो सकता, इसलिए नकली आंख लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर सरकारी खर्च पर नूतन की दाई आंख में पत्थर की आंख लगाइए गई है। नूतन के इलाज के लिए दुर्ग सीएमएचओ द्वारा 25000 रुपए की राशि रायपुर के जीईरोड स्थित आर्ट आई सेंटर को उपलब्ध कराई गई। यह प्रोस्थेटिक सेंटर है, जहां कृत्रिम अंग बनाए जाते हैं। यहां नूतन की दाईं आंख में पत्थर की आंख लगाई गई है। - - कवर्धा के बैजलपुर में बना उपकेंद्र, 80 एमव्हीए होगी सब-स्टेशन की क्षमता- लो-वोल्टेज से मिलेगी निजात, होगी निरंतर विद्युत आपूर्तिरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी निरंतर और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए प्रदेश में लगातार पारेषण क्षमता का विस्तार कर रही है। इसी कड़ी में आज 132/33 केवी सब-स्टेशन बैजलपुर (सिल्हाटी)- कबीरधाम को सफलतापूर्वक उर्जीकृत किया गया। इस परियोजना की कुल लागत 46.13 करोड़ रूपए है।ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने आज दोपहर 01.59 बजे नवनिर्मित 132/33 केवी सब-स्टेशन बैजलपुर (सिल्हाटी)- कबीरधाम के एक नग 40 एम वी ए ट्रांसफार्मर को उर्जीकृत किया। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष श्री पी. दयानंद के निर्देशन में प्रदेश में पारेषण नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।इसी कड़ी में बैजलपुर में 132/33 केवी का सब-स्टेशन स्थापित किया गया है, जिसकी क्षमता 2x40 एमव्हीए होगी, इसमें से एक 40 एमव्हीए क्षमता का एक ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किया गया है जबकि दूसरा 40 एमव्हीए के ट्रांसफार्मर को भी जल्द ही उर्जीकृत करने की तैयारी प्रगति पर है।इस उपकेंद्र की लागत करीब 20.45 करोड़ रूपए है।इस उपकेंद्र में विद्युत सप्लाई 132 के वी गेंदपुर-बैजलपुर लाइन से होगी, जिसके लिए 32.5 किलोमीटर नई लाइन बिछाने पर 24 करोड़ रुपए एवं 220/132 केव्ही उपकेंद्र गेंदपुर में 132 केव्ही के दो फीडर-बे के निर्माण के लिए 1.68 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे।उन्होंने बताया कि मानसून के सब-स्टेशन तैयार होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को बेहतर बिजली मिल सकेगी। इस क्षेत्र में काफी संख्या में कृषि पंप हैं, साथ ही औद्योगिक इकाईयों और घरेलू उपभोक्ताओं को लगातार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री केएस मनोठिया, मुख्य अभियंता श्री डीके तुली, जी. आनंद राव, टीके मेश्राम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता चंद्रकला गिडवानी, अधीक्षण अभियंता श्री पीपी सिंह, सुनील भुआर्य,रंजीत घोष, कार्यपालन अभियंता श्री एसके चौहान, श्री लोहनारे, श्री वीरेन्द्र ठाकुर,सहायक अभियंता श्री आरके हरमुख सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री जनदर्शन में ग्रामीणों ने की थी शिकायत-अब किसानों को खेतों तक जाने में आसानी होगी, लड़ाई-झगड़े से भी छुटकारा मिलेगा-कलेक्टर डॉ. सिंह के नेतृत्व में राजस्व अमले की कार्रवाईरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद रायपुर जिले में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जा कर अवैध निर्माण करने और उनकी अवैध तरीके से खरीदी-बिक्री पर कार्रवाई तेज हो गई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में राजस्व अमले ने ऐसे प्रकरणों पर बिना देरी के कार्रवाई शुरू की है। आज रायपुर नगर निगम क्षेत्र के सेजबहार में ऐसी एक बड़ी कार्रवाई की गई है। राजस्व अमले ने सेजबहार में मुख्य सड़क के किनारे से लगी लगभग पांच एकड़ सरकारी जमीन को अवैध निर्माण और कब्जे से मुक्त कराया है। इस जमीन पर माना के बनरसी गांव निवासी संतोष डहरिया द्वारा अवैध कब्जा कर अवैध रूप से पक्का निर्माण करने और जमीन की अवैध खरीदी-बिक्री करने की शिकायत स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम में की थी। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत को श्री साय ने गंभीरता से लिया और इसकी जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर रायपुर को दिए थे।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्रकरण की जांच का जिम्मा रायपुर एसडीएम और उनके अमले को सौंपा था। राजस्व अमले द्वारा की गई जांच के बाद सेजबहार में मुख्य सड़क से लगी लगभग पांच एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होना पाया गया। इस जमीन पर अवैध कब्जाधारी ने पक्के निर्माण जैसे दुकान आदि भी बना लिए थे। राजस्व अमले को जमीन के अवैध रूप से दूसरे लोगों को बेचने की भी शिकायत मिली थी। सड़क के किनारे होने के कारण खेती-किसानी के इस मौसम में जमीन के पीछे के खेतों तक किसानों को जाने में भी परेशानी और लड़ाई-झगड़ा का सामना करना पड़ रहा था।आज एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, तहसीलदार श्री पवन कोसमा और अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती तुलसी राठौर ने राजस्व अमले के साथ पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों द्वारा इस भूमि पर अवैध रूप से बनाये गये पक्के दुकाननुमा निर्माण को तोड़ दिया है। इसके साथ ही लगभग पांच-छह लोगों द्वारा कुछ जमीन के कुछ हिस्से पर पोल लगाकर की गई तार फेसिंग को भी हटा दिया गया है। अब इस जमीन से बेजाकब्जा हट जाने से किसानों को भी अपने खेतों तक जाने के लिए आसानी से रास्ता मिल जाएगा और सरकारी जमीन की सुरक्षा भी हो जाएगी। किसान चालू मानसून मौसम में खेतों में फसलों की बोआई आसानी से कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी कास्तकारी जमीन में आने-जाने के लिए झगड़-लड़ाई मारपीट से भी मुक्ति मिल जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के लिए सेजबहार गांव के निवासियों श्री शारदा राम साहू, श्री कामता प्रसाद साहू, श्री ललित साहू, श्री खेलन साहू, श्री दीनदयाल रात्रे, श्री दल्लू यादव श्री संतोष बघेल आदि ने मुख्यमंत्री श्री साय और जिला प्रशासन का आभार जताया है। सभी गांव वासियों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले के विरूद्ध भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- विप्र समाज ने दी विनम्र श्रद्धांजलिरायपुर। भिलाई निवासी श्री चंद्रकांत (शेखर) उपाध्याय (करही - टेकारी वाले) का 68 वर्ष की आयु में आज बुधवार को रायपुर में आकस्मिक निधन हो गया। वे श्रीमती मनोरमा उपाध्याय के पति , राजीव व खुशबू के पिता, स्वर्गीय कंठुप्रसाद उपाध्याय के पुत्र, स्वर्गीय किशोरी लाल उपाध्याय (बालोद) और युगलकिशोर उपाध्याय भिलाई) के भ्राता थे। उनकी अंतिम यात्रा गुरुवार 4 जुलाई को भिलाई स्थित निवास (मकान नंबर 7 - डी , सडक़ नंबर 76 , सेक्टर - 6 से पूर्वाह्न 10 बजे रामनगर मुक्तिधाम (भिलाई) के लिए निकलेगी।विप्र समाज ने दी विनम्र श्रद्धांजलिश्री चंद्रकांत (शेखर) उपाध्याय के निधन पर युगल किशोर उपाध्याय (बबला), धीरज उपाध्याय, भूपेन्द्र शर्मा, प्रशांत शर्मा, कल्पना पांडे, नेहा उपाध्याय, किशोर उपाध्याय, राहुल उपाध्याय, असीम पांडे, सीमा-अनिल शर्मा, प्रतिमा शर्मा, ज्योति पांडे, कुबेर नंदन तिवारी, वीणा शर्मा, नीरज-सीमा उपाध्याय, प्रकाश त्रिपाठी, सरोज शर्मा, लता उपाध्याय, पद्मा दीवान, प्रवीण शर्मा, शचि शर्मा, अरुण शर्मा, खुशबू, कैलाश मिश्रा, जितेन्द्र उपाध्याय, डॉ. अन्नू शर्मा, भारती तिवारी, ममता चौबे, किरण उपाध्याय, अनिता शुक्ला, संतोष उपाध्याय, सूरज उपाध्याय,सुमन उपाध्याय, रवि शर्मा, सुशील उपाध्याय, ईशान शर्मा, प्रकाश उपाध्याय, इत्यादि विप्र परिजनों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
- -मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत देंगे चेकरायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुरूवार 04 जुलाई को पंजीकृत श्रमिकों के मेधावी बच्चोें को दो लाख रूपए की राशि का चेक प्रदान करेंगे। इसमें मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि एक लाख रूपए तथा स्कूटी क्रय के लिए दी जाने वाली एक लाख रूपए की राशि का चेक मुख्यमंत्री प्रदान करेंगे।मुख्यमंत्री सवेरे 10.30 बजे अपने निवास कार्यालय में श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 13 बच्चों को कुल दो लाख रूपए का चेक प्रदाय करेंगे। इसमें एक लाख रूपए का चेक स्कूटी खरीदी के लिए बच्चों को दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।ज्ञात हो कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में निर्माण श्रमिक के 13 बच्चे टॉप-10 सूची में है। उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। इनमें कक्षा 10वीं में गरियाबंद जिले से कुमारी होनिशा, महासमुंद जिले से कुमारी डेनिसा, रायगढ़ जिले से कुमारी बबीता एवं उमा, कांकेर जिले से कक्षा 12वीं की छात्रा कुमारी वीदेका, सूरजपुर जिले से आयुष कुमार, बलरामपुर जिले से कुमारी अंशिका, जशपुर जिले से कुमारी मीना यादव, राजनांदगांव जिले से कुमारी वंशिका, बालोद जिले से तोषण कुमार, खोमेन्द्र, कुमारी पद्मनि एवं जिज्ञासा का नाम शामिल है।
-
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने वर्तमान में वर्षा ऋतु के दौरान बाढ़ एवं आपदा से संबंधित किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावितों के मदद और बाढ़ एवं आपदा से बचाव हेतु सभी तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार की विषम स्थिति निर्मित होने पर प्रभावितों को तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने किसी भी स्थिति से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने बाढ़ एवं आपदा से उत्पन्न किसी भी स्थिति से निपटने के तैयारियों के संबंध में विभागवार समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी राजस्व मण्डलों में अनिवार्य रूप से वर्षा मापक यंत्र ठीक-ठाक हालत में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला सेनानी नगर सेना से बाढ़ एवं आपदा के बचाव के तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिला सेनानी नगर सेना से जिले में उपलब्ध बोट एवं कुशल तैराक आदि के संबंध में भी जानकारी ली तथा इसकी समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिला खाद्य अधिकारी से जिले में खाद्यानों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए इस दौरान समुचित मात्रा में खाद्यान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु के दौरान आम जनता को शुद्ध, ताजा एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु स्वास्थ्य, खाद्य तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त दल गठित कर हाॅटल, ढाबों आदि का नियमित रूप से जाँच कराने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को वर्षा ऋतु के दौरान शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा सभी पेयजल स्त्रोतों का क्लोरीनेशन आदि कार्य कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को जर्जर घरों को डिस्मेंटल कराने तथा अत्यंत गरीब लोगों के लिए आवास एवं खाने-पीने की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
श्री चन्द्रवाल ने कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग को जलाशयों से पानी छोड़ने के पूर्व आम जनता को उनकी पूर्व सूचना देने तथा समुचित रूप से मुनादी आदि कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को वर्षा ऋतु के दौरान जिले के सभी अस्पतालों में समुचित रूप से दवाइयां एवं चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में जरूरी दवाइयोें के अलावा सर्पदंश से होने वाले जन हानि को रोकने हेतु एंटी वेनम आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कार्यपालन अभियंता विद्युत वितरण कंपनी को इस दौरान जिले में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। -
बालोद जिले को दुर्घटना मुक्त बनाने के उपायों के संबंध में की गई विस्तृत चर्चा
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक मंे श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को जिले को दुर्घटना मुक्त बनाने हेतु सभी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान अधिकारियों ने बालोद जिले को दुर्घटना मुक्त बनाने के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रकाश रावटे एवं अन्य अधिकारियों के अलावा जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने कहा कि अतिवृष्टि एवं आंधी, तुफान के कारण मार्ग में पेड़ आदि गिरने से मार्ग बाधित होने पर संबंधित विभागों द्वारा आपसी समन्वय से तत्काल आवागमन बहाली हेतु समुचित कार्रवाई की जाए। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को सड़क में विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों की समस्या की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाने तथा मुख्य नगर पालिका एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को काऊ कैचर आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शराब पीकर तथा तेज गति से वाहन चलाना सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है। उन्होंने शराब पीकर तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को सघन अभियान चलाने को कहा। कलेक्टर ने जिले में 06 जुलाई से शुरू हो रहे जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जिले के स्कूल, काॅलेजों एवं हाट बाजार आदि स्थानों में यातायात सुरक्षा के संबंध में शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्हांेने अधिकारियों से जिले मंे सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के पश्चात् जिले में घटित सड़क दुर्घटना एवं जन-धन की क्षति के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के फलस्वरूप प्रकरणों में निरंतर कमी आने की जानकारी दी।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने जिले के आम जनता को सड़क दुर्घटना की रोकथाम के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु यातायात रथ के माध्यम से समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी जानकारी दी। बैठक मंे एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी ने वर्तमान में हिट एण्ड रन कानून के तहत सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को 02 लाख रूपये तथा घायल होने पर 50 हजार रूपये की राशि प्रदान करने के भी जानकारी दी। जिला परिवहन अधिकारी श्री विकास रावटे ने जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जिले में ब्लेक स्पाॅट चिन्हित करने की जानकारी दी। -
ग्लोबल मार्केट फोर्सेज़ स्टडी सर्कल का आयोजन
जागृति मंडल में जुटे शहर के प्रबुद्धजन
रायपुर। वैश्विक बाजारवादी शक्तियों ने भारत के आर्थिक, सामाजिक, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य इत्यादि क्षेत्रों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है।ग्लोबलाइजेशन के बहाने विश्व के विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने व संचालित करने करने के लिए कुछ मुठ्ठीभर देश सक्रिय हैं। वैश्विक संगठन, गैरसरकारी संगठन, मल्टी नेशनल कम्पनियां, बिग टेक इनके टूल बनते हैं।
ये बातें ग्लोबल मार्केट फोर्सेस के स्टडी सर्कल के आयोजन में सामने रखी गईं। आयोजन में कृषि, फार्मासूटिकल, रक्षा, बैंकिंग व फाइनेंस और ऑइल एंड गैस जैसे विषयों पर पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण तथ्य रखे गए।
कार्यक्रम में शोधार्थियों व विशेषज्ञों ने पीपीटी के माध्यम से स्टडी सर्कल के अब तक अध्ययन के बिंदु सामने रखे गए। साथ ही भविष्य की योजना पर प्रकाश डाला। इसमें बताया गया कि कैसे दुनिया के मुठ्ठीभर ताकतवर लोग, संगठन , सरकार व मल्टीनेशनल कम्पनियां अपने आर्थिक लाभ के लिए विश्व को एक बाजार बना रहे हैं। कार्यक्रम में विश्व मे समय प्रति समय होने वाले युद्धों के कारण पर भी प्रकाश डाला गया। रक्षा सौदों व विश्व के दवा बाज़ार में अमेरिका जैसे देशों के एकाधिकार पर भी चर्चा हुई।
आयोजन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मध्य क्षेत्र के प्रचार प्रमुख कैलाश जी ने भी मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर स्वामी महेशानंद सरस्वती जी, पवन जोशी, होटल व्यवसायी परमजीत खनूजा
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेशाध्यक्ष व कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू, सच्चिदानंद उपासने, प्रवीन मैशेरी समेत व्यापार जगत, मीडिया, सामाजिक क्षेत्र, किसान, डॉक्टर्स, फार्मा विशेषज्ञ, रक्षा विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक अश्विनी कौशिक थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ मंजरी बक्षी व गौरव जिंदल ने किया। जगदीश पटेल ने उपस्थित प्रबुद्धजनों का व स्थान देने के लिए जागृति मंडल ट्रस्ट के आभार माना। - -कस्टम मिलिंग चावल जमा करने में लापरवाही पर कार्रवाई-स्टॉक से 230 क्विंटल अधिक धान पाए जाने पर धान जब्तबिलासपुर /खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के उठाव पश्चात् कस्टम मिलिंग चावल जमा हेतु जिले के समस्त राईस मिलरों की समीक्षा बैठक कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। समीक्षा बैठक में अनुबंधित सभी राईस मिलर्स को निर्धारित समय-सीमा में अनुपातिक चावल भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करने हेतु निर्देशित किया गया एवं ऐसे मिलर्स जिनके द्वारा कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने में लापरवाही बरती जा रही है, के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये थे। उपरोक्त निर्देश के परिपालन में आज जेठू बाबा इण्डस्ट्रीज, बहतराई, बिलासपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में खाद्य विभाग के सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार एवं धीरेन्द्र कश्यप के द्वारा किया गया। जांच में मिल संचालक द्वारा कस्टम मिलिंग चावल 'जमा करने में उदासीनता बरतना पाया गया। मिल परिसर का भौतिक सत्यापन करने पर धान की मात्रा में अनियमितता किया जाना पाया गया। जिसमें मिल में संधारित अभिलेख अनुसार 34545 क्विंटल धान उपलब्ध होना चाहिए था, जबकि जॉच में मौके पर 34775 क्विंटल धान उपलब्ध पाया गया। इस प्रकार मौके पर 230 क्विंटल धान अधिक होना पाया गया, जिसे मौके पर संचालक से जप्त करते हुए स्वयं संचालक की सुपुर्दगी में दिया गया। इस प्रकार मिल संचालक द्वारा 713000 रूपये शासकीय मूल्य के धान के रख-रखाव में अनियमितता किया जाना प्रमाणित होता है। मिल संचालक का उपरोक्त कृत्य छ०ग० चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधान का उल्लंघन है एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत् दण्डनीय हैं। उपरोक्त गड़बड़ी के संबंध में प्रकरण निर्मित कर कलेक्टर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले एवं सी०एम०आर० कार्य में लापरवाही बरतने वाले मिलर्स के विरूद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
- -जल संवर्धन और विकास कार्याें को गति देने के लिए हुई चर्चारायपुर । धरसींवा के बरबंदा गांव में विधायक अनुज शर्मा व कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने तालाब का अवलोकन किया। इस दौरान जल संवर्धन और विकास कार्याें को गति देने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद भी उपस्थित थे।
- -राजस्व प्रकरणों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: राजस्व मंत्री श्री वर्मा-राजस्व पखवाड़ा 5 से 20 जुलाई तकरायपुर / छत्तीसगढ़ में अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए 5 से 20 जुलाई 2024 तक राजस्व पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राज्य के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री वर्मा आज जिला मुख्यालय सारंगढ़ में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि यह बात ध्यान में लायी गई है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। सभी राजस्व अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण हो। समीक्षा बैठक में कलेक्टर सारंगढ़ श्री धर्मेश साहू ने मंत्री श्री वर्मा को बताया कि जिले में पंचायत सचिव के माध्यम से गांव में ग्रामीणों के जितने राजस्व प्रकरण होंगे, उनके माध्यम से तहसीलदार कार्यालय में जमा होंगे, जिसका मॉनिटरिंग कलेक्टर स्तर पर किया जाएगा, जिससे जिले के राजस्व कार्यों के निपटारा शीघ्र होगा।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा जैसे अपराध पर सख्ती से कार्यवाही करते हुए नियंत्रित करें। उन्होंने मरम्मत योग्य सभी स्कूलों, छात्रावास भवनों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के जर्जर भवनों की जानकारी ली और मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क, पुल-पुलिया जैसे बुनियादी कार्यों को पूरा करने कहा। बैठक में नल जल योजना, महतारी वंदन, सौर सुजला योजना, पीएम विश्वकर्मा, मनरेगा, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्ज्वला योजना आदि की समीक्षा की गई।बैठक में श्री वर्मा ने स्कूलों तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का कार्य पीएम ग्रामीण सड़क, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क आदि के माध्यम से किया जाए ताकि पहुंच सुलभ हो। उन्होंने कहा पटवारी कार्यालय के लिए भवन निर्माण कराएं ताकि पटवारी वहां रहकर किसानों का कार्य करें। अवैध प्लाटिंग, बिक्री और नामांतरण पर शीघ्र रोक लगाएं।इस अवसर पर विधायक सारंगढ़ श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े, एसपी श्री पुष्कर शर्मा, परियोजना निदेशक श्री हरिशंकर चौहान, एसडीएम श्री अनिकेत साहू, डिप्टी कलेक्टर वर्षा बंसल सहित जिले के अधिकारी उपस्थित थे।
- -लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में आयोजित की गई बैठकरायपुर / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा की अध्यक्षता में आगामी 13 जुलाई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी तथा न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, सचिव, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन, सीजेएम, लेबर जज बैठक में शामिल हुए।बैठक में मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने सभी न्यायाधीशों से आगामी नेशनल लोक अदालत में सिविल, आपराधिक एवं अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हांकित कर निराकृत किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने न्यायालयों में 5 वर्ष एवं 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित राजीनामा योग्यप्रकरणों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं, विद्युत वितरण कंपनियों, बीएसएनएल, बीमा कंपनियों एवं अन्य के द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्री-लिटिगेशन आवेदनों के पक्षकारों की प्री-सिटिंग करा अधिक-से-अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों के निराकरण की आवश्यकता बताई ताकि ऐसे मामले न्यायालय में संस्थित होने से पहले ही निराकृत हो जाये। उन्होंने कहा कि पक्षकारों की सहमति से एवं विधि अनुसार अधिक-से-अधिक राजीनामा योग्य मामलों का निराकरण करने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी का यथोचित प्रयास अपेक्षित है।मुख्य न्यायाधिपति ने उच्चतम न्यायालय में 29 जुलाई 2024 से 03 अगस्त 2024 तक विशेष लोक अदालत के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल पर उच्चतम न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ राज्य से संबंधित चिन्हांकित प्रकरणों में राजीनामा की संभावनाओं पर राज्य के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा की और समस्त प्रधान जिला न्यायाधीशों को निर्देशित किया कि विशेष रूचि लेकर पक्षकारों को नोटिस तामीली करा उनकी प्री-काउसिंलिंग इत्यादि हेतु समुचित कार्यवाही करें और सतत् निगरानी करें।इस वर्चुअल बैठक में न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने वीडियो कान्फ्रेंस में शामिल जिलों के समस्त न्यायाधीशों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें लोक अदालतों में पूर्ण उत्साह और पूर्ण क्षमता से योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से टीम वर्क के साथ कार्य करने को कहा साथ ही पिछली लोक अदालत में निराकरण हुए प्रकरणों की संख्या को बढ़ाने कहा।बैठक में न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में मामलों को चिन्हांकित कर उन्हें विधि अनुसार निराकृत करने पर जोर दिया। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 हेतु निर्धारित कैलेण्डर अनुसार आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 जुलाई 2024 को किया जा रहा है। यहां यह उल्लेखनीय होगा कि लोक अदालत उच्च न्यायालय से लेकर तहसील न्यायालयों के साथ साथ राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित किये जाते हैं।
- -स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने जारी किया परिपत्ररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्कूलों के सघन निरक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस तारतम्य में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए है। जारी परिपत्र में कहा गया है कि 26 जून 2024 से नवीन शिक्षा सत्र 2024-25 प्रारंभ हो चुका है। शिक्षा सत्र प्रारंभ से पहले ही छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध करा दिया गया है। मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रथम दिन से ही प्रारंभ कर दिया गया है। स्कूूल शिक्षा विभाग स्कूलों के लिए वार्षिक शैक्षणिक कैलेण्डर जारी कर दिया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 01 जुलाई को 2024 को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान समस्त विद्यालयों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि छात्र-छात्राओ को उच्च गुणवत्तायुक्त व परिणाम मूलक शिक्षा दी जाये एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से प्रदेश के स्कूलों में प्रभावी बनाया जाये। इसलिए यह अनिवार्य हो जाता है कि आप और आपके अधीनस्थ अधिकारियों के द्वारा स्कूलों का निरीक्षण नियमित रूप से किया जाये।निरीक्षण के संबंध में निम्नानुसार निर्देश दिए गए हैं-शाला निरीक्षण कलेण्डर जिला स्तर पर तैयार किया जाये, जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, संकुल समन्वयकों से नियमित रूप से शालाओं का निरीक्षण कर प्रतिवेदन संबंधित जिला कलेक्टर को उपलब्ध करायेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभाग के अधिकारियों को भी निरीक्षण का दायित्व दिए जाएं, शाला निरीक्षण के दौरान अधिकारी छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करेंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारी चाहें तो किसी भी एक कक्षा में अध्यापन कर सकते हैं। जारी पत्र में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान दोषी पाये गये कर्मचारियों-अधिकारियों के विरूद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही करें एवं की गई कार्यवाही से अवगत कराने कहा गया।
- -प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्याें को जल्द पूर्ण कराएं-राजमिस्त्रियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था कराएं-स्व सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए उपलब्ध होगा ऑनलाईन प्लेटफार्मरायपुर / छत्तीसगढ़ में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जिला मुख्यालयो में महिला पिंक थाने खुलेंगे। इस संबंध में विभागीय तैयारी की जा रही है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय बैठक में महिला पिंक थाने शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह थाने महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किए जाएंगे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 258 सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। ये सड़कें पिछले 5-6 वर्षों से माओवादी गतिविधियों और सुरक्षा के अभाव में अपूर्ण थीं। उन्होंने इन सड़कों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्व सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अपलोड करने और स्वयं का भी एप्लिकेशन बनाने कहा। उन्होंने रीपा में मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित समिति की जांच के बारे में जानकारी ली और स्व सहायता समूहों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को सीजीआईटी के अगले शिक्षण सत्र से प्रारंभ के लिए आवश्यक तैयारी शीघ्र पूरी करने और नोडल अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों को तेजी पूर्ण कराने के लिए राजमिस्त्रियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड को प्रशिक्षण में शामिल किया जाए। ऐसे आईटीआई जहां मेशन ट्रेनिंग के लिए पद नहीं है, ववहां मेहमान प्रवक्ता से प्रशिक्षण का कार्य करवाया जाए। उन्होंने शासकीय आदर्श आईटीआई कोनी बिलासपुर की मरम्मत पर भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में जनमन योजना के तहत बन रहे प्रधानमंत्री आवास, मानव दिवस सृजन, प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर, महतारी सदन, और तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों में मास्टर प्लान बनाने, हमर छत्तीसगढ़ योजना को पुनः शुरू करने सहित विभिन्न कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण अनुदान योजना को पुनः शुरू करने और विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन मामलों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे कभी भी, कहीं से भी रोजगार सहायता हेतु पंजीयन, नवीनीकरण और अपडेशन का कार्य ऑनलाइन किया जा सके। इस ऐप के माध्यम से आवेदकों को भौतिक सत्यापन के लिए जिला रोजगार एवं रोजगार मार्गदर्शन केंद्र आने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदक अपनी पंजीयन पत्र को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे और विभिन्न प्रकार की सूचनाएँ इस ऐप के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, रोजगार मेला और प्लेसमेंट कैंप की जानकारी भी इस ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
- -‘प्रधानमंत्री की परिकल्पना’ ‘सहकार से समृद्धि’ को साकार करने बेहतर कार्ययोजना बनाने के निर्देश-किसानों की मांग के अनुरूप खाद-बीज वितरण सुनिश्चित किया जाए-प्राइवेट बैंकों की तरह सहकारी बैंकों में भी किसानों के लिए होगी प्राथमिक सुविधाएं-सहकारी समितियों में अनियमितता बरतने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही-उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिए उपलब्ध होंगे माइक्रो एटीएम की व्यवस्थारायपुर, /सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज अटल नगर नवा रायपुर स्थित अपेक्स बैंक के सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में कहा कि प्रदेश के सभी सहकारी बैंकों को आदर्श बैंक के रूप में विकसित किया जाए। किसान धान विक्रय के बाद स्वयं का पैसा निकालने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगाकर खड़े रहते हैं। इससे शासन की छवि खराब होती है। उन्होंने अधिकारियों को सभी बैंकों में पैसा निकालने आने वाले किसानों के लिए प्राइवेट बैंक की तरह पंखे और छाया-पानी आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप ‘सहकार से समृद्धि’ को साकार करने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाई जाए और इसका बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। मंत्री श्री कश्यप ने उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आने वाले किसानों को तत्कालिक रूप से राशि उपलब्ध कराने के लिए माइक्रो एटीएम सुविधा को भी सुदृढ़ करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को तत्कालिक रूप से जरूरत के लिए उपार्जन केन्द्र में राशि मिल सके।सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने खाद-बीज वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप खाद-बीज का वितरण किया जाए। सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद-बीज का भंडारण हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि खाद-बीज के संबंध में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों में अनियमितता करने वालों के खिलाफ केवल राशि वसूली तक की कार्यवाही न हो, उन पर सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि धान उपार्जन वर्ष 2023-24 के समितियों में शेष धान का शीघ्र उठाव कर लिया जाए तथा लेखा मिलान भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 2 हजार 735 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से राज्य के 24.72 किसानों से 144.92 लाख मीटरिक टन धान का उपार्जन किया गया था, इसके एवज में किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 31 हजार 665 करोड़ 18 लाख रूपए तथा कृषक उन्नति योजना के तहत 13 हजार 260 करोड़ 55 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। कुल उपार्जित धान में से 141.92 लाख मीटरिक टन धान मिलर्स द्वारा उठाव कर लिया गया है तथा 2.48 लाख मीटरिक टन धान विपणन संघ के संग्रहण केन्द्रों में भेजा गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में 0.52 लाख मीटरिक टन धान शेष है, जिसका तेजी से उठाव किया जा रहा है। इसके साथ ही विपणन संघ एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मध्य लेखा मिलान का कार्य जारी है।अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध है। इस खरीफ वर्ष में किसानों की मांग के अनुरूप 9 लाख 13 हजार 310 मीटरिक टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरूद्ध 6 लाख 96 हजार मीटरिक टन खाद का भंडारण समितियों में किया गया है तथा 5 लाख 61 हजार 733 मीटरिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है। गत वर्ष इसी अवधि में 4 लाख 58 हजार मीटरिक खाद का वितरण किसानों को किया गया था। ज्यादा से ज्यादा किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।मंत्री श्री कश्यप ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि रिकॉगनाईज्ड चार्टेडेड एकाउंटेड के माध्यम से जल्द सहकारी समितियों का ऑडिट कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने गड़बड़ी को उजागर करने और विभाग में पारदर्शिता लाने हेतु ऑडिट व्यवस्था को दुरूस्थ करने के सुझाव भी दिए और कहा कि सहकारी समितियों में शत-प्रतिशत कम्प्यूटीकरण का कार्य किया जाए। उन्होंने नवगठित प्राथमिक साख सहकारी समितियों में गोदाम सह-कार्यालय निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि जल्द निर्माण कार्यों को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने खेतों में रासायनिक दवाईयों के छिड़काव हेतु ड्रोन पद्धति को अपनाने पर भी बल दिया। मंत्री कश्यप ने शक्कर कारखानों की समीक्षा करते हुए कहा कि कारखानों को लाभकारी बनाने और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस मौके पर कम्प्यूटीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सहकारी समितियों और बैंकों को सम्मानित किया।इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री कुलदीप शर्मा, मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री रमेश शर्मा सहित अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री रमेश बैस से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्यपाल श्री बैस को पुष्पगुच्छ और शॉल भेंटकर उनका अभिवादन किया और उनसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।
- -नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में लाएं बदलाव, परिणाममूलक कार्य करें’-उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की-स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश, कहा सर्वे में हर निकाय की रैंकिंग सुधरना चाहिए-अब हर महीने होगी सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षारायपुर. । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए काम करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में बदलाव लाते हुए परिणाममूलक कार्य करने के निर्देश दिए। श्री साव ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वे में हर निकाय की रैंकिंग में सुधार आना चाहिए। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा के लिए अब हर महीने बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक श्री कुंदन कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में कहा कि किसी भी राज्य की प्रतिष्ठा शहरों के विकास पर निर्भर करती है। दूसरे प्रदेशों के लोग शहरों में आते हैं और स्थानीय शहरों को देखकर अपने मन में राज्य की छवि गढ़ते हैं। लिहाजा आप लोगों के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। आप लोग इन संसाधनों का बेहतर से बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें। श्री साव ने नगरीय निकायों द्वारा किए जा रहे विकास और निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शहरों को विकसित करने और नागरिकों के लिए जन सुविधाएं बढ़ाने गंभीरता और सक्रियता से काम करने को कहा। उन्होंने काम में लापरवाही और लेट-लतीफी पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में शहरों में साफ-सफाई की स्थिति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नगरीय निकायों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, उनके पृथक्कीकरण, प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग और गीले कचरे से कंपोस्ट बनाने के काम में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में हर नगरीय निकाय की रैंकिंग में सुधार आना चाहिए। अच्छी स्वच्छता रैंकिंग राज्य का सम्मान है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाकर राज्य का सम्मान बढ़ाना नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने 15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की राशि का उपयोग कर शहरों की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। उन्होंने निकायों द्वारा राशि व्यय करने के दौरान शासन के सभी नियमों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, राजस्व वसूली की स्थिति, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू करने तथा प्रगतिरत कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत निर्मित मकानों में पात्र परिवारों का व्यवस्थापन जल्द से जल्द करने को कहा। श्री साव ने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने मुख्यालय में ही निवास करने के निर्देश दिए। इससे कार्यों की निगरानी नियमित रूप से और सूक्ष्मता से हो सकेगी। उन्होंने बैठक में पर्याप्त तैयारी के साथ नहीं आने वाले अधिकारियों के प्रति नाखुशी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी से और अपने पद की गरिमा के अनुरूप काम करने को कहा।नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बैठक में राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े बकायादारों को नोटिस जारी करने को कहा। उन्होंने राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा करते हुए सप्ताह में एक दिन इसके लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व वसूली में रूचि नहीं लेने वाले आर.आई. और ए.आर.आई. पर कार्रवाई करने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार ने सभी नगरीय निकायों को 15वें वित्त आयोग की शेष राशि से किए जाने वाले कार्यों की योजना बनाकर शीघ्र संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों पर संबंधित निकायों को जल्द कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने संभागीय संयुक्त संचालकों और वहां पदस्थ कार्यपालन अभियंताओं को निर्माण कार्यों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय जांच के लंबित प्रकरणों का निराकरण भी तेजी से करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ मंत्रालय में समीक्षा बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। वहीं नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, अभियंता तथा संभागीय संयुक्त संचालक अपने-अपने जिला मुख्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में जुड़े।
- -सिलेण्डर आपूर्ति कर्ता वाहन-ड्राइवर सहित पूरी जानकारी खाद्य अधिकारी को देनी होगी-100 किलो से अधिक गैस के इस्तेमाल वाले हॉटल-संस्थानों को लेना होगा विस्फोटक सुरक्षा संबंधी लाइसेंस-कलेक्टर के निर्देश पर शासकीय और निजी क्षेत्र की पेट्रोलियम वितरण कंपनियों के प्रतिनिधियों और वितरकों की बैठकरायपुर / घरेलू एवं व्यवसायिक गैस सिलेण्डरों के सुरक्षित उपयोग और भण्डारण के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर आज इस संबंध में जिले की शासकीय एवं निजी गैस वितरण कंपनियों के प्रतिनिधियों और वितरकों की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई। जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर ने बैठक की अध्यक्षता की और जरूरी निर्देश दिए। बैठक में गैस वितरण कंपनियों को सुरक्षा के निर्धारित सभी मानकों का पूरी तरह पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। इसी तरह कंपनियों को उपभोक्ताओं के अधिकार और उनकी सहुलियतों के लिए जरूरी सभी इंतजाम भी सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में अपर कलेक्टर ने घरेलू एवं व्यासायिक गैस उपभोक्ता को सिलेण्डर डिलीवरी करने पर उसकी रसीद भी अनिवार्यतः देने के निर्देश दिए ताकि रिकॉर्ड संधारित किया जा सके और विपरित परिस्थितियों में उसकी पहचान आसानी से की जा सके। इसके साथ ही अपर कलेक्टर ने जिले के सभी व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं को कंपनी द्वारा उपभोक्ता कार्ड भी अनिवार्यतः जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि व्यावसायिक रूप से गैस की आपूर्ति करने पर कार्ड में रिकॉर्ड दर्ज किया जाए। कार्ड में रिकॉर्ड दर्ज नहीं करने पर गैस की आपूर्ति अवैध मानी जाकर संबंधित कंपनी के प्राधिकारी और वितरक के साथ-साथ उपयोग कर्ता के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी गैस वितरकों से पिछले चार महीनों में व्यावसायिक गैस सिलेण्डरों की डिलीवरी संबंधी लिखित जानकारी भी वितरकों से तलब की है। बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों सहित रायपुर जिले में कार्यरत सरकारी गैस कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम कंपनी सहित समांतर निजी गैस कंपनी के प्रतिनिधि थे।एक सौ किलो एलपीजी रखने वाले हॉटल-संस्थानों को लेना होगा लाइसेंस- रायपुर जिले में एक सौ किलो या उससे अधिक एलपीजी गैस के सिलेण्डर एक साथ रखने वाले हॉटल-व्यावसायिक संस्थानों को अब सुरक्षा की दृष्टि से विस्फोटक सुरक्षा लाइसेंस लेना होगा। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर ने आज पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों और वितरकों की बैठक में इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए।श्री राठौर ने कहा कि 100 किलो से अधिक द्रवीकृत गैस के सिलेण्डर एक साथ रखने वाले संस्थानों- होटलों के पास विस्फोटक सुरक्षा लाइसेंस अनिवार्य रूप से होना चाहिए। पेट्रोलियम कंपनी और वितरक दोनां संबंधित संस्था/होटल के विस्फोटक सुरक्षा लाइसेंस की एक प्रति भी अपने पास रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इसकी आकस्मिक जांच कराई जाएगी। बिना लाइसेंस के एक सौ किलो या उससे अधिक एलपीजी एक साथ रखने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।गैस डिलीवरी करने वाले वाहन, ड्राइवर आदि की जानकारी खाद्य विभाग को देनी होगी- बैठक में अपर कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सभी गैस कंपनी-डीलर्स आगामी 15 दिनों में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर आपूर्ति करने वाले वाहनों के नंबर, ड्राइवर का नाम, वाहन का इंश्योरेंस, वाहन में लगे अग्निशामक यंत्र की नाप तौल विभाग से स्टेंपिंग की जानकारी खाद्य विभाग को लिखित रूप से उपलब्ध कराएं। हर वाहन में वजन तौलने की मशीन अनिवार्य रूप से रहे। उपभोक्ता को देने से पहले सिलेण्डर की तौल कर देना सुनिश्चित करें। सभी गैस एजेंसी अपने गोडाउन का पता और कार्यरत कर्मचारी का नाम और नंबर भी अनिवार्य रूप से खाद्य अधिकारी को प्रदान करें। पेट्रोलियम कंपनी द्वारा रायपुर जिले में गैस डीलर की जांच नियमित समय पर की जाए और जांच रिपोर्ट की एक प्रति कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा को उपलब्ध कराएं।बैठक में निर्देश दिए गए कि गैस एजेंसी सभी गैस उपभोक्ता को अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी की सुविधा देंगे। जिन लोगां के पास सिंगल सिलेंडर है उनको डबल सिलेंडर रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। उपभोक्ता को बिल अनिवार्य रूप से दिया जाए। सारे कॉमर्शियल गैस उपभोक्ताओ से केवायसी भरवाया जाए। सभी गैस डीलर अपने पास जप्तशुदा गैस सिलेंडर, भरे और खाली की जानकारी भी खाद्य अधिकारी को दें। प्राइवेट गैस डीलर अपने रेटिंग सर्टिफिकेट खाद्य अधिकारी को उपलब्ध कराएं। बैठक में अपर कलेक्टर ने घरेलू सिलेण्डरों का अनाधिकृत रूप से होने वाले व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए सभी सहायक खाद्य अधिकारी-खाद्य निरीक्षकों को सार्वजनिक रूप से ठेले, गुमटी में एक महीने के भीतर कॉमर्शियल सिलेंडर लेने का शपथ पत्र भरवाने के भी निर्देश दिए।
- -कलेक्टर ने पूछा- इलाज और दवा मिल रहा, मरीज बोले-हां मिल रहा है-ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट होगा जल्द शुरू, कलेक्टर ने जल्द पूर्ण करने दिए निर्देश-गर्भवती महिलाओं को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देशरायपुर । मां के साथ अस्पताल में पहुंचे नन्हें बच्चे को देखकर कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ठहर गए। कलेक्टर ने नन्हें बच्चे से नाम पूछा तो उसने अपना नाम गौरव बताया। इतने में कलेक्टर ने कहा कि हम दोनों एक नाम के है। कलेक्टर ने नन्हें गौरव से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा। फिर बेहतर भविष्य की कामना करते हुए आगे की पढ़ाई जारी रखने की बात कहीं। यह वाक्या धरसींवा के सामुदायिक केंद्र में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह द्वारा निरीक्षण के दौरान देखने को मिला। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कई मरीजों से बातचीत की और इलाज के बारे में जानकारी ली। सभी ने अस्पताल में बेहतर सुविधा और उपचार मिलने पर संतुष्टि जताई। कलेक्टर ने चिकित्सा कक्ष की व्यवस्थाओं को भी देखा। कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में तैयार हो रहे ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट के निर्माण कार्य को भी जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए और शुरू करने को कहा।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कुरा के हमर क्लिनिक और ग्राम बरबंदा के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मरीजों से भी बातचीत की और सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि स्टाॅक दवाओं में एक्सपायरी डेट का ध्यान रखा जाए। किसी भी मरीज को एक्सपायरी डेट की दवा वितरित न की जाए। मरीजों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे उपस्थित थे।
- -रथ के माध्यम से ग्रामीणों को डायरिया के प्रति जागरूक एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगीरायपुर / सारंगढ-बिलईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा और कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू ने कलेक्टोरेट परिसर सारंगढ़ से डायरिया नियंत्रण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ के माध्यम से ग्रामीणों को डायरिया की बीमारी के प्रति जागरूक कर उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सढ़े गले खाद्य पदार्थो के उपयोग से और बासी भोजन बचें।ज्ञातव्य है कि 01 जुलाई से डायरिया रोकथाम अभियान के अंतर्गत डायरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य, पंचायत, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के समन्वय के साथ जिले में आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम 1 जुलाई से 31 अगस्त 2024 के मध्य ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के माध्यम से 0 से 5 वर्ष के बच्चों वाले घरों में ओ आर एस पैकेट तथा जिंक टैबलेट वितरित किए जाएंगे तथा उल्टी-दस्त के दौरान बचाव के लिए पालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में डायरिया नियंत्रण के प्रभावी और कारगर कदम उठाने के लिए प्रचार रथ प्राथमिक उपचार दवाओं सहित प्रचार-प्रसार की सामग्री एवं ऑडियो सिस्टम से लैस है। यह रथ जिले में घूम-घूम कर लोगों को डायरिया से बचने के लिए जागरूक करने का कार्य करेगी। डायरिया के समय जिंक टैबलेट और ओआरएस के महत्व के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को शौचालय के पश्चात हाथ धोने की तरीके से अवगत कराया जाएगा तथा लोगों को खाने से पहले और खाने के बाद हाथ धोने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाएगा।इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक उतरी गणपत जांगडे, एसपी पुष्पक शर्मा, परियोजना निर्देशक हरिशंकर चौहान, सीएमएचओ डॉ अवधेश पाणिग्राही,बीएमओ डॉ सिदार, ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक एन एल इजारदार एवं जिला प्रशासन के अधिकारी सहित सभी विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
- -हर पंचायतों में सप्ताह में एक दिन स्व सहायता समूहों के माध्यम से चलाएं स्वच्छता अभियान-जिला नोडल अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों, छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का करें निरीक्षणरायपुर,।गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने विभागवार योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की है। उन्होंने खसरा पुनः क्रमांकन, व्यववर्तन, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, विवादित बटवारा, अविवादित बटवारा, विवादित नामांतरण, अविवादित नामंत्रण, सीमांकन, लोक सेवा गारंटी केंद्र से संबंधित सेवाओं की समीक्षा के दौरान प्रकरण लंबित पाए जाने पर सभी तहसीलदारों को निराकरण में प्रगति लाने के साथ ही कहा कि एक सप्ताह के भीतर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति नहीं लाने पर असंचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोका जाएगा।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और अप्रारंभ कार्यों को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नवीन परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण, ग्राम सभा में ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम घोषित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य समूह की महिलाओं से कराने तथा सप्ताह में एक दिन हर ग्राम पंचायतों में स्व सहायता समूहों के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में ऐसे लगभग 98 हजार लोग जिनके आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनका शतप्रतिशत कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाने तथा स्कूलों में कैंप लगाकर स्कूली बच्चों का आयुष्मान कार्ड बनाने कहा। उन्होंने टीबी, सिकल सेल एनीमिया की जांच एवम उपचार तथा हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समुचित देखरेख एवं संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए। उन्होनें पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत शेष रह गए 38 का कार्य पंजीकृत स्व सहायता समूह की महिलाओं को आवंटित करने कहा। साथ ही समग्र शिक्षा के प्रगति रत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने चेक लिस्ट के अनुसार दस्तावेज प्राप्त कर आवेदन पोर्टल में अपलोड कराने कहा।कलेक्टर ने सभी जिला नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करने और निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण प्रतिवेदन भेज ने कहा। उन्होंने पीडीएस दुकानों में खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण, किसानों द्वारा अधिक से अधिक खाद एवं बीज का उठाव कराने, सभी किसानों ई केवाईसी एवं आधार अपडेशन, पशुओं का टीकाकरण, आवारा पशुओं पर नियंत्रण एवम दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सड़कों पर बैठे से पशुओं को हटाने के निर्देश दिए।उन्होंने सड़कों की मरम्मत, जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन हेतु खोदे गए गड्ढों का समतलीकरण, निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की समुचित आपूर्ति, जल शक्ति अभियान कैच द रेन के तहत भूजल स्तर बढ़ाने वर्षा जल संचयन के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।



.jpg)





.jpg)















.jpg)
.jpg)