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- -दिव्यांग सनी कुर्रे को भी मिली नौकरी, सपने होंगे पूरेबिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मेगा प्लेसमेंट कैंप से कई युवाओं को रोजगार मिल गया है। सालों से रोजगार की तालाश में भटक रहे बेरोजगारों के लिए प्लेसमेंट कैंप ने नई दिशा दिखाई है। इस कैंप के जरिए युवाओं और उनके परिवारों ने आंखों में जो सपने संजोए थे वे पूरे होने लगे है। इन्हीं युवाओं में भारतीय नगर निवासी दिव्यांग श्री सनी कुमार कुर्रे भी शामिल है।25 वर्षीय श्री सनी ने बताया कि उन्हें जब मेगा प्लेसमेंट कैंप के आयोजन की जानकारी मिली तब उन्होंने बिना देरी किए इसमें शामिल होने का निर्णय लिया। आज उन्हें रोजगार मिल गया हैं। श्री श्याम अस्पताल के डायरेक्टर ने आज उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्हें बिलिंग स्टाफ के रूप में काम दिया गया है। वे कहते है कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इतनी अच्छी जगह उन्हें नौकरी मिल जाएगी। वर्ष 2012 में अपने साथ हुई दुर्घटना को याद कर वे आज भी सहम जाते हैं। इसके पहले वे पूरी तरह स्वस्थ थे लेकिन जुलाई 2012 में उनके जीवन में ऐसी दुर्घटना हुई कि उनकी पूरी दुनिया ही बिखर चुकी थी। अपने भाई के जन्मदिन पर वे गैस बलून लेने गए थे अचानक सिलेंडर ब्लास्ट हुआ और इस दर्दनाक हादसे में उन्होंने अपने दोनों पैर गंवा दिए। घर के बड़े बेटे के साथ हुए इस हादसे ने माता-पिता को झकझोर के रख दिया। श्री कुर्रे के परिवार में अभी आठ लोग रहते है। संयुक्त परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी श्री कुर्रे और उनके पिता पर ही है। इसके पहले श्री कुर्रे छोटा मोटा काम करके गुजर-बसर करते थे। उन्हें समाज कल्याण विभाग से ट्राईसिकल भी मिली है।इस नौकरी के मिल जाने से उन्हें और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। श्री कुर्रे इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को धन्यवाद देते नहीं थकते है। वे कहते है कि सरकार ने हम जैसे बेरोजगारों की सुध ली है। सरकार की पहल पर ही इस तरह के रोजगार कैंप का आयोजन किया जा रहा है जो निश्चित ही उन जैसे बेरोजगारों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। प्लेसमेंट कैंप के नोडल अधिकारी तन्मय खन्ना ने बताया कि 1700 युवाओं को कैंप में ऑफर लेटर मिला था। उन्हें शनैः शनैः निजी कंपनियों द्वारा नियोजित किया जा रहा है।
- बालोद। , देश में 01 जुलाई 2024 से लागू हो रहे तीन महत्वपूर्ण कानून के जागरूकता के संबंध में आज नगर पालिका दल्लीराजहरा एवं नगर पंचायत अर्जुंदा में जागरूकता अभियान कार्यशाला का आयोजन कर नवीन कानून के संबंध में जानकारी दी गई। जिसमें उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों को 01 जुलाई 2024 से लागू हो रहे तीन महत्वपूर्ण कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 एंव भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
- बालोद।कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार एवं जिला आबकारी अधिकारी श्री राजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में बालोद जिले में अवैध मदिरा निर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रेताओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी श्री राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि जून माह मे जिले में कुल 127 जगहों में छापामार कार्रवाई की गई, जिसमें आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 87 प्रकरण दर्ज कर कुल 52.86 लीटर मदिरा एवं 01 वाहन जप्त की गई है। जिसमें सार्वजनिक स्थलों में मदिरापान के 67 प्रकरण, गुमटी, होटल, ढाबों में अवैध रूप से मदिरा पिलाने के 12 प्रकरण, मदिरा कोचियों के विरुद्ध कार्रवाई के 08 प्रकरण तथा जेल दाखिल के 01 प्रकरण शामिल है। उन्होंने बताया कि जिले में शराब के अवैध निर्माण, धारण, विक्रय, परिवहन एवं अवैध रुप से मद्यपान की सुविधा उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक स्थल पर मदिरापान करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण करने आबकारी अमले द्वारा सघन गश्त एवं छापे की कार्रवाई की जा रही है। जिले में संचालित मदिरा दुकानों का नियमित रुप से औचक निरीक्षण एवं जांच कर किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। file photo
- बालोद। , छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। जिसके अंतर्गत पात्र खिलाड़ी राज्य खेल अंकरण पुरस्कार वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 हेतु अब 10 जुलाई तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी सुश्री प्राची ठाकुर ने बताया कि खिलाड़ियों को अलग-अलग वर्षों के लिए अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्रों का प्रारूप विभाग की वेबसाइट स्पोट्र्सवायडब्ल्यू डाॅट सीजी डाॅट जीओवी डाॅट इन पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पूर्व में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2024 तक निर्धारित की गई थी। जिसे संशोधित करते हुए अब खिलाड़ी निर्धारित प्रारूप में 10 जुलाई 2024 तक संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम जी.ई. रोड, रायपुर,या कार्यालय खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान बालोद में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।उल्लेखनीय है कि राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के अंतर्गत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में कोई पदक प्राप्त किया गया है या अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया गया हो उन्हें शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कोई पदक प्राप्त किया गया हो शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने विगत 05 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग राष्ट्रीय चैम्पियनशीप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा। खेल से जुड़े 55 वर्ष से अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या ऐसी कोई उल्लेखनीय सेवा खेल के क्षेत्र में की हो उन्हें शहीद विनोद चैबे सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्राॅफी प्रदान की जाती है।
- बालोद। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 05 जुलाई 2024 को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बैठक में सर्व संबंधितो को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होने को कहा है।
- -रोपे गए पौधों का समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद ।जिल में चलाए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, गणमान्य नागरिक श्री पवन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने आज करकाभाट स्थित दंतेश्वरी मईया शक्कर कारखाना में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने सम्पूर्ण जीव जगत के लिए पेड़-पौधों की महत्ता एवं उपयोगिता के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि मात्र पौधों का रोपण करना ही पर्याप्त नही है वरन् उनका सुरक्षा एवं देखभाल करना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शक्कर कारखाना के अधिकारी-कर्मचारियों को रोपे गए पौधों का समुचित देखभाल सुनिश्चित करने प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती प्रेमलता साहू, एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल, कारखाना प्रबंधक श्री राजेन्द्र प्रसाद राठिया सहित गणमान्य नागरिक श्री तोमन साहू, श्री राकेश यादव, श्री छगन देशमुख, श्री त्रिलोकी साहू, श्री जितेन्द्र साहू तथा उप संचालक कृषि श्री जीएस धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- अंतर विभागीय समन्वय से किए जाएंगे सड़क दुर्घटना की रोकथाम हेतु प्रभावी उपायबालोद, । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार बालोद जिले को दुर्घटना मुक्त जिला बनाने के संबंध में आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक के कक्ष में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के फलस्वरूप जिले में सड़क दुर्घटना के मामलों में कमी आने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। इस दौरान बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर जिले में सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में उपस्थित अधिकारियों के द्वारा अंतर विभागीय समन्वय से जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने की बात कही। बैठक में एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी, एसडीएम बालोद श्रीमती शीतल बंसल, एसडीएम गुरूर श्रीमती पूजा बंसल, एसडीएम डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल, एसडीएम गुण्डरदेही श्री सुरेश साहू, एसडीओपी बालोद एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी के अलावा लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा पुलिस विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने जिले के सभी एसडीएम, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तथा अन्य विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से सप्ताह में एक बार जाँच अभियान चलाने को कहा। इस दौरान उन्होंने शराब पीकर एवं लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई तथा नाबालिकों को वाहन चलाने की अनुमति नही देने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों को आवश्यकतानुसार मार्ग में संकेतक लगाने तथा गति अवरोधक आदि का निर्माण कराने के भी निर्देश दिया गया। इसके अलावा रात्रि के समय शहर के स्ट्रीट लाईट को पूरे समय चालू रखने तथा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों का तत्काल उपचार कराने को कहा गया। बैठक में परिवहन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को जिले के स्कूल, काॅलेज, हाट बाजार तथा भीड़-भाड़ वाले इलाकों पर नियमित रूप से सड़क जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिया गया।बैठक में एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी ने जिले को सड़क दुर्घटना से मुक्त बनाने हेतु आवश्यक सुझाव दिए एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को आपसी सहयोग से जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि हिट एण्ड रन के नए प्रावधान के तहत सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के परिजन को 02 लाख रुपये तथा घायल व्यक्तियों को 50 हजार रुपये की राशि प्रदान किया जाएगा। बैठक मंें जिले में सड़क दुर्घटना के कारण होने वाले आकस्मिक जन क्षति के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। बैठक में प्रत्येक माह के अंतिम शुक्रवार को सड़क दुर्घटना समिति की बैठक आयोजित करने के संबंध में जानकारी दी गई।
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- किसानों और कृषि क्षेत्र के हित में छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहायता देती रहेगी केंद्र सरकार
-दलहन, तिलहन, बागवानी को बढ़ावा देने पर दिल्ली में केंद्र-राज्य के बीच बैठक में हुई चर्चा-केन्द्रीय कृषि मंत्री ने छत्तीसगढ़ में खाद-बीज उपलब्धता की ली जानकारी-डीएपी खाद की कमी को दूर करने के दिए निर्देश-छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रस्ताव पर बागवानी और मक्का के क्षेत्र में विस्तार पर सहमति-सोयाबीन की खेती को दिया जाएगा बढ़ावारायपुर, / देश में कृषि क्षेत्र की तेजी से प्रगति के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यवार चर्चा की पहल की है। आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय मंत्री ने बैठक की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में दलहन, तिलहन, बागवानी फसल को बढ़ावा देने के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े अन्य अनेक विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों व कृषि क्षेत्र का हित हमारे लिए सर्वाेपरि है और इसी के तहत छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार हरसंभव सहायता देती रहेगी।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान की, छत्तीसगढ़ के मंत्री श्री नेताम के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, दलहन, तिलहन, बागवानी, नमो ड्रोन दीदी, आयल पाम मिशन सहित भारत सरकार की अन्य योजनाओं व कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को केन्द्रीय स्तर पर कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी, इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार मिल-जुलकर काम करते रहेंगे। श्री चौहान ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अपने स्तर पर पूरा सहयोग देगा। उन्होंने दलहन व तिलहन को प्रोत्साहित करने की केन्द्र सरकार की नीति का उल्लेख भी किया। श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मक्का व सोयाबीन को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खरीफ सीजन में खाद-बीज आदि आदानों की पर्याप्त उलब्धता रहेगी, इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।बैठक में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रस्ताव पर बागवानी और मक्का के क्षेत्र विस्तार पर सहमति प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ में सोयाबीन की फसल की संभावना को देखते हुए सोयाबीन की फसल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मंत्री श्री नेताम ने प्रदेश में खाद-बीज की उपलब्धता, भण्डारण और वितरण के संबंध में केन्द्रीय कृषि मंत्री को अवगत कराया। साथ ही उन्होंने इस मौके पर राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित किए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव श्री संजीव चोपड़ा सहित केंद्र व राज्य के कृषि एवं बागवानी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। - रायपुर । उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम घोठिया में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल एवं मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए तैयार की गई ड्राइंग-डिजाईनिंग का अवलोकन किया। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ड्राइंग-डिजाइनिंग का अवलोकन करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए राज्य स्तर पर इसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस माह के अक्टूबर तक निविदा की प्रक्रिया पूरी होनी की संभवना है, इसके बाद मेडिकल कॉलेज के लिए भूमिपूजन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य के लिए आवश्यक सभी प्राक्रिया करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कबीरधाम जिले के ग्राम घोठिया में राज्य शासन द्वारा नवीन मेडिकल कॉलेज के लिए लगभग 40 एकड़ जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए आबंटित की गई है। कबीरधाम में नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा लागत राशि 306.23 करोड़ रूपए चिकित्सा महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की है।निरीक्षण दौरान राज्य शासन के सीजीएमएससी के एमडी श्रीमती पदमनी भोई साहू के द्वारा मेडिकल कॉलेज के लिए तैयार की गई कॉलेज, प्रशासनिक भवन, छात्रावास सहित सभी नक्शा का अवलोकन कराया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निरीक्षण पश्चात प्रशासनिक अफसरों के साथ जिला अस्पताल का निरीक्षण किया और मेडिकल कॉलेज के निर्माण एवं अगले शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के संबंध में बैठक ली।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए वर्तमान में जिला चिकित्सालय कबीरधाम में संचालित अस्पताल को अपग्रेड करने की कार्यवाही किया जाना आवश्यक है। क्योंकि वर्तमान व्यवस्था में महाविद्यालय की न्यूनतम अहर्ताएं पूरी नहीं की जा सकती। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विगत दिनों स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया था कि जिला चिकित्सालय कबीरधाम में उपलब्ध बिस्तरों के साथ-साथ समीपस्थ आयुष विभाग के भवन जिसे पूर्व में जिला चिकित्सालय द्वारा कोविड केयर सेन्टर के रूप में संचालित किया जा चुका है, को भी अतिरिक्त 100 बेड अस्पताल में अपग्रेड किया जा सकता है, ताकि चिकित्सा महाविद्यालय संचालन में न्यूनतम मानक की प्रतिपूर्ति हो सके।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की उच्च न्यायालय भवन में स्थित शाखा का अवलोकन किया गया।उल्लेखनीय है कि 01 जुलाई 1955 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना हुई थी जिसके उपलक्ष्य में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से डिप्टी जनरल मैनेजर श्री आलोक रंजन द्वारा पुष्प गुच्छ से मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा का स्वागत किया गया। हाल ही में उच्च न्यायालय स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में नवीन साज-सज्जा की गई है तथा शाखा में एक व्ही.आई.पी. लाउंज भी बनाया गया है। बैंक के अधिकारीगणों द्वारा मुख्य न्यायाधिपति को बैंक परिसर तथा व्ही.आई.पी. लाउंज का भ्रमण कराया गया तथा ग्राहकों हेतु इस शाखा में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्रदान की।भ्रमण के दौरान रजिस्ट्रार जनरल श्री बलराम प्रसाद वर्मा, एडिशनल रजिस्ट्रार (प्रशासन) श्री अवध किशोर, संयुक्त रजिस्ट्रार कम पीपीएस श्री एम.वी.एल.एन सुब्रहमन्यम, कोर्ट ऑफिसर श्री एफ.के. बिसेन, प्रोटोकॉल अधिकारी श्री आर.एस. नेगी, श्री विजय प्रकाश पाठक, सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी व अन्य उपस्थित रहे। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर श्री आनंद प्रियदर्शनी, ब्रांच मैनेजर श्रीमती प्रियंका सिंह बेरू व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा कार्य-व्यवस्था में सुधार हेतु निरंतर प्रयासरत् हैं। पूर्व में भी उनके मार्गदर्शन व दिशा-निर्देश में उच्च न्यायालय तथा जिला न्यायालयों में अधिवक्ताओं, पक्षकारों, अधिकारियों व कर्मचारियों के हितार्थ अनेकों सुविधाओं यथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पोस्ट ऑफिस इत्यादि की स्थापना व विस्तार किया गया है।
- -योजनाओं और विकास कार्यों की करेंगे मॉनिटरिंगरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए प्रभारी सचिव नियुक्त किए गए हैं। राज्य शासन द्वारा राज्य के सभी 33 जिलों के लिए अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, संचालक, विशेष सचिव को जिले का प्रभार दिया गया है। संबंधित जिले के प्रभारी सचिव, जिले में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की सतत् मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके। प्रभारी सचिव अपने भ्रमण के संबंध में एक संक्षिप्त टीप प्रतिमाह मुख्य सचिव को प्रस्तुत करेंगे।सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले को धमतरी जिला का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू को दुर्ग, श्रीमती ऋचा शर्मा को बस्तर, श्री मनोज कुमार पिंगुआ को बिलासपुर जिला, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक को रायपुर जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा को जांजगीर चांपा, सचिव श्रीमती शहला निगार को महासमुंद, डॉ. कमलप्रीत सिंह को रायगढ़, श्री परदेशी सिद्धार्थ कोमल को बलौदाबाजार-भाटापारा, श्री अविनाश चंपावत को राजनांदगांव, श्री प्रसन्ना आर. को कबीरधाम, श्री अम्बलगन पी. को जशपुर, श्रीमती अलरमेलमंगई डी. को कोरबा, श्री एस. प्रकाश को कोरिया, श्री नीलम नामदेव एक्का को सारंगढ़-बिलाईगढ़, श्री अंकित आनंद को बालोद, डॉ. सी. आर. प्रसन्ना को बेमेतरा, श्री भुवनेश यादव को सूरजपुर, सचिव श्री एस. भारतीदासन को मुंगेली जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है।सचिव सुश्री शम्मी आबिदी को कांकेर, श्री हिमशिखर गुप्ता को गरियाबंद, मोहम्मद कैसर अब्दुलहक को गौरला-पेण्ड्रा-मरवाही, श्री यशवंत कुमार को बलरामपुर-रामानुजगंज, श्री नरेन्द्र दुग्गा को सुकमा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री भीम सिंह को कोण्डागांव, संचालक (कोष एवं लेखा) श्री महादेव कावरे को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, विशेष सचिव श्रीमती किरण कौशल को दंतेवाड़ा, संचालक श्री सौरभ कुमार को सक्ती, संचालक श्री सुनील कुमार जैन को सरगुजा, विशेष सचिव श्री जयप्रकाश मौर्य को मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, विशेष सचिव श्री सारांश मित्तर को बीजापुर और विशेष सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो को नारायणपुर, विशेष सचिव श्री रमेश कुमार शर्मा को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है।
- -उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सहसपुर लोहरा में नव निर्मित थाना भवन का किया लोकार्पण-तीन नए कानूनों के लागू होने पर कबीरधाम में मनाया गया उत्सवरायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा में देश में तीन आपराधिक कानूनों के लागू होने पर आज उत्सव मनाया एवं सहसपुर लोहारा में नवीन पुलिस थाना भवन का लोकार्पण भी किया। नए कानूनों के लागू होने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि कानून भारतीय न्याय प्रणाली में एक नई क्रांति लाएगा। इससे न केवल अपराधों की जांच में तेजी आएगी बल्कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा भी मिल सकेगी। नए कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों को न्याय पाना और भी आसान होगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा में सुधार लाना है। इसके तहत नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है, जिससे कानून का पालन करना और उसकी रक्षा करना आसान होगा। भारतीय न्याय संहिता का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है ताकि नागरिकों को त्वरित न्याय मिल सके। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम होगी। उप मुख्यमंत्री ने इस दौरान आज से लागू होने वाले तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सरल करने के लिए लाया गया है। नये तीनों कानून, न्याय और नागरिक सुरक्षा के लिए लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नये कानून के साथ हम सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगे तो ज्यादा बेहतर काम कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यतः पुराने कानून ब्रिटिश काल से चले आ रहे थे। जिसे प्रासंगिक बनाने के लिए एवं निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का समाधान करने के लिए परिवर्तन किया गया है। इस बदलाव से अपराधियों के खिलाफ एफआईआर करने में दिक्कत नहीं होगी तथा गंभीर अपराधियों को प्रक्रिया का पालन कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सहसपुर लोहारा का नया थाना भवन क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस भवन से पुलिस बल को अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी तरीके से संपन्न करने में सहायता मिलेगी। इस तरह के प्रयास स्थानीय निवासियों के बीच सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देते हैं और सरकार की कानून और व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि इससे पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और नागरिकों को त्वरित और प्रभावी सेवा प्रदान की जा सकेगी।
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बिलासपुर /जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदन के छानबीन के क्रम में सात दिवस के भीतर आमजनों से दावा-आपत्ति मंगाई है।
सीईओ ने बताया कि जिला सहकारी बैंक मर्यादित में लिपित सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत स्व. श्री अनूप कुमार तिवारी के परिवार से उनकी पत्नी श्रीमती त्वरिता तिवारी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया है। आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवक के अश्रित परिवार में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने की सूचना है, तो वे सात दिवस के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नेहरू चौक बिलासपुर पिन कोड-495001 मंे बंद लिफाफे एवं स्वयं उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है ताकि समय पर नियमानुसार कार्यवाही हो सके। - बिलासपुर, /जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदन के छानबीन के क्रम में सात दिवस के भीतर आमजनों से दावा-आपत्ति मंगाई है।सीईओ ने बताया कि जिला सहकारी बैंक मर्यादित में लिपिक सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत स्व. श्री अनूप कुमार तिवारी के परिवार से उनकी पत्नी श्रीमती त्वरिता तिवारी ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया है। आमजनों की जानकारी में यदि दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार में यदि कोई सदस्य राज्य अथवा केन्द्र की शासकीय सेवा में कार्यरत होने या किसी भी प्रकार के अपराधिक/न्यायालीन प्रकरण होने की सूचना हो तो वे सात दिवस के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नेहरू चौक बिलासपुर पिन कोड-495001 को बंद लिफाफे एवं स्वयं उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है ताकि समय पर नियमानुसार कार्यवाही हो सके।
- -दंड से न्याय की ओरः भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) होगीदुर्ग / पुलिस नियंत्रण कक्ष सेक्टर-6 में नवीन आपराधिक कानूनों को आज से लागू किए जाने के उपलक्ष्य में पुलिस विभाग के द्वारा कार्यशाला का आयोजित किया गया था। नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) आज से प्रभावी हो रहे हैं। ये कानून क्रमशः भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को निरस्त और प्रतिस्थापित करेंगे। आईपीसी में 511 धाराएं थी लेकिन भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। धाराओं का क्रम बदला गया है। रात बारह बजे के बाद जो भी आपराधिक घटनाएं हुई है, उनमें नए कानून के अनुसार प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। नए कानून में वैसे तो बहुत बदलाव हुए हैं, खास बात यह भी है कि संगीन अपराधों में सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी डरा-धमकाकर व लालच आदि के दम पर समझौते कर लेते हैं और फिर पीड़ित व गवाह मुकर जाते हैं, अब यह आसान नहीं होगा। अब पुलिस के लिए विवेचना में घटनास्थल पर पहुंचने से लेकर हर कदम पर वीडियो रिकार्डिंग व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित करने की बाध्यता है और अदालत में ट्रायल के दौरान मजबूत साक्ष्य होंगे। कार्यशाला में विधायक श्री गजेन्द्र यादव और श्री रिकेश सेन, संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी एवं एसपी श्री जितेन्द्र शुक्ला सम्मिलित हुए।विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नए कानून के लागू होने पर उपस्थित नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने दण्ड से न्याय की ओर वाक्यांश की सराहना करते हुए इसके प्रति नागरिकों की जागरूकता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नए कानून से नागरिकों को समय पर न्याय मिल पाएगा यह सबसे अधिक लाभकारी तथ्य है।विधायक श्री रिकेश सेन ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है एवं इसके हर नागरिक को कानून की इतनी समझ होना अति आवश्यक है कि वह अपने साथ या अपने आस-पास हो रहे अपराधिक प्रकरणों को समझ सके और कानूनी मदद ले सके। उन्होंने सभी नागरिकों से नए कानूनों के विषय में पढ़ने और समझने की अपील की।कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए नए कानून के तहत लाए गए प्रावधानों की सराहना की। उन्होंने कहा इन कानूनों के बनने का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक कि नागरिकों को इनका ज्ञान होगा। उन्होंने सभी नागरिकों को कानून के प्रति स्वयं सजग रहने एवं आस-पास के लागों को भी जागरूक करने की बात कही।आई जी श्री रामगोपाल गर्ग ने नए कानून के तहत लागू हुए ई-एफआईआर प्रावधान, इसके महत्व और लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। पुलिस प्रशासन एवं न्यायालय के उत्तरदायित्व को भी बताया और नागरिकों को आश्वासित किया कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पुलिस प्रशासन पूरा प्रयास करेगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने भारतीय न्याय संहिता के तहत महिला एवं बाल अपराध से संबंधित परिवर्तित धाराओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकों को आश्वासन देते हुये कहा कि जिला प्रशासन परिवर्तित किए गए प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही करना सुनिश्चित करेगा ताकि जिस उद्देश्य से प्रावधानों में परिवर्तन किया गया है उसकी पूर्ति हो सके।कार्यशाला में एडीएम श्री अरविंद एक्का, डीएफओ श्री चंद्रशेखर परदेशी, भिलाई नगर निगम आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) होगीः आईपीसी में 511 धाराएं थी लेकिन भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। धाराओं का क्रम बदला गया है। सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता कहलाएगी। सीआरपीसी में 484 धाराएं थीं। नए कानून में अब 531 धाराएं होंगी। भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के नाम से जाना जाएगा। पुराने अधिनियम में 167 प्रावधान थे। नए में 170 प्रावधान हो गए हैं। इनमें डिजिटल साक्ष्यों का महत्व बढ़ाया गया है।विवेचना में वीडियो साक्ष्य बेहद जरूरीः पुलिस अब तक घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन व पब्लिक के किसी भी गवाह के बयान अपने अनुसार लिख लेती थी। मगर अब सब कुछ वीडियो कैमरे की निगरानी में होगा। इससे अदालत में इन साक्ष्यों को झुठलाया नहीं जा सकेगा और न ही उनमें किसी तरह का हेरफेर किया जा सकेगा।एक जुलाई से दर्ज मुकदमों का ट्रायल नए कानून सेः नए कानून के अनुसार जो मुकदमे दर्ज होंगे, उनका ट्रायल भी नए कानून से होगा। जो मुकदमे 30 जून की रात 12 बजे के पहले पुराने कानून से दर्ज हुए है। उनका ट्रायल पुराने कानून से ही होगा। अलीगढ़ दीवानी न्यायालय के 40 हजार मुकदमे पुराने कानून से चलाए जाएंगे।अब गवाह को ऑनलाइन समन-गवाही की सहूलियतः नए कानून में सबसे अधिक सुविधा गवाह व वादी को दी गई है। अगर गवाह को सूचना नहीं मिल पा रही है तो वह व्हाट्सएप पर मिलने वाले समन व वारंट को भी प्राप्त होना माना जाएगा। अगर वह नहीं आ पा रहा है तो जिस जिले में मौजूद है, वहां के न्यायालय के वीडियो कान्फ्रेसिंग सेंटर से ऑनलाइन गवाही दे सकता है। नए कानून में काफी कुछ बदलाव हुए हैं। इनमें सबसे खास बात यही है कि नए कानून के अनुसार नए मुकदमों का ट्रायल चलेगा, जबकि पुराने मुकदमों में पुराने कानून से ट्रायल चलेगा। नए कानून में बहुत से ऐसे बदलाव हुए हैं, जो संगीन मामलों में अपराधियों के लिए मुश्किल भरे हैं। जिनमें वीडियो व वैज्ञानिक साक्ष्यों के चलते अब अदालत के बाहर समझौता करना आसान नहीं होगा। पुलिस के विवेचकों को नए कानून को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है। साथ में मुंशियानों में काम करने वाले स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया है। दुष्कर्म में पीड़ित की मृत्यु व अपंगता पर मृत्युदंड की सजा होगी। पहले से हत्या में सजायाफ्ता को दूसरी हत्या में उम्रकैद या मृत्युदंड, दुष्कर्म-छेड़खानी पीड़िता के बयान महिला मजिस्ट्रेट ही दर्ज करेंगी, महिला मजिस्ट्रेट न होने पर किसी महिला कर्मी की मौजूदगी जरूरी, अब किसी भी घटनास्थल का मुकदमा किसी भी थाने में दर्ज हो सकेगा, ऑनलाइन-व्हाट्सएप के जरिये भेजी तहरीर पर दर्ज करनी होगी रिपोर्ट, महिला और बाल अपराध में दो माह में करनी होगी विवेचना पूर्ण, जेल जाने के 40 दिन के अंदर पीसीआर लेने की सुविधा तय, गवाह या वादी को व्हाट्सएप पर ही समन-वारंट भेजा जाना मान्य, हर घटना की जांच में वीडियो फुटेज-वैज्ञानिक साक्ष्य पहले दिन से करने होंगे तैयार, केस डायरी में भी शामिल होंगे। इसके अलावा घटनास्थल, बरामदगी, पब्लिक की गवाही, वादी की गवाही, पीसीआर पर बरामदगी के वीडियो फुटेज बनाने होंगे।धाराओं में भी कई बदलाव किए गए है। जिनमें महिला संबंधी अपराधों में आईपीसी 354 बीएनएस 74 में, आईपीसी 354ए बीएनएस 75 में, आईपीसी 354बी बीएनएस 76 में, आईपीसी 354सी बीएनएस 77 में, आईपीसी 354डी- बीएनएस 78 में, आईपीसी 509 बीएनएस 79 में बदल गए है। इसी प्रकार चोरी संबंधी अपराध आईपीसी 379 बीएनएस 303(2) में, आईपीसी 411 बीएनएस 317(2) में, आईपीसी 457 बीएनएस 331(4) में, आईपीसी 380 बीएनएस 305 में बदल गए है। लूट संबंधी अपराध आईपीसी 392 बीएनएस 309(4) में, आईपीसी 393 बीएनएस 309(5) में, आईपीसी 394 बीएनएस 309(6) में बदल गए है। हत्या-आत्महत्या संबंधी अपराध आईपीसी 302 बीएनएस 103(1) में, आईपीसी 304(बी) बीएनएस 80(2) में, आईपीसी 306 बीएनएस 108 में, आईपीसी 307 बीएनएस 109 में, आईपीसी 304 बीएनएस 105 में, आईपीसी 308 बीएनएस 110 में बदल गए है। धोखाधड़़ी संबंधी अपराध आईपीसी 419 बीएनएस 319(2) में, आईपीसी 420 बीएनएस 318(4) में, आईपीसी 466 बीएनएस 337 में, आईपीसी 467 बीएनएस 338 में, आईपीसी 468 बीएनएस 336(3) में, आईपीसी 471 बीएनएस 340(2) में बदल गए है। ठग 420 नहीं 316 कहलाएंगे, हत्यारों को 302 नहीं 101 में सजा मिलेगी। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में धाराएं 358 रह गई हैं। आपराधिक कानून में बदलाव के साथ ही इसमें शामिल धाराओं का क्रम भी बदल जाएगा।तीनों नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम कहे जाएंगे, जिसने क्रमशः भारतीय दंड संहिता (1860), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (1898) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (1872) का स्थान लिया है। कानूनों में प्रभावी होने के साथ ही इनमें शामिल धाराओं के क्रम भी बदल गए है। भारतीय दंड संहिता में 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता में धाराएं 358 रह गई हैं। संशोधन के जरिए इसमें 20 नए अपराध शामिल किए हैं, तो 33 अपराधों में सजा अवधि बढ़ाई है। 83 अपराधों में जुर्माने की रकम भी बढ़ाई है। 23 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान है। छह अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान किया गया है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को 12 दिसंबर 2023 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन संशोधित आपराधिक विधियकों को पेश किया था। इन विधेयकों को लोकसभा ने 20 दिसंबर, 2023 को और राज्यसभा ने 21 दिसंबर, 2023 को मंजूरी दी।धारा 124ः आईपीसी की धारा 124 राजद्रोह से जुड़े मामलों में सजा का प्रावधान रखती थी। नए कानूनों के तहत राजद्रोह को एक नया शब्द देशद्रोह मिला है यानी ब्रिटिश काल के शब्द को हटा दिया गया है। भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 7 में राज्य के विरुद्ध अपराधों कि श्रेणी में देशद्रोह को रखा गया है।धारा 144ः आईपीसी की धारा 144 घातक हथियार से लैस होकर गैरकानूनी सभा में शामिल होना के बारे में थी। इस धारा को भारतीय न्याय संहिता के अध्याय 11 में सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में रखा गया है। अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 187 गैरकानूनी सभा के बारे में है।धारा 302ः पहले किसी की हत्या करने वाला धारा 302 के तहत आरोपी बनाया जाता था। हालांकि, अब ऐसे अपराधियों को धारा 101 के तहत सजा मिलेगी। नए कानून के अनुसार, हत्या की धारा को अध्याय 6 में मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराध कहा जाएगा।धारा 307ः नए कानून के अस्तित्व में आने से पहले हत्या करने के प्रयास में दोषी को आईपीसी की धारा 307 के तहत सजा मिलती थी। अब ऐसे दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत सजा सुनाई जाएगी। इस धारा को भी अध्याय 6 में रखा गया है।धारा 376ः दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को पहले आईपीसी की धारा 376 में परिभाषित किया गया था। भारतीय न्याय संहिता में इसे अध्याय 5 में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में जगह दी गई है। नए कानून में दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को धारा 63 में परिभाषित किया गया है। वहीं सामूहिक दुष्कर्म को आईपीसी की धारा 376 डी को नए कानून में धारा 70 में शामिल किया गया है।धारा 399ः पहले मानहानि के मामले में आईपीसी की धारा 399 इस्तेमाल की जाती थी। नए कानून में अध्याय 19 के तहत आपराधिक धमकी, अपमान, मानहानि, आदि में इसे जगह दी गई है। मानहानि को भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 में रखा गया है।धारा 420ः भारतीय न्याय संहिता में धोखाधड़ी या ठगी का अपराध 420 में नहीं, अब धारा 316 के तहत आएगा। इस धारा को भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 17 में संपत्ति की चोरी के विरूद्ध अपराधों की श्रेणी में रखा गया है।सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम में महत्पूर्ण बदलाव किए गए है। जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की जगह अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ने ले ली है। सीआरपीसी की 484 धाराओं के बदले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं हैं। नए कानून के तहत 177 प्रावधान बदले गए हैं जबकि नौ नई धाराएं और 39 उपधाराएं जोड़ी हैं। इसके अलावा 35 धाराओं में समय सीमा तय की गई है। वहीं, नए भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 170 प्रावधान हैं। इससे पहले वाले कानून में 167 प्रावधान थे। नए कानून में 24 प्रावधान बदले हैं।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में पदस्थ भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी श्री एम. भार्गव (भा.प्र.से.) सहायक कलेक्टर दुर्ग को जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई 3 चरोदा का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। कार्यालय कलेक्टर दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार सहायक कलेक्टर श्री भार्गव (भा.प्र.से.) को 01 जुलाई 2024 से 28 जुलाई 2024 तक चार सप्ताह की अवधि के लिए आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई 3 चरोदा के साथ प्रशिक्षण अभ्यास हेतु संलग्न किया गया है। प्रशिक्षण अवधि में श्री दशरथ सिंह राजपूत आयुक्त नगर पालिका निगम भिलाई 3 चरोदा के द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- दुर्ग, / जिले में सेवानिवृत्त हुए 30 शासकीय सेवकों को पेंशन प्राधिकार पत्र उनके सेवानिवृत्ति के पूर्व ही जारी कर दिया गया। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के द्वारा इन्हें कलेक्टोरेट सभागृह में सम्मान समारोह में पेंशन प्राधिकार पत्र के साथ पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। जिला कोषालय द्वारा आयोजित कार्यकम को लेकर सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों में काफी उत्साह रहा। जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि संभागीय संयुक्त संचालक कोष-लेखा एवं पेशन दुर्ग द्वारा इस माह पूरे संभाग के लिये कुल 196 शासकीय सेवकों का पी.पी.ओ./ जी.पी.ओ. जारी किया गया। जिसमें दुर्ग जिले के 63 शासकीय सेवक शामिल है। समारोह में स्कूल शिक्षा, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, जल संसाधन एवं पंचायत विभाग के शासकीय सेवक शामिल रहे। समारोह में डॉ. दिवाकर सिंह राठौर संभागीय संयुक्त संचालक, श्री राघवेन्द्र कुमार वरिष्ठ कोषालय अधिकारी दुर्ग, श्री चन्द्रभूषण साहू लेखाधिकारी, श्री संतोष कुमार कंडरा सहायक कोषालय एवं सेवानिवृत हुए शासकीय सेवक अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने गरीब विधवा ने लगाई गुहार-जनदर्शन में प्राप्त हुए 150 आवेदनदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री बजरंग दुबे ने जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 150 आवेदन प्राप्त हुए।जनदर्शन में आवेदन लेकर पहुंचे रामनगर सुपेला वार्ड 19 भिलाई के निवासियों ने बताया कि नवनिर्मित मकान मालिक द्वारा अपनी जमीन के बाहर नाली पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है, नाली पर अवैध निर्माण हो जाने के कारण पानी निकासी की समस्या आ रही है। इस पर अपर कलेक्टर ने तहसीलदार भिलाई नगर को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।घासीदास नगर निवासी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने आवेदन किया। उन्होंने बताया कि वह विधवा है उनका एक बेटा है, जो पढ़ाई कर रहा है। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण कच्चे मकान में निवासकर जीवकोर्पाजन कर रही है, जिसमें हमें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नाम सूची में दर्ज होने के पश्चात भी आज दिनांक तक इस योजना का लाभ नही मिल पाया है। इस पर अपर कलेक्टर ने नगर निगम भिलाई को कार्यवाही करने को कहा।वार्ड नंबर 12 मोहन नगर निवासी ने अमृत मिशन योजना के तहत नल कनेक्शन हेतु आवेदन दिया। वार्ड नंबर 12 में पानी की परेशानी को देखते हुए वार्डवासियों द्वारा अमृत मिशन योजना के तहत नल कनेक्शन हेतु जल घर में आवेदन प्रस्तुत किया गया। लेकिन आज दिनांक तक कोई भी कार्यवाही नही हो पाई है। वार्डवासियों को पानी के लिए बहुत परेशानियांे का सामना करना पड़ रहा है। इस पर अपर कलेक्टर ने नगर निगम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।ग्राम सिरसा कला निवासी ने काबिज भूमि का पट्टा दिलाने की मांग की। उन्हांेने बताया कि उनका गरीब परिवार 50 वर्षो से कच्चा मकान बनाकर निवासरत है। नगर पालिका निगम भिलाई चरोदा में टैक्स जमा किया जा रहा है। मकान पट्टा के संबंध में आसपास में किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति नही है। निवासरत जमीन के अलावा कोई भी खेती बाड़ी नही है। इस पर अपर कलेक्टर ने तहसीलदार भिलाई-3 को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में राशन कार्ड में नाम जोड़वाने, अनुकम्पा नियुक्ति, भारत माला परियोजना अंतर्गत मुआवजा राशि दिलाने, स्कूल में एडमिशन दिलाने, जाति प्रमाण पत्र में त्रुटि सुधार के आवेदन के साथ-साथ अवैध कब्जा के अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
- दुर्ग / राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में ’’अमृत कालः छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ तैयार किया जा रहा है। जिसके लिए नागरिको से सुझाव आमंत्रित किये जा रहे है, सुझाव हेतु नागरिक पोर्टल https://sdgspc.cg.gov.in/viksitcg या QR कोड (संलग्न) का उपयोग कर सकते है।
- भिलाई नगर। 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके नगर पालिक निगम भिलाई, के 31 अधिकारी/कर्मचारियों को सोमवार को ससम्मान विदाई दी गई। सामान्य प्रशासन विभाग के अध्यक्ष संदीप निरंकारी ने अधिकारी/कर्मचारियों को स्मृति चिन्ह, शाॅल और श्रीफल भेंट करते हुए सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारियों की अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना किए। इसके पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारियों ने भिलाई निगम में सेवाकाल के दौरान आई कठिन परिस्थितियों को बताते अपने सेवा के दौरान अनुभव को साझा किया।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारियों ने निगम के हर कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए कई उपलब्धियां हासिल किए है पूर्व साडा और वर्तमान नगर पालिका निगम भिलाई में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यो को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद अब आप सभी पूरे परिवार के साथ अच्छा जीवन बिताएं और अपने अनुभवों के साथ समाज के अच्छे कार्यों में सहभागी बने। यूनियन के सभी पदाधिकारी ने सेवानिवृत्त होने वाले सभी कर्मचारियो के बारे में कहा कि इन कर्मचारियों ने निगम हित में पूरी निष्ठा एवं उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों को जिम्मेदारी के साथ पूरा करते हुए कार्य किए है। जिसके लिए सभी बधाई के पात्र है, उन्होंने सभी कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना किए। सेवानिवृत्ति होने पर उन्हें आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी, लोकसभा चुनाव की अधिसूचना प्रभावशील होने के कारण माह, मार्च, अप्रैल, मई, जून के अधिकारी कर्मचारियों की एक साथ विदाई की जा रही है इस दौरान नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों के उपस्थिति मे सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारी श्री नरेन्द्र कुमार शुक्ला, श्री मोहन लाल मेश्राम, श्री अरूण कुमार जांगड़े, श्री बिसहत राम, श्रीमती इसरावती, श्री लेखराम, श्री एन.गेबियास, श्री कोंदाराम, श्री पतिराम बरेठ, श्री भूपेश्वर सिंह देशमुख, श्री सुनील कुमार नेमाड़े, श्री देवेन्द्र कुमार श्रीवास, श्री बलवंत सिंह, श्रीमती पुष्पा बाई, श्री टहलराम, श्री रिखीराम, श्री रमेशर निषाद, श्री तरूण कुमार रणदिवे, श्री एच.के.चंद्राकर, श्रीमती कौशिल्या यदु, श्री अरूण कुमार सिंह, श्री कृष्ण कुमार शर्मा, श्री जगन्नाथ सिंह, श्री चिन्ताराम वर्मा, श्री रामरतन, श्री गुहादास जोशी, श्री सुभाष चंद, श्री धनीराम यादव, श्री मनहरण लाल चंद्राकर, श्री अलखराम यादव, श्रीमती गिरजा देवी एवं कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव मंगल बाजार छावनी में सुबह 8 बजे पहुंच गये। वहां जाकर बच्चो की उपस्थिति को चेक किये। बच्चो से बात किये। यह भी जांच किये की शासन द्वारा निर्धारित पौष्टिक भोजन किस प्रकार से वितरित किया जा रहा है । उसका स्वाद कैसा है खाना समय पर बन करके नियमित मिल रहा है की नहीं। बच्चों को भोजन किस प्रकार परोसा जा रहा है। गर्भवती महिलाओ को पौष्टिक भोजन, कुपोष्ति बच्चो को पौष्टिक भोजन प्रदान करने की मात्रा एवं प्रतिदिन, क्या- क्या भोजन प्रदान किया जाता है। आदि की जानकारी प्राप्त किये। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आयुक्त से बाउण्ड्रीवाल की मांग की। उन्होने बताया कि आंगनबाड़ी के सामने मंगल बाजार मार्केट है लोगो का आना जाना लगा रहाता है, जिससे बच्चो के लिए परेशानी हो रही है। आयुक्त ने बाउण्ड्रीवाल बनाने के लिए अधीक्षण अभियंता संजय बागड़े को निर्देश देते हुए, यह भी कहा कि निर्धारित समय अवधि के अंदर बाउण्ड्रीवाल को पूर्ण करवाये।
- -श्री सदगुरु कबीर प्रागट्य उत्सव में भी शामिल हुएबिलासपुर. । उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने रविवार को दुर्ग जिले के अहिवारा में दो करोड़ 68 लाख 94 हजार रुपए के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 17 लाख 84 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित नगर पालिका भवन में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण तथा अहिवारा नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में दो करोड़ 51 लाख दस हजार रूपए लागत के 40 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक भी वितरित किए।उप मुख्यमंत्री श्री साव अहिवारा में कबीर भवन में आयोजित श्री सदगुरू कबीर प्रागट्य उत्सव में भी शामिल हुए। उन्होंने मुख्य अतिथि की आसन्दी से उत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा कि कबीर की वाणी में जीवन दर्शन मिलता है। कबीर की वाणी को घर-घर तक पहुंचाएं और जीवन में आत्मसात करें। श्री साव ने अहिवारा के लोगों को भरोसा दिलाया कि वहां के विकास के लिए राशि की कमी नहीं होगी। उन्होंने अहिवारा में सिविल न्यायालय की स्थापना के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों को 50 लाख रुपए तक के विकास कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा।विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने श्री सदगुरू कबीर प्रागट्य उत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि संत कबीर की वाणी सभी समाज को जोड़ने की है। कबीर के अनुयायी सभी समाज के लोग हैं। नगर पालिका के अध्यक्ष श्री नटवर ताम्रकर ने अहिवारा के कबीर चौक का सौंदर्यीकरण पालिका की ओर से पांच लाख रूपए की लागत से कराने की घोषणा की। इस अवसर पर नगर पालिका के पार्षदगण, नगर के गणमान्य नागरिक एवं कबीर प्राकट्य उत्सव के आयोजक महंत श्री लीलाधर साहू सहित अन्य महंतगण एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथी उपस्थित थे।
- -कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशन में डायरिया से निदान हेतु स्वास्थ्य विभाग की पहलदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज 01 जुलाई 2024 को जिला अस्पताल में स्टॉप डायरिया कैंपेन 2024 का उद्घाटन किया गया। जिसमें 05 वर्ष से कम आयु के बच्चों में दस्त रोग से होने वाले मृत्यु दर शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम के तहत छोटे बच्चों वाले समस्त घरों में मितानिनों के माध्यम से ओ.आर.एस. पैकेट व जिंक की गोलियां वितरित किया जायेगा। कलेक्टर सुश्री चौधरी के द्वारा समस्त आम जनता से अपील की गयी है कि ज्यादा से ज्यादा इस कार्यक्रम का लाभ उठाये। उन्होंने जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को ओ.आर.एस. पैकेट एवं जिंक की गोलियां वितरित की।उद्घाटन समारोह सी.एम.एच.ओ. डॉ. मनोज दानी, डॉ. हेमंत कुमार साहु सिविल सर्जन, डॉ. दिव्या श्रीवास्तव डी.आई.ओ., डॉ. आर. के. मल्होत्रा, डॉ. सीमा जैन शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. अखिलेश यादव आर.एम.ओ. श्री अजय परिहार डी.पी.ओ. महिला एवं बाल विकास अधिकारी, श्री संदीप ताम्रकार डी.पी.एम, डॉ. ओम प्रकाश वर्मा अस्पताल सलाहकार, श्री संजीव दुबे, सी.पी.एम., डॉ. रश्मि भोषले, एवं कार्यालय सी.एम.एच.ओ. व जिला अस्पताल के स्टाफ भी उपस्थित थे।
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- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज से देशभर में लागू हो रहे नवीन कानूनों पर आधारित पुस्तक का किया विमोचन
-तीन नए आपराधिक कानूनों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियों का संकलन है यह संग्रह-छत्तीसगढ़ पुलिस की इस विशेष पहल से नवीन कानूनों को समझना होगा आसान-पुलिस अधिकारियों और विवेचकों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ होगी यह पुस्तक-अपराधों की विवेचना में भी होगी उपयोगी-नवीन कानूनों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही प्रयासरत-भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम आज से देशभर में लागू-वर्षों पुराने अंग्रेजी कानूनों की जगह लेंगे नए कानून जिनमें दंड के स्थान पर न्याय को दी गई है प्राथमिकता-इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज पिंगुआ, डीजीपी श्री अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव द्वय श्री राहुल भगत, श्री बसव राजू एस. एवं पुलिस विभाग के अधिकारीगण भी कार्यक्रम में उपस्थित हैं - - कटगी में चार और सलोनी में पाँच गुना लक्ष्य से अधिक सालाना प्रसव,सभी प्रसव सामान्यरायपुर ।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। इससे संस्थागत प्रसव को काफी बढ़ावा मिल रहा है। बलौदाबाजार जिले में कसडोल विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटगी तथा पलारी विकासखंड के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर सलोनी संस्थागत प्रसव में जिले भर में अव्वल रहा है। पिछले अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक कटगी ने 120 वार्षिक लक्ष्य की तुलना में 488 प्रसव कराएं हैं वहीं सलोनी में 36 प्रसव सालाना के लक्ष्य की तुलना में एक वर्ष में 178 प्रसव हुए हैं। यह सभी प्रसव सामान्य हैं। संस्थागत प्रसव के नियम अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 10 प्रसव एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को 3 प्रसव औसतन प्रतिमाह करना होता है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एम पी महिस्वर ने बताया की मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए संस्थागत प्रसव सरकार की प्राथमिकता है। शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गर्भ धारण करने से लेकर प्रसव के पश्चात की सभी सेवाएं महिला को दी जाती हैं। इसमें प्रसव के बाद घर तक छोड़ने हेतु परिवहन की व्यवस्था के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में जननी सुरक्षा योजना के जरिये 14 सौ की राशि दी जाती है,आवश्यक दवाई और जाँच भी फ्री रहती है। डॉ शशि जायसवाल नोडल अधिकारी मातृ स्वास्थ्य के अनुसार संस्थागत प्रसव कई प्रकार के संक्रमण जोखिम से बचाता है। कुशल स्टाफ की देखरेख में हुए प्रसव से जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं।कसडोल के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ रविशंकर अजगल्ले ने बताया की कटगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 15 से 20 किलोमीटर के दायरे के गांव के लोग प्रसव के लिए आते हैं इसके साथ-साथ सीमावर्ती जिले बिलासपुर,जांजगीर, सारंगढ़ -बिलाईगढ़ के लोग भी सुविधा को देखकर इधर आते हैं। कटगी तो राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर चुका है। पलारी बीएमओ डॉ बी एस ध्रुव के अनुसार सलोनी केंद्र में 5 ग्राम हैं जबकि प्रसव के लिए आस-पास के धाराशिव,कैलाश गढ़ अमेठी से भी लोग आते हैं।कटगी अस्पताल में अपनी पत्नी का प्रसव करवा चुके कलमीडीह के विशाल पैकरा ने प्राप्त सुविधा से प्रसन्नता व्यक्त की। कटगी में ग्रामीण चिकित्सा सहायक रवि सेन,नर्सिंग स्टाफ में सुषमा दुबे,अन्नपूर्णा साहू,केवरा सिन्हा, प्रमिला साहू ,हेमलता देवांगन जबकि सलोनी में सी एच ओ प्रियंका वर्मा सहित आर एच ओ निर्मला साहू तथा मनमोहन आर्यन अपनी सेवा दे रहे हैं।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा ने बताया की जननी सुरक्षा योजना,जननी शिशु सुरक्षा कार्य क्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में ये कुछ ऐसे कार्यक्रम हैं जो गर्भवती,शिशुवती माताओं हेतु चलाये जा रहे हैं। लोगों को शासन की इन योजनाओं का लाभ अवश्य लेना चाहिए। जिले के करहीबाज़ार, कडार, ताराशिव,कुम्हारी,डमरू,खपरी(एस),धनेली,सूढ़ेला,सिंगारपुर ये कुछ अन्य आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं जहां सौ से अधिक प्रसव हुए हैं।


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