- Home
- देश
-
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी से उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है। इससे उपभोक्ताओं को कीमतों में वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।इससे पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो कि पहले 13 रुपए प्रति लीटर थी। डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर शून्य हो गई है, जो कि पहले 10 रुपए प्रति लीटर थी।
वित्त मंत्री ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लागत में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए।इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया है। इससे घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी।उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। कच्चे तेल की कीमत में भारी वृद्धि के कारण ओएमसी को ईंधन की रिटेल बिक्री पर बड़ा नुकसान हो रहा है। मध्यू पूर्व में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है। फिलहाल यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम होने को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक अहम कदम बताया।पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय 140 करोड़ भारतीयों को वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करेगा।पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उठापटक के बावजूद, केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करके प्रत्यक्ष मूल्य राहत सुनिश्चित की है। डीजल और एविएशन टरबाइन ईंधन पर रणनीतिक निर्यात शुल्क लगाकर घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भारत की विकास गति निर्बाध बनी रहे। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले के लिए नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते दुनिया के कई देश ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में भारत सरकार का यह फैसला नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।उन्होंने कहा कि जहां कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, वहीं भारत में एक्साइज ड्यूटी में कटौती सरकार की जन-केंद्रित और संवेदनशील नीति को दर्शाती है। गृह मंत्री ने संकेत दिया कि इस फैसले से आम लोगों को महंगाई के दबाव से कुछ राहत मिलेगी और ईंधन की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। -
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले को मोदी कैबिनेट ने सराहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अमित शाह ने इस फैसले के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करके एक समय पर और निर्णायक कदम उठाया है, जिससे नागरिकों को बहुत जरूरी राहत मिली है।
ऐसे समय में जब कई देश ईंधन की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हैं, यह कदम हमारी सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण और जन कल्याण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका नेतृत्व नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और लोगों के कल्याण के प्रति अटूट समर्पण से परिभाषित है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया में जारी ईंधन संकट के बीच, जिसने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करके एक समयोचित और नागरिक केंद्रित कदम उठाया है। जहां कई देश लगातार ईंधन की कीमतें बढ़ा रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय जन कल्याण के प्रति एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल परिवारों और व्यवसायों को राहत प्रदान करता है, बल्कि एक ऐसी संवेदनशील शासन व्यवस्था को भी प्रदर्शित करता है जिसका उद्देश्य नागरिकों को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाना है।केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनियाभर में ईंधन की कमी से हाहाकार मचा हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में,मोदी सरकार का ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला नागरिकों के लिए बहुत जरूरी राहत लेकर आया है। जहां कई देशों ने डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं। वहीं मोदी सरकार का एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला उसके जन केंद्रित शासन और संवेदनशीलता से भरे निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाता है। इस फैसले के लिए पीएम मोदी को बधाई।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ऐसे समय में जब दुनिया पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के कारण चुनौतियों का सामना कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे भारतीय नागरिकों को बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिली है। लोगों के साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार। इस चुनौतीपूर्ण समय में, सरकार हर नागरिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी परिवार को इन कठिन समय का बोझ न उठाना पड़े। -
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत का संतुलित और व्यावहारिक रुख उसके इजरायल के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। पिछले तीन दशकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार बढ़ी है। यह संबंध पहले सीमित कूटनीतिक बातचीत तक था, लेकिन अब यह मजबूत सुरक्षा और तकनीकी सहयोग में बदल चुका है।
अमेरिका के थिंक टैंक मिडिल ईस्ट फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवाद, क्षेत्रीय अस्थिरता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं ने भारत और इजरायल के बीच रिश्तों को और मजबूत किया है। भारत के लिए इजरायल एक भरोसेमंद रक्षा और तकनीकी साझेदार साबित हुआ है। वहीं भारत ने अपनी व्यापक मिडिल ईस्ट पॉलिसी के तहत अरब देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाए रखे हैं।रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़कर खुफिया जानकारी साझा करने, मिसाइल सिस्टम, निगरानी तकनीक और आतंकवाद-रोधी रणनीतियों तक पहुंच गया है। रक्षा नवाचार, साइबर सुरक्षा और उन्नत सैन्य तकनीक में अग्रणी होने के कारण इजरायल भारत के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बन गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में संयुक्त विकास और सह-उत्पादन इस रिश्ते में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस साझेदारी से दोनों देशों को फायदा हो रहा है। इजरायल अपने सहयोगियों का दायरा बढ़ा रहा है। वहीं भारत मेक इन इंडिया जैसे अभियानों के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।अब सह-उत्पादन और तकनीक का आदान-प्रदान इस रिश्ते के मुख्य स्तंभ बन गए हैं। साथ ही खुफिया सहयोग, आतंकवाद-रोधी रणनीतियां और सीमा सुरक्षा तकनीक भी अहम भूमिका निभा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ भी व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में संबंध मजबूत किए हैं। रिपोर्ट में एस. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि इजरायल के साथ भारत का राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग रहा है और कठिन समय में इजरायल ने भारत का साथ दिया है। -
नई दिल्ली। नया वित्त वर्ष शुरू होने में कुछ ही दिन का समय शेष रह गया है। हर नए वित्त वर्ष के साथ कुछ न कुछ बदलाव जरूर होते हैं इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है, जिसके बारे में हम इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं। नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 एक अप्रैल से पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश इनकम टैक्स से जुड़े कानून और शब्दावली को सरल बनाना है।
नए इनकम टैक्स में असेसमेंट ईयर जैसे शब्दों को हटा दिया गया है और अब इसकी जगह टैक्स ईयर शब्द का उपयोग किया जाएगा। नए वित्त वर्ष के साथ ही न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपए तक की आय टैक्स छूट के दायरे में आ जाएगी। ऐसे में अगर आपकी आय 12 लाख रुपए तक है तो सेक्शन 87ए से आपकी पूरी आय टैक्स फ्री हो जाएगी।फॉर्म 16 और फॉर्म 16ए को 1 अप्रैल से फॉर्म 130 और फॉर्म 131 से बदल दिया जाएगा। कर संबंधी नियमों का सुचारू रूप से पालन सुनिश्चित करने और कर दाखिल करने में स्पष्टता लाने के लिए इनके जारी करने की समयसीमा में संशोधन किया जा सकता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब पैन आवेदन के लिए जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में केवल आधार कार्ड को स्वीकार नहीं करेगा, बल्कि इसके लिए कक्षा 10 का प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। यह नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। अगर रेलवे टिकट को ट्रेन के चलने से 8 से लेकर 24 घंटे के बीच में रद्द कर दिया जाता है तो कुल टिकट की कीमत का 50 प्रतिशत रिफंड के रूप में मिलेगा। अगर टिकट को ट्रेन के चलने के 24 से लेकर 72 घंटे के बीच में रद्द कर दिया जाता है तो कुल टिकट की कीमत का 25 प्रतिशत रिफंड मिलेगा। अगर टिकट को ट्रेन के चलने के 72 घंटे से अधिक पहले रद्द किया जाता है, तो अधिकतम कैंसिलेशन शुल्क लागू होगा, हालांकि, पूर्ण टैक्स रिफंड नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में रिफंड भारतीय रेलवे के नियमों और शर्तों पर निर्भर करती है, जो परिवर्तन के अधीन हैं। -
नयी दिल्ली. दिल्ली सरकार ने सभी विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी स्कूल के समय के दौरान रील या 'शॉर्ट वीडियो' न बनाएं। सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी गतिविधियों से शैक्षणिक कार्य, अनुशासन या संस्थानों की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को जारी एक परिपत्र में कहा कि निदेशालय को इस बात की जानकारी मिली है कि स्कूल परिसर में मनोरंजन के लिए 'शॉर्ट वीडियो' बनाए जा रहे हैं और विद्यालय प्रमुखों को कक्षा के समय के दौरान ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। निर्देश में इस बात पर बल दिया गया कि शिक्षण प्रक्रिया को बाधित करने या विद्यार्थियों का ध्यान भटकाने वाली किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई जानी चाहिए, संस्थानों की मर्यादा व गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए और शिक्षा पर ही ध्यान केंद्रित रहना चाहिए। विभाग ने कहा हालांकि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति और शिक्षक की देखरेख में 'शैक्षणिक, सांस्कृतिक या जागरूकता संबंधी विषयों' से संबंधित सामग्री बनाई जा सकती है बशर्ते कि शैक्षणिक गतिविधियों में कोई बाधा न आए और विद्यार्थियों की सुरक्षा व गोपनीयता का ध्यान रखा जाए। निर्देश में यह भी बताया गया कि विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अनुचित, गैर-शैक्षणिक या प्रचार सामग्री रिकॉर्ड नहीं की जानी चाहिए। विभाग ने कहा, "सभी विद्यालय प्रमुखों को इन निर्देशों को कर्मचारियों व विद्यार्थियों तक पहुंचाने और इनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों के उल्लंघन पर गंभीर कार्रवाई की जाएगी।" विभाग ने इस मामले को 'अत्यंत आवश्यक' बताया।
-
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को राम नवमी के अवसर पर एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिंदुत्व के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाती हुई दिखी, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल (टीएमसी) कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को धार्मिक विमर्श पर एकाधिकार स्थापित करने से रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। राज्य की राजधानी कोलकाता और कई जिलों में राम नवमी के अवसर पर भगवा ध्वज लहरा रहे थे, भीड़ भरी सड़कों पर ''जय श्री राम'' के नारे गूंज रहे थे और सैकड़ों की संख्या में झांकियां निकाली गईं। कोलकाता शहर में 60 से अधिक छोटी-बड़ी रैलियां निकाली गईं, जबकि हावड़ा, हुगली, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में भी इसी तरह की झांकी निकाली गईं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे, हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को मुस्तैद रखा गया था। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर में राम नवमी की झांकी में शामिल हुए, जो दक्षिण कोलकाता का वह निर्वाचन क्षेत्र है जहां वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा नेता शुभेंदु ने रैली में भाग लेते हुए कहा, ''राम नवमी हमारी सभ्यता और संस्कृति का उत्सव है। बंगाल भर के लोग बड़ी संख्या में श्रद्धा प्रदर्शित करने के लिए सड़कों पर एकत्र हो रहे हैं।'' कई भाजपा नेताओं और उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में झांकी में भाग लिया, जिससे यह धार्मिक उत्सव संगठनात्मक शक्ति के प्रदर्शन में तब्दील हो गया। भाजपा के लिए, राम नवमी पिछले एक दशक में बंगाल में राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार में उसके वैचारिक सहयोगियों ने दो दिनों के उत्सव के दौरान लगभग दो करोड़ लोगों से संपर्क साधने के उद्देश्य से राज्य भर में कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जो इसकी व्यापक पहुंच को रेखांकित करता है। हालांकि, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भी इस उत्सव के जरिये अपना जनाधार बढ़ाने में कोई कसर छोड़ती नजर नहीं आ रही है। पिछले कुछ वर्षों में, कई तृणमूल नेताओं ने राम नवमी कार्यक्रमों में भाग लेना या स्वयं स्थानीय झांकी का आयोजन करना शुरू कर दिया है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक भाजपा के हिंदुत्ववादी दृष्टिकोण का मुकाबला करने के लिए पार्टी (तृणमूल) के प्रयास के हिस्से के रूप में देखते हैं। तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष कई स्थानीय नेताओं के साथ उत्तरी कोलकाता में राम नवमी रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल में कहा था, ''राम किसी राजनीतिक दल के नहीं हैं। वह सबके हैं।''
बनर्जी की इस टिप्पणी को हिंदू विमर्श पर भाजपा को एकाधिकार स्थापित करने से रोकने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। वामपंथी और कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर बंगाल में ''उत्तर भारतीय हिंदुत्व की राजनीति'' थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने तृणमूल की इस बात के लिए आलोचना की है कि वह भाजपा के विमर्श का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने के बजाय ''नरम हिंदुत्व'' का सहारा ले रही है। माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''राजनीति में धर्म का यह आक्रामक उपयोग बंगाल की समन्वयवादी परंपरा में नयी चीज है।'' बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी। -
कोल्लम (केरल) . दिग्गज अभिनेता एवं निर्देशक ई ए राजेंद्रन का बृहस्पतिवार को कोल्लम के पट्टत्तानम में निधन हो गया। फिल्म जगत के सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 71 वर्ष के थे। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अभिनेता के निधन पर शोक व्यक्त किया है। राजेंद्रन के परिवार में उनकी पत्नी संध्या राजेंद्रन और पुत्र दिव्यदर्शन हैं। फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने बताया कि राजेंद्रन पिछले कुछ महीनों से बीमार थे और उनका इलाज हो रहा था। अभिनेता का अंतिम संस्कार शुक्रवार को त्रिशूर के त्रिथल्लूर में किया जाएगा। राजेंद्रन अभिनेता मुकेश के बहनोई थे और प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक ओ माधवन के दामाद थे। माधवन की बेटी और मुकेश की बहन संध्या से शादी करने के बाद वे कोल्लम के पट्टत्तानम में ही बस गए थे। नयी दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) और भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के छात्र रहे राजेंद्रन ने अपने करियर की शुरुआत रंगमंच कलाकार के रूप में की थी। उन्होंने 1981 में फिल्म 'ग्रीष्मन' से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की और उसके बाद 50 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी आखिरी फिल्म 2023 में जयराज द्वारा निर्देशित 'ओरु पेरुमकलियत्तम' थी।
-
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' के उपचार के लिए 'स्टेम सेल थेरेपी' को अवैध घोषित करते हुए एक परामर्श जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य महानगरों और टियर-2 शहरों में स्थित उन निजी क्लीनिकों के अवैध तौर-तरीकों पर अंकुश लगाना है, जो 'स्टेम सेल थेरेपी' के माध्यम से 'ऑटिज्म' और 'सेरेब्रल पाल्सी' का इलाज करने का दावा करते हैं। 'स्टेम सेल थेरेपी' एक आधुनिक चिकित्सा तकनीक है, जिसमें शरीर की खास कोशिकाओं का उपयोग बीमार या क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक करने या बदलने के लिए किया जाता है। सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों और पंजीकृत चिकित्सकों को 25 मार्च को जारी परामर्श के अनुसार, 'स्टेम सेल थेरेपी' का उपयोग अब केवल 32 अनुमोदित रोगों के लिए किया जा सकता है, जिनमें 'एक्यूट मायलोइड ल्यूकेमिया', 'मल्टीपल स्केलैरोसिस', 'थैलेसीमिया', 'ऑस्टियोपेट्रोसिस', 'मल्टीपल मायलोमा', 'एप्लास्टिक एनीमिया/पैरोक्सिस्मल हीमोग्लोबिनुरिया', 'जर्म सेल ट्यूमर' और 'मायलोफाइब्रोसिस' शामिल हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की सिफारिशों के आधार पर यह परामर्श जारी किया गया है।
उच्चतम न्यायालय ने 30 जनवरी को हुई सुनवाई में 'स्टेम सेल थेरेपी' के संबंध में फैसला सुनाया था जिसके बाद आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने 10 मार्च को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेथ को पत्र लिखकर 32 ऐसी बीमारियों की सूची साझा की, जिनमें स्टेम सेल थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। -
नयी दिल्ली. देशभर में बृहस्पतिवार को राम नवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर मंदिर रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजे हुए थे, जहां पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई दे रही थी जबकि सड़कों पर भव्य शोभा यात्राओं ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। कई राज्यों में विशेष पूजा-अर्चना और सामुदायिक भोज का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालु सुबह से ही बड़ी संख्या में मंदिरों में उमड़ पड़े। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। देश के विभिन्न हिस्सों में भगवान राम के जन्मोत्सव के मौके पर भव्य शोभा यात्राएं निकाली गईं, जिनमें श्रद्धालु 'जय श्री राम' का उद्घोष करते हुए और भगवा झंडे लेकर उत्सव में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार को मुख्य उत्सव मनाया जायेगा,जहां राम जन्मभूमि मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मुख्य आकर्षण सूर्य तिलक समारोह होगा। शुक्रवार को होने वाले उत्सवों से पहले सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं राज्य सरकार ने त्योहार के लिए दो दिन (बृहस्पतिवार और शुक्रवार) की छुट्टी की घोषणा की है। वाराणसी और मथुरा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के मंदिरों को भी सजाया गया है।
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में स्थित रघुनाथ मंदिर बृहस्पतिवार को एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना, जब 36 वर्ष बाद इस सौ साल पुराने मंदिर में राम नवमी की पहली पूजा आयोजित की। इस खास अवसर पर न सिर्फ हिंदू श्रद्धालु जुटे, बल्कि उनके मुस्लिम पड़ोसी भी साथ खड़े नजर आए, जिससे माहौल भाईचारे और सौहार्द से भर उठा। राम नवमी के मौके पर शंकराचार्य मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा की गईं। पर्यटकों और सुरक्षा बलों ने भी स्थानीय हिंदू आबादी के साथ मिलकर उत्सव में हिस्सा लिया। इसी तरह, राजस्थान के जयपुर में सामुदायिक सद्भाव से भरपूर एक भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, क्योंकि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने मुस्लिम बहुल हसनपुरा क्षेत्र में एक शोभा यात्रा का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। स्थानीय निवासियों ने गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर, पानी की बोतलें बांटकर और ''जय श्री राम'' के नारे लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। गुजरात में रंगारंग शोभा यात्राओं से लेकर युवाओं द्वारा आयोजित अभिनव कार्यक्रमों में भक्तों ने राम नवमी को पूरे उत्साह के साथ मनाया। शहरों में 'जय श्री राम' के उद्घोष की गूंज सुनाई दी।
इस मौके पर राजकोट और वडोदरा सहित राज्य के कई शहरों में शोभा यात्राएं निकाली गयीं। सड़कें रंगारंग प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों और सामुदायिक भागीदारी से गुलजार हो उठीं। अहमदाबाद स्थित इस्कॉन मंदिर में सुबह 'श्री राम दरबार अभिषेक' और पारंपरिक '56 भोग' अर्पण के साथ एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। सूरत में, लगभग 90 बाइकर्स डाभरी बीच पहुंचे, जहां 65 मोटरसाइकिलों को इस तरह व्यवस्थित किया गया कि उनसे 'राम' शब्द लिखे होने का आभास हो सके। गोवा के मंदिरों में राम नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर विशेष प्रार्थनाओं, भजनों और अन्य अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। दक्षिण गोवा के पोंडा तालुका में स्थित श्री रामनाथ मंदिर में सुबह से ही सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित होने लगे। इस अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। उत्तरी गोवा के कोल्वाले स्थित श्री राम देवस्थान मंदिर में श्रद्धालुओं ने रामायण पाठ, भजन और प्रसाद वितरण में भाग लिया। दक्षिण गोवा के मडगांव जिले के कोम्बा इलाके में स्थित श्री दामोदर मंदिर में भी विशेष प्रार्थना आयोजित की गई। चुनाव वाले राज्य पश्चिम बंगाल में राम नवमी के मौके पर एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिंदुत्व के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाती हुई दिखी, वहीं सत्तारूढ़ तृणमूल (टीएमसी) कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को धार्मिक विमर्श पर एकाधिकार स्थापित करने से रोकने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। राज्य की राजधानी कोलकाता और कई जिलों में राम नवमी के अवसर पर भगवा ध्वज लहरा रहे थे, सड़कों पर ''जय श्री राम'' के नारे गूंज रहे थे और सैकड़ों की संख्या में झांकियां निकाली गईं। कोलकाता शहर में 60 से अधिक छोटी-बड़ी रैलियां निकाली गईं, जबकि हावड़ा, हुगली, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में भी इसी तरह की झांकी निकाली गईं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे, हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को मुस्तैद रखा गया था। झारखंड और बिहार में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। झारखंड में राम नवमी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए ड्रोन और त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अधिकांश जिलों में शोभा यात्रा शुक्रवार को निकाली जाएंगी, जबकि संवेदनशील क्षेत्र हजारीबाग और जमशेदपुर में ये शोभा यात्रा शनिवार को निकाली जाएंगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उम्मीद जताई कि बिहार में होने वाले उत्सवों में लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में, पहाड़गंज क्षेत्र में आयोजित शोभा यात्रा के कारण शाम को मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ। शोभा यात्रा में लगभग 300 श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राम नवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान राम के आदर्श न केवल भारत के लोगों के लिए, बल्कि अंनतकाल तक पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक शक्ति बने रहेंगे। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''देशभर के मेरे परिवारजनों को रामनवमी की असीम शुभकामनाएं। त्याग, तप और संयम से भरे मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से हमें हर परिस्थिति का पूरे सामर्थ्य से सामना करने की प्रेरणा मिलती है। उनके आदर्श अनंतकाल तक भारतवासियों के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। - रायवरम (आंध्र प्रदेश) । आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में बृहस्पतिवार को एक निजी बस की एक ट्रक से टक्कर होने के बाद उसमें आग लग जाने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई तथा 23 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। बस में आग लगने के कारण कई यात्री उसके भीतर फंस गए।मार्कापुरम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) वी हर्षवर्धन राजू ने कहा, ''दुर्घटना में 14 लोगों की मौत हो गई और चालक सहित 23 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के संबंध में पूरी जानकारी एकत्र करने के प्रयास जारी हैं।'' मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।यह निजी यात्री बस तेलंगाना के जगित्याल से नेल्लोर जिले के कालीगिरि जा रही थी और इसमें करीब 35 यात्री सवार थे। दुर्घटना में ट्रक का चालक भी घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों को पर्याप्त चिकित्सकीय सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की व्यापक जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया।
-
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार से पहले मजबूरी के चलते आर्थिक सुधार किए जाते थे, लेकिन अब ''संकल्प और प्रतिबद्धता'' के साथ यह किया जा रहा है तथा देश 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वित्त विधेयक, 2026 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कि देश को विकसित बनाने और 140 करोड़ भारतीय नागरिकों की अकांक्षाआों को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान की। सीतारमण ने कहा, ''पहले की तरह मजबूरी में सुधार नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ सुधार किए जा रहे हैं।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार होकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि विश्वास आधारित कर व्यवस्था बनाने पर काम किया गया है ताकि ईमानदार करदाताओं को कठिनाई नहीं हो। सीतारमण ने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने जीवनयापन की सुगमता (ईज ऑफ लिविंग) और कारोबार की सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) का मजाक बनाया, लेकिन सरकार इन दोनों पहलुओं पर लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ''हम एमएसएमई, किसानों और सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बना रहे हैं क्योंकि ये देश के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। वित्त विधेयक इन्हें सशक्त बनाने का प्रावधान करता है।'' वित्त मंत्री का कहना था कि भारत को वैश्चिक व्यावसायिक केंद्र बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीतारमण ने कहा कि इस वित्त विधेयक में मध्य वर्ग के लिए बहुत कुछ है।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने आम जनता की मदद के लिए 17 महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमाशुल्क से छूट प्रदान की है। उन्होंने कहा कि उपकर और अधिभार के माध्यम से जितने राजस्व का संग्रह किया गया, उससे कहीं अधिक राज्यों को विभिन्न मद में भेजा गया। वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि 17 अरब डॉलर डेटा सेंटर के निवेश के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने तेल बॉन्ड जारी किए और मोदी सरकार उसे आज तक भर रही है। वित्त मंत्री ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इन दोनों प्रदेशों की सरकारों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार महिला विरोधी है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है। - नयी दिल्ली है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की हालत स्थिर है और वह चिकित्सकों की निगरानी में हैं। अस्पताल के मुताबिक, उन्हें मंगलवार रात लगभग 10.22 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सर गंगाराम अस्पताल के प्रमुख डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और चिकित्सकों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। अस्पताल ने कहा कि चिकित्सक पेट और 'यूरिनरी ट्रैक्ट' में संभावित संक्रमण के बारे में जानने के लिए जांच कर रहे हैं और उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स दी गई हैं। सूत्रों ने पहले कहा था कि सोनिया गांधी संभवतः मौसम में बदलाव के कारण अस्वस्थ थीं और उन्हें देखभाल के लिए भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और उनकी हालत गंभीर नहीं है। file photo
- -छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का दौरा किया।कपूरथला। देश में स्वदेशी रेल निर्माण को एक नई गति देते हुए रेल कोच फैक्टरी, कपूरथला ने अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का सफल निर्माण किया है। उन्नत एवं पुनर्परिभाषित 16 कोचों वाली यह ट्रेन अंतिम चरण में है और चालू माह के अंत तक संचालन के लिए सौंपे जाने को तैयार है। यह उपलब्धि देश में आधुनिक ट्रेन निर्माण क्षमता के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित पंजाब मीडिया दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने कोच निर्माण की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा और यह समझा कि किस प्रकार कच्चे स्टील से एक आधुनिक यात्री कोच तैयार किया जाता है।मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए उप महाप्रबंधक श्री अमन कुमार ने वंदे भारत कोचों के नवीनतम संस्करण में शामिल तकनीकी नवाचारों और सुधारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहली बार वंदे भारत ट्रेन का निर्माण आरसीएफ कपूरथला में किया गया है, जिससे उत्पादन क्षमता का विस्तार हुआ है। इससे पहले इसका डिजाइन और निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई में किया गया था। यह पहल इंडियन रेलवेज की निर्माण क्षमता को और सुदृढ़ करेगी।उन्होंने बताया कि आरसीएफ कपूरथला प्रति वर्ष लगभग 2,200 से 2,300 कोचों का निर्माण करता है, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार विभिन्न प्रकारों (वैरिएंट्स) में तैयार किए जाते हैं। वंदे भारत का मूल डिजाइन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में विकसित किया गया था, जिसे अब आरसीएफ कपूरथला और मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली जैसे उन्नत कारखानों के साथ साझा किया गया है, ताकि अनुभव और फीडबैक के आधार पर निरंतर सुधार किए जा सकें।उन्नत वंदे भारत कोचों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए श्री कुमार ने बताया कि इसमें कवच (Train Collision Avoidance System) जैसी अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली, क्रैशवर्दी डिजाइन तथा उन्नत अग्नि पहचान एवं शमन प्रणाली लगाई गई है। विशेष रूप से, ट्रेन के शौचालयों में स्मोक डिटेक्टर सेंसर लगाए गए हैं, जो धुआं या आग की स्थिति का तुरंत पता लगाकर अलर्ट देते हैं, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव होती है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति (डिजाइन गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा) तक चलने में सक्षम है और इसमें बेहतर त्वरण एवं मंदन क्षमता है। इसके अतिरिक्त, इसमें उन्नत हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग प्रणाली, आधुनिक इंटीरियर, एर्गोनोमिक सीटिंग, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, उन्नत शौचालय, पैंट्री व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली तथा स्वचालित दरवाजे जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।वर्ष 1988 में स्थापित रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला आज एक विकसित टाउनशिप के रूप में भी उभरी है, जहां लगभग 5,600 कर्मचारी कार्यरत हैं और लगभग 4,000 आवासीय क्वार्टर उपलब्ध हैं। परिसर में केंद्रीय विद्यालय एवं पंजाब सरकार के विद्यालयों सहित शैक्षणिक संस्थान, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, फुटबॉल स्टेडियम, स्विमिंग पूल तथा 18-होल गोल्फ कोर्स जैसी खेल सुविधाएं और बैंक सहित अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।भारतीय रेल में खेल और समग्र विकास को बढ़ावा देने की परंपरा के तहत वर्तमान में आरसीएफ परिसर में अखिल भारतीय अंतर-रेलवे महिला हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न रेलवे जोनों की टीमें भाग ले रही हैं। रेलवे से जुड़े कई खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।वंदे भारत ट्रेन, जिसे पहले ट्रेन 18 के नाम से जाना जाता था, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत विकसित की गई थी और वर्ष 2019 में इसे देश की पहली इंजन रहित सेमी-हाई स्पीड ट्रेन के रूप में शुरू किया गया था। तब से इसमें लगातार सुधार करते हुए इसे और अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाया गया है।श्री अमन कुमार ने कहा कि आरसीएफ कपूरथला में वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण देश को उन्नत रेल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और यह भारतीय रेल की आधुनिकीकरण एवं यात्री-केंद्रित विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
-
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28,840 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना—संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक दस वर्षों के लिए लागू की जाएगी।
इस योजना के जरिए कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होगा। साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा को बढ़ावा दिया जाएगा।दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में इस योजना से आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन ऑपरेटरों की व्यवहार्यता और स्थिरता भी बढ़ेगी।संशोधित योजना के तहत 100 नए हवाई अड्डों को विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए अगले आठ वर्षों में 12,159 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह कदम ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।योजना के तहत हवाई अड्डों के संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) के लिए तीन वर्षों तक प्रति हवाई अड्डे 3.06 करोड़ रुपए और प्रति हेलीपोर्ट/वाटर एयरोड्रॉम 0.90 करोड़ रुपए प्रति वर्ष की सहायता दी जाएगी। इसके लिए कुल 2,577 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 15 करोड़ रुपए प्रति हेलीपैड की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। इस पर कुल 3,661 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिससे अंतिम-मील कनेक्टिविटी मजबूत होगी । एयरलाइन ऑपरेटरों को व्यवहार्यता अंतर (वीजीएफ) के तहत 10 वर्षों में 10,043 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे क्षेत्रीय मार्गों पर संचालन को बढ़ावा मिलेगा।योजना के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान खरीदे जाएंगे। यह कदम आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को मजबूती देगा।अक्टूबर 2016 में शुरू हुई उड़ान योजना के तहत 28 फरवरी 2026 तक 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और वाटर एयरोड्रॉम पर 663 मार्ग चालू किए जा चुके हैं। अब तक 341 लाख से अधिक उड़ानें संचालित की गई हैं और 162.47 लाख यात्रियों ने इसका लाभ उठाया है।यह योजना न केवल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं को भी मजबूत करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा। -
नई दिल्ली। दुनियाभर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस को लेकर मची हाहाकार के बीच भारत सरकार ने विश्वास दिलाया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और कच्चे तेल से लेकर प्राकृतिक गैस तक पर्याप्त मात्रा में है। पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बुधवार को इसकी जानकारी दी गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शांति बहाली को लेकर भारत के प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से बातचीत की। भारत ने तनाव कम करने, शांति बहाली और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित व खुला रखने पर जोर दिया। दोनों वार्ताओं में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति और ऊर्जा सुरक्षा पर समन्वय पर बल दिया गया, जिसमें भारत-श्रीलंका सहयोग भी शामिल है। भारत ईरान सहित क्षेत्रीय साझेदारों के संपर्क में है और अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है।वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ईरानी राजदूत से मुलाकात हुई। कई भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान मार्गों के जरिए लौटे हैं, जिसके लिए ईरान को धन्यवाद दिया। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव राजेश सिन्हा ने जानकारी दी कि वर्तमान में 20 भारतीय जहाज पर्शियन गल्फ क्षेत्र में हैं, जिनमें 500 से ज्यादा भारतीय नाविक मौजूद हैं। उन्होंने बताया, “पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। 20 भारतीय जहाज वर्तमान में पर्शियन गल्फ क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं, और इन जहाजों पर 540 भारतीय नाविक मौजूद हैं, और सभी सुरक्षित हैं। संबंधित एजेंसियां और शिपिंग अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।”अंतर मंत्रालयी प्रेस ब्रीफ में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अपने विभाग की तैयारियों और एलपीजी-पीएनजी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रही हैं। देश में सालाना लगभग 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता मौजूद है। हाल के दिनों में कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लाइन और पैनिक बाइंग देखी गई, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी पंपों और सप्लाई टर्मिनलों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।शर्मा ने आगे कहा, पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी की आपूर्ति सामान्य है। सरकार पीएनजी विस्तार पर जोर दे रही है और कई कदम उठाए गए हैं। लगभग 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हो चुके हैं और करीब 2.5 लाख नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। एलपीजी के मामले में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर ड्राई-आउट नहीं है (एलपीजी उपलब्ध है)। ऑनलाइन बुकिंग लगभग 92 फीसदी तक पहुंच गई है।सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का आवंटन 20 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी किया है, ताकि ढाबा, होटल, कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता मिल सके। अब तक 26 राज्यों ने करीब 22,000 टन कमर्शियल एलपीजी आवंटित किया है। इसके तहत 5 किलो के सिलेंडर भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। हाल ही में 2700 से ज्यादा छापे और करीब 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। -
नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम नवमी की पूर्व संध्या पर देश और विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है।
राष्ट्रपति भवन से जारी अपने संदेश में द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “राम नवमी के शुभ अवसर पर, मैं सभी देशवासियों और विदेश में रहने वाले भारतीयों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।”उन्होंने कहा कि राम नवमी का पावन पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। भगवान राम का जीवन सत्य, न्याय, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्री राम का जीवन हमें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है और उनके आदर्श हमारी संस्कृति की नींव हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का निरंतर प्रयास करना चाहिए।उन्होंने अपील की कि इस पावन अवसर पर सभी लोग भगवान श्री राम की शिक्षाओं को आत्मसात करें और अपने विचारों, शब्दों और कार्यों से राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प लें।द्रौपदी मुर्मू ने देश में शांति, समृद्धि और सद्भावना की कामना करते हुए आशा जताई कि भगवान राम की कृपा से हर भारतीय के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।राम नवमी हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे देशभर में भव्य रूप से मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रामलीला और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।राष्ट्रपति का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देशभर में राम नवमी को लेकर उत्साह चरम पर है और श्रद्धालु इस पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में जुटे हैं। भगवान राम के आदर्शों—मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और न्याय—को अपनाने पर जोर देते हुए द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि इन मूल्यों के माध्यम से ही एक बेहतर समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 1800 करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को 31 मार्च, 2026 के बाद भी पांच साल की अवधि के लिए 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। आईवीएफआरटी प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत में आव्रजन, वीजा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को परस्पर जोड़ना और उन्हें सुव्यवस्थित करना है।
कैबिनेट की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि इसका लक्ष्य वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करना और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। इस परियोजना को 13 मई, 2010 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा 1011 करोड़ रुपए के बजट के साथ सितंबर 2014 तक की अवधि के लिए अनुमोदित किया गया था।बाद में परियोजना के लिए बजट आवंटन 2015 में संशोधित करके 638.90 करोड़ रुपए कर दिया गया था और कार्यान्वयन की समयसीमा को 31 मार्च, 2017 तक और फिर इसे बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया गया था। फिर इस परियोजना को 01 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक पांच साल की अवधि के लिए मंत्रिमंडल ने 19 जनवरी,2022 को 1365 करोड़ रुपए के बजट परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी।कैबिनेट कहा कि यह योजना मोबाइल आधारित सेवाओं और सुरक्षित यात्री आवागमन के लिए सेल्फ-सर्विस कियोस्क सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर आव्रजन और वीजा व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी। यह आव्रजन चौकियों, एफआरआरओ और डेटा केंद्रों में मुख्य बुनियादी ढांचे को उन्नत और विस्तारित करके देशव्यापी स्तर पर एक गतिशील और विस्तार योग्य प्रणाली का निर्माण करेगी।इसके अतिरिक्त, यह परियोजना एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने, मुख्य अनुप्रयोग संरचना को नया रूप देने और बेहतर दक्षता तथा उपयोगकर्ता अनुभव के लिए नेटवर्क और परिनियोजन ढांचे को सुदृढ़ करने के जरिए प्रौद्योगिकी और सेवा वितरण को अनुकूलित करेगी। इससे वैध यात्रियों को सुविधा मिलेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। यह सेवा निरंतरता बनाए रखने और भविष्य में भारत में अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अभिनव प्रौद्योगिकीय समाधानों को शामिल करने में मदद करेगी।बयान में कहा गया कि इससे पर्यटन, चिकित्सा और व्यापार क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। आईवीएफआरटी के अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव हैं, जो अंतरराष्ट्रीय यातायात, व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देंगे। इससे आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और रोजगार के अवसरों में योगदान मिलेगा।आईवीएफआरटी प्रणाली ने आव्रजन और वीजा संबंधी सभी कार्यों में सेवा वितरण और परिचालन दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इस प्रणाली ने ऑनलाइन अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग और भुगतान सुविधाओं के साथ 100 प्रतिशत संपर्क रहित और व्यक्तिगत संपर्क रहित वीजा प्रक्रिया को सक्षम बनाया है, जिससे वीजा प्रसंस्करण का समय कम हो गया है। इससे पिछले पांच वर्षों में 91.24 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों को 72 घंटों के भीतर मंजूरी मिल गई है। आव्रजन चौकियों पर यात्रियों की औसत निकासी का समय भी बायोमेट्रिक्स सहित पारंपरिक 5-6 मिनट से घटकर 2.5-3 मिनट हो गया है।13 प्रमुख हवाई अड्डों पर लागू किए गए स्वचालित ई-गेट के माध्यम से फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (एफटीआई-टीटीपी) से आव्रजन प्रक्रिया में लगने वाला समय 2.5-3 मिनट से घटकर 30 सेकंड हो गया है। वर्तमान में भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्ड धारकों के लिए इसका पंजीकरण निशुल्क है। -
- संगीत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए संपूर्ण छह छंदों वाले ‘वंदे मातरम’ को क्षेत्रीय संस्करणों में रिकॉर्ड किया जा रहा है
नई दिल्ली। स्वतंत्रता के बाद से ही आकाशवाणी स्टेशनों की यह परंपरा रही है कि वे अपने सुबह के प्रसारण की शुरुआत अपनी प्रतिष्ठित धुन से करते हैं, जिसके बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के दो छंदों वाला संस्करण (अवधि 65 सेकंड) प्रसारित किया जाता है।गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 28 जनवरी, 2026 को जारी छह छंदों वाले राष्ट्रीय गीत संबंधी दिशानिर्देश के अनुसार, आकाशवाणी के सभी स्टेशनों पर 26 मार्च, 2026 से राष्ट्रीय गीत का नया संस्करण प्रसारित किया जाएगा। नए संस्करण की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है।प्रसारित होने वाला प्रारंभिक संस्करण प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक पंडित चंद्रशेखर वाजे द्वारा राग देस में गाया गया है। क्षेत्रीय वाद्ययंत्रों की विविधता को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय गीत के कई अन्य संस्करण भी रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। इन संस्करणों को संबंधित राज्यों में स्थित आकाशवाणी स्टेशनों द्वारा अपनाया जाएगा। -
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान ऐतिहासिक दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और बंगाल सहित पूरे देश के कल्याण की कामना की।
चैत्र नवरात्र के मौके पर मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “आज मां काली के दरबार में दर्शन-पूजन का सौभाग्य मिला है। मां हम सभी को आशीर्वाद दें।” उन्होंने बताया कि उन्होंने मां से ‘सोनार बंगाल’ और ‘विकसित बंगाल’ बनाने का आशीर्वाद मांगा है।नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जिस राज्य को उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, वही आज बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पश्चिम बंगाल की संस्कृति ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा है लेकिन आज यहां ऐसे तत्व सक्रिय हो रहे हैं जो हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उनकी सरकार की नीतियों को तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में धार्मिक मामलों को लेकर असमानता देखने को मिल रही है।भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “आज बंगाल में सार्वजनिक रूप से नमाज पढ़ने की अनुमति मिल जाती है, लेकिन मां की पूजा के लिए पंडाल लगाने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेनी पड़ती है। यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है।”उन्होंने उम्मीद जताई कि मां काली के आशीर्वाद से राज्य में सकारात्मक बदलाव आएगा और बंगाल फिर से अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘सोनार बांग्ला’ और ‘विकसित पश्चिम बंगाल’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आपको बता दें कि राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है। पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। - कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अगले महीने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए मंगलवार को यहां कई संगठनात्मक और रणनीतिक बैठके कीं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। भाजपा की राज्य इकाई के सूत्रों ने बताया कि मंगलवार से शुरू हुई नवीन की दो दिवसीय बंगाल यात्रा महज एक नियमित संगठनात्मक समीक्षा के लिए नहीं है, बल्कि राज्य में भाजपा की चुनाव प्रचार रणनीति को नया रूप देने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने इसे एक नई ''चक्रव्यूह'' रचना के रूप में वर्णित किया है जिसमें बूथ प्रबंधन, विमर्श का निर्माण और सूक्ष्म स्तर पर लामबंदी के पहलु शामिल हैं।सूत्रों के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी की डिजिटल पहुंच, सोशल मीडिया रणनीति और जमीनी स्तर के संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए दिन भर राज्य इकाई के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि नवीन ने चुनाव से पहले अभियान के संदेश को आकार देने के लिए पार्टी के विमर्श और संवाद टीम के साथ भी चर्चा की। पार्टी नेताओं के मुताबिक नवीन ने राज्य के शीर्ष नेताओं और वरिष्ठ संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बातचीत की। इससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व राज्य में सत्ता हासिल करने के अपने प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा अध्यक्ष का जोर बूथ स्तर के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, सूक्ष्म स्तर की योजना को और बेहतर बनाने और पार्टी के चुनाव प्रचार में स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने पर है।
- गांधीनगर. गुजरात विधानसभा ने मंगलवार को सात घंटे से अधिक चली बहस के बाद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर अपनी मुहर लगा दी। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे समानता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक सुधार बताया, जबकि कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और 'मुस्लिम विरोधी' है। इस विधेयक में धर्म से परे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सहजीवन को विनियमित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचे का प्रावधान है।विपक्षी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के विरोध और इसे चयन समिति को भेजे जाने की मांग के बीच विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य द्वारा नियुक्त एक समिति द्वारा यूसीसी के कार्यान्वयन पर दाखिल अंतिम रिपोर्ट के एक सप्ताह बाद मंगलवार सुबह इस विधेयक को सदन में पेश किया। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही भाजपा शासित गुजरात, उत्तराखंड के बाद यूसीसी पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। उत्तराखंड फरवरी 2024 में यूसीसी विधेयक पारित करने वाला पहला राज्य बना था।गुजरात समान नागरिक संहिता- 2026' नाम से प्रस्तावित कानून पूरे राज्य के साथ-साथ गुजरात की सीमा से बाहर रहने वाले गुजरातियों पर पर भी लागू होगा। विधेयक में हालांकि स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित प्रावधान अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के सदस्यों और कुछ ऐसे समूहों पर लागू नहीं होगी जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं। विधेयक के 'उद्देश्य और कारण' में कहा गया है कि संहिता का उद्देश्य एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है। अन्य प्रावधानों के अलावा, इसमें सहजीवन (लिव-इन रिलेशनशिप) के पंजीकरण के साथ-साथ औपचारिक घोषणा के माध्यम से उन्हें समाप्त करने का प्रावधान भी है।इस विधेयक में बहुविवाह पर भी रोक लगाई गई है, जिसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति अपने जीवनसाथी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं कर सकता। इसमें कहा गया है कि किसी विवाह को संहिता के तहत तभी वैध माना जाएगा जब विवाह के समय दोनों पक्षों में से किसी का भी जीवित जीवनसाथी न हो। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शैलेश परमार ने इसका विरोध करते हुए कहा,''आपने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए जल्दबाजी में यह विधेयक पेश किया है। हम मांग करते हैं कि इसे विधानसभा की स्थायी समिति को भेजा जाए।'' कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ विधायक अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन करता है। कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने इस विधेयक को 'मुस्लिम विरोधी' करार दिया।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को उपभोक्ता-केंद्रित गैस सेवा वितरण को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों की शुरुआत की है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस (पीएनजी) के उपयोग में बदलाव से उपभोक्ताओं पर अत्यधिक वित्तीय बोझ न पड़े। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, नए ढांचे के तहत अब पीएनजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए एक समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसका लक्ष्य सेवा मानकों में सुधार करना और उन क्षेत्रों में एलपीजी से पीएनजी की ओर क्रमिक बदलाव को सुगम बनाना है जहां पाइपलाइन बुनियादी ढांचा पहले से मौजूद है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह नीति उन क्षेत्रों में लचीलापन प्रदान करती है जहां तकनीकी कारणों से पहुंच फिलहाल संभव नहीं है। सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए इस नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे स्थानीय अधिकारी या निजी संस्थाएं पाइपलाइन विकास के लिए मार्ग देने से मनमाने तरीके से इनकार न कर सकें। इन कदमों से गैस वितरण नेटवर्क में विविधता आएगी और एक ही ईंधन स्रोत पर निर्भरता कम होगी, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। तेज अनुमोदन और स्पष्ट नियामक दिशानिर्देश कारोबार सुगमता और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद करेंगे।
- नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को सैन्य नेतृत्व को पश्चिम एशिया संघर्ष का व्यापक अध्ययन करने का निर्देश दिया ताकि भारत की सैन्य तैयारियों को मजबूत किया जा सके और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित किया जा सके। सिंह और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के संदर्भ में पश्चिम एशिया संघर्ष और भारत पर इसके संभावित प्रभाव पर विचार-विमर्श किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा मंत्री को वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, जारी संघर्षों के संभावित रूप से बढ़ने के भारत पर प्रभाव, साथ ही वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।इसमें यह भी बताया गया कि मौजूदा उपकरणों के रखरखाव और सेवाक्षमता सहित रक्षा उपकरणों की खरीद और उत्पादन के लिए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पर स्थिति के प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया। रक्षा मंत्रालय ने विज्ञप्ति में कहा कि सिंह ने निर्देश दिया कि भारत की तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए जारी संघर्ष से प्राप्त परिचालन और तकनीकी सबक का निरंतर अध्ययन किया जाना चाहिए। रक्षा मंत्री ने बैठक में कहा, ''हमें अगले दशक के लिए एक व्यापक एकीकृत प्रारूप तैयार करने की आवश्यकता है, जिसमें सीखे गए सबक, आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए सभी मोर्चों पर आत्मनिर्भरता और परिचालन तत्परता सुनिश्चित की जाए।" बैठक में प्रमुख रक्षाध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव आर के सिंह और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- नयी दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुन लिये गए, क्योंकि पार्टी के शीर्ष पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। यह चौथी बार है जब 75 वर्षीय नीतीश कुमार पार्टी प्रमुख बने हैं। दिसंबर 2023 में लोकसभा चुनाव से पहले ललन सिंह के पद से इस्तीफा देने के बाद से ही पार्टी की कमान संभाल रहे नीतीश हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े ने नीतीश कुमार के जद(यू) अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की और पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को उनके चुनाव का प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।हेगड़े ने यहां नीतीश कुमार के निर्विरोध जद(यू) अध्यक्ष पद के लिए चुने जाने की घोषणा की और पार्टी नेताओं को प्रमाण पत्र सौंप दिया। उन्होंने कहा, ''चूंकि किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है, इसलिए मैं नीतीश कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करता हूं।'' हालांकि, नीतीश कुमार जद(यू) अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा के समय वहां मौजूद नहीं थे। उनकी गैर-मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर, झा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा में भाग ले रहे हैं। जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''हम यहां उनकी ओर से निर्वाचन अधिकारी से उनका चुनाव प्रमाण पत्र प्राप्त करने आए हैं।'' झा ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने जो काम किया है, उसे राज्य के 'स्वर्ण युग' के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, ''वह हमारे नेता हैं और हम उनके नेतृत्व में काम करते रहेंगे।''झा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि नीतीश कुमार का निर्विरोध चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं के अटूट विश्वास और स्नेह का प्रतीक है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ''नीतीश कुमार का अनुभव, दूरदर्शिता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण उन्हें देश के अग्रणी नेताओं में से एक के रूप में स्थापित करता है। उनके मार्गदर्शन में, पार्टी दृढ़ संकल्प, अटूट एकता और समावेशी विकास के सिद्धांतों के साथ न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को एक नयी दिशा प्रदान करने के लिए काम कर रही है।''उन्होंने कहा, ''लंबे संघर्ष के बाद जब नीतीश कुमार को 2005 में बिहार की सेवा करने का अवसर मिला, तब पूरा राज्य बदहाल स्थिति में था। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार किया। नीतीश कुमार ने अपने सुशासन से बिहार को आज जिस मुकाम तक पहुंचाया है, वह राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। '' जद(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने नीतीश कुमार को चौथी बार पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में पार्टी और मजबूत होगी तथा देश एवं समाज के प्रति अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता को नयी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाएगी। नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को पर्चा भरा था। उनके प्रस्तावकों में शामिल संजय कुमार झा ने यहां पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में उनका नामांकन पत्र जमा कराया था। बिहार के मुख्यमंत्री नामांकन दाखिल करने के लिए दिल्ली नहीं आए थे। इस पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च थी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 23 मार्च को की गई। नीतीश कुमार ने 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले जद(यू) की कमान संभाली थी। राजीव रंजन सिंह ने दिसंबर 2023 में पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।













.jpg)













