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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों में देश के प्रति समर्पण का भाव भरने के मकसद से 1925 से लेकर अब तक काम करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की प्रशंसा की और कहा कि इसके जैसे ‘पवित्र' संगठन से जीवन के मूल्य सीखकर वह खुद को धन्य महसूस करते हैं। अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के साथ रविवार को एक पॉडकास्ट में चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि संघ ने उन्हें उनके जीवन का उद्देश्य दिया है और कहा कि इसके विभिन्न सहयोगी संगठन कई क्षेत्रों और समाज के हर वर्ग से जुड़े हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से पहले खुद आरएसएस प्रचारक रह चुके मोदी ने कहा कि वह युवावस्था में ही इस स्वयंसेवी संगठन से जुड़ गए थे क्योंकि गुजरात में उनके घर के पास स्थित आरएसएस की शाखा में गाए जाने वाले देशभक्ति गीतों ने उनके दिल को छुआ। आरएसएस के दर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कोई कुछ भी करे लेकिन उसे देश के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने नहीं सुना कि आरएसएस जितना बड़ा कोई स्वैच्छिक संगठन है या नहीं।''
उन्होंने कहा कि आरएसएस सिखाता है कि देश सर्वोपरि है और लोगों की सेवा करना भगवान की सेवा करने के समान है। उन्होंने कहा, मैं खुद को धन्य मानता हूं कि मुझे ऐसे पवित्र संगठन से जीवन के मूल्य मिले।''
उन्होंने कहा कि बचपन में आरएसएस की शाखाओं में शामिल होना, उन्हें हमेशा अच्छा लगता था।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे मन में हमेशा एक ही लक्ष्य था, देश के काम आना। यही मुझे संघ (आरएसएस) ने सिखाया है। आरएसएस की स्थापना के इस वर्ष 100 साल पूरे हो रहे हैं। दुनिया में आरएसएस से बड़ा कोई स्वयंसेवी संगठन नहीं है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आरएसएस को समझना कोई आसान काम नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह अपने स्वयंसेवकों को जीवन का एक उद्देश्य देता है। यह सिखाता है कि राष्ट्र ही सब कुछ है और समाज सेवा ही ईश्वर की सेवा है। हमारे वैदिक संतों और स्वामी विवेकानंद ने जो कुछ भी सिखाया है, संघ भी वही सिखाता है।'' उन्होंने सेवा भारती, वनवासी कल्याण आश्रम और भारतीय मजदूर संघ जैसे संगठनों के व्यापक कार्यों का हवाला देते हुए कहा कि यह लोगों को समाज के लिए काम करने के लिए प्रेरित करता है। मोदी ने कहा कि आरएसएस से संबद्ध विद्या भारती करीब 25 हजार स्कूलों का संचालन करती है और करोड़ों छात्रों ने किफायती दर पर यहां से शिक्षा प्राप्त की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वामपंथी संगठन श्रमिकों को एकजुट होने के लिए कहती हैं ताकि वे दूसरों से मुकाबला कर सकें, जबकि आरएसएस से प्रेरित श्रमिक संघ अपने कार्यकर्ताओं से दुनिया को एकजुट करने के लिए कहता है। -
अयोध्या. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने रविवार को कहा कि ट्रस्ट ने धार्मिक पर्यटन में उछाल के बीच पिछले पांच वर्षों में सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपये का कर चुकाया है। उन्होंने कहा कि यह राशि पांच फरवरी, 2020 से पांच फरवरी, 2025 के बीच चुकाई गई।
उन्होंने कहा कि इसमें से 270 करोड़ रुपये माल और सेवा कर (जीएसटी) के रूप में भुगतान किए गए, जबकि शेष 130 करोड़ रुपये अन्य विभिन्न कर श्रेणियों के तहत भुगतान किए गए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है, जिससे यह एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गया है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान 1.26 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आए थे।
राय ने कहा कि ट्रस्ट के वित्तीय रिकार्ड का नियमित रूप से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के अधिकारियों द्वारा ऑडिट किया जाता है। -
कोकराझार . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार ने बोडो समझौते पर हस्ताक्षर किए, तो कांग्रेस ने उसका मजाक उड़ाया था, लेकिन इस समझौते से क्षेत्र में शांति स्थापित हुई और विकास को गति मिली। शाह ने असम के कोकराझार में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) के 57वें वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के युवा अब बंदूकों की जगह तिरंगा लेकर चलते हैं और यह जनवरी 2020 में बोडो समझौते पर हस्ताक्षर के कारण संभव हुआ है। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘बीटीआर में शांति, विकास और उत्साह का माहौल समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले एबीएसयू की वजह से ही संभव हो पाया है। अगर एबीएसयू ने पहल नहीं की होती, तो इस क्षेत्र में न तो समझौता होता और न ही शांति कायम होती।'' शाह ने कहा, ‘‘कांग्रेस ने भले ही यह कहकर हमारी हंसी उड़ाई हो कि बीटीआर में शांति स्थापित नहीं होगी और यह समझौता एक मजाक साबित होगा, लेकिन बोडो समझौते की 82 फीसदी शर्तों को लागू किया जा चुका है। अगले दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन होगा, जिससे क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति कायम होगी।'' भाजपा नेता ने कहा, ‘‘समझौते की शर्तों के अनुसार, हमने 2022 में पूरे बीटीआर क्षेत्र को सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) के दायरे से बाहर कर दिया है।'' उन्होंने कहा कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) ने भी हथियार डाल दिए हैं और केंद्र तथा राज्य सरकारों ने उसके (एनडीएफबी) कैडर के पुनर्वास के लिए कई पहल की हैं। शाह ने कहा, ‘‘पिछले तीन वर्षों में 4,881 एनडीएफबी कैडर ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है और उनके पुनर्वास पर 287 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें से 90 प्रतिशत केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा दिया गया है।'' उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडर को गैर-सरकारी संगठनों की मदद से विभिन्न कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। शाह ने इनमें से 400 युवाओं को राज्य कमांडो बल में शामिल करने की असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पहल की भी सराहना की। बोडो शांति समझौते पर 27 जनवरी 2020 को केंद्र, राज्य सरकार और एबीएसयू एवं एनडीएफबी सहित बोडो समूहों के बीच हस्ताक्षर किए गए थे। शाह ने कहा कि केंद्र ने बोडोलैंड के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये दिए हैं, जिसकी आबादी 35 लाख है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि बोडो समझौते की 82 फीसदी शर्तों का क्रियान्वयन हो चुका है और शेष शर्तें अगले दो वर्षों में लागू कर दी जाएंगी। शाह ने बोडो युवाओं से 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू करने का भी आह्वान किया, जिसका आयोजन गुजरात के अहमदाबाद शहर में प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि अप्रैल के पहले सप्ताह में नयी दिल्ली में एबीएसयू के संस्थापक अध्यक्ष बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा के नाम पर एक सड़क का उद्घाटन और उनकी प्रतिमा का लोकार्पण किया जाएगा। शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार बोडोफा के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
- सिंगापुर ।भारतीय तटरक्षक बल के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक वी डी चाफेकर को ‘रीकैप आईएससी' का सातवां कार्यकारी निदेशक (ईडी) नियुक्त किया गया है। ‘रीकैप आईएससी' एशिया में पोतों को निशाना बनाकर की जाने वाली समुद्री चोरी और सशस्त्र डकैती के खिलाफ सहयोग बढ़ाने के लिए सरकारों के बीच एक क्षेत्रीय समझौता है। ‘रीकैप' सूचना साझाकरण केंद्र (आईएससी) की 19वीं शासी परिषद की बैठक में बताया गया कि चाफेकर इस साल एक अप्रैल से 31 मार्च 2028 तक तीन साल के कार्यकाल के लिए ईडी का पद संभालेंगे। परिषद ने उन्हें पिछले साल पांच नवंबर को इस पद के लिए चुना था।परिषद ने निवर्तमान ईडी कृष्णस्वामी नटराजन को समर्पित सेवा और ‘रीकैप आईएससी' की प्रतिष्ठा बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद दिया। परिषद ने फिलीपीन के गवर्नर एडमिरल रोनी एल गवन को 12 मार्च से 11 मार्च, 2028 तक के कार्यकाल के लिए शासी परिषद का अध्यक्ष चुना। सिंगापुर ने 11 मार्च से 14 मार्च तक परिषद की बैठक आयोजित की थी।
- जयपुर। मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का उदयपुर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरविंद सिंह मेवाड़ लंबे समय से बीमार थे और उदयपुर स्थित उनके आवास पर उनका इलाज किया जा रहा था। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। वह भगवंत सिंह मेवाड़ और सुशीला कुमारी के पुत्र थे। उनके बड़े भाई महेंद्र सिंह मेवाड़ का पिछले साल नवंबर में निधन हो गया था।
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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार-2026 के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें आज, 15 मार्च 2025, से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के नामांकन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ऑनलाइन प्राप्त की जाएंगी।
पद्म पुरस्कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों के अंतर्गत ‘उत्कृष्ट कार्य’ के लिए सम्मानित किया जाता है। पद्म पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के भेदभाव के बिना सभी व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्य सरकारी सेवक, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी सेवक भी शामिल है, पद्म पुरस्कारों के पात्र नहीं हैं।सरकार पद्म पुरस्कारों को “पीपल्स पद्म” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अत:, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे नामांकन/सिफारिशें करें। नागरिक स्वयं को भी नामित कर सकते हैं। महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कर रहे लोगों में से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के ठोस प्रयास किए जा सकते हैं जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में पहचाने जाने योग्य हैं।नामांकन/सिफारिशों में पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें वर्णनात्मक रूप में एक उद्धरण (citation) (अधिकतम 800 शब्द) शामिल होना चाहिए, जिसमें अनुशंसित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/अनुशासन में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया हो।इस संबंध में विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्कार पोर्टल (https://padmaawards.gov.in) पर उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित संविधि (statutes) और नियम वेबसाइट पर https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx लिंक पर उपलब्ध हैं। - अमृतसर । पंजाब के अमृतसर जिले में शनिवार देर रात एक मंदिर पर हमला किया गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। खंडवाला इलाके में स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर पर मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात युवकों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया। यह पूरी घटना मंदिर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, रात करीब 12:35 बजे एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक मंदिर के बाहर पहुंचे। उनके हाथ में एक झंडा भी नजर आ रहा था। वे कुछ सेकंड मंदिर के बाहर रुके और फिर अचानक मंदिर की ओर कुछ फेंका। जैसे ही वे वहां से भागे, कुछ ही पलों में मंदिर में जोरदार धमाका हुआ।घटना के समय मंदिर में पुजारी सो रहे थे। गनीमत रही कि इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन धमाके के कारण मंदिर को नुकसान पहुंचा है और स्थानीय लोगों में डर है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया।पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “इस हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। भोले-भाले नौजवानों को गुमराह कर इस तरह के हमलों के लिए उकसाया जा रहा है। हम जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे और शहर का माहौल खराब नहीं होने देंगे।”वहीं, इस घटना पर अकाली दल के यूथ जिला प्रधान किरनप्रीत सिंह मोनू ने कहा कि यह शर्मनाक और निंदनीय घटना है। पहले पुलिस चौकियों पर हमले हो रहे थे और अब धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।”हमले के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है। पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
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नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को खुलासा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन यात्रा से पहले व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग के मुख्यालय का दौरा किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरे क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया जाए और यह साफ-सुथरा दिखे। राष्ट्रपति ट्रंप ने न्याय विभाग (डीओजे) में भाषण देते हुए कहा, “हमने कहा कि स्टेट डिपार्टमेंट के ठीक सामने बहुत सारे टेंट हैं। उन्हें हटाना होगा और उन्होंने उन्हें तुरंत हटा दिया। हम एक ऐसी राजधानी चाहते हैं जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बन सके।”
ट्रंप ने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री, यह सभी पिछले डेढ़ सप्ताह में मुझसे मिलने आए थे। मैं नहीं चाहता था कि वह टेंट देखें। मैं नहीं चाहता था कि वह भित्तिचित्र देखें। मैं नहीं चाहता था कि वह सड़कों पर टूटे हुए अवरोध और गड्ढे देखें और हमने इसे सुंदर बना दिया।”अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि उनका प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिकी राजधानी पूरी तरह से साफ हो जाए।डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के मेयर म्यूरियल बोसर की प्रशंसा करते हुए कहा, “हम अपने शहर को साफ कर रहे हैं। हम इस महान राजधानी को साफ कर रहे हैं और हम अपराध नहीं होने देंगे, हम अपराध को बर्दाश्त नहीं करेंगे, हम भित्तिचित्रों को हटा देंगे, हम तंबू हटा रहे हैं और हम प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बोसर अच्छा काम कर रहे हैं।ज्ञात हो, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 13 फरवरी को वाशिंगटन डीसी में पीएम मोदी की मेजबानी की थी। उनकी यह यात्रा, व्हाइट हाउस में ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू करने के तीन सप्ताह के भीतर हुई थी। दो दिवसीय यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्लेयर हाउस में रुके-एक ऐतिहासिक गेस्ट हाउस जो व्हाइट हाउस का 70,000 वर्ग फुट का विस्तार है।अपने ओवल ऑफिस में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए ट्रंप ने कहा था कि वह अपने ‘मित्र नरेंद्र मोदी’ का व्हाइट हाउस में स्वागत करते हुए ‘बहुत खुश’ हैं। जब दोनों नेता व्हाइट हाउस में मिले तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को अपनी किताब ‘अवर जर्नी टुगेदर’ की एक हस्ताक्षरित प्रति भी भेंट की और लिखा ‘आप महान हैं।’ -
नयी दिल्ली. एक समान दंड, माफी योजना और मुखबिर तंत्र खेलों में आयु धोखाधड़ी के खिलाफ राष्ट्रीय संहिता (एनसीएएएफएस) के मसौदे की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं जिसे खेल मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया। एनसीएएएफएस 2025 के मसौदे में 31 मार्च तक आम जनता से सुझाव और टिप्पणियां मांगी गई है ।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा ,‘‘युवा मामले और खेल मंत्रालय ने परामर्श प्रक्रिया के हिस्से के रूप में आम जनता और हितधारकों से टिप्पणियां/सुझाव आमंत्रित करने के लिए खेलों में आयु धोखाधड़ी के खिलाफ राष्ट्रीय संहिता (एनसीएएएफस) 2025 का मसौदा सार्वजनिक कर दिया है ।'' इसमें कहा गया ,‘‘ इसमें आयु संबंधी धोखाधड़ी से निपटने, असल खिलाड़ियों की सुरक्षा और देश भर में खेल प्रतियोगिताओं की अखंडता को बनाये रखने के प्रावधान हैं ।'' बयान में कहा गया ,‘‘ यह संशोधन लगभग 15 वर्ष बाद किया गया है जो भारतीय खेलों में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, नैतिक प्रशासन और बढ़ी हुई जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा ढांचे में एक महत्वपूर्ण अपडेट है ।'' मसौदे में दस प्रमुख बिंदु हैं जिनमें अनिवार्य आयु प्रमाणन और डिजिटल लॉकिंग , आयु संबंधी अनियमितताओं के लिये मेडिकल जांच, दो स्तरीय अपीली तंत्र , राष्ट्रीय डाटाबेस और क्यू आर वाले आई डी कार्ड शामिल हैं । इसके तहत पहली बार उल्लंघन करने वाले खिलाड़ी पर हर प्रतिस्पर्धा से दो साल का प्रतिबंध और उसके जीते हुए खिताब या पदक वापिस लेना शामिल है । इसमें कहा गया ,‘‘ दूसरे उल्लंघन पर आजीवन प्रतिबंध और अपराध संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू करना शामिल है । दोषी पाये गए अन्य अधिकारियों और कोचों पर भी निलंबन लगाया जायेगा और उन्हें काम से हटा दिया जायेगा ।'' माफी योजना के तहत एक बार छह महीने की विंडो दी जायेगी जिसमें खिलाड़ी स्वत: दंड के बिना अपनी गलती सुधारकर सही उम्र बता सकता है । मंत्रालय ने कहा ,‘‘ माफी कार्यक्रम में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जायेगी और उसके बाद उन्हें सही आयुवर्ग में डाला जायेगा ।'' इसके अलावा एक मुखबिर तंत्र भी होगा जो आयु में धोखाधड़ी के मामलों की गुमनाम जानकारी देने वालों के लिये होगा । इसके तहत पुरस्कार भी दिये जायेंगे । इसके अलावा दो स्तरीय अपीली तंत्र भी होगा जो आयु निर्धारण से जुड़े विवादों का निपटान करेगा ।मसौदे में यह भी कहा गया कि खिलाड़ियों को क्यू आर कोड वाले पहचान पत्र दिये जायेंगे जो डिजिलॉकर प्लेटफार्म के जरिये मिलेंगे और हर प्रतियोगिता में इन्हें दिखाना अनिवार्य होगा । -
मुंबई. महाराष्ट्र में 74 वर्षीय व्यवसायी को मोहपाश में फंसाकर उससे 18.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना तब प्रकाश में आई जब पीड़ित ने 50 वर्षीय महिला के खिलाफ सात मार्च को मुंबई के उत्तरी हिस्से में स्थित मालवणी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित मेडिकल डिस्पोजेबल्स का कारोबार करने वाली एक फर्म की प्रबंध निदेशक है।
अधिकारी ने बताया,"पीड़ित 2015 में अपनी पत्नी की मौत के बाद अपने बेटे के साथ दिल्ली में रहता है। वह व्यापार के सिलसिले में मुंबई आता-जाता था। वह 18 मई, 2023 को महिला के संपर्क में आया, जिसने खुद को एक गायिका बताया। दोनों ने लोनावला में एक साथ समय बिताया, जहां उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद दोनों लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे।" उन्होंने बताया, "एक जून 2023 को उसने (आरोपी महिला) स्टूडियो किराए पर लेने के लिए 12.50 लाख रुपये मांगे, जो पीड़ित ने आरटीजीएस के जरिए भेजे। उसी साल सात जुलाई को महिला पटियाला हाउस अदालत में पेश होने के लिए नयी दिल्ली गई, जहां उसकी मुलाकात व्यवसायी से हुई। कुछ दिनों बाद उसने घर के लिए चार लाख रुपये मांगे। इसके बाद उसने दो मौकों पर एक लाख और दो लाख रुपये मांगे।" अधिकारी ने बताया, "अंततः, जब महिला ने सितंबर 2023 में घर के लिए चार-पांच करोड़ रुपये की मांग की, तो पीड़ित ने इसका विरोध किया, जिससे आरोपी महिला नाराज हो गई।" अधिकारी ने बताया, "पांच सितंबर को गोरेगांव के एक होटल में समय बिताने के बाद महिला वहां से चली गई और फिर दिंडोशी पुलिस थाने के कर्मियों के साथ वापस आई, जिन्होंने पीड़ित को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। व्यापारी कुछ महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आया। व्यक्ति को तब एहसास हुआ कि वह मोहपाश में फंस गया है, जब उसे किसी ने फोन करके बताया कि उसके साथ कैसे धोखाधड़ी की गई है।" वीडियो क्लिप समेत सबूत मिलने के बाद दिल्ली के व्यवसायी ने मालवणी पुलिस थाने में संपर्क किया, जिसके बाद महिला के खिलाफ जबरन वसूली और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत अन्य अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया।पुलिस अधिकारी ने कहा, "महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमारी जांच में यह भी पता चला है कि उसने पिछले साल एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था।" -
नयी दिल्ली. देश में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, खासकर महारत्न और नवरत्न कंपनियों में, पिछले चार वर्षों के दौरान निदेशकों की बोर्ड मीटिंग में मौजूदगी उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है। एक्सिलेंस इनेबलर्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में निदेशक मंडल की बैठक में किसी भी निदेशक की उपस्थिति शून्य नहीं थी। इसके उलट वित्त वर्ष 2022-23 में 14 निदेशकों की उपस्थिति शून्य थी। वित्त वर्ष 2021-22 में ऐसे नौ निदेशक थे जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में तीन निदेशक किसी भी बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुए थे। देश की 13 महारत्न और 20 नवरत्न कंपनियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, निदेशक मंडल की प्रत्येक बैठक में कार्यकारी एवं गैर-कार्यकारी दोनों ही तरह के निदेशकों को मौजूद होना चाहिए। उनकी अनुपस्थिति केवल असाधारण कारणों से ही होनी चाहिए। कानूनी रूप से यह अनिवार्य है कि हर निदेशक प्रति वर्ष कम से कम एक बोर्ड मीटिंग में शामिल हो। लेकिन सर्वेक्षण में यह पाया गया कि इस मानक का या कि यह मानक स्पष्ट रूप से असंतोषजनक है। सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि पिछले वित्त वर्ष में शून्य उपस्थिति वाले निदेशकों की नियुक्ति को समाप्त करने के प्रश्न पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत को देश का अगला केसर उत्पादन केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के मिशन केसर के तहत 2021 से सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में केसर की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में, अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका और सिक्किम के युक्सोम में बड़े पैमाने पर केसर की खेती हो रही है। जल्द ही इसे नागालैंड और मणिपुर तक फैलाने की योजना है। इससे यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के पंपोर के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा केसर उत्पादक क्षेत्र बन सकता है।
सरकार इस योजना के तहत बंजर भूमि का उपयोग करके कृषि क्षेत्र का विस्तार कर रही है, जिससे मौजूदा फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए शिलॉन्ग में नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन एंड रीच (NECTAR) के स्थायी परिसर की आधारशिला भी रखी गई। यह संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत 2014 में स्थापित किया गया था। मंत्री सिंह ने कहा कि यह संस्थान आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने के सरकार के बड़े लक्ष्य से जुड़ा है।NECTAR कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें पूर्वोत्तर में केसर की खेती, जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती को बढ़ावा, ‘स्वामित्व’ योजना के तहत ड्रोन तकनीक से जमीन की मैपिंग और बांस व शहद उत्पादन में तकनीकी सुधार शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर NECTAR को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनानी है, तो उसे किसी एक खास क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी, ठीक वैसे ही जैसे आईआईटी और अन्य प्रमुख संस्थान अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञ बन गए हैं।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिछले 10 वर्षों में यहां आधारभूत ढांचे और तकनीक के क्षेत्र में जबरदस्त सुधार हुए हैं। पहले जहां इस क्षेत्र में सड़क, रेलवे और हवाई संपर्क की समस्या थी, वहीं अब कनेक्टिविटी बेहतर होने से आर्थिक और वैज्ञानिक विकास संभव हो पाया है। -
नई दिल्ली । भारत सरकार ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को बढ़ावा देने के लिए 1 अरब डॉलर (लगभग 83,000 करोड़ रुपये) के फंड की घोषणा की है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी WAVES 2025 समिट से पहले एक उच्च स्तरीय बैठक में दी। WAVES 2025 एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मनोरंजन सम्मेलन है, जो 1 से 4 मई तक मुंबई में आयोजित होगा। यह इवेंट कंटेंट क्रिएटर्स, मीडिया पेशेवरों, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स और इंडस्ट्री लीडर्स को एक मंच पर लाएगा। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि इस फंड का उद्देश्य हाई-वैल्यू डिजिटल कंटेंट निर्माण को बढ़ावा देना और नई प्रतिभाओं को अवसर देना है।
केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस आयोजन को मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि वेव्स 2025 के जरिए नई संभावनाओं, इनोवेशन और इंडस्ट्री की चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। डिजिटल युग में मीडिया तेजी से बदल रहा है, और इसके साथ कई नई चुनौतियां और अवसर भी सामने आ रहे हैं। इस सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्ट्रीमिंग क्रांति, बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights), फेक न्यूज और मीडिया इंडस्ट्री के भविष्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी।कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इससे मीडिया, मनोरंजन और डिजिटल सेक्टर में सहयोग को और मजबूती मिलेगी। WAVES 2025 भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का एक बड़ा अवसर होगा। सरकार का यह फंड नए और उभरते कंटेंट क्रिएटर्स को वित्तीय सहायता देगा, जिससे वे डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बना सकें। -
नयी दिल्ली. देश में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, खासकर महारत्न और नवरत्न कंपनियों में, पिछले चार वर्षों के दौरान निदेशकों की बोर्ड मीटिंग में मौजूदगी उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है। एक्सिलेंस इनेबलर्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में निदेशक मंडल की बैठक में किसी भी निदेशक की उपस्थिति शून्य नहीं थी। इसके उलट वित्त वर्ष 2022-23 में 14 निदेशकों की उपस्थिति शून्य थी। वित्त वर्ष 2021-22 में ऐसे नौ निदेशक थे जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में तीन निदेशक किसी भी बोर्ड बैठक में शामिल नहीं हुए थे। देश की 13 महारत्न और 20 नवरत्न कंपनियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, निदेशक मंडल की प्रत्येक बैठक में कार्यकारी एवं गैर-कार्यकारी दोनों ही तरह के निदेशकों को मौजूद होना चाहिए। उनकी अनुपस्थिति केवल असाधारण कारणों से ही होनी चाहिए। कानूनी रूप से यह अनिवार्य है कि हर निदेशक प्रति वर्ष कम से कम एक बोर्ड मीटिंग में शामिल हो। लेकिन सर्वेक्षण में यह पाया गया कि इस मानक का या कि यह मानक स्पष्ट रूप से असंतोषजनक है। सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि पिछले वित्त वर्ष में शून्य उपस्थिति वाले निदेशकों की नियुक्ति को समाप्त करने के प्रश्न पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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ठाणे. महाराष्ट्र के पनवेल स्थित एक आवासीय परिसर में एक महिला ने कथित तौर पर अपनी आठ वर्षीय बेटी को 29वीं मंजिल के फ्लैट से धक्का दे दिया और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना बुधवार सुबह आठ बजे पलास्पे में घटी।
पनवेल पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया, "मैथिली दुआ (37) नामक महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। उसने अपने बच्ची को धक्का देकर मार डाला और फिर खुद भी कूद गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।" -
नयी दिल्ली. नये विद्यार्थियों के वास्ते गुवाहाटी के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने पहले सप्ताह में परिसर में परिसंवाद सत्र, संकाय सदस्यों के साथ सुबह की सैर, अनिवार्य परामर्श सत्र और व्यापक चिकित्सा जांच तथा तनाव से मुक्ति के लिए कार्यशालाओं के आयोजन की योजना बनायी है ताकि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके और आत्महत्या को रोका जा सके। संस्थान में पिछले सेमेस्टर में लगातार कुछ विद्यार्थियों के आत्महत्या कर लेने बाद हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद ये कदम उठाये गये हैं। आईआईटी-गुवाहाटी के निदेशक देवेंद्र जलिहाल के अनुसार, संस्थान ने विद्यार्थियों की आत्महत्या की रोकथाम के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। उन्होंने बताया, ‘‘हमने समग्र कल्याण केंद्र के रूप में एक समर्पित मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श प्रणाली शुरू की है। इस केंद्र का एक हिस्सा साथी परामर्श क्लब है, जिसमें छात्र स्वयंसेवक पेशेवर परामर्शदाताओं की मदद से अन्य विद्यार्थियों को उनके मानसिक और समग्र कल्याण में सहायता करते हैं।'' जलिहाल ने कहा, ‘‘हम सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों को छात्रावास के विशेष प्रबंधक के रूप में नियुक्त करने पर विचार कर रहे हैं, जो नियमित रूप से विद्यार्थियों से बातचीत करेंगे, ताकि उन्हें सहज महसूस हो और फिर ये प्रबंधक अपना अनुभव परामर्शदाताओं के साथ साझा करें। यह सब गोपनीय तरीके से किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विद्यार्थी भयभीत न हों या उनकी निजता का उल्लंघन न हो।'' उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को चिंता और तनाव से निपटने में मदद के लिए आहार विशेषज्ञों की भी नियुक्ति की जा रही है। विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए, कई आईआईटी उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए अलग-अलग उपाय कर रहे हैं। सितंबर में उत्तर प्रदेश के तीसरे वर्ष के कंप्यूटर विज्ञान के छात्र की कथित आत्महत्या के बाद आईआईटी-गुवाहाटी के विद्यार्थियों ने जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया था तथा इस घटना के संबंध में न्याय और सभी के लिए उचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता की मांग की थी। यह 2024 में इस प्रकार की चौथी घटना (आत्महत्या) थी।
आईआईटी-गुवाहाटी में छात्र मामलों के डीन पेरुमल अलगरसामी परिसर में मानसिक कल्याण पहल की अगुवाई कर रहे हैं। अलगरसामी ने कहा, ‘‘हमने निर्णय लिया है कि पहले सप्ताह में जब नए विद्यार्थी परिसर में आएंगे तो उनके लिए कक्षाएं नहीं होंगी, बल्कि एक अनुकूलन कार्यक्रम होगा, ताकि वे खुद को असहज महसूस न करें। विद्यार्थियों को संकाय सदस्यों के साथ सुबह की सैर के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि कक्षा में प्रवेश करने से पहले वे एक-दूसरे के साथ तालमेल बना सकें।'' उन्होंने कहा कि ‘पीयर मेंटरशिप कार्यक्रम' के तहत मेंटर नियुक्त जायेंगे जो नये विद्यार्थियों को प्रासंगिक जानकारी प्रदान करने, संदेहों को दूर करने और विभिन्न चुनौतियों में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा जब नए विद्यार्थी खुद को खोया हुआ महसूस करेंगे तो उनके लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। अलगरसामी ने बताया कि जैसे ही नए विद्यार्थी परिसर में पहुंचेंगे, एक गर्मजोशीपूर्ण और समावेशी माहौल स्थापित करने तथा आपसी संपर्क को सुगम बनाने के लिए एक अंतर्संवाद सत्र आयोजित किया जायेगा। विद्यार्थियों को सेमेस्टर परीक्षाओं के दबाव से निपटने में मदद करने के लिए, साथी परामर्श क्लब ने हाल में एक तनाव निवारण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य तनाव से निपटने और उसे प्रबंधित करने तथा उद्यमिता और कैरियर विकल्पों की खोज करने के बारे में ज्ञान साझा करना था। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक व्यक्ति को अपने दो नाबालिग बेटों की इस हफ्ते की शुरूआत में हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हत्या की घटना को अंजाम देने में मदद करने को लेकर आरोपी की मां को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी व्यक्ति को इस हफ्ते की शुरूआत में हिरासत में लिया गया था। घटना 9 मार्च को फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में हुई और पुलिस ने अगले दिन सुबह दोनों नाबालिगों के शव उनके घर पर एक बंद कमरे से बरामद किए थे। मृतकों की पहचान आकाश मोहंती (14) और विकास मोहंती (9) के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक एस सुश्री ने बताया, ‘‘दो साल पहले अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद, आरोपी दूसरी शादी की तैयारी कर रहा था। लेकिन, उसके दोनों बेटे, खास तौर पर बड़ा बेटा, इस फैसले का विरोध कर रहा था। इसलिए, आरोपी ने अपनी मां की मदद से दोनों लड़कों की गला घोंटकर हत्या कर दी और उनके शवों को छत से लटका दिया।'' इससे पहले, दोनों नाबालिगों के मामा अंतर्मयी मोहंती ने आरोप लगाया था कि बच्चों की हत्या परिवार के ही सदस्यों ने की है, क्योंकि वे अपने पिता की दूसरी शादी का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने नाबालिगों की नानी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत का हवाला देते हुए कहा था, "बच्चे दूसरी शादी के सख्त खिलाफ थे।" -
नयी दिल्ली. गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 59 साल के व्यक्ति को बचाने की लिए उसकी 80 वर्षीय मां ने अपना गुर्दा देकर उसे नया जीवन दिया है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली में रोहिणी निवासी व्यवसायी राजेश ने अपनी मां दर्शना जैन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा, “मेरी मां ने मुझे दूसरा जन्म दिया।” राजेश ने बताया कि दो साल पहले जब उन्हें गुर्दे की बीमारी का पता चला तो उनकी मां और बेटा दोनों गुर्दा दान करने के लिए आगे आए। चिकित्सा परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उनकी मां का गुर्दा प्रतिरोपण के लिये उपयुक्त है।
राजेश ने बताया, “उस समय मैं झिझक रहा था। मेरी मां बुजुर्ग हैं और मुझे उनका गुर्दा लेने में चिंता हो रही थी, क्योंकि मुझे लग रहा था कि समाज क्या कहेगा? इसलिए, मैंने प्रतिरोपण न करवाने का फैसला किया।” हालांकि, समय बीतने के साथ उनकी हालत खराब होती गई और वे कमजोर होते गए, तब राजेश के परिवार के सदस्यों ने उन्हें निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए राजी किया और अंततः वे प्रतिरोपण के लिए सहमत हो गए। यह सर्जरी बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में की गई।राजेश की मां दर्शना जैन को ऑपरेशन के चौथे दिन छुट्टी दे दी गई। राजेश को ऑपरेशन के छठे दिन छुट्टी दी गई। राजेश ने बताया कि उनकी मां अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी हालत में सुधार है, जबकि उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए डॉक्टर की सलाह पर तीन महीने तक आराम करना होगा। -
नयी दिल्ली. चिली ने भारत के साथ कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की तीव्र इच्छा व्यक्त की है। कृषि मंत्रालय ने यह जानकारी दीं बुधवार को वर्चुअल तरीके से आयोजित कृषि पर पहली भारत-चिली संयुक्त कार्यसमूह की बैठक में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया। एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों ने बाजार पहुंच, बागवानी क्षेत्र में सहयोग, विस्तार के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और अनुसंधान सहयोग सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।'' चिली के कृषि अध्ययन और नीति ब्यूरो (ओडीईपीए) में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विभाग के निदेशक गेब्रियल लेसेका ने कहा, ‘‘चिली, भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और कृषि और संबद्ध क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की तीव्र इच्छा व्यक्त करता है।'' उन्होंने कहा कि कृषि में अपने समृद्ध अनुभव के साथ दोनों देशों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने और किसानों के कल्याण में सुधार करने में एक-दूसरे के पूरक होने की क्षमता है। लेसेका ने आगे कहा कि यह बैठक भारत और चिली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में और भी अधिक सहयोग के लिए मंच तैयार करता है। कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अजीत कुमार साहू ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल कृषि मिशन, लखपति दीदी कार्यक्रम और कृषि सखी जैसी महिला-नेतृत्व वाली विकास पहल जैसी कई अभिनव पहल पर प्रकाश डाला। बैठक में कृषि और किसान कल्याण विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पशुपालन और डेयरी विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं और कामना की कि हर्ष एवं उल्लास से भरा यह पावन-पर्व भारतवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे। देशभर में शुक्रवार को होली का त्योहार मनाया जाएगा।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आप सभी को होली की ढेरों शुभकामनाएं। हर्ष और उल्लास से भरा यह पावन-पर्व हर किसी के जीवन में नयी उमंग और ऊर्जा का संचार करने के साथ ही देशवासियों की एकता के रंग को और प्रगाढ़ करे, यही कामना है।'' - नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों से भारत की गाथा को दुनिया तक पहुंचाने तथा आर्थिक वृद्धि में और योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने अपने काम के केंद्र में विश्वास और प्रामाणिकता रखने और अपने कार्यों के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही लेने की भी बात कही। गोयल ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कम लागत वाले डेटा (इंटरनेट) तक पहुंच इस सरकार की डिजिटल इंडिया नीति के प्रमुख स्तंभों में से एक रही है। इसने भारत को वैश्विक स्तर पर डेटा का सबसे बड़ा उपभोक्ता बना दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे डेटा की लागत यूरोप, अमेरिका या किसी अन्य विकसित देश की तुलना में बहुत कम है। जब हम कम लागत वाले डेटा को भारत के पास मौजूद उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा के साथ जोड़ते हैं, तो हमारे पास रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक क्रांति होती है और यह हमारा इंतजार कर रही है।'' मंत्री ने भारत के रचनात्मक क्षेत्र में व्यापक अवसरों का भी जिक्र किया। यह फिल्म, नाटक और थिएटर जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर गेमिंग, एआई (कृत्रिम मेधा)-संचालित सामग्री निर्माण और डिजिटल मीडिया को शामिल करने के लिए तेजी से विकसित हो रहा है।
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नई दिल्ली। भारत में वन क्षेत्र बढ़कर 8,27,357 वर्ग किलोमीटर हो गया है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। वन क्षेत्र में यह बढ़ोतरी 2015 में दर्ज 7,94,245 वर्ग किलोमीटर (24.16%) की तुलना में अधिक है। यह जानकारी हाल ही में जारी “ISFR 2023” रिपोर्ट में दी गई है। वन सर्वेक्षण विभाग देहरादून, हर दो साल में वन क्षेत्र का आकलन करता है। यह विभाग केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
गौरतलब है कि राज्य वन विभाग वनों की सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय करते हैं। इनमें वन क्षेत्रों का सर्वेक्षण, सीमा निर्धारण, सुरक्षा के लिए स्तंभ (pillars) स्थापित करना और नियमित गश्त करना शामिल है। इसके अलावा, केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी प्रदान करती है ताकि वनों को संरक्षण और प्रबंधन किया जा सके।वहीं वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए सरकार ने नेशनल मिशन फॉर ए ग्रीन इंडिया, वाइल्डलाइफ हैबिटेट डेवलपमेंट और नगर वन योजना जैसी कई योजनाएं चलाई हैं। इसके अलावा, प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (CAMPA) के तहत भी वनीकरण किया जा रहा है।पिछले पांच वर्षों में इन योजनाओं के तहत सरकार ने बड़ी धनराशि जारी की है। ग्रीन इंडिया मिशन के लिए 624.69 करोड़ रुपये, वन्यजीव आवास विकास के लिए 452.04 करोड़ रुपये, नगर वन योजना के लिए 308.87 करोड़ रुपये और CAMPA की वार्षिक योजना (Annual Plan of Operations) के तहत 38,502.21 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन निधियों का उपयोग वनों के पुनर्स्थापन, आवास सुधार, मृदा एवं जल संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण के लिए किया जाता है।वन क्षेत्र में हुई वृद्धि सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री, कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के रूप में दी। - नयी दिल्ली. भारत के स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने बुधवार को हवा से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल ‘अस्त्र' का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर तट पर किया गया। मंत्रालय ने कहा, "इस परीक्षण में उड़ते लक्ष्य पर मिसाइल के सीधे प्रहार का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।" मंत्रालय ने कहा, ‘‘सभी उप-प्रणालियों ने सभी मिशन मापदंडों और उद्देश्यों को पूरा करते हुए सटीक प्रदर्शन किया।" अस्त्र मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1930 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में दांडी यात्रा में हिस्सा लेने वालों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी और इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में निर्णायक अध्याय बताया। गांधी ने नमक पर ब्रिटिश कर के विरोध में आज ही के दिन साबरमती आश्रम से दांडी तक यात्रा शुरू की थी।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज, हम उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने ऐतिहासिक दांडी यात्रा में भाग लिया, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक अध्याय है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में, इस मार्च ने आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता के लिए एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन को प्रज्वलित किया।'' उन्होंने कहा कि दांडी यात्रा में भाग लेने वाले सभी लोगों का साहस, बलिदान और सत्य और अहिंसा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है। इस यात्रा को बड़े पैमाने पर लोगों का समर्थन मिला। इसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। -
नयी दिल्ली. क्यूएस विषयवार रैंकिंग में दुनिया के शीर्ष 50 में नौ भारतीय विश्वविद्यालय और संस्थान शामिल हैं जबकि सूची में शामिल कुछ शीर्ष संस्थानों जैसे तीन आईआईटी, दो आईआईएम और जेएनयू के स्थान में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आई है। लंदन स्थित क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा बुधवार को घोषित विषयवार विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग के 15वें संस्करण के अनुसार, भारत ने विषयवार रैंकिंग और व्यापक संकाय क्षेत्रों में शीर्ष 50 में 12 स्थान हासिल किए हैं। इस मामले में भारतीय खनन विद्यालय (आईएसएम), धनबाद अग्रणी रहा है जो इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए विश्व स्तर पर 20वें स्थान पर है। क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) एक उच्च शिक्षा विश्लेषक और सेवा प्रदाता है। यह दुनियाभर के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी करता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई और खड़गपुर को इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए 28वें एवं 45वें स्थान पर रखा गया है। हालांकि, दोनों संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट देखी गई है। आईआईटी दिल्ली और मुंबई, जो इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी विषय के लिए 45वें स्थान पर थे, ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए क्रमशः 26वां और 28वां स्थान प्राप्त किया है। दोनों संस्थानों ने इंजीनियरिंग-इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक में भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है और शीर्ष 50 की सूची में प्रवेश किया है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद और बेंगलुरु व्यवसाय और प्रबंधन अध्ययन विषय के लिए दुनिया के शीर्ष 50 में बने हुए हैं, लेकिन उनकी रैंकिंग में पिछले वर्ष के मुकाबले गिरावट आई है। आईआईएम अहमदाबाद की रैंकिंग 22 से गिरकर 27 पर आ गई जबकि आईआईएम बेंगलुरु की रैंकिंग 32 से गिरकर 40 पर आ गई। आईआईटी मद्रास (पेट्रोलियम इंजीनियरिंग) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) (विकास अध्ययन) विश्व के शीर्ष 50 में बने रहे, लेकिन उनकी रैंकिंग में कुछ गिरावट भी आई। क्यूएस विषय-विशिष्ट रैंकिंग के नवीनतम संस्करण में, भारत में नयी प्रविष्टियों की संख्या चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और कोरिया के बाद पांचवें स्थान पर है तथा कुल प्रविष्टियों की संख्या के मामले में 12वें स्थान पर है। शीर्ष 100 में भारत के नए प्रवेशकों में डाटा विज्ञान और कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए आईआईटी मद्रास और वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा इंजीनियरिंग-खनिज और खनन विषय के लिए आईआईएससी बेंगलुरु और आईआईटी कानपुर शामिल हैं। क्यूएस की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेसिका टर्नर ने कहा कि भारत ने एआई, हरित और डिजिटल कौशल जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा दिखाई है, लेकिन स्थिरता और उद्यमशीलता क्षमताओं में महत्वपूर्ण अंतर बना हुआ है। विषयवार 2025 ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग' में 79 भारतीय विश्वविद्यालयों से 533 प्रविष्टियां शामिल थीं जबकि पिछले वर्ष 424 प्रविष्टियां थीं। इनमें से 156 प्रविष्टियों में सुधार हुआ, 101 में गिरावट आई और 154 स्थिर रहीं जबकि 122 नयी प्रविष्टियां इस संस्करण में पहली बार शामिल हुईं। कंप्यूटर विज्ञान और सूचना प्रणाली विषय भारत का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला विषय बना हुआ है। इसमें पिछले वर्ष 28 प्रविष्टियां थीं जो इस वर्ष बढ़कर 42 प्रविष्टियां हो गई हैं।




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