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नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बीमा सखी योजना में एक महीने के भीतर 50 हजार से ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण के जरिए विकसित भारत की दिशा में एक पहल के तौर पर इस योजना की शुरुआत की थी।
बीमा सखियों के लिए कुल 52,511 पंजीकरणएलआईसी ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि उद्घाटन के एक महीने बाद बीमा सखियों के लिए कुल 52,511 पंजीकरण हुए हैं। कंपनी ने कहा कि 27,695 बीमा सखियों को पॉलिसी बेचने के लिए नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। वहीं, 14,583 बीमा सखियों ने पॉलिसी को बेचना शुरू कर दिया है।देश की प्रत्येक पंचायत से बनेंगी बीमा सखीइस अवसर पर एलआईसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सिद्धार्थ मोहंती ने कहा, “हमारा उद्देश्य एक वर्ष के भीतर देश की प्रत्येक पंचायत को कम से कम एक बीमा सखी से कवर करना है।” उन्होंने कहा कि एलआईसी महिलाओं को उचित कौशल प्रदान करके और उन्हें मजबूत डिजिटल उपकरणों से सशक्त बनाकर बीमा सखी धारा को मजबूत कर रही है।प्रत्येक बीमा सखी को वजीफाइस योजना के अनुसार प्रत्येक बीमा सखी को पहले वर्ष 7 हजार रुपये, दूसरे वर्ष 6 हजार रुपये तथा तीसरे वर्ष 5 हजार रुपये मासिक वजीफा (भुगतान) दिया जाएगा। ये वजीफा एक बुनियादी सहायता भत्ते के रूप में काम करता है। इसके अतिरिक्त, महिला एजेंट अपनी बीमा पॉलिसियों के आधार पर कमीशन कमा सकती हैं। इस योजना में व्यवसाय पर अर्जित कमीशन के अलावा तीन साल के लिए मासिक भुगतान का लाभ भी शामिल है।18 से 70 वर्ष की आयु की वे महिलाएं हो सकती हैं शामिलबता दें कि एलआईसी का लक्ष्य अगले तीन साल में 2 लाख बीमा सखियों की भर्ती करना है। 18 से 70 वर्ष की आयु की वे महिलाएं जो 10वीं कक्षा तक की शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं, वे इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं। -
नई दिल्ली। राज्य के पहाड़ी जिला डिमा हसाओ के उमरंगसो से 25 किमी दूर असम-मेघालय के सीमावर्ती 3 किलो मीटर में हुए कोयला खदान हादसे के चौथे दिन बचाव अभियान फिर से आज गुरुवार को सुबह गोताखोरों की मदद से आरंभ किया गया। हादसे के तीसरे दिन सुबह गोताखोरों ने एक शव को खदान से बाहर निकाला था। उसके बाद पूरे दिन अभियान को कोई सफलता नहीं मिली।
नेवी, थल सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटीप्रथम बटालियन एनडीआरएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज बताया है कि नेवी, थल सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इलाके में हुई बरसात के कारण बचाव अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। एनडीआरएफ के सूत्रों ने बताया है कि खदान 200 मीटर गहरा है। जिसे शुरू में 300 मीटर बताया गया था। कोयला खदान में अभी भी 50 से 60 फीट पानी भरा हुआ है। जिसे बाहर निकलने के लिए प्रयत्न किये जा रहे हैं।खदान से पानी निकालने की कोशिश जारीजानकारी के अनुसार कोल इंडिया का पंप भी संभवतः आज कोलकाता से पहुंचने वाला है। वहीं, आयल इंडिया के साथ ही जिला प्रशासन समेत अन्य एजेंसियों के पंप के जरिए खदान से पानी निकालने की कोशिश जारी हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद पानी तेजी से कम नहीं हो रहा है, लेकिन बढ़ने की रफ्तार भी तेज नहीं है। जिससे अभियान चला रहे एजेंसियों को बचाव कार्य में आशा की किरण दिखाई दे रही है।अभियान चला रहे गोताखोरों के अनुसार खदान के अंदर जितनी बार जांच की गयी, वहां कुछ भी नहीं मिला है। संभवतः खनिक रैट होल के अंदर हों इसलिए उनको खदान के अंदर ढूंढना बड़ी चुनौती है। माना जा रहा है कि पानी कम होने से तलाशी अभियान बेहतर ढंग से चलाया जा सकेगा।कोयला खदान में पानी भरने के चलते अंदर काम कर रहे खनिक फंसेउल्लेखनीय है कि कोयला खदान में गत सोमवार को अचानक पानी भरने के चलते अंदर काम कर रहे खनिक फंस गये। उनकी सटीक संख्या औपचारिक तौर पर सामने नहीं आई है। हालांकि, 11 लोगों के अंदर फंसे होने की बात कही जा रही है। जिसमें एक व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है, जो मूल रूप से पड़ोसी देश नेपाल का रहने वाला था। जिसकी पहचान राजेन शेर्च (42, जिला-उदयपुर,नेपाल) के रूप में की गयी है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में प्रवासी भारतीयों की निर्णायक भूमिका है। श्री मोदी ओडिशा के भुबनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का औपचारिक उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने वैश्विक विकास और भारत की विकास यात्रा में प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की।उन्होंने विश्वभर में देश के राजदूतों के रूप में भारतीय प्रवासियों की सेवाओं को उजागर किया। श्री मोदी ने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने दुनिया भर में उत्कृष्ट कार्य किए हैं और उनकी उपलब्धियां देश को गौरवान्वित करती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों को वैश्विक सम्मान दिलाने में भारतीय मूल्यों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में उन्होंने कई विश्व नेताओं से मुलाकात की है। दुनिया का हर नेता प्रवासी भारतीयों की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि इसका एक मुख्य कारण सामाजिक मूल्य हैं, जो प्रवासी भारतीयों ने दुनिया के समुदायों में समाहित किए हैं।भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत न केवल ‘लोकतंत्र की जननी’ है, बल्कि लोकतंत्र हमारी जीवन शैली में समाहित है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं और देश विश्व में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक गतिशीलता, लड़ाकू विमान विनिर्माण, मेट्रो और बुलेट ट्रेनों सहित सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है और जल्द ही प्रवासी भारतीय एयरक्राफ्ट बनाने में ‘मेड इन इंडिया’ कार्यक्रम में योगदान करेंगे।श्री मोदी ने भारत की युवा आबादी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य जोर देश के युवाओं के कौशल को उन्नत बनाने और उनकी क्षमता का बेहतर उपयोग करने पर है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कई प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया।इनमें केंद्र और राज्य स्तर के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा लगाए गए प्रमोशनल स्टॉल शामिल हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक खुशहाली को दर्शाते है।श्री मोदी ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि 1915 में इसी दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद भारत लौटे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ ही दिनों में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भारत में जीवंत त्योहारों का समय है, जहां प्रयागराज में आगामी महाकुंभ से लेकर मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल और माघ बिहू तक कई पर्व मनाए जाएंगे।श्री मोदी ने कहा कि ऐसे समय में देश में भारतीय प्रवासियों की उपस्थिति इस अवसर की उत्सवी भावना को और बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस की स्थापना में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया, जो भारत और उसके प्रवासियों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित हुआ है।ओडिशा की विरासत पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भूमि भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाती है, जिसमें उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएँ, कोणार्क मंदिर और ताम्रलिप्ति और माणिकपटना जैसे प्राचीन बंदरगाह शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये खजाने बहुत गर्व पैदा करते हैं।इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना के तहत प्रवासी भारतीयों के लिए एक विशेष पर्यटक ट्रेन, प्रवासी भारतीय एक्सप्रेस की उद्घाटन यात्रा को भी हरी झंडी दिखाई। दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रवाना होने वाली यह ट्रेन तीन सप्ताह तक भारतीय प्रवासियों को देश भर के विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर ले जाएगी।इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अश्विनी वैष्णव, ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। समारोह की शुरुआत तीन बार के ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज की प्रस्तुती के साथ हुई।कार्यक्रम में बोलते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि ओडिशा में प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की मेजबानी नरेंद्र मोदी सरकार की “पूर्वोदय” नीति को दर्शाती है, जो पूर्वी भारत के विकास और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में प्रवासी हर गुजरते साल के साथ और भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि चाहे वह तकनीक हो, पर्यटन हो, व्यापार हो या निवेश हो, वे जिस दोतरफा प्रवाह को संभव बनाते हैं, वह अमूल्य है। उन्होंने कहा कि भारत में लोगों को ध्यान में रखकर किए जाने वाले बदलावों से प्रवासी भारतीयों को भी लाभ मिलता है।मुख्य अतिथि त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू ने भी कार्यक्रम को अपने वीडियो संदेश से संबोधित किया। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन केंद्र सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, जो प्रवासी भारतीयों से जुड़ने और उन्हें एक-दूसरे से बातचीत करने में सक्षम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत कल युवा प्रवासी भारतीय दिवस के उद्घाटन के साथ हुई।इस वर्ष के प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का विषय है ‘विकसित भारत में प्रवासी भारतीयों का योगदान’। सम्मेलन में कई देशों से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भाग ले रहे हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल भुबनेश्वर में सम्मेलन के समापन समारोह में भाग लेंगी। राष्ट्रपति विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय प्रवासियों की उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित करेंगी। -
नयी दिल्ली. देश के अग्रणी बैंक एसबीआई की एक शोध रिपोर्ट में बुधवार को कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर लगभग 6.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो 6.4 प्रतिशत के सरकारी अनुमान से थोड़ा कम है। एक दिन पहले ही राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने वित्त वर्ष 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया है। विनिर्माण क्षेत्र के खराब प्रदर्शन और कमजोर निवेश के कारण वृद्धि दर धीमी होने की बात कही गई। इसके पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिसंबर में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रह सकती है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शोध रिपोर्ट ‘इकोरैप' के मुताबिक, आरबीआई और एनएसओ के अनुमानों के बीच का अंतर हमेशा ही 0.20-0.30 प्रतिशत की सीमा में रहता आया है। लिहाजा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 6.4 प्रतिशत का अनुमान अपेक्षित और उचित है। रिपोर्ट कहती है, ‘‘हालांकि, हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी की वृद्धि दर नीचे की ओर झुकाव के साथ लगभग 6.3 प्रतिशत रह सकती है।'' एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष द्वारा लिखित यह रिपोर्ट कहती है कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि में सुस्ती और मौजूदा कीमतों पर जीडीपी के आकार में बढ़ोतरी लगभग स्थिर रहने के बावजूद चालू वित्त वर्ष में बाजार मूल्य पर प्रति व्यक्ति जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, सकल घरेलू उत्पाद का पहला अग्रिम अनुमान सामान्य रूप से 2024-25 में समग्र मांग में सुस्ती को दर्शाता है। हालांकि, सकारात्मक योगदान देने वाले घटकों में सरकारी खपत शामिल है, जिसमें मौजूदा कीमतों के संदर्भ में 8.5 प्रतिशत (वास्तविक कीमतों के संदर्भ में 4.1 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है। निर्यात ने भी आठ प्रतिशत (वास्तविक कीमतों के संदर्भ में 5.9 प्रतिशत) की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। एसबीआई के अध्ययन में कहा गया है कि मांग का चिंताजनक पहलू सकल पूंजी निर्माण में सुस्ती है, जिसमें पूंजी निर्माण में वृद्धि 2.70 प्रतिशत घटकर 7.2 प्रतिशत रह गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘कुल मिलाकर स्थिति यह है कि मांग कमजोर बनी हुई है और वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4 प्रतिशत का आंकड़ा एक बाहरी सीमा है। वास्तविक वृद्धि निश्चित रूप से अनुमानित आंकड़े से कम है।'' रिपोर्ट कहती है कि नवंबर, 2024 के अंत में राजकोषीय घाटा 8.5 लाख करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का 52.5 प्रतिशत था। हालांकि, संशोधित जीडीपी आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए, यदि बजट अनुमान के अनुरूप कर प्राप्तियां बढ़ीं, कम पूंजीगत व्यय के कारण सरकारी व्यय कम हुआ, तो चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.9 प्रतिशत रहेगा। हालांकि, यदि सरकार 16.1 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर कायम रहती है तो संशोधित जीडीपी आंकड़ों के लिहाज से राजकोषीय घाटा पांच प्रतिशत पर रहेगा। केंद्रीय बजट में सरकार ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.9 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।
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बदायूं (उप्र). बदायूं जिले के उघैती क्षेत्र में सोरहा गांव के लोग 250 केवीए के ट्रांसफॉर्मर की चोरी के बाद 14 दिसंबर से बिना बिजली के रहे हैं। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार चोरों ने पास के खेतों से ट्रांसफॉर्मर को उखाड़ दिया, उसके पुर्जे और अन्य कीमती सामानों को चुरा लिया और फिर वे भाग गए। बिजली विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस और बिजली विभाग ने जांच शुरू की, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में कोई नया ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया गया है। इससे ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही है, जिन्हें अब बिजली न होने के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब पांच हजार की आबादी वाला यह गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित विद्यार्थी हैं जो फरवरी में शुरू होने वाली उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के बिना विद्यार्थी रात में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ रहा है। ग्राम प्रधान सतपाल सिंह ने कहा, "बिजली के अभाव में बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ‘इनवर्टर' और मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।" उघैती बिजली उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार ने कहा, "ट्रांसफार्मर चोरी के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। एक-दो दिन में नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा।
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मुंबई/ वरिष्ठ पत्रकार, कवि और फिल्मकार प्रीतीश नंदी का बुधवार को मुंबई में निधन हो गया। उनके करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि नंदी (73) का दक्षिण मुंबई स्थित उनके आवास में दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ और शाम को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में वरिष्ठ अभिनेता और नंदी के मित्र अनुपम खेर ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। खेर ने लिखा, मेरे सबसे प्रिय और करीबी दोस्तों में से एक प्रीतीश नंदी के निधन के बारे में जानकर बहुत दुखी हूं। वह अद्भुत कवि, लेखक, फिल्म निर्माता और बहादुर पत्रकार थे। नंदी, शिवसेना के पूर्व राज्यसभा सदस्य थे और पशु अधिकार समर्थक भी थे। उनकी, प्रीतीश नंदी कम्युनिकेशंस कंपनी ने ‘सुर', ‘कांटे', ‘झंकार बीट्स', ‘चमेली' जैसी फिल्में बनाईं और वेब सीरीज ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज' का भी निर्माण किया।
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तिरुपति। तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) प्रमुख ने यह जानकार दी। यह भगदड़ उस समय मची, जब वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए सैकड़ों लोग टिकट पाने की कोशिश कर रहे थे।
देश भर से सैकड़ों श्रद्धालु 10 जनवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए यहां आए हैं। टीटीडी प्रमुख बी आर नायडू ने कहा कि भगदड़ में छह लोगों के मारे जाने की खबर मिली है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू बृहस्पतिवार को तिरुपति आएंगे। - महाकुंभ नगर । महाकुंभ शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है, ऐसे में राज्य पुलिस ने मेला क्षेत्र में, खासकर संगम के आसपास सघन जांच अभियान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार का अनुमान है कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक धार्मिक समागम के दौरान विदेशियों सहित करीब 40 से 45 करोड़ पर्यटक आएंगे। यहां जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘महाकुंभ 2025 के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण (आईपीएस) के नेतृत्व में मुख्य स्नान पर्व से पहले सघन जांच अभियान शुरू किया गया। अभियान में संगम घाट, पंटून पुल और प्रमुख चौराहों जैसे प्रमुख स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।'' डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और सुरक्षा के प्रति कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए। बयान के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के नेतृत्व में टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की गहन जांच की। सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए पंटून पुलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।आगामी पर्व की तैयारी में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। सभी पुलिस थानों को सतर्क रहने और शांतिपूर्ण महाकुंभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने सहायता के लिए तत्काल अनुरोध के जवाब में, असम के दीमा हसाओ जिले के एक सुदूर औद्योगिक शहर उमरंगसो में फंसे खनिकों को बचाने के लिए एक विशेष टीम को तैनात किया है। इस टीम में एक अधिकारी और ग्यारह नाविक शामिल हैं, जिसमें अत्यधिक प्रशिक्षित क्लीयरेंस डाइवर्स शामिल हैं जो गहरे पानी में गोता लगाने और बचाव कार्यों में कुशल हैं।
टीम इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील मिशन के लिए पूरी तरह सुसज्जित है, तथा खोज और बचाव के लिए गहरे गोताखोरी उपकरण और पानी के भीतर रिमोट संचालित वाहन (आरओवी) जैसे विशेष उपकरण लेकर चल रही है।तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ परस्पर समन्वय के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।भारतीय नौसेना की टीम विशाखापत्तनम से 7 जनवरी 2025 को भारतीय वायुaसेना द्वारा संचालित हवाई मार्ग से घटनास्थल पर पहुंची।गहन खोज एवं बचाव अभियान जारी है, तथा सुचारू एवं समयबद्ध बचाव अभियान के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ नियमित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है।भारतीय नौसेना संकट के समय त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, तथा यह आपात स्थितियों में जीवन की रक्षा करने तथा राष्ट्र को सहयोग देने के अपने संकल्प को दर्शाती है। -
नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूंजीगत व्यय का 76 प्रतिशत किया खर्च, देश में चल रही 136 वंदे भारत ट्रेनें
रेल मंत्रालय ने चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आवंटित बजटीय पूंजीगत व्यय का 76 प्रतिशत वर्ष के पहले नौ महीने और 4 दिनों में खर्च कर दिया है। भारतीय रेलवे की नवीनतम व्यय रिपोर्ट के अनुसार 5 जनवरी तक क्षमता वृद्धि में भारी निवेश किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत में रेल यात्रा को विश्व स्तरीय बनाना है। पिछले एक दशक से लगातार पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का फल 136 वंदे भारत ट्रेनों, ब्रॉड गेज के लगभग 97 प्रतिशत विद्युतीकरण, नई लाइनें बिछाने, गेज परिवर्तन, ट्रैक के दोहरीकरण, यातायात सुविधा कार्य, सार्वजनिक उपक्रमों और महानगरीय परिवहन में निवेश के रूप में दिखाई दे रहा है। यह जानकारी भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज के द्वारा दी।हम सभी विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैंआधिकारिक बयान के अनुसार भारतीय रेलवे की 5 जनवरी 2025 तक की नवीनतम व्यय रिपोर्ट के अनुसार, क्षमता वृद्धि में भारी निवेश किया गया है, जिसका लक्ष्य भारत में रेल यात्रा को विश्व स्तरीय अनुभव बनाना है। विकास के इस पथ पर अच्छी तरह से आगे बढ़ते हुए, भारतीय रेलवे आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए करदाताओं के पैसे को पूंजीगत व्यय में लगा रहा है, इस प्रकार “भविष्य के लिए तैयार” भारतीय रेलवे की दिशा में योगदान दे रहा है क्योंकि हम सभी विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं।बजट अनुमान 2024-25 में रेलवे के लिए कुल पूंजीगत व्यय 2,65,200 करोड़ रुपयेबयान में कहा गया है कि बजट अनुमान 2024-25 में रेलवे के लिए कुल पूंजीगत व्यय 2,65,200 करोड़ रुपये है, जिसमें सकल बजटीय सहायता 2,52,200 करोड़ रुपये है। इसमें से 1,92,446 करोड़ रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं। रोलिंग स्टॉक के लिए बजटीय प्रावधान 50,903 करोड़ रुपये का था। इसमें से 5 जनवरी तक 40, 367 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो रोलिंग स्टॉक के लिए आवंटित बजट का 79 प्रतिशत है। सुरक्षा संबंधी कार्यों में 34,412 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन में से खर्च की गई राशि 28,281 रुपये है, जो आवंटित राशि का 82 प्रतिशत है।सरकार की प्राथमिकता है भारतीय रेलवे को एक विश्व स्तरीय इकाई में बदलनारेलवे के अनुसार सरकार ने भारतीय रेलवे को एक विश्व स्तरीय इकाई में बदलने को प्राथमिकता दी है, जो कि औसतन 2.3 करोड़ भारतीयों को प्रतिदिन देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक सस्ती कीमत पर पहुंचाती है।पिछले एक दशक से लगातार पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का फल 136 वंदे भारत ट्रेनों, ब्रॉड गेज के लगभग 97 प्रतिशत विद्युतीकरण, नई लाइनें बिछाने, गेज परिवर्तन, ट्रैक के दोहरीकरण, यातायात सुविधा कार्य, सार्वजनिक उपक्रमों और महानगरीय परिवहन में निवेश के रूप में दिखाई दे रहा है। इस पूंजीगत व्यय से अरबों भारतीयों को मामूली लागत पर तेज, सुरक्षित और विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव हुआ है।भारत में रेल यात्रियों को बहुत जल्द लंबी दूरी की यात्रा के लिए विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्राप्त होगावंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के गति परीक्षण और सुरक्षा प्रमाणन चरण में होने के साथ, भारत में रेल यात्री बहुत जल्द लंबी दूरी की यात्रा के लिए विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव करने के लिए तैयार हैं। यह समग्र यात्रा अनुभव में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। भारतीय रेलवे का यह परिवर्तन विकसित भारत की दूरदर्शी दूरदर्शिता और भारतीय रेलवे द्वारा मिशन मोड में आधुनिकीकरण परियोजनाओं पर खर्च करके इसके त्वरित निष्पादन के बिना संभव नहीं होता। -
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में एक के बाद विकास परियोजनाओं को शिलान्यास के बाद अब उद्घाटन होने लगा है। इसी क्रम में पीएम मोदी 13 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेंगे। वह श्रीनगर-सोनमर्ग मार्ग पर जेड मोड़ सुरंग का उद्घाटन करेंगे, ताकि सोनमर्ग को सभी मौसमों में पर्यटन स्थल बनाया जा सके।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जेड मोड़ सुरंग गगनगीर से सोनमर्ग तक सड़क को बाईपास करेगी, जिससे आगंतुक और स्थानीय लोग पूरे साल हिल स्टेशन का दौरा कर सकेंगे। वर्तमान में सड़क का गगनगीर-सोनमर्ग खंड भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण अवरुद्ध हो जाता है। जेड मोड़ सुरंग जम्मू और कश्मीर के गांदरबल जिले में गगनगीर और सोनमर्ग के बीच 6.5 किलोमीटर लंबी 2-लेन वाली सड़क सुरंग है। इसका नाम सड़क के जेड आकार के खंड के नाम पर रखा गया है, जिसे सुरंग में बदल दिया है।निकटवर्ती जोजी-ला सुरंग के साथ श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर यह भू-रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग बालटाल (अमरनाथ गुफा), कारगिल और लद्दाख क्षेत्र के अन्य स्थानों को साल भर मौसम-प्रूफ़ संपर्क प्रदान करेगी। सोनमर्ग को हर मौसम में संपर्क प्रदान करने के अलावा सुरंग स्थानीय युवाओं को रोजगार में मदद करेगी और क्षेत्र में पर्यटन और संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देगी। यह 31 सड़क सुरंगों में से एक है, जिनमें से 20 जम्मू और कश्मीर में और 11 लद्दाख में हैं। सुरंग का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था। 20 अक्टूबर, 2024 को सुरंग के कर्मचारी आतंकी हमले की चपेट में आ गए थे, जब दो आतंकवादी गगनगीर में श्रमिकों के शिविर में आ घुसे थे। जेड मोड़ सुरंग का निर्माण कर रही इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के छह गैर-स्थानीय श्रमिकों सहित सात नागरिक मारे गए थे। हमले में एक स्थानीय डॉक्टर की भी मौत हो गई थी। - पणजी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को सभी को बीमा प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में 'बीमा सखी योजना' शुरू की। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके साथ, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित इस प्रमुख योजना को लागू करने वाला गोवा, हरियाणा के बाद दूसरा राज्य बन गया। केंद्र सरकार के पोर्टल के अनुसार, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बीमा सखी योजना पहल 18-70 वर्ष की आयु की ऐसी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाई गई है, जो दसवीं कक्षा पास हैं। वित्तीय साक्षरता और बीमा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए उन्हें पहले तीन वर्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण और वजीफा मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद, वे एलआईसी एजेंट के रूप में काम कर सकती हैं और बीमा सखियों को एलआईसी में विकास अधिकारी (डीओ) के तौर पर कार्य करने का भी मौका मिल सकता है। लाभार्थियों को बीमा सखी योजना पत्र वितरित करने के बाद, मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि यह योजना न केवल इन महिलाओं को वित्तीय सहायता देगी, बल्कि बीमा सखी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी, सरकार का उद्देश्य सबको बीमा प्रदान करना है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को ई-श्रम पोर्टल को सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध कराने के लिए बहुभाषी कार्यक्षमता का शुभारंभ किया। ई-श्रम पोर्टल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं तक निर्बाध पहुंच देता है। श्रम मंत्रालय ने बयान में कहा कि ई-श्रम पोर्टल अब सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध होगा।बहुभाषी कार्यक्षमता की पेशकश के कार्यक्रम में श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसने देश में असंगठित श्रमिकों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा देने के सरकार के प्रयासों में एक और मील का पत्थर हासिल किया। ई-श्रम पोर्टल को 22 भाषाओं के साथ अद्यतन करने के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की भाषिणी परियोजना का लाभ उठाया गया है। इस मौके पर श्रम एवं रोजगार मंत्री मांडविया ने ई-श्रम मंच में बढ़ते भरोसे पर प्रकाश डाला और कहा कि पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों द्वारा प्रतिदिन औसतन 30,000 से अधिक पंजीकरण दर्ज किए जाते हैं।
- नयी दिल्ली. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने और मतदान के प्रारूप को गुप्त रखने लिए दो प्रमुख चुनावी सुधारों की तैयारी पूरी है, लेकिन इन्हें लागू करने के लिए राजनीतिक सहमति की आवश्यकता होगी। दिल्ली विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि कई ईवीएम को जोड़ने और बूथ-वार मतदान के प्रारूप को गुप्त रखने की तकनीक ‘टोटलाइजर' चुनाव आयोग के पास तैयार है, लेकिन इसका उपयोग केवल राजनीतिक सहमति के बाद ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मतदाताओं की ‘प्रोफाइलिंग' (किसने किसे वोट दिया) समाप्त होनी चाहिए।''उन्होंने यह भी कहा कि इससे मतदाताओं को दिए गए प्रलोभनों का विवरण उम्मीदवारों द्वारा मांगे जाने के चलन पर अंकुश लगेगा। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में मतों की गिनती मतदान केंद्रों के अनुसार की जाती है, जिससे ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं जिनमें विभिन्न इलाकों या क्षेत्रों में मतदान के प्रारूप का पता चल जाता है। इस मुद्दे को हल करने के लिए, सरकारी उपक्रम ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने ‘टोटलाइजर' तकनीक विकसित की, जिसका उपयोग अलग-अलग मशीनों के मतों को उजागर किए बिना कुल 14 ईवीएम के परिणाम एकसाथ दिए जा सकते हैं। इस उपकरण का निर्माण एक दशक से भी अधिक समय पहले किया गया था, लेकिन अभी तक इसका उपयोग नहीं किया गया है क्योंकि सरकार से मंजूरी मिलनी बाकी है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने ईवीएम के मुद्दे को लेकर कहा कि वोटिंग मशीन और ‘वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल' (वीवीपीएटी) पर्चियों के जरिए गिने गए वोटों में एक भी विसंगति नहीं पाई गई है।
- महाकुम्भ . महाकुम्भ में स्नान के दौरान किसी अनहोनी से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) गुजरात से एक ‘वाटर एंबुलेंस' लेकर मंगलवार को महाकुम्भ नगर पहुंच गया। एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज शर्मा ने बताया कि यह ‘वाटर एंबुलेंस' मेले के दौरान जल में भ्रमणशील रहेगा और किसी तरह की अनहोनी की स्थिति में श्रद्धालुओं का मौके पर ही इलाज शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस ‘वाटर एंबुलेंस' को गुजरात से यहां लाया गया है और इसे चलता फिरता एक अस्पताल मान सकते हैं। उन्होंने बताया कि मेला संपन्न होने के बाद इसे एनडीआरएफ के वाराणसी केंद्र भेज दिया जाएगा। शर्मा ने बताया कि इस ‘वाटर एंबुलेंस' में ऑक्सीजन सिलेंडर, इमरजेंसी दवाइयां आदि मौजूद हैं और इसमें एमबीबीएस डाक्टरों को तैनात किया जाएगा। शर्मा ने बताया कि इस एंबुलेंस को गुजरात से ट्रक पर लादकर लाया गया है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि तीन नये आपराधिक कानूनों के तहत शुरू की गई आधुनिक प्रणालियां और ‘भारतपोल' जैसी प्रौद्योगिकीय व्यवस्थाएं कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भारत में अपराध करने के बाद विदेश भाग गए भगोड़ों को अदालत के कठघरे में लाने में सक्षम बनाएंगी। इंटरपोल से संबंधित मुद्दों पर भारतीय एजेंसियों के साथ त्वरित समन्वय स्थापित करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा विकसित नये पोर्टल ‘भारतपोल' की शुरुआत के अवसर पर उन्होंने यह कहा। शाह ने कहा कि केंद्र की (नरेन्द्र) मोदी सरकार द्वारा लाये गए तीन नये आपराधिक कानूनों में, आरोपियों की अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने का प्रावधान जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत एक न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित कर अदालत के आदेश पर, भगोड़े अपराधियों की अनुपस्थिति में उन पर मुकदमा चलाना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में दोषी ठहराए गए अपराधियों को विदेशों से प्रत्यर्पित कराने की प्रक्रिया इस प्रावधान से सरल हो जाएगी। शाह ने कहा, ‘‘भारतपोल पोर्टल की क्षमताओं के साथ मिलकर यह नया उपाय भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भगोड़ों को अदालत के कटघरे में लाने में सशक्त बनाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।'' ‘भारतपोल' सभी केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक साझा पोर्टल पर लाएगा, जिससे इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए सभी अनुरोधों को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा, जिसमें रेड कॉर्नर नोटिस और रंग आधारित इंटरपोल के अन्य नोटिस शामिल हैं। शाह ने कहा कि कई सालों तक भारत में अपराध कर दुनिया के अन्य देशों में भाग जाने वाले अपराधी हमारे कानूनों की पकड़ से बाहर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग कर कानून की पहुंच से बाहर रहे अपराधियों को हमारे कानून की गिरफ्त में लाया जाए। गृह मंत्री ने सीबीआई का आह्वान किया कि वह जमीनी स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभाए, जिससे न्यायिक प्रणाली मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और कानून प्रवर्तन प्रयासों की समग्र दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार होगा। गृह मंत्री ने कहा कि ‘भारतपोल' राज्य पुलिस बलों को 195 देशों की पुलिस के साथ जानकारी साझा कर उनका सहयोग प्राप्त करने में सहायता करेगी। गृह मंत्री ने 35 सीबीआई अधिकारियों और विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजे गए अधिकारियों को भी पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक भी प्रदान किए।
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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) और राज्य सूचना आयोगों (एसआईसी) में रिक्तियों पर नाराजगी जताते हुए केंद्र को जल्द इन्हें भरने का निर्देश दिया। सीआईसी में सूचना आयुक्तों के शीघ्र चयन का निर्देश देते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने केंद्र से कहा, ‘‘इन पदों को यथाशीघ्र भरा जाना चाहिए, अन्यथा इस संस्था के होने का क्या फायदा, यदि हमारे पास काम करने वाले लोग ही नहीं हैं?'' पीठ ने सीआईसी और एसआईसी में केवल एक विशेष श्रेणी के उम्मीदवारों की नियुक्ति की आलोचना की तथा इन आयोगों में सभी क्षेत्रों के लोगों के बजाय नौकरशाहों की मौजूदगी का न्यायिक संज्ञान लेने पर विचार किया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘हम इस तथ्य का न्यायिक संज्ञान ले सकते हैं कि इन आयोगों में केवल एक ही श्रेणी के लोग हैं। केवल नौकरशाहों की ही नियुक्ति क्यों की जानी चाहिए और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की नियुक्ति क्यों नहीं की जानी चाहिए। हम इस पर और कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन इस पर गौर करने की जरूरत है।'' याचिकाकर्ता अंजलि भारद्वाज और अन्य की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि 2019 में शीर्ष अदालत ने सीआईसी और एसआईसी में रिक्तियों को भरने के लिए निर्देश जारी किए थे, लेकिन राज्यों ने चयन प्रक्रिया में देरी की और वस्तुत: सूचना का अधिकार अधिनियम को कमजोर कर दिया। न्यायालय से संबंधित सचिवों को बुलाने या जवाब मांगने का आग्रह करते हुए भूषण ने कहा कि इस मंच का उपयोग करने वाले लोगों को रिक्तियों के कारण भारी कठिनाई हो रही है तथा राज्य सरकारों द्वारा नियुक्ति नहीं किये जा सकने से अधिनियम का मूल उद्देश्य ही विफल हो रहा है। भूषण ने कहा कि शीर्ष अदालत ने विभिन्न क्षेत्रों से रिक्तियों को भरने के लिए निर्देश जारी किए हैं। पीठ ने केंद्र को ऐसे पदों के लिए अगस्त 2024 में शुरू हुई चयन प्रक्रिया पर वस्तु स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने और इसके पूरा होने की समयसीमा बताने का निर्देश दिया। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के संयुक्त सचिव को हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा गया कि सूचना आयुक्त के पद के लिए आवेदन करने वाले 161 उम्मीदवारों के नामों पर कब निर्णय लिया जाएगा। पीठ ने केंद्र से दो सप्ताह के भीतर, इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के नाम और उन्हें चयनित करने के मानदंडों को बताने को कहा। शीर्ष अदालत ने झारखंड के मामले का गंभीर संज्ञान लिया, जिसने उसके बार-बार के निर्देशों के बावजूद सूचना आयुक्तों को इस आधार पर नियुक्त नहीं किया कि विधानसभा में विपक्ष का नेता नहीं है। न्यायालय ने झारखंड विधानसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल को निर्देश दिया कि वह सूचना आयुक्तों के चयन के उद्देश्य से अपने एक निर्वाचित सदस्य को चयन समिति में नामित करे और उसके बाद नियुक्तियां शुरू हो सकेंगी।
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नयी दिल्ली. चालू वित्त वर्ष (2024-2025) में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राष्ट्रीय आय का पहला अग्रिम अनुमान जारी करते हुए कहा कि वास्तविक जीडीपी के इस वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी वृद्धि का अस्थायी अनुमान 8.2 प्रतिशत रहने की बात कही गई है। एनएसओ का चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुमान से कम है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 में जीडीपी के 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है।
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नयी दिल्ली. भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के पांच मामले सामने आने के बाद केंद्र ने राज्यों को ‘आईएलआई' और ‘एसएआरआई' सहित श्वसन संबंधी बीमारियों की निगरानी बढ़ाने तथा एचएमपीवी संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाने की सलाह दी है। आईएलआई, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी है जबकि एसएआरआई, गंभीर तीव्र श्वसन संबंधी रोग है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को महाराष्ट्र के नागपुर से एचएमपीवी संक्रमण के दो संदिग्ध मामले सामने आए। दोनों मरीजों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारी ने बताया कि उनके नमूने नागपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान को भेजे गए हैं। देश में सोमवार को एचएमपीवी का पहला मामला सामने आया, जब कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में पांच बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने कहा है कि सरकार स्थिति पर करीबी नजर रख रही है और चिंता की कोई बात नहीं है। एचएमपीवी वायरस एक रोगजनक है जो सभी आयु वर्ग के लोगों में श्वसन संक्रमण का कारण बनता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक डिजिटल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने देश में श्वसन संबंधी बीमारियों और एचएमपीवी मामलों एवं उनके प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का जायजा लिया गया। बैठक चीन में एचएमपीवी मामलों में वृद्धि की खबरों के बीच आयोजित की गई थी तथा उसी दिन कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात में एचएमपीवी के पांच मामलों की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) से प्राप्त आंकड़े देश में कहीं भी आईएलआई और एसएआरआई जैसी बीमारियों में असमान्य वृद्धि का संकेत नहीं देते हैं। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है, क्योंकि एचएमपीवी 2001 से ही वैश्विक स्तर पर मौजूद है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि एचएमपीवी 2001 से ही विश्व स्तर पर मौजूद है। नागपुर में एचएमपीवी के दो संदिग्ध मामले सामने आये, दोनों बच्चे सात और 14 साल के हैं, जिनका इलाज एक निजी अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में किया गया। नागपुर के जिलाधिकारी विपिन इटनकर ने संवाददाताओं को बताया कि उनके नमूनों की जांच की गई और उन्हें संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘नागपुर में एचएमपीवी रोगियों के बारे में मीडिया की रिपोर्ट गलत है।''
मंगलवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने दोहराया कि खतरे की कोई वजह नहीं है, लेकिन कई राज्य सरकारों ने कहा है कि वे अलर्ट पर हैं। तमिलनाडु के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मा सुब्रमण्यम ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्यमंत्री एम के स्टालिन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। सोमवार को सामने आए पांच मामलों में से दो तमिलनाडु से हैं। मंत्री ने कहा कि वायरस ने भारत और विशेष रूप से राज्य में कोई बड़ा प्रभाव नहीं डाला है। उन्होंने कहा कि सोमवार को संक्रमण की पुष्टि वाले 45 और 69 वर्षीय दो मरीज ठीक हैं। इस बीच, ओडिशा सरकार ने राज्य में सभी चिकित्सा सुविधाओं और प्रयोगशालाओं को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। मंगलवार सुबह भुवनेश्वर में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में एचएमपीवी के कुछ मामले सामने आए हैं। हालांकि, ओडिशा में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इस बीच, कर्नाटक में भाजपा ने राज्य सरकार से वायरस को हल्के में नहीं लेने का आग्रह किया क्योंकि इसने चीन में ‘‘तबाही'' मचा दी है। सोमवार को बेंगलुरु में दो बच्चों के वायरस से संक्रमित पाए जाने के मद्देनजर विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने कहा कि प्रशासन को तुरंत सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता और आईसीयू बिस्तर की स्थिति की जांच करनी चाहिए। यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए अशोक ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के लोगों से शांत रहने के बयान का उद्देश्य लोगों को घबराने से रोकना था, लेकिन जब जनता को इसके बारे में कुछ भी पता नहीं हो तो किसी भी वायरस को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। राज्यों को यह भी सलाह दी गई कि वे वायरस के संक्रमण की रोकथाम के बारे में लोगों के बीच सूचना और जागरूकता फैलाएं, जैसे कि साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना, गंदे हाथों से आंख, नाक या मुंह को नहीं छूना, रोग के लक्षण वाले लोगों के साथ निकट संपर्क से बचना और खांसते एवं छींकते समय मुंह एवं नाक को ढंकना। बयान में कहा गया कि श्रीवास्तव ने दोहराया कि श्वसन संबंधी बीमारियों में आमतौर पर सर्दियों के महीनों में वृद्धि देखी जाती है और देश ऐसे मामलों में किसी भी संभावित वृद्धि की आशंका को लेकर पूरी तरह तैयार है। इस बीच, शिमला में हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने मंगलवार को कहा कि एचपीएमवी एक सामान्य वायरस है और इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। एचपीएमवी से संबंधित चिंताओं पर यहां स्वास्थ्य अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए शांडिल ने कहा कि एचपीएमवी चिंता का विषय नहीं है और इसे सामान्य वायरल के रूप में ही माना जाना चाहिए। यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एचपीएमवी के प्रसार या गंभीरता पर लगातार नजर रख रहा है। वहीं, केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि उनके राज्य सहित कई अन्य राज्यों में एचएमपीवी के मामले सामने आए हैं इसलिए, चिंता की कोई बात नहीं है। तिरूवनंतपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए, जॉर्ज ने लोगों से वायरस के बारे में फर्जी खबरें न फैलाने का आग्रह किया। साथ ही, मंत्री ने एचएमपीवी सहित किसी भी वायरल संक्रमण से बचने के लिए एहतियात के तौर पर मास्क पहनने की सलाह दी। - नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव की घोषणा का स्वागत किया और जनता से ‘विकसित दिल्ली' बनाने तथा लोगों की उन्नति में योगदान देने वाली सरकार चुनने की अपील की। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को चुनावी बिगुल बज गया। यहां की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा जबकि मतों की गिनती तीन दिन बाद आठ फरवरी को की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यहां चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है। दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं जिसमें से 58 सामान्य श्रेणी की जबकि 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। नड्डा ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा का मैं स्वागत करता हूं। चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है। देश और प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सुशासन को सुनिश्चित करने में इसकी अग्रणी भूमिका है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां की जनता से ‘विकसित दिल्ली' बनाने और लोगों की उन्नति में योगदान देने वाली सरकार चुनने की अपील करता हूं।'' भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा अंत्योदय के संकल्प के साथ दिल्ली के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है। भाजपा विगत 26 सालों से दिल्ली की सत्ता से बाहर है। इस बार उसका पूरा जोर आम आदमी पार्टी को पराजित कर यहां भाजपा की सत्ता बहाल करनी है।
- -उत्तर प्रदेश के सभी सात कमिश्नरेट्स में 31 मार्च, 2025 तक और पूरे प्रदेश में जल्द से जल्द नए आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित हो-उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक से अधिक फॉरेन्सिक मोबाइल वैन उपलब्ध हों: गृह मंत्री श्री अमित शाह-कुल Zero FIRs में से कितनी FIRs राज्यों को स्थानांतरित की गईं, इसकी नियमित मॉनिटरिंग हो-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हर 15 दिन और मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सप्ताह में एक बार तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करेंनई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की। बैठक में उत्तराखंड में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, महानिदेशक, BPR&D और महानिदेशक, NCRB सहित गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में चर्चा के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानून दंड-केन्द्रित नहीं बल्कि पीड़ित-केन्द्रित हैं और इनका उद्देश्य त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है। गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से फरवरी माह में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा कर इन कानूनों को राज्य में पूरी तरह जल्द से जल्द लागू करने को कहा।श्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में नए आपराधिक कानूनों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन से पूरे देश में एक अच्छा संदेश जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उत्तर प्रदेश के सातों कमिश्नरेट्स में 31 मार्च, 2025 तक नए आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।तकनीक के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य के हर ज़िले में एक से अधिक फॉरेन्सिक मोबाइल वैन उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फॉरेन्सिक विज़िट के लिए टीमों को तीन श्रेणियों – गंभीर, सामान्य और अति सामान्य - में विभाजित करना चाहिए जिससे संसाधनों और विशेषज्ञों का बेहतर उपयोग किया जा सके और गंभीर मामलों को प्राथमिकता दी जा सके।श्री अमित शाह ने कहा कि इस बात की नियमित और निरंतर मॉनिटरिंग होनी चाहिए कि दर्ज की गई कुल Zero FIRs में से कितनी FIRs राज्यों को स्थानांतरित की गईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हर 15 दिन में और मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करनी चाहिए।
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नई दिल्ली। भारत में श्वसन संबंधी बीमारी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। मंगलवार को आयोजित एक वर्चुअल बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों से इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) की निगरानी और समीक्षा करने की अपील की।
देश में अब तक एचएमपीवी के कुल सात मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कर्नाटक से 2, गुजरात से 1 और तमिलनाडु से 2 मामले शामिल हैं। ये सभी मामले 3 महीने से लेकर 13 साल तक के बच्चों में पाए गए हैं। श्रीवास्तव ने कहा, “भारत श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिलहाल जनता को एचएमपीवी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।”स्वास्थ्य सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि आमतौर पर सर्दियों के महीनों में श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं और राज्यों को इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने वायरस की रोकथाम के लिए लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की सलाह दी। इसके तहत बार-बार हाथ धोना, खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखें और संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचने की सलाह दी है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, एनसीडीसी, आईडीएसपी, आईसीएमआर और राज्य निगरानी इकाइयों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। आईडीएसपी के आंकड़ों के मुताबिक देश में फिलहाल आईएलआई या एसएआरआई मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं देखी गई है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को रेल भवन में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के राज्य मंत्री एल मुरुगन के साथ भारत सरकार का आधिकारिक कैलेंडर लॉन्च किया। इस अवसर पर मंत्री वैष्णव ने बताया कि इस साल के कैलेंडर का विषय “जनभागीदारी से जनकल्याण” है। उन्होंने कहा, “कैलेंडर दिखाता है कि कैसे हम लोगों के जीवन में पीएम मोदी के विजन और योजनाओं के माध्यम से बड़ा बदलाव लाने में सफल हुए हैं।”
इसके अलावा अश्विनी वैष्णव आगामी 11 जनवरी को पुणे पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल (PPPF 2025) के दूसरे संस्करण में मुख्य भाषण देंगे। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम पुणे के गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स और भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित किया जाएगा। इस बार का फेस्टिवल भारत को 10 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विषय पर केंद्रित होगा।दो दिवसीय इस फेस्टिवल में शिक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। दूसरे दिन विशेषज्ञ पैनल में “भारत के युवाओं की क्षमता को शिक्षा के माध्यम से तैयार करना,” 10 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति,” और “शहरी विकास की चुनौतियां” जैसे विषयों पर चर्चा होगी । प्रमुख वक्ताओं में कार्तिक मुरलीधरन, असीम गुप्ता (प्रधान सचिव, शहरी विकास), और कार्नेगी इंडिया के अनिरुद्ध बर्मन शामिल होंगे, जो इन मुद्दों पर अपनी राय और सुझाव साझा करेंगे। इस फेस्टिवल में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहल और भारत के पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। ये सभी भारत के विकास और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए अपने विचार साझा करेंगे। -
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में पांच फरवरी को मतदान होगा और आठ फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस बीच उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान किया गया है।
उत्तर प्रदेश-तमिलनाडु में उपचुनावदिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर और तमिलनाडु की इरोड विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी 5 फरवरी को कराने का ऐलान किया है। जबकि, जम्मू-कश्मीर में बडगाम और नगरोटा विधानसभा सीट पर उपचुनाव को टाल दिया है। जानकारी के लिए बता दें कि मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर पिछली बार ही उपचुनाव होना था, लेकिन मामला कोर्ट में होने के कारण चुनाव को टाल दिया गया था।जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के कारण अभी उपचुनाव नहींउन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के कारण फिलहाल उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे। मिल्कीपुर और इरोड दोनों विधानसभा सीटों पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ ही पांच फरवरी को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी और आठ फरवरी को ही नतीजे आएंगे।23 फरवरी को समाप्त हो रहा दिल्ली विधानसभा का कार्यकालबता दें कि दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है। दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं। ईसीआई राजीव कुमार ने बताया कि दिल्ली में कुल 1 करोड़ 55 लाख वोटर्स हैं। इसके अलावा, पुरुष मतदाता की संख्या 83.49 लाख, महिला मतदाता 71.74 लाख हैं और युवा मतदाता की संख्या 25.89 लाख है। उधर, पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं की कुल संख्या 2.08 लाख है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 13 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। 100 साल से ऊपर के मतदाताओं की संख्या 830 है। - नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की। राष्ट्रीय राजधानी में 5 फरवरी को एक चरण में मतदान होगा और 8 फरवरी को मतगणना होगी।70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्तदिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त होने जा रहा है। ऐस में नए सदन के गठन के लिए उससे पहले चुनाव होने हैं। राष्ट्रीय राजधानी में पारंपरिक रूप से एक चरण में विधानसभा चुनाव होते रहे हैं। इस बार भी एक चरण में मतदान होगा।त्रिकोणीय मुकाबलाराष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ आप और विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा। आम आदमी पार्टी (आप) लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पिछली बार विधानसभा की कुल 70 सीटों में से इसने 62 सीटें जीती थी। बाकी सीटें भाजपा ने जीती।सत्ता में एक और कार्यकाल सुरक्षित करने के कोशिश में आपआप, जो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं के भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार होने के बाद अपनी जमीन हिलती हुई पा रही है, दिल्लीवासियों को कई वादों के साथ लुभाने की कोशिश कर रही है। धार्मिक कार्ड खेलने से लेकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने की कोशिश तक, आप अपना आधार और सत्ता में एक और कार्यकाल सुरक्षित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।आप के आधार में सेंध लगाने को तैयार भाजपावहीं दूसरी ओर, भाजपा आप और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को हवा दे रही है। वह आप के आधार में सेंध लगाने और सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल हासिल करने की कोशिश कर रही है। भाजपा 1998 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है और अब इस सूखे को खत्म करने की कोशिश कर रही है।राष्ट्रीय राजधानी में वापसी करने को लेकर उत्सुक कांग्रेसजबकि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में वापसी करने को लेकर उत्सुक है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में दिल्ली के मतदाताओं द्वारा खारिज किए जाने के बाद, कांग्रेस आगामी चुनावों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की बेताबी से कोशिश कर रही है। इसने महिला मतदाताओं को लक्षित किया है, जिनके लिए उसने ‘प्यारी दीदी योजना’ की घोषणा की है, जिसमें पात्र लोगों को 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है।दिल्ली विधानसभा में जादुई आंकड़ा 36दिल्ली विधानसभा में जादुई आंकड़ा 36 है। चुनाव आयोग ने दिल्ली के लिए नई संशोधित मतदाता सूची जारी की है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो महीनों में मतदाता आधार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2024 में, कुल मतदाताओं की संख्या 1,53,57,529 थी। हालांकि, संक्षिप्त संशोधन के बाद यह संख्या बढ़कर 1,55,24,858 हो गई है, जिसमें दिसंबर 2024 तक 1,67,329 नए मतदाता जुड़ें हैं।









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