- Home
- देश
- चेन्नई । . तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बुधवार को कलाईनार सेंटिनरी अस्पताल के एक डॉक्टर पर उनके मरीज के बेटे ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि डॉ. बालाजी जगन्नाथन, जो एक ऑन्कोलॉजिस्ट हैं, पर मरीज के बेटे ने कैंसर इलाज में हुई चूक से नाराज होकर चाकू से हमला किया.सुबह करीब 10:15 बजे आरोपी, जो खुद मरीज बनकर आया था, डॉक्टर बालाजी से मिलने गया और अचानक उन पर चाकू से वार कर दिया. यह हमला इतने आक्रोशित तरीके से किया गया कि डॉक्टर को सिर, कान और छाती में गंभीर चोटें आईं. घटना के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया.प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी की माँ, प्रेमा, मई से नवंबर तक कलाईनार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में कैंसर का इलाज करवा रही थीं. आरोपी का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही हुई, जिससे उसकी माँ को कई जटिलताएं झेलनी पड़ी. बुधवार को उसने तीन दोस्तों के साथ डॉक्टर से मिलने की योजना बनाई और चाकू लेकर अस्पताल पहुंच गया.हमले के बाद डॉक्टर बालाजी को तुरंत आपातकालीन सर्जरी के लिए ले जाया गया. अस्पताल के निदेशक डॉ. एल पार्थसारथी ने बताया, "डॉ. बालाजी के सिर, कान और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं. उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है."इस हादसे के बाद अस्पताल के डॉक्टरों में गुस्सा फूट पड़ा है. सर्विस और पीजी डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. डॉक्टरों ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में हड़ताल की घोषणा की है, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं.तमिलनाडु की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी इस हमले की निंदा की है और तमिलनाडु सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, "यह घटना डॉक्टरों के लिए असुरक्षा की भावना पैदा करती है. सरकार को इस ओर ध्यान देकर अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. मैं डॉक्टर बालाजी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं."
- दरभंगा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को बिहार के दरभंगा पहुंचे और प्रदेश को 12,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं का उपहार दिया. इस दौरान उन्होंने बिहार के दूसरे तथा दरभंगा में बनने वाले एम्स का भी शिलान्यास किया. इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपस्थित रहे. प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दरभंगा पहुंचे और 12,100 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का रिमोट के जरिये उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित किया. दरभंगा एम्स को पूरा करने के लिए 36 महीनों का लक्ष्य रखा गया है. पटना के बाद बिहार को मिला यह दूसरा एम्स है.इस क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में करीब 5,070 करोड़ रुपये की लागत वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. उन्होंने एनएच -327ई के चार लेन वाले गलगलिया-अररिया खंड का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में आठ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी।प्रधानमंत्री मोदी ने इसके अलावा 1740 करोड़ रुपए से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री मोदी ने झंझारपुर-लौकाहा बाजार खंड में ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान वे बिहार के औरंगाबाद जिले में चिरालापोथु से बाघा बिशुनपुर तक 220 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेल परियोजनाएं की आधारशिला रखी. पीएम मोदी ने 1520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली रेलवे परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित किया. इनमें झंझारपुर-लौकाहा बाजार रेल खंड का आमान परिवर्तन, दरभंगा बाईपास रेलवे लाइन शामिल है.प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 18 प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया. उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में 4,020 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई योजनाओं की भी आधारशिला रखी. घरों तक पीएनजी पहुंचाने और वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों को स्वच्छ ऊर्जा विकल्प प्रदान करने के दृष्टिकोण के अनुरूप, प्रधानमंत्री भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा बिहार के पांच प्रमुख जिलों दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सीतामढ़ी और शिवहर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विकास की आधारशिला भी रखी.
- नयी दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को सुबह कम दृश्यता के कारण विमान परिचालन प्रभावित हुआ और दिल्ली हवाईअड्डे पर आने वाली कम से कम दस उड़ानों के मार्गों में बदलाव किया गया, वहीं कई विमानों के परिचालन में देरी हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दिल्ली में सुबह 5.30 बजे के आसपास बहुत घना कोहरा छाना शुरू हो गया और शहर के विभिन्न हिस्सों में दृश्यता कम हो गई। राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को इस मौसम में पहली बार घना कोहरा छाया और दिल्ली हवाई अड्डे पर दृश्यता शून्य हो गई।एक अधिकारी ने बताया कि कम दृश्यता के कारण कुछ उड़ानों के मार्ग परिवर्तित कर दिए गए।आईएमडी ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दृश्यता शून्य मीटर दर्ज की गई, जबकि विभिन्न स्थानों पर ‘रनवे विजुअल रेंज’ 125 से 500 मीटर के बीच रही।एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण सुबह सात बजे से नौ उड़ानों को जयपुर भेजा गया है, वहीं एक को लखनऊ की ओर रवाना किया गया।एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कुछ विमानों के परिचालन में देरी हुई और बाद में दृश्यता की स्थिति में सुधार हुआ। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन (आईजीआई) देश के सबसे व्यस्त हवाईअड्डों में से एक है।
- नयी दिल्ली।: उच्चतम न्यायालय ने हाल में चलन में आए ‘बुलडोजर न्याय’ पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संपत्तियों को ध्वस्त करने के संबंध में बुधवार को अखिल भारतीय स्तर पर दिशानिर्देश जारी किये और कहा कि कार्यपालक अधिकारी न्यायाधीश नहीं बन सकते, आरोपी को दोषी करार नहीं दे सकते और उसका घर नहीं गिरा सकते।न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि लोगों के घर सिर्फ इसलिए ध्वस्त कर दिए जाएं कि वे आरोपी या दोषी हैं, तो यह पूरी तरह असंवैधानिक होगा। न्यायमूर्ति गवई ने फैसला सुनाते हुए कहा कि महिलाएं और बच्चे रातभर सकड़ों पर रहें, यह अच्छी बात नहीं है।पीठ ने निर्देश दिया कि कारण बताओ नोटिस दिए बिना कोई तोड़फोड़ नहीं की जाए और नोटिस जारी किए जाने के 15 दिनों के भीतर भी कोई तोड़फोड़ नहीं की जाए।पीठ ने निर्देश दिया कि ढहाने की कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई जाए । पीठ ने यह स्पष्ट किया कि यदि सार्वजनिक भूमि पर अनधिकृत निर्माण हो या अदालत द्वारा विध्वंस का आदेश दिया गया हो तो वहां उसके निर्देश लागू नहीं होंगे।इसने कहा कि संविधान और आपराधिक कानून के आलोक में अभियुक्तों और दोषियों को कुछ अधिकार और सुरक्षा उपाय प्राप्त हैं। उच्चतम न्यायालय ने देश में संपत्तियों को ढहाने के लिए दिशा-निर्देश तय करने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर यह व्यवस्था दी।
- जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार अपने कार्यकाल का पहला साल पूरा होने पर लगभग 25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी कर रही है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार का एक साल पूरा होने से पहले करीब 25 हजार युवाओं को नियुक्तियां देने और 51 हजार से अधिक नई भर्तियों की सौगात देने जा रहे हैं। राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ दिसंबर महीने में आएगी।बयान के अनुसार, शर्मा ने हाल ही में समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को जारी भर्ती प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर युवाओं को शीघ्र नियुक्तियां देने एवं नई भर्तियां निकालने पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब राज्य सरकार पहली वर्षगांठ के मौके पर मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के दौरान सात विभागों के लगभग 25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार 48 हजार 593 चतुर्थ श्रेणी एवं समकक्ष पदों तथा 3 हजार 170 वाहन चालकों की भर्ती प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू करने जा रही है।
- कासरगोड (केरल),। कासरगोड की अदालत से एक छोटा सा गत्ते का डिब्बा लेने के बाद एक दंपति के हाथ दुख और भावनाओं से कांप रहे थे और उनकी आंखें भर आईं। इसका कारण यह था कि डिब्बे में उनकी प्यारी बेटी की खोपड़ी के कुछ हिस्से थे जिसकी 18 साल पहले (जब वह 13 साल की थी) गोवा में हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, 13 वर्षीय सोफिया की दिसंबर 2006 में गोवा में हत्या कर दी गई थी। उस समय वह कासरगोड के एक ठेकेदार के.सी. हमसा के घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी। पुलिस ने बताया कि वह कथित तौर पर रसोई में गंभीर रूप से जल गई थी और सजा के डर से हमसा ने लड़की की हत्या कर दी और उसके शरीर को टुकड़ों में काटकर गोवा में एक निर्माणाधीन बांध स्थल पर फेंक दिया। शव के टुकड़े 2008 में बरामद हुए थे। उसने बताया कि बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और एक स्थानीय अदालत ने उसे 2015 में मौत की सजा सुनाई, लेकिन केरल उच्च न्यायालय ने 2019 में उसकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। अदालत द्वारा दोषी को सजा दिए जाने के बाद माता-पिता को लगा कि उनकी बेटी कम से कम औपचारिक, सम्मानजनक अंतिम संस्कार की हकदार थी। पड़ोसी कर्नाटक के कुर्ग से ताल्लुक रखने वाली लड़की का परिवार चाहता था कि अदालत उनकी बेटी के शव के टुकड़े सौंप दे ताकि वे अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कर सकें। यहां की मुख्य सत्र अदालत ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए सोमवार को उन्हें लड़की की खोपड़ी सौंप दी।
- नयी दिल्ली। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को युद्ध की बदलती प्रकृति को रेखांकित करते हुए कहा कि लड़ाई हमेशा इंसानों के बीच होती रही है, लेकिन अब दुनिया एक ऐसे युग में प्रवेश करने जा रही है जिसमें यह मशीन और इंसान के बीच और बाद में मशीनों के बीच हो सकती है। उन्होंने नयी दिल्ली में मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान में आयोजित एक संवाद सत्र के दौरान यह बात कही। सीडीएस ने कहा, "अब हम एक ऐसे युग में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसमें लड़ाई मशीन और मनुष्य के बीच होगी, एक ऐसी मशीन जो पूरी तरह से खुद से चलने वाली होगी और कल यह मशीनों और मशीनों के बीच भी हो सकती है। यह युद्ध में एक बड़ा अंतर होगा और मैं रोबोटिक्स के कारण यह देख रहा हूं।"
- जयपुर। राजस्थान सरकार सभी जिलों में ‘पंच-गौरव' कार्यक्रम शुरू करेगी। इसके तहत हर जिले में एक-एक उपज, वानस्पतिक प्रजाति, उत्पाद, पर्यटन स्थल एवं खेल पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार के कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर राज्य के सभी जिलों में पंच-मुखी विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘पंच-गौरव' को प्रोत्साहन देने का नवीन कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक उपज, एक वानस्पतिक प्रजाति, एक उत्पाद, एक पर्यटन स्थल एवं एक खेल पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रत्येक जिले के लिए इन श्रेणियों में चिन्हित इन पांच तत्वों को जिले के ‘पंच-गौरव' के रूप में जाना जाएगा।
- जम्मू,। मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर में सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ में नियंत्रण रेखा की रक्षा का जिम्मा संभालने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘ऐस ऑफ स्पेड्स’ डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग का पद संभाला। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि मेजर जनरल मुखर्जी ने 25 इन्फैन्ट्री डिवीजन के तौर पर पहचानी जाने वाली ‘ऐस ऑफ स्पेड्स’ डिवीजन की कमान संभाली, जिसका मुख्यालय राजौरी शहर में है।जम्मू में स्थित ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मेजर जनरल मुखर्जी ने प्रभार संभालने के बाद सभी सैनिकों से ‘‘परिचालन उत्कृष्टता का पालन करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए युद्ध की तैयारी बनाए रखने’’ का आग्रह किया।
-
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वायु गुणवत्ता श्रेणी खराब बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक आज सुबह सात बजे 334 दर्ज किया गया। दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में हल्का कोहरा छाया रहा। कल दिल्ली सरकार ने खुले में आग जलाने पर नियंत्रण और कोहरे तथा प्रदूषण से बचने के लिए लोगों विशेष रूप से सुरक्षा प्रहरियों को बिजली के हीटर वितरित किए।
शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 और 200 के बीच सामान्य, 201 से 300 के बीच खराब और 301 से 400 तक बहुत खराब माना जाता है। 401 से 450 के बीच सूचकांक को गंभीर श्रेणी में माना जाता है। - गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी से तीन करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं और इस सिलसिले में एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।गुवाहाटी पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शहर के हाटीगांव इलाके में एक ‘गेस्ट हाउस’ से हेरोइन और ‘याबा’ की गोलियां जैसे मादक पदार्थ बरामद किए गए।पोस्ट में कहा गया, ‘‘दिसपुर थाने की पूर्वी गुवाहाटी जिला पुलिस (ईजीपीडी) टीम ने छापेमारी कर साबुन के पांच बक्सों में रखी 10 हजार ‘याबा’ गोलियां और 11 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त की।’’ईजीपीडी की टीम ने 40 वर्षीय एक महिला समेत चार तस्करों को भी गिरफ्तार किया और उनके पास से पांच हजार रुपये नकद के साथ चार मोबाइल फोन भी जब्त किए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के अनुसार जब्त की गई दवाओं की कुल कीमत 3.08 करोड़ रुपये से अधिक है। file photo
- रांची। झारखंड में विधानसभा की 43 सीट के लिए बुधवार को मतदान शुरू हो गया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन सहित कुल 683 उम्मीदवार अपनी चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ और यह शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा की शेष 38 सीटों पर दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा। मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।एक अधिकारी ने बताया कि 950 मतदान केंद्रों पर मतदान शाम चार बजे समाप्त हो जाएगा, लेकिन उस समय तक कतार में खड़े लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड के सभी मतदाताओं से पहले चरण के लिए जारी मतदान में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने की अपील की है। विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाला गठबंधन मैय्या सम्मान योजना सहित अपनी कल्याणकारी योजनाओं के दम पर सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घुसपैठ और मौजूदा सरकार के कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने राज्य में कई रैलियां की वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बल पर लोगों से उनके उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इस चरण में कुल 1.37 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड के सभी मतदाताओं से विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत बुधवार को जारी मतदान में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने की अपील की। झारखंड में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 15 जिलों की 43 सीटों पर मतदान हो रहा है।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “झारखंड विधानसभा चुनाव में आज पहले दौर की वोटिंग है। सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरे उत्साह के साथ मतदान करें। इस मौके पर पहली बार वोट देने जा रहे अपने सभी युवा साथियों को मेरी बहुत-बहुत बधाई! याद रखें- पहले मतदान, फिर जलपान!केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “झारखंड के पहले चरण में मतदान के लिए जा रहे सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे भ्रष्टाचार, घुसपैठ व तुष्टीकरण मुक्त और विकसित झारखंड के निर्माण के लिए रिकॉर्ड मतदान करें।”भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को झारखंड के मतदाताओं से विधानसभा चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा, “आपका अमूल्य वोट सशक्त और समृद्ध लोकतंत्र तथा विकसित झारखंड के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण है।”
- अयोध्या .अयोध्या की चौदह कोसी परिक्रमा रविवार को पूरी हो गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के भाग लेने का अनुमान लगाया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार अयोध्या के जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र विजय सिंह ने बताया कि परिक्रमा रविवार को शुभ समय के अनुसार पूरी हुई और पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए जिसके तहत अनुमानित 30 से 35 लाख भक्तों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर सुचारू आयोजन किया और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार अयोध्या में परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शुभ समय से शुरू हुई परिक्रमा के लिए देर रात से भीड़ जुटनी शुरू हो गई, कई भक्तों ने उत्साहपूर्वक ‘‘जय श्री राम'' के जयकारे लगाए और उन्होंने 42 किलोमीटर का रास्ता केवल पांच घंटे में तय किया। अधिकारियों ने बताया कि भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या में सरयू नदी में पवित्र स्नान करने के बाद लाखों श्रद्धालुओं ने कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार शाम को चौदह कोसी परिक्रमा शुरू की। बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद रातभर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी निरीक्षण करते देखे गए। अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसलिए रातभर उच्चाधिकारी भी मेला क्षेत्र में मुस्तैदी के साथ जुटे रहे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार तकरीबन 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के द्वारा परिक्रमा किये जाने की उम्मीद जताई जा रही है। यह पहला मौका है कि अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के भव्य मंदिर समेत पांच हजार से अधिक मंदिरों की श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की है। पूरे परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न संगठनों की तरफ से जलपान की व्यवस्था कराई गई।चौदह कोसी परिक्रमा के महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में बाहरी श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। मंडल के जिलों के अलावा बहराइच, सीतापुर, कानपुर, लखनऊ, बरेली, गोंडा, प्रयागराज समेत अन्य जिलों समेत नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे। कुछ श्रद्धालु अभी 12 नवंबर को पंचकोसी (15 किलोमीटर) परिक्रमा करने के बाद ही लौटेंगे।4
- जबलपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास के बीच जारी संघर्षों के मद्देनजर ऐसा प्रतीत हो रहा कि तृतीय विश्व युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। मध्यप्रदेश के महाकौशल क्षेत्र की संघ की दिवंगत महिला पदाधिकारी डॉ. उर्मिला जामदार की स्मृति में आयोजित एक व्याख्यान में भागवत ने कहा, ‘‘हम सभी को तृतीय विश्व युद्ध का खतरा मंडराता महसूस हो रहा है। इस बात की अटकलें लग रही हैं क्या यह यूक्रेन या गाजा में शुरू हो सकता है।'' उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि विज्ञान ने बहुत प्रगति की है, लेकिन इसका लाभ अभी भी देश या दुनियाभर में गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘लेकिन दुनिया को तबाह करने वाले हथियार हर जगह पहुंच गए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘भले ही ग्रामीण इलाकों में कुछ बीमारियों की दवा उपलब्ध नहीं हो, लेकिन देसी कट्टा उपलब्ध है।'' भागवत ने कहा कि मानवता की सेवा करना सनातन धर्म है, जो हिंदू धर्म का पर्याय है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व में दुनिया का मार्गदर्शन करने की क्षमता है।
- मनोज सिंह को वेंटिंग में डाला गयालखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में लगातार आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एक बार फिर आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया है। यूपी में 10 सीनियर आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है जबकि सीनियर आईएएस व एसीएस फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज, इन्वायरनमेंट मनोज सिंह को शासन ने अचानक उनके पद से हटा दिया है। कई आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है। जबकि राज शेखर समेत कई आईएएस अधिकारियों के विभागों की छंटनी की गई है।रविवार को जारी हुए आईएएस अधिकारियों के तबादलों के क्रम में 10 आईएएस अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया है। आईएएस अनिल गर्ग को वर्तमान पद के साथ स्टेट नोडल ऑफ़िसर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम के पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौप दिया गया है।इसके साथ ही वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में अपर प्रमुख सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे मनोज सिंह को वेंटिंग में डाल दिया गया है। 1989 बैच के सीनियर आईएएस मनोज सिंह का अगले महीने रिटायरमेंट होना है। उसके पहले उन्हें वन एवं पर्यावरण से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है। अब उनकी जगह अनिल कुमार तृतीय को वर्तमान पद के साथ प्रमुख सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग उत्तर प्रदेश शासन के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।ऐश्वर्या को प्रबंध निदेशक UP एग्रो की जिम्मेदारीइसके अलावा सीनियर आईएएस रवि रंजन प्रबंध निदेशक UP इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड का के पद पर यथावत बने रहेंगे। साथ ही प्रतीक्षारत चल रही आईएएस सान्या छाबड़ा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम बनाया गया है। पूर्णता ऐश्वर्या को प्रबंध निदेशक UP एग्रो की जिम्मेदारी सौंपी गई है।वहीं आईएएस प्रभाष कुमार को विशेष सचिव नमामि गंगे एवं जल आपूर्ति विभाग उत्तर प्रदेश शासन और उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण का संयुक्त प्रबंध निदेशक बनाया गया है। साथ ही आईएएस उदयभानु त्रिपाठी को विशेष सचिव नगर विकास और डॉ. कंचन सरन को राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश का सचिव नियुक्त किया गया है।
- इंदौर . देश में केसर का उत्पादन खासकर कश्मीर में होता है, लेकिन बर्फीली वादियों वाले इस क्षेत्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर इंदौर के एक प्रगतिशील किसान ने ‘एयरोपॉनिक्स' पद्धति की मदद से अपने घर के कमरे में बिना मिट्टी के केसर उगाया है।किसान के घर की दूसरी मंजिल के इस कमरे में इन दिनों केसर के बैंगनी रंग के खूबसूरत फूलों की बहार है। नियंत्रित वातावरण वाले कमरे में केसर के पौधे प्लास्टिक की ट्रे में रखे गए हैं। ये ट्रे खड़ी रैक में रखी गई हैं ताकि जगह का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सके। केसर उत्पादक अनिल जायसवाल ने बताया, ‘‘मैं कुछ साल पहले अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गया था। वहां पम्पोर में केसर के खेत देखकर मुझे इसके उत्पादन की प्रेरणा मिली।''जायसवाल ने बताया कि उन्होंने अपने घर के कमरे में केसर उगाने के लिए ‘एयरोपॉनिक्स' तकनीक के उन्नत उपकरणों से तापमान, आर्द्रता, प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड का नियंत्रित वातावरण तैयार किया ताकि केसर के पौधों को कश्मीर जैसी मुफीद आबो-हवा मिल सके। उन्होंने बताया कि 320 वर्ग फुट के कमरे में केसर की खेती का बुनियादी ढांचा तैयार करने में उन्हें करीब 6.50 लाख रुपये की लागत आई। जायसवाल ने बताया कि उन्होंने केसर के एक टन बीज (बल्ब) कश्मीर के पम्पोर से मंगाए थे और इसके फूलों से वह इस मौसम में 1.50 से दो किलोग्राम केसर प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि उनकी उगाई केसर पूरी तरह जैविक है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि घरेलू बाजार में वह अपनी उपज करीब पांच लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर बेच सकेंगे, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उन्हें इसके 8.50 लाख रुपये तक मिल सकेंगे। जायसवाल ने बताया, ‘‘ मैंने अपने घर के कमरे के नियंत्रित वातावरण में केसर के ये बल्ब सितंबर के पहले हफ्ते में रखे थे और अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से इन पर फूल खिलने लगे।'' केसर की खेती में जायसवाल का पूरा परिवार उनका हाथ बंटाता है। यह परिवार केसर के पौधों को गायत्री मंत्र और पक्षियों की चहचहाहट वाला संगीत भी सुनाता है। इसके पीछे परिवार का अपना फलसफा है।जायसवाल की पत्नी कल्पना ने कहा,‘‘पेड़-पौधों में भी जान होती है। हम केसर के पौधों को संगीत सुनाते हैं ताकि बंद कमरे में रहने के बावजूद उन्हें महसूस हो कि वे प्रकृति के नजदीक हैं।'' केसर, दुनिया के सबसे महंगे मसालों में एक है और अपनी ऊंची कीमत के लिए इसे ‘‘लाल सोना'' भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल भोजन के साथ ही सौंदर्य प्रसाधनों और दवाओं में भी किया जाता है। भारत में केसर की बड़ी मांग के मुकाबले इसका उत्पादन कम होता है। नतीजतन भारत को ईरान और दूसरे देशों से इसका आयात करना पड़ता है। ‘एयरोपॉनिक्स' पद्धति की कृषि के जानकार प्रवीण शर्मा ने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पद्धति से बंद कमरों में केसर उगाई जा रही है, लेकिन इसे फायदे का टिकाऊ धंधा बनाने के लिए उत्पादकों को खेती की लागत कम से कम रखनी होगी। उन्होंने कहा,‘‘एयरोपॉनिक्स पद्धति से खेती करने में काफी बिजली लगती है। लिहाजा इस पद्धति से केसर उगाने वाले लोगों को अपने बिजली बिल में कटौती के लिए सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए।
- महासमुंद। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जिला महासमुंद के सभी शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं के लिए देवउठनी एकादशी (तुलसी पूजा) के अवसर पर मंगलवार 12 नवम्बर 2024 को स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। उपरोक्त स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय और उपकोषालय पर लागू नहीं होंगे।
-
नयी दिल्ली. देश भर के स्कूलों में दर्शनशास्त्र पढ़ाने की चुनौतियों और फायदों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख दार्शनिक, शिक्षाविद् और स्कूली शिक्षक दिल्ली विश्वविद्यालय के एक कॉलेज में दो दिवसीय सम्मेलन में एकत्रित होंगे। इस सम्मेलन का विषय 'स्कूल स्तर पर दर्शनशास्त्र शिक्षण : समस्याएं एवं संभावनाएं' है, जिसका आयोजन 19-20 नवंबर को माता सुंदरी महिला कॉलेज में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (आईसीपीआर) के सहयोग से किया जाएगा। कॉलेज ने एक बयान में कहा कि वक्ताओं में बेयरफुट फिलॉसफर्स इनिशिएटिव के संस्थापक प्रोफेसर सुंदर सरुक्कई, प्रोफेसर कपिल कपूर, प्रोफेसर अरिंदम चक्रवर्ती, प्रोफेसर भगत ओइनाम और कोयंबटूर के स्कूल के शिक्षक शामिल होंगे। वे इस विषय पर अपने अनुभव साझा करेंगे कि दर्शनशास्त्र को स्कूली शिक्षा में किस प्रकार एकीकृत किया जा सकता है। माता सुंदरी कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रोफेसर हरप्रीत कौर ने कहा, ‘‘यह सम्मेलन दर्शनशास्त्र को स्कूली शिक्षा में एकीकृत करने, आलोचनात्मक सोच की संस्कृति को बढ़ावा देने और इस अनुशासन के लिए एक मजबूत आधार स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को विश्वास जताया कि आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों में भाग लेने के लिए लाओस की उनकी यात्रा आसियान देशों के साथ संबंधों को और गहरा करेगी। लाओस रवाना होने से पहले जारी एक बयान में मोदी ने कहा कि भारत इस साल ‘एक्ट ईस्ट' नीति का दशक पूरा कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं आसियान नेताओं के साथ हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा करूंगा और हमारे सहयोग की भविष्य की दिशा तय करूंगा।'' उन्होंने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगा। मोदी ने कहा कि लाओस जनवादी लोकतान्त्रिक गणराज्य (लाओ पीडीआर) समेत क्षेत्र के साथ भारत के करीबी, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध हैं जो बौद्ध धर्म और रामायण की साझा विरासत से समृद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लाओ पीडीआर नेतृत्व के साथ अपनी बैठकों को लेकर आशान्वित हूं ताकि हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया जा सके।'' बाद में मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘21वें आसियान-भारत और 19वें पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के वास्ते लाओ पीडीआर के लिए रवाना हो रहा हूं। यह एक विशेष वर्ष है क्योंकि हम अपनी एक्ट ईस्ट नीति का एक दशक पूरा कर रहे हैं, जिससे हमारे राष्ट्र को काफी लाभ हुआ है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इस यात्रा के दौरान विश्व के विभिन्न नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें और बातचीत भी होगी।'' एक्ट ईस्ट नीति का उद्देश्य द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय स्तरों पर निरंतर संपर्क के माध्यम से आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को विकसित करना है जिससे राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संबंध सहित व्यापक अर्थों में बेहतर संपर्क प्रदान किया जा सके। मोदी लाओस के प्रधानमंत्री सोनेक्से सिफनाडोन के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर आज विएंतियाने पहुंच जाएंगे। इस दौरान वह 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। आसियान-भारत सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी 10वीं बार हिस्सा लेंगे। वह आसियान देशों के अन्य शासनाध्यक्षों के साथ भारत और आसियान के बीच संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और परस्पर संबंधों की दिशा भी तय करेंगे।
-
मुंबई. मध्यप्रदेश के खंडवा स्टेशन पर पिछले दिनों गश्त के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान ईश्वर चंद जाट और आरके त्रिपाठी को एक लड़का अकेला बैठा मिला। बच्चे के दाहिने हाथ पर मोबाइल नंबर का ‘टैटू' बना हुआ था और उस नंबर पर फोन करने से पता चला कि बच्चा मानसिक रूप से बीमार है और बार-बार रास्ता भूल जाता है। आखिरकार, आरपीएफ ने सुमित नाम के बच्चे को उसके परिवार से मिलवाया।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सुमित उन 861 बच्चों में से एक है, जिन्हें मध्य रेलवे (सीआर) ने अपने अभियान ‘नन्हे फरिश्ते' के तहत पिछले सात महीनों में उनके परिवार से मिलाया है। एक अधिकारी ने बताया कि सुमित की तरह स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा बच्चे कई कारणों से रेलवे स्टेशनों पर अकेले रह जाते हैं, जिनमें पढ़ाई को लेकर डांट-फटकार, माता-पिता से झगड़ा, बेहतर जीवन की तलाश या मुंबई की चकाचौंध शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल से अक्टूबर के बीच मध्य रेलवे के अधिकारियों ने 589 लड़कों और 272 लड़कियों को उनके परिवारों से मिलवाया। अधिकारी ने बताया, “हमारे आरपीएफ कर्मी गुमशुदा बच्चों से बात करते हैं, उन्हें परामर्श देते हैं और उनकी सुरक्षित घर वापसी कराते हैं। बच्चों के माता-पिता उनका (रेलवे कर्मियों का) बहुत आभार मानते हैं। -
रांची. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी राज्य झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को तीन किलोमीटर का रोड शो शुरू किया। इस दौरान हजारों लोग उनकी एक झलक पाने के लिए सड़क किनारे खड़े देखे गए। खुले वाहन में सवार प्रधानमंत्री ने भीड़ की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री को देखकर भीड़ ‘मोदी जिंदाबाद' नारे लगाती दिखी। यह प्रधानमंत्री का यहां दूसरा रोड शो था। इससे पहले तीन मई को उन्होंने रोड शो किया था।
कड़े सुरक्षा इंतजाम और भारी पुलिसबलों की तैनाती के बीच यह रोड शो ‘ओटीसी ग्राउंड' से शुरू हुआ जो न्यू मार्केट चौक पर समाप्त होना है। रोड शो से पहले प्रधानमंत्री ने दो रैलियों को संबोधित किया जिनमें एक बोकारो और दूसरी गुमला में हुई। रैलियों में उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास का वादा किया। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने अपने मोबाइल फोन में रोड शो की झलकियों को कैद कर अपना उत्साह जाहिर किया। रोड शो के मद्देनजर रांची में सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। साथ ही, अपराह्न दो बजे से रात आठ बजे तक राज्य की राजधानी में सभी छोटे और बड़े मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिला प्रशासन ने बिरसा मुंडा हवाई अड्डे और सहजानंद चौक के बीच 200 मीटर के दायरे में ‘उड़ान निषेध क्षेत्र' घोषित कर दिया। कार्यक्रम की अवधि के दौरान इस क्षेत्र में ड्रोन, पैराग्लाइडिंग और ‘हॉट एयर बैलून' उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 13 नवंबर और 20 नवंबर को होना है, जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी। - मुंबई। प्रतिद्वंद्वियों पर वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाने वाले राजनीतिक दलों के बीच 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर भाइयों, रिश्तेदारों और पिता-बच्चों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। एक निर्वाचन क्षेत्र में पति और पत्नी के बीच मुकाबला है जबकि एक अन्य सीट पर चाचा और भतीजा एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। पवार परिवार के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबले में शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से उम्मीदवार युगेंद्र पवार बारामती सीट पर सत्तारूढ़ राकांपा का प्रतिनिधित्व कर रहे अपने चाचा तथा उपमुख्यमंत्री अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। अजित पवार सात बार बारामती विधानसभा सीट से चुनाव जीत चुके हैं और एक बार बारामती संसदीय सीट पर भी जीत हासिल की है। यह दूसरी बार है जब पवार खानदान के गढ़ बारामती में परिवार के बीच ही मुकाबला देखने को मिलेगा। 2024 के लोकसभा चुनाव में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को उनकी ननद और राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता सुप्रिया सुले ने बारामती संसदीय सीट से हराया था। पड़ोसी कर्जत-जामखेड़ में अजित पवार के एक अन्य भतीजे रोहित पवार राकांपा (एसपी) उम्मीदवार के तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राम शिंदे के खिलाफ मुकाबले में हैं। रोहित पवार, शरद पवार के पोते हैं। छत्रपति संभाजीनगर के कन्नड़ निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार हर्षवर्धन जाधव अपनी अलग रह रही पत्नी और शिवसेना उम्मीदवार संजना जाधव के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। संजना भाजपा नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे की बेटी हैं। संजना जाधव के भाई संतोष दानवे भाजपा उम्मीदवार के तौर पर जालना में भोकरदन से चुनाव लड़ रहे हैं।राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे एवं कांग्रेस प्रत्याशी अमित देशमुख और धीरज देशमुख क्रमश: लातूर शहर और पड़ोसी लातूर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इसी तरह, भाजपा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे नितेश राणे और निलेश राणे क्रमश: शिवसेना और भाजपा प्रत्याशी के तौर पर कुडाल और कणकवली से चुनावी मुकाबले में हैं। मुंबई में ठाकरे परिवार के सदस्य अलग-अलग सीटों से चुनावी मुकाबले में हैं।शिवसेना (उद्धव बालसाहेब ठाकरे) के मौजूदा विधायक आदित्य ठाकरे वर्ली से पुन: चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनकी मौसी के बेटे वरुण सरदेसाई पार्टी की टिकट पर वांद्रे (बांद्रा) पूर्व विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। आदित्य के चचेरे भाई एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे मुंबई में पड़ोसी माहिम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री गणेश नाइक भाजपा प्रत्याशी के तौर पर ऐरोली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनके बेटे संदीप राकांपा (एसपी) प्रत्याशी के तौर पर पड़ोसी बेलापुर सीट से मुकाबले में हैं। इसी तरह, महाराष्ट्र के मंत्री विजयकुमार गावित और उनकी बेटी एवं पूर्व सांसद हिना गावित भी चुनावी मुकाबले में हैं। मंत्री गावित भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नंदुरबार सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनकी बेटी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पड़ोसी अक्कलकुवा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं। इस्लामपुर में राकांपा (एसपी) प्रदेश प्रमुख जयंत पाटिल चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनके भतीजे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे पार्टी की टिकट पर राहुरी से चुनाव लड़ रहे हैं। राकांपा के मंत्री छगन भुजबल येवला से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनके भतीजे एवं पूर्व सांसद समीर भुजबल निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नंदगांव से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष आशीष शेलार मुंबई की वांद्रे (बांद्रा) पश्चिम सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनके भाई और पार्टी प्रत्याशी विनोद शेलार मलाड पश्चिम से चुनावी मुकाबले में हैं। वांद्रे पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में कई बॉलीवुड हस्तियों का घर है। भाजपा के संतुकराव हंबार्डे नांदेड लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनके भाई और मौजूदा विधायक मोहनराव हंबार्डे कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नांदेड दक्षिण विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। नांदेड लोकसभा सीट पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस सांसद वसंतराव चह्वाण के निधन के कारण कराना पड़ रहा है। इस सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा।
- प्रयागराज,। महाकुम्भ 2025 को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में इस मेले को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए मिशन के तौर पर काम किया जा रहा है और प्राकृतिक उत्पाद- दोना, पत्तल, कुल्हड़ के साथ ही जूट और कपड़े से बने थैलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कुम्भ मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि इस दिशा में मेला क्षेत्र में जूट और कपड़े के थैले, दोने, पत्तल और कुल्हड़ के स्टॉल खोले जाएंगे जिसके लिए निविदा भी जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया, “इन स्टॉल से महाकुम्भ के दौरान प्राकृतिक उत्पादों की आपूर्ति पूरे मेला क्षेत्र में की जाएगी। साथ ही मेले के दौरान दुकानदारों को भी प्राकृतिक उत्पादों का ही प्रयोग करने का निर्देश जारी किया गया है। इस दौरान किसी भी तरह के एकल प्रयुक्त प्लास्टिक के उत्पादों के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।” अधिकारी ने बताया कि प्लास्टिक मुक्त महाकुम्भ अभियान में तेजी लाने के लिए प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने नगर को विभिन्न जोन में बांटते हुए हर जोन के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। अधिकारी ने बताया कि साथ ही पंत ने शहर में सभी पॉलिथीन बैग के थोक विक्रेताओं को शहर में पॉलीथिन की आपूर्ति रोकने के भी निर्देश जारी किये हैं। इसके अलावा, प्रयागराज को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
- नयी दिल्ली। चुनावी बॉण्ड योजना को खत्म करने और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे उच्चतम न्यायालय के कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे न्यायमूर्ति संजीव खन्ना सोमवार को भारत के 51वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पूर्वाह्न 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी। न्यायमूर्ति खन्ना, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ का स्थान लेंगे जो रविवार को सेवानिवृत्त हुए। न्यायमूर्ति खन्ना का कार्यकाल 13 मई 2025 तक रहेगा। केंद्र ने 16 अक्टूबर को प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ की सिफारिश के बाद 24 अक्टूबर को न्यायमूर्ति खन्ना की नियुक्ति को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया।शुक्रवार को न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का प्रधान न्यायाधीश के रूप में अंतिम कार्य दिवस था और उन्हें शीर्ष अदालत और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों द्वारा शानदार विदाई दी गई। जनवरी 2019 से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्यरत न्यायमूर्ति खन्ना इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता को बनाए रखने, चुनावी बॉण्ड योजना को खत्म करने, अनुच्छेद 370 को हटाने और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसलों का हिस्सा रहे हैं। दिल्ली के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखने वाले न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति देव राज खन्ना के बेटे और शीर्ष न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एच आर खन्ना के भतीजे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना को 18 जनवरी 2019 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। वह लंबित मामलों को कम करने और न्याय मुहैया कराने में तेजी लाने पर जोर देते रहे हैं। न्यायमूर्ति एच आर खन्ना आपातकाल के दौरान एडीएम जबलपुर मामले में असहमतिपूर्ण फैसला लिखने के बाद 1976 में इस्तीफा देने के कारण चर्चा में रहे थे।आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के हनन को बरकरार रखने वाले संविधान पीठ के बहुमत के फैसले को न्यायपालिका पर एक ‘‘काला धब्बा'' माना गया। न्यायमूर्ति एच आर खन्ना ने इस कदम को असंवैधानिक और कानून के शासन के खिलाफ घोषित किया और इसकी कीमत चुकाई क्योंकि तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें दरकिनार कर न्यायमूर्ति एम एच बेग को अगला प्रधान न्यायाधीश बना दिया। न्यायमूर्ति एच आर खन्ना 1973 के केशवानंद भारती मामले में संविधान का मूल ढांचा सिद्धांत को प्रतिपादित करने वाले ऐतिहासिक फैसले का हिस्सा थे। उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के उल्लेखनीय निर्णयों में से एक चुनावों में ईवीएम के उपयोग को बरकरार रखना है, जिसमें कहा गया है कि ये उपकरण सुरक्षित हैं और बूथ कब्जा करने और फर्जी मतदान की आशंका को खत्म करते हैं। न्यायमूर्ति खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने 26 अप्रैल को ईवीएम में हेरफेर की आशंका को ‘‘निराधार'' करार दिया और पुरानी मतपत्र प्रणाली पर वापस लौटने की मांग को खारिज कर दिया। वह पांच न्यायाधीशों की उस पीठ का भी हिस्सा थे जिसने राजनीतिक दलों को वित्त पोषण के लिए बनाई गई चुनावी बॉण्ड योजना को असंवैधानिक घोषित किया था। न्यायमूर्ति खन्ना उस पांच न्यायाधीशों की पीठ का हिस्सा थे, जिसने तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के 2019 के फैसले को बरकरार रखा था। न्यायमूर्ति खन्ना की अगुवाई वाली पीठ ने ही पहली बार आबकारी नीति घोटाला मामलों में लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल को एक जून तक अंतरिम जमानत दी थी। खन्ना का जन्म 14 मई, 1960 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की। न्यायमूर्ति खन्ना राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। उन्होंने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में एक वकील के रूप में नामांकन कराया और शुरुआत में यहां तीस हजारी परिसर में जिला अदालत में और बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत की। आयकर विभाग के वरिष्ठ स्थायी वकील के रूप में उनका कार्यकाल लंबा रहा। 2004 में, उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए स्थायी वकील (सिविल) के रूप में नियुक्त किया गया था। न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली उच्च न्यायालय में अतिरिक्त सरकारी अभियोजक और न्याय मित्र के रूप में कई आपराधिक मामलों में भी अदालत की सहायता की थी।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सरकार के उन विशेष अभियानों की सराहना की जिनके जरिए कबाड़ के निस्तारण से 2021-24 के बीच केंद्र सरकार को 2,364 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से स्थायी परिणाम प्राप्त हो सकते हैं, जिससे स्वच्छता और आर्थिक समझदारी दोनों को बढ़ावा मिलता है। केंद्र सरकार ने हाल ही में संपन्न स्वच्छता अभियान के दौरान कबाड़ के निस्तारण से 650 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। कुल मिलाकर, सरकार द्वारा 2021-24 के बीच चलाए गए विशेष अभियानों से कबाड़ों के निस्तारण के माध्यम से 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया है। मोदी ने विशेष अभियान 4.0 पर केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह की एक पोस्ट को टैग करते हुए ‘एक्स' पर कहा, ‘‘प्रशंसनीय! कुशल प्रबंधन और सक्रिय कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करके, इस प्रयास ने शानदार परिणाम प्राप्त किए हैं। यह दर्शाता है कि सामूहिक प्रयासों से कैसे स्थायी परिणाम प्राप्त हो सकते हैं, जिससे स्वच्छता और आर्थिक समझदारी दोनों को बढ़ावा मिलता है।'' कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि विशेष अभियान 4.0 ने इस साल 2 से 31 अक्टूबर के बीच 650 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व उत्पन्न किया। विशेष अभियान 4.0 के तहत 5.97 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए और इसके परिणामस्वरूप प्रभावी कार्यालय उपयोग के लिए 190 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई है।


.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)









-copy.jpg)
.jpg)

.jpg)

