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नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। इस बार मामला है 1960 के सिंधु जल समझौते का, जिसे भारत ने हाल ही में निलंबित कर दिया। इस फैसले से पाकिस्तान भड़क गया और उसने विश्व बैंक से हस्तक्षेप की मांग की। लेकिन विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने साफ कर दिया कि उनकी कोई दखल देने की भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ सहायक हैं। मीडिया में खबरें चल रही हैं कि विश्व बैंक बीच में आएगा और समस्या सुलझाएगा, लेकिन ये सब बकवास है।” इस बयान ने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। भारत ने इसके जवाब में कई कड़े कदम उठाए। सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना रद्द कर दी, अटारी सीमा बंद कर दी और कई पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स और कई मशहूर हस्तियों, जैसे हनिया आमिर और माहिरा खान के इंस्टाग्राम अकाउंट्स ब्लॉक कर दिए।सिंधु जल समझौता और नया विवाद1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान ने सिंधु जल समझौता किया था। इसके तहत सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों का पानी दोनों देशों के बीच बांटा गया। लेकिन 24 अप्रैल को भारत ने इस समझौते को निलंबित कर दिया। अगले ही दिन पाकिस्तान ने इसे “एकतरफा और गैरकानूनी” बताते हुए विश्व बैंक से शिकायत की। पाकिस्तान ने चेतावनी दी कि अगर उसका पानी का हिस्सा कम किया गया तो इसे “युद्ध की कार्रवाई” माना जाएगा। भारत ने भी कदम पीछे नहीं हटाए। 4 मई को भारत ने चिनाब नदी पर बगलिहार बांध से पानी का प्रवाह कम कर दिया और अब झेलम नदी पर किशनगंगा बांध पर भी ऐसा करने की योजना है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारी गोलाबारी शुरू की, जिसमें 16 नागरिकों की मौत हो गई। भारत ने भी 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान व पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ जगहों पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। यह तनाव दोनों देशों के लिए नया नहीं है, लेकिन इस बार पानी और आतंकवाद का मुद्दा इसे और गंभीर बना रहा है। विश्व बैंक का हस्तक्षेप न करने का फैसला दोनों देशों को अपनी समस्या खुद सुलझाने के लिए मजबूर कर सकता है। -
नई दिल्ली। पाकिस्तान और भारत के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उरी जिले के सभी सीमावर्ती गांवों को खाली करवा दिया गया है। सभी नागरिकों को बस में भरकर श्रीनगर भेजा जा रहा है। भारत की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा पर लगातार हमले की कोशिश जारी है।
पाकिस्तान की ओर से 8 और 9 मई की मध्य रात्रि को भारत की ओर टारगेट करते हुए कई ड्रोन और मिसाइल दागे गए, जिन्हें भारतीय सेना ने हवा में ही नाकाम कर दिया।इस बीच, पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर लगातार बिना उकसावे की गोलीबारी जारी है। पाकिस्तान ने उरी सेक्टर के लगमा गांव को भी निशाना बनाया है। सीमा पार से लगमा गांव में गिरे एक बम ने दुकान को तबाह कर दिया। यह बम एक दुकान के पास आकर गिरा, जिसके कारण दुकान पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा के पास बड़े पैमाने पर गोलीबारी की है, जिसमें जानमाल का काफी नुकसान भी हुआ है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज से बचने की हिदायत दी है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आदेश में कहा है, “सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लाइव कवरेज को दिखाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स से अनुरोध है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा संबंधी अभियानों की रिपोर्टिंग करते समय अत्यंत जिम्मेदारी बरतें और मौजूदा कानूनों व नियमों का सख्ती से पालन करें।”उन्होंने आगे बताया, “विशेष रूप से रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित रीयल-टाइम कवरेज, विजुअल का प्रसार या सूत्र आधारित जानकारी की रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समयपूर्व खुलासा अनजाने में शत्रु तत्वों की मदद कर सकता है और अभियान की प्रभावशीलता तथा कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। पिछली घटनाओं ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमले (26/11) और कंधार अपहरण जैसे मामलों में अनियंत्रित कवरेज से राष्ट्रीय हितों पर प्रभाव पड़ा था। मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानूनी दायित्वों के अलावा, यह हमारा साझा नैतिक उत्तरदायित्व है कि हमारे सामूहिक कार्य चल रहे अभियानों या हमारी सेनाओं की सुरक्षा को खतरे में न डालें।”इस आदेश में बताया गया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पहले ही सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(पी) का पालन करने के लिए परामर्श जारी किया है। नियम 6(1)(पी) में कहा गया है कि केबल सेवा में कोई भी कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियान की लाइव कवरेज हो, ऐसी मीडिया कवरेज केवल उपयुक्त सरकार द्वारा नामित अधिकारी की ओर से समय-समय पर दी गई जानकारी तक सीमित होगी, जब तक कि वह अभियान समाप्त न हो जाए।उन्होंने बताया, “ऐसा प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 का उल्लंघन है और इसके तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज प्रसारित न करें। सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे कवरेज में सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बरतते रहें और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम मानकों का पालन करें। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के साथ जारी किया गया है।”रक्षा मंत्रालय ने भी अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर इस आदेश को शेयर करते हुए अपील की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज या रीयल-टाइम रिपोर्टिंग से बचें। ऐसी संवेदनशील या स्रोत-आधारित जानकारी का खुलासा करने से अभियान खतरे में पड़ सकता है और लोगों की जान को जोखिम हो सकता है। -
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) ने भारत में 8,000 से ज्यादा अकाउंट्स की पहुंच को सीमित कर दिया है। यह कदम भारत सरकार के उस सख्त आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें कंपनी को चेतावनी दी गई थी कि अगर वह निर्देशों का पालन नहीं करती तो उसे भारी जुर्माना और भारत में काम कर रहे कर्मचारियों को जेल की सजा हो सकती है।
इन अकाउंट्स में कई नामी हस्तियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के प्रोफाइल भी शामिल हैं। एलन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी X ने कहा, “हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। अगर आदेश नहीं मानते, तो भारत में पूरी सेवा को ही बैन किया जा सकता था।”यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारत ने हाल ही में कई पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और वेबसाइट्स पर बैन लगाया है, जिन पर भारत विरोधी और भड़काऊ कंटेंट फैलाने का आरोप है।फेक न्यूज पर सरकार सख्त, PIB और गृह मंत्रालय से पुष्टि की अपीलपाकिस्तान के साथ चल रहे सीमा तनाव के बीच भारत सरकार ने फेक न्यूज फैलाने वालों को लेकर चेतावनी जारी की है। सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने से बचें और किसी भी दावे को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें।इसके लिए लोगों को PIB फैक्ट चेक, गृह मंत्रालय या संबंधित राज्य आपदा प्रबंधन इकाई से जानकारी सत्यापित करने की सलाह दी गई है। साथ ही जनता से अपील की गई है कि बिना किसी आधिकारिक निर्देश के वे सामान्य दिनचर्या जारी रखें और किसी भी अफवाह को न फैलाएं।इसी क्रम में, बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने चीन के सरकारी मीडिया हाउस ग्लोबल टाइम्स को भी नसीहत दी है। दूतावास ने कहा है कि वह भारतीय सैन्य अभियानों को लेकर सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी पोस्ट करने से पहले तथ्यों की अच्छी तरह जांच कर ले।यह कदम भारत सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत संवेदनशील स्थितियों में गलत जानकारी और अफवाहों पर रोक लगाना जरूरी माना जा रहा है।22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा डिजिटल रुख अपनाया है। सरकार ने पाकिस्तान के मशहूर कलाकारों जैसे फवाद खान, आतिफ असलम और हानिया आमिर के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बैन लगा दिया है।इसके अलावा सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल स्ट्रीमिंग सेवाओं को आदेश दिया गया है कि वे पाकिस्तान से जुड़ा कोई भी कंटेंट तुरंत हटा दें। यह कदम भारत की ओर से उठाए गए कई जवाबी उपायों का हिस्सा है, जिसका मकसद आतंक से जुड़े किसी भी तरह के प्रचार-प्रसार को रोकना है। -
नई दिल्ली। देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री वर्तमान हालात पर नजर बनाए हुए हैं। भारत-पाकिस्तान की तनावपूर्ण स्थिति के बीच राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की। इस बैठक में सभी राज्य सरकार के कर्मियों की छुट्टियां रद्द करने संबंधी निर्देश दिए गए। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी शुक्रवार को अहम बैठक बुलाई है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आधिकारिक एक्स हैंडल से बैठक की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार- मुख्यमंत्री निवास पर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सीमा पर उत्पन्न हुई तनावपूर्ण परिस्थितियों के मद्देनजर, प्रदेशभर विशेषकर सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी राजकीय कार्मिकों की छुट्टियां निरस्त करने और उन्हें मुख्यालय पर उपस्थित रहने के संबंध में भी निर्देश दिए।पाकिस्तान की ओर से जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और बीकानेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन की गतिविधियों और ब्लैकआउट के मद्देनज़र राजस्थान सरकार ने इन क्षेत्रों को ‘स्पेशल वॉच जोन’ घोषित किया है। पुलिस, बीएसएफ और प्रशासन को आपसी समन्वय से चौबीस घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री शर्मा ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार केंद्र सरकार और सेना के साथ समन्वय में है। सभी संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है और आमजन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”संभावित आपात स्थिति को देखते हुए डिजास्टर मैनेजमेंट टीमों को भी सतर्क कर दिया गया है। साथ ही सभी सीमावर्ती जिलों के अस्पतालों और एंबुलेंस नेटवर्क को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज शुक्रवार को एक आपातकालीन सुरक्षा बैठक बुलाई है। दोपहर होने वाली इस बैठक का उद्देश्य मौजूदा घटनाक्रम के मद्देनजर स्थिति का आकलन करना और राज्य भर में सुरक्षा उपायों की समीक्षा करना है। -
नयी दिल्ली. भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार रात ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की पाकिस्तानी सेना की कोशिशों को विफल कर दिया और जवाबी कार्रवाई में लाहौर में एक पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज को निशाना बनाने का प्रयास किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन्हें एकीकृत काउंटर मानवरहित विमान प्रणाली (ग्रिड और वायु रक्षा प्रणाली) द्वारा निष्प्रभावी कर दिया गया। उसने कहा, “इन हमलों के बाद अब मलबे कई स्थानों से बरामद किए जा रहे हैं, जो पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि करते हैं।” मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “आज सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई स्थानों पर वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को निशाना बनाया। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब उसी प्रबलता के साथ दिया गया।” इसमें कहा गया है, “विश्वसनीय रूप से यह पता चला है कि लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय कर दिया गया है।” मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में मोर्टार और भारी क्षमता वाली तोपों का उपयोग करते हुए नियंत्रण रेखा पर अपनी अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तानी गोलीबारी के कारण तीन महिलाओं और पांच बच्चों सहित 16 निर्दोष लोगों की जान चली गई है।” बयान में कहा गया है कि यहां भी भारत को पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और तोपखाने की गोलीबारी रोकने के लिए जवाब देने के लिए बाध्य होना पड़ा। मंत्रालय ने कहा, “भारतीय सशस्त्र बल तनाव न बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, बशर्ते पाकिस्तानी सेना इसका सम्मान करे।
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नयी दिल्ली. आगामी संस्मरण, “कमांडेड बाई डेस्टिनी: ए जनरल्स राइज फ्रॉम सोल्जर टू स्टेट्समैन” पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एस.एम. श्रीनागेश के जीवन और सेनाप्रमुख के तौर पर उनके कार्यकाल का एक रोचक विवरण पेश करता है। यह संस्मरण स्वतंत्रता के बाद की राष्ट्रवाद की भावना और देश की स्वतंत्रता को सुरक्षित करने में भारतीय सेना की भूमिका को भी दर्शाता है। इस महीने प्रकाशित होने वाली आत्मकथा इस बात पर प्रकाश डालती है कि किस प्रकार दिवंगत जनरल श्रीनागेश ने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा इस मिथक को तोड़ा कि भारतीय मजबूत सैन्य नेतृत्व में असमर्थ हैं। इसे पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) के ‘वीर' प्रिंट के तहत जारी किया जाएगा।
इसके कुछ भाग जहां 2009 में प्रकाशित हुए थे, नवीनतम संस्करण में श्रीनागेश द्वारा लिखित घटनाओं का पूर्ण ब्यौरा प्रस्तुत किया गया है। श्रीनागेश की मृत्यु दिसंबर 1977 में हुई थी। ईबरी प्रेस और पेंगुइन वीर की कार्यकारी संपादक गुरवीन चड्ढा ने एक बयान में कहा, “उनके परिवार द्वारा वर्षों से संरक्षित यह पुस्तक उनके उल्लेखनीय सैन्य करियर और भारत के रक्षा इतिहास के एक महत्वपूर्ण युग का अंतरंग और व्यावहारिक विवरण प्रस्तुत करती है।” पाकिस्तान के साथ 1947-48 के युद्ध के दौरान जम्मू-कश्मीर के कोर कमांडर जनरल श्रीनागेश के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ही सबसे पहले इतनी ऊंचाइयों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को मात देने के लिए ज़ोजी ला में टैंकों की तैनाती की थी। उन्होंने 1955 से 1957 तक भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। श्रीनागेश सात मई 1957 को 34 साल की शानदार सैन्य सेवा पूरी करके सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने 1959 से 1962 तक असम के राज्यपाल के रूप में कार्य किया, फिर 1962 से 1964 तक आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में और अंत में 1964 से 1965 तक मैसूर के राज्यपाल पद पर रहे। -
बालासोर. पहलगाम आतंकी हमले में अपने पिता को गंवा चुके नौ वर्षीय तनुज कुमार सतपथी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पाकिस्तानी आतंकवादियों से लड़ने के लिए भारतीय सेना में भर्ती होना चाहता है। तनुज के पिता प्रशांत सतपथी 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए 26 लोगों में शामिल थे। ओडिशा के बालासोर जिले में अपने घर पर संवाददाताओं से बात करते हुए तनुज ने कहा कि अगर उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का मौका मिला तो वह उनसे यह सुनिश्चित करने के लिए कहेगा कि उसके जैसे किसी भी बच्चे के सिर से पिता का साया ना उठे। उसने कहा, ‘‘मैंने सेना में शामिल होने का फैसला किया है, क्योंकि इसने मेरे पिता की मौत का बदला लिया है।'' तनुज की मां प्रिया दर्शिनी आचार्य उसके साथ खड़ी थीं। तनुज ने ‘ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम बुधवार सुबह से ही समाचार देख रहे हैं और इससे मेरी मां और मुझे बहुत सुकून मिला है। हमें अपनी सेना पर गर्व है।'' तनुज ने कहा कि सेना शुरू से ही उसके और उसकी मां के साथ है। उसने कहा, ‘‘आखिरकार उन्होंने बदला ले लिया। इसलिए मैं निश्चित रूप से सेना में शामिल होऊंगा। मैं पूरी लगन से पढ़ाई करूंगा ताकि मैं सेना में जगह पा सकूं और पाकिस्तान और उसके आतंकवादियों से लड़ सकूं।'' तनुज ने कहा, ‘‘अगर मुझे प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका मिलता है तो मैं उनसे कहूंगा कि वह सुनिश्चित करें कि मेरे जैसा कोई भी लड़का पिता के साए से वंचित ना होने पाए। अब मैं एक बेटे के लिए पिता की अहमियत को महसूस करता हूं।'' तनुज ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से भी कहेगा कि वह पहलगाम जैसे स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराएं और भारतीय सरजमीं पर आतंकवादियों को ना आने दें। पहलगाम में हुई भयावह घटना को याद करते हुए तनुज ने कहा कि आतंकवादियों ने उसके पिता को उस समय गोली मार दी, जब वे एक पहाड़ी से नीचे उतर रहे थे। उसने कहा, ‘‘वे तुरंत गिर पड़े। मेरी मां और मैं उनकी ओर दौड़े और पाया कि उनके सिर से खून बह रहा था। जब मेरी मां ने पूछा कि क्या उन्हें पानी चाहिए, तो उन्होंने कहा, हां। मैंने उन्हें पानी दिया।'' यह पूछे जाने पर कि क्या आतंकवादियों ने उसके पिता को मारने से पहले उनसे कुछ जानना चाहा था, तनुज ने कहा, ‘‘नहीं, लेकिन मैंने उन्हें दूसरों से उनके धर्म के बारे में पूछते देखा है।'' उसे यह भी याद आया कि घटना के बाद उसने अपनी मां की किस तरह से देखभाल की। तनुज की मां प्रिया दर्शिनी ने कहा कि वह अपने बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए कुछ भी करेंगी। उन्होंने कहा कि अगर वह सेना में शामिल होना चाहता है, तो वह उसे इस तरह से तैयार करेंगी। हालांकि, प्रिया दर्शिनी ने तनुज में आई ‘अचानक परिपक्वता' पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चिंतित हूं क्योंकि ऐसा लगता है कि उसने अचानक अपना बचपन खो दिया है। उसे धीरे-धीरे परिपक्व होना चाहिए, अचानक नहीं। मुझे उम्मीद है कि भगवान उसका भला करेंगे।
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नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने हमेशा वैश्विक शांति, बंधुत्व व कल्याण में विश्वास किया है और बहुध्रुवीय विश्व में साझेदार बदलते रहते हैं। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बहुध्रुवीय विश्व में बदलते गठबंधनों के साथ-साथ हमारे सामने "रातों-रात बदल जाने" की अवधारणा मौजूद है। उन्होंने अपने सरकारी आवास पर ‘इंडिया फाउंडेशन' के एक कार्यक्रम में कहा, “गठबंधन के मामले में भी यही बात देखी जा सकती है।” कौटिल्य का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि पड़ोसी शत्रु होता है और शत्रु का शत्रु मित्र होता है। उन्होंने कहा, “भारत से बेहतर कौन सा देश जानता है। हम हमेशा वैश्विक शांति, वैश्विक बंधुत्व, वैश्विक कल्याण में विश्वास करते हैं। और इसीलिए मैंने कहा कि जी-20 के लिए हमारा आदर्श वाक्य (वसुधैव कुटुम्बकम) सौ फीसदी प्रतिबिंबित होता है।
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उत्तरकाशी. उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बृहस्पतिवार सुबह गंगनानी के समीप एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच श्रद्धालुओं समेत छह लोगों की मौत हो गई और एक अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। इस हादसे की जांच विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि हादसा सुबह आठ बजकर 11 मिनट पर ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पास हुआ। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में पायलट समेत सात लोग सवार थे। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के अनुसार ‘एयरोट्रांस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' का हेलीकॉप्टर यमुनोत्री दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को गंगोत्री धाम लेकर जा रहा था जहां उसे हर्षिल हेलीपैड पर उतरना था। एसडीआरएफ के अनुसार हेलीकॉप्टर 200-250 मीटर गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे पांच श्रद्धालुओं समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान गुजरात के वडोदरा निवासी पायलट रॉबिन सिंह (60), मुंबई की पवई की निवासी विजयलक्ष्मी रेड्डी (57), रुचि अग्रवाल (56), कला चंद्रकांत सोनी (61), उत्तर प्रदेश के बरेली की निवासी राधा अग्रवाल (79) और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर की निवासी वेदांती देवी (48) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वेदांती देवी के पति मकतूर भास्कर (51) दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. मेहरबार सिंह बिष्ट ने बताया कि घायल को एयर एंबुलेंस से ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उत्तरकाशी के गंगनानी के समीप हेलीकॉप्टर क्रैश में कुछ लोगों के हताहत होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ईश्वर हादसे में दिवंगत लोगों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'' धामी ने कहा, ‘‘प्रशासन को घायलों को हर संभव सहायता पहुंचाने एवं हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं और हर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।'' इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच एएआईबी करेगा। अधिकारियों के अनुसार निजी कंपनी का ‘बेल हेलीकॉप्टर' दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार ‘एयरोट्रांस सर्विसेज' में दो ‘बेल हेलीकॉप्टर' और एक ‘सेसना' विमान हैं। नागर विमानन मंत्रालय के तहत आने वाला एएआईबी ‘‘सुरक्षा संबंधी घटनाओं'' का वर्गीकरण भी करता है जिसमें भारतीय हवाई क्षेत्र में विमान दुर्घटनाएं, गंभीर हादसे और अन्य हादसे शामिल हैं| एएआईबी दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच करता है और सुरक्षा में सुधार के उपायों का भी सुझाव देता है। -
नयी दिल्ली. शिकागो का ‘इलिनॉय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' भारत में परिसर स्थापित करने के लिए यूजीसी की मंजूरी पाने वाला पहला अमेरिकी विश्वविद्यालय बन गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलिनॉय मुंबई में अपना परिसर स्थापित करेगा, जहां 2026 से पहले बैच के लिए दाखिला शुरू होगा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विश्वविद्यालय के भारत स्थित परिसर में कंप्यूटर विज्ञान, इंजीनियरिंग और व्यवसाय जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इलिनॉय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष राज एचमबडी ने कहा, ‘‘इलिनॉय टेक की स्थापना सभी के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार तक पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। भारत में हमारा नया परिसर इस देश के लाखों प्रतिभाशाली युवाओं को एक शानदार अवसर प्रदान करता है, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने का मौका मिलेगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें इलिनॉय की कठोर, गहन अनुभव वाली शिक्षण पद्धति को (भारत) लाने का अवसर प्राप्त हुआ है, जिसे नए छात्रों के लिए इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे दुनिया की जटिलताओं से निपटने में अग्रणी साबित हो सकें।'' राज ने बताया कि इलिनॉय टेक का मुंबई परिसर विश्वविद्यालय के शिकागो स्थित विभिन्न परिसर के समान ही गहन शैक्षणिक और उद्योग के अनुकूल पाठ्यक्रम प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इसमें इलिनॉय के प्रसिद्ध ‘एलिवेट' कार्यक्रम की पेशकश शामिल होगी, जो सभी छात्रों को इंटर्नशिप, अनुसंधान, प्रतियोगिताओं और अन्य अवसरों जैसे वास्तविक अनुभवों तक पहुंच की गारंटी देता है। राज ने कहा कि पाठ्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियुक्त संकाय द्वारा संचालित किए जाएंगे, जिनमें इलिनॉय टेक के विभिन्न अमेरिकी परिसर से आए अतिथि प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक साख वाले संकाय सदस्य शामिल होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 2023 में भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के तहत परिसरों की स्थापना और संचालन की घोषणा की थी। ब्रिटेन का साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय इस साल भारत में अपना परिसर स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के दो विश्वविद्यालयों - डीकिन और वोलोंगोंग - ने पहले से ही ‘गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी' (गिफ्ट सिटी) में परिसर स्थापित किए हैं। क्वीन्स विश्वविद्यालय बेलफास्ट और कोवेंट्री विश्वविद्यालय को भी गिफ्ट सिटी में परिसर स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। अभी तक, किसी भी अमेरिकी विश्वविद्यालय को भारत में परिसर स्थापित करने की मंजूरी नहीं मिली थी।
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन में शहीद हुए लांस नायक दिनेश कुमार का अंतिम संस्कार आज गुरुवार को उनके पैतृक गांव मोहम्मदपुर (पलवल जिला) में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। 7 मई को पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई गोलीबारी में लांस नायक कुमार वीरगति को प्राप्त हुए थे। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गांव में भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। परिवार के सदस्य, ग्रामीण, सेना के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी अंतिम विदाई देने पहुंचे। पूरे सम्मान के साथ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर (तोपों की सलामी) दी गई।
हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश नागर ने अंतिम संस्कार में भाग लेते हुए कहा, “पूरा देश इस समय सेना के साथ खड़ा है। हमें अपनी सेना पर गर्व है। वह इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। लांस नायक दिनेश कुमार के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है।” एक और मंत्री, गौरव गौतम ने कहा, “देश लांस नायक दिनेश कुमार के बलिदान को सैल्यूट करता है। सरकार और सेना इस आतंकवादी घटना का बदला लेने के लिए तत्पर हैं। दिनेश कुमार ने देश के लिए अपना जीवन न्योछावर किया है।” थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी लांस नायक दिनेश कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की।लांस नायक दिनेश कुमार 5 फील्ड रेजिमेंट के जवान थे। बुधवार तड़के पाकिस्तान की ओर से की गई बमबारी में वह शहीद हुए थे। व्हाइट नाइट कोर (White Knight Corps) ने भी उनकी शहादत की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। पोस्ट में कहा गया, “व्हाइट नाइट कोर के जीओसी लांस नायक दिनेश कुमार को सलाम करते हैं जिन्होंने 7 मई को पाकिस्तान की गोलाबारी में सर्वोच्च बलिदान दिया।” दिनेश कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बच्चे, माता-पिता और भाई-बहनों को छोड़ गए हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह आतंकवाद को जड़ से मिटाने की भारत की निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया है। ग्वालियर में मीडिया से बातचीत में सिंधिया ने कहा, “जिन आतंकवादियों ने हमारी बहनों का सिंदूर मिटाया था, उन्हें अब हमारी सेना ने उन्हें मिटा दिया है। यह ऑपरेशन आतंकवाद को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही देश की जनता को विश्वास दिलाया था कि आतंकियों को नहीं बख्शा जाएगा, और अब वह वादा पूरा किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की तीनों सेनाओं -वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकवादियों के 9 ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा, “ये वही जगहें थीं, जहां से आतंकियों के गिरोह की शुरुआत होती थी। सिंधिया ने कहा कि भारत ने अब दुनिया को यह संदेश दे दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा “आज भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि विश्व के हर देश का एक ही साझा लक्ष्य है-आतंकवाद को जड़ से मिटाना। इसी उद्देश्य से ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है।उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान मासूम नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन भारत की सेना ने उसकी हर साजिश को नाकाम कर दिया। सिंधिया ने बताया “पाकिस्तान की ओर से भेजे गए मिसाइल और बारूद को हमारी सेना ने पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है,”। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमें अपनी सेना की ताकत पर पूरा भरोसा है। हमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भी पूरा विश्वास है। हम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में जीतकर ही रहेंगे।” उन्होंने सेना के तीनों बलों को सलाम करते हुए कहा कि पूरे देश को उन पर गर्व है। -
नई दिल्ली। नियंत्रण रेखा पर शहीद हुए भारतीय सेना के जवान लांस नायक दिनेश कुमार को थल सेनाध्यक्ष, सीओएएस जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सैल्यूट किया। सेनाध्यक्ष समेत भारतीय सेना के सभी रैंक ने गुरुवार को लांस नायक दिनेश कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलामी दी।
लांस नायक दिनेश कुमार वर्ष 2014 में तोपखाना रेजिमेंट में भर्ती हुए थेलांस नायक दिनेश कुमार ने बुधवार को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना के संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान अपने प्राण की आहुति दी थी। वह वर्ष 2014 में तोपखाना रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। भारतीय सेना का कहना है कि वह उन निर्दोष नागरिकों के साथ भी एकजुटता में खड़ी है, जो पुंछ सेक्टर में दुश्मन के अंधाधुंध तोपखाने की गोलीबारी के शिकार हुए हैं। दुश्मनों के नापाक मंसूबों को दृढ़ और दंडात्मक कार्रवाई से नाकाम किया गया और किया जाता रहेगा।पुंछ में हुई गोलीबारी में लांस नायक दिनेश कुमार शहीद हुए थेपाकिस्तान नियंत्रण रेखा के अलग-अलग स्थानों से गन फायरिंग और आर्टिलरी फायर कर रहा है। पुंछ में हुई गोलीबारी में लांस नायक दिनेश कुमार शहीद हुए। इसके बाद पाकिस्तान ने 7 और 8 मई की रात के दौरान भी जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर क्षेत्रों में फायरिंग की। नियंत्रण रेखा के पार से की गई गोलीबारी में जहां छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ, वहीं पाकिस्तान ने आर्टिलरी फायर भी किया। पाकिस्तानी सेना की फायरिंग का भारतीय सेना ने भी उचित और त्वरित जवाब दिया है।22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थीविदेश मंत्रालय के मुताबिक, नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान के संघर्ष विराम उल्लंघन के परिणामस्वरूप 13 नागरिक मारे गए हैं। सभी नागरिक जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मारे गए हैं। कुल 59 नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से 44 पुंछ के हैं। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 निर्दोष लोगों की हत्या की थी। आतंकी सीमा पार से आए थे और इनकी ट्रेनिंग भी पाकिस्तान में हुई थी। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और पीओके स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। कार्रवाई में कई आतंकी ढेर हो गए। वहीं, उनके ठिकाने भी नष्ट कर दिए गए हैं। लेकिन, पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पार से अंधाधुंध फायरिंग कर रहा है। इससे सामान्य नागरिक प्रभावित हुए हैं। -
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान और नेपाल से सटे सीमावर्ती राज्यों के उपराज्यपालों और मुख्यमंत्रियों से सोशल और अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवांछित तत्वों द्वारा राष्ट्र विरोधी दुष्प्रचार पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है।
राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में त्वरित कार्रवाई करने का दिया निर्देशकेंद्रीय गृह मंत्री ने नई दिल्ली में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्हें राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में त्वरित कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।संवेदनशील बिंदुओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जाना चाहिएगृह मंत्री ने कहा कि निर्बाध संचार बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए और संवेदनशील बिंदुओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जाना चाहिए।अफवाहों के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाने को कहाउन्होंने राज्यों से जनता के बीच अनावश्यक भय फैलाने से रोकने और अफवाहों के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए कदम उठाने को कहा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन, सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच समन्वय को और बढ़ाया जाना चाहिए। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर राष्ट्रीय तैयारियों और अंतर-मंत्रालयी समन्वय की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
पीएम मोदी ने मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए मंत्रालयों द्वारा की गई योजना और तैयारी की समीक्षा कीप्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने परिचालन निरंतरता और संस्थागत लचीलेपन को बनाए रखने के लिए मंत्रालयों और विभिन्न एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए मंत्रालयों द्वारा की गई योजना और तैयारी की समीक्षा की। सचिवों को अपने-अपने मंत्रालय के संचालन की व्यापक समीक्षा करने और आवश्यक प्रणालियों के पूर्ण-सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें तत्परता, आपातकालीन प्रतिक्रिया और आंतरिक संचार प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया है।मंत्रालय सभी प्रकार की उभरती स्थितियों से निपटने के लिए तैयारसचिवों ने मौजूदा स्थिति में समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ अपनी योजना का विवरण दिया। सभी मंत्रालयों ने संघर्ष के संबंध में अपनी कार्रवाई योग्यताओं की पहचान की है और प्रक्रियाओं को मजबूत कर रहे हैं। मंत्रालय सभी प्रकार की उभरती स्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं।बैठक के दौरान कई मुद्दों पर की गई चर्चाबैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें अन्य बातों के अलावा, नागरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना, गलत सूचना और फर्जी खबरों का मुकाबला करने के प्रयास और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था। मंत्रालयों को राज्य प्राधिकरणों और जमीनी स्तर के संस्थानों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने की भी सलाह दी गई।नागरिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि कीबैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा, गृह, विदेश, सूचना एवं प्रसारण, ऊर्जा, स्वास्थ्य और दूरसंचार सहित प्रमुख मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने देश के संवेदनशील दौर में निरंतर सतर्कता, संस्थागत तालमेल और स्पष्ट संचार का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, परिचालन तैयारियों और नागरिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। -
नई दिल्ली। भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने के बाद पाकिस्तान ने 7 मई की रात को कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की। सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल हैं।
एकीकृत काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम से पाकिस्तान का हमला किया नाकामहालांकि भारत ने इन हमलों को एकीकृत काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा नाकाम कर दिया गया। इन हमलों के मलबे को अब कई स्थानों से बरामद किया जा रहा है, जो पाकिस्तानी हमलों की पुष्टि करते हैं।एस-400 सुदर्शन चक्र ने पाकिस्तान की मिसाइलों को मार गिरायाभारतीय वायुसेना के एस-400 सुदर्शन चक्र वायु रक्षा मिसाइल सिस्टम को कल रात भारत की ओर बढ़ रहे लक्ष्यों पर दागा गया। कई डोमेन विशेषज्ञों ने एएनआई को बताया कि ऑपरेशन में लक्ष्यों को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया गया। आधिकारिक सरकारी पुष्टि का इंतजार है।जवाबी कार्रवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को किया निष्प्रभावीवहीं आज गुरुवार सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई स्थानों पर वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को निशाना बनाया। भारतीय जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान की ही तरह उसी तीव्रता से की गई है। विश्वसनीय रूप से पता चला है कि लाहौर में एक वायु रक्षा प्रणाली को निष्प्रभावी कर दिया गया है।सूत्रों ने बताया कि भारत की ओर से बुधवार की सुबह शुरू किए गए कई सटीक हमलों में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है, जिससे इस समय हताहत हुए आतंकवादियों की सटीक संख्या बताना चुनौतीपूर्ण हो गया है।नौ प्रमुख आतंकी शिविरों को बनाया गया निशानाबताना चाहेंगे, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए हमलों में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े पाकिस्तान के नौ प्रमुख आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। चार लक्ष्य पाकिस्तान के अंदर स्थित थे और शेष पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में स्थित थे। सुरक्षा बलों ने बहावलपुर, मुरीदके, सरजाल और महमूना जोया में चार आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया।भारत के निशाने पर पीओके के पांच अन्य स्थान भीमबर में मरकज अहले हदीस बरनाला, कोटली में मरकज अब्बास और मस्कर राहील शाहिद, शवाई नाला कैंप और मुजफ्फराबाद में मरकज सैयदना बिलाल थे। इस बीच, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में मोर्टार और भारी कैलिबर आर्टिलरी का इस्तेमाल करते हुए नियंत्रण रेखा के पार अपनी अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। भारत ने पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और आर्टिलरी की गोलीबारी रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की। -
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ने गुरदासपुर जिले में 8 मई से हर रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक पूर्ण ब्लैकआउट का आदेश जारी किया है। यह फैसला सिविल डिफेंस एक्ट, 1968 के तहत इमरजेंसी स्थितियों से निपटने के लिए लिया गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक यह ब्लैकआउट अगले आदेश तक जारी रहेगा। गुरदासपुर की जेल और अस्पताल इस आदेश से बाहर रखे गए हैं, लेकिन उनके खिड़कियों को बंद और पूरी तरह ढका रहना अनिवार्य होगा, ताकि कोई रोशनी बाहर न जा सके।
यह निर्णय तब लिया गया जब भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के भीतर नौ आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने 7 मई की रात भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिनमें अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज शामिल हैं। इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।भारतीय सेना की इंटीग्रेटेड काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम्स ने सभी हमलों को समय रहते नाकाम कर दिया। इन प्रयासों को विफल करने में IAF की S-400 “सुदर्शन चक्र” एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली ने अहम भूमिका निभाई। इन हमलों के मलबे को कई जगहों से बरामद किया गया है, जो पाकिस्तान की भूमिका की पुष्टि करता है। वहीं गुरुवार सुबह, भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस राडार और सिस्टम्स को निशाना बनाया। लाहौर में एक एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। -
नई दिल्ली। भारत दौरे पर पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय सेना की तरफ से की गई एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा कि एक पड़ोसी और करीबी साझेदार के रूप में यह महत्वपूर्ण है कि आपको स्थिति की अच्छी समझ हो।
विदेश मंत्री जयशंकर ने द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा, “भारत की ओर से आपका स्वागत है। आज हम 20वीं भारत-ईरान संयुक्त आयोग की बैठक में सह-अध्यक्षता करेंगे। हाल के वर्षों में हमारे सहयोग में कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अक्टूबर 2024 में कजान में मुलाकात की थी और 26 अप्रैल को फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने हमारे संबंधों को और मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।”एस जयशंकर ने एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी देते हुए बताया, “महामहिम, इस साल हमारी कूटनीतिक साझेदारी की 75वीं वर्षगांठ है, जो हमारी गहरी दोस्ती और सहयोग को दर्शाती है। मुझे विश्वास है कि हम इसे उचित रूप से मनाएंगे। आप ऐसे समय में भारत आए हैं, जब हम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए एक क्रूर आतंकी हमले का जवाब दे रहे हैं। इसके जवाब में हमने 7 मई को सीमा पार आतंकी ढांचे पर लक्षित और संयमित कार्रवाई की।”विदेश मंत्री ने आगे कहा, “हमारा इरादा तनाव बढ़ाने का नहीं है, लेकिन अगर हम पर सैन्य हमले होते हैं, तो उसका जवाब बहुत कड़ा होगा। एक पड़ोसी और करीबी साझेदार के रूप में आपके लिए स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है। एक बार फिर दिल्ली में आपका हार्दिक स्वागत है।”ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची का भारत दौरा रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से है। दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश भारत-ईरान मैत्री संधि की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। अगस्त 2024 में पदभार ग्रहण करने के बाद से यह अराघची की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भारत-ईरान मैत्री संधि पर हस्ताक्षर की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संयुक्त आयोग की बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी हितों के मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए आगे के रास्ते की समीक्षा होगी। उनका राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का भी कार्यक्रम है। -
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके के नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। रक्षा मंत्रालय ने अपनी प्रेस ब्रीफिंग में इस कार्रवाई को सीमित, केंद्रित और बिना उकसावे वाला बताया। इस स्ट्राइक को लेकर पूरे देश में जहां खुशी का माहौल है, वहीं मशहूर हस्तियां भी भारतीय सशस्त्र बलों के साहस को सलाम कर रही हैं।
मशहूर हस्तियां भी भारतीय सशस्त्र बलों के साहस को सलाम कर रही हैंइस कड़ी में बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने प्रेस ब्रीफिंग की एक तस्वीर पोस्ट की और सैनिकों के प्रति अपना गहरा सम्मान और आभार व्यक्त किया है। करीना कपूर खान ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर प्रेस ब्रीफिंग की तस्वीर शेयर की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह नजर आ रही हैं।भारतीय सेना की बहादुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मेरा सलामकरीना कपूर खान ने लिखा, ”हम सेना के प्रयासों के लिए आभारी हैं। मैं उनकी बहादुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सलाम करती हूं। आइए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हों। जय हिंद।” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर शेखर कपूर, रवीना टंडन, सुनील शेट्टी, रणदीप हुड्डा, सिद्धार्थ मल्होत्रा, मनीष पॉल, अमीषा पटेल, रोहित शेट्टी, संजय दत्त, जैकी भगनानी समेत अन्य सितारों की भी प्रतिक्रिया आई।भारतीय सेना दुनिया को दिखा रहा है कि वह राष्ट्र के लिए कितना जिम्मेदार हैफिल्म निर्माता-निर्देशक शेखर कपूर ने भारतीय सेना को सलाम करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ”पहलगाम आतंकी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया एक ऐसे राष्ट्र के लिए उपयुक्त है, जो दुनिया को दिखा रहा है कि वह कितना जिम्मेदार और आश्वस्त है। बिना किसी बयानबाजी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया गया। यह उन क्षेत्रों और संगठनों पर एक सटीक प्रहार है, जिन्होंने निर्दोष नागरिकों को मारने वाले आतंकियों का समर्थन किया था।”भारत हमेशा से शांति के पक्ष में खड़ा रहा हैअभिनेत्री रवीना टंडन ने लिखा, ”भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहा है। फिर भी, दशकों से हम ऐसे हमलों के शिकार होते आए हैं। दोनों देशों के बीच शांति के लिए कई पहल और बातचीत हुई। इसके बावजूद, पाकिस्तान लगातार अपनी सेना की मदद से ऐसा करता आया है, जिसकी वजह से अनगिनत निर्दोषों की जान जा चुकी है। दुनिया को अब आतंकी कारखानों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। भारत की कार्रवाई सोची-समझी है, जिसका उद्देश्य केवल आतंकियों को खत्म करने का है, न कि नागरिकों को। हमारे सैनिकों के साथ देशवासियों ने धैर्य और साहस दिखाया। मैं देश, हमारे सशस्त्र बलों, लीडर्स के साथ खड़ी हूं। श्री राम हमें बुराई का नाश करने के लिए मार्गदर्शन दें।” सुनील शेट्टी ने लिखा, ”आतंक के लिए कोई जगह नहीं है। जीरो टॉलरेंस, टोटल जस्टिस। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट करने की कार्रवाई के संबंध में विभिन्न राजनीतिक दलों को जानकारी देने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक के अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अध्यक्षता की और भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी सभी दलों के नेताओं के साथ साझा की। बैठक में सभी दलों ने एकजुटता दिखाते हुए सरकार और सेना के इस कदम का समर्थन किया।
रक्षा मंत्री ने सभी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से कहा, “आज सर्वदलीय बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बहुत अच्छे से हुई है। गंभीर विषय था इसलिए सभी ने गंभीरता से अपने बात रखी। सबसे पहले रक्षा मंत्री ने सभी नेताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। इसके बाद सभी ने अपना मत रखा और सुझाव भी दिए। सभी नेताओं ने सेनाओं को बधाई भी दी। कहा कि हम एकजुट हैं और सेना की हर कार्रवाई में साथ देंगे। मैं सभी नेताओं को धन्यवाद करता हूं और ये सकारात्मक बैठक थी।”केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने फेक न्यूज के प्रति लोगों को किया आगाहरिजिजू ने फेक न्यूज़ के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा, “कई फेक न्यूज़ फैलाई जा रही हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि केवल प्रामाणिक सूचनाओं पर भरोसा करें और असत्यापित खबरों से बचें।” उन्होंने नेताओं द्वारा दिए गए सुझावों को मूल्यवान बताया और कहा कि सरकार इन पर विचार करेगी।कांग्रेस पार्टी का सरकार को पूर्ण समर्थनकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार को पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा की जाए, ताकि सांसद अपने विचार रख सकें और इससे जनता का विश्वास बढ़े। हालांकि, सरकार ने इस सुझाव पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया है। जैसा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने कहा, कि उन्होंने (सरकार ने) कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन पर हम चर्चा नहीं करना चाहते। सबने सपोर्ट किया है।वहीं, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया है। जैसा कि मल्लिकार्जुन खरगे जी ने कहा, कि उन्होंने (सरकार ने) कहा कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिन पर हम चर्चा नहीं करना चाहते, सबने सपोर्ट किया है।( -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को राजधानी में आयोजित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और इसके परिणामों एवं आतंकी ठिकानों पर बमबारी के पीछे सरकार की मंशा और किसी भी संभावित स्थिति के लिए उसकी तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
केंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का उद्देश्यकेंद्र द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य विपक्षी नेताओं को सीमा पार आतंकी शिविरों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ सेना के सबसे व्यापक अभियानों में से एक के बारे में जानकारी देना था।इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अन्य सहित सभी दलों के शीर्ष नेताओं ने बैठक में भाग लिया।सभी दलों ने सेना की कार्रवाई की सराहना कीराजनाथ सिंह द्वारा विपक्ष को जानकारी दिए जाने के दौरान सभी दलों ने सेना की कार्रवाई की सराहना की और विदेशी धरती से पनप रहे आतंकवाद को कुचलने के सरकार के प्रयास में समर्थन जताया।किरेन रिजिजू ने कहा- सभी दलों ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाईसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सभी दलों ने सशस्त्र बलों की सराहना की और आतंक के खिलाफ एक स्वर में बात की। उन्होंने कहा “सभी दलों ने सरकार के साथ एकजुटता दिखाई। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं है और सभी ने एक जैसी बातें कीं। उन्होंने सशस्त्र बलों की सराहना की और सरकार को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।”विपक्ष के नेता बोले- “हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दियाउन्होंने आगे कहा कि सभी दलों ने राजनीतिक परिपक्वता दिखाई और सशस्त्र बलों के साथ-साथ सरकार के लिए भी स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, “हमने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया है।”मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “बैठक में केंद्र ने हमें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। हमने उन्हें बताया कि हम सरकार के साथ हैं।”असदुद्दीन ओवैसी ने भी सफल ऑपरेशन के लिए सशस्त्र बलों को बधाई दीवहीं एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी ने भी सफल ऑपरेशन के लिए सशस्त्र बलों को बधाई दी और एक कदम आगे बढ़ते हुए सरकार से पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाले समूह द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाना शुरू करने को कहा।उन्होंने कहा, “मैंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए सशस्त्र बलों के साथ-साथ सरकार की भी सराहना की। हमें टीआरएफ के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय अभियान शुरू करना चाहिए ताकि इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया जा सके। हमें इसे आतंकवादी संगठन घोषित करने में अमेरिका का समर्थन भी लेना चाहिए।” -
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की और कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बिना किसी निर्दोष नागरिक को नुकसान पहुंचाए अंजाम दिया गया और न्यूनतम कोलेटरल डैमेज के साथ 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। राजनाथ सिंह ने यह बयान DRDO द्वारा आयोजित नेशनल क्वालिटी कॉन्क्लेव में दिया। उन्होंने कहा, “मैं हमारे सशस्त्र बलों को बधाई देता हूं जिन्होंने कल जिस साहस और वीरता से कार्रवाई की, वह प्रशंसनीय है। पाकिस्तान और पीओके में आतंकी शिविरों को नष्ट करना हमारे लिए गर्व की बात है।”
रक्षामंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की सटीकता अकल्पनीय थी। नौ आतंकी कैंपों को नष्ट किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मारा गया। यह कार्यवाही पूरी सावधानी के साथ की गई ताकि निर्दोष लोग प्रभावित न हों।” 7 मई की सुबह भारत ने लॉन्ग रेंज हाई-प्रिसिजन स्ट्राइक वेपन्स का इस्तेमाल कर पाकिस्तान और POK में गहराई तक मौजूद नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में 7 मई की रात भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों जैसे अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले की कोशिश की।भारतीय वायुसेना ने S-400 सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इन सभी हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। हमले का मलबा कई जगहों से बरामद हुआ है, जिससे पाकिस्तान की भूमिका की पुष्टि होती है। 8 मई की सुबह, भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस रडार और सिस्टम्स को निशाना बनाया। -
नई दिल्ली। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान की हालिया आक्रामक कार्रवाई का संयमित, सटीक और पूरी तरह लक्षित जवाब दिया है। इस बारे में कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने आज गुरुवार को मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत ने 7 मई को जो जवाबी कार्रवाई की, वह गैर-भड़काऊ थी और केवल सुरक्षा खतरों पर केंद्रित थी।
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात भारत के कई सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। निशाने पर अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज जैसे शहर थे। लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली और एकीकृत काउंटर-यूएएस ग्रिड ने इन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया।भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई वायु रक्षा रडार और सिस्टम को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। इसमें लाहौर स्थित एक वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। भारत ने यह स्पष्ट किया है कि वह केवल तभी सैन्य कार्रवाई करता है जब उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होता है।इसके साथ ही, पाकिस्तान ने कुपवाड़ा, बारामूला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में अकारण गोलाबारी की, जिसमें मोर्टार और भारी तोपों का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में तीन महिलाओं और पांच बच्चों सहित 16 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई। भारतीय सेना ने इस गोलीबारी का भी उचित और संतुलित जवाब दिया।भारत ने साफ किया है कि वह उकसावे में नहीं आता, लेकिन अगर देश की सुरक्षा पर हमला होता है, तो उसका निर्णायक और लक्षित जवाब दिया जाएगा। -
नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान सख्त संदेश देते हुए कहा है कि उसकी हाल की सैन्य कार्रवाई किसी भी तरह से उकसावे वाली नहीं थी, बल्कि यह 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि भारत ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है, किसी भी धार्मिक स्थल या आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान की असलियत अब पूरी दुनिया के सामने आ चुकी है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेश मंत्री खुद स्वीकार कर चुके हैं कि उनके देश के आतंकी संगठनों से रिश्ते हैं। यह साबित करता है कि पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़ बन चुका है और वह इन आतंकवादी समूहों का समर्थन करता है।विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत पर झूठे आरोप लगाता है, जबकि सच यह है कि वह खुद आतंकियों को पनाह देता है। मिस्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ सबूत सौंपे थे, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।पाकिस्तान की उस मांग को भी भारत ने खारिज किया जिसमें उसने पहलगाम आतंकी हमले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय समिति बनाने की बात कही थी। मिस्री ने कहा कि भारत पहले भी कई बार हमलों के सबूत पाकिस्तान को देता रहा है, लेकिन उसने कभी भी जांच में सहयोग नहीं किया।भारत पर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के पाकिस्तान के आरोप पर विदेश सचिव ने कहा कि भारत ने केवल आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके उलट, पाकिस्तान ने एलओसी पर स्थित गुरुद्वारों को निशाना बनाया है, जो पूरी तरह निंदनीय है। विक्रम मिस्री ने यह भी बताया कि जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करने की बात आई, तो केवल पाकिस्तान ने इसका विरोध किया। यह स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान अब भी इन संगठनों को समर्थन और शरण दे रहा है।इस बीच, बुधवार रात पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया। इन हमलों का मकसद भारत के शहरों को नुकसान पहुंचाना था।

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