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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत गरीब परिवारों द्वारा रिफिल कराए गए एलपीजी सिलेंडरों की संख्या बीते पांच वर्षों में दोगुनी हो गई है। यह जानकारी सरकार द्वारा संसद में दी गई। सरकार के मुताबिक, पीएमयूवाई योजना के तहत लाभार्थी परिवारों की एलपीजी खपत बढ़कर 4.5 सिलेंडर प्रति वर्ष हो गई है।
रिफिल सिलेंडर की संख्या पांच साल में दोगुनी हुईपेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संसद को बताया कि 1 मार्च 2025 तक देश भर में 10.33 करोड़ पीएमयूवाई कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इस योजना के तहत रिफिल सिलेंडर की संख्या पांच साल में दोगुनी हो गई है।चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में 41.95 करोड़ रिफिल वितरित किए गए, जबकि 2023-24 के 12 महीनों में 39.38 करोड़ रिफिल वितरित किए गए थे। वहीं, 2019-20 में रिफिल की संख्या 22.80 करोड़ थी, जो पांच साल पहले की तुलना में इस वित्त वर्ष में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।वित्त वर्ष 2024-25 फरवरी तक में तेल कंपनियां प्रतिदिन लगभग 12.6 लाख एलपीजी रिफिल वितरित की हैंसरकार ने कहा कि पीएमयूवाई की शुरुआत के बाद से, तेल विपणन कंपनियों ने फरवरी 2025 तक पीएमयूवाई ग्राहकों को प्रारंभिक इंस्टॉलेशन रिफिल सहित कुल 234.02 करोड़ एलपीजी रिफिल वितरित किए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 (फरवरी 2025 तक) में तेल कंपनियां प्रतिदिन लगभग 12.6 लाख एलपीजी रिफिल वितरित कर रही हैं।योजना के तहत सितंबर 2019 में 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया थापीएमयूवाई को मई 2016 में देश भर के गरीब परिवारों की महिलाओं को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत सितंबर 2019 में 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया था। शेष गरीब परिवारों को कवर करने के लिए उज्ज्वला 2.0 योजना का दूसरा चरण अगस्त 2021 में शुरू किया गया और जनवरी 2023 तक 1.60 करोड़ कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।सितंबर 2023 में केंद्र सरकार ने 75 लाख अतिरिक्त पीएमयूवाई एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी थीइसके अलावा, सितंबर 2023 में केंद्र सरकार ने 75 लाख अतिरिक्त पीएमयूवाई एलपीजी कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी थी। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 8 जुलाई 2024 तक 75 लाख पीएमयूवाई कनेक्शन जारी करने का काम पूरा कर लिया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का एक लेख साझा करते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न 100-दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान ने टीबी मुक्त भारत के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।
टीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में उल्लेखनीय प्रगतिप्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट में कहा, “टीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में उल्लेखनीय प्रगति देखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में संपन्न 100-दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसने टीबी मुक्त भारत के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है, इसे अवश्य पढ़ें।”100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान ने नवाचार की शक्ति का किया प्रदर्शनवहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने एक्स पोस्ट में कहा कि इस विश्व क्षयरोग दिवस पर मैं इस बात पर बहुत गर्व के साथ विचार करता हूं कि भारत टीबी के खिलाफ लड़ाई में किस तरह से अपनी रणनीति को फिर से लिख रहा है। हाल ही में संपन्न 100-दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान ने न केवल नवाचार की शक्ति का प्रदर्शन किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि समुदायों को संगठित करना कार्यक्रम संबंधी दृष्टिकोण को बदलने जितना ही महत्वपूर्ण है। मामलों का पता लगाने में तेजी लाकर, मृत्यु दर को कम करके और नए संक्रमणों को रोककर, इस अभियान ने टीबी मुक्त भारत के लिए एक मजबूत नींव रखी है। भारत सिर्फ टीबी से नहीं लड़ रहा है, हम इसे हरा रहे हैं।यह अभियान देश के कोने-कोने तक पहुंचाकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने लेख में कहा कि यह अभियान 7 दिसंबर, 2024 को टीबी के मामलों का पता लगाने, मृत्यु दर को कम करने और नए मामलों को रोकने के उद्देश्यों के साथ शुरू किया गया था। 100-दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान ने टीबी का समय रहते पता लगाने के लिए अत्याधुनिक रणनीतियां शुरू कीं, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि बिना लक्षण वाले लोगों की भी पहचान की गई- जिनका अन्यथा निदान नहीं हो पाता और उनका इलाज किया गया। पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों को सीधे उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के पास ले जाया गया, जिनमें मधुमेह, धूम्रपान करने वाले, शराब पीने वाले, एचआईवी से पीड़ित, बुजुर्ग, कम बीएमआई वाले और टीबी रोगियों के घरेलू संपर्क शामिल थे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित एक्स-रे ने संदिग्ध टीबी मामलों को तुरंत चिह्नित किया और स्वर्ण-मानक न्यूक्लिक एसिड एम्पलीफिकेशन टेस्ट (एनएएटी) का उपयोग कर पुष्टि की गई। इन प्रयासों ने सुनिश्चित किया कि संक्रामक मामलों की पहचान की गई और उनका जल्दी से जल्दी इलाज किया गया, जिससे संक्रमण पर लगाम लगी और लोगों की जान बच गई। यह अभियान देश के कोने-कोने तक पहुंचा, जिसमें कमजोर आबादी वाले 12.97 करोड़ लोगों की जांच की गई। इस गहन प्रयास के कारण 7.19 लाख टीबी रोगियों की पहचान की गई, जिनमें से 2.85 लाख मामले बिना लक्षण वाले थे।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- ‘100 दिवसीय अभियान अभी शुरुआत है’केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने अपने लेख के माध्यम से कहा है कि 100 दिवसीय अभियान अभी शुरुआत है। भारत इन प्रयासों को पूरे देश में बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर नागरिक चाहे वे कहीं भी रहते हों, को आधुनिक निदान, गुणवत्तापूर्ण उपचार और अटूट सामुदायिक समर्थन तक पहुंच प्राप्त हो। जिस तरह भारत ने कोविड-19 परीक्षण को तेज़ी से बढ़ाया, उसी तरह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय अगली पीढ़ी के टीबी निदान में निवेश कर रहा है ताकि अंतिम मील तक तेज़ और अधिक सटीक परीक्षण लाया जा सके। -
नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के एटा लोकसभा क्षेत्र में स्थित महान कवि गोस्वामी तुलसीदास और अमीर खुसरो की जन्मस्थलियां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकार के तहत ‘संरक्षित स्मारक नहीं हैं तथा किसी योजना के अंतर्गत इनके विकास एवं संरक्षण का कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा को यह जानकारी दी। उनसे सवाल किया गया था कि क्या एटा संसदीय क्षेत्र में स्थित खुसरो और तुलसीदास की जन्मस्थली क्रमश: पटियाली और सोरों को उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान के मद्देनजर किसी विशेष योजना के तहत संरक्षित और विकसित करने का प्रस्ताव है? शेखावत ने कहा कि एएसआई देश भर में 3,698 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों या स्थलों का संरक्षण करता है। उनका कहना था, ‘‘हालांकि, एटा लोकसभा क्षेत्र में स्थित अमीर खुसरो और तुलसीदास जी के जन्मस्थान पटियाली और सोरों एएसआई के अधिकार क्षेत्र के तहत संरक्षित स्मारक नहीं हैं। वर्तमान में किसी भी योजना के तहत इन स्मारकों के संरक्षण और विकास का कोई प्रस्ताव नहीं है।" पटियाली और सोरों कासगंज जिले के अंतर्गत आते हैं।
उल्लेखनीय है कि ख़ुसरो का जन्म 13वीं शताब्दी में और गोस्वामी तुलसीदास का 16वीं शताब्दी में हुआ था। तुलसीदास ने पवित्र ग्रंथ ‘रामचरितमानस' की रचना की थी। खुसरो भी विद्वान थे तथा उन्हें उनके दोहों के लिए याद किया जाता है। -
नई दिल्ली। दिल्ली में एक अनोखे और मीठे अंदाज में बजट सत्र की शुरुआत हुई। सोमवार को मंत्री प्रवेश वर्मा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को हाथ से खीर खिलाई। वहीं मुख्यमंत्री ने प्रवेश वर्मा और कैबिनेट के अन्य सदस्यों को खीर परोसकर इस खास मौके को यादगार बनाया। यह पहल दिल्ली सरकार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, क्योंकि 27 साल बाद दिल्ली सरकार अपना बजट पेश करने जा रही है।
दिल्ली सरकार अब केंद्र सरकार के साथ मिलकर कदमताल करेगीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मौके पर कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार को यह मौका मिला है। हमने जनता से मिले हजारों सुझावों को इस बजट में शामिल करने की कोशिश की है।” उन्होंने बताया कि दिल्ली की जनता ने व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से करीब 3500 ईमेल और 6000 संदेश भेजकर अपने विचार साझा किए। सीएम ने इसे ‘डबल इंजन सरकार’ का बजट करार देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार अब केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी।बजट सत्र के पहले दिन विभिन्न वर्गों के लोग हुए शामिलबजट सत्र के पहले दिन विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। वकील, छात्र, महिलाएं, सिख समुदाय और ऑटो ड्राइवर जैसे तमाम लोग खीर खाते नजर आए। सीएम ने इसे दिल्ली की आम जनता का बजट बताया और कहा कि यह विकसित दिल्ली के सपने की शुरुआत है। उन्होंने अपनी पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और इस मौके को ऐतिहासिक करार दिया।बजट में सबकी भागीदारीरेखा गुप्ता ने भगवान श्री राम के 14 साल बाद वनवास से लौटने की तुलना इस घटना से की। उन्होंने कहा, “27 साल बाद हम पहली बार खीर समारोह के साथ बजट सत्र की शुरुआत कर रहे हैं। आज मैंने सभी वर्गों के लोगों को बुलाया ताकि यह बजट सबकी भागीदारी से बने। इस बजट को लेकर दिल्लीवासियों में उत्साह देखा जा रहा है। यह बजट दिल्ली के विकास के लिए एक नई दिशा तय करने का वादा करता है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से तैयार इस बजट से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं।” -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित एवं दीर्घकालिक आधार पर गुणवत्ता वाला और पीने योग्य नल का पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में केंद्र सरकार अगस्त, 2019 से राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (जेजेएम) को लागू कर रही है। जल राज्य का विषय होने के कारण, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति योजनाओं/कार्यों की योजना, अनुमोदन, कार्यान्वयन, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है। भारत सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करके राज्यों की सहायता करती है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमण्णा ने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य नल कनेक्शन प्रदान किए गए घरों और शेष घरों पर क्षेत्र सर्वेक्षण के माध्यम से या इस संबंध में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाई गई पद्धति के अनुसार डेटा (नल कनेक्शनों की कवरेज और मिशन की प्रगति से संबंधित) की रिपोर्ट करते हैं। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा ऐसे सर्वेक्षणों का विवरण नहीं रखा जाता है।जेजेएम डैशबोर्ड पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश में लगभग 89 प्रतिशत स्कूलों और 85 प्रतिशत आंगनवाड़ियों में नल के पानी की आपूर्ति हो चुकी है।यह जानकारी आज द्वारा दी गई।इसके साथ उन्होंने बताया कि राज्यों शासित प्रदेशों में नल कनेक्शनों की कवरेज को दर्ज करने के लिए, जल शक्ति मंत्रालय ने एक मजबूत ऑनलाइन जेजेएम डैशबोर्ड विकसित किया है जो मिशन की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, जिला और गांव-वार प्रगति की जानकारी प्रदान करता है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जेजेएम डैशबोर्ड पर जेजेएम की प्रगति के बारे में डेटा की रिपोर्टिंग के बाद, इसे रिकॉर्ड किया जाता है और जेजेएम डैशबोर्ड पर दिखाई देना शुरू हो जाता है जो सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है और इसे https://ejalshakti.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx पर एक्सेस किया जा सकता है। -
गांधीनगर । नीति आयोग द्वारा गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में “भारतीय नवाचार इकोसिस्टम में तालमेल का निर्माण” विषय पर शनिवार को एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी मेजबानी गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (गुजकॉस्ट),विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, गुजरात सरकार ने की। कार्यशाला में नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रख्यात नेताओं द्वारा संचालित कई संवादात्मक चर्चाएं शामिल थीं।
डॉ. वी.के. सारस्वत ने उद्घाटन भाषण में भारत के नवाचार परिदृश्य को आगे बढ़ाने में सरकारी निकायों, शिक्षाविदों और उद्योग के बीच सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने अनुवाद संबंधी शोध पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया जो सार्थक नवाचार को बढ़ावा देता है और प्रभावशाली स्टार्टअप बनाता है। उन्होंने कहा कि यह नवाचार की ओर वैश्विक बदलाव को दर्शाता है।डॉ. सारस्वत ने डीपटेक स्टार्टअप को समर्थन देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला और भारत को सेवा-आधारित से उत्पाद-आधारित उद्योग मॉडल में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, डॉ. सारस्वत ने देश भर में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई प्रमुख सरकारी पहलों के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की।इस दौरान, “भारत नवाचार करता है: राष्ट्रीय नवाचार इकोसिस्टम का अवलोकन” विषय पर केंद्रित सत्र में नवाचार-अनुकूल भारत के निर्माण के लिए रणनीतियों की खोज की गई।इसका संचालन अटल नवाचार मिशन के पूर्व एमडी डॉ. आर. रामनन ने किया। इसके बाद “नवाचार नीति और राज्य योजनाएं: सर्वश्रेष्ठ से सीखना” विषय पर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें नवाचार को बढ़ावा देने में राज्य-स्तरीय पहलों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रकाश डाला गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. रश्मि शर्मा, प्रमुख, एनसीएसटीसी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने की।एक अन्य ज्ञानवर्धक सत्र, “नवाचार के सारथी: अग्रणी नवाचार” में जमीनी स्तर के नवोन्मेषकों और स्टार्ट-अप की प्रेरक कहानियों पर चर्चा की गई, जिसका संचालन राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन (एनआईएफ) के निदेशक डॉ. अरविंद रानाडे ने किया।इसके अतिरिक्त, “विश्व में उभरता भारत: भारत के वैश्विक नवाचार पदचिह्न को मजबूत करना” में वैश्विक नवाचार परिदृश्य में भारत की बढ़ती उपस्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के डॉ. सच्चा वुन्श-विंसेंट और गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजुल गज्जर जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का प्रमुख योगदान रहा। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) के डॉ. साचा वुन्श-विंसेंट ने भारत की अनूठी विकास यात्रा के लिए अगले 10 वर्षों के लिए कार्य बिंदुओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भारत का आईपी प्रोफाइल छोटा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसमें वृद्धि हुई है, भारतीय मूल के पेटेंट दाखिल करने में वृद्धि हुई है, और देश निकट भविष्य में और अधिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर जोड़ेगा। -
नई दिल्ली। प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय पासला कृष्ण मूर्ति की बेटी कृष्णा भारती का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णा भारती के निधन पर शोक जताया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम मोदी ने एक एक्स पोस्ट कहा, “पासला कृष्णा भारती जी के निधन से बहुत दुःख हुआ। वे गांधीवादी मूल्यों के प्रति समर्पित थीं और उन्होंने अपना जीवन बापू के आदर्शों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने माता-पिता की विरासत को शानदार ढंग से आगे बढ़ाया, जो हमारे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सक्रिय थे। मुझे भीमावरम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनसे मुलाकात याद है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के भीमावरम में 2022 में स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में गांधीवादी कृष्णा भारती के पैर छुए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पासला कृष्ण मूर्ति के अन्य पारिवारिक सदस्यों से भी मुलाकात की थी।कृष्णा भारती ने संक्षिप्त बीमारी के बाद हैदराबाद के स्नेहपुरी कॉलोनी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले की रहने वाली, वह स्वतंत्रता सेनानी पासला कृष्ण मूर्ति और अंजा लक्ष्मी की दूसरी बेटी थीं।कृष्णा भारती, गांधीवादी मूल्यों में दृढ़ विश्वास रखती थीं और उन्होंने जीवन भर उन्हीं मूल्यों को बनाए रखा। उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए भी प्रयास किया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और गोशालाओं को दान दिया था। वह अविवाहित थी। उनके चार भाई और तीन बहनें हैं।वहीं,आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कृष्णा भारती के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के शैक्षणिक उत्थान के लिए उनके योगदान को याद किया। -
शिवपुरी. मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में रविवार सुबह एक एसयूवी के पुलिया से टकरा जाने के कारण दो महिला चिकित्सकों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उपमंडल पुलिस अधिकारी विजय यादव ने बताया कि महाराष्ट्र से छह चिकित्सकों के एक समूह को ले जा रहा एसयूवी वाहन सुबह करीब साढ़े सात बजे कोलारस थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुना-शिवपुरी रोड पर एक पुलिया से टकराकर खाई में गिर गया। यादव ने कहा कि संबंधित लोग महाराष्ट्र के निवासी थे और तीर्थयात्रा पर अयोध्या से उज्जैन जा रहे थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना में तन्वी आचार्य (50) की मौके पर ही मौत हो गई और गंभीर रूप से घायल नीलम पंडित (55) ने बाद में दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि घायलों की पहचान मुंबई के दादर निवासी उदय जोशी (64) और उनकी पत्नी सीमा जोशी (59), पालघर जिले के वसई निवासी सुबोध पंडित (62) और ठाणे जिले के भिवंडी निवासी अतुल आचार्य (55) के रूप में हुई है। यादव ने बताया कि घायलों का शिवपुरी जिला अस्पताल में इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का यह समूह 10 दिन पहले तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुआ था और अयोध्या से उज्जैन जा रहा था। -
नयी दिल्ली. बागवानी वैज्ञानिक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कृष्ण लाल चड्ढा का बीमारी के बाद यहां निधन हो गया। उनके परिजन ने रविवार को यह जानकारी दी। कृष्ण लाल चड्ढा (88) के परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
चड्ढा को 2012 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कृषि और बागवानी पर 30 पुस्तकें लिखीं हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व राष्ट्रीय प्राध्यापक चड्ढा का जन्म 1936 में सियालकोट (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। उच्च शोध के लिए उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नयी दिल्ली में प्रवेश लिया और 1964 में पीएचडी की। उन्होंने कई सरकारी और पेशेवर एजेंसियों की अध्यक्षता की, इसके अलावा वे बागवानी विकास के लिए राष्ट्रीय योजना आयोग के कार्य समूह, तेल पाम की खेती के लिए एक राष्ट्रीय समिति, कीटनाशकों के लिए एक पंजीकरण समिति और पश्चिम बंगाल, हरियाणा तथा गुजरात राज्यों में बागवानी के लिए उच्च-शक्ति समितियों के सदस्य भी रहे। वह जैविक उत्पादों के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य भी रहे।
चड्ढा ने ‘इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रीबिजनेस प्रोफेशनल्स', ‘इंटरनेशनल मैंगो वर्किंग ग्रुप' और ‘इंडियन एग्रीबिजनेस सिस्टम्स (एग्रीवॉच)' में अध्यक्ष पद संभाला तथा कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सलाहकार भी रहे। वह बागवानी विज्ञान के लिए ‘इंटरनेशनल सोसायटी फॉर हार्टिकल्चरल साइंस के फेलो भी थे। -
नयी टिहरी. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बगड़धार के निकट एक कार के गहरी खाई में गिरने से उसमें सवार पुलिस के एक उपनिरीक्षक की मौत हो गयी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। आगराखाल पुलिस चौकी के प्रभारी आमिर खान ने यहां बताया कि दुर्घटना के समय कार चंबा से ऋषिकेश की ओर जा रही थी कि तभी अचानक वह अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में गिर गयी। उन्होंने बताया कि अपराह्न करीब पौने एक बजे दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तथा प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के समय कार में देहरादून में स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू)-विशेष शाखा में तैनात पुलिस उपनिरीक्षक अरविंद डंगवाल (45) अकेले ही थे जिनकी मौके पर ही मौत हो गयी। खान ने बताया कि डंगवाल टिहरी के अंजनीसैंण के रहने वाले थे और हादसे के वक्त अंजनीसैंण से देहरादून वापस जा रहे थे।
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भुवनेश्वर. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ओडिशा के कई जिलों में सोमवार के लिए आंधी-तूफान का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। आईएमडी के भुवनेश्वर केंद्र के अनुसार, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक और जगतसिंहपुर जिलों में बादलों की गरज और बिजली चमकने के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने रविवार शाम के बुलेटिन में कहा कि तटीय जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
तटीय ओडिशा और आंतरिक क्षेत्रों में शनिवार को हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि गंजम जिले में भारी बारिश हुई। रंगीलुंडा में सबसे अधिक यानी आठ सेमी बारिश दर्ज की गई, उसके बाद छत्रपुर में सात सेमी और अस्का, बुगुडा तथा गंजम में पांच-पांच सेमी बारिश दर्ज की गई। पुरी जिले के काकटपुर और गोप में भी पांच-पांच सेमी बारिश हुई। आईएमडी ने राज्य में अगले चार से पांच दिनों में दिन के तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का भी अनुमान जताया है। -
नई दिल्ली। भारत और किर्गिस्तान के बीच चल रहा संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘खंजर-XII’ 23 मार्च को टोखमोक में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह अभ्यास 10 मार्च को शुरू हुआ था और इसका उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच सहयोग को मजबूत करना, उच्च ऊंचाई पर युद्ध कौशल को निखारना और आतंकवाद विरोधी रणनीतियों को बेहतर बनाना था।
इस अभ्यास में भारत के पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्स) और किर्गिस्तान की स्कॉर्पियन ब्रिगेड के विशेष बलों ने हिस्सा लिया। दोनों सेनाओं ने स्नाइपिंग, जटिल इमारतों में घुसपैठ, पहाड़ी युद्धकला और विशेष आतंकवाद-रोधी अभियानों का अभ्यास किया।अभ्यास के दौरान नवरोज पर्व का भी जश्न मनाया गया, जो भारत और किर्गिस्तान के जवानों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण अवसर बना। समापन समारोह में किर्गिज रक्षा मंत्रालय ने भारत के दो जवानों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए, जबकि दो अन्य जवानों को उनके पेशेवर मानकों के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए।समारोह में दोनों देशों के रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी और मित्र देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने इस अभ्यास को क्षेत्रीय स्थिरता और रक्षा सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण बताया। अभ्यास के बाद एक व्यापक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की।गौरतलब है कि ‘खंजर’ अभ्यास पहली बार 2011 में शुरू हुआ था और अब यह एक वार्षिक आयोजन बन गया है। इस अभ्यास का आयोजन भारत और किर्गिज़स्तान में बारी-बारी से किया जाता है। पिछला संस्करण जनवरी 2024 में भारत में हुआ था। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हाल ही में लोकप्रिय अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट अब 10 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है। पीएम मोदी ने रविवार को लोगों से इस पॉडकास्ट को सुनने की अपील की और कहा कि इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बातचीत को पहुंचाना है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हाल ही में लेक्स फ्रिडमैन के साथ किया गया पॉडकास्ट अब कई भाषाओं में उपलब्ध है। इसका मकसद बातचीत को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है। जरूर सुनें।” इस पॉडकास्ट के अनुवाद दूरदर्शन ने अपनी विभिन्न क्षेत्रीय भाषा चैनलों पर पोस्ट किए हैं। अब यह एपिसोड गुजराती, तेलुगु, पंजाबी, बंगाली, कन्नड़, मराठी, असमिया, ओडिया, तमिल और मलयालम में भी सुना जा सकता है।यह पॉडकास्ट 16 मार्च को यूट्यूब पर अपलोड किया गया था, जिसमें पीएम मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्रिकेट, फुटबॉल, चीन, अमेरिका, पाकिस्तान और अपने शुरुआती जीवन सहित कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। पीएम मोदी ने भारत में चुनावी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए बताया कि 2024 लोकसभा चुनाव में 98 करोड़ लोगों ने मतदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। यह संख्या उत्तर अमेरिका और यूरोपियन यूनियन की कुल जनसंख्या से भी अधिक है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को यह सुनना चाहिए। 2024 के आम चुनाव में 980 मिलियन (98 करोड़) पंजीकृत मतदाता थे, जिनके पास वैध आईडी और सभी आवश्यक जानकारी थी।”पीएम मोदी ने चुनाव में लोगों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए बताया कि दूरदराज के गांवों में भी मतदान केंद्र बनाए गए थे। उन्होंने उदाहरण दिया कि गुजरात के गिर जंगल में सिर्फ एक मतदाता के लिए पोलिंग बूथ बनाया गया था, जहां हेलीकॉप्टर के जरिए मतदान दल को पहुंचाया गया।पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की देशभक्ति और उनके अटूट समर्पण की सराहना की। उन्होंने ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति और अपनी “इंडिया फर्स्ट” नीति में समानता बताते हुए कहा कि दोनों ही नेता अपने देशहित को सर्वोपरि रखते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों में भरोसा सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ जाति, धर्म या विचारधारा के भेदभाव के बिना सभी जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाना चाहिए। -
नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) UG 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब अभ्यर्थी 24 मार्च 2025 तक फॉर्म जमा कर सकते हैं।
वहीं एनटीए ने परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है, जो अब 25 मार्च 2025 तक होगी। इसके अलावा, उम्मीदवार अपने आवेदन फॉर्म में सुधार 26 मार्च से 28 मार्च 2025 तक कर सकेंगे।एनटीए के अनुसार, CUET UG 2025 परीक्षा 8 मई से 1 जून 2025 (संभावित तिथियां) के बीच आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में भारत के विभिन्न शहरों और विदेश के 15 शहरों में आयोजित होगी। इस परीक्षा के माध्यम से छात्र केंद्रीय, राज्य, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।गौरतलब प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 मार्च 2025 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार https://cuet.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एनटीए ने छात्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई है। वहीं, CUET PG 2025 परीक्षा, जो 13 मार्च को शुरू हुई थी, वह 1 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी। -
नई दिल्ली। गोवा में इन दिनों पारंपरिक शिगमो महोत्सव की धूम मची हुई है। दो सप्ताह तक चलने वाला यह भव्य सांस्कृतिक उत्सव 15 मार्च से शुरू हुआ था और 29 मार्च तक सम्पन्न होगा। यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने के लिए मनाया जाता है इस दौरान रंग-बिरंगी झांकियों, लोक नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाता है, जो गोवा की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खंवटे ने कहा, “गोवा में दो बड़े त्योहार -कार्निवल और शिगमो हैं। हाल ही में कार्निवल पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया और अब हम शिगमो का जश्न मना रहे हैं, जो 15 दिनों तक चलता है और लगभग 18 विधानसभा क्षेत्रों में मनाया जाता है। शिगमो हमारा पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।”शिगमो महोत्सव, जिसे स्थानीय भाषा में शिगमोस्तव कहा जाता है, गोवा के हिंदू समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। यह फाल्गुन महीने में मनाया जाता है। मंत्री खंवटे ने कहा कि गोवा अब पर्यटकों के लिए समुद्र तटों के अलावा अन्य आकर्षण भी बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, “अब हम गोवा में पर्यटन को समुद्र तटों से आगे ले जाना चाहते हैं। पर्यटक यहां आकर नई चीजें देखना चाहते हैं, इसलिए हम अपने उत्सवों को और भव्य बना रहे हैं। हम चिखल कालो (मिट्टी का त्योहार) और साओ जोआओ (संत जॉन द बैपटिस्ट का सम्मान करने वाला पर्व) जैसे नए त्योहार भी जोड़ रहे हैं।”त्योहार में शामिल एक पर्यटक ने कहा, “यह हमारा गोवा और भारत का पहला दौरा है। हमें इतना भव्य अनुभव मिलने की उम्मीद नहीं थी। यह बहुत रंगीन है और लोग काफी दोस्ताना हैं। हम खुश हैं कि हमने इस उत्सव को देखा।”ईरान से आए एक अन्य पर्यटक ने कहा, “यह बहुत खूबसूरत समारोह है और हम यहां आकर बहुत खुश हैं। मैंने पहले कभी ऐसा त्योहार नहीं देखा। उम्मीद है कि यह लंबे समय तक चलता रहेगा।” -
कोटा (राजस्थान),। राजस्थान के झालावाड़ जिले के बकानी कस्बे में घरेलू विवाद के दौरान गुस्से में महिला ने कथित तौर पर अपने पति की जीभ काट ली। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी रवीना सैन (23) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) और 118(2) के तहत जानबूझकर चोट पहुंचाने और गंभीर रूप से घायल करने को लेकर मामला दर्ज किया गया है। इस घटना की सूचना शुक्रवार शाम को पुलिस को दी गई।
सहायक उपनिरीक्षक बृजराज सिंह के अनुसार, बकानी कस्बे के कन्हैयालाल सैन (25) और पास के सुनेल गांव की आरोपी रवीना सैन की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। पुलिस के अनुसार दंपति के बीच सामंजस्य नहीं था और पति-पत्नी में अकसर झगड़ा होता था। सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों ने बताया कि गुस्से में आरोपी महिला ने कन्हैयालाल की जीभ का एक हिस्सा काट लिया। एएसआई ने बताया कि परिवार के सदस्य कन्हैयालाल को स्थानीय अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे झालावाड़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया जहां उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों के अनुसार, चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि जीभ के उस हिस्से को सिला जा सकता है। एएसआई ने बताया कि घटना के बाद आरोपी रवीना ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और दरांती से अपनी कलाई काटने की कोशिश की, लेकिन परिवार के सदस्यों ने रोक लिया। उन्होंने बताया कि कन्हैयालाल के भाई की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सिंह ने बताया कि पीड़ित का उपचार किया जा रहा है और उसके बयान अभी दर्ज किया जाना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लोहिया को एक दूरदर्शी नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक के रूप में याद किया। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा,”डॉ. राम मनोहर लोहिया जी को उनकी जयंती पर नमन। वे एक दूरदर्शी दूनेता, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक न्याय के प्रतीक थे। उन्होंने वंचितों को सशक्त बनाने और एक मजबूत भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।”
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी डॉ. लोहिया को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें भारत की राजनीतिक और सामाजिक धारा का महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बताया। नड्डा ने कहा, “महान स्वतंत्रता सेनानी और सप्त क्रांति के प्रणेता डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उन्होंने भारतीय राजनीति में पवित्रता और पारदर्शिता की ऊंची मान्यताएं स्थापित कीं। उनके राष्ट्रवादी विचार और सामाजिक सशक्तिकरण के कार्य हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।”गृह मंत्री अमित शाह ने भी डॉ. लोहिया को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर अपने सिद्धांतों और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाया। शाह ने कहा, “डॉ. राम मनोहर लोहिया जी का जीवन महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक समानता और राजनीतिक शुचिता के लिए समर्पित रहा। उनकी विचारधारा सभी के लिए प्रेरणादायी है। उनकी जयंती पर मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”डॉ. राम मनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर में हुआ था। 12 अक्टूबर 1967 को उनका निधन हो गया। लोहिया ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई और बाद में देश की समाजवादी राजनीति के प्रमुख नेता बने। वे प्रजा सोशलिस्ट पार्टी और बाद में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से जुड़े रहे। स्वतंत्रता के बाद भी वे भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे और सामाजिक न्याय व सशक्तिकरण की वकालत करते रहे।1962 में, लोहिया ने फूलपुर सीट से तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। हालांकि, 1963 में उन्होंने फर्रुखाबाद उपचुनाव जीतकर सांसद बने। 1967 में, वे कन्नौज सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। डॉ. लोहिया का योगदान भारतीय राजनीति और समाज में आज भी प्रासंगिक है। -
नई दिल्ली। आज रविवार को पूरे देश में ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन किया गया, जिसमें लखनऊ, दिल्ली और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था।
लखनऊ में सामाजिक परिवर्तन स्थल पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने साइकिल चलाकर लोगों को फिट रहने का संदेश दिया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी साइकिलिंग में शामिल हुए। मांडविया ने कहा कि साइकिल चलाना सेहत के लिए फायदेमंद है और यह प्रदूषण को कम करने में भी मदद करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे हर रविवार एक घंटा साइकिल चलाकर खुद को फिट रखें। इस मौके पर करीब 1000 बच्चे और युवा भी साइकिलिंग में शामिल हुए।दिल्ली में भी इस इवेंट में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। पुश-अप्स विश्व चैंपियन रोहताश चौधरी ने इस आयोजन को शहीद भगत सिंह को समर्पित करने का सुझाव दिया, क्योंकि आज 23 मार्च शहीद दिवस भी है। रोहताश ने लोगों से नियमित रूप से साइकिल चलाने की अपील की और बताया कि फिटनेस के लिए रोजाना कम से कम आधा घंटा साइकिलिंग करनी चाहिए। उन्होंने अपनी प्रेरक कहानी साझा करते हुए बताया कि 2007 में एक हादसे के बाद उनकी सात सर्जरी हुई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2015 में उन्होंने कनाडा का पुश-अप्स रिकॉर्ड तोड़कर इसे भगत सिंह को समर्पित किया था।उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासन के तीन साल पूरे होने के अवसर पर देहरादून में एक साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने खुद भी साइकिल चलाई और लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक किया। यह रैली राज्य में सेवा, सुशासन और विकास के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी।इस आयोजन में भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी नितेश कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आजकल लोग गैजेट्स पर अधिक समय बिताते हैं, जिससे मोटापा और मानसिक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। नितेश ने इस इवेंट को शानदार पहल बताते हुए कहा कि साइकिलिंग जैसी गतिविधियाँ लोगों को स्वस्थ रखने में मदद करेंगी।यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दिन को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश सरकार ने फांसी दे दी थी। वे भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए अंतिम सांस तक लड़े। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,”आज हमारा राष्ट्र भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के सर्वोच्च बलिदान को याद कर रहा है। उनकी निडरता और न्याय के लिए संघर्ष हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा।”
पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश में इन तीनों क्रांतिकारियों के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने भगत सिंह के बचपन की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा, “एक दिन एक बच्चा खेत में लकड़ी बो रहा था। पिता ने पूछा कि वह क्या बो रहा है, तो बच्चे ने जवाब दिया – बंदूकें। पिता ने पूछा, ‘बंदूकों का क्या करोगे?’ बच्चे ने कहा, ‘देश को आजाद कराऊंगा।’ वह बच्चा कोई और नहीं बल्कि शहीद भगत सिंह थे।”प्रधानमंत्री ने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान आज भी हर भारतीय के दिलों में बसा हुआ है। उन्होंने एक श्लोक उद्धृत करते हुए कहा, “‘नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः’ यानी जो देश के लिए बलिदान देते हैं, उन्हें कोई शस्त्र काट नहीं सकता और न ही आग जला सकती है।”उन्होंने कहा कि शहीद दिवस हमें उन वीरों की याद दिलाता है, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह दिन हमें स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान को याद रखने और उस स्वतंत्रता को संजोए रखने की प्रेरणा देता है। -
नयी दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को 2024 की मिस यूनिवर्स विक्टोरिया केजर थेलविग और मिस यूनिवर्स इंडिया रिया सिंघा से मुलाकात की। एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने उनके आत्मविश्वास और समर्पण की प्रशंसा की तथा उनकी उपलब्धियों को स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें विश्वभर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बताया तथा महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने तथा नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में गुप्ता ने लिखा, "मिस यूनिवर्स 2024 विक्टोरिया केजर थेलविग और मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 रिया सिंघा से मिलकर खुशी हुई। आपका आत्मविश्वास और समर्पण दुनिया भर की महिलाओं को प्रेरित करता है। आपकी उपलब्धियां निश्चित रूप से कई लोगों को अपने सपनों का पीछा करने और नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेंगी।"
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नयी दिल्ली। सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पीएलआई योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सहित दस क्षेत्रों के लिए 14,020 करोड़ रुपये जारी किए हैं। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। सरकार ने 2021 में दूरसंचार, व्हाइट गुड्स, कपड़ा, चिकित्सा उपकरणों, वाहन, विशेष इस्पात, खाद्य उत्पादों, उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल, उन्नत रसायन सेल बैटरी, ड्रोन और फार्मा जैसे 14 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू की थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा, ''10 क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजनाओं के तहत लगभग 14,020 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है।'' ये क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी हार्डवेयर, थोक दवाएं, चिकित्सा उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, व्हाइट गुड्स, वाहन और ऑटो घटक तथा ड्रोन हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा कि पारदर्शी तंत्र के जरिये समय-समय पर अलग-अलग मामलों को मंजूरी दी गई है। परियोजनाओं को विनिर्माण की प्रकृति के आधार पर दो-तीन वर्षों में कार्यान्वित किया जाता है। आमतौर पर उत्पादन के पहले वर्ष के बाद दावे किए जाते हैं। मंत्रालय ने कहा, ''अधिकांश परियोजनाएं कार्यान्वयन के चरण में हैं और समय आने पर प्रोत्साहन दावे दायर किए जाएंगे।'' मंत्रालय ने कहा कि अब तक 14 क्षेत्रों के लिए योजनाओं के तहत 764 आवेदनों को मंजूरी दी गई है।
- नई दिल्ली। GST खुफिया अधिकारियों ने अवैध ऑफशोर ऑनलाइन गेमिंग फर्मों की 357 वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है और लगभग 2,400 बैंक खातों को अटैच कर लिया है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। इसके अलावा मंत्रालय ने जनता को ऑफशोर गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से दूर रहने की चेतावनी भी दी। मंत्रालय ने कहा कि भले ही कोई बॉलीवुड सेलेब्रिटी, क्रिकेटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स इन प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करते हो, लेकिन लोगों को इससे बचना चाहिए।लगभग 700 ऑफशोर ई-गेमिंग कंपनियां डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI) की निगरानी में हैं, क्योंकि ये संस्थाएं GST से बचने के लिए रजिस्टर नहीं कर रही हैं, टैक्सेबल पे-इन्स (taxable pay-ins) को छिपा रही हैं और टैक्स दायित्वों को नजरअंदाज कर रही हैं।जांच में यह भी पता चला कि ये ऑफशोर कंपनियां लेनदेन के लिए ‘म्यूल’ बैंक खातों का इस्तेमाल करती थी। मंत्रालय ने कहा कि DGGI ने 166 ‘म्यूल’ खातों को ब्लॉक कर दिया।बयान में कहा गया, “अब तक, DGGI ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के साथ मिलकर अवैध/गैर-अनुपालक ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग संस्थाओं की 357 वेबसाइट्स/URLs को ब्लॉक किया है।” दो अन्य अलग-अलग मामलों में, DGGI ने कुल मिलाकर लगभग 2,400 बैंक खातों को ब्लॉक किया और करीब 126 करोड़ रुपये पर रोक लगा दी।एक अन्य ऑपरेशन में, कुछ भारतीय नागरिकों के खिलाफ जो भारत के बाहर से ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स चला रहे थे, यह खुलासा हुआ कि ये व्यक्ति सतगुरु ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म, महाकाल ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म और Abhi247 ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म जैसे अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय ग्राहकों को ऑनलाइन मनी गेमिंग की सुविधा दे रहे थे और भारतीय ग्राहकों से पैसे इकट्ठा करने के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे।166 म्यूल खातों को भी किया गया ब्लॉकDGGI ने अब तक इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े 166 म्यूल खातों को ब्लॉक किया है। अब तक तीन ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और अन्य ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ जांच चल रही है। GST कानून के तहत, ‘ऑनलाइन मनी गेमिंग’, जो एक एक्शनेबल क्लेम है, को ‘गुड्स’ की आपूर्ति के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इस पर 28 प्रतिशत टैक्स लगता है। इस क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को GST के तहत रजिस्टर करना जरूरी है।आगामी आईपीएल सीजन के साथ, टैक्स अधिकारियों द्वारा अवैध गेमिंग गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाइयां और सख्त होंगी, मंत्रालय ने कहा, और लोगों से केवल नियमित ई-गेमिंग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने का आग्रह किया। मंत्रालय ने कहा कि विदेशी संस्थाओं द्वारा गैर-अनुपालन निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बिगाड़ता है, स्थानीय व्यवसायों को नुकसान पहुंचाता है और बाजार को प्रभावित करता है। ये बेईमान विदेशी संस्थाएं प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए नए वेब पते बनाती हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “जांच में यह भी पता चला कि ये कंपनियां लेनदेन के लिए ‘म्यूल’ बैंक खातों के जरिए काम करती थीं। म्यूल खातों के जरिए इकट्ठा किए गए फंड्स को अवैध गतिविधियों में डालने की संभावना रहती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से भी खतरनाक हो सकता है।”मंत्रालय ने आगे कहा, “यह देखा गया है कि कई बॉलीवुड सेलेब्रिटी और क्रिकेटर, साथ ही यूट्यूब, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स इन प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करते पाए गए हैं, इसलिए जनता को सावधान रहने और ऑफशोर ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स से न जुड़ने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे उनकी निजी वित्तीय स्थिति खतरे में पड़ सकती है और यह अप्रत्यक्ष रूप से वित्तीय अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने वाली गतिविधियों का समर्थन कर सकता है।”
- - एपीडा ने ऐतिहासिक निर्यात को सुगम बनाया, जिससे भारत के पुष्प-कृषि निर्यात में पूर्वोत्तर क्षेत्र की भूमिका मजबूत हुईनई दिल्ली। भारत की पुष्प-कृषि निर्यात क्षमता को बढ़ाने की दिशा में (विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र -एनईआर से) एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने मिजोरम के बागवानी विभाग के सहयोग से आइजोल (मिजोरम) से सिंगापुर के लिए एंथुरियम फूलों की पहली खेप को सफलतापूर्वक रवाना किया। हाइब्रिड (फिजिटल) प्रारूप में आयोजित यह कार्यक्रम 26 फरवरी, 2025 को हुआ।एपीडा के अध्यक्ष श्री अभिषेक देव और बागवानी विभाग, मिजोरम सरकार की विशेष सचिव श्रीमती रामदिनलियानी ने मिजोरम से सिंगापुर के लिए एंथुरियम फूलों की पहली खेप को रवाना किया। इस अवसर पर एपीडा, बागवानी विभाग, मिजोरम सरकार, ज़ो एंथुरियम ग्रोवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी, आईवीसी एग्रोवेट प्राइवेट लिमिटेड और वेज प्रो सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी उपस्थित रहे।50 नालीदार बक्सों में पैक किए गए 1,024 एंथुरियम फूलों (वजन 70 किलोग्राम) वाली इस खेप को आईवीसी एग्रोवेट प्राइवेट लिमिटेड ने आइजोल, मिजोरम से कोलकाता के रास्ते सिंगापुर भेजा। फूलों को ज़ो एंथुरियम ग्रोवर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी, आइजोल, मिजोरम से प्राप्त किया गया जिसे वेज प्रो सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड ने आयात किया। यह इस क्षेत्र की पुष्प उत्पादन निर्यात यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि साबित हुई।एंथुरियम मिज़ोरम में उगाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण फूलों में से एक है, जो स्थानीय आर्थिक गतिविधि को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर महिलाओं सहित किसानों को लाभ पहुंचाता है। फूल की खेती स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका और सशक्तिकरण का स्रोत रही है। मिज़ोरम वार्षिक “एंथुरियम महोत्सव” का भी आयोजन करता है, जो पर्यटन को बढ़ावा देता है और फूल की सुंदरता और उसके सजावटी मूल्य को उजागर करता है।एपीडा ने मिजोरम से सिंगापुर को एंथुरियम फूलों का पहला निर्यात मिजोरम सरकार के सहयोग से 6 दिसंबर, 2024 को आइजोल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सह क्रेता-विक्रेता बैठक (आईबीएसएम) की सफलता के बाद किया है। आईबीएसएम में सिंगापुर, यूएई, नेपाल, जॉर्डन, ओमान, अजरबैजान, रूस और इथियोपिया जैसे देशों के नौ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ-साथ 24 घरेलू निर्यातकों ने भाग लिया। इस आयोजन ने मिजोरम के फूलों के लिए महत्वपूर्ण व्यापार संबंध और बाजार के अवसर स्थापित किए।वित्त वर्ष 2023-2024 में भारत का पुष्प उत्पादन निर्यात 86.62 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। मिजोरम से सिंगापुर को एंथुरियम फूलों की यह पहली खेप पुष्प उत्पादन निर्यात के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में बागवानी और पुष्प उत्पादों के निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। एपीडा निर्यात संवर्धन गतिविधियों और क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग के माध्यम से इस क्षमता को धार देने के लिए प्रतिबद्ध है।कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है। एपीडा का मिशन भारत से कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को विकसित करना, सुविधा प्रदान करना और बढ़ावा देना है, जिससे वैश्विक खाद्य और पेय उद्योग में देश की स्थिति मजबूत हो।
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नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने 21 मार्च को दिल्ली में चौथी भारत-ईयू समुद्री सुरक्षा वार्ता आयोजित की। इसमें दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने और वैश्विक कल्याण के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुआनपुई सैयावी, संयुक्त सचिव ने किया। वहीं, ईयू प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेसिएज स्टाडेजेक, निदेशक (सुरक्षा और रक्षा नीति), यूरोपीय बाह्य कार्रवाई सेवा ने किया।
बैठक में दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने, अवैध समुद्री गतिविधियों (IMA) पर रोक लगाने और महत्वपूर्ण समुद्री बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय कौशल विकास में संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दोनों पक्ष अगले दौर की वार्ता आपसी सहमति से तय तिथि पर आयोजित करेंगे।इससे पहले, तीसरी भारत-ईयू समुद्री सुरक्षा वार्ता 5 अक्टूबर 2023 को ब्रुसेल्स में आयोजित हुई थी। उस बैठक में भारत का नेतृत्व मुआनपुई सैयावी ने किया था, जबकि ईयू का प्रतिनिधित्व राजदूत जोएनके बालफोर्ट, निदेशक (सुरक्षा और रक्षा नीति) ने किया था।दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समुद्री कानून प्रवर्तन, क्षमता निर्माण और समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा की। साथ ही, भविष्य में भारत-ईयू के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व जल दिवस के अवसर पर जल संरक्षण और सतत विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने की जरूरत पर जोर दिया और भारत में जल सुरक्षा के लिए चल रहे प्रयासों को उजागर किया। हर साल 22 मार्च को मनाया जाने वाला विश्व जल दिवस वर्ष 1993 से शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य ताजे पानी के महत्व को उजागर करना और सतत विकास लक्ष्य 6 को पूरा करना है, जिसका लक्ष्य 2030 तक सभी को पानी और स्वच्छता तक पहुंच दिलाना है। इस साल की- ‘ग्लेशियर संरक्षण’ है।
जल जीवन का आधार और दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन : पीएम मोदीपीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “विश्व जल दिवस पर हम जल संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराते हैं। जल ही जीवन का आधार है, इसलिए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना जरूरी है।” एक वीडियो संदेश में पीएम ने भारत में जल संरक्षण की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “जल जीवन का आधार और दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है। हमारे पूर्वजों ने जल संरक्षण को हमेशा प्राथमिकता दी है। वेदों और पुराणों में भी जलाशय, बांध और तालाब बनाने को मानव का परम कर्तव्य बताया गया है।”प्रधानमंत्री मोदी ने जल संकट को देश के विकास के लिए भी खतरा बताया। उन्होंने जल जीवन मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता, प्रबंधन और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “गांवों में जल स्रोतों के संरक्षण के लिए भी प्रयास हो रहे हैं। हो सकता है कि जहां आप रहते हैं, वहां पानी की कोई कमी न हो, लेकिन हमें उन लाखों लोगों को याद रखना चाहिए, जो पानी की कमी का सामना कर रहे हैं।”प्रधानमंत्री ने नदियों के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदियों की रक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए महाकुंभ जैसे आयोजनों से प्रेरणा लेकर नदी उत्सवों को नया अर्थ देना चाहिए। इससे नई पीढ़ी को जल की महत्ता का एहसास होगा और वे स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे।


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