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- जम्मू,। वार्षिक अमरनाथ यात्रा एक दिन के लिए स्थगित रहने के बाद मंगलवार को फिर से शुरू हो गई और 1,800 से अधिक तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए रवाना हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस वर्ष अब तक 4.90 लाख से अधिक तीर्थयात्री 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर में बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या 4.50 लाख थी। अधिकारियों ने बताया कि 1,873 तीर्थयात्रियों का 39वां जत्था केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की सुरक्षा में आधार शिविर से रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि ये तीर्थयात्री 69 वाहनों के काफिले में तड़के 3:25 बजे जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए। वार्षिक अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी और 19 अगस्त को समाप्त होगी। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने की पांचवीं वर्षगांठ के मद्देनजर सोमवार को यात्रा एहतियात के तौर पर स्थगित कर दी गई थी।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने सोमवार को कहा कि यह बहुत सम्मान की बात है कि बांग्लादेश की नेता शेख हसीना भारत में खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। बांग्लादेश में अशांति के बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद हसीना के एक सैन्य विमान से दिल्ली के निकट उतरने के उपरांत कंगना ने यह टिप्प्णी की। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद रनौत ने ‘हिंदू राष्ट्र' पर सवाल उठाने वालों की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम देश ‘मुसलमानों के लिए भी' सुरक्षित नहीं हैं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कंगना ने एक पोस्ट में लिखा, ‘‘भारत हमारे आस-पास के सभी इस्लामी गणराज्यों की मूल जन्मभूमि है। हम सम्मानित और खुश हैं कि बांग्लादेश की माननीय (पूर्व) प्रधानमंत्री भारत में सुरक्षित महसूस करती हैं, लेकिन वे सभी जो भारत में रहते हैं और पूछते रहते हैं कि हिंदू राष्ट्र क्यों? राम राज्य क्यों? खैर, यह स्पष्ट है कि क्यों!!!'' उन्होंने आगे लिखा, ‘‘मुस्लिम देशों में कोई भी सुरक्षित नहीं है, यहां तक कि खुद मुसलमान भी नहीं। अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और ब्रिटेन में जो कुछ भी हो रहा है वह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हम भाग्यशाली हैं कि हम राम राज्य में रह रहे हैं।''
- नयी दिल्ली. राज्यसभा में सोमवार को बीजू जनता दल (बीजद) के एक सदस्य ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा उठाया और सरकार से ऐसे प्रमाणपत्रों को रद्द कर जांच कराने की मांग की। बीजद सदस्य निरंजन बिशी ने विशेष उल्लेख के जरिये यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र एक गंभीर विषय है और यह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के हितों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के सदस्य संविधान के तहत रोजगार, शिक्षा, प्रोन्नति और निर्वाचित पदों पर आरक्षण के हकदार हैं। बीजद सदस्य ने कहा कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करने वाले लोग न सिर्फ दूसरों का अधिकार छीनते हैं, बल्कि वे सामाजिक अन्याय और सामाजिक असमानता को भी बढ़ावा देते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नरेश बंसल ने पिछले दिनों माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी के सर्वर में आई गड़बड़ी के कारण कई देशों में कामकाज के प्रभावित होने का मुद्दा उठाया और कहा कि इससे कंपनी की विश्वसनीयता भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि अगर अपने देश में ही सर्वर और ‘क्लाउड' प्रणाली विकसित कर ली जाए तो विदेशों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। विशेष उल्लेख के जरिये ही बीजद सदस्य सुलता देव ने पशुओं के साथ क्रूरता का मुद्दा उठाया और कहा कि वे अपनी पीड़ा मानवीय भाषा में नहीं व्यक्त कर सकते। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा हमारा कर्तव्य है और इसके लिए एक सख्त कानून बनाए जाने की जरूरत है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ग्रामीण दस्तकारों से जुड़ा मुद्दा उठाया और उन्हें मदद किए जाने की जरूरत पर बल दिया। अन्नाद्रमुक सदस्य एम थंबीदुरै ने मादक पदार्थों से जुड़ी समस्या का जिक्र किया और कहा कि कई बार लोगों की मौत भी हो जाती है। कांग्रेस के अनिल यादव मंदादी ने भी मादक पदार्थों से जुड़ा मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार को मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक के लिए कदम उठाना चाहिए। आम आदमी पार्टी (आप) के संजीव अरोड़ा ने विदेशों के कारण कपड़ा उद्योग को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सदस्य एडी सिंह ने एकल उपयोग प्लास्टिक पर लगी रोक को सख्ती से लागू कराने की मांग की। बीजद के सुजीत कुमार, माकपा के जॉन ब्रिटास और वी शिवदासन, द्रमुक के पी विल्सन, भाकपा के संतोष कुमार पी, भाजपा के धनंजय महादिक और एस सेल्वागणबेथी, कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी सहित अन्य सदस्यों ने भी विशेष उल्लेख के जरिये लोक महत्व के विभिन्न मुद्दे उठाए।
- किशनगंज/पटना .बिहार के किशनगंज जिले के हाजी बस्ती गांव के तालाब में नहाने के दौरान डूबने से दो लड़कियों समेत तीन बच्चों की मौत हो गयी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तालाब में डूबने से हुयी तीन मौतों पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नीतीश ने कहा कि यह दुर्घटना काफी दुःखद है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि अविलम्ब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। किशनगंज से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कुर्लीकोर्ट थाना क्षेत्र के हाजीबस्ती में एक तालाब में रविवार शाम नहाने के दौरान डूबे इन बच्चों के शवों को करीब 16 घंटे के बाद सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने बरामद किया । घटनास्थल पर सोमवार को मौजूद अंचल अधिकारी सुचिता कुमारी ने बताया कि शवों को बरामद कर लिया गया है । मृतकों में दो लड़कियां और एक लड़का शामिल हैं जिनकी उम्र सात से 10 साल के बीच है ।
- नयी दिल्ली. कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने सोमवार को कृषि वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा देने और आयात में कमी करने की जरूरत पर जोर दिया। फिक्की एग्री स्टार्टअप सम्मेलन के छठे संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार देश में एग्रीटेक स्टार्टअप को बढ़ावा देने और खेती को लाभदायक गतिविधि बनाने के लिए कदम उठा रही है। चौधरी ने मिट्टी की खराब होती सेहत पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और रासायनिक खादों के साथ-साथ कीटनाशकों के इस्तेमाल को हतोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत प्रभावित हुई है।मंत्री ने कहा कि भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है और सरकार दालों और खाद्य तेलों के आयात को कम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।" उन्होंने कहा कि किसानों की आय में सुधार के लिए निर्यात को बढ़ावा देने की भी जरूरत है।'' चौधरी ने जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल पुनर्चक्रण पर भी जोर दिया।
- थिम्पू. लोकप्रिय उपन्यासकार शोभा डे का मानना है कि औपनिवेशिक मानसिकता ही वह कारण है जिसके कारण कुछ लोग भारत में अब भी ब्रिटेन की महारानी की ''पुरानी और पुरातन'' अंग्रेजी का उपयोग करते हैं। शोभा डे का कहना है कि भारत में 'हिंग्लिश' (हिंदी और अंग्रेजी का मिश्रित स्वरूप) के प्रचलन का वह समर्थन करती हैं और उनका मानना है कि यह देश में संचार का अधिक प्रभावी तरीका है। शोभा डे ने यहां चल रहे ''भूटान इकोज़: ड्रुक्युल्स लिटरेचर फेस्टिवल'' के 13वें संस्करण में रविवार को कहा, ‘‘ किसी भी भाषा की सम्पूर्ण सुन्दरता उसकी प्रवाहमयता में ही निहित है और उन्होंने हिन्दी तथा अन्य भाषाओं - जिनमें मराठी, बंगाली, गुजराती और तमिल भी शामिल हैं - को अंग्रेजी के साथ प्रयोग करना शुरू कर दिया, क्योंकि भारत में लोग इसी तरह बोलते हैं। '' डे को 'हिंग्लिश' (हिंदी और अंग्रेजी का मिश्रित स्वरूप) के प्रचलन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। उपन्यासकार ने कहा, ‘‘हम चार्ल्स डिकेंस नहीं हैं और मैं जेन ऑस्टेन नहीं हूं, मैं जिस तरह से बोलती हूं, उसी तरह से लिखती भी हूं और मैंने इन शब्दों का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना शुरू किया क्योंकि मुझे लगा कि यह ज़्यादा प्रभावी ढंग से संवाद करने का बेहतर तरीका है। यह एक सड़क पर बोली जाने वाली भाषा है, यहां हमारे आस-पास के लोग इसी तरह बोलते हैं।'' उन्होंने यहां एक सत्र में चर्चा के दौरान कहा, ‘‘मुझे बहुत खुशी होती है जब मेरे द्वारा इस्तेमाल किया गया शब्द किसी बातचीत में आता है। हिंग्लिश अब मुख्यधारा में आ गई है। हमारे ज़्यादातर बड़े प्रकाशन और अखबार हेडलाइन में हिंग्लिश का इस्तेमाल करते हैं, जो पहले अकल्पनीय था। '' हिंग्लिश हिंदी और अंग्रेजी से बनी एक मिश्रित भाषा है।लेखिका (76) ने याद किया कि कैसे उनकी पुस्तकों और स्तंभों में हिंग्लिश के प्रयोग को लेकर उनकी आलोचना की गई थी और कैसे आज भी भारत में कुछ लोग ब्रिटेन की महारानी की ''पुरानी और पुरातन'' अंग्रेजी को छोड़ने से इनकार करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ महारानी की अंग्रेजी अभिव्यक्ति का इतना पुराना, अप्रचलित और पुरातन तरीका है कि अब अंग्रेज भी उसे नहीं लिखेंगे। लेकिन भारत में ब्रिटेन से प्रभावित कुछ लोग इस तरह से लिखना जारी रखते हैं और वे अपनी पूरी औपनिवेशिक मानसिकता को छोड़ने से इनकार करते हैं।'' काल्पनिक और गैर-काल्पनिक समेत 20 से अधिक पुस्तकों की लेखिका ने अपने गृह नगर मुंबई की भी प्रशंसा की, जो जाति, प्रभाव या वंश के किसी भी बोझ के बिना, व्यक्तियों को उनके वास्तविक रूप में स्वीकार करता है। अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने मुंबई की तुलना दिल्ली और कोलकाता जैसे अन्य प्रमुख मेट्रो शहरों से की, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि ये शहर क्रमशः सत्ता और वंशवाद से ग्रस्त हैं। शोभा डे ने कहा, ‘‘दक्षिण भारत के लोग, जो जाति से ग्रस्त हैं। मुंबई में कोई भी इसकी परवाह नहीं करता। यह बहुत जातिविहीन है... मुंबई में हर किसी को मौका मिलता है। आप जो प्रतिनिधित्व करते हैं, एक व्यक्ति के रूप में आप जिसके लिए खड़े होते हैं, उसका सम्मान किया जाएगा। इसलिए मुंबई इस मामले में बहुत बढ़िया है, यह बिल्कुल समान है।
- नयी दिल्ली. ग्रामीण क्षेत्रों में 25 साल की उम्र के आधे युवाओं को रोजगार मिला है जबकि इस आयु वर्ग की सिर्फ एक-चौथाई महिलाएं ही कामकाजी हैं। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया। देश के विभिन्न इलाकों के 5,169 ग्रामीण युवाओं के बीच कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट कहती है कि 70-85 प्रतिशत युवा अपने मौजूदा काम से खुश नहीं हैं और वे अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं। ग्लोबल डेवलपमेंट इनक्यूबेटर (जीडीआई), ग्लोबल ऑपर्च्युनिटी यूथ नेटवर्क (जीओवाईएन), डेवलपमेंट इंटेलिजेंस यूनिट (डीआईयू) और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन (टीआरआई) ने ‘ग्रामीण युवा रोजगार की स्थिति 2024' रिपोर्ट जारी की है। सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि 18-25 वर्ष की आयु के आधे से अधिक युवा किसी-न-किसी रोजगार में लगे हुए हैं लेकिन इस आयु वर्ग की केवल एक चौथाई महिलाएं ही कार्यरत हैं। वहीं, 26-35 वर्ष की आयु के लोगों में लगभग 85 प्रतिशत पुरुष कार्यरत हैं, और लगभग 10 प्रतिशत पहले काम करने के बाद वर्तमान में बेरोजगार हैं। इसके विपरीत, इस आयु वर्ग की 40 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं जबकि एक चौथाई कार्यबल से बाहर हो चुकी हैं, और एक तिहाई कभी भी कार्यरत नहीं रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल काम कर रहे 70 से 85 प्रतिशत युवाओं ने नए अवसरों की तलाश में अपनी नौकरी बदलने की इच्छा जताई। करियर बदलने का लक्ष्य रखने वालों में दोनों आयु समूहों और महिला-पुरुष दोनों वर्गों के अधिकतर लोगों ने छोटे विनिर्माण, खुदरा या व्यापारिक उद्यम शुरू करने में रुचि दिखाई। हालांकि, युवा महिलाएं सरकारी भूमिकाओं में वेतनभोगी पदों को हासिल करने के लिए प्राथमिकता के साथ आगे रहीं। वेतनभोगी पदों की तलाश करने वाली महिलाओं ने शिक्षक बनने, अकाउंटेंट और फ्रंट डेस्क पर ग्राहकों से संपर्क वाली नौकरियों को प्राथमिकता दी।
- मथुरा (उप्र). मथुरा जिले के सुरीर थाना कोतवाली इलाके में सोमवार को गोपेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाकर वापस लौट रहे तीन कांवड़ियों की सड़क हादसे में मौत हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार हादसे से गुस्साए ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर जुट गए और हंगामा करने लगे। जानकारी पाकर वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल भेजकर उन्हें जैसे-तैसे काबू में किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) त्रिगुण बिसेन ने बताया कि नौहझील थाना क्षेत्र के रामनगर निवासी मानव (19), वेदप्रकाश (28) और नरेश (22) वृंदावन के गोपेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने के बाद बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। बिसेन के अनुसार सुरीर कोतवाली क्षेत्र के कस्बे के समीप पहुंचने पर उनकी बाइक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा होने लगे। वे वहां हंगामा कर जाम लगाने का प्रयास कर रहे थे, तभी मौके पर कई थानों का पुलिस बल भेज दिया गया। बिसेन ने बताया कि पुलिस बल ने स्थिति को काबू कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।वहीं आगरा में ताजगंज के बरौली अहीर क्षेत्र में इनर रिंग रोड पर दो कावड़ियों को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी जिससे दोनों जख्मी हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उन्होंने बताया कि कांवड़ खंडित होने पर गुस्साए कांवड़ियों ने कार में तोडफ़ोड़ की, जिससे कार सवार दो युवक भी घायल हो गए। इस संबंध में थाना ताजगंज प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। उन्होंने बताया कि एक कांवड़िये की हालत ठीक है जबकि दूसरे कावड़िये की हालत नाजुक है।
- नयी दिल्ली/कोलकाता। भारत और बांग्लादेश के बीच सभी रेल सेवाएं अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई हैं। रेलवे अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। बांग्लादेश में उथल-पुथल के बीच यह निर्णय लिया गया है।रेल मंत्रालय के अनुसार, मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस ने इस साल जुलाई के मध्य में आखिरी फेरे लगाए थे और बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण तब से उन्हें रद्द कर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस दोनों को शुरू में 19 जुलाई, 2024 से छह अगस्त, 2024 तक के लिए रद्द किया गया था। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति के कारण रद्दीकरण को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मिताली एक्सप्रेस की सेवा भी अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यात्री ट्रेन सेवाओं के अलावा सभी माल ढुलाई सेवाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया है और अब अंतरिम सरकार कार्यभार संभालेगी। कटिहार के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने बताया, ‘‘न्यू जलपाईगुड़ी-ढाका के बीच चलने वाली मिताली एक्सप्रेस 17 जुलाई 2024 को ढाका गई थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी।'' उन्होंने कहा, ‘‘ट्रेन में भारतीय रेलवे के स्वामित्व वाले 10 डिब्बे हैं, लेकिन चूंकि इन डिब्बों का इस्तेमाल केवल उसी विशेष ट्रेन में किया गया था, इसलिए हमें किसी भी तरह की असुविधा नहीं हुई। ट्रेन का इंजन सीमा पर बदला जाता था, इसलिए जब यह बांग्लादेश में प्रवेश करती है, तो वे हमारे इंजन की जगह अपना इंजन लगा देते हैं।'' मैत्री एक्सप्रेस ढाका और कोलकाता के बीच चलती है, जबकि बंधन एक्सप्रेस खुलना और कोलकाता के बीच चलती है।
- निजामाबाद । तेलंगाना के निजामाबाद के कोठापल्ली गांव के एक स्कूल ने छात्रों को मिड-डे मील में मिर्च पाउडर मिला हुआ चावल परोसकर विवाद खड़ा कर दिया है.। विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं ने घटिया भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की है और पूरे राज्य के स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता की समीक्षा करने का आह्वान किया है।. तेलंगाना के पूर्व मंत्री केटी रामा राव ने कांग्रेस सरकार की निंदा की और बेस्वाद दाल के कारण ऐसा भोजन परोसने की आवश्यकता पर सवाल उठाया।. बता दें कि शिक्षकों में से एक ने जांच अधिकारियों को बताया कि कई छात्रों ने चावल के साथ परोसी गई दाल को बेस्वाद पाकर भोजन फेंक दिया था.। उन्होंने इस बारे में अपने शिक्षकों और वहां मौजूद दो ग्रामीणों से शिकायत की.। बाद में, जब छात्र दोपहर का भोजन करने आए, तो उन्हें मध्याह्न भोजन एजेंसी द्वारा मिर्च पाउडर और तेल के साथ चावल परोसा गया.।
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नई दिल्ली। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार कृषि के लिए 100 निर्यात क्लस्टर बनाने पर 18,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने 6,800 करोड़ रुपये निवेश से दलहन मिशन की योजना बनाई है।संसद में मंत्रालय के कामकाज पर हो रही चर्चा का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि जलवायु के अनुकूल कृषि व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार तेजी से देश भर में 50,000 जलवायु अनुकूल गांव विकसित कर रही है। साथ ही बीज की 1,500 नई किस्में भी विकसित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी डिजिटल पहचान दी जाएगी, सरकार इस पर काम कर रही है। चौहान ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वह किसानों को वोट बैंक के रूप में देख रही है।उन्होंने कहा, ‘कौन कहता है कि कृषि क्षेत्र में समस्या नहीं है, लेकिन इसका समाधान भी है। कृषि मंत्रालय जटिल मसलों का समाधान निकालने के लिए किसानों व कृषक संगठनों सहित हर किसी से बात करेगी।’इसके जवाब में विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चौहान झूठ बोल रहे हैं और राज्य सभा को गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि चौहान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।
कांग्रेस ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान झूठ बोलते रंगे हाथ पकड़े गए हैं। मोदी सरकार ने 6 फरवरी, 2015 को उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल करके कहा था कि लागत में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर भारत के किसानों को नहीं दिया जा सकता क्योंकि इससे बाजार खराब हो जाएगा।’कांग्रेस ने कहा कि कृषि मंत्री चौहान ने सदन में कहा है कि सरकार जरूरत पड़ने पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदती है, इसका मतलब यह हुआ कि सरकार ने स्वीकार किया है कि अगर उसे जरूरी नहीं लगता है तो वह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की फसल नहीं खरीदेगी ।कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश और सदन को गुमराह करने को लेकर चौहान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला भी उठाया जाएगा।आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि चौहान ने दावा किया है कि खाद की कीमत 10 रुपये कम की गई है, जो पूरी तरह झूठ है। - नई दिल्ली। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने से हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए सशक्तिकरण का एक नया युग शुरू हुआ है और क्षेत्र में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है।शाह ने अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किये जाने के पांच साल पूरे होने पर कहा कि क्षेत्र के युवाओं ने सामाजिक-आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को गति दी है, जिससे शांति और समग्र विकास को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के प्रयास सफल हुए हैं।केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अनुच्छेद-370 और अनुच्छेद-35ए को ऐतिहासिक रूप से हटाए जाने के पांच साल पूरे हो गए हैं। इस परिवर्तनकारी निर्णय ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख में हाशिए पर पड़े वर्गों के सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत की है और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत किया है।’’अमित शाह ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और क्षेत्र की आकांक्षाओं और परिवर्तनकारी प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए समर्पण की पुष्टि की।गृहमंत्री अमित शाह ने ही अनुच्छेद-370 और अनुच्छेद-35 ए को निरस्त करने के लिए पांच अगस्त, 2019 को संसद में विधेयक पेश किया था। केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त कर दिये थे, जो जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देता था। सरकार ने तत्कालीन जम्मू कश्मीर राज्य को ‘‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम’’ के जरिये दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 33वें पेरिस ओलंपिक के उपलक्ष्य में आज स्मारक डाक टिकटों का एक सेट जारी किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित आकाशवाणी के रंग भवन में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों और प्रसिद्ध एथलीटों ने भाग लिया, जो ओलंपिक खेलों के प्रति भारत के समर्थन का एक महत्वपूर्ण क्षण था।
इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित खेल हस्तियों की उपस्थिति ने और चार चांद लगा दिए, जिनमें हाल ही में कांस्य पदक जीतने वाले सरबजोत सिंह भी शामिल थे, जिन्होंने पेरिस 2024 ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अन्य उल्लेखनीय उपस्थिति लोगों में पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा और स्टीपलचेज एथलीट सुधा सिंह शामिल थीं।स्मारक डाक टिकट ओलंपिक की भावना दर्शाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो खेलों के माध्यम से राष्ट्रों के बीच एकता का प्रतीक है और भारत की समृद्ध खेल विरासत को दर्शाता है। यह विशेष टिकट अब ई-पोस्ट ऑफिस (https://www.epostoffice.gov.in/) पर ऑनलाइन खरीदने के लिए उपलब्ध है। संग्रहकर्ताओं और उत्साही लोगों से अनुरोध है कि वे इसकी एक प्रति प्राप्त करें और इतिहास का एक हिस्सा अपने पास रखें।श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और डॉ. मनसुख मांडविया ने आधिकारिक तौर पर स्मारक टिकट का अनावरण किया, जिसमें भारत की ओलंपिक विरासत और वैश्विक एकता को बढ़ावा देने में खेलों की भूमिका पर गर्व व्यक्त किया। मंत्रियों और एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मैत्री को बढ़ावा देने में खेलों के महत्व पर विचार साझा किए, और ओलंपिक को प्रतिभा एवं समर्पण दिखाने के लिए एक मंच के रूप में महत्व दिया।श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा, "ओलंपिक 2024 को सम्मानित करने वाला नया डाक टिकट हमारे उन खेल नायकों का कीर्तिगान है जिन्होंने वैश्विक मंच पर भारत को गौरवान्वित किया है। यह सम्मान युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करेगा और हमारे देश के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। मैं अपने डाक विभाग को बधाई देता हूं, जिसने कई पहलों के माध्यम से हमेशा खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया है और इस डाक टिकट जारी करने के साथ ही डाक टिकटों के माध्यम से भारत की उपलब्धियों का उत्सव मनाने की अपनी विरासत को और मजबूत किया है। मैं पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय दल को भी अपनी शुभकामनाएं देता हूं।"उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, "खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं है; यह जीवन जीने का एक तरीका है। डाक टिकटों का जारी होना खेलों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो राष्ट्रीय गौरव और एथलीटों के लिए प्रोत्साहन का प्रतीक है।" डॉ. मांडविया ने कहा कि खेल एक स्वस्थ राष्ट्र को बढ़ावा देते हैं, जो धन और समृद्धि के लिए आवश्यक है, और लोगों को एक साथ लाते हैं, जिससे व्यक्तिगत फिटनेस और राष्ट्रीय कल्याण दोनों में वृद्धि होती है। यह पहल खेलों को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने एथलीटों को सम्मानित करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। -
नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि ‘गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय' (एसएफआईओ) सहारा समूह की कंपनियों से संबंधित मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और इसकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीतारमण ने यह भी कहा कि सहारा समूह के पूरे मामलों की निगरानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की जा रही है और सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि केवल छोटे निवेशक ही रिफंड का दावा करने के लिए आगे आए हैं। एसएफआईओ पूरे मामले की जांच कर रहा है। यह भी देख रहा है कि सभी निवेशक रिफंड का दावा करने के लिए आगे क्यों नहीं आए और वे कहां हैं।'' मंत्री ने कहा कि एसएफआईओ के विस्तृत विश्लेषण के बाद पूरी तस्वीर साफ हो जायेगी और कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सहारा समूह की कंपनियों में 3.7 करोड़ निवेशक हैं और अब तक 19,650 लोग रिफंड का दावा करने के लिए आगे आए हैं। उनके मुताबिक, इन दावों में से 17,250 दावों का निपटारा कर दिया गया जबकि बाकी आवेदकों को और कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा गया ताकि उनके दावों का निपटारा किया जा सके। सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार चाहकर भी सहारा समूह की कंपनियों के मामले में कुछ नहीं कर सकती क्योंकि हर चीज की निगरानी उच्चतम न्यायालय द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय को लगातार रिपोर्ट कर रहे हैं।''
वित्त मंत्री ने कहा कि दिसंबर, 2023 में वित्त मंत्रालय द्वारा संसद को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, सहारा समूह की तीन कंपनियों के मामलों की जांच 31 अक्टूबर, 2018 को एसएफआईओ को सौंपी गई थी। -
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग ने एक नागरिक मंच द्वारा लोकसभा चुनाव में शुरू में घोषित मतदान प्रतिशत और अंतिम आंकड़ों के बीच असामान्य रूप से बड़े अंतर के किये गये विश्लेषण को रविवार को खारिज कर दिया और कहा कि चुनाव की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए एक ‘झूठा अभियान' चलाया जा रहा है। कांग्रेस ने शनिवार को ‘वोट फॉर डेमोक्रेसी' की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग से लोकसभा मतदान प्रतिशत में वृद्धि के बारे में उठाये गए सवालों को लेकर चिंताओं को दूर करने का आग्रह किया था, जिससे यह घटनाक्रम सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे कुछ राज्यों में शुरू में घोषित मतदाता प्रतिशत और अंतिम आंकड़ों के बीच असामान्य रूप से बड़ा अंतर है। आयोग ने ‘एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, “मानव जाति के इतिहास में अब तक हुए सबसे बड़े चुनावों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ लोग (उम्मीदवारों के अलावा) झूठा अभियान चला रहे हैं। चुनाव के हर चरण में उम्मीदवारों/हितधारकों को शामिल करते हुए सबसे पारदर्शी तरीके से मतदान कराया गया।” आयोग के मुताबिक, मतदान वाले दिन शाम सात बजे मतदान प्रतिशत के आंकड़ों की तुलना करने के ‘निराधार प्रयास' किए गए जबकि कई मतदान केंद्रों पर मतदान समाप्त हो गया था जबकि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाता कतार में प्रतीक्षा कर रहे होंगे। इस परस्थिति में मतदान के एक दिन बाद ही असल प्रतिशत उपलब्ध होगा। निर्वाचन आयोग ने बताया कि चुनावी आंकड़े और परिणाम कानून के तहत वैधानिक रूप और प्रक्रियाओं के अनुसार हैं। आयोग के मुताबिक, “कोई भी उम्मीदवार या मतदाता याचिका के माध्यम से चुनावी परिणाम को चुनौती दे सकता है लेकिन इस आधार पर कोई याचिका दायर नहीं की गई है।” चुनाव याचिका (ईपी) परिणामों की घोषणा के 45 दिनों के भीतर दायर की जा सकती है।
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सागर. मध्यप्रदेश के सागर जिले में रविवार को एक जर्जर मकान की दीवार ढह जाने से नौ बच्चों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना रहली विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर गांव में एक मंदिर परिसर के पास धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सुबह साढ़े आठ और नौ बजे के बीच हुई। इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मध्यप्रदेश के सागर में दीवार गिरने से हुआ हादसा हृदयविदारक है। इसमें जान गंवाने वाले बच्चों के शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करे। साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'' प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार के लिए पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।'' मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने शाहपुर नगर पंचायत के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और उप अभियंता को निलंबित कर दिया तथा नगर निकायों को जर्जर भवनों का पता लगाने और कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। सागर के मंडल आयुक्त वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शाहपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दीवार ढहने की घटना में 10 से 15 साल के नौ बच्चों की मौत हो गई एवं दो अन्य घायल हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने संवाददाताओं को बताया कि जर्जर मकान के पास एक टेंट में “पार्थिव शिवलिंग निर्माण” कार्यक्रम चल रहा था, उसी दौरान दीवार ढह कर टेंट पर गिर गई। उन्होंने बताया कि कई बच्चे टेंट और मलबे के नीचे दब गए।
भार्गव ने बताया कि घटना में जान गंवाने वाले कई बच्चे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।
जिलाधिकारी दीपक आर्य ने बताया कि बच्चे मंदिर के पास लगाए गए टेंट में बैठे हुए थे तभी बारिश के कारण मकान की दीवार ढह गई। उन्होंने बताया कि हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सात अन्य ने अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आर्य के अनुसार दो घायल बच्चों का जिला अस्पताल में इलाज हो रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान ध्रुव यादव (12), नितेश पटेल (13), आशुतोष प्रजापति (15), प्रिंस साहू (12), पर्व विश्वकर्मा (10), दिव्यांश साहू (12), देव साहू (12), वंश लोधी (10) और हेमंत (10) के रूप में हुई है। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, “सागर जिले के शाहपुर गांव में भारी बारिश के कारण जर्जर मकान की दीवार गिरने से नौ मासूम बच्चों की मौत की खबर सुनकर मुझे दुख हुआ। मैंने जिला प्रशासन को घायल बच्चों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।” यादव ने घटना में घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। उन्होंने कहा, “मृतक बच्चों के परिवारों को सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।” एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि शाहपुर नगर पंचायत ने जर्जर मकानों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए थे लेकिन उसने स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी और नगर पंचायत के एक उप-अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस घटना पर दुख जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि दीवार गिरने से बच्चों की मौत की यह दूसरी घटना है। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के मद्देनजर यह जरूरी है कि प्रशासन ऐसी घटनाओं को टालने के लिए जर्जर भवनों एवं दीवारों का पता लगाए। -
अहमदाबाद. रेलवे दावा अधिकरण ने कहा है कि जीआरपी और आरपीएफ कर्मियों को ट्रेन यात्रा के लिए वैध अनुमति प्राप्त करनी होगी या टिकट खरीदना होगा और केवल पहचान पत्र ले जाना पर्याप्त नहीं है। अधिकरण ने एक कांस्टेबल द्वारा दायर मुआवजे की याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही, जिसने दावा किया था कि ट्रेन से गिरने के समय वह आधिकारिक ड्यूटी पर था। अधिकरण की अहमदाबाद पीठ ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) कर्मियों को ड्यूटी कार्ड पास जारी करने के परिपत्र के संबंध में ‘‘रेलवे के लापरवाह रवैये'' को भी रेखांकित किया, जिन्हें अक्सर यात्रा करनी पड़ती है। जीआरपी कांस्टेबल राजेश बगुल ने अधिकरण में याचिका दायर कर रेलवे से ब्याज के साथ आठ लाख रुपए का मुआवजा मांगा था और दावा किया था कि दुर्घटना के दिन वह ड्यूटी पर थे। उनकी याचिका के अनुसार, बगुल 13 नवंबर, 2019 को आधिकारिक ड्यूटी के लिए सूरत रेलवे पुलिस थाने गए थे। वह सूरत-जामनगर इंटरसिटी ट्रेन से सूरत से भरूच लौट रहे थे और इसी दौरान वह पालेज स्टेशन पर गिर गए, जिससे उनके बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं और पैर का एक हिस्सा काटना पड़ा। अधिकरण के सदस्य (न्यायिक) विनय गोयल ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि बगुल अपने आधिकारिक यात्रा दावों को साबित करने के लिए कोई वैध यात्रा अनुमति प्रस्तुत करने में असफल रहे हैं। पीठ ने कहा कि वैध यात्रा अनुमति के अभाव में आवेदक को वास्तविक यात्री नहीं माना जा सकता है। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि रेलवे को जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अधिकारियों को वैध यात्रा अनुमति देने के संबंध में जारी परिपत्र का पालन करना चाहिए।
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नलबाड़ी (असम) .अखरी बोडो कई वर्षों से 'ईरी रेशम कीट' का पालन कर रही हैं, लेकिन उन्हें व्यावसायिक रूप से कोई लाभ नहीं मिला था। हाल ही में नलबाड़ी जिले के प्रशासन ने एक अनूठी पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य अखरी बोडो जैसी ग्रामीण परिवेश वाली महिलाओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करना है। कभी अपनी रसोई में ईरी कीटों का पालन करने वाली अखरी के पास अब इसके लिए एक उचित 'शेड' है और वह अच्छी कमाई कर रही हैं। बरखेत्री विकास खंड के नौरा गांव निवासी अखरी ने कहा, "पहले मैं साल में मुश्किल से दो-तीन फसलें ही उगा पाती थी क्योंकि मेरे पास उचित 'शेड' नहीं था और कीटों के पोषण के लिए पत्तियां भी उपलब्ध नहीं थीं। अब मैं साल में पांच-छह फसलें उगाने में सक्षम हूं और प्रति फसल 8,000-10,000 रुपये कमा रही हूं।" जिले की ग्रामीण परिवेश वाली महिलाएं एक अनूठी पहल के माध्यम से लाभ ले रही हैं, जिसमें मनरेगा और अन्य योजनाओं का उपयोग आजीविका सृजन के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए किया जा रहा है। जिला आयुक्त (डीसी) वर्णाली डेका ने कहा कि इस पहल में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभों को एक साथ लाकर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका 'मॉडल' बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। डेका ने कहा, "यह एक बहुआयामी आजीविका पहल है जिसमें हमने आत्मनिर्भर मूल्य श्रृंखला बनाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। इस पहल ने यह सुनिश्चित किया है कि महिलाएं अपने दैनिक घरेलू कामों के साथ-साथ व्यावसायिक पालन-पोषण भी कर सकती हैं।" उन्होंने कहा कि इसके लिए भूमि पर निर्भर न होकर अन्य स्थायी आजीविका विकल्पों की खोज आवश्यक हो गई और प्रशासन ने जिले की पारंपरिक ईरी कीट पालन संस्कृति को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया। मनरेगा के माध्यम से जिले के सभी सात विकास खंडों में 200-250 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ईरी शेड प्रदान किए गए हैं। डेका ने दावा किया कि अपनी शुरूआत के छह महीने के भीतर ही इस पहल ने जिले के हजारों परिवारों को लाभ पहुंचाया है, जिससे उन्हें बेहतर आजीविका के विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। डीसी ने कहा कि इस पहल के शुभारंभ के बाद से जिले ने ईरी बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि पहले इसे कामरूप और रेशम उत्पादन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केन्द्रीय रेशम बोर्ड से मंगाना पड़ता था, लेकिन अब जिला न केवल स्थानीय आपूर्ति को पूरा कर रहा है, बल्कि रंगिया, बाजाली और पानीखैती, गुवाहाटी की कपड़ा मिलों को भी आपूर्ति कर रहा है।
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वायनाड. केरल में वायनाड जिले के भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। अधिकारियों ने शवों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं और अज्ञात शवों के लिए सामूहिक कब्र भी तैयार कर ली है। इस बीच, राज्य में मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दान देने और इस प्राकृतिक आपदा को 'राष्ट्रीय आपदा' के रूप में वर्गीकृत करने पर चर्चा जारी है। रविवार को, उन क्षेत्रों में अधिक कर्मियों और उपकरणों को तैनात किया गया, जहां शव मिलने की संभावना अधिक है और ड्रोन-आधारित ‘इंटेलिजेंट बरीड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम' का उपयोग उन स्थानों की पहचान करने के लिए किया गया, जहां शव शिलाओं के नीचे दबे हो सकते हैं। बचाव कार्यों को आगे बढ़ाते हुए, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), के-9 डॉग स्क्वायड, सेना, विशेष अभियान समूह, मद्रास इंजीनियरिंग समूह, पुलिस, अग्निशमन बल, वन विभाग, नौसेना और तटरक्षक बल सहित विभिन्न बलों के सैकड़ों कर्मियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किया गया। राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन के अनुसार, अब तक 221 शव और 166 मानव अंग बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा फोन पर कुछ लोगों से संपर्क किये जाने के बाद लापता लोगों की संख्या 206 से घटकर 180 हो गई है। वायनाड, मलप्पुरम और कोझिकोड से होकर बहने वाली चालियार नदी के किनारे भी तलाशी अभियान जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि चालियार नदी में कुल 74 शव और 134 मानव अंग मिले हैं, जिससे कुल संख्या 208 हो गई है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आज केरल पुलिस की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए बचाव अभियान में पुलिस और अग्निशमन बल के वीरतापूर्ण प्रयासों की सराहना की। केंद्रीय पर्यटन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आज वायनाड पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र वायनाड भूस्खलन को 'राष्ट्रीय आपदा' के रूप में वर्गीकृत करने की विभिन्न हलकों से की जा रही मांग के पीछे की वैधता की जांच करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘प्रभाव का अध्ययन किया जाना चाहिए।'' मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद उन्होंने जो कुछ भी देखा और समझा, उससे वे केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे। केरल को केंद्र द्वारा दी जाने वाली सहायता के संबंध में गोपी ने कहा कि राज्य को नुकसान का आकलन करना होगा और अनुरोध करना होगा। मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में दान के बारे में सोशल मीडिया पर विवाद पैदा करने का प्रयास भी चर्चा में रहा, खासकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा भूस्खलन से तबाह हुए वायनाड के पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार को दिए गए सहयोग के कारण। कांग्रेस ने कहा कि उसके सभी विधायक इस कोष में अपना एक महीने का वेतन देंगे। वायनाड जिले में भूस्खलन राहत के लिए सीएमडीआरएफ को दिए गए दान के बारे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, केरल सरकार ने रविवार को कोष के उपयोग के बारे में प्रश्नों का समाधान करने के लिए एक अस्थायी शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की स्थापना की। यह निर्णय सीएमडीआरएफ को दिए जाने वाले दान के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा चलाये जा रहे दुष्प्रचार अभियान और आलोचनाओं के मद्देनजर लिया गया है। सीएमडीआरएफ में योगदान की घोषणा करते हुए विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने यह भी कहा कि यूडीएफ सभी पुनर्वास प्रयासों में भाग लेगा और भूस्खलन में जीवित बचे हुए लोगों के जीवन में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों के साथ-साथ दुनिया में उपलब्ध सभी तकनीकी सहायता का उपयोग चेतावनी तंत्र स्थापित करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चेतावनी जारी होने के बाद कम समय के भीतर लोगों को निकालने की उचित योजना भी होनी चाहिए। केरल के वायनाड जिले में हुई भूस्खलन की घटनाओं के कारण विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए एक ‘टाउनशिप' बनाये जाने संबंधी मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की घोषणा के एक दिन बाद, राज्य के उद्योग मंत्री पी राजीव ने रविवार को कहा कि इसके लिए एक मॉडल परियोजना तैयार की जाएगी। इस बीच, मंत्री राजन ने कहा कि अज्ञात या लावारिस शवों और मानव अंगों को सामूहिक रूप से दफनाने की तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले पांच शवों को दफनाया गया था और रविवार को आठ और शवों को यहां हैरिसन्स मलयालम लिमिटेड की जमीन पर तैयार कब्रों में दफनाया जाएगा, जिसे इस उद्देश्य के लिए अधिग्रहित किया गया है। उन्होंने कहा कि शवों को सभी धर्मों की प्रार्थनाओं और अंतिम संस्कारों के बीच दफनाया जाएगा। -
भोपाल, मध्यप्रदेश के भोपाल में 45 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपनी मां की मौत से दुखी होकर शनिवार को अपनी बड़ी बहन (दिव्यांग) की कथित तौर पर हत्या करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। कोलार थाना प्रभारी आशुतोष उपाध्याय ने बताया कि पंकज मालवीय ने कथित तौर पर लिखे गए एक सुसाइड नोट में बताया कि वह अपनी मां के बिना अब और नहीं जीना चाहता। अधिकारी ने बताया कि मालवीय का शव कोलार रोड स्थित उनके घर की छत से लटका हुआ मिला जबकि उनकी बहन सुनीता (53) रसोई में गले में फंदा डाले मृत पाई गईं। उन्होंने बताया कि शवों को उनके पिता ने देखा और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “पंकज पिछले महीने अपनी मां की मौत के बाद से अवसाद में था। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उसने आत्महत्या करने से पहले सुनीता की हत्या कर दी।” उन्होंने बताया कि मृतक व्यक्ति तलाकशुदा था और अपनी बहन व पिता के साथ उनके फ्लैट में रहता था।
उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। - शिमला। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और भारी वर्षा से अचानक आयी बाढ़ और भूस्खलन के कारण 114 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि मौसम विभाग ने राज्य में 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की शनिवार को चेतावनी दी। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, यातायात के लिए बंद की गई सड़कों में से 36 मंडी में, 34 कुल्लू में, 27 शिमला में, आठ लाहौल और स्पीति में, सात कांगड़ा में और दो किन्नौर जिले में हैं। एक अधिकारी ने बताया कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम ने 82 मार्गों पर अपनी बस सेवाएं निलंबित कर दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, शुक्रवार शाम से जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 85 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद गोहर में 80 मिलीमीटर, शिलारू में 76.4 मिलीमीटर, पोंटा साहिब में 67.2 मिलीमीटर, पालमपुर में 57.2 मिलीमीटर, धर्मशाला में 56.2 मिलीमीटर और चौपाल में 52 मिलीमीटर बारिश हुई। स्थानीय मौसम कार्यालय ने 7 अगस्त तक भारी बारिश के लिए "येलो" अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने कहा कि 27 जून से एक अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में 77 लोगों की जान चली गई और 655 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कुल्लू के निरमंड, सैंज और मलाणा, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर उपखंड में 31 जुलाई की रात को बादल फटने की कई घटनाओं से आई बाढ़ में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। बादल फटने के बाद लापता हुए 45 लोगों की तलाश शनिवार सुबह फिर शुरू की गई, जिसमें सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड के 410 बचावकर्मी ड्रोन की मदद से तलाश में जुटे हैं।
- मुंबई। ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में पुलिस को सचेत करने हेतु लोगों के लिए शुरू की गई '1930' साइबर हेल्पलाइन ने बैंकों से तुरंत संपर्क कर मुंबई में पिछले सात महीनों में 100 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े को होने से रोका है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ रुपये धोखेबाजों के हाथों में जाने से रोके गए और ऐसा शेयर कारोबार, निवेश, कूरियर कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी, ऑनलाइन कार्यों आदि से जुड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी के 35,918 मामलों में कार्रवाई से संभव हो सका। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद तीन शिफ्ट में काम करने वाले तीन अधिकारी और 50 सिपाही तुरंत बैंकों और उसके नोडल कर्मियों से संपर्क करते हैं ताकि पैसे को आगे हस्तांतरित होने से रोका जा सके। आरोपियों के खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं। '' अधिकारी ने कहा कि लोगों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने के लिए पुलिस के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए और ऐसा होने पर तुरंत '1930' हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।
- चंडीगढ़,। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कुल 20,629 मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे। हरियाणा में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग के मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के बाद दो अगस्त को सभी निर्धारित स्थानों पर राज्य के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे सूची की गहन समीक्षा करें तथा 16 अगस्त तक किसी भी त्रुटि की सूचना संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को दें। राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।राज्य के सभी 22 जिलों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के इंजीनियरों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अपने जिला कार्यालय प्रभारी से संपर्क कर इस जांच के दौरान मौजूद रह सकते हैं। अग्रवाल ने बताया कि संशोधित मतदाता सूची तैयार करने के लिए तीन, चार, 10 और 11 अगस्त की विशेष तिथियां निर्धारित की गई हैं। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 27 अगस्त को होगा। मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम शामिल होंगे उन्हें ही वोट देने की अनुमति होगी।
- देहरादून,। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से बात की और उन्हें राज्य में हाल में हुई भारी बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग और कई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) को हुए व्यापक नुकसान के बारे में जानकारी दी। धामी ने गडकरी से कहा कि मानसून के बाद राज्य में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए राजमार्गों की मरम्मत जल्द की जानी आवश्यक है। गडकरी ने उन्हें स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। गढ़वाल के आयुक्त विनय शंकर पांडे को केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। धामी ने यात्रा मार्ग पर जारी बचाव कार्यों की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग और लोक निर्माण विभाग के सचिवों को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने और बहाली कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने कहा कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो केदारनाथ तक जाने वाले यात्रा मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने और इसे बहाल करने में एक सप्ताह का समय लग सकता है, जबकि मार्ग के 150 मीटर टूटे हिस्से की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के रास्ते में बचे हुए 1,000 तीर्थयात्रियों को निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, वे सभी सुरक्षित हैं और उनकी अच्छी तरह से देखभाल की जा रही है। सुमन ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह बचाव अभियान शुरू होने के बाद से 9,099 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। शुक्रवार रात राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में हालांकि बताया गया था कि एक अगस्त को अभियान शुरू होने के बाद से निकाले गए तीर्थयात्रियों की संख्या 10,715 है। भारतीय वायुसेना के चिनूक और एमआई17 हेलीकॉप्टर की भी बचाव अभियान में मदद ली जा रही है।
- बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल करके भूस्खलन के मलबे के नीचे दबे लोगों का पता लगाना संभव नहीं है। केरल में भूस्खलन के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चलाये जा रहे अभियान के बीच उनका यह बयान आया है। सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक के जरिये जमीन की एक निश्चित गहराई की जानकारी हासिल की जा सकती है लेकिन लोगों को खोजने के लिए इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसरो द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में इस संबंध में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सोमनाथ ने कहा, ‘‘मलबे के नीचे दबी वस्तुओं का पता लगाने के लिए अंतरिक्ष-आधारित सेंसर की सीमाएं हैं, जो वर्तमान में एक मुद्दा है। अंतरिक्ष तकनीक से जमीन के नीचे क्या है, इसका पता लगाना संभव नहीं है।'' भारत-अमेरिका मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए चयनित हुए दो ‘गगनयात्री' से संबंधित सवाल का भी सोमनाथ ने जवाब दिया। सोमनाथ ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने की प्रक्रिया ही आपको बहुत कुछ सीखने का मौका देती है। हमारे एक अंतरिक्ष यात्री को तैयारी की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे हमें पता चलेगा कि गगनयान मिशन के लिए गगनयात्रियों को कैसे तैयार किया जाए।'' उन्होंने कहा कि जब गगनयात्री वास्तव में उड़ान के अनुभव से गुजरेंगे, तथा वहां पहले से ही मौजूद अंतरराष्ट्रीय चालक दल के साथ काम करेंगे, तो इससे उन्हें वास्तव में वह ज्ञान और कौशल प्राप्त होगा, जो इसरो को भारत के मिशन के लिए तैयार कर देगा। सोमनाथ ने इसरो की शुरुआती असफलताओं के बारे में भी बात की, जिसने अंततः इसकी सफलताओं का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह 23 अगस्त को मनाए जाने वाले पहले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस को लेकर उत्साहित हैं।

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