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नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को सवेरे 11 बजे आकाशवाणी पर मन की बात कार्यक्रम में देश और विदेश में लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। यह इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की एक सौ 11वीं कड़ी होगी। श्री नरेन्द्र मोदी के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद मन की बात का यह पहला कार्यक्रम होगा। इसे आकाशवाणी के समूचे नेटवर्क, ए आई आर न्यूज वेबसाइट और न्यूज ऑन ए आई आर मोबाइल ऐप पर प्रसारित किया जायेगा। आकाशवाणी समाचार, दूरदर्शन समाचार, प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना तथा प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर भी इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की जायेगी। आकाशवाणी पर हिन्दी में कार्यक्रम के प्रसारण के तुरंत बाद इसे क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जायेगा।
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नई दिल्ली।।डॉ. ऊषा ठाकुर को हिन्दी साहित्य के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 12वां ‘विश्व हिन्दी सम्मान’ प्रदान किया गया है। नेपाल में भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित हिन्दी संवाद कार्यक्रम में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया।
डॉ. ऊषा ठाकुर ने हिन्दी और नेपाली में 40 से अधिक साहित्यकारों की रचनाओं का अनुवाद किया है और हिन्दी भाषा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।यह पुरस्कार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से दिया जाता है। 12वां विश्व हिन्दी सम्मेलन 2023 में फिजी में हुआ था। डॉक्टर ठाकुर इस आयोजन में भाग नहीं ले पाईं थी इसलिए उन्हें काठमांडू में त्रिभुवन विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिन्दी नेपाल में पर्यटकों और स्थानीय लोगों बीच सम्पर्क की भाषा के रूप में लोकप्रिय होती जा रही है। -
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज सुबह जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना किया। अमरनाथ पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा कल कश्मीर घाटी के पहलगाम और बालटाल मार्ग से शुरू हो रही है। उपराज्यपाल ने इस अवसर पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पिछले तीन से चार वर्षों में श्रद्धालुओं के लिए बहुत सी सुविधाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस बार भी सभी आवश्यक तैयारियां की हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए 11 लाख 60 हजार डॉलर का योगदान दिया है। भारत के स्थायी मिशन मामलों के प्रभारी आर. रवींद्र ने कल संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संचार विभाग (डीजीसी) के समाचार और मीडिया प्रभाग के निदेशक इयान फिलिप्स को संयुक्त राष्ट्र में हिंदी योजना के लिए चेक सौंपा जिससे वैश्विक संगठन में हिंदी के इस्तेमाल का विस्तार हो सके।
भारत 2018 से डीजीसी के साथ भागीदारी में है, जब हिंदी भाषा में संयुक्त राष्ट्र की सार्वजनिक पहुंच को बढ़ाने और दुनिया भर के लाखों हिंदी भाषी लोगों के बीच वैश्विक मुद्दों के बारे में अधिक जागरूकता लाने के लिए इस संस्था में हिंदी योजना शुरू की गई थी।संयुक्त राष्ट्र, विश्व संगठन से संबंधित मामलों पर हर सप्ताह एक ऑडियो हिंदी समाचार बुलेटिन जारी करता है। यह विश्व संगठन एक समाचार वेबसाइट के अलावा, हिंदी में एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक के सोशल मीडिया खाते भी बनाए हुए है। संयुक्त राष्ट्र का जोर बहुभाषावाद नीति पर है, लेकिन मुख्य बाधा धन है। यही कारण है कि भारत हिंदी पहल के लिए धन मुहैया करा रहा है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि नवगठित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का पहला बजट ‘कई ऐतिहासिक कदम' उठाने के साथ-साथ आर्थिक सुधारों की गति को तेज करेगा और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सरकार की ‘दूरगामी नीतियों' तथा ‘भविष्योन्मुख दृष्टिकोण' की रूपरेखा पेश करेगा। राजग सरकार अगले महीने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश करेगी। इसमें कराधान और नीतियों के साथ-साथ निकट अवधि के लिए सुधार एजेंडा को आगे बढ़ाये जाने को प्राथमिकता दिये जाने की उम्मीद है। मुर्मू ने 18वीं लोकसभा में पहली बार दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राजग सरकार की आर्थिक सोच को रखा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट बहुमत वाली एक स्थिर सरकार का मतलब है कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का काम निर्बाध रूप से जारी रहे और देश अपने लक्ष्यों को प्राप्त करे। मुर्मू ने कहा, ‘‘यह बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्योन्मुख दृष्टिकोण का एक प्रभावी दस्तावेज होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘बड़े आर्थिक और सामाजिक फैसलों के साथ-साथ इस बजट में कई ऐतिहासिक कदम भी देखने को मिलेंगे। तेजी से विकास के लिए भारत के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप सुधारों की गति को और तेज किया जाएगा।'' राजग सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के साथ विश्लेषकों को नीतियों के स्तर पर निरंतरता बने रहने की उम्मीद है। यह माना जा रहा है कि सरकार पूंजीगत खर्च, कारोबारी माहौल में सुधार और राजकोषीय मजबूती को प्राथमिकता देना जारी रखेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि 'सुधार, प्रदर्शन और बदलाव' के संकल्प ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना दिया है और देश दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जो एक समय 11वें स्थान पर था। देश की सालाना वृद्धि दर 2021 से 2024 तक औसतन आठ प्रतिशत रही।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक महामारी के बीच और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी संघर्षों के बावजूद भारत ने यह वृद्धि दर हासिल की है। यह राष्ट्र हित में पिछले 10 वर्षों में किये गये सुधारों और प्रमुख फैसलों के कारण संभव हुआ है। भारत अकेले वैश्विक वृद्धि में 15 प्रतिशत का योगदान दे रहा है।'' मुर्मू ने कहा कि अब सरकार भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है। ‘‘इस लक्ष्य की प्राप्ति से विकसित भारत की बुनियाद भी मजबूत होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘देश में कई दशकों तक अस्थिर सरकारों के दौर में, कई सरकारें चाहकर भी, न तो सुधारों को आगे बढ़ा सकीं और न ही महत्वपूर्ण निर्णय ले पाईं। भारत के लोगों ने अब अपने निर्णायक जनादेश से इस स्थिति को बदल दिया है।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में ऐसे कई सुधार हुए हैं, जिनका आज देश को बहुत लाभ हो रहा है। जब ये सुधार किए जा रहे थे, तब भी इनका विरोध किया गया और नकारात्मकता फैलाने की कोशिश की गई। लेकिन ये सभी सुधार कसौटी पर खरे उतरे हैं।'' सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के बैंक क्षेत्र को बचाने के लिए सरकार ने बैंकों में सुधार किये और दिवाला और ऋण शोधन अक्षमता संहिता जैसे कानून बनाये। इसने देश के बैंक क्षेत्र को दुनिया के सबसे मजबूत बैंकिंग क्षेत्रों में से एक बना दिया है। मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आज मजबूत और लाभ की स्थिति में हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मुनाफा 2023-24 में 1.4 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है। बैंकों की मजबूती उन्हें अपने कर्ज आधार का विस्तार करने में सक्षम बनाती है और देश के आर्थिक विकास में योगदान देती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) भी लगातार कम हो रहा है।'' उन्होंने प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था के सभी तीन स्तंभों - विनिर्माण, सेवा और कृषि - को समान महत्व दे रही है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों को भी मिशन मोड में बढ़ावा दिया जा रहा है। चाहे वह सेमीकंडक्टर हो या सौर, चाहे वह इलेक्ट्रिक वाहन हो या इलेक्ट्रॉनिक सामान, चाहे वह हरित हाइड्रोजन हो या बैटरी, भारत इन सभी क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है।'' उन्होंने कहा कि सरकार लॉजिस्टिक की लागत कम करने के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है। यह सेवा क्षेत्र को भी मजबूत कर रहा है। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को संविधान के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता जताते हुए आपातकाल की निंदा की और इसे संविधान पर सीधे हमले का सबसे बड़ा और काला अध्याय बताया। उन्होंने परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की हालिया घटनाओं की जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि आगामी आम बजट में कई ऐतिहासिक कदम उठाये जाएंगे एवं प्रमुख आर्थिक निर्णय लिए जाएंगे। अठारहवीं लोकसभा में पहली बार संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि उनकी सरकार देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने में सक्षम बनाने के लिए माहौल तैयार करने का काम कर रही है। जिस वक्त वह शिक्षा के मोर्चे पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र कर रही थीं, उस वक्त विपक्ष के कुछ सदस्यों को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर नारे लगाते सुना गया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अगर किसी कारण से परीक्षाओं में बाधा आती है तो यह उचित नहीं है। सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता बहुत जरूरी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘सरकार पेपर लीक होने की हालिया घटनाओं की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।'' राष्ट्रपति ने कहा कि पहले भी कुछ राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं।
उन्होंने इस संदर्भ में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय स्तर पर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता भी जताई। राष्ट्रपति ने कहा कि संसद ने भी पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए काम कर रही है। अभिभाषण के समय राष्ट्रपति के दाएं और बाएं ओर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बैठे हुए थे। इस अवसर पर सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनकी मंत्रिपरिषद के सदस्य, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राज्यसभा के नेता सदन जे पी नड्डा तथा विभिन्न दलों के नेता एवं सदस्य मौजूद थे। देश में हाल में हुए आम चुनाव के दौरान कश्मीर में हुए मतदान में कई रिकॉर्ड टूटने की ओर ध्यान दिलाते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इन चुनाव के माध्यम से घाटी ने देश के दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव के सफल आयोजन के लिए निर्वाचन आयोग को बधाई देते हुए मुर्मू ने कहा कि भारत के लोगों ने हमेशा लोकतंत्र के प्रति अपना पूर्ण विश्वास प्रकट किया है, चुनाव से जुड़ी संस्थाओं पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए ‘‘हमें इस विश्वास को सहेज कर रखना है, इसकी रक्षा करनी है।'' मुर्मू ने कहा, ‘‘हमारे लोकतंत्र की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचाने की हर कोशिश की सामूहिक आलोचना होनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को वो दौर याद है जब मतपत्रों को छीन लिया जाता था, लूट लिया जाता था। मतदान प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए ईवीएम को अपनाने का फैसला किया गया था।'' मुर्मू ने कहा कि पिछले कई दशकों में ईवीएम ने उच्चतम न्यायालय से लेकर जनता की अदालत तक हर कसौटी को पार किया है। उन्होंने कहा कि अगले संसद सत्र में सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला बजट भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘बजट में प्रमुख आर्थिक एवं सामाजिक निर्णय लिए जाएंगे और कई ऐतिहासिक कदम उठाए जाएंगे। लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सुधारों की गति बढ़ायी जाएगी।'' राष्ट्रपति के अनुसार सरकार का मानना है कि निवेश के लिए राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी सहकारी संघवाद की भावना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, पिछले दस साल में आठ प्रतिशत की दर से औसत विकास हुआ है जबकि यह कोई सामान्य काल नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘यह विकास दर विश्व के विभिन्न हिस्सों में वैश्विक महामारी और संघर्ष के बीच हासिल की गयी है। यह पिछले दस वर्ष में सुधारों का परिणाम है। अकेले भारत ने वैश्विक विकास में 15 प्रतिशत का योगदान दिया है। मेरी सरकार भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम कर रही है।'' उन्होंने देश में 1975 में लागू आपातकाल को ‘संविधान पर सीधे हमले का सबसे बड़ा और काला अध्याय' बताते हुए कहा कि ऐसे अनेक हमलों के बावजूद देश ने असंवैधानिक ताकतों पर विजय प्राप्त करके दिखाई। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान, बीते दशकों में हर चुनौती, हर कसौटी पर खरा उतरा है और जब संविधान बन रहा था, तब भी दुनिया में ऐसी ताकतें थीं, जो भारत के असफल होने की कामना कर रही थीं। राष्ट्रपति ने अपने 55 मिनट के अभिभाषण में कहा कि देश में संविधान लागू होने के बाद भी संविधान पर अनेक बार हमले हुए। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार भी भारत के संविधान को सिर्फ राजकाज का माध्यम भर नहीं मानती, बल्कि हमारा संविधान जन-चेतना का हिस्सा हो, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। इसी ध्येय के साथ मेरी सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है।'' राष्ट्रपति ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर में भी संविधान पूरी तरह लागू हो गया है, जहां (पहले) अनुच्छेद 370 की वजह से स्थितियां कुछ और थीं। राष्ट्रपति ने सदस्यों को आगाह करते हुए कहा कि आज की संचार क्रांति के युग में विघटनकारी ताकतें, लोकतंत्र को कमजोर करने और समाज में दरार डालने की साजिश रच रही हैं। मुर्मू ने कहा कि ये ताकतें देश के भीतर भी हैं और देश के बाहर से भी संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इनके द्वारा अफवाह फैलाने का, जनता को भ्रम में डालने का, गलत सूचनाओं का सहारा लिया जा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इस स्थिति को ऐसे ही बेरोक-टोक नहीं चलने दिया जा सकता। आज के समय में प्रौद्योगिकी हर दिन और उन्नत हो रही है। ऐसे में मानवता के विरुद्ध इनका गलत उपयोग बहुत घातक है। भारत ने विश्व मंच पर भी इन चिंताओं को प्रकट किया है और एक वैश्विक रूपरेखा की वकालत की है। हम सभी का दायित्व है कि इस प्रवृत्ति को रोकें, इस चुनौती से निपटने के लिए नए रास्ते खोजें।'' सशक्त भारत के लिए सैन्यबलों में आधुनिकता एवं आत्मनिर्भरता की जरूरत पर बल देते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश का रक्षा निर्यात 18 गुना अधिक हुआ है तथा फिलीपीन के साथ ब्रह्मोस मिसाइल का रक्षा सौदा, रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भारत की पहचान मज़बूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त भारत के लिए ‘‘हमारे सैन्यबलों में आधुनिकता जरूरी है। युद्ध की स्थिति में हम सर्वश्रेष्ठ रहें, इसके लिए सेनाओं में सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहनी चाहिए।'' उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ उनकी सरकार ने पिछले 10 साल में रक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि सीडीएस (प्रमुख रक्षा अध्यक्ष) पद के गठन जैसे सुधारों ने सेनाओं को नयी मजबूती प्रदान की है। राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने युवाओं और उनके ‘स्टार्टअप' को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की मजबूत नींव तैयार की है। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में दो रक्षा गलियारे भी विकसित कर रही है। महिला नीत विकास पर बल देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार चाहती है कि देश की महिलाओं का कौशल, उनकी कमाई के साधन और उनका सम्मान बढ़े। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला सशक्तीकरण के एक नए युग की शुरूआत की है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘देश की नारी शक्ति लंबे समय से लोकसभा और विधानसभाओं में अधिक भागीदारी की मांग कर रही थी। आज उनके पास नारी शक्ति वंदन अधिनियम की ताकत है।'' उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं की वजह से पिछले एक दशक में महिलाओं का आर्थिक सामर्थ्य बढ़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत बीते 10 वर्ष में बने चार करोड़ मकानों में से ज्यादातर मकान महिलाओं के नाम ही आबंटित हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही सरकार ने 3 करोड़ नए घर बनाने को स्वीकृति दे दी है। इनमें से भी अधिकतर घर महिलाओं के नाम पर ही आबंटित होंगे।'' राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 10 वर्षों में 10 करोड़ महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी' बनाने का एक व्यापक अभियान चलाया है तथा इसके लिए स्व-सहायता समूहों को आर्थिक मदद भी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का प्रयास है कि महिलाओं का कौशल बढ़े, उनकी कमाई के साधन बढ़ें और उनका सम्मान बढ़े। ‘नमो ड्रोन दीदी' योजना इस लक्ष्य की पूर्ति में सहायक बन रही है। इस योजना के तहत हज़ारों स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ड्रोन दिए जा रहे हैं, ड्रोन पायलट बनने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।'' मुर्मू ने कहा कि सरकार ने हाल में ही ‘कृषि सखी' कार्यक्रम भी शुरु किया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत अभी तक स्व-सहायता समूहों की 30 हज़ार महिलाओं को कृषि सखी के रूप में प्रमाण पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कृषि सखियों को आधुनिक खेती की तकनीक में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे कृषि को और आधुनिक बनाने में किसानों की मदद कर सकें।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार का यह भी प्रयास है कि महिलाएं अधिक से अधिक बचत कर सकें। बैंक खातों में जमा राशि पर बेटियों को ज्यादा ब्याज देने वाली सुकन्या समृद्धि योजना की लोकप्रियता से हम परिचित हैं।'' मुर्मू के अभिभाषण में उन कुछ विषयों का भी उल्लेख था जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव घोषणापत्र में थे। इनमें बुलेट ट्रेन परियोजना, 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना शामिल हैं। हालांकि, अभिभाषण में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और एक राष्ट्र-एक चुनाव का कोई उल्लेख नहीं था। राष्ट्रपति के संबोधन के बाद उप राष्ट्रपति धनखड़ ने उनके अभिभाषण के प्रारंभिक और अंतिम अंशों का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ा। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी मिलेगा। उन्होंने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में कहा कि देश में 25 हजार जन औषधि केंद्रों को खोलने का काम भी तेजी से चल रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘‘सरकार 55 करोड़ लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र में सरकार एक और निर्णय लेने जा रही है। उन्होंने कहा ‘‘अब आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी मिलेगा।’’राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने भी गरीबों के जीवन की गरिमा से लेकर उनके स्वास्थ्य तक को राष्ट्रीय महत्व का विषय बनाया है और पहली बार देश में करोड़ों गरीबों के लिए शौचालय बनाए गए। उन्होंने कहा, ‘‘ये प्रयास हमें आश्वस्त करते हैं कि देश आज महात्मा गांधी के आदर्शों का सच्चे अर्थों में अनुसरण कर रहा है।’’राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज का भारत, दुनिया की चुनौतियां बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि दुनिया को समाधान देने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि विश्व-बंधु के तौर पर भारत ने अनेक वैश्विक समस्याओं के समाधान को लेकर पहल की है।उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन से लेकर खाद्य सुरक्षा तक, पोषण से लेकर टिकाऊ कृषि तक हम अनेक समाधान दे रहे हैं।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के मोटे अनाज ‘श्री अन्न’ की पहुंच ‘सुपरफूड’ के तौर पर दुनिया के कोने-कोने में हो, इसके लिए भी अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की पहल पर, पूरी दुनिया ने वर्ष 2023 में ‘अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष’ मनाया। मुर्मू ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आपने देखा है, हाल में पूरी दुनिया ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया है। भारत की इस महान परंपरा की प्रतिष्ठा विश्व में लगातार बढ़ रही है। योग और आयुष को बढ़ावा देकर भारत एक स्वस्थ विश्व के निर्माण में मदद कर रहा है।’’ -
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को आज नई दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स से छुट्टी दे दी गई है। वृद्धावस्था संबंधी कारणों के बाद उन्हें कल रात भर्ती कराया गया था। 96 वर्षीय नेता को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था।
- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की हालत स्थिर है और विशेषज्ञों की एक टीम उनकी जांच कर रही है। एम्स अस्पताल के सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी (96) की तबीयत बिगड़ने पर बुधवार रात उन्हें करीब साढ़े दस बजे यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पुराने निजी वार्ड में भर्ती कराया गया था।एक सूत्र ने कहा,‘‘एल के आडवाणी की हालत स्थिर है। मूत्रविज्ञान, हृदयरोग विज्ञान और जेरिएट्रिक मेडिसिन सहित विभिन्न विशेषज्ञ उनकी जांच कर रहे हैं।’’आडवाणी की बीमारी के बारे में अभी पता नहीं लग पाया है। file photo
- नयी दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन के एक अध्ययन से यह पता चला है कि दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन के बीच ग्रामीण इलाकों में महिला प्रधान परिवारों की आय में पुरुष प्रधान परिवारों के मुकाबले गर्मी के कारण औसतन आठ फीसदी तक की कमी आयी है।दिल्ली के सीमापुरी इलाके में कचरा बीनते वक्त पसीने से लथपथ माजिदा बेगम कहती है, ‘‘यह जिंदा रहने का सवाल है।’’ यह भारत में लाखों महिलाओं की हर दिन की कहानी है जो गर्मी और उमस दोनों की मार सह रही हैं।एनजीओ ‘ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया’ में काम करने वाली सीमा भास्कर ने कहा कि पुरुष बेहतर कौशल के कारण माध्यमिक और तृतीयक क्षेत्रों या ‘सेवा क्षेत्र’ की ओर बढ़ गए हैं जबकि महिलाएं अब भी असंगठित क्षेत्रों में मजदूरी कर रही हैं। माजिदा (65) इसका जीता-जागता उदाहरण है। माजिदा का पति 70 वर्ष का है और वह चल-फिर नहीं सकता तथा पूरी तरह माजिदा की कमायी पर निर्भर है। माजिदा को कचरे से पुन: इस्तेमाल होने वाली चीजें छांटने से रोजाना 250 रुपये की कमायी हो जाती है लेकिन जब वह बीमार होती है तो काम पर नहीं जा पाती।माजिदा ने कहा, ‘‘हम रात में कुछ खाएंगे या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि मैं दिनभर काम करूंगी या नहीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इतने वर्षों में मैंने इतनी गर्मी कभी नहीं देखी। गर्मी के कारण मैं बीमार पड़ गयी और 15 दिन तक काम नहीं कर पायी। मुझे दिल की बीमारी है लेकिन मैं घर पर नहीं बैठ सकती।’’अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार, महिलाएं पहले ही पुरुषों के मुकाबले औसन 20 फीसदी कम कमाती हैं तथा भीषण गर्मी के कारण यह खाई और बढ़ गयी है।छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के कोकावाड़ा गांव की 28 वर्षीय बसंती नाग ने कहा कि इस बार गर्मियों में मतली और सुस्ती का अनुभव हुआ जो पहले कभी नहीं हुआ और महिलाएं के लिए दिक्कत बढ़ गयी जिन्हें पानी की तलाश में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।ग्रीनपीस इंडिया’ और ‘नेशनल हॉकर्स फेडरेशन’ द्वारा किए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि दिल्ली में रेहड़ी-पटरी विक्रेता आठ महिलाओं में से सात को अप्रैल तथा मई में भीषण लू चलने के दौरान उच्च रक्त चाप की समस्या हुई जबकि मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं ने भीषण गर्मी के कारण माहवारी चक्र में देरी को लेकर चिंता जतायी।सर्वेक्षण में भाग लेने वाली सभी महिलाओं ने बताया कि गर्मी के कारण उन्हें रात में नींद न आने की समस्या हुई और इसके कारण वह दिन भर थकान महसूस करती हैं।इस बार की गर्मी रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना रही है। इतिहास की सबसे भीषण गर्मी में से एक में देश में तापघात के 40,000 से अधिक मामले दर्ज होने और गर्मी के कारण 100 से अधिक लोगों की मौत होने का संदेह है। मीडिया में आयी खबरों के अनुसार, दिल्ली में 13 मई के बाद से 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले लगातार 40 दिन दर्ज किए गए और इस साल गर्मी के कारण करीब 60 लोगों की मौत हुई। file photo
- अहमदाबाद,। गुजरात सरकार द्वारा कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की पात्र छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए मार्च में शुरू की गई दो योजनाओं के तहत लगभग 4.37 लाख लड़कियों ने पंजीकरण कराया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया है कि 'नमो लक्ष्मी योजना' के लिए 4.03 लाख छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। वहीं लगभग 37,000 छात्राओं ने 'शाला प्रवेशोत्सव - कन्या केलवणी महोत्सव 2024' के तहत 'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना' के लिए नामांकन कराया है। यह गुजरात में पहली कक्षा में छात्राओं के नामांकन के लिए एक वार्षिक अभियान है। 'नमो लक्ष्मी योजना' के तहत सरकार शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए नौवीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक, प्रवेश लेने की इच्छुक लड़कियों को चार साल की अवधि में 50,000 रुपये प्रदान करेगी।विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह योजना उन लड़कियों के लिए लागू है जिनके परिवार की आय छह लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि नौवीं कक्षा में प्रवेश लेने के बाद लाभार्थी को हर साल दस महीने तक 500 रुपये प्रति माह मिलेंगे और शेष 10,000 रुपये दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद दिए जाएंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 11वीं और 12वीं कक्षा के लाभार्थियों को हर साल दस महीने तक 750 रुपये प्रति माह मिलेंगे और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद 15,000 रुपये दिए जाएंगे। इस योजना के तहत सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियों को शामिल किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना' का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को विज्ञान विषय चुनने और उसमें उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। कक्षा 11वीं और 12वीं में विज्ञान विषय चुनने वाले छात्र-छात्राओं को दस महीने तक 1000 रुपये प्रति माह मिलेंगे जो दो साल में कुल 20,000 रुपये होंगे और शेष 5,000 रुपये 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद दिए जाएंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि जून और जुलाई महीनों के लिए दोनों योजनाओं के तहत सहायता राशि लाभार्थी की मां के बैंक खाते में या उसके स्वयं के खाते में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से जमा की जाएगी।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने अपने नेता सैम पित्रोदा को बुधवार को एक बार फिर से ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस' का प्रमुख नियुक्त कर दिया। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पित्रोदा की फिर से नियुक्ति की। पित्रोदा ने लोकसभा चुनाव के दौरान आठ मई को ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस' के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी उस टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘पूर्व के लोग चीनी और दक्षिण भारतीय अफ्रीकी नागरिकों जैसे दिखते हैं''। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पित्रोदा की ‘‘नस्ली'' टिप्पणियों को लेकर उन पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि इससे विपक्षी दल की ‘‘विभाजनकारी'' राजनीति बेनकाब हो गई है। वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि खरगे ने पित्रोदा को इस आश्वासन पर दोबारा नियुक्त किया है कि वह भविष्य में इस तरह के विवाद पैदा होने की गुंजाइश नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान सैम पित्रोदा ने कुछ ऐसे बयान और टिप्पणियां की थीं जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य थीं। आपसी सहमति से उन्होंने प्रवासी भारतीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।" उन्होंने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें इस आश्वासन पर दोबारा नियुक्त किया है कि वह भविष्य में इस तरह के विवाद पैदा होने की गुंजाइश नहीं छोड़ेंगे।
- सहारनपुर (उप्र)। सहारनपुर जिले के नागल थाना इलाके में ट्रक से कुचलकर एक नवविवाहिता की मौत हो गयी और उसका पति घायल हो गया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सागर जैन ने बताया कि थाना चिलकाना क्षेत्र के ग्राम टोडरपुर निवासी अक्षय (25) अपनी नवविवाहिता पत्नी प्रीति (23) के साथ मंगलवार रात बाइक से अपनी ससुराल ग्राम धर्मपुर सरावगी आ रहा था, तभी राजमार्ग पर भरतपुर गेट के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। जैन ने बताया कि इस हादसे में बाइक पर पीछे बैठी प्रीति उछलकर सड़क पर जा गिरी और ट्रक के पहिये तले कुचल जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। अक्षय भी हादसे में घायल हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही थाना नागल पुलिस मौके पर पहुंची और प्रीति के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा। उन्होंने बताया कि अक्षय को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। अक्षय और प्रीति का विवाह गत नवम्बर माह में ही हुआ था। जैन ने बताया कि घटना के बाद ट्रक चालक वाहन वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ट्रक को जब्त कर चालक की तलाश कर रही है।
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नयी दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को सदन में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी। लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। अधिसूचना के मुताबिक, राहुल गांधी का नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नौ जून, 2024 से प्रभावी रहेगा। वह इस बार लोकसभा में उत्तर प्रदेश के रायबरेली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
निचले सदन में 10 साल के अंतराल के बाद किसी नेता को आधिकारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया गया है। 16वीं और 17वीं लोकसभा में कांग्रेस या अन्य विपक्षी दलों के पास इस पद के लिए आवश्यक 10 प्रतिशत सदस्य नहीं थे। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने मंगलवार को लोकसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) भर्तृहरि महताब को पत्र भेजकर कांग्रेस के इस फैसले के बारे में उन्हें अवगत कराया था कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष होंगे। विपक्ष के नेता के तौर पर गांधी को अब कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। इससे प्रोटोकॉल सूची में उनका स्थान भी बढ़ जाएगा। वर्ष 1977 के कानून के अनुसार, ‘‘नेता प्रतिपक्ष, जब तक यह उत्तरदायित्व संभालेंगे और इसके तुरंत बाद एक महीने की अवधि तक, बगैर किराये के भुगतान के एक सुसज्जित आवास के उपयोग के हकदार होंगे औार इस तरह के आवास के रखरखाव के संदर्भ में नेता प्रतिपक्ष से व्यक्तिगत रूप से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।'' नेता प्रतिपक्ष के तौर पर वह केंद्रीय सतर्कता आयोग, केंद्रीय सूचना आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार से जुड़े चयन के अलावा लोकपाल, मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक जैसी प्रमुख नियुक्तियों पर महत्वपूर्ण पैनल के सदस्य भी होंगे। प्रधानमंत्री इन पैनल के प्रमुख होते हैं। राहुल गांधी ने बधाई देने वाले नेताओं का आभार जताया और कहा कि उनके लिए यह अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘‘देश की जनता, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और ‘इंडिया' के सहयोगियों का मुझ पर भरोसा जताने के लिए दिल से धन्यवाद। विपक्ष का नेता सिर्फ एक पद नहीं है - यह आपकी आवाज़ बनकर आपके हितों और अधिकारों की लड़ाई लड़ने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।'' कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारा संविधान गरीबों, वंचितों, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों का सबसे बड़ा हथियार है और हम उस पर किए गए हर हमले का पूरी ताकत से जवाब देकर उसकी रक्षा करेंगे। मैं आपका हूं और आपके लिए ही हूं।'' नेता प्रतिपक्ष के तौर पर संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 की धारा 3 में निर्दिष्ट वेतन और अन्य सुविधाएं तथा भत्ते प्राप्त करने के अलावा, एक सांसद के रूप में राहुल गांधी उसी स्थिति और वेतनमान में सचिव की सहायता के हकदार होंगे तथा एक कैबिनेट मंत्री की तरह निजी स्टाफ भी उनके पास होगा। गांधी एक निजी सचिव, दो अतिरिक्त निजी सचिव, दो सहायक निजी सचिव, दो निजी सहायक, एक हिंदी स्टेनो, एक क्लर्क, एक सफाई कर्मचारी और चतुर्थ श्रेणी के चार कर्मचारियों के भी हकदार होंगे। उन्हें सत्कार भत्ते के अलावा, 1954 के कानून की धारा 8 के तहत निर्दिष्ट समय के लिए उसी दर पर निर्वाचन क्षेत्र भत्ता मिलेगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1975 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा घोषित आपातकाल के दौर का उल्लेख करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि तानाशाही कांग्रेस के ‘‘डीएनए'' में है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘उस समय अत्याचार की पराकाष्ठा देखी गई। पूरा देश जेल में तब्दील हो गया था।'' वर्ष 1975 से 1977 के बीच के दौर पर विचार-विमर्श के लिए यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा घोषित किया गया आपातकाल देश के इतिहास में ‘‘वास्तव में एक काला अध्याय'' था। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द किए जाने के बाद सत्ता पर काबिज रहने के लिए ‘‘संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए'' आपातकाल घोषित किया था। उन्होंने कहा, ‘‘इंदिरा गांधी ने सत्ता का दुरुपयोग करके चुनाव जीता था, लेकिन वह इतने पर हीं नहीं रुकीं और आपातकाल घोषित कर दिया। संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं। सभी मौलिक अधिकारों का दमन किया गया। आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के प्रावधानों को और अधिक कठोर बना दिया गया।'' चौहान ने याद दिलाया कि कैसे आपातकाल के दौरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर लोगों को जेलों में डाल दिया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया, ‘‘ये सब उन्होंने सिर्फ सत्ता पर काबिज रहने के लिए किया। तानाशाही कांग्रेस के डीएनए में है।
- मंगलुरु, (कर्नाटक) । कुट्टारू मदनीनगर गांव में एक घर पर पड़ोस के मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण सुबह करीब साढ़े छह बजे एक मकान की दीवार ढह गई। जिस मकान पर दीवार गिरी वह यासिर का था। स्थानीय लोगों के अनुसार, दीवार को लेकर यासिर और उसके पड़ोसी के बीच विवाद था। दीवार यासिर के घर के बेहद करीब बनी हुई थी। घटना के बाद बचावकर्मी मौके पर पहुंचे और मलबे से शवों को निकाला गया। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
- देहरादून। प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पदमभूषण साजन मिश्रा, उनके पुत्र स्वरांश और हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा जैसे संगीतज्ञ, कवि और हास्य कलाकार यहां 28-29 जून को होने वाले एक सांस्कृतिक आयोजन में भाग लेंगे । आयोजकों ने बताया कि साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब कल्चरल कारवां और विरासत कार्यक्रम का देहरादून में आयोजन पहली बार जश्न-ए-अदब द्वारा भारत सरकार के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान 'ओटीटी के विभिन्न रंग' नामक पैनल चर्चा में लोकप्रिय हिंदी वेब सीरीज 'पंचायत' में 'प्रहलाद चा' की भूमिका निभाने वाले अभिनेता फैसल मलिक भी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कव्वाली गायक सरफराज अनवर साबरी, गजल गायक सनावर अली खान और कवि कुंवर रंजीत चौहान भी अपनी-अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यह कार्यक्रम हरिद्वार रोड पर स्थित एक प्रेक्षागृह में आयोजित होगा जहां प्रवेश निशुल्क होगा।
- जयपुर.। जयपुर के सैन्य स्टेशन में प्लास्टिक कचरे से बनी पहली सड़क का बुधवार को उद्घाटन किया गया। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार जयपुर सैन्य स्टेशन में सगत सिंह रोड अंडर ब्रिज से कब्स कॉर्नर कॉम्प्लेक्स तक 100 मीटर लंबी पहली 'प्लास्टिक वेस्ट' सड़क का उद्घाटन मेजर जनरल आरएस गोदारा ने किया। जयपुर सैन्य स्टेशन ऐसी सड़क बनाने वाला दूसरा मिलिट्री स्टेशन है। इससे पहले 2019 में नारंगी मिलिट्री स्टेशन में एक 'प्लास्टिक वेस्ट' सड़क बनाई गई थी। जन संपर्क अधिकारी कर्नल अमिताभ शर्मा के अनुसार मेजर जनरल गोदारा ने उद्घाटन के दौरान साइट पर एक पौधारोपण भी किया, जो विकास और प्रगति का प्रतीक है। भारतीय सेना की ग्रीन सैन्य स्टेशन बनाने की नीति के अनुरूप गैरिसन इंजीनियर (दक्षिण), चीफ इंजीनियर जयपुर जोन के तत्वावधान में सड़क का निर्माण किया गया है।
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नयी दिल्ली,। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि उच्च उपज, रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले गन्ने की किस्म तथा इसके नवीन उपयोग के लिए देशों के बीच अनुसंधान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना महत्वपूर्ण है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश होने पर चीनी उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद है। जोशी ने कहा, ‘‘ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना तथा विभिन्न देशों के बीच अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। आइए हम उच्च उपज वाले, रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले गन्ने की किस्म को विकसित करने, गन्ने के लिए नवीन उपयोगों की खोज करने तथा संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें।'' मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में 64वीं अंतरराष्ट्रीय चीनी संगठन (आईएसओ) परिषद की बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चीनी मूल्य श्रृंखला में उन्नत प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाया जाना चाहिए। वे अपशिष्ट को कम करने और उद्योग की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। मंत्री ने कहा कि देश आईएसओ सदस्यों के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकास तथा चीनी तथा जैव ईंधन क्षेत्र में विशेषज्ञता साझा करने के लिए सक्रिय सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। जोशी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा चीनी उपभोक्ता और दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है। करीब एक करोड़ किसान और उनके आश्रित गन्ने की खेती में लगे हुए हैं। इसके अलावा यह उद्योग प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है। जैव ईंधन उद्योग में गन्ना एक प्रमुख फसल है। भारत की आर्थिक वृद्धि और कृषि समृद्धि दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि आईएसओ को कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सहयोग करना जारी रखना चाहिए। हमारी प्राथमिकता कृषि आय में सुधार के साथ पानी का इस्तेमाल कम से कम करना भी होनी चाहिए।
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नयी दिल्ली,। कॉफी का सेवन नहीं करने और दिनभर में छह घंटे या इससे अधिक समय तक बैठे रहने वाले लोगों में मौत का खतरा उन लोगों के मुकाबले 60 फीसदी अधिक है जो कॉफी पीने के साथ छह घंटे से कम समय तक बैठते हैं। ‘बायोमेड सेंट्रल (बीएमसी) पब्लिक स्वास्थ्य' नामक पत्रिका में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। अमेरिका में 10,000 से अधिक वयस्कों पर 13 साल तक शोध करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि गतिहीन जीवन शैली वाले उन लोगों में मरने का खतरा बढ़ जाता है जो कॉफी नहीं पीते हैं, लेकिन कॉफी पीने वालों में यह खतरा नहीं बढ़ता है। चीन में मेडिकल कॉलेज ऑफ सूचो विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ' के शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि दिन में कम से कम छह घंटे बैठे रहने वाले और कॉफी न पीने वालों की तुलना में गतिहीन जीवन शैली वाले उन लोगों में मौत का खतरा 24 प्रतिशत कम था जो कॉफी पीते थे। मीडिया वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार परिणाम की गणना ‘वाशिंगटन पोस्ट' के अनुरोध पर की गई थी। हालांकि ये परिणाम अध्ययन में शामिल नहीं हैं। शोधकर्ताओं ने अध्ययन रिपोर्ट में लिखा है, ‘‘गतिहीन जीवनशैली की तुलना में वयस्कों में समग्र जीवन अवधि में सुधार लाने में कॉफी के सेवन के लाभ कई गुना हैं।'' अपने अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि कॉफी नहीं पीने वालों की तुलना में अधिक मात्रा में कॉफी का सेवन करने वाले सभी प्रतिभागियों में से एक चौथाई में किसी भी कारण से मरने का खतरा 33 प्रतिशत तक कम हो गया। उन्होंने कहा कि परिणाम पिछले अध्ययनों के अनुरूप थे, जिसमें अधिक कॉफी पीने और किसी भी कारण से मरने के कम जोखिम और हृदय रोग के बीच एक संबंध पाया गया है। कॉफी में मौजूद कैफीन और पॉलीफेनोल्स समेत कई यौगिक प्राकृतिक रूप से सूजन-रोधी होते हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि कॉफी मरने के खतरे को कम करने के लिए शरीर में वास्तव में कैसे काम करती है, यह अब भी स्पष्ट नहीं है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि दिनभर में आठ घंटे से अधिक बैठने का संबंध किसी भी कारण से मौत होने का खतरा 40 फीसदी से अधिक बढ़ जाने से है और ऐसे लोगों में हृदयाघात से मरने का खतरा करीब 80 फीसदी तक बढ़ जाता है।
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भोपाल। मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को निर्णय लिया कि राज्य के मंत्रियों को अपना आयकर स्वयं अदा करना होगा और इसका भुगतान राज्य सरकार नहीं करेगी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बयान में कहा कि मंत्रिमंडल ने 1972 के नियम को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत राज्य सरकार मंत्रियों के वेतन और भत्तों पर आयकर का भुगतान करती थी। यादव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि सभी मंत्री अपने वेतन और भत्तों पर आयकर का भुगतान करेंगे। राज्य के नगर प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि मंत्री अपना आयकर स्वयं अदा करें। उन्होंने कहा कि सुझाव स्वीकार कर लिया गया और इस संबंध में निर्णय लिया गया।
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लखनऊ। राम नगरी अयोध्या में विश्वस्तरीय भारतीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हरी झंडी दे दी। इसके लिये पर्यटन विभाग 90 साल के लिये पट्टे पर जमीन देगा। प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि 'टाटा संस' कंपनी ने केन्द्र सरकार के जरिये एक प्रस्ताव राज्य को दिया था जिसमें कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व कोष (सीएसआर फंड) से 650 करोड़ रुपए की लागत से अयोध्या में एक विश्व स्तरीय भारतीय मंदिर संग्रहालय के निर्माण की पेशकश की गई थी। सिंह ने कहा कि इसके अलावा अन्य विकास कार्यों के लिए 100 करोड रुपए देने का प्रस्ताव किया गया था। उनके अनुसार इन प्रस्तावों को मंत्रिमण्डल ने आज स्वीकृति दे दी। उन्होंने बताया कि इस मंदिर संग्रहालय के निर्माण के लिये जमीन पर्यटन विभाग एक रुपये की लीज पर 90 साल के लिए उपलब्ध कराएगी।
मंत्रिमण्डल की बैठक में लिये गये एक अन्य फैसले के बारे में पर्यटन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में विमान संपर्क बढ़ाने के मद्देनजर लखनऊ, प्रयागराज और कपिलवस्तु (सिद्धार्थ नगर) में निजी सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) के तहत हेलीपैड बनाकर हेलीकाप्टर सेवाएं चालू करने के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमण्डल ने मुहर लगा दी है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमण्डल ने पूरे प्रदेश में अनुप्रयुक्त धरोहर इमारतों को पीपीपी मोड पर पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया है जिससे पर्यटन क्षेत्र के सेवा प्रदाताओं और आम लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इनमें से आज ऐसी तीन इमारतों-- कोठी रोशनुद्दौला लखनऊ, बरसाना जल महल मथुरा और शुक्ला तालाब कानपुर को चुना गया है। उनके मुताबिक इनके लिये तकनीकी निविदा, तकनीकी प्रस्तुतीकरण एवं वित्तीय निविदा को मंत्रिमण्डल ने अनुमोदन दे दिया है। सिंह ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं के बेहतर इस्तेमाल के लिए पर्यटन नीति 2022 लागू की गयी थी। उन्होंने कहा कि उसका लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल सके, इसके लिए पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री ‘टूरिज्म फैलोशिप' कार्यक्रम के तहत शोधार्थियों के चयन का एक कार्यक्रम मंत्रिपरिषद ने अनुमोदित किया है। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने मंत्रिमण्डल में लिये गये अपने विभाग से सम्बन्धित एक निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने बिजली अधिनियम 2003 पारित किया था और उसके तहत अपनी नियमावली भी बना दी थी। उन्होंने कहा कि उसी के क्रम में राज्य सरकार को भी नियमावली बनानी थी लेकिन उत्तर प्रदेश में वह बन नहीं पाई थी, लेकिन अब उसकी नियमावली तैयार की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उसमें मुख्य विद्युत निरीक्षक और विद्युत निरीक्षक की योग्यता, उनकी शक्तियां और उनके क्या कार्य होंगे, यह सभी कुछ परिभाषित किया गया है। उनके मुताबिक इस नियमावली को आज राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूर कर लिया है।
- मुंबई।मुंबई के कांदिवली इलाके में पिता द्वारा काम पर जाने के लिए कहे जाने से नाराज 19 वर्षीय एक युवक ने कथित रूप से एक इमारत की 22वीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि युवक की पहचान प्रथम कृष्ण नाइक के रूप में हुई है, जो एक मॉल में पिज्जा की दुकान पर काम करता था। कांदिवली पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया, ‘‘नाइक सोमवार को काम पर नहीं गया था, जिसके बाद उसके पिता को फोन आया। उन्होंने अपने बेटे की तलाश शुरू की और उसे रात में दहानुकरवाडी मेट्रो स्टेशन पर बैठे देखा। उन्होंने उससे पूछा कि वह काम पर क्यों नहीं गया और उसे पिज्जा की दुकान पर जाने के लिए कहा।'' उन्होंने बताया कि इस बात से नाराज युवक 22 मंजिला इमारत की छत पर गया और वहां से छलांग लगा दी।स्थानीय निवासियों ने जब नाइक को खून से लथपथ देखा, तो उसे पास के अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। file photo
- नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेलुगु समाचार चैनल टीवी9 का निर्बाध प्रसारण जारी रखने का आदेश दिया है। चैनल ने आंध्र प्रदेश सरकार के कथित दबाव के चलते इस महीने की शुरुआत में अपना प्रसारण बंद कर दिया था। न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा की अवकाशकालीन पीठ ने यह आदेश पारित किया, जिससे पहले संबंधित मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर/सेवा प्रदाता ने कहा कि चैनल का प्रसारण तेलुगु भाषी राज्यों तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बाधित नहीं है। उच्च न्यायालय ने 24 जून को पारित अपने आदेश में कहा, ‘‘यह अदालत सर्वप्रथम प्रतिवादी संख्या 2 (सेवा प्रदाता) की ओर से उपस्थित वकील द्वारा पेश की गई इस दलील को दर्ज करती है कि याचिकाकर्ता के चैनल, अर्थात टीवी 9 तेलुगु का प्रसारण निर्बाध है, और इसका प्रसारण तेलंगाना के साथ-साथ आंध्र प्रदेश राज्यों में भी किया जा रहा है।'' अदालत के निर्देश का स्वागत करते हुए न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन ने कहा कि यह ऐतिहासिक आदेश वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक सिद्धांतों को मजबूत करता है, जो हमारे लोकतांत्रिक समाज की आधारशिला है। टीवी9 तेलुगु का संचालन करने वाली एसोसिएटेड ब्रॉडकास्टिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर द्वारा अपने चैनल को ‘‘अवैध'' रूप से बंद किये जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था और दलील दी थी कि यह कृत्य उनके बीच हुए समझौते के विपरीत है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद आंध्र प्रदेश में कई जगहों पर कुछ समाचार चैनल का प्रसारण बंद हो गया था। विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के एक सांसद ने आरोप लगाया था कि राज्य की नवगठित सरकार द्वारा दबाव डालने के कारण उन्हें बंद किया गया। चैनलों- टीवी9, एनटीवी, 10टीवी और साक्षी टीवी- को बंद करने के आरोप राज्य की राजग सरकार पर लगाए गए, जिसमें तेलुगु देशम पार्टी, भाजपा और जनसेना पार्टी शामिल हैं।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कई जिलाधिकारियों समेत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 12 अधिकारियों का तबादला कर दिया। राज्य सरकार की ओर से जारी तबादला सूची के अनुसार, सीतापुर के जिलाधिकारी अनुज सिंह को इसी पद पर मुरादाबाद भेजा गया है, जबकि चित्रकूट के जिलाधिकारी अभिषेक आनंद को सीतापुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। बांदा की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को इसी पद पर लखीमपुर खीरी भेजा गया है, जबकि आयुष विभाग के विशेष सचिव नागेंद्र प्रताप को बांदा का जिलाधिकारी बनाया गया है। नगर आयुक्त कानपुर शिवशरणप्पा जीएन को चित्रकूट का जिलाधिकारी बनाया गया है। विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी को श्रावस्ती का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि अपर राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान मधुसूदन हुल्गी को कौशांबी का जिलाधिकारी बनाया गया है। अपर महानिरीक्षक निबंधन उप्र रवीश गुप्ता को जिलाधिकारी बस्ती बनाया गया हैं।इसी तरह, संभल के जिलाधिकारी मनीष बंसल को इसी पद पर सहारनपुर भेजा गया है, जबकि विशेष सचिव नगर विकास राजेंद्र पेंसिया को संभल का जिलाधिकारी बनाया गया है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आशीष कुमार को हाथरस का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि ग्रेटर नोएडा की अपर मुख्य आयुक्त मेधा रूपम को कासगंज का जिलाधिकारी बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ये नियमित प्रक्रिया के तहत किए गए तबादले हैं।









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