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- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पहचान छिपाकर खाद्य व पेय पदार्थों में मिलावट करने और उत्पादों में मानव मल, अखाद्य तथा गंदी चीजें मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही नया कानून लाएगी। अधिकारियों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई मिलावट की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यहां आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह बात कही। योगी ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कारावास और जुर्माना सुनिश्चित किया जाना चाहिए और ऐसे अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती मानते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए। देश के विभिन्न हिस्सों में जूस, दाल और रोटी जैसे खाद्य पदार्थों में मानव मल, अखाद्य, गंदी चीजों की मिलावट की घटनाएं देखी गई हैं। योगी ने कहा कि ऐसी घटनाएं भयावह हैं और आम आदमी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इस तरह के नापाक प्रयासों को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के महत्व को ध्यान में रखते हुए सख्त कानून बनाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे होटल, रेस्तरां, ढाबा, रेहड़ी-पटरी वालों से संबंधित इन गतिविधियों के संबंध में स्पष्ट कानून बनाएं। योगी ने कहा कि ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को खाद्य व पेय पदार्थों के विक्रेता और सेवा प्रदाताओं के बारे में आवश्यक जानकारी रखने का अधिकार होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी दुकान में कोई भी खाद्य पदार्थ दूषित न हो। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के रसोईघर और भोजन कक्ष में सतत निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होना चाहिए, जिनकी कम से कम एक महीने की फुटेज जिला प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर हर समय उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।पीएमओ ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 अक्टूबर को सुबह लगभग 10 बजे विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।" अभिधम्म दिवस असल में बौद्ध भिक्षुओं के लिये तीन महीने की वर्षा वापसी (वर्षावास या वासा की समाप्ति का प्रतीक) है, जिसके दौरान वे एक स्थान पर रहते हैं और प्रार्थना करते हैं। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान बुद्ध स्वर्ग से पृथ्वी पर वापस आए थे। पीएमओ ने कहा कि चार अन्य भाषाओं के साथ एक शास्त्रीय भाषा के रूप में पाली की हालिया मान्यता, इस वर्ष के अभिधम्म दिवस समारोहों के महत्व को बढ़ाती है क्योंकि अभिधम्म पर भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मूल रूप से पाली भाषा में उपलब्ध हैं। पीएमओ ने कहा कि भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अभिधम्म दिवस समारोह में 14 देशों के शिक्षाविदों और भिक्षुओं तथा भारत भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से बुद्ध धम्म पर युवा विशेषज्ञों की भागीदारी इस समारोह में देखी जाएगी।
- जम्मू-कश्मीर की नई सरकारजम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में अब्दुल्ला और उनके मंत्रियों को शपथ दिलाई।मेंढर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद अहमद राणा, रफियाबाद से जावेद अहमद डार, डीएच पोरा से सकीना इट्टू और नौशेरा से सुरिंदर कुमार चौधरी को भी एलजी सिन्हा ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। छंब विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में जगह दी गई।शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। वहीं, प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, महबूबा मुफ्ती, संजय सिंह, डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड के साथ ही निर्वाचन आयोग ने 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों तथा वायनाड और नांदेड़ लोकसभा सीटों के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की। इनमें रायपुर दक्षिण की विधानसभा सीट भी है। केरल की वायनाड लोकसभा सीट और विभिन्न राज्यों की 47 विधानसभा सीट के लिए 13 नवंबर को उपचुनाव होगा, जबकि महाराष्ट्र के नांदेड़ संसदीय क्षेत्र और तथा उत्तराखंड के केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के लिए 20 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। आयोग ने मंगलवार को जिन 48 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की घोषणा की है, उनमें उत्तर प्रदेश की नौ, राजस्थान की सात, पश्चिम बंगाल की छह, असम की पांच, बिहार की चार, पंजाब की चार, कर्नाटक की तीन, केरल की दो, मध्य प्रदेश की दो, सिक्किम की दो तथा छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड और मेघालय की एक-एक सीट शामिल हैं। जिन लोकसभा और विधानसभा सीट के लिये उपचुनाव हो रहे हैं, उनके लिये मतगणना 23 नवंबर को होगी।
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23 को मतगणना
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। इसके तहत महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को जबकि झारखंड में दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी। इसी के साथ दोनों राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि शहरी उदासीनता की समस्या को दूर करने के लिए महाराष्ट्र और झारखंड में बुधवार को मतदान का दिवस तय किया गया है। निर्वाचन आयोग ने 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीट तथा दो लोकसभा क्षेत्रों वायनाड और नांदेड़ के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र में 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी तथा नामांकन की आखिरी तिथि 29 अक्टूबर होगी। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र चार नवंबर, 2024 तक वापस लिए जा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, महाराष्ट्र में 9.63 करोड़ योग्य मतदाता हैं जबकि झारखंड में यह संख्या 2.6 करोड़ है। कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र में कुल 1,00186 मतदान केंद्रों पर 20 नवंबर को मतदान होगा 23 नवंबर को मतगणना होगी। वर्तमान महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को वरिष्ठ नेता बैजयंत जय पांडा को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रभारी नियुक्त किया। गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग सह-प्रभारी होंगे। ओडिशा से लोकसभा सदस्य पांडा, इससे पहले दिल्ली के प्रभारी थे और संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चुनाव प्रभारी के रूप में उनकी नियुक्ति से भाजपा को राष्ट्रीय राजधानी में उनके अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है। दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने की संभावना है। भाजपा 1998 से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सत्ता में नहीं है और वह सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को पराजित करके दिल्ली में सरकार बनाने का पुरजोर प्रयास कर रही है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली के अलावा पंजाब में सरकार है। उसे पिछले साल राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला था।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले एक साल में दुनिया भर में निर्मित और वितरित की गईं आठ अरब टीका खुराकों में से आधी भारत में निर्मित की गईं। उन्होंने आज यहां अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम द्वारा आयोजित वार्षिक ‘इंडिया लीडरशिप समिट 2024' को संबोधित किया। श्रीवास्तव ने कहा कि जेनेरिक दवाओं के तीसरे सबसे बड़े विनिर्माता और प्रमुख आपूर्तिकर्ता होने के नाते भारत फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में वैश्विक नेता बनकर उभरा है। इस क्षेत्र की सफलता के परिणामस्वरूप दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों के लिए पर्याप्त बचत हुई है, जिसमें अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में उल्लेखनीय योगदान भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय दवा उद्योग का योगदान इस तथ्य से प्रमाणित होता है कि भारत में अमेरिका के बाहर सबसे अधिक संख्या में यूएस एफडीए-अनुमोदित दवा संयंत्र हैं। यह अमेरिका के बाहर यूएस एफडीए-अनुमोदित संयंत्रों की कुल संख्या का 25 प्रतिशत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि भारतीय कंपनियों की दवाओं ने 2022 में अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को 219 अरब डॉलर की बचत और 2013 से 2022 के बीच कुल 1.3 हजार अरब डॉलर की बचत कराई है।'' उन्होंने कहा कि देश वैक्सीन उत्पादन में भी अग्रणी है, जिसमें वैश्विक विनिर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ‘दुनिया की फार्मेसी' के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करता है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि दुनिया में निर्मित सभी टीकों में से 50 प्रतिशत भारत से हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एक साल में ही, दुनिया भर में निर्मित और वितरित की गई आठ अरब टीका खुराक में से चार अरब खुराक भारत में निर्मित की गईं।'' श्रीवास्तव ने कहा कि भारत ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम और संबंधित कानूनों के साथ पुराने नियामक ढांचे को बदलकर चिकित्सा शिक्षा में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि इससे मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की संख्या और नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवा पेशेवर उपलब्धता में असमानताओं को दूर किया जा सका है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, भारत एक सक्षम स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करने के लिए तैयार है जो राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों जरूरतों को पूरा करता है। श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी प्रयासों से भारत में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता, पैमाने और लागत प्रभावशीलता में उत्तरोत्तर सुधार हुआ है। -
नयी दिल्ली. ओडिशा पांचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2023 में शीर्ष स्थान पर रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश ने दूसरा स्थान हासिल किया है। जलशक्ति मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। गुजरात और पुडुचेरी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह पुरस्कार नौ श्रेणियों में देने की घोषणा की गई । पूरे भारत में जल संरक्षण और प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाता है। जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार के विजेताओं की सूची की घोषणा की। पुरस्कार समारोह 22 अक्टूबर को होगा, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जलसंरक्षण में ओडिशा की उल्लेखनीय उपलब्धियों में 53,000 से अधिक जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और 11,000 पारंपरिक जलाशयों का जीर्णोद्धार शामिल है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, 21,000 अपशिष्ट जलशोधन संयंत्र स्थापित किए गए, जिससे 90,900 हेक्टेयर से अधिक सिंचित भूमि को सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के तहत लाया गया और उसके परिणामस्वरूप 87,000 किसानों को लाभ हुआ। अधिकारी ने कहा कि राज्य ने वनीकरण में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है और नौ करोड़ पौधे लगाये गये।
जलशक्ति मंत्रालय ने कहा कि दूसरे नंबर पर रहे उत्तर प्रदेश की जल जीवन मिशन के तहत उसके प्रयासों के लिए सराहना की गई। इस मिशन के तहत 17,900 से अधिक गांवों में नलजल कनेक्शन दिये गये, परिणामस्वरूप 1.91 करोड़ परिवार लाभान्वित हुए। मंत्रालय के मुताबिक, उत्तर प्रदेश ने अपशिष्ट जल प्रबंधन में भी प्रगति की है, गंगा नदी में प्रदूषण कम करने के लिए 4,100 एमएलडी की संयुक्त क्षमता वाले 133 मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण किया है। तीसरा स्थान केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी और गुजरात को संयुक्त रूप से मिला।जल प्रबंधन और संरक्षण में असाधारण प्रयासों को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ जिला पुरस्कार प्रदान किए गए। विजेताओं में दक्षिण क्षेत्र में आंध्र प्रदेश से विशाखापत्तनम, उत्तर पूर्व क्षेत्र में त्रिपुरा से धलाई तथा उत्तर प्रदेश से बांदा तथा जम्मू-कश्मीर से गंदेरबल उत्तर क्षेत्र के संयुक्त विजेताओं में शामिल हैं। इसके अलावा, कई अन्य श्रेणियों में पुरस्कार दिये गये हैं। - जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्कूटर के आसपास भीड़ लगाकर शराब पीने से रोकने के लिए चार लोगों ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना घमापुर थानाक्षेत्र में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को हुई।उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान नवीन शर्मा के रूप में हुई है।घमापुर थाने के प्रभारी सतीश कुमार अंधवान ने बताया कि 42 वर्षीय आईटी पेशेवर रविवार रात अपने दोस्त के साथ स्कूटर पर दशहरा देखने कांचघर गया था। उन्होंने बताया कि शर्मा जब देर रात करीब तीन बजे अपना स्कूटर लेने लौटा तो उसने देखा कि चार लोग उसके वाहन के चारों ओर इकट्ठा होकर शराब पी रहे थे। अंधवान ने बताया कि नवीन ने स्कूटर की सीट पर रखे शराब के गिलास हटाने को कहा, जिसके बाद आरोपियों ने बहस शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि विवाद इतना बढ़ गया कि चारों लोगों ने नवीन पर धारदार हथियार से करीब आधा दर्जन वार किये और मौके से भाग गए। अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने नवीन को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले के संबंध में पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है।
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नयी दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि आंध्र प्रदेश में मंदिर समितियों में केवल ‘हिंदू धर्म का पालन करने वाले' लोगों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए और इन समितियों में कोई राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं होना चाहिए। विहिप ने यह भी मांग की कि इन मंदिरों में केवल ‘हिंदुओं' को कर्मचारियों के रूप में नियुक्त किया जाए और मंदिर के कर्मचारियों के रूप में नियुक्त ‘गैर-हिंदुओं' को तुरंत उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया जाए। विहिप ने एक बयान में कहा, ‘‘नेता अपने चुनाव प्रचार के दौरान न सिर्फ यह कहते हैं कि वे धर्मनिरपेक्ष हैं और सभी धर्मों को समान मानते हैं बल्कि विभिन्न धार्मिक स्थलों में प्रार्थना कार्यक्रमों में भी भाग लेते हैं।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इस मामले में अगर मंदिर समितियों में राजनीतिक व्यक्ति है तो संभावना है कि वे हिंदुओं के कल्याण के बजाय अपनी धर्मनिरपेक्ष भावनाओं को प्राथमिकता देंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हिंदू मंदिर धर्मनिरपेक्ष केंद्र नहीं हैं। वे आध्यात्मिक हिंदू धार्मिक केंद्र हैं और उनकी समितियों में केवल हिंदुओं को होना चाहिए।'' विहिप ने कहा कि मंदिर समितियों में धार्मिक संगठनों, हिन्दू, अध्यात्मवादियों और 'धर्माचार्यों' के प्रतिनिधि होने चाहिए। उसने मांग की कि दक्षिणी राज्य की सरकार उचित संशोधनों के साथ तत्काल आदेश जारी करे। विहिप कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद मांग कर रही है कि मंदिर समितियों में कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं होना चाहिए। मंदिर समितियों में केवल हिंदू धर्म का पालन करने वाले को ही नियुक्त किया जाना चाहिए।'' विहिप ने यह भी कहा कि केवल ‘अभ्यास करने वाले हिंदुओं' को ही मंदिरों में कर्मचारियों के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए। बयान में कहा गया है, ‘‘गैर-हिंदुओं और गैर-अभ्यास करने वाले हिंदुओं को जो पहले से ही पिछले सरकारी आदेश के बाद नियुक्त किए गए हैं, उन्हें तुरंत उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया जाना चाहिए।'' विहिप ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार को अपने बंदोबस्ती विभाग द्वारा जारी किए गए पिछले आदेश को भी तुरंत वापस लेना चाहिए, जिसमें बंदोबस्ती कर्मचारियों को ‘धर्मनिरपेक्ष कर्मचारी' कहा गया है। विहिप ने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि मंदिर धर्मनिरपेक्ष केंद्र नहीं है। एक मंदिर हिंदुओं के लिए पूजा का एक धार्मिक स्थान है। इसके धार्मिक पहलू हैं लेकिन धर्मनिरपेक्ष पहलू नहीं हैं। यह सभी धर्मों का केंद्र नहीं है।''
- नयी दिल्ली. उत्तर रेलवे ने सोमवार को कहा कि उसने इस त्योहारी मौसम में यात्रियों को आरामदायक सफर प्रदान करने और उनकी भारी तादाद को ध्यान में रखकर 2,950 विशेष रेलगाड़ियों के साथ एक दृढ़ कार्य योजना लागू की है। उत्तर रेलवे ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल उसने एक अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच त्योहार विशेष रेलगाड़ियों में करीब 172 प्रतिशत का इजाफा किया है। इन उपायों का जिक्र करते हुए उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, ‘‘ 2,950 रेलगाड़ियों में से लगभग 83 प्रतिशत त्योहार विशेष रेलगाड़ियां उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे पूर्व की ओर जाने वाले राज्यों के यात्रियों के लिए होंगी।'' उपाध्याय ने कहा, ‘‘बरौनी, समस्तीपुर, सहरसा, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, जयनगर, दरभंगा, जोगबनी, पटना, कोलकाता, गुवाहाटी, हावड़ा, मुजफ्फरपुर, कटिहार, टाटानगर और लखनऊ जैसे शहर राष्ट्रीय राजधानी से चलने वाली इन विशेष रेलगाड़ियों के कुछ लोकप्रिय गंतव्य हैं।'' अधिकारी ने यात्री सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का भी उल्लेख किया, जैसे कि आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए कड़े कदम, ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने पर रोक तथा ट्रेनों और स्टेशन परिसर में धूम्रपान और कूड़ा-कचरा फैलाने पर रोक लगाने के लिए कदम उठाना। उत्तर रेलवे ने एक बयान में कहा, ‘‘यह ध्यान देने योग्य है कि उत्तर रेलवे अन्य क्षेत्रीय रेलवे के साथ मिलकर एक अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक त्योहारी मौसम के दौरान 2,950 से अधिक त्योहार विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन कर रहा है।'' बयान में कहा गया है, ‘‘पिछले वर्ष इसी अवधि में उत्तर रेलवे द्वारा कुल 1,082 विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में ऐसी रेलगाड़ियों में लगभग 172 प्रतिशत की वृद्धि होगी।'' उपाध्याय का कहना है कि उत्तर रेलवे और भीड़ से निपटने के लिए समयानुकूल आधार पर अनारक्षित विशेष रेलगाड़ियां भी चलायेगा। उनके अनुसार, त्योहारी भीड़ के बीच उत्तर रेलवे द्वारा उठाए गए अन्य कदमों में फुटओवर ब्रिज, प्रवेश और निकास द्वार, प्लेटफार्म, बुकिंग कार्यालय और अन्य क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टिकट जांच कर्मचारियों और आरपीएफ कर्मियों की तैनाती बढ़ाना शामिल है।
- इंदौर. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में सोमवार को 200 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाले चार फ्लाईओवर एक साथ लोकार्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य के सबसे ज्यादा वाहन घनत्व वाले शहर के चौराहों पर यातायात जाम होने की समस्या दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। यादव ने फूटी कोठी, भंवरकुआं, खजराना और लव-कुश चौराहे के बेहद व्यस्त यातायात वाले इलाकों में बनाए गए फ्लाईओवर वैदिक विधि-विधान से पूजा-पाठ के बीच लोकार्पित किए। चारों फ्लाईओवर की कुल लागत 221.54 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि बीते दो साल में बने इन फ्लाईओवर से हर रोज करीब 7.50 लाख वाहन सवारों को आवागमन में आसानी होगी और उनका समय व ईंधन बचेगा। यादव ने फ्लाईओवर के लोकार्पण समारोह में कहा कि शहर के इतिहास में पहली बार चार नवनिर्मित फ्लाईओवर को यातायात के लिए एक साथ खोला गया है। उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले समय में शहर का एक भी चौराहा ऐसा नहीं होगा जहां यातायात जाम की स्थिति बनेगी। भले ही हमें इसके लिए 35 नये फ्लाईओवर बनाने पड़ें।'' मुख्यमंत्री ने फूटी कोठी पर बने फ्लाईओवर का नाम बंजारा समुदाय के संत सेवालाल महाराज के नाम पर रखे जाने की घोषणा की। यादव ने यह घोषणा भी कि शहर में अगले कुछ दिनों में 400 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज की नयी परियोजना शुरू की जाएगी जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी दूर होगी। सूबे के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समारोह के मंच से कहा कि राजस्थान के प्रतापगढ़ से मादक पदार्थ इंदौर पहुंच रहे हैं और उन्हें पड़ोसी सूबे के उन लोगों के नाम भी पता चल गए हैं कि जो इन चीजों के अवैध कारोबार में शामिल हैं। इंदौर, विजयवर्गीय का गृहनगर है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के अंतरप्रांतीय कारोबार से जुड़े लोग मध्यप्रदेश के नौजवानों को बर्बाद करने में लगे हैं और इन्हें गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री यादव ने विजयवर्गीय की बात का संज्ञान लेते हुए कहा,‘‘मध्यप्रदेश सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए गंभीर है। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।" उन्होंने कहा, “मेरी सरकार पुलिस और प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की पूरी छूट देती है।''
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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 रोधी टीका लगाए जाने के कारण खून में थक्का बनने जैसे दुष्प्रभाव होने का आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। भारत के प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका सिर्फ सनसनी फैलाने के इरादे से दायर की गई है। पीठ ने कहा, ‘‘इस पर कार्रवाई के लिए मुकदमा दायर करें। इसका क्या उपयोग है? कृपया यह भी समझें कि अगर आप टीका नहीं लेते हैं तो इसका क्या दुष्प्रभाव होगा। हम इस मुद्दे पर सुनवाई नहीं करना चाहते, यह सिर्फ सनसनी पैदा करने के लिए है।'' प्रिया मिश्रा एवं अन्य याचिकाकर्ताओं ने यह याचिका दायर की थी।
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मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में प्रवेश के लिए सभी पांच टोल बूथ पर हल्के मोटर वाहनों के लिए टोल शुल्क पूरी तरह समाप्त करने की सोमवार को घोषणा की। शिंदे ने मुंबई में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि टोल शुल्क सोमवार मध्यरात्रि से समाप्त किया जाएगा। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या पर भी दुख जताया और इस संबंध में एक शोक प्रस्ताव पारित किया। -
नयी दिल्ली. उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार को ‘एयर प्यूरीफायर' (हवा को शुद्ध करने वाली मशीन) के बारे में ‘झूठे दावे' करने के लिए इनके विनिर्माताओं की आलोचना की। केंद्रीय मंत्री ने सर्दियों से पहले उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया, जब पड़ोसी राज्यों में फसलों के ठूंठ (पराली) जलाने के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। विश्व मानक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जोशी ने कुछ एयर प्यूरीफायर कंपनियों द्वारा अपनाई गई ‘भ्रामक विपणन रणनीति' पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “वायु प्रदूषण पर चर्चा शुरू हो गई है। मोबाइल पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) देखकर लोग डर के मारे एयर प्यूरीफायर खरीद लेते हैं। एयर प्यूरीफायर वाले ऐसे झूठे दावे करते हैं। ...हम एयर प्यूरीफायर देखते हैं और बहुत कुछ लिखा होता है लेकिन उसमें कुछ नहीं होता। उसमें बस एक पंखा होता है, फिर भी दावे किए जाते हैं।” जोशी ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और उपभोक्ताओं को शामिल करते हुए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। हाल के वर्षों में बीआईएस द्वारा किए गए ‘असाधारण शानदार काम' की प्रशंसा करते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस दिशा में और अधिक काम किए जाने की आवश्यकता है। मंत्री ने भ्रामक उत्पाद दावों से निपटने में सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा, “मैं इसके लिए बीआईएस को दोष नहीं देता। पिछले कुछ वर्षों में बीआईएस ने असाधारण रूप से शानदार काम किया है। लेकिन बीआईएस और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और उपभोक्ताओं दोनों को मिलकर जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। यह महत्वपूर्ण है, और मैं दृढ़ता से ऐसा महसूस करता हूं।” उन्होंने हर भारतीय को सुरक्षित, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब प्रमुख भारतीय शहरों में वायु गुणवत्ता और एयर प्यूरीफायर बाजार के विस्तार को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। जोशी ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल पर सार्वजनिक खरीद के लिए बीआईएस मानकों को अनिवार्य बनाने की योजना की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, “जीईएम पर बीआईएस मानकों को आंशिक रूप से लागू किया गया है। हम इसे अनिवार्य बनाने की कोशिश करेंगे। -
नयी दिल्ली. दुनिया में पहली बार एक महाद्वीप से ला कर दूसरे महाद्वीप में चीतों को बसाने की परियोजना के तहत अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों को अक्टूबर के आखिर में चरणबद्ध तरीके से मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों में छोड़ने की शुरुआत की जाएगी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अग्नि-वायु नाम के चीतों को सबसे पहले पालपुर पूर्वी रेंज में छोड़ा जाएगा जबकि प्रभास-पावक को जंगल के दूसरे हिस्से में छोड़ा जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि केवल नर चीतों को छोड़ने की स्थिति में बाड़े के पास भीड़ होगी और उनमें संघर्ष हो सकता है क्योंकि वे मादा चीतों की तलाश में आएंगे। इसलिए जरूरी है कि नर के साथ मादा चीतों को भी छोड़ा जाए। अधिकारियों ने बताया कि गांधीसागर वन्य जीव अभयारण्य भारत में चीतों का दूसरा घर होगा क्योंकि चीतों के नये झुंड का स्वागत करने के लिए यह तैयार है। उन्होंने बताया कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कुल 20 चीते लाए गए हैं। इनमें से आठ चीते सितंबर 2022 में नामीबिया से लाए गए जबकि 12 चीते फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से लाए गए। अधिकारियों ने बताया कि भारत लाए गए 20 चीतों में से आठ वयस्क चीतों (तीन मादा और पांच नर) की मौत हो गई। वहीं, भारत आने पर 17 शावकों का जन्म हुआ जिनमें से 12 जीवित हैं। इस प्रकार कूनो में इस समय शावकों सहित कुल 24 चीते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस समय ये चीते 0.5 से 1.5 वर्ग किलोमीटर के बाड़े में है जबकि चीतों को नैसर्गिक अवस्था में रहने के लिए आमतौर पर 50 वर्ग किलोमीटर से अधिक का वन क्षेत्र चाहिए। चीतों को शुरुआत में वन में छोड़ा गया था लेकिन तीन चीतों (नामीबिया से लाई गई तिबलिसी और दक्षिण अफ्रीका से लाए तेजस और सूरज) की संक्रमण से मौत के बाद पिछले साल अगस्त में उन्हें दोबारा बाड़े में लाया गया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि और चीते लाने के लिए दक्षिण अफ्रीक और केन्या से बातचीत अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा कि ‘‘ भारत में चीतों के पुनर्वास की कार्ययोजना'' के तहत दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और अन्य अफ्रीकी देशों से पांच साल या अच्छी खासी संख्या होने तक हर साल 12 से 14 चीते लाए जाने हैं। अधिकारी गुजरात के बन्नी घासमैदान में संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र स्थापित कर रहे हैं जहां केन्या से चीते लाए जाने की संभावना है। चीता परियोजना को लेकर 2023-24 की आई वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का लक्ष्य मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच अगले 25 साल में कूनो-गांधीसागर वन क्षेत्र में अंतर राज्य चीता संरक्षण परिसर स्थापित करने का है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने रविवार को कहा कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर में रत्न भंडार की तकनीकी सर्वेक्षण रिपोर्ट जल्द ही जारी होने की संभावना है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सितंबर में यह कवायद की थी, जिसमें रत्न भंडार (भगवान जगन्नाथ के खजाने का कक्ष) का ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रेडार (जीपीआर) सर्वेक्षण भी शामिल था। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य सरकार को अगले तीन से चार दिनों में जीपीआर सर्वेक्षण रिपोर्ट मिल जाएगी...अगर कीमती सामान का कोई छिपा हुआ भंडार पाया जाता है, तो हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे। अन्यथा, एएसआई रत्न भंडार की मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम शुरू कर देगा।'' रत्न भंडार को 46 साल के अंतराल के बाद जुलाई में खोला गया था, ताकि कीमती सामानों की सूची का जायजा लिया जा सके और रत्न भंडार की मरम्मत की जा सके। खजाने के आंतरिक और बाहरी कक्षों से आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुओं को मरम्मत कार्य के लिए मंदिर के अंदर एक अस्थायी स्ट्रांग रूम में संग्रहीत किया गया है। हरिचंदन ने कहा कि जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने और सूची तैयार होने के बाद कीमती सामान को रत्न भंडार में वापस रखा जाएगा।
- कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में साबरमती एक्सप्रेस के पटरी से उतरने और कालिंदी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की कोशिश समेत हाल में हुए ट्रेन संबंधी हादसों में पुलिस की जांच में किसी आतंकवादी मंशा या वारदात की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच से पता चला है कि ट्रेन के पटरी से उतरने और अन्य रेलगाड़ियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें दरअसल शरारती हरकतें थीं, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीर प्रकृति के मामले माना है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) राजेश कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि गत 17 अगस्त को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और आठ सितंबर को ट्रेन के सामने रसोई गैस सिलेंडर रखे जाने के मामले की जांच में किसी आतंकवादी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘हाल में रेल की पटरियों पर खंभा, गैस सिलेंडर और अग्निशामक यंत्र समेत कई खतरनाक वस्तुएं रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं लेकिन अभी तक हुई जांच में उनके पीछे कोई आतंकी मंशा सामने नहीं आयी है।'' गत 17 अगस्त को अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन कानपुर के गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर रखी किसी चीज से टकरा गया था। उसके बाद ट्रेन के 20 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था। इसके बाद आठ सितंबर को कानपुर के शिवराजपुर इलाके में प्रयागराज से भिवानी जा रही कालिंदी एक्सप्रेस का इंजन पटरी पर रखे रसोई गैस सिलेंडर से टकरा गया था।
- नयी दिल्ली. भाजपा संसदीय बोर्ड ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को हरियाणा में राज्य विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तीसरी बार जीत हासिल की है। चुनाव के नतीजे आठ अक्टूबर को घोषित किए गए थे। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 48 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 37 सीटें जीतीं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक बयान में कहा कि संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को जम्मू-कश्मीर में विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस 42 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और 95 सदस्यीय सदन में उसे आसान बहुमत हासिल है, क्योंकि उसके गठबंधन सहयोगियों कांग्रेस और माकपा ने क्रमशः छह और एक सीट जीती है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अब तक की सबसे अधिक 29 सीटें हासिल की हैं।
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बागपत. उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में ‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे' पर रविवार को एक तेज रफ्तार ट्रक और कैंटर की टक्कर में सड़क किनारे खड़े तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। खेकड़ा के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने बताया कि हादसा बागपत के थाना चांदीनगर क्षेत्र के लहचौड़ा गांव के पास ‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे' पर रविवार तड़के करीब पांच बजे हुआ है। मृतक के परिजन के मुताबिक, तेज रफतार ट्रक चालक की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान हापुड़ निवासी नन्हे (35) , राजा (37) और गाजियाबाद निवासी अकील (39) के रूप में हुई हैं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों की शिकायत पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। -
प्रधानमंत्री मोदी ने गतिशक्ति पर कहा
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि ‘पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान' भारत के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरा है तथा इससे विभिन्न क्षेत्रों में तेज और अधिक प्रभावी विकास हुआ है। पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए 13 अक्टूबर 2021 को शुरू किया गया था। पीएम गतिशक्ति आर्थिक वृद्धि और सतत विकास के लिए एक परिवर्तनकारी पहल है जो सात ‘इंजनों' - रेलवे, सड़क, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाईअड्डे, बड़े पैमाने पर परिवहन और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे द्वारा संचालित है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान भारत के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने के उद्देश्य से एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरा है। इसने मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में तेज और अधिक प्रभावी विकास हुआ है।'' उन्होंने कहा कि विभिन्न हितधारकों के निर्बाध एकीकरण से लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिला है, विलंब कम हुआ है और कई लोगों के लिए नए अवसर उत्पन्न हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘गतिशक्ति के कारण भारत विकसित भारत के हमारे सपने को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रगति, उद्यमशीलता और नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।'' मोदी ने ‘एक्स' पर पोस्ट में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भी टैग किया। गोयल ने इस पहल के तीन साल पूरे होने पर इसकी सराहना की। गोयल ने कहा, ‘‘आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान शुरू किए तीन साल पूरे हो गए हैं। लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करने और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाकर, यह अग्रणी पहल तेजी से और अधिक कुशल परियोजना कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है।'' उन्होंने कहा कि यह एक आधुनिक, परस्पर जुड़े बुनियादी ढांचे के नेटवर्क को विकसित करने, विकसित भारत के निर्माण के दृष्टिकोण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। -
नयी दिल्ली. लद्दाख के आसमान में हाल में लालिमा या हरे रंग की ध्रुवीय ज्योति देखी गई जो आमतौर पर उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्रों में दिखाई देती है। यह घटना हमारी अतंरिक्ष मौसम की निगरानी करने की कोशिशों को मान्यता देती है। यह कहना है खगोलशास्त्रियों की उस टीम का जिसने इस दुलर्भ खगोलीय घटना का पूर्वानुमान 48 से 72 घंटे पहले जता दिया था। उन्होंने बताया कि 10-11 अक्टूबर की दरमियानी रात को आसमान में चटक लाल रंग की प्रकाश किरणें दिखाई दीं जो हाल में हुई ध्रुवीय ज्योति (ऑरोरल) दृश्यों की श्रृंखला में नवीनतम थी। इससे पहले इस वर्ष 11 मई को तथा 2023 में पांच नवंबर और 10 मई को ऐसी घटना रिकॉर्ड की गई थी। बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए) के लद्दाख के हान्ले और मेराक में स्थित सभी आकाशीय कैमरों ने पूरी रात ध्रुवीय ज्योति की तस्वीरें खींचीं। कोलकाता में स्थित विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) के अंतरिक्ष विज्ञान उत्कृष्टता केंद्र (सीईएसएसआई) के प्रमुख दिव्येंदु नंदी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘ ध्रुवीय ज्योति का दिखना इस बात की पुष्टि है कि हम सही रास्ते पर हैं। इससे अंतरिक्ष में चरम मौसम की घटनाओं की भविष्यवाणी करने में हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है, जो पृथ्वी पर सभी प्रकार की उपग्रह आधारित सेवाओं को संभावित रूप से खतरे में डाल सकती हैं, जिससे आधुनिक समाज में ठहराव आ सकता है।'' अंतरिक्ष एजेंसियां और संगठन, जैसे कि राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए), अमेरिका, सूर्य से होने वाली तरंगों के बारे में समय पर जानकारी देने के लिए अंतरिक्ष मौसम की निगरानी करते हैं क्योंकि ये संभवतः संचार प्रणाली को बाधित कर सकते हैं और उपग्रहों को निष्क्रिय कर सकते हैं। नंदी ने कहा कि हालांकि ध्रुवीय ज्योति अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है, लेकिन लद्दाख जैसे निचले अक्षांशीय क्षेत्रों में इसका घटित होना सौर तूफानों के रूप में बढ़ती सौर गतिविधि का संकेत है, जिसे ‘कोरोनल मास इजेक्शन' या सीएमई के रूप में जाना जाता है। सौर तूफान समय-समय पर तब आते हैं जब सूर्य की आंतरिक ‘डायनेमो' प्रक्रिया जो इसका चुंबकीय क्षेत्र बनाती है - तीव्र और कमजोर होती है। सौर गतिविधि का चक्र आम तौर पर 11 साल तक चलता है। सीईएसएसआई की टीम ने 2018 में भविष्यवाणी की थी कि वर्तमान सौर गतिविधि चक्र 2024 में चरम पर होगा, यह निष्कर्ष ‘नेचर कम्युनिकेशंस' पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। उक्त टीम में नंदी भी बतौर सदस्य शामिल थे। नंदी ने कहा, ‘‘हालांकि, हम यह पता लगाने के लिए सौर गतिविधि पर नज़र रखना जारी रखेंगे कि क्या वर्तमान चक्र वास्तव में चरम पर पहुंच गया है।'' ध्रुवीय ज्योति (ऑरोरा) तब उत्पन्न होती है जब सूर्य से आने वाले आवेशित कण पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के संपर्क में आते हैं जो हानिकारक सौर और ब्रह्मांडीय किरणों के विरुद्ध ढाल का काम करता है। यह घटना सबसे अधिक कनाडा, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, अलास्का और रूस के सुदूर उत्तरी क्षेत्रों तथा आइसलैंड और ग्रीनलैंड में देखी जाती है। नंदी ने कहा कि हाल ही में ध्रुवीय ज्योति मैक्सिको और जर्मनी के निम्न-अक्षांश क्षेत्रों में भी देखी गयी थीं।
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अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रविवार को एक बाइक के सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराने के कारण मोटरसाइकिल पर सवार चार नाबालिगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मयंक पाठक ने बताया, “बुलंदशहर जिले के डिबाई क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले चारों नाबालिग शनिवार देर रात अलीगढ़ में दशहरा उत्सव देखकर वापस अपने घर लौट रहे थे।'' पाठक ने बताया कि पुलिस का एक गश्ती वाहन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और घायलों को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान विकास, यश, सुनील और रवि के रूप में हुई है।
मृतक यश के दादा हरि ओम शर्मा ने बताया कि उन्हें पुलिस से एक फोन आया और मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट के माध्यम से उसकी पहचान की। शर्मा ने बताया कि चारों करीबी पारिवारिक मित्र थे और एक ही मोटरसाइकिल पर एक सवार थे। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। -
तिरुवनंतपुरम. केरल में रविवार को विजया दशमी के अवसर पर मंदिरों में ‘विद्यारंभम' अनुष्ठान आयोजित कर छोटे बच्चों का परिचय अक्षरों से कराया गया। विद्यारंभम नौ-दिवसीय वार्षिक नवरात्र उत्सव के समापन का प्रतीक है। इस दक्षिणी राज्य में विजया दशमी को ‘विद्यारंभम', अर्थात शिक्षा के प्रारंभ के दिन के रूप में मनाया जाता है। रीति-रिवाज के अनुसार, विद्वान, लेखक, शिक्षक, पुजारी और समाज के अन्य प्रमुख व्यक्ति राज्य भर के मंदिरों और सांस्कृतिक केंद्रों में बच्चों को, आमतौर पर दो से तीन वर्ष की आयु के बच्चों को, ‘हरि श्री गणपतये नमः' मंत्र के साथ उनका पहला अक्षर लिखवाते हैं।
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने यहां राजभवन में कई बच्चों को अक्षर ज्ञान की शिक्षा दी, जहां समारोह के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। खान ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “दुनिया भर के केरलवासियों को विजया दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। उन सभी बच्चों को मेरी शुभकामनाएं जो विद्यारंभम- अक्षर और ज्ञान की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी अपने आवास पर बच्चों को अक्षर और ज्ञान की दुनिया से परिचित कराया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और सीखने का माहौल बनाया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा और ज्ञान सामाजिक प्रगति में योगदान देने वाले कुछ मुख्य कारक हैं। विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमशीर और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने भी बच्चों को अक्षरों की दुनिया से परिचित कराया। कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर भी यहां बच्चों को अक्षरों की दुनिया से रू-ब-रू कराते नजर आए। केरल के दिवंगत मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता ओमन चांडी के बेटे चांडी ओमन भी यहां एक मंदिर में बच्चों को अक्षरों की दुनिया से परिचित कराते देखे गए। राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भी अपने घर पर बच्चों को अक्षरों की दुनिया से परिचित कराया। इस अनुष्ठान के लिए बड़ी संख्या में माता-पिता अपने बच्चों को लेकर मंदिर पहुंचे थे। इस अवसर पर मंदिरों, विशेषकर विद्या और कला की देवी सरस्वती को समर्पित मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। -
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने सभी केन्द्रीय विभागों, राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों से इस महीने की 24 तारीख को संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर सभी महत्वपूर्ण भवनों के ऊपर राष्ट्रीय ध्वज के साथ संयुक्त राष्ट्र का ध्वज लगाने का आग्रह किया है। मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास, संसद भवन, सर्वोच्च न्यायालय भवन, राज भवनों, राज निवासों, विधान परिषद भवनों, विधानसभाओं और उच्च न्यायालयों पर संयुक्त राष्ट्र का ध्वज नहीं लगाया जाएगा।










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