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नई दिल्ली। ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कई बार लोग ट्रेन में सफर करने के लिए ऑनलाइन टिकट करवाते हैं लेकिन कई बार टिकट बुक कराने पर कंफर्म टिकट नहीं मिलता है। ऐसे में टिकट के पैसे तो कट जाते हैं लेकिन कंफर्म न होने की स्थिति में रिफंड का प्रोसेस करना पड़ता है। लेकिन अब इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (Indian Railway Catering and Tourism Corporation – IRCTC इस समस्या का हल लेकर आ गया है। वेटिंग टिकट होने पर आपके पैसे सिर्फ तभी कटेंगे जब आपका टिकट कंफर्म हो जाएगा। I RCTC अब ऑटो पे फीचर की सुविधा लेकर आया है. इसके जरिए पैसा तभी कटेगा, जब टिकट कंफर्म होगा।अगर आपकी सीट कंफर्म नहीं होती तो आपके पैसे आपके अकाउंट में ही रहेंगे। आईआरसीटीसी के ऐप या वेबसाइट पर पेमेंट गेटवे वाले ऑप्शन में यह फीचर सबसे ऊपर दिखाई देगा।
कैसे काम करता है iPay Autopay फीचरऐप के जरिए टिकट बुक करने पर आपको तुरंत पेमेंट करने की जरूरत नहीं रहती है। इसमें आपके टिकट ते अमाउंट के बराबर पैसे ब्लॉक हो जाते हैं। अगर टिकट कंफर्म हुआ तब आपके अकाउंट से पैसे कट जाएंगे, अगर टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो ऐसे में आपके टिकट के लिए होल्ड पैसे रिलीज हो जाते हैं। और आपको रिफंड के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता।कैसे होगा फायदाइससे सबसे ज्यादा फायदा सिर्फ उन लोगों को होगा जो रेलवे ई-टिकट बुक कर रहे हैं या वेटिंग लिस्ट वाले जनरल या तत्काल टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं। वेटलिस्ट वालों को ऑटोपे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। टिकट कंफर्म नहीं होने पर अकाउंट से पैसे कटने का जोखिम खत्म हो जाता है। -
नई दिल्ली। सुलतानपुर जिले की सांसद-विधायक अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी करने से संबंधित मानहानि मामले में मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को जमानत दे दी। राहुल अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में व्यस्त होने के कारण 18 जनवरी को सांसद-विधायक विशेष अदालत की पिछली सुनवाई में शामिल नहीं हो सके थे।
गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि राहुल सांसद-विधायक अदालत के न्यायाधीश योगेश यादव के समक्ष पेश हुए और ‘बेल बॉण्ड’ भरने के बाद 25-25 हजार रुपये के दो मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी गई।शुक्ला ने बताया कि मामले में अगली सुनवाई दो मार्च को होगी। कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के तहत अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र अमेठी में सोमवार को रात्रि प्रवास के अगले ही दिन राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सुलतानपुर की सांसद-विधायक अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि राहुल ठीक 11 बजे अदालत में दाखिल हुए और जमानत मिलने के बाद 11 बजकर 25 मिनट पर बाहर निकले आये जिसके बाद वह रायबरेली की तरफ निकल गए।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजय मिश्रा ने राहुल के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर कराया था। इसमें आरोप लगाया कि आठ मई 2018 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री को हत्या का ‘‘अभियुक्त’’ कहा था।शिकायतकर्ता ने गांधी की उस टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि ईमानदार और स्वच्छ राजनीति में विश्वास करने का दावा करने वाली भाजपा के अध्यक्ष हत्या के एक मामले में ‘‘आरोपी’’ हैं। जब गांधी ने यह टिप्पणी की तब शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।हालांकि, राहुल गांधी की टिप्पणी से लगभग चार साल पहले ही मुंबई की एक विशेष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अदालत ने वर्ष 2005 के एक फर्जी मुठभेड़ के मामले में शाह को बरी कर दिया था।इसके पहले संवाददाताओं से बातचीत में मंगलवार को भाजपा नेता विजय मिश्रा ने कहा, ‘‘ राहुल गांधी ने अमित शाह को ‘‘हत्यारा’’ कहा था, तमाम अपशब्द कहे थे, उसे लेकर हमने एक परिवाद दाखिल की थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को हत्यारा कहा जाना अनुचित है। इससे हमें काफी ठेस पहुंची जिसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं ने दबाव बनाया और हमने परिवाद दाखिल की।’’ मिश्रा ने कहा, ‘‘ न्यायालय ने कई बार उनको समन जारी किया। उन्होंने उसकी अनदेखी की और आज वह उसी मामले में संभवत: अदालत में पहुंच रहे हैं।’’ - संभल (उप्र):। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि समय का चक्र बदल गया है और देश न केवल अपनी प्राचीन मूर्तियों को विदेशों से वापस ला रहा है बल्कि रिकॉर्ड विदेशी निवेश भी प्राप्त कर रहा है।उत्तर प्रदेश के संभल में श्री कल्कि धाम मंदिर की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ तीर्थ स्थलों का विकास किया जा रहा है तो दूसरी तरफ शहरों में अत्याधुनिक अवसरंचनाएं तैयार हो रही हैं।मोदी ने कहा,''आज एक ओर हमारे तीर्थो का विकास हो रहा हैं, तो दूसरी ओर शहरों में हाईटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो रहा हैं । आज अगर मंदिर बन रहे हैं तो देश भर में नये मेडिकल कॉलेज भी बन रहे हैं । आज विदेशों से हमारी प्राचीन मूर्तियां भी वापस लाई जा रही हैं, और रिकॉर्ड संख्या में विदेशी निवेश भी आ रहा हैं । यह परिवर्तन, प्रमाण इस बात का है कि समय का चक्र घूम चुका हैं । एक नया दौर आज हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। यह समय है कि हम उस आगमन का दिल खोलकर स्वागत करें।''प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमृत काल में राष्ट्र निर्माण के लिए पूरी सहजता, शताब्दी का यह संकल्प केवल एक अभिलाषा भर नहीं हैं । उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा संकल्प हैं जिसे हमारी संस्कृति ने हर कालखंड में जी कर दिखाया हैं ।उन्होंने कहा,''पिछले महीने ही देश ने अयोध्या में 500 साल के इंतज़ार को पूरा होते देखा है। रामलला के विराजमान होने का वो अलौकिक अनुभव, वो दिव्य अनुभूति अब भी हमें भावुक कर जाती है। इसी बीच हम देश से सैकड़ों किमी दूर अरब की धरती पर, अबू धाबी में पहले विराट मंदिर के लोकार्पण के साक्षी भी बने हैं।''प्रधानमंत्री ने कहा,'' इसी कालखंड में हमने विश्वनाथ धाम के वैभव को निखरते देखा है। इसी कालखंड में हम काशी का कायाकल्प होते देख रहे हैं। इसी दौर में महाकाल के महालोक की महिमा हमने देखी हैं। हमने सोमनाथ का विकास देखा है, केदार घाटी का पुनर्निर्माण देखा है । हम विकास भी, विरासत भी के मंत्र को आत्मसात करते हुए चल रहे हैं ।'' आज हम देश में जो सांस्कृतिक पुनरोदय देख रहे हैं, आज अपनी पहचान पर गर्व और उसकी स्थापना का जो आत्मविश्वास देख रहे हैं, वो प्रेरणा हमें छत्रपति शिवाजी महाराज से ही मिलती है।प्रधानमंत्री ने कहा,''आज पहली बार भारत उस मुकाम पर है, जहां हम अनुसरण नहीं कर रहे, उदाहरण पेश कर रहे हैं। आज पहली बार भारत को टेक्नोलॉजी और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में संभावनाओं के केंद्र के रूप में देखा जा रहा हैं । हमारी पहचान इनोवेशन हब के तौर पर हो रही हैं ।''उन्होंने कहा,''आज हमारी शक्ति भी अनंत है और हमारे लिए संभावनाएं भी अपार हैं। पहली बार भारत का नागरिक, चाहे वह दुनिया के किसी भी देश में हो, अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता है । देश में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का यह ज्वार अदभुत है। इसलिए हमारी शक्ति भी अनंत है, और हमारे लिए संभावनाएं भी अपार हैं ।''मोदी ने मंदिर के एक मॉडल का भी अनावरण किया। इस दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम भी उपस्थित रहे।श्री कल्कि धाम का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण न्यास द्वारा किया जा रहा है जिसके अध्यक्ष कृष्णम हैं।इस कार्यक्रम में देशभर से संतों और धार्मिक नेताओं ने भाग लिया।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी लोकसभा चुनाव की तुलना रविवार को महाभारत के युद्ध से की और कहा कि जहां एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) देश के विकास के लिए काम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नीत ‘इंडिया' गठबंधन परिवारवादी पार्टियों और भ्रष्टाचारियों से भरा पड़ा है। भाजपा के दो दिवसीय अधिवेशन के आखिरी दिन ‘भाजपा: देश की आशा, विपक्ष की हताशा' प्रस्ताव पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने वंशवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन की कड़ी आलोचना की। शाह ने कहा, ‘‘जैसे महाभारत के युद्ध में दो खेमे थे... कौरव और पांडव थे, वैसे ही चुनाव से पहले अभी दो खेमे हैं।'' उन्होंने कहा कि इनमें से एक खेमा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राजग है और दूसरा कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘इंडिया' गठबंधन है। उन्होंने कहा, ‘‘‘इंडिया' गठबंधन सभी वंशवादी पार्टियों का गठबंधन है जो वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण की पोषक हैं जबकि भाजपा नीत राजग सभी दलों का गठबंधन है जो राष्ट्र के सिद्धांतों पर चलता है।'' शाह ने कहा कि देश के लोगों को यह तय करना होगा कि वे इस बार दोनों में से किसे जनादेश देना चाहते हैं।उन्होंने इन (वंशवादी) पार्टियों को चलाने वाले परिवारों की दूसरी, तीसरी और चौथी पीढ़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि विपक्ष में ‘टू-जी', ‘थ्री-जी' और ‘फोर-जी' पार्टियों की भरमार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया है और वैश्विक स्तर पर देश का कद बढ़ाया है। शाह ने कहा कि लोगों के मन में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार सत्ता में लौटेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों की वंशवाद, भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और जाति की राजनीति को समाप्त कर विकास की राजनीति को केंद्र में ला दिया। शाह ने देश की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।उन्होंने सोनिया गांधी, शरद पवार, लालू प्रसाद और एम.के. स्टालिन एवं अन्य का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी गरीबों और देश के विकास के बारे में सोचते हैं जबकि ‘इंडिया' गठबंधन के नेता अपनी संतान को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनाने के बारे में सोचते हैं। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों के शासन के दौरान हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है।'' बैठक में मोदी-मोदी के नारे के बीच उन्होंने कहा कि मोदी के खिलाफ परिवारवादी पार्टियों के सभी ‘राजकुमार' एक साथ आ गए हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि केवल शक्तिशाली परिवार से ही कोई व्यक्ति इस शीर्ष पद पर आसीन हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ परिवार द्वारा चलाई जाने वाली पार्टियां हैं और दूसरी तरफ गरीब मां का बेटा है।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हर चीज का विरोध करते हैं, चाहे वह अनुच्छेद 370 को निरस्त करना हो, तीन तलाक पर प्रतिबंध हो, संशोधित नागरिकता कानून हो या संसद के नए भवन का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राम मंदिर का निमंत्रण ठुकरा दिया।शाह ने कहा कि अगर भाजपा में परिवार द्वारा संचालित राजनीति पार्टी होती तो चाय बेचने वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री नहीं बनता। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी के 10 वर्षों में आज देश विकसित भारत का स्वप्न लेकर आगे बढ़ रहा है। दूर-दूर तक ‘घमंडिया' गठबंधन को सत्ता प्राप्ति की संभावना नहीं दिखती है। इस वजह से वो आज हर चीज का विरोध करने लगे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज आप सबके माध्यम से भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि अगले चुनाव में दो खेमें आमने-सामने हैं। एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में राजग है तो दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्व में सारी परिवारवादी पार्टियों का ‘घमंडिया' गठबंधन। ये ‘घमंडिया' गठबंधन भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति का पोषक है और भाजपा एवं राजग राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलने वाला गठबंधन है।'' पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। भाजपा के प्रस्ताव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेताओं की अमर्यादित टिप्पणियों से देश की मौलिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने की बात कही गई है। द्रमुक नेताओं द्वारा सनातन धर्म की आलोचना के मद्देनजर यह उल्लेख किया गया। प्रस्ताव में दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में आप नेताओं की गिरफ्तारी और पश्चिम बंगाल में महिलाओं और अन्य के खिलाफ हिंसा का भी उल्लेख है। पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में शुमार शाह ने अपने संबोधन में जहां एक तरफ मोदी के 'बेदाग' नेतृत्व पर प्रकाश डाला, वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन को 'भ्रष्ट' करार दिया। विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर संस्थाओं को कमजोर करने का अक्सर आरोप लगाये जाने का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संस्थाओं को जितना नुकसान पहुंचाया, उतना कोई और नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो न्यायपालिका जैसी संस्थाओं तक को नहीं बख्शा।शाह ने आपातकाल का हवाला देते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि इसने 90 बार राज्य सरकारों को बर्खास्त किया, उनमें से 50 बार अकेले इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकारों ने किया। उन्होंने दावा किया, ''100 साल बाद भी, निर्वाचित सरकारों को गिराने में कांग्रेस के रिकॉर्ड का कोई भी मुकाबला नहीं कर पाएगा। शाह ने कहा कि सरकार ने शहरी और ग्रामीण विकास, विदेश नीति और रक्षा आवश्यकताओं, विकास और गरीबों के कल्याण जैसे मुद्दों के बारे में पहले की भ्रांतियों को पाट दिया है और देश का समग्रता में विकास सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने का काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे। गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी सरकार के 3.0 के तहत भारत उनसे पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सत्ता हासिल करने के लिए आंदोलन किए हैं, लेकिन भाजपा ने हमेशा देश के लिए ऐसा किया है, चाहे वह अनुच्छेद 370 हटाने का अभियान हो, राम मंदिर निर्माण हो या गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने का अभियान हो।
- नयी दिल्ली। मुगल शासक बहादुर शाह जफर और ‘चाट' के बीच संबंध या ‘लड्डुओं' के औषधीय उद्देश्यों को बयां करने वाली एक नयी पुस्तक, ‘इंडिया अनबॉक्स्ड: वी आर लाइक दिस ओनली' में राष्ट्र को परिभाषित करने वाले करीब 75 पहलुओं को शामिल किया गया है। बौद्धिक संपदा अधिकार मामलों के अधिवक्ता सफीर आनंद ने यह पुस्तक लिखी है जो सांस्कृतिक धरोहर और बहुआयामी भारतीय अस्मिता को परिभाषित करने वाली परंपरा का उल्लेख करती है। हाल में संपन्न हुए जयपुर साहित्य महोत्सव में नीति आयोग के प्रमुख अमिताभ कांत ने इसका आधिकारिक रूप से विमोचन किया था। आनंद ने एक बयान में कहा, ‘‘यह पुस्तक उन कई चीजों का उल्लेख करती है जो हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा हैं और भारत का निर्माण करती हैं जो भावनाओं, मनोरंजन और समावेशिता से भरा हुआ है।''
- बेंगलुरु। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय लक्षद्वीप को विकसित करने के लिए एक स्थायी पर्यटन विकास मॉडल अपनाएगा, हालांकि इस दौरान इसकी पारिस्थितिकी और पर्यावरण का खास ध्यान रखा जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। पर्यटन मंत्रालय, बेंगलुरु कार्यालय के निदेशक, मोहम्मद फारूक ने कहा कि घरेलू द्वीपों को बढ़ावा देने के अलावा, पर्यटन को विकसित करने के लिए भारत में कम लोकप्रिय स्थानों की पहचान की जा रही है और छोटे प्रचार कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय कम से कम कुछ समय के लिए इन कम ज्ञात गंतव्यों में बड़े पैमाने पर पर्यटन को प्रोत्साहित नहीं करना चाहता है, ताकि स्थानों की सुंदरता और पारिस्थितिक संवेदनशीलता बनी रहे। फारूक ने कहा, "हाल ही में, हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप का दौरा किया था। वह सबसे लोकप्रिय द्वीपों में शुमार है और वहां के समुद्र तट सुंदर हैं। यह (लक्षद्वीप) सबसे अच्छे समुद्र तटों वाले द्वीपों में से एक है। इसलिए हम लक्षद्वीप को बढ़ावा दे रहे हैं। एक पर्यटन स्थल के रूप में लक्षद्वीप के बारे में बहुत गहन अध्ययन हो रहा है। हम बहुत जल्द लक्षद्वीप में अच्छे होटल खोलेंगे।” उन्होंने कहा, "ताज होटल समूह वहां होटल बना रहा है। उन्होंने पहले ही काम शुरू कर दिया है और मुझे यकीन है कि एक या दो साल में समूह पर्यटकों को सेवाएं प्रदान करेगा।
- नोएडा (उप्र) ।. ‘पीएम युवा' योजना के लिए इस साल देशभर से चुने गए 30 साल से कम उम्र के 41 लेखकों में शामिल लेखक यशवर्धन शुक्ला इस बात से खुश हैं कि आखिरकार लोग लेखन में करियर की बेहतर संभावनाएं देख रहे हैं और अच्छे लेखन को महत्व दिया जाता है। ग्रेटर नोएडा में रहने वाले 23 वर्षीय शुक्ला को शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा कार्यान्वित इस वर्ष की ‘पीएम युवा' योजना के लिए सैकड़ों आवेदकों में से चुना गया है। इस योजना के तहत युवा लेखकों को प्रोत्साहन दिया जाता है।शुक्ला की दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उन्हें ‘‘दो बीघा डेमोक्रेसी: ए स्टडी ऑफ डेमोक्रेसी इन हिंदी सिनेमा'' नामक उनके प्रस्ताव के लिए चुना गया, जो हिंदी सिनेमा के इतिहास और 20 वीं सदी के आरंभ से ही भारतीय समाज के बदलाव में उनकी रुचि को दर्शाता है। एनबीटी ने कहा कि इस प्रस्ताव को अब ‘पीएम युवा मेंटरशिप' कार्यक्रम के तहत एक पूर्ण पुस्तक के रूप में विकसित किया जाएगा। यशवर्धन शुक्ला ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में अपने चयन से खुश हूं और मुझे लगता है कि यह एक अच्छा अवसर है। एक लेखक के रूप में मैंने अभी तक केवल फंतासी पर काम किया है। हालांकि, इस वर्ष प्रविष्टियां गैर-फंतासी के लिए होनी थीं, इसलिए यह मेरे लिए पहली बार था।'' शुक्ला ने बताया, ‘‘मेरी मां (एक स्कूल शिक्षिका) वास्तव में बहुत खुश हैं। आखिरकार उन्हें यह लगा कि करियर के रूप में लेखन में बहुत संभावनाएं हैं और अच्छे लेखन को महत्व दिया जाता है। यह देखकर मुझे खुशी होती है।''
- नयी दिल्ली। लाखों पाठकों और हजारों प्रकाशकों की भागीदारी के साथ भाषायी विविधता का जश्न मनाते हुए नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला रविवार को संपन्न हो गया। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से बताया गया कि वर्ष 2025 में यह मेला एक फरवरी से नौ फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। ‘नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया' के अध्यक्ष प्रोफेसर मिलिंद सुधाकर मराठे ने विश्व पुस्तक मेला-2024 के आयोजन को सफल बताते हुए कहा कि अगले वर्ष विश्व के श्रेष्ठ पुस्तक मेला आयोजकों के एक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा और अतिथि देश के साथ-साथ एक फोकस राज्य अथवा केंद्र-शासित प्रदेश के साहित्य का भी विशेष प्रदर्शन किया जाएगा।‘नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी), इंडिया' के निदेशक युवराज मलिक ने मेले के अंतिम दिन कहा, ‘‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2024 भारतीय प्रकाशन उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में सफल रहा। इस मेले में जहां एक ओर विश्व के सभी शीर्ष पुस्तक मेलों- फ्रेंकफर्ट (जर्मनी), बोलोनिया (इटली), अबूधाबी, लंदन, तुर्की, शारजाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया, वहीं आम जनता की भी भरपूर भागीदारी रही।'' उन्होंने यह भी बताया कि अगले विश्व पुस्तक मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं और इसे वर्ष 2025 में एक फरवरी से नौ फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। पुस्तक मेले के समापन पर एनबीटी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नौ दिवसीय नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में इस बार 700 से अधिक साहित्यिक और रचनात्मक कार्यक्रम हुए। नई दिल्ली राइट्स टेबल 2024 (एनडीआरटी) के 10वें संस्करण का आयोजन भी इस मेले के दौरान हुआ, जिसमें ‘बी2बी प्लेटफॉर्म' के जरिये प्रकाशकों को विचारों के आदान-प्रदान, कॉपीराइट पर विचार-विमर्श और अपनी प्रकाशन सामग्री के अधिकार को हस्तांतरित करने का अवसर दिया गया। विज्ञप्ति के अनुसार, 10वें संस्करण की बैठक में अंग्रेजी, हिंदी सहित सभी भारतीय और विदेशी भाषाओं की पुस्तकों के 60 से अधिक प्रकाशक शामिल थे। ‘सीईओ स्पीक' में बहुभाषी परिदृश्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया की ओर से एक तरफ जहां 'बुक्स फॉर ऑल' अभियान के तहत यूडीआईडी धारक दिव्यांग बच्चों को ब्रेल पुस्तकें वितरित करने की पहल दिखी, वहीं विभिन्न सरकारी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों की ओर से किए गए सामाजिक जागरूकता अभियान भी विश्व पुस्तक मेले का हिस्सा बने। मेले के आखिरी दिन साहित्यकार राम दरश मिश्र, पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार और साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार माधव कौशिक, लेखक अशोक वाजपेयी, लेखक ओम निश्चल, कवयित्री सविता सिंह, तुबिंगन विश्वविद्यालय, जर्मनी के प्राध्यापक दिव्यराज अमिय और उपन्यासकार प्रियंवद समेत सैकड़ों लेखकों और विचारकों ने मेले में शिरकत की। file photo
- तिरुवनंतपुरम। दहेज के नाम पर महिलाओं से क्रूर व्यवहार करने और उन्हें प्रताड़ना देने के बारे में सुनने से वर्षों पहले दक्षिण भारत के त्रावणकोर में एक दूरदर्शी रानी ऐसी भी थी जिसने दहेज की समस्या पर लगाम लगाने के लिए पहल की थी। प्राचीन अभिलेखों से इस बात की जानकारी मिली है। महारानी गौरी पार्वती बाई ने ब्राह्मण समुदाय में महिलाओं से शादी करने के लिए अत्यधिक 'वरदक्षिणा' (कुछ समुदायों में दहेज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द) मांगने की प्रथा पर सवाल उठाया और वर्ष 1823 में इसकी राशि को सीमित करने का एक फरमान जारी किया। यह क्रांतिकारी फैसला वर्ष 1815 से 1829 की अवधि के दौरान त्रावणकोर (वर्तमान दक्षिणी केरल) पर शासन करने वाली रानी ने लिया था। इतिहासकार बताते हैं कि यह फैसला इसलिए भी अपने आप में अधिक महत्व रखता था क्योंकि महारानी ने उस समय एक मौजूदा सामाजिक प्रथा में हस्तक्षेप किया और अपने देश की महिलाओं के पक्ष में निर्णय लिया भले ही उन्होंने दहेज पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया था। हाल के वर्षों में जिस तरह से राज्य भर में महिलाओं पर क्रूर हमलों और दहेज से संबंधित आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाएं सामने आ रही है ऐसे में दो शताब्दी से अधिक पुराना शाही फरमान अब भी केरल में महत्व रखता है। हाल ही में इस तरह की एक घटना सामने आई थी, जिसमें एक महिला चिकित्सक ने दहेज के रूप में ज्यादा सोना, लक्जरी कार और संपत्ति की मांग करने वाले मंगेतर के शादी से मुकर जाने के बाद आत्महत्या कर ली थी। आरोपी चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया गया था हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।महारानी का 19वीं शताब्दी का यह शाही फरमान अब भी राज्य अभिलेखागार में उपलब्ध है और इस बात का संकेत देता है कि यह खतरा दो शताब्दी पहले भी देश के इस हिस्से में गहराई तक जड़ें जमा चुका था। रानी पार्वती बाई ने अपने ऐतिहासिक आदेश में 19वीं शताब्दी के दौरान ब्राह्मण समुदाय के 'नंबूथिरी' और 'पोट्टी' वर्गों में महिलाओं की दुर्दशा की ओर इशारा किया। तत्कालीन सामाजिक प्रथाओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने अपने आदेश में कहा कि रियासत में प्रचलित व्यवस्था के अनुसार समुदाय की लड़कियों की शादी 10-14 वर्ष की आयु के भीतर कर दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा था, ''समुदाय के कई परिवार अपनी लड़कियों की शादी करने में असमर्थ थे क्योंकि दूल्हे द्वारा वरदक्षिणा के रूप में एक हजार से दो हजार फणम (एक प्रकार का पैसा) की मांग की जाती थी।'' उन्होंने 'वरदक्षिणा' के रूप में 700 'कलियान फणम' (एक प्रकार का धन) से अधिक न देने या फिर मांग करने को लेकर सख्त चेतावनी जारी की थी। समुदाय के सभी लोगों से शाही प्रशासन के फैसले का पालन करने का आग्रह करते हुए महारानी ने यह भी कहा था कि जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे उन्हें अदालत को सौंप दिया जाएगा और देश के कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा। यहां यूनिवर्सिटी कॉलेज में इतिहास विभाग के पूर्व प्रमुख शंकरनकुट्टी ने बताया, ''आम तौर पर रियासतों के तत्कालीन राजाओं और रानियों ने ऐसा निर्णय नहीं लिया होगा। इस लिहाज से शाही फरमान का बहुत महत्व है।'' मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा को लगता है कि वर्तमान सामाजिक व्यवस्था में कम से कम कुछ बदलाव लाने के लिए एक सख्त केंद्रीय कानून और दहेज की मांग व स्वीकृति को एक गंभीर अपराध बताने वाला एक व्यापक अभियान बहुत ही जरूरी है। शैलजा ने कहा, “संसद या विधानसभाओं में कानून पारित करना पर्याप्त नहीं है। उनके सकारात्मक परिणामों को आत्मसात करने की मानसिक स्थिति नागरिकों के मन और समाज में पैदा की जानी चाहिए।”
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नयी दिल्ली. लाखों पाठकों और हजारों प्रकाशकों की भागीदारी के साथ भाषायी विविधता का जश्न मनाते हुए नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला रविवार को संपन्न हो गया। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से बताया गया कि वर्ष 2025 में यह मेला एक फरवरी से नौ फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। ‘नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया' के अध्यक्ष प्रोफेसर मिलिंद सुधाकर मराठे ने विश्व पुस्तक मेला-2024 के आयोजन को सफल बताते हुए कहा कि अगले वर्ष विश्व के श्रेष्ठ पुस्तक मेला आयोजकों के एक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा और अतिथि देश के साथ-साथ एक फोकस राज्य अथवा केंद्र-शासित प्रदेश के साहित्य का भी विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। ‘नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी), इंडिया' के निदेशक युवराज मलिक ने मेले के अंतिम दिन कहा, ‘‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2024 भारतीय प्रकाशन उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में सफल रहा। इस मेले में जहां एक ओर विश्व के सभी शीर्ष पुस्तक मेलों- फ्रेंकफर्ट (जर्मनी), बोलोनिया (इटली), अबूधाबी, लंदन, तुर्की, शारजाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया, वहीं आम जनता की भी भरपूर भागीदारी रही।'' उन्होंने यह भी बताया कि अगले विश्व पुस्तक मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं और इसे वर्ष 2025 में एक फरवरी से नौ फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। पुस्तक मेले के समापन पर एनबीटी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नौ दिवसीय नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में इस बार 700 से अधिक साहित्यिक और रचनात्मक कार्यक्रम हुए। नई दिल्ली राइट्स टेबल 2024 (एनडीआरटी) के 10वें संस्करण का आयोजन भी इस मेले के दौरान हुआ, जिसमें ‘बी2बी प्लेटफॉर्म' के जरिये प्रकाशकों को विचारों के आदान-प्रदान, कॉपीराइट पर विचार-विमर्श और अपनी प्रकाशन सामग्री के अधिकार को हस्तांतरित करने का अवसर दिया गया। विज्ञप्ति के अनुसार, 10वें संस्करण की बैठक में अंग्रेजी, हिंदी सहित सभी भारतीय और विदेशी भाषाओं की पुस्तकों के 60 से अधिक प्रकाशक शामिल थे। ‘सीईओ स्पीक' में बहुभाषी परिदृश्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया की ओर से एक तरफ जहां 'बुक्स फॉर ऑल' अभियान के तहत यूडीआईडी धारक दिव्यांग बच्चों को ब्रेल पुस्तकें वितरित करने की पहल दिखी, वहीं विभिन्न सरकारी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों की ओर से किए गए सामाजिक जागरूकता अभियान भी विश्व पुस्तक मेले का हिस्सा बने। मेले के आखिरी दिन साहित्यकार राम दरश मिश्र, पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार और साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार माधव कौशिक, लेखक अशोक वाजपेयी, लेखक ओम निश्चल, कवयित्री सविता सिंह, तुबिंगन विश्वविद्यालय, जर्मनी के प्राध्यापक दिव्यराज अमिय और उपन्यासकार प्रियंवद समेत सैकड़ों लेखकों और विचारकों ने मेले में शिरकत की।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से अगले 100 दिनों तक नये जोश और आत्मविश्वास के साथ काम करने तथा नये मतदाताओं तक पहुंचने एवं उनका विश्वास जीतने का आह्वान किया ताकि लोकसभा चुनावों में मजबूत जनादेश के साथ पार्टी तीसरी बार भी सत्ता में आए। मोदी ने यहां भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि देश को अब बड़े सपने देखने होंगे और 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लिए बड़े संकल्प लेने होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें अगले पांच वर्षों की बहुत बड़ी भूमिका होने जा रही है। अगले पांच सालों में भारत को पहले से भी कई गुना तेजी से काम करना है। अगले पांच सालों में हमें विकसित भारत की तरफ एक लंबी छलांग लगानी है। इन सारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पहली शर्त है सरकार में भाजपा की जोरदार वापसी।'' भाजपा के दो-दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर से पार्टी के लगभग 10,000 सदस्यों ने भाग लिया।
भारत मंडपम में अपने 65 मिनट के भाषण में मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि उनमें वैचारिक या सिद्धांतों के आधार पर भाजपा का सामना करने का साहस नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘वह (कांग्रेस) इतनी हताश है कि उसमें सैद्धांतिक या वैचारिक विरोध का साहस भी नहीं बचा है। इसलिए गाली-गलौज और मोदी पर झूठे आरोप ही उनका एकमात्र एजेंडा बन गया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा को सिर्फ सरकार बनाने के लिए लोगों को नहीं जोड़ना है, बल्कि देश बनाने के लिए लोगों को जोड़ना है। मोदी ने कहा कि हर भारतीय के जीवन को बदलने और बहुत कुछ हासिल करने के लिए बहुत से निर्णय अभी बाकी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में भारत ने जो गति हासिल की है और बड़े लक्ष्य प्राप्त करने का जो हौसला पाया है...वह अभूतपूर्व है। इसलिए नहीं कि मैं कह रहा हूं। आज दुनिया गाजे-बाजे के साथ बोल रही है।'' उन्होंने कहा कि भारत ने आज हर क्षेत्र में जो ऊंचाई हासिल की है, उसने हर देशवासी को एक बड़े संकल्प के साथ जोड़ दिया है और यह संकल्प है ‘विकसित भारत' का। उन्होंने कहा, ‘‘अब देश छोटे सपने नहीं देख सकता है और ना ही देश अब छोटे संकल्प ले सकता है। सपने भी विराट होंगे और संकल्प भी विराट होंगे। हमारा सपना भी है और हम सब का संकल्प भी है कि हमें भारत को विकसित बनाना है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विपक्ष के नेता भी ‘अगली बार मोदी सरकार' बोल रहे हैं और ‘अगली बार राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार, 400 पार' के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजग को 400 पार करने के लिए भाजपा को 370 के मील का पत्थर पार करना ही होगा।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश मानता है 10 साल का उनका कार्यकाल आरोपमुक्त रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पच्चीस करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है।''
उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव होने बाकी हैं, लेकिन मेरे पास पहले से ही जुलाई, अगस्त और सितंबर के लिए विभिन्न देशों से निमंत्रण हैं। इसका मतलब है कि दुनिया भर के कई देश भी भाजपा सरकार की वापसी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।'' प्रधानमंत्री जब यह उल्लेख कर रहे थे तब कार्यकर्ता ‘आएगा तो मोदी ही' के नारे लगाने लगे।
उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाओं, गरीबों और युवाओं के सपने पूरे करना उनका मिशन है।
उन्होंने कहा, ''हमने देश को बड़े घोटालों और आतंकवादी हमलों से छुटकारा दिलाया और गरीबों तथा मध्यम वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के प्रयास किए। छत्रपति शिवाजी महाराज को अपनी प्रेरणा बताते हुए मोदी ने कहा कि वह अपने सुख और वैभव के लिए जीने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा सरकार का तीसरा कार्यकाल सत्ता भोगने के लिए नहीं मांग रहा हूं। मैं राष्ट्र का संकल्प लेकर निकला हुआ व्यक्ति हूं। अगर मैं अपने घर की चिंता करता तो आज करोड़ों गरीबों के घर नहीं बन पाते। मैं देश के करोड़ों बच्चों के भविष्य के लिए जीता हूं।'' उन्होंने कहा, ‘‘दस वर्षों में हमने जो हासिल किया वह एक पड़ाव मात्र है। मंजिल तक पहुंचाने का एक नया विश्वास है। हमें अभी देश और कोटि-कोटि भारतीयों के लिए और हर भारतीय के जीवन को बदलने के लिए बहुत कुछ हासिल करना है। इसके लिए बहुत से निर्णय अभी बाकी हैं।'' प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अगले सौ दिन नयी ऊर्जा, नयी उमंग, नये उत्साह, नये विश्वास और नये जोश के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘आज 18 फरवरी है और इस कालखंड में जो युवा 18 वर्ष के पड़ाव पर पहुंचे हैं वह देश की 18वीं लोकसभा का चुनाव करने वाले हैं। अगले 100 दिन हम सबको जुट जाना है। हर नये मतदाता तक पहुंचना है और हर लाभार्थी तक पहुंचना है। हर घर, समाज, पंथ और सब लोगों के पास पहुंचना है और हमें सबका विश्वास हासिल करना है।'' उन्होंने कहा कि और जब सबका प्रयास होगा तो देश की सेवा के लिए सबसे ज्यादा सीट भी भाजपा को ही मिलेगी।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस से देश को बचाना भाजपा के हर कार्यकर्ता का दायित्व है, क्योंकि उसका इतिहास सभी के सामने है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस अस्थिरता, परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की भी जननी है। सत्तर के दशक में जब देश में कांग्रेस के विरुद्ध गुस्सा बढ़ना शुरू हुआ तो उसने अस्थिरता का सहारा लिया। हर दल व नेता की सरकार को उसने अस्थिर किया। आज भी ये लोग अस्थिरता पैदा करने के लिए नई-नई साजिशें रच रहे हैं।'' विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि इस गठबंधन की भी यही पहचान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास विकास का न तो कोई एजेंडा है और न ही इसका कोई रोडमैप है।
उन्होंने कांग्रेस पर देश को कभी भाषा और कभी क्षेत्र के आधार पर बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसका एक ‘सबसे बड़ा पाप' यह रहा है कि वह देश की सेना का मनोबल तोड़ने से भी पीछे नहीं रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारतीय सेना के अपमान का कोई मौका नहीं छोड़ती है।
कांग्रेस को एक ‘कंफ्यूज' पार्टी करार देते हुए उन्होंने कहा कि उसमें एक लड़ाई और चल रही है, और वह भी ‘बड़ी तगड़ी' लड़ाई है, लेकिन ‘मजा' यह है कि यह लड़ाई सिद्धांतों या योजनाओं के संबंध में नहीं चल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘लड़ाई क्या चल रही है, आपको जानकर आश्चर्य होगा। कांग्रेस में एक वर्ग है जो कहता है कि मोदी पर तीखे हमले करो, व्यक्तिगत आरोप लगाओ और उसकी छवि खराब करने के लिए हर हथकंडे अपनाओ। कांग्रेस के अंदर एक दूसरा वर्ग भी है जो उसकी मूल परंपराओं से अलग है। वह कहता है कि मोदी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाओ। यानी कांग्रेस हमसे सैद्धांतिक मुद्दों पर लड़ाई नहीं लड़ रही है।'' उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति देश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए एक पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र बनाएगा और कहा कि 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन मिलेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अब 'ड्रोन दीदी' खेती में वैज्ञानिक सोच और आधुनिकता लेकर आएगी। अब देश की तीन करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने लोगों का पांच सदी का इंतजार खत्म किया और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया। मोदी ने कहा कि गुजरात के पावागढ़ में 500 साल बाद धार्मिक झंडा फहराया गया है और सात दशकों के इंतजार के बाद देश अनुच्छेद 370 से मुक्त हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार सबके लिए है। 'सबका साथ, सबका विकास' हमारी कार्य नैतिकता में झलकता है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास निगम ने पुरी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के विकास, संचालन और रखरखाव के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। अधिकारियों ने कहा कि श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण पुरी जिले में सिपासरुबली के पास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 2,203 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर प्रति वर्ष 46 लाख यात्री क्षमता के लिए सार्वजनिक-निजी-साझेदारी (पीपीपी) मोड पर काम शामिल है। निविदा के अनुसार, पात्र बोलीदाता 1,095 दिनों में निर्माण कार्य पूरा करेगा और वाणिज्यिक संचालन की तारीख से सात साल तक इसका रखरखाव करेगा। निविदाएं 21 फरवरी से 20 अप्रैल के बीच जमा की जा सकती हैं। हवाई अड्डा लगभग 1,165 एकड़ क्षेत्र में बनेगा। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 2021 में पुरी में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था।
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सुरेंद्रनगर . गुजरात के सुरेंद्रनगर में शनिवार देर रात वैन का टायर फटने से हुए हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घटना देर रात 1:30 बजे ध्रांगध्रा राज्य राजमार्ग पर हरिपुर गांव के पास हुई। उन्होंने बताया, छह लोग एक विवाह समारोह में भाग लेने के बाद ध्रांगध्रा लौट रहे थे। एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं, जबकि दो लोग हादसे में घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'' ध्रांगध्रा पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान यज्ञेश जादव, इंदुमती जादव, राधा जादव और धनेश चावड़ा के रूप में की गई है।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अधिवेशन में शनिवार को पारित एक राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 10 साल के कार्यकाल में ‘‘राम राज्य'' की परिकल्पना को साकार किया गया है। भाजपा के शनिवार को शुरू हुए दो दिवसीय अधिवेशन के दौरान पारित ‘विकसित भारत-मोदी की गारंटी' प्रस्ताव में कांग्रेस पर भी हमला किया गया। इसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के संदर्भ में कहा गया कि कांग्रेस जहां भी सत्ता में थी, उसने जल्द ही वहां के लोगों का विश्वास खो दिया और लोग भाजपा को वहां वापस लेकर आए। अधिवेशन में भाजपा के कई नेताओं ने दक्षिण भारत, किसानों और सिखों के लिए सरकार के विकास कार्यो, सांस्कृतिक-राष्ट्रवाद से संबंधित उपायों और विभिन्न पहल का उल्लेख किया। विभिन्न मांगों को लेकर किसानों के एक वर्ग के विरोध-प्रदर्शनों के बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संकल्प का प्रस्ताव पेश करते हुए अपनी टिप्पणी में कहा कि किसी भी सरकार ने किसानों के हित में इतना काम नहीं किया है जितना कि प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के लिए किसान अपने परिवार से कम नहीं हैं।''प्रस्ताव में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' (इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायंस) पर जाति आधारित विभाजनकारी राजनीति करने का भी आरोप लगाया गया। इसमें दावा किया गया है कि इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी के लिए देश में केवल चार जातियां - ‘‘गरीब, किसान, महिलाएं और युवा'' हैं और वह उनके उत्थान के लिए समर्पित हैं। प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार की पहल ने इन चार ‘‘जातियों'' को सशक्त बनाया है और वे उसकी हर योजना के केंद्र में हैं। सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में सत्तारूढ़ गठबंधन को देशभर से जो सम्मान मिला है, वह अभूतपूर्व है। प्रस्ताव में कहा गया है कि मोदी के नेतृत्व में न केवल राम मंदिर का निर्माण हुआ, बल्कि उन्होंने समाज के सभी वर्गों को सशक्त करने के लिए काम कर ‘‘राम राज्य'' की परिकल्पना को भी साकार किया। इसमें कहा गया कि राष्ट्रीय सम्मेलन यह अटूट विश्वास व्यक्त करता है कि मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल देश के विकास को और गति देगा तथा 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए सफलता के नये कीर्तिमान बनाएगा। प्रस्ताव में कहा गया कि भारत एक मजबूत देश के रूप में उभरा है, जो सुरक्षा, समृद्धि और खुशी के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है। भाजपा ने प्रस्ताव में अपने ‘‘अग्रणी'' नेता पर भरोसा जताया और विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में 370 सीट जीतेगी और उसका राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 400 से ज्यादा सीट जीतेगा। इसमें कहा गया है, ‘‘मोदी सरकार के 10 वर्षों में ‘‘राम राज्य'' की परिकल्पना साकार हुई है।''उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर चर्चा करते हुए मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने पांच शताब्दियों से अधिक समय से भक्तों का इंतजार खत्म कर दिया है, जिससे सनातन धर्म के अनुयायियों को खुशी मिली है। प्रस्ताव में देश की सनातन संस्कृति का सम्मान करने के लिए सरकार की सराहना की गई।आदित्यनाथ ने कहा कि मोदी की गारंटी विकसित भारत की गारंटी है और केंद्र सरकार के कल्याणकारी कदमों का लाभ जाति, क्षेत्र या धर्म के आधार पर भेदभाव किए बगैर समाज के सभी वर्गों तक पहुंचा है। उन्होंने जब मंदिर निर्माण का उल्लेख किया तो देश भर से आए पार्टी के 11,500 से अधिक प्रतिनिधियों ने तालियां बजाईं और 'मोदी है तो मुमकिन है' का नारा भी लगाया गया। यह एक ऐसा मुद्दा है जो भाजपा कार्यकर्ताओं के दिल के करीब है। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी जब अपने संबोधन में राम मंदिर का उल्लेख किया तो पूरा भारत मंडपम ‘जय श्री राम' और ‘मोदी जी को जय श्री राम' के नारों से गूंज उठा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्ताव का समर्थन किया और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के बीच भारत की संपन्न अर्थव्यवस्था की ओर वैश्विक टकटकी पर प्रकाश डाला। मोदी के आग्रह पर उन्होंने तमिल और तेलुगू में भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत इस समय प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ रहा है और दुनिया भर में निवेश का झुकाव भारत की ओर है जो पिछले दशक में एक 'महत्वपूर्ण' उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था जहां 'सबसे कमजोर पांच' में शामिल थी उसे प्रधानमंत्री मोदी ने शीर्ष पांच में पहुंचा दिया जो भारत के विकास को दर्शाता है। प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकार के तहत कृषि बजट पिछली कांग्रेस के नेतृत्व वाले संप्रग सरकार के दौरान लगभग पांच गुना बढ़कर 1.25 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था के तहत अनाज की रिकॉर्ड खरीद के अलावा किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 2.8 लाख करोड़ रुपये के अंतरण को भी रेखांकित किया गया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रस्ताव में अपने प्रस्तावित संशोधनों में करतारपुर गलियारा खोले जाने का जिक्र किया जिससे सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित इस गुरुद्वारे में शीश झुकाने और अरदास करने का मौका मिला। केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने दक्षिण भारत के लिए सरकार द्वारा किए गए कई विकास कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि भाजपा वास्तव में एक राष्ट्रीय पार्टी बन गई है क्योंकि अब तमिलनाडु में भी इसके विधायक हैं और तेलंगाना में इसकी उपस्थिति है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने स्कूलों, सड़कों और विद्युतीकरण सहित आदिवासी क्षेत्र में सरकार की कल्याणकारी पहल का जिक्र करते हुए कहा कि इन दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन में काफी बदलाव आया है। सिंह ने कहा कि भारतीय राजनीति में विश्वसनीयता के संकट की चुनौती को अगर किसी ने सिर उठाकर चुनौती दी है तो वह मोदी हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी जो कहते हैं, वह उसे पूरा करते हैं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में कई महिलाओं द्वारा राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के खिलाफ लगाए गए उन आरोपों को लेकर उपजे विवाद के बारे में भी बात की, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने उनका यौन उत्पीड़न किया और बड़े पैमाने पर जमीन हड़प ली है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है।सिंह ने यूक्रेन सहित विदेशों से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के सरकार के प्रयासों और कतर की जेल में बंद पूर्व नौसेना कर्मियों की हाल में घर वापसी का उल्लेख किया और कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के विपरीत, दुनिया अब मोदी सरकार के साथ ही भारत को भी सुनती है। उन्होंने कहा कि लोगों को विश्वास है कि मोदी हमेशा उनकी मदद करेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ने लोगों को नई आशा और विश्वास से भर दिया है, इसलिए उन्होंने भाजपा को और अधिक जनादेश देने का मन बना लिया है। हमें नरेन्द्र मोदी को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए भारत का प्रधानमंत्री बनाना है।'' उनके विचारों का समर्थन करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और भारतीयों को अब विश्व स्तर पर अधिक सम्मान मिलता है और देश ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित कर लिया है जबकि इसकी आंतरिक सुरक्षा भी मजबूत हुई है। प्रस्ताव में कहा गया कि ज्यादातर सरकारों को एक या दो उपलब्धियों का श्रेय दिया जाता है, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सैकड़ों ऐतिहासिक पहल की गईं, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
- कटिहार. बिहार के कटिहार जिले में कर्ज में डूबे एक पिता ने अपने तीन बच्चों को कथित तौर पर जलाकर मार डाला। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात को जिले के भरिन गांव में हुई। मृतकों की पहचान रिंकी कुमारी (9) और उसके दो भाई - राजा कुमार (12) और शुभंकर कुमार (13) के रूप में की गई है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उनके पिता आरोपी दिनेश सिंह ने उन्हें आग लगा दी और बाद में खुद को भी आग लगा ली। कटिहार के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच के अनुसार, कर्ज में डूबे और मानसिक रूप से परेशान आरोपी दिनेश सिंह ने पहले अपने तीन बच्चों पर पेट्रोल डाला और उन्हें आग लगा दी। बाद में उसने खुद को भी आग लगा ली। दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।''पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वित्तीय संकट ने उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच जारी है।
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श्रीहरिकोटा(आंध्र प्रदेश)/नयी दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-4 के प्रक्षेपण के लिए अपनी योजना पर ‘आंतरिक' चर्चा कर रहा है और वह इस सिलसिले में एक ‘अनूठा डिजाइन' एवं ‘उच्च प्रौद्योगिकी' विकसित कर रहा है। एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अगस्त 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो ने चांद की सतह से मिट्टी धरती पर लाने के लिए एक और ‘जटिल' मिशन की योजना बनाई है। इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने शनिवार को जीएसएलवी-एफ14/इनसैट-3डीएस उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के बाद कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भविष्य में चंद्रयान-4, 5, 6 और 7 मिशन भेजना चाहती है। सोमनाथ ने कहा, ‘‘हम इस पर काम कर रहे हैं कि चंद्रयान-4 अंतरिक्ष यान में क्या-क्या होना चाहिए। पहला सवाल यह है कि चंद्रयान-4 में (उपकरण के रूप में) क्या-क्या होना चाहिए...।'' सोमनाथ ने कहा कि यह देखते हुए कि योजना कुछ अलग करने की है, ‘‘पहली चीज हमने यह तय की कि चंद्रयान-4 के जरिये चंद्रमा की मिट्टी का नमूना पृथ्वी पर लाया जाए। हम इसे रोबोटिक तरीके से करना चाहते हैं। इसलिए, यही चर्चा चल रही है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी इस चर्चा में शामिल हैं कि उपलब्ध रॉकेटों के साथ यह काम कैसे किया जाए। आप जानते हैं कि चंद्रमा पर जाना, नमूना लाना बहुत जटिल काम है...।'' अंतरिक्ष विभाग के सचिव ने कहा कि वैज्ञानिक चंद्रयान-4 मिशन के लिए एक उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी विकसित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस मिशन को पूरा करने के लिए हम उच्च प्रौद्योगिकी विकसित कर रहे हैं। सरकार की मंजूरी के बाद हम जल्द ही इस बारे में बताएंगे।... अभी इंतजार करें।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगली पीढ़ी के मौसम पूर्वानुमान उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी। शाह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तीसरी पीढ़ी का उपकरण प्राकृतिक आपदाओं का मुकाबला करने में भारत को और मजबूत बनाएगा। यह हर आपदा में, किसी के भी हताहत नहीं होने संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।'' केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि यह उपग्रह मौसम पूर्वानुमान को बेहतर करेगा।
रीजीजू ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह उपग्रह मौसम संबंधी सेवाओं में परिवर्तन लाएगा, मौसम पूर्वानुमान और आपदा तैयारियों को बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण है। - नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले सप्ताह सोमवार को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे जहां वह संभल जिले में श्री कल्कि धाम मंदिर की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी।पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री श्री कल्कि धाम मंदिर के मॉडल का अनावरण भी करेंगे और इस अवसर पर सभा को संबोधित करेंगे।'' श्री कल्कि धाम का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है जिसके अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं। कार्यक्रम में कई संत, धर्मगुरु और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। पीएमओ न कहा कि प्रधानमंत्री फरवरी 2023 में आयोजित उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक सम्मेलन के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों के चौथे ‘ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह' में उत्तर प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 14,000 परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे। उसके मुताबिक यह परियोजनाएं विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी और आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण, आवास और रियल एस्टेट, आतिथ्य और मनोरंजन, शिक्षा, जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं। पीएमओ ने कहा कि कार्यक्रम में लगभग 5,000 प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें उल्लेखनीय उद्योगपति, शीर्ष वैश्विक और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि, राजदूत और उच्चायुक्त और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
- नयी दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रचार अभियान विकास, गरीब कल्याण के लिए किये गए कार्यों और दुनियाभर में बढ़े देश के कद के इर्दगिर्द केंद्रित करने का आह्वान किया और कहा कि 370 सीट पर कमल खिलाकर पार्टी इस जीत को अपने विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को समर्पित करेगी। यहां भारत मंडपम में राष्ट्रीय परिषद की बैठक से पहले हुई भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस चुनाव में ‘अनावश्यक और भावनात्मक' मुद्दों को उठाएगा, लेकिन पार्टी को अपने मुद्दों पर ही अडिग रहना है और तैयारियों में जी-जान से जुट जाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पार्टी कार्यकर्ता को अगले 100 दिनों तक मतदान केंद्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और 2019 की तुलना में प्रत्येक मतदान केंद्र पर पार्टी के लिए कम से कम 370 अधिक वोट सुनिश्चित करने चाहिए। अगले सौ दिनों में लोकसभा चुनाव संपन्न हो जाने की संभावना है।पदाधिकारियों की बैठक की जानकारी देते हुए भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही कि भाजपा को लोकसभा चुनाव में 370 सीट जीतनी हैं।'' तावड़े के मुताबिक मोदी ने कहा, ‘‘पार्टी के लिए 370 केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि एक भावना है। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने को लेकर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। भाजपा 370 सीटों पर कमल खिलाकर इसे डॉ मुखर्जी को समर्पित करेगी।'' तावड़े ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बैठक में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवारों को लेकर कहा कि सभी 543 सीट पर भाजपा का चुनाव चिह्न ‘कमल' का फूल होगा। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने आगामी चुनाव में हर बूथ पर पिछले चुनाव के मुकाबले 370 अधिक वोट हासिल करने का लक्ष्य कार्यकर्ताओं के लिए निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पहली बार मतदान के पात्र युवाओं को पार्टी के कार्यकर्ता 2014 से पहले के भारत और 2014 के बाद के भारत का फर्क बताएं। बकौल तावड़े, मोदी ने कहा, ‘‘विपक्ष अगले चुनाव में 'तू-तू, मैं-मैं' की राजनीति करेगा और भावनात्मक मुद्दे उठाएगा, लेकिन भाजपा का चुनाव अभियान विकास, गरीब कल्याण के लिए किये गए कार्य और देश को दुनिया में गौरवान्वित करने पर आधारित होगा।'' प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि अगले 100 दिनों में भाजपा का हर कार्यकर्ता बूथ स्तर पर मतदाताओं और आम व्यक्ति तक भाजपा की विकास और जनकल्याण की उपलब्धियों को पहुंचाएगा। पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले 23 वर्षों से जनता की समस्याओं के निवारण के लिए पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और विगत 10 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप अपने जीवन का क्षण-क्षण और शरीर का कण-कण समर्पित करके सेवा भाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनका जीवन आरोप मुक्त और विकासोन्मुखी रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की विवाद मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त और विकासशील नीतियों पर आज पूरा देश गौरवान्वित है।'' तावड़े के मुताबिक नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 10 वर्षों से सबका साथ, सबका विश्वास, सबका प्रयास और सबका विश्वास की यात्रा चल रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विगत 10 वर्ष गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी शक्ति के कल्याण के प्रति समर्पित रहे हैं।'' नड्डा ने कहा कि 25 फरवरी से 5 मार्च तक भाजपा के कार्यकर्ता देशभर में लाभार्थी संपर्क अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता ‘गांव चलो अभियान' के तहत लगभग सभी मतदान केंद्रों तक पहुंचे हैं और लोकसभा प्रवास योजना के तहत 161 सीटों पर केंद्रीय मंत्रियों के 430 प्रवास हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मतलब हर सीट पर तीन बार प्रवास हुआ।''नड्डा ने विश्वास जताया कि लगातार डेढ़ साल तक चली इस लोकसभा प्रवास योजना के परिणामस्वरूप भाजपा इन 161 सीटों में से अधिकांश सीटें जीतने में कामयाब रहेगी। पार्टी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक नड्डा ने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी के कार्यकर्ता महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और गैर सरकारी संगठनों के लिए भी एक बड़े स्तर पर अभियान चलाएंगे और इस अभियान के अंतर्गत समाज के बड़े तबके तक मोदी सरकार के विकास और गरीब कल्याण की उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाई जाएगी। तावड़े ने दावा किया कि 2014 के पहले के भारत और 2014 के बाद के भारत में बहुत बड़े परिवर्तन हुए हैं, जिनपर आज देश गौरव कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के पास भाजपा के कार्यकर्ता पहुंचेंगे और वे उन्हें देश में हुए बदलाव से अवगत कराएंगे। तावड़े के मुताबिक नड्डा ने कहा कि महिला मतदाता भाजपा के लिए केवल मतदाता नहीं हैं क्योंकि केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में उनका सशक्तीकरण किया है।
- फरीदाबाद/नयी दिल्ली. अभिनेता आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘दंगल' में पहलवान बबीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री सुहानी भटनागर का 19 साल की उम्र में निधन हो गया। सुहानी के एक करीबी रिश्तेदार ने शनिवार को बताया ‘‘उन्होंने शुक्रवार शाम दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अंतिम सांस ली।'' सुहानी के पिता पुनीत भटनागर ने बताया कि उनकी बेटी ‘डमेटोम्योसिस्टिस' रोग से पीड़ित हो गई थी, और चिकित्सकीय जटिलताओं के बाद उसे एम्स में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के एक सूत्र ने बताया कि सुहानी को सात फरवरी को एम्स में भर्ती कराया गया और 16 फरवरी को उनका निधन हो गया। परिवार के सूत्रों ने बताया कि फरीदाबाद के अजरौंदा गांव के पास स्थित श्मशान घाट पर सुहानी की शनिवार को अंत्येष्टि की गई। फरीदाबाद के सेक्टर 17 की रहने वाली सुहानी के परिवार में उनके माता-पिता और एक भाई है।सुहानी के पिता ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, ‘‘दो महीने पहले उनकी बेटी के हाथ पर लाल दाग बन गया था। उन्हें लगा कि उनकी बेटी को एलर्जी हुई है, जिसके बाद उन्होंने फरीदाबाद के कई बड़े अस्पतालों में चिकित्सकों से इस बारे में परामर्श लिया, लेकिन बीमारी का पता नहीं चल सका।'' भटनागर ने बताया, ‘‘जब उनकी बेटी की हालत बिगडऩे लगी तो बीते मंगलवार को उन्होंने सुहानी को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया था।'' उन्होंने बताया कि सुहानी की हालत में सुधार नहीं हो रहा था और उनकी बेटी को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती करना पड़ा। उसके शरीर के अंदर पानी जमा होने लगा, जिससे उसके फेफड़े खराब हो गए थे।'' सुहानी 2016 में, एक पहलवान के जीवन पर बनी फिल्म ‘दंगल' की एक मुख्य किरदार थीं। यह व्यक्ति अपनी दोनों बेटियों को कुश्ती में दक्ष बनाता है। फिल्म में अभिनेत्री जायरा वसीम ने पहलवान गीता फोगाट के बचपन की भूमिका निभाई, जबकि सुहानी ने पहलवान बबीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाया था। दोनों (महिला पहलवानों) के पिता पहलवान महावीर फोगाट की भूमिका आमिर खान ने निभाई है। सुहानी को श्रद्धांजलि देते हुए आमिर खान प्रोडक्शन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया ‘‘हमारी सुहानी के निधन की खबर सुनकर बेहद दुख हुआ। उनकी मां पूजा और पूरे परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं। बेहद प्रतिभावान लड़की, एक बेहतरीन टीम प्लेयर... सुहानी के बिना ‘दंगल' अधूरी रहती। सुहानी, आप हमेशा हमारे दिल में रहेंगी। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे।'' फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी ने भी सुहानी को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने एक बयान में कहा ‘‘सुहानी के निधन की खबर स्तब्ध कर देने और दुखद है। वह बहुत खुशमिजाज थी। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।'' सुहानी ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए फिल्मों से कुछ समय के लिए दूरी बना ली थी। सुहानी स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं और जनसंचार पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रही थीं।
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से मौसम उपग्रह-इनसेट थ्री डी एस का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। यह उपग्रह जीएसएलवी रॉकेट से आज शाम पांच बजकर 35 मिनट पर अंतरिक्ष में भेजा गया। सभी नियंत्रण केन्द्रों से पुष्टि मिलने के बाद स्वचालित प्रक्षेपण की प्रकिया शुरू की गई।
प्रक्षेपण के लगभग बीस मिनट बाद इनसेट-थ्री डी एस को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया। क्रायोजेनिक चरण सहित सभी तीनों चरणों में रॉकेट आशा के अनुरूप रहा।
इनसेट-थ्री डी एस भारत का ऐसा चौथा मौसम उपग्रह है जो दस वर्षों तक काम करेगा और वातावरण में होने वाले परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं के बारे में आंकडे एकत्रित करेगा। इस उपग्रह से बचाव अभियानों तथा हर प्रकार के मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने में सहायता मिलेगी। यह उपग्रह आग लगने, वर्षा, हिमपात या किसी अन्य विनाशकारी स्थिति में भी जानकारी उपलब्ध करायेगा। प्रक्षेपण देखने के लिए आगंतुक दीर्घा में स्कूली बच्चों और युवाओं सहित बडी संख्या में लोग मौजूद थे।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो के अध्यक्ष सोमनाथ ने बताया कि इनसेट थ्री डी एस का मिशन सफल रहा है। श्रीहरिकोटा में प्रक्षेपण के बाद श्री सोमनाथ ने बताया कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सभी विभागों का यह बेहतरीन सामूहिक प्रयास रहा। मिशन के निदेशक टॉमी जोसेफ ने बताया कि जीएसएलवी को हमेशा ही शरारती बच्चा कहा जाता था लेकिन अब यह एक आज्ञाकारी बच्चा बन चुका है और आज के शानदार प्रक्षेपण ने यह सिद्ध भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि इनसेट थ्री डी एस का पे-लोड पचास किलोग्राम अधिक है। श्री जोसेफ ने कहा कि इसरो, नासा द्वारा नासार के प्रक्षेपण की प्रतीक्षा कर रहा है। उपग्रह निदेशक इम्तियाज अहमद ने बताया कि भविष्य में अंतरिक्ष के क्षेत्र में विस्तार करना इसरो के लिए महत्वपूर्ण है और इसरो इस दिशा में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान पे-लोड प्रणालियां जमीन और समुद्र दोनों में मौसम के सटीक पूर्वानुमान, आपदा से जुडे आंकडे एकत्र करने और सेवाओं को निरंतर जारी रखने में सहायता करेंगी।
ब्रुनेई और पोर्ट ब्लेयर स्थित नियंत्रण केन्द्रों से इनसेट थ्री डी एस पर नजर रखी जा रही है। सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र के निदेशक ए राजाराजन ने बताया कि यह प्रशेपित किया गया सबसे भारी उपग्रह है और यह सभी चरणों में सुचारू रूप से आगे बढ रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लक्ष्य को बखूबी हासिल कर लिया गया है। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तमिलनाडु के विरूद्धनगर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में लोगों के मारे जाने पर दु:ख व्यक्त किया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मू ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुर्घटना पर शोक प्रकट करते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि उनकी संवेदनाएं इस दुर्घटना में जीवन गंवा चुके लोगों के परिजनों के साथ है। प्रधानमंत्री ने सभी घायलों के शीघ्र स्व्स्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकट संबंधी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रूपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को पचास-पचास हजार रूपये दिए जाएंगे। -
नयी दिल्ली. राज्यसभा की सदस्य और भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने शुक्रवार शाम यहां ‘इंडिया हैबिटेट सेंटर' में नृत्य कार्यक्रम ‘कर्मयोगी' के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। नृत्य कार्यक्रम में केंद्र की कुछ प्रमुख योजनाओं और नीतियों पर प्रकाश डाला गया, जिनमें उज्ज्वला योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राम मंदिर का निर्माण शामिल है। मानसिंह ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी की प्रमुख योजनाओं पर यूं तो कई वीडियो बनाए जा चुके हैं लेकिन यह पहली बार है कि इन्हें संगीत और नृत्य के जरिए मंच पर दिखाया गया।'' उन्होंने कहा कि चूंकि योजनाओं से जुड़ी कहानियां ‘बेहद वास्तविक और समसामयिक' हैं, इसलिए संदेश ‘सीधे लोगों के दिलों तक' पहुंचेगा। इस नाट्य कार्यक्रम के निर्माण के विचार के बारे में उन्होंने कहा कि ‘कर्म योगी' वह है जो ‘लोगों के हित के लिए काम करता है।'' उन्होंने कहा,‘‘ तो यह प्रधानमंत्री और लोककल्याण की उनकी नीतियों के प्रति मेरा सम्मान है। मानसिंह द्वारा निर्देशित इस नृत्य कार्यक्रम में 20 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया और इस कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और राजकुमार रंजन सिंह शामिल हुए।
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कोलकाता । बंधन बैंक को पश्चिम बंगाल की कर और गैर-कर प्राप्तियों के संग्रह के लिए अधिकृत किया गया है। निजी ऋणदाता ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह अधिदेश बैंक को सरकारी रसीद पोर्टल तंत्र (ग्रिप्स) के माध्यम से राजस्व इकट्ठा करने में सक्षम बनाएगा। बैंक ने कहा कि इस अधिदेश के आधार पर लोग इस पोर्टल का उपयोग करके संपत्ति कर, मोटर वाहन कर और व्यावसायिक कर जैसे विभिन्न करों का भुगतान कर सकेंगे। भुगतान संग्रह प्रक्रिया को संचालित करने के लिए बैंक जल्द ही पश्चिम बंगाल सरकार के साथ खुद को एकीकृत करेगा। बंधन बैंक के सरकारी मामलों के प्रमुख देबराज साहा ने कहा कि बंधन बैंक के लिए पश्चिम बंगाल शीर्ष तीन बाजारों में से एक है। राज्य में बैंक की 1,700 से अधिक लेनदेन शाखा हैं। ‘ग्रिप्स' पश्चिम बंगाल सरकार को विभिन्न कर और गैर-कर भुगतान करने के लिए एक ऑनलाइन इंटरनेट-आधारित मंच है।
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एटा (उप्र) । उत्तर प्रदेश में पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने की योजना बनाने के आरोप में 15 लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय कुशवाहा ने कहा, “हमने सिपाही भर्ती परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने की योजना बनाने के लिए 15 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। कोतवाली पुलिस थाने की निगरानी टीम ने गिरफ्तारी की है. सत्रह और 18 फरवरी को हो रही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की इस परीक्षा के मद्देनजर पूरे प्रदेश में पुलिस व स्थानीय प्रशासन सतर्क है। जिला मजिस्ट्रेट प्रेम रंजन सिंह ने कहा, “स्थानीय पुलिस के साथ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस पुलिस भर्ती परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी उपाय कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई अनुचित साधनों का उपयोग ना होने पाए।
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नयी दिल्ली । दक्षिणी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शनिवार को एक पंडाल गिर गया, जिसके नीचे फंस गए कम से कम 11 लोगों को बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना पूर्वाह्न 11 बजे हुई। दिल्ली दमकल सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि स्टेडियम में पंडाल गिरने की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि शुरू में दो लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया था। उन्होंने बताया कि बाद में नौ और लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घायलों में ज्यादातर मजदूर हैं।अधिकारी ने बताया, ''स्टेडियम के द्वार संख्या दो के समीप शादी के लिए पंडाल खड़ा किया जा रहा था। घायलों को उपचार के लिए एम्स के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है।'' उन्होंने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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