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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने जन्मस्थान ओडिसा के रायरंगपुर से राष्ट्रपति भवन तक की अपनी यात्रा की कहानी केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के साथ खास बातचीत नई सोच, नई कहानी-ए रेडियो जर्नी विद स्मृति ईरानी' के समापन एपिसोड में साझा की है। एक घंटे के इस कार्यक्रम को राष्ट्रपति भवन में रिकॉर्ड किया गया है। इस विशेष एपिसोड का प्रसारण विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर आज सवेरे नौ बजे किया गया।
राष्ट्रपति ने इस कार्यक्रम में बचपन से लेकर सार्वजनिक नेतृत्व तक के अपने अनगिनत अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने अपने विद्यालय के एक शिक्षक द्वारा अपने नामकरण से जुड़ी कहानी भी बड़े चाव से सुनाई है।राष्ट्रपति ने अपनी शिक्षा-दीक्षा, नौकरी और राजनीतिक यात्रा को भी गहराई से याद किया। उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में लोगों से मिलने-जुलने के अनुभव भी साझा किए हैं।राष्ट्रपति मुर्मु ने इस कार्यक्रम में ऐसी यादें भी साझा की हैं, जिनमें उन्होंने बताया कि साधारण जनजातीय महिला के रूप में उनको किस तरह से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और उन्होंने अपनी दृढ़ता, समर्पण और लगन से देश सेवा के लक्ष्य को हासिल किया।राष्ट्रपति ने उस ऐतिहासिक दिन को भी याद किया है, जब वे पहली बार राज-दंड सेंगोल के साथ नए संसद भवन पहुंची। उन्होंने सेंगोल को सत्य, न्याय, अहिंसा और धर्म का प्रतीक बताया।राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान- पीएम जनमन जैसी योजनाओं के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस पहल का उद्देश्य जनजातीय समुदाय की आबादी और उसमें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों का कल्याण है। राष्ट्रपति ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अपने दृष्टिकोण के बारे में भी बताया है। कार्यक्रम का पुनः प्रसारण आकाशवाणी के रेनबो चैनल पर शाम 7 बजे होगा। यह संवाद आकाशवाणी के सभी सोशल मीडिया माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा। -
नयी दिल्ली. कतर की एक जेल में बंद आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों को रिहा कर दिया गया है, जिनमें से सात भारत लौट आए हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत इस फैसले का स्वागत करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत सरकार कतर में हिरासत में लिए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है।'' मंत्रालय ने कहा, ‘‘रिहा किए गए आठ भारतीयों में से सात भारत लौट आए हैं। हम इन नागरिकों की रिहाई और घर वापसी के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।
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नयी दिल्ली. कतर ने जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को रिहा कर दिया है और उनमें से सात सोमवार को स्वदेश लौट आए। इसे भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है जो कतर की अदालत द्वारा उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने के लगभग साढ़े तीन महीने बाद मिली है। इन लोगों की मौत की सजा को बाद में जेल की सजा में बदल दिया गया था।
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद मामले में पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की और भारतीयों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए किसी भी पहल से कभी पीछे नहीं हटे। भारतीय नागरिक रात लगभग 2:35 बजे एक निजी एयरलाइन के विमान से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे।
क्वात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अपनी दो दिवसीय यात्रा के संपन्न होने के बाद बुधवार को कतर की राजधानी दोहा की यात्रा करेंगे, लेकिन संकेत दिया कि इस यात्रा की योजना काफी पहले बनाई गई थी। विदेश सचिव ने विवरण दिए बिना कहा कि भारत आठवें भारतीय की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए कतर सरकार के साथ काम करना जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय ने सुबह एक बयान में कहा कि भारतीयों की रिहाई और उनकी स्वदेश वापसी को संभव बनाने के कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद अल-थानी के फैसले की भारत सराहना करता है। ऐसा माना जाता है कि सभी आठ भारतीयों को रिहा करने का आदेश अमीर ने दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत सरकार कतर में हिरासत में लिए गए दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है।'' मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘रिहा किए गए आठ भारतीयों में से सात भारत लौट आए हैं। हम इन नागरिकों की रिहाई और स्वदेश वापसी को संभव बनाने के लिए कतर के अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।'' इन आठ लोगों में कैप्टन (सेवानिवृत्त) नवतेज गिल और सौरभ वशिष्ठ, कमांडर (सेवानिवृत्त) पूर्णेंदु तिवारी, अमित नागपाल, एसके गुप्ता, बीके वर्मा और सुगुनाकर पकाला तथा नाविक (सेवानिवृत्त) रागेश शामिल हैं। घटनाक्रम से परिचित लोगों ने बताया कि कमांडर तिवारी कुछ कागजी कार्रवाई लंबित होने के कारण वापस नहीं आ सके। वापस लौटे एक व्यक्ति ने कहा, "हम सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं क्योंकि उनके हस्तक्षेप के बिना यह संभव नहीं होता।" नौसेना के पूर्व कर्मियों को 26 अक्टूबर को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।
खाड़ी देश की अपीलीय अदालत ने 28 दिसंबर को मृत्युदंड को कम कर दिया था और पूर्व नौसैन्य कर्मियों को तीन साल से लेकर 25 साल तक अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई थी। अपीलीय अदालत ने जेल की सजा के खिलाफ अपील करने के लिए उन्हें 60 दिन का समय भी दिया था।
पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई में ‘कॉप 28' शिखर सम्मेलन के मौके पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद अल-थानी से मुलाकात की थी और कतर में भारतीय समुदाय के कल्याण पर चर्चा की थी। ऐसा माना जाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने में कतर के अधिकारियों के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निजी कंपनी अल दहरा के साथ काम करने वाले भारतीय नागरिकों को जासूसी के एक कथित मामले में अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था। पिछले साल 25 मार्च को भारतीय नौसेना के आठ कर्मियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे और उन पर कतर के कानून के तहत मुकदमा चलाया गया था। गत वर्ष मई में अल-दहरा ग्लोबल ने दोहा में अपना परिचालन बंद कर दिया और वहां काम करने वाले सभी लोग (मुख्य रूप से भारतीय) देश लौट आए। क्वात्रा ने सोमवार को कहा, "14 फरवरी को अपनी यूएई यात्रा पूरी करने के बाद, प्रधानमंत्री 14 फरवरी को दोपहर बाद दोहा, कतर की यात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद और अन्य उच्च पदस्थ व्यक्तियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।" विदेश सचिव ने कहा कि भारतीयों की वापसी के लिए भारत कतर का आभारी है।
क्वात्रा ने कहा, "हम उनकी वापसी से संतुष्ट हैं। हम उन्हें रिहा करने के कतर सरकार और अमीर के फैसले की सराहना करते हैं।" उन्होंने कहा, "हम उनमें से सात भारतीय नागरिकों को वापस पाकर खुश हैं। आठवें भारतीय नागरिक को भी रिहा कर दिया गया है और हम कतर सरकार के साथ यह देखने के लिए काम करना जारी रखेंगे कि उसकी भारत वापसी कितनी जल्दी संभव होती है।" क्वात्रा ने कहा, "प्रधानमंत्री ने स्वयं व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर लगातार नजर रखी है और वह भारतीय नागरिकों की घर वापसी सुनिश्चित करने वाली किसी भी पहल से कभी पीछे नहीं हटे।" यह पूछे जाने पर कि क्या कतर के अमीर ने भारतीयों को राज-क्षमा प्रदान की है, विदेश सचिव ने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम अलग-अलग शब्दावली आदि के बारे में बात कर सकते हैं.. चाहे यह रिहाई हो या क्षमा.. लेकिन मुझे लगता है कि हमें तथ्यों को देखना चाहिए कि वे क्या हैं। अल दहरा मामले में आठ में से सात भारतीय नागरिक अपने घर भारत वापस आ गए हैं।'' भारतीय नौसेना के पूर्व प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा (सेवानिवृत्त) ने चुपचाप गहन कार्य करने के लिए विदेश मंत्रालय की सराहना की, जिसे प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने कहा, ''यह देश के नेतृत्व द्वारा समर्थित कूटनीति की एक बड़ी उपलब्धि है।''
मामले से परिचित लोगों ने कहा कि कतर में विमान में सवार होने के बाद संबंधित भारतीयों के परिवारों को सूचित कर दिया गया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारतीय नागरिकों की रिहाई को "बड़ी कूटनीतिक जीत" बताया। इसकी प्रवक्ता शाज़िया इल्मी ने कहा, "यह भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत है। इससे पता चलता है कि भारत ने कितनी अच्छी तरह से काम किया कि नौसेना के हमारे पूर्व कर्मी वापस आ गए हैं।" केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह खुशी का क्षण है जो किसी भी कीमत पर अपने नागरिकों की रक्षा करने की मोदी सरकार की गंभीरता एवं क्षमता पर विश्वास को और मजबूत करता है। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मतलब दुनिया भर में भारत के लोगों के जीवन और स्वतंत्रता की गारंटी है।" कांग्रेस ने भी कतर से भारत के पूर्व नौसैनिकों की रिहाई का स्वागत किया।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘सभी देशवासियों के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी खुद को इस खुशी में शामिल करती है कि कतर में अदालत से मौत की सजा पाने वाले भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी रिहा होकर घर वापस आ गए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें और उनके परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं।'' कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी राहत है और सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक हर्ष का विषय है कि कतर में मौत की सजा का सामना कर रहे हमारे देशवासी रिहा हो गए हैं और घर लौट आए हैं। उनकी रिहाई के लिए पर्दे के पीछे काम करने वाले सभी लोगों को बधाई।'' कमांडर तिवारी की बहन डॉ. मीतू भार्गव ने कहा कि उनका भाई अभी तक घर नहीं आया है लेकिन उसे रिहा कर दिया गया है और परिवार बहुत खुश है। उन्होंने प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री एस जयशंकर और सरकार के साथ-साथ कतर के अमीर को धन्यवाद देते हुए ग्वालियर में पीटीआई वीडियो से कहा, ‘‘अगर मेरा भाई आता तो हमारी खुशी पूरी हो जाती।'' इन सभी पूर्व अधिकारियों का भारतीय नौसेना में 20 वर्षों तक का "बेदाग कार्यकाल" रहा और उन्होंने बल में प्रशिक्षकों सहित महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया था। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार ने भर्ती की समूची प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है और भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का काम किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी-अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का समान अवसर मिल सके। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार मेले में एक लाख से अधिक नियुक्ति-पत्र वितरित किए।
श्री मोदी ने कहा कि प्रत्येक युवा यह जानता है कि वह यदि कठिन परिश्रम करेगा, तो अपने लिए सही स्थान बना पाएगा। उन्होंने कहा कि 2014 से उनकी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि देश के युवाओं को विकास प्रक्रिया में भागीदार बनाया जाए।श्री मोदी ने यह भी कहा कि विगत दस वर्षों में उनकी सरकार ने पिछली सरकार के दस वर्षों के दौरान दी गई नौकरियों के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक रोजगार दिए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान नौकरी देने के लिए विज्ञापन जारी करने में बहुत समय लगता था। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में रिश्वत दी जाती थी, जिससे इस काम में देरी होती थी।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल आज बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय रेल का पूर्ण परिवर्तन दशक के अंत तक किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से अर्थव्यवस्था की समग्र प्रगति होती है। उन्होंने कहा कि इससे नए व्यापार और पर्यटन को वृद्धि करने में मदद मिलती है।प्रधानमंत्री ने बताया कि वंदेभारत एक्सप्रेस जैसी चालीस हजार आधुनिक बोगियां तैयार की जाएंगी और उन्हें इस वर्ष के बजट के अंतर्गत सामान्य रेलगाड़ियों में लगाया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुविधा और आराम को अधिक बेहतर बनाया जा सके।प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे में निवेश विकास में तेजी लाने के लिए किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 लाख करोड़ रुपए हाल ही के बजट में बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के लिए तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल सड़क, विमानपत्तन और जल-मार्गों की परियोजनाएं भी नई नौकरियों के अवसरों का सृजन करेंगी।श्री मोदी ने कहा कि भारत का इस समय तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप इकोसिस्टम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अब लगभग एक लाख 25 हजार स्टार्टअप हैं और ये स्टार्टअप युवाओं के लिए बहुत अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन कर रहे हैं। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि बजट में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक लाख करोड़ रुपए के कोष की घोषणा की गई है। -
नयी दिल्ली.उत्तरी दिल्ली में कबूतर मार्केट के पास एक स्कूटर सड़क के डिवाइडर से टकरा गया, जिसके कारण उस पर सवार दो किशोरों की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक यह हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को हुआ। पुलिस ने बताया कि उन्हें शनिवार की दरमियानी रात को 1.55 बजे दुर्घटना के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ पुलिस की एक टीम को मौके पर भेजा गया और वहां पहुंचने पर निचले सुभाष मार्ग पर कबूतर मार्केट के पास एक स्कूटर मिला। टीम को पता चला कि इस दुर्घटना में तीन किशोर घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। '' अधिकारी ने कहा कि उन्हें अस्पताल से जानकारी मिली कि दो किशोरों को वहां पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य को गंभीर चोटें आईं हैं। पुलिस ने कहा कि घायल किशोर की हालत गंभीर बनी हुई है और पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ स्थानीय स्तर पर पूछताछ में पता चला कि जो स्कूटर डिवाइडर से टकराया, वह तेज रफ्तार में लापरवाही से चलाया जा रहा था। जब हमने स्कूटर की पंजीकरण संख्या की जांच की तो पता चला कि स्कूटर पिछले साल अगस्त में लक्ष्मी नगर इलाके से चोरी हो गया था। '' उन्होंने कहा कि इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए रविवार को 14 उम्मीदवारों के नाम घोषित किये, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आर पी एन सिंह और उत्तर प्रदेश से निवर्तमान सांसद सुधांशु त्रिवेदी तथा पार्टी की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शामिल हैं। भाजपा की ओर से जारी इस सूची में किसी भी ऐसे केन्द्रीय मंत्री का नाम नहीं है जिनके कार्यकाल समाप्त हो रहे हैं, जिससे उनमें से कई के आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है। कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य एवं केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर, तथा भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से निवर्तमान सांसद अनिल बलूनी के नाम इस सूची में नहीं हैं। सूत्रों ने कहा कि दोनों को पार्टी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बना सकती है।
बिहार से भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी का नाम पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची में नहीं है। बिहार में राज्यसभा की छह सीटें रिक्त हैं और राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) तथा विपक्ष, दोनों के अपनी मौजूदा संख्या बल के आधार पर तीन-तीन सीटें जीतने की संभावना है। भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतार सकती है। आर पी एन सिंह भाजपा में शामिल होने से पहले कांग्रेस में थे। पार्टी की हरियाणा इकाई के पूर्व अध्यक्ष सुभाष बराला राज्य से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। पंद्रह राज्यों में राज्यसभा की कुल 56 सीटों के लिए चुनाव 27 फरवरी को होने हैं और नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 फरवरी है। -
नयी दिल्ली. एक संसदीय समिति ने आयुष मंत्रालय को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ सहयोग करने की सिफारिश की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वास्थ्य कर्मी एकीकृत प्रणालियों के महत्व को समझ सकें। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट ‘‘भारत में राष्ट्रीय आयुष मिशन की समीक्षा'' में कहा, सहयोग का उद्देश्य एक बहुलवादी स्वास्थ्य प्रणाली स्थापित करना है, जो आबादी की विविध आवश्यकताओं को पूरा करती है। समिति ने स्कूली पाठ्यक्रम में आयुष प्रणालियों के बारे में जागरूकता को शामिल करने का भी सुझाव दिया। समिति के मुताबिक, आयुष और आधुनिक चिकित्सा के बीच के अंतर को पाटने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। समिति ने रिपोर्ट में कहा, ‘‘मरीजों के अनुकूल परिणाम के लिए विभिन्न प्रणालियों के स्वास्थ्य प्रदाताओं के बीच संवाद को सुविधाजनक बनाना अनिवार्य है। चिकित्सा छात्रों और चिकित्सकों में आधुनिक चिकित्सा एवं पारंपरिक चिकित्सा के एकीकरण का समर्थन करने वाला दृष्टिकोण पैदा करने के लिए भारतीय चिकित्सा शिक्षा में पर्याप्त सुधार आवश्यक है।'' समिति ने कहा कि चीन की तरह, 12,500 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (अब इसका नाम बदलकर आरोग्य मंदिर) स्थापित करने के आयुष मंत्रालय के प्रयास आयुष को एक औषधीय प्रणाली के रूप में स्थापित करने में एक लंबा रास्ता तय करते हैं, ताकि सार्वभौमिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करने की क्षमता विकसित की जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘चीन की तरह ही भारत सरकार को भी सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए गरीबी उन्मूलन पहल के साथ आयुष प्रणाली को एकीकृत करने के तरीके ईजाद करने चाहिए।''
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भुवनेश्वर/भद्रक. ओडिशा में रविवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक पहली घटना में सुबह करीब साढ़े 10 बजे झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर एक पिकअप वैन एक ट्रक से सामने से टकरा गई, जिससे वैन में सवार चार लोगों की मौत हो गई जबकि नौ अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कोयले से लदा हुआ ट्रक पिकअप वैन से टकराने के बाद पलट गया। इसके बाद घायल यात्रियों को लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बाद में गंभीर रूप से घायलों को झारसुगुड़ा के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि दूसरी दुर्घटना रविवार तड़के भद्रक जिले के अराड़ी छक के पास हुई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि छह अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना तब हुई जब यात्रियों को पुरी से बालासोर ले जा रहा वाहन एक ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इसमें घायल दो बच्चों सहित छह अन्य यात्रियों को भद्रक जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि बाद में चार लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। ये यात्री भद्रक जिले के गोपालपुर के रहने वाले हैं और वे पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। भद्रक ग्रामीण पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक अमिताव दास ने कहा कि मौके से ट्रक लेकर फरार हुए चालक की तलाश की जा रही है। -
नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के उनके समकक्ष भगवंत मान सोमवार को अयोध्या जाएंगे और राम मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। ‘आप' के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन उन्होंने कहा था कि वह बाद में अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ दर्शन करने जाएंगे। सूत्रों ने बताया, ‘‘केजरीवाल और मान कल अयोध्या जा रहे हैं। उनके साथ उनका परिवार भी होगा।'' -
टंकारा (गुजरात). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा समय की मांग है। मोदी ने आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के मोरबी जिले में उनके जन्मस्थल टंकारा में आयोजित एक कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा, ‘‘स्वामी दयानंद सरस्वती ने उस समय हमें यह दिखाया कि हमारी रूढ़िवादी सोच और सामाजिक बुराइयों ने हमें किस प्रकार नुकसान पहुंचाया है।'' उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासकों ने ‘‘हिंदू समाज की रूढ़िवादिता और सामाजिक बुराइयों के कारण हमारे समाज की खराब छवि दिखाने की कोशिश की।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने समाज में महिलाओं के लिए समान अधिकारों की वकालत की थी। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था समय की मांग है। आर्य समाज विद्यालय इसका केंद्र रहे हैं। देश अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से इसका विस्तार कर रहा है। इन प्रयासों से समाज को जोड़ना हमारा दायित्व है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस राज्य में स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म हुआ था, उनमें जन्म लेना उनके लिए सम्मान की बात है।
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झाबुआ (मप्र) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मध्य प्रदेश के झाबुआ का दौरा किया और राज्य के लिए 7,550 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने राज्य की 'आहार अनुदान योजना' के तहत लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को मासिक किस्त भी वितरित की। योजना के तहत विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए 1,500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते हैं। मोदी ने स्वामित्व योजना के तहत 1.75 लाख 'अधिकार अभिलेख' (भूमि अधिकारों का रिकॉर्ड) भी वितरित किए, जो लोगों को उनकी भूमि के अधिकार के लिए दस्तावेजी साक्ष्य प्रदान करेगा। उन्होंने टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय की आधारशिला भी रखी, जो राज्य के आदिवासी बहुल जिलों के युवाओं को सुविधाएं प्रदान करेगा। एक सौ सत्तर करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह विश्वविद्यालय छात्रों के समग्र विकास के लिए विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा।
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नयी दिल्ली. सरकार ने कहा है कि वर्ष 1995 से 2021 के बीच मृत और जीवित अंगदाताओं के कुल 36,640 अंग प्रत्यारोपणों में से 80 प्रतिशत से अधिक पुरुषों पर किए गए। सरकार ने कहा कि उसने इस क्षेत्र में लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में शुक्रवार को प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि कुल अंग प्रत्यारोपणों में से 29,695 पुरुषों पर और 6,945 महिलाओं पर किए गए। हालांकि, अंग प्रत्यारोपण कराने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी 2019 के 27.6 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में लगभग 30 प्रतिशत हो गई। यह जवाब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद के.जी. माधव द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में आया। माधव ने पूछा था कि क्या सरकार ने इस तथ्य पर संज्ञान लिया है कि 1995 और 2021 के बीच, देश में अंग प्राप्त करने वाले पांच में से चार पुरुष रहे हैं और इस मुद्दे के समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अपनी प्रतिक्रिया में, बघेल ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम लागू किया है, जिसके तहत अंग दान के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण में लैंगिक असमानता की प्रवृत्ति को कम करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय नियमित रूप से जागरूकता सत्र आयोजित कर रहा है। -
हैदराबाद. पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी सोमवार को संगीत नाटक अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र ‘दक्षिण भारत सांस्कृतिक केंद्र' का सोमवार को यहां उद्घाटन करेंगे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, दक्षिण भारत सांस्कृतिक केंद्र के उद्घाटन के साथ ‘भारत कला मंडपम' सभागार की आधारशिला भी रखी जाएगी। किशन रेड्डी ने रविवार को कहा, ‘‘यह गर्व की बात है कि विश्वभर में प्रसिद्ध दक्षिण भारत की समृद्ध और विविध अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को संगीत नाटक अकादमी के इस दक्षिण भारत सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से और मजबूत किया जाएगा।'' अकादमी की अबतक दक्षिण भारत में उपस्थिति नहीं थी।
कार्यक्रम के दौरान, हाल में पद्म पुरस्कारों से नवाजे गए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोगों को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय सम्मानित करेगा। -
नई दिल्ली । केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में 10 फरवरी को दिल्ली में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 235वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान केंद्रीय श्रम और रोजगार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री और बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री रामेश्वर तेली एवं सह-उपाध्यक्ष और श्रम एवं रोजगार (सचिव) सुश्री आरती आहूजा और सदस्य सचिव एवं केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्रीमती नीलम शमी राव भी मौजूद रहीं।
केंद्रीय बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदस्यों के खातों में ईपीएफ संचय पर 8.25 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर जमा करने की सिफारिश की। वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस ब्याज दर को आधिकारिक तौर पर सरकारी राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा। इसके बाद, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने ग्राहकों के खातों में स्वीकृत ब्याज दर जमा करेगा।बोर्ड ने रुपये की ऐतिहासिक आय राशि के वितरण की सिफारिश की है। बोर्ड ने ईपीएफ सदस्यों के खातों में लगभग 13 लाख करोड़ रुपये की कुल मूल राशि पर 1,07,000 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक आय राशि वितरित करने की सिफारिश की है, जो वित्तीय वर्ष 2022-23 में क्रमश: 91,151.66 करोड़ रुपये और 11.02 लाख करोड़ रुपये थी। वितरण के लिए अनुशंसित कुल आय राशि रिकॉर्ड के मामले में सबसे अधिक है।पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आय 17.39 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है, जबकि मूल राशि 17.97 प्रतिशत बढ़ी है। यह सदस्यों के लिए बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और संभावित रूप से मजबूत रिटर्न का संकेत देता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पास वर्षों से विवेक के साथ अपने सदस्यों को उच्च आय वितरित करने का एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर ग्राहकों के लिए उपलब्ध अन्य तुलनीय निवेश विकल्पों के समतुल्य अधिक होती है। यह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के निवेश की क्रेडिट प्रोफाइल के साथ-साथ अपने सदस्यों को आकर्षक रिटर्न प्रदान करने की क्षमता में विश्वास को दर्शाता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए कई पहलों की शुरुआत की और शिलान्यास किया। उन्होंने आहार अनुदान योजना के अंतर्गत लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को आहार अनुदान की मासिक किस्त उपलब्ध कराई।
श्री मोदी ने स्वामित्व योजना के लाभार्थियों को 1 लाख 75 हजार अधिकार अभिलेख वितरित किये। उन्होंने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 559 गांवों के लिए लगभग 55 करोड़ रुपये अंतरित किये।प्रधानमंत्री ने झाबुआ में सीएम राइज स्कूल का शिलान्यास किया।श्री मोदी ने धार और रतलाम जिलों के एक हजार से अधिक गांवों के लिए पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी। उन्होंने झाबुआ जिले की पचास गांव पंचायतों के लिए अमृत और नल-जल योजना के अंतर्गत 14 शहरी जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास किया।प्रधानमंत्री ने रतलाम और मेघनगर रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, इंदौर-देवास-उज्जैन रेलमार्ग के सी-केबिन के दोहरीकरण, इटारसी-यार्ड रीमॉडलिंग और बरखेरा-बुदनी-इटारसी को जोड़ने वाली तीसरी लाइन का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश में 3275 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली सड़क विकास परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं। -
नई दिल्ली। कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि अनुशासनहीनता और पार्टी के खिलाफ बार-बार बयान देने की शिकायतों को देखते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रमोद कृष्णम को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित करने के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आध्यात्मिक गुरु कृष्णम ने कांग्रेस के टिकट पर लखनऊ से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन पराजित हो गए थे।
प्रमोद कृष्णम हाल में सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस के खिलाफ टिप्पणी के लिए चर्चा में रहे हैं। उन्होंने 22 जनवरी को अयोध्या में श्री रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल न होने सहित कांग्रेस के कुछ अन्य फैसलों की आलोचना की थी। इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के पार्टी के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा था कि भगवान राम के बिना देश की कल्पना नहीं की जा सकती। - नयी दिल्ली । ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव' के विचार पर मंथन करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में पिछले साल सितंबर में गठित उच्च स्तरीय समिति ने शनिवार को अबतक इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। समिति ने राजनीतिक पार्टियों, पूर्व न्यायाधीशों और राज्य चुनाव आयोगों के साथ चल रहे मंथन का भी आकलन किया। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, समिति ने अलग से द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रतिनिधिमंडल से संवाद किया जिसका नेतृत्व पी.विल्सन कर रहे थे। इस दौरान पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी के रुख से समिति को अवगत कराया। केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भी कोविंद से मुलाकात की और अपनी पार्टी की राय उनके समक्ष रखी। पिछले सितंबर में गठित इस समिति को लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की संभावना का आकलन करने और सिफारिशें देने की जिम्मेदारी दी गई है।
- जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने' की नीति पर काम कर रही है। शर्मा शनिवार को सिरोही जिले में आबू रोड स्थित सेटेलाइट जनजातीय केन्द्र में पाली संभाग के उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक में शर्मा ने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का पालन सुनिश्चित करें ताकि आमजन का सरकार के प्रति विश्वास बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्तव्य का निष्ठा से पालन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करेगी तथा कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से जनसुनवाई सुनिश्चित करने, परिवादों के त्वरित निस्तारण, उनकी निगरानी करने आदि के निर्देश दिए।
- हैदराबाद। हैदराबाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने वाले एक निजी आवासीय कोचिंग संस्थान में 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में कोचिंग कर रहे छात्र को अन्य छात्रों ने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटका पाया और इसकी सूचना प्रधानाचार्य को दी। छात्र को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।माधापुर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि छात्र आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का मूल निवासी है।उन्होंने छात्र के दोस्तों और कॉलेज प्रबंधन से बातचीत के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए बताया कि छात्र हाल ही में आईआईटी- संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में बैठा था। जब उसने उत्तर कुंजी के आधार पर अपने अंक जोड़े तो महसूस किया कि उसके खराब अंक आएंगे और इस बात से वह परेशान हो गया। पुलिस ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी है। (सांकेतिक फोटो)
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार उन राज्यों की मदद नहीं कर सकती जो अवास्तविक चुनावी वादों के जरिये अपना खजाना खाली कर देते हैं। केंद्र द्वारा जारी धनराशि में कुछ राज्यों के साथ भेदभाव के आरोप के बारे में पूछे जाने पर शाह ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि सभी राज्यों को अपना बजट विकास कार्यक्रमों और सामाजिक कल्याण प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार करना चाहिए। पश्चिम बंगाल, केरल और कर्नाटक की सरकारों ने हाल में राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया था और आरोप लगाया था कि उन्हें केंद्रीय निधि का उचित हिस्सा नहीं दिया गया। वित्त मंत्री ने इस आरोप का खंडन किया था। शाह ने कहा कि लोकसभा में पेश श्वेत पत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों को दी गई धनराशि का ब्योरा दिया है। शाह ने ‘ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024' में कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही थे जिन्होंने 15वें वित्त आयोग के माध्यम से राज्यों को अधिक धन देने की पहल की और लोग इसके बारे में जानते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप ऐसे चुनावी वादे करते हैं जिसके जरिए आप खजाना खाली करना चाहते हैं और इसके परिणामस्वरूप आपके पास वेतन देने के लिए भी धन नहीं है, तो ऐसी स्थिति में भारत सरकार मदद नहीं कर सकती है।'' उन्होंने कहा कि सभी को विकास और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर बजट बनाना चाहिए और भारत सरकार यही कर रही है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव' मुद्दे पर शाह ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। उन्होंने कहा कि क्योंकि लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए चुनाव के बाद लोग इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र के समग्र कल्याण के लिए एक साथ चुनाव जरूरी है।
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पीलीभीत (उप्र)। पीलीभीत जिले के सुनगढ़ी थाना इलाके में शनिवार को एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर जिले के पुलिस अधीक्षक के आवास के बाहर जहर खा लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अतुल शर्मा ने बताया कि ‘‘सुनगढ़ी थाना क्षेत्र निवासी प्रदीप ने जहर खा लिया। शनिवार को उसने बंगले पर खुद आकर जहर खाने की सूचना दी थी और उसे कर्मचारियों द्वारा अस्पताल ले जाया गया। मामले की जांच की जा रही है।'' युवक को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद हालत गंभीर होने पर बड़े अस्पताल रिफर कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदीप ने दो महीने पहले ईशा नाम की लड़की से शादी की थी और पत्नी कथित तौर पर उससे पांच लाख रुपये की मांग कर रही थी। प्रदीप के परिजन का आरोप है कि ईशा ने कुछ दिन पहले सुनगढ़ी थाने में प्रदीप के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत भी दर्ज कराई थी। परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि पीड़ित पति ने बताया कि उसकी पत्नी ने दबाव बनाने के लिए थाना सुनगढ़ी पुलिस को शिकायत पत्र दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने पति को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़ित पति ने भी पत्नी के खिलाफ शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। (सांकेतिक फोटो)
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जम्मू/श्रीनगर। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में कार्रवाई के तहत शनिवार को जम्मू-कश्मीर के 15 स्थानों पर छापेमारी की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। संघीय एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा कि श्रीनगर और जम्मू के साथ-साथ बडगाम और दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और अनंतनाग में छापेमारी के दौरान जेईआई और उससे संबंधित ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई।
जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर फरवरी, 2019 में केंद्र द्वारा पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए की कई टीम ने श्रीनगर में पांच, बडगाम में तीन, कुलगाम में दो, अनंतनाग में एक और जम्मू में चार स्थानों पर विभिन्न संदिग्धों के परिसरों पर छापेमारी की। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ पांच फरवरी, 2021 को दर्ज मामले की अब तक की जांच से पता चला है कि जेईआई और उसके सदस्यों ने फरवरी, 2019 में गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखा है।'' उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठन के संचालक भारत और विदेशों से चंदे के माध्यम से धन एकत्र कर रहे थे। एनआईए ने कहा कि कथित तौर पर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य कल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के नाम पर जुटाया गया धन मुख्य रूप से ‘जकात, मौदा और बैत-उल-माल' के रूप में एकत्र किया गया था, लेकिन इस धन का इस्तेमाल हिंसा और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया गया। प्रवक्ता ने कहा ने कि जेईआई द्वारा जुटाए गए धन को जेईआई के नेटवर्क के माध्यम से हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों को भी भेजा जा रहा था। प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए ने इसके पहले इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजनीति में "परिवार नियोजन" में विश्वास नहीं करती है और हमेशा नये सहयोगियों का स्वागत करती है तथा शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ बातचीत जारी है। शाह ने एक कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जाएगा और अनुमान जताया कि भाजपा 370 सीटें जीतेगी, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को आम चुनावों में 543 में से 400 से अधिक सीटें मिलेंगी। जयंत चौधरी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), शिअद और अन्य क्षेत्रीय दलों के राजग में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा, "हम परिवार नियोजन में विश्वास करते हैं लेकिन राजनीति में इसे नहीं अपनाते।'' उन्होंने ‘ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2024' में कहा, ‘‘हम हमेशा चाहते हैं कि हमारा गठबंधन आगे बढ़े और हम हमेशा नये सहयोगियों का स्वागत करते हैं। हमारी विचारधारा जनसंघ के समय से एक ही रही है। जो लोग हमसे जुड़ना चाहते हैं वे आ सकते हैं।'' शिअद के दोबारा राजग में आने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘बातचीत जारी है लेकिन अभी कुछ तय नहीं हुआ है।'' सुखबीर सिंह बादल नीत शिअद ने सितंबर 2020 में तीन कृषि कानूनों को लेकर राजग का साथ छोड़ दिया था।वर्ष 2018 में राजग छोड़ने वाली तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) या, वाईएसआर कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने की संभावना पर शाह ने कहा, "ऐसे मंचों पर हर बात का खुलासा नहीं किया जाता है। कुछ समय इंतजार करें। सब कुछ, सबके लिए स्पष्ट हो जाएगा।" लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक बदलाव के तहत, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) प्रमुख नीतीश कुमार पिछले महीने विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन का साथ छोड़कर राजग में शामिल हो गए, जबकि रालोद के भी भाजपा नीत राजग में शामिल होने की चर्चा है। शाह ने कहा कि भाजपा ने कभी भी किसी गठबंधन सहयोगी से अलग होना नहीं चाहा और बड़ा साझेदार होने के बावजूद उसने अपने क्षेत्रीय सहयोगियों को राज्य सरकारों का नेतृत्व करने दिया। उन्होंने कहा कि कई 'दोस्त' आए और कई चले गए। शाह ने कहा, "आम तौर पर उनके जाने के दो कारण होते हैं। यह किसी घटना के कारण होता है या किसी विशेष राज्य के राजनीतिक समीकरण के कारण होता है। लेकिन भाजपा ने कभी किसी पार्टी से अलग होना नहीं चाहा। भाजपा ने हमेशा गठबंधन धर्म का पालन किया।" शाह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कोई संशय नहीं है और यहां तक कि कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों को भी एहसास हो गया है कि उन्हें फिर से विपक्ष में बैठना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमने (पूर्ववर्ती राज्य जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के) अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया, इसलिए हमें भरोसा है कि देश की जनता भाजपा को 370 सीट और राजग को 400 से अधिक सीटों पर जीत दिलाकर अपना आशीर्वाद देगी।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में कुछ दिन पहले, लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने का दावा किया था।केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि 2024 का चुनाव राजग और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) के बीच नहीं, बल्कि विकास एवं उज्ज्वल भविष्य का वादा पूरा करने वाले और केवल नारे देने वाले एवं निराशा का प्रतिनिधित्व करने वालों के बीच होगा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा' के बारे में पूछे जाने पर कहा कि नेहरू-गांधी के वंशज को इस तरह की यात्रा करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि 1947 में देश के विभाजन के लिए उनकी पार्टी जिम्मेदार थी। उन्होंने कहा कि अब फिर कांग्रेस के कुछ लोग देश को (दक्षिण भारत-उत्तर भारत) में बांटने की बात कर रहे हैं और पार्टी ऐसे बयानों से दूरी भी नहीं बना रही है। सदन में सरकार द्वारा ‘श्वेत पत्र' पेश किए जाने के समय पर सवाल किए जाने पर शाह ने कहा कि ऐसा करना आवश्यक था क्योंकि देश को यह जानने का पूरा अधिकार है कि 2014 में सत्ता खोने के बाद कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार कैसी अव्यवस्था छोड़ कर गई थी।उन्होंने कहा, ‘‘उस समय (2014) अर्थव्यवस्था खराब हालत में थी। हर जगह घोटाले हुए। विदेशी निवेश नहीं आ रहा था। अगर हम उस वक्त श्वेत पत्र पेश करते तो दुनिया में गलत संदेश जाता।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन 10 साल बाद हमारी सरकार ने अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित किया है, वह विदेशी निवेश लेकर आई है और कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है इसलिए श्वेत पत्र पेश करने का यह सही समय है।'' गृह मंत्री शाह ने कहा कि कांग्रेस को डर था कि 1948 से अब तक हुए उनके घोटाले श्वेत पत्र में खुलकर सामने आ जायेंगे। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दो कार्यकाल के दौरान 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले हुए थे। शाह ने सीएए पर कहा कि 2019 में बना कानून इस संबंध में नियम जारी करने के बाद लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मुस्लिम भाइयों को (सीएए के खिलाफ) गुमराह किया जा रहा है और भड़काया जा रहा है। सीएए केवल उन लोगों को नागरिकता देने के लिए है जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न का सामना करने के बाद भारत आए हैं। यह किसी की भारत की नागरिकता छीनने के लिए नहीं है।'' शाह ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर कहा कि यह एक संवैधानिक एजेंडा है, जिस पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अन्य ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कांग्रेस ने तुष्टिकरण के कारण इसे नजरअंदाज कर दिया था। उत्तराखंड में यूसीसी को लागू करना एक सामाजिक परिवर्तन है। इस पर सभी मंचों पर चर्चा की जाएगी और इसकी कानूनी समीक्षा की जाएगी। एक धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म आधारित नागरिक संहिता नहीं हो सकती।'' पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पी वी नरसिम्हा राव तथा प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित करने के फैसले के बारे में शाह ने कहा कि ये तीनों व्यक्ति अपने समय की बड़ी संस्था थे। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस के समय में भारत रत्न या तो मजबूरी के कारण या परिवार को दिया जाता था।'' उद्धव ठाकरे सहित कुछ नेताओं द्वारा यह पूछे जाने पर कि विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया जा रहा है, शाह ने कहा, "हमने उनके सुझाव पर ध्यान दिया है।" हालांकि, गृह मंत्री शाह ने ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद परिसर के मुद्दों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि ये मामले अब अदालतों के विचारार्थ हैं। उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "अधिनियम अपनी जगह पर है।" यह कानून किसी भी उपासना स्थल के रूपांतरण पर रोक लगाता है और अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर को छोड़कर, किसी भी उपासाना स्थल के धार्मिक चरित्र को उसी रूप में बनाए रखने का प्रावधान करता है जैसा वह 15 अगस्त 1947 को अस्तित्व में था। भाजपा के कुछ नेताओं समेत एक वर्ग की ओर से यह मांग की गई है कि इस कानून को रद्द किया जाना चाहिए।शाह ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जाति पर बहस हो रही है और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से झूठ बोलने और उसके बाद उसे दोहराने की आदत है। शाह ने कहा कि गुजरात में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 1994 में मोदी की जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में शामिल किया था और केंद्र ने 2000 में प्रधानमंत्री की जाति को अपनी ओबीसी सूची में शामिल किया था। शाह ने कहा, "उस समय भी, मोदी सत्ता में नहीं थे - न सांसद, न विधायक और न ही सरपंच के तौर पर। वह 2001 में मुख्यमंत्री बने। इन लोगों को तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की आदत है।"
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नई दिल्ली। बिहार में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने के प्रयास करेंगे। इसे देखते हुए, राजधानी पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने विधायकों के साथ बैठकें कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में दल-बदल की अफवाहों के बीच, सभी राजनीतिक दल अपने विधायकों को एकजुट रखने के हरसंभव उपाय कर रहे हैं।
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक की है। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल भी अपने विधायकों के साथ बैठकें कर रहे हैं। 243 सदस्यों की बिहार विधानसभा में एनडीए को 128 विधायकों का समर्थन हासिल है। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी, जेडीयू और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन में 114 विधायक हैं। विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 122 विधायकों का समर्थन चाहिए। इस बीच, प्रदेश में वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य अवध बिहारी चौधरी को पद से हटाने के लिए भी सत्ता पक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर भी कल ही चर्चा होगी। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद भारतीय जनता पार्टी और जनता दल-यूनाइटेड के विधायकों ने मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। बजट सत्र की शुरुआत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर के संबोधन से होगी। - - पहली बार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में कांस्टेबलों की भर्ती के लिए कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित होगी-यह परीक्षा देशभर के 128 शहरों में करीब 48 लाख उम्मीदवार के लिए 20 फरवरी से 7 मार्च 2024 तक आयोजित की जाएगी-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय ने 01 जनवरी 2024 से कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने का फैसला किया था-यह ऐतिहासिक निर्णय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए लिया गया है-कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) परीक्षा के प्रश्न पत्र अब हिन्दी और अंग्रेज़ी के अलावा असमिया,बंगाली,गुजराती,मराठी,मलयालम,कन्नड़,तमिल,तेलुगु,ओडिया,उर्दू,पंजाबी,मणिपुरी और कोंकणीमें भी तैयार किया जाएगा-कांस्टेबल (जीडी) चयन परीक्षा, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं में से एक है जो देश भर से लाखों युवाओं को आकर्षित करती है-इस ऐतिहासिक निर्णय से देशभर के लाखों युवा अपनी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में इस परीक्षा में भाग ले सकेंगे जिससे उनके चयन की संभावनाएं बढ़ेंगी-केंद्र सरकार की इस पहल से देशभर के युवाओं को अपनी मातृभाषा में CAPFs कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) परीक्षा में भाग लेने और देश की सेवा में अपना करियर बनाने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ हैनई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में कांस्टेबलों की भर्ती के लिए पहली बार कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित होगी। यह परीक्षा देशभर के 128 शहरों मेंकरीब 48 लाख उम्मीदवार के लिए 20 फरवरी से 7 मार्च 2024 तक आयोजित की जाएगी।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय ने 01 जनवरी 2024 से CAPFs में भर्तीके लिए कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) परीक्षाहिंदी और अंग्रेजी के अलावा13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने का फैसला किया था। यह ऐतिहासिक निर्णय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की पहल पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए लिया गया है।कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) परीक्षा के प्रश्न पत्र अब हिन्दी और अंग्रेज़ी के अलावा निम्न13 क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार किया जाएगाअसमियाबंगालीगुजरातीमराठीमलयालमकन्नड़तमिलतेलुगुओडियाउर्दूपंजाबीमणिपुरीकोंकणीकांस्टेबल (जीडी) चयन परीक्षा, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं में से एक है जो देश भर से लाखों युवाओं को आकर्षित करती है।इसलिए, गृह मंत्रालय और कर्मचारी चयन आयोग ने हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित करने की सुविधा के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। तदनुसार, एसएससी ने कांस्टेबल (जीडी) परीक्षा, 2024 को अंग्रेजी और हिंदी के अलावा 13क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने के लिए अधिसूचना प्रकाशित की है।इस ऐतिहासिक निर्णय से देशभर के लाखों युवा अपनी मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा में इस परीक्षा में भाग ले सकेंगे जिससे उनके चयन की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके, परिणामस्वरूप पूरे देशमें परीक्षार्थियों के बीच इस परीक्षा की पहुंच बढ़ेगी और सभी को रोजगार का समान अवसर भी मिलेगा। केंद्र सरकार की इस पहल से देशभर के युवाओं को अपनी मातृभाषा में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलोंमें कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) परीक्षा में भाग लेने और देश की सेवा में अपना करियर बनाने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है।














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