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- तिरुवनंतपुरम । केरल के तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में गैस रिसाव के कारण भयानक हादसा देखने को मिला है। दरअसल मामला किलिमन्नूर पुदीयाकावु भगवती मंदिर का है। यहां गैस रिसाव के कारण मंदिर में विस्फोट हुआ। इस घटना में मुख्य पुजारी के गंभीर रूप से झुलसने की वजह से मौत हो गई है। मृतक की पहचान अझूर निवासी जयकुमारन नंबूदरी के रूप में हुई है, जिनकी आयु 49 वर्ष बताई जा रही है। बता दें कि यह घटना 1 अक्तूबर की शाम करीब 6.15 बजे मंदिर के रसोईघर में घटी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग एलपीजी सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण लगी थी। ऐसे में इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी अब सामने आ चुका है जो बेहद दर्दनाक है।इस मंदिर का जयकुमारन नंबूदरी मुख्य पुजारी था.। जिसके मौत पर मंदिर के ट्रस्ट समेत ने लोगों ने दुख जताया है।
- रायपुर। भर्ती कार्यालय (मुख्यालय) जबलपुर भर्ती जोन (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के तत्वाधान में 13 नवंबर, 2024 को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा विभाग, जबलपुर के मैदान में सुबह 4.00 बजे से महिला उम्मीदवारों के लिए भर्ती रैली-2024-25 का किया जा रहा है । उम्मी्दवारों को जबलपुर के एयरपोर्ट रोड स्थित प्रवेश-द्वार पर सुबह 02.00 बजे तक रिपोर्ट करना होगा । रैली में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य की कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) में सभी सफल युवा लड़कियां भर्ती चक्र में सैन्य पुलिस में शामिल होने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी । सभी अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ईमेल आईडी पर एडमिट कार्ड भेज दिए गए हैं । उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड और रैली नॉटिफिकेशन के अनुसार सभी दस्तावेज और आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर लाना अनिवार्य है। रैली संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए भर्ती कार्यालय (मुख्यालय) जबलपुर से टेलीफोन नंबर 7247028996 पर संपर्क कर किया जा सकता । भारतीय सेना में चयन पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर होता है, इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अनाधिकृत व्यक्तियों से सावधान रहें । मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (एमपी और सीजी) सभी शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के लिए शुभकामनाएं देता है। file photo
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नयी दिल्ली/ दुनिया के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शामिल रतन टाटा अपनी शालीनता और सादगी के लिए मशहूर थे लेकिन वह कभी अरबपतियों की किसी सूची में नजर नहीं आए। वह 30 से ज्यादा कंपनियों के कर्ताधर्ता थे जो छह महाद्वीपों के 100 से अधिक देशों में फैली थीं लेकिन उन्होंने अपना जीवन एक संत की तरह जीया। रतन नवल टाटा ने बुधवार की रात 86 वर्ष की आयु में मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।
सरल व्यक्तितत्व के धनी टाटा एक कॉरपोरेट दिग्गज थे, जिन्होंने अपनी शालीनता और ईमानदारी के बूते एक अलग तरह की छवि बनाई थी। रतन टाटा 1962 में कॉर्नेल विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क से वास्तुकला में बी.एस. की डिग्री प्राप्त करने के बाद पारिवारिक कंपनी से जुड़ गए। उन्होंने शुरुआत में एक कंपनी में काम किया और टाटा समूह के कई व्यवसायों में अनुभव प्राप्त किया, जिसके बाद 1971 में उन्हें (समूह की एक फर्म) ‘नेशनल रेडियो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी' का प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया। एक दशक बाद वह टाटा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन बने और उन्होंने 1991 में अपने चाचा जेआरडी टाटा से टाटा समूह के चेयरमैन का पदभार संभाला। जेआरडी टाटा पांच दशक से भी अधिक समय तक इस पद पर रहे थे। यह वह वर्ष था जब भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को खोला और 1868 में एक छोटे वस्त्र और व्यापार प्रतिष्ठान के रूप में शुरुआत करने वाले टाटा समूह ने शीघ्र ही खुद को एक वैश्विक उद्यम में बदल दिया, जिसका साम्राज्य नमक से लेकर इस्पात, कार से लेकर सॉफ्टवेयर, बिजली संयंत्र और एयरलाइन तक फैला गया था। रतन टाटा दो दशक से अधिक समय तक समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी ‘टाटा संस' के चेयरमैन रहे और इस दौरान समूह ने तेजी से विस्तार करते हुए वर्ष 2000 में लंदन स्थित टेटली टी को 43.13 करोड़ डॉलर में खरीदा, वर्ष 2004 में दक्षिण कोरिया की देवू मोटर्स के ट्रक-निर्माण परिचालन को 10.2 करोड़ डॉलर में खरीदा, एंग्लो-डच स्टील निर्माता कोरस समूह को 11.3 अरब डॉलर में खरीदा और फोर्ड मोटर कंपनी से मशहूर ब्रिटिश कार ब्रांड जगुआर और लैंड रोवर को 2.3 अरब डॉलर में खरीदा। भारत के सबसे सफल उद्योगपतियों में से एक होने के साथ-साथ, वह अपनी परोपकारी गतिविधियों के लिए भी जाने जाते थे। परोपकार में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी बहुत पहले ही शुरू हो गई थी। वर्ष 1970 के दशक में, उन्होंने आगा खान अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परियोजना की शुरुआत की, जिसने भारत के प्रमुख स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में से एक की नींव रखी। साल 1991 में टाटा संस के चेयरमैन के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद, टाटा के परोपकार संबंधी प्रयासों को नई गति मिली। उन्होंने अपने परदादा जमशेदजी द्वारा स्थापित टाटा ट्रस्ट को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया, ताकि महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। रतन टाटा ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज जैसे उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की। ईमानदारी और शालीनता की प्रतिमूर्ति रहे। दिसंबर 2012 में रतन टाटा ने टाटा संस की जिम्मेदारी साइरस मिस्त्री को दे दी जो उस समय तक उनके सहायक थे। हालांकि टाटा समूह में स्वामित्व रखने वाले लोगों को टाटा परिवार से बाहर के पहले सदस्य मिस्त्री के कामकाज के तरीके से दिक्कतें होने लगीं और अक्टूबर 2016 में टाटा समूह की कमान मिस्त्री के हाथ से चली गई। रतन टाटा उस समय कंपनी में शेयरधारक थे और कई परियोजनाओं पर वह मिस्त्री से असहमत थे। इनमें रतन टाटा की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘नैनो' कार का उत्पादन बंद करने का मिस्त्री का फैसला भी शामिल था। मिस्त्री के हटने के बाद रतन ने अक्टूबर 2016 से कुछ समय के लिए अंतरिम चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभाली और जनवरी 2017 में नटराजन चंद्रशेखरन को टाटा समूह का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद वह सेवानिवृत्त हो गए। तब से वह टाटा संस के अवकाश प्राप्त चेयरमैन थे। इसी दौरान उन्होंने 21वीं सदी के कुछ युवा उद्यमियों की मदद की, अनेक प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों और स्टार्ट-अप में निवेश किया। टाटा ने व्यक्तिगत हैसियत से 30 से ज्यादा स्टार्ट-अप में निवेश किया, जिनमें ओला इलेक्ट्रिक, पेटीएम, स्नैपडील, लेंसकार्ट और ज़िवामे शामिल हैं। कुछ ही महीने पहले की बात है। वो एक मानसून की भीगी भीगी सी शाम थी। कुत्तों से बेहद प्रेम और स्नेह रखने वाले रतन टाटा ने अपने सभी सहयोगियों, कर्मचारियों से कह दिया कि मुंबई के आलीशान इलाके में स्थित टाटा समूह के मुख्यालय के दरवाजे लावारिस कुत्तों के लिए खोल दिए जाएं। टाटा समूह मुख्यालय में शरण लेने वाले बहुत से कुत्ते अपने मालिक रतन टाटा के स्नेह के चलते फिर वहीं के होकर रह गए। लेकिन अब उनसे स्नेह और प्रेम करने वाले रतन टाटा अनंत यात्रा पर चले गए हैं। - नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय व्यापारिक घरानों में से उन्होंने टाटा की सबसे अधिक प्रशंसा की है क्योंकि रतन टाटा ने अपार समर्पण, दूरदर्शिता और निष्ठा के साथ समूह को कई दशकों तक गौरव दिलाया। टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा ने बुधवार रात मुंबई में अंतिम सांस ली। वह 86 वर्ष के थे।पूर्व उपप्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि टाटा ने भारतीय उद्योग पर एक अमिट छाप छोड़ी है। आडवाणी ने कहा, ‘‘वह उद्योग जगत के दिग्गजों में से एक थे।'' आडवाणी ने कहा, ‘‘वह वास्तव में दिवंगत श्री जेआरडी टाटा के योग्य उत्तराधिकारी साबित हुए जिनसे मुझे कई मौकों पर बातचीत करने का अवसर मिला।'' भाजपा के दिग्गज नेता ने कहा कि टाटा के साथ उनका आखिरी संवाद इस साल फरवरी में हुआ था जब उनको ‘भारत रत्न' से सम्मानित किये जाने के बाद टाटा का एक ‘स्नेहपूर्ण पत्र' मिला था। उन्होंने कहा कि उनकी गर्मजोशी, उदारता और दयालुता हमेशा बहुत असाधारण रही है। आडवाणी (96) ने कहा, ‘‘देश श्री रतन टाटा का ऋणी रहेगा। वह वास्तव में एक महान व्यक्ति थे। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार, दोस्तों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।''
- बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बृहस्पतिवार की सुबह रेल की पटरी पर अज्ञात लोगों ने छोटे पत्थर रख दिये, लेकिन ट्रेन उन पर से सकुशल गुजर गयी। रेलवे पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि सहारनपुर से मुरादाबाद जा रही मेमू ट्रेन जब गढ़मलपुर क्रासिंग पर पहुंची तो पटरी पर पत्थर टूटने की आवाज आई। हालांकि ट्रेन सकुशल निकल गयी। बाद में चालक ने मुर्शदपुर स्टेशन पहुंच कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर की गयी जांच में पता चला कि पटरी पर किसी ने छोटे-छोटे पत्थर रख दिए थे जिन्हें पीसती हुई ट्रेन आगे निकल गयी। कुमार ने बताया कि रेलवे पुलिस तहकीकात कर रही है कि यह बच्चों की शरारत है या साजिश के तहत पटरी पर पत्थर रखे गये। उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कानपुर, जौनपुर और बागपत समेत कई जगहों पर पटरी पर रसोई गैस सिलिंडर, खम्बा और लट्ठा आदि रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं। इनमें से कुछ मामलों में ट्रेन को पलटाने की साजिश की आशंका भी जाहिर की गयी है।
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नयी दिल्ली. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बृहस्पतिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कहा कि अवसाद और चिंता से हर साल 12 अरब कामकाजी दिवस का नुकसान हो रहा है। दक्षिण पूर्व एशिया के लिए डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा कि बृहस्पतिवार को मनाए जा रहे विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का विषय ‘कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य' के महत्व पर जोर देता है, क्योंकि एक स्वस्थ कामकाजी वातावरण मानसिक भलाई के लिए एक सुरक्षात्मक कवच के रूप में कार्य कर सकता है। वाजेद के अनुसार, अस्वास्थ्यकर स्थितियाँ, जैसे निंदा, भेदभाव और उत्पीड़न जैसे जोखिमों के संपर्क में आना, मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्रदर्शन में कमी, अनुपस्थिति और घाटे में वृद्धि हो सकती है। वाजेद ने कहा, ‘‘अकेले अवसाद और चिंता के कारण हर साल लगभग 12 अरब कार्य दिवस का नुकसान होता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को सालाना लगभग एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है।'' एक ट्रिलियन 1000 अरब के बराबर होता है। वाजेद ने कहा, ‘‘हमने हाल ही में ‘एसईएआरओ केयर' की घोषणा की - हमारे क्षेत्रीय और देश के कार्यालयों में काम करने वालों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए यह हमारी अभूतपूर्व पहल है। हमें उम्मीद है कि एक बार औपचारिक रूप से लॉन्च होने के बाद एसईएआरओ केयर हमारे क्षेत्र की अन्य कंपनियों और संगठनों के लिए एक ‘केस स्टडी' और ‘मॉडल' बन जाएगा।'' ‘एसईएआरओ केयर' के दो मुख्य स्तंभ सभी डब्ल्यूएचओ कार्यालयों में काम के माहौल में सुधार करना और सभी कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। वाजेद ने कहा, ‘‘कामकाजी माहौल में सुधार में शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों तरह का माहौल शामिल हैं जिनमें हमारे सहकर्मी काम करते हैं।''
- नयी दिल्ली.अनुसंधानकर्ताओं ने गंभीर जलवायु आपदा की चेतावनी दी है जिससे उबरना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि हर साल जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने वाले 35 महत्वपूर्ण संकेतों में से 25 रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। एक अंतरराष्ट्रीय टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यधिक प्रतिकूल मौसमी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, और उनकी तीव्रता भी बढ़ गयी है। जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जन अब तक के उच्चतम स्तर पर है जो 25 महत्वपूर्ण संकेतों में से एक है। इस अंतरराष्ट्रीय टीम में जर्मनी के पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट ऑफ क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च के शोधकर्ता भी शामिल थे। रिपोर्ट में जिन अन्य महत्वपूर्ण संकेतों का जिक्र किया गया है, उनमें पृथ्वी की सतह का औसत तापमान, महासागर की गर्मी, वैश्विक समुद्र का स्तर और मानव आबादी शामिल हैं तथा ये सभी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव आबादी प्रतिदिन लगभग दो लाख की दर से बढ़ रही है। यह रिपोर्ट ‘बायोसाइंस' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुयी है। इसमें कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण 2024 में एशिया में भीषण गर्मी ने स्थिति को और प्रतिकूल बना दिया। भारत में भी अब तक की सबसे लंबी गर्मी पडी। अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार ग्रीनलैंड और अंटार्कटिक में बर्फ की मात्रा और मोटाई दोनों रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली ग्रीनहाउस गैसों - मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड का उत्सर्जन अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है तथा 1980 से 2020 के बीच नाइट्रस ऑक्साइड के स्तर में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि 2022 की तुलना में 2023 में कोयला, तेल और गैस की खपत में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि जीवाश्म ईंधन का उपयोग सौर और पवन ऊर्जा के उपभोग से करीब 15 गुना अधिक है। टीम ने 2023 में 35 महत्वपूर्ण संकेतों में से 20 को चरम स्तर पर पहुचने का जिक्र किया था।टीम ने कहा, "हम अपरिवर्तनीय जलवायु आपदा के कगार पर हैं। यह किसी भी संदेह से परे वैश्विक आपातकाल है। पृथ्वी पर जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा खतरे का सामना कर रहा है।"
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नयी दिल्ली. रेलवे अधिकारियों को पुरी-नयी दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस में कुछ संदिग्ध आतंकवादियों के विस्फोटकों के साथ यात्रा करने की सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश के टूंडला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को तीन घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘एक्स' उपयोगकर्ता से मिली सूचना गलत निकली, क्योंकि देर रात ढाई बजे से सुबह छह बजे तक की गई गहन जांच के बाद कुछ भी ‘‘संदिग्ध'' नहीं मिला। प्रयागराज रेल मंडल के एक रेलवे अधिकारी ने बताया, ‘‘देर रात करीब ढाई बजे हर डिब्बे के यात्रियों को जगाया गया और ‘मेटल डिटेक्टर' तथा श्वान दस्ते की मदद से उनके सामान एवं कोच की गहनता से जांच की गई, लेकिन कुछ भी संदेहास्पद नहीं मिला।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' के एक उपयोगकर्ता के ‘हैंडल' से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध आतंकवादी विस्फोटकों के साथ ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं, जिसे वे एअर इंडिया की दिल्ली-लेह उड़ान में लगाने वाले हैं। हमने कार्रवाई शुरू की, लेकिन यह खबर गलत निकली।
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हमीरपुर .हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को गाय खरीदने के लिए 33,000 रुपये का अनुदान मिलेगा, साथ ही गौशाला का फर्श पक्का करने के लिए 8,000 रुपये की सब्सिडी भी मिलेगी। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए) के अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी की सहायक तकनीकी प्रबंधक नेहा भारद्वाज ने मंझिआर गांव में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘राज्य में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को स्थानीय गाय खरीदने के लिए 33,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा गौशाला का फर्श पक्का करने के लिए 8,000 रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी।'' मंझियार में प्राकृतिक खेती पर जागरूकता और जन संवेदीकरण शिविर का आयोजन किया गया, जहां भारद्वाज ने कहा कि प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाली फसलें स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होती हैं तथा इसमें खेती की लागत भी कम आती है। इस खेती को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि देशी गायों के गोबर व मूत्र से प्राकृतिक खेती के मुख्य घटक जैसे जीवामृत, बीजामृत, धनजीवामृत तथा देशी कीटनाशक घर पर ही तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने स्थानीय नस्ल की गायों जैसे साहीवाल, रेड सिंधी, राठी, थार व पार्कर के बारे में भी जानकारी दी तथा राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के बारे में भी बताया। शिविर में किसानों को मटर के बीज भी वितरित किए गए।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल की बैठक इस वर्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मथुरा के एक गांव में होगी जिसमें भावी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के अलावा देश हित के वर्तमान विषयों पर चर्चा की जाएगी। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बृहस्पतिवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।
आंबेकर ने कहा, ‘‘इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल' की बैठक पश्चिम उत्तर प्रदेश के ब्रज प्रांत में मथुरा के पास परखम ग्राम में आगामी दिनांक 25 एवं 26 अक्तूबर को होगी।'' यह बैठक प्रति वर्ष इन्हीं दिनों में दीपावली के पूर्व संपन्न होती है। अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल में संघ के सभी 46 प्रांतों के प्रांत एवं सह संघचालक, कार्यवाह तथा प्रचारक भाग लेंगे। बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले तथा सभी सह सरकार्यवाह एवं अन्य अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुखों सहित कार्यकारिणी के सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। आंबेकर ने कहा, ‘‘बैठक में विजयादशमी के पावन पर्व पर सरसंघचालक द्वारा प्रस्तुत विचारों में उल्लेखित महत्वपूर्ण मुद्दों के क्रियान्वयन के लिए योजनाओं तथा देश के समसामयिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।'' बैठक में इसी साल मार्च में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में निर्धारित वार्षिक योजना की समीक्षा की जाएगी तथा संघ कार्य के विस्तार का ब्योरा भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘बैठक में विशेषकर संघ शताब्दी निमित्त सुनिश्चित संगठनात्मक लक्ष्यों को विजयादशमी 2025 तक पूर्ण करने के संबंध में विचार-विमर्श होगा।'' संघ की 1925 में दशहरे के दिन ही नागपुर में स्थापना हुई थी। विजयादशमी दिन संघ के नागपुर मुख्यालय समेत देशभर की शाखाओं में शस्त्र पूजा की जाती है। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में पथ संचलन निकाला जाता है। सरसंघचालक विजयादशमी के दिन आरएसएस के सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हैं। -
विएंतियान. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसे समय में जब विश्व के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं, भारत-आसियान मित्रता बहुत महत्वपूर्ण है। यहां 21वें भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने 10 साल पहले ‘एक्ट ईस्ट नीति' की घोषणा की थी और पिछले दशक में इसने भारत और आसियान देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को नयी ऊर्जा, दिशा और गति दी है। भारत-आसियान शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्र में दक्षिण चीन सागर में समुद्री मुद्दों को लेकर फिलीपीन और चीन के बीच तनाव है तथा म्यांमा में संकट है, जहां जातीय समूह सैन्य शासन से संघर्ष कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि 21वीं सदी, जिसे एशियाई सदी भी कहा जाता है, भारत की और आसियान देशों की सदी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत-आसियान मैत्री, समन्वय वार्ता और सहयोग ऐसे समय में बहुत महत्वपूर्ण है जब विश्व के कई हिस्से संघर्ष और तनाव का सामना कर रहे हैं।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और आसियान देश पड़ोसी हैं और ‘वैश्विक दक्षिण' में साझेदार हैं।
उन्होंने कहा, हम शांतिप्रेमी देश हैं और एक दूसरे की राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते हैं तथा क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' मोदी ने कहा कि आसियान की केंद्रीयता को ध्यान में रखते हुए भारत ने 2019 में हिंद-प्रशांत महासागर पहल शुरू की थी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल, क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए समुद्री अभ्यास शुरू किए गए।'' उन्होंने कहा कि पिछले दशक में आसियान देशों के साथ भारत का व्यापार दोगुना होकर अब 130 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत की आसियान के सात देशों से सीधी उड़ान हैं और ब्रूनेई के लिए सीधी उड़ान जल्द शुरू होंगी।'' मोदी ने कहा कि भारत ने सिंगापुर के साथ फिनटेक कनेक्टिविटी शुरू की है। उन्होंने कहा, ‘‘अन्य देशों में भी यह सफलता दिख रही है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जन-केंद्रित प्रयास भारत और आसियान के बीच विकास साझेदारी की बुनियाद हैं। मोदी ने कहा कि आसियान क्षेत्र के 300 से अधिक छात्रों को नालंदा विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति मिली है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमा और इंडोनेशिया की साझा धरोहर के संरक्षण में भी कारगर रही है। मोदी ने कहा, ‘‘कोविड महामारी हो या प्राकृतिक आपदाएं हों, हमने हमारी मानवीय जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए एक दूसरे की मदद की है।'' उन्होंने कहा कि भारत और आसियान ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी कोष, डिजिटल कोष और हरित कोष स्थापित किया है तथा नई दिल्ली ने इन पहलों में 30 करोड़ डॉलर से अधिक का योगदान दिया है। मोदी ने कहा, ‘‘परिणामस्वरूप आज हमारा सहयोग जल से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक पहुंच गया है और हमारी साझेदारी पिछले दशक में अधिक व्यापक हो गई है।'' बाद में मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारत-आसियान शिखर सम्मेलन फलदायी रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस बारे में चर्चा की कि भारत और आसियान के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी को और कैसे मजबूत किया जाए। हम व्यापार संबंधों, सांस्कृतिक संबंधों और प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी तथा ऐसे अन्य क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की आशा करते हैं।'' मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों में भाग लेने तथा इन समूहों के देशों के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर लाओस में हैं। -
विएंतियान. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को रामायण के लाओ संस्करण की प्रस्तुति देखी, जो भारत और लाओस के बीच साझा विरासत एवं सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस की राजधानी में हैं। विएंतियान पहुंचने के बाद उन्होंने लाओ रामायण ‘फलक फालम' या ‘फ्रलक फ्रराम' की एक कड़ी का मंचन देखा, जिसे प्रतिष्ठित रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग के कलाकारों ने प्रस्तुत किया। ‘फ्रलकफ्रराम डॉट कॉम' के मुताबिक, लाओ रामायण मूल भारतीय संस्करण से अलग है। बौद्ध समूहों के माध्यम से यह 16वीं शताब्दी के आसपास लाओस पहुंचा था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “साझा विरासत और परंपरा दोनों देशों को करीब ला रही है... यह प्रस्तुति भारत-लाओस के समृद्ध और साझा जुड़ाव का एक उत्कृष्ट प्रदर्शन थी।” विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लाओस में आज भी रामायण का मंचन किया जाता है और यह महाकाव्य दोनों देशों के बीच साझा विरासत और सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है। बयान के अनुसार, लाओस में सदियों से भारतीय संस्कृति और परंपरा के विभिन्न पहलुओं का पालन एवं संरक्षण किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि दोनों देश अपनी साझा विरासत को रोशन करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इससे पहले, मोदी ने लाओ पीडीआर के केंद्रीय बौद्ध फेलोशिप संगठन के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं के आशीर्वाद समारोह में हिस्सा लिया, जो विएंतियान में सी साकेत मंदिर के प्रतिष्ठित मठाधीश महवेथ मसेनई की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। मोदी ने ‘एक्स' पर लिखा, “लाओ पीडीआर में सम्मानित भिक्षुओं और आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात हुई, जो भारतीयों द्वारा पाली को दिए जा रहे सम्मान को देखकर खुश थे। मैं उनके आशीर्वाद के लिए उनका आभारी हूं।” विदेश मंत्रालय ने कहा कि साझा बौद्ध विरासत भारत और लाओस के बीच घनिष्ठ सभ्यतागत संबंधों के एक और पहलू का प्रतिनिधित्व करती है। प्रधानमंत्री ने लाओस में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा वट फू मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण कार्य पर आधारित प्रदर्शनी भी देखी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लाओस में वट फू मंदिर और संबंधित स्मारकों के जीर्णोद्धार कार्य में जुटा हुआ है। जायसवाल ने कहा, “वट फू : भारत-लाओस के बीच करीबी सभ्यतागत संबंधों और विरासत का प्रतीक है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लाओस में यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल वट फू के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए असाधारण काम कर रहा है।” मोदी ने कहा, “लगातार गहराता सांस्कृतिक जुड़ाव! भारत को वट फू परिसर सहित विभिन्न विरासत स्थलों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार की दिशा में लाओ पीडीआर के साथ मिलकर काम करने पर गर्व है।
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नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनके योगदान की सराहना की है। भारत के सबसे बड़े समूह टाटा संस के मानद अध्यक्ष (चेयरमैन) रतन टाटा का बुधवार रात 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। धनखड़ ने टाटा को भारतीय उद्योग जगत की एक महान हस्ती बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में टाटा का योगदान देश और विदेशों के उद्यमियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने धनखड़ के हवाले से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘भारतीय उद्योग जगत के ‘दिग्गज' टाटा अपने पीछे एक स्थायी विरासत छोड़ गए हैं, भारत उन्हें बहुत याद करेगा।'' लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि देश ने एक महान उद्योगपति और समाजसेवी को खो दिया है, जिन्होंने न केवल भारतीय उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि अपनी निस्वार्थ सेवा और उदारता से समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘रतन टाटा की सादगी, दूरदर्शिता और सेवा भावना युगों तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है।'' कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रतन टाटा को ‘अनमोल रतन' बताया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व का एक युग समाप्त हो गया है।
उन्होंने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘टाटा का निधन अपूरणीय क्षति है, उनके उल्लेखनीय योगदान ने न केवल उद्योगों को बदल दिया, बल्कि भारत को नवाचार और उत्कृष्टता के वैश्विक शिखर पर भी पहुंचाया है।'' -
गोंडा. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गोंडा-बुढ़वल रेलखंड पर एक मालगाड़ी तकनीकी दिक्कत के कारण दो हिस्सों में बंट गई। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। रेलवे के क्षेत्रीय प्रबंधक गिरीश कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि मैजापुर और कर्नलगंज रेलवे स्टेशन के मध्य गेट संख्या 281 (बी) के पास बुधवार को आवारा मवेशी कट जाने से मालगाड़ी अप-बीसीएन के इंजन का होज पाइप खुल गया था। परिणाम स्वरूप ट्रेन के कुछ डिब्बे पीछे छूट गए। उन्होंने बताया कि पीछे छूटी बोगियों में गार्ड की बोगी भी शामिल थी। गार्ड और गेट मैन ने तत्काल इसकी सूचना कर्नलगंज रेलवे स्टेशन के साथ-साथ रेलवे कंट्रोल कमांड को दी। चालक ने आपातकालीन स्थिति में मालगाड़ी को तुरंत रोक दिया। सिंह ने बताया कि सूचना पाकर तत्काल मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने अलग हुई बोगियों को फिर से जोड़कर मालगाड़ी को रवाना किया।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने रात में आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए उनपर चमकीली पट्टी लगाने की घोषणा की है। एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि योजना के लिए राज्य के गौ संरक्षण कोष से धनराशि आवंटित की गई है तथा जिलाधिकारियों और पशुपालन विभाग को इसे लागू करने निर्देश दिए गए हैं। सात अक्टूबर को प्रमुख सचिव के. रवींद्र नायक की ओर से जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, राज्य के गौ संरक्षण कोष का एक हिस्सा राजमार्गों और अन्य व्यस्त सड़कों के आसपास रहने वाली गायों पर बांधने के लिए ‘रेडियम' की पट्टियां खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा होने पर वाहन चालक गाय के गले में बंधी पट्टी देखकर सावधान हो जाएंगे, जिससे दुर्घटना से बचा जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि पट्टियां आवारा पशुओं के सींग और गर्दन पर लगाई जाएंगी।पशुपालन विभाग के निदेशक पी. एन. सिंह ने कहा, "योजना से संबंधित आदेश को लागू करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य सर्दी के मौसम में ही आवारा पशुओं पर रेडियम टेप लगाना है।” पशुपालन विभाग इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा हैं। आवारा पशुओं पर पट्टी लगाना राज्य में आवारा पशुओं की समस्या को दूर करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल लगभग 15 लाख आवारा पशु हैं, जिनमें से लगभग 12 लाख पशु आश्रयों में रखे गए हैं। शेष तीन लाख आवारा पशुओं की देखभाल सहभागिता योजना के तहत सीमांत परिवार करते हैं। इन परिवारों को चारे के लिए प्रति पशु अधिकतम 1,500 रुपये प्रति माह मिलते हैं। योजना के तहत एक परिवार अधिकतम चार मवेशियों को रख सकता है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों में खून और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों वाले चावल की आपूर्ति को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की सराहना की और कहा कि इससे गरीबों का स्वास्थ्य और बेहतर होगा। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देशभर के अपने गरीब भाई-बहनों की पोषण सुरक्षा के लिए हमने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति को जारी रखने का फैसला किया है। जरूरी पोषक तत्वों के साथ तैयार इस चावल से उनका स्वास्थ्य और बेहतर होगा।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को ही मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। इस योजना पर 17,000 करोड रुपये से अधिक का खर्च आएगा। गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इससे पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा और भारत के समृद्ध इतिहास में लोगों की रुचि भी बढ़ेगी। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ओर से राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,280 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दिए जाने पर मोदी ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास भी सरकार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी कड़ी में राजस्थान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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नयी दिल्ली. राजस्थान ने केंद्र से राज्य के पांच और शहरों को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में शामिल करने का अनुरोध किया है। आधिकारिक रिकॉर्ड से यह जानकारी मिली। राजस्थान ने राज्य की शुष्क भौगोलिक स्थिति और प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया है। छत्तीसगढ़ ने भी केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से रायगढ़ जिले को एनसीएपी के दायरे में लाने का अनुरोध किया है। एनसीएपी के अंतर्गत ‘नेशनल एपेक्स कमेटी' की बैठक के दौरान राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने अनुरोध किया कि राज्य की शुष्क भौगोलिक स्थिति और जलवायु परिस्थितियों के मद्देनजर अजमेर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा और जैसलमेर को इसमें शामिल किया जाए। छत्तीसगढ़ के पर्यावरण विभाग की प्रमुख सचिव आर. संगीता ने भी ‘‘बढ़ते प्रदूषण स्तर'' के कारण रायगढ़ को कार्यक्रम में शामिल करने का अनुरोध किया। जुलाई में, केंद्र ने रायगढ़ जिले में एक कोयला खनन परियोजना को मंजूरी दे दी, जबकि उसके छह महीने बाद ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने इसकी पर्यावरणीय मंजूरी रद्द कर दी थी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-पटना द्वारा किए गए वहन क्षमता और संचयी प्रभाव आकलन में पाया गया कि रायगढ़ में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड प्रदूषण का स्तर सुरक्षित सीमा के भीतर है, लेकिन अति सूक्ष्म कण (पीएम) का स्तर औद्योगिक क्षेत्रों के लिए मान्य अधिकतम स्तर के करीब पहुंच रहा है। भारत ने 2019 में एनसीएपी की शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य 2017 के स्तर की तुलना में 2024 तक पीएम प्रदूषण में 20-30 प्रतिशत की कमी लाना था। बाद में सरकार ने इसमें संशोधन कर 2019-20 के स्तर से 2026 तक 40 प्रतिशत की कमी करने का लक्ष्य तय किया।
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रायबरेली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली में रेल की पटरियों पर मिट्टी का ढेर मिलने के दो दिन बाद ऐसी ही एक और घटना में मालगाड़ी के रास्ते में पटरी पर सीमेंट से बना स्लीपर पाया गया। रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे रायबरेली-प्रयागराज रेल खंड पर लक्ष्मणपुर रेलवे स्टेशन के पास हुई। घटना के तहत सतना (मध्य प्रदेश) से कुंदनगंज (रायबरेली) आ रही एक मालगाड़ी बेनीकामा के पास लक्ष्मणपुर और दरियापुर स्टेशनों के बीच पटरी पर रखे सीमेंट से निर्मित स्लीपर से टकरा गई। उन्होंने बताया कि मालगाड़ी चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन इसके बावजूद इंजन का कैटल गार्ड पटरी पर पड़े स्लीपर से टकरा गया। बहरहाल, घटना के बाद चालक ने इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष को दी। सूत्रों के मुताबिक, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे रेलकर्मियों ने स्लीपर को पटरी से हटाया। उसके बाद मालगाड़ी को आगे बढ़ाया गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों ने कहा कि इस सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की जांच की जाएगी। इससे पहले, गत छह अक्टूबर को जिले के रघुराज सिंह स्टेशन के पास रेल की पटरियों पर मिट्टी का ढेर देखा गया था। इसकी वजह से एक शटल ट्रेन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।
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नयी दिल्ली. हरियाणा विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के प्रमुख के रूप में अपने शपथ ग्रहण से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। भाजपा ने चुनाव के दौरान संकेत दिया था कि जीत की स्थिति में शीर्ष पद के लिए सैनी ही उसकी पसंद होंगे। मार्च में मनोहर लाल खट्टर की जगह अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले सैनी को राज्य के मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी गई थी। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सैनी ने पार्टी की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव विश्लेषकों ने भले ही कांग्रेस के चुनाव जीतने की संभावनाओं का दावा किया हो लेकिन उन्होंने हमेशा जोर दिया कि लोग भाजपा सरकार की नीतियों के कारण उस पर भरोसा करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर कांग्रेस की ओर से संदेह जताए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी झूठ का बवंडर खड़ा कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बड़ी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है जो पिछले 10 वर्षों में ऐसी योजनाएं लाए, जिनसे गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को लाभ पहुंचा है। इनसे समाज के सभी वर्गों को मदद मिली। लोग उन्हें प्यार करते हैं और इसलिए भाजपा तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई है।'' यह पूछे जाने पर अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और शपथ ग्रहण समारोह कब होगा, सैनी ने कहा कि यह तय करने का अधिकार केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी के संसदीय बोर्ड को है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय पर्यवेक्षक जल्द ही राज्य का दौरा करेंगे और विधायक दल के नेता का चयन करेंगे। इसके बाद संसदीय बोर्ड फैसला लेगा।'' सत्ता विरोधी लहर को दरकिनार करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा ने हरियाणा में जीत की ‘हैट्रिक' लगाकर सत्ता बरकरार रखी और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की वापसी की कोशिशों को रोक दिया। हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए। भाजपा ने 48 सीट जीतकर अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की। भाजपा को मिली सीटों की संख्या कांग्रेस की संख्या से 11 अधिक है। वहीं जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) जैसी पार्टियों का सूपड़ा साफ हो गया और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) को सिर्फ दो सीट ही मिल पाईं। आप ने हरियाणा विधानसभा चुनाव अकेले लड़ा था। कांग्रेस की आसान जीत की भविष्यवाणी करने वाले ‘एग्जिट पोल' (चुनाव बाद सर्वेक्षणों) को गलत साबित करते हुए भाजपा लगातार तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाएगी। हरियाणा में पांच अक्टूबर को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव हुए थे।
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मुंबई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र में 12,654 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी । इसमें नागपुर और शिरडी हवाई अड्डों पर कार्यों का भूमिपूजन और राज्य में नए 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया । इसके अलावा मुंबई में निर्मित भारतीय कौशल संस्थान और विद्या समीक्षा केंद्र महाराष्ट्र का उद्घाटन किया।
वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नागपुर में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी। इस नए एकीकृत टर्मिनल भवन की अनुमानित लागत लगभग 7000 करोड़ रुपये है।सभी आकार के विमानों के लिए उपयुक्त अलग-अलग संचालन के साथ दो समानांतर रनवे, मौजूदा रनवे का विस्तार और नए रनवे का निर्माण, सालाना 14 मिलियन यात्रियों को संभालने के लिए 3 लाख वर्ग फुट के नए टर्मिनल भवन का विकास, लगभग 9 लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाला एक नया कार्गो कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा जिसमें एक समय में लगभग 100 विमानों को समायोजित करने के लिए पार्किंग बे का निर्माण किया जाएगा।डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे नागपुर के उन्नयन की परियोजना विनिर्माण, विमानन, पर्यटन, रसद और स्वास्थ्य सेवा सहित कई क्षेत्रों में विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करेगी, जिससे नागपुर शहर और व्यापक विदर्भ क्षेत्र को लाभ होगा।प्रधानमंत्री ने शिरडी हवाई अड्डे पर 645 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले जिस नए एकीकृत टर्मिनल भवन की आधारशिला रखी, उससे शिरडी आने वाले धार्मिक पर्यटकों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं और सुख-सुविधाएं मिलेंगी। प्रस्तावित टर्मिनल के निर्माण की थीम साईं बाबा के आध्यात्मिक नीम के पेड़ पर आधारित है। यात्री वहन क्षमता में वृद्धि और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विस्तारित टर्मिनल भवन शिरडी में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगा।प्रधानमंत्री ने किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए जिन 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया , वह मुंबई, नासिक, जालना, अमरावती, गढ़चिरौली, बुलढाणा, वाशिम, भंडारा, हिंगोली और अंबरनाथ (ठाणे) में स्थित हैं।इस परियोजना की लागत करीब 5000 करोड़ रुपये है। ये कॉलेज स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों को बढ़ाने के साथ-साथ, लोगों को विशेष तृतीयक स्वास्थ्य सेवा भी प्रदान करेंगे। इन कॉलेजों में छात्रों के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम की 900 सीटें बढ़ जाएंगी। इस निर्णय से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य देखभाल में काफी सुधार होगा।प्रधानमंत्री ने भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) का उद्घाटन किया इसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत स्थापित, यह टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट और भारत सरकार के बीच एक सहयोग है। संस्थान मेक्ट्रोनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, औद्योगिक स्वचालन और रोबोटिक्स जैसे अत्यधिक विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना बना रहा है।अधिकारियों के मुताबिक विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकों को स्मार्ट उपस्थिति, स्वाध्याय जैसे लाइव चैटबॉट के माध्यम से महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक डेटा तक पहुंच प्रदान करेगा। यह स्कूलों को संसाधनों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने, अभिभावकों और राज्य के बीच संबंधों को मजबूत करने और उत्तरदायी सहायता प्रदान करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जानकारियां प्रदान करेगा। यह शिक्षण के तौर तरीकों और छात्रों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए तैयार किए गए निर्देशात्मक संसाधन भी प्रदान करेगा। - रुद्रप्रयाग। केदारनाथ मंदिर के कपाट इस वर्ष तीन नवंबर को सुबह साढ़े आठ बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य पदाधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि परंपरा के अनुसार, केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए भाई दूज के अवसर पर तीन नवंबर को बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कपाट सुबह साढ़े आठ बजे बंद होंगे। पदाधिकारी ने बताया कि शीतकाल के दौरान भगवान केदारनाथ के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ के श्री ओंकारेश्वर मंदिर में होंगे। उच्च गढ़वाल क्षेत्र में स्थित केदारनाथ मंदिर सहित चारों धामों के कपाट हर साल अक्टूबर-नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं, जिन्हें अगले वर्ष फिर अप्रैल-मई में खोला जाता है। अन्य तीन धामों में यमुनोत्री के कपाट भैया दूज पर जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। वहीं बदरीनाथ मंदिर के बंद होने की तिथि दशहरे के त्यौहार पर तय की जाएगी।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्वच्छ शौचालय और शिशु देखभाल कक्ष जैसी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मंगलवार को ‘हमसफर नीति' की शुरुआत की। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘हमसफर नीति' में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप स्टेशनों पर स्वच्छ शौचालय, शिशु देखभाल कक्ष, व्हीलचेयर के लिए प्रावधान, ईवी चार्जिंग स्टेशन, पार्किंग स्थल और ठहरने की सुविधाएं शुरू की जाएंगी। मंत्रालय ने कहा कि यह नीति राजमार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और आनंददायक अनुभव प्रदान करेगी। इसके अलावा यह नीति उद्यमियों को सशक्त बनाएगी, रोजगार पैदा करेगी और सेवा प्रदाताओं के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाएगी। गडकरी ने इस नीति की शुरुआत के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ‘हमसफर' ब्रांड देश के विश्वस्तरीय राजमार्ग नेटवर्क पर यात्रियों और चालकों के लिए अत्यधिक सुरक्षा और आराम का पर्याय बन जाएगा। गडकरी ने कहा, ‘‘अगर कोई टोल वसूल रहा है तो उसे यात्रियों की सुरक्षा और आराम को भी सुनिश्चित करना होगा।'' उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर उच्च गुणवत्ता वाली, मानकीकृत सेवाएं प्रदान करने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल से समाज के हाशिये पर मौजूद स्थानीय तबकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण के अनुकूल होगी और पारिस्थितिकी एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति को तैयार करते समय जल संरक्षण, मृदा संरक्षण, अपशिष्ट पुनर्चक्रण और सौर ऊर्जा जैसी बातों को भी ध्यान में रखा गया है। गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप स्टेशन के मालिकों से मानदंडों के हिसाब से बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों के लिए शौचालय को साफ रखना और सार्वजनिक उपयोग के लिए खुला रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि कई पेट्रोल पंप पर शौचालय बंद रहते हैं। राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप के लिए शौचालय को साफ रखना और सार्वजनिक उपयोग के लिए खुला रखना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर पेट्रोल पंप बंद किए जा सकते हैं।'' बयान के मुताबिक, हमसफर नीति में सुविधाओं के मानक को बनाए रखने और यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पंजीकृत सेवा प्रदाताओं की निगरानी और निरीक्षण के लिए कठोर प्रावधानों की रूपरेखा भी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा नियुक्त बाहरी एजेंसी इनका नियमित निरीक्षण करेगी। सेवा प्रदाताओं की औसत रेटिंग थ्री स्टार से कम होने पर उन्हें ईमेल एवं एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे और कम स्कोर वाली ऐसी सुविधाओं का कई बार निरीक्षण किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे मौजूदा/ आने वाली सुविधाओं के सेवा प्रदाताओं को शामिल करने के लिए ‘हमसफर नीति' को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 19 जुलाई, 2024 को मंजूरी दी थी।
- ग्वालियर। मध्य प्रदेश में ग्वालियर के निकट मंगलवार को रेलवे की पटरियों पर लोहे का फ्रेम पड़ा मिला और इसे आगरा जा रही एक मालगाड़ी के चालक ने समय रहते देख लिया, जिससे दुर्घटना होने की आशंका टल गई। शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीआरपी ने घटना की जांच शुरू कर दी है।जीपीआर थाना प्रभारी एमपी ठक्कर ने बताया कि ग्वालियर स्टेशन के उप प्रबंधक से मंगलवार तड़के साढ़े चार बजे सूचना मिली कि बिरला नगर स्टेशन के पास रेलवे की पटरियों पर लोहे का फ्रेम रखा हुआ मिला है। उन्होंने बताया कि जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पटरियों पर लोहे का चौकोर फ्रेम बरामद किया, जिससे दुर्घटना होने की आशंका थी। ठक्कर ने बताया कि झांसी से आगरा जा रही एक मालगाड़ी के चालक ने बिरला नगर स्टेशन के पास लोहे के फ्रेम को देखा और तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचित किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि रेलवे अधिनियम के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
- श्रीनगर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन की सराहना की। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) 42 सीट के साथ जम्मू कश्मीर में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और वह अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ केंद्र शासित प्रदेश में अगली सरकार बनाने के लिए तैयार है। कांग्रेस को छह सीट मिली हैं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में जेकेएनसी के सराहनीय प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई देना चाहता हूं।" नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी पार्टी केंद्र के साथ रचनात्मक संबंध की उम्मीद करती है। उन्होंने कहा, "बधाई संदेश के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद नरेन्द्र मोदी साहब। हम संघवाद की सच्ची भावना में रचनात्मक संबंध की आशा करते हैं ताकि जम्मू-कश्मीर के लोग निरंतर विकास और सुशासन से लाभान्वित हो सकें।
- नयी दिल्ली.सरकार 10 नए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज स्थापित करेगी और ईएसआई निगम के सदस्यों के लिए बेरोजगारी भत्ता योजना को जून, 2026 तक बढ़ाएगी। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने यहां ईएसआई निगम की एक बैठक में ईएसआईसी के बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की। मंत्रालय ने कहा कि मांडविया ने देश के विभिन्न स्थानों पर 10 नए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की घोषणा की। यह निर्णय अगले पांच साल में 75,000 नई मेडिकल सीटें बनाने की प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवास पर की गई घोषणा का समर्थन करेगा। उन्होंने अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना को एक जुलाई, 2024 से शुरू होकर 30 जून, 2026 तक दो साल की अवधि के लिए बढ़ा दिया है। वर्ष 2018 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य उस अवधि के दौरान बेरोजगारी भत्ते के रूप में सहायता प्रदान करना है, जब कोई बीमित व्यक्ति कमाई के लिए नया रोजगार तलाशता है।


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