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- नयी दिल्ली। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर सत्ता कायम रखने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि राज्य के लोगों ने झूठ को खत्म कर दिया और सत्य, विकास और सुशासन की जीत सुनिश्चित की है। भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होना भारत के संविधान और लोकतंत्र की जीत है। मोदी ने कहा कि जब भी भाजपा किसी राज्य में सरकार बनाती है, तो लोग लंबे समय तक उसका समर्थन करते हैं और कांग्रेस के लिए ‘‘नो एंट्री'' बोर्ड लगा देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस शायद ही कभी सत्ता में वापस आती है। 13 साल हो गए जब कांग्रेस असम में सत्ता में वापस आई थी, और कुछ राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस 60 साल से सत्ता में नहीं लौटी है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘एक बार जब लोग कांग्रेस को बाहर कर देते हैं, तो वे उसे वापस नहीं आने देते। वे कांग्रेस के लिए ‘नो एंट्री' बोर्ड लगा देते हैं...यह ऐसी पार्टी है जिसने हमेशा माना कि सत्ता उसका जन्मसिद्ध अधिकार है।'' मोदी ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने कमाल कर दिया है और हर जगह कमल खिल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दलितों, आदिवासियों, किसानों और युवाओं को हर संभव तरीके से भड़काने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने उसकी चालों और दुष्प्रचार को समझ लिया और पार्टी को नकार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता की धरती पर सत्य, विकास और सुशासन की जीत हुई है। मोदी ने कहा कि आज हरियाणा में विकास की गारंटी ने झूठ की गोटी को मात दे दी है। उन्होंने कांग्रेस पर देश को बदनाम करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘परजीवी' बन गई है जो अपने गठबंधन सहयोगियों पर निर्भर है और कई बार उन्हें निगल जाती है। मोदी ने कहा कि हरियाणा का गठन 1966 में हुआ था और अब तक राज्य में 13 चुनाव हो चुके हैं। मोदी ने कहा, ‘‘इनमें से 10 चुनावों में हरियाणा की जनता ने हर पांच साल में सरकार बदली। हालांकि, हरियाणा की जनता ने कुछ उल्लेखनीय काम किया है। पहली बार किसी सरकार को लगातार तीसरी बार मौका मिला है।
- कोलकाता। रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' (जीआरएसई) लिमिटेड ने मंगलवार को भारतीय नौसेना को सर्वेक्षण पोत ‘आईएनएस निर्देशक' सौंपा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। ‘आईएनएस निर्देशक' जीआरएसई द्वारा निर्मित चार ऐसे पोतों की श्रृंखला में दूसरा है, जिसका पहला पोत 10 महीने पहले दिसंबर, 2023 में नौसेना को सौंपा गया था। जीआरएसई अधिकारी ने बताया कि ये भारतीय नौसेना के लिए देश में निर्मित सबसे बड़े सर्वेक्षण पोत हैं।आईएनएस निर्देशक 110 मीटर लंबा है। आईएनएस निर्देशक, आईएनएस संध्याक के साथ शामिल होगा, जो जीआरएसई द्वारा दिया गया पहला बड़ा सर्वेक्षण पोत (एसवीएल) है। जीआरएसई अधिकारी ने कहा कि संध्याक श्रेणी के एसवीएल समुद्री सीमाओं का सर्वेक्षण कर सकते हैं और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान और भौगोलिक डेटा एकत्र कर सकते हैं, जो भारत की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि ये जहाज एक-एक हेलीकॉप्टर ले जा सकते हैं और कम तीव्रता वाले संघर्ष में शामिल हो सकते हैं। जीआरएसई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पी आर हरि (सेवानिवृत्त) ने कहा, ‘‘हमें इस श्रृंखला के पहले पोत के 10 महीने बाद इस पोत की आपूर्ति करने पर गर्व है।'' उन्होंने कहा कि इन युद्धपोतों में स्वदेशी सामग्री का प्रतिशत अधिक है और ये केंद्र सरकार की आत्मनिर्भरता की नीति के अनुरूप हैं।
- नयी दिल्ली। भारत और मालदीव ने सोमवार को ‘‘नैसर्गिक साझेदार'' के तौर पर दोनों देशों के लोगों के साथ-साथ हिंद महासागर क्षेत्र के लाभ के लिए समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के बीच यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी किए गए ‘दृष्टिकोण दस्तावेज' में यह भी कहा गया कि दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ‘भारत और मालदीव: व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के लिए एक दृष्टिकोण' के नाम से जारी दस्तावेज में कहा गया है कि दोनों पक्ष ‘‘भारत की सहायता से निर्मित माले में अत्याधुनिक मालदीव रक्षा मंत्रालय (एमओडी) भवन का शीघ्र उद्घाटन करने पर सहमत हुए हैं, जो रक्षा मंत्रालय की आधुनिक अवसंरचना क्षमता को बढ़ाएगा।'' इसमें कहा गया है कि भारत और मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिसका दोनों देशों की सुरक्षा और विकास पर बहुआयामी प्रभाव पड़ता है। दोनों देशों ने दस्तावेज में कहा, ‘‘स्वाभाविक साझेदार के रूप में, भारत और मालदीव अपने लोगों के साथ-साथ वृहद हिंद महासागर क्षेत्र के लाभ के लिए समुद्री और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प लेते हैं।'' इसमें कहा गया है कि मालदीव अपने विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र के कारण समुद्री डकैती, आईयूयू (अवैध, अप्रतिबंधित और अनियमित) मछली पकड़ने, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद सहित पारंपरिक और गैर-पारंपरिक समुद्री चुनौतियों का सामना कर रहा है।दस्तावेज में कहा गया कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि भारत एक ‘‘विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदार'' के रूप में, विशेषज्ञता साझा करने, क्षमताओं को बढ़ाने और द्वीपीय राष्ट्र की जरूरतों और आवश्यकताओं के अनुसार संयुक्त सहयोगी उपाय करने में मालदीव के साथ मिलकर काम करेगा। इसमें कहा गया कि इस पर भी सहमति जताई गई कि भारत की सहायता से उथुरु थिला फाल्हू (यूटीएफ) में चल रही मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) की बंदरगाह परियोजना ‘एकाथा', एमएनडीएफ की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी और इसके समय पर पूरा होने के लिए पूर्ण समर्थन देने पर सहमति जताई गई। दस्तावेज के मुताबिक भारत और मालदीव ने एमएनडीएफ की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रक्षा मंचों और परिसंपत्तियों के प्रावधान के साथ मालदीव को समर्थन देने पर भी सहमति व्यक्त की, साथ ही मालदीव सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी समुद्री और सुरक्षा आवश्यकताओं बढ़ाने में भी सहयोग पर सहमत हुए। दस्तावेज में कहा गया कि दोनों पक्षों ने मालदीव को रडार प्रणाली और अन्य उपकरणों के प्रावधान के साथ एमएनडीएफ की निगरानी क्षमता बढ़ाने में सहायता करने तथा मालदीव सरकार की आवश्यकताओं के अनुसार क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के माध्यम से ‘हाइड्रोग्राफिक' मामलों पर द्वीपसमूह राष्ट्र को सहायता देने पर सहमति जताई। इस बीच, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यहां शाम को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि कहा कि मालदीव हमेशा से भारत की ‘पड़ोसी पहले' नीति और ‘सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह संबंध ऐतिहासिक है, यह दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों, व्यापार और आर्थिक संबंधों तथा बहुत ही ठोस विकास साझेदारी पर आधारित है।'' मिस्री ने कहा कि यह ‘‘दृष्टिकोण दस्तावेज़ हमारे बीच पिछले कई वर्षों में तैयार किए गए संबंधों का खाका है तथा यह आगामी यात्रा के लिए रूपरेखा प्रदान करता है।'' दस्तावेज में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने आपदा प्रतिक्रिया और जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें बेहतर पारस्परिकता क्षमता हासिल करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और अभ्यास भी शामिल है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि देश में पिछले 10 साल में हरित स्रोतों से बिजली उत्पादन 86 प्रतिशत बढ़कर 360 अरब यूनिट रहा है। इसके साथ भारत एकमात्र जी-20 देश है जिसने अपने जलवायु लक्ष्यों को समय से पहले पूरा किया है।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने जर्मनी में चल रहे ‘हैम्बर्ग सस्टेनेबिलिटी' सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। जोशी ने कहा कि भारत ने 2014 के बाद से अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। यह 175 प्रतिशत बढ़कर आज 208 गीगावाट से अधिक हो गई है, जो उस समय 75 गीगावाट थी। कुल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन 86 प्रतिशत बढ़कर 360 अरब यूनिट हो गया जो पहले 193.5 अरब यूनिट था। उन्होंने कहा, ‘‘भारत एकमात्र जी-20 देश है जिसने अपने जलवायु लक्ष्यों को समय से पहले पूरा किया है। हमने जी-20 देशों में प्रति व्यक्ति उत्सर्जन सबसे कम होने के बावजूद यह लक्ष्य हासिल किया है।'' मंत्री ने कहा कि भारत अपने बंदरगाह बुनियादी ढांचे को भी उन्नत कर रहा है। इसका मकसद हाइब्रिड मॉडल का उपयोग करके हरित शिपिंग ईंधन और जहाजों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, टिकाऊ समुद्री परिवहन की जरूरत बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। भारत सरकारी पहल, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से प्रेरित होकर हरित शिपिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है।'' जोशी ने भारत के महत्वाकांक्षी हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में अवसर तलाशने के लिए क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों को आमंत्रित भी किया ।
- ऊना . हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित अंब-अंदौरा स्टेशन से नयी दिल्ली जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के चार डिब्बे उस समय क्षतिग्रस्त हो गए, जब उपद्रवियों ने ट्रेन पर पथराव किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि शनिवार अपराह्न लगभग सवा एक बजे बसाल गांव के निकट अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पथराव किया और दो डिब्बों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिये। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रेन को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और दोषियों को पकड़ने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
- जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने रविवार को कहा कि राज्य के अगले पांच वर्षों में 350 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है। दीया कुमारी ने कहा कि राज्य में सोना, लोहा, पेट्रोलियम और हाल ही में खोजे गए लिथियम भंडार सहित प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में पांच लाख से अधिक नौकरियां पैदा करने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ ऊर्जा और डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री ने रविवार को जयपुर में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के राजस्थान राज्य कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) आज देश के सबसे पुराने और सबसे सक्रिय और दूरदर्शी चैंबर्स में से एक है। इस अवसर पर आईसीसी-राजस्थान राज्य कार्यालय की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. जयश्री पेरीवाल ने कहा कि राज्य और राष्ट्र दोनों की आर्थिक दृष्टि को साकार करने में चैंबर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। आईसीसी राज्य और केंद्र सरकार दोनों के साथ साझेदारी करके इस भूमिका को पूरा करने का प्रयास करेगी।
- नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने सभी 17 जोन को उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है जो रेलगाड़ियों के परिचालन के संबंध में यात्री सूचना प्रणाली में डेटा नहीं डालते या गलत जानकारी देते हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है। बोर्ड ने रेलवे के सभी जोन को स्टेशन पर लगाए गए यात्री सूचना डिस्प्ले बोर्ड को राष्ट्रीय रेलगाड़ी पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) के साथ एकीकृत करने का भी निर्देश दिया है, ताकि रेलगाड़ियों के परिचालन की सटीक और विश्वसनीय जानकारी सुनिश्चित हो सके। एनटीईएस वेबसाइट अन्य जानकारी के अलावा ट्रेन की वास्तविक स्थिति की जानकारी देती है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर लगे ‘ट्रेन संकेतक बोर्ड' पर ट्रेन नंबर, उनके नाम और डिब्बों के सटीक स्थान की जानकारी दी जाती है। रेलवे बोर्ड ने 27 सितंबर को सभी 17 जोन को लिखे पत्र में कहा है कि ये यात्री सूचना प्रणालियां यात्रियों और रेलवे के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद मंच के रूप में काम करती हैं। इसमें कहा गया है, ‘‘ऐसी प्रणालियों द्वारा यात्रियों को दी जाने वाली ट्रेन संबंधी जानकारी की विश्वसनीयता बहुत महत्वपूर्ण है और प्रदर्शित की जाने वाली जानकारी में कोई भी कमी/त्रुटि यात्रियों के लिए असुविधा पैदा करती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि ऐसी प्रणालियों पर प्रदर्शित प्रत्येक ट्रेन की जानकारी सही और विश्वसनीय हो।'' पत्र में कहा गया है, ‘‘उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सीआरबी (अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड) और सीईओ रेलवे बोर्ड ने इच्छा व्यक्त की है कि रेलवे द्वारा ऐसी प्रणालियों पर ट्रेन की जानकारी का सही और विश्वसनीय प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उचित महत्व दिया जाना चाहिए।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी यात्री सूचना प्रणालियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली के साथ एकीकृत किया जाना चाहिए ताकि ट्रेनों के बारे में जानकारी स्टेशन पर बिल्कुल सही मिले।
- हरिद्वार. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की नेता साध्वी प्राची ने अपनी जान को खतरा बताते हुए रविवार को पुलिस से सुरक्षा मुहैया की गुहार लगाई। साध्वी प्राची ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनके वैदिक निकेतन आश्रम में अपने दो छोटे बच्चों के साथ शरण लेने आयी एक महिला ने उनके खिलाफ साजिश रची है। साध्वी ने पुलिस से पूरे प्रकरण की जांच करने तथा उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया है।विहिप नेता ने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने अपने आश्रम में सोनिया नाम की एक महिला को शरण दी थी, जिसने खुद को बेसहारा बताया था। साध्वी ने बताया कि कुछ दिन पहले आश्रम में सोनिया से मिलने एक धर्म विशेष का व्यक्ति एक बच्चे के साथ आया, जिससे उन्हें उस पर शक हुआ और उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद महिला (सोनिया) से आश्रम खाली करने को कहा गया लेकिन पिछले 15 दिन से वह एक-दो दिन करके समय मांगती जा रही है और आस-पड़ोस में उनके खिलाफ दुष्प्रचार भी कर रही है। साध्वी ने बताया कि इस बीच उन्होंने फिर पुलिस को इसकी सूचना दी जिसने सोनिया के सामान की तलाशी ली। उन्होंने बताया कि पुलिस को तलाशी में महिला के पास सोनिया चौधरी, सोनिया बानो, प्रज्ञा शर्मा आदि कई नामों के आधार कार्ड के अलावा धर्म विशेष के ग्रंथ, एक हथियार और दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि उन्हें संदेह है कि उनके खिलाफ कोई बड़ी साजिश हो रही है, जिसका उन्हें समय रहते पता चल गया। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा बना हुआ है। साध्वी ने पुलिस से पूरे प्रकरण की जांच करने की मांग करते हुए सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है.
- लखनऊ/बरेली.उत्तर प्रदेश में बरेली के करगैना की रहने वाली 21 वर्षीय युवती एक मानसिक विकार से पीड़ित होने की वजह से पिछले करीब 16 सालों से अपने बाल खा रही थी जिस वजह से उसके पेट में करीब दो किलोग्राम बाल जमा हो गए थे और इन्हें पिछली 26 सितंबर को ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया। बरेली के जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, वह ‘ट्राइकोफेजिया' नामक मानसिक विकार से पीड़ित है जिसमें मरीज अपने बाल खाने लगता है। उन्होंने बताया कि पेट में जमा बालों की वजह से युवती के पेट की गुहा और उसकी आंत के कुछ हिस्से भी बंद हो गये थे। इस बीमारी का पता पिछली 20 सितंबर को तब लगा, जब लड़की के परिजन बरेली के जिला अस्पताल आए और सीटी स्कैन रिपोर्ट में उसके पेट में बालों का ढेर दिखा। इस बात का खुलासा होने पर अस्पताल के डॉक्टरों के भी होश उड़ गए। बरेली के जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर एमपी सिंह ने इस बीमारी के बारे में कहा कि ‘ट्राइकोफेजिया' एक मानसिक विकार है, जिससे पीड़ित मरीज को अपने बाल खाने की अदात पड़ जाती है। सिंह ने बताया, ''लड़की के पेट में गांठ से ‘ट्राइकोफेजिया' बीमारी का संकेत मिल रहा है। इसलिए लड़की की कई चरणों में काउंसलिंग की गई। मनोचिकित्सक डॉक्टर आशीष कुमार और डॉक्टर प्रज्ञा माहेश्वरी ने काउंसलिंग की और बाद में उसने स्वीकार किया कि पांच साल की उम्र से ही उसे अपने सिर के बाल खाने की लत लग गई थी।'' उन्होंने बताया कि परिणामस्वरूप उसके पेट में करीब दो किलो बाल जमा हो गए थे, जिन्हें 26 सितंबर को ऑपरेशन के बाद निकाला गया। सिंह के मुताबिक, लड़की के पेट में बालों की मात्रा इतनी ज्यादा हो गयी थी कि उसके पेट की गुहा और यहां तक कि उसकी आंत के कुछ हिस्से को बालों ने पूरी तरह से जकड़ लिया था। सर्जन ने कहा कि युवती ठोस चीजें नहीं खा पा रही थी और वह जो तरल खाद्य पदार्थ ले रही थी, वे भी उल्टी की वजह से बाहर निकल रहे थे। उन्होंने मनोवैज्ञानिक विकार और उससे संबंधित पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, ''रोगी युवती को जो मनोवैज्ञानिक समस्या थी, उसे ‘ट्राइकोफेजिया' कहा जाता है। इसमें मरीज अपने ही सिर के बाल खाने लगता है। इसके परिणामस्वरूप ‘गैस्ट्रिक बेजोअर' विकसित होते हैं। इसके मुख्य लक्षण उल्टी और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द हैं।'' सिंह ने कहा कि जठरांत्र संबंधी मार्ग में बालों का गोला बनने से गंभीर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा हो सकती हैं और इसके लिए आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। इस बीच, परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि उनकी बेटी चुपके से अपने बाल तोड़कर खा जाती थी तथा उसे पता था कि ऐसा करना अजीब है, फिर भी वह यह काम करती रही। उनके मुताबिक, ऐसा 16 साल से हो रहा था। बाद में उसके पेट में तेज दर्द होने लगा।परिजनों ने बताया कि शुरू में वह दर्द निवारक दवाएं लेती थी, लेकिन बाद में वे दवाएं भी बेअसर हो गईं जिसके बाद अल्ट्रासाउंड कराया, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बाद में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराया तो मामला सामने आया।
- श्योपुर। मध्यप्रदेश का कुनो राष्ट्रीय उद्यान मानसून के दौरान बंद रहने के बाद रविवार को पर्यटकों के लिए फिर से खुल गया। कुनो, देश में चीतों के लिए एकमात्र आवास स्थल है। हालांकि चीतों की एक झलक पाने के लिए आगंतुकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि इन्हें अभी तक जंगल में नहीं छोड़ा गया है। विलुप्त होने के करीब आठ दशक बाद सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ बड़े चीतों को यहां उद्यान में लाया गया और भारत में उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए बाड़ों में रखा गया। इसके बाद फरवरी 2023 में भारत सरकार की एक परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए।उद्यान के निदेशक उत्तम शर्मा ने बताया कि 487 वर्ग किलोमीटर ‘बफर जोन' सहित 1,235 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस उद्यान को फिर से खोल दिया गया है और आगंतुकों को सुबह साढ़े छह बजे से पूर्वाह्न 10 बजे तक और अपराह्न तीन बजे से शाम छह बजे तक जाने की ही अनुमति है। उन्होंने बताया कि पार्क में 24 चीते हैं, जिनमें नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 वयस्क चीते शामिल हैं। पर्यटक कब चीतों को देख पायेंगे यह पूछने पर शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।वन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया, “इस पर निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाएगा। केंद्र सरकार अंतर-महाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना का नेतृत्व कर रही है।” कुनो को छोड़कर मध्यप्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यान एक अक्टूबर को फिर से खुल गए। बारिश के मौसम और जंगली जानवरों की प्रजनन अवधि के कारण यह सभी उद्यान एक जुलाई से बंद थे। शर्मा ने कुनो को फिर से खोलने में देरी के बारे में बताया कि यह श्योपुर जिले में अत्यधिक बारिश के कारण हुआ। भारी मूसलाधार बारिश के कारण पार्क के अंदर की सड़कें खराब हो गई हैं। मानसून (एक जून से 30 सितंबर तक) के दौरान मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सबसे अधिक 1,323.2 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई जबकि यहां औसत बारिश 666.4 मिमी होती है।
- भुवनेश्वर।ओडिशा सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुबंध पर कार्यरत 9200 कनिष्ठ शिक्षकों की सेवा को नियमित कर दिया है। एक आधिकारिक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है। स्कूल एवं सर्व शिक्षा विभाग ने इस फैसले की जानकारी प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को शनिवार को दी।विभाग ने बताया कि शिक्षकों की कैरियर उन्नयन नीति के अनुसार, कनिष्ठ शिक्षकों (योजनाबद्ध), जिन्हें शिक्षा सहायक और जूनियर शिक्षक (अनुबंधित) भी कहा जाता है, को छह साल की निरंतर और संतोषजनक सेवा पूरी करने के बाद प्रारंभिक शिक्षक संवर्ग के लेवल-पांच (ए) के पद पर नियमित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में अप्रशिक्षित कनिष्ठ शिक्षकों और ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा (ओटीईटी) उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को नियमित नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने शनिवार को विभिन्न योजनाओं के तहत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नवनियुक्त 16,009 कनिष्ठ शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी दिए। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में यहां कलिंग स्टेडियम में आयोजित समारोह के दौरान कुछ लोगों को नियुक्ति पत्र दिये।
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ठाणे। महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस भर्ती के दौरान आदिवासी उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई में छूट देते हुए एक अधिसूचना जारी की है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। ठाणे पुलिस के अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को जारी अधिसूचना में गृह विभाग ने आदिवासी उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई की अनिवार्यता में संशोधन करते हुए इसमें पांच सेंटीमीटर की छूट दी है। वर्तमान में पुलिस भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 165 सेमी तथा महिला अभ्यर्थियों के लिए 155 सेमी है। उन्होंने कहा कि यह कदम उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और राज्य स्तरीय अनुसूचित क्षेत्र समीक्षा समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित के बीच जनवरी में हुई बैठक के बाद उठाया गया है, जिसमें राज्य में आदिवासियों के सामने आने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई थी।
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शाहजहांपुर. उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के एक छात्र का शव रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में कॉलेज परिसर में मिला। वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य कर्नल रविंद्रनाथ शुक्ला ने रविवार को बताया कि मृतक कुशाग्र प्रताप सिंह (24) मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष का छात्र था और वह गोरखपुर के रहने वाला था। उन्होंने बताया कि आज उसका शव छात्रावास के पीछे से मिला जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश एस. ने बताया कि तिलहर थाना क्षेत्र के बरेली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के द्वितीय वर्ष के छात्र कुशाग्र प्रताप सिंह का शव मिला है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उसकी मौत कॉलेज की तीसरी मंजिल से गिरने से हुई। राजेश के मुताबिक, वह छात्रावास के भूतल पर बने कमरे में रहता था और या तो वह स्वयं गिरा है या उसको किसी ने धक्का दिया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सूचना पाकर वह खुद मौके पर गए और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कोटा. भारत को हिंदू राष्ट्र बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भाषाई, जातीय और क्षेत्रीय विवादों को मिटाकर हिंदू समाज को अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा। भागवत ने शनिवार शाम को राजस्थान के बारां में ‘स्वयंसेवक एकत्रीकरण' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम यहां प्राचीन काल से रह रहे हैं, भले ही हिंदू शब्द बाद में आया। हिंदू सभी को गले लगाते हैं। वे निरंतर संवाद के माध्यम से समरसता के साथ रहते हैं।'' उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को भाषा, जाति और क्षेत्रीय विवादों को दूर कर अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘आचरण में अनुशासन, राज्य के प्रति कर्तव्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक गुण हैं। एक समाज केवल व्यक्तियों और उनके परिवारों से नहीं बनता है, बल्कि उन व्यापक चिंताओं पर विचार करने से बनता है जिनके माध्यम से कोई आध्यात्मिक संतुष्टि प्राप्त कर सकता है।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘आरएसएस की कार्यप्रणाली यात्रिक नहीं बल्कि विचारों पर आधारित है। यह एक अद्वितीय संगठन है जिसके मूल्य समूह के नेताओं से लेकर स्वयंसेवकों, उनके परिवारों और बड़े पैमाने पर समाज से मिलते हैं।'' स्वयंसेवकों से समुदायों के भीतर व्यापक संपर्क बनाए रखने का अनुरोध करते हुए भागवत ने कहा कि समाज को सशक्त बनाकर सामुदायिक कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए। भागवत ने कहा, ‘‘सामाजिक समरसता, न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए। स्वयंसेवकों को हमेशा सक्रिय रहना चाहिए और परिवारों के भीतर सौहार्द, पर्यावरण जागरूकता, स्वदेशी मूल्यों और नागरिक चेतना को बढ़ावा देना चाहिए, जो किसी समाज के बुनियादी घटक हैं।'' उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक साख और प्रतिष्ठा का श्रेय इसकी ताकत को जाता है और इसके प्रवासियों की सुरक्षा तभी सुनिश्चित होती है जब उनका राष्ट्र मजबूत बने। कुल 3,827 आरएसएस स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इसमें आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी रमेश अग्रवाल, जगदीश सिंह राणा, रमेश चंद मेहता और वैद्य राधेश्याम गर्ग भी शामिल हुए।
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बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित शेरकोट इलाके में सात मोर मृत पाये गये हैं। प्रभागीय वन अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि शनिवार शाम शेरकोट के भिक्कावाले गांव में नहर पुलिया के पास एक खेत में सात राष्ट्रीय पक्षी मोर मरे पाये गये। उनमें से एक मादा मोर है। उन्होंने बताया कि मृत मोरों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से उनकी मौत के सही कारणों का पता चलेगा लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उनकी मौत जहर खाने से हुई है। सभी मोरों की उम्र पांच से सात महीने है। सिंह ने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उप प्रभागीय वन अधिकारी, नजीबाबाद को सौंपी गई है।
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मुंबई. मुंबई में रविवार सुबह दो मंजिला दुकान-सह-आवासीय इमारत में आग लगने से तीन नाबालिगों सहित सात लोगों की मौत हो गई। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह घटना सुबह पांच बजकर 20 मिनट पर चेंबूर इलाके की सिद्धार्थ कॉलोनी में हुई। उन्होंने बताया कि इमारत के भूतल का इस्तेमाल दुकान के रूप में और ऊपरी मंजिल का इस्तेमाल आवास के रूप में किया जाता था। उन्होंने बताया कि आग भूतल पर स्थित दुकान में बिजली के तारों और अन्य उपकरणों में लगी और बाद में इसने ऊपरी मंजिल को भी अपनी चपेट में ले लिया। अधिकारी ने बताया कि इस घटना में सात लोग झुलस गए। उन्हें राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि दमकल गाड़ियों, पानी के टैंकर आदि को घटनास्थल पर भेजा गया और सुबह 9.15 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। मृतकों की पहचान पारिस गुप्ता (7), मंजू प्रेम गुप्ता (30), अनीता गुप्ता (39), प्रेम गुप्ता (30), नरेंद्र गुप्ता (10), विधि छेदीराम गुप्ता (15) और गीतादेवी धर्मदेव गुप्ता (60) के तौर पर की गई है। आग लगने के कारणों के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।
- प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महाकुंभ-2025 के लोगो का अनावरण किया. इसके साथ ही उन्होंने महाकुंभ-2025 वेबसाइट और मोबाइल एप भी लॉन्च की है. महाकुंभ-2025 के लोगो में इस बार भी कुछ खास है, लोगो में एक कलश है जिस पर 'ॐ' लिखा है और पीछे संगम का दृश्य है. इसके अलावा, लोगो में नगर कोतवाल हनुमान जी का चित्र और एक मंदिर है. सीएम योगी ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह मौजूदगी में लोगो का अनावरण किया.लोगो का अनावरण, वेबसाइट और एप की लॉन्चिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष बैठक कर महाकुंभ-2025 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की. करीब एक घंटे तक उन्होंने विभिन्न कार्यों का जायजा लिया, घाटों की स्थिति देखी और कुंभ को लेकर चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया. महाकुंभ-2025 को दिव्य, भव्य और नव्य तरीके से आयोजित कराने के लिए सीएम योगी ने खुद कमान संभाल रखी है. यह भी पढ़ें : Delhi: दिल्ली के मुस्तफाबाद में एनआईए की छापेमारी, संदिग्ध सामग्री बरामदमहाकुंभ-2025 की वेबसाइट श्रद्धालुओं और पर्यटकों के वायु, रेल एवं सड़क मार्ग से महाकुंभ पहुंचने में मार्गदर्शक का काम करेगी. इसके माध्यम से प्रयागराज में आवास, स्थानीय परिवहन, पार्किंग, घाटों तक पहुंचने के दिशा-निर्देश आदि की जानकारी मिल सकेगी. इसके अलावा, मेला क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों में प्रतिभागिता के संदर्भ में भी जानकारी उपलब्ध होगी.महाकुंभ-2025 में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को स्मृति चिन्ह और धार्मिक वस्तुएं उपलब्ध कराने की सुविधा, आपातकालीन स्थितियों के लिए एसओएस सुविधा, श्रद्धालुओं को घाटों, आवास और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों तक आसानी से पहुंचने के लिए गूगल नेविगेशन, श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य और सुरक्षा के महत्वपूर्ण अलर्ट की जानकारी की उपलब्धता, मेला के सभी कार्यक्रमों और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की समय सारिणी भी इसमें होगी.कुंभ को और अलौकिक बनाने के लिए तरह-तरह की लाइट लगाई जा रही है, जो श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का स्वागत करती नजर आएंगी. शहर को दूसरे जिलों को जोड़ने वाले और शहरी क्षेत्र में संगम की तरफ जाने वाले हर मार्ग पर थीमेटिक लाइटें लगाई जाएंगी, जो कलश, शंख, तीर-धनुष, डमरू और त्रिशूल की आकृतियों में कुंभ की भव्यता को और निखारेंगे. 2025 महाकुंभ से पहले भी प्रयागराज को और भी निखारने की कोशिश की जा रही है. महाकुंभ के पहले एयरपोर्ट रोड को शहर की सबसे आकर्षक और चुनिंदा सड़कों के रूप में विकसित किया जाएगा.बता दें कि महाकुंभ मेला जनवरी 2025 से प्रयागराज में आयोजित होने वाला है. उत्तर प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर तैयारियां कर रही है, क्योंकि महाकुंभ 12 साल के अंतराल के बाद आयोजित हो रहा है. यह मेला दुनिया का सबसे विशाल, पवित्र, धार्मिक और सांस्कृतिक मेला है, जो 45 दिनों तक चलता है.
- मुंबई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार यानी 5 अक्टूबर को मुंबई की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन 3 का उद्घाटन किया और यात्रियों के सफर अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया MetroConnect3 ऐप लॉन्च किया। बीकेसी से आरे तक की मुंबई मेट्रो लाइन 3 (Mumbai Metro Line 3) में 10 मेट्रो स्टेशन हैं और एक बार पूरी तरह से ऑपरेशन शुरू होने के बाद अंडरग्राउंड ट्रेन प्रतिदिन लगभग 13 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करेगी।चेक करें ट्रेन का समय, किराया, स्टेशनबीकेसी और आरे के बीच जिस कॉरिडोर का पीएम ने दिन में उद्घाटन किया, उसमें 10 मेट्रो स्टेशन हैं। ये हैं बीकेसी, बांद्रा कॉलोनी, सांताक्रूज़, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (सीएसएमआईए) टी1, सहार रोड, सीएसएमआईए टी 2, मरोल नाका, अंधेरी, एसईईपीजेड और आरे कॉलोनी जेवीएलआर, जो ग्रेड पर एकमात्र स्टेशन है।आरे-बीकेसी खंड छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 और टर्मिनल 2 दोनों को जोड़ता है। यह मरोल नाका स्टेशन पर घाटकोपर-अंधेरी-वर्सोवा मेट्रो लाइन 1 से भी जुड़ता है।मुंबई मेट्रो लाइन 3 की टाइमिंगमुंबई मित्रों लाइन सुबह 6:30 बजे से पहली ट्रेन चलेगी और आखिरी रात 10.30 बजे तक चलेगी। वहीं, रविवार को पहली ट्रेन सामान्य दिनों से थोड़ी देर सुबह 8.30 बजे शुरू होगी।मुंबई मेट्रो लाइन 3 का किरायाबता दें कि लाइन पर न्यूनतम किराया 10 रुपये रखा गया है जबकि अधिकतम किराया 50 रुपये होगा।
- चेन्नई। भारतीय वायुसेना की 92वीं वर्षगांठ का आयोजन चेन्नई में 72 लड़ाकू जेट और हेलीकॉप्टरों के शानदार प्रदर्शन के साथ शुरू हुआ। 21 साल बाद आयोजित इस शो को देखने के लिए मरीना बीच पर लाखों दर्शकों को आकर्षित किया। भारतीय वायुसेना में शामिल चेतक, राफेल, डकोटा, हार्वर्ड, एमआईजी तथा जगुआर ने एयर शो के दौरान बेहतरीन करतब दिखाये और अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया।इस समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, उप-मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, राज्य के मंत्री और रक्षा बलों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित हुए। पूरे शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई और 8000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किये गये। एयर शो के कारण चेन्नई हवाई अड्डे पर हवाई सेवाओं में बदलाव किया गया और शहर आज लगभग ठप हो गया है।
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में 66.96 मतदान दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा 74.51 फीसदी मतदान फतेहाबाद जिले में और सबसे कम 55.46 फीसदी मतदान फरीदाबाद जिले में दर्ज किया गया। वोटों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी।
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नई दिल्ली। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा है कि रेल का किसी भी हालत में निजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों की यात्रा का साधन है, इसलिए सरकार ने इस क्षेत्र में भारी निवेश किया है। यह निवेश अनुसंधान, सुरक्षा और मानव संसाधन पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल रेल के निजीकरण के बारे में अफवाह फैला रहे हैं।
श्री वैष्णव ने रेलवे प्रोटक्शन फोर्स-आरपीएफ के 40वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए नाशिक में कहा कि बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्रों के आधुनिकीकरण के लिए 35 करोड़ रूपये दिये जाएंगे। बल में महिला जवानों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त आरपीएफ स्वान टुकड़ी के लिए भी साढ़े पांच करोड़ रूपये आवंटित किये गये हैं। इस अवसर पर रेलमंत्री ने बल के संवाद मोबाइल एप्लीकेशन-संज्ञान का हिन्दी संस्करण जारी किया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए लगभग साढ़े 12 हजार सामान्य श्रेणी के डिब्बे बनाए जा रहे हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत को एक आकर्षक स्थल बताते हुए शुक्रवार को कहा कि देश उच्च आर्थिक वृद्धि का अपना सफर जारी रखने के लिए व्यापक स्तर पर बदलावों से गुजर रहा है।प्रधानमंत्री मोदी ने यहां ‘कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन’ के तीसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने में मदद करने के लिए संरचनात्मक सुधारों को जारी रखने को प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि नौकरियों का सृजन, कौशल विकास, टिकाऊ वृद्धि और लगातार तेज गति से विस्तार पर उनके तीसरे कार्यकाल विशेष जोर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज एक वैश्विक आपात स्थिति के बीच हम यहां ‘भारतीय युग’ के बारे में चर्चा कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि दुनिया भारत पर किस तरह भरोसा करती है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।”उन्होंने कहा कि वित्त-प्रौद्योगिकी अपनाने की दर के मामले में भारत शीर्ष राष्ट्र के रूप में खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत दोपहिया वाहनों और ट्रैक्टरों का सबसे बड़ा विनिर्माता है और इस समय मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा विनिर्माता भी है।उन्होंने ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन’ को अपनी सरकार का मार्गदर्शक मंत्र बताते हुए कहा, “जब लोगों के जीवन में बदलाव आता है, तो वे अपने देश में विश्वास करना शुरू कर देते हैं। फिर वही उनके जनादेश के माध्यम से परिलक्षित होता है। 140 करोड़ भारतीयों का विश्वास हमारी ताकत है। हम भारत की बेहतरी के लिए और अधिक संरचनात्मक सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”उन्होंने कहा कि ‘समावेशी भावना’ भारत की विकास गाथा का एक और उल्लेखनीय कारक है, उन्होंने कहा कि वृद्धि के साथ समावेश भी है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल पाए हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने बैंक व्यवस्था को मजबूत किया है, जीएसटी लागू किया है, ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता लेकर आई है, निजी निवेश के लिए खनन और रक्षा क्षेत्र को खोला है, विदेशी निवेश नियमों को अधिक उदार बनाया है और अनुपालन बोझ को भी कम किया है। - नयी दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को घरेलू तेल-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने और भारत को खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10,103 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ खाद्य तेल-तिलहन पर एक राष्ट्रीय मिशन को मंजूरी दी है। भारत अपनी खाद्य तेलों की सालाना जरूरत का 50 प्रतिशत से अधिक आयात करता है।एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन (एनएमईओ-तिलहन) को मंजूरी दी गई, जो घरेलू तिलहन उत्पादन को बढ़ाने और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल है।'' बयान में कहा गया है कि इस मिशन को वर्ष 2024-25 से वर्ष 2030-31 तक सात साल की अवधि में लागू किया जाएगा, जिसका वित्तीय परिव्यय 10,103 करोड़ रुपये होगा। इस मिशन के माध्यम से सरकार का लक्ष्य प्राथमिक तिलहन उत्पादन को वर्ष 2022-23 के 3.9 करोड़ टन से बढ़ाकर वर्ष 2030-31 तक 6.97 करोड़ टन करना है। इसमें कहा गया है, ‘‘इसका उद्देश्य तिलहन की खेती, अतिरिक्त 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बढ़ाना है।'' भारत- इंडोनेशिया और मलेशिया से पामतेल का आयात करता है जबकि वह सोयाबीन तेल का आयात ब्राजील और अर्जेंटीना से करता है। देश, सूरजमुखी मुख्य रूप से रूस और यूक्रेन से आयात करता है। बयान के अनुसार, नव स्वीकृत एनएमईओ-तिलहन प्रमुख प्राथमिक तिलहन फसलों जैसे रैपसीड-सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी और तिल के उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ बिनौला, चावल भूसी और पेड़ों से निकलने वाले तेलों जैसे द्वितीयक स्रोतों से संग्रह बढ़ाने और पेराई दक्षता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। एनएमईओ-ओपी (ऑयल पाम) के साथ मिलकर, मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक घरेलू खाद्य तेल उत्पादन को दो करोड़ 54.5 लाख टन तक बढ़ाना है, जो हमारी अनुमानित घरेलू आवश्यकता की लगभग 72 प्रतिशत जरूरत को पूरा करेगा। इसे उच्च उपज देने वाली उच्च तेल सामग्री वाली बीज किस्मों को अपनाने, चावल की परती भूमि में खेती का विस्तार करने और अंतर-फसल को बढ़ावा देकर प्राप्त किया जाएगा। सरकार ने कहा, ‘‘मिशन, जीनोम एडिटिंग जैसी अत्याधुनिक वैश्विक तकनीकों का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के चल रहे विकास का लाभ उठाएगा।'' बयान के अनुसार, ‘‘बीज उत्पादन के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में 65 नए बीज केंद्र और 50 बीज भंडारण इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी।'' बयान में कहा गया है, ‘‘मिशन का उद्देश्य घरेलू तिलहन उत्पादन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना, खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाना, जिससे आयात निर्भरता कम हो और किसानों की आय को बढ़ावा देते हुए मूल्यवान विदेशी मुद्रा की बचत है।'' सरकार ने बताया कि देश आयात पर बहुत अधिक निर्भर है। आयात अभी खाद्य तेलों की घरेलू मांग का 57 प्रतिशत है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बृहस्पतिवार को एक लाख करोड़ रुपये के परिव्यय वाली दो बड़ी कृषि योजनाओं को मंजूरी दी। इन योजनाओं के नाम ‘पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना' (पीएम-आरकेवीवाई) और ‘कृषोन्नति योजना' (केवाई) हैं। इनमें से पीएम-आरकेवीवाई योजना टिकाऊ खेती को बढ़ावा देगी जबकि कृषोन्नति योजना खाद्य सुरक्षा एवं कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को समर्पित होगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि मंत्रालय के तहत संचालित सभी केंद्र-प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) को दो बड़ी योजनाओं के रूप में युक्तिसंगत बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा कि इन दोनों कृषि योजनाओं पर कुल मिलाकर 1,01,321.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से आरकेवीवाई के लिए 57,074.72 करोड़ रुपये और कृषोन्नति योजना के लिए 44,246.89 करोड़ रुपये चिह्नित किए गए हैं। इन दोनों योजनाओं में 18 मौजूदा कृषि योजनाओं को शामिल किया गया है। केंद्र सरकार इन योजनाओं को राज्य सरकारों के माध्यम से क्रियान्वित करती है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘यह निर्णय कृषि और किसानों के प्रति सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।'' आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस पहल से यह सुनिश्चित होता है कि सभी मौजूदा योजनाएं जारी रखी जा रही हैं। जहां भी किसानों के कल्याण के लिए किसी क्षेत्र को बढ़ावा देना जरूरी समझा गया वहां योजना को मिशन मोड में लिया गया है। कृषोन्नति योजना के एक घटक ‘पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट' (एमओवीसीडीएनईआर) योजना में ‘विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' घटक को जोड़ा गया है। इससे पूर्वोत्तर राज्यों को महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिए लचीलापन मिलेगा। सरकार ने कहा कि इन कृषि योजनाओं को युक्तिसंगत बनाने से राज्य सरकारें कृषि क्षेत्र के लिए अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप एक व्यापक रणनीतिक योजना तैयार करने में सक्षम होंगी। रणनीतिक दस्तावेज न केवल फसलों के उत्पादन और पैदावार पर ध्यान केंद्रित करता है बल्कि जलवायु-अनुकूल कृषि और कृषि उत्पादों के लिए मूल्य शृंखला दृष्टिकोण के विकास के उभरते मुद्दों का भी उल्लेख करता है। सरकार ने कहा कि दोहराव से बचने, सम्मिलन को सुनिश्चित करने और राज्यों को लचीलापन देने के लिए विभिन्न योजनाओं को युक्तिसंगत बनाया गया है। इससे कृषि की उभरती चुनौतियों- पोषण सुरक्षा, टिकाऊपन, जलवायु लचीलापन, मूल्य शृंखला विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। पीएम-आरकेवीवाई में राज्य सरकारों को अपने राज्य की विशिष्ट जरूरतों के आधार पर एक से दूसरे घटक में धन आवंटित करने का लचीलापन दिया जाएगा। पीएम-आरकेवीवाई में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, वर्षा-सिंचित क्षेत्र विकास, कृषि वानिकी, परंपरागत कृषि विकास योजना, कृषि मशीनीकरण, प्रति बूंद अधिक फसल, फसल विविधीकरण कार्यक्रम, आरकेवीवाई डीपीआर घटक और कृषि स्टार्टअप के लिए उत्प्रेरक निधि शामिल है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता केंद्र में भारत के प्रवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बिजली मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस निर्णय से भारत को रणनीतिक ऊर्जा प्रक्रियाओं और नवीन समाधानों को साझा करने वाले 16 देशों के एक विशिष्ट समूह तक पहुंच हासिल होगी। बयान के मुताबिक, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 'आशय पत्र' पर हस्ताक्षर को मंजूरी दे दी गई। इससे भारत 'अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता केंद्र' का हिस्सा बन सकेगा।” ऊर्जा दक्षता केंद्र एक वैश्विक मंच है जो दुनिया भर में सहयोग और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।



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