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- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सत्यपाल सिंह ने शनिवार को कहा कि इस कालखंड में तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे ‘युगपुरुष' के सरकार में आने के बाद राम मंदिर बनते देखना और उसमें प्राण प्रतिष्ठा होना ऐतिहासिक और सौभाग्य की बात है। भाजपा सांसद सिंह ने शनिवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत ‘ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर के निर्माण और श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा' विषय पर चर्चा की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि राम विभिन्न धर्मों और भौगोलिक सीमाओं से परे सबके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा अहोभाग्य है कि मुझे राम मंदिर के बारे में सदन में प्रस्ताव रखने का अवसर मिला। इस कालखंड में मंदिर बनते देखना और प्राण प्रतिष्ठा होना अपने में ऐतिहासिक है। भगवान राम सांप्रदायिक विषय नहीं हैं। श्रीराम केवल हिंदुओं के लिए नहीं, वो हम सबके पूर्वज और प्रेरणा हैं। राम के समय में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई अलग-अलग मत, पंथ नहीं थे।'' सिंह ने कहा कि जिस तरह रामकथा में सभी श्रोताओं को पुण्य मिलता है, ऐसा ही पुण्य आज सभी सदस्यों को मिलने वाला है। उन्होंने लगभग 500 साल पहले बाबर के सेनापति द्वारा राम मंदिर तोड़े जाने से लेकर गत 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक हुए विभिन्न आंदोलनों और ऐतिहासिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि सौभाग्य की बात है कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थे, तब 41 दिन तक उच्चतम न्यायालय में दिन प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई के बाद नवंबर 2019 में मंदिर निर्माण का फैसला आया। सिंह ने कहा कि हर युग में कुछ युगपुरुष होते हैं जिन्हें आने वाला समय याद रखता है। उन्होंने मशहूर शायर अल्लामा इकबाल का एक शेर भी पढ़ा, ‘‘हजारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है। बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा।'' उन्होंने कहा कि ऐसे ही युगपुरुष, ऐसे ही दीदावर प्रधानमंत्री मोदी हैं जिन्हें राम मंदिर निर्माण का श्रेय जाता है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आए, उन्होंने राम मंदिर बनाया और देश में राम राज्य लाने का भी काम किया। उन्होंने कहा, ‘‘राम हमारे लिए भावना हैं, भाग्य, इच्छा हैं, राम चेतना हैं, राम विरासत हैं, सभ्यता हैं, संस्कृति हैं, शास्त्र हैं और मोक्ष हैं। राम सर्वत्र हैं। राम का व्यक्तित्व इतना विशाल और इतना विराट है कि भौगोलिक सीमाओं से परे दुनिया के अनेक देशों में राम को पूजा जाता है।'' सिंह ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए दावा किया कि 2007 में रामेश्वरम और श्रीलंका के बीच रामसेतु परियोजना पर तत्कालीन संप्रग सरकार ने उच्चतम न्यायालय में शपथपत्र दिया था कि राम नाम के कोई व्यक्ति नहीं हैं, वह काल्पनिक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राम को उस समय नकारा, इसलिए आज उनकी यह स्थिति है।सिंह ने कहा कि भगवान राम के अस्तित्व को नकारना अपनी संस्कृति, सभ्यता, विरासत को नकारना था।भाजपा सांसद ने कहा कि न्यायमूर्ति दिवंगत देवकी नंदन अग्रवाल ने जहां इस मामले में ‘राम लला विराजमान' को वादी बनाया था तो 90 साल से अधिक उम्र में वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन ने न्यायालय में नंगे पैर खड़े होकर मामले में पैरवी की। सदन में चर्चा शुरू होने से पहले द्रमुक के सदस्य तमिलनाडु में बाढ़ और केंद्र सरकार से मदद की जरूरत का विषय उठा रहे थे, हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह कहते हुए विषय उठाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया कि ‘‘आज कोई शून्यकाल, कार्य स्थगन नहीं है।'' द्रमुक के सदस्य कुछ देर तक नारेबाजी करते रहे।
- नयी दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लोकसभा में कहा कि राम के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती तथा 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का दिन भारत को विश्वगुरु बनने के मार्ग पर ले जाना वाला है। उन्होंने लोकसभा में शनिवार को नियम 193 के तहत ‘ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर के निर्माण और श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा' विषय पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय ने भारत के पंथनिरपेक्ष चरित्र को उजागर किया तथा दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है जहां बहुसंख्यक समाज ने अपनी आस्था के निर्वहन के लिए इतनी लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है। उन्होंने विपक्षी दलों का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा, ‘‘ हमारे गुजरात में एक कहावत है, हवन में हड्डी नहीं डालनी चाहिए। पूरा देश जब आनंद में डूबा है तो स्वागत कर लो, साथ में जुड़ जाओ। इससे देश का भला होगा और सभी का भला होगा।'' गृह मंत्री का कहना था कि 22 जनवरी का दिन इतिहास में 10 हजार साल तक याद रखा जाएगा।शाह ने कहा, ‘‘मैं आज अपने मन की बात और देश की जनता की आवाज को इस सदन के सामने रखना चाहता हूं। जो वर्षों से कोर्ट के कागजों में दबी हुई थी। मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उसे आवाज भी मिली और अभिव्यक्ति भी मिली।'' उनका कहना था कि सदन में आजादी के बाद जो महत्वपूर्ण प्रस्ताव आए हैं उनमें एक यह रामजन्म भूमि से संबंधित प्रस्ताव है। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘22 जनवरी का दिन सहस्त्रों वर्षों के लिए ऐतिहासिक बन गया है। जो इतिहास और ऐतिहासिक पलों को नहीं पहचानते, वो अपने अस्तित्व को खो देते हैं।'' उनके अनुसार, 22 जनवरी का दिन 1528 में शुरू हुए एक संघर्ष और एक आंदोलन के अंत का दिन है और 1528 से शुरू हुई न्याय की लड़ाई, इस दिन समाप्त हुई। शाह ने कहा, ‘‘22 जनवरी का दिन करोड़ों भक्तों की आशा, आकांक्षा और सिद्धि का दिन है। ये दिन समग्र भारत की आध्यात्मिक चेतना का दिन बन चुका है।'' उन्होंने कहा, ‘‘22 जनवरी का दिन महान भारत की यात्रा की शुरुआत का दिन है। ये दिन मां भारती के विश्व गुरु के मार्ग पर ले जाने को प्रशस्त करने वाला दिन है।'' उनके अनुसार, उच्चतम न्यायालय के निर्णय ने दुनिया में भारत के पंथनिरपेक्ष चरित्र को उजागर किया। दुनिया में कोई ऐसा भी देश नहीं है जहां बहुसंख्यक समाज ने अपनी आस्था का निर्वहन के लिए इतनी लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है। गृह मंत्री ने कहा कि इस देश की कल्पना राम और रामचरितमानस के बिना नहीं की जा सकती तथा राम का चरित्र और राम इस देश के जनमानस का प्राण हैं। गृह मंत्री का कहना था, ‘‘जो लोग राम के अलावा भारत की कल्पना करते हैं वो भारत को नहीं जानते और वो गुलामी के काल का प्रतिनिधित्व करते हैं।'' उनके मुताबिक, राम राज्य किसी एक धर्म और संप्रदाय के लिए नहीं है, यह एक आदर्श राज्य का प्रतीक है।उन्होंने कहा, ‘‘राम और राम के चरित्र को फिर से प्रतिस्थापित करने का काम मोदी जी के हाथ से हुआ है। '' शाह ने कहा, ‘‘कई भाषाओं, कई प्रदेशों और कई प्रकार के धर्मों में भी रामायण का जिक्र, रामायण का अनुवाद और रामायण की परंपराओं को आधार बनाने का काम हुआ है।'' गृह मंत्री ने इस बात का उल्लेख किया, ‘‘भारत की संस्कृति और रामायण को अलग करके देखा ही नहीं जा सकता। कई भाषाओं, कई प्रदेशों और कई प्रकार के धर्मों में भी रामायण का जिक्र, रामायण का अनुवाद और रामायण की परंपराओं को आधार बनाने का काम हुआ है।'' शाह ने कहा, ‘‘जब राम मंदिर निर्माण के लिए न्यायालय का निर्णय आया तब कई लोग अनुमान लगा रहे थे कि इस देश में रक्तपात हो जाएगा, दंगे हो जाएंगे। मगर मैं आज इस सदन में कहना चाहता हूं कि ये भाजपा की सरकार है, नरेन्द्र मोदी जी इस देश के प्रधानमंत्री हैं।'' उनका कहना था, ‘‘न्यायालय के निर्णय को भी जय-पराजय की जगह, सबके मान्य न्यायालय के आदेश में परिवर्तित करने का काम मोदी जी के दूरदर्शी विचार ने किया।'' गृह मंत्री ने कहा, ‘‘1990 में जब ये आंदोलन ने गति पकड़ी उससे पहले से ही ये भाजपा का देश के लोगों से वादा था। हमने पालमपुर कार्यकारिणी में प्रस्ताव पारित करके कहा था कि राम मंदिर निर्माण को धर्म के साथ नहीं जोड़ना चाहिए, ये देश की चेतना के पुनर्जागरण का आंदोलन है। इसलिए हम राम जन्मभूमि को कानूनी रूप से मुक्त कराकर वहां पर राम मंदिर की स्थापना करेंगे।'' शाह ने कहा, ‘‘हम 1996 से कह रहे हैं कि संवैधानिक तरीके से भव्य राम मंदिर बनना चाहिए।''उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘क्या पांच न्यायाधीशों से आदेश से वास्ता रखते हो या नहीं रखते, संविधान से वास्ता रखते हो या नहीं रखते? गृह मंत्री ने किसी का नाम लिये बिना कहा, ‘‘निर्णय पसंद का हो तो स्वीकार कर लेते हैं और कोई निर्णय पसंद नहीं आए तो उच्चतम न्यायालय को बुरा-भला कहना है।'' उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि ‘‘प्राण प्रतिष्ठा'' के लिए प्रधानमंत्री ने 11 दिनों तक कठोर अनुष्ठान किया। शाह ने कहा, ‘‘ अध्योध्या में राम मंदिर धर्मांधता के सामने आध्यामिकता और भक्ति की विजय, भारत के गौरवमयी युग की शुरुआत है।'' उन्होंने कहा कि राम मंदिर सामाजिक एकता का प्रतीक है।उन्होंने कहा, ‘‘10 साल के कार्यकाल में कई पड़ाव आए हैं। इनके (कांग्रेस) द्वारा छोड़े गए गड्ढे भरकर नए भारत की इमारत बनाना, राम मंदिर की यात्रा से कम नहीं है।'' गृह मंत्री का कहना था कि कभी नीतिगत पंगुता वाली अर्थव्यवस्था कहलाने वाला भारत आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
- भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (बीजद) की वरिष्ठ नेता और ओडिशा विधानसभा की 10 बार सदस्य रह चुकीं वी सुगनना कुमारी देव का चेन्नई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 87 वर्ष की थीं। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार देर रात करीब एक बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को दिन में उनसे अस्पताल में मुलाकात की थी। वह खलीकोट के पूर्व शाही परिवार की सदस्य थीं। ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कई अन्य गणमान्य लोगों ने देव के निधन पर शोक व्यक्त किया। पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘ वी सुगनना कुमार देव के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। वह बीजद की वरिष्ठ नेता थीं और उन्होंने पार्टी के लिए बहुत योगदान दिया। उन्होंने खलीकोट और कविसूर्यानगर दोनों क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर जन सेवा में अपनी अलग छाप छोड़ी। वह 10 बार विधानसभा के लिए चुनी गईं। उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आत्मा को शांति मिले। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं प्रकट करता हूं।'' देव पहली बार 1963 में ओडिशा विधानसभा के लिए चुनी गई थीं। वह खलीकोट से आठ बार और कविसूर्यनगर से दो बार विधायक रहीं। वह 1963, 1974, 1977, 1985, 1990, 1995, 2000, 2004, 2009 और 2014 में विधायक चुनी गईं।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सरकार ने पिछले दस साल में देश की अर्थव्यवस्था को कांटों में फंसी साड़ी की तरह सही-सलामत निकालकर भविष्योन्मुखी सुधारों की राह पर चलाने का प्रयास किया है। वित्त मंत्री सीतारमण ने राज्यसभा में श्वेत पत्र पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों और प्रभावी नीतिगत योजनाओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला दिया है तथा इसके परिणामस्वरूप यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। उन्होंने दावा किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में भारत विश्व की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से जमीनी स्तर पर विकास परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करते हैं। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान आर्थिक कुप्रबंधन की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले शासन के दौरान 18 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं रुकी हुई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 348 लंबित परियोजनाओं को मंजूरी दी।'' वित्त मंत्री ने लोगों तक लाभ नहीं पहुंचाने के लिए संप्रग सरकार की आलोचना की और यह आरोप भी लगाया कि उसने शासनकाल के दौरान सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया था। महंगाई के मोर्चे पर वित्त मंत्री ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान मुद्रास्फीति की दर 4 प्रतिशत से नीचे थी जबकि संप्रग शासन के दौरान मुद्रास्फीति की औसत दर 8.2 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि इस सरकार को जो अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, उसके बारे में विपक्ष द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग भी कहते हैं कि अटल बिहार वाजपेयी सरकार से जो विरासत संप्रग सरकार को मिली, उसी कारण उसके पहले पांच वर्ष में अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी रही। सीतारमण ने कहा कि संप्रग सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए गलत राजकोषीय नीतियां बनाई तथा सब्सिडी और फिजूलखर्ची की गई। उन्होंने बुनियादी ढांचे की जरूरतों को दरकिनार कर पूर्वोत्तर राज्यों की आकांक्षाओं की अनदेखी करने के लिए भी पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले ही इस बात को स्पष्ट किया जा चुका है कि यदि यह श्वेत पत्र पहले लाया जाता तो लोगों एवं निवेशकों का अपने देश, अर्थव्यवस्था और संस्थानों पर विश्वास डोलने लगता। उन्होंने कहा कि प्रश्न किया जाता है कि यह श्वेत पत्र अभी क्यों लाया गया? उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित सरकार के नाते उनका यह दायित्व है कि वह संसद के दोनों सदनों के माध्यम से जनता को यह जानकारी दें कि अर्थव्यवस्था की स्थिति दस वर्ष पहले क्या थी और आज वह किस स्तर पर पहुंच गयी है। सीतारमण ने कहा, ‘‘हम दो पटरियों पर चल रहे थे। एक थी- अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करना, पूर्व के गलत कामों को सही करना, अड़चनों को दूर करना और इनके साथ ही भविष्योन्मुखी सुधारों की ओर भी ध्यान देना...। '' उन्होंने कहा कि 1991 में आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन उसे 2004 के बाद पूरा नहीं किया गया, आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सुधारों विशेषकर भविष्योन्मुखी सुधारों पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने एक तमिल कहावत का उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 में जो अर्थव्यवस्था उनकी सरकार को मिली थी, उसकी तुलना कांटेदार झाड़ी में फंसी साड़ी से की जा सकती है जिसे कांटों से सही सलामत निकालने की चुनौती रहती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को उस कांटेदार झाड़ी से निकाला। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था की यह ‘हालात' थी कि यह विश्व की पांच कमजोर अर्थव्यवस्था में एक थी और आज सरकार के प्रयासों के कारण यह विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी है। सीतारमण ने कहा कि आज अर्थव्यवस्था की जो स्थिति है, उसके आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्वास के साथ यह कह रहे हैं कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश होगा।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि 17वीं लोकसभा के पांच वर्ष ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' वाले रहे और आज देश का यह संकल्प बन चुका है कि आने वाले 25 साल में वह विकसित भारत बनाने के इच्छित परिणाम प्राप्त करके रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देशवासियों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जज्बा पैदा हुआ है।
बजट सत्र और मौजूदा लोकसभा की आखिरी बैठक के अंतिम दिन सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘आने वाले 25 वर्ष देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। राजनीतिक गहमा-गहमी अपनी जगह है, राजनीतिक आकांक्षा और अपेक्षा अपनी जगह हैं। लेकिन देश का संकल्प बन चुका है कि अगले 25 साल में वह इच्छित परिणाम प्राप्त करके रहेगा।'' उन्होंने 17वीं लोकसभा के आखिरी सत्र में 97 प्रतिशत कार्य उत्पादकता रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि अगली लोकसभा में कामकाज की 100 प्रतिशत उत्पादकता का संकल्प लेना चाहिए। मोदी ने कहा कि ये पांच वर्ष देश में ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म' के थे। उन्होंने कहा कि अपनी आंखों के सामने ही ‘ट्रांसफॉर्म' होते देखना दुर्लभ होता है। प्रधानमंत्री ने 17वीं लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, महिला आरक्षण कानून बनाने, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने, दंड संहिता की जगह नयी न्याय संहिता लाने समेत कई विधेयकों के पारित होने का उल्लेख किया। मोदी ने कहा, ‘‘सदन ने अनुच्छेद 370 हटाया जिससे संविधान का पूर्ण रूप से प्रकटीकरण हुआ...संविधान निर्माताओं की आत्मा हमें जरूर आशीर्वाद दे रही होगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस कार्यकाल में परिवर्तनकारी सुधार हुए, इनमें 21वीं सदी के भारत की मजबूत नींव नजर आती है।'' उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के लोगों को समाजिक न्याय से वर्षों तक वंचित रख गया था, आज वहां तक सामाजिक न्याय पहुंचाकर हमें संतोष है। मोदी का कहना था कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान देश के हर राज्य ने भारत के सामर्थ्य और अपने प्रदेश की खूबी विश्व के सामने रखी जिसका असर आज भी है तथा ‘पी-20' के माध्यम से भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया गया। उन्होंने संसद के नए भवन के निर्माण का श्रेय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को देते हुए कहा कि उनकी पहल से ही यह संभव हुआ है। मोदी ने लोकसभा के संचालन के लिए अध्यक्ष बिरला का आभार जताते हुए कहा कि वह हमेशा मुस्कराते हुए काम करते रहे और अनेक विपरीत परिस्थितियों में संतुलित और सच्चे अर्थों में निष्पक्ष भाव से सदन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, ‘‘आक्रोश के पल भी आए, आरोप के पल भी आए। लेकिन आपने पूरे धैर्य के साथ इन सभी चीजों को संभालते हुए सूझ-बूझ के साथ सदन का संचालन किया और हम सबका मार्गदर्शन किया। इसके लिए हम सभी आपके आभारी हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में भी लोकसभा अध्यक्ष ने देश के काम को रुकने नहीं दिया और सदन की गरिमा को भी बनाकर रखा। उन्होंने संसद सदस्यों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि कोविड के कालखंड में देश की आवश्यकताओं को देखते हुए सांसद निधि छोड़ने के प्रस्ताव को एक पल के बिलंब के बिना सभी सदस्यों ने स्वीकार किया। मोदी ने कहा, ‘‘इतना ही नहीं, देशवासियों को सकारात्मक संदेश देने के लिए, अपने आचरण से समाज को विश्वास देने के लिए सांसदों ने अपने वेतन में 30 प्रतिशत कटौती का निर्णय भी स्वयं लिया। देश को विश्वास हुआ कि ये सबसे पहले छोड़ने वाले लोग हैं।'' उन्होंने संसद की कैंटीन में सब्सिडी समाप्त होने, महापुरुषों की जयंती पर देशभर में बच्चों के बीच निबंध और भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराने, संसद पुस्तकालय के दरवाजे आम लोगों के लिए खोलने, पेपरलेस कामकाज करने, डिजिटलीकरण जैसी पहल गिनाते हुए भी अध्यक्ष बिरला की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘संसद के नये भवन में विरासत को हमेशा जीवंत रखने वाला सेंगोल स्थापित किया गया है। यह भारत की आने वाली पीढ़ियों को आजादी के प्रथम पल के साथ जोड़कर रखेगा। इससे देश को आगे ले जाने की प्रेरणा भी बनी रहेगी।'' मोदी ने कहा कि 17वीं लोकसभा के पहले ही सत्र में दोनों सदनों में 30 विधेयक पारित हुए थे, यह अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, ‘‘हम संतोष से कह सकते हैं कि हमारी अनेक पीढ़ियां जिन बातों का इंतजार करती थीं, ऐसे बहुत से काम इस 17वीं लोकसभा के माध्यम से पूरे हुए। पीढ़ियों का इंतजार खत्म हुआ।'' मोदी ने कहा कि आतंकवाद नासूर बन गया था और देश के नौजवान आतंकवाद की बलि चढ़ जाते थे, ऐसे में सरकार ने आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कानून बनाए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पक्का विश्वास है कि जो लोग ऐसी समस्याओं से जूझते हैं, उन्हें बल मिला है, मनोबल बढ़ा है। पूर्ण रूप से आतंकवाद की मुक्ति का एहसास हो रहा है और यह सपना सिद्ध होकर रहेगा।'' मोदी ने कहा, ‘‘यह युवा शक्ति के लिए महत्वपूर्ण कालखंड है। हर किसी का सपना विकसित भारत का है। ऐसा कोई नहीं है जो विकसित भारत को नहीं देखना चाहता। सभी को इसके लिए जुड़ना होगा। जो नहीं जुड़ेंगे वो भी इसका फल तो खाएंगे।'' उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्ष में युवाओं के लिए प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ विधेयक पारित करने समेत ऐतिहासिक कानून बने। मोदी ने कहा कि जल, थल, नभ के बाद अब देश समुद्री, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में सामर्थ्य पैदा करते हुए नकारात्मक चुनौतियों से निपट रहा है। उन्होंने कहा कि वह लाल किले से भी इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि ‘‘जब वह ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' की बात करते हैं तो उसका अर्थ है कि लोगों की जिदगी में से जितना सरकार निकल जाए, उतना अच्छा है।'' मोदी ने कहा, ‘‘हर जगह सरकार टांग क्यों अड़ाए। हां, यदि लोग अभाव में हैं तो सरकार उनके साथ हर समय मौजूद रहे। लेकिन लोगों के रोजमर्रा के जीवन में सरकार की उपस्थिति कम से कम हो। इस सपने को पूरा करेंगे।'' उन्होंने कहा कि इस संसद ने देश के ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए भी कदम उठाया और अब तक करीब 16-17 हजार ट्रांसजेंडर को पहचान पत्र दिए गए हैं। मोदी ने कहा कि लोकतंत्र और भारत की यात्रा अनंत है और देश का एक उद्देश्य, एक लक्ष्य है जो महर्षि अरविंद और स्वामी विवेकानंद ने भी देखा था। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत के सामर्थ्य और महात्म्य को स्वीकारने लगी है और हमें इस यात्रा को और आगे बढ़ाना है। मोदी ने कहा कि चुनाव बहुत दूर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों को चुनाव का नाम सुनकर घबराहट रहती होगी। लेकिन यह सहज और आवश्यक पहलू है। हम इसे गर्व से स्वीकार करते हैं। मुझे विश्वास है कि हमारे चुनाव देश की शान बढ़ाने वाले, लोकतंत्र की परंपरा को रखने वाले और विश्व को अचंभित करने वाले रहेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘बुरे दिन कितने ही क्यों न रहें, हम भावी पीढ़ी के लिए कुछ न कुछ अच्छा करते रहेंगे, सदन प्रेरणा देता रहेगा और सरकार सामूहिक शक्ति से काम करती रहेगी। -
नयी दिल्ली. बैंकिंग क्षेत्र और इससे जुड़े लोगों को कृत्रिम मेघा (एआई) से पैदा होने वाले कानूनी, साइबर जोखिमों और कौशल की कमी जैसे जोखिमों के प्रति सचेत रहना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि एआई और जेन'एआई को अपनाने के साथ कानूनों को फिर से परिभाषित किया जाना है। उद्योग को यह ध्यान देना चाहिए कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम के नियम जल्द ही आने वाले हैं, और हो सकता है कि बैंक इनमें से कुछ का उल्लंघन कर दें। इसलिए तैयारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुंबई में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के द्वारा आयोजित 19वें वार्षिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी सम्मेलन में कहा कि बैंकों को ग्राहक सुविधा के बारे में सोचने और उसके अनुसार सेवाएं देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ''हम जब नियम बनाते हैं, तो हमें इसे ग्राहकों के लिए सुविधाजनक बनाने के बारे में सोचना चाहिए और इसमें लगातार सुधार करना चाहिए।'' शंकर ने कहा कि हर नई तकनीक ने कुछ नौकरियां खत्म की हैं, लेकिन नई नौकरियां पैदा भी की हैं। ऐसे में कार्यबल को प्रशिक्षित करने की जरूरत है।
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नयी दिल्ली. चित्रकार ए. रामचंद्रन का शनिवार को यहां उनके आवास पर निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। उनके बेटे राहुल ने बताया, वह पिछले कुछ समय से बीमार थे और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण आज सुबह नौ बजे उनका निधन हो गया।'' उन्होंने बताया कि रामचंद्रन का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर ढाई बजे लोधी रोड शवदाह गृह में किया जाएगा। केरल के अतिंगल में 1935 में जन्मे रामचंद्रन अपनी शानदार चित्रकारी के लिए जाने जाते थे। उन्हें 2002 में ललित कला अकादमी का फेलो चुना गया और 2005 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा गया।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लगातार वृद्धि दर बढ़ने के साथ अब भारत का वक्त आ गया है और ‘हमारे आलोचक सबसे निचले स्तर' पर पहुंच गये हैं। प्रधानमंत्री ने टाइम्स ग्रुप के 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट' को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पर पूरी दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "कारोबारियों के लिए कुंभ मेले की तरह मानी जाने वाली दावोस बैठक में भी भारत को लेकर बहुत उत्साह था। वहां किसी ने कहा कि भारत एक अभूतपूर्व सफलता की कहानी है, किसी ने कहा कि भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा नई ऊंचाइयां छू रहा है जबकि किसी ने कहा कि ऐसी कोई जगह नहीं है जहां भारत का प्रभाव न हो।" प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विकास से जुड़े हरेक विशेषज्ञ समूह में इस बात पर चर्चा है कि भारत पिछले 10 वर्षों में बदल गया है। उन्होंने कहा, "ये चीजें दिखाती हैं कि दुनिया को भारत पर कितना भरोसा है। भारत की क्षमताओं के लिए ऐसी सकारात्मक धारणा पहले कभी नहीं थी। भारत की सफलता को लेकर ऐसी सकारात्मक धारणा शायद पहले कभी नहीं देखी गई।" मोदी ने कहा कि किसी भी देश की विकास यात्रा में एक समय ऐसा आता है जब सारी परिस्थितियां उसके पक्ष में होती हैं और उस समय वह देश आने वाली कई शताब्दियों के लिए खुद को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा, ''अब मुझे भारत के लिए वही समय दिखता है।'' उन्होंने कहा, "यह वह समय है जब हमारी वृद्धि दर लगातार बढ़ रही है और राजकोषीय घाटा कम हो रहा है। यह वह समय है जब हमारा निर्यात बढ़ रहा है और चालू खाते का घाटा कम हो रहा है। यह वह समय है जब उत्पादक निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर है और मुद्रास्फीति नियंत्रण में है।“ इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा, "यह वह समय है जब अवसर और आय दोनों बढ़ रही है और गरीबी कम हो रही है। यह वह समय है जब खपत और कंपनियों की लाभप्रदता दोनों बढ़ रही है और बैंकों की गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) में रिकॉर्ड गिरावट हुई है। यह वह समय है जब उत्पादन और उत्पादकता बढ़ रही है और यह वह समय है जब हमारे आलोचक अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों में स्थिरता और निरंतरता है।
उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति अधिक खर्च करने का दुष्परिणाम है और उनकी सरकार ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए 'बचाया गया पैसा कमाया हुआ पैसा है' के मंत्र का पालन किया। उन्होंने कहा, "हमने संसद भवन जैसी बड़ी परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा करके करदाताओं के पैसे को मान दिया। हमने कबाड़ से भी पैसा कमाया। -
मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि सरकारी स्वर्ण बांड (एसजीबी) सोमवार से पांच दिनों के लिए खुलेगा। स्वर्ण बांड की इस किस्त का निर्गम मूल्य 6,263 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है।
सरकारी स्वर्ण बांड योजना 2023-24 श्रृंखला चार इस महीने की 12 तारीख से 16 तारीख तक खुली रहेगी। केंद्रीय बैंक ने कहा, ''बांड का मूल्य 6,263 रुपये प्रति ग्राम सोना है।''
भारत सरकार ने ऑनलाइन आवेदन करने वाले और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को अंकित मूल्य से 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट देने का फैसला किया है। आरबीआई ने कहा कि ऐसे निवेशकों के लिए स्वर्ण बांड का निर्गम मूल्य 6,213 रुपये होगा।
एसजीबी को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (छोटे वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), भारतीय निपटान निगम लिमिटेड (सीसीआईएल), नामित डाकघरों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड और बीएसई लिमिटेड के माध्यम से बेचा जाएगा। केंद्रीय बैंक दरअसल भारत सरकार की तरफ से स्वर्ण बॉन्ड जारी करता है। ये निवासी व्यक्तियों, अविभाजित हिंदू परिवार (एचयूएफ), न्यासों, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थाओं को ही बेचे जा सकते है। अभिदान की अधिकतम सीमा व्यक्तियों के लिए चार किलोग्राम, एचयूएफ के लिये चार किलोग्राम और न्यासों तथा समान संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम प्रति वित्त वर्ष है। सोने की भौतिक मांग को कम करने के इरादे से सबसे पहले गोल्ड बांड योजना नवंबर, 2015 में लाई गई थी। -
नयी दिल्ली. सरकार ने डिजिटल धोखाधड़ी को नियंत्रित करने के लिए अब तक 1.4 लाख मोबाइल नंबरों को ब्लॉक किया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ये मोबाइल नंबर वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल थे।
वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने शुक्रवार को वित्तीय सेवा क्षेत्र में साइबर सुरक्षा पर एक बैठक की अध्यक्षता की। इसमें एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) एकीकरण के जरिए नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी सूचना एवं प्रबंधन प्रणाली (सीएफसीएफआरएमएस) मंच पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों को शामिल करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बयान के मुताबिक सीएफसीएफआरएमएस मंच को राष्ट्रीय साइबर अपराध सूचना पोर्टल (एनसीआरपी) के साथ जोड़ा जाएगा। इससे पुलिस, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल कायम हो सकेगा। बयान में कहा गया कि दूरसंचार विभाग ने थोक एसएमएस भेजने वाली 35 लाख प्रधान इकाइयों का विश्लेषण किया। इनमें से दुर्भावनापूर्ण एसएमएस भेजने में शामिल 19,776 इकाइयों को ‘काली सूची में डाल दिया गया है। इस संबंध में 500 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं और लगभग 3.08 लाख ‘सिम ब्लॉक' किए गए हैं। -
गुमला. झारखंड के गुमला जिले में शुक्रवार को एक कटे हुए पेड़ के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक सिसई थाना क्षेत्र के सकरौली गांव में अपराह्न लगभग तीन बजे हुई इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। गुमला के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने कहा कि चार लेन की सड़क के निर्माण हेतु इलाके में पेड़ों की कटाई की जा रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘ पेड़ों की कटाई के दौरान एक करंज का पेड़ भी गिर गया। परिवार के अलग-अलग सदस्यों ने इस पर दावा जताया। विवाद इतना बढ़ गया कि यह घटना हो गई।'' उन्होंने कहा कि परिवार के एक सदस्य के पास कुल्हाड़ी थी और बहस के बीच उसने अपने रिश्तेदारों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान नागेश्वर साहू (62), उनके बेटे पवन कुमार साहू (35) और उनके रिश्तेदार मुन्ना साहू (58) के रूप में की गई। घायल व्यक्ति विकास कुमार साहू है, जो मुन्ना साहू का पुत्र है। पुलिस ने कहा कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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भोपाल. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे और आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में लगभग 7,300 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और आधारशिला रखेंगे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिससे क्षेत्र की आदिवासी आबादी को लाभ होगा। वह लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को आहार अनुदान योजना की मासिक किस्त देंगे। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश की विभिन्न विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को पौष्टिक भोजन के लिए 1,500 रुपये प्रति माह प्रदान किए जाते हैं। इसमें कहा गया है कि वह स्वामित्व योजना के लाभार्थियों को 1.75 लाख ‘अधिकार अभिलेख' (अधिकारों का रिकॉर्ड) प्रदान करेंगे, जो लोगों को उनकी भूमि के अधिकार के लिए दस्तावेजी साक्ष्य होगा। प्रधानमंत्री टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय की आधारशिला भी रखेंगे। 170 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह विश्वविद्यालय छात्रों के समग्र विकास के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना' के तहत 559 गांवों के लिए 55.9 करोड़ रुपये की धनराशि भी हस्तांतरित करेंगे, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार की निर्माण गतिविधियों के लिए किया जाएगा। जिसमें आंगनवाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकानें, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों में अतिरिक्त कमरे, आंतरिक सड़कें आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री झाबुआ में ‘सीएम राइज स्कूल' का शिलान्यास करेंगे। यह स्कूल छात्रों को स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी को एकीकृत करेगा। वह कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा उनमें 'तलावड़ा परियोजना' शामिल है जो धार और रतलाम के एक हजार से अधिक गांवों के लिए पेयजल आपूर्ति योजना है। प्रधानमंत्री झाबुआ की 50 ग्राम पंचायतों के लिए 'नल जल योजना' राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे लगभग 11,000 घरों को नल का पानी उपलब्ध कराया जाएगा । प्रधानमंत्री कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इनमें रतलाम रेलवे स्टेशन और मेघनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखना भी शामिल है। इन स्टेशनों का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जाएगा। जो रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी उनमें इंदौर-देवास-उज्जैन सी केबिन रेलवे लाइन के दोहरीकरण, यार्ड रीमॉडलिंग के साथ इटारसी-उत्तर-दक्षिण ग्रेड विभाजक और बरखेड़ा-बुधनी-इटारसी को जोड़ने वाली तीसरी लाइन की परियोजनाएं शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि ये परियोजनाएं रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्री और माल गाड़ी दोनों के लिए यात्रा के समय को कम करने में मदद करेंगी। इसके अलावा मोदी मध्य प्रदेश में 3,275 करोड़ रुपये से अधिक की कई सड़क विकास परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क में सुधार होगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार 2014 में ही सत्ता में आने पर अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र ला सकती थी लेकिन उन्होंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना क्योंकि वह देश का आत्मविश्वास डिगाना नहीं चाहते थे। श्वेत पत्र आम चुनाव से पहले पिछले संसद सत्र में पेश किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की आलोचना करते हुए एक श्वेत पत्र पेश किया और कहा कि उस सरकार ने अंधाधुंध राजस्व व्यय, बजट से ज्यादा उधार लेने और बैंकों पर न चुकाए गए ऋणों का बोझ बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को गैर-निष्पादित अर्थव्यवस्था में बदल दिया था। टाइम्स ग्रुप के ‘ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट' को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के दशक में देश जिन नीतियों पर चल रहा था, वे देश को दिवालियापन की राह पर ले जा रही थीं। उन्होंने कहा, ''इस पर हमने संसद में अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र पेश किया है।'' मोदी ने कहा, “इस पर चर्चा जारी है। इतना बड़ा दर्शक वर्ग है तो मैं अपने 'मन की बात' भी कहना चाहूंगा कि जो श्वेत पत्र मैं अभी लेकर आया हूं, वह मैं 2014 में भी ला सकता था। अगर मेरा मकसद राजनीतिक लाभ लेना होता तो मैं 10 साल पहले ही ये आंकड़े लोगों के सामने रख देता।” मोदी ने कहा कि 2014 में श्वेत पत्र लाना उनके लिए राजनीतिक रूप से अनुकूल होता।
उन्होंने कहा, “राजनीति ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा लेकिन राष्ट्रनीति ने मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी और इसलिए, मैंने 'राजनीति' के बजाय 'राष्ट्रनीति' को चुना। और जब 10 वर्षों में स्थिति मजबूत हो गई है और हम किसी भी हमले का सामना कर सकते हैं, तब मैंने सोचा कि मुझे लोगों को सच बताना चाहिए और इसीलिए मैंने संसद में श्वेत पत्र पेश किया।” मोदी ने कहा, ‘‘जब आप इसे देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि हम कहां थे और किस स्थिति से उठकर यहां तक पहुंचे हैं। अब आप विकास की नई ऊंचाई देख रहे हैं।” मोदी ने कहा कि यह उनकी गारंटी है कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि कोविड-19 के वायरस का दुनियाभर में 223 बार उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) हुआ है और इसके घातक प्रभाव समय के साथ कम हुए हैं। मांडविया ने लोकसभा में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि कोविड-19 अब इन्फ्लुएंजा की तरह बना रहेगा और इसके मौजूदा स्वरूप घातक नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब किसी वायरस का 100 से अधिक उत्परिवर्तन होता है तो इसके घातक प्रभाव कम हो जाते हैं। कोविड के वायरस का भी उत्परिवर्तन हुआ है। अब तक कोविड का वायरस 223 बार उत्परिवर्तित हो चुका है।'' स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन्फ्लुएंजा की तरह, जो हर साल एक या दो बार लोगों को प्रभावित करता है, ‘‘कोविड हमारे साथ है और रहेगा।
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में किन्नर अखाड़ा के शिविर में गुरुवार देर रात आग लगने से तीन लोग झुलस गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, किन्नर अखाड़ा के शिविर में लगी आग में झुलसे घायलों को मेला स्थित गंगा अस्पताल में प्राथमिक उपचार देकर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) भेज दिया गया। मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद ने बताया कि गुरुवार को देर रात किन्नर अखाड़ा के शिविर में अचानक आग लग गई, जिसमें तीन लोग झुलस गए। उन्होंने बताया कि घायलों को गंगा अस्पताल में प्राथमिक उपचार देकर एसआरएन स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया हालांकि आग में काफी सामान जलकर खाक हो गया। किन्नर अखाड़ा की सदस्य राधिका तिवारी ने बताया कि शिविर में आग लगने से खाने-पीने का सामान, बिस्तर, कपड़े आदि सब कुछ जल गए।
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इंदौर (मध्यप्रदेश)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चम्पत राय का कहना है कि अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के सैलाब के मद्देनजर हर दिन 14 घंटे दर्शन की व्यवस्था जारी है लेकिन कई लोगों का मत है कि पांच साल के बालक के रूप में पूजे जाने वाले भगवान राम को बीच-बीच में अच्छी तरह विश्राम की भी आवश्यकता है। राय ने इंदौर में कहा कि फिलहाल अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने मंदिर में हर रोज करीब एक लाख लोग आ रहे हैं और श्रद्धालुओं का भारी दबाव घटाने के लिए 24 जनवरी के बाद से इस देवस्थान में हर रोज 14 घंटे दर्शन की व्यवस्था चल रही है। न्यास महासचिव ने कहा, ‘‘अनेक लोगों का कहना है कि भगवान के बालक रूप को बीच में अच्छी तरह विश्राम की जरूरत है। आप भी सोचिए कि भगवान के बालक रूप को 14 घंटे जगाना कितना व्यावहारिक है?''
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के ऊपरी तलों, आयताकार परकोटे और इस परिसर के अन्य देवालयों का निर्माण किया जाना बाकी है और मंदिर का सारा काम संभवतः वर्ष 2025 के मध्य या 2025 की समाप्ति तक पूरा होने का अनुमान है। "रामलला के पटवारी" के रूप में प्रसिद्ध राय ने कहा कि राम मंदिर का शेष निर्माण कार्य उचित तालमेल बनाकर कुछ इस तरह पूरा किया जाएगा कि भक्तों को भगवान के दर्शन में कोई भी परेशानी न हो। उन्होंने कहा,‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि मंदिर के शेष निर्माण कार्य और श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के दर्शन में कोई भी बाधा न हो। इसके लिए हम इंजीनियरों के साथ बैठेंगे और सोच-समझकर फैसला करेंगे।'' न्यास महासचिव ने कहा कि अयोध्या में बड़ी तादाद में आ रही गाड़ियों की पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए किफायती किराये वाली जगहों का इंतजाम किया जाना बेहद आवश्यक है। राय, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। -
नयी दिल्ली। सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि देश में विभिन्न अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) में पिछले छह महीने में 29,000 पदों पर भर्ती की गई है। सरकार ने तमिलनाडु के कुछ सदस्यों की चिंताओं पर उन्हें आश्वासन देते हुए यह भी कहा कि मदुरै एम्स का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सभी एम्स में पूरी तरह कामकाज हो और प्राथमिकता यह है कि राज्यों में तृतीयक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं सर्वश्रेष्ठ हों। मांडविया ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि मदुरै में एम्स को लेकर राजनीतिक बहस की आवश्यकता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के लिए शुरुआत में कुछ विलंब के बाद अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, निर्माण के लिए एजेंसी और अन्य संबंधित चीजें तय हो गई हैं और मदुरै एम्स को पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती पवार ने भी कहा कि मदुरै में एम्स के लिए भूमि अधिग्रहण में देरी हुई थी और अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। एक अन्य पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए मांडविया ने मोदी सरकार में कोरोना महामारी के समय टीकों के उत्पादन से लेकर देशवासियों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने जैसे कई फैसले गिनाए। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘‘यह बात सही है। मैं अफ्रीकी देशों में गया था। वहां लोगों ने मुझसे कहा कि भारतीय दवा सस्ती और प्रभावी है।'
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नयी दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव को ‘भारत रत्न' दिए जाने की घोषणा का शुक्रवार को स्वागत किया। इस बारे में पूछे जाने पर सोनिया गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, मैं इसका (घोषणा) स्वागत करती हूं। क्यों नहीं?'' पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पी वी नरसिम्हा राव और मशहूर वैज्ञानिक व देश में हरित क्रांति के जनक डॉ एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को खुद ‘एक्स' पर पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।
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नई दिल्ली। संसद ने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024' पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे स्वीकृति दी। विधेयक पर चर्चा के उत्तर में केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने युवाओं को जो प्राथमिकता दी है वह पिछली सरकारों के दौरान नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता के साथ कई युवा केंद्रित सुधार किए हैं। इनमें राजपत्रित अधिकारियों द्वारा सत्यापन को समाप्त करना, विभिन्न चयन प्रक्रियाओं में साक्षात्कार को समाप्त करना और रोजगार मेले शुरू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के युवाओं पर भरोसा है।
सार्वजनिक परीक्षाओं में संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और केंद्र सरकार के विभागों की परीक्षाएं सम्मिलित हैं। इस विधेयक का उद्देश्य किसी भी अनुचित तरीके से लिप्तता या साजिश पर रोक लगाना है। अनुचित साधनों में प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी की अनधिकृत पहुंच या लीक होना, सार्वजनिक परीक्षा में परीक्षार्थी की सहायता करना, कंप्यूटर नेटवर्क के साथ छेड़छाड़ करना, फर्जी परीक्षा आयोजित करना और फर्जी प्रवेश पत्र जारी करना सम्मिलित है। विधेयक में अपराध करने पर तीन से दस वर्ष का कारावास और दस लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है। -
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आगामी आम चुनाव से पहले देश भर में लगभग 97 करोड़ मतदाता पंजीकृत हो चुके हैं। आयोग ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मतदाता पंजीकरण बताया। आयोग ने कहा कि वर्ष 2019 से पंजीकृत मतदाताओं में छह प्रतिशत की वृद्धि हुई। इनमें अधिकतर महिलाएं, युवा और दिव्यांग श्रेणी के हैं। निर्वाचन आयोग ने कहा कि महीने भर चले विशेष अभियान के दौरान महिला मतदाताओं का पंजीकरण पुरुष मतदाताओं से अधिक रहा।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री चौधरी चरण सिंह को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न देने की घोषणा की।उन्होंने स्वर्गीय श्री चौधरी चरण सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:"हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।"पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को भारत रत्न देने की घोषणाप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को भारत रत्न देने की घोषणा की।उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरसिम्हा राव का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों का प्रतीक था, जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला।प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:"यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव गारू ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की व्यापक स्तर पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद एवं विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था।प्रधानमंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों का प्रतीक था जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।''डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगाप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज घोषणा की कि हरित क्रांति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रसिद्ध डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन को सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की है।प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:"यह अत्यंत प्रसन्ता की बात है कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन जी को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत द्वारा कृषि में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए। हम एक प्रर्वतक और संरक्षक के रूप में उनके अमूल्य कार्य को भी पहचानते हैं और कई छात्रों के बीच सीखने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करते हैं। डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित की है। वह ऐसे व्यक्ति थे, जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैंने हमेशा उनके दृष्टिकोण और विचारों की कद्र की है।" - नयी दिल्ली . भारत 19 फरवरी से विशाखापत्तनम में नौ दिवसीय नौसैनिक अभ्यास की मेजबानी करेगा। इस अभ्यास में लाल सागर में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं सहित अस्थिर भू-राजनीतिक माहौल की पृष्ठभूमि में 50 से अधिक नौसेनाओं के भाग लेने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि 19 से 27 फरवरी तक विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले ‘मिलन' अभ्यास में भाग लेने वाले देशों में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया की नौसेनाएं शामिल होंगी। ‘मिलन' एक द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास है, जो भारत की 'लुक ईस्ट' नीति के समान इंडोनेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड की भागीदारी के साथ 1995 में शुरू हुआ था।
- नयी दिल्ली. आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की छह परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 12,343 करोड़ रुपये है। सरकार ने बृहस्पतिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं का वित्त पोषण केंद्र सरकार करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए विभिनन फैसलों की सराहना की और कहा कि रेल परियोजनाओं की मंजूरी से बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा और व्यस्त मार्गों पर भीड़ कम होगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से वाणिज्य के साथ-साथ कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा 'मत्स्य पालन अवसंरचना विकास कोष' (एफआईडीएफ) के विस्तार से मत्स्य पालन क्षेत्र में लोगों के लिए बेहतर ऋण पहुंच सुनिश्चित होगी और संबंधित बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने बृहस्पतिवार को असंगठित मत्स्य पालन क्षेत्र को औपचारिक रूप देने, सूक्ष्म और लघु उद्यमों को संस्थागत वित्त की सुविधा देने और जलकृषि बीमा को बढ़ावा देने के लिए 6,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की। इसके साथ ही सरकार ने 7,522.48 करोड़ रुपये के पहले से स्वीकृत कोष और 939.48 करोड़ रुपये के बजटीय समर्थन से 'मत्स्य पालन अवसंरचना विकास कोष' (एफआईडीएफ) को अगले तीन वर्षों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘राजस्थान, असम, तेलंगाना, गुजरात, आंध्र प्रदेश और नगालैंड में 12,343 करोड़ रुपये की छह ‘मल्टी ट्रैक' परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद।'' बयान में कहा गया है कि इन परियोजनाओं से परिचालन में आसानी होगी और भीड़भाड़ कम होगी। साथ ही भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों पर आवश्यक ढांचागत विकास होगा। बयान में कहा गया, ‘‘ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नए भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं जो क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाएंगी और इससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।'' सरकार के अनुसार, छह राज्यों के 18 जिलों को कवर करती इन परियोजनाएं से भारतीय रेलवे का मौजूदा नेटवर्क 1,020 किलोमीटर तक बढ़ेगा।
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नयी दिल्ली. पेट्रोल पंपों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि चालकों को ईंधन की मात्रा ‘डिस्प्ले स्क्रीन' पर ठीक से दिखाई दे और यदि आवश्यक हो तो वाहनों को भरने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पाइप लंबे होने चाहिए। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के प्रयासों के तहत एक संसदीय समिति ने बुधवार को ये सुझाव दिए। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण पर संसद की स्थायी समिति (2023-24) ने ‘‘ (ईंधन स्टेशन) पेट्रोल पंप पर मशीनों के विशिष्ट संदर्भ में वजन तथा माप के विनियमन'' पर संसद में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने कहा कि ओएमसी (पेट्रोलियम विपणन कंपनियों) ने खुदरा दुकानों (आरओ) पर मानक संचालन प्रक्रियाओं को लागू किया है, जिसके तहत वितरण इकाइयों में ईंधन भरने से पहले कर्मचारी को ‘डिस्प्ले स्क्रीन' पर ‘‘शून्य'' दिखाने की सलाह दी गई है। उपभोक्ताओं के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर शिकायत/सुझाव पुस्तिकाएं उपलब्ध हैं, जो सुविधाओं/सेवाओं/या किसी अन्य मुद्दे के संबंध में अपनी शिकायतें उठा सकते हैं। समिति ने खुदरा दुकानों में उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली की सराहना की, लेकिन साथ ही कहा कि उपभोक्ता के अधिकार की हरसंभव तरीके से रक्षा करना अनिवार्य है। समिति ने पाया कि अधिकारियों तथा हितधारकों को सटीक माप, छेड़छाड़ और धोखाधड़ी, नियमित निरीक्षण की कमी, उपभोक्ता जागरूकता, दूरस्थ निगरानी में कठिनाइयों, प्रौद्योगिकी प्रगति, जटिल आपूर्ति श्रृंखला आदि जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। समिति ने सुझाव दिया, ‘‘ इन चुनौतियों का समाधान करने और पेट्रोल पंप पर उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए, केंद्रीय तथा राज्य नियामक अधिकारियों, ईंधन खुदरा विक्रेताओं, उपभोक्ता समूहों तथा प्रौद्योगिकी प्रदाताओं का बेहतर समन्वय में काम करना आवश्यक है।
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भुवनेश्वर. ओडिशा में पिछले पांच वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से 1,472 लोगों की मौत हुई है और 145 लोग घायल हुए हैं। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुदाम मरांडी ने बुधवार को ओडिशा विधानसभा में यह जानकारी दी। कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपति के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जून 2015 में इसे आपदा घोषित किया था। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष दिशानिर्देशों के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गई है। मंत्री ने कहा कि इसी तरह बिजली गिरने के कारण यदि किसी व्यक्ति के शरीर का कोई भाग 60 प्रतिशत से अधिक नष्ट हो जाता है, तो उसे 2.50 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के शरीर का कोई भाग 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच नष्ट होता है, तो मुआवजा राशि 74,000 रुपये है। मंत्री ने बताया कि बिजली गिरने के कारण यदि किसी व्यक्ति के एक सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता होती है, तो सरकार ने 16,000 रुपये के मुआवजे का भी प्रावधान किया है।

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