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- खंडवा (मध्य प्रदेश),। मध्य प्रदेश पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अलावा पिछले कुछ दिनों से एक दर्जन से अधिक भैंसों की देखभाल करने की नयी जिम्मेदारी को संभालना पड़ रहा है। जावर थाना प्रभारी जे.पी. वर्मा ने बताया कि भैंसों को खिलाने पर प्रतिदिन पांच हजार रुपये खर्च किये जा रहे हैं। उन्होंने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि पांच दिन पहले जिले में अवैध रूप से ले जाए जा रही 17 भैंसों को जब्त किया गया था। वर्मा ने बताया कि ट्रक में जानवरों को अमानवीय तरीके से ठूंस कर रखे जाने के कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश के बाद भैंसों को वापस मालिक को सौंप दिया जाएगा।अधिकारी ने बताया, "उन्हें खिलाने में प्रतिदिन लगभग चार से पांच हजार रुपये का खर्च आता है। मैं यह खर्च वहन कर रहा हूं। हमारे कर्मचारी दिन-रात उनकी देखभाल कर रहे हैं।"
- बरहामपुर (ओडिशा)। सेना से बर्खास्त 34 वर्षीय व्यक्ति को एक महिला से करीब 1.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में ओडिशा के गंजाम जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि आरोपी ने महिला को नौकरी का झांसा देकर उससे ठगी की।उन्होंने बताया कि धाराकोट ब्लॉक के नंदीघर निवासी आरोपी संतोष कुमार सेठी को पिछले साल धोखाधड़ी के दो मामलों में गिरफ्तार किए जाने के बाद सेना से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि जमानत पर बाहर आने के बाद, उसने महिला से अपने सेना में होने का झूठ बोलकर उससे दोस्ती की और उसे सेना के एक कॉलेज में लिपिक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 1.25 लाख रुपये ले लिए। पुलिस अधीक्षक (बरहामपुर) सरवना विवेक एम ने बताया कि आरोपी युवक ने न तो महिला को नौकरी दिलायी और न ही पैसे लौटाए, जिसके बाद महिला ने गोपालपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद जांच शुरू की गई और आरोपी सेठी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि ऐसा संदेह है कि उसने कई और लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनसे धोखाधड़ी की है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को न्याय दिए जाने की कानूनी प्रणाली पर पुनर्विचार और उसमें सुधार करने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि अपराधी विभिन्न क्षेत्रों में वित्त पोषण और संचालन के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। राष्ट्रमंडल विधि शिक्षा संघ (सीएलईए)-राष्ट्रमंडल अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल सम्मेलन (सीएएसजीसी) में मोदी ने कहा कि देश पहले से ही हवाई यातायात नियंत्रण और समुद्री यातायात के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने इस सहयोग को जांच तथा न्याय दिए जाने की प्रक्रिया तक बढ़ाने की पैरवी की। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम एक साथ मिलकर काम करते हैं तो क्षेत्राधिकार न्याय देने का जरिया बन जाता है न कि उसमें देरी करने का।'' उन्होंने कहा कि अपराध की प्रकृति और दायरे में आमूलचूल परिवर्तन देखा गया है। उन्होंने कहा कि कई बार किसी एक देश में न्याय सुनिश्चित करने के लिए दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पड़ती है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि यह सम्मेलन इसे सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि सभी को समय पर न्याय मिले और कोई भी पीछे न छूटे। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का उदय और साइबर खतरे नयी चुनौतियां पेश कर रहे हैं और ऐसे में न्याय देने की प्रणाली को अधिक लचीला तथा सुगम बनाने की आवश्यकता है। मोदी ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों से 20वीं सदी के तौर-तरीकों के साथ नहीं लड़ा जा सकता है।प्राचीन भारतीय मान्यताओं का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि न्याय स्वतंत्र स्व-शासन के मूल में है और बिना न्याय के राष्ट्र का अस्तित्व संभव नहीं है। अफ्रीकी देशों के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के अफ्रीकी संघ के साथ खास संबंध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें गर्व है कि भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ जी20 का हिस्सा बना।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि न्याय देने की प्रक्रिया में कानूनी शिक्षा एक अहम उपकरण है और उन्होंने विधि स्कूलों में अधिक महिलाओं के होने पर जोर दिया ताकि कानून प्रणाली में उनकी उपस्थिति बढ़ें। मोदी ने कहा कि दुनिया को युवा विधि प्रतिभाओं की जरूरत है जिनके पास विविध अनुभव हो। उन्होंने कहा कि कानूनी शिक्षा में बदलते वक्त और प्रौद्योगिकी के अनुसार परिवर्तन की आवश्यकता है। इस सम्मेलन की थीम ‘‘न्याय देने की प्रक्रिया में सीमा पार चुनौतियां'' है।यह सम्मेलन कानून और न्याय से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे न्यायिक परिवर्तन और कानूनी अभ्यास के नैतिक आयामों पर विचार-विमर्श करेगा।
- नयी दिल्ली,। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में भर्तियों में सीमावर्ती इलाकों के निवासियों के लिए उपलब्ध फायदे हासिल करने के लिए जाली अधिवास प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल के आरोपों पर शनिवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता और 24 उत्तर परगना जिले में आठ स्थानों पर छापे मारे। सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर पिछले साल अगस्त में इस मामले की जांच संभाली थी। ऐसे आरोप हैं कि सशस्त्र बलों और सीएपीएफ में फर्जी अधिवास प्रमाणपत्रों के जरिए कई अभ्यर्थियों की अवैध भर्ती की गयी। इन प्रमाणपत्रों में उन्हें सीमावर्ती इलाकों का दिखाया गया और इस तरह उन्हें कम कट-ऑफ अंकों पर भी उत्तीर्ण कर दिया गया। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि कुछ पाकिस्तानी नागरिकों को भी इससे फायदा मिला।अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को गिरोह के सदस्यों के परिसरों पर तलाशी ली गयी जो जाली अधिवास प्रमाणपत्र बनाने में कथित तौर शामिल हैं। न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच के नतीजों पर गौर करने के बाद कहा था कि सशस्त्र बलों में भर्ती में कोई अनियमितता नहीं पायी गयी लेकिन केंद्रीय अर्द्धसैन्य बलों में चार घटनाएं पायी गयी हैं।
- नयी दिल्ली,। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि न्याय के लिए प्रौद्योगिकी एक "शक्तिशाली माध्यम" के रूप में उभरी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रौद्योगिकीय तंत्र को समानता व समावेशिता को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए। सीजेआई ने कहा कि न्याय के प्रति साझा प्रतिबद्धता कायम करने के महत्व को पहचानने की आवश्यकता है।‘कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन (सीएलईए) - कॉमनवेल्थ अटॉर्नी और सॉलिसिटर जनरल सम्मेलन' में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि यह जरूरी है कि कानूनी अधिकारी राजनीति से प्रभावित न हों और कानूनी कार्यवाही की अखंडता सुनिश्चित करते हुए अदालतों में गरिमापूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा, "हम परंपरा और नवाचार के चौराहे पर खड़े हैं, प्रौद्योगिकी न्याय के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभरी है। हालांकि इससे न्याय की गति और पहुंच बढ़ने की उम्मीद की जाती है, लेकिन हमें सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।'' सीजेआई ने कहा, ‘‘भारतीय समाज के भीतर गहरी जड़ें जमा चुके संरचनात्मक और वित्तीय पदानुक्रम मंथन की मांग करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रौद्योगिकी अनजाने में मौजूदा समस्याओं को न बढ़ाए।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सभा को संबोधित किया। सीजेआई ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रौद्योगिकीय तंत्र हमारे सभी हितधारकों की विविध आवश्यकताओं और क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए समानता व समावेशिता के आधार पर तैयार किए जाएं।'' कानूनी व्यवहार में नैतिकता को बनाए रखने में कानून अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कानूनी अधिकारी अदालतों और सरकार के बीच संपर्क के प्राथमिक बिंदु के रूप में कार्य करते हैं। सीजेआई ने कहा, ‘‘कार्यकारी जवाबदेही का एक महत्वपूर्ण पहलू कानूनी अधिकारियों के नैतिक आचरण और जिम्मेदारी पर निर्भर करता है, जो न केवल सरकार के प्रतिनिधियों के रूप में बल्कि अदालत के अधिकारियों के रूप में भी कार्य करते हैं।''
- पुणे। पुणे विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर और पांच छात्रों को रामलीला पर आधारित एक नाटक का मंचन करके धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस नाटक में कथित तौर पर आपत्तिजनक संवाद और दृश्य थे। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों और पुणे विश्वविद्यालय के ललित कला केंद्र के छात्रों के बीच शुक्रवार शाम नाटक के मंचन को लेकर हाथापाई हो गई थी। ललित कला केंद्र का नाटक रामलीला में विभिन्न भूमिकाएं निभाने वाले अभिनेताओं के मंच के पीछे के मजाक पर आधारित था। पुलिस निरीक्षक अंकुश चिंतामन ने बताया कि एबीवीपी पदाधिकारी हर्षवर्द्धन हरपुडे की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 (ए) (जानबूझकर और किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दुर्भावनापूर्ण इरादा) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने ललित कला केंद्र के विभाग प्रमुख आरोपी डॉ. प्रवीण भोले और छात्र भावेश पाटिल, जय पेडनेकर, प्रथमेश सावंत, ऋषिकेश दलवी और यश चिखले को गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिकी के अनुसार, नाटक में सीता का किरदार निभा रहे एक पुरुष कलाकार को सिगरेट पीते और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया था। प्राथमिकी में कहा गया है कि जब एबीवीपी के सदस्यों ने नाटक पर आपत्ति जताई और प्रदर्शन रोक दिया, तो कलाकारों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।
- नयी दिल्ली,। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की एक विशेष सीबीआई अदालत ने दादरी में अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) में उपायुक्त (सीमा शुल्क) के पद पर तैनात शशिकांत और उसकी पत्नी को पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के 10 साल से अधिक पुराने मामले में विभिन्न अवधि की जेल की सजा सुनाई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि आरोपी कांत को चार साल की जेल की सजा के साथ-साथ आठ लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि उसकीआरोपी पत्नी को दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है और चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अबान एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड के प्रवर्तक आरोपी नरेंद्र कुमार चुघ और बिचौलिये आरोपी सतीश गुप्ता को भी मामले में दोषी करार दिया गया है। एजेंसी ने 29 नवंबर 2013 को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई के अनुसार, आरोपी चुघ ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी में आईसीडी में सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त की गई अपनी कंपनी के टायरों की खेप को छुड़ाने के लिए आरोपी गुप्ता की मदद ली थी। प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी गुप्ता ने कांत से संपर्क किया, जिन्होंने आरोपी चुघ से पांच लाख रुपये बतौर रिश्वत मांग की। आरोपी चुघ को कांत की पत्नी को नोएडा स्थित आवास पर पांच लाख रुपये रिश्वत देते समय गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने मामले में दो महीने में आरोप-पत्र दायर किया और मुकदमे के दौरान अदालत के समक्ष 31 अभियोजन गवाहों को पेश किया।
- संबलपुर (ओडिशा),। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 68 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। संबलपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) में 400 करोड़ रुपये के स्थायी परिसर के उद्धघाटन के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा, सड़क और रेलवे जैसे अलग-अलग क्षेत्रों की कई परियोजनाओं का उद्धघाटन किया। मोदी ने वर्ष 2021 में आईआईएम परिसर का शिलान्यास किया था।राज्य में 18 परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद, प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ये परियोजनाएं ओडिशा के युवाओं को फायदा पहुंचाएगी और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी। केंद्र हर क्षेत्र में ओडिशा का समर्थन करती है।'' प्रधानमंत्री ने पुरी-सोनेपुर-पुरी साप्ताहिक एक्सप्रेस को हरी झंडी भी दिखाई, जो क्षेत्र में ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर बनाएगी। इसके अलावा, मोदी ने झारसुगुडा प्रधान डाकघर विरासत भवन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। मोदी ने जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन परियोजना (जेएचबीडीपीएल) के 412 किलोमीटर लंबे धामरा-अंगुल पाइपलाइन खंड का भी उद्घाटन किया। 'प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा' के तहत लगभग 2,450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह परियोजना ओडिशा को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ेगी। कार्यक्रम में, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राज्यपाल रघुबर दास और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव तथा बिशेश्वर टुडू भी उपस्थित थे।
- श्रीनगर। श्रीनगर सहित कश्मीर के कई हिस्सों में शनिवार को बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में घाटी में मध्यम से भारी बर्फबारी का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि जहां कश्मीर के ऊपरी क्षेत्रों में तड़के बर्फबारी शुरू हो गई, वहीं दिन चढ़ने के साथ घाटी के मैदानी इलाकों में भी बर्फबारी हुई। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अधिकांश स्थानों पर दिन का तापमान शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। मोटर चालकों को फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। इस बीच, कल रात भीषण ठंड से राहत मिली, लेकिन न्यूनतम तापमान इस मौसम के सामान्य तापमान से कई डिग्री नीचे रहा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि उत्तरी कश्मीर में गुलमर्ग स्कीइंग रिसॉर्ट में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर में पहलगाम पर्यटक स्थल का तापमान शून्य से नीचे 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह न केवल उनका, बल्कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है।प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।इस घोषणा के बाद आडवाणी (96) ने कहा कि यह एक व्यक्ति के रूप में न केवल उनका, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है, जिनका पालन करने का उन्होंने प्रयास किया।भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा,‘‘आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) में शामिल होने के बाद से जीवन में मुझे जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे निभाते हुए अपने प्रिय देश की समर्पित और निस्वार्थ सेवा करने में ही मुझे खुशी मिली।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भारत रत्न देने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक धन्यवाद देता हूं।’’इससे पहले, मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे समय के सबसे सम्मानित नेताओं में शामिल आडवाणी का भारत के विकास में महान योगदान है। उन्होंने अपने जीवन में जमीनी स्तर पर काम करने से शुरुआत कर उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना ‘‘मेरे लिए एक बहुत ही भावुक क्षण’’ है।उन्होंने कहा, ‘‘आडवाणी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में दशकों तक सेवा करते हुए पारदर्शिता और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता जताई और राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया। उन्होंने राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं।’’मोदी ने कहा, ‘‘उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत अवसर मिले।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आडवाणी (96) को यह सम्मान दिया जाएगा।सरकार ने पिछले महीने समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा की थी।
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नई दिल्ली। राज्यसभा में एक निजी सदस्य विधेयक संविधान (संशोधन) विधेयक, 2022 को आज वापस ले लिया गया। यह प्रस्ताव मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता वी. सिवादासन ने राज्यपालों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली में बदलाव की मांग करते हुए पेश किया था।
गृह राज्यमंत्री अजय कुमार भट्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्यपाल राज्य के लिए एक अभिन्न भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने इस बात पर विस्तार से विचार किया कि राज्यपालों की नियुक्ति कैसे की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपालों को पार्टी लाइन से ऊपर उठकर बिना किसी पक्षपात के लोगों की भलाई के लिए काम करना होगा। श्री भट्ट ने कहा कि विधेयक में प्रस्तावित संशोधन देश के संघीय ढांचे के विरूद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ऐसे संशोधन लाने में विश्वास नहीं करती जिससे लोगों को फायदा न हो। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान का सम्मान करने और जीवन में सुगमता के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में विश्वास करती है।चर्चा का उत्तर देते हुए डॉक्टर शिवदासन ने कहा कि राज्यपालों की नियुक्ति की वर्तमान प्रणाली को समाप्त किया जाना चाहिए। आज के विधायी कार्य संपन्न होने के बाद राज्यसभा दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। -
गुरुग्राम. हरियाणा में गुरुग्राम के खांडसा सब्जी बाजार में भयंकर आग लगने से लाखों रुपये के टमाटर, आलू, प्याज एवं अन्य सब्जियां जलकर नष्ट हो गयीं जो 20,000 से अधिक पेटियों में रखी थीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार रात सात दुकानों में आग लग गयी जिसकी सूचना मिलने पर पांच से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गयीं जिन्हें आग बुझाने में करीब तीन घंटे लगे। अधिकारियों ने कहा कि आग पर रात 11 बजकर 56 मिनट पर काबू पाया जा सका।अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 20,000 से अधिक पेटियों में रखे टमाटर, आलू, प्याज एवं अन्य सब्जियां जलकर नष्ट हो गयीं जो लाखों रुपये की थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
दुकानदारों ने पुलिस को की गयी शिकायत में आरोप लगाया कि किसी ने शत्रुता के चलते उनकी दुकानों में आग लगा दी। खांडसा सब्जी बाजार के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण यादव ने बताया कि संदेह है कि एक दुकान में शत्रुता के चलते आग लगायी गयी तथा उसके बाद आसपास की अन्य दुकानों में भी आग लग गयी। उन्होंने बताया कि पुलिस को इस बात की सूचना दे दी गयी है।
यादव के अनुसार, अकेले उनकी दुकान में करीब 17,000 पेटी टमाटर जलकर नष्ट हो गए।
अधिकारी के मुताबिक, इसके अलावा अन्य दुकानदारों की सब्जी से भरी हजारों पेटियां जलकर राख हो गयीं। -
लेह. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख पहली बार खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है जिसका उद्घाटन समारोह शुक्रवार को यहां नवांग दोर्जी स्टोबडेन स्टेडियम में होगा। खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का पहला हिस्सा यहां छह फरवरी तक होगा जबकि खेलों का दूसरा हिस्सा 21 से 25 फरवरी तक गुलमर्ग, जम्मू एवं कश्मीर में आयोजित किया जाएगा। लद्दाख में आइस हॉकी और स्पीड स्केटिंग स्पर्धाओं का आयोजन होगा। पंद्रह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा दो सार्वजनिक संस्थानों के 344 खिलाड़ी तीन स्थलों में पांच दिन तक चुनौती पेश करेंगे। ये पांच स्थल एनडीएस स्पोर्ट्स स्टेडियम, गुपुक्स पॉन्ड और लद्दाख स्काउट रेजीमेंटल सेंटर रिंक है। जम्मू एवं कश्मीर ने पिछले साल पूरे टूर्नामेंट की मेजबानी की थी और 25 स्वर्ण पदक के साथ टीम चैंपियनशिप जीती थी। महाराष्ट्र (11 स्वर्ण) दूसरे जबकि हिमाचल प्रदेश (10 स्वर्ण) तीसरे स्थान पर रहा था।
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भिंड (मप्र). छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान पवन भदौरिया का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश के भिंड जिले में उनके पैतृक गांव कुपावली में पूरे सम्मान के साथ किया गया। पड़ोसी राज्य के सुकमा जिले में स्थित टेकलगुडेम गांव के पास मंगलवार को नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हो गए। इनमें सीआरपीएफ की विशेष जंगल युद्ध इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन) के दो जवान भी शामिल हैं। मुठभेड़ में 15 अन्य जवान घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि भदौरिया (30) के पार्थिव शरीर को बल की एक टुकड़ी द्वारा कुपावली गांव लाया गया। उन्होंने कहा कि इस मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री ओपीएस भदौरिया सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। शहीद जवान की चिता को उनके चचेरे भाई विकास सिंह ने मुखाग्नि दी। अधिकारियों ने बताया कि भदौरिया के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और तीन साल की बेटी है।
- नयी दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि 2014 के बाद से देश में बड़ी संख्या में उच्च शिक्षा के नए संस्थान स्थापित किए गए हैं जिनमें 7 आईआईटी, 16 आईआईआईटी, 7 आईआईएम, 15 एम्स और 390 विश्वविद्यालय शामिल हैं। वित्त मंत्री ने लोकसभा में 2024-25 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि इस दौरान 3000 नए आईटीआई संस्थान भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ स्किल इंडिया मिशन के तहत 1.4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, 54 लाख युवाओं का कौशल-उन्नयन किया गया है तथा उन्हें दूसरे हुनर में कुशल बनाया गया है।'' निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में 3000 नए आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान)) स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतर शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में नए संस्थानों के तहत 7 आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान), 16 आईआईआईटी (भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान), 7 आईआईएम (भारतीय प्रबन्धन संस्थान), 15 एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) और 390 विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में 2024-25 के लिए अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को मजबूत करने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार फसल कटाई के बाद की कृषि गतिविधियों में सार्वजनिक और निजी निवेश को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी के अनुप्रयोग का विस्तार किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि तीन प्रमुख रेल गलियारों का निर्माण किया जाएगा और रेलवे की 40,000 सामान्य बोगियों को वंदेभारत मानक में बदला जाएगा। तीन में से एक रेलवे कॉरिडोर सीमेंट के लिए होगा।
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नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को घोषणा की कि उभरते हुए क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के अनुसंधान एवं अभिनव प्रयासों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से एक लाख करोड़ रूपये का कोष बनाया जाएगा जिसमें 50 वर्ष का ब्याज रहित ऋण दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने 2024-25 के अंतरिम बजट को पेश करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत के प्रौद्योगिकी पसंद करने वाले युवाओं के लिए यह एक स्वर्णिम युग है। उन्होंने कहा, ‘‘एक लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा जिसमें 50 वर्ष का ब्याज रहित ऋण होगा। इस कोष पूंजी के माध्यम से दीर्घकालिक वित्तपोषण अथवा लंबी अवधि के लिए फिर से वित्तपोषण किया जाएगा तथा इसमें कम या शून्य ब्याज दर होगी।'' वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘इससे निजी क्षेत्र को अनुसंधान एवं अभिनव पहल करने के लिए, विशेषकर उभरते हुए क्षेत्र में, प्रोत्साहन मिलेगा। हमें ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता है जो हमारे युवाओं की शक्ति को प्रौद्योगिकी से मिला सके। ''
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नई दिल्ली । केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री एवम युवा मामले और खेल मंत्री, श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज पेश किए गए केंद्रीय अंतरिम बजट 2024 की सराहना करते हुए कहा की यह बजट हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में समावेशी विकास की अटूट गाथा का प्रतिबिंब है और यह अंतरिम बजट विकसित भारत लक्ष्य की सिद्धि में महत्वपूर्ण होने वाला है।
श्री अनुराग ठाकुर ने आगे वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का बजट में बुनियादी ढांचे और नवाचार पर विशेष ध्यान देते हेतु आभार व्यक्त किया और कहा की “ये बजट एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला रखता है, जो ग़रीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों, मध्यम वर्ग और अन्य जरूरतमंद समूहों को सशक्त बनाएगा। आदरणीय प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, उनके मार्गदर्शन में मोदी सरकार 2.0 का यह अंतरिम बजट समावेशी, सर्वस्पर्शी और हर वर्ग को लाभान्वित करने वाला है। इस जन-जन के बजट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन जी व उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है”श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि “पिछले एक दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था की परिवर्तनकारी यात्रा को दर्शाते हुए, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह अंतरिम बजट देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ आजादी के 100वें वर्ष तक विकसित भारत के ब्लूप्रिंट को भी प्रस्तुत करता है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पिछले दस वर्षों में भारत को विश्व के सबसे तेजी से बढ़ने वाले प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में प्रतिस्थापित किया है। इस बजट से भारत की विकास यात्रा को और बल मिलेगा”केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने अंत में कहा की माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के समूचे आर्थिक और सामाजिक विकास हेतु प्रतिबद्ध है। - नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक बार फिर पारंपरिक ‘बही-खाता' शैली की थैली में लिपटा एक डिजिटल टैबलेट लिए गुरुवार को संसद पहुंचीं। वह पिछले तीन वर्षों की तरह अंतरिम बजट 2024-25 को कागज रहित प्रारूप में पेश करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने जाने से पहले उन्होंने अपने अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय के बाहर तस्वीर खिंचवाई। इस मौके पर वह नीले रंगी की साड़ी पहने नजर आईं। बजट को डिजिटल प्रारूप में पेश करने के लिए उनके हाथ में ब्रीफकेस की जगह टैबलेट था। टैबलेट को ब्रीफकेस के बजाय सुनहरे रंग के राष्ट्रीय प्रतीक के साथ एक लाल कवर के अंदर रखा गया था। वह राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलने के बाद सीधे संसद पहुंचीं। जब निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति से मिलने पहुंचीं तो उन्होंने वित्तमंत्री को मीठा खिलाकर रवाना किया। इस प्रेम और सम्मान से भरे पल की तस्वीरें सामने आई हैं।मोरारजी देसाई ने दो अंतरिम बजट पेश (एक 1962 में और दूसरा 1967 में) किए थे। देसाई को लगातार छह बजट पेश करने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने कुल 10 केंद्रीय बजट पेश किए थे। सीतारमण अपने चुनाव पूर्व बजट में अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष के पहले चार महीनों के लिए केंद्र सरकार के आवश्यक व्यय को पूरा करने के वास्ते अग्रिम अनुदान के लिए संसद की मंजूरी मांगेगी। यह अंतरिम बजट होगा और अप्रैल/मई आम चुनाव के बाद चुनी गई नई सरकार संभवत: जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी।
- नयी दिल्ली । वित्त वर्ष 2024-25 में बजट का आकार 6.1 प्रतिशत बढ़कर 47.66 लाख करोड़ रुपये रहा है। व्यय में वृद्धि और पूंजीगत व्यय तथा सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए अधिक आवंटन के कारण बजट का आकार बढ़ा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा, ‘‘संशोधित अनुमान के अनुसार उधार के अलावा कुल प्राप्तियां 27.56 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है। इसमें कर प्राप्तियां 23.24 लाख करोड़ रुपये हैं। कुल व्यय का संशोधित अनुमान 44.90 लाख करोड़ रुपये है।'' उन्होंने कहा कि राजस्व प्राप्ति 30.03 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह पूर्व में जताये गये अनुमान से अधिक है। यह प्राप्ति अर्थव्यवस्था में वृद्धि की मजबूत गति और संगठित रूप को दर्शाती है। राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.8 प्रतिशत है। बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि अनुमान में कमी के बावजूद राजकोषीय घाटे में सुधार है। अगले वित्त वर्ष के लिए बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि दर 10.5 प्रतिशत आंकी गई है। यह पहले के 11 प्रतिशत के अनुमान के मुकाबले कम है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बाजार मूल्य पर जीडीपी 3,27,71,808 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। है। यह 2023-24 के लिए पहले अग्रिम अनुमान में जताये गये 2,96,57,745 करोड़ रुपये से अधिक है। यह 10.5 प्रतिशत वृद्धि को बताता है। सीतारमण ने कहा,‘‘ 2024-25 में उधार के अलावा कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 30.80 लाख करोड़ रुपये और 47.66 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। कर प्राप्तियां 26.02 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।'' उन्होंने कहा कि चौतरफा विकास का प्रभाव सभी क्षेत्रों में देखा जा सकता है। बाह्य क्षेत्र सहित व्यापक तौर पर आर्थिक स्थिरता है। निवेश मजबूत है। अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है।'' सीतारमण ने कहा कि लोग बेहतर जीवन जी रहे हैं और बेहतर कमाई कर रहे हैं, भविष्य के लिए उनकी आकांक्षाएं और भी अधिक हैं। लोगों की औसत वास्तविक आय में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है
- नयी दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में अपना लगातार छठा बजट पेश किया और 56 मिनट में अपना बजट भाषण समाप्त किया जो उनका अब तक का सबसे छोटा बजट भाषण है। फिरोजी रंग की कढ़ाई वाली कांथा सिल्क की साड़ी पहनकर संसद पहुंचीं सीतारमण के भाषण के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष के सदस्य उनकी घोषणाओं और टिप्पणियों पर बीच-बीच में मेजें थपथपाते देखे गए। जब उन्होंने कहा कि ‘‘हमारी सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी'' तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सबसे ज्यादा देर तक मेजें थपथपाईं। विपक्षी सदस्यों ने भी वित्त मंत्री का बजट भाषण पूरे ध्यान से सुना। हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद उनकी सरकार के सत्ता में लौटने संबंधी कथन पर विपक्ष की ओर से कुछ विरोध के स्वर सुनाई दिए। इससे पहले आज पूर्वाह्न 11 बजे बजट भाषण शुरू होने से पहले जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा कक्ष में पहुंचे तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने ‘भारत माता की जय', ‘जय श्रीराम' और ‘जय सियाराम' के नारे लगाए। सीतारमण का 56 मिनट का आज का बजट भाषण उनका अब तक का सबसे छोटा बजट भाषण है।सदन में सबसे लंबा बजट भाषण देने का श्रेय भी सीतारमण को जाता है जब उन्होंने साल 2020 में दो घंटे 40 मिनट तक भाषण पढ़ा था। भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में 2019 में सीतारमण का बजट भाषण दो घंटे 17 मिनट तक चला था। साल 2021 में उन्होंने एक घंटा 50 मिनट तक बजट भाषण दिया। 2022 में उनका यह भाषण 92 मिनट का और 2023 में 87 मिनट का रहा। सीतारमण के आज के बजट भाषण में पहले की तरह तमिल कवियों और विचारकों के उद्धरण नहीं थे। हालांकि उन्होंने कम से कम आठ बार प्रधानमंत्री मोदी का उल्लेख किया और उनके भाषणों के अंश पढ़े। लोकसभा की दर्शक दीर्घाओं में अधिक संख्या में लोग नहीं थे। दीर्घा-2 में राज्यसभा के कुछ सदस्य बैठे थे, वहीं वित्त मंत्री के रिश्तेदार कृष्णमूर्ति लक्ष्मीनारायणन तथा विद्या लक्ष्मीनारायणन और उनकी बेटी वांग्मयी पराकला को दीर्घा-3 की पहली कतार में बैठे हुए देखा गया। बजट प्रस्तुत करने से पहले सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्रियों-पंकज चौधरी और भागवत कराड तथा वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने सीतारमण को चम्मच से दही-शक्कर खिलाई और केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने के लिए शुभकामनाएं दीं। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कुछ शब्द-संक्षेपों की नई व्याख्या की। मसलन उन्होंने एफडीआई को ‘फर्स्ट डेवलप इंडिया' (पहले भारत का विकास) और जीडीपी को ‘गवर्नेंस, डेवलपमेंट एंड परफॉर्मेंस' (शासन, विकास और कार्य प्रदर्शन) कहा। उन्होंने कहा, ‘‘सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के रूप में उच्च वृद्धि के अलावा सरकार अधिक समावेशी जीडीपी (शासन, विकास और कार्य प्रदर्शन) पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।'' वित्त मंत्री सीतारमण ने 2019 में बजट दस्तावेजों को परंपरागत ब्रीफकेस में लाने के बजाय बही-खाते के रूप में लाना शुरू किया था जिस पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चिह्न होता है। इस बार उन्होंने इस परिपाटी को कायम रखा। जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन सिंह ‘ललन' को बजट भाषण के दौरान अनेक बार मेज थपथपाते हुए देखा गया। उनकी पार्टी गत सप्ताह ही पुन: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुई है। सीतारमण के बजट भाषण की समाप्ति पर प्रधानमंत्री मोदी उनके पास पहुंचे और अंतरिम बजट प्रस्तुत करने के लिए उन्हें बधाई दी। कई मंत्रियों को भी सीतारमण को बजट प्रस्तुत करने के बाद बधाई देते हुए देखा गया।
- नयी दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम चुनाव से पहले मध्यम वर्ग को लुभाते हुए किराये के मकान या झुग्गी-बस्ती में रहने वालों को घर खरीदने में मदद करने के लिए एक योजना की घोषणा की है। उन्होंने साथ ही पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अगले पांच वर्षों में ग्रामीण गरीबों के लिए दो करोड़ और मकान बनाने की भी घोषणा की। सीतारमण ने चुनाव से पहले वित्त वर्ष 2024-25 अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में समावेशी विकास के हिस्से के रूप में हर एक को मकान, पानी, बिजली, रसोई गैस और बैंक खाता उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार किराये के घर अथवा झुग्गी-बस्ती या चाल और अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले मध्यम वर्ग के पात्र लोगों को अपने मकान खरीदने या बनाने में सहायता करने के लिए योजना लाएगी।'' प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद इस योजना का कार्यान्वयन जारी रहा और सरकार तीन करोड़ मकानों का लक्ष्य प्राप्त करने के करीब है। उन्होंने कहा कि परिवारों की संख्या में वृद्धि होने से बढ़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले पांच वर्षों में दो करोड़ अतिरिक्त मकानों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि 2047 तक देश को ‘विकसित भारत' बनाने के संकल्प के साथ सरकार सर्वांगीण, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी विकास के दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करने को एक अप्रैल, 2016 को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) लागू की थी। इसका लक्ष्य मार्च 2024 तक आधारभूत सुविधाओं से लैस 2.95 करोड़ पक्के मकानों का निर्माण करना है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि 2024-25 का अंतरिम बजट 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने की रूपरेखा प्रस्तुत करने वाला है। शाह ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री का बजट भाषण भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की यात्रा में पिछले 10 वर्ष में मोदी सरकार द्वारा प्राप्त उपलब्धियों पर रोशनी डालता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लगातार छठी बार संसद में बजट प्रस्तुत किया।शाह ने ‘एक्स' पर ‘विकसित भारत बजट' हैशटैग के साथ लिखा, ‘‘केंद्रीय बजट 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। बजट भाषण भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की मोदी सरकार की यात्रा में पिछले 10 वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों पर रोशनी डालता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इन कार्यों की बुनियाद पर विकसित भारत की भव्य इमारत खड़ी की जा रही है। इस उत्कृष्ट यात्रा के माध्यम से देश का नेतृत्व करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का और गहरी सोच वाले बजट भाषण के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी का हृदय से आभार।'
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नई दिल्ली। 1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा के श्री संजय वर्मा ने आज दोपहर यूपीएससी के मुख्य भवन के सेंट्रल हॉल में संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें संघ लोक सेवा आयोग के चेयरमैन डॉ. मनोज सोनी ने शपथ दिलाई।
श्री संजय वर्मा 1990 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए और उनके विदेश से संबंधित कार्यों में ये शामिल हैं: स्पेन और अंडोरा में राजदूत; इथियोपिया, जिबूती और अफ्रीकी संघ में राजदूत; महावाणिज्य दूत, दुबई; काउंसलर (आर्थिक और वाणिज्यिक), भारतीय दूतावास, बीजिंग; प्रवक्ता और परामर्शदाता (प्रेस, सूचना और संस्कृति), भारतीय दूतावास, काठमांडू; द्वितीय सचिव (प्रेस और राजनीतिक), भारतीय दूतावास, मनीला और आर्थिक और वाणिज्यिक अधिकारी, हांगकांग।विदेश मंत्रालय से संबंधित कार्यों में ये शामिल हैं: चीन डेस्क; प्रवक्ता के सहयोगी (ओएसडी); संयुक्त सचिव (डीजी), ऊर्जा सुरक्षा और प्रोटोकॉल प्रमुख।मुंबई से ताल्लुक रखने वाले, उन्होंने विल्सन कॉलेज से पढ़ाई की और फिर मुंबई विश्वविद्यालय के जय हिंद कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने भारत के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में फ़ेलोशिप प्राप्त की और पहले दोराबजी टाटा छात्रवृत्ति के प्राप्तकर्ता थे।एक विश्वविद्यालय स्तर के हॉकी खिलाड़ी, उनकी रुचि पढ़ने, संगीत, लोकप्रिय भारतीय संस्कृति और फिल्मों में है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक वितरण योजना (पीडीएस) के माध्यम से वितरित अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) परिवारों के लिए चीनी सब्सिडी की योजना को दो और वर्षों यानी 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने को अनुमति दे दी है।
देश के नागरिकों की भलाई और देश के निर्धनतम लोगों की थाली में मिठास सुनिश्चित करने के प्रति केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता के एक और संकेत के रूप में, यह योजना निर्धनतम लोगों तक चीनी की पहुंच सुगम बनाती है और उनके आहार में ऊर्जा को शामिल करती है, ताकि उनकी सेहत बेहतर हो सके। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार प्रतिभागी राज्यों के एएवाई परिवारों को चीनी पर प्रति माह प्रति किलोग्राम 18.50 रुपये की सब्सिडी देती है। इस अनुमति से 15वें वित्त आयोग (2020-21 से 2025-26) की अवधि के दौरान 1850 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिलने की उम्मीद है। इस योजना से देश के लगभग 1.89 करोड़ एएवाई परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है।भारत सरकार पहले से ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) के तहत मुफ्त राशन प्रदान कर रही है। पीएम-जीकेएवाई के अलावा भी नागरिकों की थाली में पर्याप्त भोजन सुनिश्चित करने के उपाय के तौर पर किफायती और उचित कीमतों पर 'भारत आटा', 'भारत दाल' और टमाटर और प्याज की बिक्री की जाती है । अब तक लगभग 3 लाख टन भारत दाल (चना दाल) और लगभग 2.4 लाख टन भारत आटा पहले ही बेचा जा चुका है, जिससे आम उपभोक्ताओं को लाभ हुआ है। इस प्रकार, सब्सिडी वाली दाल, आटा और चीनी की उपलब्धता ने भारत के आम नागरिक के लिए भोजन की पूर्ति कर दी है, जिससे 'सबको भोजन, सबको पोषण' की मोदी की गारंटी पूरी हो गई है। इस अनुमति के साथ, सरकार पीडीएस के माध्यम से एएवाई परिवारों को प्रति माह प्रति परिवार एक किलोग्राम की दर से चीनी वितरण के लिए प्रतिभागी राज्यों को सब्सिडी देना जारी रखेगी। चीनी की खरीद और वितरण की जिम्मेदारी राज्यों की है।

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