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चंद्रपुर (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के चिचपल्ली वन क्षेत्र में पिछले तीन साल में 11 लोगों की जान लेने वाली बाघिन को पिंजरे में सफलतापूर्वक कैद कर लिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। वन अधिकारी ने बताया कि मुल तहसील के ‘बफर' और संरक्षित क्षेत्र में विचरण करने वाली बाघिन टी-83 को शनिवार सुबह जनाला क्षेत्र की ‘कम्पार्टमेंट' संख्या 717 में बेहोश किया गया। इस अभियान में पशु चिकित्सक और अन्य लोग शामिल थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वन विभाग द्वारा पिछले दिनों पिंजरे लगाए जाने के बावजूद बाघिन को पकड़ने में सफलता नहीं मिली थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह (बाघिन को पिंजरे में बंद किया जाना) एक बड़ी राहत है। बाघिन को तीन साल बाद पिंजरे में रखा गया है।''
- मैहर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक बस और ट्रक के बीच टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बस उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से नागपुर की ओर जा रही थी तभी जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर नादन देहात पुलिस थाने के पास शनिवार रात करीब 11 बजे यह पत्थर से लदे एक ट्रक से टकरा गई। मैहर के पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए लोगों में से छह की हालत गंभीर है और उन्हें सतना रेफर किया गया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य का मैहर और अमरपाटन के अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। अग्रवाल ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रोताओं को ‘मन की बात' कार्यक्रम का असली 'सूत्रधार' करार देते हुए रविवार को कहा कि इस रेडियो कार्यक्रम ने साबित किया है कि देश के लोगों में सकारात्मक जानकारी की कितनी भूख है और सकारात्मक बातें एवं प्रेरणादायी उदाहरण उन्हें बहुत पसंद आते हैं। आकाशवाणी के इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की 114वीं कड़ी को संबोधित करते हुए मोदी ने जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान के महत्व को भी रेखांकित किया और लोगों से इसमें भाग लेने का आह्वान किया। ‘मन की बात' की इस कड़ी के साथ ही इसके 10 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम की लंबी यात्रा में ऐसे कई पड़ाव आए जिन्हें वह कभी भूल नहीं सकते। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी इस यात्रा के कई ऐसे साथी हैं जिनका हमें निरंतर सहयोग मिलता रहा है। देश के कोने-कोने से उन्होंने जानकारियां उपलब्ध कराईं। ‘मन की बात' के श्रोता ही इस कार्यक्रम के असली सूत्रधार हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आमतौर पर एक धारणा ऐसी गढ़ी गई है कि जब तक किसी कार्यक्रम में चटपटी और नकारात्मक बातें ना हों तब तक उसे ज्यादा तवज्जो नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मन की बात ने साबित किया है कि देश के लोगों में सकारात्मक जानकारी की कितनी भूख है। सकारात्मक बातें एवं प्रेरणादायी उदाहरण लोगों को बहुत पसंद आते हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह कार्यक्रम से जुड़ी चिट्ठियों को पढ़ते हैं और पाते हैं कि देश में कितने प्रतिभावान लोग हैं और उनमें देश एवं समाज की सेवा करने का कितना जज्बा है तो उन्हें गर्व होता है। उन्होंने कहा, ‘‘ ‘मन की बात' की यह पूरी प्रक्रिया मेरे लिए ऐसी है जैसे मंदिर जाकर ईश्वर के दर्शन करना।'' उन्होंने इस कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों के अलावा इसके प्रचार प्रसार में योगदान देने वाले मीडिया समूहों का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ‘एक पेड़ मां के नाम' और स्वच्छता अभियान के महत्व को भी रेखांकित किया। मोदी ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के 10 साल पूरे हो रहे हैं और हर क्षेत्र में निर्यात बढ़ रहा है तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में बढ़ोतरी इसकी सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय निर्माताओं को काफी मदद मिली है।प्रधानमंत्री ने लोगों से त्योहारों के आगामी मौसम में स्वदेशी उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।अमेरिका की अपनी हाल की यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में करीब 300 प्राचीन वस्तुओं को वापस भेजने की व्यापक चर्चा हो रही है। मोदी ने कहा कि जब लोग अपनी विरासत पर गर्व करना शुरू करते हैं तो दुनिया भी उनकी भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में विभिन्न देशों ने भारत की कई प्राचीन कलाकृतियां उसे लौटाई हैं।कार्यक्रम में, उन्होंने ‘स्वच्छ भारत अभियान' की सफलता पर प्रकाश डाला और इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को एक उचित श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने दोहराया कि गांधी जी ने अपने पूरे जीवन में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘दो अक्टूबर को ‘स्वच्छ भारत मिशन' के 10 साल पूरे हो रहे हैं। यह उन लोगों की सराहना करने का अवसर है जिन्होंने इसे जन आंदोलन में बदल दिया। यह महात्मा गांधी के लिए भी एक उचित श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस उद्देश्य के लिए समर्पित कर दिया।'' गांधी की जयंती दो अक्टूबर को है।मानसून के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश का जिक्र करते हुए मोदी ने जल संरक्षण की दिशा में देश के अलग-अलग क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। इस क्रम में उन्होंने मध्य प्रदेश के झांसी में किए जा रहे सामूहिक प्रयासों के बारे में श्रोताओं को विस्तृत जानकारी दी और लोगों से भी इस दिशा में काम करने का अनुरोध किया।
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तिरुपति (आंध्र प्रदेश)। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने रविवार को यहां तिरुमला में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने अपने दल के साथ वैकुंठ कतार परिसर से मंदिर में प्रवेश किया और गर्भगृह में पूजा की। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ रविवार को तिरुमला श्रीवारी मंदिर गए और पूजा-अर्चना की।'' मंदिर में दर्शन करने के बाद न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और उनके परिवार के सदस्यों को ‘रंगनायकुला मंडपम' में मंदिर के पुजारियों ने आशीर्वाद दिया। बाद में, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने सीजेआई को देवता की एक तस्वीर और तीर्थ प्रसादम भेंट किया।
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नयी दिल्ली. विशेषज्ञों ने दावा किया है कि भारत में 50 साल से कम उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि इस बीमारी की पहचान जल्दी हो जाए तो इसका प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है, क्योंकि यह अक्सर धीमी गति से बढ़ती है। दुनिया भर में पुरुषों को सबसे अधिक प्रभावित करने वाले प्रोस्टेट कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए सितंबर को प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह के रूप में मान्यता दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रोस्टेट ग्रंथि में विकसित होने वाले प्रोस्टेट कैंसर प्रमुख रूप से वृद्ध पुरुषों को प्रभावित करता है, लेकिन भारत में युवा पुरुषों में भी यह आक्रामक रूप से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष से कम उम्र वर्ग में प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में काफी वृद्धि हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में प्रोस्टेट कैंसर से 37,948 भारतीय पुरुष प्रभावित हुए - जो इस वर्ष देश में दर्ज किए गए कैंसर के 14 लाख नए मामलों का लगभग तीन प्रतिशत है। डॉ. आशीष गुप्ता ने भारतीय पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर कहा, ‘‘प्रारंभिक अवस्था में पता लगने से जीवित रहने की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, क्योंकि प्रोस्टेट कैंसर अक्सर धीमी गति से बढ़ता है और यदि प्रारंभिक अवस्था में इसकी पहचान हो जाए तो इसका प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है। भारत में सबसे बड़ी समस्या है देर से इसका पता लगना।'' डॉ. आशीष गुप्ता अमेरिकी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त कैंसर विशेषज्ञ हैं जो दिल्ली के यूनिक हॉस्पिटल कैंसर सेंटर में ‘मेडिकल ऑन्कोलॉजी' विभाग के प्रमुख हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि अमेरिका में प्रोस्टेट कैंसर के 80 प्रतिशत रोगियों में बीमारी का पता शीघ्र चल जाता है, तथा 20 प्रतिशत रोगियों में देरी से इसका पता चलता है। उन्होंने कहा कि भारत में आंकड़े इसके उलट हैं। वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि नियमित पीएसए टेस्ट और जांच के माध्यम से पुरुष अपने स्वास्थ्य पर नियंत्रण रख सकते हैं और बीमारी के बढ़ने की संभावना को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि प्रारंभिक अवस्था में लक्षण प्रायः अनुपस्थित होते हैं, फिर भी पुरुषों को संभावित चेतावनी संकेतों के प्रति सचेत रहना चाहिए। प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों में पेशाब करने में कठिनाई, बार-बार पेशाब आना (विशेष रूप से रात में), पेशाब या वीर्य में रक्त आना तथा कूल्हों, पीठ या श्रोणि में दर्द शामिल हैं। विशेषज्ञों ने प्रोस्टेट कैंसर के बारे में पता चलने और इसके उपचार में देरी के प्रति चेताया क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। -
नयी दिल्ली. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार ‘प्री-हार्मोनल' थेरेपी या लिंग निर्धारण सर्जरी करवाने के इच्छुक ‘ट्रांसजेंडरों' का मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा मूल्यांकन व प्रमाणन किया जाना आवश्यक है। 'ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के चिकित्सा उपचार के लिए एसओपी' में कहा गया है कि जहां तक स्त्री रोग विशेषज्ञों का सवाल है, तो उन्हें यह पूछना चाहिए कि रोगी को नाम और सर्वनाम के संदर्भ में किस तरह से संबोधित किया जाना चाहिए, और यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे जिन शब्दों का उपयोग करें वे सुरक्षा, गरिमा व सम्मान के सिद्धांतों के अनुरूप हों। एसओपी दस्तावेज में मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन की वर्तमान प्रणाली के मुताबिक लैंगिक असंगति का मूल्यांकन और प्रमाणन करना होगा। लैंगिक असंगति का मतलब किसी व्यक्ति के अनुभव किए गए लिंग और निर्धारित लिंग के बीच फर्क होना होता है। लैंगिक असंगति वाले लोग हार्मोनल उपचार, सर्जरी या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से लिंग परिवर्तन की इच्छा जताते हैं, ताकि वे खुद को जिस लिंग (जेंडर) से जुड़ा महसूस करते हैं, उसी से जुड़े व्यक्ति के तौर पर स्वीकार किए जाएं और जीवन जी सकें। एसओपी के अनुसार, "एंडोक्राइनोलॉजी उपचार से पहले, एक मनोचिकित्सक से प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। लिंग निर्धारण सर्जरी से पहले मनोचिकित्सक और नैदानिक मनोवैज्ञानिक/मनोचिकित्सक से दो प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।” दस्तावेज में कहा गया है कि इसके अलावा, एक मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से विभिन्न प्रकार के विकारों का आकलन कराकर उनका इलाज कराना होता है। वहीं, आवश्यकता पड़ने पर उन्हें लिंग असंगति से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए सहायता या चिकित्सा भी प्रदान करनी होती है। दस्तावेज में कहा गया है, "यदि आवश्यकता हुई, तो यह सहायता हार्मोनल थेरेपी/लिंग निर्धारण सर्जरी से पहले, सर्जरी के दौरान तथा सर्जरी के बाद भी प्रदान की जानी चाहिए।'' दस्तावेज़ के अनुसार, कोई भी व्यक्ति 18 वर्ष की आयु से पहले लिंग निर्धारण सर्जरी नहीं करवा सकता।
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रामगढ़. झारखंड के रामगढ़ जिले में रविवार को आठ से 15 वर्ष की आयु की तीन लड़कियों की नदी में नहाते समय डूबने से मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना रामगढ़ टाउन थाना क्षेत्र में दामोदर नदी में घटी। काहुबेरा गांव की रहने वाली तीनों लड़कियां नदी में नहाने गई थीं। उप-विभागीय पुलिस अधिकारी परमेश्वर प्रसाद ने बताया, "उनमें से एक नदी में गहराई में चली गयी और डूब गयी। दो अन्य ने उसे बचाने का प्रयास किया और वे भी डूब गयीं।" मृतकों की पहचान सिमरन कुमारी, छाया कुमारी और संध्या कुमारी के रूप में हुई है। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तीनों लड़कियों के शव दामोदर नदी से बाहर निकाले गए।
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नयी दिल्ली. सरकार ने विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल करने के लिए 10 भूवैज्ञानिक स्थलों के नाम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को भेजे हैं। सरकार ने बताया कि इन स्थलों की समीक्षा की जा रही है। देश में लगभग 100 भू-विरासत स्थल हैं, जिनमें से 32 को राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक के रूप में मान्यता दी गई है। पुरातात्विक स्थलों के विपरीत, भू-विरासत स्थलों की सुरक्षा के लिए कोई कानून नहीं है। खान सचिव वी एल कांता राव ने कहा कि भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष विधेयक, 2022 पर काम चल रहा है। इस विधेयक का मकसद भारत की भूवैज्ञानिक विरासत की रक्षा करना है। राव ने यहां कार्यक्रम में कहा कि दुनिया में लगभग 1,200 विश्व धरोहर स्थल हैं, जिनमें से 42 भारत में हैं और इनमें कोई भी भूवैज्ञानिक स्थल नहीं है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘हमें मिलकर काम करने की जरूरत है।'' भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने एक बयान में कहा कि सचिव ने आने वाले वर्षों में भारत में कम से कम दो जियोपार्कों को मान्यता देने पर जोर दिया। राव ने कहा कि महाराष्ट्र में लूनर क्रेटर, मध्य प्रदेश में भेड़ाघाट, आंध्र प्रदेश में गंडिकोटा गॉर्ज जैसे बेहतरीन भू-विरासत स्थल हैं। इनकी पर्यटन स्थलों के रूप में अच्छी पहचान है, लेकिन लोगों को इनके भूवैज्ञानिक महत्व के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सिक्किम में कुछ स्थलों को अंतरराष्ट्रीय भूवैज्ञानिक विज्ञान संघ (आईयूजीएस) साइट के रूप में मान्यता दी गई है। इन सभी मान्यताओं से आम लोगों को लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने यूनेस्को से अनुरोध किया कि वह कुछ भारतीय स्थलों को ‘यूनेस्को वैश्विक जियोपार्क' के रूप में मान्यता दिलाने में सहायता प्रदान करे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत आज दुनिया में विनिर्माण का ‘पावरहाउस' बन गया है और सभी देशों की नजरें ‘‘हम पर टिकी हैं'' क्योंकि सरकार वैश्विक गुणवत्ता वाली चीजों के निर्माण के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' की 114वीं कड़ी में मोदी ने देशवासियों से त्योहारों के मौसम में उपहार स्वरूप ‘मेड इन इंडिया' उत्पादों को एक-दूसरे को देने का आह्वान किया। ‘मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के 10 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इस अभियान की सफलता में, देश के बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक का योगदान शामिल है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत खुशी मिलती है कि गरीब, मध्यम वर्ग और सूक्ष्म व मध्यम उद्योग को इस अभियान से बहुत फायदा मिल रहा है और इस अभियान ने हर वर्ग के लोगों को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर दिया है। मोदी ने कहा, ‘‘आज, भारत विनिर्माण का पावरहाउस बन गया है और देश की युवा-शक्ति की वजह से दुनिया-भर की नजरें हम पर हैं। ऑटोमोबाइल्स हो, टेक्सटाइल्स हो या फिर उ्ड्डयन का क्षेत्र या फिर इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा का क्षेत्र हो। हर क्षेत्र में देश का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगातार बढ़ना भी ‘मेक इन इंडिया' की सफलता की गाथा कह रहा है। उन्होंने कहा कि देश अब वैश्विक गुणवत्ता वाली चीजों के निर्माण के साथ ही स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में 50 से भी अधिक स्वसहायता समूहों की ओर से टसर सिल्क को संरक्षित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थानीय समुदायों को सशक्त बना रही है और साथ ही ‘मेक इन इंडिया' की भावना को भी दर्शा रही है। उन्होंने त्योहारों के इस मौसम में ‘मेड इन इंडिया' उत्पाद को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘आप कुछ भी उपहार देंगे, वह ‘मेड इन इंडिया' ही होना चाहिए।'' मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि सिर्फ मिट्टी के दीये खरीदना ही ‘वोकल फॉर लोकल' नहीं है बल्कि इसके साथ ही अपने क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाना जरूरी है।
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पटना. केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में युवा मामले और खेल मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन में तीन गुना इजाफा किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार खेलों की बेहतरी और खिलाड़ियों को सुविधाएं देने पर जोर देते रहे हैं। पटना में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित सेवा पखवाड़ा के तहत 'पैरालंपिक खिलाड़ी सम्मान एवं सदस्यता' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा-नीत राजग सरकार ने देश में खेलों को बढ़ावा दिया है और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ एक समय था जब भारत को केवल एक या दो पदकों पर संतोष करना पड़ता था लेकिन ये मोदी जी के प्रयासों का परिणाम है कि आज भारत ओलंपिक और पैरालंपिक में तेजी से आगे बढ़ रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी ने खेलों को हमेशा ही महत्व दिया है। एक समय था जब देश में खेलों को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी और ओलंपिक में भागीदारी को एक सामान्य प्रक्रिया माना जाता था। आदरणीय मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के उपरांत खेलों पर विशेष ध्यान दिया गया है।'' नड्डा ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं शुरू कीं और पैरालंपिक्स को भी मुख्यधारा में लाने को प्राथमिकता दी। जब खिलाड़ी प्रतियोगिताओं के लिए जाते हैं, तो मोदी जी उनसे मिलते हैं। चाहे स्पर्धाओं में खिलाड़ी जीतें या न जीतें, मोदी जी खिलाड़ियों के वापस आने के बाद उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं और उनकी हौसला अफजाई करते हैं।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा ओलंपिक और पैरालंपिक दोनों के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हैं।
नड्डा ने कहा कि ओलंपिक और पैरालंपिक में भारत की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण रणनीति तैयार की, जिसके बाद खेलों के बजट को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3, 342 करोड़ किया गया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ‘टॉप्स' के माध्यम से खिलाड़ियों का चयन किया जाता हैं, उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, साथ ही विशेष कोच और खेल उपकरण जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। आज 34 खेलों में 17,000 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिल रहा है। ‘खेलो इंडिया कार्यक्रम' के तहत 1,000 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 715 में पहले से ही प्रशिक्षण चल रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि भारत सरकार खेलों में इस हद तक निवेश करेगी, लेकिन जब से मोदी जी सत्ता में आए हैं, तब से टॉप्स और खेलो इंडिया दोनों को महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में ओलंपिक और पैरालंपिक दोनों खिलाड़ियों के पास रुकने या थमने का कोई कारण नहीं है। आज जो खिलाड़ी पदक जीतते हैं, उन्हें बधाई दी जाती है और जो चूक जाते हैं, वे अगली बार नए संकल्प के साथ पदक लाएंगे। भाजपा सभी खिलाड़ियों के साथ मजबूती से खड़ी है, उन्हें शक्ति और प्रोत्साहन प्रदान कर रही है और देश के 140 करोड़ लोग खिलाड़ियों के पीछे एकजुट होकर खड़े हैं। नड्डा ने पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित पैरालंपिक खिलाड़ी सम्मान और सदस्यता अभियान समारोह में पेरिस पैरा ओलंपिक के पदक विजेत खिलाड़ी शैलेश कुमार और शरद कुमार को तथा अंतरराष्ट्रीय मेडल प्राप्त खिलाड़ी गजेंद्र कुमार, अमिसा प्रकाश, सिंटू कुमार, मोहम्मद शमीम, मानसी, ऑब्जर्वर शिवाजी कुमार सहित 108 खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस मौके पर नड्डा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने 20 चर्चित खिलाड़ियों को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर जायसवाल, केंद्रीय मंत्री नित्यानन्द राय, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा, पार्टी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े सहित अन्य प्रमुख नेता भी उपस्थित थे। इससे पहले सुबह नड्डा के पटना हवाई अड्डा पहुंचने पर जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा सहित पार्टी के कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। अपनी एक दिवसीय इस यात्रा पटना पहुंचे नड्डा हवाई अड्डा से सीधे सचिवालय स्थित सप्तमूर्ति पहुंचे। वहां उन्होंने शहीद स्मारक परिसर में सप्तमूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर सात अमर बलिदानियों को नमन किया। बाद में दिन में, नड्डा प्रदेश भाजपा कार्यालय में सांसदों, विधायकों, एमएलसी और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ बैठक कर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में जारी पार्टी सदस्यता अभियान की समीक्षा की। -
शिवपुरी . मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में खेलते समय चार से आठ साल के तीन चचेरे भाइयों की शनिवार को डूबने से मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि घटना दोपहर में जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर कोलारस थाना क्षेत्र के पडोरा गांव के बाहरी इलाके में हुई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीओपी) विजय यादव ने बताया कि चचेरे भाई नीरज (8), संजय (6) और वीर (4) दोस्तों के साथ पानी से भरे गड्ढे में खेल रहे थे, तभी वे डूबने लगे। उन्होंने बताया कि अन्य बच्चों द्वारा सतर्क किए जाने के बाद, ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों लड़कों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक चचेरे भाइयों की मौत हो चुकी थी।
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मुंबई. नगर निगम द्वारा संचालित सायन अस्पताल को पिछले पांच वर्षों में 43,000 से अधिक माताओं ने अपना दूध दान किया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने यह जानकारी दी। सायन अस्पताल में एशिया का पहला ‘ब्रेस्ट मिल्क' बैंक बनाया गया है।
अगस्त में राष्ट्रीय स्तनपान माह के दौरान नगर निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, स्तनपान कराने वाली 43,412 माताओं के दान से 10,523 नवजात शिशुओं को मदद मिली है। दान किया गया मां का दूध समय पूर्व जन्मे कम वजनी और जोखिम वाले शिशुओं में मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सायन अस्पताल के डीन डॉ. मोहन जोशी ने बताया, “इस बैंक की शुरुआत 1989 में आर्मिडा फर्नांडिस ने की थी और इसे टाटा समूह की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड से एक लाख रुपये का दान मिला था। उस समय अजीत केरकर इस कंपनी के अध्यक्ष थे। यह एशिया का पहला मां के दूध का बैंक है।” उन्होंने बताया कि मां का दूध खास होता है क्योंकि इसमें हीमोग्लोबिन और नवजात शिशु के विकास के लिए जरूरी विटामिन होते हैं। मां के दूध बैंक में दान किये जाने वाले दूध से कम वजन वाले व अपर्याप्त विकास वाले शिशुओं और प्रसवोत्तर जटिलताओं के कारण स्तनपान न करा पाने वाली महिलाओं के शिशुओं को मदद मिली है। यह अस्पताल अब पश्चिमी भारत के चिकित्सा प्रतिष्ठानों को इसी तरह के दूध बैंक स्थापित करने में मदद कर रहा है। 'नियोनेटोलॉजी' विभाग की प्रमुख डॉ. स्वाति मानेरकर ने बताया, इस दूध बैंक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मां के दूध की कमी के कारण कोई भी शिशु अपनी जान न गंवाए। हम दाताओं से दूध लेते समय सभी सुरक्षा सावधानियां बरतते हैं। हम स्तनपान कराने वाली माताओं से संपर्क करते हैं, जो अपने बच्चों को दूध पिलाने के बाद अस्पताल को अपना दूध दे सकती हैं।” डॉ. मानेरकर ने बताया कि दूध चिकित्सकों की सलाह पर ही दिया जाता है। उन्होंने कहा, ''यह दूध बैंक हर साल लगभग 2,000 से 2,500 नवजात शिशुओं की मदद करता है। -
नयी दिल्ली. पूर्व महान खिलाड़ी जफर इकबाल का मानना है कि लगातार दूसरे ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद यह आम धारणा बदल गई है कि भारतीय हॉकी टीम आखिरी क्षणों में गोल खा जाती है और हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम सभी पहलुओं में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है। मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य और 1982 एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे इकबाल को तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक के बाद देश में इस खेल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इकबाल ने हॉकी इंडिया की विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पहले आम धारणा यह थी कि भारत एक ऐसी टीम है जो खेल आखिरी चरण में गोल खाती है लेकिन अब यह बदल गया है। हम सभी पहलुओं में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे समय में हॉकी के बहुत सारे प्रशंसक थे। नेहरू गोल्ड कप, एशियाई खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय मैच जैसी प्रतियोगिताओं ने बहुत सारे समर्थकों को आकर्षित किया और हम जिन विशाल स्टेडियमों में खेलते थे, उनमें हमेशा उत्साह देखने को मिलता था।'' मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 23 और 24 अक्टूबर को भारत और जर्मनी के बीच खेले जाने वाले दो मैचों के बारे में इकबाल ने कहा, ‘‘जर्मनी एक कड़ी टीम है। हमने तोक्यो ओलंपिक में उन्हें हराकर कांस्य पदक जीता था और हाल ही में पेरिस में सेमीफाइनल में उनसे हार गए थे इसलिए मुझे यकीन है कि भारतीय टीम हमें उन पर जीत दिलाने के लिए उत्साहित होगी।'' उन्हेंने कहा, ‘‘सुविधाएं शीर्ष स्तर की हैं और मुझे यकीन है कि मैच रोमांच से भरपूर होंगे।''
हॉकी के एक अन्य दिग्गज हरबिंदर सिंह भी राष्ट्रीय राजधानी में बड़े मैचों की वापसी को लेकर उत्साहित हैं। हरबिंदर ने कहा, ‘‘1972 में मैंने आखिरी बार राष्ट्रीय टीम के लिए दिल्ली में हॉकी खेली थी। मुझे याद है कि शिवाजी स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और प्रशंसक हमारी हौसलाअफजाई कर रहे थे।'' तोक्यो ओलंपिक 1964 में स्वर्ण और 1968 में मैक्सिको तथा 1972 में म्यूनिख खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हरबिंदर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत और जर्मनी के बीच मुकाबले के लिए भी बहुत सारे प्रशंसक टीमों का उत्साह बढ़ाने के लिए मैदान में पहुंचेंगे। आखिरकार वे एक दशक के बाद उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले देखेंगे।'' ओलंपिक रजत विजेता जर्मनी के खिलाफ मैचों के साथ अंतरराष्ट्रीय हॉकी एक दशक के बाद नयी दिल्ली में लौट रही है। भारत ने पिछली बार मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में जनवरी 2014 में हॉकी विश्व लीग फाइनल पुरुष का चौथे दौर का मुकाबला खेला था। -
छत्रपति संभाजीनगर . महाराष्ट्र के बीड जिले में राज्य परिवहन निगम की एक बस के चालक और कंडक्टर ने यात्रा को मनोरंजक और सूचनाप्रद बनाने का बीड़ा उठाया, जिसके बाद यह बस शिक्षा आधारित अपनी आंतरिक साज-सज्जा के कारण छात्रों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गयी है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की यह बस बाहर से देखने से हजारों आम यात्री बसों की तरह ही सफेद-नारंगी रंग की दिखती है लेकिन बस के अंदर उसकी छत तथा दोनों ओर चिपकी तस्वीरों और संदेशों के कारण यह एक तरह से चलती-फिरती कक्षा की तरह लगती है। कंडक्टर वैशाली मुले ने कहा, ‘‘हमने बस में जो आंतरिक साज-सज्जा की है, वह छात्रों को पसंद आ रही है। अब हमारी बस में और छात्र यात्रा कर रहे हैं।'' यह बस रोजाना दोनों तरफ से 200 किलोमीटर की दूरी तय करती है। छात्र अपने-अपने गांवों से इस बस में सवार होकर बीड-नलवंडी मार्ग पर स्थित अपने-अपने स्कूल आते-जाते हैं। मुले ने बताया कि उन्होंने तथा चालक सिराज पठान ने बस को शैक्षणिक सामग्री, छत्रपति साहू महाराज, स्वामी विवेकानंद और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसी हस्तियों से जुड़े चित्रों तथा शिक्षाप्रद संदेशों से सजाने के लिए अपनी जेब से 35,000 रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बस का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर छात्र गन्ने की खेती में शामिल श्रमिकों के बच्चे हैं। ये परिवार अपने बच्चों को स्कूल भेजने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाते हैं। हमें लगता है कि हमारी पहल से बदलाव आया है क्योंकि लड़कियों समेत और छात्र अब स्कूल जा रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि जहां बस की छत पर सौर मंडल के ग्रहों की चमकदार तस्वीरें लगाई गई हैं, वहीं बस में एक आवर्त सारणी (पीरियॉडिक टेबल) और योग आसन की तस्वीरें और जानकारी भी है। यह बस छात्रों के बीच लोकप्रिय हो गयी है। मुले ने बताया, ‘‘वांगी में विश्वनाथ स्कूल और नलवंडी में संगमेश्वर विद्यालय के छात्र हमारी बस में यात्रा करते हैं। हमारे वरिष्ठ सहयोगी अजय मोरे, शिवराज कराड, निलेश पवार ने इस परियोजना में हमारी मदद की।'' बीड के मंडलीय परिवहन अधीक्षक शिवराज कराड ने बताया कि इस परियोजना का इकलौता उद्देश्य परिवारों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘बस के चालक और कंडक्टर ने यह बीड़ा उठाया और हमने उनका सहयोग किया। इस बस में यात्रा करने वाले छात्रों की संख्या एक साल में ही 200 से बढ़कर 290 हो गयी है। खासतौर से छात्राओं की संख्या बढ़ी है।
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नयी दिल्ली. दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में 46 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी चार बेटियों के शव किराये के उनके घर से बरामद किए गए हैं और शवों की हालत से ऐसा लगता है कि उनकी मौत कई दिन पहले हो चुकी है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि शव शुक्रवार दोपहर को मिले और उन पर चोट के कोई निशान नहीं है लेकिन पुलिस को घर में सल्फास जहर के तीन पैकेट, पांच गिलास और एक संदिग्ध तरल पदार्थ के साथ एक चम्मच मिली है। मृतक व्यक्ति की दो बेटियां दिव्यांग थीं। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति की दो छोटी बेटियां दिव्यांग थीं जबकि पड़ोसियों ने बताया कि चारों दिव्यांग थीं। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपश्चिम) रोहित मीणा ने कहा कि पुलिस इस दावे का सत्यापन कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उसकी बेटियां कभी-कभार ही अपने कमरे से बाहर आती थीं। पड़ोसियों ने दावा किया उन्होंने आखिरी बार व्यक्ति और उसकी बेटियों को 24 सितंबर को देखा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पड़ोसियों ने रंगपुरी गांव में एक आवासीय परिसर की पहली मंजिल में किराये के घर से दुर्गंध आने की शिकायत की, जिसके बाद शव बरामद किए। डीसीपी मीणा ने बताया कि आवासीय परिसर की देखभाल करने वाले एक व्यक्ति ने इमारत के मालिक नितिन चौहान को फ्लैट सी-4 से दुर्गंध आने की जानकारी दी जिसके बाद उसने दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों की मदद से पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और एक कमरे में एक व्यक्ति को मृत पाया जबकि उसकी चार बेटियों के शव दूसरे कमरे में मिले। मृतकों की पहचान पिछले 28 साल से वसंत कुंज में ‘इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर' में बढ़ई के तौर पर काम करने वाले हीरालाल शर्मा और उसकी चार बेटियों नीतू (26), निक्की (24), नीरू (23) और निधि (20) के रूप में की गयी है। डीसीपी ने बताया कि पड़ोसियों और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ में पता चला है कि हीरालाल की पत्नी की एक साल पहले कैंसर के कारण मौत हो गयी थी। वह हर महीने करीब 25,000 रुपये कमाता था लेकिन जनवरी 2024 से काम पर नहीं गया था। इस बीच, हीरालाल के भाई मोहन शर्मा और भाभी गुड़िया शर्मा घटना की सूचना मिलने के बाद उनके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हीरालाल ने अपनी पत्नी की मौत के बाद परिवार के मामलों में दिलचस्पी लेना बंद कर दिया था और वह ज्यादातर अपनी बेटियों के इलाज में व्यस्त रहता था। पुलिस ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत मामले की जांच शुरू कर दी गयी है और पोस्टमार्टम के लिए एक चिकित्सा बोर्ड का गठन किया गया है। -
इंदौर .मशहूर गायिका लता मंगेशकर की जन्मस्थली इंदौर के कलाकार मिलिंद ढवले ने उनका अनूठा ‘पोर्ट्रेट' बनाया है। इस श्वेत-श्याम पोर्ट्रेट की रेखाओं के रूप में मंगेशकर के 90 हिट गानों के मुखड़े बड़े करीने से लिखे गए हैं। 31 इंच लंबे और 23 इंच चौड़े इस पोर्ट्रेट की अनूठी बात यह भी है कि इसमें गानों के मुखड़ों को खास स्थान पर लिखा गया है। मसलन ‘‘बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी'' गीत के मुखड़े को मंगेशकर के चेहरे की बिंदी की जगह पर ही लिखा गया है, तो उनके होंठों की जगह ‘‘धीरे-धीरे बोल, कोई सुन ना ले'' गाने का मुखड़ा उकेरा गया है। ढवले (55) ने इस पोर्ट्रेट में "ऐ मेरे वतन के लोगों" गीत को मंगेशकर के कपाल पर लिखा है, क्योंकि उनका मानना है कि मातृभूमि के लिए शहीद सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद दिलाकर देशभक्ति की भावना जगाने वाला यह नगमा भारतीय नागरिकों के जेहन पर आज भी छाया हुआ है। पोर्ट्रेट में मंगेशकर के 90 हिट गीतों के मुखड़े इतनी सफाई से लिखे गए हैं कि इनकी इबारत पास से देखने पर ही समझ आती है। दूर से देखने पर ये मुखड़े पोर्ट्रेट की रेखाओं के रूप में ही नजर आते हैं। धवले ने शनिवार को बताया कि यह पोर्ट्रेट उन्होंने मंगेशकर के 90वें जन्मदिन पर बनाया था और वह कोशिश करते रहे कि किसी तरह उन्हें यह कलाकृति भेंट करें, लेकिन उनकी ख्वाहिश पूरी न हो सकी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हमेशा मलाल रहेगा कि मैं मंगेशकर से मिलकर उन्हें यह पोर्ट्रेट भेंट नहीं कर सका।'' मंगेशकर का जन्म इंदौर में 28 सितंबर 1929 को हुआ था। उन्होंने मुंबई में छह फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को प्रख्यात पार्श्व गायिका लता मंगेशकर को उनकी 95वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी और उनके साथ अपने ‘‘खास जुड़ाव'' को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लता दीदी को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। वह अपने मधुर गीतों की वजह से लोगों के दिल और दिमाग में हमेशा जिंदा रहेंगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘लता दीदी और मेरा एक खास जुड़ाव था। मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।'' प्रधानमंत्री ने लता मंगेशकर के भाई और संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर द्वारा ‘इंडियन एक्सप्रेस' में लिखा एक लेख भी साझा किया जिसमें मोदी और महान गायिका के बीच के संबधों का जिक्र है। कई दशकों तक पार्श्व गायन के शीर्ष पर रहीं लता मंगेशकर को शास्त्रीय संगीत की बारीकियों में महारत हासिल थी। मंगेशकर का जन्म इंदौर में 28 सितंबर 1929 को हुआ था। उन्होंने मुंबई में छह फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी।
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जम्मू. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए भ्रष्टाचार, आतंकवाद और अलगाववाद'' से मुक्त सरकार की आस लगाए हुए हैं। मोदी ने यहां एम ए एम स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस विधानसभा चुनाव ने जम्मू के लोगों को अगली सरकार तय करने का ऐतिहासिक अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए और भाजपा को चुनना चाहिए। मोदी ने कहा, जम्मू कश्मीर में दो चरणों में भारी मतदान हुआ। यह तय है कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।'' पिछले एक पखवाड़े में मोदी की यह तीसरी जम्मू कश्मीर यात्रा और चौथी चुनावी रैली है।
उन्होंने पहले चरण के चुनाव से चार दिन पहले 14 सितंबर को डोडा जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था और दूसरे चरण के चुनाव से पहले 19 सितंबर को श्रीनगर और कटरा में दो अन्य रैलियां की थीं। तीसरे चरण में सात जिलों की अंतिम 40 विधानसभा सीट (जम्मू क्षेत्र में 24 और कश्मीर में 16) के लिए जोर-शोर से जारी प्रचार रविवार शाम को समाप्त हो जाएगा। -
नई दिल्ली। एयर इंडिया की फ्लाइट में एक यात्री के खाने में कॉकरोच मिलने की घटना सामने आई है. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें यात्री ने अपनी प्लेट में मौजूद कॉकरोच को दिखाते हुए एयरलाइन की साफ-सफाई और गुणवत्ता मानकों पर सवाल उठाए हैं. घटना के बाद एयर इंडिया ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं. एयरलाइन ने एक बयान जारी कर कहा कि हमने वायरल वीडियो को बहुत गंभीरता से लिया है.
इस घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने फूड सप्लायर्स और क्रू मेंबर्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं. इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया है कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या सप्लायर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद एयरलाइन ने यात्री से माफी मांगी और कहा कि वे उसकी शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएंगे और ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे. इस घटना ने एयरलाइन के खाने की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर यात्रियों में चिंता पैदा कर दी है. कई यात्रियों ने ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एयर इंडिया की आलोचना की और कहा कि ऐसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए बड़ा खतरा हैं. इस घटना के बाद यह देखना अहम होगा कि एयर इंडिया अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है और यात्रियों की खोई हुई साख को कैसे वापस लाती है. - सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के लम्भुआ थाना क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के चलते शनिवार को एक मकान की दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर तीन साल के एक बच्चे की मौत हो गयी और उसकी बुआ गंभीर रूप से घायल हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के रामपुर कुर्मियान गांव में शनिवार को नंदलाल के मकान की कच्ची दीवार गिर गई। बगल में खेल रहा रामू का तीन वर्षीय पुत्र नितिन मलबे में दबकर घायल हो गया जबकि बगल में बर्तन धो रही उसकी बुआ कोमल घायल हो गयी।
- जम्मू।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के लोग अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ‘‘भ्रष्टाचार, आतंकवाद और अलगाववाद’’ से मुक्त सरकार की आस लगाए हुए हैं। मोदी ने यहां एम ए एम स्टेडियम में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस विधानसभा चुनाव ने जम्मू के लोगों को अगली सरकार तय करने का ऐतिहासिक अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए और भाजपा को चुनना चाहिए।मोदी ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में दो चरणों में भारी मतदान हुआ। यह तय है कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।’’पिछले एक पखवाड़े में मोदी की यह तीसरी जम्मू कश्मीर यात्रा और चौथी चुनावी रैली है। उन्होंने पहले चरण के चुनाव से चार दिन पहले 14 सितंबर को डोडा जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था और दूसरे चरण के चुनाव से पहले 19 सितंबर को श्रीनगर और कटरा में दो अन्य रैलियां की थीं। तीसरे चरण में सात जिलों की अंतिम 40 विधानसभा सीट (जम्मू क्षेत्र में 24 और कश्मीर में 16) के लिए जोर-शोर से जारी प्रचार रविवार शाम को समाप्त हो जाएगा।
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सच में बड़ी ताकत है इससे कानूनी बिरादरी सशक्त बनती है। आज हैदराबाद में नलसर विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने समाज के सबसे निचले पायदान जी रहे वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं की सराहना की और उनसे महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके खिलाफ सभी को मिलकर काम करना चाहिए।उन्होंने छात्रों से राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने करने दिशा में प्रयास करने का आहवान भी किया।दीक्षांत समारोह के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किये। तेलंगाना के राज्यपाल, जिष्णु देव वर्मा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री, ए. रेवंत रेड्डी, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और नलसर विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक अराधे भी इस मौके पर उपस्थित थे। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले अमर शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।’’ वर्ष 1907 में जन्मे सिंह को क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल होने के कारण मात्र 23 वर्ष की आयु में अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। वह भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं।
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नई दिल्ली। देश में इस साल जनवरी-जून के दौरान लगभग 47.8 लाख विदेशी पर्यटक आएं। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इसमें सबसे ज्यादा पर्यटक बांग्लादेश और अमेरिका से आए। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हालांकि देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या अभी भी कोविड महामारी से पहले के स्तर से पीछे है। इस साल जून में 7,06,045 विदेशी पर्यटक आए, जबकि जून, 2023 में 6,48,008 और जून, 2019 में 7,26,446 विदेशी पर्यटक आए थे। यह संख्या 2023 से नौ प्रतिशत अधिक जबकि 2019 की तुलना में 2.8 प्रतिशत कम है।मंत्रालय ने कहा, “इस साल की पहली छमाही (जनवरी-जून) के दौरान 47,78,374 विदेशी पर्यटक आए, जबकि पिछले साल समान अवधि में 43,80,239 और कोविड महामारी से पहले 2019 की इसी अवधि में 52,96,025 विदेशी पर्यटक आए थे। इस साल का आंकड़ा 2023 की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक है जबकि 2019 की तुलना में 9.8 प्रतिशत कम है।”
आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2024 की पहली छमाही में विदेशी पर्यटकों में सबसे ज्यादा 21.55 प्रतिशत पर्यटक बांग्लादेश से आए। इसके बाद 17.56 प्रतिशत पर्यटक अमेरिका से, 9.82 प्रतिशत ब्रिटेन से, 4.5 प्रतिशत कनाडा से और 4.32 प्रतिशत पर्यटक कनाडा से आए। - नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे पर एक अक्टूबर से टोल की नयी दरें लागू होंगी। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। तीन पहिया व ट्रैक्टर के लिए आगरा तक ₹247.5 टोल लगेगा। अधिकारी ने बताया कि यीडा ने दोपहिया से लेकर बड़े वाहनों पर लगने वाले टोल में पांच से 12 फीसदी तक वृद्धि की है। नयी दरों के मुताबिक मोटरसाइकिल, तीन पहिया व ट्रैक्टर के लिए आगरा तक 247.5 रुपये टोल लगेगा।यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह ने बताया कि गुरुवार को यमुना विकास प्राधिकरण की बोर्ड की बैठक के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर नयी टोल दरें लागू करने का फैसला किया गया। इससे पहले वर्ष 2021-22 में टोल की दरें बढ़ाई गई थीं। सिंह ने बताया कि टोल की नयी दरों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा से आगरा तक के बीच चार पहिया, जीप, हल्के वाहन के लिए 486.75 रुपये, हल्के व्यावसायिक वाहन और छोटे वाहनों के लिए 759 रुपये, बस व ट्रक के लिए 1542.75 रुपये, भारी निर्माण कार्य की मशीनों के लिए 2186.25 रुपये और विशाल आकार के वाहन के लिए 3027.75 रुपये अदा करने होंगे।

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