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- अयोध्या। राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूरा होने के बाद 22 जनवरी की शाम अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगाएगी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दीपों से रोशन होगी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी (आरटीओ) आर. पी. यादव ने बताया कि 22 जनवरी की शाम 100 प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे और इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप दीप जलाए जाएंगे तो इसमें स्थानीय कुम्हारों की मदद ली जा रही है और उनसे दीपों को खरीदा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद योगी सरकार की तरफ से पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा और राज्य पर्यटन विभाग की ओर से इसकी भव्य तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि रामलला, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किये जायेंगे।
- अयोध्या।अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले महाराष्ट्र से लाए गए साढ़े सात हजार पौधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रोपे गए हैं जिससे पूरा क्षेत्र अत्यंत मनोहारी लगने लगा है। एक अधिकारी ने बताया कि 22 जनवरी को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत लगभग आठ हजार से अधिक आगंतुक श्रीराम जन्मभूमि परिसर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे तो आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ यहां की हरियाली भी उनका मन मोह लेगी। पौधे रोपने का यह कार्य श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व उप्र वन विभाग की तरफ से किया जा रहा है। इन पौधों में एग्लोनेमा रेड-लिपिस्टक, पिंक, ऐलोकेशिया ब्लैक वेलवेट- कुकुलता, वेस्टिल, फिलोड्रेनड्रॉम रिंग ऑफ फायर-बिरकिन, जेनाडू, रेड कांगो, पिंक फायर, पिंक प्रिसेंज, डिफेनबेकिया व्हाइट, होमालोमेना ब्रांज, केलेडियम मिक्स, मेलपिघिया श्रीराम, ड्रकाना महात्मा, सेफलेरा, वेरीगेटेड, लोरोपेटलम, रेडार मचेरा, डिफेनबेकिया बोमानी, मोंसटेरा डेलीसिओसा, आर्केड मिक्स, पीस लिली आदि प्रमुख हैं। जन्मभूमि परिसर में स्थापित नक्षत्र वाटिका की खूबसूरती भी आकर्षित कर रही है। नक्षत्र वाटिका में 27 नक्षत्रों से जुड़े 27 पेड़ लगाए गए हैं इनमें पीपल, पाकड़, नीम, गुटेल, महुआ, शीशम, खैर, पलास, बेल, मौलिश्री, शमी, कदंब, आम, अर्जुन, गुलर, साल, बरगद, आंवला, चीड़ आदि शामिल हैं। प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सितांशु पांडेय ने बताया कि नक्षत्र वाटिका पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी। इसे और भव्य रूप दिया जा रहा है।
- अयोध्या (उप्र) ।चमकीले रंगों से सजा—धजा, सिर पर बड़ी पगड़ी और हाथों—पैरों को चांदी के आभूषणों से सजाए अपनी बांसुरी पर मधुर धुन बजाता एक व्यक्ति भगवान राम के घर अयोध्या में भगवान कृष्ण का स्तुतिगान कर बरबस ही सबका मन अपनी तरफ खींच रहा है । यह उज्जैन के रहने वाले स्वामी अद्भुत हैं, जो पिछले 16 वर्षों से भगवान कृष्ण का वेश धारण किये हुए हैं। उनका कहना है कि वह पूरा दिन इसी वेशभूषा में रहते हैं। स्वामी अद्भुत ने कहा कि वह 22 जनवरी के अभिषेक समारोह में "भगवान की दिव्य उपस्थिति को देखने के लिए अयोध्या में हैं।" वह अपने नाम के ही अनुरूप अयोध्या में रहते हुए वह भगवान कृष्ण की एक छवि प्रदर्शित करते हैं और अपनी पायल झनकारते हुए लय बनाए रखते हुए अपनी बांसुरी बजाते हैं। अपनी मोहक उपस्थिति और संगीत में महारत के बलबूते स्वामी अद्भुत हर आने—जाने वाले को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। लता मंगेशकर चौक से लेकर नया घाट और गुप्तार घाट तक वह जहां भी जाते हैं, लोगों की भीड़ जुट जाती है और कई लोग उनके साथ सेल्फी लेने को लालायित नजर आते हैं। वह सबकी इस ख्वाहिश को पूरा करने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, वह अपने बारे में जानने की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति की इस उत्कंठा को भी शांत करते हैं। स्वामी अद्भुत ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और कृष्ण से जुड़ी कथाओं का संगम होता है जिससे आध्यात्मिक महत्व का एक माहौल बनता है। कृष्ण वेश धारण करने का ख्याल मन में कैसे आया, इस सवाल पर स्वामी कहते हैं कि उन्हें एक सपना आया था जिसके बाद से उन्होंने भगवान कृष्ण का वेश धारण करना शुरू कर दिया ताकि उनके संदेश को फैलाया जा सके। स्नातक तक की शिक्षा हासिल कर चुके स्वामी ने एक सवाल पर कहा कि वह किसी से भी धन नहीं लेते हैं। वह अपनी अयोध्या यात्रा को आध्यात्मिक पुनर्जागरण की परिणति के दर्शन के लिए एक तीर्थयात्रा के रूप में देखते हैं। अयोध्या जिज्ञासा, भक्ति और उत्सव के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण से गूंज रही है। वहीं, इस शहर ने इस असाधारण स्वामी की उपस्थिति को गले लगा लिया। स्वामी ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस स्थान का दौरा किया था लेकिन इस बार उनके लिए एक अलग भावना थी। पूरा अयोध्या शहर धार्मिक भावना से सराबोर है और इसकी फिजाएं 'राम आएंगे' और 'अवध में राम आए हैं' जैसे गीतों से गूंज रही हैं। भक्त 22 जनवरी को राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
- नयी दिल्ली। भव्य राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए अभिनेत्री कंगना रनौत, शेफाली शाह, अभिनेता पवन कल्याण एवं रणदीप हुड्डा अयोध्या पहुंच गए हैं। समारोह में आमंत्रित दिग्गज अभिनेता रजनीकांत और संगीतकार शंकर महादेवन को लखनऊ हवाई अड्डे पर देखा गया, जब वे मंदिर शहर के लिए रवाना हुए। समारोह के लिए आमंत्रित किये गए 8,000 से अधिक लोगों की लंबी सूची में, प्रमुख राजनीतिक नेता, बड़े उद्योगपति, फिल्म अभिनेता, खिलाड़ी, नौकरशाह और राजनयिक शामिल हैं। अभिनेत्री कंगना रनौत का कहना है कि सोमवार को यहां राम मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया जाना उनका 'सौभाग्य' है। कंगना (36) ने रविवार को अपने-अपने आध्यात्मिक गुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात की और यहां एक मंदिर में हो रहे यज्ञ में हिस्सा लिया। शनिवार को अयोध्या पहुंची कंगना ने कहा कि श्रद्धालु कल (सोमवार) भगवान राम के आने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां अपने गुरु रामभद्राचार्य जी से मिलने आयी हूं। कई पुजारी भगवान हनुमान का नाम लेकर अनुष्ठान कर रहे हैं और मंत्र पढ़ रहे हैं। यहां की ऊर्जा चमत्कारी है।'' रविवार को अपने फिल्म निर्माता पति विपुल शाह के साथ अयोध्या पहुंचीं शेफाली शाह ने कहा कि वे यहां आकर सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने अयोध्या हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह (प्राण प्रतिष्ठा समारोह) सबसे बड़े सांस्कृतिक क्षणों में से एक है जिसे हमारा देश और हम भारतीय अनुभव कर सकते हैं। हमारी संस्कृति बहुत समृद्ध है लेकिन हम इससे काफी अनजान हैं।'' अभिनेता और जन सेना पार्टी के संस्थापक पवन कल्याण ने अयोध्या में संवाददाताओं से कहा, ‘‘लंबे समय से प्रतीक्षित प्रार्थना आखिरकार वास्तविकता बन रही है।'' लखनऊ हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए महादेवन ने कहा कि पूरी दुनिया राम मंदिर के उद्घाटन का इंतजार कर रही थी। रविवार शाम अपनी अभिनेत्री-पत्नी लिन लैशराम के साथ लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंचे अभिनेता रणदीप हुड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि वे इस कार्यक्रम के लिए उत्साहित हैं और भगवान राम से आशीर्वाद लेने का इंतजार कर रहे हैं।
- चंद्रपुर (महाराष्ट्र) ।अयोध्या के राम मंदिर में सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर में एक मैदान पर हिंदी भाषा के वाक्य ‘सियावर रामचंद्र की जय' को दर्शाने (लिखने) के लिए 33258 दीये जलाकर गिनिज विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया। यह कार्यक्रम शनिवार रात यहां चंदा क्लब मैदान पर प्रदेश के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार की मौजूदगी में हुआ। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मिलिंद वेर्लेकर और प्रसाद कुलकर्णी ने रविवार सुबह मुनगंटीवार को इस उपलब्धि से संबंधित प्रमाण पत्र सौंपे । यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सार्वजनिक वाचनालय ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया जहां आतिशबाजी भी की गयी।
- कोलकाता. कई आभूषण खुदरा विक्रेताओं ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर मंदिर-शैली के रूपांकनों और भगवान राम की तस्वीर वाले नए ‘कलेक्शन' पेश किए हैं। सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स ने अपना 'सियाराम' कलेक्शन पेश किया है, जबकि कल्याण ज्वैलर्स ने हेरिटेज ज्वैलरी लाइन-अप ‘निमाह' पेश किया है। सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुवनकर सेन ने कहा, ‘‘ राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की प्रत्याशा में हर जगह भगवान राम की भक्ति का माहौल है।'' उन्होंने कहा कि ये डिजाइन भगवान राम और सीता के राज्याभिषेक के पौराणिक क्षण की याद दिलाते हुए राम मंदिर की भव्यता को दर्शाते हैं। कल्याण ज्वैलर्स के कार्यकारी निदेशक रमेश कल्याणरमन ने कहा कि ‘निमाह' कलेक्शन में ‘‘हमारी समृद्ध विरासत को समकालीन डिजाइन के साथ पेश किया गया है और कीमती पत्थरों से सजाया गया है।'' अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि अयोध्या में रामलला का उनके जन्मस्थान में ‘प्रवेश' और मंदिर में 'प्राण-प्रतिष्ठा' समारोह ‘भारतवर्ष के पुनर्निर्माण' के अभियान की शुरुआत होगी। भागवत ने यह भी कहा क भारतवर्ष का पुनर्निर्माण सद्भाव, एकता, प्रगति, शांति और सभी की भलाई के लिए जरूरी है। संघ प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक लेख में अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए ‘हिंदू समाज के निरंतर संघर्ष' का उल्लेख किया और कहा कि इस विवाद पर ‘टकराव और कड़वाहट' का अब अंत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों के कानूनी संघर्ष के बाद उच्चतम न्यायालय ने ‘सच्चाई और तथ्यों' की पड़ताल करने और मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नौ नवंबर, 2019 को ‘संतुलित' फैसला सुनाया। भागवत ने कहा कि ‘धार्मिक' दृष्टिकोण से भगवान राम देश के बहुसंख्यक समाज के ‘सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता' हैं और उन्हें आज भी पूरा समाज मर्यादा के प्रतीक के रूप में स्वीकार करता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए अब इस विवाद को लेकर पक्ष और विपक्ष में जो टकराव पैदा हुआ है, उसे खत्म किया जाना चाहिए। इस बीच जो कड़वाहट पैदा हुई है, उसे भी खत्म किया जाना चाहिए। समाज के प्रबुद्ध लोगों को यह देखना होगा कि यह विवाद पूरी तरह खत्म हो।'' भागवत ने कहा, ‘‘अयोध्या का अर्थ है एक ऐसा शहर, जहां कोई युद्ध न हो, एक संघर्ष-रहित स्थान। इस अवसर पर, पूरे देश में अयोध्या का पुनर्निर्माण समय की मांग है और (यह) हम सभी का कर्तव्य भी है।" आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का अवसर ‘राष्ट्रीय गौरव के पुनर्जागरण' का प्रतीक है। उन्होंने कहा, यह ‘आधुनिक भारतीय समाज द्वारा श्रीराम के चरित्र के पीछे के जीवन दर्शन की स्वीकृति' का भी प्रतीक है। राम मंदिर में 'प्राण-प्रतिष्ठा' (प्रतिष्ठापन) समारोह 22 जनवरी को आयोजित किया जाएगा और इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भागवत और संतों सहित 7,000 से अधिक लोग शामिल होंगे। भागवत ने कहा, ‘‘यह संसार अहंकार, स्वार्थ और भेदभाव के कारण विनाशकारी उन्माद में है और अपने ऊपर अनंत विपत्तियां आमंत्रित कर रहा है। राम जन्मभूमि में श्री राम लला का प्रवेश और उनकी प्राण-प्रतिष्ठा भारतवर्ष के पुनर्निर्माण के अभियान की शुरुआत है। संघ प्रमुख ने कहा कि भारत का इतिहास "पिछले डेढ़ हजार वर्षों से आक्रमणकारियों के खिलाफ निरंतर संघर्ष" का इतिहास है। उन्होंने कहा कि शुरुआती आक्रमणों का उद्देश्य लूटपाट करना था और कभी-कभी, सिकंदर के आक्रमण की तरह यह उपनिवेशीकरण के लिए होता था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस्लाम के नाम पर पश्चिम से हुए हमलों ने समाज का पूर्ण विनाश किया और इसमें अलगाव पैदा किया। (किसी) राष्ट्र और समाज को हतोत्साहित करने के लिए उनके धार्मिक स्थलों को नष्ट करना आवश्यक था, इसीलिए विदेशी आक्रांताओं ने भारत में मंदिरों को भी नष्ट किया। उन्होंने ऐसा कई बार किया।'' भागवत ने कहा कि उन आक्रांताओं का उद्देश्य "भारतीय समाज को हतोत्साहित करना" था, ताकि वे ‘कमजोर समाज वाले भारत पर बेरोकटोक' शासन कर सकें। उन्होंने आगे कहा, ‘‘अयोध्या में श्रीराम मंदिर का विध्वंस भी इसी इरादे और मकसद से किया गया था। आक्रांताओं की यह नीति सिर्फ अयोध्या या किसी एक मंदिर तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक युद्ध रणनीति थी।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत में समाज की आस्था, प्रतिबद्धता और मनोबल कभी कम नहीं हुआ।उन्होंने कहा, ‘‘समाज झुका नहीं, उनका प्रतिरोध का संघर्ष जारी रहा। इसलिए (भगवान राम के) जन्मस्थान पर कब्जा लेने और वहां (अयोध्या में) मंदिर बनाने के लिए बार-बार प्रयास किए गए। इसके लिए कई युद्ध, संघर्ष और बलिदान हुए और राम जन्मभूमि का मुद्दा हिंदुओं के मन में बस गया।'' इतिहास के पन्ने पलटते हुए भागवत ने कहा कि 1857 में जब ब्रिटिश शासन के खिलाफ युद्ध की योजनाएं बनने लगीं तो हिंदुओं और मुसलमानों ने मिलकर उनके खिलाफ लड़ने के लिए 'तत्परता जाहिर की' और फिर उनके बीच विचारों का आपसी आदान-प्रदान हुआ और उस समय ऐसी स्थिति बनी कि गोहत्या पर प्रतिबंध और श्री राम जन्मभूमि की मुक्ति के मुद्दे पर सुलह हो जाती। उन्होंने कहा, ‘‘बहादुर शाह जफर ने भी गोहत्या पर प्रतिबंध की गारंटी दी थी।''उन्होंने कहा, ‘‘नतीजा यह हुआ कि पूरा समाज एकजुट होकर लड़ा। उस युद्ध में भारतवासियों ने वीरता दिखाई, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी की लड़ाई असफल रही। उसके बाद भारत को आजादी तो नहीं मिली और ब्रिटिश शासन निर्बाध रहा, लेकिन राम मंदिर के लिए संघर्ष नहीं रुका।''
- रामेश्वरम (तमिलनाडु)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अरिचल मुनाई के पास राम मंदिर में पूजा करके देश के दक्षिणी हिस्सों में रामायण से संबंध वाले मंदिरों की अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूरी की। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को तमिलनाडु के अरिचल मुनाई पहुंचे और उन्होंने समुद्र तट पर पुष्प अर्पित किए। मोदी ने वहां ‘प्राणायाम' भी किया। उन्होंने समुद्र का जल हाथों में लेकर प्रार्थना की और अर्घ्य दिया। प्रधानमंत्री ने वहां बने राष्ट्रीय प्रतीक स्तंभ पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। रामायण से जुड़े तमिलनाडु के मंदिरों का उनका दौरा सोमवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले संपन्न हुआ है। मोदी ने श्री कोठंडारामस्वामी मंदिर में पूजा की और दर्शन किये, जो धनुषकोडी और अरिचल मुनाई की ओर जाने वाले रास्ते पर है, जहां से श्रीलंका कुछ ही दूरी पर है। तमिल में कोठंडारामस्वामी भगवान राम को धनुष और बाण से दर्शाते हैं।मोदी ने रात्रि प्रवास रामेश्वरम में किया था और इसके बाद वह अरिचल मुनाई गए। कहा जाता है कि अरिचल मुनाई वह स्थान है, जहां राम सेतु का निर्माण हुआ था। राम सेतु को ‘एडम ब्रिज' के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा बताया जाता है कि इसका निर्माण भगवान राम ने रावण से युद्ध करने के लिए लंका जाने के वास्ते ‘वानर सेना' की मदद से किया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, मोदी ने आंध्र प्रदेश और केरल के उन मंदिरों में भी प्रार्थना की, जिनका रामायण से संबंध है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को चेन्नई में ‘‘खेलो इंडिया गेम्स, 2023'' का उद्घाटन किया था। उन्होंने शनिवार को श्रीरंगम और रामेश्वरम में क्रमशः श्री रंगनाथस्वामी और अरुलमिगु रामनाथस्वामी मंदिरों में पूजा अर्चना भी की थी। कोठंडारामस्वामी मंदिर और अरिचल मुनाई की यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मदुरै पहुंचे और विमान से नयी दिल्ली के लिए रवाना हुए। मंदिर के पुजारियों ने कहा कि मोदी अपने साथ तमिलनाडु से पवित्र जल का ‘कलश' लेकर गए हैं।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पताल सहित केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी चार अस्पताल अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर 22 जनवरी को अपराह्न ढाई बजे तक बंद रहेंगे। हालांकि, आपात सेवाएं जारी रहेंगी। राष्ट्रीय राजधानी स्थित एम्स के एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, केंद्र सरकार ने 22 जनवरी को अपराह्न 2.30 बजे तक आधे दिन की छुट्टी घोषित की है। इसमें कहा गया है, ‘‘सभी कर्मचारियों की जानकारी के लिए सूचित किया जाता है कि संस्थान 22 जनवरी को अपराह्न 2.30 बजे तक, आधे दिन बंद रहेगा। सभी विभागाध्यक्षों, इकाई अधिकारियों से अनुरोध है कि इसे उनके तहत काम करने वाले सभी कर्मचारियों के ध्यानार्थ लाया जाए।'' इसमें कहा गया, ‘‘...सभी महत्वपूर्ण चिकित्सीय सेवाएं चालू रहेंगी।''
एम्स के एक अधिकारी ने कहा कि मरीजों को दिए गए समय को पुनर्निर्धारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई मरीज आता है तो हम उन्हें समायोजित करने का प्रयास करेंगे।'' अधिकारी ने कहा कि शाम की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) चालू रहेगी। सफदरजंग अस्पताल के एक परिपत्र के अनुसार, 22 जनवरी (सोमवार) को ओपीडी सेवाओं के लिए पंजीकरण का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक होगा। परिपत्र में कहा गया है कि सभी वैकल्पिक ऑपरेशन कक्ष बंद रहेंगे।
लेडी हार्डिंग अस्पताल के एक परिपत्र में कहा गया है, ‘‘अस्पतालों का बाह्य रोगी विभाग सोमवार को सुबह 8-10 बजे तक रोगी पंजीकरण के साथ कार्य करेगा और सभी पंजीकृत रोगियों का इलाज किया जाना चाहिए।'' राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने कहा कि सोमवार को ओपीडी, प्रयोगशाला सेवाएं और नियमित सेवाएं अपराह्न 2.30 बजे तक बंद रहेंगी। इन अस्पतालों ने स्पष्ट किया है कि गंभीर देखभाल और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। -
अहमदाबाद. गुजरात में 2002 में गोधरा ट्रेन अग्निकांड में मारे गए 59 में से 19 कारसेवकों के परिजन अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) । की गुजरात इकाई के महासचिव अशोक रावल ने कहा, ‘‘गोधरा रेलवे स्टेशन के पास उपद्रवियों द्वारा साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बों में आग लगा दिए जाने के कारण मारे गए कारसेवकों के परिजन भी आमंत्रित लोगों में शामिल हैं। ये कारसेवक साबरमती ट्रेन से अयोध्या से अहमदाबाद लौट रहे थे।'' उन्होंने कहा कि विहिप 20 कारसेवकों के परिवार के सदस्यों से संपर्क कर सकी ‘‘जिनमें से 19 ने अयोध्या में होने वाले समारोह में शामिल होने की पुष्टि की है।'' रावल ने दावा किया कि विहिप ने राम मंदिर निर्माण के लिए 225 करोड़ रुपये एकत्र किए थे।
गोधरा अग्निकांड फरवरी 2002 में हुआ था जिसमें 59 कारसेवक मारे गए थे। -
तिरुचिरापल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पारंपरिक तमिल परिधान पहनकर यहां श्री रंगम में श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के इस प्राचीन मंदिर में दर्शन के दौरान ‘वेष्टि' (धोती) और ‘अंगवस्त्रम' (शॉल) पहना था। उन्होंने भगवान विष्णु के मंदिर में पूजा-अर्चना की और हाथी को भोजन देकर आशीर्वाद लिया। मोदी ने इस दौरान श्री रंगनाथस्वामी के दर्शन किए। उन्हें मंदिर के पुजारियों ने 'सदरी' प्रदान की।
प्रधानमंत्री ने वैष्णव संत-गुरु श्री रामानुजाचार्य और श्री चक्रथाझवार को समर्पित कई 'सन्नाधि' (देवताओं के लिए अलग-अलग पूजास्थल) में प्रार्थना की। तमिल में इष्टदेव को रंगनाथर के नाम से जाना जाता है। श्रीरंगम मंदिर तमिलनाडु का एक प्राचीन वैष्णव मंदिर है और यह संगम युग का है। विभिन्न राजवंशों ने इस मंदिर का निर्माण और विस्तार किया। इस मंदिर के निर्माण में चोल, पांड्या, होयसाल और विजयनगर साम्राज्य के राजाओं ने योगदान दिया है। श्रीरंगम मंदिर कावेरी और कोल्लीदम नदियों के संगम पर एक द्वीप पर स्थित है। श्रीरंगम मंदिर को 'बोलोगा वैकुंठम' या 'पृथ्वी पर वैकुंठम' के नाम से भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री शनिवार को चेन्नई से यहां पहुंचे और मंदिर जाते समय अपनी कार के पायदान पर खड़े होकर उन्होंने लोगों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की ओर हाथ हिलाकर उनका स्वागत किया। -
नयी दिल्ली. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के शाहीन बाग में एक अज्ञात व्यक्ति दीवार में सेंध लगाकर आभूषणों की एक दुकान में घुस गया और लगभग एक किलोग्राम आभूषण लेकर फरार हो गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। आभूषणों की दुकान के मालिक शादाब ने शनिवार सुबह जब अपनी दुकान खोली तो उसे पता चला कि उसकी दुकान में चोरी हुई है। शादाब 2002 से यह दुकान चला रहा है।
उसने ‘ बताया कि उसकी दुकान से लगभग एक किलोग्राम आभूषण चोरी हो गए हैं।
शादाब ने कहा, ‘‘हमने सीसीटीवी फुटेज (पुलिस को) दी है, जिसमें संदिग्ध दिख रहा है। वह हाथ में गैस कटर और अन्य उपकरण लेकर आधी रात के आसपास बगल की बेकरी से मेरी दुकान में घुसा।'' उसने कहा कि संदिग्ध को बेकरी का शटर खोलने और उसमें घुसने में कोई दिक्कत नहीं हुई होगी।
शादाब ने कहा कि चोर ने बेकरी में जाकर उसकी दीवार में एक चौकोर छेद किया जिससे वह मेरी दुकान में घुस गया और फिर गैस कटर से उसने संदूक का ताला पिघलाया और आभूषण चुरा लिए। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है। उन्होंने कहा कि बेकरी दुकान के मालिक और अन्य दुकानदारों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि चोर ने वही तरीका अपनाया जो पिछले साल जंगपुरा में चोरी के दौरान इस्तेमाल किया गया था। चोरों का एक गिरोह सितंबर 2023 को जंगपुरा में आभूषणों की एक दुकान की दीवार में छेद करके घुस गया था और 20 करोड़ रुपये से अधिक के गहने चुरा लिए थे। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में चिकित्सकों से अनुरोध किया है कि वे रोगियों को एंटीबायोटिक दवा लिखने को न्यायोचित ठहराने के लिए पर्चे पर इसके इस्तेमाल के कारण और जरूरत का अनिवार्य रूप से उल्लेख करें। संक्रामक रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल एंटीबायोटिक के उपयोग को तर्कसंगत बनाने और इन दवाओं के अंधांधुंध इस्तेमाल पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरीके की पहल रोगी की हालत में सुधार से जुड़े परिणामों, उपचार पर खर्च होने वाले धन और अनुचित दुष्प्रभावों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ चिकित्सा में साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में भी मदद कर सकती है। कौशांबी स्थित यशोदा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में संक्रामक रोग विशेषज्ञ और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. छवि गुप्ता ने बताया, ''चिकितस्कों को एंटीबायोटिक लिखने से पहले सोचना होगा और इसकी जरूरत के बारे में बताना होगा। एंटीबायोटिक दवाओं के तर्कसंगत इस्तेमाल के लिहाज से ऐसा करना मददगार होगा। इसके अलावा इससे एंटीबायोटिक के अविवेकपूर्ण और अंधाधुंध इस्तेमाल पर अंकुश लगेगा।'' स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने एक जनवरी को मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सक संघों के सभी चिकित्सकों को लिखे एक पत्र में आग्रह किया कि वे एंटीबायोटिक लिखते समय उसकी जरूरत और कारण या औचित्य को अनिवार्य रूप से लिखें। उन्होंने सभी फार्मासिस्टों से औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमों की अनुसूची एच और एच1 को सख्ती से लागू करने और लोगों के मांगने पर एंटीबायोटिक दवाएं न देने और केवल एक योग्य चिकित्सक के पर्चे पर ही इस तरह की दवाओं की बिक्री की अपील की।
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नयी दिल्ली. सरकार ने शनिवार को मीडिया घरानों और सोशल मीडिया मंचों को परामर्श जारी करके अयोध्या में 22 जनवरी को राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से संबंधित कोई भी गलत या हेरफेर की गई सामग्री के प्रकाशन के प्रति आगाह किया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किये गए परामर्श में कहा गया है कि यह देखा गया है कि कुछ असत्यापित, भड़काऊ और फर्जी संदेश फैलाए जा रहे हैं, विशेष तौर पर सोशल मीडिया पर, जो सांप्रदायिक सद्भाव और लोक व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं। अयोध्या में रामलला के विग्रह का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होंगे। परामर्श में समाचार पत्रों, निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनल और डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों से ऐसी किसी भी सामग्री को प्रकाशित और प्रसारित करने से परहेज करने को कहा गया है जो झूठी या हेरफेर की गई हो सकती है या जिससे देश में सांप्रदायिक सद्भाव या लोक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो। परामर्श में कहा गया है, "इसके अलावा, सोशल मीडिया मंचों को उनके संबंधित दायित्वों के तहत, सलाह दी जाती है कि वे ऊपर उल्लिखित प्रकृति की सामग्री की जानकारी प्रदर्शित या प्रकाशित नहीं करने के लिए उचित प्रयास करें।
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अयोध्या. राम जन्मभूमि मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भारतीय उद्योग जगत के जिन लोगों को आमंत्रण मिला है, उनमें अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी और उनका परिवार, प्रसिद्ध भारतीय उद्यमी रतन टाटा और उद्योगपति गौतम अडाणी शामिल हैं। इन लोगों को सोमवार को यहां राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है . भारतीय उद्योग जगत के साथ ही मनोरंजन, खेल, संगीत और अन्य क्षेत्रों के दिग्गज भी आमंत्रितों की सूची में शामिल हैं। इस सूची में अरबपति मुकेश अंबानी, उनकी मां कोकिलाबेन, पत्नी नीता, बेटे आकाश और अनंत, बहू श्लोका और होने वाली बहू राधिका मर्चेंट शामिल हैं। टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन एन टाटा, टाटा संस के चेयरपर्सन एन चंद्रशेखरन और पत्नी ललिता भी आमंत्रित लोगों की सूची में हैं। कारोबारी दिग्गज गौतम अडाणी और खनन कारोबारी अनिल अग्रवाल भी इस सूची में हैं। इसके अलावा हिंदुजा समूह के अशोक हिंदुजा, विप्रो के अजीम प्रेमजी, बॉम्बे डाइंग के नुस्ली वाडिया, टोरेंट समूह के सुधीर मेहता, जीएमआर समूह के जी एम आर राव और रियल एस्टेट कारोबारी निरंजन हीरानंदानी को भी आमंत्रण मिला है।
आमंत्रण पाने वाले अन्य प्रमुख उद्योगपतियों में आदित्य बिड़ला समूह के चेयरपर्सन कुमार मंगलम बिड़ला और उनकी पत्नी नीरजा, पिरामल समूह के अजय पिरामल, महिंद्रा एंड महिंद्रा के आनंद महिंद्रा, डीसीएम श्रीराम के अजय श्रीराम और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सीईओ के कृतिवासन शामिल हैं। एचडीएफसी के पूर्व चेयरपर्सन दीपक पारेख, डॉ रेड्डीज फार्मास्यूटिकल्स के के सतीश रेड्डी, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के सीईओ पुनीत गोयनका, एलएंडटी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रमण्यन और उनकी पत्नी, इंफोसिस के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति, जिंदल स्टील एंड पावर के प्रमुख नवीन जिंदल और मेदांता समूह के नरेश त्रेहन को भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आमंत्रण मिला है। इस सूची में कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक, इंफोसिस के प्रमुख नंदन नीलेकणि और कंपनी के सह-संस्थापक टी वी मोहनदास पई, इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला, एचडीएफसी के आदित्य पुरी, गोदरेज समूह के चेयरपर्सन आदि गोदरेज, भारत बायोटेक के संस्थापक और चेयरपर्सन कृष्णा इला भी शामिल हैं। इसरो के चेयरपर्सन एस सोमनाथ, डीएमआरसी के प्रधान सलाहकार ई श्रीधरन और एनआईटीआई सदस्य वी के सारस्वत भी सूची में हैं। इनके अलावा भी उद्योग जगत की कई दिग्गज हस्तियां इस सूची में शामिल हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने लोग वास्तव में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे।
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अयोध्या. अयोध्या पूरी तरह से धार्मिक उत्साह में डूबी हुई है और हर ओर 'सीता राम' और 'जय हनुमान' के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। लोग 'जय श्री राम' लिखे वस्त्र धारण किए दिखाई दे रहे हैं। गुजरात के अहमदाबाद से साइकिल चलाकर 63 वर्षीय नेमाराम प्रजापति भगवान राम की भूमि यानी अयोध्या पहुंचे हैं। प्रजापति ने कहा,''मैंने 1992 से जूते नहीं पहने हैं और मेरा संकल्प था कि मैं जूते तभी पहनूंगा जब अयोध्या में राम मंदिर बन जाएगा। मैं प्रभु राम के दर्शन के लिए अहमदाबाद से नंगे पैर साइकिल चलाकर अयोध्या पहुंचा हूं।'' अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पहले पोस्टर लगाए गए हैं जिनपर "शुभ घड़ी आई", "तैयार है अयोध्या धाम, विराजेंगे श्री राम" और "राम फिर लौटेंगे" जैसे नारे लिखे हैं। नगर में राम मार्ग, सरयू नदी तट और लता मंगेशकर चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर पोस्टरों पर रामायण के विभिन्न श्लोक भी छापे गए हैं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, " सभी प्रकार के पोस्टर और होर्डिंग निर्दिष्ट स्थानों पर लगाए गए हैं चाहे वह किसी न्यास, राजनीतिक संगठन या किसी व्यक्ति द्वारा लगाए गए हों।'' प्रजापति की साइकिल के सामने एक बोर्ड पर लिखा है कि उनकी अहमदाबाद-अयोध्या यात्रा पिछले साल दो दिसंबर को शुरू हुई और वह इस दौरान राजस्थान के पवित्र स्थलों पर भी गए। ओम भगत(47) जो अब खुद को 'बुद्ध अंकल' कहते हैं। वह भी अखिल भारतीय साइकिल यात्रा पर हैं और बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे। भगत ने कहा, '' मैंने 20,000 किलोमीटर की दूरी तय की है और अबतक तय किए गए राज्यों में उत्तर प्रदेश मेरा 16वां राज्य है। मुझे सभी 4,000 शहरों, 741 जिलों की यात्रा करनी है। मैं प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या में रहना चाहता था इसलिए मैंने इसके अनुसार अपनी यात्रा बनाई।
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तेजपुर (असम). केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि देश अगले तीन साल में नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो जाएगा। शाह ने यहां सलोनीबारी में सशस्त्र सीमा बल के 60वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए कहा कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक एसएसबी ‘‘संस्कृति, इतिहास, भौगोलिक स्थिति और भाषा को बारीकी से एकीकृत करने'' और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को देश के बाकी हिस्सों के करीब लाने में एक अद्वितीय भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा के अलावा एसएसबी के साथ ही अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) ने छत्तीसगढ़ और झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ प्रभावी रूप से अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अगले तीन साल में देश नक्सली समस्या से 100 फीसदी मुक्त हो जाएगा।'' गृह मंत्री ने एसएसबी के छह कर्मियों के साथ तीन बटालियन को उनकी अनुकरणीय सेवा के लिए पुरस्कार दिए और इस मौके पर एक डाक टिकट भी जारी की। असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि शाह का ढेकियाजुली में अखिल बाथौ महासभा के 13वें त्रिवार्षिक सम्मेलन में भी भाग लेने का कार्यक्रम है। उन्होंने गुवाहाटी में पुनर्निमित ब्रह्मपुत्र रीवर फ्रंट का उद्घाटन किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 की घोषणा कर दी गई है। इनमें छत्तीसगढ़ के अरमान उभरानी भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी)-असाधारण योग्यताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बच्चों को दिया जाता है। राष्ट्रीय स्तर के ये पुरस्कार 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को बहादुरी, कला और संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसी सात श्रेणियों में उनकी उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं। पीएमआरबीपी के प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाण पत्र और एक प्रशस्ति पुस्तिका दी जाती है।22 जनवरी, 2024 को विज्ञान भवन में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार वर्ष 2024 के लिए, देश के सभी क्षेत्रों से असाधारण उपलब्धियों के लिए 19 बच्चों का चयन किया गया है। 23 जनवरी, 2024 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से मुलाकात करेंगे। बच्चे 26 जनवरी 2024 को गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लेंगे।
बहादुरी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा नवाचार की प्रत्येक श्रेणी में से चयनित सूची में एक बच्चा शामिल है; समाज सेवा की श्रेणी में चार बच्चे; खेल की श्रेणी में पांच बच्चे और कला एवं संस्कृति की श्रेणी में सात बच्चे शामिल हैं। सूची में 9 लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं, जो 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हैं। सूची इस प्रकार है:प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-20241. -आदित्य विजय ब्रम्हणे (मरणोपरांत)- महाराष्ट्र-वीरता2. अनुष्का पाठक- उत्तर प्रदेश-कला एवं संस्कृति3. अरिजीत बनर्जी-पश्चिम बंगाल-कला एवं संस्कृति4. अरमान उभरानी -छत्तीसगढ़-कला एवं संस्कृति5. हेतवी कांतिभाई खिमसूरिया-गुजरात-कला एवं संस्कृति6. इशफाक हामिद-जम्मू एवं कश्मीर-कला एवं संस्कृति7. एमडी हुसैन-बिहार-कला एवं संस्कृति8. पेंड्याला लक्ष्मी प्रिया -तेलंगाना-कला एवं संस्कृति9. सुहानी चौहान-दिल्ली-नवाचार10. आर्यन सिंह-राजस्थान -विज्ञान प्रौद्योगिकी11. अवनीश तिवारी-मध्य प्रदेश-सामाजिक सेवा12. गरिमा-हरियाणा-सामाजिक सेवा13. ज्योत्सना अख्तर-त्रिपुरा-सामाजिक सेवा14. संयम मजूमदार-असम-सामाजिक सेवा15. आदित्य यादव-उत्तर प्रदेश-खेल16. चार्वी ए-कर्नाटक- खेल17. जेसिका नेयी सरिंग-अरुणाचल प्रदेश-खेल18. लिन्थोई चनांबम-मणिपुर-खेल19. आर सूर्य प्रसाद-आंध्र प्रदेश-खेल -
नई दिल्ली। देशभर में राम मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह से पहले जोरशोर से तैयारियां की जा रही हैं। 22 जनवरी को होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 दिन का विशेष अनुष्ठान मना रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी भगवान राम से जुड़े देश में अलग-अलग मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके अलावा, पीएम यम-नियम का पालन भी कर रहे हैं।
बता दें कि 11 दिन का अनुष्ठान पालन करते हुए पीएम मोदी ने बीते आठ दिनों से अन्न भी नहीं ग्रहण किया है।आइए, जानते है यम-नियम के बारे में-पीएम मोदी रामलला की मूर्ति के लिए मुख्य यजमान बने हैं। शास्त्रों में दिए गए नियमों के अनुसार, मूर्ति स्थापना के लिए जो शख्स मुख्य यजमान होता है उसे कठोर नियमों का पालन करना होता है, जिसे ‘यम नियम’ कहा जाता है। पीएम मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन और रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले यम नियम पालन करने का संकल्प लिया है। वह इस नियम का पालन 12 जनवरी 2024 से कर रहे हैं।फर्श पर सो रहे हैं पीएम मोदीपीएम मोदी द्वारा संकल्प में लिए गए यम-नियम अनुष्ठान का आज आठवां दिन है। यम नियमों का पालन करते हुए, पीएम मोदी फर्श पर केवल एक कंबल बिछा कर सो रहे हैं और अन्न त्याग कर सिर्फ नारियल पानी पी रहे हैं। बता दें कि यम नियम में प्रतिदिन स्नान, अन्न का त्याग और बिस्तर पर सोने का त्याग आदि जैसे कठोर नियमों का पालन करना होता है। इसके अलावा, पीएम मोदी 11 दिवसीय अनुष्ठान के हिस्से के रूप में जल्दी उठकर भगवान से प्रार्थना करेंगे,व्यायाम करेंगे, दिन के कुछ समय मौन रहेंगे, थोड़ा और केवल सात्विक भोजन करेंगे, धार्मिक ग्रंथ पढ़ेंगे, साफ-सफाई रखेंगे और अपना काम खुद करेंगे।पीएम मोदी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक,इस भव्य समारोह में देश के राजनेता, मशहूर हस्तियां, उद्योगपति, संत समेत 7,000 से ज्यादा लोग शामिल होंगे। -
हैदराबाद। यूरोपीय विमान विनिर्माता एयरबस ने हरियाणा के गुरुग्राम में पायलट प्रशिक्षण सुविधा स्थापित करने के लिए टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के साथ साझेदारी की है। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां 50-50 के अनुपात में एक संयुक्त उद्यम गठित करेंगी। इसके साथ ही एयरबस ने हैदराबाद स्थित अपनी इकाई में विमान रखरखाव इंजीनियरिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जीएमआर एयरो टेक्निक के साथ सहयोग की भी घोषणा की। एयरबस ने कहा कि 3,300 वर्ग मीटर में फैले टाटा एयरबस प्रशिक्षण केंद्र में 10 पूर्ण उड़ान सिम्युलेटर (एफएफएस), उड़ान प्रशिक्षण कक्षाएं और ब्रीफिंग एवं डीब्रीफिंग रूम भी मौजूद होंगे। इस केंद्र के चार ए320 एफएफएस की शुरुआती सिम्युलेटर के साथ अगले साल की शुरुआत से चालू होने की उम्मीद है। इसके जरिये 10 वर्षों में लगभग 5,000 नए पायलटों को ए320 और ए350 उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं जीएमआर एयरो टेक्निक के साथ साझेदारी के तहत एयरबस प्रशिक्षु हैंडबुक, परीक्षा डेटाबेस, एयरबस अनुकूलित प्रशिक्षण मॉड्यूल तक ऑनलाइन पहुंच जैसी प्रशिक्षण सामग्री मुहैया कराएगी। इसके अलावा यह जीएमआर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित भी करेगा और प्रशिक्षण केंद्र का निरंतर मूल्यांकन भी प्रदान करेगा।
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नयी दिल्ली। भारत ने गुरुवार को लाल सागर में उभरती सुरक्षा स्थिति को ‘‘गंभीर चिंता का विषय'' बताया और कहा कि वह क्षेत्र में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के घटनाक्रम पर पैनी नजर रख रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है जब अदन की खाड़ी में मार्शल द्वीप के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर बुधवार रात ड्रोन हमला होने के बाद भारतीय नौसेना का मिसाइल विध्वंसक पोत ‘आईएनएस विशाखापत्तनम' तुरंत मदद के लिए आगे आया, जहाज पर नौ भारतीयों सहित चालक दल के 22 सदस्य सवार थे। जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हम पूरी स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं। यह न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। वह लाल सागर की स्थिति पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। लाल सागर का रणनीतिक महत्व है क्योंकि वैश्विक व्यापार का लगभग 15 प्रतिशत बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के माध्यम से गुजरता है। गाजा में इजराइल के सैन्य हमले के जवाब में हुती आतंकी नवंबर से लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा, ‘‘जो कुछ हो रहा है, सुरक्षा स्थिति में गिरावट को लेकर हम चिंतित हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना प्रमुख समुद्री मार्गों पर गश्त कर रही है।
उन्होंने समुद्री क्षेत्र में नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता के संबंध में भारत के रुख पर जोर देते हुए कहा कि वे (नौसेना) भारतीय नौवहन जलमार्ग को सुरक्षित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही हैं और दूसरों को भी सहयोग दे रही हैं। -
नयी दिल्ली । दिल्ली में पानी की बाल्टी भरने की 'अपनी बारी' से इनकार करने को लेकर हुए झगड़े के बाद दो लोगों ने अपने ही साथी की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मामले को आत्महत्या का रूप देकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की। आरोपियों में एक किशोर है, जिसे उत्तर प्रदेश के हरदोई से पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना देने वाले व्यक्ति के बयान के मुताबिक शुरुआत में मामला आत्महत्या का लग रहा था। पुलिस ने बताया, ''चिकित्सकों ने पुलिस को बताया कि मृतक की गर्दन पर कुछ निशान थे और उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी।'' पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान रचित के रूप में हुई, जो पेशे से मजदूर था।पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (अपराध के सबूतों को गायब करना) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत 16 जनवरी को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने बताया कि एक किशोर को पकड़ लिया गया और एक अन्य आरोपी अभय कांत मिश्रा (27) को गिरफ्तार किया गया।
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नयी दिल्ली। कांग्रेस ने पिछले नौ साल में 24.82 करोड़ लोगों के बहुआयामी गरीबी से बाहर निकलने संबंधी आंकड़े को गलत करार देते हुए गुरुवार को कहा कि नीति आयोग का परिचर्चा पत्र वैश्विक मानकों से हटकर तैयार किया गया है तथा किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह दावा भी किया कि सरकार ने 25 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज और दूसरी योजनाओं से वंचित करने की साजिश रची है। नीति आयोग के परिचर्चा पत्र के अनुसार, देश में बहुआयामी गरीबी 2013-14 में 29.17 प्रतिशत थी जो 2022-23 में घटकर 11.28 प्रतिशत रही। इसके साथ इस अवधि के दौरान 24.82 करोड़ लोग इस श्रेणी से बाहर आये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस आंकड़े को उत्साहजनक करार दिया था।
सुप्रिया श्रीनेत का कहना था, ‘‘प्रधानमंत्री से लेकर मंत्रियों और भाजपा नेताओं तक ने नीति आयोग का हवाला देकर जो दावे किए वो खोखले साबित हुए। सरकार ने कहा कि करीब 25 करोड़ लोगों को बहुआयमी निर्धनता से बाहर निकाल दिया गया। अगर सरकार की माने तो सब चंगा सी है, लेकिन जमीनी हकीकत इस तरह के जुमले से बिल्कुल उलट है।'' उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर गरीबों की संख्या कम हो गई है तो खपत कम क्यों हो रही है? अगर ऐसा है तो 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में राशन क्यों देना पड़ा रहा है? नीति आयोग ने किस तीसरे पक्ष से यह आंकलन कराया और क्या किसी वैश्विक संस्थान ने इसकी पुष्टि की? क्या ऐसा नहीं है कि दुनिया भर में जिन मानकों के आधार पर गरीबी का आंकलन किया जाता है उनसे हटकर दूसरे मानकों पर गरीबी का आकलन किया गया?'' सुप्रिया ने दावा किया, ‘‘यह कहीं न कहीं 25 करोड़ लोगों को मुफ्त के राशन से वंचित करने की साजिश है।'' उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के दौरान 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया, लेकिन वो रिपोर्ट कमरे में बैठकर नहीं बनाई गई थी। विश्व बैंक ने तीसरे पक्ष की इस रिपोर्ट की पुष्टि की थी।'' -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने आज बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल - एनडीआरएफ इस वर्ष के अंत तक 70 हजार से अधिक लोगों को आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित करेगा।
वे आज नई दिल्ली में एनडीआरएफ के 19वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक एनडीआरएफ 13 हजार से अधिक वॉलिंटियर्स को प्रशिक्षित कर चुका है। एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवल ने बताया कि एनडीआरएफ जल्दी ही आपदा प्रबंधन में ऑनलाइन सामग्री और साथ ही लोगों को आपदा से निपटने में जागरूकता अभियान शुरू करेगा। - नयी दिल्ली । शिक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित नए दिशानिर्देश के मुताबिक कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के विद्यार्थियों को अपने यहां दाखिल नहीं कर सकेंगे और अच्छे नंबर या रैंक दिलाने की गारंटी जैसे भ्रामक वादे भी नहीं कर सकेंगे। कोचिंग संस्थानों को विनियमित करने के लिए दिशानिर्देश एक कानूनी ढांचे की आवश्यकता को पूरा करने और बेतरतीब तरीके से निजी कोचिंग संस्थानों की बढ़ोतरी को रोकने के लिए हैं। मंत्रालय ने यह दिशानिर्देश विद्यार्थियों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों, आग की घटनाओं, कोचिंग संस्थानों में सुविधाओं की कमी के साथ-साथ उनके द्वारा अपनाई जाने वाली शिक्षण पद्धतियों के बारे में सरकार को मिली शिकायतों के बाद तैयार किए हैं।दिशानिर्देश में कहा गया, ‘‘कोई भी कोचिंग संस्थान स्नातक से कम योग्यता वाले शिक्षकों को नियुक्त नहीं करेगा। कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों के नामांकन के लिए माता-पिता को भ्रामक वादे या रैंक या अच्छे अंक की गारंटी नहीं दे सकते। संस्थान 16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों का नामांकन नहीं कर सकते। विद्यार्थियों का कोचिंग संस्थान में नामांकन माध्यमिक विद्यालय परीक्षा के बाद ही होना चाहिए।'' दिशानिर्देश के मुताबिक, ‘‘कोचिंग संस्थान कोचिंग की गुणवत्ता या उसमें दी जाने वाली सुविधाओं या ऐसे कोचिंग संस्थान या उनके संस्थान में पढ़े छात्र द्वारा प्राप्त परिणाम के बारे में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी दावे को लेकर कोई भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकते हैं या प्रकाशित नहीं करवा सकते हैं या प्रकाशन में भाग नहीं ले सकते हैं।''कोचिंग संस्थान किसी भी शिक्षक या ऐसे व्यक्ति की सेवाएं नहीं ले सकते, जो नैतिक कदाचार से जुड़े किसी भी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो। कोई भी संस्थान तब तक पंजीकृत नहीं होगा जब तक कि उसके पास इन दिशानिर्देशों की आवश्यकता के अनुसार परामर्श प्रणाली न हो। दिशानिर्देश में कहा गया, ‘‘कोचिंग संस्थानों की एक वेबसाइट होगी जिसमें पढ़ाने वाले शिक्षकों (ट्यूटर्स) की योग्यता, पाठ्यक्रम/पाठ्य सामग्री, पूरा होने की अवधि, छात्रावास सुविधाएं और लिए जाने वाले शुल्क का अद्यतन विवरण होगा।'' नए दिशानिर्देशों के अनुसार, विद्यार्थियों पर कड़ी प्रतिस्पर्धा और शैक्षणिक दबाव के कारण कोचिंग संस्थानों को उन्हें तनाव से बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए और उन पर अनावश्यक दबाव डाले बिना कक्षाएं संचालित करनी चाहिए। दिशानिर्देश में कहा गया, ‘‘कोचिंग संस्थानों को संकट और तनावपूर्ण स्थितियों में छात्रों को निरंतर सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप के लिए एक तंत्र स्थापित करना चाहिए। सक्षम प्राधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा सकता है कि कोचिंग संस्थान द्वारा एक परामर्श प्रणाली विकसित की जाए जो छात्रों और अभिभावकों के लिए आसानी से उपलब्ध हो।'' दिशानिर्देश में विद्यार्थियों के मानसिक कल्याण को लेकर विस्तृत रूपरेखा पिछले साल कोटा में रिकॉर्ड संख्या में छात्रों की आत्महत्या करने की घटना के बाद आई है। दिशानिर्देश में कहा गया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों का शुल्क पारदर्शी और तार्किक होना चाहिए और वसूले जाने वाले शुल्क की रसीद दी जानी चाहिए। इसमें साफ किया गया है कि अगर छात्र बीच में ही पाठ्यक्रम छोड़ता है तो उसकी बची हुई अवधि की फीस लौटाई जानी चाहिए। नीति को सशक्त बनाते हुए केंद्र ने सुझाव दिया है कि कोचिंग संस्थनों पर दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाना चाहिए या अत्यधिक शुल्क वसूलने पर उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाना चाहिए। कोचिंग संस्थानों की उचित निगरानी के लिए सरकार ने दिशानिर्देश के प्रभावी होने के तीन महीने के भीतर नए और मौजूदा कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण करने का प्रस्ताव किया है। दिशानिर्देश के मुताबिक राज्य सरकार कोचिंग संस्थान की गतिविधियों की निगरानी के लिए जिम्मेदार होंगे।



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