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नयी दिल्ली. गृह मंत्रालय द्वारा तैयार मसौदा जेल कानून में फोन रखने पर तीन साल के कारावास, मादक पदार्थों के आदी कैदियों, पहली बार जेल आए अपराधियों, उच्च जोखिम वाले और विदेशी कैदियों को अलग-अलग रखने जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा कैदियों को ‘‘इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग'' उपकरण पहनने की शर्त पर छुट्टी देने का भी प्रावधान है ताकि उनकी आवाजाही और गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। मसौदा कानून के अनुसार, निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। प्रतिबंधित वस्तुओं की तलाश में किसी भी कैदी की नियमित तलाशी ली जाएगी। इसके अलावा मसौदे में कैदी को किसी भी उल्लंघन पर भविष्य में दी जाने वाली छुट्टी के लिए अयोग्य घोषित करना और उनकी छुट्टी रद्द करने का प्रावधान शामिल हैं। मसौदे में मोबाइल फोन और प्रतिबंधित सामग्री रखने या इस्तेमाल करने पर सजा का सुझाव दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जेलों में कैदियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखने या उनका उपयोग करने पर रोक लगाई जाए। मई में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए और सोमवार को गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किए गए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के एक पत्र के अनुसार, मंत्रालय ने स्वतंत्रता से पहले के दो कानूनों, जेल अधिनियम 1894 और कैदी अधिनियम 1900 को बदलने के लिए "एक प्रगतिशील और व्यापक" 'आदर्श कारागार अधिनियम, 2023' को अंतिम रूप दिया है।
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अंबाला . हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को कहा कि पुलिस जहरीली शराब के सेवन के संदिग्ध मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। विज ने यहां पत्रकारों से कहा कि इस मामले में हर सुराग पर कार्रवाई की जा रही है और अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हरियाणा में जहरीली शराब के सेवन के बाद संदिग्ध जहर के कारण कम से कम 20 लोगों की जान चली गई है। इनमें यमुनानगर में 18 और अंबाला में दो लोगों की मौत हुई है। विज ने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘शराब मामले में अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।'' पुलिस ने पहले कहा था कि इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो अंबाला जिले से हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शराब की खरीद का स्रोत जाने बिना उसका सेवन न करें।
जहरीली शराब के सेवन से अब तक जिन लोगों की मौत हुई है, वे यमुनानगर के मंडेबरी, पंजेटो का माजरा और सारन गांव समेत कई गांवों से हैं। विपक्षी दल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने इस मुद्दे पर मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा और कहा कि वह पिछली घटनाओं से सबक सीखने में विफल रही है। -
बरेली .उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रामनगर में मंगलवार को आपसी विवाद में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद स्वयं भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) मुकेश चन्द्र मिश्रा ने बताया कि सिरौली थाना क्षेत्र के दलीपुर गांव निवासी मानसिक रूप से कमजोर आरोपी मैकू लाल (28) का पत्नी राम दुलारी (25) से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। उन्होंने बताया कि इस दौरान आवेश में उसने कथित तौर पर धारदार गड़ासे से पत्नी की गर्दन पर वार कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि वारदात के वक्त आरोपी मैकू लाल के दोनों बच्चे घर पर ही थे। घटना उनकी आंखों के सामने हुई। बच्चों की चीखपुकार सुनकर मोहल्ले के लोग उनके घर पर पहुंचे तो देखा कि खून से लथपथ राम दुलारी का शव जमीन पर पड़ा था जबकि आरोपी मैकू लाल फांसी के फंदे से लटक रहा था। हालांकि उसकी सांसें चल रही थीं। मिश्रा ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने मैकू को अस्पताल भेज दिया। शाम को उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिये हैं।
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चंडीगढ़. पंजाब के पहले ‘रेल कोच रेस्तरां' का मंगलवार को पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन पर उद्घाटन किया गया। रेलवे अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि रेस्तरां की स्थापना रेलवे के ‘रेस्टोरेंट ऑन व्हील्स' या ‘फूड ऑन व्हील्स' के तर्ज पर की गई है। इस पहल के तहत पुरानी ट्रेन के कोचों का नवीनीकरण किया जाता है और उन्हें रेल कोच रेस्तरां में परिवर्तित किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इस वातानुकूलित रेस्तरां में यात्री स्टेशन पर ही किफायती दरों पर भोजन का आनंद ले सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा रेल यात्रियों और आम जनता के लिए 24 घंटे उपलब्ध होगी और उन्हें एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी। यह भारतीय रेलवे के फिरोजपुर खंड का दूसरा ऐसा रेस्तरां है। श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन पर पहले ‘रेल कोच रेस्तरां' का उद्घाटन किया गया था।
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पुरी (ओडिशा) . पुरी के जगन्नाथ मंदिर के अधिकारियों ने 12वीं सदी के मंदिर के परिसर में एक जनवरी 2024 से ‘‘पान और गुटखा'' खाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इस सिलसिले में लिये गए निर्णय की घोषणा श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक रंजन कुमार दास ने की। दास ने कहा कि श्रद्धालुओं, सेवादारों और मंदिर के कर्मचारियों के लिए प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘मंदिर परिसर में पान और गुटखा नहीं खाने के लिए नवंबर और दिसंबर में जागरूकता फैलाई जाएगी, जबकि निषेध एक जनवरी से लागू होगा। नियम का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।'' मंदिर प्रशासन ने इस विषय पर सेवादारों के शीर्ष संगठन छत्तीसा निजोग को भी पत्र लिखा है।
इसने पत्र में कहा कि मंदिर परिसर में इस तरह की चीजें खाने पर जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन ‘‘नियम का कोई भी पालन नहीं कर रहा है।'' पिछले महीने मंदिर प्रशासन ने कहा था कि वह एक जनवरी से श्रद्धालुओं के लिए एक ‘ड्रेस कोड' लागू करेगा। दास ने कहा था, ‘‘मंदिर की गरिमा और पवित्रता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। दुर्भाग्यवश, कुछ लोग दूसरे लोगों की धार्मिक भावनाओं की परवाह किए बिना मंदिर में आ जाते हैं।'' उन्होंने कहा था, ‘‘कुछ लोगों को मंदिर में फटी जीन्स, बिना आस्तीन वाले वस्त्र और हाफ पैंट पहने देखा गया, मानो ये लोग समुद्री तट या पार्क में घूम रहे हों। मंदिर में भगवान रहते हैं, मंदिर मनोरंजन का कोई स्थान नहीं है। -
सूरत (गुजरात). सूरत के पलसाना इलाके में कपड़ों की रंगाई के एक कारखाने के सैप्टिक टैंक में दम घुटने से चार श्रमिकों की मृत्यु हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पलसाना-कडोदरा मार्ग पर स्थित कारखाने में यह घटना मंगलवार शाम को घटी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सैप्टिक टैंक की सफाई करते समय दो मजदूर बेहोश हो गए और उन्हें बचाने की कोशिश करते हुए दो और श्रमिक भी बेहोश हो गए। पुलिस अधिकारी के अनुसार चारों को टैंक से निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मृतक बिहार के रहने वाले थे और उनकी शिनाख्त की जा रही है।
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मुजफ्फरनगर (उप्र). उत्तर प्रदेश में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर तिराहे पर मंगलवार सुबह एक कार और ट्रक के बीच टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक कार ने ट्रक में पीछे से टक्कर मारी और हादसा संभवत: तेज गति के कारण हुआ ।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सदर) विनय गौतम ने बताया कि कार में सवार लोग हरिद्वार जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, मृत व्यक्तियों की पहचान दिल्ली के कुणाल (23), शिवम त्यागी (22), पारस शर्मा (18) , धीरज (22), विशाल (20) और मेरठ के अमन (22) के रूप में हुई है। गौतम ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गयी है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है जबकि उसका चालक फरार हो गया।
गौतम ने घटना के बारे में विस्तार से बताया, " कार में सवार लोग दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए हरिद्वार जा रहे थे। सभी युवा थे। यह दुर्घटना तेज गति से वाहन चलाने का मामला हो सकता हैं और यह भी संभव है कि कार चला रहे व्यक्ति को झपकी आ गयी और इसी वजह से कार पीछे से पंजाब नंबर वाले ट्रक में घुस गयी ।" उन्होंने बताया, "हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ और दुर्घटना इतनी भीषण थी कि पूरी कार ट्रक के नीचे फंस गई। पुलिस ने स्थानीय निवासियों और क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला । कार में सवार सभी लोग मृत पाए गए, फिर भी उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।" उधर, एक प्रत्यक्षदर्शी योगेश कुमार ने भी बताया कि सुबह करीब चार बजे यह हादसा हुआ और कार में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। -
जयपुर. राजस्थान के टोंक जिले के डिग्गी थाना क्षेत्र में सोमवार शाम को एक कार ने दो बाइक को टक्कर मार दी जिससे तीन लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गये। थानाधिकारी अयूब खान ने बताया कि जयसिंहपुरा मोड़ के पास जयपुर से फागी की तरफ जा रही एक तेज गति कार ने डिग्गी कल्याण जी के दर्शन कर लौट रहे दो बाइकों को टक्कर मार दी जिससे बाइक सवार मां बेटे सहित तीन लोगों की मौत हो गई वहीं चार अन्य लोग घायल हो गये। उन्होंने बताया कि टक्कर के बाद दोनों बाइक पर सवार सभी सातों घायलों को उपचार के लिये जयपुर भेजा गया था जहां उपचार के दौरान भागचंद (30), सविता (30) उसका दो वर्षीय पुत्र सोम की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि चारों घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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भुवनेश्वर. ओडिशा के सोनपुर जिले में 80 वर्षीय एक महिला की बोरवेल में गिरने से मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिला की पहचान दुखी नेगी के तौर पर की गयी है। अधिकारियों ने बताया कि उसे पांच घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद गंभीर हालत में 20 फुट गहरे बोरवेल से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुजुर्ग महिला सोमवार शाम को सदर ब्लॉक के कैनफुला गांव के पास एक जंगली इलाके में एक बोरवेल में फिसल कर गिर गई थी। अधिकारी ने बताया कि महिला के परिवार ने दावा किया कि वह बधिर और मूक थी। स्थानीय लोगों ने पूरी रात महिला की तलाश की और पुलिस को सूचना भी दी। वह मंगलवार की सुबह एक बोरवेल में मिली, जिसके बाद दमकल सेवा और ओडिशा आपदा द्रुत कार्य बल (ओडीआरएएफ) ने बचाव अभियान शुरू किया। बचाव दल ने महिला को सांस लेने में मदद करने के लिए बोरवेल में ऑक्सीजन की आपूर्ति की और उसे बाहर निकालने के लिए एक समानांतर छेद बनाया। उन्होंने बताया कि गंभीर हालत में बोरवेल से बाहर निकालने के बाद उसे सोनपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोनपुर अस्पताल की चिकित्सक सोमी पुरोहित ने बताया, ‘‘अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी।'' सोनपुर के पुलिस अधीक्षक अमरेश पांडा ने कहा कि महिला को जब बोरवेल से बाहर निकाला गया, तो उसकी स्पंद दर (पल्स रेट) बहुत कम थी। उन्होंने बताया कि महिला के साथ एक सांप भी मिला, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि उसने उसे काटा था या नहीं । सहायक अग्निशमन अधिकारी धनंजय मलिक ने कहा, ‘‘हमने उसे बचाने के लिए बोरवेल के पास एक और छेद किया। तलाश अभियान के दौरान, हम उसे देख सकते थे, लेकिन वह जवाब नहीं दे रही थी।'' सोनपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री निरंजन पुजारी ने कहा कि घटना की उचित जांच कराई जाएगी।
- file photo
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धनबाद . झारखंड के धनबाद जिले में एक बाजार की कुछ दुकानों में लगी भीषण आग से निकली जहरीली गैसों के कारण कथित तौर पर दम घुटने से छह साल की बच्ची समेत एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना राज्य की राजधानी रांची से करीब 170 किलोमीटर दूर केंदुआ बाजार में सोमवार रात साढ़े नौ बजे की है। आग एक इमारत में सौंदर्य प्रसाधन की दुकान में लगी, जो ऊपरी मंजिल तक फैल गई। इसी मंजिल पर दुकान के मालिक सुभाष गुप्ता परिवार के साथ रहते थे। हादसे में मारे गए लोगों की पहचान सुभाष की मां उमा देवी (70), बहन प्रियंका गुप्ता (37) और बेटी सौम्या गुप्ता उर्फ मौली (6) के रूप में हुई। बचाव अभियान की निगरानी कर रहे पुलिस उपाधीक्षक (कानून- व्यवस्था) अरविंद कुमार बिन्हा ने कहा, ‘‘आग का सही कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जांच की जा रही है।'' पुलिस को संदेह है कि संभवत: आग शॉर्ट सर्किट या दिवाली उत्सव के लिए जलाये गये दीये के कारण लगी होगी। पुलिस ने बताया कि आग से नजदीक की छह अन्य दुकानों को भी नुकसान हुआ और लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।
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मुजफ्फरनगर . उत्तर प्रदेश में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर तिराहे पर मंगलवार सुबह एक कार और ट्रक के बीच टक्कर होने से छह लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सदर) विनय गौतम ने बताया कि दुर्घटना तब हुई, जब ये लोग एक कार से हरिद्वार जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, मृत व्यक्तियों की पहचान दिल्ली के कुणाल (23), शिवम त्यागी (22), पारस शर्मा (18) , धीरज (22), विशाल (20) और मेरठ के अमन (22) के रूप में हुई है। गौतम ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। उनके अनुसार इन सभी लोगों के परिजनों को इस घटना की सूचना दे दी गयी है। उन्होंने कहा कि ट्रक चालक दुर्घटना के बाद भाग गया, जबकि ट्रक को जब्त कर लिया गया है।
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नयी दिल्ली। सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। कंपनी ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित विभिन्न बीमारियों से लंबे समय से जूझ रहे सुब्रत रॉय का दिल का दौरा पड़ने के कारण रात साढ़े 10 बजे निधन हो गया। कंपनी ने कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद रविवार को उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कंपनी ने बयान में कहा, उनके निधन से हुई क्षति को पूरा सहारा इंडिया परिवार गहराई से महसूस करेगा।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में दिवाली के त्योहार के दौरान शुक्रवार से रविवार तक लोगों ने करीब 121 करोड़ रुपये मूल्य की 64 लाख शराब की बोतलें खरीदीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिवाली से एक हफ्ते पहले एक करोड़ से अधिक शराब की बोतलों की बिक्री से सरकार को 234.15 करोड़ रुपये की कमाई हुई। आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘दिल्ली में होली और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान शराब की बिक्री बढ़ जाती है क्योंकि इसे न केवल व्यक्तिगत उपभोग और भंडारण के लिए खरीदा जाता है बल्कि उपहार के रूप में देने के लिए भी खरीदा जाता है।'' आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिवाली से पहले 17 दिनों में कुल बिक्री तीन करोड़ बोतलों से अधिक थी, जिससे 525.84 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि दिवाली से ठीक पहले शराब की बिक्री में तेजी आई और बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार को दुकानों पर क्रमश: 17.33 लाख, 18.89 लाख और 27.89 लाख बोतलें बिकीं। उन्होंने बताया कि दिवाली पर शराब की दुकाने बंद रहीं। अधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों में 64 लाख से अधिक बोतलों की इस संयुक्त बिक्री से दिल्ली सरकार को कुल 120.92 करोड़ रुपये की कमाई हुई। उन्होंने बताया कि पिछले साल दिवाली से तीन दिन पहले शराब की बिक्री क्रमश: 13.46 लाख, 15 लाख और 19.39 लाख बोतलों की हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि 2022 में दिवाली से पहले के 17 दिनों में दिल्ली में 2.11 करोड़ शराब की बोतलें बेची गईं। इस लिहाज से इस साल बेची गई बोतलों की संख्या करीब 42 प्रतिशत अधिक है।5
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चेन्नई. तमिलनाडु में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत तय दो घंटे की समय सीमा के इतर पटाखे फोड़ने को लेकर 2,206 मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। राज्य पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि तय समय सीमा सुबह छह से सात बजे और शाम सात से आठ बजे के इतर जाकर पटाखे फोड़ने के मामले में 2,246 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। विज्ञप्ति के मुताबिक कुल 2,905 लोगों को गिरफ्तार किया गया और बाद में पुलिस ने जमानत पर उन्हें रिहा कर दिया। पुलिस ने बताया कि पूरे राज्य में दर्ज करीब 2200 मामलों में से सबसे अधिक 568 मामले चेन्नई में दर्ज किए गए हैं। तमिलनाडु के साथ ही पूरे देश में 12 नवंबर को दिवाली का त्योहार मनाया गया।
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मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया
कैमूर/पटना. बिहार के कैमूर जिले में रामपुर प्रखंड के एक गांव में सोमवार को तालाब में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। कैमूर जिला पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, करमचट थाना अंतर्गत धवपोखर गांव स्थित फकीराना ताल में नहाने के दौरान पांच बच्चों की डूबने से मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त कहा कि दुःख की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान राशि अविलंब देने के निर्देश दिये हैं। पुलिस शवों को कब्जे में लेकर कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रही है। -
कभी सड़क पर बेचते थे रसगुल्ला, भुजिया
नयी दिल्ली. मिठाई और नमकीन की प्रतिष्ठित श्रृंखला बीकानेरवाला के संस्थापक लाला केदारनाथ अग्रवाल का सोमवार को निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। बीकानेर के चेयरमैन अग्रवाल शुरुआत में पुरानी दिल्ली में भुजिया और रसगुल्ले टोकरी में रखकर बेचते थे। बीकानेरवाला ने बयान में कहा कि ‘काकाजी' के नाम से प्रसिद्ध अग्रवाल के निधन से एक युग का अंत हो गया है, जिसने स्वाद को समृद्ध किया है और अनगिनत लोगों के जीवन में अपनी जगह बनाई है।'' भारत में बीकानेरवाला की 60 से अधिक दुकानें हैं और यह अमेरिका, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों में भी मौजूद है। समूह के प्रबंध निदेशक श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा, “काकाजी का जाना सिर्फ बीकानेरवाला के लिए क्षति नहीं है; यह पाककला परिदृश्य में एक शून्य है। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व हमेशा हमारी खानपान यात्रा का मार्गदर्शन करेगा।” केदारनाथ अग्रवाल ने अपना व्यावसायिक सफर दिल्ली से शुरू किया था।
बीकानेर के रहने वाले उनके परिवार के पास 1905 से शहर की गलियों में एक मिठाई की दुकान थी। उस दुकान का नाम बीकानेर नमकीन भंडार था और वह कुछ प्रकार की मिठाइयां और नमकीन बेचते थे। अग्रवाल बड़ी महत्वाकांक्षाओं के साथ 1950 के दशक की शुरुआत में अपने भाई सत्यनारायण अग्रवाल के साथ दिल्ली आ गए। वह अपने परिवार का नुस्खा लेकर आए थे। शुरुआत में दोनों भाई भुजिया और रसगुल्ले से भरी बाल्टियां लेकर पुरानी दिल्ली की सड़कों पर इन्हें बेचते थे। हालांकि, अग्रवाल बंधुओं की कड़ी मेहनत और बीकानेर के अनूठे स्वाद को जल्द ही दिल्ली के लोगों के बीच पहचान और स्वीकृति मिल गई। इसके बाद अग्रवाल बंधुओं ने दिल्ली के चांदनी चौक में दुकान शुरू कर दी, जहां उन्होंने अपना पारिवारिक नुस्खा अपनाया, जिसे अब पीढ़ी-दर-पीढ़ी बढ़ाया जा रहा है। -
नयी दिल्ली. केंद्र ने भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) में निदेशकों की नियुक्ति के लिए नये नियम अधिसूचित किये हैं, जिसके तहत आवदेकों के पास स्नातक और स्नातकोत्तर (पीजी) की प्रथम श्रेणी की डिग्री के साथ-साथ किसी प्रतिष्ठित संस्थान से पीएचडी या समकक्ष उपाधि को अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, अब राष्ट्रपति इन प्रतिष्ठित संस्थानों के ‘विजिटर' होंगे, जिनके पास निदेशक मंडल का अध्यक्ष नियुक्त करने, निदेशकों को नियुक्त करने या हटाने, और कर्तव्य निर्वहन नहीं करने या उनके (विजिटर के) निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए बोर्ड (निदेशक मंडल) को भंग करने की शक्ति होगी। नये नियमों के तहत, आईआईएम निदेशक के लिए अर्हता के तहत अब ‘‘स्नातक और स्नातकोत्तर, दोनों में प्रथम श्रेणी की डिग्री, और किसी प्रतिष्ठित संस्थान से पीएचडी या समकक्ष उपाधि'' के साथ विशिष्ट अकादमिक रिकार्ड जरूरी होगा। पहले, ‘‘पीएचडी या समकक्ष उपाधि के साथ विशिष्ठ अकादमिक रिकॉर्ड'' की अर्हता का उपयोग किया जाता था और यह उल्लेख नहीं किया गया था कि डिग्री किस श्रेणी की होनी चाहिए। हाल में, आईआईएम-रोहतक निदेशक के रूप में धीरज शर्मा की नियुक्ति को लेकर विवाद पैदा हुआ था क्योंकि उन्होंने स्नातक द्वितीय श्रेणी के साथ उत्तीर्ण किया था। नये नियमों के मुताबिक, किसी भी आईआईएम के निदेशक की नियुक्ति में ‘विजिटर' का फैसला अंतिम होगा। ‘विजिटर' बोर्ड द्वारा सिफारिश किये गए नामों में से एक को नामित करेंगे और इसे नियुक्ति के लिए बोर्ड को भेजेंगे। अब से पहले, निदेशक की नियुक्ति के लिए बोर्ड ही पूरी तरह से जिम्मेदार होता था।
आईआईएम में ‘विजिटर' की अवधारणा का पहली बार जिक्र 2015 में केंद्र द्वारा जारी किये गये मौजूदा अधिनियम के मसौदे में किया गया था। राष्ट्रपति सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के ‘विजिटर' हैं तथा उनके कुलपतियों व निदेशकों की नियुक्ति करते हैं। नये नियमों के तहत, ‘विजिटर' के पास अब तीन परिस्थितियों में किसी भी समय बोर्ड को भंग करने की शक्ति होगी। पहला, यदि ‘विजिटर' को ऐसा लगता हो कि बोर्ड अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में अक्षम है, दूसरा-इस अधिनियम के तहत उनके द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करने में निरंतर नाकाम रहे, और तीसरा-यदि जनहित में जरूरी हो। पहले, बोर्ड को भंग करने के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। -
जयपुर. राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक ट्रक की चपेट में आने से कार में सवार महाराष्ट्र के एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। धोरीमन्ना के थाना प्रभारी सुखराम विश्नोई ने बताया कि बूरते की बेरी के पास हुए हादसे में तीन बच्चों सहित परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान धनराज (45), स्वरांजलि (पांच), प्रशांत (पांच), भाग्य लक्ष्मी (एक), गायत्री (26) के रूप में हुई है। वहीं एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। उन्होंने बताया कि कार सवार सभी छह लोग महाराष्ट्र के भलगांव के निवासी थे और जैसलमेर की तरफ जा रहे थे। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिये धोरीमन्ना अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है और घायल को उपचार के लिये सांचौर रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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चंडीगढ़. दिवाली की रात एक गोली यहां एक आईएएस अधिकारी के आवास की लकड़ी की खिड़की को चीरती हुई निकल गई, हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि गोली कहां से चली, यह अभी पता नहीं चल पाया है और वह पता लगा रही है कि गोली हर्ष फायरिंग के दौरान तो नहीं चली। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गोली रविवार रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर चली। घटना के समय भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पंजाब कैडर के अधिकारी अपने बेडरूम मे थे, हालांकि वह बच गए। सेक्टर 24 में स्थित अधिकारी के आवास की लकड़ी की खिड़की पर गोली का निशान मिला है।
अधिकारी ने कहा, “गोली किसी अज्ञात व्यक्ति ने चलाई। आईएएस अधिकारी ने कहा है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। हम इस मामले में हर्ष फायरिंग के पहलू से भी जांच कर रहे हैं” अधिकारी ने कहा कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाल रही है। -
नयी दिल्ली. विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि वह 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए देश-विदेश के 10 करोड़ से अधिक परिवारों को आमंत्रित करेगी। विहिप के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पांच नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पवित्र किया गया ‘अक्षत कलश' पहले ही देशभर में भेजा जा चुका है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अन्य हिंदू संगठनों के साथ मिलकर एक जनवरी से 15 जनवरी 2024 तक देश के शहरों और गांवों में हिंदू परिवारों से मिलेंगे और उन्हें आमंत्रित करेंगे।'' उन्होंने कहा कि ‘विदेश में रहने वाले हिंदुओं' को आमंत्रित करने के लिए भी इसी तरह का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘निमंत्रण के अलावा हम प्रत्येक परिवार को अन्य आवश्यक जानकारी के साथ ही भगवान राम और उनके मंदिर की एक तस्वीर देंगे।'' उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस संबंध में आह्वान किया है।
कुमार ने कहा कि इस काम में लगी विहिप की टीम और कार्यकर्ता श्रद्धालुओं से ‘कोई उपहार, दान या अन्य सामग्री' स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार हम समाज से कुछ भी मांगने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।''
यह देखते हुए कि भगवान राम के सभी भक्तों को समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या नहीं बुलाया जा सकता है, विहिप नेता ने दुनिया भर के हिंदुओं से अपने निकटतम मंदिर में इकट्ठा होने और 22 जनवरी को पूजा करने की अपील की। उन्होंने लोगों से 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में होने वाले ‘भव्य' समारोह का सीधा प्रसारण देखने और ‘इस ऐतिहासिक घटना का आनंद लेने' का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक हमारा आकलन है कि यह कार्यक्रम निश्चित रूप से दुनिया भर के पांच लाख से अधिक मंदिरों में होगा और लाखों हिंदू इसमें भाग लेंगे।'' प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश भर के हजारों संतों को आमंत्रित किया गया है। विहिप नेता ने कहा, ‘‘हम भगवान श्रीराम के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में दिवाली मनाते हैं, लेकिन 22 जनवरी, 2024 को दुनिया दूसरी दिवाली मना रही होगी, जब भारत की आजादी के ‘अमृत काल' के दौरान राम जी 500 साल बाद अपनी जन्मभूमि लौटेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह जरूरी है कि दुनिया भर का पूरा हिंदू समाज इस ‘प्राण प्रतिष्ठा' समारोह में भाग ले।'' विहिप नेता ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अपने जीवन का बलिदान देने वालों के परिवार के सदस्यों के राम मंदिर जाने के लिए व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे भक्तों को अगले साल 27 जनवरी से 22 फरवरी तक छोटे समूहों में ‘दर्शन' के लिए अयोध्या में राम मंदिर ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे करीब एक लाख लोगों के लिए व्यवस्था की गई है।''
कुमार ने हिंदू परिवारों से 22 जनवरी, 2024 की रात को कम से कम पांच दीपक जलाने और उसके बाद किसी भी दिन परिवार और दोस्तों के साथ अयोध्या जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद को विश्वास है कि अयोध्या में राम मंदिर दुनिया भर के हिंदुओं के बीच सद्भाव, एकता और स्वाभिमान फैलाएगा और भारत को उसके परम वैभव की ओर ले जाने के लिए एक राष्ट्रीय मंदिर के रूप में उभरेगा।'' -
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या करने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार लखनऊ के कृष्णानगर के मानस विहार में रविवार देर रात घर के दरवाजे पर पीएसी में तैनात एक इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देकर बदमाश फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तफ्तीश शुरू की है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। मानस विहार निवासी सतीश कुमार (52) चतुर्थ वाहिनी पीएसी प्रयागराज में क्वार्टर मास्टर के पद पर तैनात थे। वह अपनी पत्नी व बेटी के साथ दीवाली पर एक रिश्तेदार के घर डिनर करने गए थे। रात करीब दो बजे वह वापस लौटे। वह कार से उतरकर घर का गेट खोल ही रहे थे तभी एक बदमाश आया और गोली मारकर भाग निकला। उनकी पत्नी व बेटी ने पुलिस को सूचना दी। डीसीपी साउथ विनीत जायसवाल ने बताया कि मामले में अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। पांच टीमें गठित की गई है। सीसीटीवी फुटेज से सुराग जुटाए जा रहे हैं। जल्द वारदात का खुलासा किया जाएगा। जिस वक्त वारदात हुई उस वक्त सतीश की पत्नी व बेटी कार में बैठी थीं। वह दोनों भी कार से उतरने वाली ही थीं। चूंकि घर का दरवाजा खोलना था इसलिए सतीश पहले उतरे थे। तभी दोनों ने देखा कि सतीश को गोली मार दी गई। वह आनन-फानन में कार से उतरकर सतीश के पास गईं। वह खून से लथपथ होकर गिर गए। चंद सेकंड में उनकी आंखें बंद हो गईं। फिर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वारदात मां-बेटी दिल और दिमाग में कैद हो गई। वह दशहत में हैं। -
हैदराबाद। हैदराबाद के नामपल्ली के बाजारघाट में सोमवार को एक अपार्टमेंट में आग लग गई। आग अपार्टमेंट में नीचे स्थित गैराज में लगी। जिसके बाद धीरे-धीरे आग पूरी पांच मंजिला बिल्डिंग में फैल गई। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई है। आग लगने की सूचना मिलते ही फॉयर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और सीढ़ी की मदद से बच्चे और मां को रेस्क्यू किया। आग की लपटें इतनी तेज थी किं अपार्टमेंट में ऊपर रहने वाले कुछ लोग बाहर नहीं निकल पाए। हैदराबाद सेंट्रल जोन के डीसीपी वेंकटेश्वर राव ने बताया, ग्राउंड फ्लोर पर गैराज में एक कार रिपेयरिंग का काम चल रहा था। तभी एक चिंगारी गोदाम में केमिकल से भरे ड्रम पर जा गिरी और आग लग गई। हादसे में तीन लोग घायल भी हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव ने अग्निकांड में हुई मौतों पर दुख जताया।
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नई दिल्ली । दीवाली से पहले दिल्ली वालों को प्रदूषण से राहत मिली थी। लेकिन दीवाली पर आतिशबाजी ने दीवाली के अगले दिन लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर कर दिया। दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद पटाखे चले। एनसीआर के दूसरे शहरों में भी चले पटाखों से दिल्ली—एनसीआर में प्रदूषण काफी बढ़ गया। आतिशबाजी से AQI का स्तर तो बढ़ा ही। साथ ही धुंध छाने से कुछ इलाकों में 100 मीटर तक भी साफतौर पर कुछ नहीं दिख रहा था। इस बीच, बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई ।
दीवाली की शाम राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई (AQI) 218 था, जो प्रदूषण की खराब श्रेणी में आता है। दीवाली के अगले दिन दिल्ली—एनसीआर में खासकर पटाखे चलने के कारण हवा जहरीली हो गई। दिल्ली में आनंद विहार में एक्यूआई 900 पार गया। AQICN के मुताबिक आनंद विहार में यह 969 और पूसा 970 दर्ज किया गया। यह प्रदूषण स्तर के खतरनाक श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक 10 बजे आनंद विहार का एक्यूआई 333, पूसा का 383 दर्ज किया गया।दीवाली के बाद भले ही हवा जहरीली हो गई हो, लेकिन दीवाली के दिन प्रदूषण से राहत मिली और लोगों ने दीवाली मनाने से पहले बीते सालों की तुलना में साफ हवा में सांस ली। दीवाली की आसमान साफ रहा और सुबह की शुरुआत खिली धूप के साथ हुई। दिल्ली का AQI सुबह 202 दर्ज किया गया। जो पिछले 8 साल में सबसे कम था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पिछले साल दीवाली पर AQI 312 था। साल 2021 में 382, 2020 में 414, 2019 में 337, 2018 में 281, 2017 में 319 और 2016 में 431 दर्ज किया गया था। -
“गधा मेला”: मंदाकिनी के किनारे होता है आयोजन,
चित्रकूट। चित्रकूट में दिवाली की अगली सुबह एक अलग ही रौनक है। मंदाकिनी नदी के किनारे सलमान, शाहरुख, रणबीर और ऋतिक आए हैं। इनके चारों तरफ दर्शकों की भीड़ लगी है। लोग इन्हें देखने के लिए अलग-अलग राज्यों से आज धर्मनगरी पहुंचे हैं।
अब तक आपको सब नॉर्मल सा लग रहा होगा, लेकिन यहां बातें फिल्म स्टार्स की नहीं, बल्कि गधों की हो रही है और ये सभी चित्रकूट के ऐतिहासिक 'गधा मेला' में बिकने के लिए आए हैं। आयोजन समिति के अनुसार, हर साल मंदाकिनी किनारे लगने वाले इस खास मेले में 5 हजार से अधिक गधे इकट्ठा होते हैं।
औरंगजेब शासनकाल से चली आ रही परंपरा
चित्रकूट में गधा मेले की परंपरा मुगल काल से चली आ रही है। इस पेंटिंग में औरंगजेब की सेना को दिखाया गया है। बिहार के पशु व्यापारी मो. दिलशाद बीते 15 साल से मेले में जानवरों को बेचते रहे हैं। दिलशाद कहते हैं कि ये गधा मेला 300 साल पुराना है और औरंगजेब के समय से लगता है।
अफगानिस्तान से अच्छी नस्ल के खच्चर और गधे मंगवाए थे
ऐसी मान्यता है कि औरंगजेब के करीबियों के पास जब घोड़ों की कमी होने लगी, तो उसने अफगानिस्तान से बिकने के लिए अच्छी नस्ल के खच्चर और गधे मंगवाए थे। उनकी खरीदी इसी चित्रकूट की बाजार से हुई थी। मुगल बादशाह ने अपनी सेना के बेड़े में भी इन्हें शामिल किया। दिलशाद मेले में सात पशुओं को लेकर आए हैं। इनमें सबसे महंगा गधा सलमान है, जिसकी कीमत 1.5 लाख है।
खास वजह से दिया जाता फिल्म स्टार्स का नाम
मंदाकिनी तट पर हर साल लगने वाले इस मेले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार के पशु व्यापारी शामिल होते हैं। वहीं, इन जानवरों के खरीदार देशभर से आते हैं। यहां पहुंचे व्यापारियों ने बताया कि यहां गधों की पहचान फिल्मी कलाकारों के नाम से होती है। मेले में आने वाले व्यापारियों का मानना है कि बॉलीवुड कलाकारों का नाम देने से गधों की बिक्री बढ़ जाती है।
तीन दिन में दो करोड़ के गधे बिकने की संभावना
व्यापारी मोइन ने बताया कि अच्छी नस्ल और बढ़िया कद-काठी वाले खच्चर का नाम सलमान रखा गया है। ज्यादा भार ढोने वाले गधों को ऋतिक और रणबीर का नाम दिया जाता है। फुर्तीले खच्चरों को शाहरुख के नाम से बुलाया जाता है। इस बार तीन दिन में दो करोड़ के गधे बिकने की संभावना है।
दो लाख में बिकता है ‘सलमान’, ‘ऋतिक’ की कीमत 70 हजार रुपए
हम बारी-बारी मेले में गधों की बोलियां लगा रहे लोगों के पास गए। यहां व्यापारियों ने हमें गधों और खच्चरों के अलग-अलग रेट बताएं।
सलमान दो लाख रुपए
शाहरुख 90 हजार रुपए
ऋतिक 70 हजार रुपए
रणबीर 40 हजार रुपए
राजकुमार 30 हजार रुपए
एक एकड़ के मैदान में बिकने के लिए आते हैं पांच हजार गधे
मेले में तीन तरह की नस्लों के खच्चर बिकते हैं। चित्रकूट प्रशासन को इस मेले से हर साल लाखों रुपये का राजस्व मिलता है। चित्रकूट में धनतेरस से दूज तक दीपदान उत्सव मनाया जाता है। इस बार इस उत्सव में शामिल होने के लिए पूरे देश तीन लाख श्रृद्धालु चित्रकूट पहुंचे हैं। दीपावली के बाद जमघट के दिन ‘गधा-मेला’ लगता है।
एमपी-यूपी बॉर्डर पर लगता है मेला
मेला आयोजन समिति के सदस्य रमेश कुमार पांडे ने बताया कि हर साल मंदाकिनी किनारे लगने वाले इस खास मेले में पांच हजार गधे इकट्ठा होते हैं। यहां जिनती भीड़ इनके खरीददारों की होती है, उससे दोगुना लोग इन्हें देखने आते हैं। मेले की व्यवस्था का जिम्मा नगर पंचायत उठाती है। मेला एमपी-यूपी बॉर्डर पर लगता है। इसका फायदा दोनों राज्यों को मिलता है। - - “हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में हमारे बहादुर सुरक्षा बलों के साथ दिवाली बिताना गहरी भावना एवं गर्व से भरा अनुभव रहा”- “देश आपका आभारी और ऋणी है”- “जहां जवान तैनात हैं, वह जगह मेरे लिए किसी मंदिर से कम नहीं है। आप जहां भी हैं, मेरा त्योहार वहीं है”- “सशस्त्र बलों ने भारत के गौरव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है”- “पिछला वर्ष राष्ट्र निर्माण के मामले में एक उपलब्धि-भरा वर्ष रहा"- “युद्ध क्षेत्र से लेकर बचाव अभियान तक, भारतीय सशस्त्र बल जीवन बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं”“देश की रक्षा में नारीशक्ति बड़ी भूमिका निभा रही है”नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिवाली के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में बहादुर जवानों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिवाली के त्योहार और जवानों के साहस की प्रशंसा का मेल देश के प्रत्येक नागरिक के लिए ज्ञान का एक क्षण है। उन्होंने भारत के सीमावर्ती इलाके पर स्थितदेश के आखिरी गांव, जिसे अब पहला गांव माना गया है, में तैनात जवानों के साथ देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।अपने अनुभवों को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्सव वहीं होता है जहां परिवार रहता है। उन्होंने सीमा की सुरक्षा के लिए त्योहार के दिन अपने परिवार से दूर रहने की स्थिति को कर्तव्यों के प्रति समर्पण की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों को अपना परिवार मानने की भावना सुरक्षाकर्मियों के उद्देश्यों को सार्थकता प्रदान करती है। उन्होंने कहा, “देश इसके लिए आपका आभारी और ऋणी है। इसीलिए हर घर में आपकी सुरक्षा के लिए एक ‘दीया’ जलाया जाता है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां जवान तैनात हैं वह जगह मेरे लिए किसी मंदिर से कम नहीं है। आप जहां भी हैं, मेरा त्योहार वहीं है। ऐसा शायद 30-35 वर्षों से चल रहा है।”प्रधानमंत्री ने जवानों और सशस्त्र बलों की बलिदान की परंपरा को नमन किया। उन्होंने कहा, “हमारे बहादुर जवानों ने खुद को सीमा पर सबसे मजबूत दीवार के रूप में साबित किया है।” प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हमारे बहादुर जवानों ने हार के जबड़े से जीत को छीनकर हमेशा नागरिकों का दिल जीता है।” उन्होंने भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशनों का भी उल्लेख किया जहां सशस्त्र बलों ने अनेक लोगों की जान बचाई है। उन्होंने कहा, “सशस्त्र बलों ने भारत के गौरव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।” प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र में शांति सैनिकों के लिए एक स्मारक हॉल के प्रस्ताव का भी उल्लेख किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। उन्होंने कहा कि यह कदम विश्व स्तर पर शांति स्थापित करने में शांति सैनिकों के योगदान को अमर बना देगा।न केवल भारतीयों बल्कि विदेशी नागरिकों के निकासी अभियानों में भी भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने सूडान में उथल-पुथल के दौरान संपन्न की गई सफल निकासी और तुर्किये में भूकंप के बाद बचाव अभियान को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “युद्ध क्षेत्र से लेकर बचाव अभियान तक, भारतीय सशस्त्र बल जीवन बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक देश की सशस्त्र सेनाओं पर गर्व महसूस करता है।वर्तमान विश्व परिदृश्य में भारत से होने वाली वैश्विक अपेक्षाओं की ओर इशारा करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश में सुरक्षित सीमा, शांति और स्थिरता के महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा, “भारत सुरक्षित है क्योंकि इसकी सीमाओं की सुरक्षा हिमालय जैसी दृढ़ता रखने वाले बहादुर जवानों द्वारा की जाती है।”प्रधानमंत्री ने पिछली दिवाली के बाद से पिछले एक वर्ष के दौरान हासिल की गई विभिन्न उपलब्धियों के बारे में बताया और चंद्रयान लैंडिंग, आदित्य एल1, गगनयान से जुड़े परीक्षण, स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, तुमकुर हेलीकॉप्टर फैक्ट्री, वाइब्रेंट विलेज अभियान और खेलों से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया। पिछले एक वर्ष के दौरान हासिल हुई विभिन्न वैश्विक एवं लोकतांत्रिक उपलब्धियों को आगे गिनाते हुए, प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन, नारीशक्ति वंदन अधिनियम, जी-20, जैव ईंधन गठबंधन, दुनिया भर में वास्तविक समय में भुगतान संबंधी सुविधा के उत्कर्ष, निर्यात के क्षेत्र में 400 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 5जी की शुरुआत करने की दिशा में आगे बढ़ने के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “पिछला वर्ष राष्ट्र निर्माण के मामले में एक उपलब्धि-भरा वर्ष रहा।” उन्होंने कहा कि भारत ने बुनियादी ढांचे के विकास के मामले में काफी प्रगति की है और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क, सबसे लंबी नदी क्रूज सेवा, रैपिड रेल सेवा नमो भारत, 34 नए मार्गों पर वंदे भारत, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर, दिल्ली में दो विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर- भारत मंडपम और यशोभूमि- वाला देश बन गया है। भारत सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला देश बन गया। धोरडो गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला और शांति निकेतन एवं होयसल मंदिर परिसर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया।प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक इस देश की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी, यह देश बेहतर भविष्य की दिशा में प्रयास करता रहेगा। उन्होंने भारत के विकास का श्रेय सशस्त्र बलों की शक्ति, संकल्प और बलिदान को दिया।इस तथ्य को रेखांकित करते हुए कि भारत ने अपने संघर्षों से संभावनाएं पैदा की हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब आत्मनिर्भर भारत बनने की राह पर अग्रसर हो चुका है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत के अभूतपूर्व विकास और एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सेनाओं व सुरक्षा बलों की शक्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे देश पहले अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहता था, जबकि आज वह मित्र देशों की जरूरतों को पूरा कर रहा है। उन्होंने बताया कि 2016 में प्रधानमंत्री के इस क्षेत्र के दौरे के बाद से भारत के रक्षा निर्यात में आठ गुना से अधिक की वृद्धि हो गई है। उन्होंने कहा, “देश में आज एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का रक्षा उत्पादन हो रहा है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।”प्रधानमंत्री ने उच्च-तकनीक पर आधारित प्रौद्योगिकी एवं सीडीएस जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियों के समन्वय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना लगातार और अधिक आधुनिक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत को अब निकट भविष्य में जरूरत के समय दूसरे देशों की ओर नहीं देखना पड़ेगा। प्रौद्योगिकी के इस बढ़ते प्रसार के बीच, श्री मोदी ने सशस्त्र बलों से प्रौद्योगिकी के उपयोग के क्रम में मानवीय समझ को हमेशा सर्वोपरि रखने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रौद्योगिकी को कभी भी मानवीय संवेदनाओं पर हावी नहीं होना चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा, “आज स्वदेशी संसाधन और उच्च श्रेणी का सीमा संबंधी बुनियादी ढांचा भी हमारी ताकत बन रहे हैं। और मुझे ख़ुशी है कि नारीशक्ति भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रही है।” उन्होंने पिछले वर्ष के दौरान 500 महिला अधिकारियों की कमीशनिंग, राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलटों और युद्धपोतों पर महिला अधिकारियों की तैनाती का उल्लेख किया। सशस्त्र बलों की जरूरतों का ख्याल रखने के महत्व के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने अत्यधिक तापमान के लिए उपयुक्त कपड़े, जवानों की बेहतरी एवं सुरक्षा के लिए ड्रोन और ‘वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना के तहत 90 हजार करोड़ रुपये के भुगतान का उल्लेख किया।एक दोहे के साथ अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों का हर कदम इतिहास की दिशा निर्धारित करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सशस्त्र बल इसी दृढ़ संकल्प के साथ भारत माता की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “आपके सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। हम मिलकर देश के हर संकल्प को पूरा करेंगे।”























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